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भोजशाला पर तनाव, 23 जनवरी को बसंत पंचमी और जुमा एक साथ, धार में हाई अलर्ट और 8000 सुरक्षा बल

 धार धार की प्रसिद्ध भोजशाला में 23 जनवरी को पूजा और नमाज के समय के टकराव को लेकर प्रशासन अलर्ट हो गया है. 11वीं सदी के इस स्मारक पर अधिकार को लेकर चल रहे विवाद के बीच इंदौर रेंज के आईजी (IG) अनुराग ने  सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया. सांप्रदायिक तनाव से बचने के लिए जिला प्रशासन ने लोगों से शांति और सद्भाव बनाए रखने की अपील की. मुसलमान 11वीं सदी के इस स्मारक को मस्जिद मानते हैं, जबकि हिंदू इसे देवी सरस्वती को समर्पित मंदिर बताते हैं. भोज उत्सव समिति ने 23 जनवरी को पूरे दिन पूजा करने के लिए संबंधित अधिकारियों से अनुमति मांगी है, जबकि मुस्लिम समुदाय ने एक ज्ञापन सौंपकर शुक्रवार होने के कारण दोपहर 1 बजे से 3 बजे तक मस्जिद में नमाज पढ़ने की अनुमति मांगी है. पिछले 23 सालों से चली आ रही एक व्यवस्था के अनुसार, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण यानी ASI इस ढांचे की रक्षा करता है. एएसआई ने हिंदुओं को हर  भोजशाला में पूजा करने का अधिकार दिया है, जबकि मुसलमानों को शुक्रवार को नमाज पढ़ने की अनुमति है. पत्रकारों से बात करते हुए भोज उत्सव समिति के संरक्षक अशोक जैन ने कहा, "सरस्वती पूजा के अवसर पर बसंत पंचमी (23 जनवरी) को बिना किसी रुकावट के पूजा का आयोजन करना हमारा लक्ष्य है. पूजा सूर्योदय से लगातार होगी. अगर ऐसा नहीं होता है, तो हम विरोध प्रदर्शन करेंगे." उन्होंने जोर देकर कहा, "हम किसी भी हालत में भोजशाला परिसर खाली नहीं करेंगे. हमने इसे पहले भी खाली नहीं किया था और अब भी खाली नहीं करेंगे." इस बीच, मुस्लिम समुदाय ने भोजशाला चौकी पर ASI के महानिदेशक को एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें 23 जनवरी को दोपहर 1 बजे से 3 बजे तक बिना किसी रुकावट के शुक्रवार की नमाज पढ़ने की अनुमति मांगी गई. उधर, इंदौर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक (IG) अनुराग ने धार का दौरा किया और सुरक्षा तैयारियों की समीक्षा के लिए पुलिस कंट्रोल रूम में अधिकारियों के साथ बैठक की. बाद में उन्होंने विवादित भोजशाला-कमल मौला मस्जिद का दौरा किया और परिसर का निरीक्षण किया. पत्रकारों से बात करते हुए, IPS अधिकारी ने कहा कि कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए धार में खासकर भोजशाला के आसपास भारी पुलिस बल तैनात किया जाएगा. उन्होंने कहा, "23 जनवरी को बसंत पंचमी और शुक्रवार दोनों हैं. इसलिए, लोगों को यह त्योहार सद्भाव और शांति के साथ मनाना चाहिए. बसंत पंचमी के लिए लगभग 8000 सुरक्षाकर्मी तैनात किए जाएंगे. इन कर्मियों में CRPF और रैपिड एक्शन फोर्स के जवान शामिल होंगे." पुलिस अधिकारी ने कहा कि इस दौरान पेट्रोलिंग की जाएगी और शहर की निगरानी CCTV कैमरों से की जाएगी. पुलिस अफसर अनुराग ने कहा कि संवेदनशील इलाकों और सोशल मीडिया पर भी कड़ी नजर रखी जाएगी और शांति भंग करने की कोशिश करने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. बता दें कि 2016 में भी बसंत पंचमी (12 फरवरी) शुक्रवार को पड़ी थी और भोजशाला में पूजा और नमाज के समय को लेकर विवाद हुआ था. उस साल शहर में विरोध प्रदर्शन और झड़पें हुई थीं. हिंदू समुदाय भोजशाला को देवी सरस्वती को समर्पित मंदिर मानता है, जबकि मुसलमान इसे कमाल मौला मस्जिद कहते हैं. जुलाई 2024 में ASI ने विवादित भोजशाला-कमाल-मौला मस्जिद परिसर की अपनी वैज्ञानिक सर्वेक्षण रिपोर्ट मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की इंदौर बेंच में जमा की थी.

