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हजारीबाग में कुख्यात गैंगस्टर दानिश इकबाल गिरफ्तार

हजारीबाग झारखंड के हजारीबाग जिले में पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर रविवार की देर रात नगवा हवाई अड्डा के पास कुख्यात अपराधी दानिश इकबाल को गिरफ्तार कर एक बड़ी सफलता हासिल की है। 23 वर्षीय दानिश इकबाल बिहार के गया जिले के शेरघाटी थाना अंतर्गत रमना मोहल्ला का निवासी है और वह हत्या, रंगदारी, लूट, अपहरण, फिरौती तथा गोलीबारी जैसे संगीन अपराधों में सक्रिय रहा है। वह कई राज्यों की पुलिस की भी तलाश में था। पुलिस को सूचना मिली कि दानिश इकबाल अपने साथियों के साथ नगवा टोल प्लाजा के आसपास आने वाला है। थाना प्रभारी लोहसिंघना के नेतृत्व में सशस्त्र बल ने घेराबंदी कर दानिश को धर दबोचा। तलाशी में उसके पास से कई मोबाइल फोन, 11 सिम काडर्, फर्जी आधार और पैन काडर्, एक राउटर, नोटबुक व अन्य संदिग्ध सामान बरामद हुआ। आरोपी ने पूछताछ में अपने आपराधिक गिरोह की विस्तार से जानकारी दी। हजारीबाग एसपी अंजनी अंजन ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस बड़ी सफलता की जानकारी दी तथा कहा कि पुलिस अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रखेगी। पूछताछ के दौरान दानिश ने बताया कि वह उत्तम यादव, शक्ति गिरी उफर् साईको टाइगर, फोटो खान समेत 15-20 युवकों के साथ मिलकर संगठित अपराध करता है। उनका मुख्य काम विभिन्न कारोबारियों व कंपनियों से रंगदारी वसूलना है। पुलिस सूत्रों ने बताया कि दानिश दिसंबर 2024 में हजारीबाग के उदय साव हत्याकांड में शामिल था। इसके अलावा गया जिले के आमस में अनवर अली हत्या कांड, गुरुआ थाना क्षेत्र में भारत माला प्रोजेक्ट कैंप में मजदूरों पर हमला और 4 जनवरी 2025 को डॉ. तपेश्वर प्रसाद के क्लिनिक पर बम फेंकने का मामला भी उसके गिरोह की ओर से किया गया था। दानिश इकबाल पर गया, शेरघाटी, आमस, गुरुआ और हजारीबाग थानों में हत्या, रंगदारी, विस्फोटक अधिनियम और हथियार अधिनियम के तहत कई गंभीर मामले दर्ज हैं। पुलिस के मुताबिक यह गिरफ्तारी क्षेत्र में अपराध रोकने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इस छापेमारी को थाना प्रभारी लोहसिंघना और सशस्त्र बल की टीम ने अंजाम दिया।  

महुआ में ओवैसी बोले – बिहार की सरकार है जुल्मी और अन्यायपूर्ण

वैशाली एआईएमआईएम के राष्ट्रीय अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने वैशाली जिले के महुआ विधानसभा क्षेत्र में आयोजित जनसभा में बिहार की सियासी पार्टियों पर तीखा हमला किया और राज्य में दलित‑पिछड़ों के साथ होने वाले कथित अन्याय पर चिंता जताई। ओवैसी ने कहा कि बिहार में दलितों और वंचितों से इंसाफ छीना नहीं जा सकता और राज्य में चल रहे “आरएसएस एजेंडा” को विफल किया जाना चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या तेजस्वी यादव ओवैसी को रोकना चाहते हैं या बीजेपी को सफल बनाना चाहते हैं—यह निर्णय महुआ विधानसभा क्षेत्र की जनता को खुद लेना होगा। जनसभा में उन्होंने महुआ थाने से जुड़े एक विवादस्पद मामले का भी ज़िक्र किया। ओवैसी ने कहा कि 5 सितंबर को थाने में बंद एक कैदी (पहचान: नाजिर/नासिर साह) को राजापाकर थाने की पुलिस ने कथित रूप से बेवजह उठाकर ले जाया और मारपीट की गई। उनके अनुसार कैदी तीन दिन बाद शव के रूप में वापस आया। ओवैसी ने इस घटना को बिहार में शासकीय दोहरे मानकों का उदाहरण बताते हुए कड़ी प्रतिक्रिया की मांग की। उन्होंने कहा कि यदि मृतक का नाम नाजिर/नासिर साह था तो भी उसे न्याय और सुरक्षा मिलनी चाहिए थी, लेकिन सरकार और प्रशासन की नाकाफी प्रतिक्रिया इस बात का सबूत है कि सिस्टम कमजोर है। ओवैसी ने पूछा कि पुलिस ने कैसे किसी व्यक्ति को तीन दिन तक थाने में रखकर उसका जीवन प्रभावित होने दिया और इसे किसने सही ठहराया। ओवैसी ने मुख्यमंत्री और डीजीपी से इस मामले पर त्वरित कार्रवाई की मांग भी की। उन्होंने कहा कि कम से कम एसडीएम के नेतृत्व में एक स्वतंत्र जांच टीम गठित करके जिम्मेदारों की पहचान कर तत्काल सजा दी जानी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि यदि यहाँ न्याय नहीं मिलता तो जनता को अपने वोट के जरिए अपनी आवाज़ उठानी पड़ेगी। सभा में ओवैसी ने जनता से अपील की कि वे पुलिस‑प्रशासन और राजनीतिक नेतृत्व से जवाबदेही मांगें और अपने अधिकारों के लिए संगठित रहें। उन्होंने यह भी जोड़ा कि अगर अधिकारी न्याय नहीं कर सकेंगे तो अल्लाह ही न्याय देगा—फिर भी कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाई आवश्यक है।

