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पैक्सों और व्यापार मंडलों के माध्यम से फरवरी 2026 तक होगी धान की खरीद

खरीफ विपणन मौसम 2025-26 के अंतर्गत किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदा जाएगा धान साधारण धान 2369 रुपए और ग्रेड 'A' 2389/ रुपये प्रति क्विंटल की दर पर खरीदा जाएगा धान की खरीदारी को लेकर सहकारिता विभाग पैक्स एवं व्यापार मंडलों के लिए जारी कर चुका है आवश्यक निर्देश धान अधिप्राप्ति कार्यक्रम से संबंधित जानकारी के लिए किसान कर सकते हैं टॉल फ्री नंबर 1800 1800 110 पर फोन पटना  सहकारिता विभाग ने कहा है कि राज्य में किसानों से धान की अधिप्राप्ति नवंबर 2025 से फरवरी 2026 तक चलेगी। अर्थात किसानों से धान की खरीदारी फरवरी तक की जाएगी। खरीफ विपणन मौसम 2025-26 के अन्तर्गत पंचायत स्तर पर पैक्स एवं प्रखंड स्तर पर व्यापार मंडल के माध्यम से किसानों से धान न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद किया जाएगा। जिसमें साधारण धान की खरीद 2369 रुपए प्रति क्विंटल की दर से होगी। वहीं ग्रेड-'A' धान के लिए किसानों को 2389 रुपए प्रति क्विंटल का न्यूनतम समर्थन मूल्य दिया जाएगा। पैक्सों और व्यापार मंडलों के जरिए होने वाली इस धान की खरीदारी से किसानों को बिचौलियों के शोषण से सुरक्षा मिलती है। साथ ही साथ किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य मिलने से अच्छी आय भी होती है। धान क्रय के बाद राशि का भुगतान सीधे किसान के नामित खाते में पीएफएमएस के माध्यम से किया जायेगा। कृषि विभाग के पोर्टल dbtagriculture.bihar.gov.in पर किसान निबंधन कराकर धान की बिक्री कर सकते हैं। इसके लिए इच्छुक किसानों के लिए कृषि विभाग के पोर्टल पर धान की संभावित मात्रा एवं भूमि संबंधी अद्यतन विवरणी प्रविष्ट करना आवश्यक होगा। कृषि विभाग के पोर्टल पर निबंधन 15 सितम्बर, 2025 से ही प्रारंभ है। भंडारण की व्यवस्था सुनिश्चित करें पैक्स या व्यापार मंडल सहकारिता विभाग ने कुछ दिनों पूर्व ही अपने एक निर्देश में पैक्सों और व्यापार मंडलों को कहा था कि धान अधिप्राप्ति कार्य प्रारंभ होने के पहले सभी पैक्स/व्यापार मंडल भंडारण की व्यवस्था, नमी मापक यंत्र, माप-तौल यंत्र का नवीकरण, किसानों का आधार आधारित सत्यापन के लिए आवश्यक उपकरण, बैनर-पोस्टर के माध्यम से प्रचार-प्रसार कराना आदि सुनिश्चित कर लें। धान खरीद का काम अंकेक्षित तथा गैर-प्रमादी पैक्स/व्यापार मंडलों के माध्यम से किया जाएगा। वहीं विभाग ने कहा है कि निबंधन/अधिप्राप्ति कार्य में असुविधा होने पर या कोई जानकारी लेने के लिए किसान टॉल फ्री नम्बर-1800 1800 110 पर फोन कर सकते हैं।

