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CM ने 8-मंजिला भोपाल निगम भवन का उद्घाटन किया, जनता सेवाओं और सोलर प्लांट का होगा लाभ

भोपाल  तुलसी नगर (सेकंड स्टॉप) पर भोपाल नगर निगम का नया मुख्यालय तैयार है। यह अटल भवन के नाम से जाना जाएगा। यह 43 करोड़ से बना है। यहां एक ही छत के नीचे पूरी नगर सरकार होगी। अब तक नागरिकों को अलग-अलग कामों के लिए शहर के कई हिस्सों में जाना पड़ता था।यह प्रदेश की पहली नगरीय निकाय बिल्डिंग है, जो जियोथर्मल तकनीक से लैस है। पार्किंग पर लगे सोलर पैनलों से 300 किलोवाट बिजली बनेगी। नवनिर्मित मुख्यालय का नाम ‘अटल भवन’ रखा गया है। इसके लोकार्पण के साथ नीमच जिले में भोपाल निगम द्वारा स्थापित 10.5 मेगावॉट सोलर प्रोजेक्ट का भी लोकार्पण किया गया। एक जगह पर आ जाएंगे सभी विभाग बिल्डिंग की शुरुआत के बाद निगम के सभी विभाग एक ही बिल्डिंग में आ जाएंगे। हालांकि, दो महीने पहले से ही कई ऑफिस शिफ्ट किए जा चुके हैं। अब सेंट्रल वर्कशॉप, हाउसिंग फॉर ऑल, सिविल, जनसंपर्क, विद्युत, बीसीएलएल, जल कार्य, सीवेज, स्वच्छ भारत मिशन, जन्म-मृत्यु, विवाह पंजीयन, झील प्रकोष्ठ, एनयूएलएम, राजस्व, गोवर्धन परियोजना, अतिक्रमण, बिल्डिंग परमिशन शाखाएं एक ही जगह पर लगेगी। ग्राउंड फ्लोर पर एंटर होते ही जनसुविधा केंद्र स्थापित किया गया है। जहां एक ही स्थान पर सभी विभागों से संबंधित जानकारी आवेदक को मिलेगी। बिल्डिंग परमिशन समेत कई जनसुविधा भी यहां मिलेंगी। अभी कई जगह पर संचालित ऑफिस अभी भोपाल के कई स्थानों पर निगम के ऑफिस में शाखाएं संचालित की जा रही हैं। आईएसबीटी और माता मंदिर में महापौर, अध्यक्ष और कमिश्नर के कक्ष के साथ कई शाखाएं हैं। शाहपुरा में बिल्डिंग परमिशन शाखा है, जबकि फतेहगढ़ में स्वास्थ्य शाखा लग रही है। ग्रीन कॉन्सेप्ट पर बनाई गई है बिल्डिंग ग्रीन बिल्डिंग कॉन्सेप्ट पर नगर निगम का नया मुख्यालय भवन बना है। बिल्डिंग के ठीक सामने परिसर में सोलर पैनल लगाए गए हैं। हालांकि, इसकी दिशा उत्तर-दक्षिणी होने की वजह से बिजली उत्पादन में असर पड़ सकता है। एक बिल्डिंग, 3 कमिश्नर बिल्डिंग की पूरी डिजाइन निगम के तत्कालीन कमिश्नर केवीएस चौधरी कोलसानी ने बनवाई थी। उनकी मौजूदगी में बिल्डिंग का आधे से ज्यादा काम हुआ, जबकि बाकी काम हरेंद्र नारायण के समय हुआ। अब संस्कृति जैन के समय बिल्डिंग शुरू की जा रही है। किस फ्लोर पर क्या?     ग्राउंड फ्लोरः जनसंपर्क, टैक्स काउंटर, विवाह पंजीकरण और बच्चों के लिए विशेष गेम जोन।     पहली से चौथी मंजिलः महापौर, एमआईसी सदस्य, भवन अनुज्ञा, जलकार्य, सीवेज और राजस्व विभाग।     पांचवीं से सातवीं मंजिलः योजना प्रकोष्ठ, आईटी, स्मार्ट सिटी, स्वास्थ्य और उद्यान विभाग।     आठवीं मंजिलः कमिश्नर स्टाफ और स्मार्ट सिटी का मुख्य कार्यालय 10 जगहों पर बिखरे दफ्तर अब एक छत के नीचे अब तक नगर निगम के कार्यालय माता मंदिर, पीएचई दफ्तर, आइएसबीटी, स्मार्ट सिटी कार्यालय, न्यू मार्केट, श्यामला हिल्स, शाहपुरा और फतेहगढ़ सहित शहर के 10 अलग-अलग स्थानों पर संचालित हो रहे थे। नए मुख्यालय के शुरू होने से निगम के अधिकांश विभाग एक ही परिसर में कार्य करेंगे, जिससे आम नागरिकों को सुविधाएं मिलेंगी। अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस होगा मुख्यालय भवन के भू-तल पर विवाह पंजीयन, भवन अनुज्ञा, स्मार्ट सिटी और कर संबंधी काउंटर बनाए गए हैं। पहली मंजिल पर महापौर, निगम परिषद अध्यक्ष, नेता प्रतिपक्ष और परिषद कार्यालय के साथ कॉन्फ्रेंस हॉल रहेगा। नगर निगम आयुक्त का कार्यालय भवन की आठवीं मंजिल पर बनाया गया है। बड़े नेताओं की मौजूदगी में होगा लोकार्पण लोकार्पण कार्यक्रम में नगरीय विकास एवं आवास मंत्री Kailash Vijayvargiya, मंत्री Vishvas Sarang, प्रभारी मंत्री चैतन्य काश्यप, राज्यमंत्री कृष्णा गौर, सांसद आलोक शर्मा और महापौर मालती राय सहित कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहेंगे। नीमच के सोलर प्लांट का भी शुभारंभ नगर निगम ने नीमच जिले की धमपुरा तहसील में 10.5 मेगावाट क्षमता का सोलर प्लांट स्थापित किया है। करीब 45 करोड़ रुपये की इस परियोजना में निगम ने 14 करोड़ रुपये निवेश किए हैं, जबकि शेष राशि निजी कंपनी द्वारा लगाई गई है। गाजियाबाद की टेक्नोसिस कंपनी के साथ 25 वर्षों का अनुबंध किया गया है। इस परियोजना से ऊर्जा बचत और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा।

