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मध्यप्रदेश में नए साल में बिजली की दरें बढ़ सकती हैं, पावर जनरेशन कंपनी ने प्रस्तावित की 10% वृद्धि

भोपाल  मध्यप्रदेश में नए साल की शुरुआत बिजली उपभोक्ताओं को बिजली का करंट लग सकता है। राज्य की पावर जनरेशन कंपनी ने मप्र विद्युत नियामक आयोग के समक्ष बिजली दरों में 10 प्रतिशत तक इजाफे का प्रस्ताव प्रस्तुत किया है। आयोग इस प्रस्ताव पर सुझाव और आपत्तियां लेने के लिए जन सुनवाई आयोजित करने की तैयारी कर रहा है। नियामक आयोग जन सुनवाई के दौरान आम जनता और हितधारकों की आपत्तियाँ सुनने के बाद ही अंतिम निर्णय देगा। फिलहाल प्रस्ताव ने उपभोक्ताओं में नए साल के बिलों को लेकर चिंता बढ़ा दी है। कंपनी ने बढ़ोतरी को बताया अनिवार्य नियामक आयोग मुख्यालय में दायर याचिका में कंपनी ने दावा किया कि लगातार बढ़ रहे लाइन लॉस और वित्तीय दबाव के कारण दरों में संशोधन आवश्यक हो गया है। सूत्रों के अनुसार, इस प्रस्तावित बढ़ोतरी की सीमा 10% तक हो सकती है, हालांकि अंतिम निर्णय जन सुनवाई के बाद ही होगा। 15 दिसंबर से हो सकती है सुनवाई  आयोग के सूत्रों का कहना है कि कंपनी के प्रस्ताव पर प्रारंभिक अध्ययन के बाद आपत्तियां आमंत्रित की जाएंगी। पहली सुनवाई 15 दिसंबर को होने की संभावना है, हालांकि आयोग की ओर से इसका औपचारिक कार्यक्रम अभी जारी नहीं हुआ है। अधिकारियों ने बताया कि प्रस्ताव प्राप्त होने के बाद प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। आठ महीने पहले ही बढ़े थे बिजली के दाम इस साल अप्रैल से ही उपभोक्ता पहले से बढ़े हुए टैरिफ का भुगतान कर रहे हैं। बीते वित्तीय वर्ष में कंपनियों ने 7.52% बढ़ोतरी की मांग की थी, लेकिन आयोग ने केवल 3.46% वृद्धि की मंजूरी दी थी। यही कारण है कि घरेलू, गैर-घरेलू और कृषि श्रेणियों में प्रति यूनिट दरें कुछ पैसों की वृद्धि के साथ लागू हुईं और फिक्स चार्ज भी बढ़ाए गए। चुनावी वर्षों में मिली थी राहत पिछले दो वर्ष 2024 में लोकसभा और 2023 में विधानसभा चुनाव हुए, जिसके चलते आयोग ने दर बढ़ोतरी पर सख्ती दिखाई थी। 2024 में 3.86% बढ़ोतरी की मांग के मुकाबले मात्र 0.7% और 2023 में 3.20% की तुलना में केवल 1.65% बढ़ोतरी को मंजूरी मिली थी।  प्रदेश में सहकारिता चुनाव भी प्रस्तावित हैं, ऐसे में राजनीतिक परिस्थितियों को देखते हुए आयोग बड़ी राहत देने की संभावना कम लग रही है। सूत्रों का अनुमान है कि नई दरें 4 से 6% की सीमा में तय की जा सकती हैं। इसके बाद भी उपभोक्ताओं के लिए नए साल में बिजली बिल बढ़ना लगभग तय माना जा रहा है। 

रणजीत लोक का निर्माण इंदौर में, महाकाल लोक जैसी भव्यता, 6 करोड़ से ज्यादा खर्च, सिंहस्थ से पहले होगा पूरा

