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घर लौटते मजदूरों की किस्मत पलटी: सागर में बोलेरो-बाइक भिड़ंत में तीन की मौके पर जान गई

सागर रहली-ढाना रोड पर शनिवार रात मजदूरी कर लौट रहे बाइक सवार तीन लोगों को चार पहिया वाहन ने टक्कर मार दी। हादसा इतना जबरदस्त था कि बाइक के परखच्चे उड़ गए। मौके पर ही दो लोगों की मौत हो गई, जबकि तीसरे मजदूर को गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी भी मौत हो गई। बाइक को टक्कर मारने के बाद आगे जाकर बोलेरो भी पलट गई। आरोपित कार चालक वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गया। मामले में पुलिस ने मर्ग कायम कर आरोपित वाहन और उसके चालक की तलाश शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार शनिवार रात करीब पौने नौ बजे रहली के वार्ड क्रमांक पांच निवासी 50 वर्षीय किशन अहिरवार, हर्रा निवासी 45 वर्षीय दीना अहिरवार और पथरिया दमोह निवासी 56 वर्षीय मथुरा मोटर साइकिल से रहली की ओर जा रहे थे, तभी ढाना के पास सामने से आ रही बोलेरो क्रमांक एमपी 15 सीए 8033 ने बाइक को टक्कर मार दी। भीषण टक्कर के बाद बाइक में सवार तीनों लोग दूर जा गिरे। वहीं बाइक से टकराने के बाद बोलेरो भी आगे जाकर पलट गई।   बोलेरो से उतरकर आरोपित चालक मौके से भाग गया। वहां मौजूद स्थानीय लोगों ने घायलों को देख तुरंत एंबुलेंस और पुलिस को इसकी सूचना दी। सिर में ज्यादा चोट लगने के कारण खून अधिक बह गया। मौके पर ही किशन और मथुरा ने दम तोड़ दिया, जबकि दीना की हालत नाजुक थी, जिसे तुरंत एंबुलेंस की मदद से सागर पहुंचाया गया। बीएमसी में परीक्षण उपरांत डाक्टरों ने दीना को भी मृत घोषित कर दिया। सागर से लौट रहे थे मृतक तीनों मृतक सागर के साबूलाल मार्केट के पास भवन निर्माण का कार्य कर रहे थे। रोज की तरह वह मजदूरी कर एक ही बाइक से रहली लौट रहे थे, तभी यह हादसा हुआ। रविवार सुबह पुलिस ने बीएमसी में तीनों मृतकों का पोस्टमार्टम करवाकर शव स्वजन को सौंप दिया है। मामले में मर्ग कायम कर विवेचना शुरू कर दी गई है। पुलिस ने बताया कि घटना स्थल के पास लगे सीसीटीवी कैमरों को तलाशा जा रहा है। वहीं बोलेरो की भी जानकारी निकलवाई जा रही है।

उज्जैन में मांगलिक विवाहोत्सव: मंत्री विश्वास सारंग संग शामिल होकर दी डॉ. अभिमन्यु को शुभकामनाएँ

उज्जैन  आज उज्जैन में विश्वास जी सारंग माननीय मंत्री के साथ में  मा. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव जी के सुपुत्र चिरंजीव डॉ. अभिमन्यु के मांगलिक विवाहोत्सव में सम्मिलित होकर शुभकामनाएं प्रेषित की। इस अवसर पर चिरंजीव अभिमन्यु एवं उनकी जीवन संगिनी इशिता को स्नेहिल आशीष प्रदान कर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

मुख्यमंत्री के छोटे बेटे का विवाह सामूहिक सम्मेलन में सम्पन्न, जानें कौन-कौन बने गवाह

