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4.25 करोड़ पौधे और 4,500 महिलाएं जुड़ीं रेशम से, गांव की अर्थव्यवस्था को मिला नया आधार

पटना, बिहार के मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार का ‘जीविका दीदियों’ का ये विजन आज सुपर हिट साबित हो रहा है। वो न केवल बिहार के विकास में महत्‍वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं, बल्कि आर्थिक, सामाजिक और वैचारिक विकास की नई कहानी लिख रही है। उनकी भूमिका अब हर क्षेत्र में नजर आ रही है। उन्‍होंने वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन के क्षेत्र में भी महत्‍वपूर्ण रोल अदा किया है। आज जीविका दीदियों की 60,000 से ज्यादा सक्रीय ग्राम संगठन हैं। 4.25 करोड़ लगाए पेड़ जीविका गांव की महिलाओं के लिए केवल आजीविका के नए रास्ते खोल नहीं रही हैं, बल्कि वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग और मनरेगा का भी सहयोग कर रहीं हैं। जिसका नतीजा है कि अब तक 987 पौधशालाएं तैयार की गई हैं। जिसके जरिए 4.25 करोड़ से अधिक पौधे लगाए जा चुके हैं। महिलाओं को मिल रही अलग पहचान यही नहीं, मुख्यमंत्री कोशी मलवरी परियोजना के तहत 4,500 महिलाओं को मलबरी की खेती और रेशम कीट पालन से जोड़ा गया है। इससे हजारों परिवारों को स्थायी आय का नया जरिया मिला है। जो महिलाओं को आत्‍मनिर्भर तो बना ही रहा है, उन्‍हें समाज में अलग पहचान भी दिला रहा है। सोलर लैंप बना रहीं दीदियां जीविका की सक्रीय महिला समूह की महिलाएं आज सोलर लैंप बनाने का भी काम कर रही हैं। जिसे नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के सहयोग से किया जा रहा है। बिहार सरकार के आंकड़ों के मुताबिक इस काम में 372 महिलाएं लगी हुई हैं। जिन्‍हें रोजगार तो मिल ही रहा है, गांव भी रोशन हो रहे हैं। आज इन महिलाओं के पहचान एक उद्यमी के रूप में भी बन रही है। गया जिले की जे-डब्लूआईआरईएस कंपनी भी इस काम को गति दे रही है। 33 जिलों के सामुदायिक पुस्‍तकालयों में दबदबा  इसके अलावा शिक्षा के क्षेत्र में भी पहल हो रही है। बिहार के 33 जिलों के 110 प्रखंडों में सामुदायिक पुस्तकालय सह कैरियर विकास केंद्र स्थापित किए गए हैं। जहां ग्रामीण बच्चों को पढ़ाई और करियर मार्गदर्शन मिल रहा है। आर्थिक आत्मनिर्भरता से लेकर सामाजिक बदलाव तक, जीविका महिलाओं की यह यात्रा बिहार के गांवों को नई पहचान दिला रही है।

नीतीश कुमार ने जताया शोक: पटना हादसे में 8 की मौत, घायलों की हालत नाज़ुक

 पटना पटना के बाहरी इलाके में शनिवार को एक मिनी वैन और ट्रक की आमने-सामने की टक्कर में आठ लोगों की मौत हो गई और चार अन्य घायल हो गए। पुलिस ने यह जानकारी दी। वहीं, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पटना जिले के शाहजहांपुर थाना क्षेत्र के सिगरियामा में ट्रक और ऑटो रिक्शा में हुई टक्कर में आठ लोगों की मौत पर गहरी शोक संवेदना व्यक्त की है। 'यह घटना काफी दु:खद' नीतीश कुमार ने कहा कि यह घटना काफी दु:खद है। सभी मृतक नालंदा जिले के हिलसा थाना क्षेत्र के मलामा गांव के निवासी थे। मुख्यमंत्री ने इस दुर्घटना में घायल लोगों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की है। उन्होंने दिवंगत आत्मा की चिर शान्ति तथा उनके परिजनों को दु:ख की इस घड़ी में धैर्य धारण करने की शक्ति प्रदान करने की ईश्वर से प्रार्थना की है। बता दें कि यह दुर्घटना दनियावां- हिलसा सड़क मार्ग पर तब हुई, जब एक ऑटो और हाइवा वाहन की आमने- सामने की टक्कर हो गई। सभी आठ मृतक नालंदा जिले के हिलसा थाना क्षेत्र के रेडी मालामा गांव के निवासी थे। वे फतुहा त्रिवेणी में गंगा स्नान के लिये जा रहे थे। सुबह करीब पौने सात बजे दनियावां पहुंचते ही तेज रफ्तार हाइवा से ऑटो की सीधी भिड़ंत हो गई, जिससे ऑटो में सवार आठ लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। दुर्घटना में घायल पांच लोगों को प्राथमिक उपचार के बाद पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल (PMCH) भेजा गया है।  

