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चुनाव की घोषणा होते ही सभी राजनीतिक दल अर्लट : सीएम नीतीश हर दिन करेंगे चार चुनावी सभा, पीएम और राहुल की होंगी इतनी सभाएं

पटना बिहार विधानसभा चुनाव की घोषणा होते ही सभी राजनीतिक दलों ने ताबड़तोड़ चुनावी सभा करने की तैयारी कर ली है। राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन और इंडिया गठबंधन अपने अपने स्टार प्रचारकों की सभाओं पर पूरा फोकस कर रहा है। इस बार पहले चरण में सबसे अधिक चुनावी सभा भारतीय जनता पार्टी के दिग्गज नेताओं की होगी। इसमें गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा की 25-25 चुनावी सभाओं को संबोधित करेंगे। वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 10 से अधिक चुनावी सभाओं को संबोधित करेंगे। सीएम नीतीश कुमार भी अपना संबोधन देंगे खास बात यह है कि पीएम मोदी की चुनावी सभा में सीएम नीतीश कुमार भी अपना संबोधन देंगे। पीएम मोदी की हर तीन में एक सभा उस क्षेत्र में होगी, जहां एनडीए के घटक दलों के उम्मीदवार हैं। वहीं दो सभा भाजपा के उम्मीदवारों के क्षेत्र में होगी। प्रधानमंत्री की सभाओं में मंच पर एनडीए के उम्मीदवारों को भी जगह मिलेगी। जनता दल यूनाईटेड की ओर से सीएम नीतीश कुमार 10 अक्टूबर से अपने चुनावी अभियान पर निकलेंगे। इस दौरान वह हर दिन चार चुनावी सभाओं को संबोधित करेंगे। वह हेलीकॉप्टर से अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों में चुनावी सभा करेंगे। कई जगहों पर वह रोड शो भी कर सकते हैं। राहुल गांधी की 10 से अधिक चुनावी सभा इधर, इंडिया गठबंधन में कांग्रेस के दिग्गज नेता राहुल गांधी भी 10 से अधिक चुनावी सभा को संबोधित करेंगे।  जबकि, राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की छह से अधिक चुनावी सभी और महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा की पांच चुनावी सभा होने वाली है। तेजस्वी यादव की चुनावी सभा की घोषणा अब तक नहीं की गई है। संभावना है कि सीट शेयरिंग पर खुलासा होने के बाद अपनी चुनावी सभा की भी घोषणा कर देंगे। पहले चरण में इन 18 जिलों में होगा विधानसभा चुनाव         मधेपुरा, सहरसा, दरभंगा, मुजफ्फरपुर, गोपालगंज, सिवान, सारण, वैशाली, समस्तीपुर, बेगूसराय, खगड़िया, मुंगेर, लखीसराय, शेखपुरा, नालंदा, पटना, भोजपुर, बक्सर।

