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मुख्यमंत्री डॉ. यादव को नीमच के राहुल लोहार ने कीं दुर्लभ कलाकृतियां भेंट

रुद्राक्ष पर ब्रश के एक बाल से बनाई भगवान पशुपतिनाथ मंदिर की मिनिएचर पेंटिंग कोरोना के वायरस को सिरींज से नष्ट करती सिंह पर सवार मां दुर्गा को मास्क पर किया चित्रित मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की श्री राहुल के हुनर की सराहना भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को नीमच के श्री राहुल कुमार लोहार ने रुद्राक्ष पर बने भगवान पशुपतिनाथ मंदिर की मिनिएचर पेंटिंग तथा कोरोना काल में उपयोग में लिया जाने वाला चित्रित मास्क भेंट किया। रुद्राक्ष पर ब्रश के एक बाल से बनाई गई पेंटिंग में भगवान पशुपतिनाथ मंदिर के दृश्य को चित्रित किया गया है। मैग्नीफाइंग ग्लास से पेंटिंग को देखने पर मंदिर में विद्यमान धार्मिक प्रतीक दिखाई देते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को भेंट किए गए मास्क पर कोरोना के वायरस को सिरींज से नष्ट करती सिंह पर सवार मां दुर्गा को चित्रित किया गया है। मां दुर्गा को सैनिटाइजर सहित कोरोना काल में उपयोग में आने वाले चिकित्सकीय उपकरण धारण किए दर्शाया गया है। मास्क पर कोरोना से संघर्ष में अपने प्राणों की आहुति देने वाले देश-दुनिया के डॉक्टरों के चित्र भी उकेरे गए हैं। यह संपूर्ण चित्रकारी प्राकृतिक रंगों से की गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने श्री लोहार के हुनर की सराहना करते हुए उनके उज्जवल भविष्य की कामना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने श्री राहुल को प्रशंसा पत्र जारी करने के निर्देश भी दिए। श्री राहुल नीमच जिले के ग्राम कुचडोद के निवासी हैं। मंत्रालय में हुई इस भेंट के दौरान उप मुख्यमंत्री श्री जगदीश देवड़ा, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री विश्वास सारंग तथा संस्कृति राज्य मंत्री श्री धर्मेंद्र सिंह लोधी भी उपस्थित थे।  

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा- पंचायत प्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी से ही विकास मिशन सफल होते हैं