इंदौर इंदौर में रणजीत हनुमान मंदिर का कायापलट होने जा रहा है। यहां रणजीत लोक बनाकर मंदिर का जीर्णोद्धार और सौंदर्यीकरण किया जाएगा। इस पर कुल 6  करोड़ रुपए खर्च होंगे। प्लान तैयार हो चुका है, टेंडर की प्रक्रिया भी पूरी हो गई है। मंदिर के पुजारी पं. दीपेश व्यास ने कहा- रणजीत हनुमान मंदिर 135 साल से भी ज्यादा पुराना है। यहां इंदौर ही नहीं, आस-पास के जिलों से भी श्रद्धालु आते हैं। मंगलवार और शनिवार को यहां भक्तों की संख्या हजारों में पहुंच जाती है। मंदिर प्रशासक एनएस राजपूत ने बताया कि रणजीत लोक तैयार होने के बाद श्रद्धालु मंदिर के पास बने बड़े मैदान से प्रवेश करेंगे। वहां से एक पाथ-वे के माध्यम से छोटी पार्किंग तक पहुंचेंगे। पाथ-वे में जिग-जैग पैटर्न पर रेलिंग लगाई जाएंगी। इनकी संख्या भीड़ के अनुसार घटाई या बढ़ाई जा सकेगी।इसके बाद श्रद्धालु दत्त मंदिर से होते हुए दर्शन की मुख्य लाइन में पहुंचेंगे। भगवान के दर्शन कर वहीं से वापस बाहर निकलेंगे। पाथ-वे की दीवारों पर रामायण और सुंदरकांड की झलक मंदिर प्रशासक राजपूत ने बताया- यहां सभी तरह के मौसम के मुताबिक व्यवस्थाएं जुटाई जाएंगी ताकि सर्दी, गर्मी और बारिश में भक्तों को परेशानी न हो। बैठने के लिए नई बेंच लगेंगी। बाउंड्रीवाल भी बनाई जाएगी।25 फीट का पाथ-वे बनेगा, इसकी दीवारों पर पत्थरों से भगवान हनुमान से जुड़े दृश्य उकेरे जाएंगे। रामायण और सुंदरकांड को तस्वीरों में दर्शाया जाएगा। छत पर कशीदाकारी, बाउंड्रीवॉल पर रंगबिरंगी रोशनी रणजीत लोक की छत पर भी कशीदाकारी की जाएगी। बाउंड्रीवॉल पर रंगबिरंगी लाइटिंग लगेगी। यहां भी सुंदरकांड का चित्रण होगा। मंदिर का एक्सटेंशन 40 फीट आगे तक होगा। नया मुख्य द्वार बनेगा। शेड तैयार किए जाएंगे।मंदिर परिसर में ही पुलिस चौकी बनाई जाएगी। नया जूता स्टैंड, पेय जल की व्यवस्था की जाएगी। बेबी फीडिंग रूम और बुजुर्गों के लिए अन्य सुविधाएं जुटाई जाएंगी। भक्त पाथ-वे के जरिए दर्शन करने जाएंगे। यहां एलईडी पर भगवान के लाइव दर्शन होंगे।स्मार्ट सिटी संभाल रहा निर्माण की जिम्मेदारी मंदिर प्रशासक राजपूत ने बताया- रणजीत लोक निर्माण की जिम्मेदारी नोडल एजेंसी इंदौर स्मार्ट सिटी को दी गई है। इसके लिए मंदिर के फंड और दान की राशि का उपयोग किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अगले हफ्ते इसका काम शुरू किया जा चुका है। पांचवीं पीढ़ी संभाल रही पूजा-अर्चना का काम वर्तमान पुजारी पं. दीपेश व्यास के परदादा स्व. पं. भोलाराम व्यास इस मंदिर के संस्थापक पुजारी थे। उनकी पांचवीं पीढ़ी मंदिर में पूजा-अर्चना कर रही है। व्यास ने कहा- शुरुआत में बाबा रणजीत टीन से बने शेड में विराजमान थे। 1960 में गार्डर-फर्शी से पक्का निर्माण किया गया। 1992 में आरसीसी छत डाली गई। इंदौर स्मार्ट सिटी के पास जिम्मेदारी मंदिर प्रशासक एनएस राजपूत ने बताया- रणजीत लोक निर्माण की जिम्मेदारी नोडल एजेंसी इंदौर स्मार्ट सिटी को दी गई है। इसके लिए मंदिर के फंड और दान की राशि का उपयोग किया जाएगा। परिसर में पुलिस चौकी, बेबी फीडिंग रूम बनेगा रणजीत लोक की छत पर भी कशीदाकारी की जाएगी। बाउंड्रीवॉल पर रंगबिरंगी लाइटिंग लगेगी। यहां भी सुंदरकांड का चित्रण होगा। मंदिर का एक्सटेंशन 40 फीट आगे तक होगा। नया मुख्य द्वार बनेगा। शेड तैयार किए जाएंगे।मंदिर परिसर में ही पुलिस चौकी बनाई जाएगी। नया जूता स्टैंड, पेय जल की व्यवस्था की जाएगी। बेबी फीडिंग रूम और बुजुर्गों के लिए अन्य सुविधाएं जुटाई जाएंगी। 1960 में गर्डर-फर्शी से पक्का बनाया, 1992 में छत डाली मंदिर के पुजारी पं. दीपेश व्यास के परदादा पं. भोलाराम व्यास इस मंदिर के संस्थापक पुजारी थे। उनकी पांचवीं पीढ़ी मंदिर में पूजा-अर्चना कर रही है। पं. व्यास ने कहा- शुरुआत में बाबा रणजीत टीन से बने शेड में विराजमान थे। 1960 में गार्डर-फर्शी से पक्का निर्माण किया गया। 1992 में आरसीसी छत डाली गई। व्यास के अनुसार, होलकर राजा जब भी युद्ध के लिए जाते थे तो यहां पूजा-हवन करते थे। विजय की कामना के साथ यहां आते और फिर युद्ध के लिए जाते थे इसलिए मंदिर का नाम रणजीत हनुमान पड़ा। उन्होंने कहा- पौष माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी पर यहां रणजीत अष्टमी मनाई जाती है। सुबह 5 बजे प्रभात फेरी निकाली जाती है। दिनभर पूजा-अर्चना और विशेष आरती की जाती है। 21 लाख रुपए के रथ पर सवार होकर रणजीत हनुमान नगर भ्रमण करते हैं। महाकाल लोक के बाद अब मध्यप्रदेश में हनुमान लोक नजर आएगा। इसका निर्माण सौंसर के जाम सांवली में होगा। मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड 314 करोड़ की लागत से करीब 30 एकड़ में इसका निर्माण करवा रहा है। उज्जैन के महाकाल लोक की तर्ज पर 6 फेज में हनुमान लोक कॉरिडोर का काम होगा। फर्स्ट फेज में 35 करोड़ की लागत से एंट्रेंस प्लाजा से हनुमान लोक तक का काम किया जाएगा। हर साल इसलिए निकलती है प्रभात फेरी पुजारी पं. दीपेश व्यास का कहना है कि सीताजी के हरण के बाद वानर राज सुग्रीव के आदेश पर वानर सेना उनका पता लगाने गई थी। हनुमान जी उनका पता लगाकर लौटे थे। यह खबर जब भगवान राम ने सुनी तो उन्होंने कहा कि हनुमान तुम रण को जीतकर आए हो। लंका को जलाकर आए हो इसलिए आज से मैं तुम्हें रणजीत नाम प्रदान करता हूं। इसके बाद वहां लाखों वानरों ने हनुमान जी को कंधे पर बैठाकर पूरे जंगल में परिभ्रमण कराया था। इसी के प्रतीकात्मक स्वरूप पौष अष्टमी पर यह यात्रा निकलती है।  

