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महाकाल की चांदी की पालकी यात्रा में उमड़ा जनसैलाब, 1 लाख से अधिक श्रद्धालु हुए शामिल

उज्जैन  सावन के पहले सोमवार पर उज्जैन में भगवान महाकाल नई पालकी में प्रजा का हाल जानने निकले। ये पहली सवारी वैदिक उद्घोष की थीम पर निकाली जा रही है। सवारी शिप्रा नदी तक जाएगी। यहां महाकाल का पूजन किया जाएगा। इसके बाद रात करीब 7 बजे पालकी मंदिर वापस आएगी। सवारी में भजन मंडलियों नाचते-गाते आगे बढ़ रही हैं। इससे पहले तड़के 2:30 बजे महाकालेश्वर मंदिर के कपाट खोले गए थे। कपाट रात 10 बजे शयन आरती तक खुले रहेंगे। दाेपहर 3 बजे तक 1 लाख 15 हजार श्रद्धालु दर्शन कर चुके थे। इधर, खंडवा के ओंकारेश्वर में सुबह 5 बजे मंगला आरती हुई। ओंकार महाराज का फूलों से विशेष श्रृंगार किया गया। नैवेद्य में 56 भोग अर्पित किए गए। महाकाल को दिया गया गार्ड ऑफ ऑनर सभा मंडप में बाबा महाकाल का पूजन अर्चन मनमहेश स्वरूप में होने के बाद सवारी मंदिर के मुख्य द्वार पर पहुंची। यहां पर पुलिस द्वारा श्री महाकाल को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया।  सीएम मोहन यादव ने महाकाल के श्री चरणों में किया नमन सीएम मोहन यादव विदेश यात्रा पर हैं। उन्होंने एक्स पर लिखा कि सावन के पहले सोमवार के पावन अवसर पर आज उज्जैन में अपने भक्तों का कुशलक्षेम जानने हेतु बाबा महाकाल भ्रमण पर धूमधाम से निकलने वाले हैं। उनके श्री चरणों में नमन एवं वंदन।  चांदी की नई पालकी में सवारी महाकाल चांदी की नई पालकी में सवार होकर नगर भ्रमण पर हैं। मंदिर प्रशासन के अनुसार, करीब 10 साल बाद सवारी में नई पालकी को शामिल किया गया है। नवंबर में छत्तीसगढ़ के एक भक्त ने गुप्तदान के रूप में मंदिर समिति को यह पालकी भेंट की थी।  कई नृत्यदलों की प्रस्तुति बाबा महाकाल की सवारी में सीधी के घसिया बाजा, हरदा के ढांडल नृत्य दल,सिवनी के गुन्नूरसाई नृत्यदल आगे-आगे चलेंगे। विभिन्न जनजातियों के समुहों द्वारा भगवान श्री महाकाल की सवारी में मनमोहक प्रस्तुतियां दी जाएंगी। भगवान श्री महाकालेश्वर की सवारी का भव्य रूप   मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की मंशानुरूप सवारी में नए-नए प्रयोग किए जा रहे हैं। प्रथम सवारी वैदिक उद्घोष थीम पर है।  बाबा महाकाल की सवारी के दौरान रामघाट पर वैदिक उद्घोष के लिए दत्ता अखाड़ा क्षेत्र में बटुकों के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं। सभा मंडप में शुरू हुआ पूजन अर्चन  महाकालेश्वर मंदिर के सभागृह में बाबा महाकाल के मनमहेश स्वरूप का पूजन अर्चन शुरू हो चुका है। मंदिर के शासकीय पुजारी पंडित घनश्याम गुरु के द्वारा यह पूजन अर्चन किया जा रहा है। इस दौरान मंत्री तुलसी सिलावट, विधायक महेश परमार के साथ ही अन्य जनप्रतिनिधि भगवान का पूजन अर्चन कर रहे हैं।  12 स्थानों से होते हुए गुजरेगी महाकाल की सवारी बाबा महाकाल की सवारी महाकाल चौराहे से शुरू होगी। इसके बाद गुदरी चौराहा, कहारवाड़ी, रामघाट, मोड़  की धर्मशाला, कार्तिक चौक से होते हुए सत्यनारायण मंदिर पहुंचेगी। बाद में सवारी छत्रीचौंक, गोपाल मंदिर, पटनी बाजार होते हुए महाकाल मंदिर वापस आएगी। यहीं पर सवारी यात्रा का समापन होगा। बाबा महाकाल के छह स्वरूप  महाकाल सवारी 2025 में बाबा महाकाल के छह स्वरूप होंगे। आज पहली सवारी निकलेगी। इसके बाद  18 अगस्त को अंतिम राजसी सवारी श्री सप्तधान मुखारविंद स्वरूप में निकाली जाएगी, जिसमें बाबा का राजसी शृंगार किया जाएगा। सभी सवारियां श्रद्धा और उत्साह के साथ निकाली जाएंगी।  सवारी में शामिल होंगे मंत्री  महाकाल की पहली सवारी में उज्जैन के प्रभारी मंत्री गौतम टेटवाल और पंचायत  एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद पटेल शामिल होंगे। वे महाकाल मंदिर के सभा मंडप में बाबा महाकाल का पूजन अर्चन करेंगे। पालकी को कंधा देकर नगर भ्रमण के लिए रवाना करेंगे। श्री महाकालेश्वर मंदिर में पहुंचे 11 लाख श्रद्धालु  श्रावण मास की शुरुआत के साथ ही उज्जैन के श्री महाकालेश्वर मंदिर में भारी संख्या में श्रद्धालु दर्शन हेतु पहुंच रहे हैं। 7 से 13 जुलाई 2025 के बीच 11 लाख से अधिक भक्तों ने बाबा महाकाल के दर्शन किए।  अचलेश्वर महादेव मंदिर को फूलों से सजाया ग्वालियर में अचलेश्वर महादेव मंदिर को फूलों से सजाया गया है। रायसेन के भोजपुर में 11 बजे तक करीब 40 हजार भक्त भोजेश्वर महादेव का दर्शन-पूजन कर चुके थे। भोपाल के बड़वाले महादेव, गुफा मंदिर, छतरपुर के जटाशंकर धाम में भी भोलेनाथ की पूजा-अर्चना की जा रही है। खजुराहो में भक्त 18 फीट ऊंचे मतंगेश्वर महादेव का आशीर्वाद लेने पहुंच रहे हैं। नर्मदापुरम में सेठानी घाट से कांवड़ यात्रा निकाली गई। कांवड़िए नर्मदा जल लेकर पचमढ़ी जाएंगे, जहां जटाशंकर महादेव का अभिषेक करेंगे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा MP में एयर एंबुलेंस फ्लाइट सेक्टर में अच्छी संभावना

