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CM मोहन का सामूहिक विवाह पर बयान: 251 नवदंपतियों को आशीर्वाद देते हुए कहा- पारिवारिक बोझ घटता है

इंदौर  इंदौर के सांवेर क्षेत्र स्थित क्षिप्रा की बूढ़ी बरलाई में आयोजित 251 जोड़ों के सामूहिक विवाह सम्मेलन में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शामिल हुए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सभी 251 नवदंपतियों को आशीर्वाद प्रदान किया और उनके सुखद, समृद्ध वैवाहिक जीवन की कामना की। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सामूहिक विवाह जैसे आयोजन समाज को एकजुट करने और सामाजिक समरसता को मजबूत करने का माध्यम हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों से परिवारों पर पड़ने वाला आर्थिक बोझ कम होता है और सभी वर्गों को समान अवसर मिलता है। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में अपने पुत्र के सामूहिक विवाह समारोह का भी उल्लेख किया और बताया कि उन्होंने स्वयं इस परंपरा को अपनाकर समाज को सकारात्मक संदेश देने का प्रयास किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सामूहिक विवाह समारोह न केवल सादगी और संस्कारों को बढ़ावा देते हैं, बल्कि सामाजिक कुरीतियों को दूर करने में भी सहायक होते हैं। उन्होंने आयोजकों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन समाज के लिए प्रेरणादायी हैं और भविष्य में भी इन्हें प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। इस अनूठे आयोजन में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, सामाजिक संगठन और स्थानीय लोग मौजूद रहे। पूरे कार्यक्रम के दौरान उल्लास और उत्सव का माहौल बना रहा, जहां नवविवाहित जोड़ों को समाज और सरकार दोनों का सहयोग व आशीर्वाद मिला। 

एमपी को मिली आधुनिक मेट्रो ट्रेन की सौगात, इंदौर-उज्जैन के बीच वंदे भारत मेट्रो शुरू, सफर सिर्फ 40 मिनट

इंदौर सिंहस्थ 2028 से पहले इंदौर-उज्जैन के बीच 160 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से वंदे भारत मेट्रो दौड़ने लगेगी। यह ट्रेन वर्तमान पटरियों पर ही दौड़ेगी। इसके लिए अलग से ट्रेक बिछाने की आवश्यकता नहीं होगी। वंदे भारत मेट्रो शटल सेवा के रूप में चलेगी। रेलवे पहले ही इस ट्रैक पर 180 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से सफल ट्रायल कर चुका है, इसलिए 160 किमी घंटे की रफ्तार से वंदे भारत मेट्रो दौड़ाने में रेलवे को कोई दिक्कत नहीं होगी। सांसद शंकर लालवानी ने बताया कि उन्होंने इंदौर-उज्जैन के बीच वंदे भारत मेट्रो को लेकर रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से चर्चा की है। रेल मंत्री ने सिंहस्थ 2028 से पहले इंदौर-उज्जैन के बीच वंदे भारत मेट्रो चलाने का आश्वासन दिया है। रेलवे ने इस पर काम शुरू कर भी दिया है। वंदे भारत मेट्रो में 12 कोच होंगे और ये पूरी तरह से एयर कंडिशनर (एसी) होंगे।   40 मिनट में हो सकेगा सफर लालवानी ने बताया कि इंदौर से उज्जैन के बीच वंदे भारत मेट्रो का सफर 40 मिनट का होगा। इस ट्रेन में तीन हजार से ज्यादा यात्री एक बार में सफर कर सकेंगे। इन कोच में 1100 से अधिक यात्रियों के बैठने की क्षमता रहेगी, जबकि दो हजार के लगभग यात्री खड़े होकर सफर कर सकेंगे। चूंकि वंदे भारत मेट्रो के लिए अलग से ट्रैक नहीं बिछाना है इसलिए यह योजना आसानी से तय समय पर मूर्त रूप ले लेगी। इसके लिए कोच तैयार करने का काम शुरू हो भी गया है। यूपी, गुजरात में पहले से चल रही हैं वंदे भारत मेट्रो लालवानी ने बताया कि सिंहस्थ 2028 में यात्रियों का दबाव बढ़ना तय है। यही वजह है कि हमने अभी से व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। इंदौर, उज्जैन और आसपास के स्टेशनों से 300 से अधिक ट्रेनें संचालित की जाएंगी। इंदौर-उज्जैन के बीच वंदे भारत मेट्रो शटल सेवा शुरू होने का फायदा सिंहस्थ में आने वालों को मिलेगा।

