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लालू परिवार में उथल-पुथल: रोहिणी समेत तीन बेटियों ने घर छोड़ा, विवाद बढ़ा

पटना  बिहार की फर्स्ट फैमिली यानी लालू यादव-राबड़ी देवी के परिवार में मचा भूचाल थमने का नाम नहीं ले रहा है. पिता लालू यादव को किडनी डोनेट करने वाली बेटी रोहिणी आचार्य के घर छोड़ने के बाद उनकी तीन अन्य बहनों रागिनी, चंदा और राजलक्ष्मी ने भी अपने माता-पिता का घर छोड़ दिया है. रोहिणी ने शनिवार शाम में एक्स पर एक पोस्ट कर तहलका मचा दिया था. उन्होंने पोस्ट में लिखा था कि उनको सवाल पूछे जाने के कारण चप्पल से मारने की कोशिश की गई. उनको गालियां दी गईं. उनको घर से निकाल दिया गया. इसके बाद रविवार को भी उन्होंने कई पोस्ट किया किए. उन्होंने तेजस्वी यादव और उनके करीबियों संजय यादव- रमीज खान पर गंभीर आरोप भी लगाए. रोहिणी ने  यह भी कहा कि उन्होंने अपने पति और ससुराल की राय लिए बिना अपने पिता को अपनी किडनी दान की लेकिन, अब उनको अफसोस हो रहा है. उन्होंने कहा कि उनको गंदी महिला कहा गया और अपनी गंदी किडनी पिता को देने की बात कही गई. रोहिणी ने ये सारी बातें अपने छोटे भाई तेजस्वी यादव को निशाना बनाकर कही. रोहिणी ने आगे कहा कि वह कहना चाहती है कि किसी भी बेटी को शादी के बाद अपने ससुराल और अपने परिवार पर ध्यान देना चाहिए. पार्टी पर कब्जे की कवायद इस पूरे विवाद में लालू यादव के बड़े बेटे तेजप्रताप ने भी कूद पड़े है. वह अपनी बहन के अपमान को बर्दास्त नहीं करने की बात कह रहे हैं. तेजप्रताप को पहले ही परिवार से बाहर कर दिया गया है. जानकार बताते हैं कि परिवार में भाई-बहनों के बीच विवाद की मुख्य वजह राजद की कमान लेने को लेकर है.  बिहार चुनाव में बुरी हार के बाद तेजस्वी यादव अपने आलोचकों के साथ-साथ परिवार में भी निशाने पर हैं. इस चुनाव में राजद सिमटकर केवल 25 सीटों पर आ गई है. पूरा महागठबंधन 35 सीटों पर सिमट गया है.

