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प्रदेश में सर्वाइकल कैंसर की जांच एवं प्रबंधन को सुदृढ़ बनाने एनएचएम एवं भार्गवी हेल्थ केयर के मध्य एमओयू

भोपाल  मध्यप्रदेश सरकार महिलाओं के स्वास्थ्य संरक्षण एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के लिए सतत प्रयासरत है। इसी क्रम में प्रदेश में गर्भाशय ग्रीवा (सर्वाइकल) कैंसर की समय पर जांच एवं प्रभावी प्रबंधन को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन मध्यप्रदेश एवं भार्गवी हेल्थ केयर (बीजीएच), हैदराबाद के मध्य एमओयू किया गया है। यह समझौता राष्ट्रीय गैर-संचारी रोग नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत प्रदेश में सर्वाइकल कैंसर की स्क्रीनिंग एवं प्रबंधन को सुदृढ़ करने के लिये क्षमता निर्माण एवं तकनीकी सहयोग पर केंद्रित है। एमओयू में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में रीवा जिले में 25 से 65 वर्ष आयु वर्ग की लगभग 10 हजार महिलाओं की एचपीवी डीएनए आधारित सर्वाइकल कैंसर स्क्रीनिंग की जाएगी। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, मध्यप्रदेश द्वारा राज्य स्तर पर प्रभावी समन्वय के लिए एएनएम, स्टाफ नर्स, सीएचओ एवं आशा कार्यकर्ताओं का चयन एवं प्रशिक्षण सुनिश्चित किया जाएगा। भार्गवी हेल्थ केयर, हैदराबाद द्वारा सर्वाइकल कैंसर की जांच एवं उपचार के लिये विशेषज्ञ तकनीकी सहयोग प्रदान किया जाएगा। संस्था द्वारा प्रशिक्षण सामग्री एवं मानकीकृत दिशा निर्देश विकसित किए जाएंगे तथा "ट्रेन-द-ट्रेनर" कार्यक्रमों के माध्यम से राज्य में दक्ष मास्टर ट्रेनर्स की टीम तैयार की जाएगी। इसके अतिरिक्त कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सतत तकनीकी सहयोग, अनुसंधान एवं ज्ञान-साझेदारी से संबंधित गतिविधियाँ भी संचालित की जाएंगी। 

परंपरागत बीजों के संरक्षण में आजीविका मिशन की अनूठी पहल

भोपाल परंपरागत बीजों के संरक्षण में आजीविका मिशन की कृषि सखियों द्वारा उल्लेखनीय कार्य किया जा रहा है। इन्हें बीज सखी के रूप में स्थापित करने के लिये प्रशिक्षित किया गया है। जिला स्तर पर भी प्रशिक्षण का आयोजन किया जाकर प्रदेश में कुल 454 बीज सखी तैयार की गयी हैं। ये देशी बीजों के संरक्षण एवं संवर्धन पर कार्य करेंगी। वर्तमान में 29 जिलों में 99 बीज बैंक स्थापित किये जा चुके हैं। सर्वाधिक 20 बीज बैंक जिला सागर एवं 10 बीज बैंक जिला बालाघाट में स्थापित हुए हैं। देशी बीज स्थानीय जलवायु और मिट्टी के अनुसार ढले होने के कारण कम पानी, खाद व कीटनाशकों में भी बेहतर पैदावार देते हैं। पोषण युक्त होते है, सूखा-रोग प्रतिरोधी होते हैं, इन्हें दोबारा बोया जा सकता है, जो किसानों को आत्मनिर्भर और खेती को किफायती व टिकाऊ बनाते हैं। पारंपरिक बीज संरक्षण के गुर सीख रहीं बीज सखियां बीज सखियों को प्रशिक्षण पद्म  बाबूलाल दहिया, जिला सतना, उद्यानिकी विभाग से  दीनानाथ धोटे, कृषि विभाग से  जितेंद्र सिंह परिहार द्वारा दिया जा रहा है। विगत 16 वर्षों से देशी बीजों का संरक्षण करने वाली जिला डिंडोरी की फुलझरिया बाई द्वारा भी बीज संरक्षण के तरीके भी बताए गये हैं। कर्नाटक राज्य की बी.बी. जान जो विगत 9 वर्षों से परंपरागत बीज संरक्षण का कार्य कर रही हैं, उनके द्वारा भी प्रतिभागियों को बीज संरक्षण के लिये प्रशिक्षण दिया गया है। बीज बैंक के माध्यम से किसानों को मिल रहे निःशुल्क देशी बीज जिला बालाघाट की बीज सखी सुनीता सिहोरे बताती हैं कि उनके द्वारा लगभग 70 प्रकार के देशी बीजों का संरक्षण किया गया है जिनमें सब्जी, अनाज, दलहन आदि शामिल हैं। उनके द्वारा कृषकों को नि:शुल्क देशी बीज उपलब्ध कराए जा रहे हैं। उत्पादन आने पर कृषक द्वारा जितना बीज लिया गया है बस उसका दो गुना बीज बैंक में जमा करना होगा जिससे और कृषकों को भविष्य में देशी बीज उपलब्ध कराया जा सके। आगामी खरीफ मौसम के लिये कृषक यदि देशी बीज लगाना चाहते हैं तो अपने विकास खण्ड के ग्रामीण आजीविका मिशन कार्यालय से बीज सखियों की सूची प्राप्त कर उनसे संपर्क कर सकते हैं।  