भारत से भिड़ंत को तैयार मलेशिया की पुरुष हॉकी टीम, कप्तान ने जताई बड़ी चुनौती

राजगीर मलेशिया की पुरुष हॉकी टीम आज सुबह प्रतिष्ठित हीरो एशिया कप 2025 में भाग लेने के लिए बिहार के शहर राजगीर पहुंची। पिछली बार जकार्ता में हुए फाइनल में मलेशिया को कोरिया के हाथों 1-2 से हार का सामना करना पड़ा था, लेकिन इस बार कप्तान ने साफ कहा कि टीम जीतने के इरादे से आई है। "टीम जीतने के इरादे से आई" मलेशिया की पुरुष हॉकी टीम के कप्तान मरहान जलील ने कहा कि प्रतियोगिता के प्रबल दावेदारों में एक भारत को हराना उनके लिए बड़ी चुनौती है। पिछली बार इस प्रतियोगिता के फाइनल में जकार्ता में अपने गृह मैदान पर मलेशिया को कोरिया के हाथों 1-2 से हार का सामना करना पड़ा था, लेकिन इस बार कप्तान ने साफ कहा कि टीम जीतने के इरादे से आई है। कप्तान जलील ने कहा कि ‘‘राजगीर आकर बेहद उत्साहित हूं। हमारी तैयारी अच्छी रही हैं और एक शानदार टूर्नामेंट की उम्मीद से मैदान में उतर रहे हैं। मेज़बान भारत को हराना आसान नहीं होगा क्योंकि उन्होंने प्रो लीग में कई शीर्ष टीमों के साथ खेला है और उनके पास बेहतरीन अनुभव और अंतरराष्ट्रीय हॉकी का एक्सपोज़र है।'' "हमारी कोशिश पहले सुपर 4 में पहुंचने की होगी" कप्तान जलील ने कहा कि मौजूदा चैंपियन कोरिया भी इस टूर्नामेंट में देखने योग्य टीम होगी। इस साल मलेशिया की टीम उनके खिलाफ खेल चुकी हैं और वे बेहद फिट तथा तेज नज़र आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमारी कोशिश पहले सुपर 4 में पहुंचने की होगी। टीम के मुख्य कोच सरजीत कुंदन ने गर्मजोशी भरे स्वागत पर खुशी जताते हुए कहा, “सबसे पहले तो हम इस शानदार स्वागत के लिए आभारी हैं। हमें खुशी है कि हम समय से पहले यहां पहुंचे और कुछ वॉर्म-अप मैच भी खेल पाएंगे। हम एक युवा टीम हैं और हमारा लक्ष्य 2028 ओलंपिक और अगले साल के एशियाई खेलों की तैयारी करना है। हाल ही में हमने ऑस्ट्रेलिया और कोरिया का दौरा किया और अब सुल्तान अजलान शाह टूर्नामेंट भी खेलना है। यहां हमारा मकसद अच्छा खेलना है। हम इस प्रतियोगिता में दूसरी वरीयता प्राप्त टीम हैं और उम्मीद है कि पदक जीतेंगे।” बता दें कि राजगीर में 12वां एशिया कप हॉकी टूर्नामेंट 29 अगस्त से शुरू हो रहा है। मलेशिया 29 अगस्त को टूर्नामेंट का उद्घाटन मैच बांग्लादेश के खिलाफ खेलेगी। मलेशिया पूल-बी में कोरिया, बांग्लादेश और चीनी ताइपे के साथ है, जबकि पूल-ए में भारत, जापान, चीन और कज़ाख़स्तान शामिल हैं। मैचों का सीधा प्रसारण सोनी स्पोर्ट्स नेटवर्क पर होगा।  

