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बसामन मामा गौवंश वन्य विहार में गौ कथा का दिव्य समापन, धर्म व गौ संरक्षण का लिया संकल्प

भोपाल . बसामन मामा गौवंश वन्य विहार में स्थित  रेवासा धाम एवं  वृंदावन धाम के पावन सानिध्य में मलूक पीठाधीश्वर परम पूज्य  राजेंद्रदास जी महाराज द्वारा आयोजित गौ कथा एवं गौ आधारित प्राकृतिक खेती विषयक दिव्य कथा का तीसरा एवं अंतिम दिवस अत्यंत भावपूर्ण वातावरण में हुआ। बड़ी संख्या में उपस्थित श्रद्धालुओं ने श्रद्धा, विश्वास और भक्ति के साथ कथा श्रवण किया। महाराज  ने शास्त्रों का उल्लेख करते हुए कहा कि यह पृथ्वी सात स्तंभों पर आधारित है। प्रथम स्तंभ गौ माता हैं, द्वितीय ब्राह्मण, तृतीय वेद, चतुर्थ सती-सावित्री पतिवृता नारियां, पंचम सत्यवादी पुरुष, षष्ठम लोभरहित पुरुष और सप्तम दानशील पुरुष। इन सातों तत्वों के संरक्षण से ही समाज और सृष्टि का संतुलन बना रहता है। चित्रकूट के संत शिरोमणि संकादिक महाराज भी गोकथा में शामिल हुए। मलूक पीठाधीश्वर  राजेंद्रदास देवाचार्य जी महाराज की उपस्थिति में बसामन मामा गौधाम परिसर में ऋषिकुलम आवास गृह का भूमिपूजन किया एवं पीपल का पौधा रोपण किया। महाराज  ने कहा कि युग निर्माता ब्राह्मण होता है। जो संपूर्ण समाज की पीड़ा को अनुभव करे, वही सच्चा ब्राह्मण है। धर्माचरण से ही अर्थ और काम रूपी पुरुषार्थ की सिद्धि संभव है। जब अर्थ की प्राप्ति धर्म के अनुशासन और नियंत्रण में होती है, तब वह अर्थ अनर्थ का कारण नहीं बनता, बल्कि लोक कल्याण का साधन बनता है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि अपवित्र धन कभी पवित्र कार्यों में नहीं लगता और जो धन धर्मकार्य में समर्पित होता है, वह स्वयं पवित्र हो जाता है। उप मुख्यमंत्री  राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि हम सबके लिए यह अत्यंत सौभाग्य का विषय है कि पूज्य  राजेंद्रदास जी महाराज के मुखारविंद से अमृतवाणी श्रवण का अवसर प्राप्त हुआ। एक ओर बसामन मामा की पुण्यभूमि, जहाँ दस हजार गौ माताओं के संरक्षण एवं संवर्धन का विशाल प्रकल्प संचालित है, और दूसरी ओर पूज्य महाराज  का दिव्य प्रवचन यह संगम सचमुच त्रिवेणी के समान है, जो दीर्घकाल तक समाज का कल्याण करता रहेगा। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने कहा कि गौ माता का सम्मान ही मानवता का सम्मान है। यदि गौ माता का अपमान होगा तो मानव जाति का कल्याण संभव नहीं। उन्होंने कहा कि महाराज  के प्रवचनों से उन्हें गौ संरक्षण एवं संवर्धन के कार्य में और अधिक ऊर्जा एवं संकल्प प्राप्त हुआ है। उन्होंने भावुकता से कहा कि कभी-कभी जब वे किसी कठिन कार्य का दायित्व लेते हैं और वह सहज ही पूर्ण हो जाता है, तो उन्हें अनुभव होता है कि यह सब गौ माता की कृपा और उनकी प्रसन्नता का ही परिणाम है। कार्यक्रम का समापन भक्ति, भाव और संकल्प के साथ हुआ, जिसमें गौ सेवा, धर्माचरण और समाज कल्याण के लिए कार्य करने का संदेश प्रमुख रहा। कथा समापन के बाद बसामन मामा में विशाल भण्डारे का आयोजन किया गया। जिसमें हजारों लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया। कथा के समापन दिवस पर सांसद  जनार्दन मिश्र, विधायक सिरमौर  दिव्यराज सिंह, विधायक मनगवां इंजी. नरेन्द्र प्रजापति, विधायक सिहावल  विश्वामित्र पाठक, पूर्व मंत्री  पुष्पराज सिंह, पूर्व विधायक  केपी त्रिपाठी और बड़ी संख्या में भक्त शामिल हुए। उप मुख्यमंत्री ने शिव बाबा रथयात्रा का किया शुभारंभ महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर प्रजापिता ब्राम्हकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय द्वारा रीवा में शिव बाबा रथयात्रा का आयोजन किया जा रहा है। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने प्रजापिता ब्राम्हकुमारी विश्वविद्यालय आश्रम से आरंभ हुई। शिव बाबा रथयात्रा को हरी झण्डी दिखाई। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने कहा कि भगवान शिव संहार से साथ-साथ कल्याण के देवता हैं। भक्तों की भक्ति से शीघ्र प्रसन्न होने वाले भगवान शिव कालों के महाकाल हैं। प्रजापिता ब्राम्हकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय द्वारा शिव चेतना को जगाने के लिए किये जाने वाले प्रयास सराहनीय हैं। इस संस्थान ने सामाजिक क्षेत्र में भी बढ़चढ़ कर योगदान दिया है। इस अवसर पर प्रजापिता ब्राम्हकुमारी संस्थान द्वारा उप मुख्यमंत्री को स्मृति चिन्ह भेंटकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में भक्तजन उपस्थित रहे।  