डीजीपी मकवाणा: रेलवे, पुलिस और प्रशासन के समन्वय से सिंहस्थ 2028 का सफल आयोजन

रेलवे–पुलिस–प्रशासन के समन्वय से सुनियोजित भीड़ प्रबंधन, कड़ी सुरक्षा और आधारभूत ढांचे के साथ होगा सिंहस्थ 2028 का सफल आयोजन – डीजीपी मकवाणा सिंहस्थ 2028 की तैयारियों हेतु रेलवे अधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय समन्वय बैठक कुशाभाऊ ठाकरे अंतर्राष्ट्रीय सभागार, भोपाल में आयोजित प्रयागराज महाकुंभ के अनुभवों के आधार पर आधुनिक तकनीक और ICCC व्यवस्था लागू करने की तैयारी भोपाल सिंहस्थ 2028 के सुव्यवस्थित एवं सुरक्षित आयोजन के दृष्टिगत आज कुशाभाऊ ठाकरे अंतर्राष्ट्रीय सभागार, भोपाल में पुलिस, रेलवे, जीआरपी, आरपीएफ एवं प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों की उच्च स्तरीय समन्वय बैठक आयोजित की गई। बैठक में आगामी सिंहस्थ के दौरान संभावित अत्यधिक भीड़, यातायात प्रबंधन, रेल संचालन, सुरक्षा व्यवस्था तथा आधारभूत संरचना के समग्र विकास को ध्यान में रखते हुए विस्तृत योजना पर चर्चा की गई। विशेष रूप से पूर्व में आयोजित महाकुंभ-2025, प्रयागराज के अनुभवों से सीख लेते हुए आधुनिक तकनीकों, बेहतर समन्वय एवं वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाने पर जोर दिया गया। बैठक में पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा ने कहा कि आगामी सिंहस्थ 2028 के दृष्टिगत रेलवे, जीआरपी, आरपीएफ एवं जिला प्रशासन के मध्य बेहतर समन्वय अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने प्रयागराज महाकुंभ के अनुभवों का उल्लेख करते हुए बताया कि इस बार श्रद्धालुओं की संख्या और अधिक रहने की संभावना है, जिसके लिए पूर्व से ही व्यवस्थित एवं चरणबद्ध योजना बनाई जा रही है। उन्होंने कहा कि भीड़ प्रबंधन के लिए संयुक्त कंट्रोल रूम स्थापित किया जाए तथा शाही स्नान एवं अन्य प्रमुख अवसरों पर विशेष ट्रैफिक एवं भीड़ नियंत्रण योजना तैयार की जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि क्राउड मैनेजमेंट के तहत एंट्री एवं एग्जिट मार्ग पृथक-पृथक रखे जाएं तथा अंतिम समय में प्लेटफॉर्म परिवर्तन से बचा जाए, जिससे किसी भी प्रकार की अव्यवस्था की स्थिति निर्मित न हो। पुलिस महानिदेशक ने उज्जैन, इंदौर, रतलाम, भोपाल के साथ-साथ ओंकारेश्वर रोड एवं सीहोर क्षेत्र के स्टेशनों को भी ध्‍यान में रखते हुए आवश्यक आधारभूत सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण पर बल दिया। उन्होंने फुटओवर ब्रिज की चौड़ाई बढ़ाने, पर्याप्त संकेतक, पब्लिक अनाउंसमेंट सिस्टम एवं अतिरिक्त ट्रेनों के संचालन की आवश्यकता पर भी जोर दिया। डीजीपी ने अपराध नियंत्रण के संबंध में जीआरपी एवं आरपीएफ को विशेष सतर्कता बरतने, इंटेलिजेंस तंत्र को मजबूत करने तथा सभी स्टेशनों, होल्डिंग एरिया एवं पार्किंग स्थलों पर सीसीटीवी कवरेज एवं आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए संयुक्त टीमें सदैव तैयार रहें, जिससे किसी भी स्थिति में त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। उत्तरप्रदेश डीजी (रेल) प्रकाश डी. ने प्रयागराज महाकुंभ 2025 के अनुभव साझा करते हुए बताया कि बड़े आयोजनों में भीड़ का सटीक आकलन (क्राउड असेसमेंट) अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने 2013 की घटना सहित पूर्व घटनाओं से सीख लेते हुए मल्टी-लेवल क्राउड मैनेजमेंट, प्लेटफॉर्म सुरक्षा, पृथक एंट्री-एग्जिट, कलर कोडिंग, साइनएज, पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था एवं होल्डिंग एरिया आधारित भीड़ नियंत्रण व्यवस्था को अत्यंत प्रभावी बताया। उन्होंने इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (ICCC), रियल-टाइम मॉनिटरिंग, व्हाट्सएप/डिजिटल समन्वय एवं स्पेशल ट्रेनों