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अनक्लेम्ड बैंक फंड्स का अलर्ट: भोपाल में 230 करोड़, देशभर में 67,000 करोड़, RBI कैंप मददगार

भोपाल  राजधानी के 5 लाख 63 हजार 659 खाताधारकों ने करीब 10 साल अपने बैंक खातों में कोई ट्रांजेक्शन नहीं किया है। लेनदेन नहीं होने की वजह से निष्क्रिय पड़े इन खातों में करीब 230 करोड़ रुपए पड़े हैं। यदि आपका या आपके परिवार का पैसा पिछले दस साल से बैंक में जमा है और उसमें कोई लेनदेन नहीं किया है तो ऐसे पैसे खाते से निकाले जा सकते हैं। इसके लिए अब वित्तीय संस्थान ही आगे आ रहे हैं। जगह-जगह कैंप लगाकर लाभार्थियों को पैसा निकालने की सलाह दी जा रही है। रिजर्व बैंक ने ऐसे पैसे वापस करने के लिए 31 दिसंबर 2025 तक का समय दिया है। इसमें बैंक, बीमा कंपनी सहित अन्य वित्तीय संस्थान शामिल है। कैसे मिलेगी राशि बैंकर्स का कहना है कि इस प्रकार की राशि को प्राप्त करने के लिए बैंक में आवेदन देना होगा साथ ही खाते का केवायसी (खाताधारक का आधार, पेन नंबर) आदि देना होगा। यदि खाताधारक नहीं है और नामिनी बनाया है तो राशि नामिनी को मिलेगी अन्यथा विधिक वारिस को मिलेगी। ये पैसा जमाकर्ता एवं उतराधिकारियों की वैद्य संपत्ति है। सरकारी बैंकों में 20 करोड़, 210 करोड़ रुपए प्राइवेट बैंकों में जमा 2518 करोड़ रुपए जमा हैं मप्र के निष्क्रिय खातों में लेनदेन बंद… डीईए फंड में जाती है राशि बैंक अधिकारियों के मुताबिक सेविंग, रैकरिंग, करंट या इंश्योरेंस समेत किसी भी खाते में 10 साल तक लेनदेन नहीं होने पर खाता निष्क्रिय हो जाता है। इसके बाद जमा राशि आरबीआई के डीईए (डिपॉजिटर एजुकेशन एंड अवेयरनेस) फंड में ट्रांसफर होती है। इसके ब्याज से आरबीआई जागरूकता और शिक्षा कार्यक्रम चलाता है। देश में 67,000 करोड़ अनक्लेम्ड पड़े देश के लाखों लोगों की करीब 67,000 करोड़ रुपये की रकम (जून 2025 तक) बैंकों में लावारिस पड़ी है. यह वही धन है जिसे लोग पुराने खातों में छोड़कर भूल गए, या फिर उनके परिवार के सदस्यों को इन खातों की जानकारी ही नहीं मिली. कई मामलों में नॉमिनी जानकारी के अभाव, दस्तावेजों के गुम होने या जागरूकता की कमी के कारण परिवार इस जमा रकम को वर्षों तक क्लेम नहीं कर पाते. अनक्लेम्ड राशि बढ़ने की असली वजह भारतीय परिवारों में वित्तीय संवाद की कमी सबसे बड़ी वजह मानी जा रही है. लोग निवेश करते तो हैं, लेकिन उसके बारे में परिवार को बताते नहीं. ऐसे में निवेशक की अनुपस्थिति या जानकारी के अभाव में धन वर्षों तक निष्क्रिय पड़ा रह जाता है. RBI की बड़ी पहल – पूरे देश में विशेष सहायता कैंप रिज़र्व बैंक ने 31 दिसंबर 2025 तक देशभर में विशेष सहायता कैंप शुरू किए हैं. इनका उद्देश्य है जनता तक भूला हुआ पैसा पहुंचाना, क्लेम प्रक्रिया आसान बनाना, वित्तीय जागरूकता बढ़ाना. कैंप में ग्राहकों को फ़ॉर्म भरने, दस्तावेज़ सत्यापन, नॉमिनी अपडेट और फॉलो-अप में सहायता दी जा रही है ताकि लोग आसानी से अपना पैसा वापस पा सकें. निष्क्रिय खाता क्या होता है? बचत या करंट अकाउंट में यदि दो साल तक कोई लेन-देन नहीं होता, तो वह निष्क्रिय (Inactive) मान लिया जाता है. पैसे सुरक्षित रहते हैं, लेकिन कई सेवाएं बंद हो जाती हैं. अगर 10 साल तक खाते में कोई गतिविधि न हो, तो उसमें मौजूद राशि ब्याज सहित RBI के DEA Fund में ट्रांसफर हो जाती है. अच्छी खबर यह है कि, ग्राहक या कानूनी वारिस कभी भी अपना पैसा क्लेम कर सकते हैं. कोई समयसीमा नहीं है. उद्गम पोर्टल से खातों की खोज उद्गम पोर्टल से कई बैंकों के खातों की खोज की सुविधा दी जा रही है। इससे प्रत्येक बैंक के दावे या निपटान प्रक्रिया की जानकारी मिलती है। हालांकि जमा राशि का दावा केवल संबंधित बैंक से ही किया जा सकता है। पैसे वापस कैसे पाएं?     अपने बैंक की किसी भी शाखा में जाएं     KYC दस्तावेज (आधार, पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस आदि) दें     क्लेम फॉर्म भरें     नॉमिनी/कानूनी वारिस से जुड़े प्रमाण प्रस्तुत करें     राशि (ब्याज सहित, जहाँ लागू हो) प्राप्त करें अनक्लेम्ड जमा ढूंढने के लिए RBI का UDGAM पोर्टल     वेबसाइट पर जाएं: udgam.rbi.org.in     मोबाइल नंबर या आधार से रजिस्टर करें     नाम, जन्मतिथि, मोबाइल आदि विवरण भरें     पोर्टल आपके नाम से जुड़े निष्क्रिय खाते या FDs की जानकारी दिखाएगा     बैंक का नाम और UDRN नंबर भी दिखाई देगा अब तक 30 बैंक इस पोर्टल से जुड़े हैं, जो कुल अनक्लेम्ड जमाओं का लगभग 90% कवर करते हैं. बैंकों को मिलेगा इनाम — RBI की नई योजना 1 अक्टूबर 2025 से लागू नई योजना के तहत—     4 साल निष्क्रिय खाते वापस दिलाने पर बैंक को 5% या 5,000 रु (जो कम हो)     10 साल निष्क्रिय खाते के भुगतान पर 7.5% या 25,000 रु (जो कम हो)     RBI हर तिमाही दावों की जांच कर 30 दिनों में इनाम जारी करेगा. इसका उद्देश्य है—     बैंकों को पुराने निष्क्रिय खातों के निपटान के लिए प्रोत्साहित करना     भविष्य में अनक्लेम्ड जमा की संख्या कम करना भविष्य में ऐसी परेशानी से बचने के उपाय     अपने सभी बैंक खाते, PPF, बीमा, म्यूचुअल फंड आदि की सूची बनाकर रखें     परिवार के सदस्यों को इसके बारे में जानकारी दें     हर खाते में नॉमिनी अपडेट करें     दस्तावेज सुरक्षित रखें     समय-समय पर खातों में लेन-देन करते रहें

