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विदिशा: नायब तहसीलदार की मौत, पुलिस जांच में जुटी—तीसरी मंजिल से गिरने का रहस्य

 विदिशा  विदिशा से चौंकाने वाली खबर सामने आई है. यहां पदस्थ नायब तहसीलदार कविता कडेला की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई. कविता अपने सरकारी क्वार्टर की तीसरी मंजिल पर रहती थीं. उसी मंजिल की छत से गिरने के बाद वे गंभीर रूप से घायल हो गईं. आनन-फानन में उन्हें जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. जैसे ही घटना की सूचना प्रशासन को मिली, मौके पर कलेक्टर, एसपी रोहित काशवानी समेत वरिष्ठ अधिकारी और पूरी प्रशासनिक टीम पहुंच गई. राजस्व परिसर को तत्काल सील कर दिया गया और पुलिस ने घटनास्थल की बारीकी से जांच शुरू कर दी. छत के किनारों, सीढ़ियों और आसपास के हिस्सों पर मिले संभावित निशानों को फॉरेंसिक टीम खंगाल रही है. जिला अस्पताल के डॉ. प्रशांत जैन ने बताया कि नायब तहसीलदार कविता को गंभीर हालत में अस्पताल लाया गया था. उनकी चोटें इतनी गंभीर थीं कि उपचार शुरू होने के पहले ही उनकी मौत हो चुकी थी. उधर एसपी रोहित काशवानी ने कहा कि पुलिस हर एंगल से केस की जांच कर रही है. यह आत्महत्या है या हादसा. इसका खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक जांच के बाद ही हो पाएगा. परिजनों को सूचना दे दी गई है और उनके बयान बेहद अहम होंगे. इस बीच, घटना की जानकारी मिलते ही मृतक नायब तहसीलदार कविता कडेला के परिजन विदिशा पहुंच गए.  फिलहाल पुलिस सभी संभावित पहलुओं पर जांच कर रही है. कविता किस परिस्थिति में छत से गिरीं? इनका जवाब अभी बाकी है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक जांच के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि यह आत्महत्या का मामला है या किसी हादसे का परिणाम. फिलहाल जांच जारी है.

‘फ्यूचर रेडी’ सेमिनार में सेना प्रमुख ने भविष्य की युद्धकला में क्षमता बढ़ाने पर जोर दिया

महू आर्मी वार कॉलेज में आयोजित दो दिवसीय 27वां डाक्ट्रिन एवं स्ट्रैटेजी सेमिनार संपन्न हुआ। दूसरे दिन सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी भी वर्चुअली शामिल हुए। जनरल द्विवेदी ने समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि तेजी से बदलते सुरक्षा परिदृश्य में यह सेमिनार सेना को भविष्य के अनुरूप तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। सेना प्रमुख जनरल बोले- भारतीय सेना एक फ्यूचर-रेडी फोर्स के रूप में परिवर्तित होने के लिए प्रतिबद्ध है। एक ऐसी शक्ति जिस पर देश अपनी रक्षा और मूल्यों की सुरक्षा के लिए भरोसा करता है। 2035 के युद्ध परिचालन वातावरण को लेकर की चर्चा महू के आर्मी कॉलेज में 'फ्यूचर रेडी : कल के युद्धकला के लिए भारतीय सेना की क्षमता को सुदृढ़ बनाना' विषय पर आधारित सेमिनार का आयोजन किया गया। सेमिनार में वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों, दिग्गजों, रणनीतिक विशेषज्ञों, शिक्षाविदों और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने वर्ष 2035 के युद्ध परिचालन वातावरण और भविष्य की युद्ध चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा की। सेमिनार तीन प्रमुख विषय फ्यूचर बैटलफील्ड मिलीयू 2035, तकनीकी तैयारी और भविष्य की दिशा पर केंद्रित रहा। चर्चा में प्राक्सी वार, ग्रे-जोन प्रतिस्पर्धा, बहुडोमेन खतरों, स्पेस एवं साइबर सुरक्षा, इंटीग्रेटेड अर्ली-वार्निंग नेटवर्क और उन्नत कॉग्निटिव वारफेयर क्षमताओं को मजबूती देने की जरूरत पर जोर दिया गया। ड्रोन, एआई, रोबोटिक्स से जुड़ी तकनीक पर विशेष ध्यान तकनीकी तैयारी से जुड़े क्षेत्र ड्रोन व काउंटर-ड्रोन सिस्टम, एआई-आधारित निर्णय सहायता प्रणाली, रोबोटिक्स, क्वांटम-सिक्योर कम्युनिकेशन और नियर-स्पेस आइएसआर प्लेटफार्म पर विशेष ध्यान रहा। विशेषज्ञों ने इलेक्ट्रोमैग्नेटिक स्पेक्ट्रम डामिनेंस की अनिवार्यता और रक्षा प्रौद्योगिकी में आत्मनिर्भरता बढ़ाने हेतु मिशन-मोड कार्यक्रमों को आवश्यक बताया। उद्योग जगत द्वारा स्वदेशी नवाचारों का भी प्रदर्शन किया गया। जिससे क्षमता-वृद्धि एवं स्केल-अप के अवसरों की दिशा स्पष्ट हुई।

