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बिहार की बेटी मिताली ने पर्वतारोहण में रचा इतिहास, केदारकांठा पर लहराया परचम

  नालंदा बिहार के नालंदा की रहने वाली और पटना यूनिवर्सिटी की पूर्व छात्रा मिताली प्रसाद ने अपनी पर्वतारोहण यात्रा में एक और खूबसूरत उपलब्धि जोड़ ली है. मिताली ने 12,500 फीट की ऊंचाई पर स्थित माउंट केदारकांठा पर सफलतापूर्वक फतह हासिल की है. उन्होंने बीते मई माह में इस चोटी पर चढ़ाई करने में सफलता हासिल की है. इस उपलब्धि के बाद प्रभात खबर से बात करते हुए मिताली प्रसाद ने इस गौरवपूर्ण पल को साझा किया. मिताली प्रसाद ने कहा, इस चोटी पर खड़े होकर मुझे बिहार का प्रतिनिधित्व करने पर बेहद गर्व महसूस हुआ. यह इस बात का सबूत है कि हम सभी में किसी भी ऊंचाई को पार करने का अटूट जज्बा है. उन्होंने इस कामयाबी के बाद ‘जय बिहार’ का नारा भी बुलंद किया. दक्षिण अमेरिका की ऊंची चोटी पर भी फहराया है तिरंगा मिताली प्रसाद का पर्वतारोहण में काफी शानदार ट्रैक रिकॉर्ड रहा है. वे साल 2020 में दक्षिण अमेरिका की 6,962 मीटर ऊंची चोटी ‘माउंट एकांकागुआ’ (Mt. ACONCAGUA) को अकेले (Solo) फतह करने वाली भारत की पहली बेटी बनी थीं. इसके अलावा उन्होंने साल 2022 में ‘माउंट कुन’ (7077 मीटर) और एवरेस्ट बेस कैंप की चढ़ाई पूरी की थी. वे साल 2019 में अफ्रीका की सबसे ऊंची चोटी माउंट किलिमंजारो (5895 मीटर) और साल 2020 में दक्षिण अमेरिका के माउंट बोनेटे (5400 मीटर) पर भी तिरंगा फहरा चुकी हैं. मार्शल आर्ट्स इंटरनेशनल प्लेयर और एनसीसी कैडेट भी रही हैं मिताली राजनीति विज्ञान से पोस्ट ग्रेजुएट मिताली प्रसाद बहुमुखी प्रतिभा की धनी हैं. पर्वतारोहण के क्षेत्र में कदम रखने से पहले वे कराटे में ब्लैक बेल्ट (2nd डैन) होल्डर और इंटरनेशनल प्लेयर रह चुकी हैं. इसके साथ ही वे एनसीसी (Air Sqn) की ‘ए’ ग्रेड कैडेट रही हैं और पैरा बेसिक कोर्स (आगरा) भी पूरा कर चुकी हैं. किसान परिवार की बेटी का अब प्रशासनिक अधिकारी बनने का सपना प्रभात खबर से बात करते हुए मिताली ने कहा कि कतरीसराय के पास मायापुर उनका पैतृक गांव है. उनके माता-पिता किसान हैं और साथ में अन्य घरेलू उद्योग में भी लगे हैं. फिलहाल वो बिहार के स्कूली बच्चों को पर्वतारोहण की बारीकियां सीखा रही हैं. साथ ही बिहार प्रशासनिक सेवा की तैयारी भी कर रही हैं. अब तक दो बार मुख्य परीक्षा में भी शामिल हुई हैं. आगे उनका सपना बिहार के बच्चों, खासकर बेटियों को पर्वतारोहण के प्रति जागरुक करना है. वो माउंट एवरेस्ट भी फतह करना चाहती हैं. हालांकि इसके लिए फंड की कमी बड़ी बाधा बन रही है.

