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मध्य प्रदेश सरकार ने केंद्र की जनहित योजनाओं को पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाने में की महत्वपूर्ण भूमिका: सुरेश पचौरी

भोपाल  प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी के नेतृत्‍व में देश में विकास की जो गंगा प्रवाहित हो रही है उससे मध्‍यप्रदेश भी अछूता नहीं है। श्री नरेन्‍द्र मोदी जी के मार्गदर्शन में संचालित केन्‍द्रीय योजनाओं का मध्‍यप्रदेश को भरपूर लाभ मिल रहा है। केन्‍द्र सरकार की महत्‍वपूर्ण जनहितैषी योजनाओं के क्रियान्‍वयन से उनका लाभ पात्र हितग्राहियों को दिलाने में मध्‍यप्रदेश देश में लगातार अग्रणी बना हुआ है। जैसे प्रधानमंत्री किसान सम्‍मान निधि, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी व ग्रामीण) आयुष्‍मान भारत योजना आदि। विगत 2 वर्षों की महत्‍वपूर्ण उपलब्धियों की बात की जाए तो मध्‍यप्रदेश में भारत सरकार की प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के अंतर्गत 11 लाख 46 हजार आवास से मध्‍यप्रदेश देश में प्रथम रहा। प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी के तहत 8 लाख 64 हजार आवासों का कार्य पूर्ण हो चुका है। गरीब बंदी सहायता योजना का क्रियान्‍वयन करने वाला प्रथम राज्‍य बना है। प्रदेश में 80 लाख 52 हजार घरों तक नल कनेक्‍शन दिए गए। प्रधानमंत्री किसान सम्‍मान निधि योजना के अंतर्गत मध्‍यप्रदेश में लगभग 85 लाख से अधिक हितग्राहियों को कुल 8 हजार 690 करोड़ से अधिक का लाभ प्रदान किया गया। प्रदेश के 82 लाख से अधिक किसानों को किसान सम्‍मान निधि की 1671.00 करोड़ रुपए की राशि का भुगतान किया गया है। आयुष्‍मान निरामयम भारत योजनांतर्गत 3 लाख एक हजार 496 परिवारों के सदस्‍यों को चिकित्‍सा सहायता प्रदान की गई। राज्‍य में मातृ शक्ति को मजबूत बनाने के लिए कई कदम उठाये गए हैं। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना में 9.70 लाख गर्भवती महिलाओं का 512 करोड़ रुपए से अधिक की सहायता उपलब्‍ध कराई गई। मध्‍यप्रदेश में निवेश भोपाल में पिछले दिनों ग्‍लोबल इन्‍वेस्‍टर्स समिट की सफलता ने पूरे देश का ध्‍यान आकर्षित किया। इसके उद्धाटन के अवसर पर प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी और समापन अवसर पर केन्‍द्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने मध्‍यप्रदेश को देश का अग्रणी विकसित राज्‍य बनाने के मुख्‍यमंत्री के अथक् परिश्रम और दृढ इच्‍छाशक्ति की प्रशंसा की। प्रदेश के औद्योगिक विकास की दिशा में राज्‍य सरकार द्वारा निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्‍साहन अंतर्गत अब तक 8.57 लाख करोड़ रुपए के निवेश प्रस्‍ताव धरातल पर आ चुके हैं। इसके अलावा मुख्‍यमंत्री कन्‍या विवाह/निकाह सहायता योजनांतर्गत 1 लाख 52 हजार 353 हितग्राहियों को सहायता राशि रुपए 83844.39 लाख दी गई। सिंहस्‍थ – उज्‍जैन मध्‍यप्रदेश सरकार के सामने आने वाले दिनों में उज्‍जैन में होने वाले सिंहस्‍थ पर्व को सुसम्‍पन्‍न कराने की एक बड़ी चुनौती है। इस धार्मिक समागम में देश विदेश से करोड़ों श्रद्धालु भाग लेते हैं। इसे निर्विघ्‍न व गरिमापूर्ण तरीके से संपन्‍न कराने के लिए राज्‍य सरकार ने कमर कस ली है। मुख्‍यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश की बागडोर संभालते ही शासन-प्रशासन के अधिकारियों को सिंहस्‍थ महापर्व की तैयारियां करने के निर्देश दे दिए थे, ताकि सारे काम समय पर पूरे हो जाएं। इसके लिए यथासमय बजट का आवंटन किया गया। वर्ष 2025-26 में सिंहस्‍थ 2028 के लिए 67 आवासीय भवन के निर्माण की स्‍वीकृति प्रदान की गई। सिंहस्‍थ के अवसर पर दुनिया भर से उज्‍जैन आने वाले श्रद्धा‍लुओं तथा तीर्थयात्रियों को किसी तरह की तकलीफ न होने पाए, इसके लिए युद्ध स्‍तर पर तैयारियां चल रही है। प्रदेश की सांस्‍कृतिक, ऐतिहासिक तथा धार्मिक पहचान रखने वाले प्रमुख स्‍थानों के साथ ही पर्यटन स्‍थलों को विकसित किया जा रहा है। प्रदेश के चित्रकूट, उज्‍जैन, ओंकारेश्‍वर, महेश्‍वर, ओरछा, मैहर आदि स्‍थानों को उनके प्राचीन गौरव, वैभव और गरिमा के अनुसार सजाया-संवारा जा रहा है। मध्‍यप्रदेश में द्रुत गति से विकास के काम जारी हैं। श्रीराम वन गमन पथ श्रीराम के कर्तव्‍य पालन और राष्‍ट्र निर्माण का समर्पण संपूर्ण भारत को एक सूत्र में बांधने का आधार देगा। साथ ही राज्‍य शासन द्वारा उन सभी स्‍थानों को तीर्थ के रूप में विकसित किया गया है, जहाँ श्रीकृष्‍ण के स्‍मृति चिन्‍ह विराजमान हैं। मध्‍यप्रदेश में नक्‍सल समस्‍या मध्‍यप्रदेश में नक्‍सल मोर्चे पर सबसे बड़ी कामयाबी दर्ज की गई है। मध्‍यप्रदेश में 2.36 करोड़ रुपए के इनामी 10 हार्डकोर नक्‍सलियों ने एके-47 समेत आई.एन.एस.ए.एस. राइफल, एस.एल.आर. और सिंगल शॉट गन जैसे घातक हथियारों के साथ मुख्‍यमंत्री डॉ. मोहन यादव के सामने सरेंडर किया है। नि:संदेह, मुख्‍यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्‍व में मध्‍यप्रदेश सरकार प्रदेशवासियों के हितों के मद्देनजर तमाम लोककल्‍याणकारी योजनाओं के माध्‍यम से निष्‍ठापूर्वक राजधर्म निभा रही है तथा एक लोकप्रिय सरकार बनने की दिशा में निरंतर कदम बढ़ा रही है। भौगोलिक दृष्टि से देश के इस बड़े राज्‍य के सामने जहां तमाम चुनौतियां हैं, वहीं जनता की अनगिनत अपेक्षाएं भी हैं। सरकार चुनौतियों से भी निपट रही है और जनापेक्षाओं को भी पूरा कर रही है। विकास सतत् चलने वाली प्रक्रिया है और आशा की जानी चाहिए कि देश के यशस्‍वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्‍यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्‍व में मध्‍यप्रदेश सरकार विकास के रथ को रुकने नहीं देगी। मध्‍यप्रदेश सरकार के उपलब्धियों भरे 2 वर्ष पूरे होने के अवसर यशस्‍वी मुख्‍यमंत्री डॉ. मोहन यादव और उनके मंत्रिमंडल के ऊर्जावान सहयोगियों, राज्‍य की प्रशासनिक टीम तथा प्रदेश की जागरूक जनता को हार्दिक बधाई।

