samacharsecretary.com

अतिक्रमण के कारण रोक: गोविंदपुरा-मंडीदीप-पीथमपुर में 6000 एकड़ औद्योगिक जमीन पर कब्जा, निवेश रुके हुए

इंदौर /भोपाल  मप्र में कागजों पर उद्योगों के लिए डेढ़ लाख एकड़ जमीन उपलब्ध है लेकिन हकीकत उलट है। प्रदेशभर के औद्योगिक क्षेत्रों की 5-6 हजार एकड़ जमीन अवैध कब्जों से घिरी है। इनमें अवैध कॉलोनियां, गोदाम और व्यावसायिक कब्जे शामिल हैं। नए उद्योगों के लिए जगह ही नहीं मिल पा रही है। इसे मुक्त करा लिया जाए तो 90 हजार लोगों को रोजगार मिल सकता है, वहीं, 4 से 5 हजार करोड़ निवेश भी आ सकता है। लेकिन, राजनीतिक दखल के चलते ये प्रयास सफल नहीं हो पा रहे। भोपाल में 700 एकड़ में फैले गोविंदपुरा औद्योगिक क्षेत्र में 180 एकड़ से अधिक अतिक्रमण है। 141 एकड़ जमीन का विवाद एक बिल्डर समूह से हाई कोर्ट में सालों से लंबित है तो 10-15 एकड़ क्षेत्र में 3 झुग्गी बस्तियां बसी हुई हैं। ​पीथमपुर में ही 50 एकड़ जमीन मुक्त कराई गई है। इधर, मप्र औद्योगिक विकास निगम के एमडी चंद्रमौलि शुक्ला कहते हैं, भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर के औद्योगिक क्षेत्रों में महिला हॉस्टल बन रहे हैं। अवैध कॉलोनियों और झुग्गियों में रह रही महिला श्रमिकों को इनमें बसाया जाएगा। प्रति एकड़ निवेश टेक्सटाइल में एक करोड़ रुपए प्रति एकड़ से लेकर फार्मा में 6 करोड़ तक निवेश आता है। मल्टी स्टोरी क्लस्टर में 10-12 करोड़ तक है। वहीं, प्रति एकड़ निवेश पर अलग-अलग सेक्टर में 20 से 150 लोगों को नौकरियां मिलती हैं। 15 साल बाद प्रस्ताव पर पहल मंडीदीप इंडस्ट्री एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष राजीव अग्रवाल ने कहा, 15 साल पहले हमने पास में खाली पड़ी सरकारी जमीन पर इंडस्ट्रियल टाउनशिप बनाने का प्रस्ताव दिया था ताकि कब्जे न हों और श्रमिकों को आवास मिलें। अब ये पहल हुई है। श्रमिकों के आवास बनेंगे पीएम आवास योजना के तहत निजी बिल्डरों की मदद से औद्योगिक क्षेत्रों के पास श्रमिकों के लिए अफोर्डेबल हाउसिंग प्रोजेक्ट और रेंटल प्रोजेक्ट के तहत आवास बनेंगे। -संकेत भोंडवे, आयुक्त नगरीय विकास एवं आवास किस तरह के अतिक्रमण…     40% गुमठियां, पार्किंग     35% झुग्गी बस्तियां     25% भूखंड धारकों के अवैध निर्माण  

मध्यप्रदेश सरकार का बड़ा फैसला: जूनियर डॉक्टरों का स्टाइपेंड बढ़ा, PG से इंटर्न तक को फायदा

