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लोकायुक्त ने लगाया भोपाल नगर निगम पर छापा, फर्जी बिल घोटाले की जांच में 10 साल के दस्तावेज जब्त

भोपाल  नगर निगम में शुक्रवार की सुबह उस वक्त हड़कंप मच गया, जब लोकायुक्त पुलिस की विशेष टीम ने फतेहगढ़ स्थित कार्यालय और एक अन्य दफ्तर पर दबिश दी।यह कार्रवाई निर्माण कार्यों के नाम पर फर्जी बिलों के जरिए करोड़ों रुपये के भुगतान की शिकायतों के बाद की गई है। लोकायुक्त की टीम शुक्रवार सुबह ठीक उस वक्त निगम दफ्तर पहुँची जब कर्मचारी अपनी सीटें संभाल ही रहे थे। फायनेंस और कंप्यूटर शाखा लोकायुक्त के घेरे में टीम ने सबसे पहले फायनेंस और कंप्यूटर शाखा को अपने घेरे में लिया। जानकारी के अनुसार, फतेहगढ़ ऑफिस खुलते ही लोकायुक्त की टीम वहाँ पहुँच गई थी। बताया जा रहा है कि लोकायुक्त को लंबे समय से शिकायतें मिल रही थीं कि निगम में बिना किसी जमीनी काम के, केवल कागजों पर फर्जी बिल लगाकर भुगतान का खेल चल रहा है। लोकायुक्त की दो अलग-अलग टीमें दोनों कार्यालयों में जांच कर रही हैं। कम्प्यूटर शाखा में नगर निगम से जुड़े महत्वपूर्ण ऑनलाइन रिकॉर्ड और लेखा-जोखा रखा जाता है, इसलिए दस्तावेजों की बारीकी से जांच की जा रही है। संबल योजना के दस्तावेज खंगाले टीम ने संबल योजना से जुड़े रिकॉर्ड और ऑनलाइन एंट्री की जांच शुरू की है। इसके साथ ही अन्य डिजिटल रिकॉर्ड में संभावित गड़बड़ियों की भी पड़ताल की जा रही है। फतेहगढ़ स्थित कार्यालय में मौजूद तीन कर्मचारियों वसीम, सोहेल और पंकज से अंदर पूछताछ की जा रही है। टीम ने सुबह करीब 11:30 बजे दोनों स्थानों पर एक साथ छापे की कार्रवाई शुरू की। 22 फरवरी को नए भवन में हुई थी शिफ्टिंग फतेहगढ़ में स्थित नगर निगम की कम्प्यूटर शाखा को 22 फरवरी को लिंक रोड नंबर-2 पर बने नए भवन में शिफ्ट किया गया था। रेड के दौरान दोनों इमारतों में रखे दस्तावेजों की जांच की जा रही है। कम्प्यूटर शाखा में होते हैं ये ऑनलाइन कार्य नगर निगम की कम्प्यूटर शाखा में संबल योजना, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, प्रॉपर्टी टैक्स और अन्य ऑनलाइन सेवाओं से जुड़े काम संचालित होते हैं। लोकायुक्त टीम इनसे संबंधित रिकॉर्ड की जांच कर रही है। दस साल पुराना रिकार्ड को जब्त किया जा रहा इस दौरान पिछले करीब 10 साल के रिकॉर्ड और दस्तावेजों की जांच की जा रही है। लोकायुक्त पुलिस इस मामले में नगर निगम के दो ऑफिस बॉय और एक ऑपरेटर से पूछताछ कर रही है। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक फर्जी बिल लगाकर भुगतान कराने का मामले से जुड़ी शिकायत के बाद कार्रवाई की गई है। लोकायुक्त की टीम पुराने दस्तावेजों और भुगतान से जुड़ी फाइलों की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले की स्पष्ट जानकारी सामने आ पाएगी। फिलहाल लोकायुक्त की कार्रवाई जारी है। संबल योजना और कर्मकार मंडल के तहत 2023 में 2 करोड़ से अधिक के फर्जीवाड़े मामले से जुड़े रिकॉर्ड लोकायुक्त की टीम खंगाल रही है। एक दशक पुराने दस्तावेजों की जब्ती कार्रवाई की सबसे बड़ी बात यह है कि पुलिस ने शिकायतों के आधार पर पिछले 10 वर्षों के पुराने रिकॉर्ड और दस्तावेज जब्त किए हैं। यह संकेत देता है कि यह घोटाला किसी एक कार्यकाल का नहीं, बल्कि एक दशक से चल रहा एक संगठित भ्रष्टाचार है। जांच टीम अब इन दस्तावेजों का मिलान जमीनी हकीकत से करने की तैयारी में है।