20 जिलों के 4000 ओबीसी युवाओं को सेना और पुलिस भर्ती के लिए मिलेगा 45 दिवसीय निःशुल्क आवासीय प्रशिक्षण

भोपाल  पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार)कृष्णा गौर शुक्रवार 15 मई 2026 को सुबह 11 बजे 'शौर्य संकल्प प्रशिक्षण योजना-2026' का शुभारंभ करेंगी। अपेक्स बैंक परिसर स्थित समन्वय भवन में आयोजित कार्यक्रम में मध्यप्रदेश पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष डॉ. रामकृष्ण कुसमरिया और स्थानीय विधायक श्री भगवानदास सबनानी उपस्थित रहेंगे। भोपाल, रायसेन और नर्मदापुरम जिलों के प्रतिभागी छात्र-छात्राएं भी कार्यक्रम में सम्मिलित होंगे। राज्यमंत्रीगौर ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मार्गदर्शन में पिछड़ा वर्ग के छात्र-छात्राओं के उज्जवल भविष्य के लिए ये योजना विभाग द्वारा शुरू की गई है। यह योजना प्रदेश के 20 चयनित जिलों में संचालित की जा रही है। इसका उद्देश्य ओबीसी वर्ग के प्रतिभावान युवाओं को भारतीय सेना, पुलिस, होमगार्ड और अन्य अर्ध सैनिक बलों की भर्ती परीक्षाओं के लिए शारीरिक और मानसिक रूप से तैयार करना है। योजना में प्रदेश भर से चयनित 4000 प्रतिभागियों को जिला स्तर पर 45 दिनों का निःशुल्क आवासीय प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। प्रत्येक जिले में 100-100 के बैच में पुरुष और महिला वर्ग के युवाओं को अलग-अलग केंद्रों पर प्रशिक्षित किया जाएगा। राज्यमंत्रीकृष्णा गौर ने बताया कि युवाओं के सर्वांगीण विकास के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम को बेहद वैज्ञानिक और सघन बनाया गया है। इसमें कुशल प्रशिक्षकों द्वारा प्रतिदिन 4 घंटे का सैद्धांतिक प्रशिक्षण और 3 घंटे का शारीरिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को निशुल्क आवास और भोजन के साथ स्टाइपेंड, अध्ययन सामग्री भी मिलेगी। राज्यमंत्रीगौर ने कहा कि यह योजना युवाओं के लिए एक 'ऐतिहासिक सौगात' है, जो न केवल उन्हें रोजगार के अवसर प्रदान करेगी बल्कि उनमें देश सेवा का जज्बा और अनुशासन भी पैदा करेगी।  