ग्राम पंचायत-जनपद पंचायत आय बढ़ाने का करें प्रयास, पंचायत राज व्यवस्था समन्वय पर आधारित है: पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री पटेल कार्यशाला के दूसरे दिन सक्षम एवं स्वावलंबी पंचायत में गोधन, कृषि, उद्यानिकी-कौशल उन्नयन, पंचायत ऑफिस से नियमित सेवाओं का प्रदाय, पंचायतों के अभिलेखों का व्यवस्थित संधारण को लेकर हुई चर्चा प्रदेश भर के जनपद अध्यक्ष, उपाध्यक्ष सहित 650 से अधिक प्रतिभागी हुए शामिल भोपाल  पंचायतों को आत्मनिर्भर, सशक्त एवं समृद्ध बनाने के लिए पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा आत्मनिर्भर पंचायत-समृद्ध मध्यप्रदेश थीम पर कुशभाऊ ठाकरे अंतरराष्ट्रीय सभागार में पंचायत प्रतिनिधियों एवं राज्य स्तरीय पदाधिकारियों की तीन दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है। कार्यशाला के दूसरे दिन उप मुख्यमंत्री श्री राजेंद्र शुक्ल शामिल हुए। उन्होंने कहा कि किसी भी शासकीय अभियान की सफलता में पंचायत प्रतिनिधियों की महत्वपूर्ण भूमिका है। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने पंचायत प्रतिनिधियों से विकास अभियानों में धुरी बनकर सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में जल जीवन मिशन, सिंचाई विस्तार, स्वास्थ्य सेवाओं का सुदृढ़ीकरण तथा ग्रामीण जीवन की गुणवत्ता सुधारने के लिए अभूतपूर्व कार्य हो रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मार्गदर्शन में प्रदेश में पाइपलाइन, टंकियों एवं फ़िल्टर प्लांटों का तेजी से निर्माण हो रहा है, जिससे ‘नल से जल’ अब एक वास्तविकता बन चुका है। पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेल ने कहा कि पंचायत राज व्यवस्था समन्वय पर आधारित है। अधिकारों तथा कर्तव्यों के बीच संतुलन आवश्यक है। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के बीच सामंजस्य से पंचायतों को आत्मनिर्भर बनाया जा सकता है। जनप्रतिनिधियों को अपनी जिम्मेदारियों को समझते हुए बैठकों, स्थाई समितियों और निर्णय प्रक्रियाओं को नियमित एवं प्रभावी बनाना होगा। उन्होंने कहा कि गुणवत्ता और पारदर्शिता के लिए स्थायी समितियों की नियमित रूप से बैठक होना चाहिए। सड़क निर्माण, शिक्षा और अन्य योजनाओं पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों को जानकारी, मर्यादा और संवेदनशीलता के साथ कार्य करने की जरूरत है। उन्होंने जनप्रतिनिधियों को अपनी क्षमता बढ़ाने, नियमों की जानकारी लेने और अनुभव साझा करने के लिए भी प्रोत्साहित किया। कार्यशाला में जनपद और ग्राम पंचायतों को आय के स्रोत बढ़ाने, कार्यालय प्रबंधन एवं सामाजिक जागरूकता पर जनप्रतिनिधियों से चर्चा हुई। कार्यशाला के दौरान अपर मुख्य सचिव श्रीमती दीपाली रस्तोगी, स्वच्छ भारत मिशन समन्वयक श्री दिनेश जैन सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। 25 नवंबर को कार्यशाला में स्वावलंबी पंचायतों में गोधन, कृषि उद्यानिकी एवं कौशल उन्नयन, पंचायत में ऑफिस से नियमित सेवाओं का प्रदाय एवं पंचायतों के अभिखेलों का व्यवस्थित संधारण को लेकर चर्चा हुई। अधिकारियों ने पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा चलाई जा रही योजनाओं के बारे में पंचायत प्रतिनिधियों को विस्तार से जानकारी दी। एसआरएलएम की सीईओ श्रीमती हार्षिका सिंह ने ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत संचालित विभिन्न गतिविधियों की जानकारी दी। उन्होंने किसान उत्पादक कंपनी, प्रोत्साहन संकुल विकास, एकीकृत कृषि, जैविक संसाधन केंद्र की स्थापना, पोषण सुरक्षा, अंतरवर्तीय फसल, उन्नत बीज उपयोग तथा सामूहिक उपार्जन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर जानकारी दी। उन्होंने बताया कि नमो ड्रोन दीदी योजना के अंतर्गत 41 जिलों के 69 ब्लॉकों में 89 महिला स्व-सहायता समूह की महिलाओं को ड्रोन पायलट का प्रशिक्षण देकर ड्रोन प्रदान किए गए हैं। श्रीमती सिंह ने कहा कि योजना को और सुदृढ़ करने के लिए अधिक से अधिक महिलाओं को ड्रोन पायलट प्रशिक्षण दिया जाएगा। साथ हीउन्होंने कौशल उन्नयन की महत्ता पर विस्तार से चर्चा करते हुए बताया कि सक्षम एवं स्वावलंबी पंचायतों के निर्माण हेतु कौशल विकास पर विशेष जोर दिया जाएगा। मनरेगा आयुक्त श्री अवि प्रसाद ने मनरेगा अंतर्गत संचालित विभिन्न योजनाओं और नवाचारों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने वार्षिक कार्ययोजना 2026-27 में जनप्रतिनिधियों की भूमिका एवं उनके अधिकारों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि योजनाओं के सुचारू संचालन में जनप्रतिनिधियों की सक्रिय सहभागिता होनी चाहिए। आयुक्त ने नई भुगतान प्रणाली-एसएनए स्पर्श के संबंध में विस्तार से जानकारी दी और जनप्रतिनिधियों द्वारा पूछे गए सभी प्रश्नों का समाधान किया। उन्होंने “एक बगिया माँ के नाम” परियोजना के विभिन्न पहलुओं से जनप्रतिनिधियों को अवगत कराया। आयुक्त श्री प्रसाद ने सभी जनप्रतिनिधियों को जन मनरेगा मोबाइल एप डाउनलोड करने की सलाह देते हुए कहा कि इसके माध्यम से वे अपने क्षेत्र में संचालित मनरेगा से संबंधित कार्यों की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि मनरेगा से संबंधित सभी दिशा-निर्देश अब जनप्रतिनिधियों को भी उपलब्ध कराए जाएंगे। संचालक पंचायत राज संचालनालय श्री छोटे सिंह ने कार्यशाला में पंचायत आफिस से नियमित सेवाओं का प्रदाय एवं पंचायतों के अभिलेखों का व्यवस्थित संधारण पर विस्तार से जानकारी दी। पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री प्रहलाद पटेल ने प्रतिभागियों द्वारा पूछे जा रहे सवालों का जबाव दिया गया। श्री बाबू भाई केंद्रे और संगठन प्रमुख श्री बालाजी केंद्रे द्वारा पानी विषय पर व्याख्यान दिया गया। कार्यशाला के अंत में ऑस्कर पुरस्कार के लिए नामित पानी पर बनी फिल्म का प्रदर्शन हुआ।  

श्रीराम जन्मभूमि मंदिर पर भगवा ध्वजारोहण सभी को अभिभूत करने वाला : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर निर्माण के पूर्ण होने के प्रतीक स्वरूप मंदिर के शिखर पर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा ध्वजारोहण की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अयोध्या धाम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत की गरिमामय उपस्थिति में हुआ दिव्य-भव्य भगवा ध्वजारोह सभी को अभिभूत करने वाला है।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुरु तेग बहादुर के ज्योति ज्योत दिवस पर नमन किया

