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उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने इंजीनियरिंग कॉलेज रीवा में टेक फेस्ट का किया शुभारंभ

भोपाल  उप मुख्यमंत्री  राजेन्द्र शुक्ल ने इंजीनियरिंग कालेज रीवा में टेक फेस्ट का शुभारंभ किया। रीवा इंजीनियरिंग कालेज के 62वें स्थापना दिवस पर आयोजित समारोह में कालेज के पूर्व छात्र उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने कहा कि अपने स्थापना की 62वीं वर्षगांठ मना रहा इंजीनियरिंग कालेज, रीवा तकनीक और विकास के नए आयाम गढ़ रहा है। इंजीनियरिंग कालेज के विकास में इसके पूर्व छात्रों का सराहनीय योगदान है। इंजीनियरिंग कालेज, रीवा ने विन्ध्य की कई प्रतिभाओं को तराशा है जो देश-विदेश के बड़े संस्थानों में अपनी प्रतिभा की चमक बिखेर रही हैं। इंजीनियरिंग कालेज के विकास के लिए हर संभव सहायता दी जाएगी। पूर्व छात्रों के सहयोग से आज इंडस्ट्री इंस्टीट्यूट इंट्रैक्शन सेंटर की आधारशिला रखी गई है। यह सेंटर कालेज के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों, प्रोफेसरों का बड़े औद्योगिक संस्थानों के साथ संवाद का केन्द्र बनेगा। उन्होंने सेंटर के निर्माण के लिए विधायक निधि से 10 लाख रुपए देने की घोषणा की। उप मुख्यमन्त्री  शुक्ल ने कहा कि भारत में प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के कुशल नेतृत्व में तेजी से विकास हो रहा है। भारत विश्वगुरू बनने की ओर तेजी से कदम बढ़ा रहा है। खाड़ी में अशांति के कारण होर्मूज स्टेट से किसी भी देश के जल जहाज पार नहीं हो रहे हैं, लेकिन ईरान ने भारत के जहाजों को जाने की अनुमति दी है। यह हमारे देश के कुशल नेतृत्व की विश्व में अच्छी साख का परिणाम है। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने कहा कि रीवा बहुत तेजी से विकास कर रहा है। पेरिस सम्मेलन के बाद हमने सबसे पहले गुढ़ में 750 मेगावाट का सोलर प्लांट लगाया। इसकी बिजली से दिल्ली की मेट्रो चल रही है। रीवा से इंदौर, भोपाल और दिल्ली के लिए सीधी हवाई सेवा है। रीवा से 17 मार्च को रायपुर और 15 अप्रैल से कोलकाता के लिए भी हवाई सेवा शुरू हो रही है। अब बड़े उद्योगपतियों, निवेशकों तथा विशेषज्ञों को रीवा आने में किसी तरह की कठिनाई नहीं होगी। इंजीनियरिंग कालेज में रिसर्च और इनोवेशन की दिशा में लगातार अच्छे प्रयास किए जा रहे हैं। प्रदर्शनी में विद्यार्थियों ने एलपीजी गैस संकट से निपटने के लिए वैकल्पिक मॉडल प्रस्तुत किये हैं। यहाँ प्रतिभाओं की कमी नहीं है। बड़े प्लेटफार्म का अवसर मिलने पर विन्ध्य की प्रतिभाएं आसमान तक तिरंगा फहरा सकती हैं। उप मुख्यमंत्री ने समारोह के पूर्व ट्रिपल आई सेंटर का भूमिपूजन किया और विद्यार्थियों द्वारा लगाई गई टेक फेस्ट प्रदर्शनी का अवलोकन किया। समारोह में कॉलेज के पूर्व छात्र एवं एनटीपीसी के सेवानिवृत्त सीएमडी  आरएस शर्मा, अडानी उद्योग समूह के रिन्यूअल एनर्जी के मैनेजिंग डायरेक्टर  चैतन्य साहू ने भी विचार व्यक्त किये। समारोह में कालेज के प्राचार्य  आर.पी. तिवारी ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कालेज की विकास यात्रा की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि कालेज में 1964 में तीन कोर्स शुरू किए गए। वर्तमान में पाँच कोर्स, पीजी कोर्स और पीएचडी की सुविधा है। कालेज में 9 यूजी कोर्स तथा 10 पीजी कोर्स शुरू करने के लिए 175 करोड़ की कार्ययोजना बनाई गई है। नगर निगम के अध्यक्ष  व्यंकटेश पाण्डेय, अल्ट्राटेक सीमेंट मैहर के प्रेसिडेंट तथा प्लांट हेड  विजनेश्वर मोहंती, टोंस हाइड्रल पावर के असिस्टेंट चीफ इंजीनियर  पुरूषोत्तम गुप्ता, बीएसएनएल के पीजीएम  यतीश कठेरिया, कालेज के प्रथम बैच के छात्र सेवानिवृत्त चीफ इंजीनियर  अनुपम वास्तव, अन्य पूर्व छात्र, प्राध्यापकगण तथा विद्यार्थी उपस्थित रहे।  

