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जमशेदपुर: अस्पताल से चौंकाने वाली घटना, चौथी मंजिल से कूदकर मरीज ने दी जान

रांची जमशेदपुर स्थित एमजीएम अस्पताल में शुक्रवार तड़के एक दर्दनाक घटना सामने आई, जहां 25 वर्षीय मरीज अरशद आलम ने चौथी मंजिल से कूदकर आत्महत्या कर ली। घटना के बाद अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी मच गई। तेज आवाज सुनाई दी तो हुई जानकारी मिली जानकारी के अनुसार, अरशद आलम को तीन दिन पहले अस्पताल के मेडिसिन विभाग में भर्ती कराया गया था। शुक्रवार सुबह वह अपनी मां से शौच जाने की बात कहकर वार्ड से बाहर निकला। कुछ ही देर बाद तेज आवाज सुनाई दी, जिसके बाद लोग मौके की ओर दौड़े। वहां युवक को खून से लथपथ हालत में पाया गया। जिसके बाद अस्पताल कर्मियों ने तुरंत उसे इमरजेंसी वार्ड में पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। नशे की लत से जूझ रहा था युवक प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, युवक नशे की लत और मानसिक तनाव से जूझ रहा था। घटना के बाद अस्पताल में भर्ती अन्य मरीजों और उनके परिजनों में डर का माहौल है। वहीं, मृतक के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और उसकी मां गहरे सदमे में है। अस्पताल प्रशासन ने घटना की सूचना पुलिस को दे दी है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और हर पहलू से घटना की जांच की जा रही है।  

गयावासियों को मिली 724 योजनाओं की सौगात, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने किया लोकार्पण

गयाजी गया जिले में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार समृद्धि यात्रा के क्रम में यहां पहुंचे। मुख्यमंत्री के साथ मंच पर डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी, मंत्री विजय चौधरी और विधान सभा अध्यक्ष प्रेम कुमार भी मौजूद हैं। इस दौरान उन्होंने जिले के विभिन्न क्षेत्रों में कुल 724 योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इस दौरान उन्होंने जिले के विभिन्न क्षेत्रों में कुल 724 योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इन योजनाओं में सड़क निर्माण, पेयजल आपूर्ति, स्वास्थ्य सेवाएं, शिक्षा, बिजली और ग्रामीण विकास से जुड़ी कई महत्वपूर्ण परियोजनाएं शामिल हैं। मुख्यमंत्री के इस दौरे को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। कार्यक्रम स्थल से लेकर शहर के प्रमुख मार्गों तक सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। पुलिस, प्रशासन और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी लगातार तैयारियों की निगरानी कर रहे हैं, ताकि कार्यक्रम में किसी तरह की बाधा न आए। खासतौर पर कार्यक्रम स्थल पर सुरक्षा के तीन-स्तरीय इंतजाम किए गए हैं और हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है। कई योजनाएं शुरू की जा रही हैं बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री जिन योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे, वह सीधे तौर पर आम जनता की जरूरतों से जुड़ी हैं। ग्रामीण इलाकों में सड़क और जल आपूर्ति की समस्याओं को दूर करने के लिए कई योजनाएं शुरू की जा रही हैं। इसके साथ ही स्वास्थ्य केंद्रों के उन्नयन और शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए भी कई परियोजनाएं शामिल हैं। स्थानीय लोगों में इस कार्यक्रम को लेकर खासा उत्साह देखा जा रहा है। लोगों का मानना है कि इन योजनाओं के लागू होने से जिले के विकास को नई गति मिलेगी और रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं के विस्तार से जीवन स्तर में सुधार आने की उम्मीद है। अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक भी करेंगे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपने दौरे के दौरान अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक भी करेंगे। इस बैठक में वह विभिन्न योजनाओं की प्रगति का जायजा लेंगे और जरूरी दिशा-निर्देश देंगे। इसके अलावा, वे आम लोगों से संवाद कर उनकी समस्याएं भी सुन सकते हैं, जिससे प्रशासन को जमीनी हकीकत समझने में मदद मिलेगी। गौरतलब है कि ‘समृद्धि यात्रा’ का उद्देश्य राज्य के विभिन्न जिलों में विकास कार्यों को तेज करना और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करना है। गया में इस यात्रा के तहत होने वाला यह कार्यक्रम इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। मुख्यमंत्री का यह दौरा गया जिले के लिए विकास के नए अध्याय की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि इन योजनाओं का क्रियान्वयन कितनी तेजी और प्रभावशीलता से होता है और इसका लाभ आम लोगों तक कितनी जल्दी पहुंचता है।

