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त्योहारी सीजन से पहले महंगी हुई चीनी, एथेनॉल डिमांड ने बढ़ाईं कीमतें; ₹4,700 प्रति क्विंटल तक पहुंचे रेट

ग्वालियर त्योहारी सीजन की दस्तक से पहले ही आम आदमी की रसोई का स्वाद कड़वा होने लगा है। शकर के दाम में ऐतिहासिक तेजी हुई है। थोक में शकर 4,650 से 4,700 रुपए प्रति क्विंटल तो फुटकर बाजार में कीमत 48 से 49 रुपए प्रति किलो पहुंच गई। शकर खांडसारी एसोसिएशन ग्वालियर के मनीष बांदिल की मानें तो जुलाई की शुरुआत के साथ ही भाव अप्रत्याशित उछले हैं। राष्ट्रीय व्यापारिक कल्याण बोर्ड के सदस्य रमेश खंडेलवाल ने बताया, गन्ने के समर्थन मूल्य में वृद्धि व एथेनॉल उत्पादन पर सरकार का बढ़ता जोर इसका कारण है। इससे मिलों का फोकस शकर उत्पादन से हटकर एथेनॉल पर हो गया। इन तीन कारणों से महंगी हुई मिठास  एथेनॉल उत्पादन पर बढ़ता जोर: सरकार पेट्रोल में मिश्रण के लिए एथेनॉल उत्पादन को बढ़ावा दे रही है। इसमें बड़े पैमाने पर गन्ने का उपयोग हो रहा है। चीनी (Sugar Price Ethanol Production) मिलों में कच्चे माल की सप्लाई प्रभावित हुई। गन्ने के समर्थन मूल्य में वृद्धि: अधिकांश राज्यों में गन्ने का समर्थन मूल्य बढऩे से उत्पादन लागत में इजाफा हुआ है। इसका सीधा असर शकर की कीमतों पर दिख रहा है। 12 साल में सबसे कम जून की बारिश: इस वर्ष जून में 12 साल की तुलना में सबसे कम वर्षा हुई। देश में सामान्य से 38त्न कम वर्षा व जुलाई में भी कमजोर मानसून की आशंका से शकर उत्पादन 80 लाख टन तक कम हो सकता है। कैसे बनाया जाता है एथेनॉल? भारत में किससे तैयार हो रहा? एथेनॉल बनाने वाली सामग्री को फीड स्टॉक (Sugar Price Hit Record 2026) कहा जाता है। कई तरह के एथेनॉल उत्पादन संयंत्र अलग-अलग फीडस्टॉक का उपयोग करते हैं। इसके लिए मक्का, गेहूं या अन्य प्रकार के कच्चे माल का इस्तेमाल किया जाता है। इन सभी से एथेनॉल बनाने की प्रक्रिया एक ही जैसी होती है। जबकि भारत में गन्ने का इस्तेमाल किया जा रहा है। यह प्रक्रिया उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और कर्नाटक जैसे गन्ना उत्पादक राज्यों में शुरू होती है। पकने के बाद गन्नों की कटाई की जाती है। इसके बाक प्रसंस्करण के लिए चीनी मिलों और डिस्टिलरी में ले जाया जाता है। जानें गन्ने से एथेनॉल बनाने की प्रक्रिया से पेट्रोल पंप तक का सफर     चीनी मिल में गन्नों को पेराई मशीनों में डाला जाता है। यह गन्ने का रस निचोड़ लेती हैं। यह रस चीनी और एथेनॉल के उत्पादन के लिए आधार सामग्री तैयार होती है।     गन्ने के रस को संशोधित कर चीनी बनाई जाती है। इसी प्रक्रिया के दौरान गुड़, नामक एक गाढ़ा गहरे रंग का सिरप उप उत्पाद के रूप में मिलता है। गुड़ परम्परागत रूप से भारत में एथेनॉल उत्पादन के लिए सबसे महत्वपूर्ण कच्चे माल में से माना जाता है।     मॉडर्न एथेनॉल संयंत्र गुड़ और गन्ने के रस दोनों से एथेनॉल का उत्पादन किया जा सकता है। इन कच्चे माल को आसवन संयंत्रो तक पहुंचाया जाता है जहां इनले जैव ईंधन एथेनॉल शुरू किया जाता है।     कच्चे माल के मिश्रण में सबसे पहले खमीर उठाया जाता है। फिर सूक्ष्मजीव शर्करा का सेवन करते हैं और प्राकृतिक किण्वन प्रक्रिया द्वारा उन्हें अल्कोहल में बदला जाता है। उत्पादन की विधियों (Sugar Price break record 2026) के आधार पर यह चरण चंद घंटों से लेकर कुछ दिन तक का हो सकता है।     किण्वित द्रव में अल्कोहल, पानी और अन्य यौगिक होते हैं। अब आसवन विधि से अल्कोहल को अलग कर लिया जाता है और फिर सांद्रित किया जाता है। इस विधि से उच्च शुद्धता वाला एथेनॉल तैयार होता है।     संयंत्र से निकाले जाने से पूर्व एथेनल की गुणवत्ती की कड़ी जांच होती है। इसके बाद उत्पादक शुद्धता स्तर, रासायनिक संरचना और ईंधन के मानकों के अनुपालन की जांच कर सुनिश्चित करते हैं कि उत्पाद सरकारी विनिर्देशों के पूरा करता है या नहीं।      मंजूरी के बाद एथेनॉल को टैंकरों के माध्यम से तेल विपणन कंपनियों के डिपो तक पहुंचाया जाता है। ये सुविधाएं ईंधन के उपभोक्ताओं तक पहुंचने से पहले मिश्रण प्रक्रिया संभालती हैं।     अंतिम चरण में अनुमोदित मिश्रण अनुपात के मुताबिक एथनॉल (Sugar Price Hike making fuel) को पेट्रोल में मिलाया जाता है। फिर इस मिश्रित ईंधन को देशभर के पेट्रोल पंपों पर वितरित कर दिया जाता है।  