महिला पुलिस की कामयाबी को सलाम: सेमिनार में उत्कृष्ट विवेचना करने वाली अधिकारियों का सम्मान

भोपाल महिला सुरक्षा शाखा, पुलिस मुख्यालय द्वारा 13 मार्च को नवीन पुलिस मुख्यालय स्थित सभागार में “महिला पुलिस अधिकारियों की उपलब्धियों का प्रस्तुतीकरण एवं सम्मान” विषय पर सेमिनार का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में प्रदेश के विभिन्न जिलों से अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक से लेकर प्रधान आरक्षक स्तर तक की कुल 95 महिला पुलिस अधिकारी प्रतिभागी के रूप में सम्मिलित हुईं। सेमिनार के दौरान महिला पुलिस अधिकारियों द्वारा अपने द्वारा विवेचित महत्वपूर्ण प्रकरणों से संबंधित अनुभव, चुनौतियां एवं उपलब्धियों का प्रस्तुतीकरण किया गया। प्रस्तुतियों में विवेचना की अवधि, अनुसंधान के दौरान सामने आई चुनौतियाँ तथा उनसे निपटने की प्रक्रिया, साक्ष्य संकलन की वैज्ञानिक एवं विधिक प्रक्रिया, न्यायालय द्वारा की गई महत्वपूर्ण टिप्पणियों का विश्लेषण तथा विवेचना के दौरान अपनाई गई प्रभावी रणनीतियों जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं पर विस्तार से प्रकाश डाला गया। इन प्रस्तुतियों के आधार पर प्रतिभागियों द्वारा की गई विवेचनाओं का निर्धारित मापदण्डों के अनुसार मूल्यांकन भी किया गया। सेमिनार के समापन अवसर पर विशेष पुलिस महानिदेशक (महिला सुरक्षा) श्री अनिल कुमार द्वारा चयनित प्रतिभागियों को उत्कृष्ट विवेचना एवं उत्कृष्ट कार्य हेतु सम्मानित किया गया। अपने उद्बोधन में उन्होंने कहा कि महिला पुलिस अधिकारियों को अपने द्वारा की गई विवेचनाओं तथा उनसे प्राप्त न्यायालयीन निर्णयों का गहन अध्ययन करते हुए महत्वपूर्ण बिंदुओं का विश्लेषण करना चाहिए तथा उन्हें भविष्य की विवेचनाओं में समाहित करना चाहिए, जिससे अनुसंधान की गुणवत्ता और अधिक प्रभावी एवं सुदृढ़ हो सके। मूल्यांकन के उपरांत उत्कृष्ट विवेचना के लिए प्रथम पुरस्कार उपनिरीक्षक लक्ष्मी बागरी (जिला मैहर), द्वितीय पुरस्कार उपनिरीक्षक मोनिका गौर (जिला नर्मदापुरम्) तथा तृतीय पुरस्कार उपनिरीक्षक अंजली श्रीवास्तव (नगरीय पुलिस, इंदौर) को प्रदान किया गया। वहीं उत्कृष्ट कार्य के लिए प्रथम पुरस्कार उपनिरीक्षक वीणा विश्वकर्मा (जिला टीकमगढ़) का चयन किया गया। कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों द्वारा मैदानी स्तर पर विवेचना के दौरान आने वाली चुनौतियों, उनके व्यावहारिक समाधान तथा विवेचना की गुणवत्ता को बेहतर बनाने के उपायों पर भी विचार-विमर्श किया गया। इस सेमिनार के माध्यम से महिला पुलिस अधिकारियों को प्रोत्साहित करते हुए महिला सुरक्षा के क्षेत्र में संवेदनशील, प्रभावी एवं पेशेवर पुलिसिंग को और अधिक सुदृढ़ करने की दिशा में कार्य करने पर बल दिया गया।  