माओवादियों का 15 अक्टूबर का बंद, पुलिस सतर्क मोड में

रांची प्रतिबंधित भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) ने बुधवार यानी 8 अक्टूबर से झारखंड में ‘प्रतिरोध सप्ताह’ की घोषणा की है. संगठन की ओर से 15 अक्टूबर को बंद भी बुलाया गया है. इस बंद के मद्देनजर पुलिस ने संवेदनशील स्थानों और यातायात मार्गों पर सशस्त्र बलों की तैनाती के साथ राज्य भर में सुरक्षा कड़ी कर दी है. पुलिस पूरी तरह से अलर्ट मोड में है. महानिरीक्षक (संचालन) माइकल राज ने बताया कि प्रतिबंधित माओवादी संगठन के सप्ताहभर के विरोध और बंद के दौरान सुरक्षा के लिए सख्त इंतजाम किए गए हैं. इसके लिए केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) की 12 बटालियन और झारखंड सशस्त्र पुलिस (जेएपी) व भारतीय आरक्षित वाहिनी (आईआरबी) की 20 टीमें तैनात की गई हैं. शांति और सुरक्षा बनाए रखना पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा, ‘‘राज्य भर में शांति और सुरक्षा बनाए रखना पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है. हमने सामान्य आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए संवेदनशील स्थानों, सरकारी कार्यालयों और रेल तथा सड़क नेटवर्क सहित यातायात मार्गों पर अतिरिक्त बल तैनात किए हैं.’’ राज ने कहा कि पुलिस बिहार, छत्तीसगढ़ के अलावा पश्चिम बंगाल की सीमा से लगे जिलों में संभावित प्रभावों से निपटने के लिए भी तैयार है. अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील राज्य पुलिस ने मंगलवार को जारी एक बयान में जनता से अफवाहों पर ध्यान न देने और बिना किसी डर के अपनी दैनिक गतिविधियां जारी रखने का आग्रह किया है. पुलिस सूत्रों ने बताया कि लगातार तलाशी अभियान और वांछित माओवादियों के खात्मे और आत्मसमर्पण के रूप में हालिया सफलता ने वामपंथी चरमपंथियों पर लगाम लगायी है. एक अधिकारी ने कहा, ‘‘उनकी मौजूदगी सारंडा जंगल के कुछ इलाकों और झारखंड के लातेहार एवं चतरा के कुछ हिस्सों तक ही सीमित है.’’

पारिवारिक त्रासदी: झारखंड में पति-पत्नी ने बच्ची को भी पिलाया जहर, तीनों ने दी जान

धनबाद झारखंड के धनबाद जिले में दर्दनाक घटना सामने आई है। यहां के जोगता थाना क्षेत्र की सिजुआ 06/10 न्यू कॉलोनी में मंगलवार को जहर खाने से पति, पत्नी और मासूम बच्ची की मौत हो गई। यह परिवार एक सप्ताह पूर्व तेतुलमुड़ी दाऊद नगर बस्ती से यहां किराए के मकान में रहने आया था। मृतकों की पहचान दैनिक मजदूर राजा अंसारी (25 वर्ष), उसकी पत्नी अमीना खातून (20 वर्ष) और उनकी दो साल की बेटी मायरा के रूप में हुई है। पुलिस ने घटनास्थल से एक बर्तन में संदिग्ध घोल बरामद किया है। उसे जांच के लिए जब्त कर लिया गया है। क्या है पूरा मामला ? जानकारी के अनुसार राजा के पिता जमाल अंसारी और माता रजिया खातून दाऊद नगर में रहते हैं। पिता पहले रिक्शा चलाते थे। राजा कुछ दिन पहले तक माता-पिता के साथ ही रहता था, लेकिन पारिवारिक तनाव के चलते पांच दिन पहले ही वह पत्नी और बेटी के साथ आरएन चौहान के मकान में किराए पर रहने लगा था। राजा की ससुराल बोकारो जिले में है। लोगों के अनुसार मंगलवार की शाम करीब 7:15 बजे राजा कतरास से मजदूरी कर घर लौटा था। कुछ देर बाद गली से गुजर रहे लोगों ने पति-पत्नी और बच्ची को जमीन पर पड़ा देखा। जिसके बाद तत्काल जोगता पुलिस को सूचना दी गई। पति-पत्नी की मौत हो चुकी थी। बच्ची को कतरास के एक निजी अस्पताल ले जाया गया। यहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। जोगता पुलिस ने तीनों शवों को धनबाद मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेज दिया है। बुधवार को शवों का पोस्टमार्टम होगा। आत्महत्या का शक इस मामले की जानकारी देते हुए जोगता के थाना प्रभारी पवन कुमार ने बताया कि प्रथमदृष्टया यह आत्महत्या का मामला प्रतीत होता है। तीनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। अमीना खातून के परिजनों को सूचना दे दी गई है। उनके पहुंचने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। पुलिस ने बरामद पीले रंग के तरल पदार्थ की जांच कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

