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धीरेंद्र शास्त्री की पहल: 300 लड़कियों के विवाह के लिए 1 दिसंबर से रजिस्ट्रेशन, 15 फरवरी को होगा महोत्सव

छतरपुर बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री किसी पहचान के मोहताज नहीं हैं. वे अपनी कथाओं, बयानों, यात्रा सहित हिंदू राष्ट्र बनाने की मांग को लेकर चर्चा में रहते हैं. इस बार धीरेंद्र शास्त्री ने वीडियो जारी कर एक अच्छी खबर दी है. जहां उन्होंने गरीब बेटियों की शादी कराने की घोषणा करते हुए रजिस्ट्रेशन की तारीख बताई. बागेश्वर् बाबा ने इस आयोजन में जुड़ने की सभी से अपील की. धीरेंद्र शास्त्री कराएंगे 300 बेटियों का विवाह सिद्ध पीठ बागेश्वर धाम में हर साल शिवरात्रि के दिन सामूहिक कन्या विवाह महोत्सव का आयोजन किया जाता है. इस महोत्सव के माध्यम से उन गरीब बेटियों को परिणय सूत्र में बांधा जाता है, जो बेसहारा, मातृ पितृहीन, अर्थहीन हैं. 15 फरवरी 2026 को होने वाले इस महोत्सव में 300 बेटियों को वैवाहिक बंधन में बांधा जाएगा. 1 दिसंबर से 15 दिसंबर के बीच बेटियों के रजिस्ट्रेशन होंगे. पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने सामूहिक कन्या विवाह महोत्सव के संबंध में बताया कि "इस साल 300 बेटियों का विवाह करने का निर्णय लिया गया है. विवाह के लिए 1 दिसंबर से शुरु है रजिस्ट्रेशन 1 दिसंबर से 15 दिसंबर के बीच धाम के कार्यालय नंबर-5 में रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया चलेगी. इस महोत्सव में उन बेटियों के विवाह किए जाते हैं, जो बेसहारा, अत्यंत निर्धन परिवार, मातृ-पितृ हीन हैं. उन्होंने बताया कि बागेश्वर धाम में आने वाले दान से बेटियों का विवाह किया जाएगा. बागेश्वर बाबा ने कहा कि अगर देशभर के मंदिरों की दान पेटियों से बेटियों का घर बसने लगेगा, तो मानस मंदिर भी घर-घर बनने लगेगा है. इस दौरान धीरेंद्र शास्त्री ने लोगों से इस आयोजन से जुड़ने की अपील की. लोगों से सही डॉक्यूमेंट्स लाने की अपील उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि जो भी रजिस्ट्रेशन कराने आएगा, वह पूरी तरह से सही दस्तावेज लेकर आए. बागेश्वर धाम की टीम घर-घर जाकर उनकी जांच करेगी. धीरेंद्र शास्त्री ने कहा जितने ज्यादा से ज्यादा लोगों तक उनकी बात पहुंचेगी, उतने ही जरुरतमंद की मदद होगी. 15 फरवरी को बागेश्वर धाम में बड़ा महोत्सव होगा. जिसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल होने पहुंचेंगे.

RSS नेता के बयान के बाद MP में 2 बच्चे की नीति पर उठा सवाल, कानून में बदलाव की संभावना