‘आपन सरस्वतिया’ अभियान: ड्रोन और श्रमदान से नदी को पुराना स्वरूप लौटाने की कोशिश

गढ़वा बिना किसी भारी-बरकम सरकारी बजट के, सिर्फ जनसहभागिता के दम पर गढ़वा की सरस्वतिया नदी को उसका पुराना गौरव लौटाने की कोशिशें अब एक बड़े सामाजिक आंदोलन का रूप ले चुकी हैं. गढ़वा शहर में जहां अभियान के 14 दिन पूरे हो गए, वहीं मेराल में भी इस मुहिम ने एक हफ्ता (7 दिन) का सफर तय कर लिया. इस शानदार कामयाबी के बाद, आज सोमवार से शुरू हो रहे नए सप्ताह के साथ नदी को उसका प्राकृतिक स्वरूप देने और सफाई के काम को और तेज करने की तैयारी है. ड्रोन कैमरे और गूगल अर्थ से तैयार हो रही कार्ययोजना प्रशासन और आम जनता के इस साझा प्रयास की सबसे बड़ी बात यह है कि इसमें आधुनिक तकनीक जैसे ड्रोन कैमरे और गूगल अर्थ की मदद से पूरी कार्ययोजना तैयार की जा रही है. गढ़वा के अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीएम) संजय कुमार ने गढ़वा और मेराल दोनों इलाकों का खुद मुआयना किया. गढ़वा में इस मुहिम को गति देने के लिए सहीजना निवासी दीपक कुमार पाठक प्रमुख सहयोगी के रूप में सामने आए, जिनकी एसडीएम ने सराहना की. मेराल में 100 से अधिक लोग कर रहे हैं श्रमदान वहीं मेराल में बीडीओ सह अंचलाधिकारी यशवंत नायक के नेतृत्व में पूर्व जिला परिषद सदस्य संजय भगत, विधायक प्रतिनिधि लालमोहन और पूर्वी-पश्चिमी मेराल के मुखियाओं समेत लगभग 100 से अधिक लोग और स्थानीय मीडियाकर्मी इस अभियान में श्रमदान कर रहे हैं. सामाजिक आंदोलन बन चुका है ‘आपन सरस्वतिया’ एसडीएम संजय कुमार ने कहा कि आपन सरस्वतिया’ अब सिर्फ एक सफाई कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक सामाजिक आंदोलन बन चुका है. यह इस बात का सबूत है कि अगर समाज और प्रशासन साथ मिल जाएं, तो बिना किसी विशेष सरकारी बजट के भी इतने बड़े बदलाव किए जा सकते हैं. यह पूरी तरह से गढ़वा के लोगों की जिम्मेदारी और उनका अपना अभियान है. एसडीएम ने जिले के अन्य सामाजिक कार्यकर्ताओं, व्यवसायियों और सक्षम नागरिकों से अपील की है कि सोमवार से शुरू हो रहे नए हफ्ते में इस अभियान से और अधिक संख्या में जुड़ें ताकि सरस्वतिया नदी को पूरी तरह से अतिक्रमण मुक्त और स्वच्छ बनाया जा सके. ‘आपन सरस्वतिया’ अभियान की 5 बड़ी बातें आधा दर्जन जेसीबी से सफाई:- नदी में सालों से जमी गाद (डी-सिल्टिंग), झाड़-झंखाड़, बांस और अन्य अवरोधों को हटाने के लिए 6 जेसीबी मशीनों और दो ट्रैक्टरों को काम पर लगाया गया है. अतिक्रमण पर चला पीला पंजा:- नदी के बहाव को रोकने वाली कई स्थाई और अस्थाई अवैध संरचनाओं (अतिक्रमण) को ध्वस्त कर दिया गया है. मेराल में 50 फीट चौड़ाई का लक्ष्य:- मेराल क्षेत्र में नदी को कम से कम 50 फीट या उससे अधिक की न्यूनतम चौड़ाई देने का काम तेजी से चल रहा है. हाईटेक मॉनिटरिंग: – तेनार गांव के नागेंद्र प्रजापति निशुल्क ड्रोन सेवा देकर नदी के प्रवाह क्षेत्र का डिजिटल मूल्यांकन करने में मदद कर रहे हैं. कॉर्पोरेट और जनता का साथ:- रेहला स्थित ग्रासिम इंडस्ट्री ने सफाई के बाद छिड़काव के लिए 20 बोरी ब्लीचिंग पाउडर उपलब्ध कराया है, ताकि नदी के किनारों को सैनिटाइज किया जा सके.  

पंचायत चुनाव की तैयारियों को झटका, आरक्षण रोस्टर पर फैसला लंबित; 15 जून तक आएंगे निर्देश