भोपाल के यात्रियों को बड़ी राहत, विदिशा स्टेशन से नई ठहराव सेवा का शुभारंभ

भोपाल राजधानी और उसके आसपास के यात्रियों के लिए खुशखबरी है। रेल मंत्रालय की पहल के तहत विदिशा, सांची और दीवानगंज स्टेशनों पर नई ट्रेनों का प्रायोगिक ठहराव शुरू किया गया है, जिससे क्षेत्रीय यात्रियों को यात्रा में सुविधाओं और समय की बचत दोनों मिलेगी। लंबी दूरी की यात्रा में आसानी माननीय केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने रविवार को विदिशा रेलवे स्टेशन पर इस ठहराव सेवा का शुभारंभ किया। यात्रियों की लंबे समय से यह मांग थी कि प्रमुख ट्रेनों का ठहराव इन स्टेशनों पर हो, ताकि उन्हें लंबी दूरी की यात्रा में आसानी हो और यात्रा का अनुभव और सुविधाजनक बने। अब यशवंतपुर-नई दिल्ली संपर्क क्रांति एक्सप्रेस, चेन्नई- श्री वैष्णो देवी कटरा एक्सप्रेस और बिलासपुर-भोपाल एक्सप्रेस जैसी प्रमुख ट्रेनों का ठहराव इन स्टेशनों पर सुनिश्चित किया गया है।   इस अवसर पर विदिशा, सांची और कुरवाई के स्थानीय विधायक एवं नगर पालिका अध्यक्ष उपस्थित रहे। इस ठहराव सुविधा से न केवल यात्री आवागमन में सुविधाजनक होंगे, बल्कि क्षेत्र का सामाजिक, आर्थिक और औद्योगिक विकास भी गति पाएगा। भोपाल और आसपास के यात्रियों के लिए यह कदम यात्रा अनुभव को सरल, सुरक्षित और समयबद्ध बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।

हुड़दंगियों पर सख्ती: नए साल के जश्न में भोपाल पुलिस का ‘प्लान 31’, ड्रोन से होगी निगरानी

भोपाल नए साल के स्वागत के लिए अगर आप किसी गोपनीय फार्म हाउस पार्टी या बिना अनुमति वाले जश्न की योजना बना रहे हैं, तो सावधान हो जाइए। भोपाल पुलिस ने ''न्यू ईयर ईव'' के लिए एक ऐसा चक्रव्यूह तैयार किया है जिसे तोड़ना हुड़दंगियों और नियम तोड़ने वालों के लिए मुमकिन नहीं होगा। भोपाल पुलिस ने इसे प्लान 31 नाम दिया है। पार्टियों पर ड्रोन से नजर रखने की तैयारी कर ली गई है। जानकारी के मुताबिक न्यू ईयर सेलिब्रेशन के दौरान ड्रग्स, अवैध शराब और तेज आवाज में होने वाली पार्टियों पर सख्त निगरानी रखी जाएगी। कोलार रोड, रातीबड़, मिसरोद, एयरपोर्ट रोड, नर्मदापुरम रोड सहित शहर के बाहरी इलाकों में चेकिंग प्वाइंट बनाए गए हैं।जिसमें करीब 22 प्वाइंट लगाए जाएगे।जिन पर थाना क्षेत्र के चुनिंदा पुलिस कर्मी निगरानी करेंगे। इंटरनेट मीडिया पर निगरानी क्राइम ब्रांच और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीमें इंटरनेट मीडिया के अलग अलग- माध्यमों से अलग अलग ग्रुप पर नजर रखी जा रही है। बिना अनुमति के आयोजित होने वाली पार्टियों की जानकारी मिलते ही तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। होटल, क्लब और ढाबा संचालकों को भी स्पष्ट हिदायत दी गई है कि नियमों का उल्लंघन होने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।पुलिस अधिकारियों का कहना है कि न्यू ईयर की रात शहर में अतिरिक्त बल तैनात रहेगा, पेट्रोलिंग बढ़ाई जाएगी और संदिग्ध गतिविधियों पर तुरंत एक्शन लिया जाएगा। उद्देश्य साफ है।नया साल सुरक्षित और शांतिपूर्ण माहौल में मनाया जाए। ड्रग्स पेडलर पर नजर क्राइम ब्रांच की टीमों की इस पर ड्रग्स पेडलर पर नजर रखेगी।जो किसी भी तरह से इन पार्टियों में मादक पदार्थ पहुंचाने की कोशिश करेंगे। इसके लिए क्राइम ब्रांच ने अपनी तैयारियों पूरी कर ली है और अलग – अलग क्षेत्रों में अपने मुखबिरों को अलर्ट कर दिया गया है। नए साल को लेकर पुलिस की तैयारियां है, शराब पीकर वाहन चलाने वालों पर कार्रवाई होगी।पार्टियों पर अलग – अलग तरह से निगरानी रखी जा रही है। – हरिनारायणाचारी मिश्र, पुलिस कमिश्नर, भोपाल