मध्यप्रदेश ने नक्सलवाद से मुक्ति पाई, सीएम मोहन यादव ने बीजेपी सरकार के दो साल पूरे होने से पहले किया ऐलान

भोपाल  मध्य प्रदेश देश का पहला नक्सल मुक्त राज्य बन गया है. ये घोषणा खुद मुख्यमंत्री मोहन यादव ने की है. खास बात ये है कि मध्य प्रदेश सरकार ने ये उपलब्धि निर्धारित समय से पहले ही हासिल कर ली है.  मध्य प्रदेश के नक्सल प्रभावित क्षेत्र बालाघाट में 11 दिसंबर को आखिरी दो नक्सलियों ने सरेंडर कर दिया. दीपक उइके और रोहित ने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव की वर्चुअल मौजूदगी में सरेंडर किया – और इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने मध्य प्रदेश पूरी तरह नक्सल मुक्त घोषित कर दिया. ये भी संयोग है कि 13 दिसंबर को मोहन यादव की सरकार के दो साल पूरे होने जा रहे हैं, और दो दिन पहले ही ये उपलब्धि हासिल हुई है. देश के पहले नक्सल मुक्त राज्य बनने की कहानी मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सूबे को नक्सल मुक्त बनाने के लिए 26 जनवरी की तारीख तय कर रखी थी, लेकिन लक्ष्य करीब डेढ़ महीने पहले ही हासिल हो गया.  मोहन यादव को ये मौका बीजेपी की नई सरकार के दो साल पूरे होने से पहले ही मिल गया. दो साल के शासन की ये सबसे बड़ी उपलब्धि मिल गई है.  केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने देश को 2026 में नक्सलमुक्त बनाने का लक्ष्य पहले ही निर्धारित कर रखा है. और, इसके लिए मार्च तक का लक्ष्य रखा है – मध्य प्रदेश ने इस मामले में पहले ही बाजी मार ली है.  मुख्यमंत्री मोहन यादव के मुताबिक, MMC जोन में बीते 42 दिनों में 42 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है. मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ को नक्सल प्रभावित इलाकों की MMC जोन कैटेगरी में रखा गया है.  मोहन यादव ने बताया कि आत्मसमर्पण करने वाले 42 नक्सलियों पर कुल 7.75 करोड़ रुपये का इनाम रखा गया था. और, 2025 में अकेले मध्य प्रदेश में, राज्य की पुलिस ने 13 नक्सलियों को आत्मसमर्पण कराया, जबकि 10 एनकाउंटर में मारे गए.  मध्य प्रदेश के तीन जिले बालाघाट, डिंडोरी और मंडला नक्सल प्रभावित थे, जो दीपक उइके और रोहित के सरेंडर के बाद पूरी तरह नक्सलमुक्त हो चुके हैं.  नक्सलियों के न भूलने वाले कारनामे बालाघाट मध्य प्रदेश का वो इलाका है जिसकी सीमा महाराष्ट्र के गोंदिया, और छत्तीसगढ़ के राजनंदगांव लगती है – और ये पूरा इलाका माओवादी हिंसा से बुरी तरह प्रभावित रहा है. मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बालाघाट की वो घटना भी याद दिलाई, जब मध्य प्रदेश सरकार में मंत्री रहे लखीराम कावरे की नक्सलियों ने घर में घुसकर उनको बाहर निकाला और बेरहमी से मौत के घात उतार डाला. ये 1999 की घटना है, जब मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह थे, और कांग्रेस की सरकार थी.   1. लखीराम कावरे बालाघाट के ही रहने वाले थे. वो अपने गांव में रहते थे दिग्विजय सिंह ने 1998 में जब दूसरी बार सरकार बनाई तो लखीराम कावरे को परिवहन मंत्री बनाया.  