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राज्य स्तरीय समारोह में 850 विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति, CM ने शिक्षा पर दिया बड़ा संदेश

भोपाल  भोपाल के रवींद्र भवन में सोमवार को मध्यप्रदेश राज्य वक्फ बोर्ड का राज्य स्तरीय स्कॉलरशिप वितरण समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 850 मेधावी विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति प्रदान की। इस दौरान उन्होंने कहा कि शिक्षा ही युवाओं को आगे बढ़ाने और समाज की तस्वीर बदलने का सबसे बड़ा माध्यम है। कार्यक्रम में पढ़ो-पढ़ाओ, राष्ट्र निर्माण में भागीदार बनें का संदेश भी दिया गया। वक्ताओं ने कहा कि शिक्षा से ही समाज मजबूत होगा और युवा देश की प्रगति में अहम भूमिका निभाएंगे।  पहली बार राज्य स्तर पर दिया गया स्कॉलरशिप वितरण वक्फ बोर्ड के गठन के बाद पहली बार प्रदेश स्तर पर इतने बड़े पैमाने पर स्कॉलरशिप वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में बताया गया कि बोर्ड अब तक 1452 बच्चों को दोबारा शिक्षा से जोड़ चुका है। इनमें ऐसे छात्र भी शामिल हैं, जिन्होंने आर्थिक तंगी या सामाजिक परिस्थितियों के कारण पढ़ाई बीच में छोड़ दी थी। समारोह में मध्यप्रदेश राज्य वक्फ बोर्ड, कमेटी इंजामिया औकाफ-ए-अम्मा, औकाफ-ए-खास भोपाल और ताजुल मसाजिद से जुड़े पदाधिकारी भी मौजूद रहे। स्कॉलरशिप सिर्फ मदद नहीं, सपनों की उड़ान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि छात्रवृत्ति केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि बच्चों के सपनों को पूरा करने का जरिया है। उन्होंने विद्यार्थियों से पढ़-लिखकर डॉक्टर, इंजीनियर और दूसरे क्षेत्रों में आगे बढ़ने की अपील की। सीएम ने कहा कि शिक्षा इंसान को नई दिशा देती है और समाज को मजबूत बनाती है। उन्होंने रहीम के दोहे का उल्लेख करते हुए शिक्षा को जीवन की सबसे बड़ी ताकत बताया। सरकार भी देगी बराबर की सहायता राशि मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि जिन विद्यार्थियों को वक्फ बोर्ड की ओर से स्कॉलरशिप दी गई है, उन्हें राज्य सरकार भी उतनी ही सहायता राशि उपलब्ध कराएगी। उन्होंने कहा कि सरकार हर वर्ग के युवाओं को शिक्षा और रोजगार से जोड़ने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। वक्फ संपत्तियों से बढ़ेगी शिक्षा की मदद मुख्यमंत्री ने कहा कि नए वक्फ कानून लागू होने के बाद व्यवस्थाओं में सुधार आया है। वक्फ संपत्तियों का रिकॉर्ड तैयार किया जा रहा है और अवैध कब्जे हटाने की कार्रवाई भी चल रही है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन और सुधार के मामले में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो चुका है। सरकार का लक्ष्य है कि इन संपत्तियों की आय बढ़ाकर गरीब और जरूरतमंद बच्चों, खासकर बेटियों की शिक्षा में इस्तेमाल किया जाए। माफियाओं से संपत्तियां छुड़ाकर समाजहित में करेंगे उपयोग सीएम ने कहा कि वक्फ की जमीनों और संपत्तियों को अवैध कब्जों से मुक्त कराया जा रहा है। इन संपत्तियों से मिलने वाली आय को शिक्षा, स्कॉलरशिप और समाज कल्याण के कार्यों में लगाया जाएगा ताकि ज्यादा से ज्यादा विद्यार्थियों को लाभ मिल सके।  

Twisha Death Case में नई तारीख तय, सास की बेल याचिका पर 27 मई को होगी सुनवाई

भोपाल  भोपाल के बहुचर्चित त्विषा शर्मा की दहेज हत्या के अपराध में आरोपी सास तथा पूर्व भोपाल जिला व सत्र न्यायाधीश गिरिबाला सिंह को मिली अग्रिम जमानत के खिलाफ प्रदेश सरकार के साथ त्विषा शर्मा के पिता ने भी हाईकोर्ट की शरण ली है। हाईकोर्ट जस्टिस देवनारायण मिश्रा की एकलपीठ द्वारा दोनों याचिकाओं पर सोमवार को संयुक्त रूप से सुनवाई की गई।   याचिका की सुनवाई के दौरान गिरिबाला सिंह के अधिवक्ता की तरफ से बताया गया कि शिकायतकर्ता की तरफ से दायर याचिका की कॉपी उन्हें नहीं मिली है। एकलपीठ ने अनावेदिका गिरिबाला सिंह को याचिका की कॉपी उपलब्ध करवाने के निर्देश जारी करते हुए याचिका पर अगली सुनवाई 27 मई को निर्धारित की है। गौरतलब है कि प्रदेश सरकार की तरफ से भोपाल की पूर्व जिला व सत्र न्यायाधीश गिरिबाला सिंह को दहेज हत्या के अपराध में मिली अग्रिम जमानत याचिका निरस्त करने हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी। याचिका में कहा गया था कि वह जांच में सहयोग नहीं कर रही हैं। इसके अलावा जमानत का मिलने पर वह साक्ष्यों को प्रभावित कर सकती हैं। सॉलीसिटर जनरल तुषार मेहता ने एकलपीठ को बताया कि भोपाल की पूर्व सत्र व जिला न्यायाधीश की बहू त्विषा शर्मा की 12 मई को रात में संदिग्ध अवस्था में मौत हो गई थी। इसका पोस्टमार्टम 13 मई को हुआ था। उन्होने 14 मई को अग्रिम जमानत के लिए आवेदन किया था। उन्हें अगले दिन न्यायालय ने अग्रिम जमानत का लाभ मिल गया। सोमवार को याचिका की सुनवाई के दौरान अनावेदिका की तरफ से बताया गया कि प्रदेश सरकार की तरफ से दायर याचिका की कॉपी उन्हें मिल गई है। शिकायतकर्ता की तरफ से दायर याचिका की कॉपी उन्हें नहीं मिली है। एकलपीठ ने उक्त आदेश जारी करते हुए याचिका पर अगली सुनवाई बुधवार को निर्धारित की है। प्रदेश सरकार की तरफ से सॉलीसिटर जनरल तुषार मेहता व महाधिवक्ता प्रशांत सिंह, याचिकाकर्ता की तरफ से वरिष्ठ अधिवक्ता सिद्धार्थ लुथरा तथा अनावेदिका की तरफ से वरिष्ठ अधिवक्ता मीनाक्षी अरोरा पैरवी के लिए उपस्थित हुईं। 