उज्जैन मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव के बेटे डॉक्टर अभिमन्यु यादव आज विवाह बंधन में बंध गए। उन्होंने अन्य जोड़ों के साथ एक सामूहिक विवाह समारोह में डॉक्टर इशिता पटेल के साथ सात फेरे लिए। कार्यक्रम में राज्यपाल मंगूभाई पटेल, योग गुरु बाबा रामदेव और बागेश्वर धाम सरकार के आचार्य धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री भी शामिल हुए।   धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री और बाबा रामदेव ने दिया दूल्हा-दुल्हन को आशीर्वाद बागेश्वर धाम सरकार धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा, "हमने हमारी पदयात्रा में नारा दिया था कि जातपात की करो विदाई और आज यहां सब एक ही छत के नीचे हर जाति, धर्म के लोग फेरे ले रहे हैं। मुख्यमंत्री का यह बेहद ही प्रशंसनीय कदम है। जहां एक तरफ ड्राइवर की शादी हो रही है तो दूसरी तरफ प्रदेश को ड्राइव करने वाले के बेटे की भी शादी हो रही है।" बाबा बागेश्वर ने कहा कि पदयात्रा में हमने नारा दिया था 'भेदभाव की करो विदाई, हम सब हिन्दू भाई भाई' मुख्यमंत्री जी ने इसे प्रैक्टिकल करके दिखा दिया। योग गुरु बाबा रामदेव ने कहा, "इस तरह की शादी एक नजीर बनेगी। मेरा तो मानना है कि बाकी मुख्यमंत्रियों, नेताओं, उद्योगपतियों को इससे प्रेरणा लेनी चाहिए कि महंगी शादी में होने वाले खर्च को कम करो। अब हमको डेस्टिनेशन वेडिंग से डिवाइन वेडिंग की ओर जाना है।"   दूल्हा-दुल्हन के लिए कितना शगुन? अखाड़ा परिषद की ओर से प्रत्येक दंपति को एक-एक लाख रुपए का शगुन घोषित किया गया है। पतंजलि योगपीठ की ओर से बाबा रामदेव ने भी प्रत्येक दंपति को एक-एक लाख रुपए देने की घोषणा की है। पहले 21 जोड़े थे, एक बाद में जुड़ा है, इसलिए अब 22 जोड़े हो गए हैं। सीएम मोहन ने सादगी से करवाई बेटे की शादी, दिया सामाजिक संदेश सीएम मोहन यादव ने अपने छोटे बेटे की शादी सामूहिक विवाह सम्मेलन में करवाकर समाज को ये संदेश देने की कोशिश की, कि विवाह समारोह को सादगी के साथ भी मनाया जा सकता है। इससे काफी लोगों को प्रेरणा मिलेगी। 

दूल्हा-दुल्हन संग चमका मंडप: सामूहिक विवाह में सीएम के बेटे का अनोखा विवाह समारोह

