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बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने एयरपोर्ट पर किया स्वागत, सुरक्षा के कड़े इंतजाम के बीच हुआ उच्चस्तरीय दौरा

पटना वियतनाम के राष्ट्रपति तो लाम अपने तीन दिवसीय भारत दौरे पर मंगलवार सुबह गया अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पहुंचे। यहां बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी समेत वरिष्ठ अधिकारियों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। एयरपोर्ट पर सुरक्षा और प्रोटोकॉल के विशेष इंतजाम किए गए थे। बोधगया पहुंचकर महाबोधि मंदिर में किया दर्शन एयरपोर्ट से राष्ट्रपति सड़क मार्ग से बोधगया पहुंचे और सीधे महाबोधी मंदिर गए। वहां उन्होंने भगवान बुद्ध के दर्शन किए और विधिवत पूजा-अर्चना की। मंदिर परिसर में इस दौरान कड़ी सुरक्षा व्यवस्था लागू रही। राष्ट्रपति तो लाम के साथ वियतनाम का उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी मौजूद रहा। उन्होंने महाबोधि मंदिर परिसर में कुछ समय ध्यान किया और बौद्ध परंपराओं के प्रति अपनी गहरी आस्था व्यक्त की। वियतनाम में भी भगवान बुद्ध के प्रति विशेष श्रद्धा होने के कारण बोधगया का खास धार्मिक महत्व है आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और विरासत की नगरी गयाजी आगमन पर वियतनाम के माननीय राष्ट्रपति टो लाम जी का हार्दिक स्वागत एवं अभिनंदन किया।  यह ऐतिहासिक आगमन निश्चित ही हमारे भारत-वियतनाम के प्रगाढ़ संबंधों को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा। प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट राष्ट्रपति के दौरे को लेकर गया जिला प्रशासन कई दिनों से तैयारी में जुटा था। एयरपोर्ट से लेकर महाबोधि मंदिर तक सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। जगह-जगह पुलिस बल, मजिस्ट्रेट और सुरक्षा एजेंसियों की तैनाती की गई थी, जबकि मंदिर में प्रवेश करने वाले श्रद्धालुओं की सघन जांच की गई। प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, राष्ट्रपति बोधगया के विभिन्न बौद्ध स्थलों का भ्रमण करेंगे। उनके दौरे को लेकर शहर में साफ-सफाई, ट्रैफिक व्यवस्था और सुरक्षा प्रबंधन को दुरुस्त किया गया है। विदेशी प्रतिनिधिमंडल के स्वागत के लिए भी विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं। भारत-वियतनाम संबंधों को मिलेगा बल वियतनाम के राष्ट्रपति के दौरे को बिहार विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार ने इसे ऐतिहासिक क्षण बताया। इस दौरान डिप्टी सीएम विजय कुमार चौधरी समेत कई लोग मौजूद रहे। यह दौरा भारत और वियतनाम के सांस्कृतिक व धार्मिक संबंधों को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर तेज हलचल, जातीय संतुलन साधने में जुटी NDA सरकार

पटना बिहार विधानसभा में विश्वास मत हासिल करने के बाद, सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार 6 मई को कैबिनेट विस्तार कर सकती है। सूत्रों के मुताबिक, सत्तारूढ़ गठबंधन के प्रमुख घटक भारतीय जनता पार्टी और जनता दल (यूनाइटेड) के बीच 16-16 मंत्रियों के फॉर्मूले पर सहमति बन गई है। इसमें मुख्यमंत्री और दो उपमुख्यमंत्री भी शामिल होंगे। वहीं, गठबंधन के अन्य तीन सहयोगी दलों को कुल चार मंत्री पद दिए जाने की संभावना है। संवैधानिक प्रावधान के तहत राज्य मंत्रिमंडल में अधिकतम 36 मंत्री ही हो सकते हैं। सूत्रों के अनुसार पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की कैबिनेट में शामिल अधिकांश मंत्रियों को नई मंत्रिपरिषद में फिर से मौका मिल सकता है। जदयू सूत्रों के अनुसार कैबिनेट विस्तार 6 मई को संभव है और इसमें पिछली सरकार के कई पुराने चेहरे दोबारा नजर आ सकते हैं। नए चेहरों को भी मौका मिल सकता है। बिहार कैबिनेट फॉर्मूला तय सम्राट चौधरी के पिछले सप्ताह मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के साथ ही भाजपा को बिहार में पहली बार अपने किसी नेता को मुख्यमंत्री बनाने का अवसर मिला है। वहीं, जदयू के कोटे से दो उपमुख्यमंत्री बनाए गए हैं—विजय कुमार चौधरी और बिजेंद्र प्रसाद यादव, जो दोनों ही नीतीश कुमार के करीबी सहयोगी माने जाते हैं। सूत्रों के अनुसार भाजपा और जदयू दोनों अपने-अपने खेमे से 16-16 मंत्रियों की नियुक्ति पर सहमत हो गए हैं। इसमें मुख्यमंत्री और जदयू के दो उपमुख्यमंत्री भी शामिल हैं। इसके अलावा, गठबंधन के अन्य छोटे सहयोगी दलों को चार मंत्री पद दिए जाएंगे।