सीट बंटवारे पर एनडीए में अब तक सहमति नहीं, चिराग पासवान ने पिता की सीख दिलाई याद

पटना बिहार विधानसभा चुनाव की घोषणा के बाद भी राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन में सीट बंटवारे का फॉर्मूला अब तक तय नहीं हुआ है। लोक जनशक्ति पार्टी रामविलास के प्रमुख व केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान को 35 सीटों से कम मंजूर नहीं है। इधर, भाजपा 28 देने तक ही देने के लिए तैयार है। मंगलवार को बिहार चुनाव प्रभारी धर्मेंद्र प्रधान ने चिराग पासवान से बातचीत की। उन्हें समझाने की कोशिश लेकिन बात नहीं बन पाई। बुधवार को चिराग पासवान ने सीट शेयरिंग के सवाल पर कहा कि अभी बातचीत चल रही है। बात फाइनल होने पर आपको जानकारी दे दी जाएगी। इन सब के बीच चिराग पासवान का एक पोस्ट सोशल मीडिया पर वायरल होने लगा। उन्होंने अपने पिता व पूर्व केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान की तस्वीर को शेयर करते हुए उन्हें याद किया। कहा कि पापा हमेशा कहा करते थे। जुर्म करो मत, जुर्म सहो मत। जीना है तो मरना सीखो। कदम-कदम पर लड़ना सीखो। अब चिराग पासवान के इस पोस्ट के बाद सियासी गलियारे में चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया। इससे पहले चिराग पासवान ने एक और पोस्ट लिखा। उन्होंने कहा कि पापा आपकी पुण्यतिथि पर आपको मेरा नमन। मैं विश्वास दिलाता हूं कि आपके दिखाए मार्ग और आपके विजन “बिहार फ़र्स्ट, बिहारी फर्स्ट” को साकार करने के लिए पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध हूं। बिहार के समग्र और सर्वांगीण विकास का जो सपना आपने देखा था, अब समय आ गया है उसे धरातल पर उतारने का। आपने मेरे कंधों पर जो जिम्मेदारी सौंपी थी, उसे निभाना मेरे जीवन का उद्देश्य और कर्तव्य है। चिराग बोले- इस चीज के लिए मैं दृढ़ संकल्पित हूं बिहार में लोकतंत्र का महापर्व शुरू होने जा रहा है। आगामी चुनाव आपके संकल्प को पूरा करने का अवसर है। बिहार को नई दिशा देने, हर बिहारी के सपनों को साकार करने का अवसर है। आपके द्वारा बनाई गई लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के कारवां को आगे बढ़ाने के लिए मैं दृढ़ संकल्पित हूं। पार्टी के हर एक कार्यकर्ताओं एवं पदाधिकारियों का सपना है कि आगामी चुनाव में आपके सपनों को पूरा किया जा सके। पापा आपकी प्रेरणा, आशीर्वाद और आदर्श सदैव मेरे मार्गदर्शक रहेंगे। एनडीए में चिराग-मांझी की जिद राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) में सीट बंटवारे का काम 80 फीसदी तक हो चुका है। भाजपा और जदयू दोनों 100 से अधिक पर चुनाव लड़ने की तैयारी में हैं। केंद्रीय चिराग पासवान की पार्टी को 28, केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी को आठ और उपेंद्र कुशवाह की पार्टी को करीब पांच सीटें  भाजपा और जदयू देना चाहती है। लेकिन, लोक जनशक्ति पार्टी रामविलास और हिन्दुस्तानी आवाम मोर्चा मानने को तैयार नहीं। चिराग 40 से कम सीटों पर चुनाव नहीं लड़ना चाहते हैं। वहीं जीतन राम मांझी का तर्क है कि राज्य स्तर की पार्टी बनने के लिए आठ विधायक चाहिए। हमारे पास पहले से चार विधायक हैं। ऐसे में 10 से 12 सीटों से कम पर चुनाव हमलोग नहीं लड़ कसते हैं। दोनों पार्टी के नेताओं ने चुनाव प्रभारी धर्मेंद्र प्रधान से मिलकर अपनी-अपनी बात रख दी है। जदयू के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने दावा किया है कि एनडीए के घटक दलों के कहीं कोई मतभेद नहीं है। सबलोग एकजुट हैं। जल्द ही सीट बंटवारे का एलान कर दिया जाएगा।

