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BLO के लिए खुशखबरी! एसआइआर में अब मूवी टिकट + ₹500 गिफ्ट वाउचर का तोहफ़ा

जबलपुर  मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम (एसआइआर) में लापरवाही बरतने पर बीएलओ को नोटिस और निलबन से लेकर वेतन में कटौती की जा रही है। इससे भी काम में तेजी नहीं आ रही है। इसके उलट, प्रदेशभर में एसआइआर के काम के दबाव के बीच बीएलओ की मौत की खबरें आ रही हैं। ऐसे में जिला निर्वाचन कार्यालय ने बीएलओ को सम्मानित करना शुरू कर दिया है। नई पहल के तहत अब हर दिन अपने बूथ के शत-प्रतिशत गणना फार्म का डिजिटाइजेशन करने वाले बीएलओ और उनके सहयोगी को आकर्षक पुरस्कार दिए जा रहे हैं। मूवी के दो-दो टिकट कलेक्टर राघवेंद्र सिंह ने जिले के आठों विधानसभा क्षेत्रों में शत-प्रतिशत मतदाताओं के गणना फॉर्म का डिजिटाइजेशन करने वाले एक-एक बीएलओ एवं उनके सहयोगी को मूवी के दो-दो टिकट और 500-500 रुपए का गिफ्ट वाउचर देने का निर्णय लिया है। शनिवार शाम तक मतदाताओं से प्राप्त भरे हुए गणना पत्रकों के डिजिटाइजेशन के कार्य में पाटन विधानसभा क्षेत्र जिले की आठों विधानसभाओं में पहले स्थान पर है। यहां 48.93 फीसदी गणना पत्रकों का डिजिटाइजेशन हो चुका है। सिहोरा 48.20 फीसदी के साथ दूसरे तथा बरगी 47.68 फीसदी के साथ तीसरे स्थान पर है।   जिला पंचायत के सीईओ अभिषेक गहलोत ने बरगी विधानसभा क्षेत्र के बूथ 249 से 260 तक के पर्यवेक्षण के लिए नियुक्त बीएलओ सुपरवाइजर जनपद पंचायत जबलपुर के सहायक विकास विस्तार अधिकारी अनिल झारिया का नवबर का दो दिन का वेतन काटने के आदेश दिए हैं। नोटिस भी जारी किया गया है। शनिवार को बूथ के शत-प्रतिशत मतदाताओं के गणना प्रपत्रों का डिजिटाइजेशन पूरा करने वाले बीएलओ का कलेक्टर राघवेंद्र सिंह ने प्रशस्ति पत्र प्रदान कर समान किया। सम्मानित होने वालों में विधानसभा क्षेत्र जबलपुर के मतदान केंद्र 116 की बीएलओ सोमलता,मतदान केंद्र 118 के बीएलओ अश्विनी तिवारी शामिल हैं। पनागर के मतदान केंद्र 61 कुशनेर की बीएलओ विमला चौधरी, पाटन के मतदान केंद्र 44 के बीएलओ हरिशंकर बर्मन, विधानसभा क्षेत्र जबलपुर पश्चिम के मतदान केंद्र 5 के बीएलओ मुकेश कोष्टा ने भी डिजिटाइजेशन का कार्य पूरा किया है।