BPSC Prelims में बड़ा बदलाव: 5वां ऑप्शन ‘E’ हुआ अनिवार्य, नहीं भरा तो नेगेटिव मार्किंग

पटना बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) द्वारा आयोजित प्रारंभिक (बहुविकल्पीय) परीक्षा प्रणाली में बड़ा बदलाव किया गया है। अब प्रत्येक प्रश्न के लिए 5 विकल्प (A–E) होंगे। इस संशोधन का उद्देश्य परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और सटीक बनाना है। बीपीएससी की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, नई व्यवस्था के तहत हर प्रश्न में पांच विकल्प (A, B, C, D, E) दिए जाएंगे। इनमें विकल्प ‘E’ का अर्थ होगा—प्रश्न का उत्तर नहीं दिया गया (Not Attempted)। पुरानी व्यवस्था में 4 विकल्प पहले प्रत्येक प्रश्न में चार विकल्प (A, B, C, D) होते थे और इनमें से किसी एक का चयन करना अनिवार्य नहीं था। इसी वजह से कई अभ्यर्थी प्रश्नों को बिना उत्तर दिए छोड़ देते थे, जबकि उत्तर देने वाले अभ्यर्थी उपलब्ध विकल्पों (A, B, C या D) में से किसी एक का चयन करते थे। E’ विकल्प अनिवार्य अभ्यर्थी प्रश्न का उत्तर देना चाहता है, तो वह विकल्प A, B, C या D में से किसी एक का चयन करेगा। यदि अभ्यर्थी प्रश्न का उत्तर नहीं देना चाहता है, तो उसे अनिवार्य रूप से विकल्प ‘E’ का चयन करना होगा। नेगेटिव मार्किंग लागू बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) द्वारा आयोजित प्रारंभिक (बहुविकल्पीय) परीक्षा प्रणाली में पहले कई अभ्यर्थी प्रश्नों को बिना हल किए खाली छोड़ देते थे, जिससे पारदर्शिता पर सवाल उठते थे। लेकिन अब नई व्यवस्था के तहत हर प्रश्न का उत्तर देना अनिवार्य कर दिया गया है, जिससे अभ्यर्थियों की जवाबदेही बढ़ेगी। इसके साथ ही ओएमआर शीट में किसी तरह की छेड़छाड़ की संभावना भी कम हो जाएगी। यदि अभ्यर्थी किसी प्रश्न का उत्तर नहीं देना चाहते हैं, तो वे विकल्प ‘ई’ का चयन कर सकते हैं। वहीं, यदि कोई अभ्यर्थी दिए गए पाँचों विकल्पों में से किसी को भी नहीं चुनता है, तो ऐसे प्रत्येक अनुत्तरित प्रश्न पर 1/3 अंक की नेगेटिव मार्किंग के रूप में कटौती की जाएगी।

