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भारत की पहली डिजिटल जनगणना 2027: मध्यप्रदेश में तैयारियों का दौर तेज

भोपाल  भारत सरकार द्वारा देश की पहली डिजिटल जनगणना 2027 को लेकर बैतूल जिला प्रशासन ने तैयारी तेज कर दी हैं। जनगणना संबंधी अधिसूचना भारत सरकार के राजपत्र में 16 जून को प्रकाशित होने के बाद बैतूल जिला सांख्यिकी विभाग ने शासन से मिले दिशा-निर्देशों के आधार पर प्रारंभिक कदम उठाना शुरु कर दिए हैं। बैतूल जिले में जनगणना शुरु होने से लगभग 18 महीने पहले प्रशासनिक इकाइयों जिले, तहसीलों, कस्बों और गांवों की सीमाओं को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया तेजी से संचालित की जा रही है। सांख्यिकी कार्यालय ने इसके लिए विभिन्न विभागों को आवश्यक निर्देश जारी किए हैं। दो चरणों में जनगणना पूरी इस बार होने वाली जनगणना (Census India 2027) पूरी तरह डिजिटल तकनीक आधारित होगी, जिसमें आंकड़ों के संग्रहण से लेकर प्रकाशन तक हर चरण में आधुनिक उपकरणों और सॉटवेयर का उपयोग होगा। विशेष बात यह है कि इस बार जातिगत डेटा भी संग्रहित किया जाएगा, जिसके लिए सभी जातियों से संबंधित सूचनाएं प्रगणकों द्वारा दर्ज की जाएंगी। जनगणना दो चरणों में होगी।     पहला चरण मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना का होगा, जो मध्यप्रदेश शासन से परामर्श लेकर अप्रेल से सितंबर 2026 के बीच 30 दिन में पूरा होगा।     दूसरा चरण जनसंया गणना का होगा, जिसे फरवरी 2027 में करवाया जाएगा। इस दौरान जनगणना की संदर्भ तिथि 1 मार्च 2027, रात 12 बजे निर्धारित की गई है, यानी उस पल मौजूद जनसंया ही रिकॉर्ड मानी जाएगी। निवासियों के लिए स्व-गणना पोर्टल तैयार जनगणना को अधिक सरल, पारदर्शी और सटीक बनाने के लिए एक स्व-गणना वेब पोर्टल भी विकसित किया जा रहा है, जिसके माध्यम से जिले के नागरिक अपने घरों और परिवार का डेटा स्वयं भर सकेंगे। इससे न केवल आंकड़ों की सटीकता बढ़ेगी, बल्कि प्रगणकों का कार्यभार भी काफी कम होगा। डिजिटल जनगणना 2027 के लिए बैतूल जिला प्रशासन की यह तैयारियां बताती हैं कि प्रदेश और जिले के लिए यह प्रक्रिया एक महत्वपूर्ण तकनीकी बदलाव लेकर आएगी। ऐप, जीपीएस और रियल टाइम मॉनिटरिंग का उपयोग जनगणना 2027 पारंपरिक जनगणना से इसलिए भिन्न है क्योंकि इसमें मोबाइल ऐप आधारित डिजिटल डेटा संग्रह प्रणाली अपनाई जाएगी। प्रगणक मोबाइल ऐप से घरों की सूची और गणना से जुड़े आंकड़े दर्ज करेंगे। हर गणना ब्लॉक की सीमा जीपीएस तकनीक से कैप्चर की जाएगी, जिससे सटीकता बढ़ेगी। समस्त जनगणना कार्य की रियल टाइम मॉनिटरिंग सीएमएमएस पोर्टल के माध्यम से की जाएगी। नवंबर 2025 तक जिले में जनगणना प्रशिक्षण के लिए चार मास्टर ट्रेनर चिन्हित किए जा चुके हैं, जो आगे प्रगणकों को प्रशिक्षित करेंगे। सीमाओं की फ्रीजिंग से पहले सत्यापन जनगणना 2027 के लिए राज्य की प्रशासनिक इकाइयों की सीमाओं की फ्रीजिंग 31 दिसंबर 2025 से लागू हो जाएगी। इसके बाद 1 जनवरी 2026 से 31 मार्च 2027 तक किसी भी जिलों, तहसीलों या ग्राम सीमाओं में परिवर्तन नहीं किया जा सकेगा। इसी कारण बैतूल जिले में सीमाओं के सत्यापन का कार्य प्राथमिकता से करवाया जा रहा है। निर्देशालय द्वारा भेजे गए आदेशों के अनुसार अक्टूबर-नवंबर 2025 के बीच तक सभी राजस्व व वन ग्रामों की तहसीलवार सूची, नगरीय निकायों के मानचित्र और ग्राम सीमाओं के सत्यापन पूरा कर भेजना अनिवार्य होगा। जिला प्रशासन ने संबंधित विभागों को समय सीमा में कार्य पूर्ण करने के निर्देश जारी किए हैं।  