सिंचाई परियोजनाओं में देरी नहीं चलेगी, समय-सीमा का सख्ती से पालन हो: मंत्री सिलावट

विभागीय कार्यों की समीक्षा की भोपाल जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट ने कहा है की प्रदेश में विभिन्न निर्माणाधीन वृहद एवं मध्यम परियोजनाओं का कार्य समय से पूरा किया जाए। वरिष्ठ अधिकारी परियोजनाओं के कार्य का निरंतर निरीक्षण करें और गुणवत्तापूर्ण कार्य सुनिश्चित करें। कार्य में किसी प्रकार की लापरवाही न हो। मंत्री श्री सिलावट ने मंत्रालय स्थित अपने प्रतिकक्ष में बुधवार को विभाग के अंतर्गत धसान केन कछार सागर में निर्माणाधीन वृहद एवं मध्यम परियोजनाओं की समीक्षा की। बैठक में अपर मुख्य सचिव जल संसाधन डॉ. राजेश राजौरा, प्रमुख अभियंता श्री विनोद कुमार देवड़ा, मुख्य अभियंता सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी एवं कार्य से संबंधित निर्माण ऐजेंसियों के प्रतिनिधि उपस्थित थे। मंत्री श्री सिलावट ने निर्देश दिए कि वरिष्ठ अधिकारी स्वीकृत परियोजनाओं को समय-सीमा में पूर्ण करने के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार करें और प्रति 15 दिन में कार्य की समीक्षा करें। बैठक में बताया गया कि परियोजनाओं के पूर्ण होने पर सागर, पन्ना, दमोह एवं छतरपुर जिले की लगभग 81 हजार हैक्टेयर में अतिरिक्त सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी। मंत्री श्री सिलावट द्वारा कछार के अंतर्गत आपचंद, मंझगाय, सतधारू, पवई, रूंज एवं काठन सिंचाई परियोजनाओं से सिंचाई सम्बन्धी व्यवस्थाओं के निर्देश दिये गये।

प्रोजेक्ट मॉनीटरिंग ग्रुप और प्रगति प्लेटफार्म से देश में अटकी निवेश परियोजनाओं को पुन: किया गया सक्रिय