लखीराम कावरे गांव में अपने घर पर थे. अचानक ही माओवादियों ने उनका घर चारों तरफ से घेर लिया. लखीराम कावरे को घर से बाहर निकाला और वहीं कुल्हाड़ी से काट डाला – 15 दिसंबर, 1999 का दिन शायद ही कभी कोई भूल पाए.  2. छत्तीसगढ़ की भी नक्सल हमले की एक घटना कभी न भूलने वाली है. 2013 के आखिर में विधानसभा के लिए चुनाव होने थे, और कांग्रेस जोर शोर से तैयारी कर रही थी. बीजेपी की सरकार थी, और डॉक्टर रमन सिंह मुख्यमंत्री थे. तब कांग्रेस नेता बीजेपी सरकार के खिलाफ परिवर्तन रैली कर रहे थे.  25 मई, 2013 को सुकमा में कांग्रेस की परिवर्तन रैली थी. रैली खत्म होने के बाद कांग्रेस नेताओं का काफिला सुकमा से जगदलपुर जा रहा था. कांग्रेस नेताओं के काफिले में करीब 25 गाड़ियां थीं, और उनमें करीब 200 नेता सवार थे. शाम के 4 बज रहे थे, और कांग्रेस का काफिला झीरम घाटी से गुजर रहा था. रास्ते में पेड़ काटकर गिरा दिए गए थे. रास्ता बंद होने के कारण एक के पीछे एक सारी गाड़ियां रुक गईं, और इससे पहले कि किसी को कुछ समझ आ पाता, आस पास के पेड़ों के पीछे छिपे नक्सलियों ने ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी. हमलावरों ने सभी गाड़ियों को निशाना बनाया. करीब डेढ़ घंटे तक फायरिंग होती रही.  करीब साढ़े पांच बजे हमलावरों का एक जत्था मौके पर पहुंचकर चेक कर रहे थे कि कोई जिंदा तो नहीं बचा है. जो जिंदा बचे थे, उनको पकड़कर बंधक बना रहे थे, और जो जो मरे हुए समझ में आ रहे थे, उनको भी फिर से गोली मार रहे थे, और चाकू से भी वार कर रहे थे, ताकि जिंदा बचने की कोई गुंजाइश न रहे.  तभी महेंद्र कर्मा अपनी गाड़ी से नीचे उतरे, और बोले,  ‘मुझे बंधक बना लो, बाकियों को छोड़ दो.’ नक्स्लिी महेंद्र कर्मा को थोड़ी दूर तक ले गए, और उनको भी मार डाला. असल में, ‘सलवा जुडूम’ का नेतृत्व करने की वजह से नक्सली उन्हें अपना सबसे बड़ा दुश्मन मानते थे. महेंद्र कर्मा के शरीर पर नक्सलियों ने चाकू से 50 से ज्यादा वार किए थे, और करीब 100 गोलियां भी दागी थी – बताते हैं, हत्या के बाद नक्सलियों ने उनके शव पर चढ़कर डांस भी किया था. हमले में महेंद्र कर्मा, कांग्रेस नेता नंदकुमार पटेल और उनके बेटे दिनेश पटेल सहित 30 लोग मारे गए थे. घायलों में केंद्रीय मंत्री रहे वीसी शुक्ल भी घायल हुए थे.  सरेंडर कर चुके एक नक्सली की पुराने साथियों से अपील  नक्सलियों को सबसे बड़ा झटका लगा है हिडमा के मारे जाने के बाद. आंध्र प्रदेश में हुए एक मुठभेड़ में नक्सली कमांडर हिडमा की मौत के एक दिन बाद पूर्व नक्सली नेता मल्लोजुला वेणुगोपाल राव उर्फ ​​भूपति पुराने साथियों से एक बड़ी अपील की. मल्लोजुला वेणुगोपाल राव उर्फ ​​भूपति ने 15 अक्टूबर को ही 60 नक्सलियों के साथ सरेंडर किया था. भूपति की अपील का वीडियो गढ़चिरौली पुलिस की तरफ से जारी किया गया है.  भूपति ने प्रतिबंधित भाकपा (माओवादी) कैडर से सशस्त्र संघर्ष छोड़कर मुख्यधारा में शामिल होने की अपील की है. भूपति का कहना है, ‘यह बहुत चिंताजनक मसला है… मैं आपको बताना चाहता हूं… हमने लगभग डेढ़ महीने पहले सशस्त्र संघर्ष छोड़ दिया था… क्योंकि हमें एहसास हुआ कि बदलते हालात में … Read more

आगरा-ग्वालियर ग्रीन फील्ड एक्सप्रेसवे: 45 मिनट में तय होगा सफर, 85 किमी में तीन एंट्री और एग्जिट प्वाइंट

