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शिवराज सिंह चौहान का क्रिकेट मैच में धमाल, सांसद खेल महोत्सव में मारे चौके-छक्के

विदिशा  पढ़ाई ही नहीं खेलों से भी भविष्य बनाया जा सकता है। मेहनत और धैर्य के साथ खेलों में अभ्यास कर यहां के खिलाड़ी भी शिखर को प्राप्त कर सकते हैं। खिलाड़ियों को कुछ ऐसे ही शब्दों के साथ विदिशा में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रेरित किया। साथ ही उन्होंने खुद बल्लेबाजी करते हुए खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया। बल्लेबाजी करते हुए उन्होंने बल्ला घुमाकर खूब चौके-छक्के मारे जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हो रहा है। केंद्रीय कृषि मंत्री रविवार को विदिशा के एसएसएल जैन कॉलेज के मैदान में आयोजित सांसद खेल महोत्सव (Sansad Khel Mahotsav) के तहत विधानसभा स्तरीय प्रतियोगिताओं के समापन अवसर पर उपिस्थत हुए।  खिलाड़ियों का बढ़ाया उत्साह खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करते हुए उन्होंने कहा कि मनुष्य में अनंत शक्तियों का भंडार है। उन शक्तियों को ध्यान में रखते हुए संबंधित क्षेत्र में सफल होने के लिए निरंतर प्रयास करने की जरूरत है। उन्होंने खिलाड़ियों को आश्वस्त किया कि सांसद खेल महोत्सव आयोजन के अगले चरण में और बेहतर प्रयास किए जाएंगे। शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में खेल मैदानों को विकसित किया जाएगा। ताकि युवाओं को खेलने व अभ्यास करने के लिए मैदान की सहू‌लियत मिल सकें। खिलाड़ियों को दी शील्ड और मेडल इस दौरान उन्होंने विधानसभा स्तर पर आयोजित खेल प्रतियोगिताओं के विजेताओं के साथ उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को शील्ड व मेडल देकर सम्मानित किया। सांसद खेल महोत्सव प्रतियोगिता का समापन रायसेन जिले में होगा। वहां नगद राशि से विजेता व उप विजेताओं को पुरस्कृत किया जाएगा। क्रिकेट और कबड्‌डी की प्रतियोगिता में प्रथम तीन स्थान हासिल करने वाली टीमों को डेढ़ लाख, एक लाख और पचास हजार रुपए की नगद राशि से पुरस्कृत किया जाएगा। 7020 खिलाड़ियों ने लिया भाग लिया विदिशा क्षेत्र में मुख्य रूप से किक्रेट, कब्बड्‌डी व फुटबाल के अलावा रस्साकस्सी, नीबू रेस व कुर्सी रेस की प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। क्रिकेट में 750 खिलाड़ी, कबड्डी में 240, फुटबाल में 180, रस्साकसी में 1600, नीबू रेस में 1750 व चेयर रेस में 2500 खिलाड़ी कुल 7020 खिलाड़ी शामिल हुए। इन प्रतियोगिताओं के विजेताओं व उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाडियों को कृषि मंत्री ने ट्रॉफी व मेडल से पुरस्कृत किया। 

सरकार की योजना से सोयाबिन उत्पादक किसानों को मिली राहत, 810 करोड़ रुपये का ट्रांसफर

भोपाल  मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने  भावांतर योजना के अंतर्गत रतलाम जिले के जावरा में 3.77 लाख सोयाबीन किसानों के खाते में 810 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए। राशि सिंगल क्लिक के जरिए सीधे किसानों के खातों में पहुंचाई गई है। गवर्नमेंट भगत सिंह कॉलेज में आयोजित कार्यक्रम में इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर और प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल सहित अन्य गणमान्य जनप्रतिनिधि भी मौजूद थे। इस अवसर पर विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन भी किया गया। नुकसान की भरपाई की जाती है भावांतर योजना हाल में शुरू की गई है। इस योजना के तहत किसानों को अगर अपनी फसल पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से कम दाम मिलता है तो सरकार की तरफ से भरपाई की जाती है। भावांतर योजना के तहत इससे पहले 6.44 लाख किसानों के खातों में 1,292 करोड़ रुपये की राशि ट्रांसफर की जा चुकी थी। आय में स्थिरता लाई जा रही योजना का फायदा उन्हीं किसानों को दिया जाता है जिन्होंने भावांतर योजना के तहत रजिस्ट्रेशन कराया है। इस बार सरकार की ओर से इस योजना का फायदा सोयाबिन उत्पादक किसानों को दिया गया है। योजना के जरिए किसानों की आय में स्थिरता लाई जा रही है और उन्हें कम दाम में फसल बेचने के बावजूद भी नुकसान नहीं झेलना पड़ता है। सरकार की प्राथमिकता किसान सरकार ने सोयाबीन का समर्थन मूल्य 5,328 रुपये प्रति क्विंटल तय किया है, ऐसे में किसानों को हुए नुकसान की भरपाई सरकार की ओर से कर दी गई है। मोहन यादव कई मौकों पर कह चुके हैं कि उनकी सरकार की प्राथमिकता किसान हैं। सीएम कह चुके हैं कि किसानों को उनकी मेहनत का पूरा मूल्य हासिल होना चाहिए।

