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सुहागरात से पहले बता देना, छोड़ दूंगी—RJ महविश का वीडियो वायरल, पलाश-स्मृति शादी केस में धमाका

इंदौर   म्यूजिक कंपोजर पलाश मुच्छल और विश्व विजेता क्रिकेट महिला टीम का उप कप्तान स्मृति मंधाना की शादी पोस्टपोन होने से पूरे देश में हंगामा मचा हुआ है. हालांकि शादी के पोस्टपोन होने की वजह स्मृति के पिता की तबीयत खराब होने को बताया जा रहा है. इस बीच जब पलाश मुच्छल की एक महिला संग चैट वायरल हुई तो सोशल मीडिया पर बड़ा बखेड़ा खड़ा हो गया और तो और हंगामा उस वक्त और भी ज्यादा तब बढ़ गया, जब पलाश की एक्स गर्लफ्रेंड संग तस्वीरें सोशल मीडिया पर फैल गईं. फिलहाल पलाश और स्मृति की शादी अनिश्चितकाल के लिए टल गई है और यह कब तक होगी कुछ भी नहीं पता, लेकिन इस मुद्दे के बीच क्रिकेटर युजवेंद्र चहल की रूमर्ड गर्लफ्रेंड आरजे महविश के इस नए वीडियो ने सोशल मीडिया पर हंगामा मचा दिया है. 'सुहागरात से पहले भी बता देना' आरजे महविश ने बीती रात अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक वीडियो शेयर किया है. इस वीडियो में महविश ने ऐसी-ऐसी बात कही है, जिसे सुनने के बाद लड़कों को बड़ा झटका लगने वाला है. महविश ने कहा, 'मर्द न बड़ी प्यारी चीज होते हैं, जब पूछो तब सिंगल ही होते हैं, देखों भाई मुझे सच और झूठ नहीं पता पर मेरी शादी के वक्त न मैं अपना दूल्हा कर रही हूं इंटरनेट पर एक हफ्ते पहले लॉन्च और मेरा वाला जिसके भी डीएम में सुहागरात मना रहा होगा न, गर्ल्स प्लीज बस आकर मुझे बता देना और ये मत सोचना कि अब तो शादी हो रही है ये कैसे ढूंढेगी. सुहागरात मनाने से पहले भी बता देना, ये भी मत सोचना उस पर ट्रस्ट करती होगी या नहीं! मैं दुनिया में किसी पर ट्रस्ट नहीं करती, अब मैं किसी के लिए ये नहीं कह पाती कि ये बंदा तो किसी के लिए कर ही नहीं सकता, कोई भी कुछ भी कर सकता है, तुम उसके स्क्रीन शॉट पब्लिक कर देना वरना मुझे पर्सनल में भेज देना, मैं पब्लिक कर दूंगी और हो सकता है मैं पब्लिक भी न करूं, मैं बस सुकून से निकलकर जाना चाहती हूं, बचाओ दोस्तों'. वीडियो पर लोगों के कमेंट्स अब आरजे महविश के इस वीडियो पर डेढ़ लाख से ज्यादा लाइक आ चुके हैं और कमेंट बॉक्स में लोग भर-भरकर कमेंट्स पोस्ट कर रहे हैं. एक ने लिखा है, 'क्या तुम पलाश की बात कर रही हो? दूसरा यूजर लिखता है, 'इतना तो मैं ड्रम से नहीं डरता, जितना तुम डरा रही हो'. तीसरे ने लिखा है, 'क्या आप अपने पति के लिए लॉयल रहोगी? एक और लिखता है, 'अच्छे पति की गारंटी मांग कर रही हो, तुम लॉयल हो इसकी क्या गारंटी होगी? महविश के वायरल वीडियो पर लोग सपोर्ट करने के साथ-साथ उन्हें ट्रोल भी कर रहे हैं.