जनगणना 2027: पहले चरण में घर-घर पहुंचेगी टीम नए साल में जनगणना वाले कई सवाल लेकर आपके घर पर दस्तक देंगे। वे घर के निर्माण से लेकर उसके उपयोग के बाबत तमाम जानकारी एकत्र करेंगे। मसलन सौर ऊर्जा से लेकर इंटरनेट के इस्तेमाल तक की जानकारी मांगी जाएगी। घर के फर्श, छत व दीवारें किस चीज से बनीं हैं। मकान का उपयोग आवास के रूप में होता या उसमें कार्यालय, गेस्ट हाउस या पूजा स्थल भी है। पीने का पानी नहर, नदी, कुएं हैंडपंप व नल से मिलता है या सीलबंद पैकेट या बोतल का पानी उपयोग में आता है। यह सब जानकारियां भी हासिल की जाएंगी। टेलीफोन या स्मार्टफोन तक की जानकारी भी साझा करनी है। इस कवायद का मकसद देश के लोगों के रहन सहन के स्तर को जानना है। इससे निकले आंकड़े विकसित भारत की मुहिम में नई नीतियां बनाने व मौजूदा नीतियों में कमियों को दूर करने में सहायक होंगे। भारत सरकार ने जनगणना 2027 के प्रथम चरण के लिए मकान सूचीकरण व मकान गणना अनुसूची सूची तैयार करने का अभियान तेज कर दिया है। इसके लिए प्रगणक घर घर दस्तक देंगे। इसके लिए 30 से ज्यादा सवालों की सूची तैयार कर ली गई है। इससे संबंधित अधिसूचना जल्द जारी होगी। मोटर कार से लेकर मोपेड तक जानकारी दर्ज होगी मकान मलिक से घर में कार, मोटर साइकिल, साइकिल व मोपेड के बारे में जानकारी ली जाएगी। यह पता किया जाएगा घर में खाना बनाने में लकड़ी, फसल अपशिष्ट , उपले कोयला, गोबर गैस, मिट्टी का तेल, एलपीजी, पीएनजी, बिजली व सौर ऊर्जा में किसका इस्तेमाल होता है। फर्श कच्चा है या पत्थर, टाइल, ईंट या सीमेंट का है। टीवी में डिश व डीटीएच की सुविधा, लैपटॉप, लैंडलाइन व मोबाइल फोन की जानकारी भी देनी है। गेहूं , ज्वार , चावल , बाजरा, मक्के के उपयोग के बाबत भी सवाल होंगे। ऑनलाइन गणना से जल्द आएंगे आंकड़े जनगणना 2027 का पहला चरण अगले साल अप्रैल से शुरू होगा। इसमें मकानों व उसमें रहने वालो के रहन सहन के स्तर का ब्यौरा एकत्र होगा। वर्तमान में लद्दाख व पश्चिम बंगाल को छोड़कर पूरे देश में पहले चरण के मकान सूचीकरण के काम का पूर्वाभ्यास चल रहा है। प्रगणकों को इसमें प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। यह प्रगणक ऑनलाइन व घर घर जाकर दोनों तरह से आंकड़ों को एकत्र करेंगे। पहली बार डिजिटल माध्यम का भी उपयोग होने से जनगणना के आंकड़े भी जल्द सामने आ सकेंगे। पहले की जनगणनाओं में मुख्य आंकड़े तो आ जाते थे लेकिन विस्तृत आंकड़े आने में कई साल लगते थे। दूसरे चरण के तहत 2027 में पूरे देश की जनगणना कराई जाएगी। इसमें जातिगत जनगणना भी शामिल है। आजादी के बाद पहली बार जातिगत जनगणना होनी है इसलिए इस काम को बहुत ही चुनौतीपूर्ण माना जा रहा है। जनगणना में पहली बार मोबाइल ऐप व पोर्टल का उपयोग होगा। उसके लिए सवाल अलग से … Read more