दिनेश लाल यादव ‘निरहुआ’ व आम्रपाली दुबे के खिलाफ कानूनी कार्रवाई, जानें क्या है मामला?

मुजफ्फरपुर जफ्फरपुर जिले में भोजपुरी फिल्म स्टार और बीजेपी के आजमगढ़ सांसद दिनेश लाल यादव निरहुआ तथा अभिनेत्री आम्रपाली दुबे के खिलाफ सिविल कोर्ट में परिवाद दायर किया गया है। दोनों पर आरोप है कि उन्होंने मुजफ्फरपुर शहर में आयोजित एक मॉल के उद्घाटन समारोह के दौरान सड़क जाम की स्थिति पैदा कर दी, जिससे आम लोगों और मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। यह मामला सिविल कोर्ट के अधिवक्ता सुधीर कुमार ओझा द्वारा दर्ज कराया गया है। कोर्ट ने परिवाद को स्वीकार करते हुए मामले की सुनवाई की तिथि 18 अक्टूबर 2025 तय की है। दरअसल, 4 अक्टूबर को मुजफ्फरपुर शहर के काजी मोहम्मदपुर थाना क्षेत्र स्थित कलमबाग चौक के पास एक मॉल का उद्घाटन समारोह आयोजित किया गया था। इस कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि बीजेपी सांसद और भोजपुरी अभिनेता दिनेश लाल यादव निरहुआ तथा अभिनेत्री आम्रपाली दुबे को बुलाया गया था। जैसे ही दोनों स्टार मॉल उद्घाटन के लिए पहुंचे, उन्हें देखने के लिए हजारों की भीड़ उमड़ पड़ी। इस दौरान आयोजकों और दोनों कलाकारों के कारण सड़क जाम की स्थिति बन गई। इससे कई बीमार लोग और आम नागरिक घंटों फंसे रहे। यहां तक कि मरीजों को लेकर जा रही एंबुलेंसें भी ट्रैफिक जाम में फंस गईं। करीब एक घंटे तक लोगों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी। बाद में दोनों कलाकारों के कार्यक्रम स्थल से जाने के बाद स्थिति सामान्य हो सकी। घटना के बाद अधिवक्ता सुधीर कुमार ओझा ने इस पूरे मामले में मुजफ्फरपुर सिविल कोर्ट में अपराधिक परिवाद दर्ज कराया। परिवाद में निरहुआ और आम्रपाली दुबे के साथ-साथ तीन अन्य लोगों को भी आरोपी बनाया गया है। मामला भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 223, 189(6), 191(1), 190, 61(1), 280, 272, 298, और 199(बी) के तहत दर्ज किया गया है। परिवादी सह अधिवक्ता सुधीर कुमार ओझा ने कहा कि मॉल उद्घाटन का आयोजन “बेहद खतरनाक और जानलेवा” तरीके से किया गया था। उन्होंने कहा कि “इस तरह की स्थिति में तमिलनाडु जैसी भगदड़ की घटना भी हो सकती थी।” उन्होंने बताया कि उन्होंने कोर्ट में बीजेपी सांसद दिनेश लाल यादव निरहुआ, अभिनेत्री आम्रपाली दुबे, एसडीओ पूर्वी, और कार्यक्रम आयोजक के खिलाफ परिवाद दाखिल किया है। कोर्ट ने मामले को स्वीकार करते हुए 18 अक्टूबर 2025 को सुनवाई की तारीख तय कर दी है।