गैस की किल्लत में बड़ी राहत: झारखंड में पाइपलाइन गैस से चल रही रसोई और कारोबार

रामगढ़. जिले में पाइप लाइन से गैस आपूर्ति शुरू होने से कई घरों व होटलों में बड़ी परेशानी दूर हुई है। कई होटल संचालकों के लिए शुरू हुई यह सुविधा सहारा बनी है और लगातार पीएनजी कनेक्शन बढ़ रहे हैं, इसके लिए लोग रजिस्ट्रेशन में भी करवा रहे हैं। कई होटल संचालकों ने बेबाक कहा कि जब कॉमर्शियल गैस सिलिंडर मिलना बंद हुआ तो हमलोग अधिक विचलित नहीं हुए, क्योंकि उन्होंने पीएनजी कनेक्शन करीब डेढ़ माह पहले से ले रखा था। अगर यह कनेक्शन उनके होटल में न होता उन्हें होटल बंद करना पड़ता। यही नहीं होटल में काम कर रहे अपने कर्मचारियों को खाना कैसे खिलाते यह भी बड़ी समस्या सामने आती। वर्तमान में इंडियन आयल ने शहरी क्षेत्र में पाइप लाइन के माध्यम से गैस आपूर्ति कर रही है। करीब तीन सौ घरों व आधे दर्जन होटल में पीएनजी कनेक्शन से खाना तैयार हो रहा है। जानकार बताते हैं कि घरों में 40 प्रतिशत तक गैस का खर्च कम हुआ है। हालांकि, जिला प्रशासन की ओर से होटल संचालकों को पीएनजी की 20 प्रतिशत कटौती के आदेश से होटल संचालक सकते में हैं। यही नहीं कई होटलों में डीजे सेट यानी जेनरेटर भी पीएनजी से संचालित किए जा रहे हैं। इससे इनकी काफी समस्या दूर हुई है। वहीं, कई मोबाइल टावरों में जेनरेटर भी पीएनजी से ही चल रहे हैं। इससे डीजल ढोकर टावर तक लाने व जेनरेटर में डालने की परेशानी दूर हुई है। कॉमर्शियल सिलिंडर की कमी शहर के लगभग सभी होटल एवं रेस्टोरेंट संचालक इन दिनों कमर्शियल एलपीजी गैस की भारी किल्लत से जूझ रहे हैं। पिछले एक पखवारे से कामर्शियल सिलिंडर उपलब्ध नहीं हो पा रहे हैं, इससे शहर के रेस्टोरेंट व्यवसाय पर गंभीर प्रभाव पड़ा है। कई रेस्टोरेंट संचालकों को मजबूरी में कोयला भट्टी का सहारा ले रहे हैं। कई होटल संचालक ब्लैक में सिलिंडर खरीद अपना काम चला रहे हैं। इससे मुनाफाखोरों की चांदी हैं। वे एक सिलिंडर पर पांच से सात सौ रुपये तक की अतिरिक्त वसूली होटल संचालकों से कर रहे हैं। पिछले 15 दिनों से कॉमर्शियल सिलिंडर उपलब्ध नहीं हो पा रहे है। इससे पूरे शहर के होटल व्यवसाय पर गंभीर प्रभाव पड़ा है और भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। कई होटल संचालकों को अपना होटल चलाने के लिए ऊंची कीमतों पर सिलिंडर खरीदना पड़ रहा है। – मुरारी अग्रवाल, चौपाटी होटल संचालक, रामगढ़। कुछ रेस्टोरेंट्स को हाल ही में पीएनजी गैस पाइपलाइन कनेक्शन मिला है, इससे उनपर एलपीजी संकट का सीधा असर नहीं पड़ा। हालांकि, भारत सरकार के गजट नोटिफिकेशन के अनुसार अब कॉमर्शियल उपयोगकर्ताओं के लिए पीएजी गैस की आपूर्ति भी 80 प्रतिशत तक सीमित कर दी गई है। इससे उनकी संचालन क्षमता पर भी असर पड़ेगा। – कमल शर्मा, मारवाड़ी होटल संचालक, रामगढ़। रामगढ़ के रेस्टोरेंट व्यवसायियों की मांग है कि गैस एजेंसियां कम से कम 80 प्रतिशत तक कामर्शियल एलपीजी सिलिंडर की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए, ताकि वे अपने व्यवसाय को सुचारू रूप से चला सकें और इस आर्थिक संकट से उबर सकें। वर्तमान में पीएनजी कनेक्शन ने उन्हें काफी राहत दी है। – सजल चड्ढ़ा, होटल वेव्स संचालक, रामगढ़। वर्तमान में शहरी क्षेत्र में पौने तीन सौ घरेलु कनेक्शन दिए गए हैं। इसके अलावा आधा दर्जन रेस्टोरेंट-होटलों में भी कनेक्शन दिए गए हैं। यही नहीं कई होटलों में जेनरेटर आदि भी पीएनजी से ही चलाए जा रहे हैं। इसके अलावा कई मोबाइल टावरों को भी डीजी सेट चलाने के लिए कनेक्शन दिए गए हैं। – राहुल साव, पीएनजी इंचार्ज रामगढ़।