उज्जैन महाकाल मंदिर: 25 दिसंबर से 5 जनवरी तक 10 लाख भक्त करेंगे दर्शन

उज्जैन ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर में 25 दिसंबर से 5 जनवरी तक भस्म आरती की ऑनलाइन बुकिंग को ब्लाक कर दिया गया है। भीड़ भरे इन दिनों में आफलाइन अनुमति व्यवस्था भी स्थगित रहेगी। इस दौरान देशभर से आने वाले भक्त भगवान महाकाल की भस्म आरती के चलायमान दर्शन कर सकेंगे। महाकाल मंदिर में नए साल को लेकर तैयारी शुरू हो गई है। अनुमान है कि 25 दिसंबर से पांच जनवरी तक करीब 10 लाख भक्त भगवान महाकाल के दर्शन करने उज्जैन पहुंचेंगे। श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए दर्शन का नया प्लान तैयार किया जा रहा है। इसकी शुरुआत भस्म आरती की ऑनलाइन बुकिंग सुविधा को ब्लॉक करने के साथ हो गई है। सभी को अनुमति प्रदान करना संभव नहीं भस्म आरती दर्शन व्यवस्था प्रभारी व सहायक प्रशासक मूलचंद जूनवाल ने बताया नए साल में भस्म आरती दर्शन को लेकर काफी दबाव रहता है। हर भक्त की अभिलाषा रहती है कि वह भगवान महाकाल की भस्म आरती के दर्शन करे, लेकिन मंदिर में स्थान समिति होने के कारण सभी को अनुमति प्रदान करना संभव नहीं है। इसलिए 25 दिसंबर से 5 जनवरी तक अत्यधिक भीड़ वाले दिनों के लिए भस्म आरती की ऑनलाइन बुकिंग व्यवस्था को बंद कर दिया गया है। मंदिर के भस्म आरती बुकिंग काउंटर से सामान्य श्रद्धालुओं को दी जाने वाली अनुमति व्यवस्था भी स्थगित रहेगी। उक्त सभी दर्शनार्थी बिना किसी परेशानी के कार्तिकेय मंडपम से सुविधा पूर्वक निश्शुल्क चलायमान दर्शन कर सकेंगे। चारधाम मंदिर से रहेगी दर्शन व्यवस्था पिछले कुछ सालों से वर्षांत में देश विदेश से हजारों भक्त भगवान महाकाल के दर्शन करने उज्जैन आते हैं। मंदिर प्रशासन द्वारा भक्तों की सुविधा के विशेष इंतजाम किए जाते हैं। इस बार भी नए साल में विशेष दर्शन व्यवस्था लागू रहेगी। दर्शनार्थियों को कर्कराज पार्किंग से चारधाम मंदिर, शक्तिपथ के रास्ते श्रीमहाकाल महालोक होते हुए मंदिर में प्रवेश दिया जाएगा, इसके बाद श्रद्धालु गणेश व कार्तिकेय मंडप से भगवान महाकाल के दर्शन करेंगे। बंद रह सकती है शीघ्र दर्शन टिकट सुविधा 31 दिसंबर व 1 जनवरी को 250 रुपये की शीघ्र दर्शन टिकट सुविधा भी बंद रह सकती है। बताया जाता है नए दर्शन प्लान में इस विकल्प को खुला रखा जाएगा। गत वर्ष 2025 में भी अत्यधिक भीड़ वाले इन दिनों में शीघ्र दर्शन की सुविधा को स्थगित किया गया था। सभी श्रेणी के भक्तों को एक साथ एक व्यवस्था से भगवान महाकाल के दर्शन कराए गए थे। यहां रहेगी पार्किंग सुविधा     कर्कराज मंदिर, भील समाज धर्मशाला, नृसिंह घाट क्षेत्र में वाहन पार्किंग रहेगी।     हरिफाटक चौराहा के पास इम्पीरियल होटल के पीछे तथा मन्नत गार्डन में पार्किंग रहेगी।  