भोपाल प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों में कार्यरत जूनियर डॉक्टरों के स्टाइपेंड में बढ़ोतरी की गई है। उपभोक्ता मूल्य सूचकांक 2.94 के आधार पर यह वृद्धि करते हुए एक अप्रैल 2025 से संशोधित स्टाइपेंड लागू कर दिया गया है। कितने रुपये बढ़ाया गया नए संशोधन के अनुसार पीजी प्रथम वर्ष के डॉक्टरों का स्टाइपेंड 75,444 रुपये से बढ़ाकर 77,662 रुपये कर दिया गया है। वहीं पीजी द्वितीय वर्ष का स्टाइपेंड 77,764 रुपये से बढ़ाकर 80,050 रुपये और तृतीय वर्ष का स्टाइपेंड 80,086 रुपये से बढ़ाकर 82,441 रुपये निर्धारित किया गया है। इसी तरह मेडिकल इंटर्न का स्टाइपेंड भी बढ़ाया गया है। पहले जहां इंटर्न को 13,928 रुपये मिलते थे, वहीं अब उन्हें 14,337 रुपये स्टाइपेंड दिया जाएगा। इसके अलावा सुपर स्पेशियलिटी पाठ्यक्रम के प्रथम, द्वितीय और तृतीय वर्ष के डॉक्टरों का स्टाइपेंड भी बढ़ाकर 82,441 रुपये तय किया गया है। सीनियर रेजिडेंट का इतना बढ़ा सीनियर रेजिडेंट का स्टाइपेंड 88,210 रुपये से बढ़ाकर 90,803 रुपये कर दिया गया है, जबकि जूनियर रेजिडेंट का स्टाइपेंड 63,324 रुपये निर्धारित किया गया है। इस फैसले से प्रदेश के सभी शासकीय मेडिकल कॉलेजों में पढ़ाई कर रहे और सेवाएं दे रहे जूनियर डॉक्टरों को सीधा लाभ मिलेगा।  

मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा उपभोक्‍ताओं के हित में सरल एवं पारदर्शी व्यवस्था लागू

भोपाल मध्यप्रदेश मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने अपने कार्यक्षेत्र भोपाल, नर्मदापुरम, ग्‍वालियर एवं चंबल संभाग में 150 किलोवॉट भार तक के निम्‍न दाब श्रेणी के नए विद्युत कनेक्शन उपभोक्‍ताओं को प्रदान करने के लिए ऑनलाइन, सरल एवं पारदर्शी प्रक्रिया लागू की है। कंपनी के "सरल संयोजन पोर्टल" पर उपलब्‍ध इस   https://saralsanyojan.mpcz.in:8888/home  लिंक के माध्‍यम से यह कनेक्‍शन ऑनलाइन मिलेंगे। नई व्यवस्था के तहत 150 किलोवॉट भार तक के नए कनेक्शन के लिए आवेदन केवल "सरल संयोजन पोर्टल" के माध्यम से ऑनलाइन ही स्वीकृत किए जाएंगे। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के प्रबंध संचालक  ऋषि गर्ग ने बताया है कि उपभोक्‍ताओं द्वारा नए कनेक्‍शन के लिए अब तक आवेदन के बाद 45 मीटर तक की सर्विस लाइन तथा आवश्यकता होने पर वितरण ट्रांसफार्मर, उच्‍च दाब/ निम्‍न दाब लाइन जैसी अन्य अधोसंरचना संबंधी निर्माण कार्य स्वयं कराना होते हैं। अब इस नई व्यवस्था में, वैध विद्युतीकृत क्षेत्रों में ऐसे सभी कार्य अब मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा कराए जाएंगे। इसके लिए शर्त है कि उपभोक्ता को मप्र विद्युत नियामक आयोग द्वारा निर्धारित रेग्‍यूलेशन में निहित प्रावधानों के अनुसार निर्धारित सप्लाई अफोर्डिंग चार्जेस का भुगतान करना होगा। उपभोक्‍ता को रेग्‍यूलेशन में दिए गए प्रावधानों के अनुसार ऊपर दिए गए प्रावधानों में से किसी भी विकल्‍प को चुनने की स्‍वतंत्रता होगी। यह नई व्यवस्था उपभोक्ताओं के अधिकारों को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस व्यवस्था के लागू होने से 150 किलोवॉट भार तक के निम्‍न दाब श्रेणी के नए कनेक्शनों को लेने के इच्‍छुक उपभोक्ताओं को अब सर्विस लाइन और अन्‍य अधोसंरचना बनाने में होने वाली कठिनाइयों से राहत मिल सकेगी। गौरतलब है कि मप्र मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी उपभोक्‍ता उन्‍मुखी कंपनी है और कंपनी द्वारा प्रदेश के सतत विकास के लिए तथा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के अभ्युदय मध्यप्रदेश की अवधारणा को जमीन पर उतारने के लिए निरंतर सुशासन की दिशा में कारगर कदम उठाए जा रहे हैं।  फायदे इस व्यवस्था के लागू होने से लघु एवं मध्यम उद्योगों के साथ-साथ अन्य वाणिज्यिक संस्थानों, नए स्टार्टअप को नया कनेक्शन आसानी से मिल सकेगा।     नया कनेक्‍शन ऑनलाइन और निर्धारित समय अवधि में प्राप्त होगा। नई व्‍यवस्‍था से मध्यप्रदेश के उद्योग जगत में नए युग का सूत्रपात होगा और राज्‍य में उद्योगों को लगाने के लिए “इज ऑफ डूइंग बिजनेस “ के उद्देश्य की पूर्ति हो सकेगी।     यह पहल मध्यप्रदेश के सतत विकास लक्ष्‍य (SDG Goals) को प्राप्त करने में सहायक होगी।     निरन्‍तर उद्योगों के लगने से रोजगार के नए अवसर भी उपलब्ध होंगे।  