सोची समझी साजिश? रायसेन में मासूम पर हमला, पुलिस आरोपी की तलाश में जुटी

 गौहरगंज  रायसेन की गौहरगंज तहसील के एक गांव में छह वर्षीय मासूम बच्ची के साथ दुष्कर्म की घटना को अंजाम देने वाला आरोपित सलमान इतना शातिर है कि उसने घटना के आठ दिन पहले से अपना मोबाइल बंद कर लिया था। इससे अंदाज लगाया जा सकता है कि यह घिनौना कृत्य  उसकी सोची समझी साजिश की ओर इशारा कर रही है। इस दौरान रायसेन में बच्ची से रेप के आरोपी की गिरफ्तारी नहीं होने पर उन्होंने नाखुशी जताई। साथ ही चक्काजाम पर पुलिस की ढीली कार्रवाई से भी नाराज दिखे। उन्होंने रायसेन एसपी पंकज पांडेय को हटाकर मुख्यालय अटैच करने के निर्देश दिए। उनकी जगह आशुतोष को रायसेन का नया एसपी बनाया गया है। इधर, घटना के विरोध में बुधवार को मंडीदीप और औबैदुल्लागंज मंडी में नीलामी बंद रहेगी। कुछ स्कूलों ने स्वेच्छा से छुट्‌टी घोषित कर दी है। वहीं कुछ स्कूलों ने मंडीदीप औबेदुल्लागंज रुट की बसें बंद रखने की सूचना रात में पेरेंट्स को मैसेज पर दीं है। गौहरगंज और औबेदुल्लागंज में निजी स्कूल बंद रहेंगे। कई संगठनों ने बंद का आह्वान किया है। आरोपी 4 दिन बाद भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर बता दें, रायसेन के गौहरगंज में 6 साल की बच्ची से रेप का आरोपी 4 दिन बाद भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। आरोपी के एनकाउंटर की मांग को लेकर लोग तीन दिन से गौहरगंज थाने के सामने धरना दे रहे हैं। रात में कड़ाके की ठंड के बावजूद युवतियां और महिलाएं धरने से नहीं उठीं। आरोपी पर इनाम बढ़ाकर 30 हजार रुपए कर दिया है। इससे पहले सोमवार को घटना के विरोध में उग्र प्रदर्शन किया गया था। डीआईजी प्रशांत खरे ने बताया, आरोपी की गिरफ्तारी के लिए 20 टीमें लगाई गई हैं। करीब 300 पुलिसकर्मी उसकी तलाश में जुटे हैं। बच्ची एम्स भोपाल में भर्ती है। डॉक्टरों का कहना है कि उसकी हालत में सुधार है। दरअसल, 21 नवंबर की शाम 6 साल की बच्ची घर के बाहर खेल रही थी। उसी दौरान 23 वर्षीय आरोपी सलमान उसे चॉकलेट दिलाने के बहाने जंगल में ले गया। यहां बच्ची से दुष्कर्म कर भाग गया। बच्ची खून से लथपथ हालत में जंगल में मिली थी। र इशारा कर रही है।