कांग्रेस पर CM मोहन यादव का बड़ा हमला: ये रामभक्ति नहीं, हे-राम राजनीति करते हैं

श्योपुर  मध्यप्रदेश के श्योपुर जिले की बड़ौदा तहसील में गुरूवार को सीएम मोहन यादव किसानों के मुआवजा वितरण कार्यक्रम में पहुंचे। यहां एक तरफ जहां सीएम मोहन यादव ने सिंगल क्लिक के जरिए 6 जिलों के किसानों के खातों में 238 करोड़ रुपये की मुआवजा राशि ट्रांसफर की, वहीं दूसरी तरफ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा। सीएम मोहन यादव ने कहा कि कांग्रेस ने कभी किसानों को सम्मान निधि नहीं दी, बल्कि कांग्रेस हमेशा किसान विरोधी रही है। 'ये राम वाले नहीं हे-राम वाले हैं' सीएम मोहन यादव ने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि- “कांग्रेस वाले राम वाले नहीं, ये तो हे-राम वाले हैं। इन्होंने भगवान राम के जन्म पर सवाल उठाया। भगवान राम का मजाक बनाया। लेकिन नरेंद्र मोदी की सरकार में अयोध्या में भव्य राम का धाम जगमगा रहा है। जब अयोध्या में राम मंदिर जगमगा रहा है तो फिर मथुरा वाले क्यों पीछे रहें? वहां भी भव्य मंदिर होना चाहिए। अब कांग्रेसी कहते हैं कि हम भी राम वाले हैं, लेकिन मैं कहता हूं कि कांग्रेस वालों सुन लो, यदि दम है तो आओ, मथुरा बुला रही है…। लेकिन ये नहीं आएंगे, ये भगवान राम और भगवान गोपाल कृष्ण की जय नहीं बोल सकते हैं, क्योंकि जय बोलेंगे तो वोट खिसकते दिखते हैं।” 6 जिलों के किसानों के खातों में ट्रांसफर किए 238 करोड़ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने श्योपुर जिले के बड़ौदा से श्योपुर सहित हरदा, विदिशा, खंडवा, धार और नर्मदापुरम की 23 तहसीलों के 2,148 गांवों के 3,05,410 किसानों को धान, सोयाबीन, मक्का, उड़द आदि फसलों के नुकसान का 238 करोड़ 78 लाख रुपए की राशि का मुआवजा सिंगल क्लिक के माध्यम से जारी किया। इसमें केवल श्योपुर जिले के ही 1,03,078 किसानों को 100 करोड़ 83 लाख रुपए की राशि जारी हुई। इस दौरान मुख्यमंत्री ने श्योपुर जिले में 38 करोड़ के विभिन्न कामों का लोकार्पण और भूमि पूजन किया, साथ ही कुछ स्थानीय स्तर की घोषणाएं भी की। बड़ौदा के पुलिस थाना ग्राउंड पर हुए कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर, कृषि मंत्री एदल सिंह कंषाना, श्योपुर जिले के प्रभारी मंत्री राकेश शुक्ला भी मौजूद रहे।

अगर चच्चे के 30 बच्चे हो सकते हैं, तो हिंदुओं के 4 क्यों नहीं? बागेश्वर बाबा की जनसंख्या टिप्पणी पर विवाद

शिवपुरी  शिवपुरी में श्रीमद् भागवत कथा के दौरान बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि उनका लक्ष्य राजनीति नहीं, हिंदू और सनातन एकता है। उन्होंने कहा कि हम इस देश को गजवा-ए-हिंद नहीं बल्कि हमें भगवा हिंद बनाना है। उन्होंने हिंदुओं की घटती जनसंख्या पर चिंता जताते हुए कहा “हिंदुओं को चार बच्चे पैदा करने चाहिए। चच्चे के 30 बच्चे हो सकते हैं तो हिंदुओं के 4 क्यों नहीं?” पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने भारत में पाठयक्रम में गीता‑भागवत‑रामायण को जोड़ने की बात कही। उन्होंने कहा कि भारत के पाठ्यक्रम में ऐसे ग्रंथ शामिल होने चाहिए जो युवाओं को सही दिशा दें। अगर गीता, भागवत और रामायण को जोड़ दिया जाए तो युवा सही दिशा पाएंगे। कई पुस्तकें ऐसी हैं जो केवल अपने मजहब के लोगों को इंसान मानती हैं और बाकी को काफिर कहती हैं। सनातन धर्म ऐसा नहीं है। यह वसुधैव कुटुंबकम् की बात करता है। इसलिए पाठ्यक्रम में ‘जोड़ने वाले’ जोड़ें, ‘तोड़ने वाले’ नहीं।   वही दिल्ली ब्लास्ट पर उन्होंने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कुछ लोग इस देश का खाना खाते हैं और तिरंगे में चांद देखना चाहते हैं, जबकि हम चांद पर तिरंगा देखना चाहते हैं। उन्होंने आत्मघाती हमलों में मारे गए आतंकियों के परिवारों को लेकर कहा कि इस्लाम धर्म मानने वाले अपने बच्चों की शिक्षा पर ध्यान दें। अपने बच्चों को अब्दुल कलाम बनाएं, आतंकवादी नहीं। जो ऐसा नहीं करना चाहते, वे लाहौर जा सकते हैं। दिल्ली धमाके के आरोपी डॉक्टरों पर शास्त्री ने कहा कि यह आतंकी संगठनों की बौखलाहट है। उन्होंने कहा कि कुछ लोग देश का खाना खाते हैं और तिरंगे में चांद ढूंढते हैं, जबकि हम चांद पर तिरंगा देखना चाहते हैं।  