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने "हिंद दी चादर" सिखों के नौवें गुरु श्री तेग बहादुर के ज्योति ज्योत दिवस पर नमन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि धर्म की रक्षा, मानव कल्याण और सत्य के लिए समर्पित गुरु तेग बहादुर जी का जीवन, दया-करुणा और प्रेम-परोपकार से विश्व बंधुत्व का मार्ग दिखाता रहेगा।

9 दिसम्बर को खजुराहो में होगी मंत्रि-परिषद की बैठक

बुंदेलखंड के विकास और केन-बेतवा लिंक परियोजना को समर्पित होगी यह पहल प्रधानमंत्री श्री मोदी द्वारा लागू श्रम कानूनों की नवीन व्यवस्था से उद्योग और व्यापार जगत को मिलेगा प्रोत्साहन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रि-परिषद की बैठक से पहले किया संबोधित भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंत्री परिषद की बैठक से पहले अपने संबोधन में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा श्रम कानून के संबंध में लिए गए फैसले के लिए मंत्रि-परिषद की ओर से उनका आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उद्योग व्यापार के लिए यह अद्भुत कला है, श्रम से संबंधित 44 कानून की बजाय केवल 4 कानून की व्यवस्था से उद्योग व्यापार जगत को विशेष प्रोत्साहन मिलेगा। यह कानून पूरे देश में एक साथ लागू होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि खजुराहो में 8 और 9 दिसंबर को विभिन्न विभागों की समीक्षा बैठक आयोजित की जाएगी‍। इसमें विभागों की दो वर्ष की उपलब्धियों, नवाचारों, आगामी वर्षों के प्रमुख लक्ष्यों, चुनौतियों और कार्य योजनाओं पर चर्चा होगी। इसके साथ ही 9 दिसंबर को मंत्री परिषद की बैठक खजुराहो में होगी। यह गतिविधि केन बेतवा लिंक परियोजना और बुंदेलखंड के विकास को समर्पित होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारत में जन्मी मादा चीता "मुखी" द्वारा 5 शावकों को जन्म देना बड़ी उपलब्धि है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पीएमश्री हेली पर्यटन सेवा और प्रदेश में औद्योगिक तथा निवेश गतिविधियों के विस्तार के लिए हैदराबाद में हुए रोड-शो की उपलब्धियों की जानकारी दी। उन्होंने एक दिसंबर से आरंभ होने वाले गीता जयंती समारोह के अंतर्गत होने वाली गतिविधियों के संबंध में भी जानकारी दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में विगत वर्ष की भांति एक दिसम्बर को गीता जयंती धूमधाम से मनाई जाएगी। कुरूक्षेत्र में 24 नवम्बर से एक दिसम्बर की अवधि में अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव 2025 में मध्यप्रदेश द्वारा भाग लिया जा रहा है। इसमें जय श्रीकृष्णा नृत्य नाट्य, श्री कृष्ण लीला, कृष्णायन, जनजातीय एवं लोकनृत्य, चित्र प्रदर्शनी इत्यादि विभिन्न कार्यक्रम होगें। प्रदेश के 313 विकासखण्डों, 55 जिला मुख्यालय एवं 10 संभागों में श्रीकृष्ण परंपरा के आचार्यों की सन्निधि में 3 लाख गीता प्रेमी श्रीमद् भागवत गीता के 15 वें अध्याय के श्लोक का सस्वर पाठ करेंगे। कार्यक्रमों में गीता ज्ञान प्रतियोगिता, कृष्णायन-नृत्य नाटिका आदि का भी प्रदर्शन होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इन्वेस्टमेंट अपॉर्चुनिटीज इन मध्यप्रदेश के अंतर्गत हैदराबाद में 22 नवम्बर को हुई उद्योगपतियों से वन-टू-वन चर्चा के संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि 10 कम्पनियों की ओर से 36 हजार 600 करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए। इससे लगभग 27 हजार 800 नये रोजगार सृजित होंगे। प्रदेश में एजीआई ग्रीनपैक कम्पनी द्वारा पैकेजिंग इंजीनियरिंग सेक्टर में 1500 करोड़ रुपये, एक्सिस एनर्जी वेंचर्स इंडिया कम्पनी द्वारा नवीकरणीय ऊर्जा सेक्टर में 29 हजार 500 करोड़ रुपये, अनंत टेक्नालॉजीज कम्पनी द्वारा एयरो स्पेस सेक्टर में एक हजार करोड़, ऑटोमेटस्की सॉल्यूशंस कम्पनी द्वारा आईटी सेक्टर में एक हजार करोड़, कोलावेरी इंक कम्पनी द्वारा फार्मा एण्ड ट्रेडिंग सेक्टर में एक हजार करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव‍दिए गए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि हैदराबाद में ग्रीनको कम्पनी के मुख्यालय का दौरा भी किया। यह कम्पनी प्रदेश में रिन्यूएबल एनर्जी में बड़ा काम कर रही है। ग्रीनको ने पिछले 10 वर्षों में 3 हजार मेगावॉट क्षमता वाले नवकरणीय ऊर्जा प्रोजेक्ट स्थापित किए हैं। आने वाले समय में कंपनी द्वारा 5 वर्षों में 25 हजार करोड़ के निवेश की योजना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भारत में जन्मी मादा चीता 'मुखी' द्वारा 5 शावकों को जन्म देने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए बताया कि प्रदेश में चीता अफ्रीका से लाये गये थे। उनकी भारत में जन्मी अगली पीढ़ी ने शावकों को जन्म दिया है। यह उपलब्धि भारतीय वनों में चीता प्रजाति के अनुकूलन का महत्वपूर्ण संकेतक है। यह भारतीय आवासों में चीता प्रजाति के अनुकूलन, स्वास्थ्य और दीर्घकालिक संभावनाओं का एक मजबूत संकेतक है। इससे देश में जैव विविधता के संरक्षण लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए हो रहे प्रयासों को प्रोत्साहन मिलेगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश के लिये यह गौरव का विषय है। उन्होंने मंत्रि-परिषद के साथियों को इस उपलब्धि के लिए बधाई दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि एक नवम्बर को पीएमश्री पर्यटन हेली सेवा के शुभारंभ से प्रदेश ने हवाई पर्यटन के एक नए युग में प्रवेश किया है। इससे यात्रा अब अधिक तेज, सुरक्षित, किफायती और सुगम होगी। इस सेवा का नियमित संचालन 20 नवंबर से प्रारंभ हो गया है। इससे धार्मिक, वाईल्ड लाइफ और वेलनेस सेक्टर में हवाई कनेक्टिविटी की सुविधा उपलब्ध होगी। धार्मिक सेक्टर के अंतर्गत इंदौर उज्जैन ओंकारेश्वर के मध्य हवाई सेवा का संचालन होगा। श्रद्धालु एक ही दिन में भगवान महाकाल और ओंकारेश्वर दोनों ज्योर्तिलिंग के दर्शन कर सकेंगे। वेलनेस सेक्टर के अंतर्गत भोपाल, मढ़ई, पचमढ़ी के मध्य हवाई सेवा का संचालन होगा। वाइल्डलाईफ सेक्टर के अंतर्गत जबलपुर, मैहर, चित्रकूट, अमरकंटक, कान्हा, बांधवगढ़ से हेलीकॉप्टर सेवा का संचालन किया जा रहा है।  