ग्वालियर  आगरा-ग्वालियर ग्रीन फील्ड एक्सप्रेसवे में आगरा से ग्वालियर के बीच 85 किलोमीटर के दायरे में तीन एंट्री और तीन एग्जिट प्वाइंट तय किए गए हैं। इस व्यवस्था से यातायात को सुगम बनाया जा सकेगा। इसका फायदा यह होगा कि ग्रीन फील्ड से ग्वालियर आने वाले वाहन 45 मिनट में पहुंच सकेंगे। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) ग्वालियर के प्रोजेक्ट डायरेक्टर उमाकांत मीणा ने बताया कि इस एक्सप्रेसवे का कार्य जल्द ही शुरू होगा। इस निर्माण के बाद आगरा से ग्वालियर 4 घंटे का सफर केवल 45 मिनट में पूरा हो सकेगा। उन्होंने बताया कि आगरा-ग्वालियर ग्रीन फील्ड एक्सप्रेसवे पर प्रवेश और बाहर निकलने के लिए तीन प्वाइंट नूराबाद-मालनपुर, धौलपुर राजाखेड़ा-आगरा और दिमनी पर बनेंगे। इसके अलावा एक्सप्रेसवे के किनारे कहीं भी स्थानीय ब्रिज भी नहीं होंगे। अधिकारियों ने बताया कि ग्रीन फील्ड एक्सप्रेसवे के चालू हो जाने से ग्वालियर तक पहुंचने में लगने वाले समय की बचत होगी और दुर्घटना की संभावना भी कम होगी।  ग्रीन फील्ड एक्सप्रेसवे ग्वालियर से निकलकर आगरा में यमुना एक्सप्रेसवे से कनेक्ट कर दिया जाएगा, ताकि ग्वालियर से दिल्ली-नोएडा जाने वाले वाहन दो घंटे 45 मिनट में यात्रा पूरी कर सकें। इसके एग्जिट व एंट्री प्वाइंट से पुराना ग्वालियर-आगरा राजमार्ग और ग्वालियर-इटावा राजमार्ग भी कनेक्ट हो जाएगा, ताकि वाहन चालकों को अपने गंतव्य के लिए असुविधा नहीं हो। 

तानसेन समारोह 2025 में 114 कलाकार करेंगे लाइव पेंटिंग, 10 राष्ट्रीय स्तर के चित्रकार भी भाग लेंगे

ग्वालियर  विश्वविख्यात अखिल भारतीय तानसेन समारोह की शुरुआत 15 दिसंबर से तानसेन समाधि स्थल पर होने जा रही है। इस दौरान चार दिन तक सजीव चित्रांकन भी रहेगा, जिसकी शुरुआत समारोह की शुरुआत के साथ 15 दिसंबर से ही होगी। इसमें देशभर से 114 कलाकार भाग लेंगे। वे समारोह के दौरान अपने कल्पना के रंगों को कैनवास पर उकेरते नजर आएंगे। इनमें राष्ट्रीय स्तर के ख्यातिलब्ध 10 कलाकार भी लाइव चित्रांकन करेंगे। ललित कला संस्थान इंदौर, ललित कला संस्थान धार, ललित कला संस्थान खंडवा और ललित कला संस्थान जबलपुर के छात्र-छात्राएं भी चित्र बनाते नजर जाएंगे। संस्कृति विभाग ने सजीव चित्रांकन के लिए कलाकारों की सूची जारी कर दी है। उल्लेखनीय है कि सजीव चित्रांकन का लुत्फ संगीतप्रेमी 18 दिसंबर तक समाधि स्थल पर सुबह 10 बजे से शाम छह बजे तक उठा सकेंगे। 19 दिसंबर को सुबह की सभा बेहट और शाम की सभा गूजरी महल में होगी। इसके पूर्व 14 दिसंबर को इंटक मैदान में पूर्व रंग गमक कार्यक्रम होगा, जिसमें सूफी गायिका जसपिंदर नरूला प्रस्तुति देंगी। पुणे से नवनाथ, मुंबई से सुमित्रा, कोल्हापुर से अरुण बनाएंगे पेंटिंग सजीव चित्रांकन में शहर के 30 कलाकारों को मौका दिया जा रहा है। साथ ही राजा मानसिंह तोमर संगीत एवं कला विश्वविद्यालय एवं ललित कला संस्थान ग्वालियर के 50 छात्र-छात्राएं, प्रदेश के ललित कला संस्था इंदौर, धार, खंडवा, जबलपुर से 24 कलाकार शामिल होंगे। इसके अलावा 10 राष्ट्रीय स्तर के कलाकार शामिल होंगे, जिनमें भोपाल से आलोक भावसार, पुणे से नवनाथ क्षीरसागर, कोल्हापुर से अरुण सुतार, जयपुर से कृष्ण कुमार कुंडारा, भुवनेश्वर से रघुनाथ साहू, भोपाल से दुर्गा बाई व्यास, दिल्ली से सुमित्रा अहलावत, मुंबई से निशिकांत पलांदे, उदयपुर से मदीप शर्मा, महाराष्ट्र से संदीप अहीर आएंगे। प्रदर्शनी में 76 कलाकारों की पेंटिंग का होगा प्रदर्शन समारोह के दौरान तानसेन समारोह की प्रस्तुतियों पर एकाग्र चित्रों की प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी, जिसमें 76 कलाकारों की पेंटिंग शामिल की गई हैं, जिन्हें डिस्प्ले किया जाएगा। संगीत रसिकों के अवलोकन के लिए यह सुबह 10 बजे से रात तक खुली रहेगी।