उज्जैन  मध्य प्रदेश के उज्जैन में आज सामूहिक विवाह सम्मेलन के मंच पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के छोटे बेटे डॉ. अभिमन्यु यादव और डॉ. इशिता यादव पारंपरिक रस्मों के साथ विवाह बंधन में बंध रहे हैं. दूल्हा-दुल्हन पूरी शाही पारंपरिक वेशभूषा में वरमाला और अन्य रस्मों के बीच सामूहिक विवाह के मंच पर हैं. इनके साथ अन्य जोड़े भी शादी की रस्में निभा रहे हैं. फूलों से सजे मंच पर गर्मजोशी और उत्साह का माहौल है. मुख्यमंत्री मोहन यादव ने अपने बेटे की शादी किसी आलीशान होटल, रिसॉर्ट या विदेशी लोकेशन पर न करके 21 अन्य जोड़ों के साथ एक सामूहिक विवाह सम्मेलन में कराने का फैसला लिया. इससे उन्होंने बड़ा सामाजिक संदेश दिया है कि अनावश्यक वैभव और दिखावे से ज्यादा महत्व परिवार, संस्कार और सामाजिक समानता का होता है. शादी की फोटो भी सामने आई है, जिसमें देखा जा सकता है कि दूल्हा शेरवानी और साफे में है, जबकि दुल्हन गहरे लाल रंग की कढ़ाईदार लहंगे में है. दोनों के चेहरे पर रस्मों के दौरान स्वाभाविक खुशी झलक रही है. उज्जैन के सांवरा खेड़ी में आयोजित इस सामूहिक विवाह सम्मेलन में कुल 21 जोड़े शामिल हैं. दोपहर से लेकर शाम तक फेरे, कन्यादान, विदाई सहित सभी पारंपरिक विधियां एक-एक करके संपन्न की जा रही हैं. सीएम परिवार की सादगी और आमजन के बीच बैठकर शादी करने का यह निर्णय कई परिवारों के लिए प्रेरणा है. 'हमें तो यह शादी ही सबसे भव्य लग रही है' आजतक से बातचीत में सीएम के बेटे दूल्हा डॉ. अभिमन्यु यादव ने कहा था कि यह शादी बिल्कुल साधारण नहीं है. मेरे लिए यह बहुत लैविश है. इतने लोग हमारे साथ हैं, सब खुश हैं. यही हमारे पिता और हमारी इच्छा थी कि शादी किसी दिखावे में नहीं, समाज के साथ जुड़े हुए तरीके से हो. निमंत्रण कार्ड से लेकर बैलगाड़ी तक… कई चीजें बनीं चर्चा का विषय शादी से एक दिन पहले आयोजित कार्यक्रम में अभिमन्यु और इशिता दोनों बैलगाड़ी में बैठे हुए नजर आए, हाथ में चश्मा और चेहरे पर मुस्कान… यह दृश्य सोशल मीडिया पर वायरल होने लगा. बिना किसी शाही तामझाम, साधारण छपाई और सीधी-सादी भाषा में छापा गया शादी का कार्ड भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया. साधारण प्रिंट वाला निमंत्रण कार्ड, दूल्हा-दुल्हन का बैलगाड़ी में प्री-वेडिंग कार्यक्रम में शामिल होना और सामाजिक समानता के साथ संयुक्त विवाह का मंच… इन सबने इस शादी को चर्चा में ला दिया. उज्जैन में आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पुलिस, प्रशासनिक अधिकारी और आयोजन समितियां मौजूद हैं. बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ को ध्यान में रखकर यातायात और सुरक्षा की अलग से व्यवस्थाएं की गई हैं.

शादी में दिखा भव्य नज़ारा: अभिमन्यु-इशिता के फेरे, रामदेव का मंत्रोच्चार और मोहन यादव का डांस

