samacharsecretary.com

सोमनाथ मंदिर हमले पर देशव्यापी शिव उपासना अभियान की शुरुआत, महाकाल मंदिर से बीजेपी अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने की पहल

उज्जैन  बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने आज सुबह महाकाल मंदिर में दर्शन कर देश की सुख-समृद्धि और शांति के लिए प्रार्थना की। दर्शन के बाद उन्होंने बताया कि सोमनाथ मंदिर पर हुए हमले के बाद प्रधानमंत्री द्वारा पूरे देश में एक विशेष अभियान चलाया जा रहा है, जिसके तहत नागरिकों से भगवान शिव की आराधना करने का आह्वान किया गया है। खंडेलवाल ने कहा कि इसी क्रम में उन्होंने आज महाकाल मंदिर में पार्टी के विधायकों, जिला अध्यक्ष सहित अन्य पदाधिकारियों के साथ भगवान महाकाल के दर्शन किए और जयकारा लगाया। उन्होंने सभी नागरिकों से अपील की कि वे शिव मंदिरों में जाकर ॐ नमः शिवाय का जाप करें और देश की शांति, समृद्धि एवं सामाजिक सौहार्द के लिए प्रार्थना करें। प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि भगवान महाकाल सभी के जीवन में शांति और समृद्धि प्रदान करें तथा हम सभी को मिलकर देश की सेवा करने की शक्ति दें। इसी भावना के साथ महाकाल मंदिर से इस अभियान की शुरुआत की गई है।

लोकपथ 2.0 का हुआ लॉन्च, अब यात्रा में मिलेगा ब्लैक स्पॉट अलर्ट, सीएम ने कहा- ‘PWD अब नवाचार कर रहा

भोपाल मध्यप्रदेश के सीएम डॉ. मोहन यादव ने आज शनिवार को रवीन्द्र भवन, भोपाल में आयोजित लोक निर्माण विभाग के राज्य स्तरीय प्रशिक्षण सह कार्यशाला का शुभारंभ  किया। इस अवसर पर सीएम ने कैपेसिटी बिल्डिंग फ्रेमवर्क-2026  दस्तावेज का विमोचन और एडवांस फीचर्स के साथ तैयार हुए लोकपथ 2.0 ऐप का शुभारंभ किया। इस अवसर पर लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह  सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। समारोह को संबोधित करते हुए सीएम डॉ. मोहन यादव ने कहा- लोकपथ 2.0 ऐप नागरिकों को सड़क रखरखाव की निगरानी, शिकायतों का त्वरित निवारण, रूट प्लानिंग, ब्लैक स्पॉट अलर्ट, आपातकालीन एसओएस सुविधा और सड़क किनारे उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी उपलब्ध कराएगा। शहरों की तस्वीर बदल रही सीएम ने कहा-पहले लोक निर्माण विभाग को प्रशासनिक दबाव का प्रतीक माना जाता था, लेकिन पीएम मोदी के विजन से यह सोच बदली है। पहले वही संसाधन और तकनीक मौजूद थे, लेकिन उनका सही उपयोग नहीं हो रहा था। अब देश तेजी से विकास की ओर बढ़ रहा है और शहरों की तस्वीर बदल रही है। लोकपथ 2.0 क्या है Lokpath 2.0 App नागरिकों को सड़क रखरखाव की निगरानी, शिकायतों का त्वरित निवारण, रूट प्लानिंग, ब्लैक स्पॉट अलर्ट, आपातकालीन SOS सुविधा और सड़क किनारे उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी देगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह ऐप यात्रियों के लिए स्मार्ट ट्रैवल पार्टनर की तरह काम करेगा। यात्रा के दौरान किसी खतरनाक स्थान यानी ब्लैक स्पॉट से 500 मीटर पहले ही वॉयस अलर्ट मिलेगा। सीएम का बड़ा बयान सीएम मोहन यादव ने कहा कि पहले लोक निर्माण विभाग को केवल नारियल फोड़ने और फीता काटने के लिए जाना जाता था। उन्होंने कहा कि पहले भी संसाधन और तकनीक मौजूद थे, लेकिन उनका सही उपयोग नहीं हो रहा था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन से यह सोच बदली है। अब देश तेजी से विकास की ओर बढ़ रहा है और शहरों की तस्वीर बदल रही है।  