श्रीअन्न के उत्पादन को दें प्राथमिकता

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्राकृतिक खेती में बड़ा स्कोप है। यह बड़े मुनाफे का काम है। किसानों को चाहिए कि वे परम्परागत खेती के स्थान पर जैविक एवं प्राकृतिक खेती अपनायें। मुख्यमंत्री ने इस साल अल्प वर्षा की आशंका को देखते हुए प्रदेश के किसानों से अपील की है कि वे अपने कृषि कार्यों की वैज्ञानिक एवं व्यावहारिक योजना बनाएं तथा कम अवधि और कम पानी में बेहतर उत्पादन देने वाली फसलों को विशेष प्राथमिकता दें। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसानों के हितों की रक्षा एवं कृषि उत्पादन को सुरक्षित बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां कर रही है। कृषि, उद्यानिकी एवं संबंधित विभागों के माध्यम से जिलेवार सतत समीक्षा और आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में जल संरक्षण और जल के विवेकपूर्ण उपयोग का विशेष महत्व है। किसान भाई-बहन खेतों में उपलब्ध नमी का संरक्षण करें, वर्षा जल संचयन को बढ़ावा दें और सूक्ष्म सिंचाई पद्धतियों का अधिकाधिक उपयोग करें। कृषि वैज्ञानिकों एवं कृषि विभाग द्वारा जारी तकनीकी सलाह का पालन करते हुए परिस्थितियों के अनुरूप फसल चयन करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किसानों से विशेष रूप सेअन्न (मोटा अनाज) जैसे कोदो, कुटकी, रागी, ज्वार, बाजरा सहित अन्य कम पानी में सफलतापूर्वक पैदा होने वाली फसलों का रकबा बढ़ाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि ये फसलें जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों के अनुरूप होने के साथ कम लागत, अधिक पोषण एवं किसानों की आय वृद्धि के बेहतर विकल्प की दृष्टि से भी अत्यंत लाभकारी हैं। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार भीअन्न के उत्पादन, प्रसंस्करण एवं विपणन को निरंतर प्रोत्साहित कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बदलती जलवायु परिस्थितियों में वैज्ञानिक कृषि पद्धतियां अपनाकर ही उत्पादन और आय को सुरक्षित रखा जा सकता है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश का अन्नदाता अपने अनुभव, परिश्रम और आधुनिक तकनीकों के समन्वय से हर चुनौती का सफलतापूर्वक सामना करने में सक्षम है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किसानों को आश्वस्त किया कि प्रदेश सरकार हर परिस्थिति में उनके साथ खड़ी है। किसानों को आवश्यक तकनीकी मार्गदर्शन, कृषि आदान उपलब्ध कराने तथा परिस्थितियों के अनुरूप हर संभव सहयोग सुनिश्चित करने के लिए सभी विभागों को निर्देश दिए गए हैं। सरकार का प्रयास है कि किसी भी किसान को कठिनाई का सामना न करना पड़े। कृषि उत्पादन प्रभावित न हो और किसानों के हित भी हर तरह से सुरक्षित रहें। मुख्यमंत्री ने कहा है कि कृषि और अन्नदाता प्रदेश के साथ देश के अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। किसानों की आय बढ़ाने और आधुनिक जरूरतों के अनुसार उन्हें सभी सुविधाएं उपलब्ध कराना हमारा कर्तव्य है। इसी आशय से प्रदेश में वर्ष 2026 कृषक कल्याण वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। किसानों को कर रहे जागरूक मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किसानों को मानसून और बारिश की अपडेट्स के लिए सोशल मीडिया आधारित मैसेजिंग सिस्टम पर विशेष जोर दिया है। बारिश कम होने की स्थिति में बीज उपचार, बुवाई की तकनीक, कम पानी में उपज देने वाली फसलों जैसे- बाजरा, ज्वार, उड़द, मूंग, अरहर, कोदो-कुटकी की खेती के लिए प्रेरित किया जा रहा है। ऐसी फसलें कम पानी और कम अवधि में बेहतर उत्पादन के लिए अच्छा विकल्प हैं। इसके अलावा किसानों को मोबाइल पर मैसेज भेजकर भी मौसम के पूर्वानुमान से जुड़ी सलाह दी जा रही है।  