स्कूल प्रिंसिपल का चेक ड्रॉप बॉक्स से गायब, बैंक की लापरवाही पर उठे सवाल

ग्वालियर सरस्वती शिशु मंदिर की प्राचार्य कल्पना सिकरवार के एक लाख रुपए के चेक के चोरी होने का मामला सामने आया है। प्राचार्य ने यह चेक 18 नवंबर को स्कूल के चपरासी को बैंक में जमा करने के लिए दिया था। चेक, जो पंजाब नेशनल बैंक, इंदरगंज शाखा के ड्राप बॉक्स में डाला गया था, किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा चुरा लिया गया। चोर ने यह चेक बैंक की जिंसी नाला स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा की शाखा में जमा करवा कर नकद एक लाख रुपए निकाल लिए। बैंक ने यह भुगतान अकाउंट पे की बजाय कैश क्लियरेंस के रूप में किया। बैंक कर्मचारियों की लापरवाही भी उजागर हुई क्योंकि सामान्यतः किसी भी ओवरराइटिंग वाले चेक को रद्द कर दिया जाता है, लेकिन इस मामले में भुगतान हो गया। मामले की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। सीसीटीवी फुटेज से चोर की पहचान करने की कोशिश की जा रही है।

बड़ा खुलासा! CMHO कार्यालय का बाबू 60,000 रुपये लेते पकड़ा गया, पैथोलॉजी मालिक से वसूली का आरोप

जबलपुर अपराध अन्वेषण प्रकोष्ठ (ईओडब्ल्यू) ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) कार्यालय के एक लिपिक को 60 हजार रुपये रिश्वत लेते गिरफ्तार किया है। पकड़ा गया आरोपित सीएमएचओ कार्यालय की विधि शाखा का प्रभारी और रिकार्ड कीपर है। वह मूलत: ग्वालियर के लश्कर का रहने वाला है। आरोपित को एक निजी पैथोलाजी संचालक के विरुद्ध शिकायत प्राप्त हुई थी। इस मामले की जांच खत्म करने के लिए आरोपित लगातार रिश्वत का दबाव बना रहा था। तब परेशान होकर पैथोलाजी संचालक मनोज श्रीवास्तव ने ईओडब्ल्यू पुलिस अधीक्षक को शिकायत की। जांच और दोनों के फोन ट्रेप पर लेने के बाद गुरुवार को कार्रवाई की गई। जैसे ही पैथोलाजी संचालक ने लिपिक को रिश्वत के रुपये दिए, उसे पकड़ लिया गया।   आपराधिक मामला बोलकर धमकाया     सिहोरा के ज्वालामुखी वार्ड निवासी मनोज श्रीवास्तव का वहां पर पैथोलाजी कलेक्शन सेंटर है। उनसे कुछ समय पूर्व लिपिक आकाश गुप्ता ने संपर्क किया।     उसे बताया कि उनकी पैथोलाजी की स्वास्थ्य विभाग काे शिकायत प्राप्त हुई है। मामले में बातचीत करते हुए लिपिक ने धमकाया कि उसके विरुद्ध आपराधिक प्रकरण बनाया जा रहा है।     मनोज ने शिकायत को झूठी बताया। इस पर लिपिक ने कहा कि वह कार्यवाही से बचा सकता है, लेकिन इसके एवज में उसे 80 हजार रुपये रिश्वत देना होगा।     इतनी रिश्वत देने से मनोज ने मना कर दिया। उसके बाद आरोपित लिपिक उस पर लगातार दबाव बनाने लगे। फिर बाद में लिपिक 60 हजार रुपये लेकर शिकायत बंद करने तैयार हो गया। कार्यालय से होटल ले गया, फिर वहां लिए रुपये     लिपिक आकाश ने पैथोलाजी संचालक को फोन कर गुरुवार को रिश्वत के रुपये लेकर आने बोला।     यह पता चलते ही ईओडब्ल्यू का दल उसे रंगे हाथ पकड़ने के लिए विक्टोरिया अस्पताल पहुंचा, लेकिन लिपिक ने चालाकी दिखाते हुए पैथोलाजी संचालक से कार्यालय में रुपये लेने से मना कर दिया।     लिपिक अपने मोटरसाइकिल पर पैथोलाजी संचालक को कार्यालय से दूर तीन पत्ती चौक के पास एक होटल में लेकर गया।     जहां, तक ईओडब्ल्यू भी पीछे-पीछे पहुंच गई। जहां, लिपिक होटल में बैठकर रिश्वत के नोट गिन रहा था। तभी उसे दबोच लिया गया। एक सप्ताह पहले धरा जाता, लेकिन संदेह हो गया था आरोपित लिपिक शातिर है। उसे पकड़ने के लिए एक सप्ताह पूर्व ईओडब्ल्यू ने जाल बिछाया था। तब आरोपित लिपिक ने पैथोलाजी संचालक को रुपये लेकर हाईकोर्ट चौक के पास मिलने बुलाया था। तब वह रिश्वत की पहली किस्त के रुप में 20 हजार रुपये लेकर पहुंचा था। उसे देखते ही लिपिक ने एक बैग खोला और उसमें रुपये रखने के लिए संचालक से बोला। लेकिन संचालक उसे हाथ में रुपये पकड़ाने का प्रयास करने लगा। इस पर लिपिक को संदेह हुआ और वह रुपये लिए बिना ही तुरंत वहां से चला गया था। झूठी शिकायत और अवैध वसूली का खेल पुराना जिला स्वास्थ्य विभाग में पैथोलाजी एवं निजी अस्पतालों की झूठी शिकायत और फिर उनसे अवैध वसूली का खेल लंबे समय से चल रहा है। इस बात के संकेत ईओडब्ल्यू को शुरुआती जांच में मिले है। रिश्वत लेते धरा गया लिपिक आकाश पैथोलाजी संचालकाें को इंटरनेट मीडिया काल पर संपर्क करता था। उनकी संस्था के विरुद्ध शिकायत मिलने का बोलकर दबाव बनाता था। फिर निराकरण करने का कहकर रुपये ऐंठता था। ईओडब्ल्यू आरोपित लिपिक के आय एवं संपत्ति की जानकारी भी खंगाल रही है।

