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मुख्यमंत्री डॉ. यादव की यूएई के विदेश व्यापार राज्यमंत्री डॉ. ज़ेयूदी से चर्चा

दुबई यात्रा का दूसरा दिन समग्र आर्थिक साझेदारी समझौता (CEPA) से बढ़ेगा भारत-यूएई व्यापार, मध्यप्रदेश बना सहयोग का नया केंद्र मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश देश का अग्रणी सोयाबीन, दाल और जैविक उत्पादक राज्य  मुख्यमंत्री डॉ. यादव की यूएई के विदेश व्यापार राज्यमंत्री डॉ. ज़ेयूदी से चर्चा भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दुबई में एक महत्वपूर्ण बैठक के दौरान यूएई के विदेश व्यापार राज्य मंत्री डॉ. थानी बिन अहमद अल ज़ेयूदी के साथ भारत-यूएई समग्र आर्थिक साझेदारी समझौते (CEPA) के तहत आर्थिक और औद्योगिक सहयोग को विस्तार देने पर गहन चर्चा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारत-यूएई CEPA एक मजबूत आर्थिक आधार प्रदान करता है, और मध्यप्रदेश इस साझेदारी का पूर्ण लाभ उठाकर निवेश, व्यापार, और तकनीकी सहयोग के नए द्वार खोलने के लिए तैयार है। मध्यप्रदेश: निवेश का नया वैश्विक केंद्र मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश भौगोलिक स्थिति, उन्नत बुनियादी ढांचे और बेहतर उद्योग नीति समर्थन ने इसे लॉजिस्टिक्स, मैन्युफैक्चरिंग और खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में एक उभरते निवेश गंतव्य के रूप में स्थापित किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विशेष रूप से ऑटोमोबाइल, फार्मा, टेक्सटाइल, रक्षा विनिर्माण और स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्रों में यूएई के निवेश का स्वागत किया। खाद्य और कृषि तकनीक में सहयोग मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश देश का अग्रणी सोयाबीन, दाल और जैविक उत्पादक राज्य है। उन्होंने खाद्य प्रसंस्करण और कृषि-तकनीक में यूएई के साथ मिलकर काम करने की इच्छा जताई, जिससे भारत और खाड़ी देशों के बीच कृषि आपूर्ति श्रृंखला को सशक्त किया जा सके। अक्षय ऊर्जा और स्मार्ट टेक्नोलॉजी में भागीदारी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यूएई के विदेश व्यापार राज्य मंत्री डॉ. जेयूदी को सौर ऊर्जा, स्मार्ट ऑटोमेशन, एम्बेडेड इलेक्ट्रॉनिक्स और इंडस्ट्री 4.0 जैसे क्षेत्रों में यूएई की विशेषज्ञता को आमंत्रित किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि मध्यप्रदेश में तेजी से विकसित हो रही नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाएं यूएई के निवेशकों के लिए निवेश का आकर्षक अवसर हैं। प्लग-एंड-प्ले औद्योगिक पार्क और क्लस्टर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जानकारी दी कि धार में पीएम मित्रा पार्क (वस्त्र), तामोट और बिलौआ में प्लास्टिक पार्क, उज्जैन में मेडिकल डिवाइस पार्क, पीथमपुर में ऑटो, भोपाल में इलेक्ट्रॉनिक्स, और देवास में फार्मा क्लस्टर यूएई के निवेशकों के लिए तैयार हैं, जहां अधोसंरचना के साथ मध्यप्रदेश सरकार की उद्योग मित्र पॉलिसी उनका स्वागत करने के लिये तैयार है। मानव संसाधन और कौशल विकास मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि सिंगापुर के सहयोग से भोपाल स्थित “ग्लोबल स्किल पार्क”, विकसित हो रहा है। यह पार्क लॉजिस्टिक्स, हॉस्पिटैलिटी, हेल्थकेयर और मेकाट्रॉनिक्स जैसे क्षेत्रों में प्रशिक्षित मानव संसाधन उपलब्ध कराएगा जो यूएई की आवश्यकताओं के अनुरूप होगा। पर्यटन, खनिज और फार्मा में संभावनाएं मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि मध्यप्रदेश की पर्यटन क्षमता, खनिज संपदा (हीरा, तांबा, बॉक्साइट, चूना पत्थर), और WHO-GMP व USFDA प्रमाणित फार्मा इकाइयाँ अंतरराष्ट्रीय निवेशकों के लिए सुनहरा अवसर प्रदान करती हैं। UAE-केंद्रित निवेश नीति मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि मध्यप्रदेश में निवेश आकर्षित करने के लिये राज्य की नवीन औद्योगिक नीति 2025 में कई अहम बदलाव किए गए हैं। यूएई जैसे रणनीतिक साझेदारों के लिए रियायती भूमि, 100% SGST प्रतिपूर्ति और पूंजीगत अनुदान जैसे विशेष प्रावधान किये गये हैं जो मध्यप्रदेश के साथ निवेश को सशक्त बनाती है। I2U2 सहयोग की दिशा में कदम मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश को I2U2 (इंडिया, इज़राइल, यूएई और अमेरिका) की रणनीतिक साझेदारी के तहत क्लीन टेक्नोलॉजी, फूड कॉरिडोर और इंडस्ट्रियल इनोवेशन क्षेत्रों में पायलट प्रोजेक्ट्स के लिये उपयुक्त बताया। यह बैठक न केवल भारत-यूएई CEPA को धरातल पर उतारने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल थी, बल्कि मध्यप्रदेश को वैश्विक निवेश मानचित्र पर एक निर्णायक भूमिका में स्थापित करने की ओर बढ़ता कदम भी साबित हुई है।  