CM का बड़ा ऐलान- केन-बेतवा लिंक से 300 गांवों को मिलेगा पानी

दमोह मध्य प्रदेश के दमोह जिले के नोहटा में आयोजित नोहलेश्वर महोत्सव और किसान सम्मेलन के मंच से मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दमोह जिले के लिए विकास योजनाओं की झड़ी लगा दी। उन्होंने कहा कि औद्योगिक प्रक्षेत्र, सिंचाई परियोजनाओं और पर्यटन विस्तार से जिले के युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर मिलेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा, सूखे खेत को पानी मिल जाए तो फसल सोने जैसी हो जाती है और केन-बेतवा लिंक परियोजना दमोह की तस्वीर बदल देगी। चीतों की संख्या 35 हुई सीएम ने बताया कि प्रदेश में चीतों का पुनर्स्थापन देश के लिए उदाहरण बना है। श्योपुर के उद्यान में लाए गए चीतों की संख्या अब बढ़कर 35 हो चुकी है और इसी वर्ष जून से पहले नौरादेही अभयारण्य में भी चीते छोड़े जाएंगे। इससे दमोह क्षेत्र में वन्यजीव पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। ग्रामीणों की आय बढ़ाने के लिए घर ठहराव योजना के तहत अनुदान भी दिया जा रहा है। 600 करोड़ की घोषणा सिंचाई के मोर्चे पर मुख्यमंत्री ने व्यारमा नदी से पानी लिफ्ट कर बांदकपुर-सेमरखो जलाशय की क्षमता बढ़ाने और दमोह विधानसभा के 33 गांवों की 14 हजार हेक्टेयर भूमि को सिंचाई सुविधा देने के लिए 600 करोड़ रुपये की घोषणा की। साथ ही राजनगर तालाब, सीतानगर और सतधरू बांध पर पर्यटन गतिविधियां तथा जल क्रीड़ा केंद्र विकसित किए जाएंगे। एक नजर में घोषणाएं-:     नौरादेही अभयारण्य में चीता पुनर्स्थापन     गीता भवन निर्माण के लिए 2 करोड़     600 करोड़ की लिफ्ट सिंचाई योजना     नवीन जिला जेल के लिए 70 करोड़     तेंदूखेड़ा और हटा में खेल स्टेडियम     राजनगर तालाब व बांधों पर पर्यटन और बोट क्लब     नोहटा को नगर परिषद बनाने पर परीक्षण     व्यारमा नदी पर जल क्रीड़ा केंद्र

ग्वालियर के डॉ. श्रीवास्तव ने किया देहदान प्रदेश सरकार के निर्णय अनुसार दिया गया गार्ड ऑफ़ ऑनर

भोपाल. ग्वालियर के डॉ. अरुण श्रीवास्तव के देहांत के बाद उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देशानुसार प्रदेश में देहदान का फैसला लेने वालों की पार्थिव देह को पुलिस दस्ते के द्वारा गार्ड ऑफ़ ऑनर दिया जाता है। ग्वालियर में लम्बे समय तक शासकीय चिकित्सक रहे डॉ. अरुण श्रीवास्तव का शुक्रवार की रात लम्बी बीमारी के बाद निधन हो गया। उनकी इच्छा अनुरूप उनके परिजनों ने उनकी पार्थिव देह को गजराराजा मेडिकल कॉलेज को दान कर दिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निर्देशानुसार ग्वालियर कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान ने पार्थिव देह को गार्ड ऑफ़ ऑनर देने के लिये आवश्यक प्रबंध सुनिश्चित किये। निर्देशानुसार डॉ. श्रीवास्तव की पार्थिव देह को ग्वालियर के गांधीनगर में गार्ड ऑफ़ ऑनर दिया गया। गार्ड ऑफ़ ऑनर के बाद दिवंगत डॉ. श्रीवास्तव के परिजनों ने गजराराजा मेडिकल कॉलेज पहुँचकर देहदान की औपचारिकताएं पूरी की।  