विनीत गैस एजेंसी का आकस्मिक निरीक्षण, स्टॉक में अनियमितता पर एसडीएम ने दिए कार्रवाई के निर्देश

भोपाल भोपाल में गैस सिलेंडरों के भंडारण और वितरण व्यवस्था की जांच के तहत आज एसडीएम एमपी नगर  एल. के. खरे द्वारा जंबूरी मैदान स्थित विनीत गैस एजेंसी का आकस्मिक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान गोदाम में बड़ी मात्रा में कमर्शियल एवं घरेलू गैस सिलेंडर पाए गए, जिनके स्टॉक में अनियमितता सामने आई। निरीक्षण के दौरान गोदाम के अंदर 51 बड़े कमर्शियल सिलेंडर, 147 पाँच किलोग्राम के कमर्शियल सिलेंडर तथा 18 प्लास्टिक कमर्शियल सिलेंडर भरे हुए पाए गए। इसके अतिरिक्त घरेलू श्रेणी के 535 भरे हुए तथा 823 खाली सिलेंडर भी गोदाम में पाए गए। जांच के दौरान उपलब्ध सिलेंडरों का स्टॉक रजिस्टर से मिलान नहीं हो पाया, जिससे अनियमितता की आशंका व्यक्त की गई। निरीक्षण के समय फूड इंस्पेक्टर  प्रवीण भी उपस्थित रहे। एसडीएम  खरे ने मामले को गंभीरता से लेते हुए फूड इंस्पेक्टर को आवश्यक जांच कर नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए। मौके पर ही संपूर्ण कार्रवाई का पंचनामा तैयार किया गया तथा संबंधित गैस एजेंसी के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की प्रक्रिया प्रारंभ की गई है। प्रशासन द्वारा स्पष्ट किया गया है कि गैस सिलेंडरों के भंडारण और वितरण में किसी भी प्रकार की अनियमितता या नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

उपभोक्ता अधिकारों की रक्षा में उत्कृष्ट योगदान पर राज्य स्तरीय पुरस्कारों की घोषणा