स्वास्थ्य ढांचे को मजबूती: किशनगंज में मेडिकल कॉलेज के लिए जमीन का प्रस्ताव भेजा गया

किशनगंज. किशनगंज में स्वीकृत मेडिकल कॉलेज का निर्माण ठाकुरगंज के कृषि मैदान के समीप हो सकता है। जमीन का चयन कर जिला से इसका प्रस्ताव भेजा गया है। हालांकि, फिलहाल इसकी स्वीकृति की सूचना जिला प्रशासन को नहीं मिली है। जानकारी के अनुसार बिहार सरकार के मंत्रीपरिषद में किशनगंज में मेडिकल कॉलेज बनाने की स्वीकृति प्रदान की थी। जिस आलोक में बीएसएएसआईसीएस के प्रबंध निदेशक ने डीएम को पत्र भेजकर राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय व अस्पताल के निर्माण के लिए जमीन का चयन कर प्रस्ताव मांगा था। इसमें कहा गया था कि वर्तमान में 13 मेडिकल कॉलेज संचालित हैं। सरकार से 20 जिलो में नये मेडिकल कॉलेज के निर्माण की स्वीकृति प्राप्त है। इसको लेकर जमीन उपलब्ध कराने के दिशा में पहल हो रही है। 11 मार्च को पहुंचे थे सीएम नीतीश कुमार उल्लेखनीय है कि 11 मार्च को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ठाकुरगंज पहुंचे थे। मुख्यमंत्री के पहुंचने पर ठाकुरगंज के लोगों में मेडिकल कॉलेज के नींव डालने की उम्मीद थी। लेकिन वह पूरी नहीं हो सकी। सभा के दौरान मेडिकल कॉलेज ठाकुरगंज में बनने को लेकर नारेबाजी भी की गई। स्थानीय विधायक गोपाल कुमार अग्रवाल ने अपने संबोधन में कई मांगों के साथ मेडिकल कॉलेज ठाकुरगंज में खोलने की मांग की थी। उन्होंने कहा था कि मेडिकल कॉलेज खुलने से कई प्रखंडों के लोगों को फायदा होगा। हालांकि अपने संबोधन के क्रम में गृहमंत्री सम्राट चौधरी ने ठाकुरगंज में मेडिकल कॉलेज खोलने की बात कही थी। बावजूद, लोग शिलान्यास नहीं होने से निराश थे। लोगों को मिलेगा फायदा भाजपा के जिला प्रवक्ता कौशल किशोर यादव ने बताया कि ठाकुरगंज में मेडिकल कॉलेज की स्थापना से कई प्रखंड के साथ ही पड़ोसी राज्य बंगाल के लोगों को भी काफी लाभ होगा। जिस जमीन का चयन किया गया है वह एनएच के समीप स्थित है। जिससे आपातकालीन स्थिति में लोगों को काफी फायदा मिल सकता है। उन्होंने कहा कि यहां जल्द मेडिकल कॉलेज निर्माण कराने की जरूरत है। उल्लेखनीय है कि मेडिकल कॉलेज अपने इलाके में खोलने के लिए विधायक सरवर आलम, तौसीफ आलम ने भी पत्राचार किया था। जमीन का चयन कर प्रस्ताव भेजा – मेडिकल कालेज के लिए ठाकुरगंज में जमीन का चयन कर प्रस्ताव भेजा गया है। अन्य दूसरी जगह उपयुक्त जमीन उपलब्ध नहीं हो रही है। हालांकि चयनित जमीन की स्वीकृति विभाग द्वारा दी गई है या नहीं इसकी सूचना अबतक नहीं आई है। – विशाल राज, डीएम