ग्वालियर-चंबल में बढ़ी ठंड, मध्यप्रदेश के कई शहरों में पारा 10 डिग्री से कम

भोपाल  मध्यप्रदेश में सर्द हवाओं ने फिलहाल अपना असर बनाए रखा है। ग्वालियर सहित प्रदेश के 7 शहरों में रात का पारा 10 डिग्री से नीचे दर्ज हो रहा है। खासतौर पर ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में कड़ाके की ठंड महसूस की जा रही है। वहीं रतलाम, नरसिंहपुर, सिवनी, बैतूल और नर्मदापुरम जैसे इलाकों में रात का तापमान 15 से 19 डिग्री के बीच बना हुआ है। दिन के वक्त भी मौसम का दोहरा स्वरूप देखने को मिल रहा है। कुछ जिलों में हल्की धूप राहत दे रही है, जबकि कई जगह दिन भी ठंडे बने हुए हैं।  हालही में थोड़ी राहत के बाद मध्य प्रदेश में एक बार फिर ठंड ने तेवर दिखाना शुरू कर दिए हैं। पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई जिलों में रात के तापमान में तेजी से गिरावट दर्ज की गई है। मौजूदा समय में चंबल संभाग सबसे ठंडा क्षेत्र बन गया है। वहीं, मौसम विभाग आगामी दिनों में नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की संभावना जताते हए अगले एक-दो दिन के भीतर प्रदेशभर में एक बार फिर कड़ाके की ठंड का दौर शुरु होने का संभावना जता रहे हैं। मौसम केंद्र भोपाल के अनुसार, बुधवार रात को सबसे कम तापमान नौगांव में 7.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके बाद रीवा में 8.9, ग्वालियर में 9.3, दतिया में 9.6, खजुराहो में 9.8 और सीधी में ठीक 10 डिग्री तापमान रहा। यानी प्रदेश के कुल 7 शहरों का न्यूनतम तापमान 10 डिग्री से नीचे चला गया। चंबल संभाग (ग्वालियर, दतिया, मुरैना, भिंड, श्योपुरकला) में सबसे ज्यादा ठंड पड़ रही है। वहीं, रतलाम, नरसिंहपुर, सिवनी, बैतूल और नर्मदापुरम में न्यूनतम तापमान 15 से 19 डिग्री के बीच रहा। अगले दो दिनों तक तापमान में  जारी रहेंगा उतार-चढ़ाव  मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि हवा के रुख में बदलाव और हल्के बादलों की मौजूदगी से ऐसी स्थिति बनी है। अगले दो दिनों तक तापमान में यही उतार-चढ़ाव जारी रहने की संभावना है, इसके बाद प्रदेश में फिर से कड़ाके की सर्दी दस्तक देगी। सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन के अनुसार, देश के दक्षिणी हिस्से में सक्रिय निम्न दाब क्षेत्र (लो प्रेशर एरिया) के कारण मध्यप्रदेश में जगह-जगह बादल घिर रहे हैं। इससे दिन में ठंडक बढ़ी है और रात के पारे में भी अनियमित गिरावट- बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। इस वजह से तेज ठंड नहीं मौसम विभाग के अनुसार, पहाड़ी राज्य- उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में बर्फबारी जरूर हो रही है, लेकिन विंड पैटर्न यानी, हवा की दिशा बदलने की वजह से उत्तरी हवाएं प्रदेश में नहीं आ रही है। दूसरी ओर, बंगाल की खाड़ी में एक लो प्रेशर एरिया एक्टिव है। जिसकी वजह से प्रदेश में हल्के बादल है। इससे दिन में ठंडक बढ़ गई है, जबकि रात के तापमान में 5 से 6 डिग्री की बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। मंगलवार-बुधवार की बात करें तो भोपाल में 15.4 डिग्री, इंदौर में 15.1 डिग्री, ग्वालियर में 9.3 डिग्री, उज्जैन में 16.5 डिग्री और जबलपुर में तापमान 15.2 डिग्री सेल्सियस रहा। वहीं, छतरपुर के नौगांव में सबसे कम 7.8 डिग्री, मुरैना में 8.8 डिग्री, रीवा में 8.9 डिग्री, दतिया-चित्रकूट में 9.6 डिग्री, खजुराहो में 9.8 डिग्री और सीधी में तापमान 10 डिग्री दर्ज किया गया। इस बार नवंबर में रिकॉर्ड तोड़ चुकी ठंड मौसम विभाग की माने तो इस साल मध्यप्रदेश में नवंबर में ही ठंड ने रिकॉर्ड तोड़ दिए। भोपाल में 84 साल बाद सबसे ज्यादा ठंड रही तो इंदौर में 25 साल का रिकॉर्ड टूटा। लगातार 15 दिन तक प्रदेश में शीतलहर भी चली, लेकिन नवंबर के आखिरी सप्ताह में कड़ाके की ठंड से थोड़ी राहत मिल रही है। पहाड़ों में बर्फबारी जल्दी, इसलिए शीतलहर चली बता दें कि प्रदेश में 6 नवंबर से ही कड़ाके की ठंड का दौर शुरू हो गया था। आम तौर पर नवंबर के दूसरे पखवाड़े से तेज ठंड पड़ती है, लेकिन इस बार पहाड़ी राज्य- हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में समय से पहले बर्फबारी हो गई। इस वजह से बर्फीली हवाओं से एमपी भी कांप उठा। भोपाल में लगातार 15 दिन तक शीतलहर चली। रिकॉर्ड के अनुसार, साल 1931 के बाद शीतलहर के यह सबसे ज्यादा दिन है। दूसरी ओर, यहां रात का पारा 5.2 डिग्री तक पहुंच गया, जो ओवरऑल रिकॉर्ड भी रहा। क्यों नहीं बढ़ रही कड़ाके की ठंड? मौसम विभाग के मुताबिक, उत्तराखंड, हिमाचल और जम्मू-कश्मीर में बर्फबारी जारी है, लेकिन हवा की दिशा बार-बार बदलने से ठंडी उत्तरी हवाएं एमपी तक नहीं पहुंच रहीं। दूसरी ओर बंगाल की खाड़ी में सक्रिय लो प्रेशर सिस्टम हल्के बादलों को प्रदेश तक ला रहा है, जिसके कारण दिन में ठंड बढ़ने के साथ रात के तापमान में 5–6 डिग्री की बढ़ोतरी भी दर्ज की गई है। इन शहरों का तापमान बीते 24 घंटों में भोपाल 15.4 डिग्री, इंदौर 15.1 डिग्री, ग्वालियर 9.3 डिग्री, उज्जैन 16.5 डिग्री और जबलपुर 15.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। छतरपुर के नौगांव में न्यूनतम तापमान 7.8 डिग्री, मुरैना में 8.8 डिग्री, रीवा 8.9 डिग्री, दतिया-चित्रकूट 9.6 डिग्री, खजुराहो 9.8 डिग्री और सीधी 10 डिग्री रहा। नवंबर में ठंड ने तोड़े रिकॉर्ड इस साल नवंबर महीने में ठंड ने कई पुराने रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिए। भोपाल में 84 साल बाद सबसे सर्द नवंबर दर्ज हुआ, वहीं इंदौर में 25 साल पुराना रिकॉर्ड टूटा। प्रदेश भर में लगातार 15 दिन तक शीतलहर चलती रही, हालांकि नवंबर के अंतिम सप्ताह में कड़ाके की ठंड से कुछ राहत मिली है। समय से पहले पहाड़ों में बर्फबारी का असर एमपी में 6 नवंबर से ही तेज ठंड का दौर शुरू हो गया था, जबकि आमतौर पर नवंबर के दूसरे हिस्से में सर्दी बढ़ती है। हिमाचल, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में सामान्य से पहले हुई बर्फबारी के कारण ठंडी हवाएं जल्दी ही मैदानी इलाकों में पहुंच गईं और प्रदेश कांप उठा।भोपाल में लगातार 15 दिन शीतलहर चलना 1931 के बाद सबसे लंबा क्रम रहा। रात का पारा यहां 5.2 डिग्री तक लुढ़क गया, जो अब तक का कुल रिकॉर्ड है।  सुबह कोहरा…इसलिए गाड़ी संभलकर चलाने की सलाह प्रदेश में ठंड का असर भले ही कम हुआ हो, लेकिन सुबह व रात में कोहरा छा रहा है। इसलिए एक्सपर्ट ने लोगों को सुरक्षित ड्राइविंग … Read more