स्कूल परिसर में काला जादू विवाद: प्रबंधन ने तीन छात्राओं को किया सस्पेंड

लातेहार झारखंड के लातेहार से हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां एक विद्यालय में कक्षा 8 की तीन छात्राओं पर काला जादू, झाड़- फूंक और तंत्र- विद्या करने का आरोप लगा है। मामला जिले के रवाडीह प्रखंड के मंगरा रोड स्थित कल्याण विभाग द्वारा संचालित एकलव्य मॉडल विद्यालय का है। स्कूल प्रबंधन द्वारा दावा किया जा रहा है कि छात्राओं ने रात के समय हॉस्टल व महिला शिक्षा कर्मियों के कमरों के बाहर काले जादू से संबंधित गतिविधियां कीं। वहीं, इस आधार पर प्रिंसिपल और अन्य शिक्षकों ने छात्राओंं को स्कूल से निकाल दिया। प्रिंसिपल और शिक्षकों ने गार्जियन को बुलाकर छात्राओं की करतूत बताई। बच्चियों को जबरन स्कूल से बाहर किया गया है मामले में छात्राओंं के परिजनों का कहना है कि उन्हें स्कूल बुलाकर उनकी बच्चियों पर झाड़- फूंक और तंत्र–विद्या करने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए, जबकि छात्राओं को ऐसी किसी गतिविधि की जानकारी तक नहीं है। परिजनों ने प्रिंसिपल से माफी भी मांगी और पढ़ाई जारी रखने का अनुरोध किया, लेकिन स्कूल प्रबंधन ने उनकी बात नहीं मानी। परिजनों का कहना है कि बच्चियों को जबरन स्कूल से बाहर किया गया है।  

सोनपुर मेला: राजस्व विभाग के स्टॉल पर मिल रहा भूमि का नक्शा और आवश्यक दस्तावेज

काउंटर के माध्यम से दी जा रही ऑनलाइन सेवाओं की जानकारी पटना  विश्व प्रसिद्ध हरिहर क्षेत्र सोनपुर मेला में आने वाले लोगों को भरपूर मनोरंजन करने के साथ ही अपनी जमीन के बारे में भी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। इसके लिए राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने अपना खास स्टॉल लगाया है। यहां लोगों को जमीन से संबंधित नक्शा भी हाथों-हाथ उपलब्ध कराया जा रहा है। जहां लोग 150 रुपये प्रति पेज की दर से अपने जमीन का नक्शा प्राप्त कर रहें हैं। विभाग केइस स्टॉल से जमीन से संबंधित सभी ऑनलाइन सेवाओं के बारे में भी रैयत जानकारी ले सकते हैं। गंडक नदी के किनारे 9 नवंबर से 10 दिसंबर तक चलने वाले इस विश्व प्रसिद्ध हरिहर क्षेत्र सोनपुर मेला में आने वाले लोगों को भूमि से संबंधित जानकारी उपलब्ध कराने के लिए राजस्व विभाग अपना स्टॉल लगाया है। इस स्टॉल पर भूमि से संबंधित पुस्तिकाएं भी सस्ती दर पर उपलब्ध हैं। इसमें कैथी लिपि सिखने के लिए पुस्तिका, राजस्व अभिलेखों से संबंधित जानकारी के लिए बिहार भूमि पुस्तिका और ऑनलाइन सेवाओं के बारे में जानकारी के लिए पुस्तिका उपलब्ध है। ये सभी पुस्तिकाएं आम लोगों को राजस्व अभिलेखों और ऑनलाइन प्रक्रियाओं के बारे में जानकारी लेने में सहायक होगी।   सीएससी के माध्यम से उपलब्ध कराई जा रही सभी ऑनलाइन सेवाएं राजस्व विभाग की तरफ से उपलब्ध दाखिल-खारिज, परिमार्जन प्लस एवं अन्य ऑनलाइन राजस्व सेवाएं भी निर्धारित शुल्क पर सीएससी के माध्यम से उपलब्ध कराई जा रही है। यह ऐसी सुविधा है जो ग्रामीणों के लिए बेहद उपयोगी साबित होगी। क्योंकि उन्हें अब अपनी भूमि से जुड़ी अधिकांश ऑनलाइन सेवाएं मेले में ही आसानी से मिल जाएंगी। मेला में आने वाले लोगों से विभाग ने किया सुविधाएं प्राप्त करने का आग्रह राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने हरिहर क्षेत्र सोनपुर मेला में आने वाले सभी लोगों से आग्रह किया है कि मेला में लगे स्टॉल पर पहुंचकर इन सुविधाओं का लाभ उठाएं। यह मेला इस बार सांस्कृतिक और मनोरंजन के साथ ही जनसुविधाओं के मामले में भी खास बन गया है और भूमि सेवाओं के लिए यह पहल लोगों के लिए बड़ी राहत लेकर आई है।