उज्जैन मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव के छोटे बेटे डॉ अभिमन्यु यादव और डॉ इशता पटेल हमेशा एक दूजे के हो गए. उज्जैन में रविवार को आयोजित भव्य आयोजन में दोनों ने एक दूसरे को वरमाला पहनाकर सात फेरे लिए. शादी की रस्मों के दौरान बाबा रामदेव ने मंत्रोच्चार किया. अभिमन्यु और इशता को यह शादी हमेशा याद रहेगी क्योंकि मोहन यादव ने इस शादी के माध्यम से समाज को एक खास संदेश दिया. सीएम मोहन यादव ने अपने बेटे के साथ ही इस शादी में अलग-अलग समाज के 21 जोड़ों की शादी भी करवाई और इसका पूरा खर्च मुख्यमंत्री के परिवार ने ही उठाया. किसी से इस आयोजन में उपहार भी नहीं लिया गया. अभिमन्यु संग 21 दूल्हे अपनी दुल्हनों को लेने पहुंचे इस शादी की सबसे खास बात ये रही कि अभिमन्यु अकेले घोड़ी पर सवार नहीं थे बल्कि उनके साथ 21 और दूल्हे भी घोड़ी पर सवार थे. एक साथ 21 दूल्हे अपनी अपनी दुल्हनों को लेने बारात लेकर पहुंचे. जिसने भी इतनी लंबी बारात देखी वह देखते ही रह गया. बारात में सीएम के परिवार के साथ रिश्तेदार और दोस्तों ने जमकर डांस किया साथ ही वहां मौजूद 21 दूल्हों के परिजन भी जमकर थिरके. भव्य बारात में जितना उत्साह देखा गया उतना ही उत्साह विवाह पंडाल में भी देखा गया. बाबा रामदेव ने किया मंत्रोच्चार 21 जोड़ों की शादी के भव्य आयोजन में जैसे ही वरमाला और सात फेरों की रस्में शुरू हुईं उस दौरान बाबा रामदेव और बाबा बागेश्वर मंत्रोच्चार करते रहे. बाबा रामदेव ने मंत्र पढ़े और इसी दौरान शादी की रस्में चलती रहीं. सभी रस्मों के बाद कई राज्यों के सीएम वर-वधू से मिले और उन्हें आशीर्वाद दिया. यहां पहुंचे कई संतों ने नवविवाहित जोड़ों को मंत्रोच्चार के साथ आशीर्वाद दिया और उनके वैवाहिक जीवन के खुशहाल होने की कामना की. बाबा रामदेव ने इस दौरान बाबा बागेश्वर से कहा कि महाराज आपका भी ब्याह ऐसे ही करेंगे. पकवान नहीं सादगी वाले व्यजंन बने वैसे तो वीवीआईपी की शादी में तरह तरह के व्यंजन बनते हैं लेकिन मोहन यादव की शादी में तरह तरह के पकवान नहीं देखे गए. 3 प्रकार का मीठा, 2 प्रकार का नमकीन, सब्जी-पूरी, दाल-रोटी और चावल इस आयोजन में बना और सभी ने खाने के स्वाद की सराहना की. इस आयोजन से यह भी संदेश दिया गया कि शादी विवाह के कार्यकम में आम आदमी को फिजूलखर्ची से बचना चाहिए. कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने दिया आशीर्वाद 11 राज्यों के मुख्यमंत्री, 8 राज्यों के राज्यपाल, 25 संत-महात्मा और कुल 42 परिवार को मिलाकर लगभग 30 हजार मेहमान इस शादी के साक्षी बने. जो भी वीआईपी और वीवीआईपी यहां पहुंचे सभी मुख्यमंत्री मोहन यादव की तारीफ करते दिखे. तारीफ इसलिए कि इस शादी में मोहन यादव के बेटे के साथ-साथ हर जोड़े के लिए शादी की एक समान व्यवस्था थी. शादी में ज्योतिरादित्य सिंधिया डिप्टी सीएम राजेन्द्र शुक्ल, मप्र विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने भी वर वधू को आशीर्वाद दिया. राज्यपाल और संतों ने भी दिया आशीर्वाद मध्य प्रदेश के राज्यपाल मंगूभाई पटेल समेत कई राज्यों के राज्यपाल समेत बाबा रामदेव, बाबा बागेश्वर, अवधेशानंद, कैलाशानंद, रविंद्रपुरी, हरिगिरि, आचार्य विश्वात्मानंद जैसे ख्यातिनाम संतों ने पहुंचकर सभी वर-वधु को आशीर्वाद दिया. अखाड़ा परिषद और बाबा बागेश्वर देंगे नगद राशि इस भव्य आयोजन में किसी भी मेहमान से उपहार नहीं लिया गया. बल्कि सीएम के परिवार ने ही सभी नवविवाहित जोड़ों को उपहार स्वरूप गृहस्थी शुरू करने के लिए सभी जरुरी सामान दिए. एक और खास बात यह रही अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद और मनसा देवी ट्रस्ट हरिद्वार के अध्यक्ष महंत रविंद्रपुरी महाराज और जूना अखाड़ा के मुख्य संरक्षक और अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के महामंत्री स्वामी हरि गिरि महाराज ने सभी नव दंपति को आशीर्वाद स्वरूप सवा-सवा लाख रुपये देने की घोषणा की. इसके अलावा बाबा रामदेव ने भी अपनी ओर से वर माला के दौरान 1-1 लाख रुपए प्रत्येक जोड़े को देने की घोषणा की और मंत्रोच्चार करते हुए आशीर्वाद दिया. गीता कॉलोनी स्थित घर में हुईं शादी की रस्में शादी का ये कार्यक्रम वैसे तो 5 दिन पहले से ही शुरू हो गया था. मुख्यमंत्री के परिवार ने अपने बेटे-बहू की सभी रस्मों को शहर के गीता कॉलोनी स्थित अपने घर और वीवीआईपी बंगले से पूरा किया. वहीं अन्य सभी जोड़ों ने भी अपने शहर और अपने घरों से रस्मों को पूरा किया. वाकणकर ब्रिज के पास क्षिप्रा तट पर हुआ आयोजन यह वैवाहिक आयोजन सांवराखेड़ी स्थित वाकणकर ब्रिज के पास क्षिप्रा तट पर हुआ. इस कार्यक्रम में 5 विशेष डोम बनाए गए थे. इसके साथ ही एक विशाल मंच बनाया गया जो 40/100 साइज का और एक मंच 50/25 का बनाया गया. ये डोम भोपाल और उज्जैन के कुछ कारीगरों द्वारा तैयार किए गए.