मुरैना के डायल 112 हीरोज: संवेदनशीलता का उदाहरण, घायल राष्ट्रीय पक्षी मोर को समय पर मिला उपचार

भोपाल डायल-112 सेवा केवल आपराधिक या आपात पुलिस सहायता तक सीमित नहीं है, बल्कि यह आमजन के साथ-साथ वन्यजीवों की सुरक्षा और संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। मुरैना जिले में डायल-112 जवानों की संवेदनशील कार्यवाही से घायल राष्ट्रीय पक्षी मोर को समय पर उपचार मिल सका। 13 मार्च को राज्य स्तरीय पुलिस कंट्रोल रूम डायल-112 भोपाल में सूचना प्राप्त हुई कि मुरैना जिले के थाना नूराबाद क्षेत्र के सीहोरा गाँव में एक मोर अज्ञात कारणों से घायल हो गया है। सूचना मिलते ही नूराबाद थाना क्षेत्र में तैनात डायल-112 एफआरव्ही वाहन को तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना किया गया। मौके पर पहुँचकर आरक्षक  रवि कुमार एवं पायलट  अंशुल शर्मा ने देखा कि वन क्षेत्र से भटककर आया एक मोर अज्ञात कारणों से घायल हो गया था। स्थिति को देखते हुए डायल-112 जवानों ने त्वरित कार्यवाही करते हुए घायल मोर को सावधानीपूर्वक सुरक्षित किया और एफआरव्ही वाहन की सहायता से उपचार एवं संरक्षण के लिए वन केंद्र मुरैना पहुँचाकर वन विभाग के अधिकारियों के सुपुर्द किया। वन विभाग द्वारा घायल मोर का उपचार किया जा रहा है। डायल-112 टीम की संवेदनशील और जिम्मेदार कार्रवाई से राष्ट्रीय पक्षी को समय पर उपचार उपलब्ध हो सका। डायल 112 हीरोज श्रृंखला की यह घटना दर्शाती है कि मध्यप्रदेश पुलिस की डायल-112 सेवा आपात स्थितियों में केवल नागरिकों ही नहीं, बल्कि पर्यावरण और वन्यजीव संरक्षण के प्रति भी समान रूप से सजग और प्रतिबद्ध है।  

राजगढ़ में गैस एजेंसियों के लिए नए नियम, अधिक पैसे लेने पर कलेक्टर ने कार्रवाई का किया ऐलान