गया में जन सुराज नेता पर जानलेवा हमला, चुनावी माहौल हुआ तनावपूर्ण

गयाजी बिहार विधानसभा 2025 चुनाव की तारीखों की घोषणा के बाद से चुनावी हिंसा की घटनाएं बढ़ती जा रही हैं। इसी क्रम में गयाजी के जन सुराज नेता और नगर निगम पार्षद  गजेंद्र सिंह पर बाइक सवार अपराधियों ने गोलीबारी की घटना को अंजाम दिया। घटना में अपराधियों ने स्कॉर्पियो वाहन पर गोली चलाई, जिसमें एक गोली वाहन को लगी और दो गोलियां चूक गईं। हालांकि, नेता बाल-बाल बच गए। जानकारी के अनुसार,  गजेंद्र सिंह सोमवार की देर रात गयाजी शहर के चंदौती थाना क्षेत्र से अपने वाहन से लौट रहे थे। वे उस दौरान एक परिचित से मिलने गए थे। इसके बाद वह अपने आवास एपी कॉलनी लौट रहे थे। चंदौती रोड में, एलआईसी कार्यालय के पास, बाइक सवार अपराधियों ने अचानक गोलीबारी शुरू कर दी। गोलीबारी के दौरान  गजेंद्र सिंह ने वाहन को तेज रफ्तार में भगाया और रामपुर थाना पहुंचे। वहां उन्होंने पुलिस को पूरी घटना की जानकारी दी। रामपुर थाना की पुलिस ने FIR दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। थानाध्यक्ष दिनेश बहादुर सिंह ने बताया कि वारदात ऐसी जगह पर हुई है, जहां कोई CCTV कैमरा नहीं लगा हुआ था। पुलिस पूरे मामले की छानबीन कर रही है और जल्द ही अपराधियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाएगी। गजेंद्र सिंह वर्तमान में गयाजी नगर निगम के वार्ड पार्षद हैं। वे गयाजी टाउन विधानसभा क्षेत्र से जनसुराज पार्टी के संभावित प्रत्याशी भी माने जा रहे हैं। उन्होंने वारदात में शामिल अपराधियों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग उठाई है।

प्रियंका चतुर्वेदी बोलीं: ‘चुनाव नतीजे आने पर ही होगा असली फैसला’

पटना  शिवसेना यूबीटी की राज्यसभा सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने बिहार चुनाव से पहले IANS-Matrize के ओपिनियन पोल पर अपनी प्रतिक्रिया दी है. इस ओपिनियन पोल में एनडीए को बढ़त मिलती दिख रही है. बिहार में विधानसभा की 243 सीटे हैं. सरकार बनाने के लिए बहुमत का आंकड़ा 142 है. सर्वे के मुताबिक, बिहार में एनडीए की सरकार बन सकती है. लोकसभा सांसद प्रियंका चतुर्वेदी से जब इस ओपिनियन पोल पर प्रतिक्रिया मांगी गई तो उन्होंने कहा, "हर सर्वे प्रचंड बहुमत ही दिखाता है. जब इलेक्शन होता है और चुनाव नतीजे आते हैं तो उसमें बहुत अंतर होता है. जनता के मन में डाला जाता है कि जीत इन्हीं (एनडीए) की होनी है. लेकिन मैं जनता से यही कहूंगी कि ध्यान रखकर वोट करिएगा." प्रियंका चतुर्वेदी ने आगे कहा, "20-25 साल से किसकी सरकार रही है? पिछले 11 सालों से डबल इंजन की सरकार केंद्र में भी और राज्य में भी. सवा लाख करोड़ का आपने सिर्फ पैकेज देने का वादा किया और ठगा. इन सब बातों का ध्यान रखकर लोगों को वोट करना चाहिए."         बिहार में एक बार फिर एनडीए की सरकार बन सकती है.     विपक्ष गठबंधन को झटका लगता हुआ सर्वे के नतीजों में दिखाई दे रहा है.     एनडीए को 150-160 सीटें मिल सकती है.     महागठबंधन को 70 से 85 सीटें मिलने का अनुमान है.     एनडीए को 49 फीसदी और महागठबंधन को 36 फीसदी वोट मिलने का अनुमान है.     बीजेपी को 21 फीसदी, जेडीयू को 18 फीसदी, हम को 2 फीसदी, लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) को 6 फीसदी, उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी आरएलएम को 2 फीसदी वोट मिलने का अनुमान है.     आरजेडी को 21 फीसदी वोट, कांग्रेस को 8 फीसदी, सीपीएम (एमएल) को 4 फीसदी, सीपीआई को एक फीसदी, सीपीएम (मार्क्सवादी) को एक फीसदी और मुकेश सहनी को वीआईपी को एक फीसदी वोट मिलने का अनुमान है.     प्रशांत किशोर की पार्टी जनसुराज को 7 फीसदी, अन्य को 7 फीसदी और एआईएमआईएम को एक फीसदी वोट मिलने का अनुमान है.  

