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60 डिब्बे घी और 40 क्विंटल बेसन से बने सवा लाख लड्डू, महाकाल को बंधी पहली राखी

उज्जैन  विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में बाबा महाकाल को राखी बंधने के साथ ही रक्षाबंधन पर्व की शुरुआत हो गई। अमर पुजारी के परिवार की महिलाओं द्वारा तैयार की गई खास राखी उन्हें अर्पित की गई है। महाकाल को जो राखी बांधी गई है उसमें मखमल का कपड़ा, रेशमी धागा और मोती का उपयोग हुआ है। राखी पर भगवान गणेश जी विराजित हैं। शनिवार को सबसे पहले तड़के 3 बजे भस्म आरती के लिए पट खोले गए। इसके बाद पंचामृत से अभिषेक किया गया। भस्म आरती के दौरान ही उन्हें विशेष श्रृंगार के साथ राखी अर्पित की गई। दरअसल, रक्षाबंधन के पावन अवसर पर आज कालों के काल बाबा महाकाल के दरबार में सबसे पहले बाबा महाकाल को राखी बांधकर उन्हें सवा लाख लड्डुओं का महाभोग लगाया गया। प्रतिवर्ष बाबा महाकाल को पुजारी परिवार द्वारा सवा लाख लड्डुओं का महाभोग लगाया जाता है जिसे एक सप्ताह में मंदिर परिसर में ही तैयार किया जाता है। भक्तों ने समाप्त किया उपवास महाकालेश्वर मंदिर के पुजारी पंडित महेश शर्मा ने बताया कि पुजारी परिवार द्वारा आज बाबा महाकाल को लगाई गई सवा लाख लड्डूओ की भोग प्रसादी का वितरण भक्तों को प्रसाद स्वरूप मे किया गया। बाबा महाकाल की इस प्रसादी को पाकर भक्त तो खुश हो ही गए, लेकिन यह वही प्रसादी है जिसे खाने के बाद ही महाकाल के भक्त श्रावण मास में रखे गए उपवास को खोलते हैं। सुबह महाकालेश्वर मंदिर में दर्शन करने पहुंचे श्रद्धालुओं ने इस प्रसादी को ग्रहण करने के साथ ही एक माह के अपने उपवास को समाप्त किया। 4 दिन में तैयार किए सवा लाख लड्‌डू भगवान महाकाल को राखी बांधने बाद भस्मारती के दौरान ही सवा लाख लड्डुओं का महाभोग लगाया गया। इस महाभोग की तैयारी पिछले चार दिनों से चल रही है। मंगलवार से ही मंदिर में पुजारी कक्ष के पीछे भट्टी पूजन के साथ लड्डू बनाना शुरू हो गया था। लड्डू निर्माण करने वाले हलवाई ओम प्रकाश शर्मा ने बताया कि वे पिछले 12 वर्षों से रक्षाबंधन पर्व पर महाकाल के लिए लड्डू बना रहे हैं। महाकाल के दरबार से होती है त्योहार की शुरुआत पंडित अमर पुजारी ने बताया कि हर त्योहार की शुरुआत भगवान महाकाल के दरबार से होती है। इसी क्रम में सबसे पहले राजाधिराज भगवान श्री महाकालेश्वर को राखी बांधी गई। वर्षों से चली आ रही परंपरा का निर्वहन भस्म आरती के दौरान भगवान महाकाल को राखी बांधकर किया जाता है। नंदी हॉल और गर्भगृह में फूलों से आकर्षक सजावट की जाती है। इसके बाद सवा लाख लड्डुओं का महाभोग बाबा को अर्पित किया जाता है। रक्षाबंधन पर्व पर महाकाल मंदिर में दर्शन करने आने वाले भक्तों को लड्डू प्रसाद वितरित किया जाता है। ऐसे अद्भुत योग शताब्दियों में एक बार इस साल 9 अगस्त को देशभर में रक्षाबंधन खास संयोग के साथ मनेगा। भाई-बहन के प्रेम के प्रतीक का ये पर्व इस बार श्रवण नक्षत्र, सौभाग्य योग, करण, मकर राशि में चंद्रमा और पूर्णिमा तिथि में मनाया जाएगा। ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार, ऐसा योग 297 साल बाद बना है। उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पंडित अमर डिब्बेवाला ने कहा- ग्रहों की वर्तमान स्थिति 1728 में बने दुर्लभ संयोग को दोहरा रही है। रक्षाबंधन पर 8 ग्रह उन्हीं राशियों में रहेंगे, जिनमें 1728 में थे। इनमें सूर्य कर्क, चंद्र मकर, मंगल कन्या, बुध कर्क, गुरु और शुक्र मिथुन, राहु कुंभ और केतु सिंह राशि में रहेंगे। ऐसे अद्भुत योग शताब्दियों में एक बार ही बनते हैं, जिससे इस बार का रक्षाबंधन और भी पुण्य फलदायी माना जा रहा है। चार दिन में तैयार किए लड्डू भगवान महाकाल को राखी बांधने बाद भस्मआरती के दौरान ही सवा लाख लड्डुओं का महाभोग लगाया गया। इस महाभोग की तैयारी पिछले चार दिनों से चल रही है। मंगलवार से ही मंदिर में पुजारी कक्ष के पीछे भट्टी पूजन के साथ लड्डू बनाना शुरू हो गया था।  लड्डू निर्माण करने वाले हलवाई ओम प्रकाश शर्मा ने बताया कि वे पिछले 12 वर्षों से रक्षाबंधन पर्व पर महाकाल के लिए लड्डू बना रहे हैं। इस लड्डू के निर्माण में 60 डिब्बे देसी घी, 40 क्विंटल बेसन, 40 क्विंटल शकर बुरा और 25 किलो ड्राई फ्रूट शामिल किए गए। श्री खजराना गणेश को बांधी 196 वर्गफीट की राखी -इंदौर-कोलकाता के कारीगरों ने रातभर में बनाई इधर, जनता के सुख, समृद्धि, ऐश्वर्य और देश के वीर सैनिकों की रक्षा की मनोकामना के साथ रक्षाबंधन के पर्व पर शनिवार को इंदौर में विश्व प्रसिद्ध भगवान खजराना गणेश को 196 वर्गफीट की विशाल राखी बांधी गई। राखी बांधते समय पंडितों ने वैदिक मंत्रों का उच्चारण किया। खास बात यह कि यह राखी अलग-अलग शहरों से लाए गए फूलों से इंदौर और कोलकाता के कारीगरों ने रातभर में तैयार की गई है, जिसमें पांच दिन तक ताजगी रहेगी। राखी श्री विघ्नहर्ता गणेश भक्त समिति ने बनाई है। समिति के संस्थापक राजेश बिड़कर और राहुल शर्मा ने बताया कि यह लगातार नौवां वर्ष है जब विशाल राखी श्री गणेश को अर्पित की गई। राखी अर्पित करने की शुरूआत आठ साल पहले की गई थी, तब 66 (36 वर्ग फीट) की राखी बनाई गई थी। उनका कहना है कि जब खजराना गणेश की स्थापना हुई तो उनका स्वरूप काफी छोटा था। फिर धीरे-धीरे बढ़ते गया। इसी तरह हर साल राखी का साइज भी बढ़ाया गया। इस बार 1414 (196) वर्ग फीट की राखी बनाई गई। इसकी डोर मंदिर के चारों ओर घुमाकर बांधी गई। उनका दावा है कि यह राखी दुनिया की सबसे बड़ी राखी है। 