शरबती गेहूं के दाम में ऐतिहासिक उछाल, 7 साल का रिकॉर्ड टूटा; आटे की कीमत बढ़ने के संकेत

भोपाल  इस साल थाली की रोटी न सिर्फ स्वाद में 'शाही' होगी, बल्कि जेब पर भी भारी पड़ने वाली है। अपनी मिठास और चमक के लिए मशहूर 'शरबती' गेहूं ने इस बार बाजार में ऐसा जलवा बिखेरा है कि दाम पिछले 7 साल के उच्चतम स्तर पर जा पहुंचे हैं। बारिश व ओलावृष्टि के कारण फसल क्या बिगड़ी, शरबती के तेवर (MP Sharbati Wheat Price) ही बदल गए। शहर में प्रीमियम 5500 से लेकर 6200 रुपए प्रति क्विंटल तक बिक चुका। कारोबारियों की मानें तो दीपावली का त्योहार आते-आते यह आंकड़ा 6500 रुपए के पार निकल जाएगा। आवक की चमक और मौसम की मार वर्तमान में मध्यप्रदेश के ग्वालियर शहर की मंडियां सीहोर, आष्टा, गंजबासौदा और अशोकनगर के शरबती गेहूं से गुलजार तो हैं, लेकिन इस बार आवक में वो दम नहीं है। अप्रेल-जून के सीजन में अमूमन होने वाली 1.50 लाख क्विंटल की आवक इस बार सिमटती दिख रही है। वजह साफ है-बेमौसम बारिश से गेहूं दागी हो गया, जिससे बढिय़ा क्वालिटी के गेहूं की किल्लत हो गई है। शरबती के शौकीनों पर पड़ेगा सीधा असर विशेष स्वाद और मुलायम रोटियों के लिए पसंद किए जाने वाले शरबती गेहूं के उपभोक्ताओं को इस बार अतिरिक्त खर्च के लिए तैयार रहना होगा। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि सीमित आपूर्ति, बेहतर गुणवत्ता (MP Sharbati Wheat Quality) की कमी और त्योहारी मांग बढऩे से आने वाले महीनों में कीमतों में और तेजी आ सकती है। ब्रांडेड आटा भी हुआ 'लाल' थोक बाजार में शरबती गेहूं की बढ़ती कीमतों का असर अब खुदरा बाजार तक पहुंच गया है। ब्रांडेड कंपनियों के पांच किलो आटे के पैकेट 210 से 240 रुपए तक बिक रहे हैं। इससे घरेलू रसोई का मासिक बजट (MP Sharbati Wheat price impact on kitchen budget) और अधिक प्रभावित हो रहा है। हालांकि, सामान्य मिल क्वालिटी के लोकमन गेहूं के दाम अपेक्षाकृत स्थिर बने हुए हैं। दीनारपुर अनाज मंडी में लोकमन का भाव 2,450 से 2,550 रुपए प्रति क्विंटल के बीच है और प्रतिदिन लगभग 500 क्विंटल की आवक दर्ज की जा रही है। सात वर्षों में ऐसे बढ़ा शरबती का रुतबा  वर्ष – दाम 2020 – 3,500- 3,800 2021 – 3,600-4,000 2022 – 4,200-4,600 2023 – 4,400-4,800 2024 – 4,800-5,200 2025 – 5,400-5,800 2026 – 5,500-6,200 नोट : दाम प्रति क्विंटल में

Agra-Mumbai Highway पर लंबा जाम, भैरूघाट के अजनार ब्रिज की मरम्मत बनी यात्रियों की परेशानी