सीएम ने दी बड़ी सौगात, लाडली बहनों के खातों में ट्रांसफर हुए 1500 रुपये

खंडवा सीएम मोहन यादव ने लाड़ली बहना योजना की 33वीं किस्त के 1500 रुपए उनके खातों में ट्रांसफर कर दिए हैँ। ये राशि मोहन यादव ने एमपी के खंडवा की तहसील पंधाना से भेजे हैं। आपके मोबाइल पर मैसेज भी आया होगा। अगर नहीं तो ladli behna yojana portal पर जाकर आप खाते का अपडेट देख सकती हैं। इस बार इनके नहीं आएंगे 1500 रुपए हालांकि 14 फरवरी को उन लाड़ली बहनों के खाते में पैसे नहीं आएंगे, जिनके नाम से पूरे दस्तावेज नहीं हैं। उनके बैंक खाता आधार से लिंक नहीं है या समग्र आईडी डिलीट हो गई या फिर उनकी आयु 60 से पार हो चुकी है।   255 करोड़ का भूमिपूजन और 354 करोड़ के कार्यों का लोकार्पण किया 255 करोड़ के डेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स का भूमि पूजन किया और 354 करोड़ के 11 पूरे हो चुके प्रोजेक्ट्स का उद्घाटन किया। इसके साथ ही 252 करोड़ की लागत से बनने वाले खंडवा नगर निगम के सीवरेज प्रोजेक्ट के साथ-साथ 2.90 करोड़ की लागत से बनने वाले पंधाना बस स्टैंड, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स और 'रैन बसेरा' के निर्माण का भूमि पूजन किया। क्या है लाडली बहनों के लिए पात्रता?     मध्यप्रदेश की स्थानीय निवासी हों     विवाहित हो, जिनमें विधवा, तलाकशुदा एवं परित्यक्ता महिला भी सम्मिलित होंगी     आवेदन के कैलेंडर वर्ष में, 01 जनवरी की स्थिति में 21 वर्ष पूर्ण कर चुकी हों तथा 60 वर्ष की आयु से कम हो।     महिला का स्वयं का बैंक खाता होना अनिवार्य है, संयुक्त खाता मान्य नहीं होगा     महिला के स्वयं के बैंक खाते मे आधार लिंक एवं डीबीटी सक्रिय होना चाहिए     समग्र पोर्टल पर आधार के डाटा का ओटीपी या बायोमेट्रिक के माध्यम से वेरिफाई होना चाहिए कैसे चेक करें खाता? लाड़ली बहना योजना (Ladli Behna Yojana) की भुगतान स्थिति ऑनलाइन पोर्टल पर उपलब्ध है। पोर्टल पर जाकर 'आवेदन एवं भुगतान की स्थिति' विकल्प चुनें। फिर रजिस्ट्रेशन नंबर या समग्र आईडी डालें। ओटीपी भरने के बाद नवीनतम स्टेटस दिखाई देगा। लाड़ली बहना योजना के लिए जरूरी हैं ये डॉक्यूमेंट्स     समग्र पोर्टल द्वारा जारी परिवार आईडी अथवा सदस्य आईडी     UIDAI द्वारा जारी फोटो आईडी     समग्र पोर्टल में दर्ज मोबाइल नंबर लाडली बहना योजना के लिए अपात्र हैं ये महिलाएं     जिनके स्वयं/परिवार की सम्मिलित रूप से स्वघोषित वार्षिक आय 2.5 लाख से अधिक हो।     जिनके स्वयं/परिवार का कोई भी सदस्‍य आयकरदाता हो।     जिनके स्वयं/परिवार का कोई भी सदस्य भारत सरकार अथवा राज्‍य सरकार के शासकीय विभाग/ उपक्रम/ मण्‍डल/ स्‍थानीय निकाय में नियमित/स्‍थाईकर्मी/संविदाकर्मी के रूप में नियोजित हो अथवा सेवानिवृत्ति उपरांत पेंशन प्राप्त कर रहा हो। नए रजिस्ट्रेशन कब होंगे शुरू? महिलाओं के बीच यह सवाल बना हुआ है कि लाड़ली बहना योजना के नए रजिस्ट्रेशन (Ladli Behna Yojana) कब शुरू होंगे। यहां बता दें कि 2023 से नए फॉर्म भरने की प्रक्रिया बंद है और इस बार भी कोई अपडेट नहीं है। अधिकारियों के अनुसार नए रजिस्ट्रेशन की योजना फिलहाल शुरू नहीं होगी।