तेज शीतलहर का कहर: झारखंड में ठंड से जनजीवन प्रभावित

रांची झारखंड के कई जिलों में पहाड़ों से आने वाली उत्तर वेग वाली ठंडी हवाओं ने मौसम को अचानक से और ज्यादा ठंडा कर दिया है। रांची के मैक्लुस्कीगंज में पारा 6 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया है, जो इस मौसम का सबसे न्यूनतम तापमान माना जा रहा है। गुमला में भी न्यूनतम तापमान 6.2 डिग्री दर्ज किया गया है। पिछले 24 घंटों के दौरान राज्य के कई जिलों में तापमान में लगभग 7 डिग्री तक गिरावट आई है जिससे गरीब, बुजुर्ग व बच्चे खासकर सचेत रहने की जरूरत है। मौसम विभाग ने रांची, रामगढ़, बोकारो, गढ़वा, पलामू, चतरा, हजारीबाग, लातेहार, लोहरदगा, गुमला, खूंटी और सिमडेगा जिलों में शीतलहर की संभावना को देखते हुए यलो अलर्ट जारी किया है। विभाग ने चेताया है कि इन इलाकों में सुबह और रात के समय ठंड और अधिक कड़क रहेगी, जबकि दिन के दौरान मौसम में हल्की धूप के कारण शुष्क हालात रहेंगे। रांची का न्यूनतम तापमान 11 डिग्री से गिरकर करीब 9 डिग्री के आसपास रहने की संभावना है। राज्य के अन्य जिलों में डालटनगंज 9.1 डिग्री, बोकारो 9.6 डिग्री, हजारीबाग 9.3 डिग्री, लोहरदगा 8.6 डिग्री, खूंटी 7.7 डिग्री और सिमडेगा 8 डिग्री तक तापमान पहुंच गया है। पूरे राज्य में ठंडी हवा की रफ्तार बनी रहेगी मौसम विभाग के अनुसार बोकारो में 7 डिग्री, गुमला में 6.2 डिग्री, डालटनगंज में 6 डिग्री और जमशेदपुर में 4 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई है। डॉक्टर ने लोगों से विशेष रूप से बच्चों, बुजुर्गों और रोगग्रस्तों को ठंड से बचाव के लिए गर्म कपड़े पहनने और सुबह-शाम बाहर निकलते समय सावधानी बरतने के निर्देश दिए हैं। तेज ठंड से स्वास्थ्य प्रभावित हो सकता है इसलिए अलाव या हीटर का इस्तेमाल करने और पौष्टिक आहार लेने की सलाह दी गई है। मौसम विभाग ने अलर्ट जारी करते हुए अगले 24 घंटों में ठंड के और बढ़ने की संभावना जताई है। पूरे राज्य में ठंडी हवा की रफ्तार बनी रहेगी, जिससे ठंड का कड़ापन और बढ़ जाएगा। ऐसे में लोगों से आग्रह है कि वह ठंड से बचाव के लिए उचित तैयारी रखें।  

बिहार की राजनीति में हलचल बढ़ी, NDA जल्द करेगा विधायक दल की बैठक

पटना बिहार में चुनावी नतीजों के बाद नई सरकार के गठन को लेकर हलचल तेज हो गई है। जल्द ही NDA विधायक दल की बैठक होगी। सुत्रों ने अनुसार, कल जदयू विधायक दल की बैठक होने वाली है। उम्मीद है कि जदयू की बैठक में नीतीश कुमार को विधायक दल का नेता चुना जाएगा, जिसके बाद सरकार गठन की प्रक्रिया रफ्तार पकड़ लेगी। वहीं दूसरी तरफ BJP की बैठक भी कल होने की संभावना है। इस बैठक में मंत्री पदों का फॉर्मूला, डिप्टी सीएम का चयन, पर अंतिम चर्चा होगी।   20 नवंबर को मुख्यमंत्री पद की शपथ ले सकते हैं नीतीश सीएम हाउस सूत्रों के मुताबिक, 17 नवंबर को नीतीश कुमार राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंपेंगे। इसी दिन वे नई सरकार बनाने का दावा भी पेश कर सकते हैं। सूत्रों के अनुसार, 20 नवंबर को नीतीश कुमार 10वीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ले सकते हैं। खबर है कि JDU के 11नेता मंत्री पद की शपथ ले सकते हैं। कुल मिलाकर करीब 18 मंत्री शपथ लेंगे।

चिराग पासवान का बड़ा बयान: NDA ने बढ़ाई रफ्तार, 22 नवंबर से पहले नई सरकार तय!