विवादित बयान ने भड़काया गुस्सा: ब्राह्मण समाज की FIR मांग, MP में बड़े प्रदर्शन की तैयारी

ग्वालियर आईएएस संतोष वर्मा (IAS Santosh Vaerma) का विवादित बयान से लोगों में भारी आक्रोश है। आईएएस संतोष वर्मा की ओर से 23 को अजास्क के प्रांतीय सम्मेलन में ब्राह्मण समाज (Brahmin Community) की बेटियों के बारे में दिए गए आपत्तिजनक बयान के विरोध में मध्यप्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। महाराजपुर और चंदला में ब्राह्मण समाज के लोगों ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर तत्काल कार्रवाई की मांग की। समाजजनों ने कहा कि यह बयान न केवल अमर्यादित और असंवेदनशील है बल्कि समाज की बेटियों का अपमान भी है। महाराजपुर क्षेत्र में ब्राह्मण समाज के प्रतिनिधियों ने लक्ष्मी प्रसाद अहिरवार, तहसीलदार को ज्ञापन सौंपकर संतोष वर्मा के खिलाफ विभागीय और कानूनी कार्रवाई की मांग की। इसके बाद उन्होंने थाना महाराजपुर में पुलिस अधीक्षक के नाम दूसरा ज्ञापन सौंपा। समाजजनों ने चेतावनी दी कि यदि कार्रवाई नहीं हुई तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। ज्ञापन कार्यक्रम में सूर्यभान अवस्थी, विष्णुदत्त शर्मा (पूर्व सीएमओ), रविंद्र पुरोहित, भागीरथ द्विवेदी, बद्री अरजरिया, भुमानीदीन अरजरिया, राजेन्द्र दीक्षित, कृष्ण कुमार द्विवेदी, अविनीश चौबे, भास्कर तिवारी, जीतेन्द्र रिछारिया, मनीष बिलगाई और अन्य ग्रामीण एवं नगरवासी उपस्थित रहे। चंदला में भी ब्राह्मण समाज के सैकड़ों लोगों ने तहसील कार्यालय जाकर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा और संतोष वर्मा को पद से हटाने तथा दंडात्मक कार्रवाई करने की मांग की। इसके बाद उन्होंने चंदला थाने में एफआईआर दर्ज करने की मांग की और चेतावनी दी कि यदि कार्रवाई नहीं हुई तो मुख्य सड़क जाम कर प्रदर्शन किया जाएगा। ज्ञापन देने वाले ग्रामीणों में चंदला, छठीबम्होरी, बंजारी, बंसिया, बदौरा, हर्रई नेहरा, गहबरा, गुधौरा, भगौरा, सिजई और आसपास के दर्जनों गांव शामिल थे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव से केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने की भेंट