कोलकाता पुलिस को नया नेतृत्व: बिहार के अजय कुमार को मिली कमिश्नर की जिम्मेदारी

धनबाद. बीआईटी सिंदरी के असैनिक अभियंत्रण विभाग (बैच 1986–1990) के पूर्व छात्र एवं 1996 बैच के आईपीएस अधिकारी अजय कुमार नंद को कोलकाता का पुलिस कमिश्नर नियुक्त किया गया है। बंगाल में होने जा रहे हैं विधानसभा चुनाव को देखते हुए अजय नंद की नियुक्ति महत्वपूर्ण मानी जा रही है। उनकी इस महत्वपूर्ण उपलब्धि से संस्थान में हर्ष का वातावरण है। अजय कुमार नंद ने बीआईटी सिंदरी से असैनिक अभियंत्रण की पढ़ाई पूरी करने के बाद अपने कठिन परिश्रम, अनुशासन और दृढ़ संकल्प के बल पर भारतीय पुलिस सेवा में स्थान प्राप्त किया। उत्कृष्ट प्रशासनिक कौशल, सशक्त नेतृत्व क्षमता, दूरदर्शी सोच एवं प्रभावी कार्यशैली के कारण निरंतर उच्च पदों पर आसीन होते रहे हैं। अब कोलकाता जैसे महानगर के पुलिस कमिश्नर के रूप में उनकी नियुक्ति न केवल उनके व्यक्तिगत योगदान का प्रमाण है, बल्कि संस्थान की गौरवशाली परंपरा को भी नई ऊंचाइयों तक पहुंचाती है। दोस्त ने जताई खुशी इस उपलब्धि पर संस्थान के असैनिक अभियंत्रण विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर एवं वरीय प्रशासी पदाधिकारी डॉ. ब्रह्मदेव यादव ने विशेष प्रसन्नता व्यक्त की। ब्रह्मदेव अजय कुमार नंद के सहपाठी एवं घनिष्ठ मित्र भी रहे हैं। उन्होंने बताया कि कालेज के शुरुआती दिनों से ही वे अत्यंत मेधावी, अनुशासित एवं लक्ष्य के प्रति समर्पित छात्र थे। बीआईटी सिंदरी में रहे हैं सेकंड टॉपर अपने बैच के द्वितीय टॉपर रहे और प्रारंभ से ही पुलिस सेवा के प्रति उनमें गहरी रुचि एवं जुनून देखने को मिलता था। डॉ. यादव ने उनके व्यक्तित्व को प्रेरणादायक, कर्मठ और दृढ़निश्चयी बताते हुए कहा कि उनकी यह सफलता वर्षों की कठिन साधना और समर्पण का परिणाम है। वर्तमान विद्यार्थियों के लिए एक उत्कृष्ट उदाहरण है। संस्थान के निदेशक प्रो. डॉ. पंकज राय ने भी अजय कुमार नंद को इस उपलब्धि पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि बीआईटी सिंदरी हमेशा से प्रतिभाओं को निखारने का केंद्र रहा है। अजय कुमार नंद की यह सफलता इस परंपरा को और सुदृढ़ करती है। इस अवसर पर असैनिक अभियंत्रण विभागाध्यक्ष प्रो. प्रफुल्ल कुमार शर्मा, प्रोडक्शन एवं इंडस्ट्रियल इंजीनियरिंग विभागाध्यक्ष एवं डीन (एलुमनी) डॉ. प्रकाश कुमार, जनरल वार्डन प्रो मनोज कुमार ,करियर विकास केंद्र के अध्यक्ष डॉ. घनश्याम, प्रो आरके वर्मा डीन (अकादमिक) डॉ. डीके तांती सहित संस्थान के अन्य सभी प्राध्यापकों ने भी अजय कुमार नंद को उनकी इस महत्वपूर्ण उपलब्धि पर बधाई दी। समस्तीपुर के लाल है अजय कुमार पटोरी प्रखंड के हेतनपुर धमौन गांव के रहने वाले 1996 बैच के तेज-तर्रार आईपीएस अधिकारी अजय कुमार नंद को कोलकाता का पुलिस कमिश्नर बनाया गया है। उनके कमिश्नर बनाए जाने से पूरे इलाके में खुशी की लहर है। समस्तीपुर के लोग इसे बड़ी उपलब्धि मान रहे हैं।