राशन संकट गहराया: मोहलत पूरी, हजारों कार्डधारकों पर बंद होने का खतरा

रतलाम  रतलाम जिले में अब भी राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के अन्तर्गत राशन प्राप्त करने वाले 40 हजार ऐसे हितग्राही है जिन्होंने अब तक ई केवाईसी नहीं कराई है। सरकार जून से इन्हें राहत देते हुए आ रही हैं, लेकिन छह माह बाद भी करीब हजारों उपभोक्ताओं ने ई केवाईसी (e-KYC) नहीं करवाई, इनका भी आगामी माह में राशन बंद हो सकता हैं। इसके पूर्व 1 जनवरी से 31 मई तक विभागीय स्तर पर ई केवाईसी नहीं कराने वाले 60 हजार उपभोक्ताओं के नाम कटे थे।  40 हजार हितग्राहियों ने नहीं कराया ई-केवाईसी जिले के करीब 9 लाख 75 हजार हितग्राही है, जो राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के अन्तर्गत राशन में गेहूं, चावल, शक्कर, नमक उचित मूल्य की दुकान से प्राप्त कर रहे हैं। इनमें से 40 हजार हितग्राही अब भी ऐसे बचे हुए है जिन्होंने आज तक ई-केवाईसी नहीं करवाया हैं। सरकार छह माह से इन्हे ई केवाईसी कराने के लिए अवसर दे रही हैं, लेकिन जिन्होंने अब भी ईकेवाईसी नहीं करवाया, उनका आगामी माह में सरकार राशन बंद कर सकती हैं। साल की शुरुआत में जिले में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम अन्तर्गत कार्डधारी 10 लाख 20 हजार से अधिक उपभोक्ता थे, जिनकी ई केवाईसी नहीं थी। जिन्होंने ई केवाईसी करवा ली, अब उन हितग्राहियों को राशन का लाभ मिल रहा हैं। अब तक जिन्होंने ई केवायसी नहीं करवाई, उनसे छह माह से हितग्राहियों से ई केवाईसी के लिए विभागीय अधिकारी के साथ ही दुकान संचालक आग्रह कर रहे हैं। इसके अलावा जो अब भी नहीं करवा रहे हैं उनका राशन बंद हो सकता हैं।   जिला आपूर्ति अधिकारी आनंद गोले ने बताया – जून से ई केवाईसी के लिए राशन प्राप्त करने वाले उपभोक्ताओं को आग्रह किया है जा रहा हैं, वे यह कार्य करवा लें, नहीं आएंगे तो आगामी माह में राशन बंद हो सकता हैं। जिले में अब भी 40 हजार उपभोक्ता है, जिनकी ई केवाईसी शेष हैं। नए पात्रता पर्ची वाले ई केवाइसी करवा भी रहे हैं और नई पर्चियां भी बन रही हैं। नोटिस वालों के भी जवाब अधिकांश आ गए हैं, जिन्होंने नहीं दिए उनका राशन बंद हो जाएगा।  

सड़क हादसे में एक ही परिवार के 4 सदस्य खत्म, भैंस ढूंढकर लौटते वक्त हुआ हादसा

सागर  सागर के रहली थाना क्षेत्र में रविवार सुबह एक भयानक सड़क हादसा हो गया, जिसमें एक ही परिवार के 4 किशोरों की मौत हो गई। सभी किशोर सुबह-सुबह गुमी हुई भैंस की तलाश करने के लिए निकले थे। घटना के बाद परिवार और गांव में मातम पसरा हुआ है। रहली-देवरी मार्ग पर अनंतपुरा के पास रविवार सुबह साढ़े सात बजे के करीब हादसा होने की जानकारी सामने आई है।   एक परिवार के सदस्य है मृतक मृतक अनंतपुरा गांव के एक ही परिवार के सदस्य हैं। यह भैंस खोने के बाद इसे तलाशने के लिए अनंतपुरा से पास के ही बरखेरा गांव जा रहे थे। इसी बीच रास्ते में सड़क हादसा हो गया। घटना के बाद से अनंतपुरा गांव में मातम पसरा है। ऐसे हुआ था हादसा जानकारी के मुताबिक रहली के सिमरिया गांव से दमोह के लिए सुबह के समय बस क्रमांक सीजी 18 एम 3199 जाती है। यह बस रोज की तरह रविवार को भी सिमरिया से दमोह के लिए रवाना हुई थी, लेकिन अनंतपुरा गांव के पास यह सामने से आ रही बाइक से भिड़ गई। बस से टकराते ही बाइक सवार 17 वर्षीय उमेश पाल, 16 वर्षीय कृसु पाल, 15 वर्षीय शिवम पाल व 16 वर्षीय सत्यम पाल हवा में उछल गए। यह लोग सड़क किनारे पड़े पत्थरों से जा टकराए, जिससे इनकी मौके पर ही मौत हो गई। भैंस ढूंढने बाइक से निकले थे चारों युवक प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक चारों किशोर भैंस चोरी होने के बाद उसे तलाशने के लिए बरखेरा गांव जा रहे थे। तभी यह हादसा हुआ। गांववालों का कहना है कि सड़क किनारे खेत वालों ने खखरी बनाने के लिए सड़क पर पत्थर डाल रखे हैं। इससे सड़क बहुत संकरी हो गई। इसी वजह से बस व बाइक में भिड़ते हुई है। हादसे की जानकारी मिलते ही रहली पुलिस मौके पर पहुंची।