प्रधानमंत्री मोदी की विकसित भारत की परिकल्पना को साकार कर रहा मध्यप्रदेश

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश आज अधोसंरचना विकास के क्षेत्र में तेजी से एक नई पहचान बना रहा है। प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी की “विकसित भारत” की परिकल्पना को मध्यप्रदेश साकार कर रहा है। प्रदेश में अभूतपूर्व गति से सड़क, पुल, एक्सप्रेसवे और आधुनिक सार्वजनिक अधोसंरचना निर्माण हो रहा है। लोक निर्माण विभाग ने “लोक निर्माण से लोक कल्याण” को अपना मूल मंत्र बनाकर विकास को सीधे जनता की सुविधा, आर्थिक प्रगति और सामाजिक समृद्धि से जोड़ा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मजबूत अधोसंरचना किसी भी विकसित राष्ट्र की सबसे बड़ी आवश्यकता होती है। प्रधानमंत्री  मोदी के नेतृत्व में देशभर में सड़क, रेलवे, एक्सप्रेसवे, लॉजिस्टिक नेटवर्क और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर का व्यापक विस्तार हुआ है। प्रदेश में सड़क संपर्क, शहरी यातायात, औद्योगिक कनेक्टिविटी और ग्रामीण अधोसंरचना के क्षेत्र में व्यापक परिवर्तन दिखाई दे रहा है। वैज्ञानिक तरीके से तैयार हो रहा सड़क नेटवर्क मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि लोक निर्माण विभाग ने प्रदेश के सड़क नेटवर्क को अधिक वैज्ञानिक, व्यवस्थित और भविष्य उन्मुख बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। सड़क श्रेणियों के पुनर्गठन तथा रोड नेटवर्क रैशनलाइजेशन की प्रक्रिया प्रारंभ की गई है, जिससे सड़क निर्माण और रखरखाव की प्राथमिकताएँ अधिक स्पष्ट हुई हैं। विभाग द्वारा “लोक निर्माण सर्वेक्षण मोबाइल ऐप” विकसित किया गया है। यह ऐप GIS आधारित तकनीक पर कार्य करता है और इसके माध्यम से प्रदेश में 71 हजार किलोमीटर से अधिक सड़कों, लगभग 3 हजार भवनों तथा 1400 से अधिक पुलों का विस्तृत सर्वेक्षण किया जा चुका है। इस सर्वेक्षण से विभाग को अधोसंरचना की वास्तविक स्थिति का डिजिटल डेटा प्राप्त हुआ है, जिसके आधार पर योजनाएँ अधिक सटीक और व्यावहारिक तरीके से तैयार की जा रही हैं। रोड नेटवर्क मास्टर प्लान से बेहतर कनेक्टिविटी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि लोक निर्माण विभाग ने समग्र रोड नेटवर्क मास्टर प्लान तैयार किया है। मास्टर प्लान के अंतर्गत शहरों के लिए बायपास मार्ग, औद्योगिक क्षेत्रों के लिए बेहतर सड़क संपर्क, जिला मुख्यालयों के बीच तेज कनेक्टिविटी तथा यातायात दबाव कम करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसके साथ ही यात्रा दूरी और समय कम करने के उद्देश्य से 6 नए ग्रीनफील्ड सड़क मार्गों की पहचान की गई है। इन परियोजनाओं से प्रदेश के औद्योगिक, कृषि एवं पर्यटन क्षेत्रों को नई गति मिलने की संभावना है। जीआईएस आधारित डिजिटल बजट प्रणाली से बढ़ी पारदर्शिता मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पारदर्शी और जवाबदेह शासन व्यवस्था के अनुरूप लोक निर्माण विभाग ने जीआईएस आधारित बजट मॉड्यूल लागू किया है। इस प्रणाली से प्रत्येक सड़क प्रस्ताव को डिजिटल नक्शे पर दर्ज किया जाता है। इससे यह तुरंत स्पष्ट हो जाता है कि संबंधित सड़क पहले से किसी अन्य योजना में शामिल है या नहीं। इस व्यवस्था ने योजनाओं में दोहराव को समाप्त करने के साथ विकास कार्यों की प्राथमिकता तय करने की प्रक्रिया को अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाया है। लोकपथ 2.0 : नागरिकों के लिए स्मार्ट ट्रैवल सुविधा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि लोक निर्माण विभाग द्वारा विकसित “लोकपथ” ऐप