तकनीक से बदली सोच मुख्यमंत्री ने पूर्व सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले तकनीक का समुचित उपयोग नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि डिजिटल गवर्नेंस ही भविष्य की दिशा तय करेगा। लोकपथ 2.0 उसी सोच का परिणाम है, जहां नागरिक केवल शिकायतकर्ता नहीं बल्कि सिस्टम का हिस्सा बनते हैं।  “प्रदेश की गति तय करता है PWD” लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने कहा कि PWD केवल सड़कें नहीं बनाता, बल्कि प्रदेश की गति और दिशा भी तय करता है। उन्होंने बताया कि वर्चुअल बैठक के माध्यम से प्रदेश के 1700 इंजीनियरों से सुझाव लिए गए, जिनमें से 927 इंजीनियरों के सुझावों के आधार पर कैपेसिटी बिल्डिंग फ्रेमवर्क तैयार किया गया।  इंजीनियरों के लिए नया युग मंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश में पिछले 70 वर्षों में इंजीनियरों के प्रशिक्षण के लिए कोई समर्पित भवन नहीं था, लेकिन अब प्रदेश में अत्याधुनिक प्रशिक्षण केंद्र स्थापित किया जाएगा। यह केंद्र रिसर्च बेस्ड कैपेसिटी बिल्डिंग का आधार बनेगा और विभाग को तकनीकी रूप से और मजबूत करेगा।  “गूगल से भी बेहतर होगा लोकपथ” राकेश सिंह ने कहा कि गूगल कई जानकारियां देता है, लेकिन लोकपथ ऐप उससे भी बेहतर साबित होगा। यह ऐप यात्रियों को वैकल्पिक मार्ग सुझाएगा, खतरनाक स्थानों की जानकारी देगा और सड़क किनारे अस्पताल जैसी जरूरी सुविधाओं की लोकेशन बताएगा। इससे दुर्घटनाओं में कमी लाने में मदद मिलेगी। अभी लोकपथ ऐप में क्या सुविधा है लोकपथ ऐप 2 जुलाई 2024 को लॉन्च किया गया था। इसमें नागरिक क्षतिग्रस्त सड़कों की फोटो और विवरण अपलोड कर सकते हैं, जो सीधे संबंधित इंजीनियर तक पहुंचता है। शिकायत दर्ज होने के बाद 4 दिन की समय-सीमा में सड़क की मरम्मत की जाती है और फोटो अपलोड कर सूचना दी जाती है। यदि गलत जानकारी दी जाए, तो शिकायतकर्ता रियल टाइम चेक कर सकता है। यह सुविधाएं देगा एप लोकपथ 2.0     यह एप रूट प्लानर का काम करेगा। कहीं भी जाने से पहले यह लोगों को बताएगा कि मुख्य मार्ग और वैकल्पिक मार्ग क्या हो सकते हैं।     सफर के दौरान रास्ते में आने वाले टोल प्लाजा और टोल रेट की जानकारी भी इस नए एप से लोगों को मिल सकेगी।     लोक निर्माण विभाग ने प्रदेश भर के ऐसे ब्लैक स्पॉट चिह्नित कराए हैं, जहां अक्सर दुर्घटनाएं होती हैं, यह एप सफर करने वालों को बताएगा कि कौन सा स्पॉट ब्लैक स्पॉट है जहां से गुजरने के दौरान अत्यंत सावधानी बरतनी है।     जिस मार्ग से आना जाना होगा, उस मार्ग में पड़ने वाले पर्यटन स्थल, धार्मिक स्थल, पेट्रोल पम्प, अस्पताल, पुलिस थाना और अन्य जानकारी भी इस एप से लोग पा सकेंगे।     एप में यात्रा के दौरान अचानक जरूरत होने पर आपातकालीन त्वरित सहायता के लिए हेल्पलाइन सुविधा भी रहेगी।     इसके साथ ही एप लोगों को रियल टाइम मौसम की जानकारी भी देगा, जिससे पता चल सकेगा कि कहां ज्यादा बारिश हो रही है और कहां आने जाने का रूट साफ है।  हर इंजीनियर का होगा इंडेक्स PWD के प्रमुख सचिव सुखबीर सिंह ने बताया कि लोकपथ एप में मार्ग में पड़ने वाले एक्सीडेंट, ब्लैक स्पॉट और अस्पतालों की जानकारी उपलब्ध रहेगी। विक्रांत सिंह तोमर ने प्रेजेंटेशन के जरिए बताया कि हर इंजीनियर और विभाग का परफॉर्मेंस इंडेक्स बनेगा। मंत्री से लेकर कर्मचारी तक एक डैशबोर्ड सिस्टम तैयार किया जाएगा और बेहतर काम करने वालों को अवॉर्ड दिए जाएंगे। Why This Matters | आम जनता के लिए क्या बदलेगा Lokpath 2.0 सिर्फ एक ऐप नहीं, बल्कि सड़क सुरक्षा और प्रशासनिक पारदर्शिता का नया मॉडल है। इससे नागरिकों को सुरक्षित यात्रा, त्वरित समाधान और सरकार से सीधा संवाद मिलेगा। यह पहल मध्यप्रदेश को डिजिटल गवर्नेंस के नए युग में ले जाने वाली मानी जा रही है। 