पटना. बिहार पंचायत चुनाव की तैयारियां तेज हो गई हैं, लेकिन आरक्षण रोस्टर जारी नहीं होने से संभावित उम्मीदवारों और आम लोगों के बीच अभी भी असमंजस की स्थिति बनी हुई है. पंचायत चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे लोग लगातार आरक्षण सूची का इंतजार कर रहे हैं. इसी बीच विभागीय सूत्रों से बड़ी जानकारी सामने आई है कि 15 जून तक पंचायत चुनाव को लेकर आरक्षण गाइडलाइन जारी की जा सकती है. प्रखंड से जिला स्तर तक तेज हुई चुनावी तैयारी पंचायत चुनाव को लेकर प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं. विभाग द्वारा प्रखंड, अनुमंडल और जिला स्तर पर आवश्यक प्रक्रियाओं को तेजी से पूरा किया जा रहा है. वहीं, ईवीएम मशीनों के सुरक्षित रख-रखाव के लिए स्टोर की व्यवस्था को लेकर भी जगहों का चयन किया जा रहा है. 2006 और 2016 के आरक्षण रोस्टर का हो रहा अध्ययन विभागीय जानकारी के अनुसार वर्ष 2006 और 2016 के पंचायत आरक्षण रोस्टर को राज्य निर्वाचन आयोग के पोर्टल पर अपलोड कर दिया गया है. वर्ष 2016 का रोस्टर 2011 की जनगणना के आधार पर तैयार किया गया था, जबकि 2006 का रोस्टर जनगणना से पहले का है. अब दोनों रोस्टर का तुलनात्मक अध्ययन कर नया पंचायत आरक्षण रोस्टर तैयार करने की प्रक्रिया चल रही है. 15 जून तक हो सकती है बड़ी घोषणा सूत्रों की मानें तो राज्य स्तर से 15 जून तक आरक्षण संबंधी गाइडलाइन जारी होने की संभावना है. गाइडलाइन जारी होने के बाद सभी प्रखंडों से आरक्षण सूची मांगी जाएगी. इसके बाद जिला प्रशासन सूची को अंतिम रूप देकर राज्य निर्वाचन आयोग को भेजेगा. आयोग की स्वीकृति मिलने के बाद ही पंचायतों के लिए आरक्षण सूची आधिकारिक रूप से लागू होगी और उसी आधार पर चुनाव कराया जाएगा. दावा-आपत्ति की प्रक्रिया लगभग पूरी चुनावी तैयारियों के तहत दावा-आपत्ति के निपटारे का काम भी लगभग पूरा कर लिया गया है. प्रशासन का दावा है कि आरक्षण प्रक्रिया को जल्द अंतिम रूप देकर चुनाव संबंधी आगे की कार्रवाई शुरू की जाएगी. महाराजगंज प्रखंड की 16 पंचायतों में होगा चुनाव महाराजगंज प्रखंड की 16 पंचायतों में मुखिया, पंचायत समिति सदस्य, वार्ड सदस्य और जिला परिषद सदस्य पदों के लिए चुनाव कराया जाना है. चुनावी सरगर्मी के बीच संभावित प्रत्याशी अपने-अपने क्षेत्र में सक्रिय हो गए हैं, लेकिन आरक्षण स्पष्ट नहीं होने से अंतिम रणनीति तय नहीं कर पा रहे हैं. क्या बोले बीडीओ? महाराजगंज प्रखंड के बीडीओ बिंदु कुमार ने बताया कि प्रखंड की सभी 16 पंचायतों के लिए वर्ष 2006 और 2016 के आरक्षण रोस्टर को पोर्टल पर अपलोड कर दिया गया है. आगे की कार्रवाई राज्य स्तर से जारी होने वाली गाइडलाइन के अनुसार की जाएगी. राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आरक्षण गाइडलाइन और रोस्टर जारी होते ही पंचायत चुनाव की तस्वीर काफी हद तक साफ हो जाएगी. इसके बाद संभावित उम्मीदवार खुलकर चुनावी मैदान में उतरेंगे और गांवों में चुनावी गतिविधियां तेज हो जाएंगी.