झारखंड में ईको-टूरिज्म को बढ़ावा: तिलैया डैम पर बनेंगे वॉटर कॉटेज और हाउसबोट

कोडरमा. तिलैया डैम को आधुनिक और पर्यावरण अनुकूल पर्यटन स्थल में विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई है। इस संबंध में एक कॉन्सेप्ट प्रस्ताव तैयार किया गया है, जिसका उद्देश्य प्राकृतिक सुंदरता के संरक्षण के साथ-साथ सतत पर्यटन को बढ़ावा देना है। तिलैया डैम अपने आकर्षक जलाशय, पहाड़ियों से घिरे वातावरण और प्राकृतिक दृश्यों के कारण ईको-टूरिज्म के लिए अत्यंत उपयुक्त माना जाता है। उपायुक्त ऋतुराज की अध्यक्षता में ईको-टूरिज्म विकास को लेकर बैठक आयोजित की गई, जिसमें परियोजना की रूपरेखा और विभिन्न योजनाओं पर चर्चा की गई। पर्यावरण के अनुकूल पर्यटन को बढ़ावा उपायुक्त ने बताया कि परियोजना का उद्देश्य पर्यावरण अनुकूल पर्यटन को बढ़ावा देना और स्थानीय अर्थव्यवस्था को सशक्त करना है। इसके तहत प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के साथ-साथ पर्यटकों के लिए आधुनिक मनोरंजन सुविधाएं विकसित की जाएंगी। प्रस्तावित मास्टर प्लान में प्रीफैब/लकड़ी के ईको-फ्रेंडली कॉटेज, बच्चों के लिए सुरक्षित खेल क्षेत्र, हाउसबोट, स्विमिंग पूल (इन्फिनिटी पूल सहित), आधुनिक रिसॉर्ट और कैफे जैसी सुविधाओं का निर्माण शामिल है। ईको-फ्रेंडली काटेज में पर्यटक झील का मनमोहक दृश्य देखते हुए आधुनिक सुविधाओं का आनंद ले सकेंगे। हाउसबोट का आनंद ले सकेंगे पर्यटक हाउसबोट पर्यटकों को जल पर रहने और भोजन का अनूठा अनुभव प्रदान करेंगे। बच्चों के लिए सुरक्षित और मनोरंजक खेल क्षेत्र विकसित किया जाएगा। उपायुक्त ने बताया कि इस परियोजना से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर सृजित होंगे, छोटे व्यवसायों को बढ़ावा मिलेगा और पर्यटन के विकास के साथ-साथ सांस्कृतिक गतिविधियों को भी प्रोत्साहन मिलेगा। इस मौके पर वन प्रमंडल पदाधिकारी सौमित्र शुक्ला, जिला पर्यटन नोडल पदाधिकारी तुषार राय सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