विश्वविद्यालय कर्मियों का नवंबर की वेतन राशि जारी

शिक्षा विभाग ने 11 परंपरागत विश्वविद्यालयों के लिए अद्यतन डीए के साथ 109.7735 करोड़ रुपये जारी किया पटना शिक्षा विभाग ने राज्य के 11 परंपरागत विश्वविद्यालयों में कार्यरत शिक्षक एवं शिक्षकेतर कर्मियों के नवंबर माह के वेतन भुगतान के लिए 109 करोड़ 7 हजार 735 रुपये जारी की है, जिसमें डीए (महंगाई भत्ता) की राशि भी शामिल है।     आधिकारिक जानकारी के मुताबिक राज्य के सभी 11 परंपरागत विश्वविद्यालयों में कार्यरत शिक्षक एवं शिक्षकेत्तर कर्मचारियों के लिए डीए 58 फीसदी राशि के साथ वेतन की राशि जारी कर दी गई है। इसमें पटना विश्वविद्यालय को 10.58 करोड़, मगध विश्वविद्यालय को 14.67 करोड़, बीआरए बिहार विश्वविद्यालय को 17.5 करोड़, जयप्रकाश विश्वविद्यालय को 13.7635 करोड़, भूपेंद्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय को 6.97 करोड़, तिलका मांझी भागलपुर विश्वविद्यालय को 11.42 करोड़, कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालय को 5.26 करोड़, मौलाना मजहरूल हक अरबी एवं फारसी विश्वविद्यालय को 0.69 करोड़, पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय को 20.85 करोड़, पूर्णियां विश्वविद्यालय को 5.23 करोड़ और मुंगेर विश्वविद्यालय को 2.84 करोड़ रुपये वेतन मद में राशि जारी की गई है। उच्च शिक्षा निदेशक प्रो. एनके अग्रवाल ने बताया कि नवंबर के वेतन की राशि के साथ ही 58 फीसदी डीए की राशि भी विमुक्त किया गया है।