नियमों की अनदेखी कर आउटसोर्स भर्ती? MP की व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल

भोपाल स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के तहत वित्तीय वर्ष 2024–25 एवं 2025–26 में प्रदेश के शासकीय अस्पतालों में कुल 18,653 पदों पर आउटसोर्स के माध्यम से नियुक्तियां की जानी हैं। इन नियुक्तियों को लेकर अब गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। नियमों का खुलेआम उल्लंघन आरोप है कि निजी एजेंसियों के जरिए की जा रही भर्तियों में नियमों का खुलेआम उल्लंघन किया जा रहा है और धनबल के सहारे प्रक्रियाओं को प्रभावित किया जा रहा है। मप्र संविदा आउटसोर्स स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष कोमल सिंह ने बताया कि कई स्थानों पर तय मापदंडों और पारदर्शी चयन प्रक्रिया को नजरअंदाज कर नियुक्तियां की जा रही हैं। योग्य उम्मीदवारों को अवसर नहीं इससे योग्य उम्मीदवारों को अवसर नहीं मिल पा रहा है और पूरी व्यवस्था पर सवालिया निशान लग रहे हैं। यदि इन नियुक्तियों की निष्पक्ष जांच नहीं हुई तो यह लोकतांत्रिक व्यवस्था के साथ गंभीर खिलवाड़ होगा। मौजूदा व्यवस्था में पूंजी और प्रभावशाली लोगों को लाभ पहुंचाया जा रहा है, जबकि आम युवाओं और जरूरतमंद अभ्यर्थियों को दरकिनार किया जा रहा है।

आयुष्मान योजना में घोटाला उजागर: मरीजों को ICU में भर्ती बताकर क्लेम लेने वाले अस्पतालों पर सरकार का एक्शन