उज्जैन महाकाल महोत्सव 2026: श्री महाकालेश्वर मंदिर में देशभर के कलाकारों की 5 दिन लंबी भव्य सांस्कृतिक प्रस्तुति

उज्जैन  दुनिया के प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में इस वर्ष एक अनोखी सांस्कृतिक शुरुआत होने जा रही है। मंदिर परिसर के शक्ति पथ पर 14 से 18 जनवरी 2026 तक भव्य महाकाल महोत्सव आयोजित किया जाएगा। पाँच दिनों का यह आयोजन पूरी तरह भगवान शिव और शैव परंपरा को समर्पित होगा, जिसमें देशभर से चुनिंदा कलाकार अपनी कला के माध्यम से शिव दर्शन का अलौकिक अनुभव कराएंगे। महोत्सव को लेकर मंगलवार को हुई तैयारी बैठक में कलेक्टर रौशन कुमार सिंह, पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा, नगर निगम आयुक्त अभिलाष मिश्रा, महाकाल महोत्सव समिति सदस्य पद्मश्री भगवतीलाल राजपुरोहित तथा श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंधन समिति के प्रशासक प्रथम कौशिक मौजूद रहे। बैठक में कार्यक्रम की रूपरेखा और सुरक्षा व्यवस्था पर विस्तार से चर्चा हुई। महोत्सव के दौरान नृत्य, संगीत, नाट्य और विभिन्न कला विधाओं की प्रस्तुतियाँ होंगी, जो भगवान शिव की महिमा, शैव इतिहास और आध्यात्मिक परंपरा को दर्शाएंगी। साथ ही एक विशेष प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी जिसमें शिव के विविध स्वरूप, प्रमुख शैव तीर्थों और शैव संतों के जीवन से जुड़ी झलकियाँ प्रस्तुत की जाएंगी। आयोजन समिति के अनुसार, देश के बड़े कलाकारों के साथ स्थानीय प्रतिभाओं को भी मंच प्रदान किया जाएगा, ताकि उज्जैन की सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शित किया जा सके। महाकाल महोत्सव 2026 को शहर की सांस्कृतिक पहचान को नई दिशा देने वाला आयोजन माना जा रहा है।

रिश्वत लेते ही भागी कार, देवास में अधिकारी रंगेहाथ गिरफ्तार; लोकायुक्त का दबंग ऑपरेशन

देवास अंचल के बागली तहसील के महिला एवं बाल विकास विभाग कार्यालय में पदस्थ कंप्यूटर ऑपरेटर की सेवाएं बढ़ाने के नाम पर वहां के परियोजना अधिकारी ने 2 महीने की सैलरी मांगी। दो किस्तों में 9-9 हजार रुपये देने की बात तय हुई। इसी बीच कंप्यूटर ऑपरेटर प्रितेश तंवर ने लोकायुक्त उज्जैन में शिकायत कर दी। लोकायुक्त टीम ने धर दबोचा कुछ दिन पहले उसने 4000 रुपये दे दिए थे और बाकी के 5000 देने की बात तय हुई थी। बुधवार को देवास में कलेक्टर कार्यालय में मीटिंग में आए परियोजना अधिकारी रामप्रवेश तिवारी ने उज्जैन रोड पर जैसे ही 5000 की राशि ली, वैसे ही पहले से तैयार लोकायुक्त टीम सक्रिय हो गई। पकड़े जाने की शंका देखकर परियोजना अधिकारी ने अपनी कार भगाई, लेकिन कुछ दूर पीछा करने के बाद टीम ने दबोच लिया।   परियोजना अधिकारी पर केस दर्ज इसके बाद कार्रवाई के लिए परियोजना अधिकारी को पकड़कर टीम मीठा तालाब के समीप स्थित रेस्ट हाउस पहुंची। यहां कागजी कार्रवाई पूरी की गई। लोकायुक्त डीएसपी दिनेश पटेल ने बताया मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा- जल जीवन मिशन का कार्य निर्धारित लक्ष्य वर्ष 2028 के पहले मार्च-2027 में होगा पूर्ण