जन्मदिन पर जीनत अमान की अपील: जलवायु संकट को हल्के में न लें

मुंबई बॉलीवुड की दिग्‍गज एक्‍ट्रेस जीनत अमान 19 नवंबर को 74 साल की हो गई हैं। एक मॉडल से एक्‍ट्रेस बनीं जीनत, अपने दौर की सुपरस्‍टार और सबसे महंगी एक्‍ट्रेस रही हैं। साल 1970 में फेमिना मिस इंडिया और मिस एशिया पैसिफिक इंटरनेशनल का ताज जीतने वाली जीनत इसी साल ओटीटी पर रिलीज वेब सीरीज 'द रॉयल्‍स' में नजर आई थीं। फिल्‍मों से इतर दिग्‍गज एक्‍ट्रेस पर्यावरण और जलवायु संकट जैसे मुद्दों पर भी अपनी बेबाक राय रखती हैं। वह कहती हैं कि आज भी कई लोग जलवायु परिवर्तन को गंभीरता से नहीं लेते या उसे नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन अब ऐसा करने का समय नहीं बचा है। इसकी मार हमारी हवा, पानी और मौसम, हर जगह दिख रही है। बीते दिनों भारत मंडपम में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में 70 के दशक की प्रतिष्ठित अभिनेत्री जीनत अमान ने पर्यावरण के मुद्दे पर खुलकर बात की। वह मोबियस फाउंडेशन और वॉर्नर ब्रदर्स डिस्कवरी की 10-एपिसोड वाली डॉक्यूमेंटरी सीरीज 'Embers of Hope: The Fight for Our Future' की नैरेटर हैं। उनका कहना है कि यह सीरीज सिर्फ जानकारी देने वाली फिल्म नहीं, बल्कि सोच बदलने वाला आंदोलन है। 'जलवायु परिवर्तन अब अनदेखा नहीं' जीनत अमान ने कहा, 'जलवायु संकट कोई दूर की बात नहीं है। इसका असर हमारी रोजमर्रा की जिंदगी- हवा, पानी, तापमान – सब पर दिख रहा है। हिमालय में ग्लेशियर तेजी से पिघल रहे हैं और तटीय शहरों को बड़ा खतरा है। गंगोत्री ग्लेशियर हर साल लगभग 18 मीटर पीछे हट रहा है, जबकि वैज्ञानिक चेतावनी देते हैं कि 2040 तक मुंबई का करीब 10% हिस्सा समुद्र में डूब सकता है।' अब दर्शक नहीं, बदलाव में सहभागी बनना होगा युवाओं को संबोधित करते हुए जीनत आगे कहती हैं, 'सिर्फ देखने से कुछ नहीं होगा। अब वक्त है बदलाव का हिस्सा बनने का। छोटे-छोटे कदम भी बड़ा असर डाल सकते हैं। इसमें पेड़ लगाना, प्लास्टिक का उपयोग कम करना, ऊर्जा बचाना, पर्यावरण-अनुकूल आदतें अपनाना जरूरी है। हमें यह सोचना होगा कि हम आने वाली पीढ़ियों के लिए कैसी दुनिया छोड़ रहे हैं।' अपनी डॉक्यूमेंट्री को लेकर उन्होंने दोहराया कि यह सिर्फ जानकारी देने वाला प्रोजेक्ट नहीं, बल्कि सोच और व्यवहार बदलने वाला आंदोलन है। कंपनियों की भी जिम्मेदारी जीनत अमान ने कहा कि सिर्फ आम लोगों नहीं, बल्कि कंपनियों को भी सस्‍टेनेबिलिटी को अपनी योजनाओं में शामिल करना चाहिए। इससे ब्रांड पर विश्वास बढ़ता है और नए अवसर भी मिलते हैं। वह कहती हैं, 'जागरूकता ही असली बदलाव ला सकती है। विजुअल मीडियम लोगों को ज्यादा तेजी से प्रभावित करता है, इसलिए ऐसी डॉक्यूमेंट्री जरूरी हैं ताकि हर उम्र के लोग जलवायु संकट की गंभीरता को समझ सकें।'

चोरी गया ट्रक मिला: बिहार भेजने की साजिश में शामिल गिरोह पकड़ा गया

दुमका झारखंड के दुमका जिले के सरैयाहाट के पास से पुलिस ने लोहे की छड़ से लदे एक लापता ट्रक को बरामद कर लिया है। एक अधिकारी ने  यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि 16 नवंबर को गिरिडीह जिले से ट्रक चालक का शव बरामद कर लिया गया था। बगोदर के थाना प्रभारी विनय कुमार यादव ने बताया कि उन्हें 16 नवंबर की रात को 25 वर्षीय एक अज्ञात व्यक्ति का शव मिला था। यादव ने कहा, "दुमका में ट्रक की बरामदगी के बाद ही ट्रक चालक की पहचान से जुड़ा सुराग मिलना संभव हो पाया है। चालक की पहचान बिहार के खगड़िया जिले के रहने वाले धीरज कुमार के रूप में हुई है।'' उन्होंने कहा, ‘‘हम इस घटना की जांच कर रहे हैं। अपराधियों ने लोहे की छड़ों से लदे ट्रक को गायब करने के इरादे से शायद चालक की हत्या की होगी, लेकिन पकड़े जाने के डर से उन्हें दुमका में ट्रक को लावारिस छोड़ना पड़ा।" पुलिस अधिकारी ने बताया कि ट्रक मालिक रणजीत रॉय ने उन्हें बताया कि 15 नवंबर को रानीगंज में ट्रक में सामान लादा गया था और घटना के समय वह उत्तर प्रदेश के बनारस जा रहा था। ट्रक मालिक पश्चिम बंगाल के पश्चिम बर्धमान जिले के रहने वाले हैं। ट्रक मालिक ने यह भी दावा किया कि 16 नवंबर को चालक का मोबाइल बंद पाए जाने के बाद से उनका उससे संपर्क टूट गया था। सरैयाहाट थाने के प्रभारी जय प्रकाश दास ने बताया कि रॉय ने ट्रक में लगे जीपीएस की मदद से ट्रक का पता लगाया, जिसके बाद वह सरैयाहाट के एनएच-133 पर भलुआ मोड़ पहुंचे, जहां उन्हें ट्रक लावारिस पड़ा मिला। दास ने कहा, "ट्रक मालिक ने हमसे संपर्क किया। हमने ट्रक को जब्त कर बगोदर पुलिस से संपर्क किया, जिन्होंने हमें चालक के शव की बरामदगी के बारे में सूचित किया। इस संबंध में बगोदर पुलिस थाने में एक मामला दर्ज किया गया है। हम ट्रक को बगोदर पुलिस को सौंप देंगे।" पुलिस सूत्रों ने बताया कि अपराधियों ने चालक की हत्या कर ट्रक को बगोदर से बिहार ले जाने की योजना बनाई थी।

