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इलाज और रिसर्च को मिलेगा नया आयाम: AIIMS भोपाल में शुरू हुई 3D गैलरी की तैयारी

 भोपाल  भारत के मेडिकल इनोवेशन में एक ऐतिहासिक पहल करते हुए एम्स भोपाल देश की पहली रोगी-विशिष्ट थ्रीडी मॉडल गैलरी बनाने की तैयारी कर रहा है। यह कदम न केवल मरीजों के इलाज को बेहतर बनाएगा, बल्कि मेडिकल छात्रों और डॉक्टरों के लिए पढ़ाई और सर्जरी प्लानिंग को भी अत्याधुनिक बना देगा। एम्स भोपाल ने चिकित्सा क्षेत्र में एक नई क्रांति की शुरुआत की है। संस्थान ने साल 2024 में एक हाईटेक 'कम्प्यूटेशनल थ्रीडी मॉडलिंग एंड प्रिंटिंग लैब' की स्थापना की थी, जो अब देशभर में चर्चित हो चुकी है। इस लैब की सबसे बड़ी खासियत है – पालीजेट डिजिटल एनाटॉमी प्रिंटर, हाई-पावर कंप्यूटर और विशेष सॉफ्टवेयर, जिनकी मदद से डॉक्टर मरीज के शरीर का हूबहू थ्रीडी मॉडल तैयार कर सकते हैं। इस थ्रीडी प्रिंटिंग तकनीक का इस्तेमाल सर्जरी से पहले केस की गहराई से समझ, ऑपरेशन की प्लानिंग, मेडिकल स्टूडेंट्स को रियल-लाइफ प्रैक्टिस और मरीजों को उनकी बीमारी को विजुअली समझाने के लिए किया जा रहा है। अब एम्स भोपाल भारत की पहली रोगी-विशिष्ट थ्रीडी मॉडल गैलरी बना रहा है, जिसमें विभिन्न जटिल बीमारियों के मॉडल रखे जाएंगे। यह गैलरी डॉक्टरों, छात्रों और आम नागरिकों को शरीर की संरचना और बीमारियों की समझ विकसित करने में मदद करेगी। लैब से अब तक देश-विदेश के विशेषज्ञों का एक अंतरराष्ट्रीय सिम्पोजियम भी हो चुका है, जिसमें मेडिकल टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में साझा काम करने पर सहमति बनी थी। अब एम्स इस लैब के जरिए दो नए सर्टिफिकेट कोर्स शुरू कर रहा है, जिनमें से एक मैनिट भोपाल के साथ संयुक्त रूप से डिजाइन और मेडिकल मॉडलिंग पर आधारित होगा। भविष्य में पीएचडी की सुविधा भी मेडिकल और इंजीनियरिंग छात्रों के लिए उपलब्ध कराई जाएगी। लैब की प्रमुख खूबियां     डॉक्टर ऑपरेशन से पहले मरीज के अंगों का थ्रीडी मॉडल देखकर सर्जरी की योजना बना सकते हैं।     मेडिकल स्टूडेंट्स को रियलिस्टिक अनुभव के साथ पढ़ाई करने का मौका।     मरीजों को अपनी बीमारी विजुअल मॉडल की मदद से आसानी से समझाई जा सकती है।     डॉक्टरों और तकनीकी विशेषज्ञों के बीच इंटरेक्टिव सहयोग की शुरुआत। भविष्य की योजनाएं     बायोमैकेनिक्स: शरीर की हलचलों का डिजिटल विश्लेषण।     वर्चुअल एनाटॉमी और सर्जरी सिमुलेशन को आसान बनाना।     फिनाइट एलिमेंट एनालिसिस जैसे रिसर्च टूल्स पर गहराई से काम। एम्स भोपाल के कार्यपालक निदेशक प्रो. डॉ. अजय सिंह का कहना है कि यह लैब इलाज, शिक्षा और शोध तीनों में नई दिशा दे रही है। भारत की पहली थ्रीडी मॉडल गैलरी बनना एक ऐतिहासिक कदम है जो भविष्य की मेडिकल ट्रेनिंग को पूरी तरह बदल देगा।  

सम्मान की जीत: कोर्ट के फैसले से रेलवे ने बदला शब्द, अब ‘बौद्धिक दिव्यांग’ लिखा जाएगा टिकट पर