नए साल से पहले मध्यप्रदेश में मंदिरों की सुरक्षा चाक-चौबंद, DGP कैलाश मकवाना के आदेश

भोपाल नए साल के जश्न और हालिया सुरक्षा परिदृश्य को देखते हुए मध्यप्रदेश में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। ऑपरेशन ‘सिंदूर’ और पहलगाम की घटना के मद्देनज़र प्रदेश के प्रमुख मंदिरों, धार्मिक स्थलों और भीड़-भाड़ वाले इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया जाएगा। पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना ने सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों को सतर्कता बढ़ाने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के स्पष्ट निर्देश दिए हैं। डीजीपी ने कहा कि नए साल के अवसर पर मॉल, बाजार, होटल, रिसॉर्ट और पिकनिक स्पॉट पर भारी भीड़ उमड़ने की संभावना है। ऐसे में किसी भी तरह की अप्रिय घटना को रोकने के लिए गश्त बढ़ाई जाए और संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी रखी जाए। हुड़दंग, शांति भंग करने और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। महिलाओं की सुरक्षा को लेकर पुलिस ने जीरो टॉलरेंस नीति अपनाने का फैसला किया है। छेड़खानी, अभद्र व्यवहार और महिलाओं के खिलाफ किसी भी अपराध पर तत्काल कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही शराब पीकर वाहन चलाने वालों, तेज रफ्तार और लापरवाही से ड्राइविंग करने वालों पर भी विशेष अभियान चलाया जाएगा। डीजीपी कैलाश मकवाना ने स्पष्ट किया कि नए साल के दौरान प्रदेशभर में चाक-चौबंद सुरक्षा व्यवस्था रहेगी। पुलिस न केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखेगी, बल्कि सांप्रदायिक सौहार्द और आम जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हर स्तर पर सतर्क रहेगी।

