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आयुष्मान योजना में घोटाला उजागर: मरीजों को ICU में भर्ती बताकर क्लेम लेने वाले अस्पतालों पर सरकार का एक्शन

भोपाल मध्य प्रदेश में आयुष्मान भारत योजना के नाम पर सरकारी धन की लूट और मरीजों की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वाले निजी अस्पतालों के खिलाफ दक्ष आयुष्मान फ्रेमवर्क के तहत बड़ा शिकंजा कसा गया है। स्टेट हेल्थ एजेंसी ने जांच में गंभीर अनियमितताएं पाए जाने पर प्रदेश के नौ अस्पतालों को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है। वहीं, नोटिस थमाए गए अन्य 28 अस्पतालों के भविष्य पर सोमवार को उनके जवाब के आधार पर फैसला लिया जाएगा। जांच में कई अस्पताल भौतिक रूप से बंद पाए गए, लेकिन आयुष्मान पोर्टल पर वे सक्रिय थे और लगातार क्लेम कर रहे थे। कुछ अस्पतालों में डॉक्टर केवल कागजों तक सीमित मिले, मौके पर एक भी विशेषज्ञ मौजूद नहीं था। इतना ही नहीं मरीजों को जबरन आईसीयू में भर्ती दिखाकर सरकार से मोटी रकम ऐंठने का खेल भी उजागर हुआ है।   एआई और जांच ने पकड़ी चोरी इस बार फर्जीवाड़ा पकड़ने के लिए तकनीक का सहारा लिया गया है। 'दक्ष आयुष्मान' मॉडल के तहत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित सिस्टम संदिग्ध डेटा का विश्लेषण करता है, जिसके बाद फील्ड टीम मौके पर जाकर भौतिक सत्यापन करती है। इसी व्यवस्था के तहत 57 अस्पतालों की जांच की गई, जिसमें से नौ में सिस्टमेटिक धोखाधड़ी मिलने पर उन्हें योजना से बाहर कर दिया गया। इन नौ अस्पतालों पर गिरी गाज सस्पेंड किए गए अस्पतालों में भोपाल के अभिश्री हास्पिटल, एविसेना मल्टीस्पेशलिटी, आयुष हॉस्पिटल, कम्युनिटी वैल्यू स्पेशलिटी, दृष्टि आई केयर, करोंद मल्टीस्पेशलिटी, मैक्स मल्टीस्पेशलिटी, मुस्कान चिल्ड्रन हॉस्पिटल और भोपाल टेस्ट ट्यूब बेबी सेंटर शामिल हैं। कई अस्पताल बंद होने के बावजूद क्लेम ले रहे थे। अस्पतालों में मिली ये मुख्य खामियां     दस्तावेजों की कमी : 17 अस्पतालों के पास जरूरी वैधानिक कागज नहीं थे।     इन्फ्रास्ट्रक्चर : 8 अस्पतालों में बेड और मशीनों की भारी कमी पाई गई।     सफाई और सुरक्षा : फायर एनओसी एक्सपायर होना और गंदगी मिलना आम बात रही।

जश्न से पहले सख्ती: भोपाल में ‘सीक्रेट’ शराब ठिकानों पर पुलिस की दबिश, 36 लोग पकड़े गए

भोपाल नए साल की आहट के साथ ही राजधानी के गलियारों में सजी ''अवैध महफिलों'' पर पुलिस ने काल बनकर दस्तक दी है। पिपलानी , गोविंदपुरा, मिसरोद और निशातपुरा पुलिस ने एक बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए शहर के उन गुप्त ठिकानों पर छापा मारा, जहां बिना लाइसेंस के जाम छलकाए जा रहे थे। पुलिस की इस 72 घंटे की ''क्लीनिंग ड्राइव'' ने उन संचालकों के मंसूबों पर पानी फेर दिया है, जो नए साल के जश्न के नाम पर अवैध शराब का कारोबार फैलाने की फिराक में थे। जानकारी के मुताबिक यह कार्रवाई महज औचक निरीक्षण नहीं थी। पुलिस को लंबे समय से इनपुट मिल रहे थे कि रिहायशी और सुनसान इलाकों में गुपचुप तरीके से पार्टी आयोजित की जा रही हैं। दबिश के दौरान मौके का मंजर हैरान करने वाला था।   नए साल को लेकर आला अधिकारियों के निर्देश के बाद पुलिस पिछले 72 घंटे से रात के समय सार्वजनिक स्थानों पर खड़े होकर शराब पीते हैं। उनके खिलाफ कार्रवाई कर रही है। पुलिस ने जब कार्रवाई की , तब अलग ही नजर देखने को मिला। शराब पीने वाले को ना नियमों का खौफ था और न ही प्रशासन की अनुमति। पुलिस ने घेराबंदी कर 100 से अधिक लोगों को रंगे हाथों शराब पीते पकड़ा, जिनमें से 36 लोगों को गिरफ्तार कर जेल की राह दिखाई गई। ''मास्टरमाइंड'' संचालकों पर सीधी कार्रवाई पुलिस ने केवल शराब पीने वालों पर ही नहीं, बल्कि इस अवैध खेल के असली खिलाड़ियों पर शिकंजा कसा है। अवैध रूप से पार्टी आयोजित करने वाले 3 मुख्य संचालकों को चिन्हित कर उनके खिलाफ आबकारी अधिनियम के तहत सख्त मामला दर्ज किया गया है। पुलिस का मानना है कि इन गिरफ्तारियों से अवैध सप्लाई की चेन टूट जाएगी। हालांकि यह कार्रवाई सिर्फ नए साल आने के पहले की बताई जा रही है। 72 घंटे से यह थाना क्षेत्र कर रहे कार्रवाई पिछले 72 घंटों से गोविंदपुरा , पिपलानी, अवधपुरी,मिसरोद थाना क्षेत्र जोन 2 में डीसीपी विवेक राज के निर्देश पर लगातार कार्रवाई हो रही है। यह अभी तक सौ से ज्यादा लोग सावजर्निक स्थानों पर शराब पीते पकड़े जा चुके हैं, जबकि शहर के जोन 4 के निशातपुरा में कार्रवाई हो रही है। लेकिन जोन 1 टीटीनगर, कमला नगर, रातीबड़, हबीबगंज, शाहपुरा पुलिस ने लोग ज्यादा शराब की दुकानें यह थाने कोई कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। ऐसा ही हाल जोन 3 के मंगलवार, हनुमानगंज , टीलाजमापुरा और गौतम नगर में है, जहां रात के समय शराब पीने वालों कोई कार्रवाई नजर नहीं आ रही है, इससे ऐसा ही हो सकता है कि लोग पिपलानी , गोविंदपुरा की तरह सार्वजानिक स्थानों पर शराब नहीं पी रहे हैं या पुलिस कार्रवाई नहीं कर रही है।