उज्जैन  भारतीय रेलवे ने फैसला किया है कि अब वह मानसिक रूप से दिव्यांगों के लिए जारी करने वाले रियायती पास पर 'मानसिक विकृत' शब्द की जगह 'बौद्धिक दिव्यांग' शब्द का इस्तेमाल करेगा। रेलवे ने 1 जून 2025 से इस फैसले को अमल में लाना शुरू कर दिया है। रेलवे रियायत प्रमाण पत्र में 'मानसिक रूप से विकलांग' शब्द को 'बौद्धिक विकलांगता' में बदलकर अपनी बेटी की गरिमा बचाने के लिए एक पिता को साढ़े पांच साल तक संघर्ष करना पड़ा. जानकारी के मुताबिक डॉ पंकज मारू की बेटी बौद्धिक रूप से विकलांग थी. ईटीवी भारत से बात करते हुए 65 प्रतिशत बौद्धिक रूप से विकलांग बेटी के पिता डॉ पंकज मारू ने कहा, "हमें तीन सितंबर 2019 को मेरी बेटी का रेलवे रियायत प्रमाण पत्र मिला, जिसमें 'मानसिक रूप से विकलांग' शब्द हमारे लिए बेहद आपत्तिजनक था, जिसके बाद मैंने रेलवे रियायत कार्ड में इस शब्द को बदलने के लिए पश्चिमी क्षेत्र, रेलवे बोर्ड और संबंधित अधिकारियों से संपर्क किया, लेकिन रेलवे उसी शब्द को जारी रखने पर अड़ा रहा." अधिकारियों को शिकायत की लेकिन कुछ नहीं हुआ डॉ. पंकज मारु बताते हैं कि साल 2019 में उन्होंने अपनी बेटी सोनू के लिए रेलवे से रियायती पास बनवाया था। इसमें विकलांगता की प्रकृति वाले कॉलम में लिखा था मानसिक विकृति। अपनी बेटी के लिए ये शब्द मुझे अपमानजनक लगा। मेरी बेटी 65 फीसदी मानसिक दिव्यांग है, न कि विकृत। मैंने रियायती पास में इस शब्द को बदलवाने के लिए पश्चिम रेलवे, रेलवे बोर्ड और संबंधित अधिकारियों से संपर्क किया। कई बार रेलवे के चेयरमैन और डीआरएम को पत्र लिखे। अधिकारियों की तरफ से मुझे कोई जवाब नहीं मिला। उनकी सफलता से ऐसे एक करोड़ से अधिक दिव्यांगजनों के लिए सम्मानपूर्वक जीवन जीने की आशा जगी है, क्योंकि दिव्यांगजनों के लिए मुख्य आयुक्त न्यायालय (CCPD) ने रेलवे बोर्ड को निर्देश जारी किए हैं. डॉ. मारु ने मामले की खुद पैरवी की याचिका दायर होने के तीन दिन बाद यानी 15 जुलाई 2024 को कोर्ट ने रेलवे को एक नोटिस जारी किया और पूछा कि क्या इस शब्द को बदला जा सकता है। 4 सितंबर 2024 को रेलवे ने इस नोटिस का जवाब देते हुए लिखा कि इस शब्द को नहीं बदला जा सकता। इसके बाद कोर्ट ने मारु से पूछा कि वे अब क्या करना चाहते हैं? तो मारु ने 25 सितंबर को दोबारा सुनवाई के लिए कोर्ट में अर्जी लगाई। जब इस मामले की सुनवाई हुई तो डॉ. मारु ने सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन का हवाला दिया। उन्होंने कोर्ट को बताया कि दिव्यांग जन अधिकार अधिनियम, 2016 (Rights of Persons with Disabilities Act, 2016) की धारा 92(क) [Section 92(a)] में यह प्रावधान किया गया है, CCPD का आदेश CCPD आदेश में कहा गया है कि रेलवे बोर्ड ने 14 जुलाई 2025 को ईमेल के माध्यम से कोर्ट को सूचित किया कि 9 मई 2025 को एक निर्देश पहले ही जारी किया जा चुका है. रेलवे ने इसकी एक कॉपी अटैच की है, जिसमें कहा गया है कि रेल मंत्रालय ने मानसिक रूप से मंद व्यक्ति जो बिना किसी अनुरक्षक के यात्रा नहीं कर सकते शब्द को बौद्धिक रूप से अक्षम व्यक्ति जो बिना किसी अनुरक्षक के यात्रा नहीं कर सकते से बदलने का निर्णय लिया है, ताकि अधिक सम्मानजनक और उपयुक्त भाषा अपनाई जा सके. यह नियम 1 जून, 2025 से लागू किया गया है. दिव्यांगजनों को सम्मान दिलाने में मदद करें निर्देश परिवार एनसीपीओ के राष्ट्रीय अध्यक्षडॉ पंकज मारू ने कहा, "ये निर्देश न केवल हमें, बल्कि देश भर के सभी दिव्यांगजनों को सम्मान दिलाने में मदद करेंगे. UNCRPD/दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम 2016 (जिसे आगे अधिनियम कहा जाएगा) दिव्यांगजनों को सशक्त बनाने और उन्हें सम्मान और गरिमा के साथ जीवन जीने के लिए प्रेरित करता है. इसके बावजूद, रेलवे 'मानसिक रूप से विकृत' शब्द का प्रयोग कर रहा है, यह शब्द दिव्यांगजनों के सम्मान और गरिमा को नहीं दर्शाता." इस संबंध में सर्कुलर जारी इस साल 9 मई को रेलवे बोर्ड ने इस शब्द को बदलने का निर्णय लिया, जिसके बाद उसने "मानसिक रूप से विकलांग व्यक्ति जो बिना किसी अनुरक्षक के यात्रा नहीं कर सकते" शब्द के स्थान पर "बौद्धिक रूप से विकलांग व्यक्ति जो बिना किसी अनुरक्षक के यात्रा नहीं कर सकते" शब्द रखने के संबंध में एक सर्कुलर जारी किया. सर्कुलर के अनुसार 1 जून, 2025 से पहले पुराने प्रोफार्मा में जारी किया गया प्रमाण पत्र वैधता अवधि समाप्त होने तक वैध रहेगा, और रेलवे दिव्यांगजन पहचान पत्र, ऑनलाइन/ऑफलाइन आवेदन पत्रों में भी आवश्यक परिवर्तन सुनिश्चित किए जाएंगे. इसमें आगे कहा गया है, "असुविधा से बचने के लिए क्षेत्रीय रेलवे संशोधित प्रोफार्मा प्रिंटिड कर सभी स्थानों/स्टेशनों पर उपलब्ध करा सकते हैंॉ। सभी संबंधितों को आवश्यक निर्देश जारी किए जाएंगे."