भोपाल से लखनऊ के लिए पहली वंदे भारत ट्रेन अक्टूबर में होगी शुरू, जानिए रूट और टाइमिंग

भोपाल  मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल और उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के बीच वंदे भारत एक्सप्रेस चलाने की तैयारी पूरी हो गई है। भोपाल से लखनऊ के बीच चलने वाली इस हाईस्पीड ट्रेन के कोच अलॉट हो चुके हैं और अगस्त के पहले हफ्ते में भोपाल को ये रैक मिलने वाले हैं। अगस्त में ट्रायल, अक्टूबर तक शुरू होगा संचालन मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार वंदे भारत एक्सप्रेस के कोच अगस्त में आते ही ट्रायल शुरू कर दिया जाएगा। करीब 15 दिनों तक ट्रेन का ट्रायल रन चलेगा। इसके बाद सितंबर के अंत या अक्टूबर के पहले हफ्ते में भोपाल-लखनऊ के बीच इस ट्रेन का रेगुलर संचालन शुरू कर दिया जाएगा। भोपाल से पटना तक भी सुविधा इस वंदे भारत का फायदा भोपाल से पाटलिपुत्र यानी पटना की ओर जाने वाले यात्रियों को भी मिलेगा। अभी भोपाल से पटना के लिए हफ्ते में सिर्फ एक ही ट्रेन है। वंदे भारत शुरू होने से अब इस रूट पर यात्रियों को और विकल्प मिल जाएगा। पहले सिटिंग, फिर स्लीपर क्लास की सुविधा मिलेगी अधिकारियों ने बताया कि शुरुआत में सिर्फ चेयर कार यानी बैठने वाले कोच चलाए जाएंगे। लेकिन आगे चलकर स्लीपर क्लास वंदे भारत भी इस रूट पर चलाई जाएगी, जिससे रात के सफर में यात्रियों को ज्यादा आराम मिलेगा। रानी कमलापति स्टेशन तैयार, पिट लाइन भी बन चुकी है भोपाल के रानी कमलापति रेलवे स्टेशन पर वंदे भारत के लिए खास तैयारी की गई है। यहां तीसरी पिट लाइन का काम पूरा हो गया है और ट्रेन के मेंटेनेंस के लिए आरओएच शेड भी बनाया जा रहा है। जर्मन कंपनी लिंक हाफमैन बुश की तकनीक से लैस इस शेड में कोचों की मेंटेनेंस आसानी से हो सकेगी। सिर्फ 7 घंटे में भोपाल से लखनऊ अभी भोपाल से लखनऊ के बीच करीब 590 किलोमीटर की दूरी तय करने में 9 से 11 घंटे का वक्त लग जाता है। क्योंकि इस रूट पर एक ही ट्रेन हफ्ते में 3 दिन चलती है, तो यात्रियों को भारी वेटिंग और परेशानी झेलनी पड़ती है। वंदे भारत के शुरू होते ही ये सफर सिर्फ 7 से 8 घंटे में पूरा हो सकेगा। लंबे इंतज़ार के बाद बड़ी राहत भोपाल-लखनऊ वंदे भारत एक्सप्रेस कई सालों से मांग में थी। अब जब इसकी शुरुआत का रास्ता साफ हो गया है, तो यह हजारों यात्रियों के लिए राहत की खबर है। रेल सूत्रों के मुताबिक शुरुआत में सिटिंग वंदे भारत एक्सप्रेस चलाई जाएगी, जिसमें चेयरकार और एग्जीक्यूटिव क्लास की सुविधा होगी। इसके बाद नवंबर तक स्लीपर वर्जन की शुरुआत की जा सकती है, जिसका निर्माण चेन्नई में किया जा रहा है। संभावित मार्ग व संचालन समय भोपाल-लखनऊ वंदे भारत एक्सप्रेस अक्टूबर के पहले या दूसरे सप्ताह में शुरू की जाएगी। ट्रेन का रैक सितंबर की शुरुआत में भोपाल पहुंचेगा, जिसके बाद 10 से 15 दिन का ट्रायल रन किया जाएगा। ट्रायल के सफल रहने और रेलवे बोर्ड की अनुमति मिलने के बाद इसका नियमित संचालन शुरू कर दिया जाएगा। संभावित मार्ग में भोपाल, विदिशा, बीना, झांसी और कानपुर सेंट्रल जैसे प्रमुख स्टेशन शामिल किए जा सकते हैं। भोपाल से पाटलिपुत्र और भोपाल- लखनऊ वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन के लिए अगस्त  मिलेंगे कोच  भोपाल से पाटलिपुत्र और भोपाल- लखनऊ वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन के लिए अगस्त में रैक मिल सकते हैं। रैक आने के बाद 10 से 15 दिन के ट्रायल रन के बाद सितंबर के अंतिम या अक्टूबर के पहले हफ्ते यह ट्रेन शुरू की जा सकती है।  आगे की प्रक्रिया के लिए रेल मंत्रालय के आदेश का इंतजार है। भोपाल से पटना के लिए आमतौर पर साप्ताहिक छोड़कर अन्य कोई ट्रेन नियमित तौर पर नहीं चलती। इसी तरह भोपाल से लखनऊ के लिए चलने वाली भोपाल-लखनऊ- प्रतापगढ़ सप्ताह में तीन दिन ही है। इन दोनों ही स्थानों के लिए स्लीपर श्रेणी में 50 से 100 के बीच वेटिंग अक्सर रहती है। इसी तरह एसी 3 श्रेणी में भी वेटिंग के हालात बने रहते हैं। इन्हें देखते हुए रेल मंत्रालय ने करीब 3 साल पहले भोपाल से पाटलिपुत्र और लखनऊ के लिए वंदे भारत ट्रेन चलाने की घोषणा की थी। बताया जाता है कि सिटिंग श्रेणी की ट्रेन बेंगलुरू में बनाई जाती है। जबकि, स्लीपर श्रेणी की गाड़ी के कोच चेन्नई में बना रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि पहले सिटिंग श्रेणी की वंदे भारत का रैक मिलेगा। उसके कुछ दिन के भीतर स्लीपर श्रेणी की वंदे भारत मिल जाएगी। ट्रेन का रैक अलाट कर दिया गया है     भोपाल से लखनऊ के लिए वंदे भारत एक्सप्रेस अक्टूबर में शुरू की जा सकती है। ट्रेन का रैक अलाट कर दिया गया है। हालांकि, ट्रेन का शेड्यूल अभी रेलवे बोर्ड द्वारा जारी नहीं किया गया है। – नवल अग्रवाल, पीआरओ, भोपाल रेल मंडल    

