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पुलिस वर्दी कर्तव्ये, समर्पण, साहस और सेवा का प्रतीहक – डीजीपी मकवाणा

पुलिस महानिदेशक  कैलाश मकवाणा से मध्यप्रदेश कैडर के प्रशिक्षु आईपीएस अधिकारियों ने की सौजन्य भेंट पुलिस वर्दी कर्तव्ये, समर्पण, साहस और सेवा का प्रतीहक – डीजीपी  मकवाणा भोपाल पुलिस मुख्‍यालय भोपाल में पुलिस महानिदेशक  कैलाश मकवाणा से मध्‍यप्रदेश कैडर के 9 प्रशिक्षु भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारियों ने सौजन्‍य भेंट की। पुलिस महानिदेशक  मकवाणा ने प्रशिक्षु अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि पुलिस वर्दी कर्तव्य, समर्पण, साहस और सेवा का प्रतीक है। प्रशिक्षण अवधि बेहद महत्वपूर्ण होती है, इसलिए इसे पूरे मन, लगन और अनुशासन के साथ पूरा करें। जिले में प्रशिक्षण के दौरान जितना अधिक सीखेंगे, आगे का नेतृत्व उतना ही प्रभावी होगा। उन्होंने एक अध्ययन का उल्लेख करते हुए कहा कि मनुष्य को वास्तविक खुशी पद या पैसे से नहीं, बल्कि दूसरों की सहायता करने से मिलती है। पुलिस सेवा इसी भावना का विस्तार है—भगवान ने हमें सेवा का माध्यम बनाया है। पुलिस का मूलमंत्र भी यही है- देशभक्ति और जनसेवा। पुलिस महानिदेशक ने प्रशिक्षु अधिकारियों को यह सलाह दी कि हमेशा जनता के साथ विनम्र, मधुर और सम्मानजनक व्यवहार रखें। किसी भी परिस्थिति में त्‍वरित कार्रवाई करना, ईमानदारी से काम करना और निष्पक्ष रहना—एक अच्छे अधिकारी की पहचान है। उन्होंने कहा कि अच्छे कार्यों को हमेशा प्रोत्साहित करें। कानूनों, नियमों, अधिनियमों तथा वित्तीय प्रक्रियाओं का गहन अध्ययन करें, क्योंकि एक सक्षम अधिकारी वही है जो अपने कार्यक्षेत्र का संपूर्ण ज्ञान रखता हो। जनता का विश्वास अर्जित करना पुलिस का सबसे बड़ा निवेश है—विश्वास होगा तो सहयोग मिलेगा, और सहयोग से व्यवस्था मजबूत होगी।  मकवाणा ने यह भी कहा कि हमेशा सही रास्ते पर चलें, सही काम करते रहें और सबसे पहले एक अच्छा इंसान बनने की कोशिश करें। समाज में साम्प्रदायिक सौहार्द बनाए रखना पुलिस की अत्यंत महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है, इसलिए हमेशा सतर्क, संवेदनशील और संतुलित बने रहें। डीजीपी ने साइबर सुरक्षा के महत्व को भी रेखांकित करते हुए कहा, "आज के युग में, जब सूचना का प्रवाह तेज़ है, पुलिस को नवीनतम तकनीकों और डेटा एनालिटिक्स का उपयोग कर अपने कार्यों को और प्रभावी बनाने की आवश्यकता है। साइबर अपराधों का खतरा बढ़ रहा है। हमें न केवल अपराधों की रोकथाम में अग्रणी होना है, बल्कि हमें साइबर सुरक्षा के प्रति भी जागरूकता फैलाने की आवश्यकता है।" उन्‍होंने मध्‍यप्रदेश पुलिस के जनजागरूकता अभियान ‘’नशे से दूरी-है जरूरी की जानकारी दी। उन्‍होंने कहा कि राज्‍यव्‍यापी जनजागरूकता अभियान ने अपनी व्‍यापकता, प्रभावशीलता तथा वृहद स्‍तर पर जनसहभागिता के चलते वर्ल्‍ड रिकॉर्ड भी कायम किया है। उन्‍होंने प्रशिक्षु अधिकारियों से कहा कि वर्तमान में जन अपेक्षाएं भी बढ़ी हैं अत: व्‍यावसायिक उत्‍कृष्‍टता, पारदर्शिता एवं व्‍यवहार कुशलता से ही आप इन अपेक्षाओं पर खरे उतर सकते हैं। उन्होंने पुलिस बल के मनोबल, टीमवर्क, सहकर्मियों की समस्याओं को समझने और समाधान की दिशा में संवेदनशील नेतृत्व की आवश्यकता पर जोर दिया। एक अधिकारी की पहचान तभी बनती है जब वह अपनी टीम को समझे, सहयोग दे और सही दिशा दिखाए। मीडिया और सोशल मीडिया की भूमिका पर बात करते हुए डीजीपी ने कहा कि इन मंचों का जिम्मेदार उपयोग पुलिस की पारदर्शिता, जनसंपर्क और विश्वसनीयता को सुदृढ़ बनाता है। उन्‍होंने अपने सेवाकाल में बस्तर, मंदसौर, नीमच, ग्वालियर और मुरैना जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में ड्यूटी के दौरान आए जमीनी हालातों के अनुभव साझा किए। उन्होंने कहा कि कठिन परिस्थितियों में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए धैर्य, सूझबूझ और परिपक्व नेतृत्व अनिवार्य है—और यही गुण एक अधिकारी को विशेष बनाते हैं। उल्‍लेखनीय है कि संघ लोकसेवा आयोग द्वारा वर्ष 2024 में चयनित इन अधिकारियों का प्रशिक्षण लाल बहादुर शास्त्री अकादमी, मसूरी में आधारभूत प्रशिक्षण से प्रारंभ हुआ था। इसके बाद, इन अधिकारियों ने सरदार वल्लभभाई पटेल राष्ट्रीय पुलिस अकादमी, हैदराबाद में प्रथम चरण का प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूर्ण किया। अब, यह अधिकारी मध्य प्रदेश में 29 सप्ताह का जिला व्यवहारिक प्रशिक्षण प्रारंभ करने जा रहे हैं। इस दौरान, प्रशिक्षु अधिकारी मध्य प्रदेश पुलिस अकादमी में 4 सप्ताह के लिए संबद्ध होंगे। उन्हें राज्य की सांस्कृतिक एवं जनजातीय विरासत के अंतर्गत इंदौर, उज्जैन और महेश्वर के प्रमुख स्थलों का भ्रमण कराया जाएगा। पुलिस एवं प्रशासनिक व्यवस्था, कानून एवं व्यवस्था, आसूचना संकलन, अपराध अनुसंधान विभाग, एसटीएफ, योजना, प्रबंध, कल्याण जैसे सभी महत्वपूर्ण अंगों से परिचय कराया जाएगा। डायल-112 एवं नवीनतम तकनीकों के प्रयोग से भी अवगत कराया जाएगा। इसके साथ ही सिंहस्थ की तैयारियों से संबंधित विशेष प्रशिक्षण भी प्रदान किया जाएगा, ताकि अधिकारी आगामी चुनौतियों एवं व्यवस्थाओं से भली-भांति परिचित हो सकें। पीएसओ टू डीजीपी  विनीत कपूर ने पुलिस महानिदेशक  कैलाश मकवाणा का संपूर्ण परिचय दिया। इस अवसर पर अतिरिक्‍त पुलिस महानिदेशक  शाहिद अबसार, एसओ टू डीजीपी  मलय जैन एवं अन्‍य पुलिस अधिकारी उपस्थित थे।  