भोपाल जल संकट: भू-जल घटने के कारण निजी नलकूपों पर रोक, जिला घोषित जल अभावग्रस्त

भोपाल  मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में लगातार गिरते भू-जल स्तर को देखते हुए जिला प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है। कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने मध्यप्रदेश पेयजल परिरक्षण अधिनियम 1986 के तहत आदेश जारी करते हुए पूरे भोपाल जिले को जल अभावग्रस्त क्षेत्र घोषित कर दिया है। इसके साथ ही जिले में नए निजी और अशासकीय नलकूपों के खनन पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगा दिया गया है। भू-जल के अत्यधिक दोहन से संकट गहराया लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के कार्यपालन यंत्री ने प्रशासन को जानकारी दी कि जिले में कृषि और व्यावसायिक गतिविधियों के लिए भू-जल स्रोतों का अत्यधिक उपयोग हो रहा है। इसके कारण नलकूपों और पेयजल स्रोतों का जल स्तर तेजी से गिरता जा रहा है। यदि यह स्थिति जारी रही तो आगामी गर्मियों में भोपाल जिले में गंभीर पेयजल संकट उत्पन्न होने की आशंका जताई गई है। बिना अनुमति नहीं हो सकेगा बोरिंग मशीन का प्रवेश जारी आदेश के अनुसार जिले की राजस्व सीमाओं में बिना अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) की अनुमति के कोई भी बोरिंग मशीन प्रवेश नहीं कर सकेगी और नए निजी नलकूपों का खनन नहीं किया जा सकेगा। हालांकि सार्वजनिक सड़कों से गुजरने वाली मशीनों को इस प्रावधान से छूट दी गई है। अवैध बोरिंग पर जब्ती और एफआईआर प्रशासन ने राजस्व और पुलिस अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि यदि कोई बोरिंग मशीन अवैध रूप से जिले में प्रवेश करती है या प्रतिबंधित स्थानों पर नलकूप खनन का प्रयास करती है तो उसे तुरंत जप्त किया जाए और संबंधित थाने में एफआईआर दर्ज की जाए। विशेष परिस्थितियों में मिल सकेगी अनुमति कलेक्टर ने सभी अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) को निर्देश दिया है कि यदि किसी क्षेत्र में अपरिहार्य परिस्थिति हो तो उचित जांच के बाद नलकूप खनन की अनुमति दी जा सकती है। आदेश उल्लंघन पर सख्त सजा आदेश का उल्लंघन करने पर मध्यप्रदेश पेयजल परिरक्षण अधिनियम 1986 के तहत दो हजार रुपये तक का जुर्माना, दो वर्ष तक का कारावास या दोनों का प्रावधान है। सरकारी योजनाओं पर नहीं लागू होगा प्रतिबंध यह आदेश सरकारी योजनाओं के तहत किए जाने वाले नलकूप खनन पर लागू नहीं होगा। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग आवश्यकतानुसार योजनाओं के अंतर्गत नलकूप खनन का कार्य जारी रख सकेगा। प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि आवश्यकता पड़ने पर निजी जल स्रोतों को सार्वजनिक पेयजल व्यवस्था के लिए अधिग्रहित किया जा सकता है।

नवरात्रि मेले में घरेलू LPG प्रतिबंध, कमर्शियल गैस की कमी से व्यापारियों की मुश्किलें बढ़ीं

सलकनपुर  जिले के सलकनपुर स्थित प्रसिद्ध विजयासन देवी मंदिर में आगामी चैत्र नवरात्रि मेले को लेकर जिला प्रशासन ने सुरक्षा और व्यवस्थाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सख्त निर्देश जारी किए हैं। मौजूदा गैस संकट को देखते हुए मेला स्थल और मंदिर परिसर में घरेलू गैस सिलिंडर के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है। वहीं कमर्शियल गैस सिलिंडर की सीमित उपलब्धता के कारण मेले में दुकान लगाने वाले व्यापारियों की मुश्किलें भी बढ़ती नजर आ रही हैं।  जिला कलेक्टर बालागुरू के. ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि मेला क्षेत्र में किसी भी होटल, दुकान या प्रतिष्ठान में घरेलू गैस सिलिंडर का उपयोग पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। प्रशासन का कहना है कि भीड़भाड़ वाले क्षेत्र में ज्वलनशील पदार्थों से दुर्घटना की आशंका को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। यदि किसी दुकान या होटल में घरेलू गैस सिलिंडर का उपयोग पाया गया तो उसे जब्त कर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। साथ ही दुकानों में अग्नि सुरक्षा के मद्देनजर छोटे अग्निशमन यंत्र रखना भी अनिवार्य किया जाएगा। गैस संकट से बढ़ी परेशानी वर्तमान भू-राजनीतिक परिस्थितियों के कारण एलपीजी आपूर्ति पर भी असर देखने को मिल रहा है। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों को निर्देश दिए हैं कि एलपीजी की आपूर्ति प्राथमिकता के आधार पर घरेलू उपभोक्ताओं को दी जाए। इसके चलते कमर्शियल सिलिंडरों की उपलब्धता सीमित हो गई है। इस स्थिति का असर नवरात्रि मेले में दुकान लगाने वाले व्यापारियों पर भी पड़ रहा है। खाना बनाने और अन्य कार्यों के लिए उन्हें वैकल्पिक ईंधन की तलाश करनी पड़ रही है। बाजार में इन दिनों डीजल भट्टी की मांग बढ़ गई है, जिसकी कीमत करीब 12 से 15 हजार रुपये तक बताई जा रही है। कई व्यापारी इंडक्शन चूल्हा, इलेक्ट्रिक हीटर और लकड़ी की भट्टी जैसे विकल्पों पर भी विचार कर रहे हैं। स्थानीय व्यापारी अरविंद मालवीय और पंकज शर्मा का कहना है कि गैस सिलिंडर की कमी के कारण मेले में कारोबार करना मुश्किल हो सकता है। उनका कहना है कि पहले से ही बाजार में मंदी का माहौल है और ऐसे में गैस संकट से मेले का व्यापार प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है। मेले की तैयारियां तेज चैत्र नवरात्रि 19 मार्च से शुरू हो रही है। इस दौरान सलकनपुर स्थित विजयासन देवी मंदिर में लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। इसे देखते हुए जिला प्रशासन ने मेले की तैयारियां तेज कर दी हैं। कलेक्टर बालागुरू के. और पुलिस अधीक्षक दीपक कुमार शुक्ला ने सलकनपुर पहुंचकर अधिकारियों की बैठक ली और मेला व्यवस्था को लेकर विस्तृत दिशा-निर्देश दिए। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मंदिर परिसर में प्रवेश और निकास के अलग-अलग मार्ग, पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था और कर्मचारियों की तैनाती की योजना बनाई गई है। इसके साथ ही स्वास्थ्य सुविधाओं को भी प्राथमिकता दी जा रही है। मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में हेल्थ कैंप लगाए जाएंगे, जहां डॉक्टर और चिकित्सा स्टाफ मौजूद रहेगा। आपात स्थिति के लिए एंबुलेंस और फायर ब्रिगेड की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाएगी। श्रद्धालुओं की सहायता के लिए प्रमुख स्थानों पर हेल्प डेस्क और कंट्रोल रूम भी स्थापित किए जाएंगे। 