के प्रबंधन को भी महत्वपूर्ण बताया। साथ ही उन्होंने कहा कि रेलवे नेटवर्क में किसी एक स्थान की घटना का व्यापक प्रभाव पड़ता है, इसलिए भीड़ को विभिन्न स्तरों पर फिल्टर एवं नियंत्रित करना आवश्यक है। डीजी आरपीएफ सुसोनाली मिश्रा ने कहा कि सिंहस्थ जैसे आयोजन में विभिन्न रेलवे जोनों—विशेष रूप से वेस्टर्न, वेस्ट सेंट्रल एवं सेंट्रल रेलवे के मध्य सुदृढ़ समन्वय अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने बताया कि रेलवे द्वारा प्रतिदिन लाखों यात्री ट्रेनों का संचालन किया जाता है तथा किसी एक स्थान की घटना का व्यापक प्रभाव पूरे नेटवर्क पर पड़ता है। उन्होंने अतिरिक्त ट्रेनों के संचालन, रेलवे बोर्ड स्तर पर सतत मॉनिटरिंग, संयुक्त प्रशिक्षण, एनडीआरएफ के साथ समन्वय, त्वरित प्रतिक्रिया तंत्र एवं इंटेलिजेंस सुदृढ़ीकरण पर विशेष बल दिया। साथ ही बड़े आयोजनों में आंतरिक एवं राष्ट्रीय सुरक्षा के दृष्टिकोण से सतर्कता बनाए रखने के निर्देश दिए। रतलाम मंडल रेल प्रबंधक अश्‍विनी कुमार ने बताया कि सिंहस्थ 2028 के लिए रेलवे द्वारा संभावित भीड़, यात्री आवागमन के समय एवं विभिन्न मार्गों के विश्लेषण के आधार पर विस्तृत योजना तैयार की जा रही है। उन्होंने बताया कि आवश्यक इंफ्रास्ट्रक्चर, इंटरकनेक्टिविटी एवं संचालन में लचीलापन सुनिश्चित करने के लिए कार्य किए जा रहे हैं तथा प्रशासन के साथ निरंतर समन्वय एवं फीडबैक आधारित सुधार किए जा रहे हैं। उज्जैन में प्रस्तावित व्यवस्थाओं पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण देते हुए पुलिस अधीक्षक उज्जैन प्रदीप शर्मा ने बताया कि सिंहस्थ-2028 का आयोजन 09 अप्रैल से 08 मई तक प्रस्तावित है, जिसमें लगभग 30 करोड़ श्रद्धालुओं के आगमन की संभावना है। शाही स्नान के अवसरों पर एक ही दिन में लगभग 5 करोड़ श्रद्धालुओं के आने का अनुमान है। लगभग 3100 हेक्टेयर क्षेत्र में मेला विकसित किया जा रहा है तथा घाटों का विस्तार लगभग 37 किलोमीटर तक किया जा रहा है। वैज्ञानिक आकलन के अनुसार एक किलोमीटर घाट पर निर्धारित समय में हजारों श्रद्धालुओं के स्नान की क्षमता विकसित कर बड़े स्तर पर भीड़ प्रबंधन की योजना बनाई गई है। उन्होंने बताया कि विभिन्न स्रोतों के विश्लेषण के आधार पर इंदौर-देवास मार्ग से सर्वाधिक आवागमन तथा रेलवे के माध्यम से 2 से 2.5 करोड़ यात्रियों के आगमन की संभावना को ध्यान में रखते हुए व्यापक इंफ्रास्ट्रक्चर विकास कार्य किए जा रहे हैं, जिनमें नए फुट ओवर ब्रिज, सैटेलाइट स्टेशन विकास, त्रिस्तरीय पार्किंग, होल्डिंग एरिया, अतिरिक्त प्लेटफॉर्म, साइडिंग लाइन, जल आपूर्ति व्यवस्था एवं ऑप्टिकल फाइबर आधारित संचार तंत्र का निर्माण शामिल है। ट्रेन संचालन के लिए विशेष रणनीति के तहत 2016 की तुलना में तीन गुना अधिक विशेष ट्रेनें संचालित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके साथ ही पेंडुलम मूवमेंट आधारित शॉर्ट-डिस्टेंस मेला ट्रेनें, डायनेमिक टाइम टेबल, डबल-हेडेड ट्रेन संचालन, दिशा-आधारित प्लेटफॉर्म निर्धारण एवं लंबी दूरी की ट्रेनों का पूर्व नियोजित डायवर्जन सुनिश्चित किया जाएगा। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि सभी प्रमुख स्टेशनों पर सीसीटीवी एवं एआई आधारित क्राउड मॉनिटरिंग सिस्टम, बैकअप पावर, पब्लिक एड्रेस सिस्टम, साइबर सुरक्षा, वेंडर मैनेजमेंट एवं एक्सेस कंट्रोल को सुदृढ़ किया जाएगा। साथ ही RPF-GRP के संयुक्त प्रशिक्षण, मेडिकल टीमों की उपलब्धता एवं त्वरित प्रतिक्रिया दलों की तैनाती सुनिश्चित की जाएगी। बैठक में सभी अधिकारियों ने एकमत होकर कहा कि पूर्व अनुभवों, तकनीक के प्रभावी उपयोग, सुदृढ़ समन्वय एवं सतत मॉनिटरिंग के माध्यम से सिंहस्थ 2028 का आयोजन सुरक्षित, सुव्यवस्थित एवं सफलतापूर्वक संपन्न … Read more