चुनाव में आचार संहिता लागू होते ही डीएम-एसपी के हाथ में आ जाती है ये विशेष शक्तियां

पटना   बिहार विधानसभा चुनाव का बिगुल बजने वाला है. आज शाम को 4 बजे चुनाव आयोग प्रेस कॉन्फ्रेंस करेगा. इस दौरान बिहार चुनाव की तारीखों का एलान किया जाएगा और इसी दौरान पता चलेगा कि आखिर चुनाव कितने चरणों में संपन्न होगा. चुनाव की तारीखों का एलान होते ही आचार संहिता लागू हो जाएगी. आचार संहिता के लागू होते ही जिला प्रशासन की भूमिका बेहद अहम हो जाती है. इस दौरान जिले के डीएम और एसपी के पास प्रशासनिक और कानूनी तौर पर कुछ एक्स्ट्रा पावर आ जाती हैं. इनका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना होता है कि चुनाव निष्पक्ष, शांतिपूर्ण और पारदर्शी ढंग से संपन्न हों. आचार संहिता के बाद डीएम की पावर आचार संहिता लागू होने के बाद सबसे पहले डीएम और एसपी सीधे तौर पर चुनाव आयोग के नियंत्रण में आ जाते हैं. यानी अब वे राज्य सरकार के नहीं, बल्कि आयोग के आदेशों के अनुसार काम करते हैं. डीएम जिले में मुख्य निर्वाचन अधिकारी के तौर पर काम करता है. उसे यह अधिकार मिल जाता है कि वह किसी भी सरकारी अधिकारी या कर्मचारी की ड्यूटी चुनाव कार्य के लिए लगा सकता है.  इसके अलावा, डीएम को यह पावर होती है कि वह आचार संहिता का उल्लंघन करने वाले किसी भी व्यक्ति, संगठन या राजनीतिक दल पर तुरंत कार्रवाई करा सके. प्रचार सामग्री जब्त करना, अवैध पोस्टर हटवाना, अनधिकृत रैलियों को रोकना यह सब डीएम और एसपी के अधिकार क्षेत्र में आता है. आचार संहिता के बाद एसपी की पावर एसपी की भूमिका भी इस दौरान बेहद जरूरी होती है. जिले की कानून-व्यवस्था की पूरी जिम्मेदारी उसी के पास होती है. आचार संहिता लागू होते ही वह पुलिस बल की तैनाती, पेट्रोलिंग, फ्लैग मार्च और संवेदनशील बूथों की सुरक्षा व्यवस्था खुद तय करता है. एसपी को यह अधिकार होता है कि वह किसी भी इलाके में धारा 144 लागू कर सके ताकि कोई राजनीतिक दल या व्यक्ति चुनावी माहौल बिगाड़ न सके.  दोनों अधिकारी यह सुनिश्चित करते हैं कि कोई सरकारी संसाधन चुनाव प्रचार में इस्तेमाल न हो. डीएम को यह भी अधिकार होता है कि वह किसी अधिकारी का ट्रांसफर या ड्यूटी बदलने की अनुशंसा चुनाव आयोग को कर सके, यदि उस पर किसी दल के पक्षपात का आरोप लगे. कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारी इसके साथ ही, किसी भी शिकायत या विवाद की स्थिति में डीएम को तुरंत जांच करने और रिपोर्ट आयोग को भेजने का निर्देश होता है. कुल मिलाकर, आचार संहिता लागू होते ही डीएम और एसपी के पास प्रशासनिक नियंत्रण, कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारी और चुनाव की निष्पक्षता बनाए रखने की पूरी ताकत होती है.