केंद्र एवं राज्य सरकार की योजनाओं के क्रियान्वयन में सभी अधिकारी प्रोएक्टिव होकर करें काम: उप मुख्यमंत्री शुक्ल

जिले के विकास में जनप्रतिनिधियों, प्रशासन के साथ-साथ सामाजिक क्षेत्र के व्यक्तियों के अनुभव का किया जाएगा उपयोग: उप मुख्यमंत्री शुक्ल  केंद्र एवं राज्य सरकार की योजनाओं के क्रियान्वयन में सभी अधिकारी प्रोएक्टिव होकर करें काम जिले के औद्योगिक विकास एवं इंडस्ट्रियल पार्क की स्थापना हेतु 1500 एकड़ जमीन करें आरक्षित जिला विकास सलाहकार समिति की बैठक में विकास कार्यों की प्रगति की व्यापक समीक्षा शहडोल उप मुख्यमंत्री एवं शहडोल जिले के प्रभारी मंत्री राजेन्द्र शुक्ल की अध्यक्षता में जिला विकास सलाहकार समिति की बैठक कलेक्ट्रेट शहडोल के विराट सभागार में आयोजित हुई। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने जिले में विभिन्न विभागों द्वारा संचालित विकास योजनाओं, निर्माण कार्यों एवं जनहित से जुड़े मुद्दों की बिंदुवार समीक्षा की। जैतपुर विधायक जयसिंह मरावी, विधायक जयसिंहनगर श्रीमती मनीषा सिंह, विधायक ब्यौहारी शरद जुगलाल कोल, जिला पंचायत की अध्यक्ष श्रीमती प्रभा मिश्रा, नगर पालिका अध्यक्ष घनश्याम जायसवाल, जिला योजना समिति की सदस्य श्रीमती अमिता चपरा, कलेक्टर डॉ. केदार सिंह, पुलिस अधीक्षक रामजी श्रीवास्तव सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, जिला विकास सलाहकार समिति के अन्य सदस्य एवं विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।      उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने शहडोल नगर, मेडिकल कॉलेज एवं नगरीय निकाय में शुद्ध पेयजल की आपूर्ति हेतु 27 करोड़ रूपए की लागत से सोन नदी में बनाए जाने वाले एनीकट बैराज के प्रगति की समीक्षा की और अधिकारियों को निर्देश दिए कि ऐसा प्रयास किया जाए कि इसी वर्ष गर्मी में योजना के माध्यम से पेयजल की आपूर्ति की जा सके। बैठक में बताया गया कि एनीकट बैराज निर्माण का टेंडर इसी माह जारी कर दिया जाएगा। शहडोल नगर में सीवरेज लाइन के कार्य की प्रगति की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि मार्च माह तक काम पूरा कर लिया जाए। सीवरेज लाइन का विस्तार पतली गलियों में भी किया जाए। सीवरेज लाइन से शहर की जो रोड क्षतिग्रस्त हुई हैं उनका रेस्टोरेशन भी कराया जाए। कार्य पूरा हो जाने पर नगरवासियों को डेमोंस्ट्रेशन के माध्यम से दिखाया जाएगा कि किस तरह से शहर का गंदा पानी फिल्टर कर शहर को गंदगी एवं बीमारियों से बचाने का कार्य किया गया है। बैठक में बताया गया कि परियोजना की लागत 170 करोड़ रूपए है तथा नेटवर्क 213 किलोमीटर का है अभी तक 140 किलोमीटर में कार्य कर लिया गया है।      उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि जिले में खनिजो के अवैध उत्खनन एवं परिवहन प्रतिबंधित किया जाए। उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने जयसिंहनगर में बाईपास एवं ब्यौहारी में रिंग रोड, शहडोल से उमरिया मार्ग, टेटका से शहडोल मार्ग के प्रगति की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि प्रस्ताव शासन को प्रेषित किए जाएं और इन कार्यों के निर्माण में आने वाली समस्याओं का निराकरण संबंधित अधिकारी प्रोएक्टिव होकर करें। जहां भी आवश्यकता होगी सहयोग के लिए उपलब्ध रहूंगा। बैठक में बताया गया कि शहडोल बाईपास में फ्लाई ओव्हर का निर्माण एक माह में पूरा कर लिया जाएगा।     जिला विकास सलाहकार समिति के सदस्यों ने संभागीय मुख्यालय शहडोल में मेडिकल कॉलेज के संचालन के लिए प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एवं उप मुख्यमंत्री शुक्ल को धन्यवाद ज्ञापित किया। सदस्यों के सुझाव के अनुरूप प्रभारी मंत्री शुक्ल ने मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस की 100 सीट से बढ़ाकर 200 सीट करने, पीजी कक्षाओं के संचालन, ब्लड बैंक के संचालन तथा मेडिकल कॉलेज के लिए अतिरिक्त जमीन का आवंटन करने, नर्सिंग कालेज निर्माण में प्रगति लाने तथा बस स्टैण्ड से मेडिकल कॉलेज तक सड़क निर्माण के संबंध में आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए।      उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि हर व्यक्ति को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। शुद्ध पेयजल से बीमारियों में कमी आएगी तथा अस्पतालों में मरीजों की संख्या कम होगी। उन्होंने कहा कि एकल नल-जल योजनाएं पर्याप्त पानी के अभाव में असफल हो रही हैं। इन योजनाओं को बाणसागर से पेयजल आपूर्ति का प्रस्ताव तैयार किया जाए। बैठक में बताया गया कि इसके लिए 780 करोड़ रूपए का प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजा गया है। आपने जिले में जल जीवन मिशन के तहत 4 नल-जल समूह परियोजनाओं तथा 636 एकल नल-जल योजनाओं में 434 पूरी हो गई है, शेष परियोजनाओं को शीघ्र पूरा करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए। इसी तरह जिले में सिंचाई का रकवा बढ़ाने हेतु प्रस्तावित 04 माईक्रो एरिगेशन योजनाओं की स्वीकृति में आ रही बाधाओं की जानकारी ली तथा मौके पर ही भोपाल में पदस्थ संबंध अधिकारियों से चर्चा कर इन योजनाओं के स्वीकृति में आ रही बाधाओं की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने बताया कि 2500 करोड़ की लागत से बनने वाली इन परियोजनाओं की स्वीकृति शीघ्र मिलने की संभावना है।      उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि जिले में औद्योगिक विकास के लिए रीजनल इंडस्ट्री कान्क्लेव में प्राप्त औद्योगिक इकाईयों की स्थापना के लिए प्राथमिकता के साथ जमीन उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि एमपीआईडीसी के माध्यम से इंडस्ट्रियल पार्क की स्थापना के लिए 1500 एकड़ जमीन आरक्षित की जाए। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि किसी भी क्षेत्र के विकास के लिए औद्योगिक क्रांति की आवश्यकता होती है। हमारे पास सड़क, बिजली, पानी तथा भूमि उपलब्ध है। इन संसाधनों का उपयोग कर औद्योगिक निवेश को प्राथमिकता दी जाए। जिससे जिले के बेरोजगार युवकों को रोजगार के नए अवसर सृजित हो सकें।      उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का विजन है कि मानव स्वास्थ्य एवं मृदा के संरक्षण के लिए प्राकृतिक खेती को बढ़ावा दिया जाए। खेती में रासायनिक उर्वरकों के प्रयोग से मानव जीवन के स्वास्थ्य पर विपरीत असर पड़ता है। लोग रक्तचाप, सुगर, कैंसर जैसी बीमारियों से पीड़ित हो रहे हैं। जिले में जिन स्थानों में गौशालाएं संचालित हैं वहां क्रमबद्ध तरीके से प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए जिले के किसानो को प्रोत्साहित करें। इसके लिए जन जागरूकता अभियान चलाए, जागरूकता के दौरान किसानो को जैविक खेती से होने वाले फायदे एवं नुकसानो के बारे में भी अवगत कराएं एवं बायो रिसोर्स सेंटर बनाकर उन्हे घनामृत, जीवामृत, कल्चर, आदि जैसे जैविक उर्वरक के निर्माण एवं उपयोग के लिए प्रोत्साहित करें।        बैठक में विधायक जयसिंहनगर विधानसभा क्षेत्र की विधायक श्रीमती मनीषा सिंह ने जयसिंहनगर, खन्नौधी, गोहपारू, तथा शहडोल नगर में राजाबाग से बाणगंगा तिराहा … Read more

