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जहानाबाद जेल ब्रेक कांड का मुख्य आरोपी ‘लाइटर’ बिहार में गिरफ्तार

पटना बिहार पुलिस को एक और बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने 1 लाख के इनामी नक्सली योगेन्द्र रविदास को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार नक्सली के खिलाफ विभिन्न थानों में कुल 18 मामले दर्ज हैं। पटना जिले का कुख्यात इनामी नक्सली योगेन्द्र रविदास उर्फ लाइटर, जिस पर एक लाख रुपए का इनाम घोषित था, गुप्त सूचना और तकनीकी अनुसंधान के आधार पर बिहार एसटीएफ की टीम द्वारा गिरफ्तार किया गया है। नवंबर, 2005 में वामपंथी उग्रवादी संगठनों द्वारा अपने साथियों को जेल से छुड़ाने एवं विरोधियों को मारने हेतु योजनाबद्ध तरीके से जहानाबाद जेल पर हमला किया गया था। जेल ब्रेक की घटना में उक्त नक्सली शामिल था। उक्त नक्सली के विरूद्ध पटना एवं जहानाबाद जिला के विभिन्न थानों में कुल 18 (अठारह) हत्या, रंगदारी सहित नक्सल से सम्बंधित कांड दर्ज है।  

JDU में भूचाल: दो दिग्गज नेता PK के जन सुराज में शामिल, नीतीश पर सीधे हमला

पटना बिहार में इसी साल विधानसभा का चुनाव होने वाला है। उससे पर नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल यूनाइटेड के दो पुराने नेताओं ने उन्हें झटका दे दिया है। कई बार विधायक, सांसद और मंत्री रहे दसई चौधरी और जदयू प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य भुवन पटेल ने प्रशांत किशोर का दामन थाम लिया है। जन सुराज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय सिंह ने शुक्रवार को दोनों को पटना में पार्टी की सदस्यता दिलाई। चुनाव से पहले इसे अहम फेरबदल माना जा रहा है। पटना में पार्टी कार्यालय शेखपुरा हाउस में उदय सिंह ने दोनों नेताओं का पीला गमछा पहना कर स्वागत किया। उदय सिंह ने कहा कि सभी अच्छे लोग हैं। लंबे समय तक नीतीश जी का साथ दिया है। इनकी तरह ही कई अच्छे लोगों को साथ लेकर नीतीश जी ने अच्छी राह पर चलना शुरू किया था। लेकिन अब नीतीश जी चलते चलते राह भटक गए हैं। मैं खुद उनका बहुत बड़ा प्रशंसक रहा हूं। लेकिन अब वो ऐसे लोगों से घिरे हुए हैं जो बिहार को तेजी से सर्वनाश की ओर ले जा रहे हैं। दसई चौधरी ने कहा कि मैं बहुत दिनों तक जदयू से जुड़ा रहा। जब मैं विधायक था, तब नीतीश जी कुछ नहीं थे। लालूजी की पार्टी से तीन बार विधायक रहने के बाद फिर लालूजी के खिलाफ हमने तन मन धन से नीतीश जी का साथ दिया। लेकिन बाद में नीतीश जी ने हमपर ध्यान नहीं दिया। न ही संगठन, न सरकार में सहभागी बनाया। हम बार बार उनसे अनुरोध करते रहे। मुलाकात भी की, लेकिन उन्होंने कोई सकारात्मक बात नहीं की। फिर प्रशांत किशोर जी से मुलाकात की और उनके साथ काम करने की इच्छा जाहिर की। उन्होंने बहुत इज्जत के साथ पार्टी से जुड़कर काम करने को कहा। वहीं जन सुराज की सदस्यता लेने के बाद भुवन पटेल ने कहा कि नीतीश कुमार सबसे जीनियस मुख्यमंत्री हैं। लेकिन उम्र के अनुसार उनकी शारीरिक क्षमता कम हो रही है। स्थिति ऐसी हो गई है कि अगल-बगल रहने वाले कुछ लोग ही सरकार चला रहे हैं। भुवन पटेल समता पार्टी के संस्थापक सदस्य हैं। कहा कि जदयू से बड़ी संख्या में लोग निकलेंगे और दूसरी पार्टियों में जगह बनाएंगे।  