प्रदेश के जिला मुख्यालयों में राज्य जैव विविधता क्विज-2025 का आयोजन

भोपाल  जैवविविधता जागरूकता एवं संरक्षण के उद्देश्यों की पूर्ति के लिये मध्यप्रदेश राज्य जैवविविधता बोर्ड, भोपाल एवं वन विभाग के संयुक्त तत्वाधान में 25 नवम्बर 2025 को प्रदेश के समस्त 55 जिला मुख्यालयों में मध्यप्रदेश राज्य जैवविविधता क्विज-2025 का जिला स्तरीय आयोजन लिखित परीक्षा के माध्यम से ऑफलाईन आयोजित किया गया। जिला स्तरीय क्विज़ प्रतियोगिता प्रदेश के समस्त जिलों में क्षेत्रीय वनमण्डलाधिकारियों के निर्देशन मे सफलतापूर्वक आयोजित की गई। प्रतियोगिता में समस्त जिलों के नामांकित नोडल अधिकारियों, क्विज़ समन्वय अधिकारियों, विद्यालयों के प्राचार्य, शिक्षकों एवं स्थानीय प्रशासन द्वारा सराहनीय सहयोग प्राप्त हुआ। जिला स्तरीय जैवविविधता क्विज प्रतियोगिता में प्रदेश के सभी 55 जिलों की कुल 3,720 विद्यालयीन टीमों के 11,160 विद्यार्थियों द्वारा प्रतिभागिता की गई। प्रत्येक जिले की प्रथम द्वितीय एवं तृतीय विजेता टीमों को समापन समारोह मे प्रमाण-पत्र एवं ट्रॉफी पदक से सम्मानित किया गया एवं शेष सभी पंजीकृत टीमों के प्रतिभागियों को क्विज सहभागिता प्रमाण-पत्र वितरित किया जाकर कार्यक्रम का समापन किया गया। अगले चरण में सभी जिलों में प्रथम रही 55 टीमों 12 दिसम्बर 2025 को आयोजित राज्य स्तरीय जैवविविधता क्विज प्रतियोगिता में भाग लेगी।  