सीएम के सख्त निर्देश: वल्लभ भवन में समय पालन न करने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई होगी

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आज वल्लभ भवन में अधिकारियों और कर्मचारियों की समय पर उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए विशेष छापामार कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। उन्होंने मुख्य सचिव और सामान्य प्रशासन विभाग को आदेश दिया कि गुरुवार सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक वल्लभ भवन, विंध्याचल और सतपुड़ा कार्यालयों में सभी अधिकारियों और कर्मचारियों की उपस्थिति, आने-जाने का समय और अनधिकृत अनुपस्थिति की जानकारी एकत्रित की जाए। सामान्य प्रशासन विभाग ने इस कार्रवाई के लिए विशेष टीम का गठन कर सभी कार्यालयों में तैनाती कर दी है, साथ ही वरिष्ठ अधिकारियों को भी इस आदेश की सूचना दी गई है।  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पहले भी अधिकारियों को समय पर कार्यालय आने की हिदायत दे चुके हैं। उन्होंने कहा था कि कई बार पांच दिवसीय कार्यालय होने के बावजूद अधिकारी अपने निर्धारित समय पर नहीं आते, जो प्रशासनिक कार्यों में बाधा उत्पन्न करता है। सीएम के निर्देशों के जरिए यह सुनिश्चित किया जाएगा कि कार्यालय समय का पालन कड़ाई से हो। बता दें मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज राजस्थान और छत्तीसगढ़ के लिए दौरे पर रहेंगे। वे सुबह 9:05 बजे भोपाल से उड़ान भरकर उदयपुर पहुंचेंगे और वहां से भीलवाड़ा जाएंगे। भीलवाड़ा में वे उद्योगपतियों के साथ निवेश संभावनाओं पर संवाद करेंगे। इसके बाद दोपहर 3:25 बजे वे उदयपुर से जबलपुर के डुमना एयरपोर्ट के लिए रवाना होंगे। जबलपुर से गढ़ाकोटा के कार्यक्रम में शामिल होंगे। यहा वह  218वें ‘रहस मेला’ और सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के वितरण कार्यक्रम में भाग लेंगे। इसके बाद सीएम शाम को रायपुर जाएंगे।  जनता से जुड़े कार्यों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्पष्ट संदेश दिया है कि जनकल्याणकारी योजनाओं और आम जनता से जुड़े कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या लेटलतीफी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। समय पर काम करना अब अनिवार्य है, अन्यथा संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी। सरकार का कहना है कि जनता की सुविधा और पारदर्शी प्रशासन सर्वोच्च प्राथमिकता है, इसलिए सभी शासकीय अधिकारी-कर्मचारी पूरी जिम्मेदारी और समयबद्धता के साथ अपने कर्तव्यों का पालन करें। 

पुलिस विभाग में ताबड़तोड़ तबादले, नर्मदापुरम में 72 कर्मियों का रोटेशन

नर्मदापुरम  मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम जिले में पुलिस विभाग में बड़े स्तर पर तबादले किए गए हैं। एसपी सांई कृष्णा थोटा ने जिले में एक साथ 72 पुलिसकर्मियों के ट्रांसफर आदेश जारी किए हैं। जारी सूची में 2 एसआई, 11 एएसआई, 20 हेड कांस्टेबल और 38 कांस्टेबल शामिल हैं। इसके अलावा एक सूबेदार का भी तबादला किया गया है। जारी आदेश के अनुसार 15 पुलिस अधिकारियों और जवानों को थानों से हटाकर रक्षित केंद्र (पुलिस लाइन) भेजा गया है, वहीं पुलिस लाइन में लंबे समय से इंतजार कर रहे कई पुलिसकर्मियों को थानों में नई जिम्मेदारी दी गई है। बताया जा रहा है कि एसपी सांई कृष्णा थोटा के नर्मदापुरम में पदभार संभालने के बाद यह थोक तबादलों की पहली सूची है, जिसकी चर्चा पिछले कई दिनों से चल रही थी। सूची के अनुसार सूबेदार विनय अडलक को इटारसी से हटाकर पुलिस लाइन भेजा गया है। वहीं एसआई नरेंद्र लिल्लौरे को सिवनी मालवा थाने से हटाकर बानापुरा पुलिस चौकी का प्रभारी बनाया गया है। इसके अलावा एसआई वंशज श्रीवास्तव को पुलिस लाइन से पचमढ़ी थाने में पदस्थ किया गया है। पुलिस विभाग के सूत्रों के मुताबिक यह फेरबदल प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से किया गया है। गुरुवार रात करीब 11:30 बजे तबादला सूची जारी की गई। वहीं जल्द ही विभाग में तबादलों की एक और सूची जारी होने की संभावना भी जताई जा रही है।

मार्च के दूसरे हफ्ते में MP में गर्मी का प्रकोप, नर्मदापुरम में 40°C से ज्यादा, बारिश की चेतावनी जारी