20 हजार की सुपारी पर हत्या के मामले, बिहार में शूटरों पर कड़ी नजर

पटना बिहार में 350 शूटर सुपारी लेकर हत्या की वारदात को अंजाम देते हैं। सीआईडी और बिहार एसटीएफ ने सूबे के सुपारी शूटरों की सूची बनाई है। सूबे में सुपारी लेकर हत्याओं का सिलसिला चला है। 20 हजार की सुपारी पर भी हत्या की वारदात को अंजाम दिया जा रहा है। हत्या की वारदात पर लगाम लगाने के लिए बिहार एसटीएफ ने सुपारी शूटरों पर कार्रवाई की योजना बनाई है। सूची में शामिल शूटर की वर्तमान गतिविधियों के संबंध में एसटीएफ जांच कर रही है। अहियापुर के बाड़ा जगन्नाथ में बीते माह प्रॉपर्टी डीलर प्रभाकर सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इसमें बकाए रुपये हड़पने के लिए सुपारी देकर हत्या कराने की बात सामने आई थी। पुलिस ने हत्या की सुपारी देने वाले दो आरोपितों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। इसमें चिह्नित दो सुपारी शूटरों को अब तक पुलिस गिरफ्तार नहीं कर पाई है। अहियापुर में चलती बाइक पर सिर में गोली मारने वाले शूटर प्रॉपर्टी डीलर प्रभाकर सिंह के अलावा तीन अन्य घटनाओं को पूर्व में अंजाम दे चुके हैं। मीनापुर इलाके के मिट्ठू सहनी गिरोह के चार सुपारी शूटर ने डेढ़ साल पहले मीनापुर इलाके में महज 20 हजार की सुपारी पर खेत में काम कर रहे किसान की गोली मारकर हत्या कर दी थी। इस घटना में शामिल शूटर हाल ही में जमानत पर मुक्त हुए हैं। इसके अलावा स्मैकिया गिरोह से जुड़े शूटर भी वारदात को अंजाम दे रहे हैं। सीआईडी के डीआईजी संजय कुमार के अनुसार प्रोफेशनल कीलिंग की वारदात में कमी लाने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसमें 350 सुपारी शूटर की सूची बनाई गई है। उनपर बिहार एसटीएफ की टीम नजर रख रही है। निगरानी में संदिग्ध गतिविधि पाए जाने के बाद टीम त्वरित कार्रवाई करती है। सुपारी शूटर की निगरानी होने से प्रोफेशनल कीलिंग की वारदात में पिछले सालों की अपेक्षा कमी आई है।

झारखंड में माओवादी नेटवर्क पर ड्रोन ‘नेत्रा’ और ‘स्विच’ से सुरक्षा बलों को मिली निर्णायक बढ़त

रांची झारखंड में माओवादियों के विरुद्ध अभियान में हाल के वर्षों में मिली सफलता के पीछे उन्नत तकनीक, हाई रिजॉल्यूशन कैमरे से लैस नेत्रा की भूमिका भी सराहनीय है। केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के इस हाईटेक ड्रोन की नजर से माओवादी लाख कोशिश के बावजूद नहीं बच पा रहे हैं। बोकारो व हजारीबाग के वन क्षेत्र में एक-एक करोड़ के इनामी कई बड़े माओवादियों के विरुद्ध सफल अभियान की बात हो या फिर सारंडा में एक साथ 17 माओवादियों को मुठभेड़ में मार गिराने का वीरता पूर्ण कार्य हो, माओवादियों के विरुद्ध अभियान में शामिल जवानों के साथ नेत्रा कदम से कदम मिलाकर चल रहा है। नेत्रा हाईटेक है। यह सीआरपीएफ के लगभग सभी कैंप में है। यह पांच किलोमीटर तक