चुनाव के मद्देनजर भोजपुरी स्टार पवन सिंह को मिली Y कैटेगरी सुरक्षा

पटना  बिहार चुनावी सरगर्मी के बीच भोजपुरी सुपरस्टार पवन सिंह को Y कैटेगरी की सुरक्षा दी गई है. गृह मंत्रालय (MHA) के सूत्रों के मुताबिक ये सुरक्षा केंद्र सरकार के स्तर पर मंजूर की गई है. अब पवन सिंह के साथ हमेशा सशस्त्र कमांडो तैनात रहेंगे. जानकारी के मुताबिक ये फैसला उनकी सुरक्षा को लेकर मिली रिपोर्ट के आधार पर लिया गया है. पवन सिंह हाल के दिनों में लगातार सुर्खियों में बने हुए हैं. कभी अपनी फिल्मों और गानों को लेकर, तो कभी राजनीतिक चर्चाओं के कारण. बेहद खास है ये फैसला बिहार में चुनावी माहौल गर्म है और कई स्टार चेहरे राजनीतिक मंचों पर दिख रहे हैं. ऐसे में पवन सिंह को Y कैटेगरी की सुरक्षा मिलना खास माना जा रहा है. माना जा रहा है कि यह कदम चुनावी दौर में उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है. सूत्रों के मुताबिक, पवन सिंह की सुरक्षा में अब कम से कम 11 सशस्त्र कमांडो तैनात रहेंगे, जो उनके आने-जाने और सार्वजनिक कार्यक्रमों के दौरान सुरक्षा की जिम्मेदारी संभालेंगे. बीजेपी में वापसी बता दें कि भोजपुरी सुपरस्टार पवन सिंह एक बार फिर से भारतीय जनता पार्टी (BJP) में लौट आए हैं. उनकी वापसी किसी फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं रही. पिछले हफ्ते दिल्ली में गृह मंत्री अमित शाह और उपेंद्र कुशवाहा ने खुद उन्हें पार्टी में दोबारा शामिल कराया. ये वापसी बिहार विधानसभा चुनाव से ठीक पहले हुई है. इसलिए इसे राजनीतिक रूप से बेहद अहम माना जा रहा है. लड़ेंगे चुनाव सूत्रों के मुताबिक अब बीजेपी पवन सिंह को आरा विधानसभा सीट से चुनावी मैदान में उतार सकती है. पवन सिंह जल्द ही वहां का दौरा भी करेंगे. पार्टी को उम्मीद है कि उनकी एंट्री से शाहाबाद क्षेत्र (भोजपुर, बक्सर, कैमूर और रोहतास) की 22 सीटों पर असर पड़ेगा. पवन सिंह का संबंध भोजपुर के बरहरा से है. इस इलाके में राजपूत और लव-कुश (कुर्मी-कोइरी) वोटरों की संख्या ज्यादा है. बीजेपी मान रही है कि पवन सिंह और कुशवाहा की जोड़ी इस क्षेत्र में पार्टी को मजबूती देगी. नए समीकरण बता दें कि 2024 लोकसभा चुनाव में जब बीजेपी ने पवन सिंह का टिकट वापस ले लिया था, तो उन्होंने करकट सीट से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा था. उस चुनाव में उन्होंने कुशवाहा को पीछे छोड़ दिया था. अब दोनों के गले मिलने की तस्वीरें बीजेपी के नए समीकरणों की झलक दे रही हैं.  