प्रत्येक नागरिक को गुणवत्तापूर्ण पेयजल उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता जल स्रोतों में सीवरेज का दूषित जल मिलने से रोकने की बनायें कार्य-योजना एकल नल-जल योजना में 93 प्रतिशत कार्य पूर्ण योजनाओं के संचालन एवं संधारण की करें समुचित व्यवस्था मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लोक स्वास्थ्य एवं यांत्रिकी विभाग की समीक्षा में दिये निर्देश भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश के प्रत्येक नागरिक को गुणवत्तापूर्ण और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने इस बात पर विशेष जोर दिया कि जल स्रोतों में सीवरेज का दूषित जल किसी भी स्थिति में नहीं मिले और इसके लिए प्रभावी कार्ययोजना बनाई जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा जल जीवन मिशन को दिसंबर 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, लेकिन मध्यप्रदेश इस कार्य को मार्च 2027 तक पूर्ण कर राष्ट्रीय स्तर पर मिसाल पेश करेगा। उन्होंने कहा कि मिशन के संचालन-संधारण के लिए मजबूत व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि किसी भी परिस्थिति में जल आपूर्ति प्रभावित न हो। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यह भी कहा कि जल जीवन मिशन में उत्कृष्ट कार्य करने वाले सरपंचों और महिला समूहों को राज्य, संभाग, जिला और ग्राम स्तर पर सम्मानित किया जाए। विगत 10 वर्षों में जिन ग्रामों को जल संकट का सामना करना पड़ा है, उनकी रिपोर्ट तैयार कर उन क्षेत्रों में जल प्रदाय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जल की उपलब्धता के अनुसार जल वितरण का समय तय किया जाए, जिससे नियमित आपूर्ति सुनिश्चित हो सके। मिशन के प्रभाव का विश्लेषण अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन एवं नीति विश्लेषण संस्थान के माध्यम से कराए जाने की बात भी कही। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गाँव के ऐसे ट्यूबवेल की सूची बनवाएं, जिनमें हमेशा पानी रहता हो और ट्यूबवेल मालिक सेवाभावी हों। जरूरत पड़ने पर इनके ट्यूबवेल से पानी की आपूर्ति कराने का प्रयास करें। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री श्रीमती संपतिया उइके ने जल जीवन मिशन के कार्यों के समुचित संचालन-संधारण के लिये प्रभावी योजना बनाने की बात कही। बैठक में मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री श्री नीरज मण्डलोई, अपर मुख्य सचिव वित्त श्री मनीष रस्तोगी और प्रबंध संचालक जल निगम श्री के.वी.एस. चौधरी भी उपस्थित थे। प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी श्री पी. नरहरि ने बताया कि अब तक प्रदेश में 80 लाख से अधिक ग्रामीण परिवारों को नल जल कनेक्शन उपलब्ध कराए गए हैं और मिशन की कुल प्रगति 72.54 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2024-25 में 8.19 लाख कनेक्शन का लक्ष्य शत-प्रतिशत पूरा किया गया है और वर्ष 2025-26 में अब तक 5.50 लाख कनेक्शन प्रदान किए जा चुके हैं। बोरवेल दुर्घटना रोकने कानून बनाने वाला पहला राज्य बैठक में बताया गया कि मध्यप्रदेश बोरवेल दुर्घटना रोकने के लिए कानून बनाने वाला देश का पहला राज्य है। साथ ही “स्वच्छ जल से सुरक्षा अभियान” में प्रदेश को पूरे देश में प्रथम स्थान मिला है। वर्ष 2024-25 में 12,990 करोड़ रु. का व्यय कर 92.89 प्रतिशत वित्तीय लक्ष्य हासिल किया गया है। वर्ष 2025-26 में 6,016 करोड़ रु. का व्यय किया गया है, जो 30 सितंबर 2025 तक 35.11 प्रतिशत की प्रगति दर्शाता है। प्रदेश में 21,552 ग्राम “हर घर जल” घोषित किए जा चुके हैं तथा 15,026 ग्रामों को प्रमाणित किया जा चुका है। समूह नल जल योजनाओं के माध्यम से 3,890 ग्रामों में नियमित जल आपूर्ति प्रारंभ हो चुकी है और एकल नल जल योजनाएँ 93 प्रतिशत प्रगति के साथ तेजी से पूर्णता की ओर अग्रसर हैं। विभाग द्वारा तकनीकी और डिजिटल मॉनिटरिंग को प्राथमिकता दी जा रही है। जल रेखा मोबाइल ऐप के माध्यम से योजनाओं की सतत निगरानी की जा रही है। राज्य की सभी 155 प्रयोगशालाओं को एनएबीएल मान्यता प्राप्त हो चुकी है। ग्राम पंचायतों को सशक्त बनाने के लिए पंचायत दर्पण पोर्टल के माध्यम से डिजिटल जल कर संग्रह व्यवस्था लागू की गई है। इंदौर में IoT (इंटरनेट ऑफ थिंक्स) आधारित जल आपूर्ति मॉडल सफलतापूर्वक लागू किया गया है और इसे अन्य जिलों में भी विस्तार दिया जा रहा है। ऊर्जा प्रबंधन को देखते हुए 100 मेगावाट सौर ऊर्जा परियोजना PPP मॉडल पर स्वीकृत की गई है, जिससे आने वाले 25 वर्षों तक सस्ती और स्थिर ऊर्जा आपूर्ति सुनिश्चित होगी। इसके अतिरिक्त 60 मेगावाट पवन ऊर्जा परियोजना पर भी कार्ययोजना तैयार की गई है। नागरिकों की सुविधा के लिए जलदर्पण पोर्टल संचालित है तथा शिकायत निवारण हेतु कॉल सेंटर स्थापित किए गए हैं। अभी 64 ग्रामों में 24×7 जल आपूर्ति पायलट रूप में सफल रही है, जिसे आगे और विस्तृत किया जाएगा। बैठक में भविष्य के विजन पर जानकारी देते हुए बताया गया कि आगामी तीन वर्षों में ग्रामीण क्षेत्रों के प्रत्येक घर तक सुरक्षित नल-जल उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है। जल स्रोतों के संरक्षण, निर्माण कार्यों की गुणवत्ता, डिजिटल प्रबंधन, तकनीकी क्षमता संवर्धन और ऊर्जा सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। नए ग्राम, बसाहट, विद्यालय, आंगनवाड़ी केंद्र, स्वास्थ्य संस्थान और महत्वपूर्ण सार्वजनिक स्थानों में पेयजल सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा, ताकि मध्यप्रदेश जल प्रदाय व्यवस्था में देश का अग्रणी राज्य बन सके। महत्वपूर्ण बिन्दु     जल स्रोतों में सीवरेज का प्रदूषित जल मिलने से रोकने के लिये समुचित कार्य योजना बनाये।     जल जीवन मिशन के कार्य पूरा करने के लिए केंद्र सरकार द्वारा दिसंबर 2028 तक का लक्ष्य दिया गया है।     प्रदेश में तय समय सीमा से पहले मार्च 2027 में ही जल जीवन मिशन के कार्यों को पूर्ण कर लिया जाएगा।     जल जीवन मिशन में किए गए कार्यों की अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन एवं नीति विश्लेषण संस्थान द्वारा इंपैक्ट एनालिसिस कराएं।     प्रत्येक नागरिक को गुणवत्ता युक्त जल उपलब्ध कराना हमारी प्राथमिकता है ।     जल जीवन मिशन के तहत सरपंच, महिला समूह द्वारा किए जा रहे उत्कृष्ट कार्यो के लिए उन्हें राज्य स्तर, संभाग, जिला एवं ग्राम स्तर पर पुरस्कृत किया जाए।     जल जीवन मिशन के कार्यों के संचालन एवं संधारण की समुचित योजनाएं बनाएं ताकि किसी भी स्थिति में जल की नियमित आपूर्ति हो सके।     विगत 10 सालों में जिन गांवों में जल संकट रहा है, उनकी रिपोर्ट तैयार कर उनमें … Read more