पटना  बिहार विधानसभा चुनाव 2025 (Bihar Election Result 2025) में प्रचंड बहुमत हासिल करने के बाद एनडीए गठबंधन अब नई सरकार बनाने की प्रक्रिया में तेजी से आगे बढ़ रहा है। केंद्रीय मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के प्रमुख चिराग पासवान ने संकेत दिए हैं कि 22 नवंबर से पहले नई सरकार का गठन पूरा कर लिया जाएगा। चिराग बोले- आज या कल तैयार हो जाएगा खाका मीडिया से बातचीत में चिराग पासवान ने कहा कि सरकार गठन को लेकर चर्चा जारी है और बहुत जल्द इसकी तस्वीर साफ हो जाएगी। उन्होंने कहा, मुझे लगता है कि आज रात तक मैं वरिष्ठ केंद्रीय मंत्रियों से बात करूंगा। आज या कल तक सरकार का खाका तैयार हो जाएगा। हमें 22 नवंबर से पहले सरकार बनानी है और इस पर काम तेजी से चल रहा है।”   मौजूदा विधानसभा का कार्यकाल 22 नवंबर को खत्म होने वाला यह बयान ऐसे समय में आया है जब मौजूदा बिहार विधानसभा का कार्यकाल 22 नवंबर 2025 को समाप्त हो रहा है। NDA नए प्रशासन की रूपरेखा उसी समयसीमा से पहले तय करना चाहता है। 243 में 202 सीटें, NDA की प्रचंड जीत चुनाव परिणामों में एनडीए ने 243 सीटों वाली विधानसभा में 202 सीटें जीतकर शानदार रिकॉर्ड बनाया। भाजपा: 89 सीटें जदयू: 85 सीटें एलजेपी (रामविलास): 19 सीटें हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (से): 5 सीटें राष्ट्रीय लोक मोर्चा: 4 सीटें महागठबंधन का खराब प्रदर्शन विपक्षी महागठबंधन इस चुनाव में बेहद कमजोर साबित हुआ और उसे केवल 35 सीटें मिलीं। राजद: 25 कांग्रेस: 6 भाकपा (माले) (एल): 2 भारतीय समावेशी पार्टी: 1 माकपा: 1 अन्य दलों का प्रदर्शन AIMIM ने 5 सीटें जीतीं बहुजन समाज पार्टी को 1 सीट मिली प्रशांत किशोर की जनसुराज पार्टी अपना खाता तक नहीं खोल सकी। 

तेज प्रताप का आक्रोश फूटा: बहन के सम्मान पर बोले—अब होगा बड़ा संघर्ष

पटना राजद सुप्रीमो सीएम लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव ने बहन रोहिणी आचार्य से जुड़े विवाद पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक भावुक पोस्ट शेयर किया है। उन्होंने कहा कि मेरी बहन का अपमान किसी भी हाल में असहनीय है। सुन लो जयचंदों परिवार पर वार करोगे तो बिहार की जनता तुम्हें कभी माफ नहीं करेगी। तेज प्रताप यादव ने राजद प्रमुख लालू यादव से आग्रह करते हुए कहा कि आपका केवल एक इशारा और बिहार की जनता इन जयचंदों को जमीन में खुद गाड़ देगी। बिहार विधानसभा चुनाव में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) की करारी हार के बाद लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने भाई तेजस्वी यादव पर कई गंभीर आरोप लगाए। रोहिणी ने बताया है कि उन्हें पीटने के लिए चप्पल तक उठाई गई। रोहिणी के आरोप पर भाई तेज प्रताप ने सोशल मीडिया के माध्यम से जवाब दिया है। जनता दल जनता (जेजेडी) प्रमुख तेज प्रताप ने अपने पार्टी के इंस्टाग्राम हैंडल पर लिखा, ''कल की घटना ने दिल को भीतर तक झकझोर दिया है। मेरे साथ जो हुआ, वह मैं सह गया, लेकिन मेरी बहन के साथ जो अपमान हुआ, वह किसी भी हाल में असहनीय है। सुन लो जयचंदोंपरिवार पर वार करोगे तो बिहार की जनता तुम्हें कभी माफ नहीं करेगी।" उन्होंने लिखा, "जबसे मेरी रोहिणी बहन के चप्पल उठाने की खबर सुनी, दिल की आहत अब अग्नि बन चुकी है। जब जनमानस की भावनाएं आहत होती हैं तो बुद्धि पर पड़ी धूल उड़ जाती है। इन चंद चेहरों ने तेजस्वी की भी बुद्धि पर परदा डाल दिया है। इस अन्याय का परिणाम बेहद भयावह होगा। समय का लेखा-जोखा बड़ा कठोर है।" तेज प्रताप ने लिखा, "मैं माननीय आरजेडी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और मेरे पिता, मेरे राजनीतिक गुरु लालू प्रसाद जी से आग्रह करता हूं। पिता जी, एक संकेत दीजिए। आपका केवल एक इशारा और बिहार की जनता इन जयचंदों को जमीन में गाड़ देने का काम खुद कर देगी। यह लड़ाई किसी दल की नहीं, परिवार के सम्मान, बेटी की गरिमा और बिहार के स्वाभिमान की लड़ाई है।"