भोपाल मध्य प्रदेश में आयुष्मान भारत योजना के नाम पर सरकारी धन की लूट और मरीजों की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वाले निजी अस्पतालों के खिलाफ दक्ष आयुष्मान फ्रेमवर्क के तहत बड़ा शिकंजा कसा गया है। स्टेट हेल्थ एजेंसी ने जांच में गंभीर अनियमितताएं पाए जाने पर प्रदेश के नौ अस्पतालों को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है। वहीं, नोटिस थमाए गए अन्य 28 अस्पतालों के भविष्य पर सोमवार को उनके जवाब के आधार पर फैसला लिया जाएगा। जांच में कई अस्पताल भौतिक रूप से बंद पाए गए, लेकिन आयुष्मान पोर्टल पर वे सक्रिय थे और लगातार क्लेम कर रहे थे। कुछ अस्पतालों में डॉक्टर केवल कागजों तक सीमित मिले, मौके पर एक भी विशेषज्ञ मौजूद नहीं था। इतना ही नहीं मरीजों को जबरन आईसीयू में भर्ती दिखाकर सरकार से मोटी रकम ऐंठने का खेल भी उजागर हुआ है।   एआई और जांच ने पकड़ी चोरी इस बार फर्जीवाड़ा पकड़ने के लिए तकनीक का सहारा लिया गया है। 'दक्ष आयुष्मान' मॉडल के तहत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित सिस्टम संदिग्ध डेटा का विश्लेषण करता है, जिसके बाद फील्ड टीम मौके पर जाकर भौतिक सत्यापन करती है। इसी व्यवस्था के तहत 57 अस्पतालों की जांच की गई, जिसमें से नौ में सिस्टमेटिक धोखाधड़ी मिलने पर उन्हें योजना से बाहर कर दिया गया। इन नौ अस्पतालों पर गिरी गाज सस्पेंड किए गए अस्पतालों में भोपाल के अभिश्री हास्पिटल, एविसेना मल्टीस्पेशलिटी, आयुष हॉस्पिटल, कम्युनिटी वैल्यू स्पेशलिटी, दृष्टि आई केयर, करोंद मल्टीस्पेशलिटी, मैक्स मल्टीस्पेशलिटी, मुस्कान चिल्ड्रन हॉस्पिटल और भोपाल टेस्ट ट्यूब बेबी सेंटर शामिल हैं। कई अस्पताल बंद होने के बावजूद क्लेम ले रहे थे। अस्पतालों में मिली ये मुख्य खामियां     दस्तावेजों की कमी : 17 अस्पतालों के पास जरूरी वैधानिक कागज नहीं थे।     इन्फ्रास्ट्रक्चर : 8 अस्पतालों में बेड और मशीनों की भारी कमी पाई गई।     सफाई और सुरक्षा : फायर एनओसी एक्सपायर होना और गंदगी मिलना आम बात रही।

जश्न से पहले सख्ती: भोपाल में ‘सीक्रेट’ शराब ठिकानों पर पुलिस की दबिश, 36 लोग पकड़े गए

भोपाल नए साल की आहट के साथ ही राजधानी के गलियारों में सजी ''अवैध महफिलों'' पर पुलिस ने काल बनकर दस्तक दी है। पिपलानी , गोविंदपुरा, मिसरोद और निशातपुरा पुलिस ने एक बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए शहर के उन गुप्त ठिकानों पर छापा मारा, जहां बिना लाइसेंस के जाम छलकाए जा रहे थे। पुलिस की इस 72 घंटे की ''क्लीनिंग ड्राइव'' ने उन संचालकों के मंसूबों पर पानी फेर दिया है, जो नए साल के जश्न के नाम पर अवैध शराब का कारोबार फैलाने की फिराक में थे। जानकारी के मुताबिक यह कार्रवाई महज औचक निरीक्षण नहीं थी। पुलिस को लंबे समय से इनपुट मिल रहे थे कि रिहायशी और सुनसान इलाकों में गुपचुप तरीके से पार्टी आयोजित की जा रही हैं। दबिश के दौरान मौके का मंजर हैरान करने वाला था।   नए साल को लेकर आला अधिकारियों के निर्देश के बाद पुलिस पिछले 72 घंटे से रात के समय सार्वजनिक स्थानों पर खड़े होकर शराब पीते हैं। उनके खिलाफ कार्रवाई कर रही है। पुलिस ने जब कार्रवाई की , तब अलग ही नजर देखने को मिला। शराब पीने वाले को ना नियमों का खौफ था और न ही प्रशासन की अनुमति। पुलिस ने घेराबंदी कर 100 से अधिक लोगों को रंगे हाथों शराब पीते पकड़ा, जिनमें से 36 लोगों को गिरफ्तार कर जेल की राह दिखाई गई। ''मास्टरमाइंड'' संचालकों पर सीधी कार्रवाई पुलिस ने केवल शराब पीने वालों पर ही नहीं, बल्कि इस अवैध खेल के असली खिलाड़ियों पर शिकंजा कसा है। अवैध रूप से पार्टी आयोजित करने वाले 3 मुख्य संचालकों को चिन्हित कर उनके खिलाफ आबकारी अधिनियम के तहत सख्त मामला दर्ज किया गया है। पुलिस का मानना है कि इन गिरफ्तारियों से अवैध सप्लाई की चेन टूट जाएगी। हालांकि यह कार्रवाई सिर्फ नए साल आने के पहले की बताई जा रही है। 72 घंटे से यह थाना क्षेत्र कर रहे कार्रवाई पिछले 72 घंटों से गोविंदपुरा , पिपलानी, अवधपुरी,मिसरोद थाना क्षेत्र जोन 2 में डीसीपी विवेक राज के निर्देश पर लगातार कार्रवाई हो रही है। यह अभी तक सौ से ज्यादा लोग सावजर्निक स्थानों पर शराब पीते पकड़े जा चुके हैं, जबकि शहर के जोन 4 के निशातपुरा में कार्रवाई हो रही है। लेकिन जोन 1 टीटीनगर, कमला नगर, रातीबड़, हबीबगंज, शाहपुरा पुलिस ने लोग ज्यादा शराब की दुकानें यह थाने कोई कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। ऐसा ही हाल जोन 3 के मंगलवार, हनुमानगंज , टीलाजमापुरा और गौतम नगर में है, जहां रात के समय शराब पीने वालों कोई कार्रवाई नजर नहीं आ रही है, इससे ऐसा ही हो सकता है कि लोग पिपलानी , गोविंदपुरा की तरह सार्वजानिक स्थानों पर शराब नहीं पी रहे हैं या पुलिस कार्रवाई नहीं कर रही है।