सामूहिक विवाह समारोह में सीएम के बेटे ने लिए सात फेरे, बाबा रामदेव और बागेश्वर धाम सरकार की मौजूदगी

नई दिल्ली उज्जैन के पावन शिप्रा तट पर रविवार को परोपकार और परंपरा का अद्वितीय संगम देखा गया, जब मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने पुत्र डॉ. अभिमन्यु और डॉ. इशिता के साथ 21 कन्याओं का सामूहिक विवाह सम्पन्न कर समाज के सामने मानवीय मूल्यों की मिसाल प्रस्तुत की। विवाह परिसर दिनभर मंगलध्वनियों, उत्साह और आशीर्वादों से सराबोर रहा। सुबह आठ बजे इम्पीरियल चौराहा से बरात रवाना हुई। ढोल–ताशों और लोकनृत्य की रौनक के बीच शोभायात्रा में मुख्यमंत्री के साथ केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावट सहित कई मंत्री, विधायक, जनप्रतिनिधि और गणमान्य अतिथि शामिल रहे। विवाह स्थल पहुंचते ही आकर्षक मंच पर सभी नवयुगलों की वरमाला रस्म सम्पन्न कराई गई, जिसके बाद पूरा परिसर तालियों और शुभकामनाओं से गूंज उठा।   योग गुरु बाबा रामदेव रहे उपस्थित आशीर्वाद समारोह में मध्य प्रदेश के राज्यपाल मंगुभाई पटेल तथा योग गुरु बाबा रामदेव की विशेष उपस्थिति रही। राज्यपाल और बाबा रामदेव ने इस आयोजन को सामाजिक उत्तरदायित्व, संस्कार और संवेदनशीलता का प्रेरक उदाहरण बताया। इसके बाद 22 विशेष रूप से निर्मित मंडपों में एक साथ पाणिग्रहण और सप्तपदी की रस्में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ सम्पन्न हुईं। यादव परिवार ने प्रत्येक नवविवाहित दंपती को संपूर्ण गृहस्थी सामग्री और मोटरसाइकिल भेंट कर नया जीवन शुरू करने के लिए सहयोग का भाव व्यक्त किया। बिना उपहार के केवल आशीर्वाद स्वीकार करने का निवेदन आयोजन की सबसे विशेष भावनात्मक पहचान बना। मोहन यादव बोले- हमारा सनातन संस्कृति से जुड़ाव सुदृढ़ सुरक्षा व्यवस्था और सटीक प्रबंधन के बीच समारोह सौहार्दपूर्ण वातावरण में सम्पन्न हुआ। शिप्रा तट पर हुआ यह अनोखा आयोजन सामाजिक सद्भाव, संवेदना और साझा उल्लास की अमिट याद छोड़ गया। सीएम डॉ. मोहन यादव ने कहा- 16 संस्कारों से हमारा सनातन संस्कृति से जुड़ाव है। ये प्रधानमंत्री के मूल भाव सबका साथ, सबका विकास की अवधारणा पर हम काम कर रहे। यहां कोई बड़ा नहीं, कोई छोटा नहीं। सब दूल्हा- दुल्हन महाराज समान है। सब आज लखपति हो गए। 'देश का धन देश में ही खर्च होना चाहिए' बागेश्वर धाम के धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा- संपूर्ण भारत में आज नवाचार हुआ। सामाजिक समरसता का संदेश आज मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बड़ी ही सहजता से दिया है। ये अभूतपूर्व कार्य है। ऐसे कार्य से समरसता आएगी, बेटी के पिता पर ना कर्ज होगा ना विवाह पर ज्यादा खर्च। बाबा रामदेव ने कहा- वेडिंग डेस्टिनेशन का कांसेप्ट सराहनीय है। देश का धन देश में ही खर्च होना चाहिए। मध्य प्रदेश के विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर, अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष रविंद्र गिरी महाराज, हरीगिरी महाराज, नरोत्तम मिश्र भी समारोह में शामिल हुए।  