MP में सनसनीखेज मर्डर: कोर्ट जाते वकील की गोली मारकर हत्या

शिवपुरी मध्य प्रदेश में कोर्ट जा रहे एक वकील की गोली मारकर हत्या कर दी गई। घात लगाकर बैठे हमलावरों ने इस घटना को अंजाम दिया। दिनदहाड़े हुई इस हत्या से सनसनी फैल गई। परिजनों ने जमीनी विवाद के चलते चार लोगों पर हत्या करने का शक जताया गया है। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। मध्य प्रदेश में कोर्ट जा रहे एक वकील की गोली मारकर हत्या कर दी गई। घात लगाकर बैठे हमलावरों ने इस घटना को अंजाम दिया। दिनदहाड़े हुई इस हत्या से इलाके में सनसनी फैल गई। परिजनों ने जमीनी विवाद के चलते चार लोगों पर हत्या करने का शक जताया गया है। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले के करैरा थाना क्षेत्र में उस वक्त सनसनी फैल गई, जब किले के पीछे आनंद सागर मंदिर के पास सिद्धन रोड पर करैरा कोर्ट जा रहे एडवोकेट संजय कुमार सक्सेना की अज्ञात हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी। एकांत रास्ते पर घात लगाकर किए गए इस हमले के बाद इलाके में दहशत का माहौल है। पुलिस आरोपियों की तलाश में जुट गई है। जानकारी के मुताबिक मृतक एडवोकेट का नाम संजय सक्सेना है, जो घिरियाली मोहल्ला पुराना बाजार के निवासी थे। वारदात करेरा इलाके के किले के पीछे स्थित आनंद सागर मंदिर के पास सिद्धन रोड पर हुई है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि हमलावर पैदल आए थे या किसी गाड़ी से। बताया जा रहा है कि वारदात के कुछ देर बाद उसी सड़क से गुजर रहे एक अन्य वकील की नजर सड़क पर पड़े संजय सक्सेना पर पड़ी। उन्होंने तत्काल स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टर्स ने मृत घोषित कर दिया। परिजनों ने पुलिस को बताया है कि संजय सक्सेना का कुछ लोगों से जमीनी विवाद चल रहा था। इसी विवाद के चलते चार लोगों पर हत्या का शक जताया गया है। उन्होंने कहा कि जमीन विवाद में आरोपियों ने मार डाला। वारदात की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। पंचनामा कार्रवाई की और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। आसपास के इलाकों में तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। साथ ही सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल लोकेशन के जरिए आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है। प्रारंभिक जांच में यह वारदात सुनियोजित प्रतीत हो रही है।

Noise Control पर सख्ती: इंदौर में 10 बजे के बाद लाउडस्पीकर बजाना मना

इंदौर जिले में आगामी आयोजनों और वैवाहिक कार्यक्रमों में रात्रि दस बजे बाद लाउडस्पीकर बजाना प्रतिबंधित रहेगा। नियमों को उल्लंघन करने पर संबंधित पर कार्रवाई की जाएगी। मैरिज गार्डन और अन्य वैवाहिक स्थलों के संचालकों को भी इस नियम का पालन करना होगा। संचालको को आयोजन से पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य होगा और आदेश की प्रति कार्यक्रम स्थल पर प्रदर्शित करनी होगी। मीटिंग के बाद लिया गया फैसला आसपास के रहवासियों को असुविधा भी नहीं होना चाहिए। जिला प्रशासन द्वारा ध्वनि प्रदूषण नियंत्रण को लेकर शनिवार को मैरिज गार्डन, मैरिज हाल और अन्य वैवाहिक स्थलों के संचालकों के साथ बैठक आयोजित की गई। अपर कलेक्टर रोशन राय ने ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग संबंधी जारी प्रतिबंधात्मक आदेश की जानकारी दी। साथ ही निर्देश दिए कि निर्धारित समयावधि के बाहर लाउडस्पीकर या डीजे का उपयोग पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। नियम उल्लंघन पर होगी कार्रवाई रात्रि 10 बजे के बाद ध्वनि उपकरणों का संचालन, विशेष अनुमति के बिना, नहीं किया जा सकेगा। ध्वनि स्तर तय मानकों से अधिक पाए जाने पर संबंधित संचालक के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। यह भी पढ़ें- धार्मिक स्थलों पर लाउडस्पीकर के इस्‍तेमाल पर स्वामी निश्चलानंद सरस्वती का बड़ा बयान, बोले- धर्म स्थलों पर शांति से हो पूजा बैठक में एसडीएम प्रदीप सोनी सहित संबंधित विभागों के अधिकारी और बड़ी संख्या में संचालक उपस्थित रहे। प्रशासन ने सामाजिक कार्यक्रमों की गरिमा और नागरिकों की सुविधा के बीच संतुलन बनाए रखने पर जोर दिया। पियानो प्रोजेक्ट में पुलिस का छापा, स्पीकर-मिक्सर और सिस्टम जब्त देर रात तेज आवाज में गाने बजा रहने क्लब पर पुलिस ने छापा मार कार्रवाई की है। मैनेजर के विरूद्ध कायमी कर क्लब से स्पीकर,साउंड सिस्टम, मिक्सर जब्त कर लिए है। संचालक को भी नोटिस भेजा गया है। विजयनगर पुलिस के अनुसार कार्रवाई थाना के सामने स्थित अपोलो प्रीमियम में पियानो प्रोजेक्ट पर की गई है। रात 11:30 बजे तक तेज गानों की आवाज सुनाई दे रही थी। एसीपी पराग सैनी और टीआइ सीके पटेल ने दबिश दी। पुलिस ने मैनेजर रंजन चक्रवर्ती के खिलाफ कोलाहल नियंत्रण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर लिया। पुलिस ने मौके से साउंड सिस्टम भी जब्त कर लिया। भंवरकुआं पुलिस ने भी द हेवन फूड कैफे (भोलाराम उस्ताद मार्ग) पर कार्रवाई की है। संचालक योगेश माहेश्वरी निवासी कुशवाह नगर के खिलाफ कायमी की है। कैफे में तेज आवाज में गाने बज रहे थे।    

