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हिंदू लड़की के साथ युवक की भयावह हरकतें, बेटा होने पर करवाया खतना

इंदौर हिंदू युवती को धोखाधड़ीपूर्वक प्रेम जाल में फंसा कर मुस्लिम बनाने की चौंकाने वाली घटना सामने आई है। तुकोगंज पुलिस ने हाई प्रोफाइल परिवार की महिला की शिकायत पर मुंबई के युसूफ खान और गुलबानू खान के खिलाफ गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज की है। पीड़िता ने बच्चे की जबरदस्ती खतना कराने, मांस खिलाने और अश्लील वीडियो बनाकर धमकाने के आरोप लगाए हैं। 40 दिन बाद ही करवा दिया बच्चे का खतना पीड़िता ने रिश्ता खत्म कर अलग होने का फैसला किया, मगर युसूफ ने कहा वह उसको खोना नहीं चाहता है। उसने आश्वस्त किया कि वह जैन धर्म के मुताबिक रह सकेगी। साल 2011 में पीड़िता ने बेटे को जन्म दिया। इसके बाद युसूफ और उसकी बहन गुलबानू का व्यवहार बदल गया। उसने 40 दिन बाद ही बच्चे का खतना करवा दिया। उसने कहा कि बेटे की परवरिश मुस्लिम रिवाज से होगी। उसकी तालीम भी मुस्लिम संस्थान में होगी। दोनों ने सिद्ध विनायक मंदिर में की थी शादी साउथ तुकोगंज की पाश कालोनी में रहने वाली 40 वर्षीय महिला से आरोपी युसूफ खान की साल 2004 में दोस्ती हुई थी। महिला एडवरटाइजिंग का काम करती है। उस वक्त युसूफ ने रोमी (हिंदू) नाम बताया और पीड़िता से बातचीत करने लगा। दोनों एक दूसरे को पसंद करने लगे और 2004 में ही मुंबई के सिद्ध विनायक मंदिर में राजी से शादी कर ली। 2005 में पीड़िता एक टीवी चैनल से जुड़ गई। इसी दौरान पता चला रोमी बता कर साथ रहने वाला व्यक्ति मुस्लिम है।   गुलबानू ने पीड़िता को भी धमकाया और कहा तुम भी मुस्लिम बन जाओ। वरना युसूफ के साथ तुम्हारा रिश्ता हराम माना जाएगा। युसूफ और गुलबानू ने जबरदस्ती मांस पकाने और खाने का दबाव बनाया। युसूफ ने उसके साथ मारपीट भी की। इसी दौरान मालिश करने वाले व्यक्ति को बुलाया और उसका आपत्तिजनक वीडियो बना लिया। उसने महिला के साथ बिताए निजी पलों का वीडियो भी रिकॉर्ड कर लिया। वह वीडियो बहुप्रसारित कर मुस्लिम धर्म स्वीकारने का दबाव बनाने लगा। पिछले साल महिला कार्यक्रम के बहाने इंदौर आई और स्वजन को घटना के बारे में बताया। बुधवार रात वह स्वजन के साथ थाने आई और युसूफ और गुलबानू निवासी मलाड़ बरिहान मुंबई के खिलाफ केस दर्ज करवाया।

सचिव केन्द्रीय अल्पसंख्यक कार्य चन्द्रशेखर ने की अल्पसंख्यक कल्याण विभाग की समीक्षा

भोपाल केन्द्रीय सचिव अल्‍पसंख्‍यक कार्य श्री चन्‍द्रशेखर की अध्‍यक्षता में पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंखयक कल्याण विभाग के विंध्याचल भवन स्थित कार्यालय के सभाकक्ष में विभागीय समीक्षा बैठक हुई। बैठक में केंद्र सरकार के सचिव श्री चंद्रशेखर ने प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम योजना अंतर्गत हमीदिया अस्‍पताल के उन्‍नयन में चल रहे निर्माण कार्य की समीक्षा की। उन्होंने हड्डी रोग विभाग, स्‍वशन रोग विभाग, नर्सिंग कॉलेज एवं छात्रावास, मॉर्चरी ब्‍लॉक, ड्रग स्‍टोर, वॉटर संपबैल एवं अधीक्षक कार्यालय भवन आदि की प्रगति की जानकारी प्राप्‍त की और अधिकारियों को निर्माण कार्यों को मिशन मोड में लेकर शीघ्र पूर्ण करने के लिए कहा। उन्होंने वक्‍फ-संपत्तियों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देशित किया कि राजस्‍व विभाग के साथ समन्‍वय स्‍थापित कर वक्‍फ संपत्ति/भूमियों पर जहां पर अवैध कब्जा है, उन्हें अतिक्रमण मुक्‍त कराया जाए। वक्‍फ संपत्ति के पुरानें किराये-दारों से नवीन अनुवंध कर वर्तमान दरों पर किरायेदारी तय की जाये, जिससे वक्‍फ बोर्ड की आय में वृद्वि हो सके। बैठक में केंद्र सरकार के संयुक्‍त सचिव श्री राम सिंह, प्रदेश के प्रमुख सचिव पिछड़ा वर्ग तथा अल्‍पसंख्‍यक कल्‍याण डॉ. ई रमेश कुमार, अपर सचिव श्री अनुराग चौधरी, स्‍वास्‍थ्‍य आयुक्‍त श्री तरूण राठी, आयुक्‍त पिछड़ा वर्ग तथा अल्‍पसंख्‍यक कल्‍याण श्री सौरभ कुमार सुमन संचालक कौशल विकास श्री गिरीश मिश्रा और अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।  