भोपाल  बच्चे तीन भी अच्छे… राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत का यह बयान मध्यप्रदेश के 400 से अधिक सरकारी सेवकों के लिए संजीवनी लेकर आने वाला है। ये वे शासकीय सेवक हैं, जिनके घरों में कई कारणों से तीन संतानें पैदा हुईं। तब से उन्हें नौकरी जाने का खतरा सता रहा है। कई की तो विभाीय जांच भी चल रही है। कुछ को बड़े अफसर या विरोधी बार-बार धमका रहे हैं। संघ प्रमुख के बयान के बाद अफसर-कर्मचारी दो बच्चों(Two child law) से ज्यादा पैदा नहीं करने वाली सरकारी बंदिश हटाने की गुहार लगा रहे हैं। सरकार ने इस आधार पर प्रस्ताव तैयार किया है। एक दौर की चर्चा के बाद ये बंदिश हटाई जा सकती है। इसके बाद इन 400 से अधिक शासकीय सेवकों की नौकरी से संकट टल जाएगा। राज्य के 12 लाख शासकीय, संविदाकर्मी और विभिन्न सेवाओं के शासकीय सेवक बड़ा परिवार करना चाहेगा, वे भी कानूनी पेंच से बच जाएंगे।  मोहन भागवत का बयान देश की जनसंख्या नीति 2:1 बच्चों की है। एक परिवार में 3 बच्चे होने चाहिए। हर नागरिक को सुनिश्चित करना चाहिए कि उसके परिवार में 3 बच्चे हों। (संघ प्रमुख मोहन भागवत ने 28 अगस्त को आरएसएस के शताब्दी समारोह में कहा था।) दिग्विजय सरकार में लागू हुआ था दो बच्चों वाला नियम 24 साल पहले जनसंख्या नियंत्रण की चुनौतियां देख कांग्रेस की तत्कालीन दिग्विजय सिंह की सरकार ने 2001 में मप्र सेवा भर्ती सामान्य शर्ते नियम 1961 के नियम में बदलाव किया था। इसके तहत शासकीय सेवकों के लिए दो(Two child law) से ज्यादा बच्चों पर बंदिशें लगा दी थी। नियमों के बाद भी इसलिए हुए 3 बच्चे एक शासकीय सेवक ने बताया, वह 2005 में सेवा में आया। उन्हें 2001 के नियम की जानकारी नहीं थी। जब तक पता चला, ३ बच्चों के पिता बन गए। बाद में कुछ विरोधियों ने शिकायतें कीं। शासकीय सेवक, इसलिए भी पशोपेश में     कुछ कर्मचारी दंपती की दो संतानें थीं। दोनों रिकॉर्ड में आ गए, लेकिन बाद में इनमें से एक की मौत हो गई। वे दूसरी संतान चाहते हैं, पर नियम नियम आड़े आ रहा है।     कोरोनाकाल में ऐसे कई प्रकरण हुए हैं, लेकिन ऐसे मामलों में किसी तरह की कोई छूट नहीं है। खतरे की घंटी… विदेशों की तरह मप्र में एक संतान का चलन बढ़ रहा विदेशों की तरह मध्यप्रदेश के शहरी क्षेत्रों में भी एक संतान का चलन जोर पकड़ने लगा है। कई परिवार ऐसे हैं, जो एक ही संतान पैदा कर रहे हैं। ऐसे ही दंपत्ति ने पत्रिका को नाम न छापने की शर्त पर बताया कि पहले की तुलना में चुनौतियां बहुत बढ़ गई हैं, इसलिए एक ही बच्चे को जन्म दिया है। उसकी बेहतर परवरिश करने का प्रयास कर रहे हैं। विदेश से जुड़े मामलों के जानकार एवं पूर्व वन अधिकारी आरके दीक्षित का कहना है कि कई देशों में भी यह चलन तेजी से बढ़ा है, वहां भी सरकारों को जनसंख्या बढ़ोतरी के लिए प्रोत्साहन तक देना पड़ रहा है। विशेष कर इटली और जापान की आबादी बड़ी तेजी से घट रही है। यहां भी इसे प्रोत्साहित किया जा रहा है।

मंत्री टेटवाल ने कहा- ग्लोबल स्किल पार्क के प्रशिक्षित विद्यार्थी देश-दुनिया में कर रहे हैं संस्थान का नाम रोशन