कैबिनेट विस्तार से पहले बड़ा खुलासा: डिप्टी CM के लिए तीन नाम, 18 नेताओं की एंट्री तय

पटना बिहार विधानसभा चुनाव में मिली प्रचंड जीत के बाद राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) अब सरकार गठन की तैयारियों में जुट गया है। चुनाव नतीजों के बाद जेडीयू (JDU) और बीजेपी (BJP) दोनों पार्टियों में बैठकों का दौर जारी है। ऐसे संकेत मिल रहे हैं कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार  के एक बार फिर सत्ता संभाल सकते हैं। वहीं NDA के करीब 18 नेताओं का मंत्री बनना लगभग तय माना जा रहा है। जेडीयू ने कल विधायक दल की महत्वपूर्ण बैठक बुलाई है। उम्मीद है कि नीतीश कुमार को विधायक दल का नेता चुना जाएगा, जिसके बाद सरकार गठन की प्रक्रिया रफ्तार पकड़ लेगी। वहीं दूसरी तरफ BJP की बैठक भी कल होने की संभावना है। इस बैठक में मंत्री पदों का फॉर्मूला, डिप्टी सीएम का चयन, पर अंतिम चर्चा होगी। सरकार में JDU का कद बढ़ेगा, 11 मंत्री बन सकते हैं हालांकि 2025 के चुनाव में बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी बनी, परंतु नई सरकार में जेडीयू का कद और भी मजबूत होने वाला है। जानकारी के मुताबिक, 11 JDU नेता मंत्री पद की शपथ ले सकते हैं। कुल मिलाकर करीब 18 मंत्री शपथ लेंगे। वहीं डिप्टी मुख्यमंत्री पद के लिए बीजेपी में तीन नाम सबसे ज्यादा चर्चा में हैं- सम्राट चौधरी, रामकृपाल यादव, मंगल पांडे। इनमें से किसी एक को डिप्टी सीएम बनाया जा सकता है। आज नीतीश देंगे इस्तीफा, उसी दिन पेश होगा दावा सीएम हाउस सूत्रों के मुताबिक, आज नीतीश कुमार राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंपेंगे। इसी दिन वे नई सरकार बनाने का दावा भी पेश कर सकते हैं। सूत्रों के अनुसार, 20 नवंबर को नीतीश कुमार 10वीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ले सकते हैं। JDU और BJP कोटे से इन नेताओं का मंत्री बनना तय विजय चौधरी (JDU) सम्राट चौधरी (BJP) नितिन नवीन (BJP) बिजेंद्र यादव (JDU) श्रवण कुमार (JDU) मंगल पांडेय(BJP) अशोक चौधरी (JDU) लेसी सिंह (JDU) रामकृपाल यादव(BJP) जमा खान (JDU) मदन सहनी (JDU) रजनीश कुमार (BJP) जयंत राज (JDU) महेश्वर हजारी (JDU) संतोष निराला (JDU)