भोपाल मार्च के दूसरे सप्ताह में ही मध्य प्रदेश में गर्मी ने तीखे तेवर दिखाना शुरू कर दिया है। सीजन में पहली बार नर्मदापुरम, रतलाम और धार में गर्म हवाएं चली।  आज भी यहां लू की चेतावनी जारी की गई है। वहीं, 10 शहरों में पारा 38 डिग्री के पार पहुंच गया। नर्मदापुरम में 40.2 डिग्री रहा। 15 और 16 मार्च को प्रदेश में बारिश, बादल और गरज-चमक वाला मौसम भी रह सकता है। इधर, मौसम विभाग ने 14 मार्च को एक्टिव होने वाले वेस्टर्न डिस्टरबेंस की वजह से दो दिन तक अलर्ट जारी किया है। 15 मार्च को प्रदेश में असर दिखाई देगा। इस दिन ग्वालियर-जबलपुर समेत 16 जिलों में बारिश हो सकती है। वहीं, 16 मार्च को पूर्वी हिस्से के 14 जिलों में भी मौसम बदला रहेगा। भोपाल में गर्मी बढ़ गई राजधानी भोपाल में गर्मी बढ़ गई है। आलम यह है कि धूप से बचने के लिए वाहन चालक मुंह पर कपड़ा बांधकर निकल रहे हैं। इससे पहले पूरे प्रदेश में तेज गर्मी का असर बढ़ गया है। धार, नर्मदापुरम और रतलाम में पारा आम दिनों की तुलना में ज्यादा रहा। यहां पर गर्म हवाएं भी चली। भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर में भी पारा बढ़ा हुआ रहा।  कई जिलों में 38-39 डिग्री के बीच तापमान प्रदेश के कई शहरों में तापमान तेजी से बढ़ रहा है। रतलाम में 39.5°, खजुराहो में 39°, धार में 38.8°, खंडवा में 38.1° और शिवपुरी में 38° तापमान दर्ज किया गया। वहीं ग्वालियर, इंदौर, उज्जैन, दतिया और गुना में भी पारा 37 डिग्री के आसपास रहा।  सुबह-शाम की नमी भी कम हुई मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार गुरुवार सुबह भोपाल में 44 प्रतिशत आर्द्रता दर्ज की गई, जो शाम तक घटकर 17 प्रतिशत रह गई। नमी कम होने और तेज धूप के कारण दिन में गर्मी ज्यादा महसूस हो रही है।मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में फिलहाल मौसम शुष्क बना हुआ है साफ आसमान और तेज धूप के कारण तापमान में और बढ़ोतरी हो सकती है। अप्रैल और मई में हीट वेव का रहेगा असर मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, अबकी बार अप्रैल और मई में हीट वेव यानी, लू चलेगी। 15 से 20 दिन तक लू चल सकती है, लेकिन मार्च में लू चलने का अलर्ट नहीं है। मार्च के शुरुआती दिनों में पारा बढ़ा हुआ है।अप्रैल-मई सबसे ज्यादा गर्म रहेंगे विभाग ने इस साल अप्रैल और मई में सबसे ज्यादा गर्मी पड़ने का अनुमान जताया है। इन दो महीने के अंदर ग्वालियर, चंबल, जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग के जिलों में पारा 45 डिग्री के पार पहुंच सकता है। भोपाल, इंदौर, उज्जैन और नर्मदापुरम संभाग भी गर्म रहेंगे।  इससे पहले पूरे प्रदेश में तेज गर्मी का असर रहेगा। बुधवार को तीन जिलों में लू चलने के साथ पारे में भी खासी बढ़ोतरी देखने को मिली। धार, नर्मदापुरम और रतलाम में पारा आम दिनों की तुलना में ज्यादा रहा। यहां पर गर्म हवाएं भी चलीं। भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर में भी पारा बढ़ा हुआ रहा। मौसम विभाग के अनुसार, नर्मदापुरम सबसे गर्म रहा। रतलाम में 39.5 डिग्री, खजुराहो में 39 डिग्री, धार में 38.8 डिग्री, दमोह-टीकमगढ़ में 38.5 डिग्री, खंडवा में 38.1 डिग्री, मंडला, श्योपुर-खरगोन में पारा 38 डिग्री दर्ज किया गया। प्रदेश के 5 बड़े शहरों की बात करें तो इंदौर में सबसे ज्यादा 37.8 डिग्री, उज्जैन में 37.5 डिग्री, ग्वालियर में 37.2 डिग्री, भोपाल में 37 डिग्री और जबलपुर में 36.9 डिग्री सेल्सियस रहा। इस वजह से गर्मी का असर तेज मौसम विभाग के अनुसार, वर्तमान में हवा की दिशा उत्तर-पूर्व से अब पश्चिम और उत्तर-पश्चिम है। वहीं, हवा में नमी बहुत कम है। साथ ही रेगिस्तानी इलाकों से मप्र पहुंचती है। यह अपने साथ गर्मी भी लाती है। 2 दिन इन जिलों में बदलेगा मौसम     15 मार्च- ग्वालियर, जबलपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला, बालाघाट, नरसिंहपुर, सिवनी, छिंदवाड़ा और पांढुर्णा।     16 मार्च- सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, पन्ना, मैहर, कटनी, उमरिया, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला और बालाघाट। मार्च में सर्दी-जुकाम, एलर्जी का खतरा डॉक्टरों‎ की मानें तो मार्च का यही मौसम ‎सबसे ज्यादा बीमारियां फैलाता है। दरअसल, इस महीने दिन में तो गर्मी बढ़ जाती है, लेकिन रात और सुबह हल्की ठंड रहती है। कई बार लोग दिन की गर्मी से बचने के लिए हल्के कपड़े पहन लेते हैं। वहीं, कोल्ड्रिंक्स समेत शीतल पेय पदार्थों का भी सेवन करते हैं। इससे सर्दी-जुकाम एलर्जी‎ और अस्थमा के मरीज बढ़ते हैं। ‎सुबह और देर रात ठंडी हवा से ‎बचना जरूरी है। खासकर बच्चों और ‎बुजुर्गों को।‎ मार्च के दूसरे सप्ताह में गर्मी का ट्रेंड प्रदेश में मार्च के दूसरे पखवाड़े में तेज गर्मी का ट्रेंड है। पिछले 10 साल में 15 मार्च के बाद ही तेज गर्मी पड़ी है, लेकिन इस बार ट्रेंड बदल गया है। दूसरे पखवाड़े की बजाय शुरुआत में ही पारे में उछाल आया है।

