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ट्रक और कार की टक्कर में गुना में तीन दोस्तों की दर्दनाक मौत

गुना   गुना में गुरुवार सुबह दर्दनाक सड़क हादसा हुआ। जहां बजरंगगढ़ थाना क्षेत्र में तेज रफ्तार कार ट्रक से टकरा गई। इस दर्दनाक हादसे में तीन लोगों की मौत हो गई। जबकि चार अन्य लोग घायल हो गए। जिन्हें गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है। दरअसल, गुना-आरोन रोड पर बजरंगगढ़ गांव के पास यह हादस सुबह करीब 3 बजे हुई। जब सात दोस्त एक कार में सवार होकर आरोन से गुना की तरफ निकले थे। इसी दौरान उनकी कार ट्रक से भिड़ गई। टक्कर इतनी भीषण थी की कार पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। वहीं, तीन दोस्तों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। क्या बोले अधिकार? इस घटना को लेकर एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि पीड़ित एक शादी में शामिल होने के लिए आरोन से गुना आ रहे थे, जब उनकी कार आगे चल रहे एक ट्रक से टकरा गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार में सवार तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। दो की हालत गंभीर अधिकारी ने बताया कि पुलिस को अंदर फंसे लोगों को बाहर निकालने के लिए गैस कटर का इस्तेमाल करना पड़ा। उन्होंने बताया कि चार घायलों में से दो की हालत गंभीर है। उन्हें इलाज के लिए भोपाल रेफर किया गया है। 