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रक्षाबंधन पर्व के अवसर पर नर्मदा वाटिका और शिवांजलि गार्डन में बहनों से राखी बंधवाई

वर्षों से बहनों से राखी बंधवाने की परंपरा का कर रहा हूं निर्वहन : मुख्यमंत्री डॉ. यादव बहनों के आर्शीवाद से ही मैं बना मुख्यमंत्री: CM यादव  मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रक्षाबंधन पर्व के अवसर पर नर्मदा वाटिका और शिवांजलि गार्डन में बहनों से राखी बंधवाई  उज्जैन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार को क्षिप्रा विहार के समीप नर्मदा वाटिका और शिवांजलि गार्डन में बहनों के साथ रक्षाबंधन पर्व मनाया और राखी बंधवाई। उन्होंने कहा कि लगभग 20 वर्षों से बहनों से राखी बंधवाने की परंपरा लगातार जारी है। बहनों के आशीर्वाद से आज मैं इस मुकाम पर हूं। बहनों के सशक्तिकरण और सम्मान से एक अलग नई पहचान बनाई है। महाकाल की कृपा है कि लाखों बहनों का आशीर्वाद मुझे मिल रहा है, जिससे सारी परेशानियां बहनों के आशीर्वाद से खत्म हो जाती है। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि जिस घर में माता-बहनें होती हैं, उस घर में ईश्वर का आशीर्वाद भी होता है। वह घर आनंदमय रहता है और धन-धान्य में वृद्धि होती है। उन्होंने प्राचीन काल का उदाहरण देते हुए बताया कि भगवान श्रीकृष्ण ने बहन द्रौपदी की रक्षा की थी। प्राचीन काल से हर घर में त्यौहार बड़े उल्लास के साथ मनाए जाते हैं और घरों में माता-बहनों के आनंद में कोई कमी नहीं रहती है। उन्होंने कहा कि बहनों के आशीर्वाद से प्रदेश में विकास के साथ उज्जैन में भी निरंतर विकास के कार्य हो रहे हैं। देवास रोड स्थित नागझिरी एवं इंदौर रोड स्थित कपड़ा उद्योग खुलने से बहनों को रोजगार मिला है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विधायक एवं मंत्री रहते हुए ग्रामों में एवं शहर के विभिन्न वार्डों में राखी बंधवाने का कार्य किया है और उनके आशीर्वाद से आज मैं मुख्यमंत्री रहते हुए प्रदेश के कई जिलों में इस परंपरा का निर्वहन कर रहा हूं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा रक्षाबंधन के पर्व पर लाड़ली बहना योजना के अंतर्गत 1250 रुपए के अतिरिक्त रक्षाबंधन पर नेग स्वरूप 250 रुपए हाल ही में बहनों के खातों में राशि उपलब्ध करवाई गई है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव को पार्षद श्रीमती निर्मला परमार एवं श्रीमती सुगनबाई बाघेला सहित अन्य बहनों ने प्रतीकात्मक बड़ी राखी भेंट की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को ब्रह्मकुमारी आश्रम की मंजू दीदी और उषा दीदी ने भी राखी बांधी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शिवांजलि गार्डन में रक्षाबंधन कार्यक्रम में शामिल हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव शिवांजलि गार्डन में आयोजित रक्षाबंधन कार्यक्रम में शामिल हुए और कन्या-पूजन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को बहनों के द्वारा दोनों हाथों में राखी बाँधी गई साथ ही मंच पर बहनों के द्वारा मुख्यमंत्री को प्रतीकात्मक बड़ी राखी भेंट की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि बहनों का आशीर्वाद कभी खाली नहीं जाता। रक्षाबंधन का त्यौहार भाई-बहन के सबसे पवित्र रिश्तों का त्यौहार है। बहनों के आशीर्वाद से पूरे प्रदेश में विकास के कार्य चल रहे हैं। अब उज्जैन विज्ञान, अध्यात्म और धर्म की नगरी बन रहा है। उज्जैन के कारखानों में वर्तमान में 20 हजार से अधिक लोग काम कर रहे हैं, आने वाले समय में 1 लाख से अधिक लोगों को रोजगार मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी बहनों के जीवन में कभी कोई कष्ट न आए भगवान श्रीमहाकालेश्वर से यही प्रार्थना है। बहनों का और हमारा रिश्ता कई वर्षों पुराना है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में लाड़ली बहनों के सिंदूर की रक्षा करने के लिए हम दुश्मनों को उनके घर में जाकर खत्म करते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सिंहस्थ 2028 में उज्जैन आने वाले यात्रियों के लिए अंतर्राष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं प्रदान की जाएंगी। हम सब पूरी आत्मीयता और आतिथ्य भाव के साथ सिंहस्थ में आने वाले श्रद्धालुओं का अभिनंदन करेंगे। करीब 29 कि.मी. के नए घाटों का निर्माण सिंहस्थ के अंतर्गत किया जा रहा है, जिससे एक ही समय में बहुत सारे लोग स्नान कर सकेंगे। उज्जैन पर सभी देवी देवताओं का विशेष आर्शीवाद है। औद्योगिक क्षेत्र का भी निरंतर विकास हो रहा है। नए कारखाने खुल रहे हैं, जिनके माध्यम से कई लोगों को रोजगार के अवसर प्राप्त हो रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि रेडीमेड कपड़ों का निर्माण कर हम विदेशों में निर्यात करेंगे। रोजगार के लिए बहनों का प्रशिक्षण भी समय-समय पर आयोजित किया जाएगा। हर जरूरतमंद नागरिक का पक्का मकान बनेगा, इसी दिशा में हमारी सरकार विशेष प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उपस्थित बहनों से अपील की है कि 15 अगस्त को अपने-अपने घरों में तिरंगा फहराएं। उन्होंने कहा कि सच्चे अर्थों में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में अमन-शांति के साथ विकास की नई इबारत लिखी जा रही है। सरकार उद्योगों को बढ़ावा दे रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम में बहनों को झूला-झुलाया और कन्या-पूजन किया। इसके बाद उन्होंने दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। राखी बंधवाते समय उन्होंने बहनों पर पुष्पवर्षा कर उनका अभिनंदन किया। विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा, महापौर मुकेश टटवाल, नगर निगम सभापति श्रीमती कलावती यादव, संजय अग्रवाल, पूर्व विधायक राजेंद्र भारती, जनप्रतिनिधि, अधिकारी सहित बड़ी संख्या में लाड़ली बहनें उपस्थित रहीं।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 100 करोड़ रुपए से अधिक के विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया

बहनों के स्नेह और आशीर्वाद से निरंतर विकास की नई गाथा लिख रहा है प्रदेश : मुख्यमंत्री डॉ. यादव धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देते हुए उज्जैन को सिंहस्थ महापर्व के लिये किया जा रहा है तैयार: मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 100 करोड़ रुपए से अधिक के विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया उज्जैन  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि रक्षाबंधन सभी पर्वों का राजा है। यह पर्व भाई और बहन के बीच अटूट प्रेम और स्नेह का पर्व है। इस पर्व का पूरे वर्ष सभी भाई-बहनों को बेसब्री से इंतजार रहता है। बहनों के स्नेह और आशीर्वाद से ही हम प्रदेश में विकास की नई गाथा लिख रहे हैं। धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देते हुए आने वाले समय में उज्जैन को सिंहस्थ महापर्व के लिए तैयार कर रहे हैं। उज्जैन को निरंतर विकास कार्यों की अनगिनत सौगातें मिल रही हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को कालिदास अकादमी परिसर में 109 करोड़ रुपए के विभिन्न विकास कार्यों के लोकार्पण और भूमि-पूजन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी सीमा के जवान और खेत के किसान दोनों का विशेष ध्यान रखते हैं। प्रधानमंत्री के द्वारा निरंतर हमारी सेना और किसानों के विकास के लिए कार्य किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में उपस्थित लाड़ली बहनों से कहा कि हमारी बहनें परिवारों का विेशेष ध्यान रखती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम स्थल पर पहुंचकर कन्या-पूजन किया और बहनों से राखी बंधवाई गई। सभी बहनों की ओर से मंच पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव को प्रतीकात्मक वृहद राखी भेंट की गई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम स्थल पर आनंद नगर के पूजा स्व-सहायता समूह के द्वारा हाथ से बनाई गई राखियों के स्टॉल का अवलोकन किया। समूह की महिलाओं के द्वारा मुख्यमंत्री डॉ. यादव को राखी बांधी गई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी महिलाओं को अपनी ओर से रक्षाबंधन पर साड़ी और मिठाई उपहार स्वरुप दी। साथ ही परंपरा अनुसार लाड़ली बहनों को सावन का झूला भी झुलाया। आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ के कार्यालय और कर्मचारी आवास इकाई का लोकार्पण मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर 100 करोड़ से अधिक लागत के विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उज्जैन में शुक्रवार को 9 करोड़ 99 लाख रुपए लागत के नवनिर्मित आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ के कार्यालय और कर्मचारी आवास इकाई का लोकार्पण किया। साथ ही परिसर का अवलोकन भी किया। नवनिर्मित आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ इकाई का निर्माण 12 माह में किया गया है। इकाई का कुल निर्मित क्षेत्रफल 3126.02 वर्ग मीटर (33636.00 वर्ग फीट) है। भवन की निर्माण एजेंसी म.प्र. पुलिस आवास एवं अधोसंरचना विकास है। नवनिर्मित भवन में प्रशासनिक भवन, 1 पुलिस अधीक्षक आवासगृह, 2 उप पुलिस अधीक्षक आवासगृह, 8 एन.जी.ओ. आवासगृह, 12 काँस्टेबल आवासगृहों का निर्माण किया गया है। प्रशासनिक भवन का निर्माण 1327.76 वर्ग मीटर (14287 वर्ग फीट) में किया गया है। भवन में पार्किंग, ड्राईवर रूम एवं गार्ड रूम का प्रावधान भी किया गया है। नवनिर्मित भवन में 2 तल हैं। इस अवसर पर विधायक श्री अनिल जैन कालूहेडा, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्रीमती शिवानी कुंवर महापौर श्री मुकेश टटवाल, नगर निगम सभापति श्रीमती कलावती यादव, श्री ओम जैन, श्री राजेंद्र भारती, श्री संजय अग्रवाल, श्री जगदीश पांचाल एवं अन्य गणमान्य नागरिक मौजूद थे।  

10 अगस्त को रक्षा मंत्री करेंगे रेल कोच फैक्ट्री का शिलान्यास, एमपी को मिलेगा नया औद्योगिक केंद्र