MP में शिक्षा का नया मॉडल: 4500 बाल वाटिकाएं, एलईडी-स्मार्ट टीवी से बदलेगी पढ़ाई

भोपाल मध्य प्रदेश सरकार सत्र 2026-27 में प्रदेश के लगभग 4500 प्राथमिक विद्यालयों में 'बाल वाटिका' (प्री-प्राइमरी कक्षाएं) शुरू करने जा रही है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत तीन से छह वर्ष के बच्चों को औपचारिक स्कूली शिक्षा से पहले खेल-खेल में सीखने का माहौल प्रदान करना है। इन वाटिकाओं में बच्चों के लिए रंग-बिरंगे क्लासरूम, खिलौने और विशेष रूप से तैयार किया गया पाठ्यक्रम होगा। यह निजी प्ले स्कूल की तर्ज पर सांदीपनि विद्यालय खुलेंगे। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने मप्र के स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारियों को सरकारी स्कूलों में अधिक से अधिक संख्या में बाल वाटिकाएं शुरू करने का सुझाव दिया था। अगले सत्र में स्कूल शिक्षा विभाग इस संबंध में प्रस्ताव तैयार कर रहा है। बता दें, कि शासन की ओर से करीब 24 हजार आंगनबाड़ियों को प्ले स्कूल के रूप में विकसित किए जाने की तैयारी है। प्रदेश में प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल एवं शिक्षा को मजबूती प्रदान करने और बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए यह पहल की जा रही है। बाल वाटिकाओं को बनाया जाएगा आकर्षक अब तक सरकारी स्कूलों में सीधे पहली कक्षा से पढ़ाई शुरू होती थी, जिससे निजी स्कूलों की तुलना में सरकारी स्कूल के बच्चे पिछड़ जाते थे। अब बाल वाटिकाओं के माध्यम से तीन से छह वर्ष तक के बच्चों को स्कूलों से जोड़ा जाएगा। इन वाटिकाओं में बच्चों के बैठने के लिए आकर्षक फर्नीचर, खिलौने और रंगीन दीवारें होंगी। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि इन स्कूलों का चयन उन परिसरों में किया गया है, जहां पहले से प्रायमरी स्कूल संचालित हैं, ताकि बच्चों को एक ही परिसर में निरंतरता मिल सके। खेल और गतिविधियों से होगी पढ़ाई बाल वाटिकाओं में बच्चों पर पढ़ाई का बोझ नहीं होगा। यहां बच्चों को एनसीईआरटी द्वारा तैयार विशेष पाठ्यक्रम 'विद्या प्रवेश' के माध्यम से पढ़ाया जाएगा। इन कक्षाओं में एलईडी स्मार्ट टेलीविजन लगाए जा रहे हैं। इनका उपयोग बच्चों को हिंदी व अंग्रेजी वर्णमाला, गिनती और पूर्व प्राथमिक शिक्षा गतिविधियों के विजुअल टूल्स के माध्यम से सीखाया जाएगा। इसके अलावा पेंटिंग, मिट्टी के खिलौने बनाना, कविताएं और कहानी सुनाने के माध्यम से बच्चों को सिखाया जाएगा। शिक्षकों को प्रशिक्षित किया जाएगा प्राथमिक शिक्षकों को विशेष तौर पर छोटे बच्चों को खेल-खेल में उन्हें आधुनिक तरीकों से सिखाने के लिए प्रशिक्षित किया जा रहा है। इसके लिए शिक्षकों को प्रशिक्षित किया जाएगा। अतिथि शिक्षकों को भी रखा जाएगा। निजी प्ले स्कूल की तर्ज पर खुलेंगे निजी स्कूलों में नर्सरी और केजी की महंगी फीस के कारण बच्चे गुणवत्तापूर्ण शुरुआती शिक्षा से वंचित रह जाते थे। बाल वाटिकाएं इस अंतर को खत्म करेंगी। इस योजना से न केवल सरकारी स्कूलों में छात्र संख्या बढ़ेगी, बल्कि बीच में पढ़ाई छोड़ने वाले बच्चों की संख्या में भी कमी आने की उम्मीद है। 200 सांदीपनि विद्यालय बनेंगे डॉ. अरुण सिंह, अपर संचालक, राज्य शिक्षा केंद्र का कहना है कि "प्रदेश के 200 हाई व हायर सेकंडरी स्कूलों को सर्वसुविधायुक्त बनाकर सांदीपनि विद्यालय भी खुलेंगे, ताकि विद्यार्थी सर्वसुविधायुक्त भवन में पढ़ाई कर सकेंगे। सत्र 2026-27 से प्रदेश के 4500 सरकारी स्कूलों में प्री-प्रायमरी कक्षाएं शुरू की जाएंगी। इन कक्षाओं में बच्चों का सर्वसुवगीण विकास होगा।"