उप मुख्यमंत्री देवड़ा ने महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर दी प्रदेशवासियों को शुभकामनाएँ और बधाई।

भोपाल. उप मुख्यमंत्री  जगदीश देवड़ा ने महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएँ और बधाई दी है। उन्होंने कहा कि महाशिवरात्रि भगवान शिव की आराधना, आस्था, तप और आत्मशुद्धि का पर्व है। यह दिन हमें सत्य, संयम, करुणा और सदाचार के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कामना की कि भगवान भोलेनाथ की कृपा से प्रदेश में सुख, शांति, समृद्धि और खुशहाली बनी रहे। उप मुख्यमंत्री ने नागरिकों से आग्रह किया कि वे इस पावन अवसर पर सामाजिक सद्भाव, पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता का विशेष ध्यान रखें तथा जरूरतमंदों की सहायता कर पर्व की सार्थकता बढ़ाएँ। उन्होंने कहा कि महाशिवरात्रि का यह पावन पर्व प्रदेश के विकास, प्रगति और जनकल्याण के संकल्प को और मजबूत करने का अवसर भी है।  

इंदौर में मौसम के उतार-चढ़ाव से स्वास्थ्य पर असर, एमवाय अस्पताल में मरीजों की भीड़

इंदौर  मौसम में लगातार हो रहे बदलाव का असर अब लोगों की सेहत पर साफ दिखाई देने लगा है। दिन में तेज धूप और गर्मी बढ़ी जबकि रात में ठंडक के कारण शरीर का संतुलन बिगड़ रहा है। इसका सीधा असर वायरल फीवर के रूप में सामने आ रहा है। एमवाय अस्पताल में ही एक दिन में करीब एक हजार मरीज इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। शहर के शासकीय और निजी अस्पतालों में बुखार, सर्दी-खांसी, गले में खराश और बदन दर्द की शिकायत लेकर आने वाले मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। डॉक्टरों का कहना है कि इस समय मौसम का उतार-चढ़ाव संक्रमण के लिए अनुकूल माहौल बना रहा है। दिन में पसीना और रात में ठंडी हवा चलने से लोग जल्दी बीमार पड़ रहे हैं। खासतौर पर वे लोग ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं, जो देर रात तक बाहर रहते हैं या ठंड-गर्मी के बीच लापरवाही बरतते हैं। शादियों का सीजन भी बढ़ा रहा खतरा इन दिनों शादी समारोह का सीजन चल रहा है। देर रात तक कार्यक्रमों में शामिल होना, ठंडी चीजें खाना, नींद पूरी न होना और भीड़भाड़ में समय बिताने से भी वायरल संक्रमण फैलने की बड़ी वजह सामने आई है। डाक्टरों के अनुसार कई लोग हल्का बुखार या सर्दी होने के बाद भी इसे नजरअंदाज कर रहे हैं, जिससे स्थिति गंभीर हो रही है। संक्रमण परिवार के अन्य लोगों तक भी फैल रहा है। गंभीर बीमारियों वाले मरीजों के लिए ज्यादा जोखिम शुगर, बीपी, कैंसर, ह्दय रोग, लिवर, अस्थमा, गर्भवती महिलाओं और किडनी से संबंधित बीमारी से पीड़ित लोगों के लिए यह मौसम ज्यादा खतरनाक साबित हो रहा है। वायरल फीवर होने पर इन बीमारियों से पीड़ित मरीजों की रिकवरी धीमी हो जाती है। कई बार उनकी स्थिति बिगड़ने पर अस्पताल में भर्ती तक कराना पड़ रहा है। शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होने के कारण संक्रमण का असर ज्यादा समय तक बना रहता है। बच्चों और बुजुर्गों पर ज्यादा असर डॉक्टरों के अनुसार छोटे बच्चों और बुजुर्गों में भी वायरल फीवर के मामले बढ़ रहे हैं। तापमान में अचानक बदलाव से उनकी इम्युनिटी जल्दी प्रभावित होती है, जिससे बुखार और खांसी लंबे समय तक बनी रहती है। ऐसे में विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। बचाव ही सबसे बड़ा इलाज इस मौसम में हल्के गर्म कपड़े साथ रखना, ठंडी चीजों से परहेज करना और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर सावधानी बरतना जरूरी है। संतुलित आहार, पर्याप्त पानी, फल-सब्जियां और भरपूर नींद शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाते हैं। रोजाना वायरल के एक हजार मरीज     वायरल फीवर, शरीर एवं जोड़ों का दर्द, भूख कम होना। इसमें सामान्य मरीज जो जल्दी ठीक हो जाते हैं, लेकिन बीपी, किडनी, कैंसर, ह्दय रोग, शुगर, गर्भवती महिलाओं, अस्थमा मरीजों को इंफेक्शन की वजह से अस्पताल में भर्ती करना पड़ता है। ये हाई रिस्क मरीज हैं। शादी समारोह के कारण इन दिनों वायरल फीवर ज्यादा बढ़ रहा है। एमवाय के मेडिसिन विभाग में रोजाना 400, चाचा नेहरू अस्पताल में 400 बच्चे और एमटीएच में 200 गर्भवती महिलाएं वायरल फीवर के इलाज के लिए आ रही हैं। इस तरह करीब एक हजार मरीज रोजाना आ रहे हैं।- डॉ. धर्मेंद्र झंवर, प्रो. मेडिसिन विभाग, एमजीएम मेडिकल कॉलेज  