मुख्यमंत्री डॉ. यादव की दुबई में शेख अहमद बिन सईद अल मकतूम से भेंट मध्यप्रदेश बनेगा एविएशन और लॉजिस्टिक हब, क्षेत्रीय कार्गो हब के प्रस्ताव पर बनी सहमति मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा MP में एयर एंबुलेंस फ्लाइट सेक्टर में अच्छी संभावना भोपाल  दुबई यात्रा का दूसरा दिन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दुबई यात्रा के दौरान एमिरेट्स एयरलाइंस और दुबई सिविल एविएशन अथॉरिटी के चेयरमैन शेख अहमद बिन सईद अल मकतूम के साथ महत्वपूर्ण बैठक की। बैठक मध्यप्रदेश और यूएई के बीच उड्डयन संबंधों को सुदृढ़ करने की दिशा में एक अहम पड़ाव साबित हुई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि एयर एंबुलेंस फ्लाइट सेक्टर में अच्छी संभावना है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्ग दर्शन में मध्यप्रदेश एविएशन में जो काम कर रहा है उसमें भी दुबई सहयोग देने को तैयार है। क्षेत्रीय कार्गो हब के प्रस्ताव पर बनी सहमति बैठक में मुख्य रूप से इंदौर और भोपाल शहरों से दुबई के लिए सीधी विमान सेवाएं शुरू करने पर चर्चा हुई। मध्य भारत में एक क्षेत्रीय कार्गो हब स्थापित करने के प्रस्ताव पर भी सहमति बनी। एविएशन ट्रेनिंग और MRO (मेंटेनेंस, रिपेयर एंड ओवरहॉल) इन्फ्रास्ट्रक्चर में संयुक्त निवेश एवं प्रशिक्षण संस्थानों की स्थापना को लेकर भी सकारात्मक विचार-विमर्श हुआ। प्रदेश में इनबाउंड टूरिज्म को बढ़ावा देने और एमिरेट्स एविएशन अकादमी के कैंपस की स्थापना की संभावना पर भी गंभीर चर्चा की हुई। मध्यप्रदेश को भारत का एक प्रमुख एविएशन और लॉजिस्टिक्स हब बनाने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम है जो राज्य के आर्थिक और औद्योगिक विकास में नई उड़ान भरेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का मीडिया से संवाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बैठक के बाद दुबई में मीडिया से संवाद करते हुए कहा कि आज सुबह से निवेशकों और उद्योगपतियों के साथ अलग-अलग चर्चाओं का दौर शुरू हुआ है। सबसे पहले हमारे महावाणिज्यदूत और एंबेसी के लोगों के साथ विस्तार से चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि एयर एंबुलेंस फ्लाइट सेक्टर में अच्छी संभानाएँ है। मध्यप्रदेश एविएशन में जो काम कर रहा है दुबई उसमें सहयोग करने के लिए तैयार है। हमारी सरकार विदेश में कैसे आसानी से व्यापार करे, सरकार किन-किन क्षेत्रों में व्यापार कर सकती है, उस पर गहन विचार-विमर्श हुआ। मध्यप्रदेश में खदानें भी हैं, उद्योग भी हैं, फूड पार्क भी हैं। निवेशकों से अलग-अलग सेक्टर को लेकर चर्चा की। वन-टू-वन बैठक में भी निवेशकों से अच्छी और सकारात्मक बात की है। बैठकों के दौरान वेलनेस, हेल्थ, एनर्जी, सर्विस सेक्टर में अच्छे सुझाव मिले। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि दुबई के निवेशकों ने मध्यप्रदेश में गोल्ड एवं डायमंड माइनिंग सहित कई सेक्टर में निवेश करने की रुचि दिखाई।  

शहडोल में वन्य संकट: हाथियों के झुंड की दस्तक, डीएफओ ने लोगों को किया सतर्क

शहडोल  इन दिनों बड़ी संख्या में छत्तीसगढ़ से हाथियों का झुंड शहडोल संभाग में आया है. जो सोमवार तड़के सुबह विचारपुर से ग्राम ऐन्ताझर के जंगलों में पहुंच गया. स्थानीय ग्रामीणों की माने तो झुंड में 4 हाथी देखे गए हैं. इन हाथियों की निगरानी में वन विभाग की टीम जुटी हुई है. शहडोल संभाग में हाथियों का मूवमेंट पिछले कुछ समय से शहडोल संभाग में लगातार हाथियों का मूवमेंट देखने को मिल रहा है. यह हाथी कभी अनूपपुर में धमाचौकड़ी मचाते हैं, तो कभी शहडोल में चहलकदमी करते नजर आते हैं. वर्तमान में छत्तीसगढ़ से आए हुए ये हाथी अनूपपुर के रास्ते उमरिया होते हुए शहडोल पहुंचे हैं. जो कि शहडोल जिला मुख्यालय से लगे ग्राम ऐन्ताझर के जंगलों में पहुंच गए हैं. ऐन्ताझर जंगल में चहलकदमी करते दिखे हाथी ऐन्ताझर के फॉरेस्ट गार्ड राजनाथ बैगा ने बताया कि ''4 हाथी सोमवार तड़के सुबह ऐन्ताझर पहुंचे हैं, सभी हाथी अभी जंगल में हैं. उनकी हम लगातार निगरानी कर रहे हैं." जानकारी के अनुसार, हाथियों ने शहडोल जिले के बैगिन टोला निवासी चंद्रवती बैगा के घर को नुकसान पहुंचाया है. साथ ही कुछ जगहों पर पेड़ पौधे को भी नुकसान पहुंचाया है. हाथियों ने विचारपुर में बिताई छुट्टी बता दें कि, हाथी छत्तीसगढ़ से पहले अनूपपुर जिले में आए, जहां कुछ गांवों में जमकर धमाचौकड़ी मचाने के बाद अहिरगमा रेंज से होते हुए उमरिया जिले के घुनघुटी रेंज में पहुंच गए. यहां से शहडोल के विचारपुर गांव पहुंचे. जहां बीते रविवार को पूरे दिन रहे. फिर यहां से सोमवार तड़के सुबह ऐन्ताझर के जंगलों में पहुंच गए हैं. छत्तीसगढ़ वापस लौटने की राह चारों हाथी व्यस्क और दंतैल बताए जा रहे हैं. फिलहाल ये सभी पतखई घाट के रास्ते छत्तीसगढ़ वापस लौटने की राह पर नजर आ रहे हैं. हालांकि वन विभाग की टीम एक्टिव हो गई है. साउथ डीएफओ श्रद्धा प्रेंद्रे ने कहा, "छत्तीसगढ़ से 4 हाथी ऐन्ताझर जंगल में पहुंच गए हैं. ये सभी अनूपपुर के रास्ते उमरिया होते हुए यहां तक पहुंचे हैं." उन्होंने आगे बताया कि "वन विभाग की टीम लगातार इन हाथियों पर नजर बनाए हुए हैं, उनकी निगरानी में वन विभाग की टीम को तैनात किया गया है. लोगों को इनसे डरने की बजाए सतर्क रहना चाहिए. जंगल की ओर जाने से लोग बचें और हाथियों को देखने पर उनके साथ छेड़छाड़ न करें."