लखनऊ पहले, इंदौर दूसरे, पटना तीसरे स्थान पर स्वच्छता फीडबैक रैंकिंग में

 पटना  स्वच्छता सर्वेक्षण 2025-26 के तहत शहरों की साफ-सफाई और नागरिक सुविधाओं को लेकर लोगों से ऑनलाइन सिटिजन फीडबैक लिया जा रहा है। रविवार दोपहर तक जारी आंकड़ों में पटना ने सात लाख से भी अधिक सिटिजन फीडबैक के साथ देशभर में तीसरा स्थान हासिल कर राज्य का मान बढ़ाया है। वहीं, बिहार के अन्य तीन स्मार्ट सिटी इस मामले में काफी पीछे दिखाई दे रहे हैं। सबसे अधिक 9,03,240 सिटिजन फीडबैक के साथ लखनऊ पहले स्थान पर है। दूसरे स्थान पर इंदौर है, जहां से 8,63,752 लोगों ने अपनी राय दी है। पटना को अब तक 7,05,036 सिटिजन फीडबैक मिले हैं और वह देश में तीसरे स्थान पर पहुंच गया है। खास बात यह है कि बिहार के शीर्ष-300 शहरों में पटना अकेला शहर है, जिसने उल्लेखनीय भागीदारी दर्ज कराई है। पटना को छोड़ दें तो राज्य के अन्य तीन स्मार्ट सिटी नागरिक भागीदारी के मामले में काफी पीछे हैं। मुजफ्फरपुर को अब तक केवल 6,003 फीडबैक मिले हैं। भागलपुर में यह संख्या 4,828 रही, जबकि बिहारशरीफ की स्थिति सबसे कमजोर दिखी और वहां केवल 901 लोगों ने फीडबैक दिया। बता दें कि स्वच्छता सर्वेक्षण 2024-25 के सिटीजन फीडबैक में पटना ने देशभर में चौथा स्थान हासिल किया था। रैंकिंग तय करने में अहम योगदान स्वच्छता सर्वेक्षण में नागरिकों की भागीदारी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। शहर की सफाई व्यवस्था, कचरा प्रबंधन, सार्वजनिक शौचालय, सड़क सफाई और अन्य सुविधाओं पर लोगों की राय के आधार पर रैंकिंग तय की जाती है। पटना नगर निगम प्रशासन भी अधिक से अधिक लोगों से ऑनलाइन फीडबैक देने की अपील कर रहा है, ताकि शहर की वास्तविक स्थिति राष्ट्रीय स्तर पर बेहतर तरीके से सामने आ सके। स्वच्छता सर्वेक्षण के तहत एक अप्रैल 2025 से 31 मार्च 2026 तक किए गए कार्यों का मूल्यांकन किया जा रहा है। वर्तमान में चल रहा फील्ड असेसमेंट निगम के लिए अहम माना जा रहा है। इस दौरान सिटीजन फीडबैक पोर्टल भी सक्रिय है। पोर्टल व एप के माध्यम से नागरिक दे सकते हैं फीडबैक पोर्टल cf.sbmurban.org या स्वच्छता एमओएचयूए एप के माध्यम से नागरिक फीडबैक दे सकते हैं। एक मोबाइल नंबर से केवल एक बार फीडबैक दर्ज होगा। केंद्रीय टीम के आन-फील्ड सत्यापन के दौरान भी नागरिकों से यही प्रश्न पूछे जा रहे हैं, जिसके अंक स्वच्छता सर्वेक्षण के कुल स्कोर में जोड़े जाएंगे। पूछे जा रहे 13 महत्वपूर्ण सवाल स्वच्छ सर्वेक्षण के तहत शहरवासियों से साफ-सफाई, कचरा प्रबंधन और सार्वजनिक सुविधाओं से जुड़े 13 प्रश्न पूछे जा रहे हैं। इनमें घर-दुकान से कचरा उठाव, सूखा-गीला कचरा पृथक्करण, नियमित सफाई व्यवस्था, सार्वजनिक स्थलों की स्वच्छता, सार्वजनिक शौचालयों की स्थिति, आरआरआर (रिड्यूस, रीयूज, रीसायकल) सेंटर की जानकारी तथा शिकायत निवारण व्यवस्था जैसे विषय शामिल हैं। 12,500 अंकों पर तय होगी नगर निकायों की रैंकिंग नगर निकायों की रैंकिंग कुल 12,500 अंकों के आधार पर तय होगी। इसमें ओडीएफ, वाटर प्लस एवं गार्बेज फ्री सिटी जैसे सर्टिफिकेशन के लिए 2,000 अंक निर्धारित किए गए हैं। वहीं, आन-ग्राउंड असेसमेंट को सबसे अधिक महत्व देते हुए इसके लिए 9,500 अंक तय किए गए हैं। इसके अतिरिक्त नागरिकों की सहभागिता और संतुष्टि को ध्यान में रखते हुए सिटीजन फीडबैक के लिए 1,000 अंक निर्धारित किए गए हैं।