सुपौल चुनाव: नामांकन 13 अक्टूबर से, वोटिंग 11 नवंबर को तय

सुपौल सुपौल जिले की सभी पांच विधानसभा सीटों पर 11 नवंबर को दूसरे चरण का मतदान होगा। यह जानकारी सोमवार को जिला निर्वाचन पदाधिकारी एवं जिलाधिकारी सावन कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में दी। उन्होंने बताया कि चुनाव को लेकर जिले में आदर्श आचार संहिता लागू कर दी गई है। जिलाधिकारी ने बताया कि नामांकन प्रक्रिया 13 अक्टूबर से आरंभ होगी। अभ्यर्थी 20 अक्टूबर तक संबंधित निर्वाचन पदाधिकारी के समक्ष अपना नामांकन दाखिल कर सकते हैं। 21 अक्टूबर को नामांकन पत्रों की संवीक्षा की जाएगी, जबकि अभ्यर्थी 23 अक्टूबर तक नामांकन वापस ले सकते हैं। मतगणना 14 नवंबर को सुबह 8 बजे जिला मुख्यालय स्थित बीएसएस कॉलेज परिसर में होगी। वोटरों का विवरण अब तक जिले में कुल 15,36,954 वोटर रजिस्टर्ड हैं। इनमें 807,584 पुरुष, 729,356 महिला और 14 थर्ड जेंडर वोटर शामिल हैं। विधानसभा क्षेत्रों के अनुसार मतदाताओं का विवरण इस प्रकार है:     निर्मली: 3,03,529     पिपरा: 3,04,332     सुपौल: 2,92,484     त्रिवेणीगंज: 3,03,595     छातापुर: 3,33,014 जिलाधिकारी ने बताया कि संवीक्षा के 10 दिन पहले तक आम लोग या राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि मतदाता सूची में सुधार या नाम जोड़ने के लिए आवेदन कर सकते हैं। नामांकन के लिए चुनाव चिह्न आवंटन और परमिशन हेतु सिंगल विंडो निर्वाचक पदाधिकारी स्तर से ही होगी। मतदान सामग्री के डिस्पैच के लिए दो स्थान तय किए गए हैं। निर्मली, सुपौल और छातापुर विधानसभा क्षेत्र के लिए डिस्पैच सेंटर बीएसएस कॉलेज, जबकि पिपरा और त्रिवेणीगंज के लिए आईटीआई कॉलेज परिसर में बनाया गया है। प्रेस कॉन्फ्रेंस में एसपी शरथ आरएस और उप निर्वाचन पदाधिकारी अनिरुद्ध कुमार भी मौजूद थे। शत प्रतिशत बूथों पर वेबकास्टिंग और सुरक्षा जिलाधिकारी ने बताया कि चुनाव के दौरान सभी बूथों पर वेबकास्टिंग की व्यवस्था होगी। जिला कंट्रोल रूम के माध्यम से हर बूथ की गतिविधियों की निगरानी की जाएगी। सुरक्षा के मद्देनजर पर्याप्त संख्या में दंडाधिकारी और पुलिस बल तैनात किए जाएंगे। इसके अलावा केंद्रीय सुरक्षा बल के जवानों की भी तैनाती की जाएगी। चुनाव निगरानी के लिए विधानसभा वार सेक्टर पदाधिकारी और दंडाधिकारी तैनात किए गए हैं, जो आदर्श आचार संहिता का पालन सुनिश्चित करेंगे।

निकालिए गर्म कपड़े! दिवाली तक झारखंड में दस्तक देगी ठंड

रांची देशभर में इस बार हो रही अधिक बारिश ने सभी को हैरान कर दिया है। त्यौहार शुरू हो गए हैं, लेकिन बारिश ने त्योहारों की खुशियों को फीका किया हुआ है। वहीं, झारखंड की बात करें तो यहां 9 अक्टूबर तक हल्की बारिश होने की संभावना बनी हुई है। रांची मौसम विभाग के वैज्ञानिक अभिषेक आनंद ने बताया कि राज्य में अब बादल छंट रहे हैं। लगातार बारिश में अब कमी आएगी। अगले 4 दिनों के दौरान हवा में तेजी से बदलाव होंगे। इससे बादल साफ होंगे। इसके साथ ही मानसून वापसी की प्रक्रिया आरंभ होगी। मौसम विभाग के अनुसार 10 अक्टूबर के बाद हल्की ठंड शुरू होने लग जाएगी। मौसम वैज्ञानिक अभिषेक आनंद के मुताबिक, झारखंड में 11 अक्टूबर से मानसून की वापसी की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। मौसम विभाग के अनुसार, 10 अक्टूबर तक कहीं-कहीं हल्की बारिश और वज्रपात की संभावना बनी रहेगी। इसके बाद राज्य में शुष्क मौसम की शुरुआत होगी। इस दौरान पश्चिमी विक्षोभ का आंशिक असर बना रहेगा, जिससे दोपहर के समय बादल छाने और हल्की बारिश की स्थिति बन सकती है। मानसून की विदाई के बाद झारखंड में मौसम में धीरे-धीरे बदलाव देखा जाएगा। सुबह और शाम के समय हल्की ठंड महसूस होने लगेगी, जबकि दिन में मौसम खुशनुमा बना रहेगा। अनुमान है कि दिवाली तक राज्य में गुलाबी ठंड का प्रभाव साफ तौर पर दिखने लगेगा।