बुंदेली रंग में रंगा ओरछा, खजरी मुकुट के साथ श्रीराम राजा सरकार का उत्सव

 ओरछा   शिखर पर धर्मध्वज फहराने के साथ मंगलवार को अयोध्या में राम जन्मभूमि (Ayodhya Ram Mandir) के मंदिर की पूर्णत: का उल्लास बुंदेलखंड की अयोध्या कहे जाने वाले मध्य प्रदेश के ओरछा स्थित श्रीराम राजा सरकार की बरात में भी दिखा। यहां खजरी का मुकुट लगाकर ठेठ बुंदेली अंदाज में निकले श्रीराम राजा सरकार को निहारने के लिए दूर-दराज से पहुंचे श्रद्धालुओं की भीड़ आतुर दिखी। बुंदेली गीतों से हर द्वार पर तिलक हुआ पालकी के एक ओर छत्र तथा दूसरी ओर चंवर था, जिसे देखकर बुंदेली वैभव की याद ताजा हो गई। बरात में सभी परंपरागत रस्में निभाई गईं। बुंदेली गीतों से हर द्वार पर तिलक हुआ। महिलाओं ने मंगल कलश सजाए। बरात में राजसी प्रतीक चिह्न पंखा, तिकोना, छड़ी व मशाल सरकार की पालकी के साथ रहे। श्रीराम राजा सरकार छोटे भाई लक्ष्मण के साथ पालकी में विराजे। पुलिस के जवानों ने सशस्त्र सलामी दी बुंदेली लोकरीति के बीच मंगलवार शाम श्रीराम राजा सरकार राजसी ठाटबाट के साथ हाथी, घोड़ा, ढोल नगाड़ा, बैंड-बाजे, ध्वज पताका के साथ सियाजी से शादी करने बरात लेकर जनकपुर के लिए निकले। सबसे पहले श्रीराम राजा मंदिर के मुख्य द्वार पर पुलिस के जवानों ने दूल्हा सरकार की मंदिर से निकासी के मौके पर उन्हें सशस्त्र सलामी दी। फूलों की वर्षा कर स्वागत वंदन मंदिर के प्रधान पुजारी पंडित रमाकांत शरण महाराज और पुरोहित पंडित वीरेंद्र कुमार बिदुआ ने कलेक्टर जमुना भिडे के साथ वैदिक विधि से पूजन कर दूल्हा सरकार को उनके भाई लक्ष्मण सहित पालकी में विराजमान कराया। इसके बाद बरात हजारों राम भक्तों और ढोल-नगाड़ों के साथ नगर भ्रमण के लिए निकली। लोगों ने घर-घर मंगल कलश सजाकर दूल्हा बने श्रीराम राजा सरकार का फूलों की वर्षा कर स्वागत वंदन किया।  

एक दिसम्बर को प्रदेश में होगा गीता जयंती का भव्य आयोजन : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