प्रधानमंत्री मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व से दशकों से लम्बित परियोजनाओं को करना हुआ संभव भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के सशक्त नेतृत्व एवं केन्द्र और राज्य की डबल इंजन सरकार के प्रभावी समन्वय के फलस्वरूप आज देश में बुनियादी ढांचा विकास को गति मिल रही है। प्रोजेक्ट मॉनीटरिंग ग्रुप (पीएमजी) और प्रोएक्टिव गवर्नेंस एंड टाइमली इंप्लीमेंटेशन (प्रगति) प्लेटफार्म की शुरुआत होने से देश में अटकी हुई निवेश परियोजनाओं को पुन: सक्रिय किया गया है। इस संस्थागत व्यवस्था से केंद्र और राज्य के सभी हितग्राहियों को एक मंच पर लाकर निर्णय-निर्माण प्रक्रिया को तेज किया गया। प्रधानमंत्री श्री मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व, स्पष्ट नीति-निर्देश एवं प्रो-एक्टिव गवर्नेंस से भी देश में दशकों से लम्बित परियोजनाओं को समयबद्ध रूप से पूर्ण करना संभव हुआ है। राजनैतिक आपाधापी के साथ, व्यवस्थाओं में हो रहे सुधार को समझना सभी के लिए आवश्यक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बुधवार को प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के सशक्त नेतृत्व तथा केंद्र और राज्य में डबल इंजन सरकार के प्रभावी समन्वय के परिणाम स्वरूप प्रोजेक्ट मॉनिटरिंग ग्रुप की उपलब्धियों मीडिया प्रतिनिधियों से साझा की। मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन ने प्रोएक्टिव गवर्नेंस एंड टाइमली इंप्लीमेंटेशन (प्रगति) पर प्रेजेंटेशन दिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश को विभिन्न केन्द्रीय मंत्रालयों के माध्यम से प्रदेश में 209 बड़े प्रोजेक्ट्स की सौगात मिली है। इनमें से 2 लाख 61 हजार 340 करोड़ निवेश वाली 108 केंद्रीय विकास परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं। प्रदेश में अभी 5 लाख 24 हजार 471 करोड़ रुपए से अधिक लागत की 101 परियोजनाएं क्रियान्वयन के अधीन हैं। केंद्रीय परियोजनाओं के क्रियान्वयन में मध्यप्रदेश ने 97 प्रतिशत सफलता हासिल की है। इन परियोजनाओं में रेल मंत्रालय की 14, सड़क परिवहन मंत्रालय की 13, विद्युत मंत्रालय की 5 और नवकरणीय ऊर्जा मंत्रालय की महत्वपूर्ण परियोजनाएं शामिल हैं। केंद्र और राज्य सरकार मिलकर वन्यजीव पर्यटन योजनाओं को आगे बढ़ा रही है। प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क में चीते अपना घर बना चुके हैं। धार के पीएम मित्र पार्क से कपास उत्पादक किसानों को लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि केंद्र और राज्यों के बीच परस्पर समन्वय ही हमारी सबसे शक्ति है। जब विभाग आपस में समन्वय से काम करते हैं, तो विकास की रफ्तार दोगुनी हो जाती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी ने शासन की व्यवस्थाओं को केवल प्रक्रियात्मक न रखकर परिणामोन्मुख और जवाबदेह बनाया, जहां प्रत्येक परियोजना की प्रगति, बाधा और समाधान की सीधी निगरानी सुनिश्चित की गई है। पहले जहां सामान्यत: बड़ी योजनाएं कागजों पर तो बहुत भव्य दिखती थीं, लेकिन धरातल पर साकार होने से पहले ही विभागों के आपसी तालमेल की कमी के कारण निष्प्रभावी हो जाती थीं। अब प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में भारत सरकार ने पीएमजी और प्रगति पोर्टल से पुरानी प्रणाली को जड़ से खत्म कर असंभव दिखने वाली परियोजनाओं को साकार किया है। अब देश में विकास के साथ आवश्यकताओं का युक्तियुक्तकरण किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पीएम "प्रगति" और प्रोजेक्ट मॉनिटरिंग ग्रुप के माध्यम से मध्यप्रदेश में ऐसा ईको-सिस्टम तैयार हो चुका है जहां केंद्र और राज्य सरकार मिलकर आधुनिक तकनीक के बल पर अधोसंरचना विकास की महत्वपूर्ण परियोजनाओं को समय पर पूरा कर रही हैं। प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में भारत ने समय, लागत और विश्वास तीनों स्तर पर ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल की हैं। अपनी जिम्मेदारियों के साथ कार्य पूर्ण करना सुशासन (गुड गवर्नेंस) का प्रमाण है। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने दुनिया के सामने भारत सरकार की एक विशिष्ट छवि बनाई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्यों के बीच राजनैतिक दृष्टि से भले ही दलों में मतभिन्नता हो, लेकिन राष्ट्र के विकास की दृष्टि से सभी राज्यों का महत्व है। "प्रगति" पोर्टल से देश के विकास में भू-गर्भ संपदा का दोहन देशहित में अधिक प्रभावी तरीके से होगा। भारत सरकार के अधिकारी इस पोर्टल से राज्य तथा अन्य मंत्रालयों में आने वाली प्रक्रियागत कठिनाइयों को समय रहते दूर कर लेंगे। केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना पर पिछली सरकार में ध्यान नहीं दिया गया, अब प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में मध्यप्रदेश में 3 नदी परियोजनाओं पर कार्य हो रहा है। बदलते दौर में केंद्र और राज्यों के बीच समन्वय बेहतर हुआ है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि रेलवे की 285 किलोमीटर लम्बी जबलपुर-गोंदिया गेज परिवर्तन परियोजना से अब मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र के बीच सीधा और अधिक क्षमता वाला रेल संपर्क स्थापित हो गया है। इससे प्रदेश के जबलपुर, बालाघाट, मंडला, सिवनी जिले की कनेक्टिविटी नागपुर, मुम्बई, कोलकाता, चेन्नई जैसे प्रमुख शहरों से बढ़ गई है। अब जबलपुर से सीधे गोंदिया, कोलकाता और चेन्नई के लिए ट्रेन उपलब्ध रहेगी। मध्यप्रदेश को 18.5 हजार करोड़ लागत की इंदौर-मनमाड़ रेल लाइन की सौगात भी मिली है। इसका लाभ उज्जैन को भी मिलेगा। मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन ने अपने प्रेजेंटेशन में बताया कि प्रगति प्लेटफार्म की शुरूआत 25 मार्च 2015 को हुई थी। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने शुभारंभ अवसर पर कहा था कि " आज पूरा विश्व भारत को बड़ी उत्सुकता से देख रहा है। ऐसे समय में यह अत्यंत आवश्यक है कि भारत की शासन-व्यवस्था और अधिक प्रभावी, और अधिक संवेदनशील बने। 

‘कर संग्रहण अभियान’- ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों का आधार