बिहार में विकास की नई राह, CM नीतीश के विज़न से 26,000 किमी तक पहुँचना अब आसान

पटना मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार की सड़कों ने विकास की नई गाथा लिख दी है। पिछले दो दशकों में राज्य में सड़कों की लंबाई दोगुनी हो गई है। 2005 में जहां महज 14,468 किलोमीटर सड़कें थीं, वहीं 2025 तक यह बढ़कर 26,000 किलोमीटर से अधिक हो चुकी हैं। राष्ट्रीय और जिला मार्गों में लंबी छलांग 2005 तक राज्य में राष्ट्रीय उच्च पथों की कुल लंबाई 3,629 किलोमीटर थी, जो अब बढ़कर 6,147 किलोमीटर हो गई है। इसी तरह वृहद जिला पथों की लंबाई 8,457 किलोमीटर से दोगुनी होकर 16,296 किलोमीटर तक पहुंच चुकी है। पहले जहां अधिकांश सड़कें सिंगल लेन तक सीमित थीं, वहीं अब दो, चार और छह लेन की सड़कों का जाल बिछ चुका है। ग्रामीण सड़कों ने खोले रोजगार के रास्ते ग्रामीण क्षेत्रों में भी सड़क क्रांति दिखाई दे रही है। नाबार्ड के सहयोग से 2025 तक स्वीकृत 2,025 सड़कों में से 1,859 का निर्माण पूरा हो चुका है। इनकी कुल लंबाई लगभग 4,822 किलोमीटर है। साथ ही 1,235 स्वीकृत पुलों में से 910 बनकर तैयार हो गए हैं। ये पुल और सड़कें ग्रामीण इलाकों को शहरों से जोड़ने में अहम भूमिका निभा रही हैं। सड़कों ने बदली बिहार की तकदीर बिहार की सड़कें केवल आवागमन का साधन नहीं, बल्कि आर्थिक और सामाजिक विकास की धुरी बन चुकी हैं। इनसे गांव सीधे शहरों से जुड़ गए हैं, बाजार, स्कूल और अस्पताल तक पहुंचना आसान हो गया है। व्यापार और कृषि उत्पादों की आवाजाही बढ़ने से किसानों की आमदनी भी मजबूत हुई है। चौतरफा विकास की राह विशेषज्ञ मानते हैं कि बेहतर सड़क नेटवर्क से न सिर्फ यात्रा का समय कम हुआ है, बल्कि रोजगार और व्यापार की नई संभावनाएं भी खुली हैं। यही कारण है कि बिहार अब ग्रामीण बुनियादी ढांचे और सड़क कनेक्टिविटी में देश के अग्रणी राज्यों में गिना जा रहा है।  

सेंचुरी ऑफ़ रिनपास: CM हेमंत ने बताया– संस्थान की सारी कमियां जल्द दूर होंगी

रांची रिनपास शताब्दी समारोहः झारखंड के मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि रांची इंस्टीट्यूट ऑफ़ न्यूरो साइकेट्री एंड एलाइड साइंस ( रिनपास ) में जल्द कई बदलाव देखने को मिलेंगे। हेमंत सोरेन ने गुरूवार को यहां रिनपास के 100 वर्ष पूरा होने के अवसर पर आयोजित शताब्दी वर्ष समारोह के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि रिनपास में आधारभूत संरचना तथा शैक्षणिक व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा। यहां जो भी कमियां होगी, उसकी विस्तृत समीक्षा कर उसे दूर किया जाएगा। यहां मानसिक मरीजों को बेहतर सुविधाएं मिले, उनका अत्याधुनिक तरीके से इलाज की समुचित व्यवस्था हो, इस दिशा में राज्य सरकार सभी आवश्यक कदम उठाएगी। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर सेवा, समर्पण और विश्वास के गौरवशाली सौ वर्ष पूरे होने पर रिनपास से जुड़े सभी लोगों को बधाई और शुभकामनाएं दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज के समय रिनपास जैसे संस्थानों की भूमिका तेजी से बढ़ रही है। जिस तरह लोग मानसिक अवसाद की गिरफ्त में आ रहे हैं। वैसे में उन्हें बेहतर काउंसलिंग और इलाज की सुविधा उपलब्ध कराना बेहद जरूरी है। हालांकि , कोई भी व्यक्ति यह नहीं चाहता कि उसे रिनपास जैसे संस्थान में आने की नौबत आए, लेकिन मानसिक परेशानी, मजबूरी और परिस्थिति कई लोगों को यहां तक आने को मजबूर करती है। ऐसे में यहां आने वाले मनोरोगी पूरी तरह स्वस्थ होकर जाएं, इसके लिए यहां इलाज की बेहतर से बेहतर व्यवस्था व्यवस्था की जाएगी।  