 भोपाल  प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की स्वदेशी की भावना को बढ़ावा देने के लिए मध्य प्रदेश में स्थानीय स्तर पर न केवल उत्पाद तैयार किए जाएंगे, बल्कि निर्यात भी होगा। इसी स्वदेशी की भावना को साकार करते हुए रायसेन के उमरिया ग्राम में 60 हेक्टेयर से अधिक भूमि पर 1,800 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली ब्रह्मा परियोजना (भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड रेल हब फॉर मैन्युफैक्चरिंग) का भूमिपूजन एवं शिलान्यास 10 अगस्त को औबेदुल्लागंज के दशहरा मैदान पर होगा। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह करेंगे। यहां रेल कोच, मेट्रो कोच आदि का निर्माण कर देश में आपूर्ति के साथ विदेशों में भी निर्यात किया जाएगा। इसी क्रम में 25 अगस्त को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी धार में पीएम मित्र पार्क का भूमिपूजन करेंगे। पार्क में आने वाले उद्योगों से एक लाख लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है। 1500 से अधिक लोगों को रोजगार यह जानकारी मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरुवार को भोपाल में पत्रकारों को दी। उन्होंने बताया कि उमरिया ग्राम आयोजित होने वाले कार्यक्रम में केंद्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान भी शामिल होंगे। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव वर्चुअल शामिल होंगे। इस परियोजना से 1,500 से अधिक लोगों को रोजगार मिलेगा। यहां वंदे भारत-अमृत भारत, मेट्रो कोच का निर्माण किया जाएगा। इस उद्योग से भोपाल और रायसेन क्षेत्र में बड़े पैमाने पर छोटे उद्योगों भी विकसित होंगे, जिससे प्रदेश की अर्थव्यवस्था को प्रोत्साहन मिलेगा। धार से विदेशों में भी होंगे वस्त्र निर्यात मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बताया कि धार के पास वस्त्र उद्योग पर केंद्रित पीएम मित्र पार्क का भूमिपूजन 25 अगस्त को करने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आएंगे। यहां रेडीमेड गारमेंट सेक्टर की 2,000 करोड़ रुपये की इस परियोजना से जनजातीय अंचल के एक लाख से अधिक युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सृजित होंगे। धार, झाबुआ, रतलाम और निमाड क्षेत्र के कपास उत्पादक किसानों को काटन का उचित दाम भी मिलेगा। यहां से विदेशों में भी वस्त्र निर्यात किए जाएंगे। सशस्त्र बलों के जवानों को बहनें भेजेंगी राखी मुख्यमंत्री ने बताया कि स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रदेशभर में लगातार चौथे वर्ष हर घर तिरंगा अभियान और तिरंगा यात्राओं का आयोजन किया जाएगा। इसमें 12 अगस्त तक पूरे प्रदेश में तिरंगे पर केंद्रित कार्यक्रम होंगे। 13 से 15 अगस्त तक हम सभी को घर, कार्यालयों और वाहनों पर तिरंगा लगाना है। ऑपरेशन सिंदूर की सफलता के लिए सशस्त्र बलों के जवानों के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित करने के उद्देश्य से उन्हें राखियां भेजी जाएंगी। स्कूलों में तिरंगे से जुड़ी विभिन्न प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। अभियान में एक करोड़ तिरंगे की व्यवस्था का लक्ष्य रखा गया है। इस वर्ष स्वतंत्रता दिवस के भोपाल में होने वाले मुख्य कार्यक्रम को प्रत्येक जिले में स्क्रीन पर लाइव टेलीकास्ट किया जाएगा। मंत्री प्रभार के जिलों में शामिल होंगे।

दस्तावेजों का पेपरलेस ई-पंजीयन करने वाला देश का पहला राज्य बना मध्यप्रदेश

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की पहल पर 10 अक्टूबर 2024 को राज्य स्तर पर शुरू किए गए संपदा 2.0 सॉफ्टवेयर ने मध्यप्रदेश को राष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित किया है। इस अभिनव पहल को वर्ष 2025 का ‘राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस पुरस्कार’ में ‘स्वर्ण’ श्रेणी का सम्मान प्राप्त हुआ है। भारत सरकार के प्रशासनिक सुधार एवं लोक शिकायत विभाग द्वारा यह पुरस्कार "Government Process Re-engineering by use of technology for Digital Transformation" श्रेणी में प्रदान किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस उपलब्धि पर प्रदेशवासियों, वाणिज्यिक कर विभाग, महानिरीक्षक पंजीयन एवं अधीक्षक मुद्रांक तथा परियोजना से जुड़े सभी अधिकारियों-कर्मचारियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि “संपदा 2.0 ने मध्यप्रदेश को डिजिटल भूमि प्रबंधन के क्षेत्र में देश में अग्रणी बनाया है। यह पहल न केवल पारदर्शिता और दक्षता बढ़ाएगी, बल्कि लोगों को बिना कार्यालय आए, सुरक्षित और सरल तरीके से पंजीयन सुविधा उपलब्ध कराएगी। यह हमारे डिजिटल और सुशासन के संकल्प का महत्वपूर्ण कदम है।” भूमि प्रबंधन में विभाग की एक ऐतिहासिक पहल : उप मुख्यमंत्री देवड़ा उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने इस उपलब्धि को भूमि प्रबंधन में विभाग की एक ऐतिहासिक पहल बताया और प्रदेशवासियों को बधाई दी। प्रमुख सचिव वाणिज्यिक कर विभाग एवं महानिरीक्षक पंजीयन एवं अधीक्षक मुद्रांक ने भी शुभकामनाएं प्रेषित कीं। मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य है, जिसने दस्तावेजों का पूर्णत: पेपरलेस ई-पंजीयन प्रारंभ किया है। भारतीय स्टाम्प अधिनियम के अंतर्गत लगभग 140 प्रकार के दस्तावेजों में से 75 दस्तावेजों का वीडियो के-वाई-सी के माध्यम से फेसलेस पंजीयन संभव हुआ है, जिसमें उप-पंजीयक कार्यालय आने की आवश्यकता नहीं रहती। यह प्रक्रिया इम्परसनेशन एवं भूमि संबंधी विवादों को कम करने में भी सहायक सिद्ध होगी। संपदा 2.0 में जीआईएस तकनीक सहित अत्याधुनिक डिजिटल सुविधाएं उपलब्ध हैं। अब कोई भी व्यक्ति कहीं से भी, कभी भी, www.sampada.mpigr.gov.in पोर्टल के माध्यम से ई-स्टांप प्राप्त कर सकता है। इसके मोबाइल ऐप से राज्य की किसी भी क्षेत्र की गाइडलाइन दरें तत्काल देखी जा सकती हैं। पूर्ववर्ती संपदा 1.0 की तुलना में संपदा 2.0 में पक्षकारों और संपत्ति की पहचान आधार ई-ओथ एवं ई-केवाईसी के माध्यम से की जाती है, संपत्ति का विवरण संबंधित विभाग से सीधे एकीकृत कर लिया जाता है और दस्तावेज का प्रारूपण स्वचलित रूप से विधिक आवश्यकताओं सहित तैयार होता है। दस्तावेजों पर ई-साइन अथवा डिजिटल साइन से हस्ताक्षर किए जाते हैं और पंजीयन पूर्ण होते ही ईमेल और व्हाट्सऐप पर उपलब्ध हो जाते हैं। यह सम्मान 28वें नेशनल कॉन्फ्रेंस ऑन ई-गवर्नेंस में प्रदान किया जाएगा। पुरस्कार की घोषणा केन्द्र सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा प्रस्तुतीकरण, ग्रामीण क्षेत्रों के दौरे एवं पुष्टिकरण की तीन-स्तरीय प्रक्रिया के बाद की गई है।  