इंजीनियर या घूसखोर? नोटों की राख ने खोली धनकुबेर की पोल

पटना आर्थिक अपराध इकाई (EOU) की छापेमारी ने ग्रामीण कार्य विभाग के सुपरिटेंडेंट इंजीनियर विनोद कुमार राय की संपत्ति के बारे में जानकर हर कोई हैरान है. इनके पास 100 करोड़ की संपत्ति का अनुमान लगाया जा रहा है. खास बात यह कि इन्होंने रातभर नोट जलाने की कोशिश की थी और उनकी पत्नी बबली राय पर भी सबूत नष्ट करने का आरोप है. प्रवर्तन निदेशालय (ED) अब इस मामले में जांच शुरू करने जा रहा है. जानकारी के अनुसार, छापेमारी के दौरान विनोद राय की पत्नी बबली राय ने नोट जलाकर सबूत नष्ट करने की कोशिश की जिससे घर की नालियां तक जाम हो गईं. बताया रहा है कि बबली राय ने रातभर 2-3 करोड़ रुपये जलाकर सबूत मिटाने की कोशिश की थी. बबली के नाम पर भी कई संपत्तियों के दस्तावेज मिले हैं. अब EOU ने उनके खिलाफ सरकारी काम में बाधा डालने और सबूत नष्ट करने का मामला दर्ज किया है. पटना के पुनपुन में आर्थिक अपराध इकाई ने विनोद कुमार राय के आवास पर छापेमारी की तो हैरान करने वाले खुलासे हुए. ईओयू की रेड में 40 लाख नकद, 20 लाख के जले नोट, 10 लाख के जेवर, 6 लाख की लक्जरी घड़ियां और करोड़ों की जमीन के दस्तावेज बरामद हुए. EOU के अनुसार, राय ने रातभर 2-3 करोड़ रुपये जलाकर सबूत मिटाने की कोशिश की गई थी, लेकिन कई दस्तावेज और नकदी बच गए. बता दें कि यह कार्रवाई बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ EOU की बड़ी मुहिम का हिस्सा है. EOU के सूत्रों के मुताबिक, बबली की भूमिका की गहन जांच होगी और ED इस मामले में उनकी संपत्तियों की भी पड़ताल कर सकता है. मनी लॉन्ड्रिंग की आशंका और ED की एंट्री EOU की कार्रवाई के बाद प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने इस मामले में दिलचस्पी दिखाते हुए EOU से संपर्क कर पूरे मामले की जानकारी ली और मनी लॉन्ड्रिंग की जांच शुरू करने की तैयारी कर रहा है. राय के पास 15 बैंक खातों, 18 जमीन के डीड, बीमा पॉलिसी और अन्य निवेश के दस्तावेज मिले हैं जो उनकी आय से कहीं अधिक हैं. प्रारंभिक अनुमान के अनुसार, उनकी कुल संपत्ति 100 करोड़ रुपये के आसपास हो सकती है. विनोद राय इंजीनियर है या धनकुबेर? विनोद राय, जो मधुबनी और सीतामढ़ी में ग्रामीण कार्य विभाग के प्रभारी हैं और अब वह सवालों के घेरे में हैं. EOU की जांच में सामने आया कि उनकी संपत्ति उनकी सरकारी आय से मेल नहीं खाती. विनोद राय पर भ्रष्टाचार और काले धन को छिपाने के आरोप हैं. इस बीच जले नोटों की जांच के लिए फॉरेंसिक साइंस लैब (FSL) की मदद ली जा रही है. इस मामले ने बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जरूरत को फिर से बताया है. कौन है घूसखोर धनकुबेर विनोद राय? विनोद कुमार राय एक मध्यमवर्गीय परिवार से ताल्लुक रखते हैं. इंजीनियरिंग में डिग्री हासिल करने के बाद उन्होंने बिहार के ग्रामीण कार्य विभाग में अपनी सेवाएं शुरू कीं. शुरूआती करियर में उनकी मेहनत और तकनीकी दक्षता की तारीफ होती थी. मधुबनी और सीतामढ़ी में सड़क निर्माण और बुनियादी ढांचे के प्रोजेक्ट्स में उनकी भूमिका अहम रही. लेकिन, समय के साथ उनकी जीवनशैली में बदलाव ने सहकर्मियों का ध्यान खींचा. चार मंजिला आलीशान घर और लक्जरी गाड़ियां उनकी आय से मेल नहीं खाती थीं. ईओयू की रेड में बबली राय के नाम पर कई संपत्तियां और बैंक खाते मिले हैं. छापेमारी के बाद उनकी तबीयत बिगड़ने की बात सामने आई और वे कस्टडी में अस्पताल में भर्ती हैं. मनी लॉन्ड्रिंग की जांच के लिए ईडी की तैयारी आर्थिक अपराध इकाई की कार्रवाई में मिले 15 बैंक खातों, बीमा पॉलिसियों और निवेश के दस्तावेजों ने मनी लॉन्ड्रिंग की आशंका को बल दिया है. ED अब राय की संपत्तियों के स्रोत की जांच कर रहा है.बता दें कि यह बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ EOU की तीसरी बड़ी कार्रवाई थी, जिसने सरकारी महकमों में हड़कंप मचा दिया. राय की गिरफ्तारी और FSL की फॉरेंसिक जांच से और खुलासे की उम्मीद है. सिस्टम की खामियां और भ्रष्टाचार की जड़ें विनोद राय का मामला बिहार में भ्रष्टाचार की गहरी जड़ों को जाहिर कर रहा है. ग्रामीण कार्य विभाग में सड़क और पुल निर्माण के टेंडरों में कमीशनखोरी आम बात है. विनोद राय पर आरोप है कि उन्होंने ठेकेदारों से मोटी रिश्वत लेकर संपत्ति अर्जित की. इनके भ्रष्टाचार की कहानी बिहार के उन अधिकारियों की करतूत को भी जाहिर करती है जो सरकारी सिस्टम का दुरुपयोग कर धनकुबेर बन गए. यह मामला नीतीश सरकार के भ्रष्टाचार विरोधी रुख को भी कठघरे में लाता है.