तीन दिन बाद बरामद: गोमिया की मुखिया सपना कुमारी रांची में मिलीं

रांची झारखंड के बोकारो जिले में पिछले 3 दिनों से लापता गोमिया प्रखंड के गुरुडीह पंचायत की मुखिया सपना कुमारी को रांची पुलिस की सहायता से बोकारो पुलिस ने रांची से सुरक्षित बरामद कर लिया है। सपना कुमारी के अचानक गायब होने से न केवल उनका परिवार बल्कि पूरे पंचायत क्षेत्र में बेचैनी और चिंता का माहौल था। ज्ञातव्य है कि 2 अक्टूबर को गांधी जयंती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में भाग लेने के बाद मुखिया सपना कुमारी अपने घर लौटी थीं। हालांकि, कुछ देर बाद ही वह घर से दोबारा बाहर निकल गईं और फिर वापस नहीं आईं। देर रात तक जब उनका कोई पता नहीं चला, तो परिजनों ने गोमिया थाना पहुंचकर उनकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराते हुए पुलिस से तत्काल कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू की। मुखिया की अंतिम बार देखी गई जगहों और मोबाइल लोकेशन के आधार पर सुराग जुटाए गए। जांच में पता चला कि सपना कुमारी संभवत: रांची में हैं। इसके बाद बोकारो पुलिस ने रांची पुलिस से सहयोग मांगा और संयुक्त अभियान चलाकर रांची से उन्हें सुरक्षित बरामद कर लिया गया। थाना प्रभारी ने बताया कि मुखिया सपना कुमारी पूरी तरह सुरक्षित हैं और उन्हें उनके परिजनों के पास भेज दिया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रारंभिक जांच में किसी आपराधिक साजिश के संकेत नहीं मिले हैं, लेकिन पुलिस हर पहलू पर गहराई से जांच कर रही है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि उनकी लापता होने के पीछे क्या कारण थे। स्थानीय ग्रामीणों ने पुलिस के त्वरित प्रयासों की सराहना करते हुए राहत की सांस ली है। कई लोगों ने इसे एक सुखद अंत बताया और मुखिया की सुरक्षित वापसी पर खुशी प्रकट की। फिलहाल पुलिस सपना कुमारी से बयान लेकर आगे की जांच की प्रक्रिया पूरी कर रही है, ताकि पूरे घटनाक्रम की वास्तविक तस्वीर सामने आ सके।  

पहले चरण के बिहार चुनाव: सीटों की संख्या, नामांकन तिथि और सभी अहम डिटेल्स

पटना बिहार में दो चरणों में चुनाव होंगे। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने इसकी घोषणा कर दी है।। 6 नवंबर को पहले चरण का मतदान होगा। पहले चरण में 121 सीटों पर वोट डाले जाएंगे। पहले चरण के लिए 10 अक्टूबर दिन शुक्रवार को गजट नोटिफिकेशन जारी होगा। वहीं, 17 अक्टूबर, दिन शुक्रवार नामांकन की आखिरी तारीख होगी। 18 अक्टूबर, दिन शनिवार को को नामांकन पत्रों की जांच की जाएगी। वहीं, 20 अक्टूबर, सोमवार उम्मीदवारों के नाम वापस लेने की आखिरी तारीख होगी। पहले चरण में इन जिलों में वोटिंग बिहार में चुनाव के पहले चरण में कुल 18 जिलों में वोटिंग होगी। इन जिलों में गोपालगंज, सीवान, बक्सर, सारण, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, सहरसा, मधेपुरा, खगड़िया, मुंगेर, लखीसराय, शेखपुरा, नालंदा, पटना, वैशाली, समस्तीपुर, बेगूसराय और भोजपुर जिले शामिल हैं। मुख्य चुनाव आयुक्त के अनुसार, राज्य में कुल मतदाताओं की संख्या 7.42 करोड़ है, जिनमें पुरुष मतदाता 3.92 करोड़ और महिला मतदाता 3.50 करोड़ हैं। कुमार ने बताया कि 14 लाख मतदाता बिहार विधानसभा चुनाव में पहली बार मतदान कर सकेंगे। बिहार की वर्तमान विधानसभा का कार्यकाल 22 नवंबर को समाप्त हो रहा है।  

घाटशिला उपचुनाव पर भाजपा की नज़र , मरांडी का बयान- यह सिर्फ चुनाव नहीं, यह राज्य की दिशा तय करेगा