128 शिक्षकों की मेहनत हुई सराही, 2 टीचर राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार के लिए नामांकित

रांची शिक्षक दिवस के अवसर पर झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद ने रांची स्थित अपने सभागार में आज राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह में शिक्षा क्षेत्र में समर्पित 128 शिक्षकों को उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया। राज्य के स्कूली शिक्षा और साक्षरता विभाग द्वारा संचालित 50 घंटे के अनिवार्य कार्यक्रम‘कम्प्रेहेंसिव-निरंतर व्यावसायिक विकास'के अंतर्गत ये शिक्षक अपनी जिम्मेदारियों को सफलतापूर्वक पूरा किये हैं। शिक्षकों ने मॉड्यूल लेखन, डिजिटल प्रारूप विकास तथा आवासीय एवं गैर-आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रमों के कार्यान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। सम्मानित शिक्षकों को शॉल, स्मृति चिन्ह और प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया। इसके अतिरिक्त, दो शिक्षकों को राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार के लिए नामांकित किया गया था और उन्हें विशेष सम्मान दिया गया। रामगढ़ के पीएम श्री हाई स्कूल, मनुवा के सहायक शिक्षक सुरेंद्र प्रसाद गुप्ता और चतरा के अपग्रेडेड 2 हाई स्कूल, दावरी के सहायक शिक्षक मनोज कुमार चोबे को 25,000 रुपये की नकद राशि, शॉल, स्मृति चिन्ह और प्रशस्ति पत्र से सम्मानित किया गया। टाटा कॉलेज कॉलोनी मिडिल स्कूल की शिक्षिका अनुपमा ने कहा, 'हम व्यस्त जीवन में अक्सर अपनी मेहनत को याद रखना भूल जाते हैं। ऐसे दिवस हमें खुशी के साथ-साथ नई ऊर्जा और प्रेरणा देता है और इससे हम समर्पित भाव से कार्य करते हैं।'

भयानक हादसा धनबाद में, मजदूरों से भरी वैन खाई में गिरी, राहत-बचाव जारी

धनबाद झारखंड के धनबाद जिले के कतरास में आज यानी शुक्रवार को एक बड़ा हादसा हो गया है। दरअसल यहां जमीन स्लाइड होने के कारण एक आउटसोर्सिंग कंपनी की सर्विस वैन गहरी खाई में गिर गई है। सर्विस वैन में पांच से छः मजदूर सवार थे। मिली जानकारी के अनुसार, हादसा धनबाद के बीसीसीएल एरिया 04 के कांटा पहाड़ी इलाके में हुआ में है। मां अंबे आउटसोर्सिंग कंपनी की एक सर्विस वैन अचानक जमीन खिसकने के कारण 400 फीट गहरी खाई में गिर गई। वैन में 5 से 6 मजदूर सवार थे। सूचना पाकर बीसीसीएल के अधिकारी, रेस्क्यू टीम मौके पर पहुँचे है। साथ ही कतरास थाना, रामकनाली ओपी, अंगार पथरा ओपी के प्रभारी अपने दल बल के साथ भी पहुंचे है। खाई मे गिरे सर्विस वैन को निकालने के लिए सुरक्षा विभाग के टीम जुट गई है।  