मौसम विभाग का अलर्ट: झारखंड के इन जिलों में होगी भारी बारिश

रांची झारखंड में मानसून लगातार सक्रिय देखने को मिल रहा है। राज्य में लगातार हो रही भारी बारिश ने कहर बरपाया हुआ है। बारिश ने लोगों का हाल बेहाल कर दिया है। मौसम विभाग के मुताबिक राज्य के लिए अगले 48 घंटे काफी भारी होने वाले हैं। मौसम विभाग ने रांची, बोकारो, धनबाद, हजारीबाग, गिरिडीह, कोडरमा, चतरा, रामगढ़, जमशेदपुर, सरायकेला-खरसावां, पश्चिम सिंहभूम, लोहरदगा, गुमला और सिमडेगा जिलों में अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के मुताबिक  रांची, बोकारो, धनबाद, हजारीबाग, गिरिडीह, कोडरमा, चतरा, रामगढ़, जमशेदपुर, सरायकेला-खरसावां, पश्चिम सिंहभूम, लोहरदगा, गुमला और सिमडेगा जिलों में तेज गर्जन-तड़क के साथ भारी बारिश हो सकती है। वहीं, मौसम विभाग द्वारा जारी अलर्ट को देखते हुए प्रशासन ने लोगों से घरों से बाहर निकलते समय सतर्क रहने, खुले मैदान और पेड़ों के नीचे खड़े न होने की अपील की है ताकि कोई बड़ी अनहोनी से बचा जा सके।  