धार   अगर आप राष्ट्रीय राजमार्ग आगरा-मुंबई हाईवे पर सफर कर रहे हैं और धामनौद इलाके से गुजरने की सोच रहे हैं तो जरा रुकिए. मानपुर के भेरूघाट के अजनार नदी पुल पर वाहनों का रेला लगा हुआ है. एक्सपेंशन जॉइंट की मरम्मत के दौरान एक वाहन के चढ़ जाने से एक हिस्सा दोबारा टूट गया. अब 4 जुलाई तक पुल की एक लेन बंद रहेगी. भीषण जाम से वाहन चालक परेशान हो रहे हैं।  मरम्मत के ठीक बाद हैवी वाहन ने काम बिगाड़ा NHAI ने प्री-मानसून चेकिंग में भेरू मंदिर की ओर वाले एक्सपेंशन जॉइंट में दरार पकड़ी थी. 4 दिन पहले माइक्रो कंक्रीट से रिपेयर कर बैरिकेडिंग की गई, लेकिन रात में एक भारी वाहन बैरिकेड तोड़कर उस पर चढ़ गया. इससे 1 जुलाई को मजबूरन दोबारा मरम्मत शुरू करनी पड़ी. NHAI इंजीनियरों का कहना है कि माइक्रो कंक्रीट को पूरी ताकत पाने में 3 से 6 दिन लगते हैं. समय से पहले हैवी ट्रैफिक चला तो पुल का स्लैब क्रैक हो सकता है. इसलिए रिस्क न लेते हुए एक लेन बंद है और वन-वे ट्रैफिक चल रहा है।  बड़ी संख्या में पुलिस व्यवस्था बनाने में जुटी मानपुर, धामनोद, किशनगंज पुलिस के साथ NHAI, क्रेन, एंबुलेंस, रेस्क्यू टीम 24 घंटे मौके पर तैनात है. NHAI ने साफ किया है कि ये यात्रियों की सुरक्षा का मामला है. जल्दबाजी में बड़ा हादसा हो सकता है. 4 जुलाई तक धैर्य रखें. प्रशासन ने रूट डायवर्जन भी किया हैं, जिससे इंदौर की ओर से आने वाले वाहन मानपुर से बगड़ी होते हुए निकल रहे हैं. कई वाहन इंदौर से जाम घाट होते हुए महेश्वर की ओर से निकाले जा रहे हैं. प्रशासन ने सभी से धैर्य और सहयोग की अपील की है।  इंदौर जाने के लिए वैकल्पिक मार्ग अपनाएं धामनोद एसडीओपी मोनिका सिंह ने बताया "पुल की मरम्मत का काम NHAI द्वारा किया गया है. लगभग 1 किलोमीटर के पैच का ट्रैफिक डायवर्ट करते हुए दूसरी साइड से निकाल रहे हैं. धामनोद से इंदौर जाने के लिए पलाश होते हुए आप डाइवर्जन पॉइंट ले सकते हैं. आप धार फाटक होते हुए, बगड़ी होते हुए भी इंदौर जा सकते हैं।  "महेश्वर होते हुए भी इंदौर जा सकते हैं. ट्रैफिक स्लो गति से चल रहा है, थोड़ा सा लेट चल रहा है. आप लेट होंगे, लेकिन किसी प्रकार की वहां पर फंसने जैसी स्थिति नहीं है. हमने बहुत सारे पॉइंट्स पर पुलिस बल, ट्रैफिक बल लगाया है. मानपुर पुलिस द्वारा भी बल लगाया गया है ताकि किसी भी यात्री को किसी प्रकार की परेशानी ना हो। 

मध्य प्रदेश में UCC पर बड़ा फैसला, मोहन सरकार ने समिति को दिया 26 जुलाई तक का समय

भोपाल मध्यप्रदेश में समान नागरिक संहिता (UCC) कानून अब विधानसभा के आगामी मानसून सत्र में पेश होना मुश्किल दिखाई दे रहा है। सरकार ने UCC का मसौदा तैयार कर रही उच्च स्तरीय समिति का कार्यकाल 26 जुलाई 2026 तक बढ़ा दिया है, जबकि विधानसभा का मानसून सत्र 24 जुलाई को समाप्त हो जाएगा। ऐसे में इस सत्र में विधेयक पेश होने की संभावना बेहद कम मानी जा रही है। विधि एवं विधायी कार्य विभाग ने 30 जून को जारी अधिसूचना में समिति के सदस्य सचिव के अनुरोध और ड्राफ्ट तैयार करने की प्रगति को देखते हुए कार्यकाल बढ़ाने का निर्णय लिया। समिति के गठन से जुड़े अन्य सभी प्रावधान यथावत रहेंगे। गुजरात मॉडल पर तैयार हो रहा ड्राफ्ट सूत्रों के अनुसार, अब तक तैयार ड्राफ्ट का करीब 90 प्रतिशत हिस्सा गुजरात UCC के प्रावधानों पर आधारित है। इसमें विवाह, तलाक, उत्तराधिकार, वसीयत, भरण-पोषण, बच्चों की अभिरक्षा और लिव-इन रिलेशनशिप जैसे पारिवारिक मामलों के लिए सभी समुदायों पर समान कानूनी व्यवस्था लागू करने का प्रस्ताव है। CM के बयान से बने हुए हैं कयास मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पहले कह चुके हैं कि जुलाई में होने वाले मानसून सत्र के दौरान UCC कानून का रूप ले सकता है। 2 जुलाई को मुख्यमंत्री के समक्ष UCC ड्राफ्ट का प्रेजेंटेशन भी हो चुका है। ऐसे में अधिकारियों का कहना है कि समिति का कार्यकाल बढ़ने के बावजूद सरकार ड्राफ्ट को अंतिम रूप देकर विधेयक लाने का प्रयास कर सकती है।

राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान सफल, 1.06 करोड़ से अधिक बच्चों को पिलाई गई पोलियो वैक्सीन

राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान का सफल आयोजन 1 करोड़ 6 लाख से अधिक बच्चों को पिलाई गई पोलियो वैक्सीन की खुराक भोपाल प्रदेश में राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान का सफल संचालन 28 से 30 जून तक किया गया। अभियान के अंतर्गत 0 से 5 वर्ष आयु वर्ग के कुल 1 करोड़ 6 लाख 51 हजार 737 बच्चों को पोलियो वैक्सीन की खुराक पिलाई गई। अभियान के सफल संचालन में प्रदेश के समस्त जिलों द्वारा उत्कृष्ट समन्वय, प्रभावी सूक्ष्म योजना, सुदृढ़ मॉनिटरिंग एवं व्यापक जनजागरूकता गतिविधियों के माध्यम से उल्लेखनीय योगदान दिया गया। स्वास्थ्य विभाग द्वारा प्रत्येक पात्र बच्चे तक पहुंच सुनिश्चित करने के लिए बूथ स्तर से लेकर घर-घर भ्रमण तक व्यापक व्यवस्थाएं की गईं। उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान की सफलता पोलियो उन्मूलन के प्रति प्रदेश की दृढ़ प्रतिबद्धता, स्वास्थ्य कर्मियों के समर्पण तथा जनसहयोग का उत्कृष्ट उदाहरण है। प्रदेश सरकार भविष्य में भी बच्चों को पोलियो जैसी गंभीर बीमारी से सुरक्षित रखने के लिए सतत रूप से प्रभावी स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। अभियान के शुभारंभ अवसर पर जनप्रतिनिधियों द्वारा विभिन्न पोलियो बूथों का उद्घाटन किया गया। स्थानीय प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, आशा कार्यकर्ताओं, स्वयंसेवी संस्थाओं तथा समुदाय की सक्रिय सहभागिता से अभियान के क्रियान्वयन में बेहतर परिणाम प्राप्त हुए। दुर्गम एवं दूरस्थ क्षेत्रों सहित सभी पात्र बच्चों तक पहुंच सुनिश्चित करते हुए किसी भी बच्चे को पोलियो खुराक से वंचित न रहने देने के उद्देश्य से विशेष प्रयास किए गए। अभियान के दौरान छूटे हुए बच्चों को चिन्हित कर उन्हें भी पोलियो वैक्सीन की खुराक पिलाई गई।  

फिल्मों में अभिनय कर चुकीं IPS सिमाला प्रसाद को मिली बड़ी जिम्मेदारी, निमाड़ रेंज की नई DIG बनीं