मध्यप्रदेश को मिल सकती है नई इंटरनेशनल कनेक्टिविटी, नियमित उड़ानों की तैयारी तेज

भोपाल भोपाल का राजा भोज एयरपोर्ट "इंटरनेशनल एयरपोर्ट" के रूप में जाना जाता है। पिछले दो वर्षों से इंडिगो और एयर इंडिया जैसी एयरलाइंस दुबई के लिए डायरेक्ट फ़्लाइट शुरू करने को लेकर सर्वे और संभावनाएं तलाश रही हैं। कई बार यात्रियों की संख्या और व्यावसायिक व्यवहार्यता का आकलन भी किया गया, हालांकि अब तक कोई स्थायी शेड्यूल जारी नहीं हो पाया। भोपाल एयरपोर्ट से नियमित अंतरराष्ट्रीय उड़ान संचालित करने के लिए अधिकारी पूरा जोर लगा रहे हैं। एयरपोर्ट का तेजी से विकास किया जा रहा है। यहां के नए अराइवल एरिया में अब यात्रियों के लिए रिजर्व लाउंज और प्री-पेड टैक्सी बुकिंग जैसी सुविधाएं भी शुरू की गई हैं। दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, हैदराबाद और कुछ अन्य घरेलू शहरों के लिए उड़ानें वर्तमान में भोपाल से मुख्य रूप से दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, हैदराबाद और कुछ अन्य घरेलू शहरों के लिए उड़ानें संचालित हो रही हैं। लेकिन राजधानी होने के बावजूद अंतरराष्ट्रीय कनेक्टविटी का अभाव शहर की व्यापारिक और पर्यटन संभावनाओं को सीमित करता है। दुबई, सिंगापुर या मध्य-पूर्व के अन्य देशों के लिए सीधी उड़ान व्यापारिक संगठनों का मानना है कि दुबई, सिंगापुर या मध्य-पूर्व के अन्य देशों के लिए सीधी उड़ान जल्द शुरू की जानी चाहिए। इससे भोपाल को निवेश और व्यापार के क्षेत्र में बड़ा लाभ मिल सकता है। रिजर्व लाउंज और प्री-पेड टैक्सी सुविधा शुरू भोपाल के राजाभोज इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हाल ही में विकसित किए गए नए अराइवल एरिया में अब यात्रियों के लिए रिजर्व लाउंज और प्री-पेड टैक्सी बुकिंग जैसी सुविधाएं भी शुरू कर दी गई हैं। नियमित उड़ानों से भोपाल आने वाले विशिष्ट और अति विशिष्ट यात्री अब मुख्य लाउंज के बजाय नए रिजर्व लाउंज में समय बिता सकेंगे। एयरपोर्ट अथॉरिटी द्वारा शुरू किए गए इस नए अराइवल एरिया का अब तक करीब एक लाख यात्री उपयोग कर चुके हैं। एस्केलेटर और हेल्प डेस्क से यात्रियों को राहत यात्रियों की सुविधा के लिए यहां ''मे आइ हेल्प यू'' काउंटर भी बनाया गया है, जहां एयरपोर्ट परिसर और सेवाओं से जुड़ी जानकारी उपलब्ध कराई जा रही है। नए अराइवल एरिया में यात्री एयरपोर्ट से बाहर निकलने से पहले ही प्री-पेड टैक्सी बुक करा सकेंगे। इससे भोपाल आने वाले यात्रियों को बड़ी सुविधा मिल रही है। विमान से उतरने के बाद सीधे एस्केलेटर के जरिए बाहर एयरपोर्ट अथॉरिटी ने यात्रियों की आवाजाही आसान बनाने के लिए एस्केलेटर सुविधा भी उपलब्ध कराई है। अब यात्री विमान से उतरने के बाद सीधे एस्केलेटर के जरिए बाहर पार्किंग क्षेत्र तक पहुंच सकते हैं। पहले यात्रियों को पार्किंग तक पहुंचने के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती थी।

भोपाल में BJP की अहम बैठक, क्या फिर सक्रिय भूमिका में लौटेंगे नरोत्तम मिश्रा?