बलिदान देने वाले आशीष शर्मा को अंतिम श्रद्धांजलि, बालाघाट में एसपी और जवान भावुक

 बालाघाट  बुधवार को माओवादी मुठभेड़ में सर्वोच्च बलिदान देने वाले हाकफोर्स निरीक्षक आशीष शर्मा की गुरुवार सुबह श्रद्धांजलि यात्रा निकाली गई। यह यात्रा शहर के आंबेडकर चौक से पुलिस लाइन तक निकाली गई। यात्रा में बड़ी संख्या में हाकफोर्स, सीआरपीएफ, कोबरा और जिला पुलिस बल के जवानों के साथ कलेक्टर मृणाल मीना, राजनेता व आम लोग भी शामिल हुए। बलिदानी आशीष की पार्थिव देह फूलों से सजे शव वाहन में रखकर पुलिस लाइन तक लाई गई। इस दौरान जवानों के चेहरे पर जाबांज साथी को खोने का दुख झलक रहा था। बलिदानी आशीष के परिजनों के साथ कई जवान भी रो पड़े। पुलिस अधीक्षक आदित्य मिश्रा भी खुद को नहीं संभाल सके और अपने साहसी, निर्भीक और वीरता पदक विजेता जवान को खोने पर उनके भी आंसू छलक पड़े। जवानों ने एसपी के गले लगकर एक-दूसरे को ढांढस बांधा। पुलिस लाइन में बलिदानी आशीष शर्मा को सभी ने बारी-बारी से पुष्प अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी। राजकीय सम्मान के साथ होगा अंतिम संस्कार जानकारी के अनुसार, बालाघाट पहुंचे बलिदानी के परिजन श्रद्धांजलि यात्रा के बाद आशीष शर्मा का शव अपने साथ पैतृक गांव बोहानी (नरसिंहपुर) ले गए। यहीं, उनका राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार होगा। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी शामिल होंगे। बता दें कि दो बार के वीरता पदक विजेता निरीक्षक आशीष शर्मा 19 नवंबर को छत्तीसगढ़ के बोरतालाब के जंगल क्षेत्र में माओवादियों से हुई मुठभेड़ में बलिदान हो गए थे। वह बालाघाट की किन्ही चौकी के प्रभारी थे। बुधवार को हुए ज्वाइंट ऑपरेशन को आशीष शर्मा ही लीड कर रहे थे। जनवरी में होनी थी शादी… 29 की उम्र में 2 बार मिल चुके थे गैलेंट्री अवॉर्ड छत्तीसगढ़-MP बॉर्डर पर नक्सलियों के साथ एनकाउंटर में मध्य प्रदेश के पुलिस इंस्पेक्टर आशीष शर्मा शहीद हो गए. हॉकफोर्स की बालाघाट यूनिट के इंस्पेक्टर नरसिंहपुर के बोहानी गांव के निवासी थे. जनवरी में आशीष की शादी होनी थी.  बालाघाट में पदस्थ DSP संतोष पटेल ने लिखा, ''नमन है उस मां को जो कल तक शाम को बेटे से बात करती रही होगी कि एक माह बाद शादी में क्या करेंगे..बहू का स्वागत ऐसे करेंगे और आज रो रही होंगी.'' शहीद इंस्पेक्टर आशीष शर्मा (29) के पिता देवेंद्र शर्मा किसान हैं और शर्मिला शर्मा गृहणी. छोटा भाई अंकित शर्मा पढ़ाई कर रहा है. 2016 में SAF में बतौर उप निरीक्षक (SI) भर्ती हुए आशीष 2018 में हॉकफोर्स में आए थे और नक्सलियों के खिलाफ कई सफल ऑपरेशन कर चुके थे.  साल 2022 में बालाघाट के हर्राटोला जंगल में इनामी नक्सली रूपेश उर्फ हुंगा का एनकाउंटर करने पर आशीष को गैलेंट्री मेडल से नवाजा गया. इसके अलावा, 2023 में कुख्यात नक्सली महिला सरिता और सुनीता को ढेर करने का खिताब भी उनके नाम दर्ज है. इसी साल फरवरी में तीन महिला नक्सलियों को मार गिराने के बाद आशीष को 'आउट ऑफ टर्न' प्रमोशन देकर इंस्पेक्टर बनाया गया था. फिलहाल, इंस्पेक्टर आशीष शर्मा बालाघाट की किरनापुर थाना इलाके की कीन्ही चौकी में पदस्थ थे.  राजनांदगांव (छत्तीसगढ़) रेंज के IG अभिषेक शांडिल्य ने बताया, MMC यानी महाराष्ट्र-मध्य प्रदेश-छत्तीसगढ़ जोन में नक्सलियों की मौजूदगी की सूचना पर दोनों राज्यों के सुरक्षाकर्मियों की एक जॉइंट टीम एंटी-नक्सल ऑपरेशन पर निकली थी.  इंटेलिजेंस इनपुट के आधार पर यह ऑपरेशन शुरू किया गया था.   छत्तीसगढ़ के बोरतलाव इलाके से सटे कंघुर्रा के जंगल में फायरिंग हुई. इस दौरान MP पुलिस की हॉक फोर्स के इंस्पेक्टर आशीष शर्मा गोलीबारी में घायल हो गए. पुलिस के मुताबिक, उन्हें इलाज के लिए छत्तीसगढ़ के डोंगरगढ़ एयरलिफ्ट किया गया, जहां उन्होंने दम तोड़ दिया.  शहीद के भाई को नौकरी देगी MP सरकार  MP के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने शर्मा की मौत पर दुख जताया और कहा कि नियमों के मुताबिक उनके परिवार के सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाएगी. उन्होंने कहा, "हमें नरसिंहपुर जिले के हमारे बहादुर सैनिक आशीष शर्मा के बारे में बहुत दुखद खबर मिली, जो छत्तीसगढ़ में नक्सलियों के खिलाफ एक जॉइंट ऑपरेशन के दौरान शहीद हो गए. सरकार इस दुख की घड़ी में उनके दुखी परिवार के सदस्यों के साथ है." CM यादव ने रिपोर्टर्स से कहा, "शहीद सैनिक के छोटे भाई को सरकारी नौकरी में भर्ती किया जाएगा और परिवार को सरकारी पॉलिसी के अनुसार सभी सुविधाएं और मदद दी जाएगी."  लेकिन उन्होंने कहा कि यह घटना केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई करने से सरकार को नहीं रोक पाएगी.