को अब उन्नत स्वरूप में “लोकपथ 2.0” के रूप में विकसित किया गया है। यह ऐप नागरिकों के लिए स्मार्ट ट्रैवल गाइड की तरह कार्य कर रहा है। इस ऐप में रूट प्लानर, टोल जानकारी, अस्पताल एवं पेट्रोल पंप की लोकेशन, एसओएस सुविधा और सड़क दुर्घटना संभावित स्थानों की चेतावनी जैसी सुविधाएँ उपलब्ध हैं। ऐप ब्लैक स्पॉट से लगभग 500 मीटर पहले अलर्ट जारी करता है, जिससे सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने में सहायता मिल रही है। गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए सख्त निगरानी व्यवस्था, 25 ठेकेदार किये गये ब्लैक लिस्टेड मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए लोक निर्माण विभाग ने सख्त निगरानी व्यवस्था लागू की है। इसके अंतर्गत 875 निर्माण कार्यों का औचक निरीक्षण किया गया। गुणवत्ता में कमी पाए जाने पर 25 ठेकेदारों को ब्लैक लिस्ट किया गया तथा कई मामलों में दंडात्मक कार्रवाई भी की गई। इसके अतिरिक्त प्रोजेक्ट मैनेजमेंट सिस्टम (PMS 2.0) लागू किया जा रहा है। इससे योजना निर्माण से लेकर भुगतान तक की संपूर्ण प्रक्रिया डिजिटल रूप से मॉनिटर की जा रही है। पर्यावरण संरक्षण के साथ अधोसंरचना विकास मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में विकास कार्यों को पर्यावरण संरक्षण के साथ जोड़ने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कार्य किये जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण के दौरान खुदाई से निर्मित गड्ढों को “लोक कल्याण सरोवर” के रूप में विकसित किया जा रहा है। अब तक 506 सरोवर तैयार किए जा चुके हैं और 600 नए सरोवर विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है। साथ ही सड़क किनारे भूजल रिचार्ज व्यवस्था, फ्लाई-ओवर पर रेन वॉटर हार्वेस्टिंग तथा ग्रीन बिल्डिंग निर्माण जैसे नवाचारों को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। लोक निर्माण विभाग द्वारा शासकीय भवनों को ऊर्जा दक्ष, पर्यावरण अनुकूल और टिकाऊ बनाने की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है। तेजी से आगे बढ़ रहा सड़क और पुल निर्माण कार्य मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में सड़क और पुल निर्माण कार्यों को अभूतपूर्व गति मिली है। वर्तमान में लोक निर्माण विभाग के अंतर्गत 77 हजार किलोमीटर से अधिक सड़क नेटवर्क विकसित किया जा चुका है। पिछले दो वर्षों में विभाग द्वारा 11,632 किलोमीटर सड़कों का निर्माण एवं मजबूतीकरण, 5,741 किलोमीटर सड़कों का नवीनीकरण और 190 पुल एवं फ्लाईओवर का निर्माण किया गया है। इसके अतिरिक्त वर्तमान में 16,954 किलोमीटर सड़क निर्माण कार्य तथा 531 पुल एवं फ्लाईओवर परियोजनाएँ प्रगति पर हैं। इन परियोजनाओं से प्रदेश के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में आवागमन अधिक सुगम होगा तथा आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी। एक्सप्रेस-वे और रिंग रोड परियोजनाओं से मिलेगा नया आयाम मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में बड़े स्तर पर कनेक्टिविटी विस्तार के लिए 6 प्रमुख विकास पथ (एक्सप्रेसवे) परियोजनाओं पर कार्य प्रारंभ किया गया है। इसके साथ ही भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर और उज्जैन में रिंग रोड परियोजनाओं पर भी तेजी से कार्य किया जा रहा है। इन परियोजनाओं के पूर्ण होने के बाद शहरों में यातायात दबाव कम होगा, यात्रा समय घटेगा और औद्योगिक एवं व्यापारिक गतिविधियों को नई ऊर्जा मिलेगी। NHAI के साथ लगभग 1 लाख करोड़ का समझौता मुख्यमंत्री … Read more