दतिया   मध्य प्रदेश में दतिया विधानसभा सीट पर उपचुनाव की सुगबुगाहट तेज हो गई है। राज्य के दोनों बड़े दलों ने अंदरखाते में तैयारियां शुरु कर दी है। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के निर्देश मिलने के बाद दतिया कलेक्टर ने चुनाव संबंधी तैयारियां भी शुरू कर दी है। अटकलें हैं कि यदि उपचुनाव होते है तो दिग्गज नेता व पूर्व गृहमंत्री भाजपा के संभावित उम्मीदवार हो सकते हैं। इसी बीच मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने मध्य प्रदेश भाजपा प्रभारी महेंद्र सिंह से मुलाकात की। यह मुलाकात नरोत्तम मिश्रा के भोपाल स्थित निवास पर हुई। इस मुलाकात को दतिया उपचुनाव से जोड़कर देखा जा रहा है। इस दौरान डॉ. मिश्रा ने पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका स्वागत किया। इसके बाद दोनों नेताओं ने संगठनात्मक गतिविधियों, प्रदेश की राजनितिक परिस्थितियों एंव विभिन्न समसामयिक विषयों पर लंबी चर्चा की। दरअसल, यदि दतिया में उपचुनाव होते हैं, तो कांग्रेस और भाजपा दोनों ही पार्टियां हर हालत में इस चुनाव को जीतना चाहती है। भाजपा नरोत्तम मिश्रा के जरिए दतिया सीट पर वापसी करना चाहती है। वहीं नरोत्तम मिश्रा भी हर हाल में इस चुनाव को जीतना चाहते हैं। क्योंकि उनके पास सत्ता में वापसी का ये सुनहरा मौका है। यही वजह है कि भाजपा इस उपचुनाव को बेहद गंभीरता से ले रही है और रणनीति तैयार करने में जुट गई है। दतिया सीट भाजपा के लिए इसलिए भी अहम मानी जा रही है क्योंकि पिछले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के राजेंद्र भारती ने डॉ. नरोत्तम मिश्रा को कड़े मुकाबले में हराया था। नरोत्तम मिश्रा के लिए ये चुनाव उनके राजनीतिक सफर के लिए बेहद अहम है। वहीं अगर कांग्रेस की बात करें तो कांग्रेस कोर्ट के जरिए उपचुनाव को रोकना चाहती है, वहीं यदि उपचुनाव होते भी हैं तो पार्टी मजबूत रणनीति के साथ मैदान में उतरेगी। कुल मिलाकर कहा जा सकता है कि दतिया उपचुनाव केवल एक विधानसभा सीट तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि भाजपा और कांग्रेस इसे प्रतिष्ठा से जोड़कर देख रही है।