मात्र 26 दिनों में बुरहानपुर 3.75 करोड़ से अधिक का जमा हुआ टैक्स भोपाल सफलता की कहानी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में ‘‘विकसित भारत का संकल्प वर्ष 2047’’ तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाना है। इसी संकल्प की सिद्धी के लिये प्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मार्गदर्शन में पंचायतों के समावेशी विकास, आत्मनिर्भरता और प्रगति के लिये प्रयास सुनिश्चित किये जा रहे है। बुरहानपुर जिले के गांवों को आर्थिक रूप से मजबूत और आत्मनिर्भर बनाने के लिए ‘‘कर संग्रहण अभियान’’ से ग्राम पंचायतों को सशक्त किया जा रहा है। पंचायतों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बढ़ते कदम पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा संचालित ‘‘कर संग्रहण अभियान’’ के माध्यम से बुरहानपुर जिले में मात्र 26 दिनों में 3.75 करोड़ रुपये से अधिक का ‘‘कर’’ संग्रहण किया जा चुका है। यह पंचायतों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक सशक्त कदम है। शासन के निर्देशानुसार चलाए जा रहे अभियान का उद्देश्य पंचायतों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना तथा गांवों में विकास कार्यों के लिए स्थानीय संसाधनों को सुदृढ़ करना है। अभियान में संपत्ति कर, जल कर, प्रकाश कर एवं सफाई कर सहित अन्य करों की प्रभावी वसूली की जा रही है। संगठित प्रयासों से मिली सफलता जिले में ‘‘कर संग्रहण अभियान’’ 18 दिसम्बर, 2025 से प्रारंभ होकर 17 जनवरी, 2026 तक संचालित है। अभियान का महत्व ग्रामीणों में समय पर टैक्स भरने के प्रति जन-जागरूकता लाना है। 167 ग्राम पंचायतों में विशेष टीमें गठित अभियान को सफल बनाने के लिए अभियान की सफलता के लिये बुरहानपुर जिले की सभी 167 ग्राम पंचायतों में विशेष टीमें गठित की गईं। जिला स्तरीय नोडल अधिकारियों, सहायक नोडल अधिकारियों एवं ग्राम प्रभारियों ने निरंतर निगरानी और समन्वयता के साथ कार्य किया। ग्राम स्तर पर लगातार बैठकों, चौपालों एवं जागरूकता गतिविधियों से ग्रामीणों को ‘‘कर’’ भुगतान के महत्व से अवगत कराया गया। कर दाताओं को किया सम्मानित, नाम भी किये अंकित अभियान की सफलता में दीवार लेखन कार्य ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। दीवारों पर अंकित प्रेरक स्लोगनों के माध्यम से आमजनों में जागरूकता का विस्तार किया गया, साथ ही टैक्स जमा करने वाले करदाताओं को सम्मानित भी किया गया। ग्रामीणों को प्रेरित करने के उद्देश्य से कर दाताओं के नाम पंचायत कार्यालयों एवं मुख्य दीवारों पर अंकित किए गए, जिससे अभियान को व्यापक जनसमर्थन प्राप्त हुआ। पंचायतों में होगा विकास अभियान में जनपद पंचायत बुरहानपुर की 77 ग्राम पंचायतों में लगभग 245.95 लाख रुपये तथा जनपद पंचायत खकनार की 90 ग्राम पंचायतों में करीबन 130.83 लाख रुपये का टैक्स ग्रामीणों द्वारा जमा किया गया। ‘‘कर संग्रहण अभियान’’ अंतर्गत ग्रामीणजनों ने सहभागिता करते हुए आगे आकर बकाया ‘‘करो’’ का भुगतान कर जागरूक नागरिक होने की भूमिका निभाई। जनप्रतिनिधियों की सहभागिता से ग्रामीणों में बढ़ी जागरूकता अभियान की सफलता में जनप्रतिनिधियों की सक्रिय सहभागिता महत्वपूर्ण रही। नेपानगर विधायक सुश्री मंजू दादू एवं जिला पंचायत अध्यक्ष श्री गंगाराम मार्को ने स्वयं टैक्स जमा कर ग्रामीणों को प्रेरित किया। इससे ग्रामीणों को सकारात्मक संदेश मिला एवं ‘‘कर’’ भुगतान को लेकर जागरूकता बढ़ी। जनपद पंचायत बुरहानपुर की ग्राम पंचायत जैनाबाद, लोनी, झिरी एवं मोहम्मदपुरा तथा जनपद पंचायत खकनार की ग्राम पंचायत लोखंडिया, दाहिन्दा, देड़त लाई एवं अम्बाडा रैयत में सभी के सहयोग से अधिकतम ‘‘कर’’ राशि जमा हुई। बुरहानपुर की जैनाबाद ग्राम पंचायत में 17 लाख 87 हजार रूपये से अधिक तथा खकनार की लोखंडिया ग्राम पंचायत में 8 लाख 75 हजार रूपये टैक्स जमा हुआ, जो जिले में सबसे अधिक टैक्स जमा करवाने वाली ग्राम पंचायतों में अग्रणी है। विकास कार्यों को मिलेगी नई गति संग्रहित कर राशि का उपयोग गांवों में मूलभूत सुविधाओं, स्वच्छता, प्रकाश व्यवस्था, पेयजल एवं अन्य विकास कार्यों में किया जाएगा। यह अभियान ग्राम पंचायतों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक सफल और विकासात्मक पहल है।  