भोपाल पुलिस की सर्जिकल स्ट्राइक: ईरानी गैंग का गिरोह तोड़ा, दिल्ली तक फैली दहशत

भोपाल  राजधानी भोपाल सहित मध्य प्रदेश के आधा दर्जन से अधिक शहरों सहित दिल्ली, मुंबई, हैदराबाद, बेंगलुरू सहित दर्जन भर सहित बड़े शहरों में अब तक सैकड़ों वारदात को अंजाम देने वाले भोपाल के ईरानी गैंग पर पुलिस ने छापा मारा है। देर रात भोपाल डीसीपी जोन-4 मयूर खंडेलवाल के नेतृत्व में भारी पुलिस बल ने एक साथ करोंद क्षेत्र में स्थित अमन कॉलोनी ईरानी डेरे में छापा मारा। छापेमारी काम्बिंग गश्त के तहत की गई।  पुलिस की इस कार्रवाई में 24 पुरुष आरोपी और 10 महिला अपराधी गिरफ्तार की गई हैं। एक साथ 34 ईरानी बदमाशों के खिलाफ भोपाल पुलिस की यह कार्रवाई वर्षों बाद की गई है। कार्रवाई का विरोध करने के लिए अपराधियों ने महिलाओं और बच्चों को आगे किया, लेकिन पुलिस भी पूरी तैयारी के साथ गई थी, इसलिए टीम में भारी संख्या में महिला पुलिसकर्मियों और अधिकारियों को भी शामिल किया गया था।    ईरानी डेरा … भोपाल में स्थित यह वह जगह है, जहां पुलिस भी जाने से डरती है। पुलिस इस इलाके में घुसने के लिए पूरी पलटन लेकर जाती है। रविवार अहले सुबह जब, पुलिस की टीम पहुंची तो हमला हो गया। हालांकि पुलिस की टीम डरी नहीं है और करीब 32 महिलाओं को गिरफ्तार किया है। इस डेरे में रहने वाले लोगों का आतंक दिल्ली से मुंबई तक है। देश के अलग-अलग शहरों इनका आतंक रहा है। पीट गई भोपाल पुलिस दरअसल, ईरानी डेरे में रहने वाले कुख्यात अपराधियों को पकड़ने के लिए गई थी। 40 गाड़ियों में करीब 150 जवानों की टीम गई थी। पुलिस की टीम जब ईरानी डेरे में घुसी तो उस समय भोपाल का तापमान करीब 4 डिग्री सेल्सियस था। पुलिस के पहुंचने की भनक लगते ही डेरे की महिलाएं जाग गईं और पुलिस पर हमला बोल दिया। इसके बाद स्थिति बिगड़ने लगी। पुलिस ने मुंहतोड़ जवाब देते हुए, उनसे डरी नहीं। डेरे से करीब 32 लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें 10 महिलाएं भी शामिल हैं। दिल्ली से मुंबई तक है इनका खौफ ईरानी डेरे में रहने वाले अधिकांश लोग अपराध में शामिल रहते हैं। दिल्ली से लेकर मुंबई तक की पुलिस को इनकी तलाश है। अलग-अलग शहरों में जाकर ये लूट की वारदात को अंजाम देते हैं। डेरे में कुछ नामी बदमाश भी रहते हैं। समय के हिसाब से अलग-अलग रूप धारण कर ईरानी डेरे के लोग ठगी भी करते हैं। सीबीआई अफसर से लेकर पत्रकार तक बन जाते वहीं, ईरानी डेरे के लोगों को फर्जी अफसर बनने में भी महारत हासिल है। ये लोग सीबीआई के नकली अफसर बनकर भी लोगों को डराते हैं। उनसे रुपए लूट लेते हैं। यही नहीं, लोगों को डराने के लिए डेरे के लोग पत्रकार भी बनते थे। छापेमारी के दौरान इनके पास से चैनल की आईडी भी मिली है। पत्रकार बनकर ये पुलिस और लोगों को चकमा देते थे। हिस्ट्रीशीटर बदमाश को पकड़ने का था लक्ष्य भोपाल पुलिस मुख्य रूप से एक हिस्ट्रीशीटर बदमाश को पकड़ने के लिए पूरी योजना बनाकर पहुंची थी। पुलिस ने छापेमारी में आरोपियों के ठिकानों से एक नकली पिस्तौल, 21 दोपहिया वाहन और 51 मोबाइल फोन बरामद किए हैं।  हिस्ट्रीशीटर बदमाश राजू ईरानी को पकड़ने गई थी पुलिस डीपीसी जोन-4 मयूर खंडेलवाल ने बताया कि नकली पुलिस बनकर अमन कॉलोनी के कुछ बदमाशों द्वारा भोपाल के ग्रामीण क्षेत्र सहित आसपास के जिलों में कुछ लोगों को ठगने की शिकायतें मिल रही थीं। इसी आधार पर पुलिस ने कार्रवाई की है। पकड़ा गया गिरोह मुख्य रूप से बड़े शहरों में बड़ी चोरियां, भोपाल और आसपास के जिलों में मोबाइल और चेन लूट की वारदातों को अंजाम देता है। रविवार सुबह हिस्ट्रीशीटर बदमाश राजू ईरानी को पकड़ने गई थी। डेढ़ सौ से ज्यादा पुलिसकर्मियों ने घरों की तलाशी लेनी चाही तो महिलाओं ने विरोध शुरू कर दिया। वे पुलिसकर्मियों के सामने खड़ी हो गईं। जल्द ही पुरुष भी प्रदर्शन में शामिल होकर हंगामा करने लगे। महिला पुलिसकर्मियों सहित जवानों से खींचातानी करने लगे। तलाशी अभियान के दौरान बदमाश काला ईरानी के घर से एक नकली पिस्तौल मिली। काला ईरानी नकली पुलिस बनकर कई लोगों को ठग चुका है। हालांकि ठगी का शिकार अधिकांश लोगों ने प्रकरण दर्ज नहीं कराया।  दिल्ली पुलिस ने मुठभेड़ के बाद दो बदमाशों को पकड़ा था इसी साल जुलाई महीने में दिल्ली पुलिस ने अमन कॉलोनी निवासी ईरानी गैंग के दो सदस्यों- मुर्तजा अली उर्फ दमार (38) और सिराज अली (40) को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया था। पुलिस को उनके दिल्ली में छिपे होने की सूचना मिली थी, जिसके आधार पर इंद्रप्रस्थ पार्क के पास रात में घेराबंदी की गई। पुलिस को देखते ही आरोपियों ने फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में दोनों आरोपी गोली लगने से घायल हो गए थे। जांच में सामने आया कि दोनों के खिलाफ देश के कई राज्यों में हत्या के प्रयास, लूट, चोरी और ठगी जैसे संगीन अपराध दर्ज हैं। वे कई मामलों में फरार चल रहे थे। दिल्ली पुलिस ने दोनों के खिलाफ नया केस दर्ज किया था। अमेरिका और ईरान की करेंसी मिली अपराधी इतने खूंखार हैं कि इन्हें किसी दूसरे शहर में भी लूट करने से डर नहीं लगता है। छापेमारी के दौरान इनके घरों से अमेरिकी और ईरानी की करेंसी मिली है। कयास लगाए जा रहे हैं कि विदेशी करेंसी लूट के ही हैं। विदेशों में बेचते हैं लूट के सामान जांच के दौरान यह बात सामने आई है कि ईराने डेरे का नेटवर्क विदेशों में भी फैला है। ये लोग लूट के फोन विदेशों में भी बेचते थे। जांच में यह बात सामने आई है कि लूट के मोबाइल दुबई में बेचते थे। लूट के फोन पहले मुंबई भेजते थे। इसके बाद वहां से दुबई जाता था। अपराधियों का घर है ईरानी डेरा दरअसल, ईरानी डेरा भोपाल के बाहरी इलाके में बसा हुआ है। इनकी बस्ती इतनी सघन है कि बाहरी लोगों का घुसना मुश्किल है। इसी का फायदा उठाकर अपराधी यहां शरण लेते हैं। इन अपराधियों के लिए महिलाएं शिल्ड का काम करती हैं। पुलिस जब आती है तो पहले महिलाओं से उनका सामना होता है। बताया जाता है कि देश भर से अपराध करने के बाद अपराधी यहीं शरण लेने आते हैं। भोपाल के निशातपुरा और … Read more