शिक्षा में उत्कृष्टता की ओर कदम — एमबी पावर स्कूल अब DAV प्रबंधन के साथ।

अनुपपुर. एमबी पावर (मध्य प्रदेश) लिमिटेड, प्रबंधन के द्वारा, परियोजना टाउनशिप स्थित 10+2 सीबीएसई संबद्ध विद्यालय का संचालन एवं प्रबंधन, DAV कॉलेज ट्रस्ट एवं मैनेजमेंट सोसायटी को सौंपने का निर्णय लिया गया है। यह निर्णय विद्यालय के शैक्षणिक मानकों, आधारभूत संरचना और समग्र प्रशासन को और सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। विद्यालय की स्थापना, कर्मचारियों के बच्चों, परियोजना प्रभावित परिवारों तथा आसपास के क्षेत्रों के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से की गई थी। बता दें कि यह संस्थान वर्षो से सामाजिक एवं शैक्षणिक विकास के क्षेत्र में जाना जाने बाला एक महत्वपूर्ण केंद्र रहा है। देश की अग्रणी शैक्षणिक श्रृंखला DAV वर्तमान में भारतभर में 1000 से अधिक शिक्षण संस्थानों का संचालन कर रही है। मध्यप्रदेश एवं छत्तीसगढ़ में 136 से अधिक विद्यालयों का सफल संचालन DAV द्वारा किया जा रहा है। उत्कृष्ट शैक्षणिक परिणाम, अनुशासित वातावरण, संस्कारयुक्त शिक्षा एवं विद्यार्थियों के समग्र विकास के लिए DAV विद्यालयों की व्यापक पहचान है। ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ के रूप में विकास : "कंपनी परिसर में स्थित इस स्कूल को पेशेवर प्रबंधन द्वारा शिक्षा के एक 'उत्कृष्टता केंद्र' (Center of Excellence) के रूप में निखारा जाएगा।" उत्कृष्टता (Excellence) की दिशा में विशेष प्रयास इन बिंदुओं पर आधारित होंगे : * शैक्षणिक गुणवत्ता एवं परिणामों में निरंतर सुधार * शिक्षकों का नियमित प्रशिक्षण एवं आधुनिक शिक्षण पद्धतियों का अनुपालन * सह-पाठयक्रम एवं खेल गतिविधियों का विस्तार * डिजिटल लर्निंग एवं स्मार्ट शिक्षण साधनों का समावेश * मूल्य-आधारित शिक्षा, अनुशासन एवं चरित्र निर्माण "नया प्रबंधन विद्यालय की आत्मनिर्भरता और सामुदायिक सेवा के बीच एक आदर्श संतुलन स्थापित करने के प्रति संकल्पित है, ताकि सेवा का मूल उद्देश्य निरंतर बना रहे।" "कंपनी ने स्पष्ट किया है कि यह परिवर्तन विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य को ध्यान में रखते हुए किया गया है। संस्थान इस परिवर्तन की अवधि (Transition Period) को पूर्णतः पारदर्शी और सुचारु बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है।" बेहतर शिक्षा की ओर एक मजबूत कदम — उज्ज्वल भविष्य की नई नींव।