खरगोन  मध्य प्रदेश कैडर के दो वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां मिली हैं। एक ओर चर्चित आईपीएस अधिकारी सुश्री सिमाला प्रसाद को उप पुलिस महानिरीक्षक (DIG), निमाड़ रेंज की जिम्मेदारी सौंपी गई है, वहीं 2010 बैच के आईपीएस अधिकारी और फिलहाल निमाड़ रेंज के डीआईजी सिद्धार्थ बहुगुणा को कुछ दिन पूर्व केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) में उप महानिरीक्षक (DIG) नियुक्त किया गया है। सिमाला प्रसाद अपनी सादगी, प्रशासनिक दक्षता और अभिनय प्रतिभा के कारण लंबे समय से सुर्खियों में रही हैं। कौन हैं IPS सिमाला प्रसाद? भोपाल के एक शिक्षित परिवार में जन्मीं सिमाला प्रसाद के पिता भगीरथ प्रसाद वरिष्ठ आईएएस अधिकारी एवं पूर्व सांसद रहे हैं, जबकि उनकी माता मेहरून्निसा परवेज हिंदी की प्रसिद्ध लेखिका हैं। साहित्य और शिक्षा से मिले संस्कारों के बीच पली-बढ़ीं सिमाला ने पहले ही प्रयास में संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षा उत्तीर्ण कर भारतीय पुलिस सेवा में स्थान बनाया। वे मध्य प्रदेश कैडर की 2011 बैच की अधिकारी हैं। कई पदों पर कर चुकीं काम अपने पुलिस करियर में उन्होंने बैतूल जिले की पुलिस अधीक्षक, रेल पुलिस जबलपुर की एसपी और 23वीं बटालियन, विशेष सशस्त्र बल (SAF), भोपाल में कमांडेंट सहित कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया। मई 2026 में उन्हें पदोन्नति के बाद DIG महिला सुरक्षा बनाया गया। इस पद पर वे महिला एवं बाल सुरक्षा, साइबर अपराधों की रोकथाम, जनजागरूकता अभियान और राज्य स्तरीय सुरक्षा कार्यक्रमों की निगरानी की । उनकी कार्यशैली अनुशासित, संवेदनशील और जनसंपर्क आधारित मानी जाती है। आज जारी आदेश के मुताबिक अपने निमाड़ रेंज की डीआईजी होंगी। फिल्मों में भी काम कर चुकीं सिमाला प्रशासनिक जिम्मेदारियों के साथ-साथ सिमाला प्रसाद ने फिल्म जगत में भी अपनी अलग पहचान बनाई है। उन्होंने 'अलीफ' (2017), 'नक्काश' (2019) और वर्ष 2026 में 'द नर्मदा स्टोरी' जैसी फिल्मों में अभिनय किया। अभिनय के बावजूद उन्होंने हमेशा पुलिस सेवा को अपनी पहली प्राथमिकता बताया है। साहित्य, योग और सामाजिक कार्यों में उनकी सक्रियता भी उन्हें अन्य अधिकारियों से अलग पहचान दिलाती है। दिल्ली पहुंचे IPS सिद्धार्थ बहुगुणा वहीं, मध्य प्रदेश कैडर के 2010 बैच के आईपीएस अधिकारी सिद्धार्थ बहुगुणा को केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर CBI में DIG नियुक्त किया गया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा जारी आदेश के अनुसार उनकी नियुक्ति पांच वर्ष की अवधि के लिए या अगले आदेश तक प्रभावी रहेगी। सिद्धार्थ बहुगुणा मध्य प्रदेश पुलिस के तेज-तर्रार और संवेदनशील अधिकारियों में गिने जाते हैं। उन्होंने निमाड़ रेंज के खंडवा, बुरहानपुर, खरगोन और बड़वानी जिलों में पुलिस उपमहानिरीक्षक (DIG) के रूप में कानून-व्यवस्था बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। CBI में बड़े मामलों की जांच करेंगे अपराध नियंत्रण, सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने, संगठित अपराधों पर प्रभावी कार्रवाई तथा जनसुनवाई के माध्यम से लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान उनकी कार्यशैली की प्रमुख विशेषताएं रही हैं। सख्त प्रशासनिक रवैये के साथ मानवीय दृष्टिकोण अपनाने वाले अधिकारी के रूप में उन्होंने आम जनता और पुलिस महकमे में अपनी अलग पहचान बनाई। CBI में DIG के रूप में अब सिद्धार्थ बहुगुणा देश के चर्चित आपराधिक, भ्रष्टाचार और आर्थिक अपराधों से जुड़े मामलों की जांच एवं निगरानी जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाएंगे।  

यात्रियों के लिए जरूरी खबर: बरेली यार्ड कार्य के कारण जुलाई-अगस्त में 4 ट्रेनें निरस्त, सफर से पहले देखें लिस्ट

ग्वालियर  उत्तर रेलवे के बरेली यार्ड स्थित वाशिंग लाइन संख्या 36 एवं 37 पर अनुरक्षण कार्य के चलते कुछ ट्रेनों का निरस्तीकरण किया गया है। यह कार्य पांच जुलाई से तीन अगस्त तक किया जाएगा। रेल इंफ्रास्ट्रक्चर एवं परिचालन व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए प्रारंभिक स्टेशन से ट्रेनें निम्नलिखित तिथियों में निरस्त रहेंगी। ये ट्रेन रहेंगी निरस्त     14320 बरेली–इंदौर एक्सप्रेस आठ, 15, 22 व 29 जुलाई को निरस्त रहेगी।     14319 इंदौर–बरेली एक्सप्रेस नौ, 16, 23 व 30 जुलाई को निरस्त रहेगी।     14314 बरेली–लोकमान्य तिलक टर्मिनस एक्सप्रेस 11, 18, 25 जुलाई व एक अगस्त को निरस्त रहेगी।     14313 लोकमान्य तिलक टर्मिनस–बरेली एक्सप्रेस 13, 20, 27 जुलाई व तीन अगस्त को निरस्त रहेगी।     ललितपुर स्टेशन पर यार्ड रिमाडलिंग कार्य के दृष्टिगत पूर्व में जिन तिथियों पर ट्रेन संख्या 14313 एवं 14319 के मार्ग परिवर्तन की सूचना जारी की गई थी, अब ये ट्रेनों को अब निरस्त माना जाएगा।  

मध्यप्रदेश में बारिश का कहर: हरदा के कई गांवों का संपर्क टूटा, आष्टा के घरों में घुसा पानी, हाईवे बंद