बुरहानपुर में विकास की बड़ी उड़ान, औद्योगिक हब बनाने सरकार की मेगा तैयारी

 बुरहानपुर बुरहानपुर शहर ऐतिहासिक और यहां सभी धर्मों के संगम के रूप में जाना जाता है। 400 साल पहले मुगल समय से यहां कपड़े की सबसे बड़ी मंडी रही। जिस तरह यहां कपड़े का ताना बाना बुना जाता था, उसी तरह यहां की गंगा-जमुनी तहजीब रही। यहां का कपड़ा दुनियाभर में प्रसिद्ध था, समय के साथ बाजार की चमक जरूर फीकी पड़ी, लेकिन अब बदलते समय यहां का कपड़ा फिर देशभर में सप्लाइ होने लगा। आने वाले पांच सालों में इसे और उड़ान मिलने जा रही है। साथ ही केले के लिए प्रसिद्ध बुरहानपुर में एक्सपोर्ट जोन से लेकर इस पर आधारित कृषि उद्योग की भी रफ्तार बढ़ी है। टेक्सटाइल उद्योग से ही बुरहानपुर की पहचान प्रदेश के सबसे बड़े टेक्सटाइल उद्योग के रूप में बुरहानपुर की एक अलग ही पहचान है। आने वाले सालों में इस उद्योग की एक और नई तस्वीर उभरेगी। यहां पर एक हजार करोड़ से अधिक का निवेश होने जा रहा है, जिससे 12 हजार से अधिक नए रोजगार के अवसर पैदा होंगे।  अभी जो तेजी से प्रयास हो रहे हैं इससे एक नए शहर का भविष्य देखने को मिल रहा है। यहां उद्योग के लिए जो माहौल और जमीन तैयार हुई उसमें स्थानीय ही नहीं बल्कि गुजरात, राजस्थान और महाराष्ट्र तक उद्योगपति निवेश में रुचि दिखा रहे हैं। यही वजह है कि 2015-16 तक जो बुरहानपुर का कपड़ा उद्योग 770 करोड़ का था, वह अब 1 हजार करोड़ का होगा। इससे जिले की तस्वीर ही बदल जाएगी। जानें यहां उद्योग की इकॉनोमी -211 करोड़ का जीएसटी टैक्स 4 साल में दे चुका है बुरहानपुर -04 साल पहले तक 60 करोड़ का जाता था टैक्स -04 हजार रजिस्टर्ड औद्योगिक प्रतिष्ठान यहां -45 हजार पावरलूम -05 हजार आधुनिक लूम यहां -01 लाख लोग कपड़ा उद्योग से जुड़े -01 लाख लोग केला उद्योग से जुड़े हुए भविष्य में निवेश की तैयारी -200 करोड़ रेहटा में निवेश की तैयारी -400 करोड़ सुखपुरी में निवेश -200 करोड़ फेयर डील में निवेश -400 करोड़ चार नई स्पीनिंग मिल प्रस्तावित – 12 हजार लोगों को रोजगार मिलेगा एफॉर्डेबल हाउसिंग पर पड़ सकता है असर नए नियमों से छोटे और मझोले डेवलपर्स की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। रियल एस्टेट क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों का मानना है कि इसका सबसे ज्यादा असरभोपाल और इंदौर जैसे शहरों में होगा। यहां 10 हेक्टेयर क्षेत्र जुटाना छोटे डेवलपर्स के लिए आसान नहीं होगा। वहीं पॉलिसी के तहत डेवलपर के लिए न्यूनतम 5 करोड़ की नेटवर्थ और 6 करोड़ रुपए का औसत वार्षिक टर्नओवर भी प्रभाव डालेगा। साथ ही टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग में पंजीयन के लिए 50 हजार रुपए खर्च करने होंगे, वहीं पांच साल बाद नवीनीकरण के लिए भी 25 हजार देना होगा। विशेषज्ञों का कहना है कि छोटे और मझोले डेवलपर्स मध्यमवर्गीय और किफायती आवासीय योजनाएं विकसित करते हैं। ऐसे डेवलपर्स बाजार से बाहर होंगे तो, एफॉर्डेबल हाउसिंग प्रोजेक्ट्स की संख्या घटने की आशंका है। नई साधिकार समितियां गठित होंगी अब टाउनशिप संबंधी प्रस्तावों पर संचालक टाउन एंड कंट्री प्लानिंग की अध्यक्षता वाली समिति विचार नहीं करेगी। इसके स्थान पर नई साधिकार समितियां गठित की गई हैं। 5 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों में सचिव नगरीय विकास की अध्यक्षता में समिति प्रस्तावों का परीक्षण-अनुमोदन करेगी। वहीं जिलों में अधिकार कलेक्टर की अध्यक्षता वाली समिति को है। ये क्षेत्र देंगे ऊंची उड़ान टैक्सटाइल टैक्सटाइल में बुरहानपुर शहर में विकास की खासी संभावनाएं हैं। यहां का कपड़ा देशभर में सप्लाय होता है, लेकिन इसमें वेल्यू एडिशन के लिए डाइंग, प्रिंटिंग, गारमेंटस, अपेरल मेकिंग को बढ़ावा देना होगा। अभी निम्न गुणवत्ता कपड़ा यहां बन रहा है। टूरिज्म यहां का पर्यटन अनछुआ पहलू है। टूरिज्म सर्किट में आना चाहिए। यहां पर टूरिज्म की उद्योग में बढ़ोतरी हुई है। रेस्टोरेंट, होटल, एऊयूजमेंट पार्क भी बढऩा शुरू हो गई, लेकिन अभी इसमें और काम करने जरूरत है। सरकार के साथ हमारा प्रतिनिधित्व करेंगे तो अच्छा लाभ मिल सकते हैं। ट्रांसपोर्टेशन देश के मध्य भाग में होने से सेंट्रल लाइन मुख्य रेल मार्ग, सड़क मार्ग बुरहानपुर से जुड़ चुके हैं। फोरलेन बुरहानपुर में पहुंच चुका है। अभी नया हाईवे लगभग बन चुका है। आगे महाराष्ट्र को जोड़ने का काम बाकी है। जबकि नई रेलवे लाइन भी शहर के विकास में उपयोगी होगी। बुरहानपुर बड़ा केंद्र, बड़े शहर में उभरेगा बुरहानपुर उद्योग का बहुत बड़ा केंद्र है। यहां आगे टूरिज्म, कृषि और टेक्सटाइल के रूप में अच्छे परिणाम सामने आएंगे। स्वरोजगार यहां अच्छा मिलेगा। अब हाइवे और रेलवे से कनेक्टिविटी भी बहुत अच्छी बन रही है। बुरहानपुर आगे जाकर बड़े शहर के रूप में उभरेगा। – हर्षसिंह, कलेक्टर, बुरहानपुर पर्यटन को मिले उड़ान यहां के उद्योग को उड़ान मिलना चाहिए। बुरहानपुर में मिनी एयरपोर्ट की तैयारी चल रही है, अच्छा है, लेकिन इसे और गति मिलने की जरूरत है। यहां के पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। यहां हवाई अड्डे की सुविधा हो जाए तो बुरहानपुर से 105 किमी अजंता, 110 पर ओंकारेश्वर, 165 किमी महेश्वर है। -होशंग हवलदार, पुरातत्वविद्

ऐतिहासिक इलाके के नीचे से गुजरेगी मेट्रो, अंडरग्राउंड टनल प्रोजेक्ट को हरी झंडी

इंदौर  इंदौर में मेट्रो के अंडरग्राउंड रूट का काम अब तेजी पकड़ने जा रहा है. सुपर कॉरिडोर से रेडिसन तक के हिस्से को सीएमआरएस (कमिश्नर ऑफ मेट्रो रेल सेफ्टी) से हरी झंडी मिल चुकी है, जिसके बाद अब टनल निर्माण की तैयारियां तेज कर दी गई हैं. इस प्रोजेक्ट के लिए 4 बड़ी टनल बोरिंग मशीनें (टीबीएम) जल्द ही इंदौर पहुंचेंगी. ये मशीनें लगभग 20 मीटर गहराई तक खुदाई करने में सक्षम होंगी. इन मशीनों के कुछ अहम हिस्से जर्मनी में बनाए गए हैं और उनका अंतिम असेंबलिंग कार्य थाईलैंड में किया जा रहा है।  इन मशीनों को खास तौर पर इंदौर की जमीन और भौगोलिक परिस्थितियों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है. शहर के मध्य हिस्से में मेट्रो का अंडरग्राउंड रूट पुराने और घनी आबादी वाले इलाकों से होकर गुजरेगा, जहां 100 साल से भी पुराने मकान मौजूद हैं. ऐसे में खुदाई के दौरान किसी भी तरह के नुकसान से बचने के लिए स्पेशल टेक्निक का इस्तेमाल किया जा रहा है. इंदौर की मिट्टी में हार्ड रॉक, सॉफ्ट सॉइल और मुरम जैसी परतें हैं, इसलिए ‘मिक्स लेयर’ तकनीक वाली मशीनें चुनी गई हैं. हाल ही में मेट्रो कॉर्पोरेशन, कंसल्टेंट और ठेकेदारों की टीम ने जर्मनी और थाईलैंड जाकर मशीनों का अंतिम निरीक्षण भी किया है।  टनल खुदाई का काम शुरू भास्कर की रिपोर्ट के हवाले से जुलाई 2026 से टनल खुदाई का काम शुरू करने की योजना है. ये चारों मशीनें शहर के अलग-अलग हिस्सों में काम करेंगी, जिसमें एयरपोर्ट और नगर निगम क्षेत्र से जुड़े स्टेशन और ट्रैक का निर्माण शामिल है. मशीनें जमीन के नीचे जाकर सुरक्षित तरीके से टनल तैयार करेंगी. वहीं, छोटा गणपति स्टेशन पर ‘नेटाम’ तकनीक से निर्माण कार्य पहले से जारी है और वहां खुदाई का काम चल रहा है।  इसके अलावा शहीद पार्क से खजराना तक मेट्रो ट्रैक और स्टेशन का काम भी तेजी से आगे बढ़ रहा है. पहले इस रूट को एलिवेटेड बनाने की योजना थी, लेकिन अब इसे अंडरग्राउंड कर दिया गया है. इस बदलाव के चलते टेंडर प्रोसेस में संशोधन किया जा रहा है. फिलहाल, शहीद पार्क से खजराना तक कई स्टेशन और ट्रैक का ढांचा आकार ले रहा है. रेडिसन तक 17 किलोमीटर का मेट्रो कॉरिडोर तैयार हो चुका है और यहां लगातार ट्रायल रन चल रहा है. हालांकि, इसे आम जनता के लिए शुरू करने के लिए अभी पीएम ऑफिस की अंतिम मंजूरी का इंतजार है. इसकी मंजूरी मिलते ही इंदौर में  मेट्रो सेवाएं और व्यापक स्तर पर शुरू हो जाएंगी। 