भारत सरकार के वन नेशन-वन सब्सक्रिप्शन पोर्टल पर पंजीयन कराने में मध्यप्रदेश देश में सबसे आगे

मध्‍यप्रदेश ने रचा कीर्तिमान मंत्री श्री परमार ने विभाग को दी बधाई एवं शुभकामनाएं प्रदेश के 617 से अधिक उच्‍च शिक्षण संस्‍थानों ने कराया पंजीयन विद्यार्थियों, शोधार्थियों और शिक्षकों को आसानी से मिल रहीं अंतर्राष्ट्रीय स्तर की प्रसिद्ध शोध पत्रिकाएं और पुस्‍तकें भोपाल उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री श्री इन्दर सिंह परमार ने भारत सरकार के महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट 'वन नेशन, वन सब्सक्रिप्शन' के क्रियान्वयन में देश भर में सर्वश्रेष्ठ स्थान अर्जित करने की महत्वपूर्ण उपलब्धि प्राप्त करने पर उच्च शिक्षा विभाग को बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। मंत्री श्री परमार ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में उच्च शिक्षा विभाग राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के परिप्रेक्ष्य में प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहा है और सतत् नवीन आयाम स्पर्श कर रहा है। मध्यप्रदेश ने उच्च शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि अर्जित क़ी है। भारत सरकार के महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट 'वन नेशन, वन सब्सक्रिप्शन' के क्रियान्वयन में पूरे देश में सिरमौर बनकर उभरा है। वैश्विक स्तर की शोध पत्रिकाओं (जर्नल्स) और डिजिटल लाइब्रेरी तक विद्यार्थियों की पहुंच बनाने में मध्‍यप्रदेश ने कर्नाटक और राजस्थान जैसे राज्यों को काफी पीछे छोड़ दिया है। भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय द्वारा प्रारंभ किए गए 'वन नेशन, वन सब्सक्रिप्शन' पोर्टल पर पंजीयन कराने में प्रदेश देश में सबसे आगे हैं। प्रदेश के कुल 617 उच्‍च शिक्षण संस्‍थानों ने अब तक पोर्टल पर पंजीयन कराया है। दूसरे नंबर पर कर्नाटक राज्‍य है, यहां के 480 संस्‍थानों द्वारा पंजीयन कराया गया है। प्रदेश में योजना के बेहतर क्रियान्वयन के लिए प्रथम चरण में प्रदेश स्‍तर पर एक नोडल अधिकारी बनाया गया। दूसरे चरण में प्रत्येक उच्चतर शिक्षण संस्थानों में संस्थावार नोडल अधिकारी नामांकित किए गए। इसके बाद तृतीय चरण में संस्था के नोडल अधिकारी द्वारा संस्था के प्राध्‍यापकों एवं संस्था में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को नामांकित करके उनके आईडी एवं पासवर्ड जनरेट कर यूजर्स को उपलब्ध कराया जाता है, फिर यूजर को आईडी पासवर्ड के माध्यम से 'ओएनओएस' पोर्टल पर जाकर लॉगि‍न करना होगा। इसके बाद यूजर पोर्टल पर उपलब्ध शोध पत्रों/पुस्तकों को निः शुल्क पढ़ सकता है। देश में 98 लाख 44 हजार 813 यूजर, इसमें मध्‍यप्रदेश से 8 लाख 38 हजार से अधिक वि‌द्यार्थियों, शोधार्थियों और प्राध्‍यापकों को अंतर्राष्ट्रीय स्तर की प्रतिष्ठित शोध पत्रि‍काएं जर्नल्स और पुस्‍तकें एक ही जगह पर आसानी से उपलब्‍ध हो सके, इसके लिए भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय द्वारा “वन नेशन वन सब्‍सक्रिप्‍शन” वन नेशन, वन सबसक्रिप्शन योजना प्रारंभ की गई है। इस योजना के माध्‍यम से भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय द्वारा 30 प्रमुख प्रकाशनों के शोध पत्रों एवं पुस्तकों को 'वन नेशन-वन सब्‍सक्रिप्‍शन' पोर्टल पर आसानी से उपलब्‍ध कराया जा रहा है। पोर्टल पर डिजिटल शि‍क्षा का उपयोग करने के मामले में मध्‍यप्रदेश देश में सबसे आगे है। अब तक प्रदेश के 617 उच्‍च शिक्षण संस्‍थानों द्वारा पंजीयन कराया जा चुका है। आज देश में 98 लाख 44 हजार 813 वि‌द्यार्थियों, शोधार्थियों और प्राध्‍यापकों द्वारा इसका उपयोग किया जा रहा है। इससे राष्‍ट्रीय शिक्षा नीति-2020 की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, शोध संवर्धन और वैश्विक ज्ञान तक समान पहुंच को बढ़ावा मिल रहा है। भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय द्वारा वन नेशन-वन सब्सक्रिप्शन योजना चलाई जा रही है। योजना के माध्‍यम से पोर्टल पर भारत सरकार द्वारा वि‌द्यार्थियों को शोध के लिए देश विदेश के 30 से अधि‍क प्रमुख प्रकाशकों की शोध पत्रिकाएं व पाठयपुस्‍तकें नि:शुल्‍क उपलब्‍ध कराई जा रही हैं। पोर्टल पर पंजीयन कराने के मामले में मध्‍यप्रदेश, देश में सबसे आगे हैं। प्रदेश के 617 उच्‍च शिक्षण संस्‍थान अब तक पंजीयन करा चुके हैं। 8 लाख 38 हजार से अधिक वि‌द्यार्थी-शोधार्थी पोर्टल का उपयोग कर रहे हैं। इस मामले में भी मध्‍यप्रदेश, पूरे देश में प्रथम स्‍थान पर है।  