सिंगोली परियोजना से प्रदेश में हरित ऊर्जा उत्पादन को मिली नई गति

भोपाल  प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में नई ऊँचाइयाँ प्राप्त कर रहा है। जीआईएस-भोपाल के शुभारंभ अवसर पर प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा था कि पिछले दशक में देश के ऊर्जा क्षेत्र ने अभूतपूर्व प्रगति की है। इसमें मध्यप्रदेश का योगदान उल्लेखनीय है। राज्य की 31 हजार मेगावॉट क्षमता में हरित ऊर्जा उत्पादन का 30 प्रतिशत से अधिक योगदान है। प्रदेश का नीमच जिला सौर ऊर्जा उत्पादन में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। जिले में वर्तमान में 500 मेगावॉट सौर ऊर्जा का उत्पादन हो रहा है। नीमच: प्रदेश का सौर ऊर्जा उत्पादन हब नीमच जिला 500 मेगावॉट सौर ऊर्जा उत्पादन क्षमता के साथ प्रदेश का हरित ऊर्जा उत्पादन का हब बन रहा है। जिले की सिंगोली यूनिट-3 ग्राम बडी में 170 मेगावॉट, बडावदा यूनिट-1 में 160 मेगावॉट और कवई यूनिट-2 में 170 मेगावॉट सौर ऊर्जा का उत्पादन हो रहा है। साथ ही आगर जिले में 330 मेगावॉट सौर ऊर्जा का उत्पादन हो रहा है। टी.सी. सूर्या कंपनी द्वारा स्थापित ये परियोजनाएँ प्रतिवर्ष 68 मिलियन यूनिट हरित बिजली का उत्पादन कर रही हैं, जो भारतीय रेल और राज्य की विद्युत कंपनियों को उपलब्ध कराई जा रही है। सिंगोली परियोजना में अत्याधुनिक तकनीक का उपयोग 704 हेक्टेयर में फैली इस परियोजना की इकाइयाँ बडावदा, बडी कवई, खेड़ा माँ का डोल, थडोद और अननिया गांवों में स्थापित हैं। परियोजना की विशेषताओं में सिंगल एक्सेस ट्रैकर तकनीक, उच्च दक्षता वाले पैनल और मल्टी-लोकेशन यूनिट्स शामिल हैं। भगवानपुरा सौर इकाई कर रही प्रदेश के कार्बन उत्सर्जन में बड़ी कटौती जावद जनपद के ग्राम भगवानपुरा में 151 मेगावॉट क्षमता की सौर ऊर्जा इकाई वेल्सपन सोलर एमपी प्राइवेट लिमिटेड द्वारा स्थापित की गई है। फरवरी 2014 से लगातार इसमें उत्पादन हो रहा है। सौर ऊर्जा उत्पादन से यह इकाई प्रतिवर्ष 2 लाख 16 हजार 372 टन कार्बन उत्सर्जन कम कर रही है। यहां हो रहे उत्पादन से 6.24 लाख घरों को ऊर्जा आपूर्ति की जा रही है। इकाई में 235 वॉट क्षमता के पॉली-क्रिस्टलाइन पीवी पैनल लगाये गये हैं। यह देश की उन बड़ी इकाइयों में से एक है जो 132 केवी हाई वोल्टेज उत्पादन कर रही हैं। मध्यप्रदेश ने 12 वर्षों में 19 गुना उत्पादन बढ़ाकर दिया महत्वपूर्ण योगदान प्रधानमंत्री श्री मोदी ने देश के लिए 2030 तक 500 गीगावॉट अक्षय ऊर्जा और 2070 तक नेट-जीरो उत्सर्जन का लक्ष्य निर्धारित किया है। मध्यप्रदेश इन लक्ष्यों के प्रति पूर्ण समर्पण के साथ आगे बढ़ रहा है। राज्य की ऊर्जा नीति, तकनीकी नवाचार और निवेशक-हितैषी दृष्टिकोण