ब्राह्मण समुदाय ने अफसर के खिलाफ FIR की मांग की, IAS संतोष वर्मा पर विवाद थमता नहीं

ग्वालियर ब्राह्मण समुदाय ने IAS अधिकारी संतोष वर्मा के खिलाफ उनके एक विवादित बयान को लेकर विरोध प्रदर्शन किया. प्रदर्शनों के बीच राज्य के सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) ने IAS वर्मा को कारण बताओ नोटिस जारी किया, जिसमें पूछा गया कि उनके बयानों के लिए उनके खिलाफअनुशासनात्मक कार्रवाई क्यों न की जाए, जो 'सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने और समाज में नफरत फैलाने' के बराबर हैं. सरकार ने वर्मा को सात दिनों के अंदर जवाब देने का निर्देश दिया है. जवाब न देने पर जरूरी डिपार्टमेंटल एक्शन लिया जाएगा. इससे पहले दिन में, नर्मदापुरम, ग्वालियर, बुरहानपुर, इटारसी, पिपरिया, रायसेन और दूसरी जगहों पर विरोध प्रदर्शन हुए और उनके पुतले जलाए गए. प्रदर्शनकारियों ने उन्हें नौकरी से निकालने और उनके खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग की. IAS वर्मा मध्य प्रदेश अनुसूचित जाति और जनजाति अधिकारी एवं कर्मचारी संघ के नए अध्यक्ष बने हैं.  23 नवंबर को भोपाल में एक पब्लिक मीटिंग में वर्मा ने कहा, "जब तक कोई ब्राह्मण अपनी बेटी मेरे बेटे को दान नहीं कर देता, या (उसका) उससे रिश्ता नहीं हो जाता, तब तक रिजर्वेशन जारी रहना चाहिए."  ग्वालियर में सीनियर वकील अनिल मिश्रा के नेतृत्व में बड़ी संख्या में वकील और ब्राह्मण समुदाय के सदस्य पुलिस सुपरिटेंडेंट के ऑफिस पहुंचे और वर्मा के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग की. SP धर्मवीर सिंह ने उन्हें भरोसा दिलाया कि मामले की जांच की जाएगी और सही कार्रवाई की जाएगी. मिश्रा ने चेतावनी दी कि अगर तीन दिन के अंदर FIR दर्ज नहीं की गई तो वे बड़ा विरोध प्रदर्शन करेंगे. मंगलवार को राजगढ़ जिले में IAS अधिकारी का पुतला जलाया गया. ऑल इंडिया ब्राह्मण समाज के सदस्यों ने भी MP नगर पुलिस स्टेशन के सामने उनके खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया.