राज्यसभा की दौड़ में नथवाणी की एंट्री, भाजपा नेताओं की मौजूदगी में भरा पर्चा

रांची. झारखंड की दो राज्यसभा सीटों के लिए चुनावी सरगर्मी तेज हो गई है। सोमवार को उद्योगपति और पूर्व राज्यसभा सांसद परिमल नथवाणी ने अपना नामांकन पत्र दाखिल कर राजनीतिक हलकों में नई चर्चा छेड़ दी। नामांकन के दौरान भाजपा के कई विधायक उनके साथ विधानसभा पहुंचे। झरिया से भाजपा विधायक रागिनी सिंह समेत अन्य नेताओं की मौजूदगी ने उनके प्रति भाजपा के समर्थन के संकेत और मजबूत कर दिए। विधानसभा में नथवाणी को लेकर हटिया विधायक नवीन जायसवाल पहुंचे।  परिमल नथवाणी झारखंड से वर्ष 2008 और 2014 में राज्यसभा सांसद रह चुके हैं। वर्तमान में वे आंध्र प्रदेश से राज्यसभा का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। इस बार वे निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में मैदान में उतरे हैं। राजनीतिक सूत्रों के मुताबिक भाजपा ने अपना आधिकारिक उम्मीदवार नहीं उतारने का फैसला किया है और नथवाणी को समर्थन देने की रणनीति बनाई है। बताया जा रहा है कि भाजपा के साथ-साथ सहयोगी दलों जदयू, लोजपा और आजसू के विधायकों को भी उनके प्रस्तावक बनने के निर्देश दिए गए हैं। ऐसे में उनकी दावेदारी काफी मजबूत मानी जा रही है। हेमंत सोरेन से मुलाकात बनी चर्चा का विषय नामांकन से पहले मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और परिमल नथवाणी की मुलाकात भी राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बनी रही। हालांकि दोनों पक्षों ने इसे केवल शिष्टाचार भेंट बताया है। वहीं JMM ने स्पष्ट कर दिया है कि वह नथवाणी के प्रस्तावक की भूमिका में नहीं है। बावजूद राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि नथवाणी के चाहने वाले झामुमो में भी हैं। कारण कि झारखंड के लिए उनका कार्यकाल अच्छा रहा है। मैं पुराना झारखंडी हूं … मैं पुराना झारखंडी हूं। मुझे विश्वास है कि मुझे जीत मिलेगी। सत्तापक्ष का भी साथ मिलेगा। मेरे दो कार्यकाल के काम को पूरा झारखंड देखा है। सबसे लेंगे सहयोग। सबसे मिलना आवश्यक है। हमने झारखंड के लिए जो काम किया है, उसके भरोसे वोट मांगेगे। -परिमल नथवाणी, राज्यसभा प्रत्याशी, झारखंड दूसरी ओर झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) ने बैद्यनाथ राम को उम्मीदवार बनाया है, जबकि कांग्रेस ने पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के मीडिया सलाहकार प्रणव झा को मैदान में उतारा है। महागठबंधन के पास विधानसभा में पर्याप्त संख्या बल है, लेकिन कांग्रेस के विधायकों को एकजुट बनाए रखना पार्टी के लिए बड़ी चुनौती माना जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि क्रॉस वोटिंग होती है तो चुनाव के नतीजों पर इसका असर पड़ सकता है। झारखंड विधानसभा में कुल 81 सदस्य हैं। राज्यसभा चुनाव के लिए मतदान 18 जून को होना है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यदि परिमल नथवाणी को भाजपा और उसके सहयोगी दलों का पूरा समर्थन मिलता है, तो उनकी जीत की संभावनाएं काफी बढ़ सकती हैं। उन्हें जीत के लिए केवल कुछ अतिरिक्त वोटों की आवश्यकता होगी। नामांकन प्रक्रिया के साथ ही राज्यसभा चुनाव के लिए राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। चुनावी गणित, संभावित क्रॉस वोटिंग और अंतिम समय में बनने वाले नए समीकरणों पर सभी की नजरें टिकी हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में झारखंड की राजनीति में और भी दिलचस्प घटनाक्रम देखने को मिल सकते हैं। स्थानीयता और राज्य के मुद्दे पर भी हैं.. नामांकन करना और जीतना दोनों अलग है। भाजपा के ही सभी विधायकों का भी उन्हें समर्थन मिलेगा, यह भी कहा नहीं जा सकता। स्थानीयता और राज्य के मुद्दे पर भी हैं। भाजपा ने किसी दलित को राज्यसभा नहीं भेजा?  -सुप्रियो भट्टाचार्य, महासचिव, झामुमो