एक दिसम्बर को प्रदेश में होगा गीता जयंती का भव्य आयोजन : मुख्यमंत्री डॉ. यादव 9 दिसम्बर को खजुराहो में होगी मंत्रि-परिषद की बैठक 8-9 दिसम्बर को विभिन्न विभागों की दो वर्ष की उपलब्धियों और आगामी कार्य योजनाओं पर खजुराहो में होगी चर्चा बुंदेलखंड के विकास और केन-बेतवा लिंक परियोजना को समर्पित होगी यह पहल प्रधानमंत्री  मोदी द्वारा लागू श्रम कानूनों की नवीन व्यवस्था से उद्योग और व्यापार जगत को मिलेगा प्रोत्साहन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रि-परिषद की बैठक से पहले किया संबोधित भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंत्री परिषद की बैठक से पहले अपने संबोधन में प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी द्वारा श्रम कानून के संबंध में लिए गए फैसले के लिए मंत्रि-परिषद की ओर से उनका आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उद्योग व्यापार के लिए यह अद्भुत कला है, श्रम से संबंधित 44 कानून की बजाय केवल 4 कानून की व्यवस्था से उद्योग व्यापार जगत को विशेष प्रोत्साहन मिलेगा। यह कानून पूरे देश में एक साथ लागू होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि खजुराहो में 8 और 9 दिसंबर को विभिन्न विभागों की समीक्षा बैठक आयोजित की जाएगी‍। इसमें विभागों की दो वर्ष की उपलब्धियों, नवाचारों, आगामी वर्षों के प्रमुख लक्ष्यों, चुनौतियों और कार्य योजनाओं पर चर्चा होगी। इसके साथ ही 9 दिसंबर को मंत्री परिषद की बैठक खजुराहो में होगी। यह गतिविधि केन बेतवा लिंक परियोजना और बुंदेलखंड के विकास को समर्पित होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारत में जन्मी मादा चीता "मुखी" द्वारा 5 शावकों को जन्म देना बड़ी उपलब्धि है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पीएम हेली पर्यटन सेवा और प्रदेश में औद्योगिक तथा निवेश गतिविधियों के विस्तार के लिए हैदराबाद में हुए रोड-शो की उपलब्धियों की जानकारी दी। उन्होंने एक दिसंबर से आरंभ होने वाले गीता जयंती समारोह के अंतर्गत होने वाली गतिविधियों के संबंध में भी जानकारी दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में विगत वर्ष की भांति एक दिसम्बर को गीता जयंती धूमधाम से मनाई जाएगी। कुरूक्षेत्र में 24 नवम्बर से एक दिसम्बर की अवधि में अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव 2025 में मध्यप्रदेश द्वारा भाग लिया जा रहा है। इसमें जय कृष्णा नृत्य नाट्य,  कृष्ण लीला, कृष्णायन, जनजातीय एवं लोकनृत्य, चित्र प्रदर्शनी इत्यादि विभिन्न कार्यक्रम होगें। प्रदेश के 313 विकासखण्डों, 55 जिला मुख्यालय एवं 10 संभागों में कृष्ण परंपरा के आचार्यों की सन्निधि में 3 लाख गीता प्रेमी मद् भागवत गीता के 15 वें अध्याय के श्लोक का सस्वर पाठ करेंगे। कार्यक्रमों में गीता ज्ञान प्रतियोगिता, कृष्णायन-नृत्य नाटिका आदि का भी प्रदर्शन होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इन्वेस्टमेंट अपॉर्चुनिटीज इन मध्यप्रदेश के अंतर्गत हैदराबाद में 22 नवम्बर को हुई उद्योगपतियों से वन-टू-वन चर्चा के संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि 10 कम्पनियों की ओर से 36 हजार 600 करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए। इससे लगभग 27 हजार 800 नये रोजगार सृजित होंगे। प्रदेश में एजीआई ग्रीनपैक कम्पनी द्वारा पैकेजिंग इंजीनियरिंग सेक्टर में 1500 करोड़ रुपये, एक्सिस एनर्जी वेंचर्स इंडिया कम्पनी द्वारा नवीकरणीय ऊर्जा सेक्टर में 29 हजार 500 करोड़ रुपये, अनंत टेक्नालॉजीज कम्पनी द्वारा एयरो स्पेस सेक्टर में एक हजार करोड़, ऑटोमेटस्की सॉल्यूशंस कम्पनी द्वारा आईटी सेक्टर में एक हजार करोड़, कोलावेरी इंक कम्पनी द्वारा फार्मा एण्ड ट्रेडिंग सेक्टर में एक हजार करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव‍दिए गए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि हैदराबाद में ग्रीनको कम्पनी के मुख्यालय का दौरा भी किया। यह कम्पनी प्रदेश में रिन्यूएबल एनर्जी में बड़ा काम कर रही है। ग्रीनको ने पिछले 10 वर्षों में 3 हजार मेगावॉट क्षमता वाले नवकरणीय ऊर्जा प्रोजेक्ट स्थापित किए हैं। आने वाले समय में कंपनी द्वारा 5 वर्षों में 25 हजार करोड़ के निवेश की योजना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भारत में जन्मी मादा चीता 'मुखी' द्वारा 5 शावकों को जन्म देने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए बताया कि प्रदेश में चीता अफ्रीका से लाये गये थे। उनकी भारत में जन्मी अगली पीढ़ी ने शावकों को जन्म दिया है। यह उपलब्धि भारतीय वनों में चीता प्रजाति के अनुकूलन का महत्वपूर्ण संकेतक है। यह भारतीय आवासों में चीता प्रजाति के अनुकूलन, स्वास्थ्य और दीर्घकालिक संभावनाओं का एक मजबूत संकेतक है। इससे देश में जैव विविधता के संरक्षण लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए हो रहे प्रयासों को प्रोत्साहन मिलेगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश के लिये यह गौरव का विषय है। उन्होंने मंत्रि-परिषद के साथियों को इस उपलब्धि के लिए बधाई दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि एक नवम्बर को पीएम पर्यटन हेली सेवा के शुभारंभ से प्रदेश ने हवाई पर्यटन के एक नए युग में प्रवेश किया है। इससे यात्रा अब अधिक तेज, सुरक्षित, किफायती और सुगम होगी। इस सेवा का नियमित संचालन 20 नवंबर से प्रारंभ हो गया है। इससे धार्मिक, वाईल्ड लाइफ और वेलनेस सेक्टर में हवाई कनेक्टिविटी की सुविधा उपलब्ध होगी। धार्मिक सेक्टर के अंतर्गत इंदौर उज्जैन ओंकारेश्वर के मध्य हवाई सेवा का संचालन होगा। श्रद्धालु एक ही दिन में भगवान महाकाल और ओंकारेश्वर दोनों ज्योर्तिलिंग के दर्शन कर सकेंगे। वेलनेस सेक्टर के अंतर्गत भोपाल, मढ़ई, पचमढ़ी के मध्य हवाई सेवा का संचालन होगा। वाइल्डलाईफ सेक्टर के अंतर्गत जबलपुर, मैहर, चित्रकूट, अमरकंटक, कान्हा, बांधवगढ़ से हेलीकॉप्टर सेवा का संचालन किया जा रहा है।  

छात्रों का गुस्सा, सीहोर वीआईटी कॉलेज में खाने-पानी और अन्य समस्याओं को लेकर हंगामा