सार्थक ऐप पर बड़ा खुलासा: बैतूल में 5 डॉक्टरों ने 200 किमी दूर से लगाई हाजिरी, 48 जिलों में 170 डॉक्टर फर्जीवाड़ा करते पकड़े गए

 बैतूल  मध्यप्रदेश के बैतूल में सार्थक ऐप पर 5 डॉक्टरों ने फर्जी हाजिरी लगाई। उन्होंने अपने कार्यस्थल से 150 और 200 किलोमीटर दूरी पर बैठकर यह सब किया। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. मनोज कुमार हुरमाडे ने ऐसा करने वाले डॉ. राहुल सिंह गहलोत जैसे के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इन डॉक्टरों ने कैमरा ट्रिक और फोटो एडिटिंग का सहारा लेकर यह दर्शाया कि वे अस्पताल में मौजूद हैं, जबकि उनकी जीपीएस लोकेशन ड्यूटी स्थल से काफी दूर पाई गई। सीएमएचओ कार्यालय ने इस पूरे प्रकरण की जांच के लिए जिला स्वास्थ्य अधिकारी और वरिष्ठ चिकित्सकों की तीन सदस्यीय समिति गठित की है। यह समिति सात दिनों के भीतर विस्तृत रिपोर्ट सौंपेगी। सुबह 9 के बाद दर्ज करानी होती है लोकेशन सार्थक ऐप पर कर्मचारियों को सुबह 9 से 11:30 बजे के बीच रेटिना स्कैन और जीपीएस लोकेशन के साथ हाजिरी दर्ज करनी होती है। इसके पांच घंटे बाद फिर से उपस्थिति दर्ज कराना अनिवार्य है, ताकि कार्यस्थल पर कर्मचारी की वास्तविक मौजूदगी सुनिश्चित हो सके। ऐसा न होने पर उस दिन की आधी ड्यूटी मानी जाती है या वेतन काटा जा सकता है। स्वास्थ्य संचालनालय की जांच में खुलासा हुआ कि प्रदेश के 48 जिलों में 170 बॉन्डेड डॉक्टरों ने बिना ड्यूटी आए ऐप पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। कर्मचारियों ने कहा- नेटवर्क की दिक्कत, सिस्टम अव्यवहारिक कई कर्मचारी इस सिस्टम को अव्यवहारिक बताते हुए कहते हैं कि ग्रामीण इलाकों में नेटवर्क की समस्या के कारण ऐप पर हाजिरी दर्ज करने में कठिनाई होती है। हालांकि, स्वास्थ्य विभाग का तर्क है कि तकनीकी सीमाएं फर्जीवाड़े का बहाना नहीं बन सकतीं।

ओंकारेश्वर फ्लोटिंग सोलर प्लांट क्षेत्र अब नो-मैन्स लैंड, नाव संचालन पर प्रतिबंध, मछुआरों को हो रही समस्या

ओंकारेश्वर ओंकारेश्वर में 90 मेगावाट का फ्लोटिंग सोलर पावर प्लांट एसजेवीएन ग्रीन एनर्जी लिमिटेड द्वारा संचालित किया जा रहा है। इस सोलर प्लांट की बिजली के संचरण के लिए संयंत्र के जल क्षेत्र में फ्लोटिंग विद्युत केबल बिछाई गई हैं। प्रायः यह देखा गया है कि कुछ स्थानीय मछुआरे बार-बार सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करते हुए इन तैरते हुए बिजली के तार के ऊपर से अपनी नावें चला रहे हैं, जिससे किसी बड़ी दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। किसी भी संभावित दुर्घटना को रोकने के उद्देश्य से कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी ऋषव गुप्ता ने सोलर पावर प्लांट के आसपास के क्षेत्र को "नो मैंस लैंड" घोषित करने के आदेश जारी किए हैं। भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163(2) के तहत जारी यह प्रतिबंधात्मक आदेश आगामी 5 मार्च 2026 तक लागू रहेगा। जारी आदेश अनुसार प्रतिबंधित क्षेत्र में ग्राम एखंड, बिलाया, केलवा बुजुर्ग, कामनखेड़ा और इंधवाडी ग्रामों का क्षेत्र शामिल है। प्रतिबंधित क्षेत्र में केवल अधिकृत व्यक्ति को ही आने-जाने के लिए छूट रहेगी। प्रतिबंधित क्षेत्रों में बाहरी व्यक्ति या स्थानीय मछुआरे द्वारा किसी भी प्रकार का नौका विहार और मत्स्याखेट या मछली पालन का कार्य नहीं किया जा सकेगा। यदि कोई भी व्यक्ति इस प्रतिबंधात्मक आदेश का उल्लंघन करता है, तो वह भारतीय न्याय संहिता की धारा-223 के अंतर्गत दण्ड का भागीदार होगा। यह आदेश विशिष्ट रूप से पृथक से अधिकृत किए गए शासकीय सेवकों पर लागू नहीं होगा। ओंकारेश्वर मछुआरा संघ के कड़वा वर्मा दीपक वर्मा शेर वर्मा दिलीप वर्मा एवं मछुआरा समिति के अनेक लोगों ने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार अपने वादों से पीछे हट गई है। ओंकारेश्वर बांध के बैकवॉटर में सैकड़ों मछुआरे मछली पालन करके अपने परिवारों का पालन पोषण करते थे। सबके सामने भयानक आर्थिक संकट उत्पन्न हो जाएगा, जब यह पूरी योजना शुरू हुई थी तब तत्कालीन शौर्य ऊर्जा मंत्री हरदीप सिंह डंग स्वर्गीय सांसद नंदकुमार सिंह चौहान ने मछुआरों को आश्वासन दिया था कि किसी का भी प्रभावित नहीं होगा। 