शासकीय स्कूलों की ई-अटेंडेंस नीति पर विवाद थमा, शिक्षकों ने याचिका क्यों लौटाई?

जबलपुर प्रदेश के शासकीय स्कूलों में ई-अटेंडेंस की अनिवार्यता को लेकर दायर की गई याचिका बुधवार को वापस ले ली गई। याचिकाकर्ता शिक्षकों की ओर से कोर्ट में निवेदन किया गया कि वे नए तथ्यों के साथ नई याचिका दायर करना चाहते हैं। न्यायमूर्ति मनिंदर सिंह भट्टी की एकलपीठ ने याचिका वापस लेने की अनुमति प्रदान करते हुए मामले का पटाक्षेप कर दिया। कोर्ट ने कहा कि याचिका में जिस नियम को हवाला दिया जा रहा है, वह नई याचिका में ही दिया जा सकता है। पुरानी याचिका में जो आधार दिए गए थे, उन आधारों पर दूसरे मुकदमों के फैसले हो चुके है। दरअसल, प्रदेश सरकार के हमारे शिक्षक ई ऐप को चुनौती देते हुए प्रदेश के 27 शिक्षकों की ओर से हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी। जिसमें कहा गया था कि हमारे शिक्षक ई-एप सुरक्षित नहीं है, इससे डेटा लीक होने और साइबर फ्राड की घटनाएं सामने आई हैं।   जबलपुर निवासी शिक्षक मुकेश सिंह बरकड़े सहित विभिन्न जिलों के 27 शिक्षकों ने ई-अटेंडेंस के विरुद्ध हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि हमारे शिक्षक ऐप से प्रतिदिन उपस्थिति दर्ज कराने में गंभीर तकनीकी और व्यावहारिक कठिनाइयां आ रही हैं। याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता अंशुमान सिंह ने दलील दी कि सरकार यह ऐप एक निजी संस्था से चलवा रही है और वही संस्था शिक्षकों का डेटा कलेक्ट कर रही है। केंद्र सरकार के निजी डेटा कलेक्शन नियम इस पर लागू होते हैं, पर ऐप में सुरक्षा व्यवस्था पर्याप्त नहीं है। शिक्षकों ने कोर्ट को यह भी बताया था कि प्रदेश में पांच-छह शिक्षकों के खातों से रुपए निकाल लिए गए और उनकी निजी जानकारी लीक हुई। कई जिलों के शिक्षा अधिकारियों ने इसकी शिकायत करते हुए पत्र भी लिखे। डीपीआई ने इन शिकायतों को स्वीकार करते हुए माना कि कुछ शिक्षकों के साथ फ्रॉड की घटनाएं हुई हैं और अधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। वहीं राज्य सरकार ने कोर्ट में कहा था कि ई-अटेंडेंस सिस्टम पहले भी सही साबित किया गया है। सरकार का कहना है कि ऐप के लिए डेटा सेफ्टी सर्टिफिकेट लिया गया है और न तो सर्वर की समस्या है, न नेटवर्क की।