कौशल प्रशिक्षण को वैश्विक मानकों से जोड़ना हमारी प्राथमिकता – मंत्री टेटवाल

सिंगापुर प्रशिक्षण युवाओं के कॅरियर को नई दिशा देगा मंत्री श्री टेटवाल प्रतिमाह दो बार प्रदेश के आईटीआई के विद्यार्थियों से होंगे रूबरू शाला त्यागी बेटियों का कौशल प्रशिक्षण लेकर रोजगार से जुड़ने से महिला सशक्तिकरण को मिलेगा संबल नेशनल डेफ क्रिकेट टीम में आईटीआई के बच्चों के चयन पर मंत्री ने दी बधाई और शुभकामनाएं अंतरराष्ट्रीय प्रशिक्षण से संस्थानों की गुणवत्ता को नई ऊँचाई मिलेगी कौशल भारत और विकसित भारत में मध्यप्रदेश की भूमिका निर्णायक होगी कौशलम संवाद में मंत्री श्री टेटवाल से बात कर बच्चे हुए प्रोत्साहित भोपाल  कौशल विकास एवं रोजगार राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री गौतम टेटवाल ने कहा कि कौशलम् संवाद का उद्देश्य प्रदेश के विभिन्न प्रशिक्षण संस्थानों में अध्ययनरत विद्यार्थियों से सीधे जुड़कर उनके कौशल, प्रगति, अवसरों और उपलब्धियों को समझना है। उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार कौशल विकास को वैश्विक मानकों से जोड़ने के लिए निरंतर प्रयासरत है और विद्यार्थियों को देश-विदेश में प्रशिक्षण के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। संवाद के प्रथम चरण में बच्चों से उनकी यात्रा, चुनौतियों और सफलता के अनुभव सुनकर वे विशेष रूप से प्रसन्न और प्रोत्साहित हुए। मंत्री श्री टेटवाल ने सिंगापुर कौशल प्रशिक्षण के लिए चयनित विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि यह अवसर न केवल उनके करियर को नई दिशा देगा बल्कि वे लौटकर अपने संस्थानों और साथियों को भी उन्नत प्रशिक्षण में सहयोग करेंगे, जिससे विकसित मध्यप्रदेश और विकसित भारत के निर्माण को गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि सिंगापुर जाकर बच्चे जिस तरह उच्च तकनीक और कार्य-संस्कृति को सीखेंगे, वह कौशल भारत अभियान को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। मंत्री श्री टेटवाल ने संवाद के दौरान यह भी बताया कि प्रदेश में आईटीआई संस्थानों से निकलने वाले युवा अब बड़ी कंपनियों में कार्य कर रहे हैं, जो यह प्रमाणित करता है कि कौशल प्रशिक्षण का स्तर लगातार उच्च हो रहा है। संवाद में उन्होंने अंचल की उन शाला त्यागी बालिकाओं से बात की जिन्होंने आईटीआई में प्रवेश लिया, विभिन्न ट्रेडों में प्रशिक्षण प्राप्त किया और अब प्रतिष्ठित कंपनियों में कार्यरत हैं। मंत्री श्री टेटवाल ने कहा कि यह उदाहरण महिला सशक्तिकरण की दिशा में प्रदेश सरकार के प्रयासों की सफलता को दर्शाता है और यह देखकर संतोष होता है कि बेटियाँ लगातार नए अवसरों को अपनाकर आगे बढ़ रही हैं। डिवीजनल आईटीआई भोपाल के श्रवण बाधित विद्यार्थियों के साथ संवाद में मंत्री श्री टेटवाल ने उनके नेशनल डेफ क्रिकेट टीम में चयन पर शुभकामनाएँ दीं और कहा कि यह उपलब्धि सिद्ध करती है कि प्रतिभा किसी सीमा की मोहताज नहीं होती। उन्होंने बच्चों को बताया कि उनकी यह सफलता अन्य विद्यार्थियों के लिए प्रेरणादायक है और सरकार समावेशी कौशल प्रशिक्षण को और अधिक मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है। मंत्री श्री टेटवाल ने जर्मनी में विशेष तकनीकी प्रशिक्षण प्राप्त कर आने वाले पिपरिया आईटीआई के प्रशिक्षण अधिकारी श्री बलदेव शर्मा को बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि संस्थान की गुणवत्ता को नए स्तर पर ले जायेगी और इस प्रकार के अंतरराष्ट्रीय सहयोग से प्रदेश का कौशल ढांचा और अधिक सुदृढ़ होगा। इसी क्रम में उन्होंने आईटीआई खिलचीपुर के 42 प्रशिक्षणार्थियों के कैम्पस प्लेसमेंट पर बधाई दी। प्रशिक्षणार्थियों को देवास की वोल्वो आइशर कंपनी से नौकरी के ऑफर लेटर प्राप्त हुए हैं। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि प्रशिक्षण और उद्योगों के बीच सक्रिय सहयोग का परिणाम है। मंत्री श्री टेटवाल ने कहा कि सुदूर ग्रामीण अंचल के विद्यार्थी आईटीआई से निकलकर प्रतिष्ठित औद्योगिक संस्थानों में जॉब पाकर बेहतर उदाहरण प्रस्तुत कर रहे हैं, अपने क्षेत्र और प्रदेश का नाम भी रोशन कर रहे हैं। आईटीआई झाबुआ की 30 महिला प्रशिक्षणार्थियों को प्रतिभा सिंटेक्स लिमिटेड पीथमपुर में ऑन द जॉब ट्रेनिंग (OJT) मिलने पर उन्होंने कहा कि यह अवसर न केवल इन बालिकाओं के रोजगार अनुभव को विस्तार देगा बल्कि प्रदेश में महिला कौशल विकास और रोजगार संवर्धन के लिए प्रेरक उदाहरण बनेगा। उन्होंने जबलपुर में संस्थान की भूमि से अवैध कब्जा हटाए जाने और उसे पुनः प्रशिक्षण कार्यों के लिए उपलब्ध कराने के प्रयासों को भी सराहनीय बताया और टीम को बधाई दी। कौशलम् संवाद के प्रथम चरण के इस कार्यक्रम में छात्रों में उत्साह स्पष्ट रूप से दिखाई दिया। उन्होंने मंत्री से सीधे संवाद कर अपनी प्रगति साझा की और मंत्री श्री टेटवाल के मार्गदर्शन से नए कौशल लक्ष्यों को निर्धारित करने का आत्मविश्वास प्राप्त किया।  