हनी ट्रैप कांड में बड़ा अपडेट, निजी पलों के वीडियो से जुड़े राज फिर आए सामने

इंदौर   इंदौर में हनी ट्रैप कहे जा रहे ब्लैकमेलिंग मामले में बड़ा एक्शन लेते हुए क्राइम ब्रांच ने गिरफ्तार सभी सात आरोपियों को बालेबाले मजिस्ट्रेट के घर पर पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। इसी बीच सामने आया कि हनी ट्रैप-2 के नाम से चर्चा में आए गैंग की मास्टरमाइंड रेशू और श्वेता ने पुराने हनी ट्रैप प्रकरण के वीडियो का इस्तेमाल कर पांच लोगों को टारगेट बनाया था। पुलिस अब पूरे नेटवर्क की कड़ियां खंगाल रही है। इंदौर में हनी ट्रैप कहे जा रहे ब्लैकमेलिंग मामले में कार्रवाई तेज कर दी गई है। क्राइम ब्रांच पुलिस ने घटना के लिए जिम्मेदार सभी सात आरोपियों को औपचारिक कार्यवाही के बाद सीधे बाले बाले मजिस्ट्रेट के घर ले जाकर पेश किया। सोमवार सुबह हुई इस पेशी में अदालत ने सभी आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजने के आदेश दिए, जिसके बाद सातों को जेल रवाना कर दिया गया। पुलिस के इस कदम को मामले की गंभीरता और सुरक्षा कारणों से उठाया गया महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इस बीच जांच में एक बड़ा खुलासा भी हुआ है। हनी ट्रैप-2 नाम से सामने आए इस नए जालसाजी नेटवर्क में मुख्य भूमिका रेशू और श्वेता बताई जा रही है। दोनों ने पुराने हनी ट्रैप कर कई अन्य मामले के संवेदनशील वीडियो हासिल कर लिए थे और इन्हीं के आधार पर पांच लोगों को ब्लैकमेल किया गया था। पुलिस सूत्रों के मुताबिक आरोपी पहले भरोसा जीतते थे, फिर निजी पलों के वीडियो दिखाकर पैसों की मांग की जाती थी। मामले में शामिल अन्य आरोपियों की भूमिका भी इसी गिरोह के संचालन, तकनीकी काम और पैसे की वसूली से जुड़ी बताई जा रही है। क्राइम ब्रांच पिछले कुछ दिनों से लगातार इस गिरोह की गतिविधियों पर नजर रखे हुए थी। पर्याप्त सबूत मिलने के बाद ही सभी सात आरोपियों श्वेता जैन, रेशु चौधरी, अलका दीक्षित, जयदीप दीक्षित, लाखन जितेंद्र पुरोहित और पुलिस कर्मी  विनोद शर्मा को गिरफ्तार किया गया था, जिन्हें मजिस्ट्रेट ने न्यायिक हिरासत में जेल दाखिल कर दिया है। डीसीपी राजेश त्रिपाठी के मुताबिक अब पुलिस डिजिटल साक्ष्यों, लेन-देन और पुराने मामलों के लिंक की गहराई से जांच कर रही है साथ ही आरोपियों से जब्त मोबाइल फोरेंसिक लैब भेजे गए हैं जिनका डेटा रिकवर किया जा रहा है। त्रिपाठी का कहना है कि यह गैंग संगठित रूप से काम कर रहा था और आगे और खुलासे संभव हैं।