का चक्कर लगाने में सक्षम है। घने जंगल क्षेत्र में सूक्ष्म गतिविधियों तक को देखने में सक्षम है। अगर कोई छुप जाए तो नहीं दिखेगा, लेकिन वह कब तक छुपेगा। सीआरपीएफ का यह नेत्रा दिनभर उड़ता रहता है। कहीं भी हल्की भी हलचल दिखती है तो उसे यह नेत्रा अपने कैमरे में कैद कर लेता है। देता है सटीक लोकेशन, सुरक्षा कैंपों की भी करता है निगरानी किसी भी कैंप की सुरक्षा में संतरी ड्यूटी लगाई जाती है। जंगल में सुरक्षा बलों के कैंप के बीच में अगर 10 किलोमीटर की भी दूरी है तो नेत्रा उस दूरी को नाप देता है। दोनों सुरक्षा कैंपों के बीच से कोई गुजरेगा तो यह हाईटेक ड्रोन उसे आसानी से अपने कैमरे में कैद कर सुरक्षा बलों को इसकी सूचना दे देगा। यह सटीक लोकेशन देता है। अगर माओवादी कहीं दिखे तो उनके लॉन्गीट्यूड व लेटीट्यूड के साथ लोकेशन मिलने पर अभियान में शामिल सुरक्षा बल आसानी से उनकी घेराबंदी कर लेते हैं, जिससे उनके बचकर भागने की संभावना नहीं के बराबर हो जाती है। यह घने जंगल में भी इंसान की मौजूदगी की जानकारी ले लेता है। रात व कम रोशनी में भी यह बेहद प्रभावी है। स्विच ड्रोन भी है बेहद कारगर माओवादियों के विरुद्ध अभियान में सुरक्षा बलों के पास एक अन्य ड्रोन भी है, जिसका नाम स्विच है। यह बिना आवाज के कम ऊचाई पर उड़ान भरता है और माओवादियों के क्षेत्र में कारगर साबित हो रहा है। दुश्मन के ठिकानों का पता लगाने के लिए इसमें भी लंबी दूरी तक उड़ान भरने की क्षमता है। एक साल के भीतर मिली बड़ी सफलताएं     21 अप्रैल 2025 : बोकारो जिले के ललपनिया स्थित लुगू पहाड़ी पर सुरक्षा बलों व पुलिस के साथ मुठभेड़ में एक करोड़ के इनामी प्रयाग मांझी उर्फ विवेक सहित आठ बड़े माओवादी मारे गए।     16 जुलाई 2025 : बोकारो जिले के गोमिया थाना क्षेत्र के बिरहोरडेरा जंगल में सुरक्षा बलों से मुठभेड़ में पांच लाख रुपये का इनामी माओवादी कुंवर मांझी ढेर। इस मुठभेड़ में सीआरपीएफ के एक जवान परनेश्वर कोच बलिदान हो गए थे।     15 सितंबर 2025 : हजारीबाग जिले के गोरहर थाना क्षेत्र के पनतीतरी जंगल में सुरक्षा बलों से मुठभेड़ में एक करोड़ का इनामी सहदेव सोरेन, 25 लाख का इनामी रघुनाथ हेम्ब्रम व दस लाख का इनामी बीरसेन गंझू मारा गया।     17 अप्रैल 2026 : हजारीबाग जिले के केरेडारी थाना क्षेत्र में सुरक्षा बलों ने आपरेशन कोतीनीर चलाया, जिसमें 15 लाख का इनामी सहदेव महतो उर्फ अनुज महतो सहित चार माओवादी ढेर हो गए।     22 जनवरी 2026 : पश्चिमी सिंहभूम के सारंडा जंगल में सुरक्षा बलों से मुठभेड़ में एक करोड़ के इनामी अनल दा सहित 17 माओवादी ढेर। आपरेशन मेगाबुरू में मिली यह सफलता।     माओवादियों के विरुद्ध अभियान में सुरक्षा बलों का ड्रोन कैमरा बेहद कारगर साबित हो रहे हैं। इनकी बदौलत बेहतर तरीके से अभियान चल रहा है। – साकेत कुमार सिंह, आईजी सीआरपीएफ, झारखंड चैप्टर  