बिहार का चुनावी इतिहास बदला: 40 साल बाद दो चरणों में मतदान, शाहाबाद-मिथिला को अलग फेज़ में रखा गया

पटना बिहार में 40 वर्षों के बाद विधानसभा चुनाव दो चरणों में होंगे। इससे पहले वर्ष 1985 में दो चरण में चुनाव हुए थे। 1985 के चुनाव में झारखंड बिहार से अलग नहीं था। तब, बिहार में विधानसभा सीटों की संख्या 324 थी। 2000 के नवंबर में बिहार से झारखंड अलग हुआ। इसके बाद बिहार में विधानसभा की सीटें 324 से घटकर 243 रह गईं। झारखंड से अलग होने के बाद बिहार में पहली बार दो चरणों में चुनाव हो रहे हैं। यहां अब-तक दो से अधिक चरणों में ही चुनाव होते आ रहे हैं। पिछले 25 सालों में बिहार में सबसे अधिक छह चरणों में विधानसभा चुनाव वर्ष 2010 में हुए थे। 2010 के विधानसभा चुनाव में 21, 24 और 28 अक्टूबर तथा 1, 9 और 20 नवंबर को मतदान हुआ था। पिछला चुनाव तीन चरणों में हुआ था। 28 अक्टूबर को 71, 3 नवंबर को 94 और 7 नवंबर को 78 सीटों पर वोट डाले गए थे। 2015 में पांच चरणों में चुनाव हुए। 1980 और 1990 में एक चरण और 1995 में पांच चरणों में चुनाव हुए थे। शाहाबाद, मिथिला, अंग जैसे भू-सांस्कृतिक क्षेत्र दोनों चरणों में बंटे 2025 के विधानसभा चुनाव में शाहाबाद, मिथिला और अंग जैसे भू-सांस्कृतिक क्षेत्र दोनों चरणों में बंटे हैं। शाहाबाद के चार जिलों में भोजपुर और बक्सर में पहले चरण तो रोहतास और कैमूर में दूसरे चरण में चुनाव हैं। पिछली बार शाहाबाद में पहले चरण में ही चुनाव हुए थे। मिथिला के इलाके को भी दो चरणों में बांट दिया गया है। समस्तीपुर, दरभंगा, सहरसा और बेगूसराय में तो पहले चरण में जबकि शिवहर, सीतामढ़ी और मधुबनी में दूसरे चरण में चुनाव है। अंग इलाके में भागलपुर, बांका और जमुई में दूसरे चरण तो मुंगेर में पहले चरण में चुनाव हैं। मगध के चार जिलों गया, जहानाबाद, औरंगाबाद और नवादा में पिछली बार की तरह एक ही चरण में चुनाव हैं। सीमांचल के सभी चार जिलों अररिया, किशनगंज, पूर्णिया और कटिहार में दूसरे चरण में चुनाव है। 2020 के चुनाव में शाहाबाद और मगध में पहले चरण में चुनाव हुए थे, जहां महागठबंधन की बंपर जीत हुई थी। इन क्षेत्रों की 77% सीटों पर उसके उम्मीदवार जीते थे।

