भोपाल मध्य प्रदेश में सर्दी का सितम लगातार बढ़ता जा रहा है। प्रदेश कड़ाके की ठंड और घने कोहरे की चपेट में है। राजधानी भोपाल में न्यूनतम तापमान गिरकर 4.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि मंदसौर सबसे ठंडा जिला रहा, जहां पारा 2.5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। मौसम विभाग के अनुसार, हिमालय क्षेत्र में हो रही बर्फबारी का सीधा असर मध्य प्रदेश के मौसम पर पड़ रहा है। उत्तर से आ रही ठंडी हवाओं के कारण प्रदेश के कई हिस्सों में कोल्ड वेव की स्थिति बनी हुई है। भोपाल, इंदौर, रीवा समेत कई जिलों में सुबह और रात के समय जबरदस्त ठंड महसूस की जा रही है। मंदसौर सबसे ठंडा, भोपाल में 4.6 डिग्री तक लुढ़का पारा प्रदेश में बीती रात सबसे कम तापमान मंदसौर में 2.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके अलावा शाजापुर में 3.1 डिग्री, राजगढ़ में 3.8 डिग्री और पचमढ़ी में 4.8 डिग्री रहा। भोपाल में न्यूनतम तापमान 4.6 डिग्री तक गिर गया, जो सामान्य से काफी नीचे है। ग्वालियर, इंदौर सहित करीब 30 शहरों में पारा 10 डिग्री से कम रहा। कोहरे का कहर, रेल यातायात प्रभावित सुबह घने कोहरे ने दृश्यता बेहद कम कर दी, जिससे दिल्ली से भोपाल, इंदौर और उज्जैन आने वाली कई ट्रेनें देरी से चलीं। मालवा एक्सप्रेस, शताब्दी और अन्य प्रमुख ट्रेनों की समय-सारिणी बिगड़ गई। यात्रियों को ठंड के साथ लंबे इंतजार की मार झेलनी पड़ी। उत्तरी जिलों जैसे ग्वालियर-चंबल और बुंदेलखंड में कोहरा सबसे घना रहा। शीतलहर का अलर्ट, सर्द हवाएं तेज मौसम विभाग ने भोपाल, सीहोर, राजगढ़, इंदौर, शाजापुर, मंदसौर सहित कई जिलों में कोल्ड वेव का अलर्ट जारी किया है। ऊंचाई पर तेज जेट स्ट्रीम के कारण सर्द हवाएं चल रही हैं, जिससे दिन में धूप निकलने के बावजूद ठंडक बनी हुई है। पश्चिमी विक्षोभ से और बढ़ेगी ठंड मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, 30 दिसंबर के आसपास पश्चिमी हिमालय में नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो सकता है, जिसका असर मध्यप्रदेश तक पहुंचेगा। जेट स्ट्रीम की तेज रफ्तार ठंड को और गहरा कर रही है, आने वाले दिनों में तापमान में और गिरावट संभव है। लोगों के लिए सलाह विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि सुबह-शाम बाहर निकलते समय गर्म कपड़े पहनें, कोहरे में वाहन चलाते समय सावधानी बरतें और बुजर्गों-बच्चों का विशेष ध्यान रखें। ठंड से बचाव के लिए गरम पेय और हीटर का इस्तेमाल करें। प्रदेश के ग्वालियर-चंबल और रीवा संभाग में घना कोहरा छाया रहा, जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ। कई इलाकों में दृश्यता बेहद कम होने के कारण यातायात भी प्रभावित हुआ है। कोहरे की वजह से कई ट्रेनें 4 से 5 घंटे की देरी से चल रही हैं। मौसम विभाग ने बताया कि ऊपरी वायुमंडल में जेट स्ट्रीम की रफ्तार 213 किमी प्रति घंटा तक पहुंच गई है, जिससे ठंडी हवाएं और तेज हो गई हैं। विभाग ने अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि आने वाले कुछ दिनों तक ठंड और कोहरे से राहत मिलने के आसार नहीं