राज्य स्तरीय श्रमिक खेलकूद प्रतियोगिता का आयोजन

18 एवं 19 दिसम्बर को नरसिंहपुर में भोपाल  म.प्र.श्रम कल्याण मंडल द्वारा राज्य स्तरीय श्रमिक खेलकूद प्रतियोगिता का आयोजन खेल स्टेडियम ग्राउंड, नरसिंहपुर में 18 एवं 19 दिसम्बर 2025 को किया जायेगा। प्रतियोगिता में प्रदेश के विभिन्न संभागों में विगत माह संपन्न, संभागीय श्रमिक खेलकूद प्रतियोगिताओं के विजेता एवं उप विजेता शामिल होंगे।प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले 1,000 से अधिक श्रमिक खिलाड़ीइस आयोजन में भाग लेंगे। प्रतियोगिता का उदघाटन एवं पुरस्कार वितरण श्रम मंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेल द्वारा किया जायेगा। कार्यक्रम में मंडल द्वारा संचालित उत्तम श्रमिक पुरस्कार योजना के अंतर्गत चयनित 15 श्रमिकों तथा श्रमिक साहित्य पुरस्कार योजना के अंतर्गत चयनित 10श्रमिकों को श्रम मंत्री द्वारा पुरस्कृत किया जायेगा। मंडल की उत्तम श्रमिक पुरस्कार योजना के अंतर्गत प्रत्येक श्रमिक को 25,000/- रुपये, स्मृति चिन्ह एवं प्रशस्ति-पत्र प्रदान किये जाते हैं, इसी प्रकार श्रमिक साहित्य पुरस्कार योजना के अंतर्गत प्रत्येक श्रमिक को 10,000/- रुपये, स्मृति चिन्ह एवं प्रशस्ति-पत्र प्रदान किये जाते हैं। उल्लेखनीय है कि राज्य स्तरीय श्रमिक खेलकूद प्रतियोगिता में प्रदेश के विभिन्न संभागों में स्थापित औद्योगिक इकाईयों एवं स्थापनाओं में कार्यरत श्रमिक खिलाड़ी समूह खेलों में कबड्डी (महिला एवं पुरुष), रस्साकशी (महिला एवं पुरुष), वॉलीबॉल, एवं केरम तथा इसी प्रकार व्यक्तिगत खेलों में 100मीटर, 200मीटर, 400मीटर, 800मीटर, 1500मीटर, उंची कूद, लम्बी कूद, भाला फेंक, तवा फेंक, गोला फेंक प्रतियोगिताएँ सम्मिलित हैं।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा- देश का दिल मध्यप्रदेश, दिल खोल कर स्वागत को है तैयार