मुजफ्फरपुर में राजनीतिक माहौल गरम, चिराग ने एलजेपी-राजद के MY के अंतर को बताया

मुजफ्फरपुर बिहार में विधानसभा चुनाव जल्द होने वाला है। चुनाव ही हमलोगों का भविष्य निर्धारित करेगा। ऐसे में हमसब की जिम्मेदारी है कि इसे गंभीरता से समझें और विस चुनाव की तैयारी में जुट जाएं। अगर चूक हुई तो फिर से हमलोग पिछड़ों में धकेले जाएंगे। मुजफ्फरपुर के एमआइटी इंजीनियरिंग कॉलेज परिसर में आयोजित लोजपा (रा) के नव-संकल्प महासभा को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री सह पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान ने आरजेडी के एम वाई समीकरण के काट में अपने MY समीकरण का मतलब समझाया चिराग ने कहा कि मेरा समीकरण एम फॉर महिला और वाई फॉर युवा है। लेकिन, उनका समीकरण सांप्रदायिक व जाति पर आधारित है। एम से मुसलमान और वाई से यादव। लेकिन, मैं सबको साथ लेकर चलता हूं। बिहार फस्ट बिहारी फर्स्ट के विजन से चलता हूं। उन्होंने कहा कि यह चुनाव युवा, नई पीढ़ी, महिला, बेरोजगार, किसान, मजदूर सभी वर्ग के लिए महत्वपूर्ण है। अपने संबोधन में चिराग ने राजद और कांग्रेस पर जोरदार प्रहार किया। विकास के मुद्दों पर भी घेरा। कहा कि कांग्रेस ने कई दशक राज किया। राजद भी 90 के दशक में बिहार में शासन किया। दोनों ने बिहार को पिछड़ेपन में धकेलने का काम किया है। उन्होंने कहा कि ‘आप’ (जनता) साथ दें, मैं विकसित बिहार बनाकर दूंगा। इसका मैं वादा करता हूं। संकल्प लेता हूं। मेरी मां व बहन पर भी की थी टिप्पणी पीएम मोदी की मां के अपमान पर चिराग पासवान ने कहा कि मेरा संस्कार महिलाओं का सम्मान करना है। राजद और कांग्रेस की संस्कृति गाली देने की रही है। अभी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की माता को अपशब्द कहा है। लोकसभा में राजद नेता तेजस्वी प्रसाद यादव ने मेरी मां और बहन को गाली दी थी। यह उनका संस्कार है। लोजपा (रा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने अपने संदेश को हर गांव तक पहुचाने का आह्वान किया। चिराग ने कांग्रेस और राजद से कई तीखे सवाल भी किये। उन्होंने पूछा के दशकों शासन करने के बाद बिहार में बेरोजगारी, शिक्षा और चिकित्सा का स्तर निम्न क्यों है? वह अपने पिताजी के अधूरे सपनों को पूरा करने आए हैं। चिराग मुख्यमंत्री का चेहरा पार्टी के तमाम सांसदों ने चिराग पासवान को मुख्यमंत्री का चेहरा बताया। वैशाली की सांसद वीणा देवी ने कहा कि हमलोग बिहार के 243 सीटों की तैयारी कर रहे हैं। चिराग के नेतृत्व में बिहार में शिक्षा व रोजगार के बेहरत अवसर मिलेंगे। खगड़िया के सांसद राजेश वर्मा ने कहा कि चिराग पासवान को बिहार की कमान देनी चाहिए। वे सक्षम हैं। समस्तीपुर सांसद शांभवी ने कहा कि प्रदेश युवा नेतृत्व चाहती है। चूके तो फिर जंगलराज पार्टी के जिलाध्यक्ष विश्व क्रमेन्दो देव उर्फ चुलबुल शाही ने कहा कि चिराग के नेतृत्व में बिहार प्रगति के पथ पर चलेगा। वहीं गायघाट की पूर्व प्रत्याशी कोमल सिंह ने कहा कि चुनाव जनता लड़ती है। इस बार चूके तो जंगलराज फिर से आएगा। चिराग पासवान को बिहार का नेतृत्व करना चाहिए। वहीं वैशाली के पूर्व सांसद रामा किशोर सिंह उर्फ रामा सिंह ने कहा कि आने वाला समय चिराग पासवान का है।  