रांची झारखंड के घाटशिला में होने वाले आगामी उपचुनाव को लेकर बीते रविवार को नेता प्रतिपक्ष और भाजपा के वरिष्ठ नेता बाबूलाल मरांडी घाटशिला पहुंचे, जहां उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ चुनावी रणनीति पर गहन मंथन किया। इस दौरान भाजपा के नवनियुक्त कार्यकारी अध्यक्ष आदित्य साहू भी मौजूद रहे। बैठक में विधानसभा स्तर के सभी वरिष्ठ कार्यकर्ता शामिल हुए और संगठन मजबूत करने की रूपरेखा तय की गई। बैठक को संबोधित करते हुए मरांडी ने कहा कि घाटशिला उपचुनाव झारखंड की जनता के लिए बेहद अहम है। यह चुनाव सिर्फ एक सीट की नहीं, बल्कि पूरे राज्य को अपराध, भ्रष्टाचार और लूट-खसोट से मुक्त करने की लड़ाई है। उन्होंने कहा कि भाजपा झारखंड को एक सुरक्षित और पारदर्शी शासन देने के लिए प्रतिबद्ध है और इसके लिए हर स्तर पर आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि अब समय आ गया है जब जनता को इन अव्यवस्थाओं के खिलाफ एकजुट होना होगा। मरांडी ने बताया कि भाजपा ने पंचायत स्तर से लेकर बूथ स्तर तक तैयारी शुरू कर दी है। घाटशिला के सभी सात मंडलों में पार्टी सम्मेलन आयोजित किए जाएंगे, ताकि हर कार्यकर्ता संगठन की मजबूती में अपनी भूमिका निभा सके। मरांडी ने कहा कि प्रत्येक कार्यकर्ता को बूथ स्तर पर जिम्मेदारी सौंपी जाएगी, जिससे चुनावी मशीनरी मजबूत बनेगी और घर-घर भाजपा का संदेश पहुंचेगा। उम्मीदवार चयन के सवाल पर मरांडी ने स्पष्ट किया कि भाजपा व्यक्ति आधारित नहीं, बल्कि विचार और संगठन आधारित पार्टी है। उन्होंने कहा कि उम्मीदवार का चयन पार्टी की केंद्रीय चुनाव समिति करेगी और एक बार उम्मीदवार घोषित होने के बाद सभी कार्यकर्ता उसकी जीत सुनिश्चित करने के लिए एकजुट होकर काम करेंगे। मरांडी ने दावा किया कि भाजपा की लड़ाई सत्ता की लालसा के लिए नहीं, बल्कि भ्रष्टाचारमुक्त, समृद्ध और सुरक्षित झारखंड की दिशा में नई शुरुआत के लिए है।  

हथियारों के साथ तीन शूटर पकड़े गए, सीतामढ़ी में कपूर झा गैंग पर पुलिस की बड़ी कार्रवाई

सीतामढ़ी  बिहार के सीतामढ़ी जिले में आज यानी सोमवार सुबह पुलिस और एसटीएफ ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कुख्यात कपूर झा गैंग के तीन शूटरों को गिरफ्तार किया है। मिली जानकारी के अनुसार, मुठभेड़ सोमवार तड़के करीब 4 बजे बाजपट्टी थाना क्षेत्र के जंगल इलाके में हुई है। बताया जा रहा है कि पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि कपूर झा गिरोह के कुछ सदस्य किसी बड़ी घटना को अंजाम देने की फिराक में है। उक्त सूचना के आलोक में त्वरित कार्रवाई करते हुए वरीय अधिकारियों के नेतृत्व में पुलिस और एसटीएफ की संयुक्त टीम गठित की गई। टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए बाजपट्टी थाना क्षेत्र में छापेमारी शुरू की। पुलिस को देखते हुए अपराधियों ने अंधाधुंध गोलाबारी शुरू कर दी। वहीं पुलिस ने भी आत्मरक्षा के लिए जवाबी फायरिंग की। दोनों ओर से कई राउंड फायरिंग की गई। इस मुठभेड़ में तीन अपराधी घायल हो गए, जिन्हें पुलिस ने मौके पर ही हथियारों के साथ गिरफ्तार कर लिया। वहीं कुछ अपराधी अंधेरे का फायदा उठाकर वहां से भाग निकले। पकड़े गए तीन शूटरों की पहचान राहुल झा, दीपक ठाकुर और लोहा सिंह के रुप में हुई है। पुलिस तीनों शूटरों को गिरफ्तार कर आगे की कार्रवाई में जुट गई है। बताया जा रहा है कि पकड़े गए अपराधी  हत्या, डकैती और रंगदारी जैसी वारदातों में सलिंप्त रहे हैं।