शिवराज सिंह चौहान बोले- पीएम मोदी का विरोध करते-करते देश का विरोध करने लगी कांग्रेस

भोपाल, केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शनिवार को कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विरोध करते-करते देश का ही विरोध करने लगी है। केंद्रीय मंत्री का यह बयान कांग्रेस के कारगिल और ऑपरेशन सिंदूर पर उठाए सवालों के जवाब में आया। कारगिल विजय दिवस के अवसर पर केंद्रीय मंत्री ने कहा, “आज का दिन खास है। अपनी सेना के शौर्य को प्रणाम, उनकी वीरता को प्रणाम। उन सैनिकों को प्रणाम जिन्होंने अपना बलिदान दिया था।” कांग्रेस की ओर से कारगिल और फिर ऑपरेशन सिंदूर को लेकर आए बयानों पर कृषि मंत्री चौहान ने कहा कि कांग्रेस तो कारगिल विजय पर सवाल उठाती है। वर्ष 2004 से 2009 तक यूपीए की सरकार रही, तब कारगिल विजय दिवस मनाया ही नहीं गया था। कांग्रेस के एक सांसद ने तो यहां तक कहा था कि हम क्यों मनाएं, क्योंकि यह युद्ध तो एनडीए की सरकार में लड़ा गया। सवाल उठता है कि जब कोई देश युद्ध करता है तो क्या वह किसी सरकार के लिए करता है? क्या इस तरह के सवाल खड़े करना देशभक्ति है? उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने न केवल कारगिल युद्ध पर, बल्कि ऑपरेशन सिंदूर पर भी सवाल उठाए, जो गलत है। कांग्रेस देश का नुकसान करने में लगी है और उसकी सोच राष्ट्र विरोधी हो गई है। प्रधानमंत्री मोदी का विरोध करते-करते कांग्रेस देश का विरोध करने लगी है। इसके नेता पाकिस्तान जैसी बातें करते हैं, जिन्हें पाकिस्तान दुनिया में उदाहरण के तौर पर पेश करता है। लेकिन हम अपनी सेना के शौर्य को सलाम करते हैं। कांग्रेस नेता राहुल गांधी की ओर से हाल ही में पिछड़े वर्ग को लेकर दिए गए बयान पर उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि राहुल गांधी बहुत देर बाद समझ पाते हैं। पहले उन्होंने आपातकाल के लिए माफी मांगी, फिर सिख दंगों के लिए माफी मांगी, और अब ओबीसी समाज से माफी मांग ली। कांग्रेस को बताना चाहिए कि उन्होंने ओबीसी के लिए किया क्या है। कांग्रेस यह बताए कि मंडल आयोग की रिपोर्ट को ठंडे बस्ते में किसने डाला था। इतना ही नहीं, ओबीसी के कल्याण के हर कदम को पहले कुचलने का प्रयास किया कांग्रेस ने और बाद में यह माफी मांग लेते हैं। उन्होंने आगे कहा कि इससे पहले राहुल गांधी ने राफेल के मामले में माफी मांगी थी और अब जो कर रहे हैं उसके लिए 10 साल बाद माफी मांगेंगे। माफी मांगना उनके भाग्य में लिखा हुआ है।  