3 लाख से अधिक किसानों के खातो में पहुंचेगी 238 करोड़ से अधिक राशि

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 27 नवंबर को श्योपुर जिले के बड़ौदा में आयोजित कार्यक्रम में श्योपुर सहित 6 जिलो के किसानों को फसल क्षति की राहत राशि का वितरण करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव 3 लाख 5 हजार 410 प्रभावित किसानों के बैंक खातों में 238 करोड़ 78 लाख रूपये की राशि अंतरित करेंगे। श्योपुर, हरदा, विदिशा, नर्मदापुरम, धार, खण्डवा जिलों की 23 तहसीलों के 2 हजार 148 ग्रामों के किसानों को अतिवृष्टि, बाढ और पीला मौजेक कीट व्याधि से हुई फसल क्षति की राहत राशि अंतरित की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव इसी दिन मुरैना जिला मुख्यालय पर आयोजित कार्यक्रम में 162 करोड़ 55 लाख रुपये से अधिक लागत के विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमि-पूजन करेंगे। बड़ौदा में इन कार्यों का होगा लोकार्पण एवं शिलान्यास मुख्यमंत्री डॉ. यादव बडौदा में आयोजित कार्यक्रम के दौरान विभिन्न विकास निर्माण कार्यो का लोकार्पण एवं शिलान्यास करेंगे। इस अवसर पर जनजातीय कार्य विभाग अंतर्गत 2 करोड 75 लाख रूपये की लागत से सेसईपुरा में निर्मित आदिवासी बालक आश्रम का लोकार्पण होगा। इसके साथ ही 14 करोड 80 लाख की लागत से श्योपुर में बनने वाले नर्सिग कॉलेज भवन, 14 करोड 95 लाख की लागत से श्योपुर में बनने वाले 50 बिस्तरीय एकीकृत आयुष चिकित्सालय, 96 लाख की लागत से श्योपुर में बनने वाले बागवानी और खाद प्रसंस्करण ज्ञान प्रसार केन्द्र, ग्राम लहरौनी में 2 करोड 61 लाख, ग्राम बलावनी में 2 करोड 53 लाख एवं डाबीपुरा में 2 करोड 49 लाख की लागत से बनने वाले नवीन 33/11 केव्ही विद्युत उपकेन्द्रों के निर्माण के लिए शिलान्यास किया जायेगा। साथ ही विभिन्न विभिन्न योजनाओ में हितग्राहियों को लाभान्वित किया जायेगा। मुरैना में इन कार्यों की देंगें सौगात मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुरैना में 70 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित होने वाले आयुर्वेदिक महाविद्यालय भवन का भूमिपूजन करेंगे। इस महाविद्यालय के अंतर्गत 100 बिस्तरीय चिकित्सालय का निर्माण भी किया जाएगा। इस चिकित्सालय के माध्यम से आसपास के लगभग 20 ग्रामों को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शासकीय सांदीपनि उच्चतर माध्यमिक विद्यालय गोठ एवं अम्बाह का लोकार्पण भी करेंगे। वर्तमान में सांदीपनि उच्चतर माध्यमिक विद्यालय गोठ में 812 विद्यार्थी तथा सांदीपनि उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय अम्बाह में 1799 विद्यार्थी नामांकित हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव 19 करोड़ 2 लाख रुपये की लागत से निर्मित संयुक्त तहसील एवं अनुविभागीय अधिकारी कार्यालय मुरैना का लोकार्पण करेंगे। इसके माध्यम से अनुविभाग मुरैना के अंतर्गत आने वाले 182 ग्रामों की लगभग 7 लाख 52 हजार आबादी को सुविधा होगी। अम्बाह में 50 सीटर अनुसूचित जाति सीनियर कन्या छात्रावास का लोकार्पण भी करेंगे। यह छात्रावास 3 करोड़ 93 लाख 36 हजार रुपये की लागत से बनकर तैयार हुआ है।