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से बुधवार की शाम मुख्यमंत्री निवास में केंद्रीय संचार और पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भेंट की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केंद्रीय मंत्री श्री सिंधिया का स्वागत किया।  

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव के बेटे की शादी का निमंत्रण पत्र आया सामने

 उज्जैन मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव अपने छोटे बेटे डॉक्टर अभिमन्यु यादव की शादी बेहद सादगीपूर्ण तरीके से करने जा रहे हैं. मुख्यमंत्री के बेटे का विवाह 30 नवंब को उज्जैन में आयोजित एक सामूहिक विवाह सम्मेलन में होगा. यादव परिवार ने अपने बेटे की शादी के लिए जो निमंत्रण कार्ड छपवाया है, वह भी अत्यंत सामान्य और संदेशपरक रखा गया है.  शादी के कार्ड में निमंत्रण देते हुए मुख्यमंत्री मोहन यादव ने लिखा, ''मेरे आत्मज डॉ. अभिमन्यु यादव (M.B.B.S., M.S.) संग डॉ. ईशिता यादव पटेल (M.B.B.S.) के मंगल परिणय के पावन प्रसंग पर आप सादर सविनय आमंत्रित हैं. शुभदिन है 30 नवंबर 2025, अगहन शुक्ल दशमी, रविवार है. बेटे के शुभ विवाह को हमारे परिजनों की शुभेच्छानुसार सामूहिक विवाहोत्सव में परिणीत किया है. सामाजिक सरोकार के पावन उद्देश्य से रचे पगे सामूहिक विवाह समारोह के उल्लास में सामाजिक समरसता और सद्भाव से परिपूर्ण इस सामूहिक परिणय मंगल समारोह में 21 नवयुगल परिणय बंधन में गुंथित होंगे. इन्हीं 21 जोड़ों के साथ गठबंधन में सप्तपदी सप्तवचनों के साथ मेरे सुपुत्र भी गृहस्थ आश्रम में प्रवेश करेंगे. इस पवित्र आयोजन में आपका आगमन हमारा और नवयुगलों का परम सौभाग्य होगा. सभी नवदम्पत्ति आपके आशीर्वाद से अभिसिंचित होकर सौभाग्यशाली होंगे. आपके पधारने से कार्यक्रम की गरिमा में भी अभिवृद्धि होगी. आपके शुभाशीष के आकांक्षी…उपहार के लिये क्षमा…आपका आशीर्वाद ही नवयुगल हेतु अमूल्य उपहार है.'' इससे पहले, फरवरी 2024 में भी सीएम मोहन यादव ने राजस्थान के पुष्कर में अपने बड़े बेटे वैभव की शादी भी एक बेहद सादे समारोह में की थी. इस समय मोहन यादव को मुख्यमंत्री बने महज तीन महीने हुए थे.  BJP के वरिष्ठ नेता और मुख्यमंत्री मोहन यादव उज्जैन के रहने वाले हैं. उनके जुड़े नजदीकी लोगों की मानें तो कई बार CM मोहन यादव यह कह चुके हैं कि शादी या अन्य कोई कार्यक्रम सादगी से ही होना चाहिए और उनकी इच्छा के अनुरूप ही छोटे बेटे डॉक्टर अभिमन्यु की शादी बेहद ही सादगी से एक सामूहिक विवाह सम्मेलन में की जा सकती है.  कौन हैं CM मोहन यादव की छोटी बहू? CM मोहन यादव की छोटी बहू इशिता यादव खरगोन जिले के सेल्दा गांव की रहने वाली हैं. वह किसान परिवार से ताल्लुक रखती हैं. इशिता यादव भी पेशे से डॉक्टर हैं. साथ ही PG की पढ़ाई भी कर रही हैं. उन्होंंने MBBS की पढ़ाई पूरी कर ली है. उनके पिता दिनेश यादव इलाके के बड़े किसान माने जाते हैं. क्या हैं अभिमन्यु? बता दें कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की तीन संतानें हैं. उनके दो बेटे और एक बेटी हैं. बेटी डॉ. आकांक्षा और बड़े बेटे की शादी हो चुकी है. वहीं. उनके छोटे बेटे डॉ. अभिमन्यु एक कुशल सर्जन हैं और समाजसेवा में भी सक्रिय रहते हैं. इशिता से CM मोहन यादव की बेटी का खास रिश्ता CM मोहन यादव की होने वाली छोटी बहू इशिता से उनकी बेटी डॉ. आकांक्षा का खास रिश्ता है. दरअसल, आकांक्षा की शादी दिनेश यादव के बेटे डॉ. आयुष से हुई है. यानी इशिता उनकी ननद भी हैं. बता दें कि CM मोहन यादव की बेटी डॉ. आकांक्षा गायनोकॉलॉजिस्ट डॉक्टर हैं.