भोपाल की बड़ी झील लबालब, भदभदा डैम के गेट खोलने की तैयारी में प्रशासन

भोपाल  नागरिकों के लिए राहत भरी खबर है। लगातार हो रही बारिश के चलते बड़ी झील का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। अगर इसी तरह बारिश का सिलसिला जारी रहा, तो जुलाई महीने के अंत तक भदभदा डैम के गेट खोले जा सकते हैं। रविवार दोपहर तक झील का जलस्तर 1660.10 फीट दर्ज किया गया, जबकि इसका फुल टैंक लेवल 1666.80 फीट है, जिस पर गेट खोले जाते हैं। नगर निगम ने संभावित स्थिति को ध्यान में रखते हुए भदभदा डैम पर दो इंजीनियरों की 24 घंटे की शिफ्ट में ड्यूटी लगा दी है। ये इंजीनियर लगातार झील के जलस्तर की निगरानी कर रहे हैं और पल-पल की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को दे रहे हैं। यह स्थिति न केवल पर्यावरणीय दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है, बल्कि जल आपूर्ति के लिए भी फायदेमंद साबित होगी। भोपाल सहित पूरे प्रदेश में मानसून सक्रिय है और कई डैम पहले ही ओवरफ्लो हो चुके हैं। भोपाल में भी रोजाना अच्छी बारिश दर्ज की जा रही है, जिससे जलस्रोतों में भरपूर पानी एकत्र हो रहा है। यदि बारिश का यही रुख बना रहा, तो कुछ ही दिनों में बड़ी झील का जलस्तर फुल टैंक लेवल को छू सकता है, जिससे भदभदा डैम के गेट खोलने की नौबत आ सकती है। कोलांस नदी के कैचमेंट एरिया में अच्छी बारिश से भर रही झील वाटर वर्क्स के इंजीनियर अजय सिंह सोलंकी के मुताबिक, झील के जलस्तर में बढ़ोतरी का मुख्य कारण कोलांस नदी के कैचमेंट एरिया में हो रही भारी बारिश है। यह नदी मुख्यतः सीहोर जिले से बहती है और इसका पानी राजधानी की बड़ी झील तक पहुंचता है। पिछले एक सप्ताह से इसी कारण झील के जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। तिघरा समेत कई डैम उफान पर, एमपी में रेड अलर्ट   मौसम विभाग (IMD) ने मध्यप्रदेश में रेड अलर्ट जारी किया है, अगले 24 घंटों में कई जिलों में अत्यधिक बारिश होने की संभावना है. ग्वालियर स्थित तिघरा (Tigra) डैम का जलस्तर अब 737.80 फिट तक पहुंच चुका है, जो इसकी अधिकतम क्षमता 740 फ़ीट के बेहद करीब है. यदि बारिश इसी गति से जारी रही, तो डैम के तीनों गेट खोलने पड़ेंगे. इसकी आशंका के कारण, प्रशासन ने ग्राम तिघरा, कैथा, तालपुरा, महिदपुर, पृथ्वीपुर, कुलैथ, अगरा भटपुरा, दुगनावली, तिलघना (ग्वालियर) और पहाड़ी, जखौदा, बानमोर (मुरैना) को अलर्ट घोषित कर मुनादी की है. लोगों को नदी के किनारे और निचले इलाकों में जाने से मना किया गया है. भारी बारिश से बाढ़ की आशंका, तिघरा समेत कई डैम उफान पर, एमपी में रेड अलर्ट मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों में भारी बारिश की चेतावनी दी है. मौसम विभाग ने मध्य प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है. रीवा, सतना और जबलपुर में मूसलाधार बारिश की संभावना है, जबकि इंदौर, मंदसौर, सागर और छिंदवाड़ा में भी भारी वर्षा