MP में तेजी से बढ़ रहा सेक्सटॉर्शन का संकट, लोगों को मिल रही अश्लील वीडियो की धमकियां

भोपाल  ऑनलाइन अपराध ‘सेक्सटॉर्शन’ (sextortion) के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। बढ़ते मामलों को देखते हुए साइबर क्राइम पुलिस कमिश्नरेट ने नागरिकों के लिए विशेष चेतावनी जारी की है। पुलिस ने पिछले कुछ महीनों में अपराधी फर्जी सोशल मीडिया प्रोफाइल और अश्लील वीडियो कॉल का सहारा लेकर लोगों को धमकाकर पैसे ऐंठ रहे हैं। जानें क्या है ‘सेक्सटॉर्शन’ (sextortion) सेक्सटॉर्शन वह अपराध है, जिसमें बदमाश किसी की निजी या आपत्तिजनक फोटो-वीडियो सार्वजनिक करने की धमकी देकर पैसे या अन्य फायदे मांगते हैं। sextortion से कैसे बचें? अनजान लोगों से निजी फोटो या वीडियो साझा न करें। संदिग्ध वीडियो कॉल, लिंक या प्रोफाइल को तुरंत ब्लॉक करें। ब्लैकमेलर को पैसे न भेजें, इससे धमकियां बढ़ती हैं। सभी सबूत सुरक्षित रखें और तुरंत पुलिस में शिकायत करें। sextortion की शिकायत कहां करें? भोपालसाइबर क्राइम हेल्पलाइन: 9479990636 राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन: 1930

निर्धारित समयावधि में 4 लाख 56 हजार से अधिक उपभोक्‍ताओं को मिले नये बिजली कनेक्शन

भोपाल मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा कंपनी कार्यक्षेत्र के सभी श्रेणी के उपभोक्‍ताओं के लिये सरल और सुविधाजनक तरीके से त्‍वरित नवीन बिजली कनेक्‍शन प्रदान किए जा रहे हैं। इसके लिए उपभोक्‍ताओं को सरल संयोजन पोर्टल के माध्‍यम से आवेदन करते ही निर्धारित समयावधि में घर बैठे ही नवीन कनेक्‍शन उपलब्‍ध कराये जा रहे हैं।   गौरतलब है कि कंपनी द्वारा विगत जुलाई 2023 से शुरू किये गये ऑनलाइन सरल संयोजन पोर्टल के माध्‍यम से अब तक भोपाल शहर में 65 हजार से अधिक नए कनेक्‍शन प्रदान किए जा चुके हैं, जबकि पूरे कंपनी कार्यक्षेत्र में 4 लाख 56 हजार से अधिक नए कनेक्‍शन सरल संयोजन पोर्टल के माध्‍यम से सफलतापूर्वक प्रदान किये गए हैं। इनमें 10 किलोवॉट तक के अस्थायी कनेक्शन भी शामिल हैं।   मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के प्रबंध संचालक श्री क्षितिज सिंघल ने बताया है कि कंपनी के सरल संयोजन पोर्टल पर आवेदन करते ही निर्धारित समयावधि में तत्काल नया बिजली कनेक्शन उपलब्ध कराया जा रहा है। नये कनेक्‍शन लेने के लिये उपभोक्‍ताओं को बिजली कंपनी के पोर्टल https://saralsanyojan.mpcz.in:8888/home अथवा UPAY ऐप पर जाकर जरूरी दस्‍तावेज अपलोड कर समस्‍त औपचारिकताएं पूर्ण करते हुए निर्धारित शुल्‍क का ऑनलाइन भुगतान करना होगा। आवेदक द्वारा विधिवत ऑनलाइन आवेदन और भुगतान प्रक्रिया पूर्ण होने के उपरांत बिजली कंपनी द्वारा सर्वे एवं अन्‍य औपचारिकताएं निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण कर उपभोक्ता के परिसर में नया कनेक्शन उपलब्‍ध करा दिया जाएगा।