नक्सल मोर्चे पर बड़ी सफलता: बालाघाट में सुरक्षाबलों ने पकड़ा हथियारों का बड़ा जखीरा

बालाघाट MP के बालाघाट के किरनापुर थाना क्षेत्र के दो अलग-अलग जंगल इलाकों से सुरक्षा बलों ने माओवादियों द्वारा छिपाया गया बड़ा डंप बरामद (Security Forces Recover Maoist Dump) किया है। माओवादियों ने जमीन के भीतर दैनिक उपयोग की वस्तुएं, मेडिकल उपकरण, दवाइयां, बीजीएल (बैरल ग्रेनेड लांचर) के सेल समेत कई सामग्री छिपाकर रखी थी। ये डंप बोरबन सिरका मोजालडेरा और आलीटोला के जंगलों से प्राप्त हुए हैं। इस कार्रवाई की पुष्टि अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (IPS) आदर्शकांत शुक्ला ने की है। सूत्रों के अनुसार, हाकफोर्स के जवानों को जंगल में माओवादियों की सक्रियता की जानकारी मिली थी। इसी आधार पर सर्चिंग के दौरान उठी हुई जमीन को BDDS टीम की मदद से जांचा गया। जांच में नीले रंग का एक ड्रम जमीन में दबा हुआ मिला। उसमें दैनिक जरूरत की सामग्री, माओवादी साहित्य, विभिन्न दवाएं (टैबलेट), इंजेक्शन, ओआरएस, कॉटन, सीरिंज, मल्टीविटामिन, ब्लड प्रेशर मॉनिटर और बीजीएल के सेल बरामद हुए। इस बरामदगी के बाद मलाजखंड दलम के एक दर्जन से ज्यादा नामजद माओवादियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।

धीरेंद्र शास्त्री की शादी तय? बाबा रामदेव के एक बयान से मचा हलचल, सब हंस पड़े!

उज्जैन  मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव के बेटे की आज शादी है, लेकिन शादी से ज्यादा विवाह की जगह चर्चा का विषय बनी हुई है। तामाझाम से दूर मोहन यादव अपने बेटे की शादी सामूहिक कन्या विवाह समारोह में करा रहे हैं। लोग उनकी इस पहल की खूब तारीफ कर रहे हैं। इस कार्यक्रम में पधारे पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की भी शादी की चर्चा शुरू हो गई। और तो और बाबा बागेश्वर शादी कहां करेंगे,इसका फैसला बाबा रामदेव ने कर दिया है। बाबा रामदेव और बाबा बागेश्वर के बीच ये जुगलबंदी के दौरान ठहाके भी खूब लगे। सीएम मोहन यदव ने अपने बेटे की शादी सामूहिक विवाह समारोह में हो रही है। इसमें एमपी के राज्यपाल,विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर, तमाम साधु संतों के साथ योग गुरु बाबा रामदेव और पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री भी पधारे। इस बीच धीरेंद्र शास्त्री ने कार्यक्रम में आए सभी वर-वधुओं को आशीर्वाद देने के साथ कहा कि मुख्यमंत्री मोहन यादव के इस कदम से एक संदेश जाएगा कि जब मेरे अति प्रिय और यशस्वी मुख्यमंत्री अपने बालक की शादी यहां कर रहे, इससे बड़ी-बड़ी जगहों में डेस्टिनेशन वेडिंग कर लाखें-करोड़ों खर्च करने वालों का खर्चा बचेगा और एक नया चलन होगा और लोग कहेंगे कि मैं भी अपने बालक का विवाह सामूहिक कन्या विवाह समारोह में कराउंगा। इसके बाद बाबा बागेश्वर पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि इसका मतलब यह नहीं कि आप लोग कहें कि आप भी कर लो। इसके बाद परिसर में जोर के ठहाके लगने लगे। तभी बाबा रामदेव उठे और कहा कि चिंता मत करो महाराज आपका भी विवाह यहीं सामूहिक कन्या विवाह समारोह में ही कराएंगे। इतना सुनते ही बाबा बागेश्वर भी जोर से हंस पड़े और कहा कि पूज्य स्वामी जी आशीर्वाद ही देते हैं। बाबा बागेश्वर ने एक और जरूरी चीज कही कि यह बहुत शुभ है कि एक ही जगह सीएम का बेटा भी फेरे ले रहा और एक ड्राइवर का बेटा भी फेरे ले रहा।  