19,024 फीट पर बिहार का परचम, शिवेंद्र का कमाल

बांकेबाजार गयाजी जिले के बांकेबाजार प्रखंड के फुलवरिया गांव निवासी शिवेंद्र वर्मा ने साहस, जुनून और दृढ़ संकल्प का अद्भुत परिचय देते हुए विश्व रिकॉर्ड स्थापित किया है. उन्होंने बाइक से कठिन हिमालयी मार्गों को पार कर दुनिया के सबसे ऊंचे मोटरेबल दर्रे उम्लिंग ला पास तक पहुंचने का गौरव हासिल किया है. पांच दिनों तक लगातार बाइक चलाकर हासिल की मंजिल शिवेंद्र वर्मा ने लगातार पांच दिनों तक बाइक से सफर करते हुए लेह-लद्दाख क्षेत्र की कई दुर्गम और ऊंची चोटियों को पार किया. 3 जून को उन्होंने समुद्र तल से लगभग 19,024 फीट की ऊंचाई पर स्थित उम्लिंग ला पास पहुंचकर यह ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की. दुनिया के सबसे ऊंचे मोटरेबल दर्रे तक बाइक से पहुंचना बेहद चुनौतीपूर्ण माना जाता है. BRO ने किया सम्मानित उनकी इस असाधारण उपलब्धि को मान्यता देते हुए सीमा सड़क संगठन (BRO) ने उन्हें मेडल और प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया. यह सम्मान शिवेंद्र वर्मा की मेहनत, साहस और समर्पण का प्रतीक माना जा रहा है. गांव से लेकर जिले तक खुशी का माहौल शिवेंद्र वर्मा की सफलता की खबर मिलते ही फुलवरिया गांव समेत पूरे बांकेबाजार और गया जिले में खुशी की लहर दौड़ गई. ग्रामीणों, मित्रों और शुभचिंतकों ने उन्हें बधाई देते हुए कहा कि उनकी उपलब्धि पूरे बिहार के लिए गर्व की बात है. अमेरिकी कंपनी में हैं मैनेजर शिवेंद्र वर्मा वर्तमान में फिडेलिटी इन्वेस्टमेंट्स में मैनेजर के पद पर कार्यरत हैं. पर्वतीय क्षेत्रों और साहसिक यात्राओं के प्रति उनकी विशेष रुचि रही है. इसी जुनून और तैयारी के दम पर उन्होंने यह उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की. युवाओं के लिए बने प्रेरणा शिवेंद्र वर्मा की यह सफलता युवाओं को यह संदेश देती है कि दृढ़ इच्छाशक्ति, साहस और निरंतर प्रयास के बल पर किसी भी कठिन लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है. उनकी उपलब्धि ने गया ही नहीं, बल्कि पूरे बिहार का गौरव बढ़ाया है.

बड़ी पुलिस कार्रवाई! मंत्री काफिला हमला मामले में मुख्य साजिशकर्ता समेत 7 आरोपी गिरफ्तार

मधुबनी. खजौली थाना क्षेत्र के ठाहर गांव में मंत्री अरुण शंकर के काफिले पर हुए हमले और हिंसक बवाल के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस अधीक्षक योगेन्द्र कुमार ने प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए बताया है कि घटना के बाद चलाए गए विशेष अभियान में सात आरोपितों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें मुख्य साजिशकर्ता के रूप में चिन्हित सुनील कुमार सिंह भी शामिल है। एसपी ने बताया कि घटना की गंभीरता को देखते हुए रविवार देर रात सदर एसडीएम, चार एसडीपीओ तथा दस थानों की पुलिस टीम के साथ संयुक्त छापेमारी अभियान चलाया गया। रात 11 बजे से शुरू हुई कार्रवाई के दौरान ठाहर एवं उसके आसपास के गांवों में एक साथ दबिश दी गई।  तड़के तक चले अभियान में सात लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तार आरोपितों में चार पुरुष और तीन महिलाएं शामिल हैं।  मामला पूरी तरह सुनियोजित साजिश  एसपी योगेन्द्र कुमार ने कहा कि प्रारंभिक जांच में यह मामला पूरी तरह सुनियोजित साजिश का प्रतीत होता है। उन्होंने बताया कि गिरफ्तार मुख्य आरोपित सुनील कुमार सिंह पर भीड़ को भड़काने तथा मंत्री के आगमन की सूचना प्रसारित कर लोगों को एकत्रित करने का आरोप है। पुलिस को मिले साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर घटना में शामिल अन्य लोगों की भी पहचान की जा रही है। एसपी के अनुसार छापेमारी के दौरान आरोपितों के पास से छह मोबाइल फोन, लाठी-डंडे, पेट्रोल से भरी बोतलें तथा कुछ आपत्तिजनक सामग्री बरामद की गई है।  कॉल डिटेल रिकॉर्ड की जांच की जा रही बरामद मोबाइल फोन और कॉल डिटेल रिकॉर्ड की जांच की जा रही है, जिससे घटना के पीछे सक्रिय लोगों और संभावित नेटवर्क का पता लगाया जा सके। पुलिस अधीक्षक ने बताया है कि युवक की मौत के बाद उत्पन्न जनाक्रोश का लाभ उठाकर कुछ असामाजिक तत्वों ने माहौल को भड़काने का प्रयास किया।  उन्होंने कहा कि पुलिस सभी बिंदुओं पर जांच कर रही है और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। घटना में शामिल अन्य लोगों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी जारी है। ज्ञात हो कि ठाहर गांव में सड़क दुर्घटना में एक युवक की मौत के बाद ग्रामीणों में आक्रोश था। इसी बीच मंत्री अरुण शंकर पीड़ित परिवार से मिलने गांव पहुंचे थे।  घटना के बाद पूरे इलाके में तनाव आरोप है कि इसी दौरान उग्र भीड़ ने काफिले को घेर लिया और वाहनों में तोड़फोड़ की। घटना के बाद पूरे इलाके में तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई थी। एसपी योगेन्द्र कुमार ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि कानून हाथ में लेने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।