मुख्यमंत्री यादव ने कहा- हर घर तक सतत जल आपूर्ति सुनिश्चित करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता

नल से जल पहुंचाने में मध्यप्रदेश ने हासिल की 70 प्रतिशत से अधिक सफलता मार्च-2027 तक हर ग्रामीण परिवार तक पहुंचेगा जल भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार की प्रतिबद्धता केवल हर घर तक नल से जल पहुँचाने की ही नहीं बल्कि यह सुनिश्चित करना भी है कि पेयजल सुविधा आने वाले वर्षों तक सतत और गुणवत्तापूर्ण रूप में उपलब्ध हो। उन्होंने कहा कि ग्रामीण नलजल योजनाओं के संचालन और संधारण की नीति को इस प्रकार तैयार किया जाय, जिससे हर गांव में स्वच्छ पेयजल की स्थायी व्यवस्था बने और किसी भी परिवार को पानी के लिए कठिनाई न उठानी पड़े। मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरूवार को मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में ग्रामीण नल-जल प्रदाय योजनाओं के संचालन एवं संधारण नीति के प्रारूप पर हुई बैठक में यह बात कही। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इन योजनाओं को निर्माण कार्य तक ही सीमित न रखकर संचालन और रखरखाव की ऐसी स्थायी व्यवस्था विकसित की जाए, जिससे आने वाले वर्षों में भी योजनाएँ पूरी क्षमता से कार्य करती रहें। उन्होंने यह भी कहा कि ग्राम स्तर पर सामुदायिक भागीदारी को बढ़ावा दिया जाए, जिससे ग्रामीण अपने स्तर पर भी योजनाओं की देखरेख कर सकें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में प्रारंभ किए गए जल जीवन मिशन ने ग्रामीण भारत की तस्वीर बदल दी है। मध्यप्रदेश ने इस दिशा में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। बैठक में निर्णय लिया गया कि लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा तैयार किये गये "ग्रामीण नलजल योजना संचालन, संधारण एवं प्रबंधन नीति" को सक्षम स्वीकृति उपरांत 03 वर्षों के लिये लागू किया जाये। इस नीति के लागू होने से समूह जलप्रदाय योजनाओं की भांति एकल ग्राम नलजल योजनाओं का सुचारू एवं दीर्घकालिक संचालन हो सकेगा। इस नीति के अनुसार ग्रामीण नलजल योजनाओं का संचालन, संधारण एवं प्रबंधन सुनिश्चित किया जायेगा। प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी श्री पी. नरहरि ने बताया कि प्रदेश में अगस्त 2019 तक जहाँ केवल 12.11 प्रतिशत अंतर्गत 13 लाख 53 हजार ग्रामीण परिवारों को ही नल से जल मिल रहा था, वहीं अब यह संख्या बढ़कर 78 लाख 64 हजार से अधिक हो गई है। इस प्रकार 70.41 प्रतिशत ग्रामीण परिवार नल से जल सुविधा से जुड़ चुके हैं। कुल 1 करोड़ 11 लाख 69 हजार परिवारों को नल से जल उपलब्ध कराने का लक्ष्य है। जल जीवन मिशन का कार्य वर्ष 2027 तक पूर्ण कर लिया जायेगा। समूह नलजल की 147 इसी प्रकार कुल योजनाओं में से अब तक 52 योजनाएँ पूर्ण की जा चुकी हैं जिनसे 4 हजार 285 ग्रामों में जलापूर्ति की जा रही है। शेष 95 योजनाएँ प्रगति पर हैं। प्रमुख सचिव श्री नरहरि द्वारा प्रदेश में ग्रामीण क्षेत्रों में क्रियान्वित हो रही नलजल योजनाओं के दीर्घकालिक एवं प्रभावी संचालन हेतु विभाग द्वारा पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग सहित विभिन्न स्तरों पर विचार विमर्श उपरांत तैयार की गई "ग्रामीण नलजल योजना संचालन-संधारण एवं प्रबंधन नीति" की विस्तार से जानकारी दी गई। इस नीति के प्रावधानों के अनुसार ग्रामीण नलजल योजना का संचालन पूर्व की भांति संबंधित ग्राम पंचायत के द्वारा किये जाने तथा ग्राम पंचायतों को योजना के संचालन में सहयोग देने हेतु तथा योजना संचालन की व्यवस्था को सदृढ करने के उददेश्य से योजना के संधारण से संबंधित कार्य लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के द्वारा अनुबंधित एजेंसी के माध्यम से किये जाने की जानकारी दी गई। बैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री प्रह्लाद सिंह पटेल तथा लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री श्रीमती सम्पतिया उइके, मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय श्री नीरज मंडलोई, अपर मुख्य सचिव, वित्त श्री मनीष रस्तोगी, प्रमुख सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास श्रीमती दीपाली रस्तोगी, प्रबंध संचालक जल निगम श्री के. वी.एस. चौधरी कोलसानी भी उपस्थित थे।  