हैं। विशेषज्ञों ने लोगों को सुबह-शाम अनावश्यक बाहर निकलने से बचने, गर्म कपड़े पहनने और बुजुर्गों व बच्चों का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी है। नवंबर-दिसंबर में रिकॉर्ड तोड़ चुकी है सर्दी इस बार नवंबर के बाद दिसंबर में भी सर्दी रिकॉर्ड तोड़ चुकी है। नवंबर में भोपाल में लगातार 15 दिन तक शीतलहर चली। रिकॉर्ड के अनुसार, साल 1931 के बाद शीतलहर के यह सबसे ज्यादा दिन है। दूसरी ओर, 17 नवंबर की रात में पारा 5.2 डिग्री तक पहुंच गया, जो ओवरऑल रिकॉर्ड भी रहा। इससे पहले 30 नवंबर 1941 में तापमान 6.1 डिग्री रहा था। इंदौर में भी पारा 6.4 डिग्री ही रहा। यहां भी सीजन की सबसे सर्द रात रही। 25 साल में पहली बार पारा इतना लुढ़का। दूसरी ओर, दिसंबर में इंदौर में पारा सबसे कम रहा। भोपाल में भी यह 5 डिग्री से नीचे पहुंच चुका है। ठंड के लिए दिसंबर-जनवरी खास मौसम विभाग के अनुसार, जिस तरह मानसून के चार महीने (जून, जुलाई, अगस्त और सितंबर) में से दो महीने जुलाई-अगस्त महत्वपूर्ण रहते हैं और इन्हीं में 60 प्रतिशत या इससे अधिक बारिश हो जाती है, ठीक उसी तरह दिसंबर और जनवरी में कड़ाके की ठंड पड़ती है। इन्हीं दो महीने में प्रदेश में उत्तर भारत से सर्द हवाएं ज्यादा आती हैं। इसलिए टेम्प्रेचर में अच्छी-खासी गिरावट आती है। सर्द हवाएं भी चलती हैं। पिछले 10 साल के आंकड़े यही ट्रेंड बताते हैं। वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) के एक्टिव होने से दिसंबर में मावठा भी गिरता है। इससे दिन में भी सर्दी का असर बढ़ जाता है। अब जानिए दिसंबर में कैसी रहती है ठंड? मौसम का ट्रेंड देखें तो दिसंबर में स्ट्रॉन्ग वेस्टर्न डिस्टरबेंस आते हैं। वहीं, उत्तरी हवाएं आने से दिन-रात के तापमान में गिरावट होती है। इस बार भी यही हो रहा है। शुरुआत से अब तक कई वेस्टर्न डिस्टरबेंस उत्तर भारत को प्रभावित कर चुके हैं। इस वजह से एमपी में कड़ाके की ठंड के साथ शीतलहर का असर है। इन जिलों में सबसे ज्यादा सर्दी ग्वालियर, चंबल और उज्जैन संभाग के सभी जिलों में कड़ाके की ठंड पड़ रही है। यहां बर्फीली हवाएं सीधे आ रही हैं। कोहरे का असर भी इन जिलों में ज्यादा देखा जा रहा है। सागर और रीवा संभाग भी प्रभावित है। भोपाल संभाग के सीहोर, रायसेन, राजगढ़ और विदिशा में ठंड का जोर है। राजगढ़ में पारा 4 डिग्री तक पहुंच चुका है। सागर संभाग के निवाड़ी, छतरपुर, टीकमगढ़-पन्ना, रीवा संभाग के मऊगंज, सीधी-सिंगरौली में तेज ठंड है। जबलपुर संभाग के मंडला-डिंडौरी, इंदौर संभाग के इंदौर, धार और झाबुआ में कड़ाके की ठंड पड़ रही है। उत्तर भारत में शीतलहर-कोहरे का कहर, नए साल पर कैसा रहेगा मौसम? श्चिमी विक्षोभ की सक्रियता से पूरा उत्तर भारत घने कोहरे और शीतलहर की चपेट में है। रविवार को दिल्ली और आसपास के इलाकों में कोहरे के कारण सड़कों पर वाहन रेंगते दिखे। रेल और वायु यातायात पर बहुत बुरा असर पड़ा। लंबी दूरी की ट्रेनें घंटों विलंब से चल रही हैं। विमानों का परिचालन भी प्रभावित हुआ। मौसम विभाग का अनुमान है कि 31 दिसंबर तक मौसम का रुख लगातार सर्द होगा जबकि नए साल के पहले … Read more