जंगल में नए साल का रोमांच, एमपी के टाइगर रिज़र्व में 10 दिनों तक पर्यटकों की रिकॉर्ड भीड़

उमरिया पुराने साल की विदाई और नए साल के स्वागत को जश्न से यादगार बनाने के लिए प्रदेश के टाइगर रिजर्वों में पर्यटक पहुंचने लगे हैं। न सिर्फ देसी बल्कि विदेशी पर्यटकों ने भी होटलों में अपनी मौजूदगी दर्ज करानी शुरू कर दी है। कुछ लोग तो बिना सफारी बुक कराए ही आ गए हैं और उनका उद्देश्य सफारी करना है भी नहीं है। वह सिर्फ नए वर्ष के जश्न को यादगार बनाना चाहते हैं, इसलिए होटल में होने वाले कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे। साठ हजार से ज्यादा पर्यटक मनाएंगे जश्न छह पुराने टाइगर रिजर्व में अगले पांच दिनों के अंदर सिर्फ कोर जोन में 17 हजार 640 पर्यटक बाघों का दीदार करेंगे, जबकि इससे ज्यादा संख्या में पर्यटक बफर जोन में प्रवेश करेंगे। लगभग इतने ही पर्यटक बिना सफारी किए रिसोर्ट में जश्न मनाएंगे। पांच दिनों में बांधवगढ़ के कोर जोन में 4410, कान्हा में 5340, संजय धुबरी में 600, पन्ना में 2550, पेंच में 2970, सतपुड़ा में 1740 पर्यटक बाघ का दीदार करेंगे।   लुभा रहा है आदिवासी डांस रिसोर्ट मैनेजर विजय पनवार ने बताया कि नव वर्ष के स्वागत के लिए पहुंचे पर्यटकों की वजह से उल्लास का माहौल है। कान्हा और बांधवगढ़ में आदिवासी लोक कला की थीम पर पर्यटकों को आकर्षित किया जा रहा है। कान्हा में डिंडौरी के कई आदिवासी नर्तक दल अपनी प्रस्तुतियां दे रहे हैं, जबकि बांधवगढ़ में उमरिया के साथ अनूपपुर जिले के नर्तक दल समा बांध रहे हैं। पेंच के रिसोर्ट में सेलिब्रेशन के लिए सेलिब्रिटी को बुलाया जा रहा है। टाइगर रिजर्वों की स्थिति बांधवगढ़ – सुबह कोर में 75, बफर में 60 टिकट, शाम को कोर में 72, बफर में 60 टिकट ही उपलब्ध हैं। कान्हा – सुबह कोर 100, बफर अनलिमिटेड, शाम कोर 78, बफर अनलिमिटेड टिकट की व्यवस्था। पन्ना – सुबह कोर 50, बफर अनलिमिटेड, शाम कोर 35, बफर अनलिमिटेड टिकट। पेंच – सुबह कोर 50 बफर अनलिमिटेड, शाम कोर 49, बफर अनलिमिटेड। सीधी – कोर में कुल 20 टिकट प्रतिदिन है, जबकि बफर के लिए अनलिमिटेड। सतपुड़ा – कोर में 30, बफर में 28 टिकट ही उपलब्ध हैं, यहां पचमढ़ी के लिए अनलिमिटेड। दो जनवरी तक बुकिंग फुल संजय टाइगर रिजर्व साल के अंतिम दिनों में पर्यटकों से फुल है। गत वर्ष की अपेक्षा इस वर्ष दिसंबर माह में पर्यटकों की संख्या 75 प्रतिशत अधिक है। दो जनवरी तक ऑनलाइन बुकिंग फुल हो चुकी है। टाइगर रिजर्व में माह दिसंबर मे 475 बुकिंग हुई है। जिसमें 31 दिसंबर तक की एडवांस बुकिंग शामिल हैं, जबकि पिछले वर्ष 300 बुकिंग हुई थी। गत वर्ष दिसंबर माह में एक हजार पर्यटक आए थे, इस वर्ष 1800 पर्यटक आ चुके हैं। रिसोर्ट मैनेजर के मुताबिक प्रदेश के सभी टाइगर रिजर्व में प्रतिदिन के हिसाब से टिकटों की संख्या निर्धारित है। जबकि विशेष अवसरों पर यह संख्या बढ़ाई जानी चाहिए।