हलफनामे पर उठे सवाल: कसबा विधानसभा में नया राजनीतिक बवाल

पूर्णिया पूर्णिया जिले के 058-कसबा विधानसभा क्षेत्र में चुनावी हलचल के बीच एनडीए उम्मीदवार और नव निर्वाचित विधायक नितेश कुमार सिंह के लिए नई मुश्किल खड़ी हो गई है। उनके चुनावी हलफनामे में कथित तौर पर गलत या अधूरी जानकारी दिए जाने को लेकर एक गंभीर शिकायत दर्ज की गई है, जिसके बाद प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई शुरू कर दी है। भूभूमि सुधार उप समाहर्ता सह 58-कसबा की निर्वाची पदाधिकारी प्रीति कुमारी ने शिकायत की गंभीरता को देखते हुए इसे तात्कालिक प्रभाव से उप निर्वाचन पदाधिकारी, पूर्णिया को विस्तृत जांच के लिए अग्रसारित कर दिया है। डीसीएलआर कार्यालय द्वारा 12 नवंबर को जारी पत्रांक-87 में उप निर्वाचन पदाधिकारी को स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि वे शिकायत पर गहन जांच करते हुए निष्कर्ष के आधार पर विधिसम्मत कार्रवाई सुनिश्चित करें। इस पूरे मामले पर विधायक नितेश कुमार सिंह ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “हमें इस शिकायत की जानकारी नहीं थी। एक एप्लीकेशन आया जिसमें कहा गया कि कुछ डिटेल्स पर्याप्त नहीं हैं। हम अपने हलफनामे में दी गई सभी जानकारी पर पूरी तरह आश्वस्त हैं, इसलिए चिंता की कोई बात नहीं है।” यह शिकायत जिला अधिवक्ता संघ, पूर्णिया के अधिवक्ता अनिल कुमार झा द्वारा दर्ज कराई गई है। हालांकि शिकायत के विस्तृत बिंदु सार्वजनिक नहीं किए गए हैं, लेकिन पत्र के विषय से स्पष्ट होता है कि यह मामला नितेश कुमार सिंह के नामांकन के साथ संलग्न शपथ पत्र में दी गई सूचनाओं की सत्यता से जुड़ा है। सूत्रों के अनुसार, जांच में हलफनामे में अंकित संपत्ति, देनदारियों या आपराधिक विवरण जैसी जानकारियों की सत्यता की पुष्टि की जाएगी। जांच रिपोर्ट के परिणाम का कसबा सीट की चुनावी राजनीति पर सीधा असर पड़ सकता है।