चांदबड़ में शुरू हुआ “संपर्क अभियान 2026”, Vishvas Sarang ने किया आगाज

भोपाल  सहकारिता, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री  विश्वास कैलाश सारंग ने "संपर्क अभियान 2026" के तहत चांदबड़ में आयोजित विद्यु शिकायत निवारण शिविर का शुभारंभ किया और मती राजकुमारी कुशवाहा को नये कनेक्शन के लिए प्रमाण पत्र वितरित किया। चांदबड़ शिविर में मती रीना बाई और मती अनीता को नवीन विद्युत कनेक्शन,  नवीन को अस्थायी नवीन कनेक्शन,  गुलाबसिंह को मौके पर ही 'नो ड्यूज' प्रमाण पत्र तथा  बंशीराम साहू के विद्युत कनेक्शन के नाम परिवर्तन संबंधी आवेदन को भी त्वरित निराकरण की सेवाएं मिलीं। द्वारका नगर की सु कुशवाहा का 4 घंटे के भीतर रोशन हुआ घर सु राजकुमारी कुशवाहा मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के चांदबड़ जोन के द्वारका नगर में रहती हैं। उन्हें बिजली कंपनी के चांदबड़ में 14 मई को आयोजित शिविर में 4 घंटे के भीतर नया कनेक्शन मिल गया और उनका घर रोशन हो गया। घर रोशन होने से उनका परिवार बिजली कंपनी की सेवाओं की सराहना कर रहा है। सु राजकुमारी कुशवाहा को मिली यह त्वरित राहत न केवल कंपनी की कार्यकुशलता को दर्शाती है, बल्कि इस अभियान की सफलता की एक सकारात्मक शुरुआत है। दरअसल मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने 14 मई से एक नई पहल शुरू की है, इसके अंतर्गत समूचे कंपनी कार्यक्षेत्र में 374 संपर्क अभियान शिविर लगाये गये और भोपाल शहर में 27 शिविर लगाये गये। भोपाल शहर में 3 हजार 748 शिकायतें मौके पर निराकृत संपर्क अभियान शुभारंभ दिवस 14 मई को भोपाल शहर वृत्त अंतर्गत कुल 3 हजार 929 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से 3 हजार 748 शिकायतों का मौके पर ही निराकरण सुनिश्चित किया गया। शेष 181 शिकायतों का शीघ्र ही निराकरण सुनिश्चित किया जाएगा। कंपनी द्वारा भोपाल शहर वृत्त अंतर्गत प्राप्त कुल 3 हजार 929 शिकायतों में से बिल संबंधी 1 हजार 687, भुगतान संबंधी 1 हजार 611, विद्युत आपूर्ति संबंधी 247, नया कनेक्शन एवं भार वृद्धि संबंधी 124 तथा अन्य 79 शिकायतों को मौके पर ही निराकरण सुनिश्चित किया गया। चार अलग-अलग काउंटर लगाये गये संपर्क अभियान में लगाये गये शिविरों में उपभोक्ताओं की सुविधा और सुव्यवस्थित कार्यप्रणाली के लिए शिविरों में चार अलग-अलग काउंटर उपलब्ध थे। इनमें उपभोक्ता की शिकायत दर्ज करने और टोकन प्राप्त करने के लिए काउंटर नंबर 1 हेल्प डेस्क, बिजली बिल से संबंधित सभी शिकायतों (जैसे गलत रीडिंग, सुधार आदि) का तत्काल निराकरण के लिए काउंटर नंबर 2 (बिलिंग सुधार), काउंटर नंबर 3 (नया कनेक्शन व अन्य सेवाएं) और बंद मीटर बदलने, वोल्टेज की समस्या और बकाया राशि के भुगतान/वसूली के लिए काउंटर नंबर 4 (तकनीकी सेवाएं एवं भुगतान की सुविधा) काउंटर नंबर 5 में नवीन कनेक्शन, भार वृद्धि और नाम परिवर्तन जैसे कार्यों के आवेदन के लिए सुविधा उपलब्ध थी।  

एमपी हाई कोर्ट में नई टाइमिंग लागू, शुक्रवार से सुबह 10 बजे बैठेंगी बेंचें

जबलपुर हाई कोर्ट की स्थापना के बाद दूसरी बार न्यायालयीन समय बढ़ाया गया है। हाई कोर्ट में अब पंद्रह मिनट अधिक कार्य होगा। सुबह 10.15 की जगह अब हाईकोर्ट में सुनवाई सुबह 10 बजे से शुरू हो जाएगी। नया नियम शुक्रवार से ही लागू हो जाएगा। हाई कोर्ट के प्रिंसिपल रजिस्ट्रार (न्यायिक) समीर कुलश्रेष्ठ ने मुख्य न्यायाधीश संजीव सचदेवा के निर्देश पर इस संबंध में आधिकारिक आदेश जारी कर दिया है। उल्लेखनीय है कि पूर्व में हाई कोर्ट के काम का समय सुबह 10.30 से सायं 4.30 तक था। इस बीच विश्राम की अवधि 1.30 से 2.30 बजे तक थी। तीन जनवरी 2022 को इसमें संशोधन किया गया था। संशोधित समय के अनुसार सुबह 10.15 से सायं 4.30 तक न्यायालयीन कार्य हो रहा था। विश्राम की अवधि दोपहर 1.30 से 2.15 तक है। नए आदेश के तहत भोजनावकाश या कोर्ट उठने के समय में कोई परिवर्तन नहीं किया गया है। कामकाज सुबह दस बजे शुरू होगा।  

विद्युत सेवाओं में सुधार और उपभोक्ता संतुष्टि पर सरकार का फोकस : ऊर्जा मंत्री तोमर