ग्वालियर में लाड़ली बहना सम्मेलन में CM मोहन यादव होंगे शामिल, बहनों को मिलेगा 1836 करोड़

 ग्वालियर  मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव शुक्रवार को ग्वालियर जिले के घाटीगांव के समीप स्थित शबरी माता मंदिर परिसर में आयोजित होने जा रहे सम्मेलन में “मुख्यमंत्री लाडली बहना” के तहत प्रदेश की 1 करोड़ 25 लाख से अधिक बहनों के बैंक खातों में 1836 करोड़ रुपये से अधिक राशि सिंगल क्लिक से अंतरित करेंगे। इसमें ग्वालियर जिले की 3 लाख 2 हजार 850 बहनों के खातों में पहुंचने वाली 44 करोड़ 83 लाख रुपये की राशि शामिल है। यह राशि योजना की 34वीं किश्त के रूप में बहनों को प्रदान की जा रही है। मुख्यमंत्री इस अवसर पर ग्वालियर जिले के अंतर्गत लगभग 122 करोड़ रुपये लागत के 54 कार्यों का भूमिपूजन एवं लोकार्पण भी करेंगे। सरकार की विभिन्न स्वरोजगार मूलक योजनाओं के तहत महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिये आर्थिक सहायता भी वितरित करेंगे। ग्वालियर जिले की 3 लाख 2 हजार 850 महिलाओं के खातों में 44 करोड़ 83 लाख रुपए की राशि अंतरित की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव इस अवसर पर जिले में लगभग 122 करोड़ रुपए की लागत के 54 विकास कार्यों का भूमिपूजन और लोकार्पण भी करेंगे। साथ ही सरकार की विभिन्न स्वरोजगार योजनाओं के तहत महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए आर्थिक सहायता भी वितरित की जाएगी। लाड़ली बहना सम्मेलन में केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर, जिले के प्रभारी मंत्री तुलसीराम सिलावट, राज्य सरकार के मंत्री नारायण सिंह कुशवाह और प्रद्युम्न सिंह तोमर, सांसद भारत सिंह कुशवाह, विधायक मोहन सिंह राठौर तथा जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती दुर्गेश कुंवर सिंह जाटव सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहेंगे। मंदिर पहुंचकर करेंगे पूजा-अर्चना प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 13 मार्च को दोपहर वायुमार्ग से राजमाता विजयाराजे सिंधिया एयर टर्मिनल, महाराजपुरा पहुंचेंगे। वहां से वे हेलीकॉप्टर से घाटीगांव के समीप राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित देवनारायण मंदिर परिसर में बने हेलीपैड पर उतरेंगे। मुख्यमंत्री देवनारायण मंदिर और शबरी माता मंदिर में पूजा-अर्चना भी करेंगे। कार्यक्रम के बाद वे हेलीकॉप्टर से पुनः विमानतल पहुंचकर भोपाल के लिए प्रस्थान करेंगे। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश सरकार महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। इसी क्रम में योजना के अंतर्गत नवंबर माह से मासिक सहायता में 250 रुपए की वृद्धि की गई है, जिससे अब पात्र हितग्राही महिलाओं को प्रतिमाह 1,500 रुपए की आर्थिक सहायता मिल रही है। प्रदेश में जून 2023 से प्रारंभ हुई यह योजना महिलाओं के आर्थिक आत्मविश्वास और सामाजिक सम्मान को मजबूत आधार दे रही है। जून 2023 से फरवरी 2026 तक योजना की 33 किस्तें जारी की जा चुकी हैं। इस अवधि में 54,140 करोड़ रुपए की राशि महिलाओं के खातों में सीधे अंतरित की गई है। प्रदेश सरकार अब योजना से जुड़ी महिलाओं को केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं रखेगी, बल्कि उन्हें कौशल उन्नयन, रोजगार और स्वरोजगार के अवसरों से भी जोड़ेगी, जिससे वे आत्मनिर्भर बनकर अपने परिवार और समाज की प्रगति में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकें। इन कार्यों का होगा भूमिपूजन और लोकार्पण मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शबरी माता परिसर में आयोजित लाड़ली बहना सम्मेलन के दौरान ग्वालियर जिले में लगभग 122 करोड़ रुपए की लागत के 54 विकास कार्यों का भूमिपूजन और लोकार्पण करेंगे। इनमें लगभग 62 करोड़ रुपए के 19 कार्यों का लोकार्पण और लगभग 60 करोड़ रुपए के 35 कार्यों का भूमिपूजन शामिल है। लोकार्पित होने वाले प्रमुख कार्यों में करीब 40 करोड़ रुपए की लागत से निर्मित सांदीपनि शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कुलैथ का भवन और 9.11 करोड़ रुपए की लागत से डाडा खिरक–तिघरा मार्ग पर सांक नदी पर बना उच्च स्तरीय पुल शामिल हैं। इसके अलावा उप स्वास्थ्य केंद्र बन्हेरी तथा शहर और ग्रामीण क्षेत्र की नव-निर्मित सड़कों का लोकार्पण भी किया जाएगा। भूमिपूजन किए जाने वाले प्रमुख कार्यों में आईएसबीटी के समीप 6.17 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाला 100 सीटर श्रमिक विश्रामगृह तथा 12.16 करोड़ रुपए की लागत से अंबेडकर धाम के द्वितीय चरण में बाबा साहब के जीवन पर आधारित संग्रहालय का निर्माण शामिल है। इसके अलावा शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों की विभिन्न सड़कों, आयुर्वेदिक महाविद्यालय में एनाटॉमी विभाग के लिए बनने वाले हॉल व छात्रावास तथा भितरवार में लगभग 4 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाले नए शॉपिंग कॉम्प्लेक्स का निर्माण भी प्रस्तावित है।  