नौरादेही जंगल में बढ़ेगा रोमांच, बाघों के साथ दौड़ेंगे अफ्रीकन चीते, बाड़ा बनाने के लिए तैयारियां शुरु

सागर   मध्य प्रदेश का वीरांगना रानी दुर्गावती टाइगर रिजर्व, एक ऐसा जंगल है जहां बाघों की दहाड़ गूंजती है, हिरणों की छलांगें दिखती हैं और पेड़ों की छांव में सैकड़ों कहानियां छुपी हैं. लेकिन अब इस जंगल की पहचान और भी खास होने वाली है. क्योंकि यहां आने वाले हैं अफ्रीका से आए मेहमान, यानी रफ्तार के सौदागर चीते.वन्यजीव विशेषज्ञों की एक टीम ने नौरादेही का दौरा किया उन्होंने यहां के मोहली, सिंगपुर और झापन रेंज में करीब 600 वर्ग किलोमीटर का इलाका चुना जहां चीतों का नया घर बनाया जाएगा. मध्य प्रदेश के सबसे बड़े टाइगर रिजर्व के रूप में वीरांगना रानी दुर्गावती (नौरादेही) टाइगर रिजर्व भले ही नया हो, लेकिन जल्द ये पूरे देश में मशहूर होने वाला है. क्योंकि यहां बाघों की आबादी तो बढ़ ही रही है, वहीं दूसरी तरफ वहां अफ्रीकन चीतों का नया बसेरा बसने वाला है. पिछले दिनों मई माह में चीता प्रोजेक्ट से जुडे़ विशेषज्ञों के दल ने नौरादेही का दौरा किया था और चीतों को बसाने की संभावनाओं के साथ-साथ चीतों के लिए जरूरी सुविधाएं जुटाने के निर्देश दिए थे. इसी सिलसिले में प्रबंधन द्वारा तैयारियां तेज कर दी गयी है. यहां चीतों के लिए बाड़ा बनाने के लिए प्रबंधन ने योजना बनाने का काम शुरू कर दिया है. मई में विशेषज्ञों के दौरे के बाद चीतों को बसाने हरी झंडी देश में बसाए जा रहे चीतों के लिए भारतीय वन्यजीव संस्थान देहरादून को नोडल एंजेसी बनाया गया है. मई महीने की शुरूआत में एंजेसी के विशेषज्ञों ने नौरादेही टाइगर रिजर्व का तीन दिनों का दौरा किया था. जिनमें राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए) के डीआईजी डॉ. वी बी माथुर और डब्ल्यूआईआई के वरिष्ठ वैज्ञानिकों ने टाइगर रिजर्व के डिप्टी डायरेक्टर डॉ. ए ए अंसारी के साथ दौरा किया था. उसके बाद 19 मई 2025 को नौरादेही टाइगर रिजर्व प्रबंधन को चिट्ठी लिखकर चीता बसाने के लिए तैयारियां करने के निर्देश दिए हैं. ये व्यवस्थाएं करने कहा विशेषज्ञों ने भारतीय वन्यजीव संस्थान के विशेषज्ञों ने नौरादेही टाइगर रिजर्व के मोहली, सिंगपुर और झापन रेंज में चीतों को बसाने के लिए कहा है. ये करीब 600 वर्ग किमी का एरिया होगा, जहां चीतों को बसाया जाएगा. यहां पर टाइगर रिजर्व प्रबंधन को ये तैयारियां करने कहा गया है. बाड़ा बनाने की तैयारियों में लगा नौरादेही प्रबंधन जहां तक भारतीय वन्यजीव संस्थान देहरादून की बात करें, तो उन्होंने नौरादेही टाइगर रिजर्व प्रबंधन के लिए डेढ साल का समय इन तैयारियों को पूरा करने के लिए कहा है. माना जा रहा है कि 2026 के अंत या 2027 की शुरूआत में यहां चीतों की शिफ्टिंग की जाएगी. इस लिहाज से यहां अन्य काम तेजी से शुरू हो गए हैं. बाघ की दहाड़ से टकराएगी चीतों की रफ्तार  अब चीतों के लिए बाड़ा बनाने की तैयारी करने कहा गया है. इसके लिए नौरादेही टाइगर रिजर्व की एक टीम जल्द कूनो नेशनल पार्क पहुंचेगी और वहां बाड़ा बनाने की जानकारी और प्रशिक्षण लेगी. क्योंकि वन्यप्राणियों को अलग-अलग तरह के बाडे़ बनाए जाते हैं और चीतों के लिए किस तरह बनाना होगा, इसके लिए टीम को कूनो भेजा जाएगा. चीतों के लिए क्यों खास है नौरादेही टाइगर रिजर्व मध्य प्रदेश के सभी टाइगर रिजर्व में सबसे बड़ा टाइगर रिजर्व नौरादेही टाइगर रिजर्व है. यह तीन जिलों सागर, दमोह और नरसिंहपुर जिले में फैला हुआ है. इसका कुल क्षेत्रफल 2339 वर्ग किलोमीटर है. जिसमें 1414 वर्ग किमी कोर एरिया और 925.12 किमी का बफर एरिया है. इस विशाल वनक्षेत्र में बडे़-बडे़ घास के मैदान है और इनकी संख्या बढ़ती जा रही है. क्योंकि जिन गांवों का विस्थापन हो रहा है, वहां खेती की जगह पर प्रबंधन द्वारा घास के मैदान विकसित किए जा रहे हैं. वीरांगना रानी दुर्गावती टाइगर रिजर्व में चीतों के लिए बड़े घास के मैदान हैं. घास के मैदान ज्यादा होने से शाकाहारी जानवर बहुत हैं यहां शाकाहारी प्राणी होने से चीतों को शिकार करने में आसानी होगी. 600 वर्ग किमी क्षेत्र में बसेंगे अफ्रीकन चीते      चीतों ने खुद किया मनपसंद लंच का इंतजाम, बाड़े में आराम फरमाते सामने आया वीडियो     श्योपुर के थाने में रिपोर्ट लिखाने पहुंचे चीते, कूनो पार्क की आवोहवा से हैं नाखुश     एमपी के खेतों की खाक छान रहे चीते, अच्छी लग रही आजादी, कूनो जाने का नहीं मन सबसे पहले नौरादेही में हुआ था चीता बसाने के लिए सर्वे जहां तक चीतों की बसाहट की बात करें, तो नौरादेही जब वन्यजीव अभ्यारण्य हुआ करता था. तब 2010 में यहां पर चीतों को बसाने के लिए डब्ल्यूआईआई (Wildlife Institute of India) ने यहां सर्वेक्षण किया था. उस वक्त भी मोहली, सिंहपुर और झापन को चीतों की बसाहट के लिए अनूकूल माना गया था. जानकारों के मुताबिक, ये तीनों रेंज चीतों की बसाहट के लिए आदर्श हैं. करीब 600 वर्ग किमी में फैली इन तीनों रेंज में बडे़ और लंबे ग्रासलैंड है. जो चीतों के लिए काफी उपयुक्त माने जाते हैं. क्या कहना है प्रबंधन का नौरादेही टाइगर रिजर्व के डिप्टी डायरेक्टर डाॅ. ए ए अंसारी बताते हैं कि, ''हम लोगों को चीता के लिए शुरूआत करनी है. हमें कहां फेसिंग करनी है, कहां चीतों के लिए कौन से बाडे़ बनाने हैं, अभी हम लोगों को जैसे निर्देश मिलेगा, तो हम लोग उसी अनुसार यहां पर काम शुरू करेंगे. जो तीन रेंज मोहली, सिंगपुर और झापन के लगभग 600 वर्ग किमी क्षेत्र में चीतें बसाएं जाएंगे.'' ''बाड़े को लेकर हमें जैसे निर्देश होंगे, वैसे हम आगे काम करेंगे. वन्यप्राणियों के लिए कई तरह के बाडे़ बनाए जाते हैं. एक क्वारनटाइन बाड़ा होता है, जब वन्यप्राणी बाहर से आते हैं, वहां करीब 20 दिन के लिए उन्हें रखा जाता है. एक एसआरव्ही बाड़ा होता है. हमें जिस तरह के बाडा बनाने के निर्देश मिलेंगे, हम वहां वैसा काम शुरू करेंगे.