तेजस्वी यादव बोले– बिहार बंद के दौरान भाजपा नेताओं ने करवाई हिंसा, भीड़ को बुलाया गया

  पटना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मां की गाली देने के विरोध में एनडीए के बिहार बंद को राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के नेता तेजस्वी यादव ने विफल बताया। बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी ने बिहार बंद के दौरान भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के नेताओं पर गुंडागर्दी का आरोप लगाया। उन्होंने यह भी दावा किया कि भाजपाई पंचायत छोड़ एक वार्ड तक बंद नहीं करा पाए। भाजपा पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा, पीएम मोदी की रैली तरह बिहार बंद में भी भाड़े के लोग बुला लेने चाहिए थे। पूर्व डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव ने शुक्रवार को सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, “विश्व की सबसे बड़ी पार्टी बीजेपी ने कल बिहार में दुनिया भर की गुंडागर्दी की। भाजपाई गुंडों ने सरेआम महिलाओं को पीटा, शिक्षिकाओं को पीटा, गर्भवती महिलाओं को रोका, बुजुर्गों को धक्का दिया, छात्राओं के साथ दुर्व्यवहार किया, बच्चों को स्कूल जाने से रोका, एम्बुलेंस को रोका, शहीद के परिजनों को पीटा लेकिन फिर भी ये लोग एक वार्ड तक बंद नहीं करा पाए।” उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी पर तंज कसते हुए कहा कि जैसे उनकी रैली में पुलिस और प्रशासन पर दबाव दिया जाता है, उसी तरह बिहार बंद के लिए भी पुलिस को बोल देना चाहिए था। वे ही ट्रैफिक रुकवा देते। तेजस्वी ने कहा, "गुजरात के रहने वाले मोदी ने वोट की खेती के लिए बिहार बंद में आम बिहारियों को परेशान करने का मस्ती भरा निर्णय ले लिया।"  