एमपी ट्रांसको में बड़ी उपलब्धि, प्रोटेक्शन सेल पूरी तरह डिजिटल हुआ: ऊर्जा मंत्री

एम.पी. ट्रांसको का प्रोटेक्शन सेल 100 प्रतिशत डिजिटल : ऊर्जा मंत्री  तोमर तकनीकी मजबूती के साथ बढ़ी ट्रांसमिशन नेटवर्क की रियल-टाइम सुरक्षा भोपाल  ऊर्जा मंत्री  प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बताया है कि भारत सरकार के डिजिटल इंडिया विजन के तहत मध्यप्रदेश पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी (एम.पी. ट्रांसको) के प्रोटेक्शन सेल अब पूरी तरह डिजिटल हो। प्रदेश में 42 हजार किलोमीटर से अधिक लंबी ट्रांसमिशन लाइनों, 417 एक्स्ट्रा हाईटेंशन सब स्टेशनों के 1000 से अधिक पॉवर ट्रांसफार्मरों की हर पल निगरानी एवं सुरक्षा सुनिश्चित करने वाले प्रोटेक्शन सेल का समूचा कार्य अब पूर्णतः डिजिटली संचालित हो रहा है। ऊर्जा मंत्री  तोमर ने एम.पी. ट्रांसको को यह बड़ी उपलब्धि हासिल करने पर बधाई देते हुये इसे तकनीकी आधुनिकीकरण की दिशा में एक बड़ा महत्वपूर्ण कदम बताया है। मोबाइल, गूगल सीट का हो रहा उपयोग एम.पी. ट्रांसको के  मुख्य अभियंता अमर कीर्ति सक्सेना  ने बताया कि प्रोटेक्शन सेल के डिजिटल होने के बाद सभी फाल्ट रिपोर्ट, इवेंट डेटा, डिस्टर्बेंस रिकॉर्ड, ट्रेकिंग फाइलें तथा एनालिटिकल रिपोर्ट अब मोबाइल, ईमेल या गूगल शीट के माध्यम से तुरंत उपलब्ध हो जाती हैं। किसी भी लाइन-फाल्ट, उपकरण फेल्यूअर या ओवर-लोडिंग की स्थिति में रियल-टाइम अलर्ट सीधे संबंधित अभियंताओं तक पहुँचने से निर्णय लेने की गति बढ़ी है और ट्रिपिंग एवं ब्रेक डाउन की स्थिति को नियंत्रित किया जा सका है। इस पूरी प्रक्रिया के डिजिटल होने से फॉल्ट लोकेशन की सटीक पहचान अब कुछ ही मिनटों में संभव है। प्रोटेक्शन सेल और फील्ड टीमें अब इंटीग्रेटेड डिजिटल नेटवर्क से जुड गई है। डेटा एनालिटिक्स के आधार पर प्रीवेंटिव मेंटेनेंस अधिक व्यवहारिक हो गया है, जिससे प्रदेश के ट्रांसमिशन नेटवर्क की विश्वसनीयता और स्थिरता को सुदृढता प्राप्त हुई है।  

पंडित धीरेंद्र शास्त्री की कथा में भारत की एकता पर जोर, जात-पात को त्यागने का दिया संदेश

शिवपुरी   बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री की कथा की शुरुआत शिवपुरी के नर्सरी ग्राउंड में हुई. गुरुवंदना और कथा की पारंपरिक आरती के बाद बागेश्वर बाबा धीरेंद्र शास्त्री ने कृष्ण भजन के साथ अपने मुखारविंद से श्रीमद् भागवत गीता के पाठ की गंगा प्रवाहित की. इस दौरान उन्होंने वैचारिक हिंदू राष्ट्र की बात पर जोर दिया और यह भी कहा कि जो राम का नहीं वो हमारा नहीं. विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल हुए धीरेंद्र शास्त्री कथा शुरू होने से पहले शास्त्री करैरा पहुंचे, जहांसाध्वी चित्रलेखा की कथा के अंतिम दिन उन्होंने बगीचा वाली काली मां और बगीचा वाले हनुमान के दर्शन किए. यहां उन्होंने कहा कि वह एक वर्ष के भीतर करैरा में पुनः कथा करने आएंगे. इसके बाद वे शिवपुरी कथा स्थल पहुंचे, जहां प्रथम दिन की आरती में वाल्मीकि समाज को मंच दिया गया. राम का विरोध करने वालों को त्यागना जरूरी शहर में पहली हो रही श्रीमद् भागवत पुराण कथा कर रहे बागेश्वर धाम के पीठाधीश पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि वैचारिक रूप से हिंदू राष्ट्र बनाना जरूरी है और इसके लिए वह दिन रात काम कर रहे हैं. उन्होंने कहा, '' जो राम का नहीं उसे त्यागना जरूरी है और वह हमारा नहींअगर हम त्यागी बनना चाहते हैं तो राम का विरोध करने वालों को त्यागना जरूरी है.'' उन्होंने कहा कि हमें जब तक चैन नहीं मिलेगा तब तक हम अपने घर को सुरक्षित नहीं कर लेंगे. जात-पात, ऊंच-नीच नहीं, अखंड भारत को सोचो : धीरेंद्र शास्त्री उन्होंने मध्य प्रदेश को अपना घर बताते हुए कहा कि मध्य प्रदेश का हर जिला जब तक हिंदू राष्ट्र की पहल नहीं होगी तब तक हम भारत को अखंड भारत और हिंदू राष्ट्र बनाने के मिशन में सफल नहीं होंगे. शिवपुरी के नर्सरी ग्राउंड में हो रही श्रीमद् भागवत कथा का वाचन करते हुए धीरेंद्र शास्त्री ने उन तमाम मुद्दों का जिक्र किया जिनके लिए वह जाने जाते हैं. पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने कहा, '' हमें जाती-पाती और ऊंच नीच से ऊपर उठकर भारत को अखंड भारत के साथ हिंदू राष्ट्र में बदलने के लिए एक साथ खड़े होने की जरूरत है.'' बगीचा वाले सरकार पर माथा टेका पंडित धीरेंद्र शास्त्री पहले शिवपुरी जिले के करेरा में स्थित प्रख्यात हनुमान मंदिर बगीचा वाले सरकार पर पहुंचे और उन्होंने वहां माथा टेकाइस दौरान वहां करैरा में चल रही चित्र लेखा जी भागवत कथा के अंतिम अध्याय का श्रवण करते हुए उन्होंने अपनी कथा का शिवपुरी पहुंचकर आगाज किया धमाके होते रहे और हम चलते रहे- शास्त्री कथावाचक पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने कहा, '' हम कोई प्रोटोकॉल लेकर नहीं चलते बिल्कुल साधारण इंसान हैं और एक मानव होने के नाते मानवता के लिए काम कर रहे हैं. हम फरीदाबाद में हुए धमाकों से डरे नहीं बल्कि चलते रहे और अपनी यात्रा को पूरा करने की कोशिश में लग रहे.'' पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने कहा, '' वह लगातार अपने मिशन में आगे बढ़ रहे हैं और लाखों लाखों लोग भारत को हिंदू राष्ट्र बनाने के लिए संकल्पित हो रहे हैं, जो उनके प्रयास की सफलता का प्रमाण है.