Twisha Death Case पर SC सख्त, युवती की मौत को लेकर कही बड़ी बात

भोपाल  मध्यप्रदेश के चर्चित मॉडल ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत के मामले में सुप्रीम कोर्ट के स्वतः संज्ञान मामले पर चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी एम पंचोली की बेंच ने अहम टिप्पणी की. कोर्ट ने मीडिया से इस मामले में आरोपियों के इंटरव्यू न चलाने का आग्रह किया. साथ ही कोर्ट में सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल (SG) तुषार मेहता ने बताया कि केंद्रीय जांच ब्यूरो इस मामले की पूरी जांच को आज ही अपने हाथों में ले रही है, जिसे सुप्रीम कोर्ट ने रिकॉर्ड पर लिया है।  चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने उम्मीद जताई कि सीबीआई तुरंत जांच अपने पास लेकर इस पर कड़े स्तर की सुनवाई शुरू करेगी. कोर्ट ने कहा कि एक मासूम युवती की जान गई है, वजह चाहे जो हो ,उसका पता चलना चाहिए. उसके स्वतंत्र निष्पक्ष और गहराई से जांच होनी जरूरी है. क्योंकि मामले में अपराधिक साजिश का भी एंगल शुरुआती जांच और आरोपों से सामने आ रहा है।  CBI को सौंपी जा रही है जांच सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि हम मीडिया और जनता की अटकलें नहीं चाहते हैं. सालिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कोर्ट को बताया कि जांच आज सीबीआई को सौंपी जा रही है. सुनवाई के दौरान अदालत को ये भी बताया गया कि एक मृत बेटी होने की तुलना में समाज में एक तलाकशुदा बेटी होना कहीं ज्यादा बेहतर है।  इस पर अदालत ने सुनवाई के दौरान दुख व्यक्त करते हुए कहा कि उसे एक युवा बेटी को असमय खोने पर पीड़ित परिवार की असीम पीड़ा के साथ पूरी मानवीय सहानुभूति है।  ट्विशा के पति और सास के खिलाफ FIR दर्ज ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत के बाद उनके पति समर्थ सिंह और उनकी सास जो कि एक पूर्व जिला न्यायाधीश हैं, गिरिबाला सिंह के खिलाफ गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई है. पीड़ित परिवार का आरोप है कि रसूख के कारण स्थानीय स्तर पर जांच प्रभावित हो रही थी. सॉलिसिटर जनरल ने कोर्ट को बताया कि इसी प्रक्रियागत अनियमितता को दूर करने के लिए आज ही जांच सीबीआई को सौंपी जा रही है।  वहीं, सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में जांच को लेकर भी टिप्पणी की. कोर्ट ने ऐसे मामलों में जांच के संचालन पर दु:ख व्यक्त किया और जांच को लेकर चल रही प्रक्रियागत अनियमितताओं का संज्ञान लेते हुए निष्पक्ष जांच का निर्देश दिया है।  12 दिन बाद हुआ अंतिम संस्कार राज्य सरकार की निगरानी में भोपाल में हुए पहले शव परीक्षण (पोस्टमार्टम) पर जब पीड़ित परिवार ने गंभीर सवाल उठाए, तब मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के कड़े आदेश पर दिल्ली एम्स (AIIMS) की चार सदस्यीय विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम ने मृतका का दूसरा पोस्टमार्टम किया. इस पूरी कानूनी प्रक्रिया के कारण घटना के 12 दिन बीत जाने के बाद आखिरकार ट्विशा का अंतिम संस्कार किया जा सका।  आपको बता दें कि ट्विशा शर्मा 12 मई को भोपाल के कटारा हिल्स इलाके में अपने ससुराल में फंदे से लटकी हुई मिली थीं. 33 साल की मॉडल-एक्टर के परिवार ने ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप लगाए हैं और कहा है कि उनकी बेटी की मौत के लिए वही जिम्मेदार हैं. जबकि  ससुराल पक्ष का कहना है कि ट्विशा नशे की लत से जूझ रही थीं. उसके परिवार ने ससुराल वालों पर दहेज प्रताड़ना, सबूतों से छेड़छाड़ और जांच में लापरवाही का आरोप लगाया है। 

वक्फ संपत्तियों से अतिक्रमण हटाना ऐतिहासिक कदम: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