CCL ने दी बड़ी सौगात: दामोदर नदी पर गिद्दी-भुरकुंडा पुल का होगा पुनर्निर्माण

 गिद्दी (रामगढ़)  हजारीबाग और रामगढ़ जिलों को जोड़ने वाली गिद्दी-भुरकुंडा दामोदर नदी पर स्थित जर्जर पुल को लेकर लंबे समय से चल रही मांग आखिरकार रंग लाई है। सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (CCL) बोर्ड की बीते 23 अप्रैल को हुई बैठक में इस महत्वपूर्ण पुल की मरम्मत और नए पुल के निर्माण के लिए 19 करोड़ 44 लाख 64 हजार 400 रुपये की स्वीकृति दे दी गई है। इस फैसले से गिद्दी और भुरकुंडा समेत आसपास के क्षेत्रों के लोगों में खुशी की लहर है। यह फैसला न सिर्फ दो जिलों, बल्कि हजारों लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी को सीधे तौर पर प्रभावित करेगा। दो जिलों की धड़कन, अब मिलेगी नई सांस गिद्दी-भुरकुंडा दामोदर पुल हजारीबाग और रामगढ़ जिलों के साथ-साथ मांडू और बड़कागांव को जोड़ने वाला मुख्य मार्ग है। प्रतिदिन हजारों भारी वाहन, स्कूली बच्चे, मजदूर और व्यापारी इसी पुल से गुजरते हैं। ऐसे में इसकी जर्जर हालत लंबे समय से खतरे की घंटी बनी हुई थी। प्रतिदिन हजारों लोग और भारी वाहन इस पुल से गुजरते हैं, जिससे इसकी महत्ता और भी बढ़ जाती है। गिद्दी-भुरकुंडा दामोदर पुल का मरम्मत भी, नया पुल भी बनेगाः जीएम सीसीएल अरगडा जीएम सत्यजीत कुमार ने बताया कि बीते 23 अप्रैल को बोर्ड की बैठक में गिद्दी-दामोदर नद की जर्जर पुल की मरम्मत व नए पुल निर्माण को ले राशि की स्वीकृति मिल गई है। बताया कि 19 करोड़ 44 लाख 64 हजार 400 रुपये की लागत से राज्य सरकार द्वारा पुराने पुल की तत्काल मरम्मत की जाएगी। साथ ही इसके समानांतर नया आधुनिक पुल बनाया जाएगा। कुल स्वीकृत राशि का 25 प्रतिशत करीब 4 करोड़ 75 लाख शुरुआती चरण में राज्य सरकार को दिया जाएगा। हालांकि अभी बोर्ड मीटिंग के आधिकारिक मिनट्स आने बाकी हैं। प्रबंधन ने मुख्यालय से इसकी मांग की है। इसके बाद ही फंड ट्रांसफर और कार्य प्रक्रिया स्पष्ट होगी। खतरे की जद में था पुल गौरतलब है कि गिद्दी-भुरकुंडा दामोदर पुल की स्थिति पिछले कई वर्षों से काफी जर्जर बनी हुई थी। तकनीकी जांच में पुल के एक पिलर को कमजोर पाया गया था। विशेषज्ञों ने भारी वाहनों के संचालन पर सावधानी बरतने की सलाह दी थी। इसके बाद अरगडा-बरकासयाल प्रबंधन ने पुल के दोनो ओर एक बोर्ड लगाया था। जिसमें एक बार में एक तरफ से एक ही भारी वाहन पुल से गुजरने का संदेश अंकित था। साथ ही इसके अनुपालन के लिए दोनों ओर सुरक्षा कर्मी की ड्यूटी लगा दी थी। परंतु रिभर साइड भुरकुंडा की ओर पुल पर तैनात सूरक्षा कर्मी पुल पर एक समय में एक बाड़ी पार कराने के प्रति उतनी संजीदगी नहीं दिखती थाी। जिससे कई बाद पुल के बीच में दोनों ओर से भारी वाहन प्रवेश कर जाने पर पुल पर घंटो जाम लग जाता था। पुल के जर्जर होने से पुल पर कंपन भी महसुस होता है। इसके बावजूद मजबूरी में लोग हर दिन जोखिम उठाकर इसी पुल से गुजर रहे थे। श्रेय लेने की लगी है होड़ गिद्दी-भुरकुंडा दामोदर पुल निर्माण के लिए बोर्ड द्वारा राशि स्वीकृत करने के बाद विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं द्वारा इसे अपनी उपलब्धि बताने का सिलसिला शुरू हो गया है। क्षेत्र में बयानबाजी और सोशल मीडिया के माध्यम से श्रेय लेने की कोशिशें देखी जा रही हैं। हालांकि, आम लोगों का कहना है कि पुल का निर्माण जल्द शुरू होना चाहिए, ताकि आवागमन सुरक्षित हो सके। शुरुआत में निर्माण एजेंसी को लेकर असमंजस थाः एसओसी गिद्दी-भुरकुंडा दामोदर पुल निर्माण एजेंसी को लेकर असमंजस की स्थिति थाी। यह बाते अरगडा एसओसी नोसिर तौहिद ने कही। कहा कि जनहित से जूड़ा सवाल होने के कारण अरगडा महाप्रबंधक सत्यजीत कुमार व अरगडा के तत्कालित जीएम एसके झा ने पुल निर्माण को लेकर काफी गंभीरता दिखाया। बाद में असैनिक विभाग ने सीसीएल हेडक्वार्टर रांची व झारखंड सरकार के बीच सामांजस बनाकर मामले की जमीन लाने का कार्य किया है। अब जाकर यह तय हो गया है कि सीसीएल राशि उपलब्ध कराएगा, जबकि झारखंड सरकार पुल का निर्माण कार्य कराएगी। पुल मरम्मत व नए पुल निर्माण होने से आवागमन होगा सुगम गिद्दी-भुरकुंडा दामोदर नद की जर्जर पूराने पुल की मरम्मत व नए पुल के निर्माण होने से क्षेत्र में आवागमन सुगम होने के साथ-साथ व्यापार, परिवहन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। फिलहाल लोगों की नजर इस बात पर टिकी है कि निर्माण कार्य कब शुरू होता है। अब आगे क्या? अब सबकी नजर इस बात पर है कि बोर्ड मीटिंग के मिनट्स कब आते हैं और टेंडर प्रक्रिया कब शुरू होती है। साथ ही गिद्दी-भुरकुंडा दामोदर नद पर पूराने पुल की मरम्मत व नए पुल निर्माण कार्य जमीन पर कब दिखता है। पुल निर्माण व मरम्मत की राशि स्वीकृत होने पर लोगों में जो पुल कभी डर का कारण था, वही अब विकास की नई पहचान बनने जा रहा है। लोगों की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि प्रक्रिया कितनी तेजी से आगे बढ़ती है और निर्माण कार्य कब शुरू होता है। अगर सब कुछ तय समय पर हुआ, तो जल्द ही यह क्षेत्र एक सुरक्षित और आधुनिक पुल की सौगात पा सकता है।  