महापुरुषों का अपमान: हजारीबाग में प्रतिमा तोड़ने से मचा बवाल

हजारीबाग हजारीबाग में महापुरुषों का अपमान थमने का नाम नहीं ले रहा है। शहर की चौक चौराहा पर स्थापित किए गए महापुरुषों की प्रतिमा को क्षतिग्रस्त करने का सिलसिला रुकने का नाम नहीं ले रहा है। दो दिन पहले मंगलवार की रात पीडब्ल्यूडी कार्यालय के सामने स्वतंत्रता सेनानी सिदो कान्हू की प्रतिमा को खंडित कर दिया गया था। जिससे आदिवासी समाज आंदोलन हो उठा था। सड़क जामकर आंदोलन की चेतावनी दी थी। यह मामला अभी शांत भी नहीं हुआ था कि बुधवार की रात बदमाशों ने सदर प्रखंड मुख्यालय के सामने शहीद नीलांबर पीतांबर की प्रतिमा के साथ छेड़छाड़ करने का प्रयास किया। अराजक तत्वों ने नीलांबर पीतांबर प्रतिमा को गिराने का बहुत प्रयास किया, लेकिन 26 जुलाई की रात पूर्व मुख्यमंत्री केबी सहाय और सिदो कान्हू की प्रतिमा क्षतिग्रस्त किए जाने के बाद हाल के दिनों में नवनिर्माण मे मजबूती के कारण बदमाश सफल नहीं हो पाए। तब उनके हाथ के तीर धनुष को क्षतिग्रस्त कर चलते बने। जैसे ही सदर पुलिस को इस घटना की जानकारी मिली। पुलिस के होश फाख्ता हो गए। प्रतिमा तोड़ने के रोकने के प्रयास असफल हो गए। सीसीटीवी कैमरे खंगाले गए तो वह खराब निकले। मामले की जानकारी मिलते ही जिला प्रशासन के अधिकारियों ने घटनास्थल का दौरा किया। किसी भी विरोध प्रदर्शन को देखते हुए सदर अंचल अधिकारी और सदर थाना की पुलिस घटनास्थल पर जमी रही। शहर में स्थापित प्रतिमाओ को देखभाल करने वाला कोई नहीं महापुरुषों या देश के शहीदों के प्यार और सम्मान में लोग क्या-क्या नहीं करते हैं। उनके नाम पर संस्थाएं, मेमोरियल सड़क के नाम रखे जाते हैं। चौक चौराहा पर प्रतिमा स्थापित कर दी जाती है। शहर के दर्जनों स्थान में जोश खरोश के साथ बस स्टैंड के पास झारखंड के वीर बिरसा, झील पर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी, इंद्रपुरी चौक पर पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री, सर्किट हाउस के पास महाराणा प्रताप, पोस्ट ऑफिस चौक के पास वीर कुंवर सिंह की प्रतिमा स्थापित कर दी गई है। जैसे ही उनके प्रशंसकों का जोश ठंडा हो गया और अब वह स्थापित प्रतिमाएं को कुव्यवस्था की शिकार हो रही है। जिन लोगों ने प्रतिमा स्थापित करने के लिए जोश ओ खरोश दिखाया था। यह प्रतिमाएं उनके लिए वह अतीत बन गया है। वहां साफ सुथरा और देखभाल करने की जिम्मेदारी उठाने वाला कोई नहीं है। इन महापुरुषों के मूर्तियों के ऊपर शेड भी नहीं है। जिसके कारण धूप हो या बरसात, सालों पर प्रतिमाएं प्रकृति की मार झेलती रहती है। शेड नहीं रहने से पक्षियों के बीट इन प्रतिमाओं को खराब कर रहे हैं। उसमें यूरिक एसिड व अन्य रासायनिक यौगिक होते हैं। जो अम्लीय होते हैं जिस प्रतिमा का रंग उड़ रहा है। उसमें दाग लग रहा है। प्रतिमा का क्षरण भी हो रहा है। अब उनके प्रशंसकों प्रशासन और राजनेताओं का ध्यान इस और नहीं जाता है। जब आयोजन होता है। वहां साफ सुथरा कर माला पहना दी जाती है। लेकिन विडंबना है कि इन प्रतिमाओं के उचित प्रबंधन की ओर ध्यान नहीं जाता है। दोषियों को चिह्नित कर कठोर कार्रवाई की जाए : कांग्रेस झारखंड की धरती के महान क्रांतिकारी शहीद निलांबर–पीतांबर भोगता की प्रतिमा को क्षतिग्रस्त करने का असामाजिक तत्वों का प्रयास अब जिले की राजनीति का बड़ा मुद्दा बन गया है। गुरुवार को पूर्व सदर विधानसभा प्रत्याशी मुन्ना सिंह ने इस घटना को इतिहास और बलिदान की विरासत पर हमला बताते हुए गहरी नाराज़गी जताई। सूचना मिलते ही मुन्ना मौके पर पहुँचे और प्रतिमा की स्थिति का निरीक्षण किया। प्रतिमा में लगे धनुष को आंशिक रूप से तोड़ने का प्रयास किया गया था। उन्होंने तुरंत ही जिला उपायुक्त और पुलिस कप्तान से फोन पर बातचीत कर विस्तृत जानकारी साझा की और दोषियों को शीघ्र चिन्हित कर कठोर कार्रवाई की मांग की। महापुरुषों की प्रतिमा की सुरक्षा पुलिस के लिए बनी चुनौती जानकारी मिलते ही हेल्पिंग ट्रस्ट इंडिया हजारीबाग के अध्यक्ष शाहिद हुसैन अपने समर्थकों के साथ नीलांबर पीतांबर चौक पहुंचे। उन्होंने महापुरुषों की प्रतिमा लगातार तोड़े जाने पर चिंता जताते जिला प्रशासन के खिलाफ आंदोलन चलाने की बात कही। वही महापुरुषों की प्रतिमा को सुरक्षा प्रदान करना पुलिस के लिए भी चुनौती बताया। उन्होंने कहा कि इस घटना के बाद उन्होंने कोर्रा थाना प्रभारी से इस संबंध में बात की तो उन्होंने वहां पर सीसीटीवी कैमरे खराब रहने की बात कही उन्होंने कहा कि कंट्रोल रूम में जहां से पूरे जिले मे कानून-व्यवस्था को नियंत्रित किया जाता है। वहां अव्यवस्था की स्थिति है। सीसीटीवी मॉनिटरिंग के लिए लगाए गए कई टीवी खराब पड़े हैं। शहर में मात्र 48 सीसीटीवी कैमरे चालू हैं। जबकि दर्जनों खराब पड़े है। इसके कारण शहर में अपराध बढ़ रहे हैं।  