बड़वानी में पतंग उड़ाने पर हिंसा, दो समुदाय आमने-सामने, 50 से अधिक पर केस

राजपुर/बड़वानी बड़वानी जिले के राजपुर में पतंग को लेकर हुए विवाद के बाद शनिवार रात्रि दो पक्षों में पथराव के बाद अतिररिक्त पुलिस बल तैनात करना पड़ा है। पुलिस अधीक्षक जगदीश डाबर ने बताया कि शनिवार शाम पतंग उड़ा रहे दो समुदाय के बच्चों के बीच विवाद हो गया। मारपीट के चलते एक पक्ष की शिकायत पर दूसरे पक्ष के तीन लोगों के विरुद्ध प्रकरण दर्ज कर एक को हिरासत में ले लिया गया। पुलिस फोर्स को राजपुर में तैनात किया गया पुलिस अधीक्षक जगदीश डाबर ने बताया कि रात में एक पक्ष दूसरे पक्ष के मोहल्ले में घुस गया और उसने जमकर पथराव कर दिया। दूसरे पक्ष ने भी प्रतिक्रिया स्वरूप पथराव किया, जिससे स्थिति तनावपूर्ण हो गई। उन्होंने बताया कि घटना के चलते विभिन्न थानों की पुलिस फोर्स को राजपुर में तैनात किया गया। उन्होंने बताया कि घटना के चलते कुछ लोग घायल हुए हैं और तीन वाहन क्षतिग्रस्त हुए हैं। पथराव की घटना के चलते वहां आयोजित किए जा रहे मेले में भी भगदड़ मच गई, हालांकि किसी जान माल के नुकसान की सूचना नहीं है।   50 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज बड़वानी के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक धीरज बब्बर ने बताया कि दोनों पक्षों की शिकायत पर करीब 50 लोगों के विरुद्ध मारपीट, पथराव और बलवा की धाराओं के अंतर्गत प्रकरण दर्ज किया गया है। उन्होंने बताया कि एहतियात के तौर पर राजपुर में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात रखा गया है। पथराव की घटना में कोई भी घायल नहीं हुआ है। स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में हैं। राजपुर के थाना प्रभारी विक्रम सिंह बामनिया ने बताया कि रविवार को भी पुलिस द्वारा निगरानी की गई। फिलहाल स्थिति सामान्य व शांतिपूर्ण है।