निशांत कुमार का बड़ा बयान: जनता का भरोसा फिर जीतेंगे नीतीश

पटना बिहार विधानसभा चुनाव में एनडीए की जीत के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के परिवार के सदस्यों की प्रतिक्रिया आई है। उन्होंने जीत का श्रेय मुख्यमंत्री के रूप में नीतीश कुमार की 20 साल की मेहनत को दिया और आशीर्वाद के लिए जनता का आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार ने रविवार को कहा, "यह बिहार की जनता का आशीर्वाद और समर्थन है। मेरे पिता ने पिछले 20 सालों में जो कड़ी मेहनत की है, उसका फल मिला है, इसके लिए जनता का धन्यवाद करते हैं।" उन्होंने कहा, "मैं बिहार की जनता का हृदय से आभार व्यक्त करता हूं कि उन्होंने एक बार फिर मेरे पिता पर भरोसा जताया और उन्हें यह जीत दिलाई। पूरी उम्मीद होगी कि पिताजी जनता के विश्वास पर खरा उतरें और पहले जो विकास किया है, उसको जारी रखें।" मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बड़े भाई सतीश कुमार ने आईएएनएस से कहा, "बहुत कुछ किया गया है, लेकिन अभी भी बहुत कुछ करना बाकी है। उनके दिमाग में सब कुछ योजनाबद्ध है, स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित हैं। वे बिहार के लिए और भी बहुत कुछ करेंगे। जब एक और कार्यकाल पूरा होगा, तो आप बिहार को चमकते हुए देखेंगे।" इससे पहले, बिहार चुनाव में जीत के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्य की जनता का आभार व्यक्त किया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भी उनसे मिले सहयोग के लिए धन्यवाद दिया। मुख्यमंत्री ने जनता को भरोसा दिया कि सबके सहयोग से बिहार और आगे बढ़ेगा व बिहार देश के सबसे ज्यादा विकसित राज्यों की श्रेणी में शामिल होगा। गौरतलब है कि 243 सदस्यी बिहार विधानसभा में एनडीए ने चुनाव के दौरान 202 सीटों पर जीत हासिल की। एनडीए के घटक दलों में शामिल भाजपा को सबसे अधिक 89 सीटें मिली, जबकि 85 सीटें जीतकर जदयू राज्य की दूसरी सबसे बड़ी पार्टी बनी। इसके अलावा, लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) को 19, हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा को पांच और राष्ट्रीय लोक मोर्चा को चार सीटों पर विजय प्राप्त हुई।

चुनावी नतीजों पर खेसारी लाल यादव भावुक—कहा, ‘नेता बनने की चाह नहीं थी’

पटना बिहार चुनाव का परिणाम 14 नवंबर को आया और NDA को प्रचंड बहुमत मिला। अब नीतीश अपनी सरकार बनाने की तैयारी कर रहे हैं और विपक्षी खेमे में अफरा-तफरी मची हुई है। इसी बीच भोजपुरी के हीरो और छपरा से आरजेडी के उम्मीदवार खेसारी लाल यादव चुनाव में पटखनी खाने के बाद कह रहे हैं कि वह कभी नेता नहीं बनना चाहते थे। राजनीति की दुनिया सबसे अलग है। चुनाव लगभग 8 हजार वोटों से हारने के बाद खेसारी लाल यादव का सुर बदलते हुए दिखाई दे रहे हैं। वहीं चुनाव के पहले छपरा सीट को जीतने के लिए दनादन चुनाव प्रचार किए, जनता का समर्थन पाने के लिए एड़ी से चोटी तक का जोर लगा दिए। इतना ही नहीं प्रचार करने के दौरान अपने बयानबाजी से कई भोजपुरी कलाकारों से व्यक्तिगत विवाद भी कर लिए उसके बाद भी चुनाव जीतने में असफल रहे। मुझे नेता बनना ही नहीं था- खेसारी अब एक नीजी चैनल से बात करते हुए खेसारी लाल यादव ने कहा कि मैं नेता बनना ही नहीं चाहता था. मैं शुरू से चुनाव के विरोध में था. सच पूछिए तो मैं राजनीति में आना ही नहीं चाहता था। ना ही मैं जीवन में कभी नेता बन पाऊंगा, क्योंकि मैं दिमाग से कभी सोचता ही नहीं। मेरे जीवन मैं जो भी चीजें सोचता हूं दिल से सोचता हूं। और दिल से सोचने वाले लोग ऐसी जगह पर नहीं रह सकते। हार मिली तो भावुक हो गए खेसारी खेसारी लाल यादव को शायद उम्मीद नहीं थी की चुनावी परिणाम उनके पक्ष में नहीं होगा। इसलिए रिजल्ट आने के बाद वह भावुक हो गए थे। वीडियो में बात करते हुए वो अपने आंसू छिपाते हुए नजर आए, उन्होंने जनता का शुक्रिया अदा किया और कहा था कि- 'मैं हमेशा से एक बेटे की तरह आप लोगों के बीच में रहना चाहता था। और रहूंगा भी। आगे भी यही प्रयास करूंगा कि बेटे की तरह आपका प्यार और स्नेह लूं। हमने प्रयास किया। मेरी टीम और मुझसे जुड़े सारे लोगों ने बहुत मेहनत की. जीत हार अपनी जगह है। मेरे दिल और जुबान पर आप लोगों के लिए हमेशा सम्मान था और रहेगा।''  