 राजगढ़  कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी डॉ. गिरीश कुमार मिश्रा द्वारा जिले में आवश्यक वस्तुओं एवं सेवाओं, विशेष रूप से एलपीजी गैस की आपूर्ति से संबंधित भ्रामक जानकारी के प्रसार को रोकने तथा उपभोक्ताओं को सही जानकारी उपलब्ध कराने के उद्देश्य से भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 के अंतर्गत प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किए गए हैं। गैस वितरकों के लिए स्टॉक और दरों का प्रदर्शन अनिवार्य जारी आदेश के अनुसार राजगढ़ जिले में संचालित सभी एलपीजी गैस वितरकों को निर्देशित किया गया है कि वे अपने गैस गोदाम/एजेंसी परिसर के बाहर प्रतिदिन उपलब्ध स्टॉक एवं दरों की जानकारी स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करेंगे। इसके साथ ही गैस वितरण से संबंधित वाहनों पर भी स्टिकर एवं बैनर लगाकर सही जानकारी का प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करेंगे। शिकायत निवारण और मूल्य नियंत्रण के निर्देश आदेश में यह भी कहा गया है कि प्रत्येक गैस वितरक अपने उपभोक्ताओं की शिकायतों के निराकरण हेतु टोल-फ्री नंबर जारी कर उसे प्रमुख स्थान पर प्रदर्शित करेंगे तथा प्राप्त शिकायतों की विधिवत पंजी संधारित करेंगे। साथ ही निर्धारित दर से अधिक मूल्य पर गैस रिफिलिंग नहीं की जाएगी। साप्ताहिक रिपोर्ट और वैधानिक कार्रवाई कलेक्टर डॉ. मिश्रा ने निर्देश दिए हैं कि सभी गैस एजेंसियां प्रत्येक सप्ताह वितरण से संबंधित जानकारी संबंधित अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) को उपलब्ध कराएंगी। नियमों का पालन नहीं करने पर “द्रवित पेट्रोलियम गैस (प्रदाय और वितरण विनियमन) आदेश 2000” के तहत आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। सोशल मीडिया पर भ्रामक जानकारी पर रोक इसके अतिरिक्त किसी भी व्यक्ति, संस्था अथवा समूह द्वारा सोशल मीडिया या अन्य इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों पर आवश्यक वस्तुओं एवं सेवाओं की आपूर्ति से संबंधित भ्रामक अथवा गलत जानकारी पोस्ट अथवा शेयर नहीं करने के निर्देश दिए गए हैं। आदेश का उल्लंघन करने पर संबंधित के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 223 सहित अन्य विधिक प्रावधानों के अंतर्गत कार्रवाई की जाएगी।

भोपाल रेल रूट पर बड़ा सुधार: ट्रेनों की देरी कम करने के लिए 4.24 करोड़ की योजना

भोपाल नई रेलवे लाइन परियोजना के तहत पश्चिम मध्य रेलवे ने एक अहम कदम उठाते हुए करीब 4 करोड़ 24 लाख रुपये का टेंडर जारी किया है। इस परियोजना के पूरा होने के बाद भोपाल से गुजरने वाली ट्रेनों का संचालन और अधिक सुरक्षित, तेज और सुचारु हो सकेगा। आधुनिक तकनीक वाले उपकरण लगने से बिजली आपूर्ति से जुड़ी खराबियों का तुरंत पता लगाया जा सकेगा, जिससे ट्रेनों की देरी कम होगी और यात्रियों को अधिक भरोसेमंद रेल सेवा मिल सकेगी। हाई-टेक निगरानी और आटोमेटिक फाल्ट लोकेटर सिस्टम पश्चिम मध्य रेलवे के निर्माण विभाग के अनुसार यह निविदा आरआरएम-बीपीएल नई ब्रॉडगेज लाइन परियोजना के तहत जारी की गई है। इसके अंतर्गत भोपाल और कोटा मंडल के आरआरएम-बीपीएल सेक्शन में रेलवे के 2×25 केवी एसी ट्रैक्शन सिस्टम से जुड़े उपकरण लगाए जाएंगे। परियोजना के तहत एसपी, एसएसपी और टीएसएस स्टेशनों पर आटोमेटिक फाल्ट लोकेटर की आपूर्ति, इंस्टालेशन, टेस्टिंग और उसे चालू करने का कार्य किया जाएगा। यह सिस्टम विद्युत आपूर्ति में आने वाली खराबी का तुरंत पता लगाने में मदद करेगा। 12 महीने में पूरा होगा काम, यात्रियों को मिलेगा लाभ इस काम की अनुमानित लागत करीब 4.24 करोड़ रुपये रखी गई है और इसे 12 महीनों के भीतर पूरा करने का लक्ष्य तय किया गया है। परियोजना पूरी होने के बाद रेलवे की विद्युत व्यवस्था अधिक मजबूत होगी और ट्रेनों के संचालन में तकनीकी बाधाएं कम होंगी। इससे भोपाल सहित इस रूट से यात्रा करने वाले हजारों यात्रियों को सुरक्षित, समयबद्ध और बेहतर रेल सेवा का लाभ मिलेगा। – नवल अग्रवाल, पीआरओ, भोपाल मंडल  