682 घरेलू उपभोक्ताओं ने उठाया ऑनलाइन भार वृद्धि सुविधा का लाभ

विद्युत उपभोक्ता ऑनलाइन कराएं स्वैच्छिक भार वृद्धि बिजली उपभोक्ताओं को घर बैठे अपने बिजली कनेक्शन में भार वृद्धि की सुविधा उपलब्ध कराई गयी 682 घरेलू उपभोक्ताओं ने उठाया ऑनलाइन भार वृद्धि सुविधा का लाभ भोपाल  मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा बिजली उपभोक्ताओं को घर बैठे अपने बिजली कनेक्शन में भार (लोड) वृद्धि की सुविधा उपलब्ध कराई गयी है। अब उपभोक्ता अपने बिजली कनेक्शन के पूर्व स्वीकृत भार में अपनी वर्तमान आवश्यकता के अनुसार ऑनलाइन आवेदन की सुविधा का लाभ उठाकर भार (लोड) वृद्धि करा सकेंगे। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने कहा है कि घरेलू श्रेणी के बिजली उपभोक्ताओं को त्वरित रूप से पारदर्शी और सुविधाजनक सेवाएं प्रदान करने की दिशा में कंपनी द्वारा पहल करते हुए 10 किलोवाट भार तक के घरेलू श्रेणी के उपभोक्ताओं के लिए त्वरित स्वचालित भार वृद्धि की एक नई सुविधा 15 जुलाई से उपभोक्ताओं को उपलब्ध कराई है। सुविधा के शुरू होने से अब तक 682 उपभोक्ताओं ने ऑनलाइन आवेदन कर अपने बिजली कनेक्शन की भार वृद्धि कराई है। कंपनी ने बताया है कि ऑनलाइन भार वृद्धि की सुविधा के लिए उपभोक्ताओं को किसी फेज परिवर्तन या मीटर प्रतिस्थापन की आवश्यकता नहीं होगी। इस पहल के तहत पात्र उपभोक्ता द्वारा अपने स्वीकृत भार (निर्दिष्ट सीमा के भीतर) में वृद्धि का अनुरोध करने पर उनके उनुरोध को अब बिना किसी मानवीय हस्तक्षेप या जोन-स्तरीय अनुमोदन के बिना कंपनी द्वारा त्वरित और निर्बाध रूप से स्वीकृत कर भार (लोड) वृद्धि की जा रही है। इस हेतु लगने वाले शुल्क का भुगतान कंपनी द्वारा आगामी देयक में शामिल किया जाएगा। इससे उपभोक्ताओं को अलग से भुगतान करने की आवश्यकता नहीं होगी। इस प्रक्रिया से बिलिंग सिस्टम में स्वचालित रूप से त्वरित भार वृद्धि सुनिश्चित हो रही है, जिससे कंपनी के मानव संसाधन के साथ ही उपभोक्ताओं के समय और श्रम की भी बचत हो रही है। कंपनी के महाप्रबंधक (सूचना प्रौद्योगिकी) अभिषेक मार्तंड ने बताया है कि ऐसे उपभोक्ता जिनके कनेक्शन में भार (लोड) वृद्धि के उपरांत फेस परिवर्तन अथवा मीटर बदलने की आवश्यकता होगी, उनके लिए ये सुविधा लागू नहीं है। गौरतलब है कि विद्युत उपभोक्ता कंपनी द्वारा स्वीकृत विद्युत भार से अधिक भार का उपयोग करते हैं जिससे कम्पनी की विद्युत अधोसंरचना अतिभारित हो जाती है जो कि अनावश्यक रूप से विद्युत व्यवधानों का कारण बनती है। अतः सभी उपभोक्ताओं से अनुरोध है कि वे स्वेच्छा से अपने विद्युत भार की वृद्धि करा लें जिससे कम्पनी द्वारा भार अनुरूप उपयुक्त विद्युत अधोसंरचना का विकास कर बेहतर एवं निर्बाध विद्युत प्रदाय सुनिश्चित किया जा सके। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने सभी सम्मानीय विद्युत उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे अपने परिसर के वास्तविक विद्युत भार के अनुरूप अपने कनेक्शन की भार वृद्धि कंपनी के पोर्टल https://saralsanyojan.mpcz.in:8888/apply/other/services पर ऑनलाइन आवेदन कर स्वीकृत कराना सुनिश्चित करा लें। इसके लिए उन्हें तुरंत कोई शुल्क देने की आवश्यकता नहीं है।  

रक्षाबंधन स्पेशल ट्रेन की घोषणा, MP के इन स्टेशनों से मिलेगी सुविधा

भोपाल   रक्षाबंधन के दौरान भोपाल व इंदौर से आने वाली सभी ट्रेनों में रिजर्वेशन फुल हो चुका है। ऐसे में रेलवे  ने अभी एक स्पेशल ट्रेन का ऐलान कर सतना-रीवा के यात्रियों को थोड़ी राहत दी है। रेलवे अधिकारियों ने बताया कि रक्षाबंधन के अवसर पर यात्रियों की सुविधा के लिए रीवा-रानी कमलापति-रीवा एक-एक ट्रिप सुपरफास्ट स्पेशल ट्रेन चलाई जाएगी। इस स्पेशल ट्रेन में एसी क्लास, स्लीपर क्लास और जनरल क्लास के कोच रहेंगे। ट्रेन दोनों दिशाओं में सतना, मैहर, कटनी मुड़वारा, दमोह, सागर, बीना, विदिशा हाल्ट लेकर गन्तव्य को जाएगी। शनिवार से यात्री ट्रेन में रिजर्वेशन करा सकते हैं। यह होगा आने-जाने का समय गाड़ी संख्या 02190 रीवा-रानी कमलापति सुपरफास्ट शुक्रवार 08 अगस्त को रीवा स्टेशन से 12.30 बजे प्रस्थान कर, 1.20 सतना, 1.50 मैहर, 2.50 कटनी मुड़वारा, 4.10 दमोह, 5.15 सागर, 6.45 बीना, 7.50 विदिशा और रात 9.15 बजे रानी कमलापति स्टेशन पहुंचेगी। इसी तरह गाड़ी संख्या 02159 रानी कमलापति-रीवा सुपरफास्ट शुकवार 3 अगस्त को ही रानी कमलापति स्टेशन से रात 10.15 बजे चलकर, 11.08 बजे विदिशा, 00.20 बीना, 1.30 सागर, 2.40 दमोह, 04.10 कटनी मुड़वारा, 5.35 मैहर, 6.15 सतना और सुबह 7.20 बजे रीवा स्टेशन पहुंचेगी।