सीनियर IAS अधिकारियों का पुनर्वितरण, ACS होम ने संभाला सामान्य प्रशासन विभाग, अतिरिक्त जिम्मेदारी जनसंपर्क

भोपाल   मध्य प्रदेश में एक और बड़ा प्रशासनिक फेरबदल हुआ है। कुछ अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई है।  ACS संजय कुमार शुक्ल अपर मुख्य सचिव गृह , ACS शिवशेखर शुक्ला अपर मुख्य सचिव सामान्य प्रशासन और अरविंद दुबे संचालक जनसंपर्क (अतिरिक्त प्रभार)होंगे। इस बाबत आदेश भी जारी  हो गए हैं। मध्यप्रदेश शासन के सामान्य प्रशासन विभाग ने वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों के तबादले और नवीन पदस्थापना के आदेश जारी किए हैं। नए आदेश के तहत दो वरिष्ठ अधिकारियों के दायित्वों में बदलाव किया गया है, वहीं एक अधिकारी को अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। 1994 बैच के आईएएस अधिकारी  संजय कुमार शुक्ल को अपर मुख्य सचिव गृह विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई है, इसके साथ ही शुक्ल को विमानन विभाग का अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया है। वहीं दूसरी ओर  1994 बैच के ही वरिष्ठ अधिकारी शिवशेखर शुक्ल को अपर मुख्य सचिव, सामान्य प्रशासन विभाग का दायित्व सौंपा गया है। इसके अलावा उन्हें संस्कृति विभाग एवं आयुक्त-सह-संचालक, स्वराज संस्थान का प्रभार दिया गया है।

उपज का सही मूल्य और समय पर भुगतान सुनिश्चित करने का संदेश – मुख्यमंत्री डॉ. यादव

कृषक कल्याण वर्ष-2026 उपज का एक-एक दाना कीमती, भुगतान में देरी बर्दाश्त नहीं : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री की किसान हितैषी नीति से चौरई के 64 किसानों को मिलेंगे लगभग एक करोड़ रुपये सभी मंडियों में समय-सीमा में हो भुगतान, लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाई भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की किसान हितैषी नीतियों और मंडी बोर्ड की सक्रियता का परिणाम है कि कृषि उपज मंडी समिति चौरई की अपील पर माननीय उच्च न्यायालय जबलपुर द्वारा 64 कृषकों को उनके द्वारा विक्रय की गई उपज की राशि 96 लाख 51 हजार 500 रुपये के भुगतान करने के आदेश प्रसारित हुए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि प्रदेश में किसान के साथ अन्याय किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कृषि उपज मंडी समिति चौरई में पंजीकृत अनुज्ञप्तिधारी फर्म ज्ञाताट्रेडर्स, चौरई के द्वारा कृषकों से खरीदी गई अधिसूचित कृषि उपज का भुगतान नहीं करने पर मंडी समिति ने त्वरित कार्रवाई की। न्यायालय तहसीलदार, चौरई द्वारा फर्म से वसूली के लिए आर.आर.सी. जारी कर 96,51,500 रुपये (छियानबे लाख इक्यावन हजार पांच सौ रुपये) की वसूली की गई और राशि मंडी समिति के खाते में जमा कराई गई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निर्देश पर म.प्र. राज्य कृषि विपणन बोर्ड के प्रबंध संचालक कुमार पुरुषोत्तम ने तत्परता से कार्रवाई करते हुए सिविल कोर्ट/जिला कोर्ट से अनुमति नहीं मिलने पर मंडी समिति की ओर से उच्च न्यायालय जबलपुर में अधिवक्ता के माध्यम से याचिका दायर की गई। माननीय उच्च न्यायालय द्वारा 30 अप्रैल 2026 को किसान हित में निर्णय पारित कर भुगतान की स्वीकृति दी गई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि "उपज का एक-एक दाना कीमती है। मंडी व्यवस्था में पारदर्शिता और समय पर भुगतान हमारी प्राथमिकता है।" उन्होंने मंडी बोर्ड के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि प्रदेश की सभी मंडी समितियां यह सुनिश्चित करें कि किसी भी स्थिति में किसानों के भुगतान में लापरवाही न हो। खरीदी गई कृषि उपज का भुगतान समय-सीमा में कराया जाए। मंडी बोर्ड द्वारा सभी मंडी सचिवों को विशेष निर्देश जारी किए गए हैं कि किसान हित सर्वोपरि है और लापरवाही पर सख्त कार्रवाई होगी। माननीय उच्च न्यायालय के आदेशानुसार किसानों को भुगतान की कार्यवाही मंडी समिति चौरई द्वारा समय-सीमा में की जाएगी।  

नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष डॉ. के.पी. यादव एवं उपाध्यक्ष कांकर ने संभाला पदभार

नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष डॉ. के.पी. यादव एवं उपाध्यक्ष कांकर ने संभाला पदभार खाद्य मंत्री राजपूत और राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष पवैया भी थे मौजूद भोपाल मध्यप्रदेश राज्य नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष पद पर डॉ. के.पी. यादव एवं उपाध्यक्ष पद पर संजीव कांकर ने बुधवार को विधिवत अपना पदभार ग्रहण किया। यह पदभार ग्रहण प्रदेश के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत तथा राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष जयभान सिंह पवैया की गरिमामयी उपस्थिति में हुआ। मंत्री राजपूत ने नव-नियुक्त पदाधिकारियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि राज्य नागरिक आपूर्ति निगम प्रदेश के गरीब और जरूरतमंद वर्ग तक खाद्यान्न पहुंचाने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभाता है। ऐसे में पारदर्शिता, सुशासन और जवाबदेही के साथ कार्य करना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने भरोसा जताया कि डॉ. के.पी. यादव और कांकर अपने दायित्वों का कुशलतापूर्वक निर्वहन करते हुए निगम को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएंगे। राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष जयभान सिंह पवैया ने कहा कि निगम की भूमिका केवल वितरण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह प्रदेश की खाद्य सुरक्षा व्यवस्था की रीढ़ है। उन्होंने नव-नियुक्त अध्यक्ष और उपाध्यक्ष से अपेक्षा व्यक्त की कि वे प्रशासनिक दक्षता और जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देंगे। इस अवसर पर जनप्रतिनिधि, निगम के प्रबंध संचालक अनुराग वर्मा सहित निगम के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव: सपने कभी नहीं रुकते, बस सही मौके का इंतजार करते हैं

सपने कभी रुकते नहीं, बस सही मौके का इंतजार करते हैं और यह वही मौका है सपनों को सच करने का : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीं द्वितीय परीक्षा को लेकर विद्यार्थियों को शुभकामनाएं प्रदेश में 7 मई से शुरू हो रही है कक्षा 10वीं एवं 12वीं बोर्ड की द्वितीय परीक्षा भोपाल प्रदेश सरकार द्वारा एमपी बोर्ड के परी क्षा परिणाम में असफल हुए विधार्थियों के बेहतर भविष्य के लिए द्वितीय परीक्षा का अवसर दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पुनः परीक्षा देने वाले विधार्थियों को शुभकामना संदेश देते हुए कहा कि प्रिय विद्यार्थियों, आप जानते हैं कि इस साल एमपी बोर्ड की कक्षा 12वीं का परीक्षा परिणाम 16 वर्षों में सबसे बेहतर रहा, इसी प्रकार 10वीं के परिणाम भी अच्छे रहे, लेकिन कुछ परीक्षार्थी सफल नहीं हो सके थे। ऐसे बच्चों के लिए मध्यप्रदेश में द्वितीय परीक्षा अवसर की शुरुआत 7 मई से की जा रही है। आप सभी को मेरी ओर से अग्रिम शुभकामनाएं। आप केवल छात्र नहीं, प्रदेश के भविष्य की उज्ज्वल आशा हैं मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आप सभी मेरे लिए केवल छात्र नहीं, बल्कि प्रदेश के भविष्य की उज्ज्वल आशा हैं। जब आप अपने सपनों के लिए मेहनत करते हैं, तो उसमें केवल आपका नहीं, आपके परिवार का, आपके शिक्षकों का और पूरे प्रदेश का विश्वास जुड़ा होता है। मैं समझता हूं कि कभी-कभी परिस्थितियां हमारे अनुकूल नहीं होतीं, परिणाम उम्मीद के अनुसार नहीं आते, इससे मन थोड़ी देर के लिए ठहर जाता है। लेकिन सच्चाई यह है कि सपने कभी रुकते नहीं, वह बस सही मौके का इंतजार करते हैं और यह वही मौका है। महज योजना नहीं, विद्यार्थियों के सपनों को उड़ान देन का संकल्प मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मैं हर विद्यार्थी को ये कह रहा हूं कि एक परिणाम आपके पूरे भविष्य की कहानी तय नहीं कर सकता। प्रदेश सरकार की ओर से यह अवसर इसी दिशा में एक विशेष पहल है। ये महज योजना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के सपनों को फिर से उड़ान देन का संकल्प है। यह उन बच्चों के लिए उम्मीद की नई किरण है। जो 10वीं या 12वीं की बोर्ड परीक्षा में किसी कारणवश अनुत्तीर्ण हो गए या परीक्षा नहीं दे पाए। द्वितीय परीक्षा विद्यार्थियों के लिए एक नई शुरुआत है। एक ऐसा मौका, जहां आप अपनी मेहनत को फिर से साबित कर सकते हैं। अपने आत्मविश्वास को पुनः खड़ा कर सकते हैं और अपने लक्ष्य के और करीब पहुंच सकते हैं। वहीं अब प्रदेश में माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा आयोजित 10वीं और 12वीं की द्वितीय बोर्ड परीक्षाएं 7 मई से प्रारंभ हो रही हैं। बच्चों के साथ खड़े रहें अभिभावक मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अभिभावकों से अपील करते हुए कहा कि अभिभावकों और शिक्षकों से भी मेरा विनम्र निवेदन है कि इस समय बच्चों के साथ खड़े रहें। उनके मन को समझें, उन्हें सपोर्ट करें क्योंकि कई बार एक विश्वास भरा शब्द ही उन्हें नई ऊर्जा दे देता है, हर विद्यार्थी में अपार क्षमता है। अगर जरूरत है तो केवल उसे पहचानने की, उसे संवारने की और सही दिशा देने की। याद रखिए यह परीक्षा सिर्फ अंक सुधारने का नहीं, बल्कि अपने आत्मविश्वास को फिर से मजबूत करने का अवसर भी है। अंत में मैं आप सभी को परीक्षा के लिए अग्रिम शुभकामनाएं देता हूं। आप प्रदेश का भविष्य हैं। आप सफल होकर अपने सपनों को साकार करें और मध्यप्रदेश का नाम रोशन करें। आप सभी को उज्ज्वल भविष्य के लिए ढेरों शुभकामनाएं। आगे बढ़ें, सफल हों और अपने जीवन में नई ऊंचाइयों को छुएं।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव: सुशासन का दौर जारी, इसका कोई अंत नहीं