स्वास्थ्य अधोसंरचना विकास कार्य समय पर एवं गुणवत्ता के साथ करें पूर्ण : उप मुख्यमंत्री शुक्ल

विकास कार्यों की संभागवार गहन समीक्षा की भोपाल  उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने मंत्रालय में प्रधानमंत्री-आयुष्मान भारत स्वास्थ्य अवसंरचना मिशन (पीएम-अभीम) एवं 15वें वित्त आयोग मद अंतर्गत संचालित स्वास्थ्य अधोसंरचना निर्माण कार्यों की विस्तृत संभागवार समीक्षा की। उन्होंने कहा कि प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं को सुदृढ़ बनाने के लिए स्वीकृत निर्माण कार्यों को निर्धारित समयसीमा में एवं उच्च गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाना आवश्यक है। उन्होंने विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों के उन्नयन के प्रस्तावों की व्यवहार्यता (फिजिबिलिटी ) जाँच शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने तकनीकी मैनपावर की पर्याप्त भर्ती कर कार्यों की गहन मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि इन कार्यों की प्रगति प्रदेश में स्वास्थ्य अवसंरचना को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। समय पर कार्यों के पूर्ण होने से प्रदेशवासियों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएँ उपलब्ध होंगी। बैठक में प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा श्री संदीप यादव, आयुक्त जनसम्पर्क डॉ. सुदाम खाड़े, संचालक प्रोजेक्ट श्री नीरज कुमार सिंह, एमडी एनएचएम डॉ. सलोनी सिडाना सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे। बताया गया कि पीएम अभीम मद अंतर्गत प्रदेश में कुल 71 कार्य स्वीकृत हैं। इनमें से 27 कार्य पूर्ण हो चुके हैं, 30 कार्य प्रगतिरत हैं और 14 कार्य टेंडर स्तर पर हैं। स्वीकृत 93 करोड़ लाख रुपये में से अब तक 50 करोड़ 58 लाख रुपये का व्यय किया गया है। 15वें वित्त आयोग मद अंतर्गत कुल 1934 कार्य स्वीकृत हैं। इनमें से 267 कार्य पूर्ण, 1543 कार्य प्रगति पर तथा 19 कार्य टेंडर स्तर पर हैं। स्वीकृत 1 हजार 357 करोड़ रुपये में से 410 करोड़ रुपये का व्यय किया जा चुका है। उल्लेखनीय है कि 4 जुलाई 2025 तक 201 कार्य पूर्ण थे, 19 अगस्त तक यह संख्या बढ़कर 267 पर पहुँची। समीक्षा अवधि में 66 अतिरिक्त कार्य पूर्ण हुए हैं।  

जर्मन डीप टेक लीडर्स के साथ भागीदारी से म.प्र. को डिजिटल प्रदेश बनने में मिलेगी गति