भोपाल विद्युत समस्याओं के त्वरित समाधान के लिये ऊर्जा मंत्री  प्रद्युम्न सिंह तोमर ने मध्यप्रदेश मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा “संपर्क अभियान : 2026” के अंतर्गत बिजली उपभोक्ताओं की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिये आयोजित विशेष शिविर का शुभारंभ ग्वालियर के तानसेन नगर जोन के नवीन पार्क स्थित कैंप से किया। शुभारंभ कार्यक्रम में हिस्सा लेने ऊर्जा मंत्री इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन से पहुंचे। इस शिविर में उपभोक्ताओं की बिलिंग, मीटर, विद्युत कनेक्शन एवं अन्य शिकायतों का मौके पर समाधान सुनिश्चित किया जायेगा। इस दौरान उन्होंने कहा कि हमारा प्रयास है कि प्रत्येक उपभोक्ता को सरल, सुगम एवं बेहतर विद्युत सेवाएं उपलब्ध हों। ऊर्जा मंत्री  तोमर ने कहा कि लोगों के हित में लगाये जा रहे विद्युत शिविरों का लाभ उठाएं। उन्होंने कहा कि विद्युत विभाग खुद आपके दरवाजे तक आ रहा है। इसी तरह उन्होंने समाधान योजना का लाभ उठाने की भी लोगों से अपील करते हुए बताया कि यह योजना कल 15 मई तक के लिए और है। अगर उपभोक्ता बकाया राशि एक मुफ्त जमा नहीं कर सकते हैं, तो वह किस्तों में भी बकाया राशि का भुगतान कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि यह चुनावी योजना नहीं है। प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के प्रतिनिधि के रूप में इस सेवक ने इस योजना की शुरुआत की है, ताकि आपको लाभ मिल सके। ऊर्जा मंत्री ने लोगों से बिजली का बिल भरने की अपील करते हुए कहा अगर घर में आटा नहीं है, तो रोटी कैसे बनेगी, आटे के लिए पैसा तो खर्च करना ही पड़ेगा ना। बिजली का उपभोग करने के लिए हमें बिजली का बिल तो जमा करना पड़ेगा। ऊर्जा मंत्री  तोमर ने कहा कि अगर बिजली के बिल जमा नहीं किया, तो इसका असर बिजली कंपनियों पर पड़ेगा और आपको महंगी बिजली खरीदनी पड़ेगी। हमारी बिजली कंपनियां भी एक हाथ से बिजली खरीदती हैं और दूसरे हाथ से उसे बेचती हैं। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि एक समय था, जब शहर में कई-कई घंटे के लिए प्रतिदिन बिजली की कटौती रहती थी, लेकिन आज ऐसा नहीं है और यह सब आपके वोट की ताकत के कारण ही हुआ है। उन्होंने केम्प में तानसेन नगर जोन के कर्मचारियों को हेलमेट वितरित किए। ऊर्जा मंत्री  तोमर ने को उप नगर ग्वालियर स्थित लोको बिरखा कोली का बाड़ा, वार्ड क्रमांक 31 में चल रहे सड़क प्रगति कार्यों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने संबंधित अधिकारियों को गुणवत्ता के साथ समयसीमा में कार्य पूर्ण करने के निर्देश देते हुए कहा कि क्षेत्र के समग्र विकास, बेहतर यातायात व्यवस्था एवं नागरिक सुविधाओं को सुदृढ़ बनाने के लिए आपका सेवक निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने वार्ड 32 के गांधी नगर में सीवर समस्या का निरीक्षण करते हुए यथाशीघ्र समाधान के निर्देश नगर निगम अधिकारियों को दिए। ऊर्जा मंत्री  तोमर ने उप नगर ग्वालियर के शब्द प्रताप आश्रम क्षेत्र में सीवर सुपर सकर मशीन द्वारा चल रहे सफाई कार्य तथा मोहिते गार्डन क्षेत्र में नाले की सफाई कार्य का निरीक्षण भी किया। क्षेत्र में अपने भ्रमण के दौरान ऊर्जा मंत्री रेशम मील पुरानी लाइन में  पातीराम गडरिया जी के निवास पर पहुंचे तथा स्नेहपूर्वक भोजन ग्रहण किया।  

अनुशासनहीनता पर भाजपा कार्यकर्ता को कारण बताओ नोटिस

गुना  भारतीय जनता पार्टी ने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं पर अनर्गल टिप्पणी करने पर स्थानीय कार्यकर्ता को कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा है ।बता दें भाजपा के कैंट मंडल उपाध्यक्ष कृष्णपाल यादव को पार्टी के जिला महामंत्री संतोष धाकड़ ने सोशल मीडिया अकाउंट पर पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के ख़िलाफ़ आपत्तिजनक पोस्ट डालने को संज्ञान लेते हुए नोटिस जारी किया है ।नोटिस में यादव से तीन दिन के भीतर स्पष्टीकरण मांगा है ।नोटिस में कहा गया है कि मंडल उपाध्यक्ष के पी यादव पिछले कई दिनों से पार्टी विरोधी कार्य करते हुए लगातार पार्टी के ख़िलाफ़ सोशल मीडिया पर पोस्ट डाल रहे हैं जिससे पार्टी की छवि धूमिल हो रही है,वरिष्ठ संगठन के संज्ञान लेने के बाद यादव को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है तथा अगर तीन दिन के भीतर संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर पार्टी सख्त कार्रवाई करेगी

हाई कोर्ट ने कार्तिकेय चौहान को दी मोहलत, राहुल गांधी के खिलाफ मानहानि केस में अगली सुनवाई तय