भोपाल राज्य स्तरीय पुरस्कार चयन समिति की बैठक में उपभोक्ता संरक्षण के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले संस्थानों तथा विद्यार्थियों का चयन राज्य स्तरीय उपभोक्ता संरक्षण पुरस्कारों के लिए किया गया है। वर्ष 2025 के लिए यह चयन उपभोक्ता संरक्षण और जनजागरूकता के क्षेत्र में किए गए उल्लेखनीय प्रयासों के आधार पर किया गया है। संस्थागत श्रेणी में अखिल भारतीय उपभोक्ता उत्थान संगठन, कटनी को प्रथम पुरस्कार के लिए चयनित किया गया है। संस्था को 1,11,000 रुपए की पुरस्कार राशि और प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जाएगा। इसी श्रेणी में म.प्र. प्राकृतिक चिकित्सालय तथा महाविद्यालय समिति, ग्वालियर को द्वितीय पुरस्कार के लिए चयनित किया गया है। संस्था को 51,000 रुपए की पुरस्कार राशि और प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जाएगा। उपभोक्ता जागरूकता को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से आयोजित राज्य स्तरीय पोस्टर प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने रचनात्मक अभिव्यक्ति के माध्यम से प्रभावी संदेश प्रस्तुत किए। शासकीय उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, माधवनगर, जिला उज्जैन की कक्षा 11वीं की छात्रा अश्विता पोरवाल को प्रथम पुरस्कार के लिए चयनित किया गया है। उन्हें 6000 रुपए की पुरस्कार राशि और प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जाएगा। शासकीय प्राथमिक विद्यालय, 19 नया बसेरा, जिला इंदौर की कक्षा 4वीं की छात्रा रानी चौधरी को द्वितीय पुरस्कार के लिए चयनित किया गया है। उन्हें 4000 रुपए की पुरस्कार राशि और प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जाएगा। शासकीय पीएमश्री एमएलबी कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, जिला छतरपुर की कक्षा 9वीं की छात्रा खुशबु रेवकर को तृतीय पुरस्कार के लिए चयनित किया गया है। उन्हें 2000 रुपए की पुरस्कार राशि और प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जाएगा। इसी क्रम में चित्र प्रतियोगिता में भी विद्यार्थियों की रचनात्मक प्रतिभा को सराहा गया। शासकीय पीएमश्री एमएलबी कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, जिला छतरपुर की कक्षा 10वीं की छात्रा शुभी सेन को प्रथम पुरस्कार के लिए चयनित किया गया है। उन्हें 6000 रुपए की पुरस्कार राशि और प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जाएगा। शासकीय पीएमश्री एमएलबी कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, जिला छतरपुर की कक्षा 9वीं की छात्रा तपस्या कुशवाहा को द्वितीय पुरस्कार के लिए चयनित किया गया है। उन्हें 4000 रुपए की पुरस्कार राशि और प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जाएगा। शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, बदनावर, जिला धार की कक्षा 11वीं की छात्रा पलक सिसोदिया को तृतीय पुरस्कार के लिए चयनित किया गया है। उन्हें 2000 रुपए की पुरस्कार राशि और प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जाएगा। चयनित संस्थाओं और विद्यार्थियों को विश्व उपभोक्ता अधिकार दिवस के अवसर पर 15 मार्च को आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में सम्मानित किया जाएगा। यह पुरस्कार उपभोक्ता संरक्षण के प्रति समाज में जागरूकता बढ़ाने और विद्यार्थियों को इस विषय से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। 