इंदौर में डॉग फीडिंग के नियमों में बदलाव, निगम ने 172 फूड प्वाइंट्स तय कर सख्त गाइडलाइन जारी की

इंदौर नगर निगम ने शहर में आवारा श्वानों को लेकर नई व्यवस्था लागू करने की तैयारी कर ली है। शहरभर के सभी वार्डों में 172 स्थानों को आवारा श्वानों के लिए फूड प्वाइंट के रूप में चिन्हित किया गया है। इन स्थानों पर आने वाले दिनों में सूचना बोर्ड भी लगाए जाएंगे, ताकि नागरिकों को तय स्थानों की जानकारी मिल सके। शहर में विवाद रोकने के लिए तय किए गए फूड प्वाइंट नगर निगम द्वारा सभी जोनों के अंतर्गत आने वाले वार्डों में ऐसे खुले स्थानों की पहचान की गई है, जहां आवारा श्वानों को भोजन दिया जा सके। अक्सर गलियों और रहवासी इलाकों में श्वानों को भोजन देने को लेकर विवाद की स्थिति बनती रही है। इसी को देखते हुए निगम ने ऐसे स्थान तय किए हैं, जहां किसी भी रहवासी को आपत्ति न हो। ये स्थान खुले इलाकों में और रहवासी क्षेत्रों से दूर रखे गए हैं। 172 स्थानों की सूची निगम वेबसाइट पर उपलब्ध नगर निगम अधिकारी डॉ. उत्तम यादव के अनुसार पहले चरण में 172 स्थानों को आवारा श्वानों के लिए फूड प्वाइंट के रूप में चिह्नित किया गया है। इन सभी स्थानों की सूची निगम की वेबसाइट पर अपलोड कर दी गई है। जल्द ही यह सूची सभी जोनल कार्यालयों को भेजी जाएगी, ताकि संबंधित कार्यालयों में इसे चस्पा किया जा सके। तय स्थानों पर सूचना बोर्ड भी लगाए जाएंगे, जिससे लोग केवल निर्धारित स्थानों पर ही भोजन सामग्री दे सकें। नियम तोड़ने वालों पर होगी चालानी कार्रवाई नगर निगम ने नागरिकों से अपील की है कि वे आवारा श्वानों को भोजन केवल तय किए गए फूड प्वाइंट पर ही दें। प्रारंभ में लोगों को समझाइश दी जाएगी, लेकिन बाद में नियमों का सख्ती से पालन कराया जाएगा। निर्धारित स्थानों के अलावा अन्य जगहों पर श्वानों को भोजन देने वालों के खिलाफ निगम द्वारा चालान बनाने का प्रस्ताव रखा गया है। पालतू श्वान मालिकों के लिए भी जारी की चेतावनी नगर निगम ने पालतू श्वान पालने वालों के लिए भी जाहिर सूचना जारी की है। निगम ने श्वान मालिकों से अपील की है कि वे अपने पालतू श्वानों का रजिस्ट्रेशन और टीकाकरण अनिवार्य रूप से कराएं। पत्थर गोदाम रोड स्थित निगम मुख्यालय में टीकाकरण और रजिस्ट्रेशन की सुविधा उपलब्ध है। निगम के अनुसार शहर में बड़ी संख्या में श्वान पालने वाले ऐसे हैं, जिन्होंने अब तक अपने श्वानों का रजिस्ट्रेशन नहीं कराया है।  

हाईकोर्ट का ग्वालियर में नगर निगम को कड़ा संदेश, अवैध निर्माण पर सख्ती: इंदौर त्रासदी को न भूलें