जबलपुर  हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति विशाल मिश्रा की एकलपीठ के समक्ष गुरुवार को लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी की याचिका पर सुनवाई हुई। मामला एमपी-एमएलए कोर्ट, भोपाल के विशेष मजिस्ट्रेट द्वारा मानहानि के प्रकरण में जारी समन को चुनौती से संबंधित है। सुनवाई के दौरान भाजपा नेता शिवराज सिंह चौहान के पुत्र कार्तिकेय सिंह के अधिवक्ता ने बताया कि प्रकरण में जरूरी अधीनस्थ कोर्ट का आदेश-पत्र व दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए हैं। याचिकाकर्ता के अधिवक्ता की ओर से आदेश-पत्र व दस्तावेज प्रस्तुत सहमति व्यक्त की गई। लिहाजा, हाई कोर्ट ने माेहलत प्रदान करते हुए अगली सुनवाई 17 जुलाई को निर्धारित कर दी। उल्लेखनीय है कि भाजपा नेता शिवराज सिंह चौहान के पुत्र कार्तिकेय सिंह के लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के विरु0 एमपी-एमएलए कोर्ट भोपाल में मानहानि का परिवाद दायर किया था। परिवाद में कहा गया था कि 2018 में राहुल कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष थे। उस समय झाबुआ में हुई चुनावी सभा में राहुल गांधी ने एक भाषण के दौरान कथित तौर पर पनामा पेपर्स लीक का जिक्र करते हुए शिवराज सिंह चौहान और उनके बेटे कार्तिकेय का नाम लिया था। राहुल गांधी ने तुलना करते हुए कहा था कि पाकिस्तान में नवाज शरीफ पर कार्रवाई हुई, लेकिन मध्य प्रदेश में ऐसा नहीं हुआ। इस बयान को लेकर कार्तिकेय सिंह चौहान ने इसे अपनी छवि को नुकसान पहुंचाने बताया था। विशेष मजिस्ट्रेट द्वारा परिवाद की सुनवाई करते हुए राहुल गांधी को समन जारी किया गया था। समन व परिवाद को निरस्त कराने राहत चाहते हुए राहुल गांधी ने हाई कोर्ट की शरण ली थी। उन्होंने आरोपों को नकारते हुए परिवाद को बेबुनियाद बताया। हाई कोर्ट ने याचिका की सुनवाई करते हुए शिकायतकर्ता का पक्ष सुनने के लिए उन्हें नोटिस जारी कर जवाब प्रस्तुत करने निर्देश जारी किए थे। याचिकाकर्ता राहुल गांधी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता विवेक कृष्ण तन्खा व अजय गुप्ता ने पक्ष रखा।  