MP में रेल विकास: देवास-मक्सी लाइन के दोहरीकरण के लिए फाइनल सर्वे का टेंडर मंजूर

देवास  देवास-मक्सी के बीच 36 किमी की रेलवे लाइन के दोहरीकरण के लिए प्रक्रिया शुरू हो गई है। दोहरीकरण के लिए फाइनल लोकेशन सर्वे (final location survey) के लिए टेंडर प्रक्रिया हो गई है। इस दौरान देवास से मक्सी के बीच ड्रोन व ग्राउंड लेवल पर सर्वे किया जाएगा। सर्वे के बाद डीपीआर बनाकर रेलवे मंत्रालय को भेजी जाएगी। वहां से स्वीकृति मिलने के बाद रेलवे लाइन के दोहरीकरण का कार्य शुरु किया जाएगा। बताया जा रहा है कि मार्च तक कंपनी द्वारा सर्वे किया जाएगा। भोपाल को उत्तर भारत से जोड़ेगी ये लाइन उल्लेखनीय है कि उक्त रेलवे लाइन देवास से मक्सी होते हुए भोपाल और उत्तर भारत को जोड़ने वाले मार्ग के लिए महत्वपूर्ण है। दोहरीकरण से ट्रेनों की रफ्तार और क्षमता में वृद्धि होगी जिससे यातायात आसान होगा और माल ढुलाई में मदद मिलेगी। 110 किमी गति से दौड़ेगी ट्रेनें उल्लेखनीय है कि वर्तमान में मक्सी से देवास के बीच रेलवे ट्रैक काफी पुराना है। देवास-मक्सी के बीच काली मिट्टी होने से ट्रैक का फॉरमेशन कमजोर था। ऐसे में पूर्व में यहां 45 किमी प्रतिघंटा की स्पीड से ट्रेनें निकाली जाती थी। इसके बाद करीब 14 साल पहले कुछ क्षेत्र में ट्रैक को मजबूत कर नई पटरियां डाली गई थी। उसके बाद यहां ट्रेनों की स्पीड 75 किमी प्रतिघंटा हो गई थी। दोहरीकरण के बाद रेलवे की इस ट्रैक पर 110 किमी की रफ्तार से ट्रेर्ने संचालित करने की योजना है। अभी क्रॉसिंग के समय रुकती है ट्रेनें उल्लेखनीय है कि देवास और मक्सी होकर करीब 17 ट्रेनें विभिन्न रुट पर आती-जाती है। ऐसे में कॉसिंग के दौरान ट्रेनों को विभिन्न स्टेशन पर रोकना पड़ता है। इससे समय भी अधिक लगता है। दोहरीकरण होने के बाद ट्रेनों को कॉसिंग के दौरान स्टॉपेज नहीं देना होगा। ऐसे में समय की बचत होगी और देवास-मक्सी के बीच आने-जाने में कम समय लगेगा। सर्वे स्वीकृत हो गया देवास-मक्सी रेलवे लाइन के दोहरीकरण के लिए सर्वे स्वीकृत हो गया है। सर्वे होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। दोहरीकरण होने के बाद ट्रेनों की गति भी बढ़ेगी।- अश्वनी कुमार, डीआरएम, पश्चिम रेलवे, रतलाम मंडल

लक्ष्य बड़े रखें, उत्साह से कार्य करने पर निश्चित रूप से मिलेगी सफलता : उप मुख्यमंत्री देवड़ा