ड्रोन, टीमें और 32 दिन की तलाश बेअसर—लापता मासूम का सुराग नहीं; परिजनों ने मंदिर में दिलाई शपथ

ग्वालियर मुरार के मोहनपुर से 32 दिन पहले संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हुआ तीन वर्षीय मासूम रितेश पाल को पुलिस ढूंढ नहीं सकी। 32 दिन से करीब 500 पुलिसकर्मी जंगल से लेकर हाइवे और गांव में परिचित, रिश्तेदारों के घर तक खंगाल चुके हैं। लेकिन असफलता ही हाथ लगी, पुलिस को स्वजनों पर शक है। फिर भी अब तक खाली हाथ है। जब पुलिस बच्चे को ढूंढ नहीं सकी तो समाज के लोग आगे आए। रितेश के ननिहाल और दादा पक्ष के लोगों को महाराजपुरा के गिरगांव स्थित मजिस्ट्रेट महादेव की अदालत में ले जाया गया। पहले पंचायत लगी, फिर 11 लोगों ने शिवलिंग पर हाथ रखकर कसम खाई। कहा, "रितेश को गायब करने में न हम शामिल हैं न कोई षड़यंत्र है।"   महादेव पर छोड़ दिया फैसला अब फैसला महादेव पर छोड़ दिया गया है। 6 दिसंबर शाम 6 बजे तक का समय पंचायत ने दिया है। अगर इस समय किसी भी पक्ष का कोई नुकसान नहीं हुआ तो यह दोषमुक्त होंगे। अब सभी को महादेव के फैसले का इंतजार है। यहां बता दें कि गिरगांव महादेव की अदालत पूरे अंचल में निष्पक्ष फैसले के लिए जानी जाती है। मंदिर के मुख्य द्वार पर ही लिखा है- मजिस्ट्रेट महादेव। अब तक यहां पैसों के लेनदेन और जमीनों के विवाद से जुड़े मामले ही आते थे। पहली बार ऐसा अवसर है- जब किसी अपहरणकांड में मजिस्ट्रेट महादेव की अदालत लगी है। यह है पूरा मामला     एक नवंबर को तीन वर्षीय रितेश पाल पुत्र दलवीर पाल अपने ननिहाल से लापता हो गया था। वह घर के बाहर खेल रहा था। ननिहाल मुरार थाना क्षेत्र के अंतर्गत मोहनपुर गांव में है। रितेश अपनी मां सपना के साथ ननिहाल में रहता है। जबकि बड़ा भाई पिता दलवीर के साथ उपनगर ग्वालियर में रहता है। सपना व दलवीर में झगड़ा रहता है। इसके कारण दोनों अलग रहते हैं।     पुलिस ने अपहरण का केस दर्ज किया और बालक की तलाश शुरू की। सपना व उसके मायके वाले पति और ससुराल पक्ष पर आरोप लगा रहे थे।जबकि पति दलवीर का कहना था- सपना ने अपने मायके वाले और परिचितों के साथ मिलकर बच्चे को गायब करा दिया है।     खुद एसएसपी धर्मवीर सिंह, तीन एएसपी, चार सीएसपी, तीन टीआइ और करीब 500 पुलिसकर्मी अब तक तलाश में लग चुके हैं। ड्रोन से भी जंगल में सर्चिंग कराई गई, लेकिन बच्चे का सुराग नहीं लगा।     पुलिस ने करीब 50 संदेहियों से पूछताछ कर ली, सुई आखिर में स्वजनों पर ही आकर रुक जाती है। पुलिस इन पर ही संदेह कर रही है, इसके चलते इनसे पूछताछ भी हुई। जब बच्चा नहीं मिला तो समाज के लोग आगे आए और मजिस्ट्रेट महादेव के सामने ले गए। मंदिर में पंचों के सामने हुई चर्चा, फिर खाई कसम सपना, उसका भाई राजू, भाभी ज्योति व दो अन्य लोग और दलवीर के साथ उसका भाई, पिता व अन्य स्वजन पहुंचे। दोनों