सीहोर मध्य प्रदेश के सीहोर में देर रात वीआईटी कॉलेज में छात्रों द्वारा भोजन एवं पानी की गुणवत्ता सहित अन्य समस्याओं को लेकर जमकर बवाल हुआ। बवाल ओर विरोध के दौरान छात्रों की ओर से कॉलेज परिसर में तोड़फोड़ एवं आगजनी भी की गई। इस दौरान हज़ारों छात्रों ने जमकर हंगामा मचाया। और कॉलेज परिसर में बस और कारों में आग लगा दी। वहां खड़ी एम्बुलेंस में भी तोड़फोड़ की। हालात बिगड़ने पर 5 थानों से पुलिस बल को बुलाना पड़ा। घटना की सूचना मिलते ही अनुविभागीय अधिकारी राजस्व, आष्टा, एसडीओपी आष्टा, तथा आष्टा, जावर, पार्वती, कोतवाली सहित अन्य थानों से पुलिस बल तत्काल मौके पर पहुंच गया। अधिकारियों की ओर से छात्रों से विस्तृत चर्चा करते हुए उनके मुद्दे सुने गए तथा समस्याओं के निराकरण के लिए आवश्यक कार्रवाई किए जाने का आश्वासन दिया गया। घटना के वीडियो भी सामने आए हैं। सीहोर जिले के आष्टा के ग्राम कोठरी में स्थित वीआईटी कॉलेज में 4 हजार छात्रों ने हंगामा कर दिया। छात्रों का आरोप प्रदर्शन भोजन और पानी की खराब गुणवत्ता को लेकर है। उनका कहना है कि कॉलेज में घटिया पानी और खाने के कारण कई छात्रों को पीलिया हो गया है। कुछ की तो मौत हो गई। आरोप है कि 100 से अधिक छात्र आष्टा, सीहोर और भोपाल के अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती हैं। जब छात्रों ने आवाज उठाई तो गार्ड ने छात्रों से पिटाई कर दी,गार्ड ओर छात्रों की बीच हुई मारपीट के बाद हालात बिगड़ गए। छात्रों का आरोप है कि घटिया पेयजल और भोजन के कारण पीलिया से पीड़ित हो रहे हैं। हालांकि कॉलेज प्रबंधन ने 30 नवंबर तक अवकाश घोषित कर दिया है। भोपाल वीआईटी यूनिवर्सिटी रजिस्ट्रार केके नायर ने वीडियो जारी कर खबरों को भ्रामक बताया है और कहा है कि विश्वविद्यालय में पीलिया से मौतों की अफवाहें पूरी तरह निराधार और गलत हैं। किसी भी छात्र की मौत नहीं हुई है। जानकारी के अनुसार छात्रों ने शिकायत की है कि जब उन्होंने अव्यवस्थाओं के खिलाफ विरोध किया, तो हॉस्टल के वार्डन और गार्ड्स ने उनके साथ मारपीट की। चुप रहने के लिए दबाव बनाया। यूनिवर्सिटी में बात करने पर भी कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया गया, जिससे छात्रों का गुस्सा भड़क गया। इस मामले में कॉलेज प्रबंधन कुछ भी नहीं बोल रहा है, लेकिन जो जानकारी सामने आ रही है उसके अनुसार कई विद्यार्थी पीलिया रोग से पीड़ित हो गए थे जिन्हें चुपचाप कॉलेज प्रबंधन ने भोपाल के चिरायु अस्पताल में भर्ती कर दिया था। कॉलेज के विद्यार्थियों ने प्रबंधन पर आरोप लगाया है की घटिया पेयजल और भोजन के कारण विद्यार्थी बीमार हो रहे हैं मैनेजमेंट ध्यान नहीं दे रहा है मिली जानकारी के अनुसार वीआईटी कॉलेज परिसर में लगभग 4000 छात्रों द्वारा भोजन एवं पानी की गुणवत्ता को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। छात्रों ने यह भी शिकायत की कि कॉलेज मैनेजमेंट/हॉस्टल प्रबंधन द्वारा उनके साथ अनुचित व्यवहार कर मारपीट की गई है। विरोध के दौरान परिसर में व्यापक तोड़फोड़ की गई, जिसमें एक बस, दो चारपहिया वाहन, एक एम्बुलेंस, हॉस्टल के खिड़कियों के शीशे, एक आरओ प्लांट, तथा परिसर के अन्य हिस्सों को नुकसान पहुंचाया गया। सूचना मिलते ही कोतवाली, मंडी तथा अन्य थानों से पर्याप्त पुलिस बल मौके पर पहुंच गया। पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों की ओर से छात्रों से संवाद कर उन्हें शांत किया गया तथा उनकी शिकायतों के समाधान हेतु प्रबंधन से चर्चा कराए जाने का आश्वासन दिया गया। परिसर में पर्याप्त पुलिस बल तैनात है और स्थिति पूर्णतः नियंत्रण में है। आष्टा के एसडीओपी आकाश अमलकर ने बताया कि वर्तमान में कॉलेज एवं हॉस्टल परिसर की स्थिति पूर्णतः सामान्य एवं नियंत्रण में है। परिसर में पर्याप्त पुलिस बल तैनात है तथा स्थिति पर सतत् निगरानी रखी जा रही है। बुधवार छात्रों एवं कॉलेज प्रबंधन के साथ संयुक्त बैठक आयोजित की जाएगी। कॉलेज प्रबंधन द्वारा छुट्टी घोषित की गई है। एसपी दीपक शुक्ला ने बताया कि वर्तमान में स्थिति सामान्य है। वीआईटी में 30 नवंबर तक अवकाश किया है। कुछ बच्चे अपने घर जा रहे हैं। वीआईटी में सभी हॉस्टल के बच्चों से अपनी समस्याओं का आवेदन एवं बीमार बच्चों की जानकारी एसडीएम एवं एसडीओपी आष्टा की ओर से ली जाएगी।