उप मुख्यमंत्री ने जेंडर कैंपेन नई चेतना 4.0 का किया शुभारंभ पंचायतों में बिना मांग स्वीकृत किए नए भवन, अब तीन मंजिल तक कर सकेंगे निर्माण: मंत्री श्री पटेल पंचायत प्रतिनिधियों एवं राज्य स्तरीय पदाधिकारियों की तीन दिवसीय कार्यशाला का समापन भोपाल  पंचायतों को आत्मनिर्भर, सशक्त एवं समृद्ध बनाने के लिए कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में 24 नवंबर से चल रही पंचायत प्रतिनिधियों एवं राज्य स्तरीय पदाधिकारियों की तीन दिवसीय कार्यशाला का बुधवार को समापन हो गया। कार्यशाला के अंतिम दिन उप मुख्यमंत्री श्री जगदीश देवड़ा ने जिला पंचायत सदस्यों को संबोधित किया। उन्होंने मध्यप्रदेश दीनदयाल अंत्योदय योजना राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन द्वारा संचालित जेंडर कैंपेन नई चेतना 4.0 का शुभारंभ किया। उत्कृष्ट लोक अधिकार केंद्रों के माध्यम से महिलाओं के हक एवं अधिकारों पर कार्य करने वाली स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा ने कहा कि कोई भी व्यक्ति छोटा या बड़ा नहीं होता, लक्ष्य बड़ा होना चाहिए। मन में काम करने का उत्साह रहेगा तो सफलता निश्चित रूप से मिलेगी। उन्होंने कार्यशाला में मौजूद जन-प्रतिनिधियों से सरकार की योजनाओं को आगे बढ़ाने की अपील की। पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेल ने बताया कि इस बार कार्यशाला में सरपंच संगठन, सचिव संगठन और जीआरएस संगठन के पदाधिकारी भी उपस्थित रहे। उन्होंने कहा की जनप्रतिनिधियों को अधिकारों और कर्तव्यों पर गंभीरता से विचार कर सार्वजनिक जीवन में बनी नकारात्मक धारणा को समाप्‍त करते हुए पारदर्शिता और ईमानदारी से कार्य करना चाहिए। मंत्री श्री पटेल ने कहा कि जहां पंचायत भवन नहीं थे, वहां बिना मांग के नए भवन स्वीकृत किए गए। अब पंचायत भवन तीन मंजिला बनाए जाएंगे, जिससे भविष्य की आवश्यकताओं के अनुसार उनका उपयोग हो सकेगा। इसी तरह ग्राम पंचायत, जनपद पंचायतों में सामुदायिक भवन भी बनवाए जा रहे हैं। पंचायतों को ग्राम सुरक्षा, स्वच्छता और सामाजिक उत्तरदायित्व के विषयों पर ज्यादा ध्यान देने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक जनप्रतिनिधि को स्वयं से तीन प्रश्न जरूर पूछने चाहिए। पहला- मेरे कर्तव्य क्या हैं? दूसरा- मेरा वित्तीय प्रबंधन कितना पारदर्शी है? और तीसरा- समाज के लिए मेरा योगदान क्या है। उन्होंने कहा कि कठिन परिस्थितियों में भी कर्तव्य और ईमानदारी पर अडिग रहना ही जनसेवा का मूल सिद्धांत है। कार्यशाला के आखिरी दिन दो सत्र हुए। इसमें प्रदेश के जिला पंचायत सदस्य शामिल हुए। जिला पंचायत की स्थायी समितियों की नियमित बैठकें एवं जिला पंचायत डेवलपमेंट प्लान को लेकर जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के बीच चर्चा हुई। इस दौरान जनप्रतिनिधियों ने बेहतर विकास को लेकर सुझाव दिए। बैठक में क्षेत्र के विकास को लेकर भी चर्चा हुई। कार्यशाला में पंचायत एवं ग्रामीण विकास राज्यमंत्री श्रीमती राधा सिंह, संचालक श्री छोटे सिंह, एसआरएलएम की सीईओ श्रीमती हर्षिका सिंह सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा- लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल अद्वितीय और विराट व्यक्तित्व के धनी