सुशासन का है यह दौर, जिसका ओर है ना छोर : मुख्यमंत्री डॉ. यादव नवाचारों के साथ हमने प्रदेश की तरक्की के बनाए हैं नए रास्ते मुख्यमंत्री का निगम-मंडल-बोर्ड एवं विकास प्राधिकरणों के अध्यक्षों और उपाध्यक्षों ने किया अभिनंदन भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि जैसी नीयत होती है, वैसी ही बरकत होती है। हमारा प्रदेश आज देश में सुशासन के जरिए लोक कल्याण का पर्याय बन चुका है। लोक कल्याण के अवसर सबको मिलते हैं, लेकिन जो हृदय की गहराईयों से लोगों के कल्याण की सोच रखते हैं, ईश्वर उसकी मदद करते हैं। हमारी सरकार लोक कल्याण के प्रति अपनी प्रतिबद्ध सोच, कर्मठता, समर्पण और नवाचारों के साथ आगे बढ़ रही है। आज प्रदेश के हर कोने में, हर छोर में सुशासन का दौर है। उन्होंने कहा कि हमने 'विरासत से विकास' की परम्परा को कायम रखते हुए जनहित में अधिकाधिक नवाचार अपनाकर प्रदेश की तरक्की के नए रास्ते बनाये हैं। प्रदेश की जनता की सेवा, कल्याण और सबके जीवन में खुशहाली लाने में हम कोई कसर नहीं रखेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए विधायकों, जनप्रतिनिधियों एवं नागरिकों को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि 'सच्चा वादा- पक्का काम' यही हमारी सरकार का मूलमंत्र है। प्रदेश में धार्मिक, सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और वन पर्यटन बढ़ाने के लिए हम भरपूर प्रयास कर रहे हैं। पर्यटन बढ़ेगा तो प्रदेश में रोजगार बढ़ेंगे और इसका सीधा लाभ हमारे अपने नागरिकों को होगा। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा आयोग-निगम-मंडलों एवं विकास प्राधिकरणों में नियुक्तियों की प्रक्रिया जारी है। प्रदेश की जनता के कल्याण के लिए सभी श्रेष्ठ व्यक्तियों को अवसर दिया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का प्रदेश के विभिन्न निगम-मंडल-बोर्ड एवं विकास प्राधिकरणों के नवनियुक्त अध्यक्ष एवं उपाध्यक्षों ने बुधवार को मुख्यमंत्री निवास पर हुए गरिमामय समारोह में अभिनंदन कर आभार जताया। अभिनंदन समारोह में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री चेतन्य कुमार काश्यप भी उपस्थित थे। समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. यादव का मध्यप्रदेश राज्य वन विकास निगम लिमिटेड के नवनियुक्त अध्यक्ष रामनिवास रावत, मध्यप्रदेश राज्य सहरिया विकास प्राधिकरण की नवनियुक्त अध्यक्षा श्रीमती गुड्डीबाई आदिवासी, मध्यप्रदेश राज्य नागरिक आपूर्ति निगम लिमिटेड के नवनियुक्त अध्यक्ष डॉ. कृष्णपाल सिंह यादव, निगम के उपाध्यक्ष संजीव कांकर, रतलाम विकास प्राधिकरण के नवनियुक्त अध्यक्ष मनोहर पोरवाल, प्राधिकरण के उपाध्यक्षद्वय गोविंद काकाणी एवं प्रवीण सोनी तथा मध्यप्रदेश राज्य मछुआ कल्याण बोर्ड के नवनियुक्त अध्यक्ष महेश केवट एवं अन्य जनप्रतिनिधियों ने आत्मीय स्वागत एवं अभिनंदन करके उन्हें जनकल्याण का सेवा दायित्व देने के लिए आभार ज्ञापित किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को जनप्रतिनिधियों द्वारा प्रतीक चिन्ह भी दिए गए।  

ब्योहारी तहसील के एसडीएम कार्यालय में लोकायुक्त का छापा ,15 हजार की रिश्वत लेते बाबू रंगे हाथ हुआ गिरफ्तार!