जनसंपर्क विभाग कर्मचारी पेन डाउन हड़ताल पर, काम प्रभावित

मध्य प्रदेश जनसंपर्क विभाग में पेन डाउन हड़ताल बाहरी हस्तक्षेप’ के विरोध में अधिकारियों-कर्मचारियों का सामूहिक आक्रोश भोपाल  मध्य प्रदेश के जनसंपर्क विभाग में राज्य प्रशासनिक सेवा (आरएएस) के एक अधिकारी की पदस्थापना को लेकर उपजे असंतोष ने सोमवार को राज्यभर में व्यापक रूप ले लिया। विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों ने इस आदेश को “विभाग की गरिमा और पेशेवर संरचना के विरुद्ध” बताते हुए आज सुबह 11 बजे से अनिश्चितकालीन पेन डाउन हड़ताल की शुरुआत कर दी। आयुक्त से भेंट के बाद उभरा निर्णय सोमवार सुबह आयुक्त जनसंपर्क श्री दीपक सक्सेना से प्रतिनिधिमंडल की भेंट के बाद, विभागीय कर्मचारियों ने सामूहिक रूप से निर्णय लिया कि जब तक आरएएस अधिकारी श्री गणेश जायसवाल की जनसंपर्क विभाग में पदस्थापना संबंधी आदेश निरस्त नहीं किया जाता, तब तक सभी अधिकारी-कर्मचारी कलम बंद रखेंगे और नियमित कार्य बाधित रहेंगे। विभागीय ढाँचे में ‘बाहरी हस्तक्षेप’ का विरोध जनसंपर्क विभाग के अधिकारियों का कहना है कि यह विभाग अपनी विशिष्ट कार्यप्रणाली, लेखन-कौशल, मीडिया प्रबंधन, संचार रणनीति और रचनात्मक अभिव्यक्ति पर आधारित है, जिसे वर्षों से प्रशिक्षित जनसंपर्क कैडर के अधिकारियों-कर्मचारियों ने अपनी मेहनत से आगे बढ़ाया है। उनके अनुसार— “यह राजस्व अथवा प्रशासनिक प्रवृत्ति वाला विभाग नहीं, बल्कि राज्य सरकार और जनता के बीच संचार सेतु का संवेदनशील और रचनात्मक मंच है। इसमें बाहरी सेवाओं के हस्तक्षेप से कार्य-प्रवाह प्रभावित होता है और विभाग की विशेषज्ञता कमजोर पड़ती है।” रात–दिन सरकारी संदेशों का संप्रेषण करने वाले विभाग का आक्रोश जनसंपर्क विभाग के अधिकारी-कर्मचारी इस बात से भी क्षुब्ध हैं कि वे दिन-रात सरकार की नीतियों, कार्यक्रमों और जनहितकारी योजनाओं को जनता तक पहुँचाने में अग्रणी भूमिका निभाते हैं, परंतु विभाग में अनायास एवं अप्रासंगिक पदस्थापना से उनकी विशेषज्ञता और स्वायत्तता पर प्रश्नचिन्ह खड़ा हो जाता है। मुख्यमंत्री से तत्काल हस्तक्षेप की अपेक्षा अधिकारियों ने कहा कि मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री, जो स्वयं जनसंपर्क विभाग के मंत्री भी हैं, को इस मामले में तत्काल संज्ञान लेते हुए आदेश को वापस लेना चाहिए।उनका मत है कि विभाग की संवैधानिक और प्रशासनिक गरिमा बनाए रखने के लिए श्री गणेश जायसवाल की नियुक्ति संबंधी आदेश रद्द करना अत्यावश्यक है। प्रदेशभर में कार्य ठप होने की संभावना हड़ताल के चलते समाचार-संकलन, प्रेस नोट, कार्यक्रम कवरेज, सरकारी विज्ञापन, योजनाओं के प्रचार-प्रसार और मीडिया संवाद जैसी गतिविधियाँ प्रभावित हो गई हैं। यदि यह स्थिति लंबी चली तो प्रदेश सरकार के जनसंपर्क संबंधी कार्यों पर व्यापक असर पड़ सकता है।

विधानसभा सत्र के दौरान भोपाल में धारा 163 का आदेश, सुरक्षा के मद्देनजर रैलियां बैन