रतलाम के भक्तों की अद्भुत कलाकारी: 38 करोड़ राम नाम से सजा अयोध्या धाम, रिकॉर्ड की तैयारी

रतलाम  राम जानकी विवाह पंचमी के शुभ अवसर पर अयोध्या में भगवान रामलला के मंदिर पर धर्म ध्वजा की स्थापना की गई. इस शुभ अवसर पर रतलाम के अयोध्या धाम में भक्तों द्वारा कागज पर 38 करोड़ बार 'राम' नाम लिखकर अद्भुत साज-सज्जा की गई है. राम जानकी के मंदिर को राम नाम लिखे रंग-बिरंगे पन्नों से सजाया गया है. इन पर राम नाम को लिखने और सजाने का कार्य रतलाम और आसपास के क्षेत्र के राम भक्तों ने किया है. इस सजावट को देखने और प्रभु श्री राम के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ मंदिर में उमड़ पड़ी थी. नोटों से नहीं राम नाम की दौलत से सजाया मंदिर रतलाम के प्रसिद्ध महालक्ष्मी मंदिर को धनतेरस पर नोटों के बंदनवार से सजाया जाता है. इसी तरह भगवान राम के मंदिर को 'राम' नाम के धन के वैभव से सजाया गया है. अयोध्या धाम मंदिर समिति के शैलेंद्र सोनी के अनुसार, 38 करोड़ से अधिक राम नाम लिखे रंग-बिरंगे कागजों से मंदिर की साज-सज्जा की गई है. इसके लिए श्रद्धालुओं ने दिन रात मेहनत कर रंग-बिरंगे राम नाम लिखे पन्नों से बंदनवार बनाने और सुंदर कलाकृतियां बनाने का काम किया. शैलेंद्र सोनी ने बताया कि "यह विश्व में ऐसा पहला आयोजन है. इसके लिए गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड के लिए भी आवेदन किया गया है. उम्मीद है कि यह अनोखा राम नाम का विश्व कीर्तिमान जरूर बनेगा." राम जानकी विवाह पंचमी के मौके पर विशेष आयोजन राम जानकी विवाह पंचमी के पावन अवसर पर अयोध्या में भगवान राम लाल के मंदिर पर ध्वजा स्थापित करने का काम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपस्थिति में संपन्न हुआ. देश के अन्य राम मंदिरों में भी अलग-अलग आयोजन हो रहे हैं. इस अवसर पर रतलाम के अमृत सागर गढ़ कैलाश स्थित अयोध्या धाम मंदिर में विशेष आयोजन किया गया और राम नाम की अनोखी सज्जा भी की गई है. इस खास आयोजन और राम नाम लिखे पन्नों से बनी कलाकृतियों को देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंचे.