पक्षों से 11 लोग पंचायत में शामिल हुए। यहां करीब दो घंटे तक चर्चा हुई। फिर महादेव के सामने ले जाया गया, यहां दोनों पक्षों ने कसम खाकर कहा- वह निर्दोष हैं। हमने गायब किया हो तो तीनों बेटे मर जाएं: दलवीर के पिता रामवीर ने कहा कि अगर उसका या उसके स्वजनों का हाथ रितेश को गायब कराने में हो तो उसके तीनों बेटे मर जाएं। इसी तरह अन्य लोगाें ने भी कसम खाई। सपना ने कहा कि उसका ससुर गलत नियत रखता है, इसलिए वह पति से अलग रहती है। 5 दिन में आ जाएगा फैसला पंचों ने कहा कि 6 दिसंबर शाम 6 बजे तक फैसला आ जाएगा। अगर इस दौरान किसी भी पक्ष के यहां चोरी, किसी की मृत्यु, पशु की मृत्यु या कोई हादसा होता है तो वह पक्ष दोषी माना जाएगा। अपराध स्वीकार करने पर सजा दी जाएगी।    

दिव्यांगजन को दया नहीं, समान अवसर की आवश्यकता है : प्रमुख सचिव वायंगणकर

विश्व दिव्यांग दिवस का गरिमापूर्ण आयोजन भोपाल  विश्व दिव्यांग दिवस के अवसर पर प्रमुख सचिव सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण श्रीमती सोनाली वायंगणकर के मुख्य आतिथ्य में संचालनालय सभागार में कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें दिव्यांगजनों के अधिकार, समानता और सशक्तिकरण के लिए विभाग की प्रतिबद्धता को रेखांकित किया गया। इस अवसर पर आयुक्‍त नि:शक्तजन डॉ. अजय खेमरिया भी उपस्थित थे। प्रमुख सचिव श्रीमती वायंगणकर ने कहा कि दिव्यांगजन किसी दया या सहानुभूति के नहीं, बल्कि समान अवसर, गरिमा और अधिकार के अधिकारी हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि दिव्यांगजन गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, बेहतर कौशल प्रशिक्षण और रोजगार के अवसर प्राप्त कर सकें, जिससे वे आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकें। श्रीमती वायंगणकर ने कहा कि विभाग कार्यस्थलों को पूर्णतः सुगम्य और दिव्यांग-अनुकूल बनाने की दिशा में ठोस प्रयास कर रहा है। इसी क्रम में, कार्यक्रम के दौरान Atypical Advantage संस्था के साथ रोजगार पुनर्वास के लिए एक महत्वपूर्ण समझौता (MOU) किया गया। इस साझेदारी से निजी क्षेत्र में दिव्यांगजनों के लिए नौकरी के अवसर बढ़ाने, उचित स्किल-मैपिंग एवं प्लेसमेंट, और प्रतिभा के अनुरूप कार्यस्थल उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। कार्यक्रम में विभाग की पूर्व उपलब्धियों का भी उल्लेख किया गया, जिनमें नागरिकों के लिए डिजिटल सेवाओं का विस्तार, सुगम्य भवन एवं प्रक्रियाएँ, पारदर्शी और सुलभ व्यवस्था, तथा रोजगार-परक प्रयास शामिल हैं। कार्यक्रम में अंतर्राष्ट्रीय तैराकी प्रतियागिता में इंग्लिश चेनल में स्विमिंग करने वाले दो राष्ट्रीय खिलाड़ी दिव्यांग तैराक श्री सतेन्द्र लोहिया और श्री रामवरण को 5-5 लाख रूपये राशि के चेक भी प्रदान किये गये।  