नर्मदा प्रवाह यात्रा यूनिटी मार्च का हुआ भव्य स्वागत इंदौर से धार-झाबुआ होते हुए गोधरा के लिए रवाना हुई यात्रा भोपाल  लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की  150वीं जयंती के अवसर पर आयोजित नर्मदा प्रवाह यूनिटी मार्च यात्रा का बुधवार को इंदौर में अगवानी कर स्वागत किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में यात्रा सरदार वल्लभ भाई पटेल प्रतिमा से शुरू होकर मधुमिलन चौराहा,  आरएनटी मार्ग होते हुए छावनी चौराहा पहुँची। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी की प्रेरणा से नागपुर से  नर्मदा प्रवाह यूनिटी मार्च यात्रा की शुरुआत हुई है , जो नागपुर से बैतूल होते हुई इंदौर पहुंची। उन्होंने कहा कि लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल ने रियासतों को मिलाकर जो कार्य किया वह अद्वितीय है। इसके लिए हमें विराट व्यक्तित्व के धनी सरदार वल्लभ भाई पटेल से प्रेरणा लेना चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश तेजी से प्रगति और विकास के पत्र पर आगे बढ़ रहा है। यात्रा में खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री विश्वास सारंग ,  नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय, जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट, सांसद श्री शंकर लालवानी, सुश्री कविता पाटीदार, महापौर श्री पुष्यमित्र भार्गव, विधायक श्री मधु वर्मा, श्री महेन्द्र हार्डिया, श्रीमती मालिनी गौड़, श्री रमेश मेंदोला, श्री गोलू शुक्ला, श्री जीतू जिराती, श्री श्रवण चावड़ा, श्री सुमित मिश्रा,  यात्रा प्रभारी श्री कपिल परमार आदि विशेष रूप से शामिल हुए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव नर्मदा प्रवाह यूनिटी मार्च यात्रा के दौरान एक विशाल वाहन में सवार थे। यात्रा में सबसे आगे स्कूल कॉलेज के छात्र-छात्राएं और जनजाति समाज के महिला एवं पुरुष कलाकार लोक नृत्य करते हुए शामिल हुए। यात्रा में देशभक्ति की धून बजाते हुए बैंड भी शामिल थे। साथ ही महिलाएं एवं पुरूष बड़ी संख्या में उपस्थित थे। रास्ते भर विभिन्न मंचों के द्वारा मुख्यमंत्री डॉ. यादव सभी का अभिवादन स्वीकार कर रहे थे। जगह-जगह मंच लगाकर नागरिकों द्वारा फूलों की पंखुड़ियां उड़ाकर एकता यात्रा का स्वागत किया। महिलाओं ने घरों की छत से मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के वाहन पर फूलों की पंखूड़िया उड़ाकर स्वागत किया। यात्रा मार्ग पर भारत माता की जय और सरदार वल्लभ भाई पटेल अमर रहे के उद्घोष लगे। सरदार पटेल प्रतिमा से शुरू होकर नर्मदा प्रवाह यूनिटी मार्च यात्रा विभिन्न स्थानों से होते हुए छावनी चौराहा पहुँची ,  जहां नागरिकों ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को भगवान कृष्ण की प्रतिमा और तलवार भेंटकर उनका स्वागत किया। 

समृद्ध मप्र के लिये पंचायत प्रतिनिधि गांवों को बनायें समृद्ध : उपमुख्यमंत्री देवड़ा

स्वदेशी अर्थव्यवस्था में गांव में ही मिलेंगे रोजगार के अवसर भोपाल  उप मुख्यमंत्री श्री जगदीश देवड़ा ने कहा है कि गांव की समृद्धि ही मध्यप्रदेश की समृद्धि है। मध्यप्रदेश में विकास की गति को तेज बढ़ाने के लिए पंचायत प्रतिनिधियों को मिलकर अपने गांव को समृद्ध बनाना होगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव के नेतृत्व में पंचायत प्रतिनिधियों को सक्षम बनाने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है। श्री देवड़ा बुधवार को कुशाभाऊ ठाकरे सभाग्रह में "आत्मनिर्भर पंचायत – समृद्ध मध्यप्रदेश" पर आयोजित राज्यस्तरीय कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे। उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा ने कहा कि मध्यप्रदेश में अब ऐसे अवसर बन रहे हैं, जिससे गांव आत्म-निर्भर की ओर बढ़ रहे हैं। स्वदेशी अर्थव्यवस्था के अंतर्गत अब गांव में ही रोजगार के अवसर मिलेंगे। स्थानीय संसाधनों का बेहतर उपयोग होगा। महिलाओं और युवाओं की विकास प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी होगी। उन्होंने कहा कि पंचायत में वित्तीय पारदर्शिता की आवश्यकता है। इससे परस्पर विश्वास बढ़ता है और इसका लाभ विकास को आगे बढ़ाने में होता है। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि पंचायतें विकास की धुरी हैं। इसलिये उन्हें अपनी विकास योजनाएं बनाने की स्वतंत्रता दी गई है। श्री देवड़ा ने पंचायत प्रतिनिधियों का आह्वान किया कि वे विकास के कार्यों को प्राथमिकता से पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध प्रयास करें। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में विकास की ऐसी योजनाएं बनाई गई हैं जो निचले स्तर तक विकास ला सकती है। उन्होंने कहा कि पंचायतों के पास वर्तमान में जितने अधिकार हैं उसका उपयोग कर पंचायतें विकास की गति में तेजी ला सकती हैं। श्री देवड़ा ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी ने वर्ष 2047 तक देश को आर्थिक रूप से विश्व का समृद्ध देश बनाने का संकल्प लिया है। मध्यप्रदेश इस संकल्प को साकार करने के लिए हर स्तर पर प्रयास कर रहा है। उन्होंने कहा कि पंचायत प्रतिनिधियों को वित्तीय प्रबंधन व्यवस्थाओं में और ज्यादा सुधार करने की आवश्यकता है। साथ ही महिला पंचायत प्रतिनिधियों और महिलाओं के स्व-सहायता समूहों को भी आगे आने की आवश्यकता है। कार्यशाला में त्रि-स्तरीय पंचायतों के प्रतिनिधि और पदाधिकारी उपस्थ‍ित थे।  