341 विद्यार्थियों में 90 प्रतिशत विद्यार्थियों का हुआ प्लेसमेंट भोपाल  हमारे प्रशिक्षु अब केवल चुनौतियों का सामना करने वाले युवा नहीं, बल्कि कौशल, आत्मविश्वास और नवाचार से परिपूर्ण नागरिक बन चुके हैं, जो राष्ट्र निर्माण में सार्थक योगदान देने के लिए तैयार हैं। संस्थान और राज्य सरकार मिलकर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के 'कुशल भारत-समृद्ध भारत के संकल्प को साकार करने के लिये युवाओं को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाने के लिए निरंतर कार्यरत हैं। यह बात कौशल विकास एवं रोजगार राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री गौतम टेटवाल ने मंगलवार को संत शिरोमणि रविदास ग्लोबल स्किल पार्क के 2024 बैच के दीक्षांत समारोह में विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कही। उन्होंने कहा कि यह समारोह केवल एक कार्यक्रम नहीं बल्कि युवाओं के परिश्रम, क्षमता और उपलब्धियों का सम्मान है।    मंत्री श्री टेटवाल ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द मोदी के नेतृत्व में कौशल-आधारित विकास की जो सशक्त परिकल्पना सामने आई है, उसने युवाओं में आत्मविश्वास और वैश्विक प्रतिस्पर्धा की नई ऊर्जा जगाई है। उन्होंने बताया कि  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश में कौशल विकास को नई पहचान मिली है और यह विश्वास मजबूत हुआ है कि सक्षम युवा ही प्रदेश को प्रगति के शिखर पर ले जाते हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार की प्राथमिकता है कि हर युवा को गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण, अत्याधुनिक सुविधाएँ और उद्यमिता के अवसर उपलब्ध हों और ग्लोबल स्किल्स पार्क इसी प्रतिबद्धता का उत्कृष्ट उदाहरण है, जहाँ अत्याधुनिक प्रयोगशालाएँ, इंडस्ट्री-लिंक्ड कोर्स, डिजिटल सुविधाएँ और प्रशिक्षकों की विशेषज्ञता मिलकर विद्यार्थियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की क्षमता प्रदान करती हैं। समारोह में मंत्री डॉ. टेटवाल ने संस्थान के प्रशिक्षार्थियों द्वारा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स, ऑटोमेशन, इंडस्ट्री 4.0, ऊर्जा प्रणालियाँ, प्रैक्टिकल इंजीनियरिंग और व्यवहारिक कौशल जैसे क्षेत्रों में हासिल की गई उल्लेखनीय प्रगति की सराहना की। उन्होंने कहा कि ग्लोबल स्किल्स पार्क के अनेक विद्यार्थियों को प्रतिष्ठित राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कंपनियों में अवसर प्राप्त हुए हैं, जबकि बड़ी संख्या में युवा स्टार्टअप, नवाचार और उद्यमिता के क्षेत्र में आगे बढ़ रहे हैं, जो प्रदेश की आर्थिक उन्नति के लिए अत्यंत शुभ संकेत है। उन्होंने गीता के ‘योगः कर्मसु कौशलम्’ का उल्लेख करते हुए युवाओं से कहा कि आज की दुनिया निरंतर बदल रही है और ऐसे समय में सतत सीखना उनकी सबसे बड़ी शक्ति है। उन्होंने छात्रों को सलाह दी कि उनका कौशल तकनीक के साथ लगातार अपडेट होना चाहिए तथा उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप स्वयं को तैयार रखना चाहिए। मंत्री श्री टेटवाल ने प्रशिक्षकों, संकाय सदस्यों, प्रशासनिक अधिकारियों और तकनीकी टीम के समर्पण की सराहना करते हुए कहा कि ग्लोबल स्किल्स पार्क की उत्कृष्टता पूरे दल की मेहनत का परिणाम है। उन्होंने संस्थान को सुझाव दिया कि उद्योग जगत की आवश्यकताओं और बदलती तकनीक के अनुरूप अल्पावधि के कोर्स भी नियमित रूप से संचालित किए जाएँ, जिससे विद्यार्थियों की अप-स्किलिंग सुचारु रूप से होती रहे। मंत्री श्री टेटवाल ने कहा कि ग्लोबल स्किल पार्क के प्रशिक्षित विद्यार्थियों का देश और प्रदेश के साथ ही विश्व की प्रतिष्ठित कंपनियो में भी प्लेसमेंट हो रहा है। उन्होंने बताया कि यहां से प्रशिक्षित 11 विद्यार्थी अबु धाबी में जॉब कर रहे है। यह एशिया का विश्वस्तरीय संस्थान है। मंत्री डॉ. टेटवाल ने प्रशिक्षार्थियों को प्रमाण-पत्र प्रदान किए। छात्रों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि ग्लोबल स्किल्स पार्क परिवार से जुड़ने वाला हर युवा जीवनभर इस परिवार का अभिन्न सदस्य बना रहता है। इस अवसर पर 2024-2025 सत्र में उत्कृष्ट समग्र शैक्षणिक प्रदर्शन हेतु चयनित प्रशिक्षु को मिनिस्टर मेडल अवार्ड से सम्मानित किया गया। इसके बाद विभिन्न ट्रेडों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले अन्य प्रशिक्षुओं को प्रमाणपत्र और विशेष सम्मान प्रदान किए गए। कार्यक्रम में प्रशिक्षकों ‌द्वारा विद्यार्थियों को वर्चुअल शुभकामना संदेश दिये गये, जिसमें उनके अनुभव, सुझाव और मार्गदर्शन ने उपस्थित प्रशिक्षुओं को नई ऊर्जा और दिशा दी। तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार प्रमुख सचिव श्री मनीष सिंह ने वर्चुअल शुभकामना संदेश एवं बधाई दी। ग्लोबल स्किल पार्क की विश्वस्तरीय प्रशिक्षण सुविधाओं की सराहना करते हुए उन्हें भविष्य में आत्मनिर्भर व सफल करियर हेतु प्रेरित किया। ग्लोबल स्किल पार्क मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ. गिरीश शर्मा ने कहा कि आज जो विद्यार्थी यहाँ से आगे बढ़ रहा है, वह हमारे परिवार का हिस्सा है। हमारा विश्वास है कि ये बच्चे सिर्फ भविष्य नहीं बदलेंगे, बल्कि नए अवसरों और नई ऊँचाइ‌यों की मिसाल बनेंगे। हम सभी उन्हें उनके उज्ज्वल, सफल और सशक्त भविष्य के लिए हार्दिक शुभकामनाएँ देते हैं। विद्यार्थियों ने भी उत्साहपूर्वक अपने अपने सत्र के अनुभव साझा किए और कहा कि ग्लोबल स्किल पार्क में उन्हें समस्या खोजने वाला नहीं, बल्कि समाधान प्रस्तुत करने वाला बनने की सोच विकसित हुई। वि‌द्यार्थियों ने संस्थान की अत्याधुनिक प्रयोगशालाएँ, उद्‌द्योग-संलग्न व्यावहारिक प्रशिक्षण, अनुशासित एवं सहयोगी शिक्षण वातावरण तथा मार्गदर्शक संकाय की सराहना की। परिणामस्वरूप आज यहाँ के अधिकांश छात्र राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सफलतापूर्वक कार्यरत हैं।  