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश में निवेश एवं नवाचार को निरंतर प्रोत्साहित किया जा रहा है। इसी क्रम में जर्मन व्यापार प्रतिनिधिमंडल ने गुरुवार को मध्यप्रदेश राज्य इलेक्ट्रॉनिक्स विकास निगम लिमिटेड का भ्रमण किया। इसका उद्देश्य डिजिटल परिवर्तन, डीप टेक और निवेश संवर्धन के क्षेत्र में सहयोग को बढ़ावा देना था। जर्मन डीप टेक लीडर्स का यह दौरा प्रदेश में वैश्विक सहयोग को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। तेजी से प्रौद्योगिकी और नवाचार का केंद्र बन रहे प्रदेश की जर्मन डीप टेक लीडर्स के साथ साझेदारी डिजिटली सशक्त राज्य बनने की यात्रा को गति प्रदान करेगी। प्रतिनिधिमंडल में जर्मनी के अग्रणी उद्यमी और प्रौद्योगिकी विशेषज्ञ जिनमें टाइलर्स के श्री स्टीवन रेनविक, टैलोनिक के श्री निकोलस एडमोपोलोस एवं सुश्री जोआना माजा मोर्ज़ी, स्टेएक्स के श्री एलेक्जेंड्रा के मिकीटयूक, क्यू-नेक्ट एजी के श्री गेब्रियल वेटज़ेल एवं श्री आंद्रे लैंग, क्लाउडस्क्विड के श्री फिलिप रेजमस और जर्मनी इंडिया इनोवेशन कॉरिडोर के श्री सिद्धार्थ भसीन शामिल थे।ये कंपनियाँ कृत्रिम बुद्धिमत्ता, कार्यप्रवाह स्वचालन, विकेन्द्रीकृत सॉफ्टवेयर, डेटा अवसंरचना और अगली पीढ़ी के उद्यम समाधानों में अग्रणी हैं। डिजिटल नवाचार का प्रदर्शन प्रतिनिधिमंडल ने राज्य डेटा सेंटर का भ्रमण किया और एमपीएसईडीसी की प्रमुख परियोजनाओं से परिचित हुए। प्रस्तुतियों में स्टेट वाइड एरिया नेटवर्क (एमपी स्वान), राज्य डेटा सेंटर, और उत्कृष्टता केंद्र के माध्यम से डिजिटल रूप से सशक्त पारिस्थितिकी तंत्र के निर्माण में मध्यप्रदेश के प्रयासों के साथ एकल नागरिक डेटाबेस, साइबर तहसील, संपदा 2.0, ई-नीलामी, आपदा चेतावनी और प्रतिक्रिया प्रणाली, यूनीपे, कार्य प्रबंधन प्रणाली, और ई-एचआरएमएस जैसी परियोजनाओं पर प्रकाश डाला गया।नवीन डिजिटल शासन अनुप्रयोगों जैसे ज्ञानकोष, एआई/एमएल-आधारित डिस्कॉम समाधान, सीसीटीएनएस के तहत पुलिस चैटबॉट, चक्षु भावना विश्लेषण मंच, और आबकारी डैशबोर्ड का भी प्रदर्शन किया गया। प्रगतिशील निवेश नीतियां और अवसर प्रतिनिधिमंडल को मध्यप्रदेश की प्रगतिशील निवेश नीतियों और उभरती प्रौद्योगिकी पर केंद्रित योजनाओं जैसे जीसीसी नीति-2025, एवीजीसी-एक्सआर नीति-2025, ड्रोन संवर्धन और उपयोग नीति-2025 और आगामी सेमीकंडक्टर नीति-2025 के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। इन नीतियों के माध्यम से मध्यप्रदेश वैश्विक निवेशकों के लिए एक आकर्षक गंतव्य के रूप में उभर रहा है। साथ ही बताया गया कि लागत, प्रतिभा, बुनियादी ढांचे, और जीवन स्तर के मामले में मध्यप्रदेश टियर-2 शहरों में निवेश के लिए प्रतिस्पर्धी लाभ प्रदान करता है, जिसके कारण कंपनियां टियर-1 से टियर-2 शहरों की ओर तेजी से बढ़ रही हैं। एमपीएसईडीसी के परियोजना निदेशक श्री गुरु प्रसाद ने कहा कि मध्यप्रदेश तेजी से प्रौद्योगिकी और नवाचार का केंद्र बन रहा