MP के निवाड़ी में 102%, टीकमगढ़ में 90% हुई बरसात, श्योपुर में क्वारी नदी उफान पर, विजयपुर-आगरा मार्ग बंद

भोपाल स्ट्रॉन्ग सिस्टम की बदौलत मध्यप्रदेश में 1 महीने के अंदर ही कोटे की 45% यानी, औसत 17.4 इंच बारिश हो गई है। निवाड़ी में कोटा फुल हो चुका है। यहां 102% पानी गिर चुका है। टीकमगढ़ में 90 फीसदी बारिश हुई है।मध्यप्रदेश में पिछले 24 घंटे के दौरान कई जिलों में आंधी और बारिश वाला मौसम रहा। सबसे ज्यादा बारिश रतलाम और गुना जिलों में हुई। श्योपुर में 2.8 इंच और गुना में 2.7 इंच पानी गिर गया। प्रदेश के इकलौते हिल स्टेशन पचमढ़ी में भी बारिश का दौर जारी रहा। प्रदेश में मानसून के एंटर हुए 16 जुलाई को 1 महीना हो जाएगा। हालांकि, मानसूनी सीजन 1 जून से ही शुरू हो गया था। यानी, डेढ़ महीने में करीब आधी बारिश हो चुकी है। इस बार लगातार स्ट्रॉन्ग सिस्टम एक्टिव रहे। इस कारण पूर्वी हिस्से में बाढ़ आ गई। छतरपुर, मंडला, सिवनी, शिवपुरी, उमरिया समेत कई जिलों में एक सप्ताह से बाढ़ के हालात है। नदियां उफान पर हैं। नर्मदा नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। इस वजह से बारिश का आंकड़ा भी बढ़ा है। मध्य प्रदेश के 20 जिलों में आज अति भारी बारिश की चेतावनी मध्य प्रदेश के अलग-अलग इलाकों में रुक-रुककर बारिश का दौर अभी जारी है। प्रदेश के भोपाल, रायसेन, राजगढ़, सीहोर, विदिशा, ग्वालियर, शिवपुरी, गुना, दतिया, अशोकनगर, भिंड, मुरैना, श्योपुर, उज्जैन, देवास, आगर-मालवा, शाजापुर, रतलाम मंदसौर और नीमच जिलों में आज अति भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। इंदौर और आस-पास के इलाकों में सुबह से फुहारों का दौर जारी है। टीकमगढ़ 24 घंटे में 167 मिमी बारिश से मुख्य मार्गों पर जलभराव हो गया। इससे जिले का झांसी, ललितपुर, छतरपुर, सागर से संपर्क टूट गया है। सबसे ज्यादा बारिश टीकमगढ़ तहसील क्षेत्र में 215.0 मिमी बारिश दर्ज हुई है। बाढ़ जैसे हालात बनने से हर कोई परेशान है। बान सुजारा बांध के गेट खुलने से धसान नदी भी काफी उफान पर रही, जिसमें 10 से 12 फीट तक जलस्तर बढ़ गया। प्रशासन ने अगले 24 घंटों में टीकमगढ़ के अधिकांश स्थानों पर गरज के साथ बहुत भारी बारिश 115.0 मिमी से 204.4 मिमी तक बारिश होने की संभावना जताई है। निवाड़ी के बछोंड़ा-पृथ्वीपुर मार्ग पर पड़ने वाले बरुआ नाले में रविवार को एक पिकअप वाहन गिर गया। जेसीबी की मदद से उसे निकला गया। शिवपुरी में नाले में बहे युवक, पेड़ पकड़कर बची जान शिवपुरी में आधी रात के बाद से रुक-रुक कर हो रही बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। पिछोर के ग्राम मनका में नाला उफान पर आ गया। गांव के सुरदीप यादव, राजदीप यादव सहित एक अन्य युवक ने बाइक पर सवार होकर उफनते नाले को पार करने का स्टंट दिखाना चाहा। बीच नाले में पहुंचते ही पानी के तेज बहाव में चालक बाइक पर से नियंत्रण खो बैठा। मौसम विभाग के अनुसार, अभी भी मानसून सीजन के ढाई महीने बाकी है। ऐसे में मौसम विभाग ने 125 प्रतिशत यानी, 45 इंच से ज्यादा बारिश होने की उम्मीद है। बता दें कि मौसम विभाग ने इस बार प्रदेश में सामान्य से अधिक बारिश होने का अनुमान जताया है। मंडला में 33 इंच से ज्यादा पानी गिरा मंडला की औसत बारिश 47 इंच है। जिसके मुकाबले 33.17 इंच पानी गिर चुका है। इंच में यह सबसे ज्यादा बारिश है। निवाड़ी में साढ़े 30 इंच की जगह 31.27 इंच बारिश हो चुकी है। यानी, इस जिले में कोटा पूरा हो गया। टीकमगढ़ की औसत 35.89 इंच बारिश के मुकाबले 32 इंच पानी गिर चुका है। कई डैम ओवरफ्लो हुए अब तक हुई बारिश की वजह से कई डैम  ओवरफ्लो हो गए हैं। भोपाल के बड़ा तालाब, केरवा-कलियासोत डैम में भी पानी आया है। हालांकि, पिछले साल जुलाई में ही कई डैमों के सभी गेट खुल गए थे। इस बार भी जौहिला, बरगी डैम के गेट खुल चुके हैं।   30 इंच से ज्यादा बारिश वाले जिले     मंडला, टीकमगढ़, निवाड़ी। 20 से 30 इंच तक बारिश वाले जिले     रायसेन, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, सिवनी, बालाघाट, डिंडौरी, शिवपुरी, अशोकनगर, सागर, दमोह, पन्ना, छतरपुर, श्योपुर, सीधी, नर्मदापुरम। 10 से 19 इंच बारिश वाले जिले     भोपाल, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, हरदा, बैतूल, सतना, सिंगरौली, रीवा, मुरैना, भिंड, नीमच, रतलाम, ग्वालियर, गुना, छिंदवाड़ा। इन जिलों में हुई 10 इंच से कम बारिश     इंदौर, बड़वानी, बुरहानपुर, खंडवा, खरगोन, दतिया, उज्जैन, देवास, शाजापुर, मंदसौर, आगर-मालवा। इसके अलावा भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर, उज्जैन, नर्मदापुरम, रतलाम, शिवपुरी, खरगोन, टीकमगढ़, रायसेन, मंडला, सागर, उमरिया, दतिया, छिंदवाड़ा, बैतूल, बालाघाट, शाजापुर, देवास, सीहोर, विदिशा, आगर-मालवा, राजगढ़ समेत कई जिलों में हल्की बारिश का दौर जारी रहा। सोमवार को इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर-चंबल में मानसून टर्फ और साइक्लोनिक सर्कुलेशन (चक्रवात) का असर देखने को मिलेगा। कुल 35 जिलों में तेज बारिश का अलर्ट है। इनमें से 9 जिलों में अति भारी बारिश होने की संभावना है।