झमाझम बारिश बनी काल: मकान गिरने से मां-बेटे की गई जान, कई घायल

सरायकेला झारखंड के सरायकेला में एक बड़ा हादसा हो गया है। यहां मिट्टी से बना एक कच्चा मकान अचानक भरभराकर गिर पड़ा जिसमें मां-बेटे की मौत हो गई है जबकि परिवार के 8 लोग घायल हो गए हैं। मामला जिले के राजनगर थाना क्षेत्र अंतर्गत डांडू गांव का है। बताया जा रहा है कि पिछले कुछ दिनों से हो रही भारी बारिश से कच्चे मकान कमजोर हो गए हैं जिस वजह से घर ढह गया। घर के भीतर मौजूद पूरे परिवार और आए मेहमान सहित 10 लोग मलबे में दब गए। ग्रामीणों ने कड़ी मशक्कत के साथ मिट्टी हटाकर दबे लोगों को बाहर निकाला। सभी घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया जहां 7 लोगों को बेहतर इलाज के लिए एमजीएम रेफर कर दिया गया। हादसे में मां-बेटे की मौत हो गई है जबकि 8 घायलों का इलाज जारी है। घायलों में संतोष लोहार (35 वर्ष) मकान मालिक, पत्नी भानु लोहार (32 वर्ष), बेटी प्रतिमा लोहार (19 वर्ष), बेटा सपन लोहार (14 वर्ष), बेटी संध्या लोहार (12 वर्ष), छोटा बेटा शिवम लोहार (4 वर्ष) इसके अलावा संतोष की बहन शांति (27 वर्ष), जो राजनगर के खोखरो गांव की निवासी हैं, अपने मायके आई हुई थीं। वह अपनी बेटी पूनम (12 वर्ष) और बेटे प्रवीण (7 वर्ष) के साथ घर में मौजूद थीं। वहीं संतोष का साला लक्ष्मण बिनधनी (27 वर्ष) शामिल है।  

तस्वीर बदल रहीं जीविका दीदियां, नशामुक्ति आंदोलन में बनीं नई ताकत

पटना  जीविका दीदियां बिहार की नई ताकत बन कर उभरीं हैं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में शुरू हुई ‘जीविका’ योजना की वजह से न केवल बिहार की महिलओं को आर्थिक मजबूती मिल रही है बल्कि वो बिहार के विकास की मजबूत कड़ी बन चुकी हैं। इतना ही नहीं जीविका समूहों से जुड़ी महिलाएं सामाजिक बदलाव की भी गाथा लिख रहीं हैं। जिसका नतीजा है कि सीएम नीतीश ने उनके योगदान को सराहते हुए मान देय में बढ़ोतरी की है। सक्रीय जीविका समूहों ने समाज को दिखाई राह बिहार सरकार के आंकड़ों की मालने तो बिहार के गांवों में इनकी भूमिका काफी अहम हो गई है। गांव–गांव में जीविका की सक्रिय 60,000 से ज्यादा ग्राम संगठन हैं। जो आज नशामुक्त का संदेश और उसके अपनी सक्रीय भूमिका निभाकर समाज को राह दिखा रही हैं। जीविका दीदियों के नेतृत्‍व में चलाए जा रहे अभियान जिसका नतीजा है कि अब महिलाओं की अगुवाई में ही जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। जागरूकता रैलियां, नुक्कड़ नाटक और चौपाल पर बैठकें की जा रही हैं। ये सब जीविका से जुड़ी गांव की आम सी दिखने वाली महिलाएं कर रही हैं।  कुरीतियों में सुधार शराब के सेवन और तंबाकू के नुकसान की जो जागरूकता जीविका दीदियों ने फैलाई है। सामजिक व्‍यवहार की कुरीतियों पर काबू पाने में अहम भूमिका निभाई है। जिन इलाकों में कभी नशा आम बात थी, वहां अब सामाजिक दबाव और सामूहिक चेतना से सकारात्मक माहौल दिखाई दे रहा है। शराबबंदी कानून को सफल बनाने और शराब माफियाओं को कमजोर करने में भी इनका महत्‍वपूर्ण योगदान रहा है। समाज सुधार की मिसाल बनीं दीदियां  गौर करने वाली बात ये कि सीएम नीतीश कुमार के विजन से बाल विवाह रोकथाम और शराबबंदी नियमों के अनुपालन में भी जीविका दीदियों की सक्रिय भागीदारी निर्णायक साबित हो रही है। ग्रामीण विकास विभाग का यह अभियान अब समाज सुधार की सबसे बड़ी मिसाल बनता जा रहा है।