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राज्य सरकार, केन्द्र सरकार के साथ कदम से कदम मिलाकर चल रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में आगे बढ़ने के संकल्प के साथ हम कार्य कर रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव नई दिल्ली के मध्यप्रदेश भवन परिसर में 3 दिवसीय मध्यप्रदेश उत्सव का भोपाल से वर्चुअली शुभारंभ कर संबोधित कर रहे थे। उन्होंने सभी को देश के दिल मध्यप्रदेश में आमंत्रित करते हुए कहा कि हम दिल खोलकर आपके स्वागत के लिये तैयार हैं। नई दिल्ली में अपर मुख्य सचिव एवं विशेष आयुक्त (समन्वय) मध्यप्रदेश भवन श्रीमती रश्मि अरूण शमि और अन्य अधिकारी मौजूद थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विश्वास जताया कि मध्यप्रदेश उत्सव देखने के बाद सभी प्रदेश के प्राकृतिक सौंदर्य, जैव विविधता का वास्तविक आनंद लेने के लिये जरूर मध्यप्रदेश आएंगे। उन्होंने पर्यटकों को महाकाल लोक में दर्शन करने, टाइगर रिजर्व सफारी का आनंद लेने, ओरछा एवं मांडू की आध्यात्मिकता का अनुभव करने के साथ पचमढ़ी के नैसर्गिक सौंदर्य का आनंद लेने के लिये आमंत्रित किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि देश के स्वच्छतम शहर इंदौर की सैर करें और स्वादिष्ट व्यंजनों का लुत्फ उठाएं। उद्घाटन के बाद आवासीय आयुक्त मध्यप्रदेश भवन श्रीमती रश्मि अरुण शमी ने बताया की तीन दिवसीय उत्सव का मुख्य उद्देश्य मध्य प्रदेश के बारे में दिल्ली एनसीआर के वासीयो को प्रदेश के बारे में जानकारी देना उसके खान-पान और संस्कृति से अवगत कराना है। उन्होंने बताया की प्रदर्शनी में हस्तशिल्प, 1 जिला एक उत्पाद, माटी कला, पर्यटन आदि के स्टॉल लगे हैं। उन्होंने सभी से अनुरोध किया उनके इस उत्सव में आए और प्रदेश के खानपान और संस्कृति का आनंद लें, यह पूर्णता निशुल्क है। उत्सव के पहले दिन पुलिस बैंड, कबीर गायन और बुंदेलखंड गायन की सुरमयी प्रस्तुतियां होगीं, सांस्कृतिक संध्या में बुंदेली लोकनृत्य सुश्री कमला राजपूत छतरपुर, गुदुम्बबाजा नृत्य श्री लालूलाल धुर्वे अनूपपुर एवं शास्त्रीय गायन सुश्री कलापिनी कोमकली देवास द्वारा मध्यप्रदेश की गहरी सांस्कृतिक आत्मा से रूबरू करवाया जाएगा। उत्सव के दूसरे दिन ड्राइंग प्रतियोगिता , क्विज़ और MPTDC द्वारा प्रस्तुत लोकप्रिय फिल्म ‘स्त्री’ युवाओं और परिवारों को समान रूप से आकर्षित करने का काम करेगी। सांस्कृतिक संध्या में करमा नृत्य, सुश्री हर्ष मरावी डिण्डोरी, गोंडवाना लोकनृत्य श्री संजय महाजन बढ़वाह, फ्यूजन बैंडः म.प्र. के स्वर गन्धर्व बैण्ड, भोपाल के द्वारा प्रस्तुत किया जाएगा। इसके पश्चात खादी/सिल्क फैशन शौ मध्यप्रदेश के वस्त्र वैभव का आधुनिक और भव्य प्रदर्शन प्रस्तुत किया जाएगा। उत्सव के तीसरे दिन बच्चों की फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता और फीचर फिल्म ‘पान सिंह तोमर’ की MPTDC की प्रस्तुति की जाएगी। सांस्कृतिक संध्या में दास्तानगोई सुश्री भारती दीक्षित इंदौर, मटकी लोकनृत्य सुश्री हीरामणि वर्मा उज्जैन, और नृत्य नाटिका सुश्री क्षमा मालवीय, भोपाल के द्वारा रंगारंग प्रस्तुति दी जाएगी। कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागियों को सम्मानित कर उत्सव का गरिमामयी समापन किया जायेगा। प्रमुख बिन्दु     प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में आगे बढ़ने के संकल्प के साथ हम कार्य कर रहे हैं।     मध्यप्रदेश भवन परिसर में अगले 3 दिनों तक भव्य मध्यप्रदेश उत्सव।     मध्यप्रदेश की कला-संस्कृति, पर्यटन, हस्तशिल्प और खान-पान के स्टॉल।     प्रदर्शनियों में एक जिला-एक उत्पाद और जीआई टैग प्राप्त वस्तुएं देखी जा सकती हैं।     वनोपज से तैयार हर्बल उत्पाद भी प्रदर्शित।     हस्त शिल्प, कलाकृतियां और विभिन्न अंचलों के स्वादिष्ट व्यंजन इस मेले की यूएसपी हैं।     उत्सव में मध्यप्रदेश पुलिस बैंड पहली बार प्रस्तुति दे रहा है।     उत्सव में प्रदेश के टेक्स्टाइल को शो-केस करते हुए फैशन-शो भी आयोजित।     पारंपरिक व्यंजनों के फूड स्टॉल।     उत्सव में प्रदेश के लोक गीत और लोक नृत्यों का प्रस्तुतिकरण।  

रानी दुर्गावती टाइगर रिजर्व में जुलाई 2026 में चीते छोड़ने की तैयारी, सीएम डॉ मोहन ने दी जानकारी

सागर  मध्य प्रदेश के रानी दुर्गावती टाइगर रिजर्व में जुलाई 2026 में चीते छोड़े जाएंगे। हाल ही में खजुराहो में हुई मोहन कैबिनेट पर यह फैसला लिया गया था। सीएम डॉ. मोहन यादव ने बताया था कि रानी दुर्गावती टाइगर रिजर्व को चीता पुनर्वास योजना में शामिल किया गया है। जिसके तहत आगामी वर्ष में यहां चीते लाये जाएंगे। मुख्यमंत्री की इस घोषणा के बाद रानी दुर्गावती टाइगर रिजर्व को चीतों के अनुकूल बनाने की दिशा में काम शुरू कर दिए गए है। बुंदेलखंड के विकास की दिशा में यह एक नया अध्याय जुड़ने जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा कि राज्य सरकार वन क्षेत्र संरक्षण, पर्यटन विकास और प्राकृतिक धरोहरों को बचाने के लिए लगातार प्रयासरत है। चीता पुनर्वास योजना न केवल जैव विविधता को मजबूत करेगी बल्कि रोजगार और पर्यटन के नए अवसर भी पैदा करेगी। रानी दुर्गावती टाइगर रिजर्व, जो सागर, दमोह, छतरपुर और नरसिंहपुर जिले के हिस्सों में फैला है, अब देश के उन चुनिंदा वन क्षेत्रों में शामिल होने जा रहा है, जहां चीते पुनर्वास योजना लागू होगी। रानी दुर्गावती टाइगर रिजर्व के DFO डॉ ए.ए अंसारी के अनुसार, रिजर्व क्षेत्र में चीता परियोजना के लिए विशेष इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किया जा रहा है। इसमें क्वारंटीन जोन, मॉनिटरिंग व्यवस्था, ट्रेकिंग सिस्टम और प्रशिक्षु टीम शामिल होगी। रोजगार और पर्यटन को इस परियोजना के लागू होने के बाद रफ्तार मिलेगी। स्थानीय लोगों के लिए पर्यटन और गाइडिंग सेवाओं में रोजगार बढ़ेगा। होटल-रिसॉर्ट और अन्य सेवाओं में निवेश बढ़ने की संभावना के साथ ही राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर क्षेत्र की पहचान मजबूत होगी।