 भोपाल  मध्य प्रदेश विधानसभा के 7वें सत्र 1 से 5 दिसंबर को देखते हुए पुलिस कमिश्नर हरिनारायण चारी मिश्र ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 के तहत राजधानी भोपाल में प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किए हैं। ये आदेश विभिन्न राजनीतिक और सामाजिक संगठनों द्वारा संभावित विरोध-प्रदर्शन और रैलियों की आशंका को देखते हुए लगाए गए हैं। किन क्षेत्रों में लागू रहेगा आदेश शहर के लिली टॉकीज इलाके से लेकर 7वीं बटालियन, एमवीएम कॉलेज क्षेत्र, एयरटेल तिराहा से रोशनपुरा, बांगंगा क्रॉसिंग से राजभवन, जिन्सी स्क्वायर से ओल्ड जेल रोड, मैदा मिल से बोर्ड ऑफिस चौराहा, झर्नेश्वर मंदिर से रोशनपुरा, पॉलीटेक्निक रोड से मुख्यमंत्री निवास सहित नया विधानसभा, राजभवन, सीएम हाउस, 74 बंगले, प्रेस कॉम्प्लेक्स, सतपुरा, विन्ध्याचल और वल्लभ भवन का पूरा क्षेत्र शामिल है। -विधानसभा से 5 किमी के दायरे में भारी वाहनों जैसे ट्रक, ट्रैक्टर-ट्रॉली, डंपर, और धीमी गति वाले वाहन जैसे बैलगाड़ी, टांगा का प्रवेश पूरी तरह बंद रहेगा। -ऐसे किसी भी कार्य या गतिविधि पर रोक रहेगी, जिससे सरकारी दफ्तर, दुकानें, उद्योग, होटल या सार्वजनिक सेवाएं बाधित हों। -ड्यूटी पर तैनात सरकारी कर्मचारियों को छूट रहेगी। क्या रहेगा प्रतिबंधित? -प्रतिबंधित क्षेत्र में पांच या उससे अधिक लोगों का एक साथ जमा होना पूरी तरह निषिद्ध रहेगा। -ऐसी कोई भी भीड़ अवैध जमावड़ा मानी जाएगी। -किसी भी प्रकार की रैली, प्रदर्शन, धरना, सार्वजनिक सभा, पुतला दहन आदि की अनुमति नहीं होगी। -लाठी, डंडे, चाकू, पत्थर, हथियार लेकर चलना सख्त मना है। किसे मिलेगी छूट? -शादी के जुलूस और अंतिम संस्कार पर इन प्रतिबंधों का प्रभाव नहीं पड़ेगा। उल्लंघन पर कार्रवाई -आदेश का उल्लंघन करने पर बीएनएस की धारा 223 के तहत कार्रवाई की जाएगी। -ये प्रतिबंध 1 से 5 दिसंबर 2025 के बीच पूरे समय लागू रहेगा।

राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में बढ़े वित्तीय अनियमितताओं के आरोप, जांच की मांग तेज

भोपाल  राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (RGPV) में पिछले पाँच वर्षों के वित्तीय लेन-देन को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। तकनीकी शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार और विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर विश्वविद्यालय की वर्ष 2019–20 से 2023–24 तक की ऑडिट रिपोर्ट सार्वजनिक करने और अनियमितताओं की CBI जांच की मांग की गई है। ज्ञापन अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) द्वारा सौंपा गया है। ऑडिट रिपोर्ट सार्वजनिक न होने से पारदर्शिता पर सवाल उठ रहे हैं और वित्तीय लेन-देन में बड़े पैमाने पर आरोप सामने आए हैं। उठाए गए प्रमुख मुद्दे – छात्रों से जुड़े कोष के दुरुपयोग की आशंका। – बिना अधिकृत आदेश के भारी वित्तीय लेन-देन। – कई बैंक खातों और एफडी के रिकॉर्ड में गंभीर विसंगतियाँ। – एफडी समय से पहले तुड़वाने और राशि के स्थानांतरण का पूरा रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं। – बैंक द्वारा पेनल्टी काटे जाने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं। – 100 करोड़ रुपए से अधिक के कॉरपस फंड के उपलब्ध न होने का आरोप। – वित्तीय लेन-देन पर इंटरनल कंट्रोल और SOP जैसी व्यवस्था प्रभावी नहीं रही। मुख्य मांगें 1. पांच वर्षों की ऑडिट रिपोर्ट तुरंत सार्वजनिक की जाए। 2. सभी आर्थिक अनियमितताओं की CBI से विस्तृत जांच कराई जाए। 3. विश्वविद्यालय में धारा 54 लागू कर प्रशासनिक प्रबंधन राज्य शासन के अधीन किया जाए। 4. संचालन सुचारू रखने के लिए विश्वविद्यालय को तीन क्षेत्रों में विभाजित करने का सुझाव भी दिया गया है।  