ने हरित ऊर्जा उत्पादन में 12 वर्षों में 19 गुना अभूतपूर्व वृद्धि दर्ज की है। रीवा और ओंकारेश्वर हरित ऊर्जा उत्पादन के क्षेत्र में प्रदेश के 2 स्तंभ है। रीवा सोलर पार्क देश के सबसे बड़े और सफल सोलर एनर्जी पार्कों में से एक है। यहाँ से दिल्ली मेट्रो को बिजली आपूर्ति की जा रही है। ओंकारेश्वर में देश का सबसे बड़ा फ्लोटिंग सोलर प्लांट स्थापित किया गया है। ओंकारेश्वर का 278 मेगावॉट फ्लोटिंग सोलर प्लांटहरित ऊर्जा उत्पादन के लिए जलाशयों के बेहतर उपयोग का एक उत्कृष्ट उदाहरण है। मुरैना में देश की पहली ‘सोलर प्लस बैटरी स्टोरेज’ परियोजना स्थापित की जा रही है। इस परियोजना से ₹2.70 प्रति यूनिट दर पर 24 घंटे हरित ऊर्जा की आपूर्ति की जायेगी। यह परियोजना पीक और नॉन-पीक दोनों समय में समान ऊर्जा उपलब्धता सुनिश्चित करेगी। इस परियोजना में 95% वार्षिक उपलब्धता रहेगी। इसे रीवा अल्ट्रा मेगा सोलर लिमिटेड द्वारा विकसित किया जा रहा है। वर्ष-2030 तक 20 गीगावॉट का लक्ष्य, 5 प्रमुख सौर परियोजनाओं से 2.75 गीगावॉट उत्पादन राज्य में वर्तमान में कार्यरत 5 प्रमुख सौर परियोजनाओं की कुल उत्पादन क्षमता 2,750 मेगावॉट है। राज्य सरकार ने वर्ष 2030 तक 20 गीगावॉट उत्पादन क्षमता का लक्ष्य निर्धारित किया है। टेक्नोलॉजी एग्नोस्टिक पॉलिसी : निवेशकों के लिए नया अवसर मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य है जिसने ‘टेक्नोलॉजी एग्नोस्टिक’ रिन्यूएबल एनर्जी पॉलिसी लागू की है। यहां सौर, पवन और मिश्रित ऊर्जा के विकास के लिए निवेशकों को आकर्षक अवसर प्रदान किए जा रहे हैं। कुसुम-सी योजना में 18,000 मेगावॉट क्षमता के लिए निविदाएँ प्राप्त हुई हैं। किसानों, एमएसएमई और निजी डेवलपर्स की व्यापक भागीदारी सुनिश्चित हुआ है। किसानों को दिन में बिजली उपलब्ध कराने के लिये 100% फीडर सोलरीकरण का प्रयास किया जा रहा है। पंप-हाइड्रो और बायोफ्यूल परियोजनाएँ : भविष्य की नई दिशा पंप-हाइड्रो परियोजनाओं के लिये 14,850 मेगावॉट उत्पादन के आवेदन प्राप्त हुये हैं। इनमें से 8,450 मेगावॉट परियोजनाओं का पंजीयन किया जा चुका है। कम्प्रेस्ड बायोगैस और बायोमास पैलेट परियोजनाओं के लिए 6,500 टन प्रतिदिन क्षमता प्रस्तावित की गई है। सरकारी भवनों का सौरीकरण और युवाओं को तकनीकी प्रशिक्षण के साथ रोजगार के अवसर राज्य के सभी जिलों में रिन्यूएबल सर्विस कंपनी मॉडल पर सरकारी भवनों का सोलराईजेशन किया जा रहा है। साथ ही सूर्य मित्र योजना, आईटीआई सहयोग कार्यक्रम, स्किल डेवलपमेंट कोर्सेस योजनाएं भी संचालित हैं।इन सभी ने हजारों युवाओं को सौर ऊर्जा क्षेत्र में कौशल प्रशिक्षण मिला है और उन्हें स्थानीय स्तर पर ही रोजगार के अवसर मिल रहे हैं।  