है। जर्मनी और मध्यप्रदेश नवाचार और उद्यमिता के क्षेत्र में मजबूत समन्वय साझा करते हैं। जीसीसी, सेमीकंडक्टर, ड्रोन, और एवीजीसी-एक्सआर जैसे क्षेत्रों में प्रगतिशील नीतियों के माध्यम से हम एक जीवंत स्टार्टअप और प्रौद्योगिकी पारिस्थितिकी तंत्र बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं, जो जर्मन भागीदारों के साथ गहन सहयोग से और समृद्ध होगा। जर्मन डीप टेक उद्यमियों के इस दौरे में मेहमान टीम की विशेषज्ञता और प्रदेश के डिजिटल गवर्नेंस इंफ्रास्ट्रक्चर के बीच तालमेल पर केंद्रित विचार विनिमय हुआ। इससे नवाचार, अनुसंधान और निवेश की भावी साझेदारियों के लिए ठोस आधार तैयार हुआ है।  

सीएम हेल्पलाइन पर आयुष्मान योजना को लेकर लगातार मिल रही शिकायतें

भोपाल  केंद्र सरकार ने गरीब, जरूरतमंदों के लिए निश्शुल्क स्वास्थ्य सेवा प्रदान करने के उद्देश्य से आयुष्मान भारत योजना शुरू की है। जिसमें हर प्रति वर्ष पांच लाख रूपये तक का उपचार करवाया जा सकता है। लेकिन निजी अस्पतालों ने योजना के नाम पर अवैध वसूली शुरू कर दी है। हाल ही में कनाड़िया क्षेत्र के फिनिक्स अस्पताल से शिकायत मिली है, जांच में आयुष्मान कार्ड धारक मरीज से राशि लेना पाया गया है। लेकिन इस तरह राशि वसूलने का खेल सिर्फ फिनिक्स अस्पताल में ही नहीं बल्कि शहर के कई निजी अस्पतालों में चल रहा है।   सीएम हेल्पलाइन पर हर माह करीब 10 शिकायतें आयुष्मान कार्ड धारकों द्वारा वसूली, इलाज नहीं मिलने, लंबे समय तक भर्ती रखने आदि की आती है। यानि हर वर्ष 100 से अधिक शिकायतें होती है। इस संबंध में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी जांच के लिए भी अस्पतालों में जाते हैं। अधिकारियों के मुताबिक इंदौर में 68 निजी अस्पताल और 35 शासकीय अस्पताल जिसमें प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भी शामिल है। यहां आयुष्मान योजना के अंतर्गत मरीजों का उपचार होता है। मरीजों को स्वस्थ होने के बाद भी नहीं करते डिस्चार्ज शहर के निजी अस्पतालों में आयुष्मान योजना के अंतर्गत सबसे अधिक शिकायत इस संबंध में आती है कि मरीजों को स्वस्थ होने के बाद भी यह डिस्चार्ज नहीं करते हैं। छोटी बीमारी में भी उपचार के लिए मरीजों को लंबे समय तक भर्ती रखा जाता है। ताकि मोटा बिल बनाकर राशि ले सकें। लेकिन इस संबंध में कभी बड़ी कार्रवाई होते हुए नजर नहीं आती है। निजी अस्पतालों पर हो चुकी कार्रवाई इससे पहले भी मरीजों से राशि वसूलने, मरीजों को जबरन भर्ती करने सहित आयुष्मान से जुड़ी अन्य गड़बड़ी सामने आ चुकी है। यह गड़बड़ी शहर के बड़े निजी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में सामने आई थी। जिसकी भोपाल से आई टीम ने जांच की थी और कार्रवाई भी हुई थी।     इंदौर के 68 निजी अस्पतालों आयुष्मान योजना से इलाज।     शहर के 35 शासकीय अस्पताल, प्राथमिक केंद्रों पर योजना से इलाज।     अस्पतालों में आयुष्मान के अप्रुवल के लिए परेशान होते हैं मरीज। 