प्रदेश में घरेलू गैस की कमी नहीं, सप्लाई लगातार जारी रहेगी: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

प्रदेश में घरेलू गैस की कोई कमी नहीं-निर्बाध आपूर्ति रहेगी जारी: मुख्यमंत्री डॉ. यादव एलपीजी सहित अन्य ईंधन के परिवहन, भंडारण और वितरण पर फोकस मुख्य सचिव  जैन ने कलेक्टर्स के साथ की वी.सी. भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि वर्तमान में मिडिल ईस्ट-एशिया में युद्ध की स्थितियों के संदर्भ में प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी और मंत्रीगण सजग हैं। नागरिकों को चिंतित होने की आवश्यकता नहीं है, केंद्र और राज्य सरकार के स्तर पर कालाबाजारी रोकने के लिए पूरे प्रबंधन किए गए हैं। नागरिकों को रसोई गैस संबंधी परेशानी नहीं होगी। प्रदेश में घरेलू रसोई गैस सहित पीएनजी और सीएनजी की कोई कमी नहीं है और उपभोक्ताओं को निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक गतिविधियों के कारण से पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस के संबंध में वर्तमान स्थितियों में अभी तक अधिकांश कच्चे तेल की आपूर्ति स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से होती थी, जिसे परिवर्तित कर अन्य स्थानों से भी कच्चे तेल की आपूर्ति सुनिश्चित की गई है। साथ ही देश की रिफाइनरी उच्च क्षमता पर कार्य कर रही है। प्राकृतिक गैस की आपूर्ति के लिये वैकल्पिक आपूर्तिकर्ता के माध्यम से खरीदी प्रक्रिया जारी है। घरेलू पीएनजी और सीएनजी की आपूर्ति बिना कटौती के हो रही है। रिफाइनरी को एलपीजी उत्पादन अधिकतम करने के निर्देश दिए गए हैं, जिससे वर्तमान में एलपीजी उत्पादन में लगभग 25 प्रतिशत की वृद्धि भी हुई है। इसके अलावा एक विशेष उपलब्धि प्राप्त हुई है कि जिसमें स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने वाले ऐसे जहाज एवं टेंकर जिनमें भारतीय फ्लेग लगे हैं उनको नहीं रोका जाएगा, यह एक राजनयिक विजय है, जिससे पेट्रोलियम सप्लाई में बाधा समाप्त होगी। गैस आपूर्ति प्रबंधन के लिये प्राकृतिक गैस नियंत्रण आदेश जारी किया गया है, जिससे देश में किसी भी प्रकार की घरेलू गैस की आपूर्ति में कमी न हो। उपरोक्त के अनुक्रम में प्रदेश में पेट्रोल, डीजल, एटीएस, क्रूड ऑयल और घरेलू गैस की किसी प्रकार की कमी की स्थिति नहीं है तथा निरंतर आपूर्ति जारी है। पेट्रोलियम पदार्थों की कीमत में किसी प्रकार की वृद्धि नहीं हुई है। इसी के दृष्टिगत मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निर्देशानुसार वरिष्ठ मंत्रियों की समिति का गठन भी किया गया है। मुख्य सचिव  जैन ने जिला कलेक्टर्स को दिये निर्देश मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निर्देश पर मुख्य सचिव  अनुराग जैन ने गुरूवार को वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से कमिश्नर-कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक के साथ पश्चिम-मध्य एशिया में युद्ध के कारण उत्पन्न हुई स्थिति के दृष्टिगत एलपीजी सहित अन्य ईंधन की उपलब्धता की समीक्षा की और आवश्यक निर्देश दिए। बैठक में डीजीपी  कैलाश मकवाना और एसीएस  शिवशेखर शुक्ला एवं मती रश्मि अरूण शमी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे। मुख्य सचिव  जैन ने कलेक्टर्स से कहा कि घरेलू गैस वितरण की ऑनलाइन व्यवस्था को और मजबूत करें तथा इससे जुड़ी कंपनियां भी सर्वर आदि की क्षमता बढाएं जिससे रिफिल बुकिंग ओटीपी जनरेशन और वितरण बिना असुविधा के सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने कहा कि सुनिश्चत करें कि गलत सूचनाओं का प्रसार और अफवाहों को सख्ती से रोंके और उपभोक्ताओं तक मीडिया आदि का उपयोग कर सही सूचना पहुचाएं। उन्होंने कहा कि नागरिकों के बीच सकारात्मक माहौल बनाए और सूचना तंत्र मजबूत कर अवैध जमाखोरी और कालाबाजारी की कोई भी घटना नही हो, यह सुनिश्चत करें। मुख्य सचिव  जैन ने कई कलेक्टर्स द्वारा होटल्स, रेस्टोरेंट, मैरिज गार्डन आदि के संचालकों से बात कर रसोई गैस की जगह इलेक्ट्रिक भट्टी और इंडेक्शन आदि का उपयोग बढ़ाने के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने सभी कलेक्टर्स से कहा कि वे भी वैकल्पिक और सुरक्षित ईंधन के उपयोग के प्रति नागरिकों और खानपान व्यवसाय में लगे लोगों बीच वैकल्पिक ईंधन के उपयोग के प्रति जागरूकता बढाएं। मुख्य सचिव  जैन ने विभिन्न शहरों में पीएनजी के कनेक्शन की जानकारी ली और कलेक्टर्स से कहा कि वे अधिकाधिक उपभोक्ताओं को पाइप लाइन गैस प्रणाली से जोड़ें। उन्होंने कलेक्टर्स से कहा कि सी एम हेल्पलाइन की शिकायतों का उसी दिन संतुष्टि पूर्वक समाधान सुनिश्चित किया जाए। डी.जी.पी.  मकवाना ने पुलिस अधिकारियों से कहा कि वे सोशल मीडिया सहित विभिन्न प्लेट फार्म पर गलत सूचनाओं और अफवाह फैलाने वालों पर कार्यवाही करें और संपूर्ण व्यवस्था में सुरक्षात्मक इंतजाम सुनिश्चित करें। अपर मुख्य सचिव खाद्य नागरिक आपूर्ति मती रश्मि अरूण शमी ने बताया कि प्रदेश में एलपीजी सहित पेट्रोल और डीजल की पर्याप्त उपलब्धता है। प्रदेश के सीएनजी स्टेशन एवं पीएनजी उपभोक्ताओं के उपयोग के लिए एलपीजी की पर्याप्त उपलब्धता है। प्रदेश मे पेट्रोलियम/ सीएनजी/पीएनजी गैस की आपूर्ति लगातार जारी है। घरेलू उपभोक्ताओं के लिए पर्याप्त मात्रा में एलपीजी की लगातार उपलब्धता है। शैक्षणिक एवं चिकित्सा संस्थानों को वाणिज्यिक सिलेंडर के उपयोग की छूट प्रदान की गई है। उन्होंने कलेक्टर्स से मीडिया के माध्यम से प्रचार-प्रसार करने के लिए भी कहा है। कांफ्रेंस में इंदौर, भोपाल, उज्जैन, जबलपुर, सागर, धार के कलेक्टर्स सहित ग्वालियर एवं रीवा के कमिश्नर ने किए जा रहे उपायों की जानकारी दी। एसीएस मती शमी ने अधिकारियों से कहा कि वाणिज्यिक उपयोगकर्ताओं को उपलब्ध स्टॉक का विवेकपूर्ण उपयोग करने एवं वैकल्पिक ईंधन स्रोतों को अपनाने की सलाह दें। जहां पीएनजी लाइन उपलब्ध है वहां पीएनजी के कनेक्शन लेने के लिए प्रेरित किया जाए। जिन कामो में गैस ज्यादा खर्च होती है उनको नियंत्रित करने एवं विकल्प तैयार करने के लिए प्रेरित किया जाए। जिला कलेक्टर, जिले के खाद्य नियंत्रक/अधिकारी, ऑयल कंपनी के नोडल अधिकारी तथा एलपीजी वितरकों से समन्वय कर एलपीजी की आवश्यकता तथा उपलब्धता की प्रतिदिन समीक्षा भी करें। वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समीक्षा प्रदेश में घरेलू रसोई गैस की कोई कमीं नहीं है और उपभोक्ताओं से अपील की गई है कि वे अफवाहों पर ध्यान नहीं दें। राज्य शासन एलपीजी सहित अन्य ईंधन के परिवहन, भंडारण और वितरण पर पूरी तरह से सतर्क है। खाद्य और नागरिक आपूर्ति विभाग की अपर मुख्य सचिव को समन्वय अधिकारी बनाया गया है, वे प्रतिदिन सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों से संवाद और समन्वय करेंगी। मुख्य सचिव  जैन ने कहा कि पर्याप्त उपलब्धता के बावजूद गलत सूचनाओं के कारण घरेलू गैस की कमी की अफवाह फैलने से रोका जाए। उन्होंने कहा कि रसोई गैस सहित अन्य ईंधन का सुरक्षित परिवहन, भंडारण और वितरण सुनिश्चित किया जाए। मुख्य सचिव ने कहा कि राज्य स्तर के साथ ही … Read more