शहडोल में महंगाई का तड़का, ठंड के मौसम में टमाटर 60 रुपये और बैंगन के दाम दोगुने

शहडोल  नवंबर का महीना चल रहा है और कड़ाके की ठंड भी पड़ रही है. इन दिनों हरी सब्जियों के बढ़े हुए दामों ने आम जनता की जेब ढीली कर दी है. अचानक ही सब्जियों के बढ़े हुए दामों से लोगों का हाल-बेहाल है. जिस सीजन में हरी सब्जियों की भरमार होती है, आखिर अचानक से सब्जियों के दाम कैसे बढ़ गए, आईए जानते हैं. हरी सब्जियों के बढ़ गए दाम इन दिनों हरी सब्जियों के दाम अचानक ही बड़े हुए हैं. जिससे आम जनता का हाल बेहाल है. सर्दियों के सीजन में काफी संख्या में हरी सब्जियां आती हैं, लेकिन इस बार सब्जियों के दाम काफी चढ़े हुए हैं. सब्जी खरीदने बाजार आए रिंकू तिवारी बताते हैं कि, ''अब तक तो काफी हरी सब्जियां मंडी में आने लगती हैं. लेकिन इन दिनों अचानक सब्जियों के दाम काफी हाई हो गए हैं जिससे आम इंसान को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. क्योंकि हर सब्जी काफी महंगी हो चुकी है. कुछ सब्जियों को छोड़ दें तो ज्यादातर सब्जी यहां 50 रुपए किलो पर ही है.  जिससे रसोई का बजट बिगड़ गया है.'' आसमान छू रहे सब्जियों के दाम शहडोल में पिछले कई सालों से सब्जी बेचकर अपना घर परिवार चलाने वाले राम प्रताप साहू बताते हैं कि, ''वर्तमान में सब्जियों के दाम अचानक ही बढ़ गए हैं, इसका असर ये हुआ है कि जो ग्राहक हर दिन दो किलो से लेकर 5 किलो तक सब्जियों की खरीदी करते थे, वो ग्राहक भी अब एक पाव आधा किलो में आ गए हैं, अभी दो-तीन दिन पहले ही टमाटर अचानक से एक-दो दिन के लिए ₹80 प्रति किलो तक बिका है, लेकिन फिर एक दो दिन में ही दाम ₹20 तक दाम घट भी गए और अभी वर्तमान में खुले रेट में टमाटर ₹60 किलो बिक रहा है. बदलते मौसम ने सब्जियों के दाम कर दिए हाई आखिर अचानक ही हरी सब्जियों के दाम क्यों बढ़ गए, सब्जी व्यापारी अमित गुप्ता बताते हैं कि "इन दिनों सब्जी खाने वालों के लिए आलू प्याज ही एक बड़ा सहारा बने हुआ है, क्योंकि पिछले कई महीनों से आलू और प्याज के दाम स्थिर हैं. आलू जहां वर्तमान में खुले रेट में 25 रुपए किलो की दर से बिक रहा है, वहीं प्याज 20 रुपए प्रति किलो की दर से बिक रही है, इस बार आलू प्याज के दाम नहीं बढ़े हैं. लेकिन हरी सब्जियों के दाम बढ़ गए हैं." सब्जियों की क्वालिटी में गिरावट पिछले कई सालों से सब्जियों की खेती करने वाले किसान राम सजीवन कचेर बताते हैं कि "अचानक से हरी सब्जियों के दाम बढ़ने की वजह ये है कि पिछले कुछ दिनों में जो बारिश हुई है, उससे मौसम में परिवर्तन हुआ है. उससे किसानों की सब्जियों की फसल में फर्क पड़ा है, सब्जियां भी अधिक मात्रा में और अच्छी क्वालिटी में आ नहीं रही हैं, जिससे सब्जियों के दाम बढ़े हुए हैं. एक तरह से कहा जाए तो लोकल सब्जियां भी उतनी मात्रा में आ नहीं पा रही हैं." सब्जी मंडी में बारिश का कहर अचानक इस बदले हुए मौसम और बारिश की वजह से खेतों में पानी भर गया है. फसल पर तरह-तरह के कीटों का अटैक हुआ है. जिससे किसानों की फसल का नुकसान तो हुआ ही है, साथ ही जो किसान सुबह-सुबह अलग-अलग वैरायटी की कई सब्जियां लेकर आ जाते थे. वह किसान अब ठंड से बचते नजर आ रहे हैं. फसलों में भी उनकी कमी आई है." सब्जी मंडी में बारिश का कहर अचानक इस बदले हुए मौसम और बारिश की वजह से खेतों में पानी भर गया है. फसल पर तरह-तरह के कीटों का अटैक हुआ है. जिससे किसानों की फसल का नुकसान तो हुआ ही है, साथ ही जो किसान सुबह-सुबह अलग-अलग वैरायटी की कई सब्जियां लेकर आ जाते थे. वह किसान अब ठंड से बचते नजर आ रहे हैं. फसलों में भी उनकी कमी आई है.