संस्कृति की रंगो-महक से फिर गुलज़ार होगा ‘विश्व रंग’

 म.प्र. के राज्यपाल और मॉरिशस के पूर्व राष्ट्रपति 27 नवंबर को करेंगे सातवें महोत्सव का शुभारंभ    भोपाल जाड़े की गुलाबी दस्तक के साथ एक बार फिर भोपाल की वादियाँ विश्व रंग से गुलज़ार हो रही हैं। टैगोर अन्तरराष्ट्रीय साहित्य तथा कला महोत्सव अपनी सातवीं पादान तय करता चार दिनों तक विभिन्न गतिविधियों का अनूठा ताना-बाना लिए रवीन्द्र भवन के विशाल परिसर में आयोजित होगा। रबीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय, विश्वरंग फाउण्डेशन और उसके सहयोगी केन्द्रों की पहल पर म.प्र. शासन संस्कृति विभाग सहित देश-विदेश की पचास से भी अधिक संस्थाओं की भागीदारी से यह विशाल समागम आकार ले रहा है। भारत के विभिन्न क्षेत्रों के मूर्धन्य चिंतकों, विचारकों और विशेषज्ञों के साथ ही विश्व के 35 से भी अधिक देशों के प्रतिनिधि यहाँ साझा संस्कृति की मिसाल पेश करेंगे। किसी भी अशासकीय संस्था के संयोजन में होने वाला यह एशिया का सबसे बड़ा सांस्कृतिक कुंभ है। 27 से 30 नवंबर के दरमियान इस महोत्सव में अस्सी से भी अधिक सत्र संवाद, विचार, विमर्श और कलात्मक अभिव्यक्ति का खुला मंच साबित होंगे।  यह जानकारी विश्व रंग के महानिदेशक तथा रबीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय के कुलाधिपति संतोष चौबे ने प्रेस वार्ता में दी। संवाददाताओं को संबोधित करते हुए श्री चौबे ने बताया कि 2019 में शुरू हुई विश्व रंग की यात्रा अपने सातवें चरण पर और भी व्यापक, विस्तृत और बहुरंगी हो गयी है। भोपाल से शुरू हुआ यह कारवाँ मॉरिशस, श्रीलंका, नई दिल्ली और मुंबई होता हुआ नई उर्जा और नए आत्मविश्वास से भरकर पुनः भोपाल लौटा है। 27 नवंबर को रंगारंग विश्व रंग शोभा यात्रा के बाद शाम 6 बजे म.प्र. के राज्यपाल माननीय मंगुभाई पटेल की गरिमामयी उपस्थिति में इस महोत्सव का शुभारंभ होगा। इस अवसर पर मॉरिशस के पूर्व राष्ट्रपति श्री पृथ्वीराज सिंह रूपन, म.प्र. के संस्कृति मंत्री श्री धर्मेन्द्र भावसिंह लोधी और रबीन्द्रनाथ टैगोर वि.वि. के कुलाधिपति श्री संतोष चौबे विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे।  पत्रकार वार्ता को विश्व रंग के सहनिदेशक तथा स्कोप स्किल ग्लोबल युनिव्हर्सिटी के चांसलर डॉ. सिद्धार्थ चतुर्वेदी, आईसेक्ट ग्रुप ऑफ़ युनिव्हर्सिटी की निदेशक डॉ. अदिति चतुर्वेदी वत्स, मध्यप्रदेश संस्कृति संचालनालय डॉ पूजा शुक्ला, प्रवासी साहित्य एवं संस्कृति शोध केन्द्र के निदेशक डॉ. जवाहर कर्नावट तथा टैगोर विश्व कला एवं संस्कृति केन्द्र के निदेशक विनय उपाध्याय ने भी संबोधित किया। श्री चौबे ने बताया कि देश-दुनिया के एक हज़ार से भी अधिक भाषाविद्, साहित्यकार, शिक्षा शास्त्री, विज्ञान-तकनीकी विशेषज्ञ, आलोचक, संस्कृतिकर्मी, पर्यावरणविद् सहित मीडिया, कला, सिनेमा और मनोरंजन जगत की जानी-मानी हस्तियाँ विश्व रंग का हिस्सा बनेंगी। विरासत और आधुनिकता के इस अद्वितीय संगम में ज्ञान-विज्ञान की नई दिशाओं की ओर बढ़ते विश्व की नई इबारतों को पढ़ना दिलचस्प होगा। विश्व रंग इस अर्थ में संवाद का एक विशाल मंच तैयार कर रहा है। विश्व रंग के सहनिदेशक डॉ. सिद्धार्थ चतुर्वेदी ने बताया कि इस महोत्सव की लोकप्रियता का ग्राफ उत्तरोत्तर बढ़ता गया है। सातवें संस्करण से जुड़ने के लिए विश्व रंग पोर्टल पर हज़ारों लोगों ने रजिस्ट्रेशन करवा लिया है। इस आकर्षण की वजह विश्व रंग की लोकतांत्रिक छवि है। यहाँ हर पीढ़ी की रूचि, जिज्ञासा और मनोरंजन के अनुकूल गतिविधियाँ हैं। डॉ. सिद्धार्थ ने बताया कि विश्व रंग