CM डॉ. यादव के निर्देश पर रायसेन SP को पुलिस मुख्यालय में किया गया अटैच

मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निर्देश पर एसपी रायसेन को किया पुलिस मुख्यालय अटैच मुख्यमंत्री ने पुलिस हैडक्वार्टर पहुँचकर वरिष्ठ अधिकारियों की ली बैठक भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंगलवार की शाम पुलिस मुख्यालय पहुंचकर वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक ली और कानून-व्यवस्था की स्थिति की समीक्षा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश के विभिन्न स्थानों पर हुई आपराधिक घटनाओं पर चिंता व्यक्त करते हुए पुलिस अधिकारियों से त्वरित कार्रवाई की अपेक्षा की और किसी भी आपराधिक तत्व को न छोड़ने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रायसेन जिले में हुई अपराधिक घटना के मामले में गिरफ़्तारी की कार्यवाही न होने पर अप्रसन्नता ज़ाहिर की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंडीदीप में चक्का जाम पर पुलिस की कार्रवाई पर नाराज़गी ज़ाहिर की। मुख्यमंत्री ने पुलिस अधीक्षक रायसेन को मुख्यालय अटैच करने के निर्देश और मिसरोद थाना प्रभारी को हटाने के निर्देश दिये। संबंधित अधिकारियों ने बताया कि आरोपी की तलाश जारी है और शीघ्र उसे गिरफ्तार किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निर्देश     पुलिस सड़कों पर उतरे।     किसी अपराधी को छोड़े नहीं, कठोर कार्रवाई करें।     नियमित गश्त और पेट्रोलिंग बढ़ायें।     अपराधियों के प्रति ढिलाई किसी हालत में बर्दाश्त नहीं होगी।     निरीक्षण करें, लापरवाह अधिकारी-कर्मचारियों के खिलाफ करें कारवाई। बैठक में मुख्य सचिव  अनुराग जैन और पुलिस महानिदेशक  कैलाश मकवाना सहित एडीजी इन्टेलीजेंस, पुलिस कमिश्नर भोपाल और अधिकारी उपस्थित रहे।  

मध्यप्रदेश में शिक्षकों के लिए खुशखबरी! छुट्टियों में 10 दिन का इजाफा, नए नियम नए साल से प्रभावी