पॉवर जनरेटिंग कम्पनी के परियोजना उत्पादन और सिविल इंजीनियरिंग कार्यालय को मिला आईएसओ सर्टिफिकेशन

अब तक 12 कार्यालय को मिला आईएसओ प्रमाणन भोपाल  मध्यप्रदेश पॉवर जनरेटिंग कंपनी के जबलपुर मुख्यालय स्थित परियोजना उत्पादन व सिविल इंजीनियरिंग कार्यालय को अंतर्राष्ट्रीय क्वालिटी स्टैण्डर्ड आईएसओ 9001: 2015 सर्टि‍फिकेशन प्राप्त हो गया। पावर जनरेटिंग कंपनी द्वारा कार्यप्रणालियों के सतत् मानकीकरण व दक्षता वृद्धि की दिशा में यह उपलब्धि एक महत्वपूर्ण कदम है। वर्तमान में पॉवर जनरेटिंग कंपनी के कुल 12 कार्यालय इस अंतर्राष्ट्रीय गुणवत्ता प्रमाणन की श्रेणी में शामिल हो चुके हैं। ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने इस उपलब्धि पर पूरे स्टॉफ को बधाई दी है। पूर्व में कम्पनी के दस कार्यालयों में मुख्य अभियंता उत्पादन भंडार, मुख्य अभियंता संचालन संधारण- जल विद्युत,मुख्य अभियंता फ्यूल मैनेजमेंट, कार्यपालक निदेशक इंजीनियरिंग, ज्वाइंट डायरेक्टर सीओजीएचएस कार्यालय, प्रबंध संचालक कार्यालय, डायरेक्टर टेक्निककल, मुख्य अभियंता कारपोरेट सर्विसेस, मुख्य अभियंता मटेरियल मैनेजमेंट व मुख्य वित्तीय अधिकारी (सीएफओ) को अंतर्राष्ट्रीय क्वालिटी मैनेजमेंट सिस्टम 9001:2015 प्रमाणीकरण प्राप्त हो चुका है। यह सभी 12 कार्यालय अंतर्राष्ट्रीय स्तर के मानदंडों का पालन करते हुए कार्य कर रहे हैं।  

गणित एवं विज्ञान विषय के ओलम्पियाड का आयोजन, विकासखण्ड स्तरीय परीक्षा 7 दिसम्बर को

भोपाल  प्रदेश में ऐसे विद्यार्थी जिन्होंने गणित एवं विज्ञान विषय में कक्षा 9वीं एवं 10वीं में ओलम्पियाड में भाग लेने के लिये पंजीयन किया था। उन विद्यार्थियों की विकासखण्ड स्तरीय परीक्षा 7 दिसम्बर 2025 रविवार को प्रात: 11 से दोपहर एक बजे तक विज्ञान विषय एवं दोपहर 2 से शाम 4 बजे तक गणित विषय की परीक्षा आयोजित की गई है। परीक्षा का आयोजन स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा किया जा रहा है। ओलम्पियाड परीक्षा में कोई भी विद्यार्थी दोनों ही परीक्षा में भाग ले सकता है। इस परीक्षा से संबंधित प्रश्नपत्र विद्यार्थियों के रोल नम्बर, परीक्षा केन्द्र आदि की जानकारी मध्यप्रदेश राज्य ओपन स्कूल द्वारा अलग से भेजी जा रही है। विकासखण्ड स्तरीय परीक्षा का परिणाम 18 दिसम्बर 2025 के पूर्व घोषित कर दिया जाएगा। इस परीक्षा में उत्तीर्ण विद्यार्थी संभाग स्तरीय ओलम्पियाड 21 दिसम्बर 2025 दिन रविवार को भाग ले सकेंगे।  