उप मुख्यमंत्री देवड़ा ने कहा- डिजिटल वित्तीय प्रणाली को देंगे नई गति

पेंशनरों को त्वरित सेवाएँ सीबीडीसी के सफल पायलट प्रोजेक्ट पर मध्यप्रदेश अग्रणी भोपाल उप मुख्यमंत्री श्री जगदीश देवड़ा ने कहा कि प्रदेश की वित्तीय प्रणाली को पूर्ण रूप से डिजिटल और पारदर्शी स्वरूप देने के लिये राज्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने मध्यप्रदेश में डिजिटल करेंसी के उपयोग को बढ़ावा देने के लिये आवश्यक कानूनी और वित्तीय प्रक्रियाएँ शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा ने यह भी कहा कि पेंशन प्रकरणों को संपूर्ण रूप से डिजिटाइज किया जाएगा। इससे लाखों पेंशनरों को त्वरित और सरल सेवाएँ उपलब्ध हो सकेंगी। उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा मंगलवार को मंत्रालय में वित्त विभाग की गतिविधियों की उच्च स्तरीय समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में विगत 2 वर्षों के दौरान प्रदेश का वित्तीय ढांचा अधिक सक्षम, तकनीक-सम्मत और सेवा उन्मुख हुआ है। पेंशन व्यवस्था में किए गए सुधारों के परिणामस्वरूप अब पेंशन भुगतान एसबीआई द्वारा एग्रीगेटर मॉडल में किया जा रहा है। इससे पेंशनरों को किसी भी बैंक खाते में राशि प्राप्त करने की सुविधा मिल रही है। उपमुख्यमंत्री श्री देवड़ा ने बताया कि सिंगल नोडल एजेंसी प्रणाली के प्रभावी क्रियान्वयन से मध्यप्रदेश देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हुआ है। इस उपलब्धि से राज्य को 500 करोड़ रुपये का प्रोत्साहन प्राप्त हुआ है और 66 में से 47 केंद्र प्रवर्तित योजनाओं की स्वीकृतियाँ जारी हो चुकी हैं। उन्होंने कहा कि डिजिटल भुगतान प्रणाली आज प्रदेश में अधिक त्वरित, सुरक्षित और विश्वसनीय बन चुकी है। उन्होंने वित्तीय प्रबंधन प्रक्रियाओं को पूर्णतः डिजिटल स्वरूप देने के लिये आईएफएमएस नेक्स्ट जेन को निर्धारित समय सीमा में लागू करने के निर्देश दिए। उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा ने विभागों, कोषालयों तथा आहरण एवं संवितरण अधिकारियों के मध्य बेहतर समन्वय स्थापित कर भुगतान प्रक्रियाओं को और अधिक पारदर्शी एवं सटीक बनाने की आवश्यकता पर बल दिया। बैठक में बताया गया कि मध्यप्रदेश ने सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी (सीबीडीसी) का सफल पायलट प्रोजेक्ट पूरा कर लिया है। यह भविष्य में बगैर नकद रकम के लेनदेन, कल्याणकारी योजनाओं के भुगतान में पारदर्शिता और वित्तीय प्रक्रियाओं की गति बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इसे आगामी समय में आईएफएमएस नेक्स्ट जेन से जोड़कर प्रमुख योजनाओं में लागू किया जाएगा। सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लिये ई-जीपीएफ प्रणाली बड़ी राहत के रूप में उभर रही है। महालेखाकार कार्यालय द्वारा प्राधिकृत पत्र जारी होते ही भुगतान सीधे ऑनलाइन हो जाता है तथा अब तक 5,000 से अधिक मामलों में इसका सफल उपयोग किया जा चुका है। इस प्रणाली को अब 57,000 कर्मचारियों तक विस्तारित किया जा रहा है। इससे सेवानिवृत्ति के बाद मिलने वाले वित्तीय लाभ समय पर प्राप्त हो सकेंगे। वित्तीय निरीक्षण एवं सेवा-प्रदान को और मजबूत करने के लिये पांदुर्णा, मऊगंज और मैहर में 3 नए कोषालय स्वीकृत किए गए हैं। साथ ही चम्बल, नर्मदापुरम और शहडोल में स्थानीय निधि संपरीक्षा संचालनालय के क्षेत्रीय कार्यालय स्थापित किए जा रहे हैं, जिससे विभागीय निगरानी और सेवा-सुगमता बढ़ेगी। बैठक में अपर मुख्य सचिव वित्त श्री मनीष रस्तोगी, सचिव श्री लोकेश कुमार जाटव, आयुक्त कोष एवं लेखा श्री भास्कर लाक्षाकार, संचालक वित्त श्री राजीव रंजन मीणा, अपर सचिव वित्त श्री रोहित सिंह, संचालक पेंशन श्री जे.के. शर्मा तथा संचालक स्थानीय निधि संपरीक्षा श्री अदिति कुमार त्रिपाठी सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।  