जहानाबाद में लापरवाही पर बड़ी कार्रवाई, 46 शिक्षकों का वेतन रोका गया

जहानाबाद बिहार के जहानाबाद जिले में मैट्रिक और इंटरमीडिएट कम्पार्टमेंटल परीक्षा के दौरान ड्यूटी में लापरवाही बरतने वाले शिक्षकों के खिलाफ शिक्षा विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। विभाग ने 46 शिक्षकों का वेतन अस्थायी रूप से रोक दिया है और तीन दिनों के भीतर स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया है। इस कदम से शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है। क्या है पूरा मामला जानकारी के अनुसार, इन शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति परीक्षा कार्य के लिए विभिन्न केंद्रों पर की गई थी। केंद्राधीक्षकों की रिपोर्ट में सामने आया कि कई शिक्षक बिना किसी पूर्व सूचना के अपने निर्धारित परीक्षा केंद्रों पर अनुपस्थित रहे। इतना ही नहीं, उन्होंने इस संबंध में कोई अनुमति भी नहीं ली। जिला शिक्षा कार्यालय ने इस मामले को गंभीर अनुशासनहीनता मानते हुए कड़ी कार्रवाई की है। जारी आदेश में कहा गया है कि यह कृत्य उच्च अधिकारियों के आदेश की अवहेलना, स्वेच्छाचारिता, लापरवाही और अनाधिकृत अनुपस्थिति की श्रेणी में आता है। किसका कितना वेतन रोका गया इंटर कम्पार्टमेंटल परीक्षा में ड्यूटी पर लगाए गए 27 शिक्षकों का वेतन 30 अप्रैल से 11 मई तक रोक दिया गया है। वहीं मैट्रिक कम्पार्टमेंटल परीक्षा में अनुपस्थित रहने वाले 19 शिक्षकों का वेतन 30 अप्रैल से 6 मई तक स्थगित किया गया है। तीन दिन में देना होगा जवाब शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि सभी संबंधित शिक्षकों को तीन दिनों के भीतर संतोषजनक स्पष्टीकरण देना होगा। यदि जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया तो उनकी सेवा पुस्तिका में प्रविष्टि करते हुए कड़ी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही बिहार विद्यालय परीक्षा संचालन अधिनियम 1981 के तहत भी विधिसम्मत कार्रवाई शुरू की जा सकती है। इस कार्रवाई के दायरे में सहायक शिक्षक से लेकर प्रधानाध्यापक तक शामिल हैं, जो विभिन्न प्राथमिक, मध्य और उच्च विद्यालयों में कार्यरत हैं। क्या बोले अधिकारी अधिकारियों ने साफ कहा है कि परीक्षा जैसे महत्वपूर्ण कार्यों में ‘नो टॉलरेंस’ की नीति अपनाई जाएगी। शिक्षा विभाग की इस सख्ती को परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और अनुशासन बनाए रखने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।  