वक्फ संपत्तियों से अतिक्रमण हटाने का कार्य ऐतिहासिक : मुख्यमंत्री डॉ.यादव मध्यप्रदेश वक्फ बोर्ड, देश का श्रेष्ठ वक्फ बोर्ड वक्फ सुधारों के क्षेत्र में मध्यप्रदेश अग्रणी मध्यप्रदेश राज्य वक्फ बोर्ड के स्कॉलरशिप वितरण कार्यक्रम में 849 बेटे-बेटियों को मिली स्कॉलरशिप मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने पूर्व राष्ट्रपति महान वैज्ञानिक डॉ. ए पी जे अब्दुल कलाम और भारत-पाक युद्ध में शौर्य के प्रतीक कैप्टन हमीद का किया स्मरण भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि आज मध्यप्रदेश राज्य वक्फ बोर्ड विभिन्न नवाचारों से देश में सबसे आगे है। प्रदेश में वक्फ बोर्ड के माध्यम से वक्फ संपत्तियां ऑनलाइन की गई, इसके लिए भारत सरकार से स्कॉच अवार्ड मिला। यह पारदर्शी व्यवस्था पूरे देश के लिए उदाहरण बनी है। म.प्र वक्फ बोर्ड देश का श्रेष्ठ वक्फ बोर्ड है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को रवीन्द्र भवन भोपाल में मध्यप्रदेश राज्य वक्फ बोर्ड के स्कॉलरशिप वितरण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। रहीम और रसखान ने दिया समरसता का संदेश मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारा देश रहीम और रसखान की मेलजोल की संस्कृति में विश्वास रखता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारत की जनता कानून में भरोसा रखती है, चाहे किसी भी समुदाय की हो। इसलिए भारत पूरे विश्व में आदर्श है। कश्मीर की जनता ने पड़ोसी दरिंदों को खदेड़ा, यह भारत की आदर्श संस्कृति मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जब जम्मू कश्मीर में पड़ोसी राष्ट्र से दरिन्दे आए तब वहां की जनता ने उनका सीधा विरोध किया और उन्हें खदेड़ दिया। हमारे देश की जनता बुद्धि और विवेक का उपयोग करती है। भारत की यह सुदृढ़ परम्परा और आदर्श संस्कृति है। प्रधानमंत्री की पहल और मध्यप्रदेश की अग्रणी भूमिका मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने नए वक्फ कानूनों से श्रेष्ठ कार्य को प्रोत्साहित किया है। जहां राज्यों के वक्फ बोर्ड की आय बढ़ रही है, वहीं सच्चाई के साथ कार्य करने का आनंद भी मिल रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नए वक्फ कानून से अनेक वक्फ संपत्तियों की सुरक्षा संभव हुई है। प्रधानमंत्री मोदी ने नए वक्फ कानून के माध्यम से सुशासन और पारदर्शिता की व्यवस्था लागू करवाई है। अतिक्रमण को रोकने में सफलता मिली है। मध्यप्रदेश इस कार्य में अग्रणी है। वक्फ सुधार के कार्य ऐतिहासिक मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्वतंत्रता के बाद से लेकर अब तक वक्फ सुधार में इतना बड़ा कार्य नहीं हुआ है। मध्यप्रदेश वक्फ बोर्ड अभिनंदन का पात्र है। वक्फ संपत्तियों का संरक्षण और सुधार हो रहा है। नया वक्फ भवन भी बनाने की पहल हुई है, जिसका नाम पूर्व राष्ट्रपति डॉ. ए पी जे अब्दुल कलाम के नाम पर रखने का निर्णय लिया गया। पोर्टल से पारदर्शिता आई मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अब पारदर्शी कार्य प्रणाली लागू है। उम्मीद पोर्टल के माध्यम से सभी वक्फ संपत्तियां ऑनलाइन हैं और रिकॉर्ड में दर्ज हुई हैं। वक्फ संपत्तियों के अतिक्रमण हटाने का कार्य बोर्ड द्वारा किया जा रहा है जो प्रशंसनीय है। अब वक्फ संपत्तियां सुरक्षित, वक्फ बोर्ड के माध्यम से आय वृद्धि का अवसर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नए वक्फ कानून से अनेक वक्फ संपत्तियों की सुरक्षा संभव हुई है। मध्यप्रदेश में अतिक्रमण को रोकने में सफलता मिली है। बोर्ड को आय वृद्धि का अवसर भी मिल रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री शाह ने नए वक्फ कानूनों से श्रेष्ठ कार्य को प्रोत्साहित किया है। जहां राज्यों के वक्फ बोर्ड की आय बढ़ रही है, वहीं सच्चाई के साथ कार्य करने का आनंद भी मिल रहा है। बेटे बेटियां पढ़ें, आगे बढ़ें सरकार देगी पूरा सहयोग मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अल्पसंख्यक समुदाय के बेटे-बेटियां शिक्षा के माध्यम से प्रोत्साहित हों और भविष्य के सपनों को साकार करें। मध्यप्रदेश सरकार इनका पूरा सहयोग करेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में विभिन्न तरह के दान से भी निर्धन बच्चों को पढ़ाने का कार्य हो रहा है। दान दाताओं की भूमिका प्रशंसनीय है। ऐसे कार्यों में राज्य सरकार भी पूरा सहयोग करेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम में उपस्थित विभिन्न धार्मिक प्रमुखों और अन्य सभी जनप्रतिनिधियों का स्वागत किया। स्कॉलरशिप प्राप्त करने वाले 849 बेटे बेटियों को हार्दिक बधाई दी। कैप्टन हमीद के साहस और शौर्य का स्मरण मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारत पाक युद्ध में कैप्टन हमीद ने साहसी कारनामा करते हुए पाकिस्तान के अनेक टैंक नष्ट कर दिखाए, इसे कौन भूल सकता है। कैप्टन हमीद शहीद हुए, उन्होंने राष्ट्र की सीमाओं की रक्षा को सर्वोपरि माना। पढ़ो-पढ़ाओ और राष्ट्र निर्माण में भागीदार बनो योजना में छात्रवृत्ति का लाभ लें विद्यार्थी – डॉ. सनवर पटेल मध्यप्रदेश राज्य वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सनवर पटेल ने कहा कि आज पढ़ो-पढ़ाओ- राष्ट्र निर्माण में भागीदार बनो योजना के अंतर्गत विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति प्रदान की जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश को विकसित और स्वर्णिम बनाने के लिए कार्य हो रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी वक्फ की चुनौतियों से निपटने के लिए नए कानून लेकर आए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार नए कानूनों के माध्यम से आमजन की भलाई और बेटा-बेटियों की पढ़ाई के लिए कार्य कर रही है। प्रदेश में वक्फ माफियाओं पर अंकुश लगा है, मध्यप्रदेश वक्फ बोर्ड की संपत्ति ऑनलाइन दर्ज हुई है। इस कार्य के लिए मध्यप्रदेश को देश में प्रथम स्थान मिला और प्रदेश को स्कॉच अवार्ड से नवाजा गया। संपत्तियों के ऑनलाइन होने से पारदर्शिता बढ़ी है, छुप कर मिली भगत से काम करने वाले बेनकाब हुए हैं। माफिया और भू-माफिया किसी धर्मस्थल का शोषण न कर पाएं, इस बात का वक्फ बोर्ड विशेष ध्यान रख रहा है। वक्फ की संपत्तियों का बेहतर प्रबंधन किया जा रहा है। स्कूल-कॉलेजों में बेटियों के ड्राप आउट को रोकने में मिली सफलता डॉ. सनवर पटेल ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रदेश के सभी मेधावी विद्यार्थियों के साथ खड़े हैं। इसी का परिणाम है कि आज 849 मेधावी विद्यार्थियों को स्कॉलरशिप प्रदान कर उनका सम्मान किया जा रहा है। गरीब-जरूरतमंद बेटा-बेटियों को मेडिकल कॉलेज तक की पढ़ाई करने में मदद दी जा रही है। नए कानूनों के कारण वक्फ बोर्ड की आय बढ़ी है। हमारा वक्फ … Read more