रेणु देवी की नजर बेतिया से छठवीं जीत पर, कांग्रेस झोंक रही पूरी ताकत

बेतिया बिहार के पश्चिम चंपारण जिले का बेतिया विधानसभा क्षेत्र अपने दामन में समृद्ध इतिहास समेटे हुए है। बेतिया ने इतिहास और समय के साथ सियासत को बदलते हुए भी देखा है। बेंत के जंगलों की वजह से इसका नाम बेतिया पड़ा था। मुगल काल में बेतिया राज की जमींदारी मशहूर थी, जिसके अधीन करीब 15000 एकड़ भूमि थी। आजादी के बाद लगातार 11 चुनावों में यह कांग्रेस का गढ़ बना रहा, जिसे 1990 में भाजपा के मदन प्रसाद जायसवाल ने ध्वस्त कर भगवा झंडा लहराया। तब से सिर्फ दो चुनावों को छोड़कर भाजपा ही जीतती रही है। वर्तमान में यहां की विधायक पशुपालन एवं मत्स्य संसाधन मंत्री रेणु देवी हैं। वह पांच बार यहां का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं। रेणु देवी पहली बार वर्ष 2000 के चुनाव में जीती थीं। 2015 में जब जदयू और भाजपा का गठबंधन टूटा तो कांग्रेस के मदनमोहन तिवारी (कांग्रेस) ने रेणु देवी (भाजपा) को 2320 मतों के मामूली अंतर से हराया था। तब राजद एवं कांग्रेस के साथ जदयू भी महागठबंधन में था। लेकिन, 2020 के चुनाव में उन्होंने मदन मोहन तिवारी को पराजित कर फिर से यह सीट अपने नाम कर ली। रेणु देवी 16 नवंबर 2020 से 9 अगस्त 2022 तक राज्य की पहली महिला उपमुख्यमंत्री भी रहीं। बेतिया नगर निगम और मझौलिया प्रखंड को मिलाकर बनाए गए इस विधानसभा क्षेत्र की सियासत भाजपा और कांग्रेस के इर्द-गिर्द ही घूमती रही है। अब तक हुए चुनाव में 12 बार कांग्रेस, एक बार जनता दल एवं पांच बार भाजपा ने जीत दर्ज की है। 1995 में जनता दल के बीरबल यादव ने यहां से जीत दर्ज की। इस बार चुनाव में भाजपा की रेणु देवी जीत का छक्का लगाने को लेकर सक्रिय हैं। उधर, एक बार फिर कांग्रेस अपनी खोई जमीन वापस पाने की तैयारी में जोरदार तैयारी कर रही है। जन सुराज ने भी क्षेत्र में पूरा जोर लगाया है। प्रशांत किशोर ने पदयात्रा की शुरुआत चंपारण से की थी। वह जिले का कई बार दौरा कर चुके हैं। कई गांवों में जन सुराज का जनसंवाद भी हुआ है। एक बड़े व्यवसायी भी निर्दलीय चुनाव मैदान में उतरने की तैयारी में हैं। कभी मिनी चंबल कहलाता था बेतिया बेतिया (पश्चिम चंपारण) जिला कभी मिनी चंबल के नाम से खौफ का पर्याय था। मगर बीते दो दशक में पटना, यूपी एवं दिल्ली से रेल-सड़क संपर्कता बेहतर हुई है। अस्पताल में भी इलाज की सुविधा बढ़ी है। हालांकि शहर की जर्जर सड़कें और जल जमाव की समस्या हल होना बाकी है। बेतिया विधानसभा सीट एक नजर में- इस विधानसभा में कुल मतदाताओं की संख्या 299915 है। इनमें 158877 पुरुष, 141028 महिला और 10 थर्ड जेंडर वोटर हैं। बेतिया विधानसभा सीट के पूरब में सुगौली (पूर्वी