पारिवारिक रिश्तों में दरार: जेठ और बहू का अफेयर बना मौत का कारण? डेम में शव मिलने से हड़कंप

बालाघाट रामपायली थाना के अंतर्गत ग्राम सालेबर्डी में सनसनी फैली गई, जब जेठ-बहू के शव नाले पर बने डेम में पाए गए। इसकी जानकारी जैसे ही लोगों को मिलते गई वहां लोगों की भीड़ जमा हो गई। रामपायली पुलिस ने सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचकर शव बरामद कर जांच पड़ताल शुरू कर दी है। बताया गया कि शनिवार की शाम से ही ये दोनों घर से लापता थे और रविवार को सुबह येरवाटोला के डेम से उनका शव पुलिस ने बरामद किया है। बताया जा रहा हैं कि उन दोनों के बीच प्रेम प्रसंग था। यह हत्या है या फिर आत्महत्या यह पुलिस जांच उपरांत ही कहा जा सकता है। महिला का नाम सीमा पति अजय राहंगडाले 40 वर्ष और प्रकाश पिता रोशनलाल राहंगडाले 45 वर्ष ग्राम सालेबर्डी निवासी है।   देर रात दोनों को येरवाटोला में देखा गया था जानकारी के अनुसार, प्रकाश राहंगडाले नल जल मिशन के कार्य में ठेकेदार के पास सुपरवाइजर का काम करता रहता था। शनिवार को प्रकाश और सीमा दोनों घर से लापता थे। बताया जा रहा है कि देर रात को येरवाटोला में देखा गया था। ग्रामीणों ने रविवार सुबह येरवाटोला के नाले पर बने डेम किनारे में बाइक, चप्पल दिखाई दिए। डेम में देखा गया तो महिला और पुरुष के शव दिखाई दिए। जिसके बाद ग्रामीणों का हुजूम लग गया। पुलिस को जानकारी दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने डेम में डूबे शव को बरामद किया। जहां पहचान प्रकाश राहंगडाले और सीमा राहंगडाले के रूप में हुई। जहां शव मिला वहां अधिक पानी नहीं था। ग्रामीणों ने कहा कि दोनों शनिवार से लापता थे। दोनों एक ही परिवार के हैं और आपस में जेठ और बहू का रिश्ता हैं। येरवाटोला रोड़ में डेम में दोनों का शव पाया गया हैं। बताया गया कि कीटनाशक की एक बोतल भी मिली है।  

IAS संतोष वर्मा को ‘बरी’ करने वाले न्यायाधीश पर संकट, सरकार कर सकती है बड़ी कार्रवाई