एमपी सदन में गूंजे नाराजगी के सुर, बीजेपी विधायकों ने सरकार की खोली पोल

 भोपाल मध्य प्रदेश बीजेपी में सब ठीक है? ये सवाल, बीजेपी विधायकों के सवाल से ही खड़े हो रहे हैं। दरअसल, विधानसभा के सत्र में जिस तरह के सवाल बीजेपी के विधायकों ने उठाए, उसकी उम्मीद तो सरकार को नहीं थी। एक दर्जन से अधिक विधायकों ने सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर सत्तापक्ष की मुश्किलें बढ़ा दी। इस दौरान कानून व्यवस्था लेकर सरकारी योजनाओं का लाभ हितग्राहियों तक न पहुंचना, जैसे मुद्दे को प्रमुखता से उठाया गया। विपक्षी की तरह सवाल किए बीजेपी विधायक सदन में बीजेपी विधायक, सत्ता पक्ष में विपक्षी MLA की तरह सवाल कर रहे थे। विधायकों के तेवर देख सरकार पूरी तरह से बैक फुट पर आ गई। वहीं विपक्षी विधायक फ्रंट फुट पर सियासी बल्लेबाजी करने लगे, और तीखे सवाल पूछने लगे। कांग्रेस विधायक सचिन यादव ने तो यहां तक कह दिया कि बीजेपी के अपने ही विधायक संतुष्ट नहीं हैं, तो साफ है सरकार जमीनी स्तर पर काम नहीं कर रही। कांग्रेस विधायक ने आरोप लगाया कि सरकारी योजनाएं सिर्फ कागजों तक ही सीमित है। आम आदमी को इसका लाभ नहीं मिल रहा है। वहीं कांग्रेस विधायक के आरोपों पर प्रेदेश मीडिया प्रभारी आशीष अग्रवाल ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि बीजेपी एक लोकतांत्रिक पार्टी है। यही कारण है इसके विधायक जनता के मुद्दों को उठाते हैं और आगे भी उठाते रहेंगे। आशीष अग्रवाल ने कांग्रेस सकारात्मक राजनीति करने और जनहित में सहयोग करने की सलाह दी। बीजेपी के इन विधायकों ने उठाए सवाल बता दें कि सदन में सवाल उठाने वाले बीजेपी विधायकों में वरिष्ठ नेता गोपाल भार्गव भी है। उन्होंने आदिवासियों को दिए गए पट्टों पर कब्जे का मुद्दा उठाया है। उमाकांत शर्मा ने सरकारी जमीनों पर बढ़ते अतिक्रमण और उनके न हटाए जाने पर चिंता जताई। वहीं गायत्री राजे पवार ने उज्जैन की शिप्रा नदी में फैक्ट्रियों के दूषित पानी का मामला उठाकर सरकार को सकते में डाल दिया। इन विधायकों के अलावे संजय पाठक ने खाद वितरण में अनियमितताओं, आशीष शर्मा ने लव जेहाद की बढ़ती घटनाओं, रमेश खटीक ने बिजली बिलों में ब्याज माफी न होने, नीना वर्मा ने शांति समितियों के गठन में देरी और भूपेंद्र सिंह ने गिरते भूजल स्तर पर ठोस नीति की मांग कर सरकार को कटघरे में खड़ा कर दिया।

मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा- पीएम मोदी के नेतृत्व में देश अपनी स्वतंत्रता के ‘अमृत काल’ में प्रवेश कर रहा है

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के कुशल नेतृत्व में देश अपनी स्वतंत्रता के 'अमृत काल' में प्रवेश कर रहा है। अमृत काल में 'हर घर तिरंगा' अभियान 2025, राष्ट्रीय ध्वज को हर भारतीय के घर तक पहुंचाने वाला एक राष्ट्रव्यापी आंदोलन है। यह हमारी साझा पहचान, स्वतंत्रता और एकता का एक भव्य उत्सव है, जो तिरंगे की भावना से ओत-प्रोत है। यह केवल एक प्रतीक नहीं, बल्कि हमारे राष्ट्र के सामूहिक गौरव और आकांक्षाओं का जीवंत प्रतिनिधित्व है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेशवासियों से 'हर घर तिरंगा' अभियान 2025 में पूरे उत्साह, गर्व और देशभक्ति की भावना के साथ बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की है। यह अभियान 2 अगस्त से शुरू हुआ है जो 15 अगस्त 2025 तक चलेगा। यह देश की स्वतंत्रता और एकता का एक राष्ट्रव्यापी उत्सव है, जो हमारे गौरवशाली राष्ट्रीय ध्वज, तिरंगे की भावना से ओत-प्रोत है। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2022 में 'आजादी का अमृत महोत्सव' के अहम भाग के रूप में शुरू हुआ। यह अभियान अब एक शक्तिशाली जन आंदोलन बन चुका है, जिसमें पूरे भारत और दुनिया भर के भारतीय ले रहे हैं। इसका लक्ष्य प्रत्येक नागरिक में देशभक्ति की भावना को जागृत करना और राष्ट्रीय ध्वज के प्रति सम्मान को प्रगाढ़ करना है। तिरंगा, एक अद्वितीय और सार्वभौमिक रूप से मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय प्रतीक के रूप में, एक शक्तिशाली एकीकृत शक्ति के रूप में कार्य करता है। यह अभियान प्रभावी ढंग से देशवासियों में अपनेपन की सामूहिक भावना को बढ़ावा देगा। 'हर घर तिरंगा' अभियान के इस वर्ष के 3 शक्तिशाली चरण इस वर्ष 'हर घर तिरंगा' अभियान 2 अगस्त से शुरू होकर तीन शक्तिशाली चरणों में चलेगा, जिसमें जागरूकता निर्माण और जन जुड़ाव पर जोर दिया जाएगा। इस वर्ष के अभियान का विषय स्वैच्छिक कार्यों, नागरिक गौरव, स्वच्छता अभियान और हमारे सशस्त्र बलों तथा पुलिस कर्मियों के प्रति कृतज्ञता पर विशेष ध्यान केंद्रित करता है। यह झंडा फहराने से आगे बढ़कर सक्रिय नागरिकता को बढ़ावा देता है। अभियान में तिरंगा-प्रेरित कला, संगीत समारोह, प्रदर्शनियाँ, रैलियाँ, पुलिस कर्मियों और सैनिकों को राखियाँ और पत्र भेजना, क्विज़ और देशभक्ति फिल्मों की स्क्रीनिंग सहित कई प्रेरक कार्यक्रम और गतिविधियाँ शामिल हैं। अभियान के चरण और प्रमुख गतिविधियाँ अभियान में पहले चरण 8 अगस्त तक जागरूकता बढ़ाने और तिरंगे की भावना को जन-जन तक पहुंचाने पर ध्यान केंद्रित किया गया है। इसमें विद्यालयों और सार्वजनिक स्थानों पर तिरंगा पर केंद्रित रंगोली निर्माण, प्रमुख स्थानों पर तिरंगे के इतिहास और महत्व पर आधारित प्रदर्शनी, पुलिस कर्मियों और सैनिकों को राखियाँ और पत्र भेजना, शासकीय भवनों पर तिरंगा रौशनी से प्रकाशित करना आदि गतिविधियां हुईं। दूसरे चरण में 9 अगस्त से 12 अगस्त तक लोगों के बीच सामुदायिक जुड़ाव और सामूहिक भागीदारी को बढ़ावा दिया जाएगा। इसमें तिरंगा महोत्सव, सांस्कृतिक कार्यक्रम और तिरंगा रैलियाँ प्रमुख रूप से आयोजित की जाएंगी। इसके साथ ही सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर तिरंगा क्विज का आयोजन किया जाएगा। अंतिम और तीसरा चरण, 13 से 15 अगस्त तक, व्यक्तिगत स्तर पर देशभक्ति के प्रदर्शन पर केंद्रित रहेगा। इसमें घरों पर झंडा फहराना और तिरंगे के साथ सैल्फी अपलोड करना शामिल है। अभियान में भाग लेने के सरल तरीके 'हर घर तिरंगा' अभियान में भाग लेना सरल और सभी के लिए खुला है। प्रदेशवासी तीन मुख्य तरीकों से इस राष्ट्रीय आंदोलन का हिस्सा बन सकते हैं :      स्वयंसेवक बनें: harghartiranga.com पर पंजीकरण करें और तिरंगे का संदेश अपने परिवार, दोस्तों और समुदाय तक पहुंचाएं। दूसरों को सही ढंग से झंडा फहराने में मदद करें और तिरंगा सैल्फी साझा करने के लिए प्रोत्साहित करें।      राष्ट्रीय ध्वज फहराएं: अपने घर, दुकान, कार्यालय और अन्य स्थानों पर राष्ट्रीय ध्वज खरीदें और प्रदर्शित करें। ध्वज संहिता का पालन करें और दूसरों को भी प्रेरित करें।      तिरंगे के साथ सेल्फी अपलोड करें: राष्ट्रीय ध्वज के साथ अपनी सेल्फी क्लिक करें और इसे harghartiranga.com पर अपलोड करें। अपने पलों को ऑनलाइन #HarGharTiranga और #HarGharTiranga2025 का उपयोग करके साझा करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि हमारा राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा, हमारे देश की आत्मा, हमारे बलिदानों का प्रतीक और हमारी साझा आकांक्षाओं का प्रतिबिंब है। उन्होंने प्रदेशवासियों से आग्रह किया है कि राष्ट्रीय पर्व में पूरे उत्साह और गौरव के साथ शामिल हों, अपने घरों पर तिरंगा फहराएं, स्वयंसेवक बनें, और तिरंगे के साथ अपनी सेल्फी साझा कर इस ऐतिहासिक आंदोलन का हिस्सा बनें। हर तिरंगा, हर हाथ जो इसे उठाएगा, भारत के विचार को और मजबूत करेगा। उन्होंने कहा कि तिरंगा हमारी सामूहिक देशभक्ति का प्रतीक है। आइए, हम सब मिलकर 'हर घर तिरंगा' अभियान को सफल बनाएं।  