जनजातीय वर्ग के सर्वांगीण विकास के लिए सरकार है संकल्पित : उप मुख्यमंत्री देवड़ा

मण्डला जिले के ब्लॉक बिछिया के महिला पंच-सरपंचों से की भेंट भोपाल उप मुख्यमंत्री  जगदीश देवड़ा ने कहा कि महानगर और शहर ही नहीं बल्कि जनजातीय क्षेत्रों के संर्वागीण विकास के लिए डॉ. मोहन यादव की सरकार कृत-संकल्पित है। उप मुख्यमंत्री देवड़ा ने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को स्वच्छ पानी मिले, आवागमन बेहतर हो, बिजली की निर्बाध आपूर्ति हो और आम जनमानस बुनियादी सुविधाओं में कोई कमी न आए, इसके लिए हमारी सरकार दिन-प्रतिदिन काम कर रही है। यह बात उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने शनिवार को अपने निवास कार्यालय में मण्डला जिले के ब्लॉक बिछिया की निर्वाचित वार्ड पंच एवं सरपंच महिलाओं को संबोधित करते हुए कही। ब्लॉक बिछिया की जनजातीय वर्ग की महिलाओं प्रतिनिधियों ने उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा को अपना परिचय दिया और विभिन्न विषयों पर चर्चा की। उप मुख्यमंत्री देवड़ा से बिछिया विकासखंड से आईं निर्वाचित महिला वार्ड पंच और सरपंचों के महिला प्रतिनिधियों द्वारा अपने गांवों की जमीनी जानकारियों को उनके समक्ष रखा। महिला प्रतिनिधियों ने बताया कि वे कान्हा नेशनल पार्क के आस-पास के क्षेत्र से आती हैं, जहाँ विस्थापन की बार-बार उठती आशंकाओं ने लोगों में डर का माहौल बना दिया है। उन्होंने कहा कि “हम अपने गांव नहीं छोड़ना चाहते”। उप मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि विस्थापन को लेकर ऐसा कोई मसौदा फिलहाल नहीं है और आपको और क्षेत्रवासियों को बिलकुल भी घबराने और चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। संवाद के दौरान महिला प्रतिनिधियों ने जंगलों में फैल रही लेंटाना जैसी आक्रामक झाड़ी की समस्या को भी उठाया। उन्होंने बताया कि लेंटाना जहां एक ओर अन्य वनस्पतियों को समाप्त कर रहा है, वहीं दूसरी ओर यह जंगली जानवरों के गांवों की ओर बढ़ते हमलों और जंगल उत्पादों पर निर्भर आमदनी में गिरावट भी हो रही है। उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा ने उनकी इस समस्या को गंभीरता से सुना शीघ्र निराकरण के लिये अधिकारियों को निर्देशित किया। भावुक हुए उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा जनजातीय महिला प्रतिनिधियों से मुलाकात के दौरान देवड़ा ने भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि वे स्वयं एक छोटे किसान के पुत्र हैं और आज इन महिला नेताओं को देखकर उन्हें अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत के दिन याद आ गए। इस आत्मीय संवाद के अंत में महिला प्रतिनिधियों ने उन्हें मंडला में माँ नर्मदा के दर्शन और सभी के साथ एक दिन की चर्चा के लिए मण्डला प्रवास के लिये आमंत्रण भी दिया, जिसे उप मुख्यमंत्री देवड़ा ने स्वीकार किया। यह कार्यक्रम फाउंडेशन फॉर इकोलॉजिकल सिक्योरिटी संस्था द्वारा आयोजित किया गया। इस अवसर पर गुजरात हेड ऑफिस, भोपाल एवं मण्डला कार्यालय के पदाधिकारी उपस्थित रहे।

उप मुख्यमंत्री देवड़ा ने मण्डला जिले के ब्लॉक बिछिया के महिला पंच-सरपंचों से की भेंट

जनजातीय वर्ग के सर्वांगीण विकास के लिए सरकार है संकल्पित : उप मुख्यमंत्री  देवड़ा उप मुख्यमंत्री  देवड़ा ने कहा: सरकार का हर निर्णय अंतिम व्यक्ति के हित में होगा, यही हमारा संकल्प  उप मुख्यमंत्री देवड़ा ने मण्डला जिले के ब्लॉक बिछिया के महिला पंच-सरपंचों से की भेंट भोपाल उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने कहा कि महानगर और शहर ही नहीं बल्कि जनजातीय क्षेत्रों के संर्वागीण विकास के लिए डॉ. मोहन यादव की सरकार कृत-संकल्पित है। उप मुख्यमंत्री  देवड़ा ने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को स्वच्छ पानी मिले, आवागमन बेहतर हो, बिजली की निर्बाध आपूर्ति हो और आम जनमानस बुनियादी सुविधाओं में कोई कमी न आए, इसके लिए हमारी सरकार दिन-प्रतिदिन काम कर रही है। यह बात उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने शनिवार को अपने निवास कार्यालय में मण्डला जिले के ब्लॉक बिछिया की निर्वाचित वार्ड पंच एवं सरपंच महिलाओं को संबोधित करते हुए कही। ब्लॉक बिछिया की जनजातीय वर्ग की महिलाओं प्रतिनिधियों ने उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा को अपना परिचय दिया और विभिन्न विषयों पर चर्चा की। उप मुख्यमंत्री  देवड़ा से बिछिया विकासखंड से आईं निर्वाचित महिला वार्ड पंच और सरपंचों के महिला प्रतिनिधियों द्वारा अपने गांवों की जमीनी जानकारियों को उनके समक्ष रखा। महिला प्रतिनिधियों ने बताया कि वे कान्हा नेशनल पार्क के आस-पास के क्षेत्र से आती हैं, जहाँ विस्थापन की बार-बार उठती आशंकाओं ने लोगों में डर का माहौल बना दिया है। उन्होंने कहा कि “हम अपने गांव नहीं छोड़ना चाहते”। उप मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि विस्थापन को लेकर ऐसा कोई मसौदा फिलहाल नहीं है और आपको और क्षेत्रवासियों को बिलकुल भी घबराने और चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। संवाद के दौरान महिला प्रतिनिधियों ने जंगलों में फैल रही लेंटाना जैसी आक्रामक झाड़ी की समस्या को भी उठाया। उन्होंने बताया कि लेंटाना जहां एक ओर अन्य वनस्पतियों को समाप्त कर रहा है, वहीं दूसरी ओर यह जंगली जानवरों के गांवों की ओर बढ़ते हमलों और जंगल उत्पादों पर निर्भर आमदनी में गिरावट भी हो रही है। उप मुख्यमंत्री  देवड़ा ने उनकी इस समस्या को गंभीरता से सुना शीघ्र निराकरण के लिये अधिकारियों को निर्देशित किया। भावुक हुए उप मुख्यमंत्री देवड़ा जनजातीय महिला प्रतिनिधियों से मुलाकात के दौरान  देवड़ा ने भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि वे स्वयं एक छोटे किसान के पुत्र हैं और आज इन महिला नेताओं को देखकर उन्हें अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत के दिन याद आ गए। इस आत्मीय संवाद के अंत में महिला प्रतिनिधियों ने उन्हें मंडला में माँ नर्मदा के दर्शन और सभी के साथ एक दिन की चर्चा के लिए मण्डला प्रवास के लिये आमंत्रण भी दिया, जिसे उप मुख्यमंत्री  देवड़ा ने स्वीकार किया। यह कार्यक्रम फाउंडेशन फॉर इकोलॉजिकल सिक्योरिटी संस्था द्वारा आयोजित किया गया। इस अवसर पर गुजरात हेड ऑफिस, भोपाल एवं मण्डला कार्यालय के पदाधिकारी उपस्थित रहे।  