मेट्रोपोलिटन सिटी के रूप में आकार ले रहा है भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

आसपास के जिले भी होंगे लाभान्वित वेस्टर्न बायपास के निर्माण से आवागमन होगा बेहतर अक्टूबर 2025 तक भोपाल में आरंभ होगी मेट्रो ट्रेन भोपाल के प्रमुख मार्गों पर बनेंगे द्वार और बड़े तालाब में कश्मीर की डल झील के समान चलाए जाएंगे शिकारे अमृत 2.0 परियोजना के अंतर्गत भोपाल शहर के 30 हजार घरों तक स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता होगी सुनिश्चित मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भोपाल नगरनिगम के 582 करोड़ 32 लाख रूपए लागत के जलापूर्ति संबंधी कार्यों और 16 करोड़ 76 लाख रूपए के 50 विकास कार्यों का किया भूमिपूजन और वितरित किए नियुक्ति-पत्र मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया भोपाल के सफाई मित्रों का सम्मान कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में हुआ कार्यक्रम भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि भोपाल देश के सुंदरतम शहरों में से एक है। प्रदेश की राजधानी के विकास को सुनियोजित करते हुए भोपाल को राज्य सरकार मेट्रोपोलिटन सिटी के रूप में विकसित करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। इसका लाभ भोपाल के आसपास के जिलों को भी मिलेगा। भोपाल और आसपास के क्षेत्रों के आवागमन को बेहतर बनाने के उद्देश्य से वेस्टर्न बायपास भी विकसित किया जा रहा है। अक्टूबर 2025 तक भोपाल में मेट्रो ट्रेन का संचालन भी आरंभ होगा। भोपाल के बड़े तालाब में कश्मीर की डल झील के समान शिकारो का संचालन भी पर्यटन विकास निगम के सहयोग से किया जाएगा। भोपाल में नगर निगम के माध्यम से प्रमुख मार्गों पर भव्य द्वार बनाए जा रहे हैं। साथ ही नगर में विशाल कन्वेंशन सेंटर का निर्माण भी किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव नगरपालिका निगम भोपाल द्वारा निर्माण कार्यों के भूमिपूजन, नियुक्ति-पत्र वितरण और सफाई मित्रों के सम्मान के लिए कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम में अमृत 2.0 परियोजना के अंतर्गत रुपए 582.32 करोड़ की लागत से विभिन्न जलापूर्ति संबंधी कार्यों और 16 करोड़ 76 लाख रूपए लागत से विभिन्न वार्डों में होने वाले 50 विकास कार्यों का भूमि-पूजन किया। साथ ही नियुक्ति एवं अनुकंपा-पत्र प्रदान किए और स्वच्छ सर्वेक्षण 2024 में भोपाल को उत्कृष्ट स्थान प्राप्त होने पर सफाई मित्रों का सम्मान भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की प्रत्येक भारतवासी के जीवन को बेहतर बनाने की प्रतिबद्धता के परिणाम स्वरूप ही अमृत 2.0 परियोजना में भोपाल शहर के 30 हजार घरों तक स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित होगी। प्रधानमंत्री श्री मोदी की जीवटता के परिणामस्वरूप ही देश में नगरीय विकास के साथ नागरिकों के लिए मूलभूत सुविधाओं का विस्तार भी तीव्र गति से हो रहा है। इससे आम आदमी का जीवन सरल और सुगम होगा। प्रदेश में 295 नगरों में विकास कार्य प्रगति पर हैं। उन्होंने कहा कि भारत में नगरीय व्यवस्था प्राचीनकाल से ही व्यवस्थित और समृद्ध रही है। हड़प्पा और मोहनजोदाड़ो इसके उदाहरण हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में भारत की अर्थव्यवस्था आज दुनिया में चौथे स्थान पर पहुंच गई है। विश्व में भारतीय लोकतांत्रिक व्यवस्था की साख है। भारतीय लोकतंत्र में स्थानीय निकायों की जिम्मेदारी महत्वपूर्ण है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि केंद्र हो या राज्य, जब कोई भी योजना लागू होती है तो सबसे पहली भूमिका निकायों की होती है। भोपालवासियों ने ऐतिहासिक रूप से अपने जीवंत लोकतांत्रिक संस्कारों का परिचय दिया है। स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद भोपाल में आरंभ हुआ विलीनीकरण आंदोलन इसका उदाहरण है। देश की लोकतांत्रिक संस्थाओं की सक्रियता और भारतीय सेना द्वारा देशवासियों को दिए गए सुरक्षा के अहसास से हमारी अर्थव्यवस्था सहित सभी क्षेत्रों में विकास की गति तेज हुई है। खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग ने कहा कि किसी भी राज्य के विकास में नगरों का विकास अति महत्वपूर्ण है। नगरों में लगातार रोजगार के अवसर सृजित होते हैं तो नगरों का आकार बढ़ता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नगरों के विकास पर ध्यान केंद्रित किया है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने शहरों के विकास के लिए अनेक कल्याणकारी योजनाएं शुरू की हैं, जो मील का पत्थर साबित हो रही हैं। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने स्मार्ट सिटी विकसित करने और स्वच्छता सर्वेक्षण की शुरुआत की। इस वर्ष भोपाल को स्वच्छता में दूसरा स्थान मिला है। अमृत परियोजना 2.0 योजना से शहरों की समस्याओं को दूर करने और स्वच्छ पेयजल आपूर्ति के लिए टंकियों का निर्माण किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में औद्योगिक विकास और रोजगार सृजन के कार्य हो रहे हैं। उन्होंने भोपलवासियों से भोपाल को अगले स्वच्छता सर्वेक्षण में नंबर-1 बनाने के लिए हरसंभव योगदान देने का आहवान किया। महापौर भोपाल श्रीमती मालती राय ने कहा कि भोपाल नगर निगम द्वारा अमृत परियोजना 2.0 योजना के अंतर्गत भविष्य की दृष्टि से पेयजल के लिए 4 फिल्टर प्लांट और 4 इंटेकवेल बनाए जाएंगे। साथ ही 36 उच्चस्तरीय टंकियों से 700 किमी लंबी पाइपलाइन से पेयजल उपलब्ध कराया जाएगा। भोपाल नगर निगम के 31 कर्मचारियों की असमय मृत्यु के बाद उनके परिवार के सदस्यों को अनुकंपा नियुक्ति के पत्र वितरित किए जा रहे हैं। सीधी भर्ती से चयनित 24 अभ्यर्थियों को भी नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए। सफाई मित्रों के सहयोग के कारण ही भोपाल को स्वच्छता सर्वेक्षण में उपलब्धि प्राप्त हुई है। इस सफलता के लिए सफाई मित्रों का सम्मान हम सबका दायित्व है। कार्यक्रम मेंपूर्व प्रोटेम स्पीकर एवं विधायक श्री रामेश्वर शर्मा, विधायक श्री भगवान दास सबनानी, श्री रवीन्द्र यति, भोपाल नगर निगम के पार्षद, अधिकारी-कर्मचारी, सफाई मित्र तथा बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित 