ब्योहारी  तहसील कार्यालय में भृत्य के पद पर पदस्थ रहते हुए बीर सिंह कर रहा था एसडीएम कार्यालय में पेशकार का काम। कई सालों से यहां पर था पदस्थ। बिना लिये दिए नहीं होता तहसील कार्यालय में किसी का कोई काम। तहसील कार्यालय में भ्रष्टाचार की लिखी जा  रही इवारत की खबरों की हो गई पुष्टि भ्रष्टाचार का गढ़ बना तहसील कार्यालय, पैसों के दम पर होते है फैसले। तहसील कार्यालय में हुई लोकायुक्त की दविश से मची खलबली। ब्यौहारी- भ्रष्टाचार के विरुद्ध रीवा लोकायुक्त की टीम ने आज एक बड़ी कार्यवाही करते हुए ब्यौहारी तहसील में अनुभागीय अधिकारी कार्यालय के बाबू पेशकार को रंगे हाथों रिश्वत लेते गिरफ्तार किया है। न्यायालयीन प्रकरण में पक्ष में फैसला सुनाने के नाम पर रिश्वत की मांग की गई थी। ​जमीनी विवाद के फैसले के बदले मांगी थी पंद्रह हजार की घूंस। ​मिली जानकारी अनुसार, तहसील कार्यालय के अनुभागीय अधिकारी कार्यालय में कार्यरत लिपिक वीर सिंह जो भृत्य के पद पर पदस्थ रहते हुए यहां सालों से पेशकार का काम करता रहा है। जिसने एक जमीनी विवाद के मामले में निर्णय पीड़ित पक्ष के हक में करने के एवज में रिश्वत की मांग की थी। आरोपी बाबू ने शिकायतकर्ता को धमकी भी दी थी कि यदि पैसे नहीं दिए, तो वह मामले का निर्णय दूसरे पक्ष संपत जायसवाल के समर्थन में करवा देगा। ​20 हजार में तय हुआ था सौदा। ​शिकायतकर्ता अंकिता जायसवाल पति सुरेश जायसवाल ने इस मामले की शिकायत लोकायुक्त रीवा से की थी। बताया जा रहा है कि एसडीएम के बाबू वीर सिंह ने शुरुआत में 20 हजार रुपये की मांग की थी, लेकिन बाद में मामला 15,000/- रुपये में तय हुआ। ​लोकायुक्त रीवा की कार्यवाही ​शिकायत की पुष्टि होने के बाद लोकायुक्त की बारह सदस्यी टीम ने जाल बिछाया और तहसील के एसडीएम कार्यालय में जैसे ही शिकायतकर्ता ने रिश्वत की रकम बाबू वीर सिंह को दी, टीम ने उसे मौके पर ही रंगे हाथ दबोच लिया।  लोकायुक्त की टीम फिलहाल भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्यवाही कर रही है।

क्रिकेट में धमाल: शहडोल की रीना ने WMPL टीम में बनाई जगह, भोपाल बुल्स की नजर

शहडोल / भोपाल   मध्य प्रदेश के शहडोल जिले की पहचान अब गर्ल्स क्रिकेट की नर्सरी के तौर पर भी होने लगी है. क्योंकि यहां से कई लड़कियां क्रिकेट में कमाल कर रही हैं. पूजा वस्त्रकार जहां भारतीय टीम तक का सफर तय कर चुकी हैं, तो वहीं पूनम सोनी जैसी लड़कियां भी हैं जो क्रिकेट में बड़ा कमाल कर चुकी हैं. अब रीना यादव जैसी लड़कियां हैं जिनके घर की आर्थिक स्थिति भले ही बेहतर नहीं है. लेकिन अपने सपने को साकार करने के लिए वो लगातार कड़ी मेहनत कर रही हैं और सफलता हासिल कर रही हैं।  मेहनत से मंज़िल पाने की ज़िद कहते हैं सही दिशा में किया गया हार्ड वर्क एक दिन मंजिल जरूर दिला देता है. रीना यादव की कहानी भी कुछ ऐसी ही है, जिनके घर की घरेलू परिस्थितियों बहुत बेहतर नहीं हैं. पिता ऑटो चलाकर घर को संभाल रहे हैं. लेकिन बेटी का सपना था कि उन्हें क्रिकेटर बनना है और इसीलिए उन्होंने क्रिकेट खेलने की शुरुआत कर दी. और धीरे-धीरे कड़ी मेहनत और हार्ड वर्क से आज रीना यादव मध्य प्रदेश के सीनियर टीम तक का सफर तय कर ही चुकी हैं।   उन्हें हाल ही में विमेंस मध्य प्रदेश प्रीमियर लीग WMPL की टीम में चुना गया है. जिसके बाद वो एक बार फिर से सुर्खियों में आ गई हैं. रीना यादव बताती है कि, ''वो मध्य प्रदेश एसोसिएशन की खिलाड़ी हैं और उनका सिलेक्शन अभी हाल ही में WMPL के लिए भोपाल बुल्स की टीम में हुआ है. पिछले साल उन्हें बुंदेलखंड बुल्स की टीम ने चुना था।  कैसे हुई क्रिकेट की शुरुआत रीना यादव बताती हैं कि, ''वो शहडोल जिले के बुढार के पास रुंगटा कॉलोनी की रहने वाली हैं और उन्हें बचपन से क्रिकेट खेलने का शौक था. इसी में वो अपना करियर बनाना चाहती थी. पेरेंट्स भी उनके काफी सपोर्टिव थे और उनके हर फैसले का समर्थन कर रहे थे. यही उनकी सबसे बड़ी ताकत थी जिसकी वजह से आज वह अपने क्रिकेट करियर के लिए आगे बढ़ पा रही है और नई मंजिल को अचीव कर रही हैं।  रीना यादव बताती हैं कि, ''उन्होंने शहडोल क्रिकेट अकादमी में भी क्रिकेट सीखा फिर इसके बाद उनका सिलेक्शन शिवपुरी के महिला क्रिकेट अकादमी में हो गया जहां वो अभी भी सीख रही हैं. सब कुछ अच्छा चल रहा है, शिवपुरी में रहती हैं तो वहां महिला क्रिकेट अकादमी में ट्रेनिंग कर रही हैं. कभी- कभी शहडोल आने पर यहां भी ट्रेनिंग करती हैं. इस तरह से वो अपने क्रिकेट में बेहतर करने की कोशिश में डटी हुई हैं।  रीना यादव के अचीवमेंट्स शहडोल क्रिकेट अकादमी के कोच सोनू रॉबिंसन बताते हैं कि, ''रीना यादव 10 साल से शहडोल संभाग के लिए क्रिकेट खेल रही हैं. रीना को पहली बार स्कूल गेम्स में देखा गया था जिसके बाद उन्हें शहडोल क्रिकेट अकादमी प्रैक्टिस के लिए बुलाया गया था. पहले वो हफ्ते में तीन-चार दिन आती थी, कुछ साल तक तो वहीं से उन्होंने अप डाउन किया लेकिन इसके बाद अपने मामा के यहां रहने लगीं. शहडोल में ही उन्होंने क्रिकेट की रेगुलर शुरुआत कर दी. इसके बाद रीना यादव का सफर यहीं नहीं थमा।  अपनी हार्ड वर्क और कड़ी मेहनत के दम पर रीना ने मध्य प्रदेश से अंडर-19, अंडर 23 और सीनियर ग्रुप को रिप्रेजेंट किया है. इस बार उनके परफॉर्मेंस के आधार पर मध्य प्रदेश के WMPL में जो वूमेंस का दूसरा संस्करण है भोपाल बुल्स की टीम ने उन्हें अपनी टीम में रखा है. रीना यादव राइट हैंड बैट्समैन हैं और पार्ट टाइम ऑफ स्पिन भी करती हैं. उनमें बहुत काबिलियत है, उन्हें बेहतर मंच मिला है, अब उनके पास एक अच्छा मौका है अपने टैलेंट को दिखाने का।  शहडोल बना गर्ल्स क्रिकेट की नर्सरी देखा जाए तो शहडोल जिला गर्ल्स क्रिकेट की नर्सरी है क्योंकि यहां से कई लड़कियां हैं जो मध्य प्रदेश के अलग-अलग एज ग्रुप की टीम से खेल रही हैं. अभी हाल ही में कई लड़कियां WMPL के लिए जो सिलेक्ट हुई हैं, उसमें शहडोल संभाग से भी कई लड़कियां शामिल हैं. पूजा वस्त्रकार जैसे खिलाड़ी भारतीय टीम से खेल चुकी हैं. पूनम सोनी मध्य प्रदेश से तो खेल ही चुकी हैं. इसके अलावा अब वो क्रिकेट के दम पर रेलवे में नौकरी भी कर रही हैं और रेलवे की टीम से भी खेल रही हैं. इसके अलावा भी कई ऐसी लड़कियां हैं, जो लगातार क्रिकेट में कमाल कर रही हैं और अपने टैलेंट से सभी का ध्यान खींच रही हैं। 