एनडीए में सीट शेयरिंग पर चला सियासी पेंच, चिराग पासवान ने जताई 54 सीटों की मांग

पटना              बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर एनडीए गठबंधन में सीट शेयरिंग को लेकर हलचल तेज हो गई है. सूत्रों के अनुसार  दिल्ली में चिराग पासवान और बीजेपी नेताओं धर्मेंद्र प्रधान व विनोद तावड़े के बीच करीब पचास मिनट तक चली बैठक में लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) की ओर से सीटों की मांग रखी गई. एलजेपी (आर) के सूत्रों की मानें तो पार्टी बिहार चुनाव में 45 से 54 सीटों पर चुनाव लड़ने का लक्ष्य लेकर चल रही है. क्या है चिराग पासवान की मांग? बैठक में एलजेपी (रामविलास) की ओर से साफ कहा गया कि पार्टी को 2024 लोकसभा चुनाव में जीती गई पांच सीटों और 2020 विधानसभा चुनाव के प्रदर्शन को आधार बनाकर सीटें दी जानी चाहिए. चिराग पासवान की ओर से मांग की गई कि जिन पांच लोकसभा क्षेत्रों पर एलजेपी (रामविलास) ने जीत दर्ज की है, वहां से प्रत्येक क्षेत्र में कम से कम दो विधानसभा सीटें पार्टी को दी जाएं. इसके अलावा एलजेपी के बड़े नेताओं के लिए भी सीटों की मांग सामने रखी गई है. बैठक में बीजेपी की ओर से चिराग पासवान को भरोसा दिलाया गया कि उनकी मांगों पर पार्टी स्तर पर चर्चा कर जल्द ही उन्हें जवाब दिया जाएगा. सूत्रों का कहना है कि आने वाले दिनों में चिराग पासवान और बीजेपी के शीर्ष नेताओं के बीच एक और बैठक होगी, जिसमें अंतिम रूप से सीट शेयरिंग पर सहमति बनाई जा सकती है. दो तीन दिन में हो सकता है सीट बंटवारे का एलान चुनावी समीकरण और राजनीतिक माहौल को देखते हुए एनडीए अगले दो से तीन दिनों में सीट बंटवारे को फाइनल कर उसका औपचारिक ऐलान कर सकता है. संभावना जताई जा रही है कि पटना में ही एनडीए गठबंधन की ओर से सीट शेयरिंग का एलान किया जाएगा. चिराग पासवान ने ब्रह्मपुर और गोविंदगंज सीटों पर ठोकी दावेदारी चिराग पासवान ने ब्रह्मपुर और गोविंदगंज सीट अपनी पार्टी के नेताओं के लिए मांगी हैं. सूत्रों के मुताबिक, चिराग चाहते हैं कि ब्रह्मपुर सीट उनके संसदीय बोर्ड अध्यक्ष हुलास पांडे को मिले. 2020 के चुनाव में एनडीए ने यह सीट वीआईपी को दी थी. उस समय एलजेपी से हुलास पांडे मैदान में उतरे थे और 30,035 वोट हासिल कर दूसरे स्थान पर रहे थे. एनडीए खेमे से वीआईपी उम्मीदवार जयराज चौधरी तीसरे पायदान पर रहे थे, जबकि सीट पर आरजेडी का कब्जा हो गया था. गोविंदगंज सीट राजू तिवारी के लिए चाहते हैं चिराग इसी तरह गोविंदगंज सीट के लिए चिराग ने अपने प्रदेश अध्यक्ष राजू तिवारी का नाम आगे बढ़ाया है. यह सीट फिलहाल बीजेपी के पास है. 2020 में एलजेपी से राजू तिवारी ने यहां चुनाव लड़ा था और 31,300 वोट पाकर तीसरे नंबर पर रहे थे. चिराग पासवान ने अपने नेताओं द्वारा पिछले चुनाव में 30 हजार से ज्यादा वोट हासिल करने को आधार बनाकर इन दोनों सीटों पर दावा ठोका है. सूत्रों ने बताया कि आज की बैठक में सिर्फ सीट बंटवारे का मुद्दा ही नहीं, बल्कि बिहार के चुनावी माहौल, संभावित चुनावी मुद्दों और दिवंगत नेता रामविलास पासवान की पुण्यतिथि की तैयारियों पर भी चर्चा की गई. क्या चुनाव में अपनी मजबूत स्थिति दर्शाना चाहते हैं चिराग? चिराग पासवान की यह सक्रियता और सीटों पर उनकी सख्त मांग यह दर्शाती है कि एलजेपी (रामविलास) आगामी विधानसभा चुनाव में अपनी मजबूत स्थिति दर्ज कराना चाहती है. अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि एनडीए में सीट शेयरिंग का फॉर्मूला क्या होगा और चिराग पासवान की कितनी मांगें पूरी की जाती हैं.  पटना लौट सकते हैं चिराग पासवान सूत्रों के मुताबिक, चिराग पासवान दिल्ली से पटना के लिए प्रस्थान करेंगे. वहां से वे खगड़िया जिले के अपने पैतृक गांव शहरबन्नी पहुंचेंगे, जहां उनके पिता और पूर्व केंद्रीय मंत्री स्वर्गीय रामविलास पासवान की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम का आयोजन किया गया है. इस मौके पर चिराग श्रद्धा सभा में पुष्पांजलि अर्पित करेंगे और परिवार तथा समर्थकों से मुलाकात करेंगे. एनडीए में सीट बंटवारे की कवायद अंतिम दौर में पहुंची बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर एनडीए में सीट बंटवारे की कवायद अब अंतिम दौर में पहुंच गई है. बीजेपी, जेडीयू और एलजेपी (रामविलास) सहित सभी सहयोगी दलों के बीच हिस्सेदारी को लेकर गहन चर्चा चल रही है. माना जा रहा है कि बीजेपी और जेडीयू को सौ से ज्यादा सीटें मिल सकती हैं, वहीं चिराग पासवान की पार्टी को भी अहम हिस्सेदारी मिलने की संभावना है.