HIV मामले में सतना में हाई वोल्टेज ड्रामा, जांच के दौरान अधिकारियों से तीखी बहस

सतना रविवार को एचआईवी संक्रमित रक्त चढ़ाने के मामले में मानवाधिकार आयोग के सदस्य प्रियंक कानूनगो व जिला प्रशासनिक अधिकारियों की बहस हो गई, जिसके बाद मानवाधिकार आयोग के सदस्य प्रिंयक कानूनगो ने इंटरनेट मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर जिला प्रशासन द्वारा मामले को दबाने के गंभीर आरोप लगाने का पोस्ट वायरल कर दिया। दरअसल मानवाधिकार आयोग के सदस्य प्रियंक कानूनगो शहर के सिटी एसडीएम व प्रभारी सीएमएचओ पर इसलिए भडक़ उठे, क्योंकि एचआईवी कांड के पीडि़त अपने स्वजनों के साथ सुबह सात बजे सर्किट हाऊस में मौजूद नहीं दिखे। लिहाजा मानवाधिकार आयोग के सदस्य सिटी एसडीएम व सीएमएचओ के ऊपर बरस पड़े और कहा उन्हें यहां स्वयं जाकर नहीं ला सकते थे। जबकि उन्हें सीएमएचओ डॉक्टर मनोज शुक्ला द्वारा यह बताया भी गया कि पीडि़त के स्वजनों ग्रामीण इलाकों में निवासरत होने की वजह से सुबह सात बजे सर्किट हाऊस आने से इंकार करते हुए दस बजे के बाद आने को तैयार थे। बावजूद इसके प्रियंका कानूनगो कुछ भी सुनने को तैयार नहीं थे।   रात नौ बजे मैसेज के जरिए बताई मिलने की इच्छा जिला प्रशासनिक अधिकारियों की मानें तो विभिन्न कार्यक्रमों में सम्मिलित होने की यात्रा पर निकले मानवाधिकार आयोग के सदस्य प्रियंक कानूनगो ने अपने कटनी प्रवास के दौरान करीब रात नौ बजे सिटी एसडीएम को मैसेज के जरिए यह बताया कि उन्हें सर्किट हाऊस पर सुबह सात बजे एचआईवी ब्लड चढ़ाने वाले मामले में पीडि़तों से मुलाकात करनी है। लेकिन जब सुबह पीडि़त सर्किट हाऊस पर नहीं मिले तो वह प्रशासनिक अधिकारियों पर भडक़ उठें, जिस पर सिटी एसडीएम द्वारा बताया गया कि परिवार सुबह आने में असमर्थता बता रहे थे, लिहाजा उनके घर जाकर मिला जा सकता है। प्रियंक कानूनगो को सुबह आठ बजे दीनदयाल शोध संस्थान में आयोजित मानवाधिकार पर आयोजित संवाद कार्यक्रम में सम्मिलित होने जाना था इसलिए मामले को दबाने के आरोप लगाते हुए मानवाधिकार आयोग के सदस्य चित्रकूट के लिए रवाना हो गए। मिलने का नहीं था कोई प्रोग्राम प्रियंक कानूनगो का HIV पीड़ितों से मिलने जाने का कोई प्रोग्राम नहीं था और न ऐसा कोई कार्यक्रम जारी था। लिहाज अब यह बात होने लगी है कि क्या वह पीड़ित बच्चों के परिजन ऐसे मिलने नहीं जा सकते थे। वास्तविकता में मानवाधिकार आयोग की टीम पीड़ितों के बयान लेने 29 को आ रही है। प्रमुख सवाल -क्या इस प्रकार उन्हें सार्वजनिक रुप से सर्किट हाऊस बुलाना उनकी पहचान उजागर करने जैसा नहीं? -क्या बिना पूर्व सूचना के पीडि़त को इस प्रकार बयान के लिए बुलाया जा सकता है? -बिना जांच टीम में शामिल बिना ऑफिशियल मानवधिकार आयोग के सदस्य इस प्रकार पीडि़तों के बयान दर्ज कर सकते है? हमे रात में यह सूचना मिलाी की उन्हें सुबह सात बजे पीडितों व उनके स्वजनों से मिलना है, लेकिन पीडितों के स्वजन इतना सुबह मिलने को तैयार नहीं थे। हालंकि उनके अधिकारिक यात्रा कार्यक्रम में इस बात का उल्लेख नहीं था- राहुल सिलाढिया, सिटी एसडीएम।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 3.77 लाख सोयाबीन उत्पादक किसानों को अंतरित की 810 करोड़ रुपए भावांतर राशि