भोपाल  आष्टा क्षेत्र में पार्वती और तप नदी का जलस्तर बढ़ने से कई गांवों के घरों में पानी घुस गया। वहीं हरदा में भी नदियां उफान पर हैं, जिससे कई गांवों का संपर्क टूट गया है। मध्य प्रदेश में लगातार हो रही भारी बारिश से कई जिलों में हालात बिगड़ गए हैं। नदियां और नदी-नाले उफान पर हैं, जिससे कई गांवों का जिला मुख्यालय से संपर्क टूट गया है। कई इलाकों में घरों और खेतों में पानी भर गया है, जबकि कई सड़कों और पुलों पर पानी बहने से सम्पर्क टुटा।  हरदा में तेज बारिश के कारण कई गांवों का संपर्क कट गया है। ग्राम मांदला के पास कालीमाचक नदी का पानी पुल से करीब तीन फीट ऊपर बह रहा है, जिससे नर्मदापुरम-खंडवा स्टेट हाईवे बंद हो गया है। खंडवा में नाले में बाढ़, आवागमन पूरी तरह बंद खंडवा में पिछले कई घंटों से झमाझम बारिश जारी है। रेड अलर्ट के बीच यहां चार इंच तक बारिश होने का अनुमान है। लगातार हो रही तेज बारिश के चलते खंडवा जिले के किल्लौद ब्लॉक के ग्राम गरबड़ी स्थित नाले में बाढ़ आ गई। उफनते नाले के कारण खिरकिया मार्ग पर आवागमन पूरी तरह बंद हो गया। इससे सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि पानी का बहाव कम होने तक नाले को पार करने की कोशिश न करें और सुरक्षित स्थानों पर ही रुकें। लगातार बारिश के कारण क्षेत्र के कई निचले इलाकों में भी जलभराव की स्थिति बनी हुई है। प्रशासन हालात पर लगातार नजर रखे हुए है। आष्टा में पार्वती, पपनास और नेवज नदी का जलस्तर बढ़ा आष्टा ब्लॉक में शुक्रवार रात से लगातार मूसलाधार बारिश हो रही है। पार्वती, पपनास और नेवज नदी का जलस्तर बढ़ गया है। खाचरोद, मेहतवाड़ा, मैना, कोठरी, भंवरा, बागैर, सिंगारचोरी, हराजखेड़ी, ढकनी और मुगली समेत कई गांवों में घरों में पानी घुस गया है। लगातार बारिश से खेत भी तालाब जैसे नजर आने लगे हैं। वहीं, ग्राम पंचायत बड़घाटी-रामापुरा में बाढ़ का पानी खेतों तक पहुंचने से किसानों की सोयाबीन फसल को नुकसान हुआ है। सीहोर के अमलाहा-गोलूखेड़ी मार्ग पर अजनाल नदी का पानी पुल के ऊपर से बह रहा है, जिससे आवागमन प्रभावित हो गया है। बता दें, इंदौर-उज्जैन समेत प्रदेश के 19 जिलों में शनिवार को अति भारी या भारी बारिश की संभावना है। तापमान में भारी गिरावट, हवाओं में 100% तक नमी पूर्व मौसम वैज्ञानिक और मौसम–पर्यावरण विश्लेषक शैलेन्द्र कुमार नायक के अनुसार, राज्य के अधिकांश भागों में व्यापक बादल छाए रहने और उच्च नमी के कारण दिन के तापमान में सामान्य से 2 से 6 डिग्री सेल्सियस तक की उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है। सुबह के समय अधिकांश जिलों में सापेक्ष आर्द्रता 90% या उससे अधिक रही। जबकि मंडला में यह 100%, जबलपुर में 98%, तथा भोपाल एवं इंदौर में 92% दर्ज की गई।     खंडवा और हरदा में भारी से अति भारी बारिश का रेड अलर्ट।     19 जिलों में ऑरेंज और कई जिलों में येलो अलर्ट जारी।     40-50 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना।     गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने का खतरा।     अगले 72 घंटे तक प्रदेश में मानसून सक्रिय रहने के संकेत। पिछले 24 घंटों में कहां कितनी हुई बारिश? एमपी के कुछ इलाकों में भारी बारिश दर्ज की गई है। सबसे अधिक बारिश राजगढ़ जिले के पचोर में दर्ज की गई है। यहां 24 घंटे में 168 मिली मीटर अर्थात 6.6 इंच से अधिक बारिश हुई है। इसी प्रकार बालाघाट में 143.8 एमएम, किरनापुर में 140.6 एमएम, लालबर्रा में 138.2 एमएम, खातेगांव में 120 एमएम, केवलारी में 105.2 एमएम बारिश दर्ज की गई हैं उत्तर भारत पहुंचा मॉनसून, दिल्ली-यूपी-बिहार से लेकर पंजाब-हरियाणा तक कैसी होगी बरसात? जम्मू-कश्मीर और हिमाचल में बादल फटा जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले में दो अलग-अलग जगहों पर बादल फटने से भारी नुकसान हुआ है। वहीं, हिमाचल प्रदेश के लाहौल-स्पीति में दो और चंबा में एक स्थान पर बादल फटने से फसलें, सड़कें और संपर्क मार्ग पूरी तरह तबाह हो गए हैं। मंडी जिले में पहाड़ी से गिरे पत्थर की चपेट में आने से एक महिला की मौत भी हो गई है। राज्य में फिलहाल 35 सड़कें बंद हैं और 127 बिजली ट्रांसफार्मर ठप हैं। प्रमुूख शहरों में बारिश के आंकड़े     पूर्वी मध्य प्रदेश जिसमें नरसिंहपुर में सर्वाधिक 83.0 मिमी, सिवनी में 67.8 मिमी, टीकमगढ़ में 45.0 मिमी, उमरिया में 40.2 मिमी और दमोह में 38.0 मिमी वर्षा दर्ज की गई।     पश्चिमी मध्य प्रदेश जिनमें राजगढ़ में 48.0 मिमी, खंडवा में 43.0 मिमी, रतलाम में 37.0 मिमी, उज्जैन में 32.4 मिमी और राजधानी भोपाल में 17.8 मिमी बारिश हुई। जिलों के अनुसार मौसम विभाग का अलर्ट खंडवा, हरदा और देवास जिलों में अति भारी बारिश का रेड अलर्ट दिया गया है। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के भीतर खंडवा, हरदा और देवास जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। इन क्षेत्रों में 4 से 8 इंच तक भारी बारिश होने की आशंका जताई गई है। एमपी के 19 जिलों में अति भारी बारिश का ओरेंज अलर्ट प्रदेश के 19 जिलों में ओरेंज अलर्ट जारी है। इनमें धार, बड़वानी, खरगोन, देवास, बुरहानपुर और बैतूल में अति भारी बारिश हो सकती है। इसके साथ ही रतलाम, उज्जैन, राजगढ़, रायसेन, नर्मदापुरम, सागर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, डिंडौरी और अनूपपुर में भी गरज-चमक के साथ भारी बारिश और आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है। राजधानी सहित प्रदेश के इन इलाकों में यलो अलर्ट भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर, इंदौर, आगर, भिंड, मंदसौर, नीमच, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, दतिया, मुरैना, सतना, श्योपुरकलां, शहडोल, सिंगरौली, सीधी, रीवा, मऊगंज, उमरिया, विदिशा, पन्ना, दमोह, शाजापुर, मंडला, कटनी, छतरपुर, निवाड़ी, टीकमगढ़ और मैहर समेत कई जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। इन इलाकों में 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। खरीफ फसलों के लिए वरदान, पर सावधानी जरूरी बंगाल की खाड़ी से आ रही प्रचुर नमी और निम्न दाब प्रणाली के कारण यह मानसूनी सक्रियता बनी हुई है। यदि यही स्थिति अगले कुछ दिनों … Read more