भोपाल प्रदेश सरकार कर्मचारियों के हित में जल्द ही तीन बड़े कदम उठाने जा रही है। साढ़े चार लाख से अधिक शिक्षकों को वर्ष में दस दिन का अर्जित अवकाश मिलेगा। वहीं, सेवानिवृत्ति के बाद शत-प्रतिशत अर्जित अवकाश के नकदीकरण की सुविधा भी मिलेगी। सरकारी नौकरी के लिए दो बच्चों की शर्त भी हटाई जा रही है। जनवरी 2026 से यह प्रविधान लागू हो जाएंगे। सरकारी स्कूलों में कार्यरत शिक्षकों को अभी अर्जित अवकाश की सुविधा नहीं मिलती है। एक वर्ष में 10 दिवस के अर्जित अवकाश ग्रीष्मावकाश मिलने के कारण यह प्रविधान रखा गया था। धीरे-धीरे ग्रीष्मावकाश कम होते गए और अब ये दो माह से घटकर 20-22 दिन ही रह गए हैं। शिक्षक लंबे समय से अर्जित अवकाश का लाभ देने की मांग कर रहे थे। इसे देखते हुए वित्त विभाग ने मध्य प्रदेश सिविल सेवा (अवकाश) नियम 1977 के स्थान पर मध्य प्रदेश सिविल सेवा (अवकाश) नियम 2025 तैयार किए हैं। इसमें शैक्षणिक संवर्ग को एक वर्ष में 10 दिवस के अर्जित अवकाश की पात्रता दी गई है।   स्वेच्छिक और साप्ताहिक अवकाश के नियम में भी संशोधन इसके साथ ही यह प्रविधान भी किया जा रहा है कि सेवानिवृत्ति के बाद जितने अर्जित अवकाश शेष होंगे, उनका भी नकदीकरण किया जाएगा। पूरे सेवाकाल में पहले 240 दिन के नकदीकरण की सुविधा थी, जिसे बढ़ाकर 300 दिन किया गया है। जटिल प्रक्रिया होने के कारण इसका पूरा लाभ ही नहीं मिल पाता था। उधर, स्वेच्छिक अवकाश और साप्ताहिक अवकाश के नियम में भी संशोधन प्रस्तावित है। अभी शासकीय कार्यालय पांच दिन लगते हैं। शनिवार को अवकाश रहता है। कोरोनाकाल में प्रारंभ हुई इस व्यवस्था के स्थान पर दूसरे और तीसरे शनिवार को कार्यालय लगाने का प्रविधान बहाल किया जा सकता है। 24 साल बाद दो बच्चे की पाबंदी हटेगी उधर, सरकार एक और बड़ा निर्णय यह करने जा रही है कि यदि नौकरी कर रहे किसी अधिकारी-कर्मचारी का तीसरा बच्चा होता है तो उसे अपात्र मानकर सेवा से हटाया नहीं जाएगा। 26 जनवरी 2001 में तीसरा बच्चा होने पर अपात्र मान लेने की शर्त लागू की गई थी। दरअसल, छत्तीसगढ़, राजस्थान सहित अन्य राज्य इस तरह की शर्त को हटा चुके हैं। इस निर्णय से स्कूल, उच्च, चिकित्सा शिक्षा सहित अन्य विभागों के कर्मचारियों को लाभ होगा। जिन पर कार्रवाई हो चुकी, उन्हें राहत नहीं मिलेगी हालांकि जिन पर कार्रवाई हो चुकी है, उन प्रकरणों में कोई राहत नहीं मिलेगी क्योंकि निर्णय को भूतलक्षी प्रभाव से लागू नहीं किया जाएगा। सूत्रों का कहना है कि सामान्य प्रशासन विभाग ने प्रस्ताव बनाकर मुख्यमंत्री कार्यालय को भेज दिया है, जिस पर जल्द अंतिम निर्णय होने की संभावना है।

गांवों का विकास पंचायतों की शक्ति से— उप मुख्यमंत्री शुक्ल का बड़ा बयान

भोपाल  उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि किसी भी शासकीय अभियान की सफलता में पंचायत प्रतिनिधियों की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों से विकास अभियानों में धुरी बनकर सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में जल जीवन मिशन, सिंचाई विस्तार, स्वास्थ्य सेवाओं का सुदृढ़ीकरण तथा ग्रामीण जीवन की गुणवत्ता सुधारने के लिए अभूतपूर्व कार्य हो रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मार्गदर्शन में प्रदेश में पाइपलाइन, टंकियों एवं फ़िल्टर प्लांटों का तेजी से निर्माण हो रहा है, जिससे ‘नल से जल’ अब एक वास्तविकता बन चुका है। कुशाभाऊ ठाकरे अंतर्राष्ट्रीय सभागार में आयोजित 'आत्मनिर्भर पंचायत–समृद्ध मध्यप्रदेश' थीम आधारित तीन दिवसीय कार्यशाला के दूसरे दिन उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल शामिल हुए। उन्होंने वॉटरशेड जनभागीदारी कप प्रोत्साहन के अंतर्गत उत्कृष्ट कार्य करने वाले पंचायत प्रतिनिधियों को पुरस्कृत किया तथा प्रतिनिधियों से संवाद कर उनके सुझाव एवं अपेक्षाओं को सुना। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि पहले ग्रामीण क्षेत्रों में एक हैंडपंप लगना भी बड़ी उपलब्धि माना जाता था, लेकिन आज प्रदेश की पंचायतों में पाइपलाइन और जल शोधन संयंत्रों का निर्माण यह दर्शाता है कि विकास की रफ्तार किस दिशा में बढ़ी है। उन्होंने जोर दिया कि पंचायत प्रतिनिधि स्वास्थ्य, पोषण एवं स्वच्छता संबंधी राष्ट्रीय मिशनों में अग्रणी भूमिका निभाएँ। निरोगी काया अभियान, एनीमिया एवं कुपोषण उन्मूलन, टीबी मुक्त भारत अभियान जैसे मिशनों में जनप्रतिनिधियों की भागीदारी अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि पंचायती राज व्यवस्था केवल अधिकार का नहीं, बल्कि समन्वय, संवेदनशीलता और कर्तव्य का विषय है। 15वें वित्त आयोग एवं पंचम वित्त आयोग से प्राप्त संसाधनों का उपयोग पारदर्शी एवं योजनाबद्ध ढंग से किया जाए, जिससे पंचायतें आत्मनिर्भर और सक्षम बन सकें। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने आग्रह किया कि जनप्रतिनिधि नियमित बैठकों, स्थायी समितियों, सामाजिक उत्तरदायित्व और जनहित के निर्णयों को प्राथमिकता दें।  