बिहार से सकारात्मक संदेश, सम्राट चौधरी ने जनादेश का किया स्वागत

पटना चार राज्यों के चुनाव परिणाम आने के बाद भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेताओं की प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। पार्टी के राष्ट्रीय मंत्री ऋतुराज सिन्हा ने इसे ‘तुष्टिकरण की राजनीति के अंत’ का संकेत बताया। वहीं बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पश्चिम बंगाल की जनता को ऐतिहासिक जनादेश के लिए बधाई दी। सम्राट चौधरी ने कही ये बात बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा, “जहां पैदा हुए श्यामा प्रसाद मुखर्जी, वो बंगाल हमारा है। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी को ऐतिहासिक जनादेश देने के लिए बंगाल की जागरूक और राष्ट्रनिष्ठ जनता का हृदय से कोटि-कोटि अभिनंदन। भारत माता की जय!” ऋतुराज सिन्हा का बड़ा बयान बीजेपी के राष्ट्रीय मंत्री ऋतुराज सिन्हा ने पश्चिम बंगाल समेत चार राज्यों के चुनाव नतीजों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि भारत की राजनीति से अब ‘वोट बैंक’ और ‘तुष्टिकरण’ का दौर हमेशा के लिए खत्म हो चुका है। ममता बनर्जी पर हमला उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी की सत्ता से विदाई इस बात का प्रमाण है कि जनता अब उस मॉडल को स्वीकार नहीं करेगी, जहां अल्पसंख्यक तुष्टिकरण के नाम पर बहुसंख्यक समाज के साथ दोहरा व्यवहार किया जाता है। ऋतुराज सिन्हा ने कहा कि बंगाल की माताओं-बहनों ने अपनी असुरक्षा और युवाओं ने अपने भविष्य के साथ हुए खिलवाड़ का हिसाब ‘वोट की चोट’ से चुका दिया है। उन्होंने तमिलनाडु और केरल का जिक्र करते हुए कहा कि जो लोग ‘सनातन धर्म’ और भारतीय संस्कृति का अपमान कर अपनी राजनीति कर रहे थे, उन्हें जनता ने कड़ा सबक सिखाया है। उनके अनुसार दक्षिण भारत अब परिवारवाद और छद्म धर्मनिरपेक्षता से बाहर निकलकर राष्ट्रवाद की मुख्यधारा से जुड़ रहा है। इंडी गठबंधन पर प्रहार ऋतुराज सिन्हा ने कहा कि यह प्रचंड जनादेश ‘इंडी गठबंधन’ के उन दलों के लिए करारा जवाब है, जो जाति और धर्म के नाम पर समाज को बांटने की राजनीति करते रहे हैं। सुशासन बनाम विभाजनकारी राजनीति उन्होंने कहा कि देश की जनता ने साफ संदेश दिया है कि उन्हें विभाजनकारी राजनीति नहीं, बल्कि सुरक्षित माहौल और सुशासन चाहिए। ऋतुराज सिन्हा ने कहा कि जो दल ‘वोट जिहाद’ जैसे हथकंडों पर भरोसा कर रहे हैं, उन्हें समझ लेना चाहिए कि अब देश में वही टिकेगा जो “सबका साथ, सबका विकास” के रास्ते पर चलेगा। उन्होंने अंत में कहा कि तुष्टिकरण की राजनीति का अध्याय अब इस देश में हमेशा के लिए बंद हो चुका है।  

बिहार TRE-3: 10 उम्मीदवारों का रिजल्ट जारी, कई जिलों में मिली पोस्टिंग

पटना Bihar Public Service Commission ने महत्वपूर्ण फैसला लिया है। पटना हाईकोर्ट के आदेश के अनुपालन में परिणाम जारी किए गए। टीआरई-3 के 10 अभ्यर्थियों का रिजल्ट घोषित हुआ। लंबे समय से लंबित मामला अब आगे बढ़ा है। किन-किन अभ्यर्थियों का हुआ चयन जारी परिणाम में वर्ग 1 से 5 के 8 अभ्यर्थी शामिल हैं। वर्ग 6 से 8 सामाजिक विज्ञान के 2 अभ्यर्थी भी सफल हुए। ये सभी अभ्यर्थी पहले से रिजल्ट का इंतजार कर रहे थे। अब इनके चयन की प्रक्रिया पूरी हो गई है। इन जिलों में मिली नियुक्ति चयनित अभ्यर्थियों को अलग-अलग जिलों में पोस्टिंग दी गई है। नवादा, समस्तीपुर, खगड़िया और कैमूर शामिल हैं। इसके अलावा शेखपुरा, मुंगेर, बांका और अररिया में भी नियुक्ति हुई। शिक्षा विभाग को अनुशंसा भेजी जा चुकी है। TRE 3.0 परीक्षा से जुड़ा मामला यह पूरा मामला विज्ञापन संख्या 22/2024 से संबंधित है। विद्यालय अध्यापक प्रतियोगिता परीक्षा (TRE 3.0) के तहत चयन हुआ। सभी विषयों के रिजल्ट पहले ही जारी किए जा चुके थे। सफल अभ्यर्थियों की सूची विभाग को भेजी गई थी। आर्थिक अपराध इकाई की जांच का असर Economic Offences Unit Bihar ने परीक्षा में गड़बड़ी का मामला दर्ज किया था। कांड संख्या 06/2024 के तहत जांच शुरू हुई थी। कुछ अभ्यर्थियों को इस मामले में आरोपी बनाया गया। इस कारण उनका रिजल्ट रोक दिया गया था। सील्ड कवर में रखे गए थे रिजल्ट जिन अभ्यर्थियों पर आरोप थे, उनके परिणाम सील्ड कवर में रखे गए। आयोग ने हाईकोर्ट में लंबित मामले का हवाला दिया था। अन्य अभ्यर्थियों का रिजल्ट जारी कर दिया गया था। विवादित अभ्यर्थियों का मामला अलग रखा गया। अब आगे क्या होगा? हाईकोर्ट में मामले के निष्पादन के बाद ही आगे फैसला होगा। सील्ड कवर वाले रिजल्ट तभी सार्वजनिक किए जाएंगे। फिलहाल 10 अभ्यर्थियों को राहत मिली है। आयोग ने प्रक्रिया को आगे बढ़ा दिया है। उम्मीदवारों के लिए अहम संदेश इस फैसले से अन्य अभ्यर्थियों को भी उम्मीद मिली है। लंबित मामलों में धीरे-धीरे समाधान निकल रहा है। पारदर्शिता बनाए रखने पर आयोग का जोर है। आने वाले समय में और अपडेट संभव हैं।  