MP की लाड़ली बहनों को बड़ी सौगात: 34वीं किस्त के 1500 रुपये ट्रांसफर

भोपाल मध्यप्रदेश की लाड़ली बहनों के लिए 13 मार्च का दिन खास रहा। उनके लाड़ले भाई प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उनके खातों में योजना की 34वीं किश्त के रूप में 1500 रुपये ट्रांसफर किए। सीएम डॉ. यादव ने ग्वालियर जिले के घाटीगांव स्थित शबरी माता मंदिर में आयोजित राज्य स्तरीय सम्मेलन में 1.25 महिलाओं के खातों में 1836 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए। इस मौके पर उन्होंने 121 करोड़ रुपये की लागत के 54 विकासकार्यों का भूमि-पूजन और लोकार्पण भी किया। उन्होंने दीप प्रज्ज्वलन और कन्या पूजन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस मौके मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व में भारत बड़ी से बड़ी कठिन परिस्थिति से निपटने के लिए तैयार है। उन्होंने वर्ष 2047 तक विकसित भारत बनाने का लक्ष्य रखा है। इसमें प्रदेश की बहन बेटियां महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। जून 2023 से फरवरी 2026 तक योजना के तहत 33 किश्तों का नियमित अंतरण किया जा चुका है। इस अवधि में 54,140 करोड़ रुपये की राशि बहनों के खातों में सीधे ट्रांसफर की गई है। आज नवरात्रि से पहले बहनों को 1500 रुपए की सौगात मिली है। महिलाओं का आर्थिक सशक्तिकरण प्रदेश सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी क्रम में हमारी सरकार ने लाड़ली बहना योजना के अंतर्गत गत नवंबर माह से मासिक सहायता में 250 रुपये की वृद्धि की है। इससे अब पात्र हितग्राही बहनों को प्रतिमाह 1500 रुपये की आर्थिक सहायता मिल रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार अब लाड़ली बहना योजना से जुड़ी महिलाओं को केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं रखेगी, बल्कि उन्हें कौशल उन्नयन, रोजगार और स्व-रोजगार के अवसरों से भी जोड़ा जाएगा, ताकि वे आत्मनिर्भर बनकर अपने परिवार और समाज की प्रगति में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकें। इस दिशा में हमारी सरकार ने अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। खुला सौगातों का पिटारा     मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भितरवार में 122 करोड़ के विकास कार्यों की सौगात मिली है। इसमें 40 करोड़ लागत के भव्य सांदीपनि विद्यालय का लोकार्पण और नए पुल का भूमिपूजन भी शामिल है।     डबरा के जौरासी गांव में डॉ भीमराव अंबेडकर स्मारक के लिए दूसरे चरण में 12.5 हजार करोड़ के भूमि पूजन किया जाएगा।     कुलैथ, डबरा और मुरार में 50-50 सीट के बालक बालिका छात्रावास का पूजन हो रहा है। आईएसबीटी के पास 7 करोड़ की लागत से श्रमिक विश्रामगृह का निर्माण किया जा रहा है।     उन्होंने कहा 2024 से अब तक ग्वालियर में 220 औद्योगिक इकाइयों के लिए भूमि आवंटित की जा चुकी है।     यहां 12.5 हजार करोड़ के निवेश से हजारों लोगों को रोजगार के अवसर मिलेंगे और लोगों की जिंदगी बदलेगी। सीतापुर में फुटवियर क्लस्टर का निर्माण किया जा रहा है।     मुरैना में हाइड्रोजन निर्माण के लिए नया कारखाना लगाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि शिवपुरी के कूनो नेशनल पार्क में चीता अपना कुनबा बढ़ा रहा है।     माधव नेशनल पार्क अब टाइगर, घड़ियाल और कछुआ के लिए पहचान बना रहा है। किसान कल्याण वर्ष में हमारी सरकार ने किसानों को 40 रुपये बोनस देखकर गेहूं खरीदने का निर्णय लिया है।     प्रदेश में पशुपालन एवं दूध उत्पादन बढ़ाने के लिए नई योजना की शुरुआत की गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की ये घोषणाएं सीएम डॉ. यादव ने कहा कि भितरवार पीएचसी को सिविल अस्पताल बनाएंगे। घाटीगांव के उप स्वास्थ्य केंद्र का उन्नयन कराएंगे। भितरवार और घाटीगांव में युवाओं के कौशल विकास के लिए आईटीआई केंद्र की स्थापना करेंगे। भितरवार में मां शबरी माता का भव्य मंदिर निर्माण के लिए भूमि का सर्वे कराया जाएगा। संस्कृति विभाग के माध्यम से भगवान देवनारायण मंदिर में आयोजन होंगे। लिखी जा रही विकास की नई इबारत     कार्यक्रम में मौजूद केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि भितरवार विधानसभा क्षेत्र को माता शबरी का विशेष आशीर्वाद प्राप्त है।     प्रदेश में विकास की नई इबारत लिखी जा रही है।     लाडली बहनों को आज योजना की 34वीं किश्त सीधे बैंक खाते में मिल रही है।     प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विकसित भारत 2047 का संकल्प लिया है।     भारत अब अमृतकल से आगे शताब्दी काल की ओर बढ़ रहा है।     बहनों के आर्थिक सशक्तिकरण के बगैर विकसित भारत का लक्ष्य प्राप्त नहीं हो सकता है। इसीलिए मध्य प्रदेश में लाड़ली लक्ष्मी योजना, लाड़ली बहना योजना की शुरुआत की गई है।     प्रदेश की लाड़ली बहनों को आगामी वर्षों में प्रति माह 3000 तक दिए जाएंगे।     इस दौरान जल संसाधन मंत्री एवं ग्वालियर जिले के प्रभारी तुलसीराम सिलावट ने कहा कि हमारी सरकार ने जो कहा है, वह किया है।     प्रदेश के अन्नदाता को समृद्ध बनाने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने संकल्प लिया है।  

रिश्वत लेते पकड़ी गई पटवारी, जमीन पट्टा के लिए ₹1 लाख की मांग, लोकायुक्त ने ₹5 हजार लेते दबोचा