प्रशिक्षित युवा विकसित और समृद्ध भारत का भविष्य बनेंगे : राज्यमंत्री टेटवाल

भोपाल  कौशल विकास एवं रोजगार राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. गौतम टेटवाल आप इतने सौभाग्यशाली हैं कि उन युवाओं को कौशल प्रशिक्षण दे रहे हैं, जो आगे चलकर विकसित और समृद्ध भारत का भविष्य बनेंगे; इसलिए आपका आचरण, अनुशासन और कार्यशैली हर छात्र के लिए आदर्श होना चाहिए।” यह बात राज्य मंत्री डॉ. टेटवाल ने संत शिरोमणि रविदास ग्लोबल स्किल्स पार्क, भोपाल में आयोजित कौशलम् समारोह में कही। मंत्री श्री टेटवाल ने कहा कि कौशल प्रशिक्षण प्रदेश की आर्थिक प्रगति और रोजगार सृजन का महत्वपूर्ण आधार है, और इसमें प्रशिक्षण अधिकारियों और प्राचार्यों की भूमिका अत्यंत निर्णायक है। उन्होंने कहा कि एक शिक्षक केवल पाठ पढ़ाने वाला व्यक्ति नहीं, बल्कि अपने संस्थान की संस्कृति, मूल्यों और अनुशासन का जीवंत प्रतिनिधि होता है। इसलिए शिक्षक का व्यवहार, भाषा, कार्यशैली और समय-प्रबंधन उस संस्था के स्तर को निर्धारित करता है। उन्होंने कहा कि आईटीआई का वास्तविक मूल्य उसके भवनों या मशीनों से नहीं, बल्कि वहाँ कार्यरत प्राचार्यों और प्रशिक्षण अधिकारियों से तय होता है। जब शिक्षक स्वयं आदर्श प्रस्तुत करते हैं, तभी विद्यार्थी उनमें वह प्रेरणा देख पाते हैं, जो उन्हें आगे बढ़ने और कुशल बनने की दिशा देती है। मंत्री डॉ. टेटवाल ने कहा कि शिक्षक के भीतर सकारात्मक ऊर्जा, विनम्रता, दृढ़ता और कार्यनिष्ठा जैसी गुण होने चाहिए, क्योंकि विद्यार्थी इन्हीं गुणों को अपने जीवन में अपनाते हैं। मंत्री श्री टेटवाल ने उद्योग जगत में हो रहे तेज बदलावों का उल्लेख करते हुए कहा कि कौशल संस्थानों को नई तकनीकों, डिजिटल शिक्षण और व्यवहारिक प्रशिक्षण की दिशा में लगातार आगे बढ़ना होगा। उन्होंने कहा कि उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुसार प्रशिक्षण सामग्री और अभ्यास पद्धतियाँ विकसित करना अब समय की अनिवार्यता है। इंटर्नशिप, अप्रेंटिसशिप, लाइव प्रोजेक्ट और उद्योग यात्राएँ विद्यार्थियों को वास्तविक कार्यक्षेत्र से जोड़ने के महत्वपूर्ण माध्यम हैं, और इन्हें प्रत्येक संस्थान में और अधिक प्रभावी ढंग से लागू किया जाना चाहिए।उन्होंने बताया कि सरकार कौशल विकास संस्थानों के आधुनिकीकरण, उन्नत उपकरणों की उपलब्धता, डिजिटल संसाधनों के विस्तार और रोजगार केंद्रित प्रशिक्षण को बढ़ावा देने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। प्रदेश के युवाओं को वैश्विक स्तर के कौशल प्रदान कर उन्हें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय अवसरों से जोड़ना विभाग की प्राथमिकताओं में शामिल है। कौशलम् समारोह में इस वर्ष आईटीआई एवं कौशल विकास संचालनालय में चयनित प्राचार्य वर्ग-1, उपसंचालक, प्राचार्य वर्ग-2, सहायक संचालक और प्रशिक्षण अधिकारियों का उन्मुखिकरण किया गया। कार्यक्रम में उन प्रतिभागियों को भी सम्मानित किया गया, जिन्होंने अपने कार्यक्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर विभाग को नई पहचान दिलाई है। समारोह का उद्देश्य नई कार्यबल को प्रशिक्षण व्यवस्था, प्रशासनिक दायित्वों और उद्योग आधारित आवश्यकताओं की गहरी समझ देकर उन्हें प्रभावी भूमिका के लिए तैयार करना है। मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री गिरीश शर्मा ने बताया कि वर्ष 2025 में आईटीआई प्रवेश में ऐतिहासिक वृद्धि दर्ज की गई है। इस वर्ष पहली बार 52,248 सीटों पर प्रवेश प्रक्रिया संचालित की गई, जिसमें 49,402 सीटों पर प्रवेश हुआ, जो 94.55% है। महिला आरक्षण 30% से बढ़ाकर 35% किया गया, जिससे महिला प्रशिक्षणार्थियों की संख्या 12,169 हो गई। प्रदेश के 10 प्रशिक्षणार्थियों ने राष्ट्रीय स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त किया। आईटीआई की गुणवत्ता और आकर्षण को बढ़ाने के लिए 8वीं आधारित ट्रेड्स की संख्या बढ़ाई गई और आठ अन्य राज्यों से भी विद्यार्थियों ने प्रवेश लिया। प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना, मुख्यमंत्री सीखो-कमाओ योजना और NAPS के तहत हजारों अभ्यर्थियों को प्रशिक्षण और रोजगार के अवसर प्राप्त हुए हैं। प्रदेश की 47 शासकीय आईटीआई ने 9 या अधिक ग्रेडिंग स्कोर प्राप्त किया, उज्जैन आईटीआई ने 9.30 स्कोर के साथ राष्ट्रीय स्तर पर 94वां स्थान प्राप्त किया। उद्योग एवं CSR साझेदारी के तहत आधुनिक लैब्स, AI एवं इलेक्ट्रिकल प्रशिक्षण केंद्र स्थापित किए गए। अंतरराष्ट्रीय प्लेसमेंट और राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार जैसी उपलब्धियाँ प्रदेश के आईटीआई प्रशिक्षण की उत्कृष्टता को दर्शाती हैं। इन सभी उपलब्धियों के साथ आईटीआई केवल शिक्षा का केंद्र नहीं, बल्कि कौशल, रोजगार और महिला सशक्तिकरण का प्रतीक बनकर प्रदेश और देश के लिए गौरव का विषय बन गया है। सागर मैन्युफैक्चरर प्राइवेट लिमिटेड के श्री आशीष अग्रवाल ने बताया कि ओबैदुल्लागंज स्थित टेक्सटाइल इंटीग्रेटेड प्लांट में सीखो कमाओ योजना के तहत 400 बच्चों का कौशल प्रशिक्षण दिया जा रहा है जिसमें से 60 बच्चों को सर्टिफिकेट दिए जा चुके हैं जिनका 100% प्लेसमेंट उनके प्लांट में हो गया है उन्होंने यह भी जानकारी दी की आईटीआई मंडीदीप ने उन्हें इस कार्य में हर संभव सहयोग दिया साथ ही मंशा जताई कि वह सरकार के सहयोग से इस कार्यक्रम को और आगे बढ़ाने में के इच्छुक हैं। वोल्वो आयशर के सीनियर मैनेजर श्री विनोद रघुवंशी ने बताया कि बगरोदा, पीथमपुर धार और देवास में उनके प्लांट हैं।उनके यहां भी सीखो कमाओ योजना के तहत आईटीआई के विद्यार्थियों को कौशल प्रशिक्षण दिया जा रहा हैं उन्होंने कहा कि यह योजना युवाओं और उद्योगों के मध्य सेतु का कार्य कर रही है। हमारा प्रयास है कि ज्यादा से ज्यादा युवा को कौशल प्रशिक्षण दें । इस तरह से इंडस्ट्रीज को भी आसानी से स्किल्ड युवा मिल रहे हैं।  