संजय सरावगी की नई टीम में महिलाओं को मिलेगा अधिक प्रतिनिधित्व, जमीनी कार्यकर्ताओं पर जोर

पटना  सम्राट कैबिनेट विस्तार के उपरांत बिहार भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी की प्रदेश संगठन की घोषणा का खाका भी तैयार है। पार्टी की ओर से पहली बार प्रदेश संगठन में 33 प्रतिशत महिलाओं की सहभागिता सुनिश्चित करने की पहल की जा रही है। अहम यह है कि महिलाओं में किसी सांसद, विधायक या विधान पार्षद की जगह कार्यकर्ता को प्राथमिकता देने की नीति पर पार्टी का विशेष बल है। ऐसे में यह संभावना प्रबल हो गई है कि वर्तमान प्रदेश संगठन में कार्यरत आठ से बढ़कर महिलाओं का प्रतिनिधित्व 12 से 14 हो जाएगा। नेतृत्व की ओर से पार्टी संगठन में बड़े बदलाव की तैयारी अंतिम चरण में है। संगठन की नई टीम की घोषणा को लेकर गहन मंथन चल रहा है। भाजपा नेतृत्व का मानना है कि महिलाओं की बढ़ती राजनीतिक सक्रियता को संगठनात्मक ढांचे में भी उचित प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए। इसी सोच के तहत सरावगी टीम में महिला कार्यकर्ताओं को प्राथमिकता देने की नीति पर जोर दिया जा रहा है। यह भी स्पष्ट संकेत दिए गए हैं कि महिला प्रतिनिधित्व के मामले में केवल सांसद, विधायक या विधान पार्षद जैसे जनप्रतिनिधियों तक सीमित न रहकर जमीनी स्तर पर सक्रिय कार्यकर्ताओं को आगे लाया जाएगा। बड़े बदलाव की पहल संगठन के अंदर यह पहल एक बड़े बदलाव के रूप में देखी जा रही है। अब तक प्रदेश स्तर पर महिलाओं की सहभागिता सीमित मानी जाती रही है, लेकिन नए प्रयोग के जरिए पार्टी महिला नेतृत्व को मजबूत आधार देने की दिशा में कदम बढ़ा रही है। इससे न केवल संगठन का विस्तार होगा, बल्कि बूथ स्तर तक महिला कार्यकर्ताओं की सक्रियता भी बढ़ेगी।वरिष्ठ नेताओं की मानें तो सरावगी की टीम में युवा एवं अनुभवी नेताओं का संतुलन भी देखने को मिलेगा। लगभग 50 प्रतिशत नए चेहरों को मौका देने की तैयारी है, जिससे संगठन में नई ऊर्जा का संचार हो सके। इसके साथ ही जातीय और क्षेत्रीय संतुलन का भी पूरा ध्यान रखा जा रहा है, ताकि सभी वर्गों का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित हो। महिला मतदाताओं के बीच मजबूत पकड़ की कोशिश महिलाओं को संगठन में अधिक भागीदारी देने से भाजपा सामाजिक समीकरणों को साधने के साथ-साथ महिला मतदाताओं के बीच अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रही है। अब सबकी नजरें सरावगी कैबिनेट और प्रदेश संगठन की आधिकारिक घोषणा पर टिकी हैं। माना जा रहा है कि यह टीम भाजपा के लिए आगामी चुनावी चुनौतियों से निपटने में अहम भूमिका निभाएगी और संगठन को नई दिशा देने का काम करेगी। वर्तमान में किस पद पर कौन महिला प्रदेश में संगठन में वर्तमान में छह महिलाएं नेतृत्व कर रही हैं। इसमें प्रदेश उपाध्यक्ष पद पर चार महिलाएं हैं। इसमें सबसे वरिष्ठ अमृता भूषण के अतिरिक्त धर्मशीला गुप्ता, ललिता कुशवाहा एवं अनामिका पासवान नाम है। जबकि प्रदेश महामंत्री पद पर लाजवंती झा हैं। इसके अतिरिक्त मंत्री का दायित्व रीता शर्मा, शोभा सिंह एवं पूनम रविदास संभाल रही हैं।