जितना पारंपरिक है उतना ही अपने नवाचार में आधुनिक भी। नए विषय और नए विशेषज्ञों की भागीदारी इसे अपने समय में प्रासंगिक बना रही है। उन्होंने फैज़ल मलिक, दिव्या दत्ता, स्वानंद किरकिरे, राधाकृष्ण पिल्लै, प्रिया मलिक, नीलोत्पल मृणाल, सौरभ द्विवेदी, देवदत्त पटनायक, सुमित अवस्थी, पुष्पेष पंत आदि का जि़क्र करते हुए कहा कि इन शख़्सियतों ने विश्व रंग के आमंत्रण को आत्मीयता से स्वीकार किया है। ये आज के युवाओं के मोटीवेटर और मेंटर हैं। विश्व रंग के बहुरंगी विन्यास की महत्वपूर्ण गतिविधियाँ साझा करते हुए सहनिदेशक डॉ. अदिति चतुर्वेदी वत्स ने बताया कि शुभारंभ संध्या 27 नवंबर का प्रमुख आकर्षण श्रीकृष्ण लीला का भव्य मंचन है। इसे नई दिल्ली के श्रीराम कला केन्द्र के कलाकारों की बड़ी टीम लाईट एण्ड साउण्ट के स्पेशल इफेक्ट्स के साथ प्रस्तुत करेगी। समापन दिवस 30 नवंबर को राजमाता अहिल्याबाई की जीवन गाथा पर केन्द्रित महानाट्य ‘अहिल्या रूपेण संस्थिता’ का मंचन रवीन्द्र भवन के अंजनी सभागार में होगा। प्रयास रंग समूह नागपुर के पचास से भी अधिक कलाकारों ने इसे प्रसिद्ध रंगकर्मी प्रियंका शक्ति ठाकुर के निर्देशन में तैयार किया है। इसके अलावा जनजातीय प्रकोष्ठ ‘आदिरंग’ में पारंपरिक शिल्पों, नृत्य-संगीत तथा हेरीटेज फ़िल्मों- चंदेरी, गणगौर और संजा के प्रदर्शन होंगे।  प्रवासी साहित्य तथा संस्कृति शोध केन्द्र के निदेशक डॉ. जवाहर कर्णावट ने ‘विश्व रंग’ में प्रतिभागी देशों और उनकी प्रस्तुतियों का विवरण दिया। उन्होंने बताया कि कनाडा, अमेरिका, बेल्जियम, नीदरलैंड, यूक्रेन, इटली, स्वीडन, यूके, कुवैत, म्यांमार, इंडोनेशिया, नेपाल, थाईलैंड, श्रीलंका, आर्मेनिया, रूस, जापान, बांग्लादेश, त्रिनिदाद, गयाना, इजिप्ट, ताजिकिस्तान, उज़्बेकिस्तान, वियतनाम, थाईलैंड, साउथ अफ्रीका, सूरीनाम स्लोवाक, रोमानिया, कतर आदि 35 से अधिक देशों के 60 प्रतिनिधि विश्व रंग में सम्मिलित होंगे। यूक्रेन का आठ विद्यार्थियों का दल हिंदी नाटक प्रस्तुत करेगा। वहीं गिरमिटिया देश में भारतीयों की विकास यात्रा पर आधारित प्रदर्शनी 'कुली से कुलीन' तक को देखना दुर्लभ अनुभव होगा। इसे शोधार्थी दीप्ति अग्रवाल ने संयोजित किया है।  टैगोर विश्व कला एवं संस्कृति केन्द्र के निदेशक विनय उपाध्याय ने विश्व रंग के सांस्कृतिक प्रकल्प ‘मंगलाचरण’ और ‘पूर्वरंग’ की गतिविधियाँ साझा की। उन्होंने बताया कि ध्रुपद गुरूकुल संस्थान द्वारा ध्रुपद वृन्द, अनिरूद्ध जोशी द्वारा सितार पर लोक संगीत, उमेश तरकसवार के संयोजन में स्वाधीनता संग्राम के गीतों पर आधारित ‘देश राग‘ और राजीव सिंह द्वारा ‘सतवाणी’ अध्यात्मिक संगीत की प्रस्तुतियाँ भारतीय संस्कृति की सुरम्य विरासत का जीवंत साक्ष्य बनेंगी। गुरूदेव रबीन्द्रनाथ टैगोर की सरज़मीं के बांग्ला संगीत की अनुगूँजों को समेटे कोलकाता के शुभव्रत सेन उपस्थित रहेंगे, तो मध्यप्रदेश बुंदेलखंड और मालवा की मटियारी चहक-महक लिए लोक कलाकारों के दल भी विश्व रंग के आंगन को रौशन करेंगे।  विश्व रंग मानद अलंकरण  हिन्दी सहित अन्य भारतीय भाषाओं में श्रेष्ठ सृजन करने और विश्व स्तर पर अपनी रचनात्मक उपस्थिति दर्ज करने वाली छः विभूतियों को विश्व रंग मानद अलंकरण से विभूषित किया जाएगा। इस बार के चयनित साहित्यकारों में श्रीमती ममता कालिया (हिन्दी), श्री हरीश मीनाश्रु (गुजराती), श्री चन्द्रभान खयाल (उर्दू), श्री एच. एन. शिवप्रकाश (कन्नड़), श्री लक्ष्मण गायकवाड़ (मराठी) और श्री परेश नरेन्द्र कामत (कोंकणी) शामिल हैं। 27 नवंबर की शाम विश्व रंग के उद्‌घाटन सत्र में अलंकरण … Read more