 धार  धार जिले की सरदारपुर तहसील में शुक्रवार को लोकायुक्त इंदौर की टीम ने ट्रैप कार्रवाई करते हुए एक महिला पटवारी को रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। आरोपित पटवारी जमीन का पट्टा जल्दी दिलाने के नाम पर एक लाख रुपये की मांग कर रही थी। लोकायुक्त टीम ने उसे आवेदक से पहली किश्त के रूप में पांच हजार रुपये लेते समय धर दबोचा।लोकायुक्त के महानिदेशक योगेश देशमुख के निर्देश पर भ्रष्टाचार के मामलों में सख्त कार्रवाई के तहत इंदौर इकाई ने यह ऑपरेशन अंजाम दिया। पट्टा दिलाने के नाम पर मांगे थे रुपये जानकारी के अनुसार, ग्राम कुमारिया खेड़ी (ग्राम पंचायत भानगढ़), तहसील सरदारपुर निवासी 53 वर्षीय लक्ष्मण कुमावत ने लोकायुक्त कार्यालय इंदौर में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि उसने जिस जमीन पर मकान बनाया है और उसके पीछे की जमीन पर उसका कब्जा है, उसका पट्टा उसके नाम होना है। लोकायुक्त टीम ने बिछाया जाल, रंगे हाथों दबोचा इस संबंध में आवेदक ने लोकायुक्त कार्यालय इंदौर में पुलिस अधीक्षक राजेश सहाय को शिकायत की। लोकायुक्त टीम ने शिकायत का सत्यापन कराया, जिसमें आरोप सही पाए गए। इसके बाद 13 मार्च 2026 को ट्रेप दल का गठन कर योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई की गई। टीम ने आरोपी पटवारी श्रीमती भारती राजपूत को आवेदक से पहली किश्त के रूप में पांच हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया। आरोपी के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण संशोधन अधिनियम 2018 की धारा 7 के अंतर्गत कार्रवाई की जा रही है। कार्रवाई में शामिल अधिकारी ट्रेप दल में कार्यवाहक निरीक्षक आशुतोष मिठास, कार्यवाहक प्रधान आरक्षक आशीष शुक्ला, आरक्षक विजय कुमार, आरक्षक आदित्य सिंह भदौरिया, आरक्षक पवन पटोरिया, आरक्षक मनीष माथुर, आरक्षक कृष्णा अहिरवार और महिला आरक्षक भारती बागोरा शामिल रहे।  

2 लाख भक्तों की ऑनलाइन भागीदारी के साथ बागेश्वर धाम में चतुर्थ हनुमान चालीसा हवन, पांचवां हवन 20 अप्रैल को