MP News: मॉब लिंचिंग मामले की महिला जज को मिली धमकी, सुरक्षा बढ़ी; हाईकोर्ट ने 3 दिन में तलब की रिपोर्ट

नर्मदापुरम  जिले के सिवनी मालवा में बहुचर्चित गौ तस्करी और मॉब लिंचिंग मामले में 14 आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाने के बाद महिला जज को मिल रही धमकियों पर मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने गंभीर चिंता जताई है। जबलपुर स्थित हाईकोर्ट की युगलपीठ ने इस मामले को न्यायिक स्वतंत्रता से जुड़ा गंभीर विषय मानते हुए स्वत: संज्ञान लिया है। जस्टिस विवेक अग्रवाल और जस्टिस अवनींद्र कुमार सिंह की खंडपीठ ने कहा कि किसी न्यायिक अधिकारी को केवल इसलिए धमकाया नहीं जा सकता कि उसका फैसला समाज के किसी वर्ग को पसंद नहीं आया। कोर्ट ने इसे न्यायिक व्यवस्था पर सीधा दबाव बनाने की कोशिश माना है। युगलपीठ ने प्रदेश के पुलिस महानिदेशक और अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) से तीन दिन के भीतर हलफनामा प्रस्तुत करने को कहा है। सुनवाई के दौरान कोर्ट को बताया गया कि सिवनी मालवा में पदस्थ न्यायाधीश तबस्सुम खान को सुरक्षा प्रदान कर दी गई है। 6 पुलिस कर्मी किए गए तैनात हाइकोर्ट के निर्देश के बाद महिला जज की सुरक्षा के लिए 6 पुलिस कर्मी तैनात किए गए हैं। एक पीएसओ भी विभाग ने दिया है। साथ ही सिवनीमालवा एसडीओपी व टीआई सहित एएसपी भी लगातार संपर्क में हैं। हाईकोर्ट ने धमकी देने वालों के खिलाफ की गई कार्रवाई की जानकारी भी मांगी है। मामले की अगली सुनवाई नौ जुलाई को होगी।     जज की सुरक्षा के लिए 6 सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं। एक पीसीओ दिया गया है और एसडीओपी, टीआई सिवनी मालवा सहित अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक लगातार संपर्क में हैं।- साईं कृष्ण एस थोटा, एसपी, नर्मदापुरम