प्रदेश के स्थापना दिवस पर राजधानी भोपाल में होगा सम्राट विक्रमादित्य महानाट्य का मंचन : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

सम्मान समारोह के साथ सुगम संगीत और ड्रोन शो भी होगा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्थापना दिवस समारोह की तैयारियों की ली जानकारी अधिक से अधिक युवाओं को कार्यक्रमों से जोड़ने के निर्देश भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरूवार को मंत्रालय में आयोजित बैठक में आगामी 1 नवंबर को मध्यप्रदेश स्थापना दिवस समारोह की तैयारियों की जानकारी प्राप्त की। प्रस्तावित कार्यक्रमों के अनुसार स्थापना दिवस कार्यक्रमों के अंतर्गत विभिन्न प्रस्तुतियां होंगी। भोपाल के लाल परेड मैदान में राज्य स्तरीय कार्यक्रम में सम्राट विक्रमादित्य महानाट्य का मंचन होगा। जनकल्याण, सुशासन और शौर्य के पर्याय सम्राट विक्रमादित्य के जीवन और योगदान से नागरिकों को महानाट्य के माध्यम से परिचित करवाने के लिए दक्ष कलाकार राजधानी आएंगे। उल्लेखनीय है कि इस वर्ष नई दिल्ली में भी सम्राट विक्रमादित्य महानाट्य का मंचन सफलतापूर्वक हुआ है, जिसे व्यापक प्रशंसा मिली। इसके साथ ही स्थापना दिवस पर प्रख्यात कलाकारों द्वारा सुगम संगीत कार्यक्रम एवं ड्रोन-शो का आयोजन होगा। ड्रोन-शो के लिए विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के माध्यम से आवश्यक तैयारियां प्रारंभ की गई हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अधिक से अधिक संख्या में युवाओं को कार्यक्रम से जोड़ने के निर्देश दिए। मध्यप्रदेश स्थापना दिवस राजधानी से लेकर जिलों तक मनाया जाएगा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राजधानी भोपाल सहित जिलों में होने वाले स्थापना दिवस कार्यक्रम के गरिमामय आयोजन के लिए आवश्यक तैयारी की जाए। नारी सशक्तिकरण के प्रतीक स्व-सहायता समूह की बहनों को भी आमंत्रित किया जाए। नागरिकों की व्यापक भागीदारी होना चाहिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निर्देश दिए कि स्वास्थ्य सहित विभिन्न सेवा क्षेत्र में गतिविधियों का आयोजन किया जाए। प्रदेश के स्थापना दिवस का अवसर उल्लास और उमंग का अवसर है और इसमें हर व्यक्ति की सहभागिता होना चाहिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शिक्षा विभाग के सहयोग से सामान्य ज्ञान और अन्य स्पर्धाएं आयोजित की जाएं। राज्य शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन की जानकारी और प्रमुख उपलब्धियां भी जन-जन पहुंचे। इसके लिए प्रदर्शनी भी आयोजित की जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी क्षेत्र, नवकरणीय ऊर्जा क्षेत्र, सुशासन और अन्य कई क्षेत्रों में नवाचार किए गए हैं। अनेक उपलब्धियां राज्य ने अर्जित की हैं। इन उपलब्धियां की जानकारी आम लोगों तक पहुंचना चाहिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जिला पर्यटन परिषद को भी आयोजनों से जोड़ा जाए। बैठक में बताया गया कि भोपाल के लाल परेड मैदान पर राज्य स्तरीय कार्यक्रम के साथ ही जिला मुख्यालय पर भी स्थापना दिवस के कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार की गई है। जिला स्तर पर जिला उत्पादों का प्रदर्शन और उत्कृष्ट कार्यो पर आधारित प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी। सभी शासकीय भवनों में एक नवंबर को प्रकाश सज्जा की जाएगी। बैठक में मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन, पुलिस महानिदेशक श्री कैलाश मकवाना, मुख्यमंत्री कार्यालय में अपर मुख्य सचिव श्री नीरज मंडलोई, प्रमुख सचिव पर्यटन श्री शिव शेखर शुक्ला, आयुक्त एवं सचिव जनसंपर्क डॉ. सुदाम खाड़े और अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।  