कांग्रेस नेता भास्कर मिश्रा के गिरफ्तारी पर जमकर हुआ हंगामा

भास्कर मिश्रा को नही मिली जमानत, आज सोमवार को होगी सुनवाई, पहुंचे जेल, समर्थको ने जमकर की नारेबाजी, कांग्रेस पार्टी दो गुटों में दिखी सिंगरौली   जिले में बरगवां से लेकर  रजमिलान-गड़ाखाड़ के बीच कोल वाहनों से आये दिन हो रहे सड़क हादसे को लेकर इस पर रोक लगाने के लिए कांग्रेस नेता भास्कर मिश्रा के नेतृत्व में परसौना तिराहा पर आज दिन रविवार  की सुबह चक्काजाम शुरू किया। इसी दौरान भास्कर मिश्रा को पुलिस ने गिरफ्तार कर पहले सिविल लाईन ले गई। इसके बाद उनके समर्थको ने जगह-जगह हंगामा शुरू कर दिये और यह दौर देर शाम तक चलता रहा। गौरतलब है कि बरगवां से लेकर परसौना, रजमिलान, गड़ाखाड़, सरई-गन्नई मार्ग में आये दिन कोल समेत अन्य बड़े वाहनों से अनायास लोग काल के गाल में समा रहे हैं। आरोप है कि सड़क चौड़ीकरण एवं फोरलेन न होने के कारण सड़क हादसा थमने का नाम नही ले रहा है। आये दिन किसी न किसी के घर का चिराग बूझ जा रहे हैं। इन्हें ज्वलंत समस्या को लेकर कांग्रेस नेता भास्कर मिश्रा ने आज अपने समर्थको के साथ पूर्व  सूचना के आधार पर परसौना-तिराहा पहुंच माल वाहको को जाने पर रोक-टोक करते हुये चक्काजाम शुरू कर दिये। जबकि सवारी वाहनो को आने-जाने पर रोक नही लगाया था। इसी दौरान सीएसपी विंध्यनगर के नेतृत्व में पुलिस पहुंची और भास्कर मिश्रा तथा पार्षद रामगोपाल पाल समेत आधा दर्जन लोगों को गिरफ्तार करते हुये पुलिस सिविल लाईन ले गई। भास्कर मिश्रा की गिरफ्तारी को सून ग्रामीण सड़क पर उतर आये। जगह-जगह नारेबाजी करने लगे। यहां तक कि सैकड़ों लोग के अलावा जिला पंचायत सदस्य राजेश सिंह राजू, अतुल शुक्ला भी अपने समर्थको के साथ सिविल लाईन पहुंच भास्कर मिश्रा के गिरफ्तारी का विरोध करने लगे। इस दौरान पुलिस के खिलाफ नारेबाजी एवं तूतू-मैंमैं शुरू हो गई। हालांकि पुलिस के पास कोई ठोस जवाब नही आ रहा था। बाद में उन्हें बैढ़न न्यायालय में पेश की। जहां से विचाराधीन मानते हुये जेल भेज दिया था। चर्चा है कि कल दिन सोमवार को सुनवाई होगी। भास्कर मिश्रा के समर्थक ने कांग्रेस पार्टी सिंगरौली ग्रामीण जिलाध्यक्ष ज्ञानेन्द्र द्विवेदी, पूर्व जिला अध्यक्ष सूर्या द्विवेदी, कांग्रेस नेता अमित द्विवेदी, रामशिरोमणि शाहवाल, अशोक सिंह पैगाम, राजेश सिंह राजू, अनिल सिंह, रूपेश पाण्डेय  अखिलेश सिंह सहित भारी संख्या में कांग्रेसी व ग्रामीणजन भी पहुंचे थे। जिलाध्यक्ष ने कहा कि यह पुलिस लोकतंत्र की हत्या कर रही है। आगे कहा कि भास्कर मिश्रा की गिरफ्तार पूरी तरह से गलत है। दिन भर परसौना से लेकर न्यायालय परिसर के बाहर रहा गहमा-गहमी आज रविवार पूरे दिन हंगामा से भरा रहा है। परसौना से लेकर सिविल लाईन, कचनी एवं न्यायालय परिसर के बाहर भारी संख्या में लोग पहुंच कर पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी कह रहे थे कि यहां की पुलिस डण्डे के बल पर लोगों के आवाज को दबाना चाहती है। भास्कर मिश्रा के साथ भी ऐसा ही हुआ है। पुलिस ने लोकतंत्र की हत्या करते हुये मौलिक अधिकारो को छिनने का प्रयास की है। जिला पंचायत सदस्य राजेश सिंह राजू, अशोक सिंह पैगाम, सीपीएम नेता संजय नामदेव ने भास्कर मिश्रा के गिरफ्तारी कर जमकर विरोध किया है और कहा कि बैढ़न पुलिस बाबा साहेब अम्बेडकर के संविदान को नही मानती। इसीलिए भास्कर की गिरफ्तारी की गई है। इस दौरान पुलिस को काफी पापड़ बेलने पड़े। दिनमान भी आसमान में तारे नजर आने लगे थे। वही पुलिस के इस कार्रवाई का चौतरफा विरोध हो रहा है। आरआई ने की महिला के साथ धक्कामुक्की, हुआ जमकर हंगामा भास्कर मिश्रा के गिरफ्तारी के बाद आक्रोषित ग्रामीणों एवं उनके समर्थक जिला पंचायत सदस्य राजेश सिंह राजू सैकड़ों कार्यकर्ताओं के साथ पुलिस लाईन पहुंच  नारेबाजी शुरू कर दी है। इसी दौरान भारी संख्या में पुलिस भी मौजूद थी। तभी भीड़ आगे बढ़ रही थी कि पुलिस लाईन के रक्षित निरीक्षक केशव सिंह चौहान ने एक महिला को हाथ से जोर का छटका दिया। जहां महिला गिरते-गिरते बची। इसी बात से गुस्साए लोगों ने आरआई से उलझ गये। मामला इतना गरमाया कि तनाव की स्थिति निर्मित होने लगी। लेकिन कुछ समझदार पुलिस कर्मी भाप गये कि आरआई ने बड़ी गलती कर दी है। तत्काल आरआई को पीछे जाने के लिए इशारा किये। तब कहीं जाकर कुछ स्थिति संभल पाई। आरआई को अंतत: बैकफूट पर आना पड़ा। लेकिन इस बीच पुलिस एवं ग्रामीणों के बीच जमकर तूतू-मैंमैं हुआ है। इनका कहना:- मुझे सुबह 7:30 बजे सूचना मिली कि परसौना में कुछ लोक एकत्रित होकर छोटे व बड़े वाहनों के साथ स्कूल बसों को रोका गया था। वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना देने के बाद बैढ़न समेत आसपास के पुलिस के साथ पहुंच मनाने एवं समझाने का प्रयास किया गया। वही स्कूली छोटे-छोटे बच्चे परेशान हो रहे थे। न मानने पर अभिरक्षा में ले लिया गया है। पीएस परस्ते सीएसपी, विंध्यनगर