भीषण गर्मी के बीच राहत के आसार, पटना समेत 7 जिलों में बारिश की चेतावनी

पटना बिहार में भीषण गर्मी के बीच मौसम के मिजाज बदलने के आसार हैं। पटना मौसम विज्ञान केंद्र की रिपोर्ट के मुताबिक अगले दो से तीन घंटों में सात जिलों के 51 प्रखंडों में बारिश के साथ तेज हवा बहने से गर्मी से थोड़ी राहत मिल सकती है। इस दौरान मेघ गर्जन और वज्रपात की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग की ओर से लोगों खासकर किसानों को सचेत रहने की चैतावनी दी है। मौसम विभाग की हालिया रिपोर्ट में बताया गया है कि राजधानी पटना के साथ खगड़िया, जमुई, नालंदा, बांका, भागलपुर, मुंगेर जिलों में अगले दो से तीन घंटों में बारिश होगी। इस दौरान करीब 40 से 50 किलोमीटर प्रतिघंटा की दर से तेज हवा भी चलेगी। बारिश के साथ मेघ गर्जन और वज्रपात गिरने के भी आसार हैं। खगड़िया के दो प्रखंडों, जमुई के एक, पटना के आठ, नालंदा के 13 प्रखंडों में बारिश होने से मौसम का मिजाज बदल जाएगा। इन जिलों में आसमान का रंग बदल गया है। इसके अलावे बांका के साथ, भागलपुर के 11 और मुंगेर के 9 प्रखंडों में बारिश के आसार जताए गए हैं। बिहार बीते कई दिनों से भीषण गर्मी की चपेट में है। दिन में 11 बजे से दो बजे के बीच बाहर निकलना काफी खतरनाक हो सकता है। तापमान लगभग चालीस डिग्री सेल्सियस के आस पास देखा जा रहा है। कई जिलों में जल संकट का खतरा मंडराने लगा है। गर्मी के कारण आग लगने की संभावना भी काफी बढ़ गई है। राज्य के पूर्णिया जिले में तेज धूप और उमस भरी गर्मी ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। दोपहर होते-होते गर्मी का असर इतना बढ़ गया कि बाजारों और सड़कों पर लोगों की आवाजाही काफी कम हो गई। भीषण गर्मी के कारण अधिकांश लोग घरों में ही रहने को मजबूर दिखे, जबकि आवश्यक कार्यों से बाहर निकलने वाले लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। हालांकि सुबह के समय आसमान में बादलों की आवाजाही बनी रही, जिससे धूप और छांव का सिलसिला चलता रहा। इसके बावजूद उमस ने लोगों को बेहाल कर दिया। राहगीरों को शुद्ध पेयजल की तलाश में इधर-उधर भटकना पड़ा और कई लोगों को दुकान से पानी खरीदकर प्यास बुझानी पड़ी।