चंपारण), पश्चिम में चनपटिया एवं योगापट्टी, उत्तर में सिकटा एवं चनपटिया और दक्षिण में नौतन पड़ता है। पांच साल में दिखे ये बदलाव- ⦁ पॉलिटेक्निक कॉलेज बना ⦁ गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज का भवन बनकर तैयार हुआ ⦁ घरों में बिजली पहुंची, विस क्षेत्र में 35 से अधिक सड़कें बनीं ⦁ गांव में पशु चिकित्सा वैन पहुंच रही, मवेशियों के इलाज में सुविधा ⦁ बरवत में एक लाख लीटर क्षमता वाले दूध शीतक केंद्र की मिली मंजूरी वादे जो पूरे नहीं हुए 1. बरवत-जीएमसीएच फोरलेन व जगदीशपुर-भरपटिया बाइपास सड़क नहीं बनी 2. बेतिया शहर की मुख्य सड़कों का निर्माण नहीं हो सका 3. बेतिया नगर निगम क्षेत्र में नई शामिल पंचायतों में सड़क-नाली नहीं बनी 4. हर घर नल का जल का लाभ बेतिया शहरी क्षेत्र के अधिकतर लोगों को नहीं मिला इस बार के चुनावी मुद्दे ⦁ शहर की जर्जर सड़कों की मरम्मत ⦁ नगर निगम में नए शामिल मोहल्लों में सड़क-नाला निर्माण ⦁ स्ट्रीट लाइट एवं शुद्ध पेयजल की सुविधा नहीं ⦁ बेतिया में सरकारी महिला डिग्री कॉलेज की स्थापना ⦁ चंद्रावत, कोहरा और अन्हरी-चन्हरी नदी का अतिक्रमण एवं उसमें गाद भरना बेतिया से विधायक और पशुपालन एवं मत्स्य संसाधन मंत्री रेणु देवी का दावा है कि क्षेत्र में 35 से अधिक सड़कें बनी हैं। बरवत-जीएमसीएच सड़क चौड़ीकरण, जगदीशपुर-भरपटिया बाइपास, खीरी के पेड़-कमलनाथनगर से सुप्रिया रोड, चीनी मिल समेत तमाम सड़क एवं पुल के लिए टेंडर हो चुका है। महिला कॉलेज के भवन का शिलान्यास हो चुका है। पूर्व कांग्रेस विधायक मदन मोहन तिवारी का आरोप है कि बेतिया नगर निगम क्षेत्र में जलजमाव की समस्या खत्म नहीं हुई। चंद्रावत में शहर का पानी गिरता है, उस पर अतिक्रमकण है और बची नदी में गाद भर गई है। शहरी क्षेत्र की सभी सड़कें जर्जर हैं। महना-मझौलिया सड़क पूरी तरह जर्जर हो चुकी है। जमीन माफिया के आतंक से रैयत त्राहिमाम कर रहे हैं। आधा दर्जन से अधिक पुल-पुलिया नहीं बने। बेतिया विधानसभा सीट पर कब कौन जीता 1951 : प्रजापति मिश्र, कांग्रेस 1952 : केतकी देवी, कांग्रेस 1957 : जय नारायण प्रसाद, कांग्रेस 1957 : जगन्नाथ प्रसाद स्वतंत्र, कांग्रेस 1962 : जय नारायण प्रसाद, कांग्रेस 1967 : एचपी सहाय, कांग्रेस 1969 : गौरीशंकर पांडेय, कांग्रेस 1972 : कृष्ण मोहन पांडेय, कांग्रेस 1977 : गौरीशंकर पांडेय, कांग्रेस 1980 : गौरीशंकर पांडेय, कांग्रेस 1985 : गौरीशंकर पांडेय, कांग्रेस 1990 : मदन प्रसाद जायसवाल, भाजपा 1995 : बीरबल यादव, जनता दल 2000 : रेणु देवी, भाजपा 2005 (फरवरी) : रेणु देवी, भाजपा 2005 (अक्टूबर) : रेणु देवी, भाजपा 2010 : रेणु देवी, भाजपा 2015 : मदन मोहन तिवारी, कांग्रेस 2020 : रेणु देवी, भाजपा