ग्वालियर  ग्वालियर हाईकोर्ट की सिंगल बेंच ने शहर में अवैध निर्माण के एक मामले की सुनवाई के दौरान ग्वालियर नगर निगम की कार्यप्रणाली पर तीखी टिप्पणी की है। कोर्ट ने इंदौर के भागीरथपुरा हादसे का उल्लेख करते हुए कहा कि नगर निगम यदि अपने वैधानिक दायित्वों का पालन नहीं कर रहा।  हाईकोर्ट ने कहा कि भागीरथपुरा हादसे में कई लोगों की जान गई, जिसे इंदौर पीठ ने संज्ञान में लिया है। यह स्थिति अपने आप बताती है कि अवैध निर्माण को समय रहते नहीं रोका गया, तो बड़ी त्रासदी से इंकार नहीं किया जा सकता। कोर्ट ने ग्वालियर नगर निगम की स्थिति को भी चिंताजनक बताया। आयुक्त को चेतावनी, शून्य सहनशीलता अपनाने के निर्देश कोर्ट ने नगर निगम आयुक्त से कहा कि वे इंदौर की त्रासदी से सबक लें और शहर में अवैध निर्माण के प्रति शून्य सहनशीलता की नीति अपनाएं। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यदि नगर निगम समय रहते कार्रवाई नहीं करता है, तो ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति से इंकार नहीं किया जा सकता। दुकानदारों के बीच विवाद से जुड़ा है मामला मामला दो दुकानदारों निहाल चंद और गोपाल चंद के बीच अवैध निर्माण को लेकर चल रहे विवाद से जुड़ा है। बताया गया कि दीवारें हटाकर 8 दुकानों को 5 दुकानों में बदल दिया गया था और दुकानों के बाहर टीनशेड का अवैध निर्माण कर दिया गया था। यह विवाद सबसे पहले जिला न्यायालय पहुंचा, जहां छठवें अपर जिला न्यायाधीश ने दुकानों के बाहर किए गए निर्माण को हटाने और आंतरिक दीवारों का पुनर्निर्माण कराने के आदेश दिए थे। इसके बाद निहाल चंद ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की, जहां मामले पर विस्तार से सुनवाई हुई। 15 दिन में अवैध ढांचा हटाने के आदेश हाईकोर्ट ने दुकानों के बाहर बिना अनुमति बनाए गए ढांचे को अवैध ठहराते हुए 15 दिनों के भीतर हटाने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने कहा कि यदि तय समयसीमा में अवैध निर्माण नहीं हटाया गया, तो 16वें दिन नगर निगम स्वयं कार्रवाई कर ढांचा हटाएगा और उसका खर्च संबंधित दुकान मालिकों से वसूला जाएगा। ‘बिल्डिंग परमिशन कोई रस्म नहीं’ कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि बिल्डिंग परमिशन कोई औपचारिकता नहीं है। अनुमति देते समय एफएआर, भूमि विकास नियम और मास्टर प्लान जैसे सभी पहलुओं पर गंभीरता से विचार किया जाना आवश्यक है। यदि कोई व्यक्ति इन नियमों का उल्लंघन कर निर्माण करता है, तो उसे हटवाना नगर निगम की कानूनी जिम्मेदारी है। कोर्ट ने यह भी टिप्पणी की कि ग्वालियर नगर निगम ने अपने दायित्वों का समुचित निर्वहन नहीं किया, जिसके कारण शहर में अवैध निर्माण पनपते रहे।  

सागर दौरे पर सीएम मोहन यादव, खुरई में रोड शो और विकास कार्यों का शिलान्यास, बुंदेली अंदाज में स्वागत

सागर   मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव आज सागर दौरे पर हैं. मुख्यमंत्री बनने के बाद डॉ. मोहन यादव का खुरई विधानसभा में यह पहला दौरा है. खुरई में सीएम रोड शो के साथ आमसभा को संबोधित करेंगे. साथ ही यहां करीब 312 करोड़ रु की लागत से 86 निर्माण कार्यों का लोकार्पण व भूमिपूजन कर क्षेत्रवासियों को विकास कार्यों की सौगात देंगे. इससे पहले पूर्व मंत्री व खुरई विधायक भूपेन्द्र सिंह ने संभाग कमिश्नर अनिल सुचारी, आईजी हिमानी खन्ना, कलेक्टर संदीप जीआर और एसपी विकास शाहवाल ने के साथ कार्यक्रम स्थल में व्यवस्थाओं का जायदा लिया. ऐसा रहेगा सीएम का सागर दौरा रोड शो में शामिल होकर सभास्थल पहुंचेंगे सीएम पूर्व गृहमंत्री, खुरई विधायक भूपेन्द्र सिंह ने बताया, '' मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव खुरई के गुलाबरा बगीचा स्टेडियम स्थित हैलीपेड पर हैलीकाप्टर से उतरेंगे. यहां से विशेष रथ पर सवार होकर रोड शो के रूप में पुराने जनपद, परसा चैराहा, झंडा चौक, महाकाली मंदिर, डोहेला किला, पॉलीटेक्निक रोड होते हुए नवीन गल्ला मंडी के पास आमसभा स्थल पहुंचेंगे. इस दौरान खुरई की बुंदेली परंपरा के अनुसार उनका अभूतपूर्व स्वागत होगा.'' भूपेन्द्र सिंह ने आगे कहा, ''मुख्यमंत्री के स्वागत के लिए खुरई नगर दीपावली की तरह सजाया गया है. रोड शो रूट पर करीब 150 स्वागत मंच और सैंकड़ों स्वागत द्वार बनाए गए हैं. रोड शो के मार्ग पर सभी घरों से मुख्यमंत्री के रथ पर पुष्प वर्षा होगी. बुंदेली परंपरा के लोकनृत्य, लोकवाद्यों से सजे विभिन्न सांस्कृतिक दल रोड शो रूट पर मुख्यमंत्री के स्वागत में रहेंगे.'' सीएम के कार्यक्रम में गायिका अनन्या पाल देंगी प्रस्तुति पूर्व मंत्री भूपेन्द्र सिंह ने बताया कि सभास्थल पर विभिन्न प्रकार के एग्जीबिशन स्टाल लगाए गए हैं जिनके माध्यम से क्षेत्र की विशेषताओं और उपलब्धियों से मुख्यमंत्री व आमजनता को अवगत कराया जाएगा. इनमें एक जिला-एक उत्पाद में दर्ज खुरई के प्रसिद्ध कृषि यंत्रों की प्रदर्शनी भी शामिल है, जिसका उद्घाटन मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव करेंगे. सभा स्थल पर गायिका अनन्या पाल के भजन, देशभक्ति गीतों का सांस्कृतिक कार्यक्रम 11 बजे ही आरंभ हो जाएगा. रोड शो के दौरान ड्रोन से होगी निगरानी पुलिस महानिरीक्षक हिमानी खन्ना ने रोड शो के दौरान अतिरिक्त पुलिस बल और रूट टीम लगाने के निर्देश दिए हैं. इसके साथ ही उन्होंने बताया कि रोड शो में ड्रोन के माध्यम से निगरानी की जाए. साथ ही सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से पूरे कार्यक्रम के दौरान हर गतिविधि की लगातार निगरानी की जाएगे.