गुना में खाद संकट बना मौत का कारण, लंबी लाइन में ठिठुरती महिला ने तोड़ा दम

गुना  मध्य प्रदेश के गुना जिले में खाद संकट से किसान बेहद परेशान हैं. हालात ये है कि खाद वितरण केंद्रों के बाहर किसानों की लंबी कतारें रोजाना देखने को मिल रही हैं. कई किसान तो खाद लेने के लिए खुले आसमान के नीचे रात बिताने को मजबूर हैं. इसी अव्यवस्था ने एक आदिवासी महिला की जान ले ली. परिजन के अनुसार, बागरी डबल लॉक गोदाम पर लगातार 36 घंटे से ज्यादा लाइन में लगी सहारिया आदिवासी महिला भूरिया बाई की बुधवार देर रात तबीयत बिगड़ गई और मौत हो गई. परिजनों के अनुसार भूरिया बाई मंगलवार सुबह से ही खाद लेने लाइन में लगी हुई थी. केंद्र पर भारी भीड़ और लंबे इंतजार के कारण किसान रातभर खुले आसमान के नीचे ही लाइन में पड़े रहते हैं. भूरिया बाई भी ठंड में जमीन पर रात गुजारने को मजबूर हुई. इसी दौरान देर रात उसकी तबीयत बिगड़ी और उसे उल्टियां होने लगीं. परिजन उसे तुरंत जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. परिवार इस अचानक हुई मौत से सदमे में है और गांव में शोक का माहौल है. परिजनों ने शव को गांव ले जाकर अंतिम संस्कार की तैयारी शुरू कर दी है. खाद के लिए लग रही लंबी कतारें बागरी खाद वितरण केंद्र की स्थिति पिछले कई दिनों से बदतर बनी हुई है. महिलाएं, बुजुर्ग, मजदूर सभी खुले आसमान के नीचे कई-कई घंटे खड़े रहते हैं. जब थक जाते हैं, तो वहीं बैठ जाते हैं. घटना की जानकारी मिलते ही कलेक्टर किशोर कुमार कन्याल और पूर्व मंत्री महेंद्र सिंह सिसोदिया मौके पर पहुंचे. कलेक्टर ने बताया कि महिला लाइन में ही थी और तबीयत बिगड़ने पर उसे निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी मौत हो गई. प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए SDM को तत्काल जांच के निर्देश दिए हैं. शासन स्तर पर भी घटना को लेकर रिपोर्ट मांगी जा रही है. विधायक ऋषि अग्रवाल ने साधा निशाना बमौरी विधायक ऋषि अग्रवाल ने प्रशासन पर तीखे सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि किसान दो-दो दिन तक ठंड में खुले आसमान के नीचे लाइन में खड़े रहने को मजबूर हैं, जबकि सरकार दावा करती है कि खाद पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है. अगर खाद है तो किसानों को क्यों नहीं मिल रही? एक महिला की मौत हुई. इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा? उन्होंने पूछते हुए कहा कि वे खुद रात में वितरण केंद्र पहुंचे थे, जहां काफी किसान लाइन में खड़े मिले. स्थानीय लोगों का कहना है कि यह घटना सरकार के दावों और जमीनी हकीकत के बीच के अंतर को उजागर करती है. सरकार खाद की पर्याप्त उपलब्धता और सुचारू वितरण के दावे करती है, लेकिन हकीकत यह है कि किसान भूख, ठंड और इंतजार में रातें गुजारने को मजबूर हैं.