मध्यप्रदेश पुलिस की अवैध मादक पदार्थों एवं शराब पर प्रभावी कार्रवाही

विगत दो दिनों में 1 करोड़ 85 लाख रुपये से अधिक की अवैध शराब एवं मादक पदार्थ जब्त, 12 तस्कर गिरफ्तार भोपाल  मध्यप्रदेश पुलिस ने पिछले दो दिनों में अवैध शराब परिवहन, नशे की तस्करी तथा डोडाचूरा/स्मैक/एमडी पाउडर जैसे मादक पदार्थों के विरुद्ध सघन अभियान के अंतर्गत अनेक महत्वपूर्ण कार्रवाहियां की हैं। प्रदेश के विभिन्न जिलों में पुलिस टीमों ने आरोपियों को गिरफ्तार करते हुए मादक पदार्थों की बड़ी खेप, अवैध शराब और तस्करी में प्रयुक्त वाहन जब्त किए हैं। सभी कार्यवाहियों में कुल 1 करोड़ 85 लाखरुपये की संपत्ति जब्‍त की है। विभिन्न जिलों में प्रमुख कार्रवाईयाँ धार जिले में अवैध शराब तस्करी पर बड़ी कार्रवाई:धार पुलिस ने इंदौर-अहमदाबाद हाईवे पर कार्रवाई करते हुए एक ट्रक से 1499 पेटी अंग्रेजी शराब जब्त की। बरामद सामग्री और वाहन की कीमत 1 करोड़ 24 लाख 43 हजार 700 रुपएआँकी गई है। पुलिस ने ट्रक चालक बबलू पिता जियालालवरकडे और परिचालक दुर्गेश पिता शिव नरेश राजपूत, दोनों निवासी इंदौर को गिरफ्तार कर एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है। भोपाल: क्राइम ब्रांच द्वारा MD ड्रग्स के साथ तस्कर गिरफ्तार:भोपाल पुलिस की क्राइम ब्रांच ने नशे के विरुद्ध अपनी कार्रवाई को जारी रखते हुए ईदगाह हिल्स क्षेत्र से एक तस्कर शिफत पिता दिलशाद अहमद को गिरफ्तार किया है।उसके कब्जे से 11.05 ग्राम एमडी पाउडर (कीमत लगभग 3 लाख 45 हजार रूपए) और दो मोबाइल जब्त किए गए। आरोपी के खिलाफ एनडीपीएसएक्ट के अंतर्गत मामला दर्ज कर विवेचना जारी है। गुना पुलिस का नशा तस्करों के नेटवर्क पर लगातार प्रहार:गुना पुलिस ने 'नशा मुक्त गुना जिला' अभियान के अंतर्गत लगातार दो बड़ीकार्रवाईयाँ की हैं। कैंट थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 7.2 ग्राम स्मैक पाउडर (कीमत 72हजार रूपए) के साथ दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। वहीं, मृगवास थाना पुलिस ने पहले राजस्थान के स्मैक तस्कर सोनू मीना को 104.35 ग्राम स्मैक और तस्करी में प्रयुक्त मोटरसाइकिल (कीमत 11 लाख20 हजार रूपए) सहित गिरफ्तार किया। इसके मात्र 24 घंटे के भीतर ही उसके सप्लायरघीसालाल मीना निवासी मोतीपुरा, राजस्थान को भी गिरफ्तार किया। नीमच जिले में 221 किलोग्राम डोडाचूरा जब्त:जिले के जावद थाना पुलिस ने नयागांव क्षेत्र में मारुति वैन से 221 किलोग्राम डोडाचूरा जब्त किया। जिसकी अनुमानित कीमत 33 लाख 15 हजार रूपए है। आरोपी वैन चालक सुखदेव गुर्जर को भी गिरफ्तार किया गया है। इंदौरपुलिस की ब्राउन शुगर तस्कर पर कार्रवाई:पुलिस थाना आजाद नगर ने अवैध मादक पदार्थों की गतिविधियों के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए एक ब्राउन शुगर तस्कर तनवीर उर्फ तन्नू अब्दुल गफ्फार को न्यू आरटीओ रोड क्षेत्र से गिरफ्तार किया। आरोपी के कब्जे से 13.51 ग्राम ब्राउन शुगर लगभग 1लाख 30हजार रूपए कीजब्त की गई। मुरैना और मैहर में अवैध शराब पर शिकंजा:मुरैनाके सिविल लाइन थाना पुलिस ने अवैध शराब के विरुद्ध प्रभावी कार्यवाही करते हुए 170 पेटी अवैध देशी शराब एवं तस्करी में प्रयुक्त 01 टाटा पिकअप गाड़ी सहित कुल 10 लाख रूपएसे अधिक कीमत की सामग्री जब्त की है। वहीं मैहर पुलिस ने अवैध शराब विक्रेताओं के विरुद्ध बड़ी कार्यवाही करते हुए दो अलग-अलग प्रकरणों में 1लाख 12हजार रुपये मूल्य की 198 लीटर अवैध शराब जब्त की और तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। मध्यप्रदेश पुलिस अवैध शराब, नशे के कारोबार, तस्करी नेटवर्क और संगठित अपराध के विरुद्धजीरो टॉलेरेंसकी नीति पर निरंतर और दृढ़ता से कार्य कर रही है।इन संयुक्त कार्यवाहियों में मध्‍यप्रदेश पुलिस ने ताबड़तोड़, सटीक और साहसिक अभियानों के माध्यम से विगत दो दिनों में 1 करोड़ 85 लाख रुपये से अधिक की अवैध शराब एवं मादक पदार्थ जब्तकिए हैं। साथ ही 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। 