MP में शिक्षा का नया मॉडल: 4500 बाल वाटिकाएं, एलईडी-स्मार्ट टीवी से बदलेगी पढ़ाई

भोपाल मध्य प्रदेश सरकार सत्र 2026-27 में प्रदेश के लगभग 4500 प्राथमिक विद्यालयों में 'बाल वाटिका' (प्री-प्राइमरी कक्षाएं) शुरू करने जा रही है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत तीन से छह वर्ष के बच्चों को औपचारिक स्कूली शिक्षा से पहले खेल-खेल में सीखने का माहौल प्रदान करना है। इन वाटिकाओं में बच्चों के लिए रंग-बिरंगे क्लासरूम, खिलौने और विशेष रूप से तैयार किया गया पाठ्यक्रम होगा। यह निजी प्ले स्कूल की तर्ज पर सांदीपनि विद्यालय खुलेंगे। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने मप्र के स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारियों को सरकारी स्कूलों में अधिक से अधिक संख्या में बाल वाटिकाएं शुरू करने का सुझाव दिया था। अगले सत्र में स्कूल शिक्षा विभाग इस संबंध में प्रस्ताव तैयार कर रहा है। बता दें, कि शासन की ओर से करीब 24 हजार आंगनबाड़ियों को प्ले स्कूल के रूप में विकसित किए जाने की तैयारी है। प्रदेश में प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल एवं शिक्षा को मजबूती प्रदान करने और बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए यह पहल की जा रही है। बाल वाटिकाओं को बनाया जाएगा आकर्षक अब तक सरकारी स्कूलों में सीधे पहली कक्षा से पढ़ाई शुरू होती थी, जिससे निजी स्कूलों की तुलना में सरकारी स्कूल के बच्चे पिछड़ जाते थे। अब बाल वाटिकाओं के माध्यम से तीन से छह वर्ष तक के बच्चों को स्कूलों से जोड़ा जाएगा। इन वाटिकाओं में बच्चों के बैठने के लिए आकर्षक फर्नीचर, खिलौने और रंगीन दीवारें होंगी। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि इन स्कूलों का चयन उन परिसरों में किया गया है, जहां पहले से प्रायमरी स्कूल संचालित हैं, ताकि बच्चों को एक ही परिसर में निरंतरता मिल सके। खेल और गतिविधियों से होगी पढ़ाई बाल वाटिकाओं में बच्चों पर पढ़ाई का बोझ नहीं होगा। यहां बच्चों को एनसीईआरटी द्वारा तैयार विशेष पाठ्यक्रम 'विद्या प्रवेश' के माध्यम से पढ़ाया जाएगा। इन कक्षाओं में एलईडी स्मार्ट टेलीविजन लगाए जा रहे हैं। इनका उपयोग बच्चों को हिंदी व अंग्रेजी वर्णमाला, गिनती और पूर्व प्राथमिक शिक्षा गतिविधियों के विजुअल टूल्स के माध्यम से सीखाया जाएगा। इसके अलावा पेंटिंग, मिट्टी के खिलौने बनाना, कविताएं और कहानी सुनाने के माध्यम से बच्चों को सिखाया जाएगा। शिक्षकों को प्रशिक्षित किया जाएगा प्राथमिक शिक्षकों को विशेष तौर पर छोटे बच्चों को खेल-खेल में उन्हें आधुनिक तरीकों से सिखाने के लिए प्रशिक्षित किया जा रहा है। इसके लिए शिक्षकों को प्रशिक्षित किया जाएगा। अतिथि शिक्षकों को भी रखा जाएगा। निजी प्ले स्कूल की तर्ज पर खुलेंगे निजी स्कूलों में नर्सरी और केजी की महंगी फीस के कारण बच्चे गुणवत्तापूर्ण शुरुआती शिक्षा से वंचित रह जाते थे। बाल वाटिकाएं इस अंतर को खत्म करेंगी। इस योजना से न केवल सरकारी स्कूलों में छात्र संख्या बढ़ेगी, बल्कि बीच में पढ़ाई छोड़ने वाले बच्चों की संख्या में भी कमी आने की उम्मीद है। 200 सांदीपनि विद्यालय बनेंगे डॉ. अरुण सिंह, अपर संचालक, राज्य शिक्षा केंद्र का कहना है कि "प्रदेश के 200 हाई व हायर सेकंडरी स्कूलों को सर्वसुविधायुक्त बनाकर सांदीपनि विद्यालय भी खुलेंगे, ताकि विद्यार्थी सर्वसुविधायुक्त भवन में पढ़ाई कर सकेंगे। सत्र 2026-27 से प्रदेश के 4500 सरकारी स्कूलों में प्री-प्रायमरी कक्षाएं शुरू की जाएंगी। इन कक्षाओं में बच्चों का सर्वसुवगीण विकास होगा।"