सीएम मोहन यादव का कांग्रेस पर तंज: संकट के समय तिरंगा लेकर चले जहाज, विपक्ष फैलाता रहा भ्रम

कटनी  बरही में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने करीब एक हजार करोड़ रुपये की विकास योजनाओं का जिक्र करते हुए किसानों के लिए कृषि महोत्सव आयोजित करने की बात कही। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों को आधुनिक और लाभकारी खेती के लिए प्रोत्साहित कर रही है। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि पूर्व की सरकारों ने प्रदेश के विकास के लिए पर्याप्त काम नहीं किया। साथ ही उन्होंने बताया कि आवास योजनाओं के लिए फिर से सर्वे कराया जा रहा है और जल्द ही जिले में मेडिकल कॉलेज की स्थापना भी की जाएगी। भव्य आभार रैली मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का शनिवार को कटनी जिले के बरही में भव्य आभार रैली के माध्यम से स्वागत किया गया। बड़ा तालाब से विजयनाथ धाम मंदिर के मेला प्रांगण तक करीब एक किलोमीटर लंबी रैली निकाली गई। बरही के मुख्य बाजार मार्ग से रथ में निकली इस रैली के दौरान लोगों ने पुष्प वर्षा कर मुख्यमंत्री का स्वागत किया। रैली के दौरान मुख्यमंत्री के साथ रथ में खजुराहो सांसद विष्णु दत्त शर्मा, विजयराघवगढ़ विधायक संजय सत्येंद्र पाठक और जिला भाजपा अध्यक्ष दीपक टंडन सोनी भी मौजूद रहे। किसानों, व्यापारियों, जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों और प्रबुद्धजनों ने जगह-जगह पुष्प वर्षा कर मुख्यमंत्री का अभिनंदन किया।  

सामाजिक सद्भाव बढ़ाने का प्रभावी तरीका है सामूहिक विवाह: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