मध्यप्रदेश के 22 शहरों में पारा 10 डिग्री से नीचे, मंदसौर में सबसे कम 2.9 डिग्री, ट्रेनें देरी से चल रही हैं

भोपाल  मध्य प्रदेश में सर्दी का सितम लगातार बढ़ता जा रहा है। प्रदेश कड़ाके की ठंड और घने कोहरे की चपेट में है। राजधानी भोपाल में न्यूनतम तापमान गिरकर 4.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि मंदसौर सबसे ठंडा जिला रहा, जहां पारा 2.5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। मौसम विभाग के अनुसार, हिमालय क्षेत्र में हो रही बर्फबारी का सीधा असर मध्य प्रदेश के मौसम पर पड़ रहा है। उत्तर से आ रही ठंडी हवाओं के कारण प्रदेश के कई हिस्सों में कोल्ड वेव की स्थिति बनी हुई है। भोपाल, इंदौर, रीवा समेत कई जिलों में सुबह और रात के समय जबरदस्त ठंड महसूस की जा रही है।  मंदसौर सबसे ठंडा, भोपाल में 4.6 डिग्री तक लुढ़का पारा प्रदेश में बीती रात सबसे कम तापमान मंदसौर में 2.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके अलावा शाजापुर में 3.1 डिग्री, राजगढ़ में 3.8 डिग्री और पचमढ़ी में 4.8 डिग्री रहा। भोपाल में न्यूनतम तापमान 4.6 डिग्री तक गिर गया, जो सामान्य से काफी नीचे है। ग्वालियर, इंदौर सहित करीब 30 शहरों में पारा 10 डिग्री से कम रहा। कोहरे का कहर, रेल यातायात प्रभावित सुबह घने कोहरे ने दृश्यता बेहद कम कर दी, जिससे दिल्ली से भोपाल, इंदौर और उज्जैन आने वाली कई ट्रेनें देरी से चलीं। मालवा एक्सप्रेस, शताब्दी और अन्य प्रमुख ट्रेनों की समय-सारिणी बिगड़ गई। यात्रियों को ठंड के साथ लंबे इंतजार की मार झेलनी पड़ी। उत्तरी जिलों जैसे ग्वालियर-चंबल और बुंदेलखंड में कोहरा सबसे घना रहा।  शीतलहर का अलर्ट, सर्द हवाएं तेज मौसम विभाग ने भोपाल, सीहोर, राजगढ़, इंदौर, शाजापुर, मंदसौर सहित कई जिलों में कोल्ड वेव का अलर्ट जारी किया है। ऊंचाई पर तेज जेट स्ट्रीम के कारण सर्द हवाएं चल रही हैं, जिससे दिन में धूप निकलने के बावजूद ठंडक बनी हुई है।  पश्चिमी विक्षोभ से और बढ़ेगी ठंड मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, 30 दिसंबर के आसपास पश्चिमी हिमालय में नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो सकता है, जिसका असर मध्यप्रदेश तक पहुंचेगा। जेट स्ट्रीम की तेज रफ्तार ठंड को और गहरा कर रही है, आने वाले दिनों में तापमान में और गिरावट संभव है। लोगों के लिए सलाह विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि सुबह-शाम बाहर निकलते समय गर्म कपड़े पहनें, कोहरे में वाहन चलाते समय सावधानी बरतें और बुजर्गों-बच्चों का विशेष ध्यान रखें। ठंड से बचाव के लिए गरम पेय और हीटर का इस्तेमाल करें। प्रदेश के ग्वालियर-चंबल और रीवा संभाग में घना कोहरा छाया रहा, जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ। कई इलाकों में दृश्यता बेहद कम होने के कारण यातायात भी प्रभावित हुआ है। कोहरे की वजह से कई ट्रेनें 4 से 5 घंटे की देरी से चल रही हैं। मौसम विभाग ने बताया कि ऊपरी वायुमंडल में जेट स्ट्रीम की रफ्तार 213 किमी प्रति घंटा तक पहुंच गई है, जिससे ठंडी हवाएं और तेज हो गई हैं। विभाग ने अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि आने वाले कुछ दिनों