इंदौर की मशहूर सराफा बाजार में बदलाव, चौपाटी का आकार घटा

इंदौर  इंदौर सराफा बाजार में लगने वाली रात्रिकालीन चाट-चौपाटी पर नगर निगम ने अंकुश लगाना शुरू कर दिया। मंगलवार शाम मुनादी की गई। इसके बाद बुधवार से कार्रवाई शुरू कर दी गई। नगर निगम ने जो ऐलान किया, उससे 80 दुकानें लगती दिख रही हैं। हालांकि सराफा व्यापारी इससे असहमत और असंतुष्ट नजर आ रहे हैं। सराफा कारोबारियों के अनुसार दुकानों की यह संख्या बाले-बाले कैसे तय कर ली गई। जबकि महापौर की अध्यक्षता में कमेटी बनी थी जिसे इस पर निर्णय लेना था। हालांकि न बैठक हुई न चर्चा, बस सीधे मुनादी करवा दी गई। इधर बुधवार को जब दुकानें हटाने के लिए निगम का अमला पहुंचा तो चौपाटी वाले दुकानदार एकजुट हो गए और सराफा थाने पहुंचे।  हुई इंदौर नगर निगम की मुनादी में चौपाटी पर दुकानें लगाने वालों से कहा गया कि कोई भी सराफा बाजार में रात साढ़े नौ बजे से पहले दुकान नहीं लगाएगा। साथ ही कहा गया कि जो चाट चौपाटी एसोसिएशन का अधिकृत सदस्य है, सिर्फ उसी की दुकान लग सकेगी। दरअसल चाट चौपाटी एसोसिएशन ने अपने 80 सदस्यों की सूची निगम को काफी पहले सौंपी थी। सराफा व्यापारी इसी पर सवाल उठा रहे हैं कि महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने कहा था कि चौपाटी का परंपरागत रूप कायम रखते हुए पुरातन दुकानों को रखा जाएगा। वे दुकानें गिनती की थीं तो 80 दुकानों की संख्या कैसे तय कर ली गई। बिना बैठक कैसे हुआ निर्णय महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने नवरात्र में सराफा चौपाटी को नया स्वरूप देने की घोषणा की थी। इसके लिए कमेटी का दौरा, विमर्श होना था और उन दुकानों की संख्या तय होनी थी, जो पुराने समय से चौपाटी पर व्यंजन परोसती रही हैं। हालांकि महीनों बीतने के बाद भी कोई बैठक नहीं हुई। इंदौर सोना-चांदी जवाहरात व्यापारी एसोसिएशन के अनुसार दो दिन पहले बैठक के लिए संदेश मिला था। बैठक में पहुंचने से पहले दूसरा संदेश आया कि बैठक निरस्त हो गई है। इसके बाद निगम ने खुद ही कैसे तय कर लिया कि 80 दुकानों को लगने दिया जाएगा। एसोसिएशन के अनुसार असल में तो पुराने दौर में खाने-पीने की बमुश्किल 40-50 दुकानें ही सराफा में लगती थीं। संख्या कैसे तय हुई हमें भी नहीं पता     मुनादी में कहा गया कि सदस्यों को दुकान लगाने दी जाएगी। इस लिहाज से 80 दुकानें लगने दी जा रही हैं। यह संख्या कैसे तय हुई हमें भी जानकारी नहीं है। कमेटी की कोई बैठक नहीं हुई। हम निगम की ओर से आधिकारिक आदेश का इंतजार कर रहे हैं। -हुकम सोनी, अध्यक्ष चांदी-सोना जवाहरात व्यापारी एसोसिएशन  

खंडवा :युवती ने जहर खाकर ली जान, आरोपी अरबाज शाह धर्म परिवर्तन के प्रयास में था, ठिकानों पर बुलडोजर चला