प्रत्येक पात्र हितग्राही को संकल्प से समाधान अभियान का मिले लाभ : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

मुख्यमंत्री ने प्रदेश में संचालित संकल्प से समाधान अभियान के संबंध में ली बैठक भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि संकल्प से समाधान अभियान जनसामान्य को कल्याणकारी हितग्राही मूलक योजनाओं का सुगमता से लाभ उपलब्ध कराने के उद्देश्य से आरंभ किया गया है। अभियान के अंतर्गत समय-सीमा में पारदर्शी तरीके से गतिविधियां सुनिश्चित की जाएं। किसी भी स्तर पर भ्रष्टाचार को बरदार्शत नहीं किया जाएगा, दोषियों के विरूद्ध कठोर कार्यवाही की जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यह निर्देश मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में संकल्प से समाधान अभियान की बुधवार को समीक्षा के लिए आयोजित संभागायुक्तों की बैठक में दिए। मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव श्री नीरज मंडलोई सहित संभागायुक्त बैठक में उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अभियान के अंतर्गत योजनाओं के प्रचार-प्रसार पर विशेष ध्यान दिया जाए। हमारा प्रयास है कि सभी हितग्राहियों को योजनाओं की आवश्यक जानकारी हो। संभागीय अधिकारी जिला, विकासखण्ड और ग्राम स्तर तक भ्रमण कर अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन की समीक्षा करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अभियान के अंतर्गत स्वास्थ्य परीक्षण, स्वच्छता तथा शिक्षा के लिए प्रेरित करने पर केंद्रित गतिविधियां भी संचालित की जाएं। संकल्प से समाधान अभियान के क्रियान्वयन में सामाजिक और स्वयं सेवी संस्थाओं का भी सहयोग लिया जाए।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पेयजल व्यवस्था सुदृढ़ करने इंदौर को दी 800 करोड़ से अधिक की सौगात