महाकाल सवारी उज्जैन में थ्री लेयर सिक्योरिटी के साथ भव्य आयोजन, सुरक्षा में ड्रोन लगाए

उज्जैन महाकाल की सवारी को लेकर पुलिस खासी सतर्क है। सवारी में सुरक्षा के लिए 1400 से ज्यादा पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। पूरे सवारी मार्ग पर बैरिकेड लगाए गए हैं। पुलिस व स्मार्ट सिटी के अलावा 200 अतिरिक्त सीसीटीवी कैमरे लगाए हैं। ट्रैफिक पुलिस ने भी मार्ग डायवर्ट किए हैं। श्री महाकालेश्वर की श्रावण-भाद्रपद मास में निकलने वाली सवारी की सुरक्षा को लेकर पुलिस काफी सतर्क है। इस बार पुलिस ने सवारी मार्ग पर बैरिकेड लगा दिए हैं। सुरक्षा के लिए 1400 पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। सवारी मार्ग पर सभी ऊंचे भवनों जवानों को तैनात किया जा रहा है। यहां से संदिग्धों पर नजर रखी जाएगी। इसके अलावा पांच ड्रोन कैमरों से सवारी मार्ग व आसपास की गलियों से छतों की भी जांच कर सतत निगरानी की जा रही है। पुलिस तथा स्मार्ट सिटी के सीसीटीवी कैमरों के अलावा सवारी मार्ग पर 200 अतिरिक्त सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। उज्जैन में थ्री लेयर सिक्योरिटी के साथ भव्य आयोजन उज्जैन में सावन-भादौ माह में बाबा महाकाल की शाही सवारी की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। 14 जुलाई से शुरू होने वाली इस सवारी में थ्री लेयर सिक्योरिटी सुनिश्चित की गई है। 1300 पुलिसकर्मी, ड्रोन और सीसीटीवी से चप्पे-चप्पे पर नजर रखी जाएगी। भक्तों की सुरक्षा के लिए पुलिस ने चेकिंग तेज कर दी है। इस बार कुल छह सवारियां निकलेंगी, जिसमें भव्य थीम और सांस्कृतिक कार्यक्रम शामिल होंगे। सवारी की तैयारियां और सुरक्षा व्यवस्था उज्जैन के श्री महाकालेश्वर मंदिर में सावन-भादौ माह में बाबा महाकाल की सवारी का आयोजन भव्यता के साथ किया जाएगा। पुलिस प्रशासन ने भीड़ नियंत्रण और श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए व्यापक इंतजाम किए हैं। सवारी मार्ग पर तीन ड्रोन तैनात होंगे, जो हर गतिविधि पर नजर रखेंगे। इसके अलावा, अतिरिक्त सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं और सभी ऊंची इमारतों की छतों की जांच की जा रही है। सादी वर्दी में भी पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके। उज्जैन पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा ने बताया कि सवारी से 15 दिन पहले ही तैयारियां शुरू कर दी गई थीं। सवारी मार्ग पर नजर रख रहे 3 ड्रोन आज श्रावण माह का प्रथम सोमवार है। भगवान श्री महाकालेश्वर श्री मनमहेश के रूप में पालकी में विराजित होकर अपनी प्रजा का हाल जानने नगर भ्रमण पर निकलेंगे। श्री महाकालेश्वर भगवान की सवारी निकलने के पहले श्री महाकालेश्वर मंदिर के सभामंडप में भगवान श्री मनमहेश का विधिवत पूजन-अर्चन होगा। उसके बाद भगवान श्री मनमहेश रजत पालकी में विराजित होकर नगर भ्रमण पर निकलेंगे। मंदिर के मुख्य द्वार पर पुलिस बल के सशस्त्र जवान पालकी में विराजित भगवान को सलामी देंगे। उज्जैन एसपी प्रदीप शर्मा ने बताया कि सवारी के लिए 3 ड्रोन और थ्री लेयर की सुरक्षा व्यवस्था की गई है। इसकी तैयारी शुरू कर दी है। उन्होंने बताया कि ड्रोन कैमरे से शहर के संवेदनशील इलाकों महाकाल लोक, मंदिर परिसर और सवारी मार्ग पर नजर रखी जा रही है। शहर में चेकिंग अभियान तेज किया है। सवारी मार्ग पर 3 ड्र्रोन लगाए हैं, जो चप्पे-चप्पे पर लगातार नजर रखेंगे। ड्रोन से ही सभी बिल्डिंग की छत की चेकिंग की जा रही है। ये भी देखा जा रहा है कि छत पर किसी ने ईंट पत्थर तो जमा नहीं कर रखे हैं। सवारी मार्ग की वीडियोग्राफी के साथ महाकाल मंदिर परिसर में लगातार ड्रोन से निगरानी रखी जा रही है। सवारी का शेड्यूल और थीम इस बार बाबा महाकाल की कुल छह सवारियां निकलेंगी, जिसमें चार सावन माह (14, 21, 28 जुलाई और 4 अगस्त) और दो भादौ माह (11 और 18 अगस्त) में होंगी। पहली सवारी वैदिक उद्घोष की थीम पर होगी, जबकि पांचवीं सवारी धार्मिक थीम पर आधारित होगी, जिसमें श्री कृष्ण पाथेय और मध्य प्रदेश के धार्मिक स्थलों की झांकियां शामिल होंगी। अंतिम राजसी सवारी 18 अगस्त को भव्य रूप में निकाली जाएगी, जिसमें 70 से अधिक भजन मंडलियां प्रस्तुति देंगी। श्रद्धालुओं की सुविधा और नियम पुलिस ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष इंतजाम किए हैं। सवारी के दौरान सेल्फी लेने पर प्रतिबंध रहेगा, ताकि अव्यवस्था और हादसों को रोका जा सके। सवारी मार्ग पर मोबाइल डिटेक्शन टीम तैनात होगी, जो नियम तोड़ने वालों पर कार्रवाई करेगी। इसके अलावा, सवारी के दिन स्कूलों की छुट्टी रहेगी, ताकि भीड़ और यातायात की समस्या कम हो। बड़नगर, रतलाम, नागदा मंदसौर एवं नीमच जाने वाले वाहन शांति पैलेस चौराहे से डायवर्ट रहेंगे। देवास गेट बस स्टैंड से भारी वाहन एवं बसें हरिफाटक टी एवं हरिफाटक चौराहे तरफ नहीं जा सकेंगे। चार पहिया वाहन हरिफाटक टी से बेगमबाग, कोट मोहल्ला एवं गोपाल मंदिर तरफ नहीं जा सकेंगे। चार पहिया वाहन दौलतगंज चौराहे से कोट मोहल्ला, तेलीवाड़ा चौराहे से दानीगेट तरफ, कार्तिक चौक से हरसिद्धि पाल तरफ नहीं जा सकेंगे। इन मार्गों को किया गया प्रतिबंधित     देवासगेट चौराहे से दौलतगंज चौराहा की ओर।     इंदौरगेट से दौलतगंज की ओर।     यादव धर्मशाला, बेगमबाग से महाकाल घाटी की ओर।     हरसिद्धि की पाल से गुदरी चौराहा की ओर।     दानीगेट से ढाबा रोड, कमरी मार्ग की ओर।     जूना सोमवारिया से केडी गेट की ओर। यहां इतने वाहनों की रहेगी पार्किंग व्यवस्था     मन्नत गार्डन पार्किंग में 450 वाहनों की क्षमता है।     वाकणकर ब्रिज के नीचे 400 वाहनों की पार्किंग व्यवस्था।     कर्कराज पार्किंग में 1000 चार पहिया वाहनों की क्षमता।     भील समाज पार्किंग में 700 चार पहिया वाहनों की क्षमता।     कलोता समाज धर्मशाला में 2000 दो पहिया वाहनों की क्षमता।     नृसिंहघाट पार्किंग में 250 चार पहिया वाहन रखे जा सकेंगे। यहां भी रख सकेंगे वाहन     उपरोक्त पार्किंग भर जाने के बाद उजड़खेडा चौराहा से मुरलीपुरा, शंकराचार्य चौराहा से वाहनों को कार्तिक मेला मैदान पार्किंग में भेजे जाएंगे।     बड़नगर, रतलाम, नागदा की ओर से आने वाले दर्शनार्थी अपने चार पहिया वाहन कार्तिक मेला ग्राउंड में पार्क कर सकेंगे। इसके अलावा छोटी रपट से गणगौर दरवाजा होते हुए रामानुज कोट से हरसिद्धि की पाल पार्किंग में वाहन रख सकेंगे।     आगर रोड से आने वाले दर्शनार्थी अपने वाहन मकोडिया आम चौराहा, खाक चौक, जाट धर्मशाला, पिपलीनाका, जूना सोमवारिया से होते हुए … Read more