मध्यप्रदेश में पेट्रोलियम खनिजों की अपार संभावनाएं

खनन क्षेत्र में आधुनिक तकनीक और ई-गवर्नेंस से पारदर्शिता व सुशासन भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि खनिज संसाधनों की प्रचुरता प्रदेश की समृद्धि का आधार बन रही है। क्रिटिकल मिनरल्स, रेयर अर्थ एलिंमेंट्स, हीरा और बहुमूल्य धातुओं के भंडार मिलने से प्रदेश खनन क्षेत्र में देश का सिरमौर बनने की राह पर तेजी से बढ़ रहा है। हाल ही में मध्यप्रदेश की भूगर्भीय संरचना पेट्रोलियम, प्राकृतिक गैस और कोल बेड मीथेन (CBM) जैसे हाइड्रोकार्बन संसाधनों की अपार संभावनाएं है। विशेषज्ञों के अनुसार राज्य के पूर्वी हिस्से में गोंडवाना बेसिन और पश्चिमी-दक्षिणी हिस्से में नर्मदा एवं ताप्ती घाटियों में अवसादी चट्टानों का व्यापक प्रसार है। विशेषज्ञों के अनुसार ये हाइड्रोकार्बन के लिये अत्यंत अनुकूल हैं। शहडोल, अनूपपुर, उमरिया, दमोह, पन्ना, छतरपुर, सागर, नरसिंहपुर, रायसेन, खंडवा, खरगोन, बड़वानी और छिंदवाड़ा जिलों में हाइड्रोकार्बन और सीबीएम (कोल बैड मीथेन) गैस की संभावनाएं विशेष रूप से चिन्हित हुई हैं। सीबीएम का वाणिज्यिक उत्पादन और नये ब्लॉक प्रदेश में वर्तमान में सीबीएम के वाणिज्यिक उत्पादन के लिये 2 पेट्रोलियम माइनिंग लीज़ रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड को दी गई हैं। शहडोल-अनूपपुर जिले के 500 वर्ग किलोमीटर ब्लॉक में वाणिज्यिक उत्पादन जारी है। यहां 495 वर्ग किलोमीटर ब्लॉक में शीघ्र उत्पादन प्रारंभ होने की उम्मीद है। इसी प्रकार दमोह जिले के हटा क्षेत्र में 200.2 वर्ग किलोमीटर का प्राकृतिक गैस ब्लॉक खोजा गया है। शासन द्वारा इसे 15 वर्षों के लिये ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉर्पोरेशन (ओएनजीसी) को स्वीकृत किया गया है। आवश्यक स्वीकृतियां मिलते ही यहां उत्पादन कार्य प्रारंभ हो जायेगा। पेट्रोलियम खनिजों की व्यापक खोज तेल और प्राकृतिक गैस की खोज के लिये प्रदेश में कुल 18,547 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में पेट्रोलियम एक्सप्लोरेशन लाइसेंस स्वीकृत किये गये हैं। खोज कार्य 5 ब्लॉक्स में प्रारंभ हो चुका है, जबकि 6 ब्लॉक्स में आवश्यक स्वीकृतियां जारी होते ही अन्वेषण शुरू हो जायेगा। इन क्षेत्रों में हाइड्रोकार्बन और सीबीएम के समृद्ध भंडार मिलने की संभावना है, जिससे प्रदेश और देश की ऊर्जा आत्मनिर्भरता को मजबूती मिलेगी। पेट्रोलियम खनिजों की खोज और उत्पादन से राज्य को ऊर्जा क्षेत्र में नई ऊंचाइयां मिलेंगीं। साथ ही खनिज क्षेत्र में तकनीकी नवाचार और ई-गवर्नेंस से पारदर्शिता और सुशासन के नये मॉडल स्थापित हो रहे हैं। इन उपायों से ऊर्जा आत्मनिर्भरता के साथ ही प्रदेश के औद्योगिक और सामाजिक विकास को भी नई गति मिलेगी। तकनीकी नवाचारों से खनन क्षेत्र में ईज-ऑफ-डूइंग बिजनेस खनिज साधन विभाग ने खनन क्षेत्र में पारदर्शिता, दक्षता और सुशासन सुनिश्चित करने के लिये डिजिटल नवाचारों की श्रृंखला लागू की है।खदानों की स्वीकृति, पंजीकरण, उत्पादन-प्रेषण प्रबंधन, रॉयल्टी भुगतान, ई-ट्रांजिट पास और रॉयल्टी क्लियरेंस जैसी सेवाओं को ऑनलाइन उपलब्ध कराया जा रहा है। खनन योजनाओं की प्रस्तुति और स्वीकृति को पूरी तरह डिजिटल कर दिया गया है। इसमें ऑनलाइन माइनिंग प्लान अप्रूवल सिस्टम, रजिस्टर्ड क्वालिफाइड पर्सन (आरक्यूपी) का पंजीकरण, रियल-टाइम ट्रैकिंग और लेट-अलर्ट जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। प्रदेश की 7 हजार खदानों की जियोटैगिंग कर जीआईएस मैप पर चिन्हित किया गया है। इस उपग्रह आधारित सर्विलांस सिस्टम से अवैध खनन की रीयलटाइम पहचान की जाती है, साथ ही संबंधित जिलों को अलर्ट भेजा जाता है। खनन क्षेत्रों में 40 प्रमुख मार्गों पर मानव रहित एआई आधारित ई-चेकगेट स्थापित किये गये हैं। कमांड सेंटर से इनकी निगरानी कर अवैध खनिज परिवहन पर अंकुश लगाया जा रहा है। प्रधानमंत्री खनिज क्षेत्र कल्याण योजना के तहत खनन प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल, सड़क और महिला-बाल विकास जैसी परियोजनाओं का डीएमएफ पोर्टल से डिजिटल प्रबंधन किया जा रहा है। अधिकारियों और कर्मचारियों की उपस्थिति को सरल और पारदर्शी बनाने के लिए सार्थक ऐप से ई-अटेंडेंस प्रणाली लागू है।  

पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल गौर का भोपाल के विकास में योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

श्रमिक, गरीब व कमजोर वर्ग के लिए आवाज उठाने वाले संघर्षशील नेता थे बाबूजी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पूर्व मुख्यमंत्री स्व. गौर की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि अर्पित की भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री स्व. बाबूलाल गौर ने प्रदेश के विकास के लिए सभी दिशाओं में अपने दायित्व का निर्वहन किया। उन्होंने श्रमिक, गरीब व कमजोर वर्ग के लिए आवाज उठाई और संघर्ष किया। साथ ही एक आदर्श विधायक के कर्तव्यों का निर्वहन किया। उनकी अनुशासित और समयबद्ध जीवनशैली तथा जनसामान्य से जीवंत सम्पर्क और जनता के रोजमर्रा के विषयों के प्रति संवेदनशीलता ने उन्हें अजेय जनप्रतिनिधि बनाया। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने पूर्व मुख्यमंत्री स्व. बाबूलाल गौर की पुण्यतिथि पर यह विचार व्यक्त किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार श्रीमती कृष्णा गौर के 74 बंगला स्थित निवास पहुंचकर पूर्व मुख्यमंत्री श्री बाबूलाल गौर के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने परिजन से संवेदनाएं साझा करते हुए उपस्थित जनसमुदाय को संबोधित भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भोपाल ताल पर बना वीआईपी रोड श्रद्धेय गौर साहब की देन है। मुख्यमंत्री के रूप में उनका कार्यकाल सदैव स्मरणीय रहेगा। जनसेवा का मार्ग चुनौतीपूर्ण होता है, लेकिन उनके व्यवहार और सबकी मदद के भाव के कारण लोगों का बाबूजी से आत्मीय संबंध था। उनकी मौलिक जीवन दृष्टि के कारण वे जनप्रतिनिधियों के लिए श्रद्धा और प्रेरणा का स्त्रोत रहेंगे। इस अवसर पर खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग, विधायक श्री रामेश्वर शर्मा, विधायक श्री भगवानदास सबनानी, अन्य जनप्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में नगरवासी उपस्थित थे।