विद्युत उपभोक्ता ऑनलाइन कराएं स्वैच्छिक भार (लोड) वृद्धि

  682 घरेलू उपभोक्ताओं ने उठाया ऑनलाइन भार वृद्धि सुविधा का लाभ भोपाल मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा बिजली उपभोक्ताओं को घर बैठे अपने बिजली कनेक्शन में भार (लोड) वृद्धि की सुविधा उपलब्ध कराई गयी है। अब उपभोक्ता अपने बिजली कनेक्शन के पूर्व स्वीकृत भार में अपनी वर्तमान आवश्यकता के अनुसार ऑनलाइन आवेदन की सुविधा का लाभ उठाकर भार (लोड) वृद्धि करा सकेंगे। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने कहा है कि घरेलू श्रेणी के बिजली उपभोक्ताओं को त्वरित रूप से पारदर्शी और सुविधाजनक सेवाएं प्रदान करने की दिशा में कंपनी द्वारा पहल करते हुए 10 किलोवाट भार तक के घरेलू श्रेणी के उपभोक्ताओं के लिए त्वरित स्वचालित भार वृद्धि की एक नई सुविधा 15 जुलाई से उपभोक्ताओं को उपलब्ध कराई है। सुविधा के शुरू होने से अब तक 682 उपभोक्ताओं ने ऑनलाइन आवेदन कर अपने बिजली कनेक्शन की भार वृद्धि कराई है। कंपनी ने बताया है कि ऑनलाइन भार वृद्धि की सुविधा के लिए उपभोक्ताओं को किसी फेज परिवर्तन या मीटर प्रतिस्थापन की आवश्यकता नहीं होगी। इस पहल के तहत पात्र उपभोक्ता द्वारा अपने स्वीकृत भार (निर्दिष्ट सीमा के भीतर) में वृद्धि का अनुरोध करने पर उनके उनुरोध को अब बिना किसी मानवीय हस्तक्षेप या जोन-स्तरीय अनुमोदन के बिना कंपनी द्वारा त्वरित और निर्बाध रूप से स्वीकृत कर भार (लोड) वृद्धि की जा रही है। इस हेतु लगने वाले शुल्क का भुगतान कंपनी द्वारा आगामी देयक में शामिल किया जाएगा। इससे उपभोक्ताओं को अलग से भुगतान करने की आवश्यकता नहीं होगी। इस प्रक्रिया से बिलिंग सिस्टम में स्वचालित रूप से त्वरित भार वृद्धि सुनिश्चित हो रही है, जिससे कंपनी के मानव संसाधन के साथ ही उपभोक्ताओं के समय और श्रम की भी बचत हो रही है। कंपनी के महाप्रबंधक (सूचना प्रौद्योगिकी) श्री अभिषेक मार्तंड ने बताया है कि ऐसे उपभोक्ता जिनके कनेक्शन में भार (लोड) वृद्धि के उपरांत फेस परिवर्तन अथवा मीटर बदलने की आवश्यकता होगी, उनके लिए ये सुविधा लागू नहीं है। गौरतलब है कि विद्युत उपभोक्ता कंपनी द्वारा स्वीकृत विद्युत भार से अधिक भार का उपयोग करते हैं जिससे कम्पनी की विद्युत अधोसंरचना अतिभारित हो जाती है जो कि अनावश्यक रूप से विद्युत व्यवधानों का कारण बनती है। अतः सभी उपभोक्ताओं से अनुरोध है कि वे स्वेच्छा से अपने विद्युत भार की वृद्धि करा लें जिससे कम्पनी द्वारा भार अनुरूप उपयुक्त विद्युत अधोसंरचना का विकास कर बेहतर एवं निर्बाध विद्युत प्रदाय सुनिश्चित किया जा सके। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने सभी सम्मानीय विद्युत उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे अपने परिसर के वास्तविक विद्युत भार के अनुरूप अपने कनेक्शन की भार वृद्धि कंपनी के पोर्टल https://saralsanyojan.mpcz.in:8888/apply/other/services पर ऑनलाइन आवेदन कर स्वीकृत कराना सुनिश्चित करा लें। इसके लिए उन्हें तुरंत कोई शुल्क देने की आवश्यकता नहीं है।  