जल आवर्धन योजना में अनियमितता बरतने पर 2 अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई

नगरीय प्रशासन ने जारी किये आदेश भोपाल  नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने नगरीय निकायों में जल आवर्धन योजना में पाइप लाइन बिछाने के कार्य में पाई गई अनियमितताओं के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की है। नगरीय विकास आयुक्त ने विभागीय जाँच के आधार पर 2 पूर्व अधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई के आदेश जारी किये हैं। जाँच अधिकारी की रिपोर्ट तथा विभाग के प्रमुख अभियंता के अभिमत के आधार पर नीमच जिले की रामपुरा नगर परिषद के तत्कालीन प्रभारी मुख्य नगरपालिका अधिकारी लीलाकृष्ण सोलंकी और तत्कालीन उपयंत्री ओ.पी. परमार के विरुद्ध दण्डात्मक कार्रवाई के आदेश जारी किये गये हैं। इस प्रकरण से जुड़े हुए लीलाकृष्ण सोलंकी सेवानिवृत्त हो चुके हैं। उनके विरुद्ध 2 वर्ष तक पेंशन पर महँगाई राहत की 5 प्रतिशत राशि रोके जाने का निर्णय लिया गया है। जाँच में दोषी पाये गये दूसरे अधिकारी ओ.पी. परमार जुलाई-2025 में सेवानिवृत्त हुए हैं। उनकी सेवा अवधि के दौरान आर्थिक क्षति की राशि 9 लाख 25 हजार 385 रुपये उनकी सेवानिवृत्ति लाभों से वसूल कर नगर परिषद रामपुर में जमा कराई जायेगी। इसी के साथ उनकी पेंशन पर देय महँगाई राहत की 10 प्रतिशत राशि आगामी 2 वर्ष तक स्थगित करने के आदेश जारी किये गये हैं। आयुक्त श्री संकेत भोंडवे ने बताया कि नगरीय प्रशासन में किसी भी प्रकार की लापरवाही, अनियमिता और भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं किया जायेगा।  

कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी (यू.के.) में अत्‍याधुनिक पुलिसिंग के गुर सीख रहे हैं प्रदेश के 30 अतिरिक्‍त पुलिस अधीक्षक

राज्य पुलिस सेवा के अधिकारियों का मिड-कैरियर ट्रेनिंग प्रोग्राम देश-विदेश के प्रतिष्ठित संस्थानों में जारी है भोपाल  मध्यप्रदेश पुलिस का "मिड कैरियर ट्रेनिंग प्रोग्राम" (MCTP) राज्य के भावी पुलिस नेतृत्व को नई सोच, नई दिशा और आधुनिक पुलिसिंग के व्यापक दृष्टिकोण से सशक्त बना रहा है। यह कार्यक्रम पुलिस अधिकारियों को समकालीन कानून-व्यवस्था की चुनौतियों के अनुरूप बेहतर, उत्तरदायी और प्रभावी पुलिस नेतृत्व के लिए तैयार कर रहा है। राज्य पुलिस सेवा के 30 अधिकारियों का मिड-कैरियर ट्रेनिंग प्रोग्राम का शुभारंभ 27 नवंबर को मध्यप्रदेश पुलिस अकादमी के निदेशक श्री मोहम्मद शाहिद अबसार के मुख्य आतिथ्य में किया गया, इस अवसर पर अकादमी के उपनिदेशक डॉ. संजय कुमार अग्रवाल भी उपस्थित रहे। चार हफ्ते से भी अधिक अवधि का यह प्रशिक्षण कार्यक्रम राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर के चार संस्थानों में आयोजित किया गयाहै। राज्य पुलिस सेवा के अधिकारियों का यह पांचवां मिड-कैरियर प्रशिक्षण कार्यक्रम है, जिसमें उन्हें पुलिस से संबंधित महत्वपूर्ण राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय परिदृश्य से परिचित कराया जाएगा। बारह वर्ष का सेवाकाल पूर्ण कर चुके राज्य पुलिस सेवा के कुल 30 पुलिस अधिकारी इसमें हिस्सा ले रहे हैं। इन अधिकारियों ने 27 नवंबर से 29 नवंबर तक मध्यिप्रदेश पुलिस अकादमी में  प्रशिक्षण प्राप्तं किया। इसके बाद 01 से 02 दिसंबरतक आरसीव्हीपी नरोन्हा प्रशासन एवं प्रबंधकीय अकादमी में तथा 04 से 06 दिसंबर तक नेशलन लॉ यूनिवर्सिटी नई दिल्लीढ में प्रशिक्षण प्राप्तम किया। जिसमें सोशल लेजिसलेशन, ई-गवर्नेंस, पब्लिक ऑर्डर एवं विक्टिमोलॉजी के साथ-साथ अन्य विभागों से समन्वय तथा इससे जुड़े अधिनियम आदि का प्रशिक्षण दिया गया।  दिनांक 08 दिसंबर से यह प्रशिक्षण कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी (यूके) में जारी है जहां प्रशिक्षण के अतिरिक्तभ ब्रिटिश पुलिस संस्थानों का भ्रमण कराया जाएगा।  इस दौरान क्राईम हार्म इंडेक्सा, प्रीडिक्टिव पुलिसिंग, महिलाओं के विरूद्ध अपराध आदि विषयों की बारीकियां सिखाईं जाएंगी। अंत में 30 दिसंबर को डी ब्रीफिंग के साथ प्रशिक्षण का समापन होगा।  