अयोध्या में भगवा ध्वजा के आरोहण पर बागेश्वर धाम की प्रतिक्रिया: इतिहास ने खुद को दोहराया है

शिवपुरी शिवपुरी में बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री की श्रीमद भागवत कथा के दूसरे दिन का मंच हिंदुत्व गर्व, राम मंदिर की पूर्णता और राष्ट्रवादी भावनाओं से पूरी तरह सराबोर रहा। पंडित धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री ने अपने उद्बोधन की शुरुआत अयोध्या में देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा राम मंदिर पर धर्म ध्वजा फहराने के ऐतिहासिक क्षण का उल्लेख करते हुए की। “मुगलों की छाती पर भगवा लहराया है, कब्र से उठकर देख ले बाबर, मंदिर वहीं बनाया है” धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि-  “मुगलों की छाती पर भगवा लहराया है, कब्र से उठकर देख ले बाबर, मंदिर वहीं बनाया है”। उन्होंने आगे कहा कि जहाँ कभी हरे झंडे की योजना बनाई जाती थी, आज वहां भगवा लहरा रहा है। मथुरा जन्मभूमि विवाद पर उन्होंने स्पष्ट कहा – कृष्ण लला हम आयेंगे, मंदिर वहीं बनाएंगे, जिन्हें दिक्कत हो वो खिसक लें।” तात्या टोपे के बलिदान को याद करते हुए उन्होंने शिवपुरी की ऐतिहासिक धरा को नमन किया और कहा कि अंग्रेजों के विरुद्ध नाखून चबाने पर मजबूर करने वाले तात्या टोपे जैसे वीर के संघर्ष को कुछ ‘जयचंदों’ के कारण कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।उन्होंने कहा कि तात्या टोपे ने शिवपुरी की पावन भूमि पर फांसी को चूमकर अपने प्राण त्याग दिए। इस मौके पर धीरेंद्र शास्त्री ने सनातन विरोधियों पर कड़े प्रहार किए।