काल बनकर बरसा मानसून, झारखंड में भारी बारिश ने मचाई तबाही

रांची  झारखंड में मानसून लगातार सक्रिय देखने को मिल रहा है। राज्य में लगातार हो रही भारी बारिश ने कहर बरपाया है। बारिश से हुई अलग-अलग घटनाओं में 5 लोगों की मौत हो गई है, जबकि 1 व्यक्ति लापता है। इसके अलावा कई लोग घायल बताए जा रहे हैं। बताया जा रहा है कि सरायकेला-खरसावां के राजनगर थाना क्षेत्र अंतर्गत डांडू गांव में पिछले कुछ दिनों से हो रही भारी बारिश से कच्चे मकान कमजोर हो गए हैं जिस वजह से घर ढह गया। घर के भीतर मौजूद पूरे परिवार और आए मेहमान सहित 10 लोग मलबे में दब गए। ग्रामीणों ने कड़ी मशक्कत के साथ मिट्टी हटाकर दबे लोगों को बाहर निकाला। सभी घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया जहां 7 लोगों को बेहतर इलाज के लिए एमजीएम रेफर कर दिया गया। हादसे में एक महिला और उसके सात वर्षीय बेटे की मौत हो गई और 8 लोगों का इलाज चल रहा है। जिले में एक अन्य घटना में, शनिवार सुबह एक घर की दीवार गिरने से 5 साल के बच्चे की मौत हो गई और 3 अन्य घायल हो गए। यह घटना खरसावां थाना क्षेत्र के कोल शिमला में हुई। वहीं, चतरा जिले के कटघरा गांव में शुक्रवार को एक दंपति उफनती नदी में बह गए। गिधौर के बीडीओ राहुल देव ने बताया, ‘‘पति का शव बरामद कर लिया गया है, जबकि पत्नी अब भी लापता है।'' जिले के पत्थलगडा प्रखंड के खैराटोला गांव में भी बारिश से संबंधित घटना में एक व्यक्ति की मौत हो गई।  

पटना में दर्दनाक हादसा: ऑटो और हाइवा की टक्कर, 8 की मौत, 5 घायल

पटना पटना सिटी अनुमंडल के शाहजहांपुर थाना क्षेत्र के सिगरियामा के पास रविवार को बड़ा सड़क हादसा हो गया. यहां एक ऑटो और हाइवा ट्रक की आमने-सामने टक्कर में 8 लोगों की मौत हो गई, जिनमें 7 महिलाएं और एक पुरुष शामिल हैं. ग्रामीण एसपी ने बताया कि हादसे में 5 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया है. सभी लोग ऑटो से गंगा स्नान करने फतुहा जा रहे थे, तभी यह हादसा हो गया. पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला और घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया. मरने वालों की पहचान की जा रही है. दुर्घटनाग्रस्त गाड़ी को भी जब्त कर लिया गया है, जबकि ट्रक लेकर ड्राइवर भाग निकला। घटना पटना सिटी की है। दनियावां थाने की पुलिस ने मौके पर पहुंचकर छानबीन की। टक्कर इतनी जोरदार थी कि ऑटो के परखच्चे उड़ गए। दुर्घटना के शिकार लोग नालंदा जिले के रहने वाले बताए जाए रहे हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक हादसे में मरने वालों में 7 महिलाएं शामिल हैं। शाहजहांपुर के दनियावां हिलसा स्टेट हाइवे 4 पर सिगरियावा स्टेशन के पास ऑटो की ट्रक से टक्कर हो गई। सभी घायलों को इलाज के लिए पटना के पीएमसीएच भेजा गया। ये लोग नालंदा के रेरा मलामा गांव के निवासी हैं। एक ऑटो पर सवार होकर पटना आए हुए थे। जानकारी के मुताबिक उन्हें गंगा स्नान करना था और इसके लिए वे फतुहा जा रहे थे। हादसे के बाद घटनास्थल पर कोहराम मच गया। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। हादसे की जांच की जा रही है। घटना के बाद ट्रक लेकर चालक फरार हो गया। पुलिस सीटीटीवी की मदद से पहचान और तलाश कर रही है। टक्कर की आवाज सुनकर आसपास के लोग घटना स्थल पर जुटे और घायलों की मदद की। बताया जा रहा है कि सात लोगों की मौत मौके पर ही हो गयी जबकि एक घायल ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। मृतकों की संख्या बढ़ सकती है।