छतरपुर बागेश्वर धाम में गुरुवार रात पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने ऑनलाइन हनुमान चालीसा हवन करवाया. इसमें देश और विदेश के 2 लाख भक्तों ने एक साथ हवन पूजन किया. इस आयोजन का उद्दश्य घरों से नकारात्मक ऊर्जा का खात्मा करना था. इसके साथ ही इस प्रकार के हवन भक्त घर में कर सकें, इसकी विधि भी बताई गई।  हवन के साथ हनुमान चालीसा का पाठ बागेश्वर धाम परिसर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु प्रत्यक्ष रूप से उपस्थित हुए और हवन में हिस्सा लिया. बागेश्वर धाम में जो भक्त नहीं आ सकते, उनके लिए ऑनलाइन हवन और हनुमान चालीसा का आयोजन किया गया. धीरेंद्र शास्त्री द्वारा आयोजित यह चौथा हनुमान चालीसा हवन था. खास बात ये है कि इसमें विदेश के भी बड़ी संख्या में भक्त शामिल हुए।  सोशल मीडिया के माध्यम से जुड़े भक्त विदेश में रहने वाले भक्तों ने यूट्यूब, फेसबुक और अन्य सोशल प्लेटफॉर्म के माध्यम से आयोजन में हिस्सा लिया. धाम में पंडाल में बैठे 30 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने ऑनलाइन हवन पूजन में अपनी आहुति डाली. भक्तों ने दिव्य अनुष्ठान में आहुति देकर अपना कार्य सिद्ध किया. ऑनलाइन हवन व हनुमान चालीसा विधि-विधान से शुरू किया गया. यह हवन हनुमान चालीसा की 40 चौपाइयों के आधार पर विशेष विधि-विधान से संपन्न कराया गया।  यह इस श्रृंखला का चौथा आयोजन था। इससे पहले भी धाम पर तीन हनुमान चालीसा हवन आयोजित किए जा चुके हैं। हवनों की यह श्रृंखला दिसंबर 2025 से प्रारंभ हुई थी और 12 मार्च को इसका चौथा आयोजन संपन्न हुआ। हवन हनुमान चालीसा की 40 चौपाइयों के आधार पर विशेष विधि-विधान से संपन्न कराया गया। ऑनलाइन हनुमान चालीसा हवन से जुड़े लाखों श्रद्धालु इस हवन का मुख्य उद्देश्य सनातन परंपरा के अनुसार घर-घर यज्ञ और हवन की संस्कृति को पुनर्जीवित करना तथा लोगों को इसकी विधि से अवगत कराना है। कार्यक्रम के दौरान भक्तों ने अपने घर-परिवार में नकारात्मक ऊर्जा को दूर कर सकारात्मक ऊर्जा के संचार की कामना की। बागेश्वर महाराज ने बताया कि यह ऑनलाइन हनुमान चालीसा हवन भक्तों को साथ जोड़कर करवाया जाता है। इसका लक्ष्य है कि अधिक से अधिक लोग अपने घरों में भी हवन की परंपरा को अपनाएं।   बागेश्वर धाम में अगला आयोजन 20 अप्रैल को हवन का उद्देश्य सनातन परंपरा के अनुसार घर-घर यज्ञ और हवन की संस्कृति को पुनर्जीवित करना तथा लोगों को इसकी विधि से अवगत कराना है. कार्यक्रम के दौरान भक्तों ने श्रद्धा और आस्था के साथ आहुति देकर अपने घर-परिवार में फैली नकारात्मक ऊर्जा को दूर करने और सकारात्मक ऊर्जा के संचार की कामना की।  इस मौके पर पं. धीरेंद्र शास्त्रीने कहा "पांचवां अगला हनुमान चालीसा हवन 20 अप्रैल को बागेश्वर धाम में आयोजित किया जाएगा, जिसमें एक बार फिर बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होंगे. यह ऑनलाइन हनुमान चालीसा हवन भक्तों को साथ जोड़कर करवाया जाता है, ताकि अधिक से अधिक लोग अपने घरों में भी हवन की परंपरा को अपनाएं।  20 अप्रैल को बागेश्वर धाम में पांचवां हनुमान चालीसा अगला, पांचवां हनुमान चालीसा हवन 20 अप्रैल को बागेश्वर धाम में आयोजित किया जाएगा। इसमें भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है। हवन के लिए, ऑनलाइन जुड़े भक्तों ने रात में तिल, जौ, चावल, धूप, घी, दीपक, चंदन, लकड़ियां, कपूर, नारियल, सुपारी, कलावा, रुई की बाती, माचिस, पुष्प और जल जैसी आवश्यक सामग्री एकत्र कर निःशुल्क हवन किया।  

जूनियर डॉक्टर प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था की अहम कड़ी: उप मुख्यमंत्री शुक्ल

जूनियर डॉक्टर प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी: उप मुख्यमंत्री  शुक्ल उप मुख्यमंत्री  शुक्ल के निर्देश के अनुक्रम में स्टाइपेंड वृद्धि आदेश जारी 1 अप्रैल 2025 से होंगे प्रभावशील भोपाल  उप मुख्यमंत्री  राजेन्द्र शुक्ल के निर्देशों के अनुपालन में चिकित्सा शिक्षा विभाग द्वारा जूनियर डॉक्टरों के स्टाइपेंड में वृद्धि संबंधी आदेश जारी कर दिए गए हैं, जो 1 अप्रैल 2025 से प्रभावी होंगे। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने कहा कि प्रदेश सरकार चिकित्सा शिक्षा की गुणवत्ता को सुदृढ़ करने और स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सशक्त एवं जनोन्मुख बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि जूनियर डॉक्टर पूर्ण समर्पण से प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को सशक्त और सुदृढ़ करने में अपना महत्वपूर्ण योगदान निभायेंगे। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने कहा कि जूनियर डॉक्टर प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। मेडिकल कॉलेजों और संबद्ध अस्पतालों में वे न केवल अपने चिकित्सा प्रशिक्षण को पूर्ण करते हैं। मरीजों को निरंतर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने में भी जूनियर डॉक्टर अग्रणी भूमिका निभाते हैं। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने जूनियर डॉक्टर के हित को ध्यान में रखते हुए संबंधित अधिकारियों को सकारात्मक समाधान के निर्देश दिए थे। उसके अनुक्रम में विभाग द्वारा स्टाइपेंड वृद्धि का आदेश जारी किया गया है। प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों में कार्यरत जूनियर डॉक्टरों के स्टाइपेंड में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक 2.94 के आधार पर वृद्धि करते हुए 1 अप्रैल 2025 से संशोधित स्टाइपेंड लागू किया गया है। इसके तहत पीजी प्रथम वर्ष का स्टाइपेंड 75,444 रुपये से बढ़ाकर 77,662 रुपये, द्वितीय वर्ष का 77,764 रुपये से बढ़ाकर 80,050 रुपये तथा तृतीय वर्ष का 80,086 रुपये से बढ़ाकर 82,441 रुपये किया गया है। इसी प्रकार इंटर्न का स्टाइपेंड 13,928 रुपये से बढ़ाकर 14,337 रुपये किया गया है। सुपर स्पेशिलिटी पाठ्यक्रम के प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय वर्ष के स्टाइपेंड को भी बढ़ाकर 82,441 रुपये निर्धारित किया गया है। सीनियर रेजिडेंट का स्टाइपेंड 88,210 रुपये से बढ़ाकर 90,803 रुपये तथा जूनियर रेजिडेंट का स्टाइपेंड 63,324 रुपये निर्धारित किया गया है। इस निर्णय से प्रदेश के सभी शासकीय मेडिकल कॉलेजों में अध्ययनरत एवं सेवाएं दे रहे जूनियर डॉक्टरों को प्रत्यक्ष लाभ प्राप्त होगा।  