प्रदेश के हर युवा को रोजगार दिलाएगी सरकार विकास का कारवां यूं हीं चलता रहेगा – हमने जो कहा, वो करके भी दिखाया जावरा में बनेगा आऊटडोर-इनडोर स्टेडियम, वन स्टॉप सेंटर भी बनाया जाएगा जावरा में हेरिटेज भवन निर्माण और स्कूल मरम्मत के लिए दिए जाएंगे 2-2 करोड़ रुपए ग्राम शुजापुर और पिपलौदा में बनेगा बालिका छात्रावास 145 करोड़ की लागत वाले 33 विकास कार्यों का किया लोकार्पण एवं भूमिपूजन जावरा में हुआ सोयाबीन भावांतर राशि अंतरण का राज्य स्तरीय सम्मेलन भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि भावांतर, केवल एक योजना नहीं किसानों के प्रति सरकार का श्रद्धाभाव है। भावांतर की राशि किसानों के अधिकार की राशि है। यह राशि किसानों की समृद्धि के प्रति सरकार के संकल्प का प्रतीक है। किसानों के कल्याण के लिए हम कभी भी पीछे नहीं रहेंगे। नए वर्ष 2026 को हमने अन्नदाताओं के कल्याण को ही समर्पित किया है। अगले वर्ष हम कृषि उत्सव मनाएंगे। किसान भाइयों की समृद्धि का उल्लास मनाएंगे। आधुनिक तरीके से खेती, कृषि विस्तार सेवाएं और नई-नई तकनीकों को हम गांव-गांव तक पहुंचाएंगे, जिससे किसान भाई अपनी खेती-किसानी को और बेहतर बनाने के लिए सही समय पर सही निर्णय ले सकें। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने प्रदेश की जनता से जो वादा किया, वह पूरा करके भी दिखाया है। प्रदेश के विकास का यह कारवां कभी रूकेगा नहीं। हम विकास के प्रकाश से किसी को भी वंचित नहीं रहने देंगे। प्रदेश की प्रगति में सबकी भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने कहा कि लाड़ली बहनों को अभी 1500 रुपए दिए जा रहे हैं, इस राशि को 3 हजार रूपये तक बढ़ाया जायेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के हर जरूरतमंद और हुनरमंद युवा को हमारी सरकार रोजगार उपलब्ध कराएगी। प्रदेश के 32 लाख से अधिक किसानों को सरकार सोलर पम्प उपलब्ध कराएगी। सोलर पंप की कुल लागत पर हम किसानों को 90 प्रतिशत तक अनुदान भी देंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को रतलाम जिले के जावरा में सोयाबीन भावांतर भुगतान योजना के अंतर्गत किसानों को भावांतर राशि वितरण के लिए आयोजित राज्य स्तरीय सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने 3.77 लाख से अधिक सोयाबीन उत्पादक किसानों को 810 करोड़ रुपए की भावांतर राशि बैंकखातों में सिंगल क्लिक से अंतरित की। इसमें रतलाम जिले के 12 हजार 386 किसान भी शामिल हैं, जिनके खातों में 20.74 करोड़ रुपए सिंगल क्लिक से भेजे गए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज की भावांतर राशि को मिलाकर हमारी सरकार अबतक प्रदेश के 6.25 लाख से अधिक सोयाबीन उत्पादक किसानों को करीब 1300 करोड़ रुपए की भावांतर राशि का भुगतान कर चुकी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने करीब 145 करोड़ रुपए से अधिक लागत वाले 33 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन कर रतलाम जिलेवासियों को भी नये साल की अग्रिम सौगातें दीं। इसमें 18 करोड़ रुपए से अधिक लागत के 12 विकास कार्यों का लोकार्पण तथा 127 करोड़ रुपए से अधिक लागत के 21 विकास कार्यों का भूमिपूजन शामिल है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह सभी विकास कार्य रतलाम जिले को सुंदर, स्वच्छ और नागरिक सुविधाओं के मामले में अव्वल बनाने में मील का पत्थर साबित होंगे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने मालवा के गांधी के नाम से प्रसिद्ध डॉ. लक्ष्मीनारायण पाण्डेय की जीवनी पर केन्द्रित पुस्तिका का विमोचन भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को स्थानीय जनप्रतिनिधियों द्वारा स्मृति चिन्ह भेंट किया गया। इससे पहले मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम स्थल पर लगी कृषि विकास प्रदर्शनी का अवलोकन किया और सम्मेलन में आए किसानों पर पुष्पवर्षा कर उनका स्वागत-अभिनंदन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जनप्रतिनिधियों की मांग पर जावरा नगर में एक आधुनिक आऊटडोर-इनडोर स्टेडियम बनाने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि निराश्रित महिलाओं के अल्प आश्रय के लिए जावरा में वन स्टॉप सेंटर बनाया जाएगा। जावरा में हेरिटेज भवन के निर्माण और एक बेहद पुराने जीर्ण-शीर्ण स्कूल की सम्पूर्ण मरम्मत के लिए मुख्यमंत्री ने इन दोनों कार्यों के लिए 2-2 करोड़ रुपए देने की घोषणा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी बेटियां भी पढ़ाई-लिखाई में किसी से पीछे नहीं रहेंगी। उन्होंने रतलाम जिले के ग्राम शुजापुर और ग्राम पिपलौदा में एक-एक नवीन बालिका छात्रावास भवन बनाने की घोषणा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पार्वती-कालीसिंध-चंबल राष्ट्रीय नदी जोड़ो परियोजना का लाभ रतलाम जिले को भी मिलेगा। उन्होंने कहा कि इस राष्ट्रीय परियोजना से राजस्थान के 15 जिले और मध्यप्रदेश के मालवा और चंबल अंचल के 15 जिले (30 से अधिक जिले) कृषि सिंचाई की स्थायी सुविधा से लाभान्वित होंगे। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार प्रदेश में पशुपालन और दुग्ध पालन में भी वृहद स्तर पर वृद्धि करने की ओर तेजी से अग्रसर है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मालवा क्षेत्र में करीब 5 हजार करोड़ रुपए लागत से एक नया आधुनिक फोर-लेन हाई-वे बनने जा रहा है। यह हाई-वे रतलाम जिले की सीमा से भी गुजरेगा। इस हाई-वे के निर्माण के लिए किसानों की सभी मांगे मानी जाएंगी। आवश्यकता हुई तो, भूमि अधिग्रहण के लिए मुआवजा राशि भी बढ़ा दी जाएगी। विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर ने कहा कि जावरा के डॉ. लक्ष्मीनारायण पांडे एक ऐसा व्यक्तित्व है जिनके कृतित्व से क्षेत्र आलोकिक हुआ है। डॉ. पांडे ने अपने परिश्रम से जन सेवा की मिसाल कायम की है। मुझे प्रसन्नता है कि मुझे उनका सानिध्य मिला है और उनसे बहुत कुछ सीखने को मिला है। डॉ. लक्ष्मी नारायण पांडे के चरित्र को हमें अंगीकार करना चाहिए उनका व्यक्तित्व बहुआयामी रहा है। मध्यप्रदेश शासन की जनहित कार्य नीतियों का जिक्र करते हुए श्री तोमर ने कहा कि आज प्रदेश के लाखों किसान भावांतर जैसी योजना से लाभान्वित हो रहे हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की सरकार सफलतापूर्वक सर्वाहारा वर्ग के लिए कार्य कर रही है। किसान हमारी अर्थव्यवस्था की रीड है। जहां-जहां फसलों को नुकसान हुआ प्रदेश सरकार द्वारा वहां किसानों को राहत राशि प्रदान की गई है। कृषि मंत्री एंदल सिंह कंषाना ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अभिनव रूप से जनकल्याणकारी कार्यों की शुरुआत की है। किसान के हित में कार्य करने वाले मुख्यमंत्री डॉ. यादव कृषक हित में सदैव अग्रणी रहे हैं। कंषाना ने प्रदेश के किसानों की ओर से … Read more