सामाजिक सद्भाव बढ़ाने का सशक्त माध्यम हैं सामूहिक विवाह : मुख्यमंत्री डॉ. यादव पहले बेटियों के जन्म से ही विवाह की सताती थी चिंता, अब सरकार कर रही बेटियों का कन्यादान मुख्यमंत्री कन्या/विवाह योजना से जरूरतमंद परिवारों की बेटियों का बस रहा है घर शुजालपुर में हुआ सर्व धर्म सामूहिक विवाह सम्मेलन सम्मेलन में हुआ 162 बेटियों का विवाह और 38 बेटियों का निकाह भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि हमारी संस्कृति के मूल में सामाजिकता है, सद्भाव है और इस सद्भाव को बढ़ाने में सामूहिक विवाह सम्मेलन एक बड़ा ही मजबूत और कारगर माध्यम है। बेटियों के पाणिग्रहण संस्कार से बड़ा पुण्य का, कोई दूसरा काम हो ही नहीं सकता। पहले बेटी के जन्म होने के साथ ही उसके परिवार को बेटी की शादी की चिंता सताती थी, लेकिन अब मुख्यमंत्री कन्या विवाह/निकाह योजना के माध्यम से मध्यप्रदेश सरकार बेटियों का कन्यादान और विदाई कर रही है। इस योजना से प्रदेश के गरीब-वंचित और जरूरतमंद परिवारों की बेटियों का घर बस रहा है। जन्म से लेकर पढ़ाई, नौकरी, मातृत्व और विवाह तक हमारी सरकार हर कदम पर बहनों-बेटियों के साथ खड़ी है। मुख्यमंत्री ने प्रदेश के नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि मितव्ययिता बेहद जरूरी है। इसलिए शादी-ब्याह में होने वाले फिजूलखर्चों से हमेशा बचें। अपने बेटे-बेटियों का विवाह/निकाह सामान्य समारोह या सामूहिक विवाह सम्मेलन में ही करें। इससे जो धन बचे, वह अपने बच्चों के बेहतर जीवन के लिए बचाकर रखें। मुख्यमंत्री ने बताया कि उन्होंने अपने पुत्र का विवाह भी सामूहिक विवाह सम्मेलन में ही कराया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शनिवार को मुख्यमंत्री निवास से शुजालपुर (जिला शाजापुर) में हुए सर्व धर्म सामूहिक विवाह सम्मेलन को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार बेटियों के सम्मान, इनके सशक्तिकरण और सामाजिक सुरक्षा के लिए सदैव ही प्रतिबद्ध है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सभी नवविवाहित जोड़ों को बधाई और सफल वैवाहिक जीवन की शुभकामनाएं और आशीर्वाद दिया। सम्मेलन में 200 बेटियों का सामूहिक विवाह/निकाह सम्पन्न हुआ। इसमें 162 बेटियों का विधि-विधान से विवाह और 38 बेटियों का कबूलियत निकाह कराया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि हर नवविवाहित जोड़े को मंगलाशीष के तौर पर सरकार की ओर से गृहस्थी के लिए 49-49 हजार रूपए दिए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सामूहिक विवाह सम्मेलन वर-वधु को जन्म-जन्मांतर तक साथ देने की अमरता की बेला का उत्सव है। उन्होंने आशा व्यक्त करते हुए कहा कि यह सामूहिक विवाह सम्मेलन आगे और भी अधिक विशाल बनेगा तथा सभी जरूरतमंद परिवारों के लिए सबसे बड़े मददगार के रूप में अपनी पहचान बनाएगा। उच्च शिक्षा, आयुष एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री  इंदर सिंह परमार ने विवाह सम्मेलन में कहा कि हमारी सरकार ने समाज के हर वर्ग के कल्याण के लिए योजनाएं बनाई हैं। सामाजिक सुरक्षा और सद्भाव के लिए मुख्यमंत्री कन्या विवाह/निकाह योजना ने अपनी एक अलग ही पहचान बनाई है। आज के दौर में विवाह आयोजनों में फिजूलखर्ची बढ़ रही है। यह समाज के हित में नहीं है। इसलिए सभी को अपने पुत्र-पुत्रियों का विवाह सामूहिक विवाह और ऐसे आयोजनों में ही कराने की ओर बढ़ना होगा।  परमार ने नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद देते हुए कहा कि सभी का जीवन प्रेम, विश्वास, सम्मान और संस्कारों से परिपूर्ण रहे। सर्व धर्म सामूहिक विवाह/निकाह सम्मेलन में जिला पंचायत अध्यक्ष  हेमराज सिंह सिसोदिया, जनपद पंचायत शुजालपुर की अध्यक्षा मती सीताबाई रामचन्दर पाटोदिया, उपाध्यक्ष मती मंजूबाई गोविन्दसिंह मेवाड़ा, नगर पालिकाध्यक्ष शुजालपुर मती बबीता परमार,  विजय सिंह बैस,  कृपाल सिंह मेवाड़ा,  अशोक नायक,  नरेन्द्र सिंह यादव,  देवेन्द्र तिवारी सहित बड़ी संख्या में नागरिक एवं वर-वधु के परिजन उपस्थित थे।  

न्याय तक सबकी पहुंच: श्रवण बाधित पेशेवरों के लिए MP में शुरू हुआ देश का पहला भौतिक मध्यस्थता प्रशिक्षण कार्यक्रम