दतिया जिले के किसानों को मिलेगी अब और अधिक गुणवत्तापूर्ण बिजली :ऊर्जा मंत्री तोमर

एम.पी. ट्रांसको ने 132 के व्ही सबस्टेशन भांडेर में ऊजीकृत किया 50 एम.व्ही.ए क्षमता का अतिरिक्त पावर ट्रांसफार्मर भोपाल  ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर के निर्देश पर दतिया जिले की पारेषण व्यवस्था का सुदृढ़ीकरण करते हुए मध्यप्रदेश पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी (एम.पी. ट्रांसको) ने 132 के.व्ही. सबस्टेशन भांडेर में 50 एम.व्ही.ए. क्षमता का एक अतिरिक्त पॉवर ट्रांसफार्मर स्थापित कर इसे ऊर्जीकृत किया है। ऊर्जा मंत्री श्री तोमर ने बताया है कि इससे सबस्टेशन मे जहां एक अतिरिक्त पॉवर ट्रांसफार्मर की उपलब्धता हो गई है, वहीं दतिया जिले मे भांडेर क्षेत्र के कृषि विद्युत उपभोक्ताओं को रबी सीजन में सिंचाई के लिये निर्बाध और गुणवत्तापूर्ण बिजली प्राप्त हो सकेगी। इस ट्रांसफार्मर के सफलतापूर्वक उर्जीकृत होने से सबस्टेशन की क्षमता 63 एम.व्ही.ए. से बढ़कर अब 113 एम.व्ही.ए. की हो गयी है। दतिया जिले की पारेषण क्षमता मे हुई वृद्धि एम.पी. ट्रांसको के अधीक्षण अभियंता श्री राजीव तोतला ने बताया कि इससे पिछौर, डबरा, सीतापुर, डगराई, भांडेर, राजघाट, दतिया क्षेत्र के घरेलू एवं कृषि विद्युत उपभोक्ताओं सहित इस सबस्टेशन से निकलने वाले 33 के.व्ही. इंडस्ट्रियल फीडर को भी फायदा मिलेगा। दतिया जिले मे एम.पी. ट्रांसको 132 के.व्ही. सबस्टेशन भांडेर सहित अपने कुल 05 एक्स्ट्रा हाईटेंशन सबस्टेशनों के माध्यम से विद्युत पारेषण करती है। इसमें 220 के.व्ही. सबस्टेशन दतिया एवं 132 के.व्ही. के दतिया, सेंधवा तथा इंदरगढ सबस्टेशन शामिल है, जिनकी कुल ट्रांसफारमेशन क्षमता 796 एम.व्ही.ए. से बढकर 846 एम.व्ही.ए. की हो गई है।  