बच्‍चों की लघु नाटिका प्रस्‍तुत: अंगुलियों और अंगूठें की लड़ाई में हथेली की समझाइश

भोपाल लघु नाटिका की शुरुआत पांच उंगलियों से हुई जो आपस में बहस कर रही थीं, प्रत्येक कह रही थी कि मैं महान हूँ। "मैं महान हूँ!" "नहीं, मैं महान हूँ!" उंगलियाँ अपनी सामूहिक शक्ति से अनजान, बहस करती रहीं। तभी हथेली वहाँ आई और इस हलचल को देखकर मुस्कराई। नर्म मुस्कान के साथ, हथेली ने उंगलियों को धीरे से समझाया कि वे व्यक्तिगत रूप से महान नहीं हैं, बल्कि एक साथ मिलकर एक शक्तिशाली मुट्ठी बनाती हैं। "तुम साथ में काम करने पर मजबूत हो, अलग-अलग नहीं," इस बात पर जोर दिया। उंगलियों ने अपनी गलती का एहसास किया और अपनी सामूहिक शक्ति का प्रदर्शन करने के लिए एक साथ जुड़ गईं। दर्शकों ने ताली बजाई जब छोटे कलाकारों ने एकता की शक्ति का प्रदर्शन किया। यह लघु नाटिका मंचित की गई रातीबड मार्ग स्थित शारदा विद्या मंदिर परिसर में, जहां स्‍कूल के केजी टू-बी के छोटे बच्चों ने अंगुलियों और हथेलियों के माध्‍यम से यह विचारोत्तेजक लघु नाटिका प्रस्तुत की और दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। "एकता में शक्ति" नामक इस प्रदर्शन ने एक टीम के रूप में मिलकर काम करने के महत्व पर प्रकाश डाला। लघु नाटिका ने प्रभावी ढंग से यह संदेश दिया कि जब व्यक्ति अपने मतभेदों को अलग रखकर एक साथ काम करते हैं, तो वे महान चीजें हासिल कर सकते हैं। केजी 2-बी के छात्रों ने अपनी रचनात्मकता, टीम वर्क और इस मूल्यवान सबक की समझ का प्रदर्शन किया। ऐसी अर्थपूर्ण और मनोरंजक लघु नाटिका प्रस्तुत करने के लिए सभी बच्‍चों और उनके मेंटर्स को बधाई दी गई.   

पीएमसी के एमडी गढ़पाले जब कन्ट्रोल रूम में निरीक्षण कर रहे थे तब बिजली की मांग 19000 मेगावॉट के शीर्ष पर पहुंची

भोपाल मध्यप्रदेश के ऊर्जा सचिव व एमपी पॉवर मैनेजमेंट कंपनी के प्रबंध संचालक श्री विशेष गढ़पाले ने आज शक्तिभवन में पावर मैनेजमेंट कंपनी के कन्ट्रोल रूम का सुबह 11 बजे जिस वक्त निरीक्षण कर रहे थे उसी समय मध्यप्रदेश के इतिहास में सर्वाधिक बिजली की मांग 19113 मेगावाट दर्ज हुई। मध्यप्रदेश में बिजली की मांग पहली बार 19000 मेगावॉट की शीर्ष मांग पर पहुंची है। ऊर्जा सचिव ने कन्ट्रोल रूम में रियल टाइम में बिजली की मांग और उसकी शतप्रतिशत सप्लाई को मॉनीटर पर देखा। एमडी श्री गढ़पाले ने भविष्य में बिजली की मांग 20 हजार मेगावॉट तक पहुंचने की संभावना को देखते हुए निर्देश दिया कि बिजली की इस प्रकार शेड्यूलिंग की जाए जिससे कि ऐसी स्थि‍ति‍में प्रदेश में शतप्रतिशत बिजली की सप्लाई संभव हो। इस अवसर पर पावर मैनेजमेंट कार्यालय के मुख्य महाप्रबंधक श्री पी.के. जैन व मुख्य महाप्रबंधक मानव संसाधन व प्रशासन राजीव गुप्ता सहित अभियंता उपस्थि‍त थे। एमडी श्री गढ़पाले ने कन्ट्रोल रूम की कार्यप्रणाली का गहन निरीक्षण करते हुए प्रत्येक बिन्दु का विश्लेषण किया। उन्होंने मेरिट आर्डर सिद्धांत के आधार पर किस प्रकार बिजली की शेड्यूलिंग की जाती है उसे प्रत्यक्ष तौर पर देखा। ऊर्जा सचिव ने रियल टाइम में पॉवर मैनेजमेंट की कार्यपणाली को देख कर उचित निर्देश दिए। उन्होंने प्रदेश की तीनों विद्युत वितरण कंपनी में हो रही विद्युत सप्लाई को मॉनीटर पर अवलोकन किया।