38 दिव्यांगजन को सक्षम के मंच से मिली मोटराइज्ड व्हील चेयर

आईआईटी चेन्नई के स्नातकों ने विकसित की नवीनतम तकनीक की व्हील चेयर भोपाल  सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन रिसोर्स सेंटर में मंगलवार को आयोजित समारोह में 38 दिव्यांगजन हितग्राहियों को मोटराइज्ड व्हील चेयर का वितरण किया गया। यह कार्यक्रम गैर सरकारी संगठन सक्षम द्वारा आयोजित किया गया जिसमें हितग्राहियों को अल्टीयस टेलीकॉम इंफ़्रा ट्रस्ट के सहयोग से व्हील चेयर वितरित की गई। कार्यक्रम प्रमुख सचिव सामाजिक न्याय श्रीमती सोनाली वायंगणकर, आयुक्त दिव्यांगजन डॉ. अजय खेमरिया, सक्षम के राष्ट्रीय महासचिव उमेश अंधारे, संघ के प्रान्त सेवा प्रमुख विक्रम सिंह सहित सक्षम संगठन के पदाधिकारी उपस्थित रहे। मुख्य अतिथि श्रीमती वायंगणकर ने कहा कि समाज में दिव्यांगजन सरकार के अकेले दम पर सक्षमता अर्जित नहीं कर सकते हैं, यह तभी संभव है जब समाज की भागीदारी भी सरकार के साथ बराबरी से सुनिश्चित हो। उन्होंने अल्टीयस कम्पनी के प्रति आभार व्यक्त किया, जिसने प्रदेश के 38 दिव्यांगजन को मोटराइज्ड व्हील उपलब्ध कराई हैं। आयुक्त दिव्यांगजन डॉ. अजय खेमरिया ने सीएसआर को भारत की प्राचीन परोपकार की परंपरा का अनुवर्तन बताते हुए सक्षम और कम्पनी के प्रतिनिधियों का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम को सक्षम के महासचिव श्री उमेश अंधारे ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम का विषय प्रवर्तन रविन्द्र कोपरगांवकर ने किया। एक लाख 10 हजार की व्हील चेयर कार्यक्रम में वितरित की गई व्हील चेयर न्यू मोशन कम्पनी द्वारा विकसित की गई है। यह कम्पनी चेन्नई आईआईटी से निकले युवाओं ने तैयार की है जो नवीनतम तकनीकी से दिव्यांगजन के लिए व्हील चेयर बनाती है। इस व्हील चेयर का उपयोग हितग्राही वैकल्पिक रूप से अपने लिए स्थानीय रोजगार के साधन के रूप में भी कर सकते हैं। सक्षम के विश्वजीत सरमंडल ने बताया कि इस साल जनवरी में अल्टीयस कम्पनी के सहयोग से जिन 47 हितग्राहियों को व्हील चेयर वितरित की गई, वे स्व-रोजगार से जुड़ गए हैं। इस व्हील चेयर की कीमत एक लाख दस हजार है।  