तक ठंड और कोहरे से राहत मिलने के आसार नहीं हैं। विशेषज्ञों ने लोगों को सुबह-शाम अनावश्यक बाहर निकलने से बचने, गर्म कपड़े पहनने और बुजुर्गों व बच्चों का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी है। नवंबर-दिसंबर में रिकॉर्ड तोड़ चुकी है सर्दी इस बार नवंबर के बाद दिसंबर में भी सर्दी रिकॉर्ड तोड़ चुकी है। नवंबर में भोपाल में लगातार 15 दिन तक शीतलहर चली। रिकॉर्ड के अनुसार, साल 1931 के बाद शीतलहर के यह सबसे ज्यादा दिन है। दूसरी ओर, 17 नवंबर की रात में पारा 5.2 डिग्री तक पहुंच गया, जो ओवरऑल रिकॉर्ड भी रहा। इससे पहले 30 नवंबर 1941 में तापमान 6.1 डिग्री रहा था। इंदौर में भी पारा 6.4 डिग्री ही रहा। यहां भी सीजन की सबसे सर्द रात रही। 25 साल में पहली बार पारा इतना लुढ़का। दूसरी ओर, दिसंबर में इंदौर में पारा सबसे कम रहा। भोपाल में भी यह 5 डिग्री से नीचे पहुंच चुका है। ठंड के लिए दिसंबर-जनवरी खास मौसम विभाग के अनुसार, जिस तरह मानसून के चार महीने (जून, जुलाई, अगस्त और सितंबर) में से दो महीने जुलाई-अगस्त महत्वपूर्ण रहते हैं और इन्हीं में 60 प्रतिशत या इससे अधिक बारिश हो जाती है, ठीक उसी तरह दिसंबर और जनवरी में कड़ाके की ठंड पड़ती है। इन्हीं दो महीने में प्रदेश में उत्तर भारत से सर्द हवाएं ज्यादा आती हैं। इसलिए टेम्प्रेचर में अच्छी-खासी गिरावट आती है। सर्द हवाएं भी चलती हैं। पिछले 10 साल के आंकड़े यही ट्रेंड बताते हैं। वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) के एक्टिव होने से दिसंबर में मावठा भी गिरता है। इससे दिन में भी सर्दी का असर बढ़ जाता है। अब जानिए दिसंबर में कैसी रहती है ठंड? मौसम का ट्रेंड देखें तो दिसंबर में स्ट्रॉन्ग वेस्टर्न डिस्टरबेंस आते हैं। वहीं, उत्तरी हवाएं आने से दिन-रात के तापमान में गिरावट होती है। इस बार भी यही हो रहा है। शुरुआत से अब तक कई वेस्टर्न डिस्टरबेंस उत्तर भारत को प्रभावित कर चुके हैं। इस वजह से एमपी में कड़ाके की ठंड के साथ शीतलहर का असर है। इन जिलों में सबसे ज्यादा सर्दी     ग्वालियर, चंबल और उज्जैन संभाग के सभी जिलों में कड़ाके की ठंड पड़ रही है। यहां बर्फीली हवाएं सीधे आ रही हैं। कोहरे का असर भी इन जिलों में ज्यादा देखा जा रहा है। सागर और रीवा संभाग भी प्रभावित है।     भोपाल संभाग के सीहोर, रायसेन, राजगढ़ और विदिशा में ठंड का जोर है। राजगढ़ में पारा 4 डिग्री तक पहुंच चुका है।     सागर संभाग के निवाड़ी, छतरपुर, टीकमगढ़-पन्ना, रीवा संभाग के मऊगंज, सीधी-सिंगरौली में तेज ठंड है।     जबलपुर संभाग के मंडला-डिंडौरी, इंदौर संभाग के इंदौर, धार और झाबुआ में कड़ाके की ठंड पड़ रही है। उत्तर भारत में शीतलहर-कोहरे का कहर, नए साल पर कैसा रहेगा मौसम? श्चिमी विक्षोभ की सक्रियता से पूरा उत्तर भारत घने कोहरे और शीतलहर की चपेट में है। रविवार को दिल्ली और आसपास के इलाकों में कोहरे के कारण सड़कों पर वाहन रेंगते दिखे। रेल और वायु यातायात पर बहुत बुरा असर पड़ा। लंबी दूरी की ट्रेनें घंटों विलंब से चल रही हैं। विमानों का परिचालन भी प्रभावित हुआ। मौसम विभाग का अनुमान है कि 31 दिसंबर तक मौसम का रुख लगातार सर्द होगा जबकि नए साल के पहले … Read more