जंगल में नए साल का रोमांच, एमपी के टाइगर रिज़र्व में 10 दिनों तक पर्यटकों की रिकॉर्ड भीड़

उमरिया पुराने साल की विदाई और नए साल के स्वागत को जश्न से यादगार बनाने के लिए प्रदेश के टाइगर रिजर्वों में पर्यटक पहुंचने लगे हैं। न सिर्फ देसी बल्कि विदेशी पर्यटकों ने भी होटलों में अपनी मौजूदगी दर्ज करानी शुरू कर दी है। कुछ लोग तो बिना सफारी बुक कराए ही आ गए हैं और उनका उद्देश्य सफारी करना है भी नहीं है। वह सिर्फ नए वर्ष के जश्न को यादगार बनाना चाहते हैं, इसलिए होटल में होने वाले कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे। साठ हजार से ज्यादा पर्यटक मनाएंगे जश्न छह पुराने टाइगर रिजर्व में अगले पांच दिनों के अंदर सिर्फ कोर जोन में 17 हजार 640 पर्यटक बाघों का दीदार करेंगे, जबकि इससे ज्यादा संख्या में पर्यटक बफर जोन में प्रवेश करेंगे। लगभग इतने ही पर्यटक बिना सफारी किए रिसोर्ट में जश्न मनाएंगे। पांच दिनों में बांधवगढ़ के कोर जोन में 4410, कान्हा में 5340, संजय धुबरी में 600, पन्ना में 2550, पेंच में 2970, सतपुड़ा में 1740 पर्यटक बाघ का दीदार करेंगे।   लुभा रहा है आदिवासी डांस रिसोर्ट मैनेजर विजय पनवार ने बताया कि नव वर्ष के स्वागत के लिए पहुंचे पर्यटकों की वजह से उल्लास का माहौल है। कान्हा और बांधवगढ़ में आदिवासी लोक कला की थीम पर पर्यटकों को आकर्षित किया जा रहा है। कान्हा में डिंडौरी के कई आदिवासी नर्तक दल अपनी प्रस्तुतियां दे रहे हैं, जबकि बांधवगढ़ में उमरिया के साथ अनूपपुर जिले के नर्तक दल समा बांध रहे हैं। पेंच के रिसोर्ट में सेलिब्रेशन के लिए सेलिब्रिटी को बुलाया जा रहा है। टाइगर रिजर्वों की स्थिति बांधवगढ़ – सुबह कोर में 75, बफर में 60 टिकट, शाम को कोर में 72, बफर में 60 टिकट ही उपलब्ध हैं। कान्हा – सुबह कोर 100, बफर अनलिमिटेड, शाम कोर 78, बफर अनलिमिटेड टिकट की व्यवस्था। पन्ना – सुबह कोर 50, बफर अनलिमिटेड, शाम कोर 35, बफर अनलिमिटेड टिकट। पेंच – सुबह कोर 50 बफर अनलिमिटेड, शाम कोर 49, बफर अनलिमिटेड। सीधी – कोर में कुल 20 टिकट प्रतिदिन है, जबकि बफर के लिए अनलिमिटेड। सतपुड़ा – कोर में 30, बफर में 28 टिकट ही उपलब्ध हैं, यहां पचमढ़ी के लिए अनलिमिटेड। दो जनवरी तक बुकिंग फुल संजय टाइगर रिजर्व साल के अंतिम दिनों में पर्यटकों से फुल है। गत वर्ष की अपेक्षा इस वर्ष दिसंबर माह में पर्यटकों की संख्या 75 प्रतिशत अधिक है। दो जनवरी तक ऑनलाइन बुकिंग फुल हो चुकी है। टाइगर रिजर्व में माह दिसंबर मे 475 बुकिंग हुई है। जिसमें 31 दिसंबर तक की एडवांस बुकिंग शामिल हैं, जबकि पिछले वर्ष 300 बुकिंग हुई थी। गत वर्ष दिसंबर माह में एक हजार पर्यटक आए थे, इस वर्ष 1800 पर्यटक आ चुके हैं। रिसोर्ट मैनेजर के मुताबिक प्रदेश के सभी टाइगर रिजर्व में प्रतिदिन के हिसाब से टिकटों की संख्या निर्धारित है। जबकि विशेष अवसरों पर यह संख्या बढ़ाई जानी चाहिए।