आमला विधानसभा ने रचा कीर्तिमान, SIR-2026 में मध्यप्रदेश में प्रथम स्थान

100% डिजिटाइजेशन पूर्ण करने वाली प्रदेश की पहली विधानसभा भोपाल  भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार पूरे प्रदेश में संचालित विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR-2026) अभियान के अंतर्गत बैतूल जिले की आमला विधानसभा ने अद्वितीय सफलता अर्जित करते हुए मध्यप्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। आमला विधानसभा प्रदेश की पहली ऐसी विधानसभा बनी है जिसने 100 प्रतिशत डिजिटाइजेशन का लक्ष्य निर्धारित समय से पहले पूरा कर रिकॉर्ड कायम किया है। कुल 2,19,778 मतदाताओं के विवरण का शत-प्रतिशत डिजिटाइजेशन सफलतापूर्वक पूर्ण कर आमला विधानसभा ने प्रदेशभर के निर्वाचन प्रबंधन के लिए एक उत्कृष्ट मानक स्थापित किया है। जिला प्रशासन बैतूल, बीएलओ एवं सुपरवाइजर्स की कठिन परिश्रमपूर्ण मैदानी कार्यशैली-इन सभी का समन्वित परिणाम रहा कि विधानसभा क्षेत्र ने यह उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की। एसआईआर सर्वे के दौरान बीएलओ और सुपरवाइजर्स की टीम ने घर-घर जाकर डेटा संग्रह किया, जन्म-मृत्यु, निवास, पहचान एवं अन्य आवश्यक दस्तावेजों का सत्यापन समय-सीमा के भीतर पूर्ण किया। दूरस्थ क्षेत्रों, कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और सीमित संसाधनों के बावजूद टीम ने गुणवत्तापूर्ण व त्रुटिरहित कार्य प्रस्तुत किया। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी, मध्यप्रदेश ने कार्य की सराहना करते हुए कहा कि "आमला विधानसभा द्वारा प्राप्त यह ऐतिहासिक उपलब्धि पूरे मध्यप्रदेश के लिए गौरव का विषय है। मैं आमला विधानसभा के सभी बीएलओ, सुपरवाइजर्स, आरओएस, एआरओएस, जिला प्रशासन, जनपद व नगरीय निकायों की टीम तथा सहयोगी नागरिकों को हार्दिक बधाई देता हूँ। यह सफलता दर्शाती है कि प्रशासनिक नेतृत्व, पर्यवेक्षण तंत्र और फील्ड-स्तर की टीमें एकसाथ प्रतिबद्ध होकर कर रही है। SIR-2026 की यह उपलब्धि प्रदेश के प्रत्येक जिले और विधानसभा के लिए प्रेरक उदाहरण है।"

मंत्री विश्वास सारंग ने की जर्मन फुटबॉल कोच डाइटमार बीयर्सडॉर्फ से भेंट

विचारपुर (मिनी ब्राज़ील) को मिला अंतर्राष्ट्रीय मंच : मंत्री विश्वास सारंग भारत में फुटबॉल का भविष्य उज्ज्वल- कोच बीयर्सडॉर्फ भोपाल  सहकारिता, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग ने मंगलवार को मंत्रालय में जर्मनी के प्रतिष्ठित फुटबॉल क्लब FC Ingolstadt 04 के सीइओ एवं प्रसिद्ध कोच डाइटमार बीयर्सडॉर्फ से भेंट की। मंत्री श्री सारंग ने कोच बीयर्सडॉर्फ का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके द्वारा विचारपुर (मिनी ब्राजील) के प्रतिभावान खिलाड़ियों से प्रत्यक्ष संवाद, आधुनिक प्रशिक्षण विधियाँ और अंतर्राष्ट्रीय फुटबॉल शैली से परिचित कराना, युवा खिलाड़ियों के लिए एक अमूल्य अवसर है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश सरकार खिलाड़ियों को वैश्विक स्तर पर तैयार करने के लिए हर सम्भव प्रयास कर रही है। यह मुलाकात न केवल खेल क्षेत्र में अंतर्राष्ट्रीय सहयोग को नई दिशा देने वाली रही बल्कि प्रदेश के उभरते खिलाड़ियों के उत्साह को भी गति प्रदान करने वाली साबित हुई। विचारपुर (मिनी ब्राज़ील) को मिला अंतर्राष्ट्रीय मंच मंत्री श्री सारंग ने कहा कि विचारपुर के खिलाड़ी अब सिर्फ मध्यप्रदेश ही नहीं बल्कि पूरे देश की शान हैं। इन प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए हर संभव सहयोग करेंगे। अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर ऐसा संवाद और सहयोग निश्चित रूप से हमारे खिलाड़ियों के भविष्य को नई ऊंचाई देगा। आगे मंत्री श्री सारंग ने उल्लेख किया कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा मध्यप्रदेश के शहड़ोल जिले के विचारपुर (मिनी ब्राजील) गांव का उल्लेख किए जाने के बाद इस छोटे से आदिवासी क्षेत्र ने देश और दुनिया में अपनी एक अलग पहचान बनाई है। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने न केवल मन की बात कार्यक्रम में इसकी चर्चा की थी बल्कि अमेरिका के प्रसिद्ध पॉडकास्ट लेक्स फ्राइडमैन के साथ बातचीत में भी विचारपुर के फुटबॉल प्रेम का विशेष उल्लेख किया था। भारत में फुटबॉल का भविष्य उज्ज्वल कोच डाइटमार बीयर्सडॉर्फ ने मंत्री श्री सारंग से भेंट के दौरान विचारपुर (मिनी ब्राजील) के अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने कहा कि भारत में फुटबॉल का भविष्य उज्ज्वल है। फुटबॉल खेल के प्रति उनका नि:स्वार्थ प्रेम वास्तव में प्रेरणादायक है। आगे उन्होंने कहा कि विचारपुर के खिलाड़ी कठिन परिस्थितियों के बावजूद जिस जुनून, अनुशासन और सीखने की उत्सुकता के साथ खेलते हैं, वह अंतरराष्ट्रीय मानकों को छूता है जो भविष्य में बड़े स्तर तक ले जा सकता है। खिलाड़ियों को मिला विश्वस्तरीय प्रशिक्षण कोच बीयर्सडॉर्फ स्वयं विचारपुर (मिनी ब्राजील) के मैदान पर पहुंचे और खिलाड़ियों को प्रत्यक्ष प्रशिक्षण देकर विश्वस्तरीय मार्गदर्शन प्रदान किया। उन्होंने खिलाड़ियों को आधुनिक फुटबॉल तकनीक, सामरिक रणनीतियों और पेशेवर अनुशासन के बारे में विस्तार से समझाया। खिलाड़ियों के लिए यह अनुभव बेहद रोचक और प्रेरणादायक रहा। 