CM मोहन का सामूहिक विवाह पर बयान: 251 नवदंपतियों को आशीर्वाद देते हुए कहा- पारिवारिक बोझ घटता है

इंदौर  इंदौर के सांवेर क्षेत्र स्थित क्षिप्रा की बूढ़ी बरलाई में आयोजित 251 जोड़ों के सामूहिक विवाह सम्मेलन में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शामिल हुए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सभी 251 नवदंपतियों को आशीर्वाद प्रदान किया और उनके सुखद, समृद्ध वैवाहिक जीवन की कामना की। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सामूहिक विवाह जैसे आयोजन समाज को एकजुट करने और सामाजिक समरसता को मजबूत करने का माध्यम हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों से परिवारों पर पड़ने वाला आर्थिक बोझ कम होता है और सभी वर्गों को समान अवसर मिलता है। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में अपने पुत्र के सामूहिक विवाह समारोह का भी उल्लेख किया और बताया कि उन्होंने स्वयं इस परंपरा को अपनाकर समाज को सकारात्मक संदेश देने का प्रयास किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सामूहिक विवाह समारोह न केवल सादगी और संस्कारों को बढ़ावा देते हैं, बल्कि सामाजिक कुरीतियों को दूर करने में भी सहायक होते हैं। उन्होंने आयोजकों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन समाज के लिए प्रेरणादायी हैं और भविष्य में भी इन्हें प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। इस अनूठे आयोजन में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, सामाजिक संगठन और स्थानीय लोग मौजूद रहे। पूरे कार्यक्रम के दौरान उल्लास और उत्सव का माहौल बना रहा, जहां नवविवाहित जोड़ों को समाज और सरकार दोनों का सहयोग व आशीर्वाद मिला। 

एमपी को मिली आधुनिक मेट्रो ट्रेन की सौगात, इंदौर-उज्जैन के बीच वंदे भारत मेट्रो शुरू, सफर सिर्फ 40 मिनट