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी मप्र ने मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ की बैठक

प्रदेश में चल रहे एसआईआर कार्य के बारे में कराया अवगत भोपाल  मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी मप्र श्री संजीव कुमार झा ने मंगलवार को निर्वाचन सदन भोपाल में मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की। इस दौरान उन्होंने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को भारत निर्वाचन आयोग द्वारा एसआईआर को लेकर बढ़ाई गई समय सीमा और प्रगति के बारे में जानकारी दी। साथ ही प्रदेश की उपलब्धि पर राजनीतिक दलों का आभार व्यक्त किया। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री झा ने कहा कि राजनीतिक दलों द्वारा बताई हुई समस्याओं के त्वरित समाधान और सुझावों के क्रियान्वयन से ही प्रदेश में एसआईआर का कार्य लगभग पूरा होने को है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 5 करोड़ 46 लाख से अधिक गणना पत्रकों का डिजीटाइजेशन किया जा चुका है। 10 जिलों ने 100 फीसदी काम पूरा कर लिया है। साथ ही 10 अन्य जिलों ने 99% से अधिक कार्य पूर्ण कर लिया है। उन्होंने बताया कि प्रदेश कि 230 विधानसभाओं में से 58 में शत् प्रतिशत,146 में 90% से अधिक, 12 में 80 से 90% तथा 14 विधान सभाओं में 80% से कम कार्य हुआ है। साथ ही प्रदेश के 65 हजार 14 मतदान केंद्रों में से 40 हजार 8 सौ 30 पर100%, 16 हजार178 पर 90% से अधिक, 3655 पर 80 से90% तक काम पूरा हो चुका है। बैठक के दौरान मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री झा ने मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के सुझाव प्राप्त किए। साथ ही उनकी जिज्ञासाओं का समाधान किया। बैठक में आम आदमी पार्टी से श्रीमती रीना सक्सेना, श्री सज्जन सिंह परमार, श्री सीपी सिंह, बहुजन समाज पार्टी से श्री पूर्णेन्द्र अहिरवार, भारतीय जनता पार्टी से श्री भगवान दास सबनानी, श्री रजनीश अग्रवाल, श्री एसएस उप्पल और कांग्रेस पार्टी से श्री जेपी धनोपिया उपस्थित रहे।  

उपभोक्‍ताओं के लिए स्‍मार्ट मीटर बना वरदान, दिन के टैरिफ में 20 प्रतिशत की छूट

नवम्‍बर माह में 4,06,507 उपभोक्ताओं को उनके मासिक विद्युत बिल में दी 06 करोड, 34 लाख से अधिक की रियायत भोपाल मध्‍य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा स्‍मार्ट मीटर उपभोक्‍ताओं को दिन के टैरिफ में 20 प्रतिशत की छूट प्रदान की जा रही है। स्‍मार्ट मीटर उपभोक्‍ताओं के लिए यह सभी छूट अथवा प्रोत्साहन की गणना सरकारी सब्सिडी (यदि कोई हो) को छोड़कर की जा रही है। मध्‍य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा स्मार्ट मीटरिंग पहल के अंतर्गत, माह नवम्‍बर 2025 के दौरान कुल 4,06,507 उपभोक्ताओं को उनके मासिक विद्युत बिल में टाइम ऑफ डे (ToD) छूट का लाभ प्रदान किया है, जिसकी कुल राशि 06 करोड़, 34 लाख रूपए है। स्‍मार्ट मीटर उपभोक्ताओं को उनकी खपत के आधार पर उपरोक्त छूट दी गई है। कंपनी ने बताया कि स्‍मार्ट मीटर उपभोक्‍ताओं के लिए जिसमें घरेलू, गैर घरेलू, सार्वजनिक जल कार्य और स्ट्रीट लाइट और निम्‍न दाब औद्योगिक उपभोक्‍ताओं के लिए सोलर ऑवर सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक की अवधि के दौरान उपभोग की गई ऊर्जा के लिए ऊर्जा प्रभार की सामान्य दर पर 20 प्रतिशत की छूट 10 किलोवाट तक स्वीकृत लोड / अनुबंध मांग वाले उपभोक्‍ताओं को ही दी जा रही है। स्मार्ट मीटर के फायदे • ऊर्जा की खपत को ट्रैक करने और ऊर्जा की बचत करने में सहायक।  • बिजली की खपत को सटीक रूप से मापता है, जिससे बिल में कोई गलती नहीं होती।  • ऐप के जरिए मोबाइल पर रियल-टाइम डेटा देखकर ऊर्जा की खपत को नियंत्रित करना संभव।  • ऊर्जा की गुणवत्ता के बारे में जानकारी मिलती है। इससे ऊर्जा की खपत को बेहतर बना सकते हैं।  • ऊर्जा की खपत को ऑनलाइन ट्रैक करने और नियंत्रित करने की सुविधा।  • ऊर्जा की खपत को कम करने से पर्यावरण पर पड़ने वाला प्रभाव कम होता है।  • ऊर्जा की खपत को नियंत्रित करने और ऊर्जा की बचत करने में सहायक। 