मध्यप्रदेश ने एसआईआर में हासिल की बड़ी उपलब्धि, राज्यों में तीसरे स्थान पर पहुंचा

समन्वित प्रयास और सतत संवाद से पुनरीक्षण कार्य में आई उल्लेखनीय तेजी भोपाल भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशन में देशभर के 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 4 नवंबर से 4 दिसंबर 2025 तक चल रहे मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) कार्य में मध्यप्रदेश ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए उल्लेखनीय सफलता अर्जित की है। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी (सीईओ) मध्यप्रदेश श्री संजीव कुमार झा के नेतृत्व में प्रदेश ने 72.72 प्रतिशत कार्य पूरा कर अब तक के आंकड़ों में देश में10 बड़े राज्यों में तीसरे स्थान पर पहुंच गया है। प्रदेश में कुल 5 करोड़ 74 लाख 6 हजार 143 गणना पत्रकों में से 4 करोड़ 18 लाख से अधिक पत्रकों का डिजिटाइजेशन सफलता पूर्वक पूरा किया गया है। यह उपलब्धि तकनीकी दक्षता, टीमवर्क और जिला स्तर तक सतत मॉनिटरिंग का परिणाम है। सीईओ श्री संजीव कुमार झा ने इस प्रगति पर कहा कि प्रदेश में एस आई आर अभियान को समय सीमा में पूरा करने के लिए निरंतर समन्वित प्रयास जारी हैं,परिणामत: प्रदेश इस स्थान पर पहुंच पाया है। मध्यप्रदेश में चल रहे एसआईआर कार्य को आम नागरिकों के लिए अधिक सुगम और पारदर्शी बनाने के लिए विभिन्न जिलों में शिविर, ऑनलाइन सुविधा और बूथ स्तर पर व्यापक जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किए जा रहे हैं। आगामी दिनों में शत-प्रतिशत डिजिटाइजेशन के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए प्रयास और अधिक तेज किए जाएंगे।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव करेंगे प्रस्फुटन समितियों की राशि का अंतरण

मप्र जन अभियान परिषद मनायेगा संविधान दिवस नागरिक कर्तव्य पर राज्य स्तरीय संगोष्ठी का होगा आयोजन भोपाल  मप्र जन अभियान परिषद द्वारा संविधान दिवस के अवसर पर भारतीय संविधान और नागरिक कर्तव्य पर राज्य स्तरीय संगोष्ठी का आयोजन किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव संगोष्ठी का शुभारंभ करेंगे। आयोजन स्टेट सेंटर भवन, संचालनालय सामाजिक न्याय एवं निशक्त:जन कल्याण भोपाल में संपन्न होगा। कार्यक्रम में विषय विशेषज्ञ श्री विजय मनोहर तिवारी, एमीयू के कुलगुरू, डॉ. राका आर्य, प्रो. राष्ट्रीय विधि संस्थान विश्वविदयालय भोपाल का प्ररेक उदबोधन दिया जायेगा। इस अवसर पर परिषद के उपाध्यक्ष श्री मोहन नागर, कार्यपालक निदेशक डॉ. बकुल लाड़ सहित कई वरिष्ठजन उपस्थित रहेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मप्र जन अभियान परिषद द्वारा गठित ग्राम विकास प्रस्फुटन समितियों की प्रोत्साहन राशि का भी अंतरण करेंगे। कार्यक्रम में मप्र जन अभियान परिषद एवं विवेकानंद केन्द्र, राष्ट्रीय सेवा योजना और राष्ट्रीय कैडेट कोर के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर होंगे। इस अवसर पर उपस्थित जनसमूह को संविधान शपथ दिलाई जायेगी।  