भोपाल  न्याय तक समावेशी पहुँच को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा श्रवण बाधित पेशेवरों तथा सांकेतिक भाषा इंटरप्रेटर्स के लिए भारत का प्रथम भौतिक 40-घंटे का मध्यस्थता प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रारंभ किया गया है। पाँच दिवसीय यह गहन प्रशिक्षण कार्यक्रम इंदौर में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, इंदौर के सहयोग से तथा उच्चतम न्यायालय की मध्यस्थता एवं सुलह परियोजना समिति (MCPC), नई दिल्ली के तत्वावधान में किया जा रहा है। यह पहल न्यायमूर्ति  संजीव सचदेवा, मुख्य न्यायाधिपति, मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय एवं मुख्य संरक्षक, मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के दूरदर्शी नेतृत्व में तथा न्यायमूर्ति  विवेक रूसिया, प्रशासनिक न्यायाधिपति, मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय एवं कार्यपालक अध्यक्ष, मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के मार्गदर्शन में प्रारंभ की गई है। कार्यक्रम का शुभारंभ न्यायमूर्ति  विजय कुमार शुक्ला, न्यायाधिपति, मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय एवं अध्यक्ष, उच्च न्यायालय विधिक सेवा समिति, इंदौर द्वारा किया गया। न्यायमूर्ति  शुक्ला ने कहा कि मध्यस्थता न्याय की सबसे मानवीय और सहभागी विधाओं में से एक है, जहाँ टकराव के स्थान पर संवाद और आपसी समझ के माध्यम से स्थायी समाधान प्राप्त होते हैं। उन्होंने कहा कि न्याय वितरण प्रणाली को निरंतर विकसित होना चाहिए जिससे विवाद निवारण की व्यवस्थाओं का लाभ समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुँच सके। श्रवण बाधित पेशेवरों और सांकेतिक भाषा इंटरप्रेटर्स को मध्यस्थता का प्रशिक्षण प्रदान करना इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे वैकल्पिक विवाद निवारण तंत्र अधिक समावेशी और सुलभ बन सके। सु सुमन वास्तव, सदस्य सचिव, मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण ने कहा कि मध्यस्थता का मूल आधार समझ, सहानुभूति और संवाद है। उन्होंने इस पहल के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि मध्यस्थता में हमेशा शब्दों की आवश्यकता नहीं होती, क्योंकि वास्तविक संवाद अक्सर धैर्य, विश्वास और संवेदनशीलता के माध्यम से विकसित होता है। सु वास्तव ने कहा कि यह प्रशिक्षण कार्यक्रम श्रवण बाधित प्रतिभागियों को विवादों के सौहार्दपूर्ण समाधान के लिये आवश्यक ज्ञान और व्यावहारिक कौशल प्रदान करने के उद्देश्य से आयोजित किया गया है। प्रशिक्षण कार्यक्रम का संचालन मध्यस्थता एवं सुलह परियोजना समिति (MCPC), उच्चतम न्यायालय द्वारा नामित अनुभवी प्रशिक्षकों 'मती अनुजा सक्सेना' एवं 'मती रीमा भंडारी' द्वारा किया जा रहा है। चालीस घंटों के प्रशिक्षण में प्रतिभागियों को मध्यस्थता के दर्शन, संवाद तकनीक, वार्ता कौशल, विवाद विश्लेषण, मध्यस्थ की नैतिकता तथा व्यावहारिक मध्यस्थता अभ्यासों पर संरचित प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। कार्यक्रम के दौरान प्रभावी मध्यस्थता के लिए आवश्यक कौशल जैसे सक्रिय श्रवण, गैर-मौखिक संप्रेषण, संरचित संवाद, कॉकस तकनीक तथा सहमति आधारित समाधान को सुगम बनाने की विधियों पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। प्रतिभागियों को भारत में मध्यस्थता के विधिक ढाँचे से भी परिचित कराया जा रहा है, जिसमें सिविल प्रक्रिया संहिता की धारा 89 के अंतर्गत निहित सिद्धांतों तथा मध्यस्थों से अपेक्षित व्यावसायिक मानकों की जानकारी शामिल है। इस पहल को आनंद सर्विस सोसायटी का महत्वपूर्ण सहयोग प्राप्त हुआ है तथा  ज्ञानेंद्र पुरोहित ने श्रवण बाधित समुदाय के साथ समन्वय स्थापित करने और प्रतिभागियों की सहभागिता सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। प्रशिक्षण कार्यक्रम में  अनुप कुमार त्रिपाठी, प्रिंसिपल रजिस्ट्रार, मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय, खंडपीठ इंदौर,  शिवराज सिंह गवली, सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, इंदौर,  अनिरुद्ध जैन, उप सचिव, मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण और  दीपक शर्मा, जिला विधिक सहायता अधिकारी उपस्थित रहे।  