गणना पत्रक भरने के लिए आवश्यक नहीं किसी भी प्रकार का ओटीपी

सीईओ श्री संजीव कुमार झा ने किया मतदाताओं को सतर्क भोपाल  एसआईआर-2026 के दौरान गणना पत्रक भरने के लिए बीएलओ या किसी भी अन्य अधिकारी द्वारा किसी भी माध्यम से ओटीपी मांगे जाने की आवश्यकता नहीं है। मध्यप्रदेश के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री संजीव कुमार झा ने मतदाताओं को सतर्क करते हुए बताया है कि वर्ष 2003 की मतदाता सूची में स्वयं, माता-पिता या दादा-दादी संबंधी जानकारी प्राप्त करने के लिए मतदाता अपने क्षेत्र के बीएलओ अथवा नजदीकी हेल्पडेस्क से संपर्क कर सकते हैं। इसके अलावा जानकारी ऑनलाइन voters.eci.gov.in या ceoelection.mp.gov.in पर भी प्राप्त की जा सकती है। उन्होंने नागरिकों से अनुरोध किया है कि एसआईआर पत्रक भरते समय सुरक्षा उपायों का पालन करें। आधिकारिक सरकारी वेबसाइट पर ही एसआईआर भरें। ये हैं सुरक्षा उपाय ओटीपी या व्यक्तिगत जानकारी किसी के साथ साझा न करें। एसआईआर की प्रक्रिया में निर्वाचन विभाग या किसी अधिकारी द्वारा फोन/मैसेज पर ओटीपी, आधार नंबर, मोबाइल नंबर आदि मांगना प्रक्रिया का हिस्सा नहीं है। यदि कोई इस तरह की जानकारी माँगता है तो वह 'साइबर फ्रॉड कॉल' हो सकता है। एसआईआर भरते समय इन बातों का रखें ध्यान एसआईआर प्रक्रिया पूरी तरह निःशुल्क है। किसी भी प्रकार की फीस, प्रोसेसिंग चार्ज या भुगतान करने के लिए कहे जाने पर ध्यान दें-ऐसे संदेश/कॉल धोखाधड़ी हो सकते हैं। व्हॉट्सऐप या सोशल मीडिया पर मिले लिंक न खोलें। 'आपका वोटर कार्ड रद्द हो जाएगा', 'तुरंत एसआईआर भरें' जैसे संदेश फर्जी हो सकते हैं। एसआईआर के लिये साइबर कैफे का उपयोग करते समय सतर्क रहें। ऑटो-सेव बंद रखें, कार्य समाप्त होने पर ब्राउजर इतिहास/कैश साफ़ करें और अनिवार्य रूप से लॉगआउट करें। किसी भी संदिग्ध कॉल, लिंक या गतिविधि की तुरंत रिपोर्ट राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल: www.cybercrime.gov.in अथवा हेल्पलाइन: 1930 पर करें।  

लोकतंत्र सशक्तिकरण में जुटा पूरा मैदानी अमला

एसआईआर 2026 को समय सीमा में पूर्ण करने के लिये बीएलओ और शासकीय सेवक पूरे मनोयोग से कार्यरत भोपाल  मध्यप्रदेश में मतदाता सूची विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR 2026) का कार्य भारत निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित कार्यक्रमानुसार जारी है। 4 नवंबर से 4 दिसंबर 2025 तक गणना पत्रकों के डिजिटाइजेशन को समय पर पूरा करने के लिए बीएलओ सहित पूरा मैदानी अमला पूर्ण निष्ठा और मनोयोग से कार्य में जुटा है। प्रत्येक बीएलओ को कार्य में सहयोग प्रदान करने के लिए 2 से 3 सदस्यों की टीम लगाई गई है। इनमें ऐसे शासकीय सेवक शामिल हैं जिन्हें क्षेत्र और वहां के निवासियों की बेहतर जानकारी हो—जैसे पटवारी, पंचायत सचिव, ग्राम रोजगार सहायक आदि। इसके साथ ही गणना पत्रकों के डिजिटाइजेशन के लिए कंप्यूटर ऑपरेटरों की अलग टीम भी तैनात की गई है। मतदाताओं के मार्गदर्शन एवं सहयोग के लिए राज्य स्तर और सभी जिलों में हेल्प डेस्क स्थापित की गई हैं। साथ ही राज्य का टोल-फ्री नंबर 1950 भी सक्रिय रूप से संचालित है। कार्य में उत्कृष्ट प्रदर्शन और समय पर कार्य पूर्ण करने वाले बीएलओ को राज्य एवं जिला स्तर पर सम्मानित किया जा रहा है, जिससे अन्य बीएलओ भी प्रेरित हों और कार्य की गति एवं गुणवत्ता में निरंतर सुधार हो।  