खंडवा में व्यापारी से 2 करोड़ की ज्वेलरी लूटी, फायरिंग से मची भगदड़; 7 बदमाशों ने 900 ग्राम सोना और 80 किलो चांदी लूटे

खंडवा  मध्य प्रदेश के खंडवा में एक सराफा कारोबारी पर जानलेवा हमला कर फिल्मी स्टाइल में करीब दो करोड़ रुपए कीमत का सोने—चांदी का माल लूट लिया गया। सात बदमाशों ने व्यापारी पर अचानक हमला कर घायल कर जेवर से भरा बैग छीन लिया। कुछ लोगों ने पीछा करने का प्रयास किया तो बदमाशों ने फायरिंग कर दी, जिससे पूरे इलाके में दहशत फैल गई। पुलिस से मिली जानकारी अनुसार जिले का पुनासा कस्बे में शुक्रवार शाम साप्ताहिक हाट और मेले की भीड़ का फायदा उठाकर 7 बेखौफ बदमाशों ने सराफा व्यापारी राकेश सोनी पर उस समय हमला कर दिया, जब वे दुकान बंद कर, बैग में सोने-चांदी का सामान रखकर घर जा रहे थे। बदमाशों के अचानक हुए हमले में वे संभल नहीं पाए। बैग में करीब 80 किलो चांदी और 900 ग्राम सोने के जेवर बताए जा रहे हैं। हालांकि पुलिस ने इसकी पुष्टि नहीं की है। पहले से घात लगाए बैठे थे बदमाश सीसीटीवी में कैद घटना के अनुसार यह वारदात सोलंकी मार्केट स्थित कृष्णा ज्वेलर्स की है। दुकान संचालक राकेश सोनी शुक्रवार शाम अपनी दुकान बंद कर घर जाने की तैयारी कर रहे थे। उन्होंने ज्वेलरी को दो बैगों में रखा था। तभी वहां घात लगाए बैठे 7 हथियारबंद बदमाशों ने उन पर अचानक हमला बोल दिया। इस दौरान राकेश ने बचाव के प्रयास किए, लेकिन बदमाशों ने लाठी, पत्थर और धारदार हथियार से हमला कर घायल कर दिया और बैग छीन ले गए। लोगों ने पीछा किया तो फायरिंग कर दी भरे बाजार चंद सेकंड में लूट की इस वारदात के बाद जब बदमाश भागे तो कुछ दुकानदार व लोगों ने पीछा करने का प्रयास किया, तो बदमाश फायरिंग करते हुए भाग निकले। उनके पास तमंचे बताए जा रहे हैं। बदमाश धाराजी रोड की तरफ भागे थे। जिलेभर में सर्चिंग, सीसीटीवी खंगला रही पुलिस मामले की सूचना मिलने के बाद पुलिस अधीक्षक सहित वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे थे। SP मनोज राय और ASP राजेश रघुवंशी ने जिले भर में नाकाबंदी कराने और जगह-जगह चैकिंग लगा दी है। जिले से बाहर जाने वाले रास्तों को ब्लॉक कर दिया गया है। पुलिस जंगल से सटे आसपास के इलाके में भी सर्चिंग चला रही है। इलाके के सीसीटीवी खंगाले जा रहे हैं।  