सीएम केयर योजना के शीघ्र क्रियान्वयन के लिए औपचारिकताएँ प्राथमिकता से करें पूर्ण : उप मुख्यमंत्री शुक्ल

सुपर-स्पेशलिटी स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार और विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता समय की मांग भोपाल  उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने मंगलवार को मंत्रालय में सीएम केयर योजना अंतर्गत प्रस्तावित सुपर-स्पेशलिटी स्वास्थ्य अधोसंरचना के शीघ्र विस्तार के लिए आवश्यक औपचारिकताओं को शीघ्र एवं प्राथमिकता से पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश के नागरिकों को जटिल हृदय रोग, कैंसर एवं अन्य उच्च स्तरीय उपचारों के लिए अब बाहर जाने की आवश्यकता न रहे, इसके लिए योजना का प्राथमिकता से क्रियान्वयन आवश्यक है। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि सुपर-स्पेशलिटी सीटों की उपलब्धता बढ़ाने और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में सरकार तेजी से काम कर रहा है। बताया गया कि वर्तमान में प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों में एमडी/एमएस की 1909 सीटें, डीएम की 41 सीटें तथा एम.च. की 43 सीटें स्वीकृत हैं। उन्होंने कहा कि सुपर-स्पेशलिटी शिक्षा के विस्तार से प्रदेश में हृदय रोग, कैंसर, रेडियोलॉजी, नेफ्रोलॉजी, युरोलॉजी सहित अन्य जटिल बीमारियों के उपचार के लिए विशेषज्ञ डॉक्टर उपलब्ध होंगे। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने आयुष्मान भारत के उपचार डेटा का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश में ऑन्कोलॉजी, कार्डियोलॉजी, रेडिएशन ऑन्कोलॉजी, जनरल मेडिसिन, युरोलॉजी, ऑर्थोपेडिक्स और सीटीवीएस जैसी सुपर-स्पेशलिटी सेवाओं की मांग लगातार बढ़ रही है। आयुष्मान योजना में कैंसर के कीमोथेरेपी, डायलिसिस संबंधित, एंजियोग्राफी-एंजियोप्लास्टी, रेडियोथेरेपी, सीटी-एमआरआई-पीईटी स्कैन, सीटीवीएस-लैप्रोस्कोपी आदि तृतीयक सेवाओं की संख्या में निरंतर बढ़ोत्तरी हो रही है। ऐसी स्थिति में भविष्य की मांग अनुसार शीघ्र तैयारी पूर्ण कर स्वास्थ्य अधोसंरचनाओं का विकास करना होगा। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सुपर-स्पेशलिटी विभागों के उन्नयन, आवश्यक मानवबल, उपकरणों, इंफ्रास्ट्रक्चर, प्रशिक्षण तथा संबंधित अनुमतियों की प्रक्रिया को युद्धस्तर पर पूर्ण किया जाए, जिससे सीएम केयर योजना का लाभ शीघ्र आमजन तक पहुँच सके। सीएम केयर योजना का उद्देश्य प्रदेश में कार्डियक और ऑन्कोलॉजी उपचार को उच्च गुणवत्ता के साथ सुलभ बनाना है। इसके अंतर्गत ऑन्कोलॉजी/ऑन्को-सर्जरी, कार्डियोलॉजी और सीटीवीएस में अधिक सुपर-स्पेशलिस्ट तैयार करना, कार्डियक एवं कैंसर उपचार के तृतीयक ढांचे को मजबूत करना, उन्नत उपचार पर होने वाले जेब खर्च को घटाना, कार्डियोलॉजी एवं ऑन्कोलॉजी में उत्कृष्टता संस्थान विकसित करना, राज्य में रोबोटिक सर्जरी और ऑर्गन ट्रांसप्लांट कार्यक्रम सुदृढ़ीकरण शामिल है। बैठक में प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा श्री संदीप यादव, आयुक्त श्री तरुण राठी, संचालक चिकित्सा शिक्षा डॉ. अरुणा कुमार सहित विभागीय वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।