इंदौर सिंहस्थ 2028 से पहले इंदौर-उज्जैन के बीच 160 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से वंदे भारत मेट्रो दौड़ने लगेगी। यह ट्रेन वर्तमान पटरियों पर ही दौड़ेगी। इसके लिए अलग से ट्रेक बिछाने की आवश्यकता नहीं होगी। वंदे भारत मेट्रो शटल सेवा के रूप में चलेगी। रेलवे पहले ही इस ट्रैक पर 180 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से सफल ट्रायल कर चुका है, इसलिए 160 किमी घंटे की रफ्तार से वंदे भारत मेट्रो दौड़ाने में रेलवे को कोई दिक्कत नहीं होगी। सांसद शंकर लालवानी ने बताया कि उन्होंने इंदौर-उज्जैन के बीच वंदे भारत मेट्रो को लेकर रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से चर्चा की है। रेल मंत्री ने सिंहस्थ 2028 से पहले इंदौर-उज्जैन के बीच वंदे भारत मेट्रो चलाने का आश्वासन दिया है। रेलवे ने इस पर काम शुरू कर भी दिया है। वंदे भारत मेट्रो में 12 कोच होंगे और ये पूरी तरह से एयर कंडिशनर (एसी) होंगे।   40 मिनट में हो सकेगा सफर लालवानी ने बताया कि इंदौर से उज्जैन के बीच वंदे भारत मेट्रो का सफर 40 मिनट का होगा। इस ट्रेन में तीन हजार से ज्यादा यात्री एक बार में सफर कर सकेंगे। इन कोच में 1100 से अधिक यात्रियों के बैठने की क्षमता रहेगी, जबकि दो हजार के लगभग यात्री खड़े होकर सफर कर सकेंगे। चूंकि वंदे भारत मेट्रो के लिए अलग से ट्रैक नहीं बिछाना है इसलिए यह योजना आसानी से तय समय पर मूर्त रूप ले लेगी। इसके लिए कोच तैयार करने का काम शुरू हो भी गया है। यूपी, गुजरात में पहले से चल रही हैं वंदे भारत मेट्रो लालवानी ने बताया कि सिंहस्थ 2028 में यात्रियों का दबाव बढ़ना तय है। यही वजह है कि हमने अभी से व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। इंदौर, उज्जैन और आसपास के स्टेशनों से 300 से अधिक ट्रेनें संचालित की जाएंगी। इंदौर-उज्जैन के बीच वंदे भारत मेट्रो शटल सेवा शुरू होने का फायदा सिंहस्थ में आने वालों को मिलेगा।

भोपाल के यात्रियों को बड़ी राहत, विदिशा स्टेशन से नई ठहराव सेवा का शुभारंभ

भोपाल राजधानी और उसके आसपास के यात्रियों के लिए खुशखबरी है। रेल मंत्रालय की पहल के तहत विदिशा, सांची और दीवानगंज स्टेशनों पर नई ट्रेनों का प्रायोगिक ठहराव शुरू किया गया है, जिससे क्षेत्रीय यात्रियों को यात्रा में सुविधाओं और समय की बचत दोनों मिलेगी। लंबी दूरी की यात्रा में आसानी माननीय केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने रविवार को विदिशा रेलवे स्टेशन पर इस ठहराव सेवा का शुभारंभ किया। यात्रियों की लंबे समय से यह मांग थी कि प्रमुख ट्रेनों का ठहराव इन स्टेशनों पर हो, ताकि उन्हें लंबी दूरी की यात्रा में आसानी हो और यात्रा का अनुभव और सुविधाजनक बने। अब यशवंतपुर-नई दिल्ली संपर्क क्रांति एक्सप्रेस, चेन्नई- श्री वैष्णो देवी कटरा एक्सप्रेस और बिलासपुर-भोपाल एक्सप्रेस जैसी प्रमुख ट्रेनों का ठहराव इन स्टेशनों पर सुनिश्चित किया गया है।   इस अवसर पर विदिशा, सांची और कुरवाई के स्थानीय विधायक एवं नगर पालिका अध्यक्ष उपस्थित रहे। इस ठहराव सुविधा से न केवल यात्री आवागमन में सुविधाजनक होंगे, बल्कि क्षेत्र का सामाजिक, आर्थिक और औद्योगिक विकास भी गति पाएगा। भोपाल और आसपास के यात्रियों के लिए यह कदम यात्रा अनुभव को सरल, सुरक्षित और समयबद्ध बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।

हुड़दंगियों पर सख्ती: नए साल के जश्न में भोपाल पुलिस का ‘प्लान 31’, ड्रोन से होगी निगरानी