सभी विभागों की जिम्मेदारियां तय : 30 मई तक पूर्ण करने के निर्देश

भोपाल मुख्य सचिव  अनुराग जैन ने राज्य स्तरीय समिति की बैठक में बाढ़ राहत एवं बचाव संबंधी निर्देश दिये हैं कि जरूरत पड़ने पर सभी विभाग उन्हें दी गई जिम्मेदारियों के अनुरूप कलेक्टर के समन्वय में बाढ़ राहत और बचाव संबंधी कार्य करेंगे। उन्होंने विभाग प्रमुखों से कहा है कि वे निर्धारित एसओपी के अनुसार 30 मई तक सभी जरूरी व्यवस्थाएं पहले से सुनिश्चित कर लें। मुख्य सचिव  जैन गुरुवार को मंत्रालय में वर्षा पूर्व बाढ़ से बचाव संबंधी आवश्यक प्रबंधों की राज्य स्तरीय बैठक में समीक्षा कर रहे थे। गृह विभाग इस कार्य के लिए नोडल होगा। पुलिस महानिदेशक  कैलाश मकवाना सहित सहित अन्य विभाग प्रमुख वीडियो कॉफ्रेंसिंग से बैठक में शामिल हुए। सेना के अधिकारी भी इस अवसर पर उपस्थित थे। बैठक में राहत आयुक्त  विवेक पोरवाल ने विगत वर्षों की बाढ़ और बारिश की स्थिति तथा विभागों को सौंपे गए कार्यों की जानकारी का प्रस्तुतीकरण दिया। मुख्य सचिव  जैन ने अगले 15 दिनों में सौंपे गये दायित्वों को पूरा करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। उन्होंने कहा कि राज्य में उसी तरह का सिस्टम विकसित किया जाये, जिससे जनहानि न हो। उन्होंने ग्रामीण विकास, लोक निर्माण, नगरीय विकास, राजस्व, गृह, कृषि, जल संसाधन, पीएचई, स्वास्थ्य, ऊर्जा और मौसम विभाग को मिलकर समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिये। मुख्य सचिव  जैन ने कहा कि मौसम की सटीक जानकारी के लिए पहले से चिन्हित स्थानों पर केंद्र स्थापित करने की दिशा में प्रयास किए जाएं ।उन्होंने कहा कि मौसम का अलर्ट सिस्टम भी पहले से बेहतर हुआ है और सभी संबंधित विभाग इस तरह की सूचनाओं के आदान प्रदान के साथ त्वरित कार्यवाही सिस्टम विकसित करें। मानसून पूर्व बाढ़ एवं अतिवृष्टि से निपटने के लिए हुई राज्य स्तरीय बैठक में गृह विभाग को सेना से समन्वय, बाढ़ बचाव उपकरणों की तैयारी, प्रशिक्षित तैराकों की सूची और नियंत्रण कक्ष से समन्वय की जिम्मेदारी दी गई। राजस्व विभाग को सभी कलेक्टर को चेक-लिस्ट अनुसार तैयारी, आपदा की स्थिति में क्षति आकलन और समय पर राहत वितरण सुनिश्चित करने का कार्य सौंपा गया है। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग को अस्थायी शिविरों के लिए भवन चयन, जर्जर भवनों के चिन्हांकन की कार्रवाई, निचले क्षेत्रों से आबादी का स्थानांतरण और खुले बोरवेल/कुओं की सुरक्षा के निर्देश दिए गए हैं। लोक निर्माण विभाग को पुलों पर बेरियर, जर्जर भवनों की मरम्मत और चेतावनी बोर्ड लगाने का कार्य सौंपा गया है। परिवहन विभाग को बसों की फिटनेस जांच, ओवरलोडिंग पर नियंत्रण और बाढ़ में सुरक्षित यातायात की व्यवस्था सुनिश्चित करने का दायित्व मिला है। नगरीय विकास विभाग को नालों की सफाई, निचली बस्तियों को खाली कराने और जर्जर भवनों की मरम्मत सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। जल संसाधन विभाग को बांधों की मजबूती, जल निकासी, पूर्वानुमान और बाढ़ संभावित गांवों का चिन्हांकन करने का उत्तरदायित्व सौंपा गया है। स्वास्थ्य विभाग को बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों में चिकित्सा, दवाएं, टीकाकरण और महामारी रोकथाम के लिए आवश्यक सामग्री की व्यवस्था के साथ सर्पदंश के उपचार में प्रयुक्त एंटीवेनम की पर्याप्त व्यवस्था करनी होगी। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग को स्वच्छ पेयजल, शुद्धिकरण, क्लोरीन टैबलेट वितरण और निगरानी की जिम्मेदारी दी गई है। कृषि विभाग को खाद-बीज का भंडारण, समय पर वितरण और कीट-व्याधि पर निगरानी का दायित्व दिया गया है। पशुपालन विभाग को पशु चिकित्सा दल, दवाएं, चारे का भंडारण और मृत पशुओं के सुरक्षित निपटान की जिम्मेदारी सौंपी गई है। खाद्य विभाग को खाद्यान्न और आवश्यक राहत सामग्री का भंडारण, मूल्य निर्धारण और वितरण की व्यवस्था करना होगी। ऊर्जा विभाग को राहत स्थलों पर विद्युत आपूर्ति, वैकल्पिक व्यवस्था, फील्ड टीम गठन और पब्लिक सूचना की जिम्मेदारी दी गई है। महिला एवं बाल विकास विभाग को महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा, परामर्शदाताओं की मदद से सुरक्षित निष्क्रमण की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं। मौसम विभाग को मानसून के दौरान वर्षा की दैनिक जानकारी और मौसम का पूर्वानुमान प्रतिदिन गृह, जल संसाधन विभाग और नर्मदा घाटी विकास प्राधिकारण को नियमित रूप से देनी होगी। दूरदर्शन तथा आकाशवाणी को भारी वर्षा तथा बाढ़ की स्थिति में जिला प्रशासन या राज्य शासन के निर्देश पर पूर्व चेतावनी और स्थानीय लोगों को सही जानकारी देने के लिए कहा गया है। मुख्य सचिव  जैन ने कहा कि हालांकि पहुंच विहीन क्षेत्रों की संख्या अब न के बराबर रह गई है और आगामी एक माह में लोक निर्माण विभाग रह गए क्षेत्रों में भी आवश्यक पुल पुलियों का निर्माण कर सकता है। उन्होंने राहत आयुक्त से कहा कि राहत और बचाव कार्यों के लिये आवश्यक धनराशि का बेहतर उपयोग करें।