बिहार कैबिनेट का संभावित फार्मूला: NDA में मंत्री पदों का बंटवारा कैसे होगा?

पटना  बिहार चुनाव में एनडीए ने भारी बहुमत हासिल किया है। एनडीए को 202 विधानसभा सीटों पर जीत मिली है तो विपक्षी महागठबंधन मात्र 35 सीटों पर सिमट गया है। अब सरकार गठन की कवायद तेज हो गई है। बिहार की नई एनडीए सरकार का स्वरूप कैसा होगा, किस दल से कितने मंत्री बनेंगे यह सवाल बिहार वासियों के मन में कौंध रहा है। सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के मुताबिक किस दल से कितने मंत्री होंगे इस पर मोटा मोटी सहमति बन गई है। हालांकि अंतिम समय में इसमे फेरबदल की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।   सूत्रों के हवाले से बताया है कि सीएम नीतीश कुमार के अलावे जेडीयू से 14+1 विधायक मंत्री बन सकते हैं। इसी प्रकार विधायकों की संख्या को देखते हुए बीजेपी के 15 से 16 विधायक मंत्री बन सकते हैं। चिराग पासवान की लोजपा आर के 3 मंत्री बनाए जाने की संभावना है। वहीं जीतनराम मांझी की हम और उपेंद्र कुशवाहा की रालोमो के एक विधायक मंत्री बन सकते हैं। उपेंद्र कुशवाहा की पत्नी स्नेह लता देवी और जीतनराम मांझी के पुत्र संतोष कुमार सुमन के मंत्री बनने की चर्चा हो रही है। जानकारी के अनुसार नीतीश मुख्यमंत्री बनेंगे और भाजपा से दो डिप्टी सीएम हो सकते हैं। उनकेे अलावा लोजपा से एक डिप्टी सीएम हो सकता है। बीजेपी के सम्राट चौधरी डिप्टी सीएम फिर से बन सकते हैं। लोजपा के 19 विधायक जीतकर आए हैंं। पार्टी चीफ और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान न सिर्फ इलेक्शन में ऐक्टिव रहे बल्कि अभी भी पटना में जमे हुए हैं। शनिवार को उन्होंने सीएम आवास जाकर नीतीश कुमार से मुलाकात की। डिप्टी सीएम के तौर पर विजय सिन्हा का पत्ता कट सकता है। जदयू से सीएम तो बीजेपी से विधानसभा स्पीकर होंगे। विजय सिन्हा को फिर से इसका जिम्मा मिल सकता है। 2020 में भी उन्हें स्पीकर बनाया गया था। इस बार के चुनाव में जदयू को 85 तो बीजेपी को 89 सीटें मिलीं। चिराग की लोजपा को 19, मांझी की हम को पांच तो उपेंद्र कुशवाहा की रालोमो से 4 सीटों पर सफलता मिली। विपक्ष में राजद के 25 तो कांग्रेस के 6 उम्मीदवार जीतकर आए। माले के तीन सीपीएम के के एक विधायक हैं। असदुद्दीन औवैसी की पार्टी एआईएमआईएम ने फिर से पांच सीटों पर जीत दर्ज करने में कामयाबी हासिल किया है तो मायावती कि बहुजन समाज पार्टी(बसपा) का एक उम्मीदवार जीतकर आया। मुकेश सहनी की वीआईपी और प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी का खाता भी नहीं खुला।  