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि इंदौर निरंतर प्रगति, विकास और नवाचार की दिशा में आगे बढ़ रहा है। आज इंदौर देश का सबसे तेज़ी से विकसित होने वाला शहर बन चुका है। विकास, स्वच्छता, उद्योग, व्यापार और सुशासन के क्षेत्र में इंदौर ने अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है, जिस पर पूरे मध्यप्रदेश को गर्व है। इंदौर की पहचान उसकी संघर्षशील जनता, अदम्य हौसलों और विकासशील सोच से है। आज प्रदेश का हर जिला इंदौर जैसा बनना चाहता है। उन्होंने कहा कि कठिन समय में सरकार, नगर निगम और प्रशासन ने पूरी संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता के साथ नागरिकों के साथ खड़े रहकर हरसंभव प्रयास किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बुधवार को इंदौर शहर की पेयजल व्यवस्था को सुदृढ़, आधुनिक एवं दीर्घकालिक समाधान प्रदान करने की दिशा में स्वच्छ जल अभियान अंतर्गत अमृत 2.0 इंदौर जलप्रदाय योजना (पैकेज–1) के तहत 800 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से प्रस्तावित बहुप्रतीक्षित जल प्रदाय परियोजना का विधिवत भूमि-पूजन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मकर संक्रांति पर आयोजित कार्यक्रम में सभी को मंगलकानाएँ दीं। उन्होंने कहा कि भागीरथपुरा क्षेत्र में घटित जल-जनित घटना ने सभी को पीड़ा पहुँचाई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस घटना में दिवंगत हुए नागरिकों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए बाबा महाकाल से दिवंगत आत्माओं को अपने श्रीचरणों में स्थान प्रदान करने की प्रार्थना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मकर संक्रांति केवल पर्व नहीं, बल्कि तिल-तिल करके आगे बढ़ने का संकल्प है। जैसे इस दिन से सूर्य उत्तरायण होता है और प्रकाश बढ़ता है, वैसे ही इंदौर निरंतर प्रगति, विकास और नवाचार की दिशा में आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आपदा के समय राजनीति करना इंदौर स्वीकार नहीं करेगा। सकारात्मक और रचनात्मक विपक्ष लोकतंत्र की शक्ति है, लेकिन पीड़ा पर राजनीति करना सर्वथा अनुचित है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मालवा और निमाड़ क्षेत्र को नर्मदा जल से जोड़ने के लिए वर्षों संघर्ष करना पड़ा। सरदार सरोवर बांध को पूर्ण कर देश को जल सुरक्षा देने का श्रेय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी को जाता है। इसके माध्यम से सिंचाई क्षमता में ऐतिहासिक वृद्धि हुई है। मध्यप्रदेश में आज 56 लाख हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में सिंचाई संभव हो सकी है। उन्होंने नदी जोड़ो परियोजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि पार्वती–कालीसिंध–चंबल (पीकेसी) परियोजना राजस्थान और मध्यप्रदेश के लिए वरदान सिद्ध होगी। केन–बेतवा नदी जोड़ो अभियान पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी का सपना था, जिसे आज प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में साकार किया गया है। उन्होंने कहा कि जल जीवन मिशन के माध्यम से प्रत्येक गांव और प्रत्येक शहर तक शुद्ध पेयजल पहुँचाना सरकार का संकल्प है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के मार्गदर्शन और राज्य सरकार के पूर्ण सहयोग से इंदौर आत्मनिर्भर बनकर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि इंदौर आगे बढ़ेगा, सरकार पूरी मजबूती से इंदौर के साथ खड़ी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम के पहले जीवन दायिनी मां नर्मदा की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर पूजा-अर्चना की। उन्होंने सभागृह परिसर में संविधान निर्माता बाबा साहेब अंबेडकर और स्वर कोकिला लता मंगेशकर की प्रतिमा पर श्रद्धा सुमन भी अर्पित किए। नगरीय प्रशासन एवं आवास मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय ने इंदौर में नर्मदा के जल आंदोलन तथा नर्मदा के जल लाने की संघर्ष यात्रा का उल्लेख करते हुए कहा कि यह इंदौर का ऐतिहासिक जन-आंदोलन था। नर्मदा जल परियोजना केवल एक योजना नहीं, बल्कि इंदौर की जनशक्ति और संकल्प का परिणाम है। उन्होंने कहा कि यदि नर्मदा जल नहीं आता, तो इंदौर आज जिस रूप में है, वह कभी नहीं बन पाता। उन्होंने इंदौर की स्वच्छता पर गर्व व्यक्त करते हुए कहा कि यहां की पहचान केवल विकास से नहीं, बल्कि नागरिकों की सहभागिता से बनी है। देर रात तक शहर की सफाई में जुटने वाले सफाई कर्मी इंदौर की असली ताकत हैं। इंदौर की स्वच्छता पर हम सबको गर्व है। उन्होंने कहा कि सुबह-सुबह घरों से कचरा गाड़ियों में स्वयं नागरिकों द्वारा कचरा डालना इंदौर की जनभागीदारी का जीवंत उदाहरण है। मंत्री श्री विजयवर्गीय ने कहा कि इंदौर नंबर वन था, इंदौर नंबर वन है और नंबर वन रहेगा। नर्मदा, स्वच्छता और जनता के स्वाभिमान से बनी इंदौर की आन-बान-शान को कोई आंच नहीं आने दी जाएगी। जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी ने विकसित भारत का जो संकल्प लिया है, उसी संकल्प को मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में साकार रूप दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में विकास कार्य तेज गति से संचालित हो रहे हैं और शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने के लिए सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। यह विकास केवल अधोसंरचना तक सीमित नहीं है, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, जल संसाधन और रोजगार के क्षेत्रों में भी नए आयाम स्थापित कर रहा है। महापौर श्री पुष्यमित्र भार्गव ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आभार मानते हुए कहा कि उन्होंने इंदौर के भविष्य की जल-आवश्यकताओं को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए 1100 करोड़ रुपये की योजना को दूरदृष्टि के साथ 2400 करोड़ रुपये तक विस्तार दिया। यह निर्णय आने वाले दशकों की जरूरतों को ध्यान में रखकर लिया गया है। आज जिस परियोजना का भूमि-पूजन किया गया है, यह केवल निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके अंतर्गत 10 वर्षों का संचालन एवं संधारण (O&M) भी शामिल।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने तुलसीपीठाधीश्वर स्वामी रामभद्राचार्य के जन्म दिवस पर दीं शुभकामनाएं