का अनुमान है. इस दौरान तेज हवाओं और बिजली गिरने की चेतावनी भी दी गई है. प्रशासन ने निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सावधानी बरतने और राहत शिविरों की व्यवस्था शुरू कर दी है. भारी से अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी मौसम विभाग ने ग्वालियर-चंबल, जबलपुर, रीवा, सागर, इंदौर, उज्जैन और होशंगाबाद संभागों के लिए भारी से अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी दी है. प्रशासन ने संबंधित जिलों को रेड अलर्ट पर रखा है और नदी-नालों के आसपास बसे गांवों में सतर्कता के निर्देश जारी किए हैं. अगले 24 से 48 घंटे प्रदेश के लिए संवेदनशील माने जा रहे हैं. मौसम विभाग ने 15 जुलाई तक भारी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना जताई है. तिघरा डैम का जलस्तर खतरे के निशान को पार ग्वालियर-चंबल संभाग में बारिश का सबसे ज्यादा असर देखा जा रहा है. तिघरा डैम का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर गया है और इसे किसी भी वक्त खोला जा सकता है. डैम के आसपास के गांवों – कैथा, कुलैथ, तालपुरा, और पृथ्वीपुर समेत दर्जनों बस्तियों में बाढ़ की आशंका जताई गई है. जिला प्रशासन ने SDRF और नगर निगम की टीमें अलर्ट पर रखी हैं और गांवों में मुनादी करवाई जा रही है. रीवा, सागर और जबलपुर में भारी बारिश उधर रीवा और सागर संभाग में भी बारिश का जोर बना हुआ है. खेतों में जलजमाव और ग्रामीण इलाकों में कच्चे मकानों पर खतरा गहराने लगा है. कई जगहों पर दीवारें गिरने की घटनाएं सामने आई हैं. प्रशासन ने इन क्षेत्रों में लोगों से सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है. जबलपुर में अत्यधिक बारिश के आसार हैं. नर्मदा समेत सभी प्रमुख नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है. चेतावनी के तहत निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने को कहा गया है. घाटों और तटीय इलाकों में जाने से मना किया गया है. इंदौर, उज्‍जैन, मंदसौर, छिंदवाड़ा और नर्मदापुरम में बारिश का कहर इंदौर, उज्जैन और मंदसौर में गरज-चमक के साथ तेज बारिश का दौर जारी है. इन इलाकों में कई जगहों पर सड़कें पानी में डूब गई हैं और ट्रैफिक प्रभावित हुआ है. उज्जैन और रतलाम के पिकनिक स्पॉट्स और झरनों पर लोगों की भीड़ को रोकने के लिए पुलिस तैनात की गई है. छिंदवाड़ा और होशंगाबाद संभाग में भी मौसम विभाग ने भारी बारिश की चेतावनी दी है. तवा, डेनवा और अन्य नदियों में जलस्तर लगातार बढ़ रहा है. ग्रामीण इलाकों में कुछ स्कूल बंद कर दिए गए हैं और प्रशासन ने एहतियातन लोगों को उफनते नालों से दूर रहने की सलाह दी है. बड़ी झील के जलस्तर में हो रही बढ़ोतरी     बड़ी झील के जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। कोलांस नदी के कैचमेंट में अच्छी बारिश हो रही है। इसका फायदा बड़ी झील को मिल रहा है। – उदित गर्ग, अधीक्षण यंत्री, जलकार्य शाखा  