डिजिटल सिस्टम पर बड़ा सवाल: ग्वालियर में छात्रों के आंकड़ों में 67 हजार का अंतर, 34 हजार नाम गायब

ग्वालियर सरकार एक ओर डिजिटल इंडिया और पेपरलेस वर्किंग का दावा कर रही है, वहीं ग्वालियर जिले के शिक्षा विभाग में पोर्टलों के आंकड़ों में भारी विसंगति देखने को मिली है। यूडाइस पोर्टल और एजुकेशन पोर्टल पर दर्ज आंकड़ों के बीच 67 हजार छात्रों का बड़ा अंतर मिला है। तकनीकी रूप से इन दोनों पोर्टलों पर बच्चों का नामांकन एक समान होना चाहिए, लेकिन मैदानी स्तर पर बरती गई लापरवाही ने पूरे सिस्टम को कटघरे में खड़ा कर दिया है। ड्रॉप बॉक्स में कैद 34 हजार छात्रों का भविष्य 67 हजार छात्रों के इस अंतर में सबसे चौंकाने वाला आंकड़ा 34 हजार 'लापता' बच्चों का है। दरअसल, ये बच्चे लापता नहीं हैं, बल्कि तकनीकी रूप से एजुकेशन पोर्टल के 'ड्रॉप बॉक्स' में पड़े हुए हैं। नियमानुसार, जब कोई छात्र एक स्कूल छोड़कर दूसरे स्कूल में जाता है, तो नए स्कूल को उसे ड्रॉप बॉक्स से 'इंपोर्ट' कर अपने पोर्टल पर दिखाना होता है। लेकिन ग्वालियर के स्कूलों ने इन 34 हजार बच्चों को सिस्टम में स्वीकार (Accept) ही नहीं किया। नतीजा यह है कि ये छात्र पोर्टल पर प्रदर्शित नहीं हो रहे हैं और इनका शैक्षणिक रिकॉर्ड अधर में लटका हुआ है।   पोर्टल की इस अव्यवस्था का सीधा असर गरीब और जरूरतमंद छात्रों की आर्थिक सहायता पर पड़ रहा है। जिले के स्कूलों में 48 हजार छात्रों की छात्रवृत्ति प्रोफाइल अब तक अपडेट नहीं की गई है। प्रोफाइल अपडेट न होने और तकनीकी त्रुटियों के कारण इन छात्रों की छात्रवृत्ति लटक गई है। शैक्षणिक सत्र बीतने को है, लेकिन संकुल और स्कूल स्तर पर प्राचार्यों की सुस्ती ने हजारों विद्यार्थियों को उनके हक की राशि से वंचित कर रखा है। लापरवाही की मुख्य वजह विभागीय सूत्रों के अनुसार, जनपद शिक्षा केंद्रों और स्कूलों में पदस्थ कंप्यूटर ऑपरेटरों और जिम्मेदार अधिकारियों ने डेटा फीडिंग को गंभीरता से नहीं लिया। यूडाइस पोर्टल पर भरी गई जानकारी को एजुकेशन पोर्टल से मैच नहीं किया गया। यह विसंगति जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) की हालिया समीक्षा बैठक में खुलकर सामने आई, जिसमें बीआरसी (BRC) डबरा और बीआरसी शहर क्रमांक-2 की कार्यप्रणाली पर सबसे ज्यादा सवाल उठे। डीईओ की सख्त चेतावनी मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला शिक्षा अधिकारी हरिओम चतुर्वेदी ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि: ड्रॉप बॉक्स में लंबित सभी 34 हजार बच्चों को तत्काल संबंधित स्कूल पोर्टल पर इंपोर्ट किया जाए।     67 हजार छात्रों के डेटा गैप को शून्य (Zero) पर लाया जाए।     छात्रवृत्ति प्रोफाइल को लॉक करने और स्वीकृत करने की प्रक्रिया युद्ध स्तर पर पूरी की जाए। सभी बीईओ, बीआरसी सहित संकुल प्राचार्यों को पोर्टल के अंतर को जल्द से जल्द ठीक करने के निर्देश दिए गए हैं। हमारा लक्ष्य है कि डेटा विसंगति दूर हो और जो बच्चे ड्रॉप बॉक्स में हैं, वे भी पोर्टल पर अपडेट हो जाएं। – हरिओम चतुर्वेदी, जिला शिक्षा अधिकारी, ग्वालियर