भोपाल नए साल के स्वागत के लिए अगर आप किसी गोपनीय फार्म हाउस पार्टी या बिना अनुमति वाले जश्न की योजना बना रहे हैं, तो सावधान हो जाइए। भोपाल पुलिस ने ''न्यू ईयर ईव'' के लिए एक ऐसा चक्रव्यूह तैयार किया है जिसे तोड़ना हुड़दंगियों और नियम तोड़ने वालों के लिए मुमकिन नहीं होगा। भोपाल पुलिस ने इसे प्लान 31 नाम दिया है। पार्टियों पर ड्रोन से नजर रखने की तैयारी कर ली गई है। जानकारी के मुताबिक न्यू ईयर सेलिब्रेशन के दौरान ड्रग्स, अवैध शराब और तेज आवाज में होने वाली पार्टियों पर सख्त निगरानी रखी जाएगी। कोलार रोड, रातीबड़, मिसरोद, एयरपोर्ट रोड, नर्मदापुरम रोड सहित शहर के बाहरी इलाकों में चेकिंग प्वाइंट बनाए गए हैं।जिसमें करीब 22 प्वाइंट लगाए जाएगे।जिन पर थाना क्षेत्र के चुनिंदा पुलिस कर्मी निगरानी करेंगे। इंटरनेट मीडिया पर निगरानी क्राइम ब्रांच और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीमें इंटरनेट मीडिया के अलग अलग- माध्यमों से अलग अलग ग्रुप पर नजर रखी जा रही है। बिना अनुमति के आयोजित होने वाली पार्टियों की जानकारी मिलते ही तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। होटल, क्लब और ढाबा संचालकों को भी स्पष्ट हिदायत दी गई है कि नियमों का उल्लंघन होने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।पुलिस अधिकारियों का कहना है कि न्यू ईयर की रात शहर में अतिरिक्त बल तैनात रहेगा, पेट्रोलिंग बढ़ाई जाएगी और संदिग्ध गतिविधियों पर तुरंत एक्शन लिया जाएगा। उद्देश्य साफ है।नया साल सुरक्षित और शांतिपूर्ण माहौल में मनाया जाए। ड्रग्स पेडलर पर नजर क्राइम ब्रांच की टीमों की इस पर ड्रग्स पेडलर पर नजर रखेगी।जो किसी भी तरह से इन पार्टियों में मादक पदार्थ पहुंचाने की कोशिश करेंगे। इसके लिए क्राइम ब्रांच ने अपनी तैयारियों पूरी कर ली है और अलग – अलग क्षेत्रों में अपने मुखबिरों को अलर्ट कर दिया गया है। नए साल को लेकर पुलिस की तैयारियां है, शराब पीकर वाहन चलाने वालों पर कार्रवाई होगी।पार्टियों पर अलग – अलग तरह से निगरानी रखी जा रही है। – हरिनारायणाचारी मिश्र, पुलिस कमिश्नर, भोपाल

नियमों की अनदेखी कर आउटसोर्स भर्ती? MP की व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल

भोपाल स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के तहत वित्तीय वर्ष 2024–25 एवं 2025–26 में प्रदेश के शासकीय अस्पतालों में कुल 18,653 पदों पर आउटसोर्स के माध्यम से नियुक्तियां की जानी हैं। इन नियुक्तियों को लेकर अब गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। नियमों का खुलेआम उल्लंघन आरोप है कि निजी एजेंसियों के जरिए की जा रही भर्तियों में नियमों का खुलेआम उल्लंघन किया जा रहा है और धनबल के सहारे प्रक्रियाओं को प्रभावित किया जा रहा है। मप्र संविदा आउटसोर्स स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष कोमल सिंह ने बताया कि कई स्थानों पर तय मापदंडों और पारदर्शी चयन प्रक्रिया को नजरअंदाज कर नियुक्तियां की जा रही हैं। योग्य उम्मीदवारों को अवसर नहीं इससे योग्य उम्मीदवारों को अवसर नहीं मिल पा रहा है और पूरी व्यवस्था पर सवालिया निशान लग रहे हैं। यदि इन नियुक्तियों की निष्पक्ष जांच नहीं हुई तो यह लोकतांत्रिक व्यवस्था के साथ गंभीर खिलवाड़ होगा। मौजूदा व्यवस्था में पूंजी और प्रभावशाली लोगों को लाभ पहुंचाया जा रहा है, जबकि आम युवाओं और जरूरतमंद अभ्यर्थियों को दरकिनार किया जा रहा है।