गैस सिलेंडर आपूर्ति व्यवस्था पर मुख्य सचिव ने कलेक्टरों के साथ की अहम बैठक

भोपाल  युद्ध के बाद खाड़ी देशों में बिगड़े हालातों का असर अब अन्य देशों में भी दिखने को मिल रहा है. इस कारण भारत में भी एलपीजी गैस की सप्लाई बाधित (LPG Supply Shortage) हो रही है. इसको देखते हुए मध्य प्रदेश के मुख्य सचिव ने गुरुवार को गैस सिलेंडर आपूर्ति को लेकर कलेक्टरों की महत्वपूर्ण बैठक ली. इसके बाद मुख्य सचिव ने भोपाल कलेक्टर के लिए आदेश जारी किया है. ईंधन के आयात में हुई रुकावट को देखते हुए पेट्रोलियम और गैस मंत्रालय के निर्देश पर मुख्य सचिव ने कलेक्टरों की बैठक ली।  फिलहाल एलपीजी की आपूर्ति केवल घरेलू उपभोक्ताओं को ही करने का निर्देश दिया है. उपभोक्ताओं के लिए गैस एजेंसियों ने हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए हैं, जहां भारत गैस उपभोक्ताओं के लिए हेल्पलाइन नंबर-1800-22-4344, इंडेडेन ऑयल गैस- 1800-2333-555, एचपी गैस- 1800-2333-555 नंबर है. इसके साथ ही मुख्य सचिव ने गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी और अवैध गैस रिफलिंग की जांच करने का भी आदेश दिया है।  मुख्य सचिव ने गैस सिलेंडर आपूर्ति को लेकर कलेक्टरों की महत्वपूर्ण बैठक ली मुख्य सचिव की बैठक लेने के बाद भोपाल कलेक्टर ने आदेश जारी किया एलपीजी की आपूर्ति केवल घरेलू एलपीजी उपभोक्ताओं को करने के संबंध में आदेश दिया आयात में हुई रूकावट को देखते हुये पेट्रोलियम और गैस मंत्रालय के निर्देश पर मुख्य सचिव ने कलेक्टरों की बैठक ली   भारत गैस हेल्पलाईन नंबर-1800-22-4344, इण्डेन ऑयल गैस हेल्पलाईन नंबर 1800-2333-555, एचपी गैस हेल्पलाईन नंबर 1800-2333-555 गैस सिलेण्डरों की कालाबाजारी एवं अवैध गैस रिफलिंग की सतत जांच करने मुख्य सचिव ने दिया आदेश होटल-रेस्तरां में नहीं होगी सप्लाई भोपाल कलेक्टर ने भी आदेश जारी करते हुए कहा कि कमर्शियल गैस सिलेंडरों की होटल, रेस्तरां और मॉल में सप्लाई नहीं होगी. इसके अलावा एलपीजी का उपयोग करने वाले औद्योगिक क्षेत्र और फैक्ट्री में भी गैस सिलेंडर की आपूर्ति नहीं की जाएगी. फिलहाल घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता दी जा रही है. कमर्शियल गैस सिलेंडरों की आपूर्ति सिर्फ चिकित्सालय और शैक्षणिक संस्थाओं में की जाएगी। इसके साथ ही निर्देश दिए हैं कि सिलेंडर की जमाखोरी करने वालों पर जिला प्रशासन निगरानी रखेगा. अगर कोई ऐसा करता है तो उस पर कार्रवाई की जाएगी. SDM, ACP और आपूर्ति अधिकारी को यह जिम्मेदारी दी गई है। 

मध्य प्रदेश में दूध उत्पादकों के लिए लाइसेंस अनिवार्य, शुद्धता पर रखी जाएगी कड़ी निगरानी

भोपाल मध्य प्रदेश में घर-घर दूध बेचने वाले दुग्ध उत्पादकों को अब दूसरे दुकानदारों की तरह लाइसेंस लेना होगा. भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण ने दूध उत्पादकों और विक्रेताओं के लिए भी लाइसेंस का अनिवार्य कर दिया है. इसके चलते प्रदेश के सभी दुग्ध उत्पादकों को अब खाद्य विभाग में रजिस्ट्रेशन कराना होगा. प्राधिकरण ने दुग्ध उत्पादकों के पंजीयन और लाइसेंस के संबंध में एडवाइजरी जारी कर दी है. यह निर्णय दूध में की जा रही मिलावट पर लगाम लगाने के लिए लिया गया है। हर माह तैयार होगी रिपोर्ट मध्य प्रदेश देश में तीसरा सबसे ज्यादा दुग्ध उत्पादन करने वाला राज्य है. प्रदेश में प्रति व्यक्ति दूध की उपलब्धता 707 ग्राम प्रतिदिन है. प्रदेश में 225.95 लाख टन का दूध उत्पादन हो रहा है. प्रदेश में लोगों तक सहकारी समितियों के माध्यम से तो दूध पहुंच ही रहा है, साथ ही बड़ी मात्रा में दूध की सप्लाई डेयरी संचालकों द्वारा घर-घर की जा रही है. सहकारी समितियों के माध्यम से दुग्ध सप्लाई की गुणवत्ता की जांच तो लगातार हो रही है, लेकिन डेयरी संचालकों द्वारा सप्लाई होने वाले दुग्ध और उनके उत्पाद की जांच के लिए ऐसे सभी संचालकों का रजिस्ट्रेशन अनिवार्य किया गया है। इससे प्रदेश के सभी दुग्ध उत्पादकों और विक्रेताओं की पहचान हो सकेगी. भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण ने दूध से जुड़ी गतिविधियों की नियमित मासिक रिपोर्ट तैयार करने के भी निर्देश दिए हैं. यह रिपोर्ट हर माह 31 तारीख तक भेजनी होगी। दुध में मिलावट के लिए बनाई जा रही प्रयोगशाला प्रदेश सरकार द्वारा लोगों को शुद्ध दूध की सप्लाई के लिए राज्य स्तरीय डेयरी परीक्षण प्रयोगशाला भी स्थापित की जा रही है. यह प्रयोगशाला भोपाल के मध्य प्रदेश स्टेट को-ऑपरेटिव डेयरी फेडरेशन में स्थापित की जाएगी. इस प्रयोगशाला में आम उपभोक्ता से लेकर प्रदेश भर की संस्थाएं दूध और इससे बनने वाले उत्पादों की जांच करा सकेंगे।  यह प्रदेश की पहली राज्य स्तरीय केन्द्रीय प्रयोगशाला होगी. इसमें 100 से अधिक मानकों पर जांच की जाएगी. इस प्रयोगशाला को एनएबीएल और एफएसएसएआई की मान्यता प्राप्त होगी. इससे प्रदेश में शुद्ध दूध की सप्लाई सुनिश्चित हो सकेगी।