एक भारत – श्रेष्ठ भारत अंतर्गत राज्य के बच्चे नागालैंड के शैक्षणिक भ्रमण पर

मध्यप्रदेश के पेयरिंग स्टेट के रूप में मणिपुर और नागालैंड का चयन भोपाल  प्रदेश में समग्र शिक्षा अभियान लोक शिक्षण संचालनालय के अंतर्गत संचालित 'एक भारत-श्रेष्ठ भारत' गतिविधि के अंतर्गत भोपाल, नर्मदापुरम और सागर संभाग के 14 जिलों के बच्चों का दल नागालैंड राज्य के शैक्षणिक भ्रमण के लिये भोपाल से रवाना हो गया है। अपर संचालक परियोजना श्रीमती मनीषा सेतिया ने हरी झंडी दिखाकर बच्चों को रवाना किया। बच्चों के द्वारा नागालैंड राज्य की संस्कृति का अध्ययन करते हुए वहाँ की शैक्षणिक गतिविधियों का भी अवलोकन किया जाएगा। केन्द्र सरकार की 'एक भारत-श्रेष्ठ भारत' योजना इस उद्देश्य से संचालित की जा रही है कि एक राज्य के विद्यार्थी दूसरे प्रदेश में भ्रमण कर शैक्षणिक गतिविधियों, विविध संस्कृतियों और आयोजनों में सहभागिता करें। शिक्षण सत्र वर्ष 2025-26 में मध्यप्रदेश के लिए 'पेयरिंग स्टेट' के रूप में मणिपुर और नागालैंड का चयन किया गया है। आगामी माह में प्रदेश के जिलों के 110 विद्यार्थी और चयनित शिक्षकों को नागालैंड राज्य का भ्रमण कराया जाएगा।  

कांग्रेस की हालत पर शिवराज का तंज— ‘हम तो डूबे हैं सनम…’, विपक्ष पर जमकर बरसे

विदिशा  मध्यप्रदेश के पूर्व सीएम और केन्द्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने एक बार फिर अपने अंदाज में कांग्रेस पर जमकर हमला बोला है। शिवराज सिंह चौहान रविवार को विदिशा जिले के गंजबासौदा में सिविल अस्पताल के लोकार्पण कार्यक्रम में पहुंचे थे। जहां उन्होंने पहले तो सीएम मोहन यादव के साथ रोड शो किया और फिर सिविल अस्पताल के लोकार्पण के बाद कांग्रेस और राहुल गांधी पर जमकर हमला बोला। इस दौरान शिवराज सिंह चौहान ने मंच से ये भी कहा कि शिव और मोहन में कोई अंतर नहीं है। 'हम तो डूबेंगे सनम तुम्हें भी ले डूबेंगे' शिवराज सिंह चौहान ने गंजबासौदा में मंच से कांग्रेस और राहुल गांधी पर जमकर हमला बोला। शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि- कांग्रेस तो अब ऐसा बोझ हो गई है कि जो पार्टी उसे लेकर चलती है वही दब जाती है। शिवराज यहीं नहीं रुके उन्होंने आगे कहा कि कांग्रेस के हाल ऐसे हैं कि सनम हम तो डूबे हैं तुम्हें भी ले डूबेंगे। उन्होंने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि जहां–जहां पांव पड़े भैया के, वहां बंटाधार। दिल्ली में केजरीवाल, यूपी में अखिलेश और बिहार में लालू को ले डूबे।   150 बिस्तरीय सिविल अस्पताल का लोकार्पण शिवराज सिंह चौहान की मौजूदगी में मध्यप्रदेश के सीएम मोहन यादव ने गंजबासौदा में 150 बिस्तरीय नए सिविल अस्पताल का लोकार्पण किया। इस दौरान सीएम मोहन यादव ने गंजबासौदा में 64 करोड़ 29 लाख की लागत से 26 विकास कार्यों का लोकार्पण किया और 85 करोड़ 84 लाख के 28 विकास कार्यों का भूमिपूजन किया। सीएम ने नर्सिंग और पैरा मेडिकल कॉलेज भी गंजबासौदा में खोलने का ऐलान किया। गंजबासौदा को सीएम मोहन यादव के द्वारा दी गई करोड़ों रुपयों के विकासकार्यों की सौगातों को लेकर शिवराज सिंह चौहान ने मंच से सीएम मोहन यादव की तारीफ की और कहा कि शिव और मोहन में कोई अंतर नहीं है।