पंचायत शिक्षकों को मिलेगा सरकारी कर्मचारियों जैसा वेतनमान, बड़ी राहत की खबर

इंदौर  इंदौर हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को बड़ा झटका दिया है। युगलपीठ ने सरकार की पुनर्विचार याचिका खारिज करते हुए पंचायत शिक्षकों को अन्य सरकारी कर्मचारियों समान वेतनमान देने के फैसले को बरकरार रखा है। सरकार ने इस आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें कोर्ट ने पंचायत शिक्षकों को सरकारी कर्मचारियों के समान वेतनमान देने का आदेश दिया था। कोर्ट ने सरकार के 29 दिसंबर 2017 के आदेश को खारिज करते हुए पंचायत शिक्षकों को भी छठे वेतन आयोग का लाभ 1 जनवरी 2006 से देने का आदेश दिया था और साथ ही बकाया राशि पर 6 फीसदी ब्याज के साथ भुगतान का आदेश दिया था। इसके खिलाफ हाईकोर्ट की युगलपीठ में सरकार ने अपील दायर करते हुए चुनौती दी थी। तर्क दिया था कि एकलपीठ ने गलत तरीके से 1 जनवरी 2006 से लाभ देने का आदेश दिया। राज्य सरकार का कहना था कि छठे वेतन आयोग का लाभ 1 अप्रैल 2007 से ही मिलना था। इसमें भी सरकार हार गई थी। इसके बाद पुनर्विचार याचिका दायर की थी। भेदभाव नहीं कर सकते हाई कोर्ट जस्टिस विजय कुमार शुक्ला और जस्टिस आलोक अवस्थी की कोर्ट ने साफ किया कि पंचायत कर्मचारियों को समान वेतनमान देने का मामला पहले भी कई फैसलों में हल हो चुका है। जिनमें स्पष्ट किया है कि पंचायत कर्मचारियों को समान वेतन व सरकारी कर्मचारियों समान सभी लाभ मिलें। जब राज्य सरकार ने पंचायतकर्मियों को सरकारी कर्मचारियों के समान वेतन देने का फैसला लिया है, तो उनसे भेदभाव नहीं किया जा सकता। क्या है मामला सरकार ने 7 जुलाई 2017 व 29 दिसंबर 2017 को आदेश जारी किया था कि पंचायत शिक्षकों को छठे वेतन आयोग का लाभ 1 अप्रैल 2007 से दिया जाए, बजाय उनकी नियुक्ति तारीख के। फैसले के खिलाफ पंचायत शिक्षकों ने याचिका दायर की थी, जिसमें उन्होंने दावा किया कि उन्हें छठे वेतन आयोग के लाभउनकी प्रारंभिक नियुक्ति तारीख से दिए जाएं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव नेपानगर में जनजातीय सम्मेलन में रविवार को होंगे शामिल 363 करोड़ 82 लाख रूपये के 127 विकास कार्यों का करेंगे लोकार्पण एवं भूमिपूजन

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 15 मार्च रविवार को बुरहानपुर जिले के नेपानगर में विभिन्न विकास कार्यों की सौगात देंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव 363 करोड़ 82 लाख रूपये के 127 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमि-पूजन करेंगे। नेपानगर में ‘‘जनजातीय सम्मेलन एवं विभिन्न विकास कार्यों के लोकार्पण एवं भूमि-पूजन कार्यक्रम’’ में धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान अंतर्गत कार्यशाला भी आयोजित होगी। जनजातीय बाहुल्य नेपानगर में जनजातीय समुदाय की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी जायेगी। साथ ही मुख्यमंत्री डॉ. यादव संवाद भी करेंगे। जनजातीय सम्मेलन में कृषि, उद्यानिकी, पशु चिकित्सा, आजीविका मिशन, वन विभाग की ‘‘विकास प्रदर्शनी’’ भी रहेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सम्मेलन में विभिन्न योजनाओं के पात्र हितग्राहियों को हितलाभ भी वितरित करेंगे।