सावन के पहले सोमवार पर भोजपुर के शिवालयों में श्रद्धालुओं की भीड़, भक्ति में डूबा माहौल

भोपाल आज  सावन के पहले सोमवार पर हर-हर महादेव के जयकारों से राजधानी भोपाल गुंज रही हैं। शहर के मंदिरों में पूजा अर्चना करने भक्त पहुंच रहे हैं। भोपाल से 30 किलोमीटर दूर भोजपुर मंदिर में भक्तों की सुबह से ही भीड़ देखी जा रही है। भोजपुर में विराजमान महादेव की एक अलग ही प्रसिद्धी है कहा जाता है पांडवों द्वारा इस मंदिर का निर्माण कराया गया था। वही मंदिर को लेकर एक कथा यह भी है कि एक ही रात्रि में इस मंदिर का निर्माण किया गया था। दर्शन करने के लिए दूर-दूर से आते हैं भक्त सावन के महीने में भोजपुर में भगवान महादेव के दर्शन करने के लिए दूर-दूर से भक्त आते हैं। काफी संख्या में भीड़ यहां भगवान भोलेनाथ के दर्शन करने आती है तो वही आज सावन के पहले सोमवार को भोजपुर में काफी संख्या में भक्तों का आना-जाना रहा सुबह 4 बजे से ही भक्तों का भोजपुर आना-जाना शुरू हो गया तो वहीं बम-बम के नारों से भोजपुर का शिवालय गूंज उठा लोग बेलपत्र और शिव पूजा में लगने वाली अनेकों प्रकार की सामग्री लेकर भगवान भोलेनाथ को अर्पित करने भोजपुर पहुंच रहे हैं और भगवान भोलेनाथ से अपनी मनोकामना पूर्ण करने की अर्जी लगा रहे हैं। सावन के सोमवार की पूजन विधि  प्रातः काल स्नान के बाद स्वच्छ वस्त्र धारण करें। घर पर ही शिवलिंग स्थापित कर सकते हैं, या नजदीकी शिव मंदिर जाएं। शिवलिंग का अभिषेक जल, दूध, दही, घी, शहद और गंगाजल से करें। शिवलिंग पर बेलपत्र, आक-धतूरा, सफेद फूल अर्पित करें। कम से कम 108 बार “ऊं नमः शिवाय” मंत्र का जाप करें। व्रतधारी दिनभर फलाहार कर सकते हैं और शाम को शिव आरती करें। सायंकाल भगवान के मंत्रों का फिर जाप करें, तथा उनकी आरती करें। अगले दिन पहले अन्न वस्त्र का दान करें तब जाकर व्रत का पारायण करें। सावन सोमवार पूजा का धार्मिक महत्व   भगवान शिव की पूजा खासतौर से सोमवार को की जाती है। मान्यता है कि वैवाहिक जीवन के लिए शिव जी की पूजा सोमवार को करने से परेशानियां दूर होती हैं। कुंवारी कन्याएं इस व्रत को विशेष श्रद्धा से करती हैं ताकि उन्हें मनचाहा वर प्राप्त हो। यह व्रत नकारात्मक ऊर्जा, रोग और दरिद्रता को दूर करने में सहायक माना जाता है।इसके अलावा स्वास्थ्य, संतान और आर्थिक समस्याएं भी दूर होती हैं। सावन के सोमवार को शिव जी की पूजा सर्वोत्तम होती है. इसमें मुख्य रूप से शिव लिंग की पूजा होती है और उस पर जल तथा बेल पत्र अर्पित किया जाता है।  