रांची में भाजपा बैठक, शीर्ष नेताओं ने आगामी रणनीति पर की चर्चा

 रांची  भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन दो दिवसीय झारखंड दौरा संपन्न कर रविवार को दिल्ली लौट गए. प्रस्थान से पहले उन्होंने रांची और झारखंड को अपना दूसरा घर बताते हुए कहा कि यह पावन धरती भाजपा के लिए बेहद उज्ज्वल भविष्य लेकर आएगी. उन्होंने पूर्ण विश्वास जताया कि राज्य में भाजपा की जड़ों को फिर से उसी ऐतिहासिक मजबूती के साथ खड़ा किया जाएगा, जैसा वह पहले थीं. भाजपा प्रदेश कार्यालय से बिरसा मुंडा एयरपोर्ट के लिए रवाना होने से पहले राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कार्यकर्ताओं के साथ हुए संवाद को बेहद उत्साहजनक बताया. कार्यकर्ताओं की ऊर्जा और समर्पण की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि संगठन की ताकत ही भाजपा की सबसे बड़ी पूंजी है. अपने इस प्रवास के दौरान उन्होंने पार्टी पदाधिकारियों और कोर कमेटी के सदस्यों के साथ कई महत्वपूर्ण बैठकें कीं तथा आगामी राजनीतिक रणनीति व सांगठनिक विस्तार को लेकर विस्तृत चर्चा की. राजनीतिक गलियारों में उनके इस दो दिवसीय दौरे को संगठनात्मक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है. प्रदेश अध्यक्ष के पैतृक आवास पर जुटे दिग्गज अपने झारखंड प्रवास के दूसरे दिन रविवार को राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ओरमांझी के कुच्चू स्थित भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू के पैतृक आवास पहुंचे. यहां उन्होंने प्रदेश अध्यक्ष के परिवारजनों से मुलाकात की और अल्पाहार किया. इसके बाद आदित्य साहू के आवास पर ही एक उच्च स्तरीय परिचयात्मक बैठक आयोजित की गई, जिसमें झारखंड भाजपा के तमाम दिग्गज नेता और रांची के तीनों जिलों के कार्यसमिति सदस्य शामिल हुए. इस बैठक में पूर्व मुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्री, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष, पूर्व सांसद, पूर्व विधायक और हालिया चुनाव के प्रत्याशियों ने हिस्सा लिया. राष्ट्रीय अध्यक्ष ने सभी वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं को संगठन की मजबूती, आगामी चुनौतियों और भाजपा के विस्तार को लेकर महत्वपूर्ण मार्गदर्शन दिया. साथ ही, उन्होंने ‘विकसित झारखंड और विकसित भारत’ के संकल्प को पूरा करने के लिए सभी से एकजुट होकर काम करने का आह्वान किया. बैठक में झारखंड भाजपा के इन बड़े चेहरों की रही मौजूदगी इस महत्वपूर्ण सांगठनिक बैठक में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी, छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, संगठन महामंत्री कर्मवीर सिंह, पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास, अर्जुन मुंडा, मधु कोड़ा, केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी और संजय सेठ मुख्य रूप से उपस्थित रहे. इनके अलावा पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रवींद्र राय, दीपक प्रकाश, मुख्य सचेतक नवीन जायसवाल, सांसद बीडी राम, पूर्व सांसद रामटहल चौधरी, विधायक पूर्णिमा साहू, पुष्पा देवी, रामचंद्र चंद्रवंशी, अमर कुमार बाउरी और रांची की पूर्व मेयर रोशनी खलखो सहित दर्जनों वरिष्ठ नेता व कार्यकर्ता मौजूद थे. भाजपा प्रदेश नेतृत्व का मानना है कि इस दौरे से कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा का संचार होगा और राज्य में पार्टी की राजनीतिक गतिविधियों को और अधिक गति मिलेगी.

प्री-मानसून ने पकड़ी रफ्तार, झारखंड में मौसम बदला, येलो अलर्ट जारी

रांची  झारखंड में प्री-मानसून गतिविधियां सक्रिय हो गई हैं. राज्य के अलग-अलग हिस्सों में मौसम का मिजाज बदला हुआ है. कई स्थानों पर बारिश भी हो रही है. इस बीच गढ़वा जिले के धुरकी प्रखंड स्थित परासपानी कला गांव में शनिवार शाम वज्रपात की चपेट में आने से 12 वर्षीय बालक क्रमु कुमार की मौत हो गई. रामगढ़ के गंडके पाहन टोला निवासी की 30 वर्षीय युवक राजू मुंडा और कुजू के मुरपा कठरा टोला निवासी 16 वर्षीय साहिल कुमार की भी वज्रपात की चपेट में आने से मौत हो गई. पिछले 24 घंटे ऐसा रहा तापमान झारखंड में कई स्थानों पर गर्जन के साथ हल्के से मध्यम दर्जे की वर्षा दर्ज की गई, जबकि एक स्थान पर भारी बारिश भी हुई. सबसे अधिक 70.3 मिमी वर्षा सिमडेगा के थर्थाइटांगर में रिकॉर्ड की गई. वहीं, राज्य का सबसे अधिक उच्चतम तापमान 37.6 डिग्री सेल्सियस डाल्टनगंज में दर्ज हुआ, जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान 21.9 डिग्री सेल्सियस लातेहार-AWS में रिकॉर्ड किया गया. कई जिलों में बारिश, मेघगर्जन और वज्रपात की चेतावनी मौसम विज्ञान विभाग (आइएमडी), रांची केंद्र ने झारखंड में आगामी दिनों में बारिश, मेघगर्जन और वज्रपात की संभावना जताई है. कई जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है. मौसम विभाग के अनुसार, राज्य में एक ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण और पूर्वी उत्तर प्रदेश से तेलंगाना तक बना ट्रफ सक्रिय है, जिसके प्रभाव से मौसम में बदलाव देखा जा रहा है. कल रांची और आसपास में बारिश के संकेत 9 जून को रांची, बोकारो, रामगढ़, गुमला और खूंटी सहित दक्षिणी और निकटवर्ती मध्य भागों में मेघगर्जन और तेज हवा के साथ वर्षा होने के संकेत हैं. रांची में 10 और 11 जून को भी मेघगर्जन के साथ वर्षा की संभावना है.