सीट शेयरिंग पर नहीं बनी बात! CPI-ML ने RJD का प्रस्ताव किया खारिज

पटना.  बिहार विधानसभा चुनाव से पहले महागठबंधन के अंदर सीट शेयरिंग को लेकर एक बार फिर से सिर फुटव्वल शुरू हो गया है. सूत्रों से मिली बड़ी जानकारी के मुताबिक, भाकपा-माले (CPI-ML) ने राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के 19 सीटों के ऑफर को ठुकरा दिया है. पार्टी ने सीटों की अदला-बदली के प्रस्ताव को भी खारिज करते हुए साफ कहा है कि वे जल्द अपनी नई 30 सीटों की सूची आरजेडी को सौंपेंगे. सूत्रों के अनुसार, आरजेडी की ओर से CPI-ML को 19 सीटों का ऑफर दिया गया था, जिसमें पिछली बार की कुछ सीटों में अदला-बदली (एक्सचेंज) का सुझाव भी शामिल था. लेकिन भाकपा-माले ने इस प्रस्ताव को स्पष्ट रूप से अस्वीकार कर दिया है. पार्टी ने कहा है कि वे 2019 और 2020 के चुनावों में अपने मजबूत प्रदर्शन के आधार पर अधिक सीटों की मांग कर रहे हैं. वहीं सीट शेयरिंग को लेकर मुकेश सहनी ने कहा कि 243 सीटों पर बंटवारे को लेकर हम लोगों पर दबाव है. बैठकें लगातार चल रही हैं और हर एक चीज पर चर्चा हो रही है. मुकेश साहनी ने बताया कि हम लोग रात 2 बजे तक बैठे थे और आज फिर बैठक होगी. सीटों के शेयरिंग में समस्या के सवाल पर उन्होंने कहा कि कोई उलझन नहीं है. हमारे सभी गठबंधन के साथियों को पता है कि राज्य में 243 सीटें हैं और सभी को एडजस्ट करना है. सभी को उनके जनाधार के अनुसार सम्मानजनक सीटें मिलेंगी. मैं खुद यह मानता हूं कि किसी के साथ भेदभाव नहीं होगा और सबको उचित सीटें दी जाएंगी.