बड़वानी में पतंग उड़ाने पर हिंसा, दो समुदाय आमने-सामने, 50 से अधिक पर केस

राजपुर/बड़वानी बड़वानी जिले के राजपुर में पतंग को लेकर हुए विवाद के बाद शनिवार रात्रि दो पक्षों में पथराव के बाद अतिररिक्त पुलिस बल तैनात करना पड़ा है। पुलिस अधीक्षक जगदीश डाबर ने बताया कि शनिवार शाम पतंग उड़ा रहे दो समुदाय के बच्चों के बीच विवाद हो गया। मारपीट के चलते एक पक्ष की शिकायत पर दूसरे पक्ष के तीन लोगों के विरुद्ध प्रकरण दर्ज कर एक को हिरासत में ले लिया गया। पुलिस फोर्स को राजपुर में तैनात किया गया पुलिस अधीक्षक जगदीश डाबर ने बताया कि रात में एक पक्ष दूसरे पक्ष के मोहल्ले में घुस गया और उसने जमकर पथराव कर दिया। दूसरे पक्ष ने भी प्रतिक्रिया स्वरूप पथराव किया, जिससे स्थिति तनावपूर्ण हो गई। उन्होंने बताया कि घटना के चलते विभिन्न थानों की पुलिस फोर्स को राजपुर में तैनात किया गया। उन्होंने बताया कि घटना के चलते कुछ लोग घायल हुए हैं और तीन वाहन क्षतिग्रस्त हुए हैं। पथराव की घटना के चलते वहां आयोजित किए जा रहे मेले में भी भगदड़ मच गई, हालांकि किसी जान माल के नुकसान की सूचना नहीं है।   50 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज बड़वानी के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक धीरज बब्बर ने बताया कि दोनों पक्षों की शिकायत पर करीब 50 लोगों के विरुद्ध मारपीट, पथराव और बलवा की धाराओं के अंतर्गत प्रकरण दर्ज किया गया है। उन्होंने बताया कि एहतियात के तौर पर राजपुर में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात रखा गया है। पथराव की घटना में कोई भी घायल नहीं हुआ है। स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में हैं। राजपुर के थाना प्रभारी विक्रम सिंह बामनिया ने बताया कि रविवार को भी पुलिस द्वारा निगरानी की गई। फिलहाल स्थिति सामान्य व शांतिपूर्ण है।