जल्द पूरा करें शत-प्रतिशत मैपिंग और डिजिटाइजेशन का कार्य

मुख्य निर्वाचन पदधिकारी मप्र श्री संजीव कुमार झा ने उप जिला निर्वाचन अधिकारियों के साथ की वर्चुअल बैठक, एसआईआर की समीक्षा की भोपाल मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी मप्र श्री संजीव कुमार झा ने मंगलवार को प्रदेश के सभी 55 जिलों के उप जिला निर्वाचन अधिकारियों के साथ वर्चुअल बैठक की। इस दौरान उन्होंने एसआईआर कार्य की समीक्षा की और उत्कृष्ट कार्य के लिए सभी को बधाई दी। इसके साथ ही जल्द से जल्द शत प्रतिशत मैपिंग और डिजिटाइजेशन कार्य पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची पूरी तरह से शुद्ध हो, यह सुनिश्चित करें। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री झा ने कहा कि एसआईआर के बारे में मतदाताओं को जागरूक करें। बीएलए और वालेंटियर्श का सहयोग लें। गणना पत्रकों को जल्द से जल्द संग्रहित करें। नो मैपिंग और असंकलित गणना पत्रक (UEF) को कम करने का पूरा प्रयास करें। उन्होंने कहा कि कोई भी पात्र व्यक्ति का नाम नहीं छूटना चाहिए। बैठक के दौरान संयुक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी मप्र श्री राम प्रताप सिंह जादौन, उप मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्रीमती सुरभि तिवारी, श्री राजेश यादव सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंदसौर जिले के मल्हारगढ़ थाने को देश के श्रेष्ठ थानों की रैंकिंग में 9वां स्थान प्राप्त होने पर दी बधाई

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मन्त्रि-परिषद की बैठक से पहले किया संबोधित भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मन्त्रि-परिषद की बैठक से पहले अपने संबोधन में रायपुर (छत्तीसगढ़) में हुई पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) कॉन्फ्रेंस में मंदसौर जिले के मल्हारगढ़ थाने को देश के श्रेष्ठतम पुलिस थानों की रैंकिंग में 9वी रैंक प्राप्त होने पर बधाई और शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अपराध के ग्राफ, आपराधिक प्रकरणों को सुलझाने की अवधि, स्वच्छता, अधिकारियों-कर्मचारियों के व्यवहार जैसे 70 मापदंडों के परीक्षण के आधार पर प्राप्त यह रैंक प्रदेश के लिए गर्व का विषय है। केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह द्वारा यह पुरस्कार प्रदान किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मल्हारगढ़ थाने के पूरे स्टॉफ को भी बधाई दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में 14 से 27 नवम्बर तक आयोजित 44वें भारतीय अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेले में राज्यों की श्रेणी में मध्यप्रदेश मंडपम को उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए रजत पदक प्राप्त होने की बधाई भी दी। एक भारत श्रेष्ठ भारत की थीम पर आयोजित मेले में मध्यप्रदेश के मंडप को ग्वालियर किले की थीम पर विकसित किया तथा मंडपम केन्द्र में मुरैना जिले के 64 योगिनी मंदिर को दर्शाया गया था। मध्यप्रदेश मंडपम में प्रदेश की विश्व धरोहरों खजुराहो, सांची स्तूप और भीमबेटका के साथ प्रस्तावित धरोहर स्थलों, विभिन्न सांस्कृतिक महोत्सवों, हस्तशिल्प, हाथकरघा, जी.आई., एक जिला एक उत्पाद को भी सजाया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि लुटियन्स ने जब भारतीय संसद भवन का डिजाइन तैयार किया था तब उन्होंने भारत वर्ष की प्रसिद्ध इमारतों के डिजाइन बुलवाए थे, जिसमें से उन्होंने मुरैना जिले के 64 योगिनी मंदिर का चुनाव किया था। इसके आधार पर ही लुटियन्स ने भारतीय संसद भवन का निर्माण कराया था।  प्रमुख बिंदु     मन्त्रि-परिषद की बैठक से पहले अपने संबोधन में रायपुर में हुई डीजीपी कॉन्फ्रेंस में मंदसौर के मल्हारगढ़ थाने को देश के श्रेष्ठतम पुलिस थानों की रैंकिंग में 9वी रैंक प्राप्त होने पर बधाई और शुभकामनाएं दीं।     मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मल्हारगढ़ थाने के पूरे स्टॉफ को भी बधाई दी।     केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह द्वारा यह पुरस्कार प्रदान किया गया।     मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश मंडपम को उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए रजत पदक प्राप्त होने की बधाई भी दी।     44वां भारतीय अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेला दिल्ली में 14 से 27 नवम्बर तक आयोजित हुआ।     मध्यप्रदेश के मंडप को ग्वालियर किले की थीम पर विकसित किया।