मीटिंग में विवाद के नारे, तेजस्वी यादव ने संजय यादव का लिया पक्ष—जानें क्या कहा

पटना  बिहार विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद हालात ऐसे हैं कि भाजपा और जेडीयू की जोरदार जीत से ज्यादा आरजेडी की हार के चर्चे हैं। खासतौर पर तेजस्वी यादव और उनके दो करीबियों संजय यादव और रमीज नेमत खान को लेकर तमाम सवाल उठ रहे हैं। तेजस्वी की बहन रोहिणी आचार्य समेत पार्टी के कई लोगों ने संजय यादव और रमीज को लेकर सवाल उठाए हैं। आरोप हैं कि संजय यादव की सलाह पर ही तेजस्वी सारे फैसले लेते हैं और पार्टी के काडर एवं पुराने नेताओं को नजरअंदाज किया जा रहा है। इस बीच सोमवार को जब हार की समीक्षा और विधायक दल के नेता के चुनाव के लिए तेजस्वी यादव के आवास पर मीटिंग हुई, तब भी यह मसला उठा। पटना के 1, पोलो रोड स्थित तेजस्वी के आवास पर मीटिंग से पहले आरजेडी के कुछ कार्यकर्ताओं ने राज्यसभा सांसद संजय यादव के खिलाफ नारेबाजी भी की। संजय यादव हरियाणा जाओ के नारे लगे। इस बीच जब मीटिंग शुरू हुई तो संजय यादव का बचाव करने के लिए तेजस्वी खुद आगे आए। अपने करीबी पर लगातार हो रहे हमलों को लेकर तेजस्वी यादव ने कहा कि संजय ने बहुत मेहनत की है। उन्होंने कहा कि संजय यादव ने पार्टी के लिए जितना मेहनत किया, वह हम जानते हैं। दूसरे लोग इस बारे में नहीं जानते। इस दौरान संजय यादव भी मौजूद थे और सभी नेता चुपचाप सुनते रहे। आरजेडी की यह मीटिंग भी कम घटनाक्रम वाली नहीं रही। तेजस्वी यादव ने तो भावुक होकर खुद के विधायक दल का नेता ना बनने तक का प्रस्ताव रख दिया था। उनका कहना था कि यदि आप लोगों को लगता है कि कोई और नेता पार्टी के हितों के लिए ज्यादा बेहतर होगा तो उसे ही चुन लिया जाए। इस पर लालू यादव ने खुद दखल दिया और विधायकों से उन्हें मनाने के लिए कहा। यही नहीं लालू यादव ने इस दौरान परिवार में उपजे विवाद को भी निपटाने की बात कही। उन्होंने विधायकों से कहा कि आप लोग पार्टी को मजबूत करने के लिए प्रयास करें। परिवार के विवाद आंतरिक मसले हैं और इन्हें हम खत्म कर लेंगे। गौरतलब है कि संजय यादव हरियाणा के रहने वाले हैं, वहीं रमीज नेमत खान यूपी के बलरामपुर के हैं। आरोप है कि तेजस्वी यादव इन्हीं सलाहकारों से घिरे हुए हैं और पार्टी के अन्य अहम लोगों से दूर हो गए हैं। इसके अलावा टिकट बंटवारे में भी इन्हीं लोगों की सलाह पर काम करने का आरोप है। ऐसे में अब जब नतीजे विपरीत आए हैं तो तेजस्वी के दोनों सलाहकार विरोधियों के निशाने पर हैं।  

रांची बिरसा मुंडा कारागार: HC ने सरकार को 48 घंटे में जेल अधीक्षक बहाल करने का आदेश दिया