खेल प्रशिक्षक से लेकर अधिकारी तक: बिहार सरकार ने खोले नौकरी के अवसर

पटना खेल में नौकरी के इंतजार में बैठे युवाओं के लिए बड़ी खुशखबरी आ गई है। राज्य सरकार ने खेल विभाग में बंपर बहाली का रास्ता खोल दिया है। ऐसा पहली बार हो रहा है, जब नवगठित खेल विभाग में 824 पदों पर बहाली होने जा रही है। खेल प्रशिक्षक से लेकर क्रीड़ा सेवा संवर्ग में अधिकारी, खेल लिपिक और अन्य पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया जल्द शुरू होगी। खेल विभाग ने इन नियुक्तियों के लिए बिहार लोक सेवा आयोग, बिहार कर्मचारी चयन आयोग और बिहार तकनीकी सेवा आयोग को सफरिश भेज दी है। जानिए किस पद के लिए कितनी बहालियाँ निकलेंगी खेल प्रशिक्षक (Sports Trainer): 379 पद खेल सेवा संवर्ग के अधिकारी: 33 पद निम्नवर्गीय लिपिक: 53 पद राजगीर खेल अकादमी: 81 पद (खेल प्रशिक्षक और लिपिक दोनों) बिहार राज्य खेल प्राधिकार, पटना: 301 पद खेल प्रशिक्षकों के 379 पद होगी सीधी बहाली खेल सेवा संवर्ग में होंगे 33 अधिकारी वह युवा जो खेल विभाग में नौकरी की आस लगाए लंबे समय से बैठे थे और खेल के प्रशिक्षक बनना हैं, अब उनकी लॉटरी लगने वाली है। खेल विभाग की ओर से बिहार खेल अधीनस्थ सेवा संवर्ग में 380 पद स्वीकृत किए जा चुके हैं। इनमें से 379 पद अभी खाली हैं। इन सभी पदों पर बहाली के लिए खेल विभाग ने बीएसएससी को प्रस्ताव भेज दिया है। जल्द ही इन पर सीधी बहाली की जाएगी। बिहार खेल सेवा संवर्ग में भी 33 अधिकारियों के लिए 44 नए पदों का सृजन किया गया है। इनमें से 11 पद प्रोन्नति के लिए हैं, जबकि 33 पदों पर सीधी भर्ती होगी है। इन पदों पर नियुक्ति के लिए BPSC को अधियाचन भेज दिया गया है। लिपिकीय सेवा संवर्ग का गठन खेल विभाग में लिपिकीय सेवा संवर्ग का भी गठन कर दिया गया है। इसके लिए 80 पदों की स्वीकृति भी मिल गई है। इनमें से 53 रिक्त पद ऐसे हैं जिस पर जल्द बहाली होनी है। जिसके लिए प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। राजगीर खेल अकादमी में 81 पदों पर भर्ती निम्नवर्गीय लिपिक के 10 पद और विभिन्न खेलों के प्रशिक्षकों के 48 पद पूरी तरह खाली। वहीं, खेल प्राधिकार में भी 301 पदों पर नियुक्ति होनी है। प्रस्ताव को कार्यकारिणी समिति की मंजूरी मिल चुकी है और नियुक्ति प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश जारी कर दिया गया है। नियुक्ति प्रक्रिया की सिफारिश BTSC को भी सौंप दी गई है। युवाओं के लिए सुनहरा मौका इन बहालियों के साथ ही बिहार में खेलों के क्षेत्र में बड़ा बदलाव तय है। खेल प्रशिक्षकों की तैनाती से गांव-गांव और शहर-शहर में खेल प्रतिभाओं को निखरने का मौका मिलेगा। वहीं, खेल सेवा संवर्ग और प्राधिकार के अधिकारियों की नियुक्ति से खेल प्रशासन को नई गति मिलेगी। बिहार में यह अब तक का सबसे बड़ा खेल बहाली अभियान है, जिससे हजारों युवाओं को रोजगार और राज्य को नई खेल पहचान मिलने वाली है।  खेल प्रेमियों और नौकरी के इच्छुक युवाओं के लिए यह खबर किसी बंपर खुशखबरी से कम नहीं।