ग्राम विकास से संबंधित सभी विभाग समग्र ग्राम विकास की अवधारणा के अनुसार योजनाओं का क्रियान्वयन करें सुनिश्चित

अर्ध शहरी एवं बड़ी ग्राम पंचायतों को सशक्त करते हुए उनके विकास के लिए बनाई जाए कार्य योजना दो वर्ष की उपलब्धियों, नवाचारों पर हुआ प्रेजेंटेशन आगामी कार्य योजना संबंधी दिए निर्देश भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि ग्राम स्तर पर रोजगार सृजन, स्वच्छता और ग्रामों को सड़कों के माध्यम से विकास की मुख्य धारा में जोड़ने में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की महत्वपूर्ण भूमिका है। यह गतिविधियां आम आदमी के जीवन स्तर में सुधार लाने में महत्वपूर्ण योगदान देती हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के संकल्प के अनुसार वर्ष 2047 तक विकसित भारत के स्वप्न को साकार करने में इस विभाग द्वारा संचालित कार्यक्रमों और योजनाओं का महत्वपूर्ण योगदान रहेगा। योजनाओं और कार्यक्रमों के क्रियान्वयन तथा अनुवीक्षण में सूचना प्रौद्योगिकी से जुड़ी अद्यतन तकनीकों का अधिक से अधिक उपयोग किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव विधानसभा स्थित समिति कक्ष में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की उपलब्धियों और प्राथमिकताओं पर बैठक को संबोधित कर रहे थे। पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेल, राज्य मंत्री श्रीमती राधा सिंह, मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव श्री नीरज मंडलोई तथा विभागीय अधिकारी उपस्थित थे। बैठक में महात्मा गांधी नरेगा, पंचायतराज, प्रधानमंत्री आवास ग्रामीण, स्वच्छ भारत मिशन, राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना, प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण, म.प्र. ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण और ग्रामीण यांत्रिकी सेवा की 2 वर्ष की उपलब्धियों और नवाचारों का प्रेजेंटेशन किया गया तथा आगामी कार्ययोजना के संबंध में निर्देश दिए गए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के साथ ही कृषि, सहकारिता, मत्स्य पालन तथा ग्राम विकास से संबंधित अन्य विभागों को सम्मिलित करते हुए समग्र ग्राम विकास की अवधारणा के अनुसार योजनाओं का समन्वित रूप से क्रियान्वयन किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मुख्यमंत्री वृन्दावन ग्राम योजना को गति देने के निर्देश भी दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अर्ध शहरी एवं बड़ी ग्राम पंचायतों को सशक्त करते हुए उनके विकास के लिए कार्य योजना बनाई जाए तथा नगरीय निकायों के मध्य विद्यमान पंचायतें परस्पर समन्वय से सड़कें तथा अन्य आवश्यक अधोसंरचनाएं विकसित करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में राज्य शासन की दो वर्ष की उपलब्धियों के प्रेजेंटेशन में जानकारी दी गई कि :-     प्रदेश में 922 करोड़ 20 लाख रूपए की लागत से 2 हजार 472 ग्राम सेवा सदन (पंचायत भवन), 557 करोड़ रूपए लागत के 106 अटल सुशासन भवन (जनपद पंचायत भवन) और 50 करोड़ रूपए लागत के 5 अटल जिला सुशासन भवन (जिला पंचायत भवन) स्वीकृत किए गए।     855 करोड़ रूपए लागत के 3 हजार 560 सामुदायिक भवन निर्माण को स्वीकृति प्रदान की गई।     नर्मदा परिक्रमा पथ के 231 आश्रय स्थलों और 89 नदियों के उद्गम स्थलों पर पौध-रोपण कार्य के लिए 7 करोड़ 50 लाख रूपए के फेंसिंग कार्य स्वीकृत किए गए।     प्रत्येक विधानसभा में मुख्यमंत्री वृन्दावन ग्राम योजना के अंतर्गत 155 विधानसभा क्षेत्रों में ग्रामों का चयन किया जा चुका है।     