पाठ्यक्रम में होगा बड़ा बदलाव, छात्रों को सिखाई जाएगी अपने राज्य की विरासत और भूगोल

भोपाल  मध्य प्रदेश के स्कूल शिक्षा विभाग के पाठ्यक्रमों में बदलाव किया जाएगा। इसकी तैयारी शुरू कर दी गई है। कहा जा रहा है कि राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) के पाठ्यक्रम पर फोकस होने की वजह से स्कूलों के विद्यार्थियों को प्रदेश के इतिहास, भूगोल, संस्कृति और सामाजिक-आर्थिक ढांचे की पर्याप्त जानकारी नहीं मिल पाती। ऐसे में तय हुआ है कि पाठ्यक्रम का 25 से 30 प्रतिशत हिस्सा मध्य प्रदेश के इतिहास, भौगोलिक-सांस्कृतिक और सामाजिक-आर्थिक परिवेश पर केंद्रित रहेगा। दरअसल, मध्य प्रदेश के स्कूलों में भाषा को छोड़कर अन्य सभी विषयों में एनसीईआरटी का पाठ्यक्रम चलता है। अब प्रदेश के स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने विभाग के अधिकारियों को एनसीईआरटी के लिए पत्र लिखकर इस योजना के मुताबिक बदलाव करने की अनुमति मांगने के निर्देश दिए हैं। मंत्री ने यह निर्देश हाल में हुई नई शिक्षा नीति 2020 की टास्क फोर्स समिति की बैठक में दिए। मंत्री ने कहा कि प्रदेश की स्कूली शिक्षा में भी प्रदेश का इतिहास, धरोहर, सांस्कृतिक विरासत समेत अन्य स्थानीय पाठ्यक्रम शामिल होना चाहिए। एनसीईआरटी की पुस्तकों में 25 से 30 प्रतिशत पाठ्यक्रम मध्य प्रदेश का होना चाहिए। एनसीईआरटी से अनुमति मिलने के बाद पाठ्यक्रम समिति स्थानीय स्तर का पाठ्यक्रम प्रदेश की स्कूली शिक्षा की किताबों में शामिल करेंगे। नए पाठ्यक्रम को राज्य शैक्षिक अनुसंधान परिषद (एससीईआरटी) की ओर से तैयार किया जाएगा। एससीईआरटी एकल इकाई बनेगी राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) को मजबूत किए जाने के लिए संचालक की अध्यक्षता में कमेटी गठित की जाएगी। यह एकल इकाई के रूप में कार्य करेगी। इसके लिए एससीईआरटी को मजबूत करना होगा। अब बच्चे पढ़ेंगे अपने वीरों की कहानियां स्कूल एजुकेशन में नया अध्याय शुरू हो गया है. अब कक्षा 1 से 5 तक के बच्चों को महाराणा प्रताप, वीर दुर्गादास, शिवाजी और दयानंद सरस्वती जैसे महान व्यक्तियों की कहानियां पढ़ाई जाएंगी. इस नए सिलेबस का मकसद बच्चों में अपने राज्य के गौरवशाली इतिहास और संस्कृति के प्रति गर्व और आत्मविश्वास पैदा करना है. राजस्थान सरकार ने नई पीढ़ी को अपनी ऐतिहासिक जड़ों से जोड़ने के लिए शिक्षा क्षेत्र में एक बड़ा बदलाव करने का फैसला लिया है. अब कक्षा 1 से 5 तक के छात्रों को एक नया सिलेबस पढ़ाया जाएगा जिसमें राज्य के गौरवशाली इतिहास, संस्कृति और महापुरुषों के योगदान को प्रमुखता दी गई है. यह बदलाव 2025-26 के नए शैक्षणिक सत्र से लागू किया जाएगा. आइए जानें School Syllabus Change के बारे में विस्तार से.