रुद्राक्ष महोत्सव के लिए सिहोर में ट्रैफिक और ट्रेन इंतजाम, देवास मार्ग में डायवर्ट लागू

सिहोर सीहोर स्थित कुबेरेश्वर धाम में आयोजित रुद्राक्ष महोत्सव के मद्देनजर देवास, सीहोर प्रशासन ने ट्रैफिक व्यवस्था में बदलाव किया है। इसके अलावा रेलवे ने भी शुक्रवार से स्पेशल ट्रेनों का संचालन शुरू कर दिया है। बढ़ते ट्रैफिक को देखते हुए इंदौर से भोपाल जाने वाले यात्रियों ने भी सड़क मार्ग के बजाए रेलमार्ग को ज्यादा सुविधाजनक समझा है। इस कारण इंदौर से भोपाल जाने वाली ट्रेनों में भी आम दिनों की तुलना में ज्यादा भीड़ नजर आ रही है।   पश्चिम रेलवे रतलाम मंडल ने 14 से 20 फरवरी तक चलने वाले इस आयोजन को ध्यान में रखते हुए 21 जोड़ी ट्रेनों का सिहोर में अस्थायी ठहराव शुरू किया है। इसके अलावा उज्जैन से सीहोर व भोपाल के बीच तीन जोड़ी स्पेशल ट्रेनों का संचालन किया जा रहा है। यदि भीड़ बढ़ती है तो अतिरिक्त ट्रेनों का संचालन किया जा सकता है। इसके अलावा भोपाल की ओर जाने वाली सभी ट्रेनें इंदौर के प्लेटफार्म नंबर दो से संचालित होंगी। उज्जैन की ओर जाने वाली सभी ट्रेनें प्लेटफार्म संख्या एक से संचालित होंगी। भीड़ नियंत्रण के लिए 'क्राउड होल्डिंग एरिया' और नए प्रवेश नियम लागू सीहोर स्थित कुबेरेश्वर धाम में 14 से 20 फरवरी 2026 तक आयोजित होने वाले भव्य रुद्राक्ष महोत्सव को लेकर पश्चिम रेलवे के रतलाम मंडल ने अभूतपूर्व तैयारियां की हैं। संभावित भारी भीड़ को देखते हुए सीहोर रेलवे स्टेशन पर पैदल ऊपरी पुल (FOB) को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है। यात्रियों को ट्रेन आने तक स्टेशन परिसर में बनाए गए विशेष 'क्राउड होल्डिंग एरिया' में रोका जाएगा। इसके अलावा, प्लेटफॉर्म व्यवस्था में बदलाव करते हुए भोपाल की ओर जाने वाली ट्रेनों के लिए प्लेटफॉर्म नंबर 2 और उज्जैन की ओर जाने वाली ट्रेनों के लिए प्लेटफॉर्म नंबर 1 निर्धारित किया गया है, ताकि यात्रियों का आवागमन सुव्यवस्थित रहे। 21 जोड़ी ट्रेनों का ठहराव और स्पेशल रेल सेवाओं का संचालन श्रद्धालुओं की सुगम यात्रा सुनिश्चित करने के लिए रेलवे ने 13 से 22 फरवरी तक सीहोर स्टेशन पर 21 जोड़ी ट्रेनों का अस्थायी ठहराव दिया है। साथ ही उज्जैन और सीहोर/भोपाल के बीच 3 जोड़ी स्पेशल ट्रेनें चलाई जा रही हैं। मंडल रेल प्रबंधक (DRM) अश्वनी कुमार ने स्वयं स्टेशन का निरीक्षण कर सुरक्षा और सुविधाओं का जायजा लिया है। यात्रियों की सहायता के लिए अतिरिक्त टिकट काउंटर खोले गए हैं और वाणिज्य विभाग का विशेष दस्ता तैनात किया गया है, ताकि टिकट खिड़कियों पर लंबी कतारों से बचा जा सके। सुरक्षा और यात्री सुविधाओं पर रेलवे का विशेष ध्यान अभेद सुरक्षा घेरा: RPF, GRP और सीसीटीवी से पैनी नजर महोत्सव के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करने के लिए RPF और GRP के अतिरिक्त जवानों के साथ-साथ सिविल डिफेंस टीम को भी तैनात किया गया है। पूरे स्टेशन परिसर की सीसीटीवी कैमरों के जरिए मंडल कार्यालय से सीधी मॉनिटरिंग की जा रही है। चिकित्सा आपात स्थिति के लिए डॉक्टरों की टीम और दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। इसके अतिरिक्त, यात्रियों के लिए स्वच्छ पेयजल, प्रकाश व्यवस्था और पर्याप्त शौचालयों का प्रबंध किया गया है। मेला क्षेत्र से लेकर स्टेशन तक दिशा-सूचक बैनर लगाए गए हैं ताकि बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं को रास्ते खोजने में कोई असुविधा न हो। स्टेशन परिसर में विशेष ‘क्राउड होल्डिंग एरिया’ बनाया गया है, जहां यात्रियों को ट्रेन आगमन से पूर्व रोका जाएगा तथा ट्रेन आने पर ही प्लेटफार्म पर प्रवेश दिया जाएगा, जिससे प्लेटफार्म पर अनावश्यक भीड़ एकत्रित न हो। प्लेटफार्म एवं स्टेशन परिसर में व्यापक बैरिकेडिंग की गई है। आने और जाने के लिए अलग-अलग मार्ग निर्धारित किए गए हैं। स्टेशन के गेटों पर सुरक्षा कर्मी नियुक्त किए गए हैं। स्टेशन परिसर में सीसीटीवी कैमरों के जरिए भी निगरानी की जा रही है। आपको बता दें कि तीन साल पहले सीहोर में शिवरात्रि के दौरान हुए महोत्सव में लाखों की संख्या में लोग जुटे थे। इस कारण इंदौर-भोपाल रोड पर लंबा जाम लगा था। हालांकि इस बार रुद्राक्ष नहीं बांटे जा रहे हैं।  भारी वाहनों के लिए रूट     भोपाल से आने वाले भारी वाहन: थाना परवलिया के मुबारकपुर जोड़ एवं थाना खजूरी के तुमड़ा जोड़ से होते हुए श्यामपुर-कुरावर-ब्यावरा-शाजापुर-मक्सी मार्ग से देवास और इंदौर जा सकेंगे.     देवास-इंदौर से भोपाल जाने वाले भारी वाहन: देवास से मक्सी-शाजापुर-ब्यावरा-कुरावर-श्यामपुर मार्ग से होकर भोपाल पहुंचेंगे. छोटे और सवारी वाहनों के लिए रूट     भोपाल से आष्टा-देवास-उज्जैन-इंदौर जाने वाले छोटे वाहन: सीहोर न्यू क्रिसेंट चौराहा से भाऊखेड़ी जोड़-अमलाहा होते हुए आष्टा, देवास, उज्जैन और इंदौर जा सकेंगे.     इंदौर-उज्जैन-देवास से भोपाल जाने वाले छोटे वाहन: आष्टा-अमलाहा-भाऊखेड़ी जोड़-न्यू क्रिसेंट चौराहा मार्ग से भोपाल पहुंचेंगे. कुबेरेश्वर धाम आने वाले वाहनों को नहीं रहेगा डायवर्जन भोपाल, इंदौर, देवास और उज्जैन से सीधे कुबेरेश्वर धाम कथा स्थल पर आने वाले वाहनों को किसी डायवर्जन का सामना नहीं करना पड़ेगा. वे नियमित हाईवे मार्ग से सीधे धाम तक पहुंच सकेंगे. धाम परिसर में बनाई गई विभिन्न पार्किंग में वाहन व्यवस्थित रूप से पार्क किए जाएंगे. आईजी और डीआईजी ने की समन्वय बैठक रूद्राक्ष महोत्सव के सुरक्षित और सफल आयोजन को लेकर पुलिस कंट्रोल रूम सीहोर में अहम बैठक आयोजित की गई. बैठक में आईजी देहात जोन भोपाल संजय तिवारी, डीआईजी देहात रेंज भोपाल राजेश सिंह चंदेल और एसपी सीहोर दीपक कुमार शुक्ला सहित सीहोर, भोपाल देहात, भोपाल शहर, रेलवे और देवास जिले के अधिकारी मौजूद रहे. बैठक में दिए गए प्रमुख निर्देश     सभी डायवर्जन पॉइंट्स पर बैरिकेडिंग, टेंट, टेबल-कुर्सी, पीए सिस्टम, पेयजल और प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित की जाए.     डायवर्जन मार्गों पर नियमित पेट्रोलिंग की जाए.     आपात स्थिति के लिए बड़ी क्रेन, गैस कटर/वेल्डिंग कटर और मैकेनिक उपलब्ध रहें.     सभी प्रमुख स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं.     सीमावर्ती जिलों के अधिकारियों का व्हाट्सएप ग्रुप बनाकर सूचनाओं का त्वरित आदान-प्रदान किया जाए.     रेलवे स्टेशन के प्रवेश और निकास मार्गों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं.     ट्रेनों के आगमन और प्रस्थान समय पर विशेष निगरानी रखी जाए.     श्रद्धालुओं के लिए अस्थायी होल्डिंग एरिया बनाए जाएं, जहां पानी, प्रकाश और शौचालय की व्यवस्था हो.     रेलवे बल और आरपीएफ आपसी समन्वय से पूर्व निर्धारित योजना के अनुसार कार्य करें.