दुलारचंद मर्डर केस: बाहुबली अनंत सिंह को 4 महीने बाद मिली जमानत

 पटना पटना हाईकोर्ट ने गुरुवार 19 मार्च 2026 को जेडीयू के बाहुबली विधायक अनंत सिंह को दुलारचंद यादव हत्या मामले में जमानत दे दी है. अनंत सिंह पिछले साल बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान हुए इस हत्याकांड के आरोप में पटना की बेऊर जेल में बंद थे। कोर्ट ने बाहुबली विधायक की जमानत याचिका को स्वीकार करते हुए उन्हें रिहा करने का आदेश दिया. हत्याकांड से जुड़ा यह मामला अक्टूबर 2025 का है, जब मोकामा में चुनावी प्रचार के दौरान जन सुराज पार्टी के समर्थक दुलारचंद यादव की हत्या कर दी गई थी। इस घटना के बाद पुलिस ने अनंत सिंह को मुख्य आरोपी मानते हुए गिरफ्तार किया था. इससे पहले निचली अदालतों ने उनकी जमानत याचिकाएं खारिज कर दी थीं, लेकिन अब हाईकोर्ट से हरी झंडी मिलने के बाद वे जल्द ही जेल से बाहर आएंगे। क्या है पूरा मामला? 30 अक्टूबर 2025 को मोकामा के घोसवरी थाना क्षेत्र के बसावनचक में दुलारचंद यादव की हत्या हुई थी. दुलारचंद यादव आरजेडी नेता रहे थे और मोकामा से जनसुराज के प्रत्याशी के लिए प्रचार कर रहे थे. हत्या का आरोप अनंत सिंह पर लगाया गया था। चुनावी प्रक्रिया के बीच ही 1 नंवबर की रात अनंत सिंह को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था. इसके बाद, 2 नवंबर को कोर्ट में पेश करने के बाद बेऊर जेल में डाला गया था. करीब साढ़े 4 महीने बाद अनंत सिंह को जमानत मिली है। अनंत सिंह ने जेल में रहते हुए मोकामा विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा और जीत भी हासिल की. अनंत सिंह 16 मार्च को राज्यसभा चुनाव में वोटिंग के विधानसभा पहुंचे थे और इस दौरान कहा था कि वो जल्द ही जेल से बाहर आएंगे। नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के फैसले के बाद अनंत सिंह ने भी ऐलान कर दिया है कि वे आगे अब चुनाव नहीं लड़ेंगे. मोकामा से आगे उनके बड़े बेटे चुनाव लड़ेंगे।

बिहार में विकास को रफ्तार: नीतीश कुमार ने मुंगेर में कई परियोजनाओं की रखी आधारशिला

मुंगेर. समृद्धि यात्रा के तहत मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बुधवार को मुंगेर पहुंचे। सुबह 10.40 बजे मुख्यमंत्री हेलीकॉप्टर से पोलो मैदान में उतरे। उनके साथ उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, मुंगेर सांसद राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह, मंत्री विजय चौधरी और जिला प्रभारी मंत्री संजय सिंह भी मौजूद थे। विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मुंगेर में कुल 8718.51 लाख रुपये की लागत से नवनिर्मित 52 भवनों और अन्य विकास परियोजनाओं का उद्घाटन किया। इसके साथ ही 24 नई योजनाओं का शिलान्यास भी किया। पोलो मैदान में उतरने के बाद सबसे पहले उन्होंने संग्रहालय के समीप नवनिर्मित जिला उद्योग केंद्र का उद्घाटन किया। इसके बाद कष्टहरणी घाट पर गंगा पथ के एलाइन्मेंट का निरीक्षण किया। दक्षिणी किला गेट के पास बने पंचायती राज सभागार और भगत सिंह चौक पर पशुपालन, डेयरी एवं मत्स्य विभाग के संयुक्त भवन का उद्घाटन भी किया। मुख्य कार्यक्रम स्थल पर जनसंवाद और समीक्षा बैठक मुख्यमंत्री सड़क मार्ग से मुख्य कार्यक्रम स्थल सफियाबाद हवाई अड्डा मैदान पहुंचे। यहां उन्होंने जनता से संवाद करेंगे और जिलास्तरीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक करेंगे। उद्घाटन और शिलान्यास की सभी परियोजनाओं का लाभ क्षेत्रीय लोगों को मिलेगा और यह शहर के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। सुरक्षा और प्रशासनिक तैयारियां मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर प्रशासन ने पूरी तैयारी कर ली थी। जिलाधिकारी निखिल धनराज निप्पाणीकर और एसपी सैयद इमरान मसूद ने सभी कार्यक्रम स्थलों और मार्गों का निरीक्षण किया। कारकेड का रिहर्सल किया गया और सफियाबाद हवाई अड्डा में पानी के टैंकर और एम्बुलेंस सहित चिकित्सा टीम की व्यवस्था की गई। सड़कें और सौंदर्यीकरण मुख्यमंत्री की यात्रा के लिए किला परिसर की सभी सड़कों का चौड़ीकरण और कालीकरण किया गया। पोलो मैदान में थ्रीडी पेंटिंग से सौंदर्य बढ़ाया गया। संग्रहालय, सर्किट हाउस और कष्टहरणी घाट की दीवारों पर पौराणिक एवं ऐतिहासिक स्थलों का चित्रण किया गया। सड़क मार्ग के दोनों किनारे और बीच में सफेद रंग की मार्किंग की गई। सुरक्षा उपाय और यातायात प्रबंधन मुख्यमंत्री आगमन पर पोलो मैदान और मार्गों पर 150 ड्राप गेट बनाए गए। सड़क किनारे बांस की घेराबंदी की गई और नए रूट प्लान के अनुसार सुबह 9 से दोपहर 1 बजे तक यातायात व्यवस्थित किया गया। सात निश्चय-3 योजनाओं का प्रचार मुंगेर शहर में सात निश्चय-3 योजनाओं के तहत कल्याणकारी और विकास परक योजनाओं के बैनर और पोस्टर लगाए गए। पोलो मैदान, हवाई अड्डा और किला गेट सहित कई स्थानों पर तोरणद्वार लगाए गए। नगर निगम प्रशासन ने सभी स्थलों की सफाई और पानी का छिड़काव भी कराया। प्रशासन‍िक तैयारी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की यह यात्रा मुंगेर में विकास कार्यों की गति और प्रशासनिक तैयारियों को दर्शाती है। उद्घाटन और शिलान्यास की गई योजनाएं न केवल क्षेत्रीय जनता के लिए सुविधाएं बढ़ाएंगी बल्कि शहर के सौंदर्यीकरण और सुरक्षा को भी मजबूत बनाएंगी।