खंडवा  हरसूद क्षेत्र में युवती की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद शुरू हुए हंगामे और जनता के आक्रोश के बीच गुरुवार को प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की। लव जिहाद के आरोपों में जेल भेजे गए आरोपी अरबाज शाह और उसके चाचा आशिक शाह के मकानों को राजस्व विभाग और हरसूद पुलिस ने जेसीबी से ध्वस्त कर दिया। फोटो और वीडियो के जरिए ब्लैकमेलिंग दरअसल जिले के हरसूद में लव जिहाद के आरोपी अरबाज के घर बुलडोजर की कार्रवाई हुई है। आरोपी अरबाज पर युवती के फोटो और वीडियो के जरिए ब्लैकमेलिंग कर रहा था। इतना ही नहीं धर्म परिवर्तन का भी दबाव बना रहा था। आरोपी जेल में बंद आरोपी अरबाज की प्रताड़ना से तंग आकर युवती ने जहर खा लिया था जिससे उसकी मौत हो गई थी। आरोपी अरबाज पर धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम सहित अन्य धाराओं में जेल में बंद है। कार्रवाई के दौरान हरसूद नगर परिषद और जिला प्रशासन के कई अधिकारी मौके पर मौजूद थे। युवती ने प्रताड़ना से तंग आकर खाया था जहर परिजनों के अनुसार, आरोपी अरबाज शाह लंबे समय से उनकी बेटी पर दोस्ती और शादी के लिए दबाव बना रहा था। परिवार का आरोप है कि अरबाज लगातार फोन और मैसेज के जरिए उसे परेशान करता था। युवती के बालिग होने के बाद यह दबाव और बढ़ गया था। परिवार ने बताया कि अरबाज की प्रताड़ना के कारण जिस युवक से युवती की शादी तय हुई थी, वह रिश्ता भी टूट गया। इससे वह मानसिक रूप से बेहद परेशान रहने लगी थी। 28 अक्टूबर 2025 को विवाद के दौरान आरोपी ने युवती के साथ मारपीट की। घर लौटने पर उसने तनाव में आकर जहर खा लिया। परिजन उसे स्थानीय अस्पताल ले गए, लेकिन 29 अक्टूबर को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। मौत के बाद हरसूद में भड़का गुस्सा युवती की मौत की खबर फैलते ही हरसूद में तनावपूर्ण माहौल बन गया था। बड़ी संख्या में लोग हरसूद थाने के बाहर जमा हो गए और आरोपी की तत्काल गिरफ्तारी की मांग करने लगे थे। प्रदर्शनकारियों ने शव को सड़क पर रखकर चक्का जाम तक कर दिया था। भीड़ का कहना था कि आरोपी की गिरफ्तारी के बिना अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा। धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम और IPC की धाराओं में मामला दर्ज हरसूद थाना पुलिस ने आरोपी अरबाज शाह के खिलाफ मध्य प्रदेश धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम, 2021 के तहत गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया। इसके साथ ही आईपीसी की तीन अन्य धाराएं भी जोड़ी गईं। घटना के बाद आरोपी कुछ दिनों तक फरार रहा। पुलिस ने लगातार दबिश देते हुए उसे पकड़ा और जेल भेज दिया। परिवार के अन्य सदस्यों पर भी कार्रवाई की गई और सभी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। हिंदू संगठनों ने की थी बुलडोज़र कार्रवाई की मांग घटना के बाद कई हिंदू संगठनों ने एसपी खंडवा से मिलकर आरोपी के अवैध मकान पर बुलडोजर चलाने की मांग की थी। प्रशासन ने इस संबंध में मकान की वैधता की जांच शुरू की। तहसील कार्यालय की जांच में पाया गया कि अरबाज और उसके चाचा आशिक शाह के मकानों में निर्माण संबंधी कई अनियमितताएँ थीं। अवैध निर्माण पाए जाने पर ध्वस्तीकरण की तैयारी शुरू कर दी गई। इस दौरान मकान में मौजूद सामान पहले ही तहसीलदार की निगरानी में बाहर निकलवाकर तहसील कार्यालय में सुरक्षित रखवा दिया गया था, क्योंकि आरोपी का परिवार जमानत मिलने के बाद इस घर में रहना बंद कर चुका था। भारी पुलिस बल की मौजूदगी में ढहाए गए दोनों मकान गुरुवार सुबह प्रशासनिक दल, पुलिस और राजस्व विभाग की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने पूरे क्षेत्र को सुरक्षा घेरा देकर कार्रवाई शुरू कराई। जेसीबी मशीन से पहले आरोपी अरबाज का मकान ढहाया गया, इसके बाद उसके चाचा आशिक शाह के मकान पर भी कार्रवाई की गई। ध्वस्तीकरण के दौरान पुलिस अधिकारी, तहसीलदार और राजस्व निरीक्षक मौजूद रहे। अधिकारियों का कहना है कि यह कदम न केवल अवैध निर्माण को ध्वस्त करने के लिए है, बल्कि अपराधियों को संदेश देने के लिए भी जरूरी है। आरोपी ने बेटी की जिंदगी छीन ली मृत युवती के परिवार के अनुसार, आरोपी अरबाज ने लगातार धमकाकर और मानसिक प्रताड़ना देकर उनकी बेटी को टूटने पर मजबूर किया। परिजनों ने कहा कि हमने कई बार समझाया, पर वह पीछा नहीं छोड़ता था। शादी का रिश्ता टूटने के बाद वह और ज्यादा दबाव बनाने लगा। अंततः हमारी बेटी ने हार मान ली। न्याय की दिशा में मजबूत कदम हरसूद पुलिस का कहना है कि आरोपी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जा रही है। साथ ही अवैध निर्माण को ध्वस्त करने की यह प्रक्रिया कानूनन थी और सभी आवश्यक कागजी औपचारिकताएं पूरी की गईं। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि इस मामले को गंभीरता से लेते हुए त्वरित कार्रवाई की गई है ताकि समाज में भय और अविश्वास का माहौल न बने।

खजुरी क्षेत्र में ट्रक पकड़ा गया, शराब प्लास्टिक दाना बताकर भेजी जा रही थी

भोपाल  मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में अवैध शराब को लेकर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। डेढ़ करोड़ की अवैध शराब जब्त की है। 12 सौ पेटी अवैध शराब पकड़ी है। नए साल से पहले पुलिस भोपाल के खजुरी थाना क्षेत्र में रात साढ़े तीन बजे अवैध शराब से भरा ट्रक पकड़ा। ट्रक में बारह सौ पेटी शराब रखी थी। थाने के सामने लगाया स्टॉपर, भागने का प्रयास जानकारी के अनुसार, खजूरी थाना पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि एक बड़ा ट्रक अवैध रूप से शराब लेकर इंदौर की दिशा में जा रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस ने थाने के सामने नाकाबंदी की। गुरुवार तड़के 3:00 से 4:00 बजे के बीच ट्रक को रोकने का प्रयास किया तो ड्राइवर ने पुलिस को चकमा देकर भागने की कोशिश की, लेकिन स्टॉपर लगाकर उसे पकड़ लिया गया। पूछताछ में ड्राइवर कोई वैध दस्तावेज दिखाने में असफल रहा। ड्राइवर का कहना है कि उसे भोपाल के बैरागढ़ क्षेत्र में माल भरवाया गया था और इंदौर में एक व्यक्ति माल रिसीव करने वाला था। कंटेनर में शराब को प्लास्टिक दाना दिखाकर भेजा जा रहा था। पुलिस ने प्रथमदृष्टया कागज भी फर्जी पाए हैं। ट्रक ड्राइवर ने पुलिस को चमका देकर भागने की कोशिश की लेकिन पुलिस ने नाकाबंदी कर ट्रक को पकड़ लिया साथ ही ड्राइवर को हिरासत में ले लिया है। थाना प्रभारी के मुताबिक डेढ़ करोड़ की अवैध शराब भोपाल से गुजरात भेजी जा रही थी। ट्रक में प्लास्टिक दाना बताकर शराब भेजी जा रही थी। ट्रक ड्राइवर के पास जो दस्तावजे मिले वो फर्जी पाए गए। फिलहाल खजुरी पुलिस ने शराब जब्त कर आबकारी विभाग को सूचना दे दी है। आगे की कार्रवाई आबकारी विभाग करेगा। शराब के ये ब्रांड मिले     सिग्नेचर     ओल्ड मंक     बैक पाइपर     रॉयल स्टेज     रॉयल चैलेंज आगे की जांच आबकारी विभाग करेगा सब इंस्पेक्टर संतराम खन्ना के अनुसार, यह अब तक की साल 2025 की सबसे बड़ी कार्रवाई है। पूरी जब्ती कर ट्रक और ड्राइवर को थाने लाया गया है। शराब जब्ती की सूचना आबकारी विभाग को दे दी गई है, जो अब आगे की विधिक कार्रवाई करेगा।