Indywood की पहल: 5 भारतीय फिल्में, एक मंच और भारत की ऑस्कर तक पहुंच

5 भारतीय फिल्में, एक वैश्विक मंच: Indywood ने भारत को ऑस्कर तक पहुंचाया सतना भारतीय सिनेमा के लिए बड़ी खुशखबरी, भारत की पाँच फीचर फ़िल्मों ने आधिकारिक तौर पर 2026 के अकादमी अवॉर्ड्स (ऑस्कर) की दौड़ में प्रवेश किया है। यह हाल के वर्षों में भारत की सबसे मज़बूत वैश्विक उपस्थिति मानी जा रही है।जनरल कैटेगरी में शामिल होने वाली इन फ़िल्मों में पारो (हिंदी), दशावतार (मराठी), महामंत्रा  द ग्रेट चैंट (अंग्रेज़ी), टूरिस्ट फ़ैमिली (तमिल) और गेवी (तमिल) शामिल हैं। इस उपलब्धि को और खास बनाते हुए टूरिस्ट फ़ैमिली को ऑस्कर की बेस्ट पिक्चर श्रेणी के लिए भी विचारार्थ स्वीकार किया गया है, जिससे यह हॉलीवुड के सर्वोच्च सम्मान के लिए प्रतिस्पर्धा करने वाली वैश्विक फ़िल्मों की सूची में शामिल हो गई है। इन पाँचों फ़िल्मों को कई प्रमुख जनरल प्रतियोगिता श्रेणियों में पात्रता प्राप्त हुई है, जिनमें बेस्ट एक्टर, बेस्ट एक्ट्रेस, बेस्ट डायरेक्टर, बेस्ट प्रोड्यूसर, बेस्ट ओरिजिनल स्क्रीनप्ले, प्रोडक्शन डिज़ाइन, सिनेमैटोग्राफी, एडिटिंग सहित अन्य योग्य श्रेणियाँ शामिल हैं। इन जनरल कैटेगरी प्रविष्टियों के अलावा, इंडीवुड ने दो अन्य महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स को विशेष श्रेणियों में भी ऑस्कर रेस में शामिल कराया है। दिया सूर्या की फ़िल्म लीडिंग लाइट को शॉर्ट डॉक्यूमेंट्री श्रेणी में, जबकि महामंत्रा को डॉक्यूमेंट्री फ़ीचर श्रेणी में प्रस्तुत किया गया है। दोनों ही प्रोजेक्ट्स ने क्वालिफिकेशन प्रक्रिया पूरी कर अपने-अपने ऑस्कर डिसिप्लिन लिस्ट में आधिकारिक तौर पर स्थान बनाया है, जिससे भारत की मौजूदगी फीचर फ़िल्मों से आगे भी मज़बूत हुई है। सबसे बड़ी उपलब्धि यह है कि टूरिस्ट फैमिली को ऑस्कर के बेस्ट पिक्चर कैटेगरी में विचार के लिए स्वीकार किया गया है, जिससे यह हॉलीवुड के सर्वोच्च सम्मान के लिए वैश्विक प्रतिस्पर्धा में शामिल हो गई है। इन पांचों फिल्मों को कई सामान्य प्रतियोगिता श्रेणियों में पात्रता मिली है, जिनमें सर्वश्रेष्ठ अभिनेता, सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री, सर्वश्रेष्ठ निर्देशक, सर्वश्रेष्ठ निर्माता, सर्वश्रेष्ठ मौलिक पटकथा, प्रोडक्शन डिजाइन, सिनेमैटोग्राफी, एडिटिंग और अन्य योग्य श्रेणियां शामिल हैं। इनके अलावा, इंडीवुड ने दो अन्य महत्वपूर्ण कृतियों को विशेष पुरस्कार श्रेणियों में प्रवेश दिलाया है. दीया सुरिया की ‘लीडिंग लाइट’, जिसे शॉर्ट डॉक्यूमेंट्री के लिए प्रस्तुत किया गया है, और महामंत्र, जिसे डॉक्यूमेंट्री फीचर कैटेगरी में शामिल किया गया है. दोनों ने सफलतापूर्वक योग्यता प्रक्रिया पूरी की और अपनी-अपनी ऑस्कर सूची में आधिकारिक रूप से प्रतिस्पर्धा की, जिससे भारतीय प्रतिनिधित्व फीचर फिल्मों से आगे बढ़ा। इन फिल्मों का सबमिशन इंडीवुड एंटरटेनमेंट कंसोर्टियम की व्यापक इंडो-ग्लोबल दृष्टि का हिस्सा है. इंडीवुड ने एक संरचित प्लेटफॉर्म तैयार किया है जो फिल्म निर्माताओं को अकादमी की जटिल स्वीकृति और सबमिशन प्रक्रिया में मार्गदर्शन, तैयारी और समर्थन प्रदान करता है, जिसमें अनुपालन, दस्तावेज़ीकरण, मार्केटिंग रणनीति और अंतरराष्ट्रीय पोजिशनिंग शामिल है। इस प्रयास ने भारतीय फिल्मों की दृश्यता को अकादमी के वोटिंग सदस्यों, फेस्टिवल चयनकर्ताओं और वैश्विक वितरकों के बीच बढ़ाया है। पिछले एक दशक में, इंडीवुड ने फिल्म परिषदों, अंतरराष्ट्रीय मीडिया और उद्योग निकायों के साथ संबंध बनाए हैं ताकि भारतीय फिल्मों की सीमाओं के पार स्वीकार्यता बढ़ सके. इस सतत प्रयास ने ऑस्कर में प्रवेश को मुख्यधारा और स्वतंत्र भारतीय फिल्म निर्माताओं के लिए एक यथार्थवादी मार्ग बना दिया है। इंडीवुड एंटरटेनमेंट कंसोर्टियम के संस्थापक सोहन रॉय ने अपनी खुशी व्यक्त करते हुए कहा,“इंडीवुड हमेशा गर्व से भारतीय कहानियों के स्पेक्ट्रम को विश्व मंच पर लाने का प्रयास करता रहा है। इस वर्ष चयनित फिल्मों ने एक अनूठा रचनात्मक दृष्टिकोण प्रस्तुत किया है और मिलकर वे आधुनिक भारतीय सिनेमा की कलात्मक महत्वाकांक्षा और विकास को दर्शाती हैं. अकादमी का विचार हमारे फिल्म निर्माताओं, कलाकारों और प्रोडक्शन टीमों के जुनून का प्रमाण है। इन परियोजनाओं ने भारत की बहुभाषी सिनेमाई पारिस्थितिकी तंत्र के वैश्विक प्रशंसा को बढ़ाया है और अंतरराष्ट्रीय दर्शकों के लिए नई रचनात्मक पहलों को प्रोत्साहित किया है। इंडीवुड एंटरटेनमेंट कंसोर्टियम अब तक 65+ भारतीय फिल्मों को ऑस्कर और प्रमुख ए-लिस्ट फिल्म फेस्टिवल्स में प्रस्तुत कर चुका है. इसके कुछ प्रतिष्ठित प्रोजेक्ट्स में शामिल हैं — गोअट लाइफ (मलयालम), 2018 (मलयालम), कंगुआ (तमिल), पुतुल (बंगाली), बैंड ऑफ महाराजाज (हिंदी), ज़ेब्रा (बंगाली), जय भीम (तमिल), मराक्कर: द लायन ऑफ अरेबियन सी (मलयालम), पुलिमुरुगन (मलयालम), द फ्रोज़न फायर (सिंहली), टूरिंग टॉकीज (मराठी), जोसेफ (अंग्रेजी), डियर मॉली (हिंदी), प्रल्हाद (हिंदी शॉर्ट फिल्म), सरपटत्वम (अंग्रेजी और मलयालम शॉर्ट डॉक्यूमेंट्री), ब्लैक सैंड (अंग्रेजी डॉक्यूमेंट्री) और कई अन्य। इस वर्ष ऑस्कर की दौड़ में शामिल अन्य भारतीय फिल्मों में शामिल हैं — सिस्टर मिडनाइट, होमबाउंड, पापा बुका, कांतारा – चैप्टर 1, महावतार नरसिंह और तन्वी द ग्रेट। नामांकन के लिए वोटिंग सोमवार, 12 जनवरी 2026 से शुरू होकर शुक्रवार, 16 जनवरी 2026 को समाप्त होगा. सभी श्रेणियों में नामांकन की घोषणा 22 जनवरी 2026 को लाइव की जाएगी।