चिकित्सा सेवाओं के सुदृढ़ीकरण के लिए अधोसंरचना विकास और मानव संसाधन उपलब्धता समयसीमा में हो : उप मुख्यमंत्री शुक्ल

  उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में दिए निर्देश भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने मंत्रालय में प्रदेश के चिन्हित चिकित्सा महाविद्यालयों में ऑन्को सर्जरी विभाग की स्थापना के प्रस्तावित कार्यों की समीक्षा की और आवश्यक संसाधनों की व्यवस्था एवं विशेषज्ञ मानव संसाधन की उपलब्धता समय से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उप मुख्यमंत्री ने ग्वालियर चिकित्सा महाविद्यालय में सीटीवीएस (हृदय बायपास सर्जरी) विभाग की स्थापना हेतु प्रक्रियागत कार्यवाही को गति देने पर बल दिया। उन्होंने इंदौर चिकित्सा महाविद्यालय में पीडियाट्रिक मेडीसिन एवं नियोनैटोलॉजी विभाग की स्थापना कार्य को भी प्राथमिकता से पूर्ण करने के निर्देश दिए। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कर्मचारी चयन मंडल के माध्यम से नर्सिंग पदों पर सीधी भर्ती प्रक्रिया प्रारंभ करने के लिए नियमों में आवश्यक संशोधन कर भर्ती मांग पत्र शीघ्र प्रेषित करने के निर्देश दिए। बैठक में मेडिकल कॉलेजों में कैथ लैब की स्थापना के कार्यों की समीक्षा कर उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने आवश्यक निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि प्राथमिकता से कार्यवाही करें, जिससे हृदय रोगियों को सुलभ उपचार मिल सके। उन्होंने अत्याधुनिक चिकित्सकीय उपकरण खरीदी के कार्यों की समीक्षा की और समस्त औपचारिकताओं की समय से पूर्ति कर समयबद्ध रूप से प्रक्रिया पूर्ण करने के निर्देश दिए। प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा संदीप यादव तथा आयुक्त चिकित्सा शिक्षा तरुण राठी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।  

स्मार्ट मीटर से बिल कम करना अपने हाथ में है, गुना के घरेलू स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं ने बताए फायदे