सरकारी स्कूलों में बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के लिये राज्य सरकार वचनबद्ध

स्कूल शिक्षा मंत्री ने विद्यार्थियों को वितरित की नि:शुल्क साईकिल भोपाल स्कूल शिक्षा मंत्री श्री उदय प्रताप सिंह ने कहा है कि राज्य सरकार सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के लिये वचनबद्ध है। इसी उद्देश्य को लेकर स्कूल ‍शिक्षा विभाग लगातार कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सांदीपनी विद्यालयों की संख्या में लगातार वृद्धि की जा रही है। इन विद्यालयों ने न केवल प्रदेश में बल्कि देशभर में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है। स्कूल शिक्षा मंत्री श्री सिंह शुक्रवार को नरसिंहपुर जिले के साईखेड़ा ब्लॉक के ग्राम बम्होरीकला में नि:शुल्क साईकिल वितरण समारोह को संबोधित कर रहे थे। मंत्री श्री सिंह ने कहा कि बच्चों को पढ़ाई के साथ-साथ आत्मनिर्भर बनाने के भी प्रयास किये जा रहे है। उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की इस कमी को भर्ती अभियान से पूरा किया जा रहा है। उन्होंने ग्राम के मंदिर में चबूतरा निर्माण के लिये दो लाख 50 हजार रूपये देने की घोषणा की। मंत्री श्री सिंह ने सेवानिवृत्त प्राचार्य श्रीमती मुमताज खान को उनके द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में दी गई उल्लेखनीय सेवा के लिये सम्मानित किया। कार्यक्रम में पूर्व विधायक श्री नरेश पाठक, श्रीमती साधना स्थापक और स्थानीय जनप्रतिनिधि मौजूद थे।  

बहन-बेटियों के लिए सम्मान का प्रतीक है लाड़ली बहना योजना : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