इंदौर  ब्राह्मण बेटियों पर असभ्य टिप्पणी करने वाले विवादित आइएएस अधिकारी (IAS) व मध्य प्रदेश अनुसूचित जाति-जनजाति अधिकारी कर्मचारी संघ (अजाक्स) के अध्यक्ष संतोष वर्मा पर दर्ज फर्जीवाड़ा केस की फाइल खुल गई है। इस मामले में पुलिस एक न्यायाधीश पर कड़ी कार्रवाई कर सकती है। पुलिस ने हाई कोर्ट की अनुमति के बाद न्यायाधीश से पूछताछ के लिए 50 सवालों की सूची तैयार की है। फर्जी आदेश दिखाकर पदोन्नति का रास्ता साफ किया दरअसल वर्मा ने कूटरचित न्यायालय आदेश के जरिए आइएएस कैडर में पदोन्नति प्राप्त की थी। उनके खिलाफ एक महिला ने शारीरिक शोषण का मुकदमा दर्ज कराया था। इसी मामले में उन्होंने बरी होने का फर्जी आदेश दिखाकर आइएएस कैडर में पदोन्नति का रास्ता साफ किया था। मामला खुला तो इसमें स्पेशल जज विजेंद्र सिंह रावत की भूमिका भी संदिग्ध मिली। तब उनका तबादला कर मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया था।   हाई कोर्ट ने विधि अनुसार कार्रवाई की अनुमति दी मामला हाई कोर्ट में चल रहा था। चार वर्ष पुराने इस केस में पुलिस अभी तक हाई कोर्ट की अनुमति का इंतजार कर रही थी। एसीपी विनोद दीक्षित ने हाई कोर्ट से मिली अनुमति की पुष्टि करते हुए कहा है कि कोर्ट ने पुलिस के प्रतिवेदन पर विधि अनुसार कार्रवाई की अनुमति दे दी है। न्यायाधीश का निलंबन हुआ तो एसआइटी सक्रिय हुई न्यायालय का फर्जी आदेश बनाए जाने के मामले में जांच में पता चला था कि मास्टरमाइंड स्वयं न्यायाधीश विजेंद्र सिंह रावत हो सकते हैं जो वर्ष 2021 में जिला कोर्ट में पदस्थ रहे हैं। संदेह के आधार पर हाई कोर्ट ने उनका तबादला कर दिया, लेकिन गिरफ्तारी की अनुमति नहीं दी। न्यायाधीश को नोटिस जारी कर बुलाया जाएगा उच्च स्तरीय कमेटी की रिपोर्ट के बाद हाल ही में विवादित न्यायाधीश का निलंबन हुआ तो पुलिस की एसआइटी सक्रिय हुई और अग्रिम कार्रवाई की अनुमति मांगी। हाई कोर्ट ने 20 नवंबर को विधि अनुसार कार्रवाई करने की हरी झंडी दे दी। जांच में शामिल एक अफसर के अनुसार न्यायाधीश को नोटिस जारी कर बुलाया जाएगा। गौरतलब है कि वर्मा को भी चार वर्ष पूर्व इसी तरह बुलाकर गिरफ्तार किया था। हार्ड डिस्क रिकवर करवाने पर मिले फर्जी फैसले के सबूत पुलिस को जांच की शुरुआत से ही न्यायाधीश पर शक था। पुलिस ने उनकी कोर्ट से कंप्यूटर जब्त किया तो फैसला डिलीट मिला। हार्ड डिस्क जब्त कर फोरेंसिक लैब में जांच करवाई गई। हार्ड डिस्क में दो फैसले मिले, जिसमें एक राजीनामा और दूसरा बरी का बनाया गया था। न्यायाधीश ने खुद को छुट्टी पर बताया था, लेकिन मोबाइल टावर लोकेशन निकालने पर कोर्ट में ही उनकी मौजूदगी मिली। इसके बाद साक्ष्य एकत्र हो गए। पुलिस को वर्मा की चैटिंग से भी अहम सबूत मिला है। वर्मा को एक अन्य मजिस्ट्रेट ने न्यायाधीश के पास भेजा था। उसकी वर्मा से लेनदेन संबंधित चैटिंग हो रही थी। जय युवा आदिवासी संगठन संतोष वर्मा के समर्थन में आया जय युवा आदिवासी संगठन (जयस) संतोष वर्मा के समर्थन में आया है। जयस प्रमुख लोकेश मुजाल्दा ने बताया कि उनका संगठन और अजाक्स की तरफ से संतोष वर्मा के पक्ष में रविवार को इंदौर में कलेक्टर के नाम ज्ञापन दिया जाएगा, जिसमें संतोष वर्मा को शासन की ओर से दिया गया नोटिस वापस लेने की मांग की जाएगी। इधर, जयस के संरक्षक विधायक डॉ. हीरालाल अलावा ने कहा उनके संगठन के नाम से ही मिलता-जुलता एक अन्य संगठन भी है। इस संगठन से उनका कोई लेना देना नहीं है। उन्होंने कहा कि संतोष वर्मा का बयान असभ्य है जो अस्वीकार है।