रांची झारखंड उच्च न्यायालय ने बीते मंगलवार को राज्य सरकार को होटवार स्थित बिरसा मुंडा केंद्रीय कारागार के प्रबंधन के लिए तत्काल एक नियमित अधीक्षक की नियुक्ति करने का निर्देश दिया। मुख्य न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान और न्यायमूर्ति राजेश शंकर की खंडपीठ मीडिया के एक वर्ग में हाल ही में प्रकाशित खबरों पर स्वत: संज्ञान लेते हुए शुरू की गई एक जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही थी। इन खबरों में जेल परिसर में दो विचाराधीन कैदियों के “एक हॉल के अंदर नाचने” का जिक्र था, जिसका वीडियो व्यापक रूप से प्रसारित हुआ था। अदालत ने सरकार को यह भी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि मोबाइल फोन, चार्जर, मादक पदार्थ आदि जेल परिसर में नहीं पहुंच सकें। पीठ ने जिला प्रशासन के साथ-साथ झारखंड विधिक सेवा प्राधिकरण (झालसा) के अधिकारियों को जेल के अंदर नियमित अंतराल पर औचक निरीक्षण करने को कहा। इस मामले में अगली सुनवाई पांच जनवरी 2026 को होगी। ये विचाराधीन कैदी शराब घोटाले में कथित संलिप्तता को लेकर हिरासत में हैं। आईजी (जेल) सुदर्शन मंडल ने 12 नवंबर को खबर प्रकाशित होने के तुरंत बाद बिरसा मुंडा केंद्रीय कारागार के सहायक जेलर देवनाथ राम और वार्डर बिनोद यादव को कर्तव्य में लापरवाही के लिए निलंबित कर दिया था।

JDU ने नीतीश को चुना नेता, कल शपथ समारोह में PM मोदी भी रहेंगे मौजूद

पटना जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के विधायकों ने एक बार फिर से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को विधानमंडल दल का नेता चुन लिया है। सीएम आवास पर जदयू की बैठक में उन्हें नेता चुना गया। शाम 3.30 बजे राष्ट्रीय जनातंत्रिक गठबंधन (एनडीए) के विधायक दल का नेता चुने जाने के बाद नीतीश राजभवन जाकर सरकार बनाने का पेश करेंगे। एनडीए को बिहार चुनाव में दो तिहाई से भी ज्यादा बहुमत मिला है। विधानसभा की लगभग 83 फीसदी सीटों पर एनडीए के 202 विधायक बैठे नजर आएंगे। नीतीश गुरुवार को गांधी मैदान में शपथ लेंगे और उनके साथ कल गठबंधन के पांच दलों के लगभग डेढ़ दर्जन मंत्री शपथ ले सकते हैं। पीएम नरेंद्र मोदी शपथ समारोह में शामिल होने कल सुबह 11 बजे पटना पहुंच रहे हैं। विधानसभा में एनडीए गठबंधन के सबसे बड़े दल भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के विधायकों की बैठक में सम्राट चौधरी को विधानमंडल दल का नेता और विजय कुमार सिन्हा को उप-नेता चुना गया है। यानी दोनों नीतीश की नई सरकार में डिप्टी सीएम बने रहेंगे। सम्राट चौधरी का कद और प्रभाव पहले की तरह ज्यादा रहेगा। बिहार बीजेपी दफ्तर में विधानमंडल दल की बैठक के बाद इस चुनाव के पर्यवेक्षक और यूपी के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने सम्राट चौधरी और विजय सिन्हा के नेता और उपनेता चुने जाने का ऐलान किया। नीतीश कुमार बिहार में साल 2000 में चुनाव के बाद हफ्ते भर के लिए पहली बार मुख्यमंत्री बने थे लेकिन बाद में वह सरकार गिर गई। 2005 में नीतीश बहुमत के साथ एनडीए सरकार का दूसरी बार मुखिया बने। उसके 8 साल से ऊपर लगातार सीएम रहे लेकिन 2014 के लोकसभा चुनाव से पहले उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) से नाता तोड़ लिया था। लोकसभा चुनाव में जेडीयू की हार के बाद उन्होंने सीएम पद की कुर्सी छोड़ दी और जीतनराम मांझी को कुछ समय के लिए पद पर बिठाया। इसके बाद मांझी को हटाकर नीतीश चौथी बार महागठबंधन सरकार के सीएम बने। फिर 2022 में नीतीश एक बार और महागठबंधन के साथ हो गए, लेकिन 2024 में फिर एनडीए से मिल गए। नीतीश की यह दसवीं सरकार होगी, लेकिन एनडीए की आठवीं सरकार होगी।