बिजली बिल नहीं भरा तो थमी लिफ्ट, PM आवास में घंटों फंसे रहे रहवासी

भोपाल कोटरा क्षेत्र में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बनी गंगा नगर मल्टी में नगर निगम की लापरवाही एक बार फिर सामने आई है। रविवार को सी-1 और सी-3 ब्लाक की दोनों लिफ्टें करीब पांच घंटे तक बंद रहीं, जिससे इन ब्लाकों में रहने वाले परिवारों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। 9 मंजिला इमारत में रहने वाले बुजुर्ग, महिलाएं और बीमार लोगों के लिए यह स्थिति बेहद कष्टदायक रही। बिजली कंपनी ने कनेक्शन क्यों काटा सी-1 ब्लॉक के फ्लैट नंबर 602 में रहने वाले परशुराम कुम्हारे ने बताया कि दोपहर करीब 12 बजे अचानक लिफ्ट बंद हो गई। लिफ्ट मेन से जानकारी लेने पर पता चला कि नगर निगम ने बिजली का बिल जमा नहीं किया था, जिसके कारण बिजली कंपनी ने कनेक्शन काट दिया। कुम्हारे ने बताया कि उनकी पत्नी का हाल ही में ऑपरेशन हुआ है और वे स्वयं भी 62 वर्ष के हैं। ऐसे में बार-बार सीढ़ियों से ऊपर-नीचे जाना उनके लिए बेहद मुश्किल भरा रहा।   20 हजार रुपये मेंटेनेंस शुल्क रहवासियों का कहना है कि इस मल्टी में रहने के लिए वे 20 हजार रुपये मेंटेनेंस शुल्क देते हैं और लगभग 29 लाख रुपये में फ्लैट खरीदा है । इसके बावजूद बुनियादी सुविधाओं की यह हालत बेहद निराशाजनक है। लोगों का आरोप है कि यहां रहने वाले नागरिकों को निगम की ओर से कोई ठोस सुविधा नहीं मिल रही है। पजेशन मिलने में देरी अब सुविधाएं नदारद रहवासियों का आरोप है कि पहले पजेंशन देने में निगम ने देरी की और सुविधाएं यहां नदारद हैं। जिन लोगों को पजेशन मिला है। वह लोग यहां आकर बस रहे हैं, लेकिन सुविधाओं के नाम पर यहां कुछ नहीं है। कुम्हारे ने बताया कि सुबह से लेकर शाम तक शिकायत करने के बाद शाम पांच बजे बिजली कंपनी के कर्मचारियों ने दोबारा कलेक्शन जोड़ा तब लिफ्ट चालू हुई।  

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री फडणवीस ने रामायण से संबंधित प्रदर्शनी का किया लोकार्पण

भोपाल महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस ने रविवार को जबलपुर के मानस भवन परिसर में रामायण से संबंधित प्रदर्शनी का लोकार्पण किया। इस दौरान उन्होंने प्रदर्शनी में लगे विभिन्न चित्रों, मूर्तियों व आलेखों को देखा। उन्होंने श्रीराम के आदर्शों के चित्रण, सनातन संस्कृति तथा अध्यात्मिकता की सराहना की। इस अवसर पर लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह, स्कूल शिक्षा एवं परिवहन मंत्री उदय प्रताप सिंह, राज्यसभा सांसद श्रीमती सुमित्रा बाल्मीक, सांसद आशीष दुबे, महापौर जगत बहादुर सिंह अन्नू, विधायक अजय विश्नोई, डॉ. अभिलाष पांडे, नीरज सिंह, नगर निगम अध्यक्ष रिकुंज विज, प्रशांत पाल, अखिलेश जैन, रत्नेश सोनकर, प्रख्यात चिकित्सक डॉ. जामदार सहित आयोजक व गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। जबलपुर में चतुर्थ वर्ल्ड रामायण कॉन्फ्रेंस का आयोजन जबलपुर में 2 से 4 जनवरी तक मानस भवन में चतुर्थ वर्ल्ड रामायण कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया जाएगा। यह कॉन्फ्रेंस भगवान श्रीराम के आदर्शों को आम जन तक पहुंचाने के साथ आध्यात्मिक और पौराणिकता को अक्षुण्ण बनाने की दृष्टि से महत्वपूर्ण है। इस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से भगवान श्रीराम के वनवास के दौरान मध्यप्रदेश से गुजरे पथों को चिन्हित करने में मदद मिलेगी, जिससे इन स्थानों का सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विकास संभव होगा और पर्यटन को भी प्रोत्साहन मिलेगा। आयोजकों द्वारा इस कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए विभिन्न स्थानों में सुंदरकांड का पाठ निरंतर किया जा रहा है, ताकि धर्ममय वातावरण में यह कार्यक्रम भव्यता के साथ संपन्न हो। गौरतलब है कि वर्ल्ड रामायण कॉन्फ्रेंस का पहला कार्यक्रम जबलपुर में 2016 में आयोजित किया गया था।