खंडवा पुलिस की त्वरित कार्यवाही — अंतरजिला नकली नोट गिरोह का भंडाफोड़

मास्टरमाइंड सहित तीन गिरफ्तार भोपाल  खंडवा पुलिस ने नकली नोटों की छपाई और प्रसार में सक्रिय एक अंतरजिला गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई में गिरोह के मास्टरमाइंड डॉ. प्रतीक नवलखे सहित तीन आरोपियों को भोपाल से गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से 25 हजार रुपए के नकली नोट, 9 मोबाइल फोन, 1 लैपटॉप, 32 एटीएम कार्ड, 15 चेक बुक, ड्रायर मशीन सहित बड़ी मात्रा में सामग्री बरामद की गई है। विगत 2 नवंबर 2025 को थाना जावर क्षेत्र के ग्राम पेठिया में मुखबिर की सूचना पर मौलाना जुबेर के कमरे में दबिश दी गई थी। पुलिस ने वहां से 19 लाख 78 हजार रुपये के नकली नोट और नोट छापने के उपकरण बरामद किए थे। प्रकरण दर्ज कर इसकी विवेचना थाना प्रभारी जावर निरीक्षक श्याम सिंह भादले द्वारा लगातार की जा रही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक खंडवा श्री मनोज कुमार राय ने अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर) श्री महेंद्र तारनेकर के नेतृत्व में विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया था। SIT ने लगातार तकनीकी और मैदानी स्तर पर विवेचना लगातार जारी की जा रही थी। विवेचना के दौरान जानकारी मिली कि आरोपी मौलाना जुबेर को नकली नोट उपलब्ध कराने वाला मुख्य आरोपी बुरहानपुर निवासी डॉ. प्रतीक नवलखे है। इसके बाद मुखबिर से पुलिस टीम को सूचना प्राप्त हुई कि मामले में शामिल आरोपी भोपाल के बागमुगलिया क्षेत्र स्थित एक किराए के मकान में छिपे हुए हैं। सूचना पर कार्रवाई करते हुए जावर थाना पुलिस टीम ने आज 23 नवंबर 2025 को भोपाल में दबिश दी और तीन आरोपी प्रतीक नवलखे (निवासी बुरहानपुर, उम्र 43), गोपाल उर्फ राहुल (निवासी हरदा, हाल निवासी बागमुगलिया भोपाल, उम्र 35) तथा दिनेश गोरे (निवासी अमरावती, महाराष्ट्र, उम्र 43) को गिरफ्तार किया। सभी आरोपियों के कब्जे से पुलिस ने 25 हजार रुपए के नकली नोट, 9 मोबाइल फोन, 1 लैपटॉप, 32 एटीएम कार्ड, 15 चेक बुक, ड्रायर मशीन सहित बड़ी मात्रा में सामग्री बरामद की है। मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा की गई त्वरित और समन्वित कार्रवाई के परिणामस्वरूप नकली मुद्रा के प्रसार में सक्रिय एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश संभव हो सका। पुलिस की सतर्कता, तकनीकी विश्लेषण और टीमवर्क से प्रदेश में आर्थिक अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित हुआ है।नागरिकों की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने की दिशा में मध्यप्रदेश पुलिस सदैव प्रतिबद्ध है तथा भविष्य में भी ऐसे प्रकरणों में कठोर और निर्णायक कार्रवाई जारी रहेगी।