नई विधानसभा में ‘करोड़पति और अपराधी’ का बोलबाला, आधे से अधिक विधायकों की धांधली भरी पृष्ठभूमि

पटना  बिहार की नई विधानसभा (Bihar election 2025) एक बार फिर राजनीतिक और सामाजिक विमर्श के केंद्र में है। एडीआर (एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स) और बिहार इलेक्शन वॉच का जारी ताजा विश्लेषण यह बताता है कि नई विधानसभा में जीतकर आए आधे से अधिक विधायक आपराधिक पृष्ठभूमि वाले हैं। वहीं मऔर उच्च शिक्षित विधायकों की संख्या भी रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है। 243 निर्वाचित विधायकों में 130 पर आपराधिक मामले 2025 के विधानसभा चुनाव में चुने गए 243 विधायकों में से 130 (53%) के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज हैं। यह संख्या 2020 की तुलना में 15 प्रतिशत कम है। पिछले चुनाव में 68 प्रतिशत (163 विधायक) के खिलाफ आपराधिक मुकदमे थे। इस बार 102 (42%) विधायक गंभीर धाराओं में आरोपी हैं, जबकि 2020 में यह आंकड़ा 51 प्रतिशत था। छह विजेताओं पर हत्या और 19 पर हत्या के प्रयास के मामले दर्ज हैं। नौ विधायकों ने महिलाओं के खिलाफ अपराध से जुड़े मामलों का उल्लेख अपने हलफनामे में किया है। किन दलों के कितने विधायक गंभीर मामलों में आरोपी?     भाजपा: 89 में 43 विधायक (48%)     जदयू: 85 में 23 (27%)     राजद: 25 में 14 (56%)     लोजपा (रामविलास): 19 में 10 (53%)     कांग्रेस: 6 में 3 (50%)     एआईएमआईएम: 5 में 4 (80%)     राष्ट्रीय लोक मोर्चा: 4 में 1 (25%)     भाकपा माले: 2 में 1 (50%)     माकपा, आइआइपी, बसपा: सभी के एक-एक विधायक गंभीर मामलों में आरोपी विधानसभा में 15 साल में 4 गुना बढ़ी करोड़पतियों की संख्या विधानसभा की आर्थिक तस्वीर भी चौंकाने वाली है। 243 में से 218 विधायक (90%) करोड़पति हैं। यह आंकड़ा पिछले विधानसभा (2020) के 81 प्रतिशत से काफी अधिक है। इस बार विजेता विधायकों की औसत घोषित संपत्ति 9.02 करोड़ तक पहुंच गई है, जो 2020 में मात्र 4.32 करोड़ थी। 2010 में सिर्फ 45 करोड़पति विधायक थे। अर्थात 15 साल में यह संख्या चार गुना से अधिक हो गई है।   कौन-से दल में सबसे अधिक अमीर विधायक?     राजद: 25 में 24 विधायक (96%)     जदयू: 85 में 78 (92%)     भाजपा: 89 में 77 (87%)     लोजपा-आर: 19 में 16 (84%)     हम: 5 में 4 (80%)     कांग्रेस, रालोमो, माकपा, आइआइपी, बसपा: सभी के सभी विधायक करोड़पति     भाकपा माले: 2 में 1 करोड़पति  धनबल और आपराधिक छवि अब भी प्रमुख कारक बने हुए हैं 2010 में विधायकों की औसत संपत्ति 82 लाख थी, जो 2015 में बढ़कर 3.02 करोड़ और अब 2025 में 9 करोड़ से भी ऊपर पहुंच गई है। नए विधायकों की प्रोफाइल स्पष्ट करती है कि बिहार की राजनीति में धनबल और आपराधिक छवि अब भी प्रमुख कारक बने हुए हैं। हालांकि आपराधिक मामलों में मामूली कमी दिखती है, लेकिन करोड़पतियों की बढ़ती संख्या चुनावी राजनीति की बदलती दिशा की ओर संकेत करती है। चुनावी सुधारों और पारदर्शिता पर बहस इस रिपोर्ट के बाद एक बार फिर तेज़ होना तय है।