  लाड़ली बहना योजना की राशि में होगी चरणबद्ध वृद्धि परिवार परम्परा का आधार है मातृशक्ति महिलाओं की आर्थिक प्रगति के साथ सामाजिक समरसता और अधिकार सम्पन्नता के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध सतना को प्रदेश का सर्वश्रेष्ठ जिला बनाने के लिए दिलाया संकल्प मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मातृशक्ति उत्सव के अंतर्गत महिला सम्मेलन को किया संबोधित सतना जिले के सिंहपुर में मना मातृशक्ति उत्सव भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि हमारी सरकार महिलाओं की आर्थिक प्रगति के साथ सामाजिक समरसता और सभी की अधिकार सम्पन्नता के लिए सामाजिक रचना के ताने-बाने में सभी स्तर पर आवश्यक योगदान दे रही है। इसी का परिणाम है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की मंशा के अनुरूप किसान, युवा, गरीब कल्याण और महिला सशक्तिकरण के लिए विभिन्न योजनाएं और कार्यक्रम संचालित हैं। हमारी संस्कृति में देश के लिए मातृत्व भाव विद्यमान है, हम सब भारत माता पर सर्वस्व न्यौछावर करने के लिए सदैव तत्पर हैं। आज का मातृशक्ति सम्मेलन- माताओं-बहनों के प्रति सनातन संस्कृति के अनुरूप अनन्य श्रद्धा-स्नेह-प्रेम और सम्मान का प्रकटीकरण है। भारत की कुटुम्ब या परिवार परम्परा हमारी संस्कृति को समृद्ध और सशक्त बनाती है। परिवार परम्परा का आधार मातृशक्ति ही है। बेटियां एक ही नहीं दो परिवारों का उद्धार करती हैं। बहन-बेटियों के प्रति इस सम्मान के परिणामस्वरूप ही प्रदेश में “लाड़ली बहना योजना’’ आरंभ की गई। सावन के महीने में लाड़ली बहनों के खाते में 1250 रूपए के साथ 250 रूपए अतिरिक्त रूप से आने वाले हैं। यह बहन-बेटियों प्रति हमारी सरकार का आदर और स्नेह है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शनिवार को सतना जिले के सिंहपुर में आयोजित मातृशक्ति उत्सव के अंतर्गत आयोजित महिला सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। प्रदेश की सभी बहनें हमारा मान हैं, अभिमान हैं मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि लाड़ली बहना योजना के अंतर्गत बहनों को जारी की जाने वाली राशि में चरणबद्ध रूप से वृद्धि होगी और वर्ष 2028 तक बहनों को तीन हजार रूपए प्रतिमाह उपलब्ध कराए जाएंगे। योजना के अंतर्गत महिला सशक्तिकरण और उनके कल्याण के लिए 1500 करोड़ रूपए से अधिक प्रतिमाह अंतरित किए जा रहे हैं। प्रदेश की सभी बहनें हमारा मान हैं, अभिमान हैं। इनके मान-सम्मान और कल्याण के लिए हम कोई कसर नहीं रखेंगे। दीपावली के बाद आने वाली भाईदूज तक राज्य सरकार सभी लाड़ली बहनों को 1250 रुपए से बढ़ाकर हर माह 1500 रूपए सहायता राशि देगी। बहन-बेटियों के सशक्तिकरण के‍लिए स्व-सहायता समूहों का संचालन, नौकरियों और स्थानीय व नगरीय निकायों और पंचायतों में आरक्षण उपलब्ध कराया जा रहा है। प्रधानमंत्री श्री मोदी लोकसभा और विधानसभा में बहनों का 33 प्रतिशत आरक्षण देने के लिए प्रतिबद्ध है। माताओं-बहनों के कल्याण के लिए ही सभी परिवारों को पक्के मकान, घर-घर गैस कनेक्शन उपलब्ध कराए जा रहे हैं। दीदीयां लखपति बनकर प्रगति कर रही हैं, बेटियों के लिए शिक्षा की उचित व्यवस्था है, उन्हें साइकिलें उपलब्ध कराने के साथ-साथ परीक्षा में अच्छा परिणाम लाने पर प्रोत्साहन स्वरूप लेपटॉप उपलब्ध कराए जा रहे हैं। डॉक्टर-इंजीनियर बनने के लिए भी आवश्यक हरसंभव सहायता बेटियों को उपलब्ध है। उद्योगों में काम करने वाली बहनों के लिए भी राज्य सरकार विशेष सहायता प्रदान कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसानों की जिन्दगी बदलने के लिए उन्हें बिजली में आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से सोलर पम्प पर अनुदान उपलब्ध कराया जा रहा है। अगले डेढ़ माह में बरगी नहर का कार्य पूर्ण हो रहा है, इससे रीवा-सतना क्षेत्र में पेयजल और सिंचाई के लिए पर्याप्त जल उपलब्ध होगा। हमारी सरकार ने हर खेत तक पानी पहुंचाने का संकल्प लिया है और हम इसे पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है। वर्ष 2002-03 तक केवल 7 लाख हेक्टेयर में सिंचाई सुविध उपलब्ध थी। वर्तमान में हम 55 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध करा रहे हैं। प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में वर्ष 2028 तक 100 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने का लक्ष्य है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में इस वर्ष 2600 रूपए प्रति क्विंटल की दर से गेहूं का उपार्जन किया गया। अगले दो साल में संभवत: 2700 रूपए प्रति क्विंटल की दर से गेहूं का उपार्जन किया जाएगा। प्रधानमंत्री श्री मोदी के माध्यम से शीघ्र ही गरीबों के लिए 4 करोड़ आवास स्वीकृत होने वाले हैं, वर्ष 2028 तक 80 करोड़ लोगों को नि:शुल्क राशन की व्यवस्था है, बच्चों की शिक्षा के लिए सांदिपनी विद्यालय जैसे स्कूल विद्यमान हैं, यह सब रामराज की संकल्पा को साकार करने के समान है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार श्रीराम वन गमन पथ का निर्माण करा रही है। साथ ही भगवान श्रीकृष्ण ने जहां-जहां लीलाएं की हैं, वे स्थल तीर्थ के रूप में विकसित किए जाएंगे। किसानों की आय में वृद्धि के‍लिए गौपालन को प्रोत्साहित किया जा रहा है, इससे दुग्ध उत्पादन में वृद्धि से परिवार के सभी सदस्यों को पर्याप्त पोषण भी उपलब्ध हो सकेगा। अत: सरकार घर-घर गौपालन को प्रोत्साहित करने के लिए 'जिसके घर गाय वह गोपाल' के भाव से कार्य कर रही है। प्रदेश में देश का 9 प्रतिशत दुग्ध उत्पादन होता है, इसे 20 प्रतिशत तक ले जाने का लक्ष्य है। यदि कोई गौ-पालक 25 गायों का पालन करता है तो उन्हें लागत के 40 लाख रूपए में से 10 लाख रूपए अनुदान के रूप में उपलब्ध कराए जाएंगे। गौशालाओं में भी प्रति गौमाता 20 रूपए के स्थान पर 40 रूपए की राशि उपलब्ध कराई जा रही है। पांच हजार से अधिक गौमाताएं पालने पर 130 एकड़ जमीन और 40 रूपए प्रति गाय के मान से सहायता उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। गौमाताओं की उचित देखभाल के लिए नगर निगम, नगर परिषद और पंचायतों को सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि रीवा-सतना क्षेत्र में पर्याप्त औद्योगिक गतिविधियां संचालित हैं। इस क्षेत्र में पर्यटन को प्रोत्साहित करने के लिए होमस्टे विकसित करने में राज्य सरकार सहयोग प्रदान करेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सतना जिला भगवान श्रीराम से जुड़ता है अत: क्षेत्र के विकास के लिए कोई कमी नहीं रहने दी जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उपस्थित जनसमुदाय को अपने गांव-मोहल्ले का उन्नयन करते हुए सतना जिले को प्रदेश का सर्वश्रेष्ठ जिला बनाने में योगदान देने का … Read more