शिलॉन्ग जेल की कैदी सोनम रघुवंशी ने की दो खास लोगों से मुलाकात की मांग

इंदौर  इंदौर के चर्चित राजा रघुवंशी हत्याकांड की मुख्य आरोपी सोनम रघुवंशी इन दिनों शिलॉन्ग जेल में बंद हैं। मेघालय पुलिस ने उन्हें अपने पति राजा की हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया था। इस मामले ने न केवल इंदौर बल्कि पूरे देश में सनसनी मचा दी है। लेकिन अब जेल में सोनम की कुछ गतिविधियां सुर्खियां बटोर रही हैं। खबर है कि सोनम ने जेल में सिर्फ दो लोगों से मिलने की इच्छा जाहिर की है। आखिर कौन हैं ये दो लोग और क्या है इस मुलाकात के पीछे का राज? सिर्फ पिता और भाई से मिलने की इच्छा सूत्रों के मुताबिक, सोनम ने जेल में अपने परिवार के सिर्फ दो सदस्यों अपने पिता और भाई गोविंद रघुवंशी से मिलने की इच्छा जताई है। उन्होंने साफ तौर पर जेल प्रशासन से कहा है कि वह किसी और से नहीं, बल्कि इन दोनों से ही मुलाकात करना चाहती हैं। इतना ही नहीं, सोनम को जेल से सप्ताह में एक बार फोन करने की इजाजत मिली है और उन्होंने अब तक तीन बार अपने परिवार से बात की है। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि फोन पर उनकी बातचीत का विषय क्या था, लेकिन यह जरूर चर्चा में है कि सोनम ने सबसे दूरी बनाते हुए सिर्फ इन दो लोगों पर भरोसा जताया है। भाई गोविंद ने दी सफाई सोनम के भाई गोविंद रघुवंशी ने हाल ही में मीडिया से बातचीत में दावा किया कि उनकी बहन से अभी तक उनकी कोई बात नहीं हुई है। उन्होंने यह भी कहा कि सोनम का जेल से घर पर फोन करने की बात महज अफवाह है। गोविंद ने बताया कि वह और उनके पिता जल्द से जल्द सोनम से मिलना चाहते हैं और इसके लिए उन्होंने शिलॉन्ग पुलिस को आवेदन भी दिया है। हालांकि, पुलिस की ओर से अभी तक कोई जवाब नहीं मिला है। गोविंद का कहना है कि वह अपनी बहन का पक्ष जानना चाहते हैं, लेकिन क्या यह मुलाकात कोई नया खुलासा करेगी? जेल में सोनम की जिंदगी शिलॉन्ग जेल में सोनम को अन्य 20 महिला कैदियों के साथ रखा गया है। वह इस जेल की दूसरी ऐसी महिला कैदी हैं, जिन्हें हत्या के मामले में बंद किया गया है। जेल में उनकी गतिविधियां सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में हैं, और उन्हें वार्डन की निगहबानी में रखा गया है। सप्ताह में तीन बार फोन करने की अनुमति के साथ सोनम ने अपने परिवार से संपर्क बनाए रखा है। लेकिन उनकी यह जिद कि वह सिर्फ पिता और भाई से ही मिलेंगी, कई सवाल खड़े कर रही है। क्या वह अपने परिवार के जरिए कोई रणनीति बना रही हैं, या यह सिर्फ भावनात्मक जुड़ाव है? हत्याकांड में नए मोड़ राजा रघुवंशी हत्याकांड में हाल ही में कई अपडेट्स सामने आए हैं। सोनम के दो मददगारों लोकेंद्र सिंह तोमर और बलबीर अहिरवार को शिलॉन्ग की अदालत ने जमानत दे दी है। लोकेंद्र उस फ्लैट के मालिक हैं, जहां हत्या के बाद सोनम छिपी थी, जबकि बलबीर उसी बिल्डिंग का सिक्योरिटी गार्ड था। दोनों पर सबूतों से छेड़छाड़ और सोनम को छिपाने में मदद करने का आरोप था। लेकिन कोर्ट ने उनकी जमानत मंजूर कर ली, क्योंकि उनके खिलाफ लगाए गए अपराध जमानती थे। क्या इन जमानतों से सोनम के केस पर कोई असर पड़ेगा?

पहले सावन सोमवार को महाकालेश्वर मंदिर में श्रद्धालुओं की जबरदस्त भीड़, उमड़ा जनसैलाब

उज्जैन सावन मास की शुरुआत होते ही देशभर के शिव मंदिरों में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी है। सावन माह के पहले सोमवार को मध्यप्रदेश के उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर, काशी विश्वनाथ मंदिर (वाराणसी), मुंबई, मेरठ और देहरादून सहित कई शहरों में श्रद्धालुओं की लंबी लाइनें लगी रहीं। भक्त भोलेनाथ के दर्शन और जलाभिषेक के लिए सुबह से ही कतार में लग गए थे। वहीं पुसिल-प्रशासन ने भीड़ को नियंत्रित करने और सुरक्षा बनाए रखने के लिए चाक-चौबंद व्यवस्था कर रही है। जगह-जगह पुलिस बल तैनात किया गया है और सीसीटीवी कैमरों से बराबार निगरानी भी की जा रही है। दरअसल, श्रावण मास के पहले सोमवार पर उज्जैन में रात 2:30 बजे महाकालेश्वर मंदिर के कपाट खोले गए।  इसके बाद सभा मंडप में वीरभद्र जी के कान में स्वस्ति वाचन किया गया। फिर भगवान से आज्ञा लेकर चांदी का पट खोला गया। जल से भगवान महाकाल का अभिषेक करने के पश्चात दूध, दही, घी, शक्कर, शहद और फलों के रस से बने पंचामृत से पूजन किया गया। भगवान महाकाल का रजत चंद्र, त्रिशूल, मुकुट और आभूषण के साथ भांग, चंदन और ड्रायफ्रूट से श्रृंगार किया गया। इसके बाद भस्म चढ़ाई गई। महाकाल ने शेषनाग का मुकुट, रजत मुंडमाल और रुद्राक्ष की माला के साथ-साथ सुगंधित पुष्प से बनी फूलों की माला धारण की। इसके बाद फल और मिष्ठान का भोग लगाया। ओंकारेश्वर में मंगला आरती खंडवा के ओंकारेश्वर में सुबह 5 बजे मंगला आरती हुई। ओंकार महाराज का फूलों से विशेष श्रृंगार किया गया। नैवेद्य में 56 भोग अर्पित किए गए। वहीं ग्वालियर में अचलेश्वर महादेव मंदिर को फूलों से सजाया गया है। सुबह 4 बजे से ही भक्त यहां भोले को अभिषेक करने पहुंच गए। छतरपुर के जटाशंकर धाम को फूलों से सजाया गया है। यहां आसपास से आए श्रद्धालुओं की भीड़ कुंड में स्नान के बाद भोलेनाथ के दर्शन के लिए पहुंच गई। शिवलिंग का किया जलाभिषेक राजस्थान के जयपुर में झारखंड महादेव मंदिर बहुत प्रशिद्ध है। यहां पवित्र श्रावण मास के पहले सोमवार को भक्तों की भीड़ उम पड़ी। इस दौरान बड़ी संख्या में भक्त शिवलिंग का जलाभिषेक और दुग्धाभिषेक करते नजर आए। वहीं दिल्ली के छतरपुर मंदिर में पूजा-अर्चना के लिए श्रद्धालु पहुंचे। यहां सुबह से ही भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी थी। काशी में श्रद्धालुओं पर पुष्प वर्षा उत्तर प्रदेश के अयोध्या में सावन माह के पहले सोमवार को नागेश्वर नाथ मंदिर में पूजा-अर्चना के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रही। वहीं काशी विश्वनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना के लिए कतार में खड़े श्रद्धालुओं पर जिला प्रशासन ने पुष्प वर्षा की। पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल, जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार, मुख्य कार्यपालक अधिकारी विश्व भूषण मिश्रा, विशेष कार्यपालक अधिकारी पवन प्रकाश पाठक, नायब तहसीलदार मिनी एल शेखर और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने पुष्प वर्षा कर श्रद्धालुओं की सेवा की। हरिद्वार में उमड़ी भारी भीड़ उत्तराखंड के हरिद्वार में सावन माह के पहले सोमवार को दक्षेश्वर महादेव मंदिर में पूजा-अर्चना के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। भक्त शिवलिंग पर जलाभिषेक कर प्रभु का आशीर्वाद प्राप्त कर किए। इस दौरान पूर अंचल भगवान शिव के जयकारों से गूंज उठा।