यात्रियों के लिए खुशखबरी! एक OTP में हो जाएगी Tatkal टिकट की बुकिंग

भोपाल भारतीय रेलवे ने यात्री तत्काल आरक्षण प्रणाली में बड़े बदलाव की शुरुआत की है। अब आरक्षण काउंटर से भी तत्काल टिकट बनवाने के लिए यात्री के मोबाइल नंबर पर ओटीपी भेजा जाएगा। यह ओटीपी बताने के बाद ही तत्काल टिकट जारी होगा। इसकी प्रायोगिक शुरुआत रानी कमलापति से दिल्ली जाने वाली शताब्दी एक्सप्रेस से हो गई है। यह ट्रेन देश की पहली ऐसी ट्रेन बन गई है जिसमें ओटीपी आधारित आरक्षण शुरू किया गया है। एक ही तत्काल टिकट बुक हो पाएगा रेल अधिकारियों के मुताबिक इस नई व्यवस्था से ऐसे एजेंटों की भीड़ कम होगी जो काउंटर खुलते ही कई टिकटों की बुकिंग करने लगते थे। ये टिकट वे भारी कमिशन पर मजबूर यात्रियों को बेचते। नई व्यवस्था का सबसे बड़ा फायदा यह है कि एक मोबाइल नंबर से एक समय में सिर्फ एक ही तत्काल टिकट बुक हो पाएगा। इससे यात्री की असली पहचान सुनिश्चित होगी। इससे टिकटिंग प्रक्रिया अधिक पारदर्शी बनेगी और तत्काल बुकिंग में होने वाला फर्जीवाड़ा रुक जाएगा।   लगभग 130 ट्रेनें होती हैं संचालित अब शताब्दी एक्सप्रेस की कुल 1500 सीटों में से 30 फीसदी यानी 450 सीटें अब ओटीपी-आधारित तत्काल कोटे में शामिल हैं। रानी कमलापति और भोपाल स्टेशन से प्रतिदिन 550-600 तत्काल टिकट बनाए जाते हैं, जबकि इन स्टेशनों से लगभग 130 ट्रेनें संचालित होती हैं और 10-30 फीसदी यात्री तत्काल टिकट पर यात्रा करते हैं। बताया जा रहा कि यह प्रयोग सफल रहा तो देश भर की दूसरी ट्रेनों के आरक्षण में भी ओटीपी प्रणाली लागू की जाएगी। एजेंटों का वर्चस्व बड़ी चुनौती तत्काल टिकट आरक्षण में एजेंटों का वर्चस्व तोड़ना रेलवे के लिए बड़ी चुनौती रही है। तत्काल टिकट काउंटर खुलने से पहले एजेंटों की लंबी लाइन लग जाती थी, जिसकी वजह से आम यात्रियों को टिकट मिलने में दिक्कत होती थी और कई बार उन्हें एजेंटों के जरिए महंगे दाम पर टिकट लेना पड़ता था। अब यात्रियों को प्राथमिकता देने के लिए ऑनलाइन भी एजेंट सुबह 10:00-10:30 बजे तक एसी क्लास और 11:00-11:30 बजे तक नान-एसी क्लास के टिकट बुक नहीं कर सकेंगे। ओटीपी आधारित आरक्षण व्यवस्था लागू होने से कॉल टिकटिंग में पारदर्शिता बढ़ेगी। टिकटों की अवैध खरीद-फरोख्त पर रोक लगेगी और सामान्य यात्रियों के लिए तत्काल टिकट प्राप्त करना अधिक आसान हो जाएगा। – नवल अग्रवाल, पीआरओ, भोपाल मंडल