एमपी में पहली बार ऑन-स्पॉट अवॉर्ड, उज्जैन एसपी ने शुरू की सुविधा

उज्जैन उज्जैन पुलिस ने एक नई व्यवस्था की शुरुआत की है, जिसके तहत अच्छा काम करने वाले पुलिस कर्मियों को ऑन द स्पॉट अवॉर्ड और प्रमाणपत्र दिया जा सकेगा। इसके लिए विशेष इनाम आदेश बुक तैयार कराई गई है, जिसमें दो दिनों के भीतर पांच पुलिस कर्मियों को ऑन द स्पॉट अवॉर्ड दिया गया।  उज्जैन एसपी प्रदीप शर्मा के अनुसार, पुलिस महकमे में प्रदेश स्तर पर यह पहला प्रयोग है। शर्मा ने बताया कि यदि कोई पुलिसकर्मी बेहतर काम करता है, तो उसे उसी समय पुरस्कृत करना हमारी जिम्मेदारी है ताकि उसका मनोबल बढ़ सके। इनाम आदेश बुक में अवॉर्ड देते समय यह उल्लेख भी किया जा रहा है कि संबंधित पुलिसकर्मी को किस कार्य के लिए पुरस्कृत किया गया है। इसी रिकॉर्ड के आधार पर पुलिस कर्मियों की विशेषज्ञता की श्रेणी भी तैयार की जा रही है। उदाहरण के लिए, यदि किसी पुलिसकर्मी ने साइबर ठगी के मामले में उत्कृष्ट कार्य किया है, तो उसकी कैटेगरी साइबर एक्सपर्ट के रूप में तय की जाएगी, ताकि भविष्य में ऐसे मामलों में उसकी मदद ली जा सके। पहले की प्रक्रिया में ऐसी कोई व्यवस्था नहीं थी। पहले नोटशीट चलानी पड़ती थी पहले एसपी की अनुमति के बाद स्टेनो संबंधित पुलिसकर्मी का नाम नोट करता था। इसके बाद स्टेनो द्वारा अवॉर्ड देने हेतु नोटशीट चलाई जाती थी। कई बार नोटशीट की प्रक्रिया में ही 10 से 15 दिन लग जाते थे। इस दौरान वरिष्ठ अधिकारियों को भी याद नहीं रहता था कि किस पुलिसकर्मी को और किस कारण अवॉर्ड देना था। नोटशीट गुम हो जाने की स्थिति में पुलिसकर्मी पुरस्कार से वंचित रह जाते थे। अवॉर्ड मिलने के बाद भी सर्विस रिकॉर्ड में उसकी एंट्री कई दिनों बाद होती थी और फाइल गुम होने पर कभी-कभी एंट्री हो ही नहीं पाती थी। इन 5 पुलिसकर्मियों को मौके पर ही दिया गया अवॉर्ड मंगलवार को भैरवगढ़ थाने में आकस्मिक निरीक्षण के दौरान, अपराध निराकरण में उत्कृष्ट कार्य करने पर एसपी ने एसआई महेंद्र पाल सेंधव को 500 रुपए नकद और इनाम प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया। भैरवगढ़ थाने के ही हेड कांस्टेबल महेश मालवीय और आरक्षक जीवन कटारिया को क्षेत्र के गुंडों और हिस्ट्रीशीटरों के खिलाफ बॉन्ड ओवर की प्रभावी कार्रवाई करने पर पुरस्कृत किया गया। रात्रि गश्त के दौरान मंगलवार-बुधवार की दरमियानी रात एसपी ने चेकिंग पाइंट्स का निरीक्षण किया। चेकिंग पाइंट्स पर सक्रिय रहते हुए चाकूबाज को पकड़ने पर नीलगंगा थाने के आरक्षक वीरसिंह यादव और दामोदर पटेल को 500-500 रुपए नकद और इनाम प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया गया।