खेल और तकनीक से नौनिहालों को नई उड़ान, डिजिटल दीदी पूनम की अनोखी पहल

डिजिटल दीदी पूनम खेल-खेल में संवार रही नौनिहालों का भविष्य भोपाल  डिजिटल प्लेटफॉर्म का सही इस्तेमाल अगर समाज को बदलने के लिए किया जाए, तो परिणाम कितने सुखद हो सकते हैं, इसकी मिसाल पेश की है मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा जिले की एक आंगनवाड़ी कार्यकर्ता ने। परासिया परियोजना के वार्ड क्रमांक 12 की आंगनवाड़ी कार्यकर्ता पूनम चौरसिया आज सोशल मीडिया पर एक चर्चित नाम बन चुकी हैं। पूनम अपनी आंगनवाड़ी के बच्चों को खेल-खेल में पढ़ाने और उनके संपूर्ण विकास के लिए अनूठे प्रयोग कर रही हैं। पूनम चौरसिया के यूट्यूब चैनल '@parasiawalipoonam' की लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इस चैनल पर 71 हजार 600 से अधिक सब्सक्राइबर्स जुड़ चुके हैं। खेल-खेल में प्रारंभिक बाल्याव्यस्था, देखभाल और शिक्षा गतिविधियों को सिखाते हुए पूनम अब तक 6 हजार 800 से ज्यादा वीडियो अपलोड कर चुकी हैं, जिन्हें 7 करोड़ 48 लाख से अधिक बार देखा जा चुका है। यूट्यूब ही नहीं, फेसबुक और इंस्टाग्राम पर भी उनकी वीडियो खूब पसंद किए जा रहे हैं। स्थानीय संसाधनों से शिक्षा को बनाया मजेदार एम.कॉम (M.Com) शिक्षित पूनम साल 2020 से आंगनवाड़ी कार्यकर्ता के रूप में सेवाएं दे रही हैं। वे भारत सरकार के 48 सप्ताह के 'आधारशिला पाठ्यक्रम' को रटाने के बजाय बेहद मनोरंजक तरीके से बच्चों को सिखाती हैं। पूनम बच्चों के लिये पाठ्यक्रम को इतना आसान और मजेदार बना देती हैं कि बच्चे खुद व खुद पढ़ाई की ओर खिचें चले आते है। खास बात यह है कि इन गतिविधियों के लिए वे किसी महंगे सामान का इस्तेमाल नहीं करतीं, बल्कि स्थानीय स्तर पर उपलब्ध संसाधनों जैसे कंकड़, पत्थर, रंग-बिरंगे कागज और घरेलू वस्तुओं के जरिए बच्चों को अक्षर ज्ञान, रंगों की पहचान, शेप और शैडो (आकृतियां और परछाईं) जैसी पेचीदा चीजें सहजता से सिखा देती हैं। पढ़ाई भी और पोषण भी: आंगनवाड़ी बनी 'स्मार्ट क्लास' मध्यप्रदेश के 98 हजार से अधिक आंगनवाड़ी केंद्रों में 30 लाख से अधिक बच्चों को पोषण, स्वास्थ्य और शाला पूर्व शिक्षा दी जा रही है। आंगनवाड़ी देश का एकमात्र ऐसा संस्थान है जहां पोषण के साथ पढ़ाई भी होती है। पूनम ने इस अवधारणा को पूरी तरह धरातल पर उतारा है। उन्होंने भारत सरकार के 'पोषण भी-पढ़ाई भी' (PBPB) अभियान के तहत प्रथम चरण का प्रशिक्षण लिया और उत्कृष्ट कार्य के चलते दूसरे चरण में वे 'स्टार चैंपियन कार्यकर्ता' के रूप में चुनी गईं। इसके बाद उन्होंने 'निपसिड' (NIPCCD) से मास्टर ट्रेनर के रूप में भी प्रशिक्षण प्राप्त किया। वर्तमान में उनके केंद्र में 3 से 6 आयु वर्ग के 43 बच्चे दर्ज हैं, जिनमें से 22 बच्चे नियमित रूप से शाला पूर्व शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। अभिभावकों में बढ़ा भरोसा, निजी स्कूलों को मिल रही टक्कर पूनम के इस अभिनव प्रयास का सबसे बड़ा असर स्थानीय समाज पर पड़ा है। क्षेत्र के अभिभावक निजी स्कूलों को छोड़कर अपने बच्चों को पूनम की आंगनवाड़ी केंद्र में भेज रहे हैं। माता-पिता स्वयं बच्चों को केंद्र पर छोड़ने और लेने आते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि पूनम ने आंगनवाड़ी के पारंपरिक ढर्रे को बदलकर उसे एक आधुनिक शिक्षा केंद्र का रूप दे दिया है। स्थिति यह है कि जब यहां के बच्चे आगे चलकर प्राथमिक स्कूलों में प्रवेश लेते हैं, तो अभिभावक गर्व से कहते हैं कि 'ये पूनम की आंगनवाड़ी से पढ़कर आए हैं।' अन्य कार्यकर्ताओं के लिए प्रेरणास्त्रोत पूनम चौरसिया की यह अनूठी पहल अन्य आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के लिये प्रेरणा है। डिजिटल माध्यमों का सही उपयोग कर सरल गतिविधियों और स्थानीय स्तर पर उपलब्ध संसाधनों से बच्चों को शिक्षा के प्रति आकर्षित किया जा सकता है।