सतना में दर्दनाक बोरवेल हादसा: दो सहेलियों की मौत, 6 घंटे चला रेस्क्यू ऑपरेशन

सतना   सतना जिले के नागौद थाना क्षेत्र अंतर्गत रेरुआ कला गांव में रविवार दोपहर एक दर्दनाक हादसा हो गया। खेत में बने एक पुराने और खुले बोरवेल के गड्ढे में डूबकर दो मासूम सहेलियों की मौत हो गई। मृतकों में 16 वर्षीय सोमवती और 12 वर्षीय दुर्गा शामिल हैं। दोनों बच्चियां खेलते-खेलते खेत की ओर चली गई थीं, जहां यह हादसा हुआ। जानकारी के अनुसार, यह घटना रविवार दोपहर करीब 3 बजे की है। खेत में बना पुराना बोरवेल बारिश के कारण खुल गया था और उसमें पानी भर गया था। इसी में दोनों सहेलियां डूब गईं। ग्रामीणों ने तुरंत रेस्क्यू शुरू किया, और पुलिस को सूचित किया गया। पहले सोमवती का शव मिला, दुर्गा का शव 20 फीट गहराई में फंसा था एसडीएम जितेंद्र वर्मा ने बताया कि मौके पर पहुंचते ही रेस्क्यू टीम ने सबसे पहले जेसीबी की मदद से मेड़ को खुदवाकर पानी निकालना शुरू किया। करीब पांच घंटे की मशक्कत के बाद शाम 5 बजे सोमवती का शव बाहर निकाल लिया गया। लेकिन दुर्गा का शव बोरवेल के गड्ढे में करीब 20 फीट अंदर फंसा हुआ था। इसके लिए देर रात एसडीईआरएफ की टीम को बुलाया गया। गड्ढे में उतरकर टीम ने रात 12:45 बजे दुर्गा का शव बरामद किया। खेत में रोपा लगा रहे थे माता-पिता सोमवती के पिता चक्कू अहिरवार ने बताया कि वह अपनी पत्नी के साथ खेत में रोपा (धान की रोपाई) लगाने गए थे। उनकी बेटी सोमवती और उसकी सहेली दुर्गा भी साथ थीं, लेकिन वे दोनों खेलते-खेलते पास के रमेश मिश्रा के खेत तक पहुंच गईं। वहां पानी से भरे गड्ढे में दोनों डूब गईं। ग्रामीणों का कहना है कि पहले एक बच्ची का पैर फिसला और वह डूबने लगी। दूसरी ने उसे बचाने की कोशिश की, लेकिन वह भी गड्ढे की गहराई और पानी के दबाव के कारण बाहर नहीं निकल सकी। बारिश से बंद बोरवेल खुल गया था ग्रामीणों ने बताया कि खेत में एक पुराना बोरवेल मौजूद था, जो काफी समय से बंद था। लेकिन लगातार हुई बारिश के कारण उसकी मिट्टी धंस गई और गड्ढा खुल गया। यह गड्ढा लगभग बोरवेल जैसा ही था, जिसमें पानी जमा हो गया था। एसडीएम जितेंद्र वर्मा ने कहा कि सोमवार को जांच की जाएगी कि यह सामान्य गड्ढा था या फिर बोरवेल। यदि यह बोरवेल पाया गया तो संबंधित किसान पर कार्रवाई की जा सकती है। रेस्क्यू में आई कई बाधाएं, कीचड़ और अंधेरे ने बढ़ाई मुश्किलें घटनास्थल तक पहुंचना प्रशासनिक अधिकारियों और एसडीईआरएफ की टीम के लिए आसान नहीं था। हिलौंधा गांव से घटनास्थल तक करीब 3.5 किलोमीटर का कच्चा रास्ता था, जो बारिश और कीचड़ के कारण बेहद खराब हालत में था। रात के अंधेरे में ग्रामीणों और रेस्क्यू टीम ने ट्रैक्टर की मदद से घटनास्थल तक पहुंचकर राहत कार्य किया। कीचड़ भरे रास्ते पर पैदल चलना तक मुश्किल था। भारी बारिश से बंद बोरवेल भी खुल गया ग्रामीणों के अनुसार, खेत में एक बोरवेल था। इसके धंसने से गहरा गड्ढा बन गया था। इसमें पानी भरा था।। भारी बारिश के कारण बंद किया गया बोरवेल भी खुल गया था। बताया जा रहा है कि एक बच्ची का पैर फिसला तो वह डूबने लगी। यह देखकर दूसरी बच्ची उसे बचाने पहुंची थी। केसिंग निकालकर बोर खुला छोड़ा था नागौद एसडीएम जितेंद्र वर्मा ने बताया कि विफल होने पर केसिंग निकालकर बोर यूं ही छोड़ दिया गया था। घटना की सूचना पर पूर्व विधायक कल्पना वर्मा, जनपद सीईओ अशोक मिश्रा और टीआई अशोक पांडेय पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे थे। रात करीब एक बजे दोनों शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए नागौद अस्पताल ले जाया गया। साढ़े 3 किलोमीटर रास्ते पर पैदल चलना मुश्किल घटनास्थल तक पहुंचने में प्रशासनिक अधिकारियों और एसडीईआरएफ की टीम को काफी मशक्कत करनी पड़ी। हिलौंदा गांव से लगभग साढ़े 3 किलोमीटर का रास्ता ऐसा था, जिस पर पैदल तक नहीं चला जा रहा था। खेतों के बीच से होकर गुजरने वाले कच्चे रास्ते पर मिट्टी और कीचड़ था।