एमपी की दो नगर परिषदों में फिर से भगवा रंग, बीजेपी ने हासिल किया अध्यक्ष पद

भोपाल BJP- एमपी में भगवा दल ने फिर परचम लहराया है। प्रदेश की दो नगर परिषदों में बीजेपी के अध्यक्ष बने हैं। दोनों ही अध्यक्ष महिलाएं हैं। कटनी जिले की नगर परिषद विजयराघवगढ़ में बीजेपी की राजेश्वरी दुबे अध्यक्ष चुनी गई हैं वहीं कैमोर नगर परिषद में बीजेपी की ही पलक ग्रोवर अध्यक्ष निर्वाचित हुई हैं। पार्टी की नवनिवार्चित नगर परिषद अध्यक्षों को बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने बधाई दी है। इससे पहले कटनी जिले की दोनों नगर परिषदों के अध्यक्ष पद के लिए पार्टी प्रत्याशियों की घोषणा की गई। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के जिलाध्यक्ष दीपक टण्डन ने बताया कि प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने विजयराघवगढ़ से राजेश्वरी दुबे व कैमोर से पलक ग्रोवर को पार्टी प्रत्याशी घोषित किया। नगर परिषद अध्यक्षों के इस्तीफों के कारण पद रिक्त थे कटनी की कैमोर तथा विजयराघवगढ़ में नगर परिषद अध्यक्षों के इस्तीफों के कारण पद रिक्त थे जिस पर आज निर्वाचन हुआ। दोनों जगहों पर एक ही नामांकन दाखिल होने की उम्मीद थी और आखिरकार वही हुआ भी, दोनों अध्यक्षों का सर्वसम्मति से निर्वाचन हुआ। नगर परिषदों में चुनाव को लेकर गहमागहमी बनी रही। निर्वाचन प्रक्रिया आज करीब 12 बजे से प्रारम्भ हुई। कलेक्‍टर दिलीप कुमार यादव ने नगर परिषद कैमोर में निर्वाचन हेतु पीठासीन अधिकारी एसडीएम विजयराघवगढ़ महेश मंडलोई को बनाया। वहीं नगर परिषद विजयराघवगढ़ के लिए पीठासीन अधिकारी संयुक्त कलेक्टर संस्कृति मुदित लटोरिया बनाई गईं। पीठासीन अधिकारियों को पूरी चुनाव प्रक्रिया सुचारू रूप से संपन्न कराकर पालन प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए थे। परिषद के नोटिस बोर्ड पर एक प्रति प्रदर्शित करने का निर्देश अध्यक्ष के चुनाव को देखते हुए कैमोर और विजयराघवगढ़ नगर परिषदों के मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को सभी निर्वाचित पार्षदों को व्यक्तिगत रूप से नोटिस और आदेश की प्रतियां तामील करने को कहा गया था। इस संबंध में पावती प्राप्त करने और संबंधित परिषद के नोटिस बोर्ड पर एक प्रति प्रदर्शित करने का निर्देश भी दिया।

तिरंगा आत्मगौरव और राष्ट्रीय एकता का प्रतीक: उप मुख्यमंत्री देवड़ा

भोपाल उप मुख्यमंत्री श्री जगदीश देवड़ा ने कहा है कि “हर घर तिरंगा” केवल सिर्फ एक अभियान नहीं, यह हमारे आत्मगौरव और राष्ट्रीय एकता का प्रतीक है। स्वतंत्रता दिवस के इस पावन अवसर पर सभी नागरिकों से आग्रह है कि वे अपने घरों पर राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा फहराकर देशभक्ति की भावना को सशक्त करें। उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा ने कहा कि हर घर तिरंगा अभियान हमें हमारी आज़ादी के संघर्ष, बलिदान और समर्पण की याद दिलाता है। तिरंगा केवल तीन रंगों का कपड़ा नहीं, बल्कि करोड़ों भारतीयों की भावनाओं, उम्मीदों और संकल्पों का प्रतीक है। हम सब मिलकर तिरंगे के नीचे एकजुट हों और अपने राष्ट्र को समर्पित भाव से प्रगति की ओर अग्रसर करें।