खजुराहो केबिनेट में बुंदेलखंड को हजारों करोड़ की मिली विकास कार्यों की बड़ी सौगातें: मंत्री राजपूत

भोपाल खजुराहो में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल की बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिये गये। बुंदेलखंड के लिए केबिनेट बैठक का दिन स्वर्णिम रहा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सागर को महत्वपूर्ण विकास कार्यों की सौगातें देकर सागर के विकास की नई इबारत लिखी। खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने कहा कि केबिनेट में बुंदेलखंड एवं सागर के लिए हजारों करोड़ की सौगातें दी हैं, जिससे सागर विकास के नये आयामों को छुएगा। यहां के युवाओं को रोजगार से जोड़कर विकास की नई कहानी लिखी जायेगी, वहीं पर्यटन के क्षेत्र में नया इतिहास रचने की घोषणा भी हुई। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के मार्गदर्शन एवं नेतृत्व में सागर में 608.93 हेक्टेयर भूमि पर 25 हजार करोड़ की लागत से नया उद्योग क्षेत्र स्थापित किया जायेगा। इससे 30 हजार लोगों को रोजगार मिलेगा। वहीं दूसरी ओर नौरादेही अभयारण्य में जुलाई माह में 4 चीतों को बसाया जायेगा। इससे क्षेत्र में स्थानीय पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। मंत्री श्री राजपूत ने बताया कि सागर से दमोह फोरलेन सड़क, छतरपुर तथा दमोह में नये मे‍डिकल कॉलेज के लिये नये पदों का सृजन किया जायेगा। साथ ही बीना में 100 बिस्तरीय अस्पताल बनेगा। इससे सागर विकास की ऊँचाइयों तक पहुँचेगा। मंत्री श्री राजपूत ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव का धन्यवाद और आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सागर तथा बुंदेलखण्ड के लिये दी गई सौगातें विकास के क्षेत्र में मील का पत्थर साबित होंगी। 25 हजार करोड़ से विकसित होगा नया औद्यौगिक क्षेत्र मंत्री श्री राजपूत ने बताया कि उद्योगों के लिए भी सागर को विशेष पैकेज प्रदान किया गया है। इसके तहत रिछोड़ा के पास 25 हजार करोड़ की लागत से नया औद्यौगिक क्षेत्र विकसित किया जायेगा, जिसमें लगभग 30 हजार लोगों को रोजगार प्राप्त होगा। मसवासी ग्रंट औद्योगिक क्षेत्र के लिये स्वीकृत विशेष औद्योगिक प्रोत्साहन पैकेज में भूमि टोकन शुल्क मात्र एक रुपये प्रति वर्गमीटर, किराया और रजिस्ट्रेशन शुल्क में पूर्ण छूट एवं बिजली दरों में रियायत शामिल है। जुलाई माह में आयेंगे नौरादेही में 4 चीते मंत्री श्री राजपूत ने कहा कि जब प्रधानमंत्री कूनो में चीता लेकर आये थे तो पूरे देश को बड़ी खुशी हुई थी और अब बुंदेलखंड में पहली बार मुख्यमंत्री डॉ. यादव जुलाई माह में नौरादेही अभयारण्य में 4 चीते छोड़ेंगे, यह हमारे लिए गर्व की बात है। इससे क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। यह वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में भी सागर जिले को बड़ी उपलब्धि है। नौरादेही अभयारण्य को प्रदेश का तीसरा चीता आवास के रूप में विकसित करने की सैद्धांतिक सहमति दी गई है। यह क्षेत्र में पर्यावरणीय संरक्षण और ईको-टूरिज्म को बढ़ावा देने की सकारात्मक पहल है। सागर-दमोह फोरलेन निर्माण को 2059 करोड़ मंजूर मंत्री श्री राजपूत ने बताया कि केबिनेट बैठक में सागर-दमोह मार्ग को 4-लेन मय पेव्हड शोल्डर के साथ विकसित करने के लिए 2059.85 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई है। 76.680 किमी लंबे इस मार्ग का निर्माण हाइब्रिड एन्युटी मॉडल (एचएएम) के अंतर्गत किया जाएगा। परियोजना में 13 अंडरपास, 3 फ्लाईओवर, 9 मिडियन, 1 आरओबी तथा 13 पुल-पुलिया निर्माण का प्रावधान है। भूमि अर्जन और अन्य कार्यों पर 323.41 करोड़ रुपये व्यय किए जाएंगे। इससे सागर दमोह भोपाल जबलपुर जाने वालों के लिए आवागमन सुलभ होगा। 100 बेड का होगा बीना अस्पताल, पद सृजन को मंजूरी स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए बीना सिविल अस्पताल की क्षमता 50 से 100 बिस्तर तक बढ़ाने और नए पदों के सृजन को भी मंजूरी दी गई है। इससे स्थानीय नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएँ मिलेंगी।