एमपी ट्रांसको ने बढ़ाई पॉवर क्षमता, बिसनूर सब स्टेशन में लगाया 50 एमव्हीए ट्रांसफार्मर

एमपी ट्रांसको ने बिसनूर सब स्टेशन में स्थापित किया 50 एमव्हीए क्षमता का अतिरिक्त पॉवर ट्रांसफार्मर बैतूल ऊर्जा मंत्री  प्रद्युमन सिह तोमर ने बताया कि मध्यप्रदेश पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी ने बैतूल जिले की बिजली व्यवस्था की सुदृढ़ता के लिए 132 के.व्ही. सब स्टेशन बिसनूर (मुलताई) में एक 50 एम.व्ही.ए. क्षमता का अतिरिक्त पॉवर ट्रांसफार्मर स्थापित कर उजीकृत कर दिया है। इससे बैतूल जिले की पारेषण प्रणाली को विश्वसनीयता मिलने के साथ मुलताई क्षेत्र के हजारों विद्युत उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण बिजली उचित वोल्टेज पर प्राप्त हो सकेंगी साथ ही सब स्टेशन में दूसरा ट्रांसफार्मर लगने से सिस्टम में फ्लेक्सिबिल्टी आई है। इन क्षेत्रों को होगा फायदा एमपी ट्रांसको के अतिरिक्त मुख्य अभियंता  राजेश शाँडिल्य ने बताया कि बिसनूर में इस पॉवर ट्रांसफार्मर उर्जीकृत होने से सब स्टेशन से जुड़े स्थानीय बिसनूर के अलावा गेहुवरसा, पोंनी, टेरमुरनी, डब्ल्यू.आर.डी. फीडर से जुड़े हजारों कृषि विद्युत उपभोक्ताओं के साथ घरेलू उपभोक्ताओं को फायदा मिलेगा। बैतूल जिले की ट्रांसफारमेशन कैपेसिटी में बढोत्तरी मुख्य अभियंता  शांडिल्य ने जानकारी दी कि बिसनूर में 50 एम.व्ही.ए. ट्रांसफार्मर लगने से सब स्टेशन की क्षमता बढ़कर 100 एम.व्ही.ए. की हो गई है। एमपी ट्रांसको बैतूल जिले में 220 के.व्ही. के 3 सब स्टेशन बैतूल, गुड़गांव, सारणी एवं 132 के.व्ही. के 6 सब स्टेशन बैतूल, आमला, चिचौली, मुलताई, गुड़गांव व बिसनूर के माध्यम से विद्युत पारेषण करती है। इस ट्रांसफार्मर के उर्जीकृत होने से बैतूल जिले की ट्रांसफारमेशन कैपेसिटी में बढ़ोत्तरी 1598 एम.व्ही.ए. की हो गई है।