भोपाल मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी की पहल पर पूरे कंपनी कार्यक्षेत्र के 16 जिलों में घरेलू स्मार्ट मीटर लगाने का काम तीव्र गतिसे चल रहा है। गुना वृत्त में लगभग तीन माह पहले लगाए जा चुके स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं से बातचीत में अनेक सकारात्मक पहलू सामने आए है। अधिकतर उपभोक्ताओं ने फायदा होने की बात कही है। गुना शहर के उपभोक्ता श्री विष्णु धाकड़ ने बताया कि उनके यहां दो महीने पहले स्मार्ट मीटर लगा था, शुरू में उन्हें डर था कि कहीं स्मार्ट मीटर से बिल तो अधिक नहीं आएगा लेकिन जैसे ही अगले महीने बिल आया तो देखा कि कहीं कोई ऐसी गड़बड़ी नहीं आई। इस महीने 80 रुपये बिल आया है, जिसे जमा भी कर दिया है। इसी तरह एक और उपभोक्ता श्री देवीदयाल ने बताया कि उनके यहां उनकी सहमति से स्मार्ट मीटर लगाया गया है। उन्होंने बताया कि इस महीने उनका बिल कम ही आया है। मीटर से किसी तरह की कोई परेशानी नहीं है, बल्कि अब तो एप के माध्मय से हम अपने घर के बिजली उपयोग को भी नियंत्रित करना सीख गए हैं, क्योंकि उपकरणों  पर नियंत्रण करने से बिल में काफी कमी आई है। इसी तरह गुना के ही उपभोक्ता श्री अक्षय कुमार ने बताया कि स्मार्ट मीटर से कहीं कोई गलत बिल नहीं आया, हमारा बिल 550 रुपये आया है। रीडिंग लेने में कोई गड़बड़ी नहीं है, बल्कि अब तो अपने आप दूरसंचार प्रणाली से रीडिंग हो रही है और निर्धारित तिथि को सही रीडिंग का बिल मोबाइल पर दिया जा रहा है। उन्होंने भी कहा कि अब तो बिल कम करना अपने हाथ में है। दिन के टैरिफ में 20 प्रतिशत की छूट स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं जिसमें सार्वजनिक जल कार्य, स्ट्रीट लाइट और एलटी औद्योगिक उपभोक्ता शामिल हैं, के लिए ऑफ पीक/ सौर समय सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक की अवधि के दौरान उपभोग की गई ऊर्जा के लिए ऊर्जा प्रभार की सामान्य दर पर 20 प्रतिशत की छूट प्रदान की जा रही है। यह छूट 10 किलोवाट तक स्वीकृत लोड / अनुबंध मांग वाले उपभोक्ताओं को मिल रही है। घरेलू स्मार्ट मीटर के फायदे 1. ऊर्जा की खपत को ट्रैक करने और ऊर्जा की बचत करने में मदद करता है। 2. बिजली की खपत को सटीक रूप से मापता है, जिससे बिल में कोई गलती नहीं होती। 3. एप के जरिए मोबाइल पर रियल-टाइम डेटा देखकर ऊर्जा की खपत को नियंत्रित कर सकते हैं। 4. ऊर्जा की गुणवत्ता के बारे में जानकारी मिलती है, ताकि ऊर्जा की खपत को बेहतर बना सकते हैं। 5. ऊर्जा की खपत को कम करने से पर्यावरण पर पड़ने वाला प्रभाव कम होता है।  

मध्यप्रदेश पुलिस का जन-जागरूकता अभियान “नशे से दूरी – है जरूरी”

  15 से 30 जुलाई तक प्रदेशभर में चलेगा विशेष अभियान भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की प्रेरणा से प्रदेश को नशामुक्त बनाने की दिशा में मध्यप्रदेश पुलिस ने एक वृहद जन-जागरूकता अभियान "नशे से दूरी – है जरूरी"की शुरुआत की है। यह अभियान 15 से 30 जुलाई 2025 तक पूरे राज्य में संचालित किया जाएगा। पुलिस महानिदेशक श्री कैलाश मकवाणा के मार्गदर्शन में यह अभियान पुलिस मुख्यालय की नारकोटिक्स विंग द्वारा चलाया जा रहा है। अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (नारकोटिक्स)श्री के. पी. वेंकटेश्वर राव ने बताया कि इस अभियान का उद्देश्य किशोरों और युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराना, उन्हें इस लत से दूर रखना और जो लोग पहले से नशे की गिरफ्त में हैं, उन्हें उचित परामर्श और सहयोग प्रदान कर पुनर्वास की दिशा में मार्गदर्शन देना है। इस जन-जागरूकता अभियान में विभिन्न शासकीय विभाग, गैर-सरकारी संगठन (NGO), धर्माचार्य, समाजसेवी, जनप्रतिनिधि, और ग्राम एवं नगर सुरक्षा समितियाँ सक्रिय रूप से भाग लेंगी। समाज के सभी वर्गों के सहयोग से समाज के हर वर्ग तक संदेश पहुँचाया जाएगा कि नशा केवल व्यक्ति ही नहीं, पूरे समाज को प्रभावित करता है इससे दूरी रखना नितांत आवश्यक है। यह अभियान स्कूलों, कॉलेजों, सार्वजनिक स्थलों और डिजिटल माध्यमों के ज़रिए जन-जागृति फैलाने का कार्य करेगा।  