ग्रामीणों और पुलिस में खूनी झड़प, एक की मौत, थानाध्यक्ष समेत कई जख्मी

मुजफ्फरपुर,  बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के गायघाट थाना क्षेत्र में चोरनिया गांव उस समय रणक्षेत्र में तब्दील हो गया जब पुलिस यहां एक वांछित अपराधी को गिरफ्तार करने पहुंची थी। आरोप है कि इसी दौरान ग्रामीणों ने पुलिस पर हमला कर दिया। इस भिड़ंत में एक ग्रामीण की गोली लगने से मौत हो गई, जबकि थानाध्यक्ष समेत कई पुलिसकर्मी घायल हो गए। बताया गया कि मंगलवार की रात पास्को एक्ट एवं आत्महत्या के लिए दुष्प्रेरित करने के मामले के आरोपी भिखारी राय और अन्य लोगों को गिरफ्तार करने के लिए थानाध्यक्ष के नेतृत्व में पुलिस की एक टीम चोरनिया गाँव पहुंची थी। आरोप है कि छापामारी के दौरान आरोपी द्वारा हल्ला कर ग्रामीणों को एकत्रित कर पुलिस पर भारी पथराव कर लाठी-डंडा एवं फायरिंग करते हुए हमला किया गया। प्राप्त सूचनानुसार छापेमारी दल पर आरोपी पक्षों द्वारा फायरिंग की गई। इस बीच, पुलिस ग्रामीणों की भीड़ में फंस जाने एवं जानमाल की सुरक्षा के लिए गायघाट के पुलिस अवर निरीक्षक और थानाध्यक्ष राजा सिंह द्वारा आत्मरक्षार्थ हवाई फायरिंग करते हुए किसी तरह जान बचाकर वहां से अपने पदाधिकारियों एवं कर्मियों के साथ निकल पाए। पुलिस के एक अधिकारी ने बुधवार को बताया कि इस हमले में जख्मी पुलिस पदाधिकारी एवं कर्मियों को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया। इस घटना में थानाध्यक्ष के अलावा अपर थानाध्यक्ष मनीष कुमार एवं दो गृह रक्षक के जवान घायल हो गए। घायलों को एसकेएमसीएच में भर्ती करा दिया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है। इस झड़प में एक ग्रामीण की गोली लगने से मौत हो गई, जिसकी पहचान जगत वीर राय के रूप में की गई है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। घटना के बाद गांव और आसपास के क्षेत्रों में माहौल बेहद तनावपूर्ण हो गया है। हालात की गंभीरता को देखते हुए कई थानों की पुलिस बल के साथ मौके पर कैंप कर रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि दोषियों की पहचान की जा रही है और सरकारी कार्य में बाधा डालने और हमला करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।