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पद्म विभूषण' से सम्मानित, तुलसीपीठाधीश्वर, रामानंदाचार्य स्वामी श्री रामभद्राचार्य महाराज को जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्वामी जी की असाधारण विद्वत्ता, साधना और मार्गदर्शन से भारतीय सनातन परंपरा, शिक्षा और साहित्य जगत एवं सामाजिक समरसता को नई ऊर्जा व दिशा मिली है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रभु श्रीराम से स्वामी रामभद्राचार्य के लिए आरोग्यता और दीर्घायु की प्रार्थना है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेशवासियों को मकर संक्रांति पर्व की शुभकामनाएं दीं

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेशवासियों को स्नान-दान एवं उपासना के पर्व मकर संक्रांति की हार्दिक शुभकामनाएं दीं हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि भगवान सूर्य देव के आशीर्वाद से प्रदेशवासियों का जीवन आरोग्यता, समृद्धि और यश के प्रकाश से आलोकित हो, यही कामना है।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव मध्यप्रदेश रीजनल एआई इम्पैक्ट कांफ्रेंस-2026 में होंगे शामिल

एआई-सक्षम शासन और आर्थिक परिवर्तन के लिए प्रदेश का रोडमैप होगा प्रस्तुत प्रदेश की स्पेसटेक नीति होगी लांच भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव गुरुवार 15 जनवरी को भोपाल में ‘मध्यप्रदेश रीजनल एआई इम्पैक्ट कांफ्रेंस-2026’ में एआई-सक्षम शासन और आर्थिक परिवर्तन के लिए मध्यप्रदेश के रणनीतिक रोडमैप को प्रस्तुत करेंगे। यह कांफ्रेंस एआई इनेबल्ड गवर्नेंस फॉर एन एम्पावर्ड भारत की थीम पर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा इंडिया एआई मिशन के सहयोग से आयोजित की जा रही है।इससे एआई आधारित शासन,तकनीक एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में अकादमिक और उद्योग समन्वय को बढ़ावा मिलेगा। इसके साथ प्रदेश सरकार एआई को नागरिक-केंद्रित, पारदर्शी और कुशल शासन की आधारशिला के रूप में स्थापित करने की दिशा में ठोस कदम उठा रही है। कांफ्रेंस में मध्यप्रदेश 'इनोवेशन एक्सपो' का शुभारंभ भी किया जाएगा, जिसमें इंडिया एआई पेवेलियन, मध्यप्रदेश पेवेलियन, स्टार्ट-अप शो-केस, हैकाथॉन एरिना और स्टार्ट-अप प्रतियोगिता शामिल होंगी। कांफ्रेंस में केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अपर सचिव एवं सीईओ इंडिया एआई श्री अभिषेक सिंह और आईआईटी इंदौर के निदेशक श्री सुहास एस. जोशी संबोधित करेंगे। अपर मुख्य सचिव विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी श्री संजय दुबे द्वारा “एआई फॉर पीपल,प्लेनेट एंड प्रोग्रेस – मध्यप्रदेश रोडमैप टू इंपैक्ट ” पर राज्य का प्रमुख एआई विजन प्रस्तुत किया जाएगा। मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन कांफ्रेंस को संबोधित करेंगे। कांफ्रेंस में स्पेसटेक नीति लांच होगी, विभिन्न समझौता ज्ञापनों और नवाचार एवं युवा एआई पहलों से संबंधित महत्वपूर्ण घोषणाएं की जाएंगी। कांफ्रेंस में तीन उच्चस्तरीय थीमैटिक सत्र—टेक्नोलॉजी लेड गवर्नेंस फॉर ऑल, एआई फॉर इकोनॉमिक ग्रोथ एंड सोशल गुड और रेज़िलिएंस, इनोवेशन एंड डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर आयोजित किए जाएंगे। इनमें डिजिटल इंडिया- भाषिणी, यूआईडीएआई, एनईपीडी विभिन्न राज्य सरकारों और गूगल, माइक्रोसॉफ्ट, डिलोट्टी और ईवाई जैसे अग्रणी संगठनों के विशेषज्ञ अपने विचार साझा करेंगे। साथ ही एमपी इनोटेक स्टार्ट-अप पिच कंटेस्ट और उज्जैन महाकुंभ हैकाथॉन के विजेताओं की घोषणा भी की जाएगी। यह कांफ्रेंस इंडिया-एआई इम्पैक्ट समिट-2026 की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इंडिया-एआई इम्पैक्ट समिट-2026 की घोषणा प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा फ्रांस एआई एक्शन समिट में की गई थी। सम्मेलन का आयोजन 16 से 20 फरवरी 2026 तक नई दिल्ली में किया जाएगा।