नर्मदापुरम में 3.0 गीगावॉट सोलर सेल यूनिट की तैयारी, 700 से अधिक रोजगार सृजन की संभावना- मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल  दुबई यात्रा के दूसरे दिन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से ग्रियू एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड के सीईओ एवं निदेशक विनय ठडानी और प्रतिनिधियों ने मुलाक़ात की। बैठक में नर्मदापुरम जिले में प्रस्तावित 3.0 गीगावॉट क्षमता की सोलर सेल परियोजना के लिए राज्य सरकार द्वारा प्रदान की जाने वाली अनुकूल औद्योगिक सहायता पर विस्तार से चर्चा हुई। यह महत्वाकांक्षी परियोजना न केवल अक्षय ऊर्जा क्षेत्र में प्रदेश की भागीदारी को सशक्त करेगी, बल्कि इससे 700 से अधिक लोगों को रोजगार मिलने की संभावनाएं भी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश में हरित ऊर्जा परियोजनाओं को आवश्यक प्रोत्साहन देने और उद्योगों को अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता दोहराई। यह परियोजना राज्य के पर्यावरणीय लक्ष्यों को मजबूती देने के साथ-साथ स्थानीय आर्थिक विकास को भी गति प्रदान करेगी। बैठक में यह भी स्पष्ट हुआ कि मध्यप्रदेश सतत ऊर्जा नवाचार का एक उभरता हुआ केंद्र बनता जा रहा है।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नव नियुक्त राज्यपालों को दी बधाई

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रो. आशिम कुमार घोष को हरियाणा, श्री पी. अशोक गजपति राजू को गोवा और श्री कविंद्र गुप्ता को लद्दाख का उपराज्यपाल नियुक्त होने पर हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोशल मीडिया 'एक्स' पर कहा कि निश्चित ही नवनियुक्त राज्यपाल और उपराज्यपाल के सुदीर्घ प्रशासनिक अनुभव का लाभ संबंधित राज्यों के विकास और लोक कल्याण को नई दिशा देने के लिए मिलेगा।

अत्यंत दुर्लभ घड़ियाल के 30 बच्चे और 36 बटागुर कछुए किये जप्त

स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स की बड़ी कार्रवाई भोपाल प्रधान मुख्य वन संरक्षक वन्य-जीव के निर्देश पर स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स मध्यप्रदेश द्वारा सूचना तंत्र विकसित कर क्षेत्रीय इकाई भोपाल, शिवपुरी के साथ संयुक्त रूप से कार्यवाही करते हुए सबलगढ़-मुरैना मार्ग पर घेराबंदी कर जौरा शहर थाने के पास 12 जुलाई को 3 व्यक्तियों से अत्यंत दुर्लभ प्रजाति के घड़ियाल के 30 बच्चे और 36 बटागुर कछुए जप्त करने में सफलता प्राप्त की है। विवरण में बताया गया कि फोर्स द्वारा वाहन रोककर तलाशी ली गयी, जिसमें सवार 3 व्यक्ति विजय पिता शाशिकांत गोंड निवासी थाटीपुर ग्वालियर, राजू आदिवासी पिता जगदीश निवासी मउरानीपुर जिला झांसी और रामवीर सिंह पिता शिव सिंह निवासी सूर्य बिहार कॉलोनी ग्वालियर के पास से अत्यंत दुर्लभ 30 घड़ियाल के बच्चे और 14 बटागुर कछुए की जप्ती की गयी। स्टेट टाइगर फोर्स द्वारा आरोपियों से पूछताछ के बाद आरोपी विजय गोंड के ग्वालियर स्थित निवास से 22 बटागुर कछुए जप्त किये गये। इन आरोपियों पर वन एक्ट के तहत कार्रवाई कर प्रकरण दर्ज किया है इसमें स्थानीय पुलिस एवं वन मण्डल मुरैना द्वारा भी सहयोग किया गया। इन तीनों आरोपियों को शिवपुरी न्यायालय में प्रस्तुत कर फारेस्ट रिमाण्ड पर लेकर पूछताछ की जायेगी। इन आरोपियों पर पूर्व में भी इस प्रकार के प्रकरण दर्ज हैं, जिस पर इन्हें सजा भी हो चुकी है। पूछताछ के दौरान बताया गया कि यह जलीय जीव कोलकाता के रास्ते बांग्लादेश भेजे जा रहे थे। प्रधान मुख्य वन संरक्षक वन्य-जीव ने बताया किजलीय जीव ग्वालियर की चंबल नदी में मुख्यत: पाये जाते हैं, जो अत्यंत दुर्लभ प्रजाति के हैं। केन्द्र एवं प्रदेश सरकार द्वारा इन्हें बचाने के प्रयास किये जा रहे हैं। इन संकटप्रद प्रजातियों का जलीय पारिस्थितिकी में अत्यंत महत्वपूर्ण योगदान है। अन्य देशों के अलावा मुख्यत: पश्चिमी यूरोपीय देश में इनकी भारी डिमाण्ड होने के कारण इनकी तस्करी की जाती है।