MP Metro ट्रेनों में अब बर्थडे और प्री-वेडिंग का मजा, सस्ती बुकिंग के साथ जश्न संभव

इंदौर/भोपाल   मध्य प्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (MPMRCL) ने एक पहल शुरू की है, जिसके तहत मेट्रो ट्रेनों और स्टेशन परिसर में बर्थडे पार्टी, प्री-वेडिंग शूट, फिल्म की शूटिंग और अन्य सामाजिक-सांस्कृतिक कार्यक्रमों की अनुमति दी जाएगी। यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है, जब इंदौर और भोपाल में मेट्रो सेवाओं में यात्रियों की संख्या उम्मीद से कम है। MPMRCL ने बताया कि 'सेलिब्रेशन्स ऑन व्हील्स' पहल के तहत, मेट्रो कोच और चुनिंदा स्टेशन क्षेत्रों का उपयोग विभिन्न रचनात्मक और सामाजिक गतिविधियों के लिए किया जाएगा, बशर्ते निर्धारित शुल्क और सुरक्षा नियमों का पालन किया जाए। MPMRCL के प्रबंध निदेशक एस. कृष्णा चैतन्य ने कहा, "सेलिब्रेशन्स ऑन व्हील्स पहल इंदौर और भोपाल की जीवंत संस्कृति, तेजी से बढ़ते शहरी वातावरण और नागरिकों की बदलती जीवनशैली को ध्यान में रखते हुए शुरू की गई है।" उन्होंने कहा, "यह मेट्रो को जनता के करीब लाने का एक प्रयास है, जिससे लोग मेट्रो के सुरक्षित और आधुनिक वातावरण में अपने खास मौकों का जश्न मना सकें। इससे मेट्रो सेवाएं नागरिकों के दैनिक जीवन का एक अभिन्न अंग बन जाएंगी।" सुरक्षा और अनुशासन को ध्यान में रखते हुए कुछ पाबंदियां भी तय की गई हैं. मेट्रो परिसर में शराब, बीड़ी-सिगरेट और पटाखों पर पूरी तरह मनाही रहेगी. आयोजन में शामिल होने से पहले सभी लोगों की स्टेशन पर जांच की जाएगी।  पिछले साल शुरू हुई थी भोपाल मेट्रो भोपाल मेट्रो का उद्घाटन 20 दिसंबर 2025 को हुआ था और 21 दिसंबर से इसे आम यात्रियों के लिए खोला गया था. शुरुआती दिनों में यात्रियों की अच्छी खासी तादाद देखने को मिली, लेकिन वक्त के साथ फुटफॉल में गिरावट आई. ऐसे में अब मेट्रो एडमिनिस्ट्रेश ने कमाई बढ़ाने के लिए यह नया प्रयोग शुरू किया है।