जल गंगा संवर्धन अभियान 2024 के अंतर्गत 1368 करोड़ रूपए के 60 हजार 428 कार्य किए गए। वर्ष 2025 के अंतर्गत 3 हजार करोड़ रूपए के कार्य लिए गए हैं।     एक बगिया मां के नाम अंतर्गत 750 करोड़ रूपए लागत से 31 हजार 142 कार्य किए गए।     महात्मा गांधी नरेगा के अंतर्गत वर्ष 2024-25 में 1897 लाख और वर्ष 2025-26 में 1404 लाख मानव दिवस का सृजन किया गया।     "कैच द रेन" अभियान के अंतर्गत प्रदेश के खरगौन जिले को नेशनल वाटर अवार्ड 2024 प्रथम पुरस्कार प्राप्त हुआ।     प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के अंतर्गत 1224 जल संरक्षण संरचनाओं का निर्माण कर वर्षा आधारित कृषि क्षेत्र में 6170 हेक्टेयर में सिंचाई सुविधा का सृजन किया गया, 67 कृषक सुविधा सह कस्टम हायरिंग सेंटर का निर्माण प्रचालन एफपीओ के माध्यम से किया गया।     प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण में वर्ष 2024-25 में 44 लाख 22 हजार और वर्ष 2025-26 में अक्टूबर 2025 तक 37 लाख 23 हजार विद्यार्थी लाभान्वित हुए।     राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत लखपति दीदी की श्रेणी में 11 लाख 27 हजार 37 परिवार पिछले दो वर्ष में दर्ज हुए।     आजीविका मिशन के अंतर्गत 19,995 ग्रामीण युवाओं को रोजगार के लिए कौशल प्रशिक्षण तथा 16,975 युवाओं को रोजगार दिया गया। लगभग 65 हजार प्रशिक्षित युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ा गया। इसके साथ ही 2 लाख 36 हजार 214 समूहों को 5 हजार 658 करोड़ रूपए से अधिक का बैंक लिंकेज प्रदान किया गया और 3,395 स्व-सहायता समूहों को ऑनलाइन प्लेटफार्म पर ऑनबोर्ड किया गया।     प्रधानमंत्री आवास ग्रामीण के अंतर्गत 11 लाख 72 हजार के लक्ष्य के विरूद्ध 11 लाख 46 हजार आवास स्वीकृत कर मध्यप्रदेश, देश में प्रथम रहा।     स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत खुले में शौच मुक्ति के स्थायित्व के लिए 2 लाख 87 हजार 279 पारिवारिक व्यक्तिगत शौचालय और 1,417 सामुदायिक स्वच्छता परिसरों का निर्माण किया गया। 21,186 ग्रामों को ओडीएफ प्लस मॉडल घोषित किया गया है। गोबरधन योजना के अंतर्गत 73 बायो गैस संयंत्रों का निर्माण किया गया। प्रदेश के 16 हजार 56 ग्राम ठोस अपशिष्ट प्रबंधित घोषित किए गए हैं।     प्रमुख बिन्दु     ग्राम स्तर पर रोजगार सृजन, स्वच्छता और ग्रामों को सड़कों के माध्यम से विकास की मुख्य धारा में जोड़ने में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की महत्वपूर्ण भूमिका।     प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के संकल्प के अनुसार वर्ष 2047 तक विकसित भारत के स्वप्न को साकार करने में इस विभाग द्वारा संचालित कार्यक्रमों और योजनाओं का महत्वपूर्ण योगदान रहेगा।     योजनाओं और कार्यक्रमों के क्रियान्वयन तथा अनुवीक्षण में सूचना प्रौद्योगिकी से जुड़ी अद्यतन तकनीकों का अधिक से अधिक उपयोग किया जाए।।     बैठक में महात्मा गांधी नरेगा, पंचायतराज, प्रधानमंत्री आवास ग्रामीण, स्वच्छ भारत मिशन, राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना, प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण, म.प्र. ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण और ग्रामीण यांत्रिकी सेवा की 2 वर्ष की उपलब्धियों और नवाचारों का प्रेजेंटेशन किया।     पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के साथ ही कृषि, सहकारिता, मत्स्य पालन तथा ग्राम विकास से संबंधित अन्य विभागों को सम्मिलित करते हुए समग्र ग्राम … Read more