कान्हा और बांधवगढ़ तक पहुंचे अब मिनटों में, एमपी में पीएमश्री हेली पर्यटन सेवा का ट्रायल पूरा

भोपाल  मध्यप्रदेश में पर्यटन क्षेत्र को नई गति देने के उद्देश्य से PM श्री हेली पर्यटन सेवा का शुभारंभ आज से हो गया। इस सेवा के माध्यम से श्रद्धालुओं और पर्यटकों को प्रदेश के प्रमुख धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों तक कम समय में सुरक्षित और सुगम यात्रा की सुविधा मिलेगी। मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड द्वारा शुरू की गई इस पहल के साथ प्रदेश देश का पहला राज्य बन गया है जिसने इंटर-स्टेट हेलीकॉप्टर टूरिज़्म सेवा शुरू की है।  तीन रूटों पर होगी हेलीकॉप्टर सेवा हेली पर्यटन सेवा फिलहाल तीन सेक्टरों में प्रारंभ की गई है और यह सप्ताह में पांच दिन उपलब्ध रहेगी। यात्रा समय में उल्लेखनीय कमी होने से यात्रियों को अत्यधिक लाभ मिलेगा। उज्जैन में महाकाल दर्शन कुछ ही मिनटों में होंगे। वहीं, भोपाल से पंचमढ़ी करीब 1 घंटे और उज्जैन – ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग यात्रा 20–40 मिनट का समय लगेगा।  पंचमढ़ी में जॉय राइड सुविधा भी उपलब्ध रहेगी। एक हेलीकॉप्टर में 6 यात्री यात्रा कर सकेंगे।  सेवा की बुकिंग www.flyola.in, https://air.irctc.co.in/flyola  और https://transbharat.in/ पर उपलब्ध होगी।  मध्यप्रदेश में पीएमश्री हेली पर्यटन सेवा की शुरुआत आज, गुरुवार से हो गई है। टूरिस्ट 3 टाइगर रिजर्व- कान्हा, बांधवगढ़-STR (सतपुड़ा टाइगर रिजर्व) के साथ ईको टूरिज्म सेक्टर और स्पिरिचुअल सेक्टर में हेलिकॉप्टर से जा सकेंगे। सप्ताह में 5 दिन तक उड़ान रहेंगी। 1 नवंबर को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सेवा की औपचारिक शुरुआत कर दी थी, लेकिन नियमित उड़ानें 20 नवंबर से शुरू होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश के स्थापना दिवस कार्यक्रम में 20 नवंबर से हेलिकॉप्टर सेवा की शुरुआत करने की बात कही थी, लेकिन शेड्यूल में आज का दिन शामिल नहीं है। इसलिए आम व्यक्तियों के लिए बुकिंग नहीं की गई है। डबल इंजन वाले हेलिकॉप्टर नई हेलिकॉप्टर सेवा में शामिल सभी हेलिकॉप्टर डबल इंजन वाले हैं। ताकि, उसमें बैठे यात्री सुरक्षित रह सके। सुरक्षा के पैमाने जानने के लिए जनप्रतिनिधियों को पहले भोपाल से पचमढ़ी, मढ़ई के लिए सांसद दर्शनसिंह चौधरी, राज्यसभा सांसद माया नारोलिया, विधायक ठाकुर दास नागवंशी, विजय पाल सिंह आदि ने सफर किया। बकायदा, इनका वजन कितना है? यह भी जांचा गया। ताकि, हेलिकॉप्टर में ज्यादा वजन न हो। छोटे-छोटे रूट्स बनाए गए हैं। ताकि इमरजेंसी लैंडिंग की सुविधा हो। यही बैकअप स्थान चिन्हित किए गए हैं। पर्यटन को मिलेगा नया आयाम पर्यटन मंत्री धर्मेंद्र भाव सिंह लोधी ने कहा कि हेलि पर्यटन सेवा पर्यटन विकास की दिशा में महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक कदम है। इससे तीर्थयात्रियों को आसान यात्राएं मिलेंगी और प्रदेश के धार्मिक, वन्य एवं एडवेंचर पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। अतिरिक्त मुख्य सचिव शिव शेखर शुक्ला के अनुसार इस सेवा से पर्यटन क्षेत्र में निवेश बढ़ेगा। रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। पर्यटकों को शानदार और यादगार यात्रा अनुभव मिलेगा। पर्यटन विशेषज्ञों के अनुसार, हेलि पर्यटन सेवा से मध्यप्रदेश धार्मिक और प्राकृतिक पर्यटन का प्रमुख हब बनने की दिशा में एक और कदम आगे बढ़ गया है। जबलपुर में मंत्री ने किया सफर एयर कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए मध्य प्रदेश में पीएमश्री पर्यटन हेलिकॉप्टर सेवा शुरू हो गई है। विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल भेड़ाघाट से लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने सुबह 11.20 बजे इस सेवा का शुभारंभ किया। अब जबलपुर से कान्हा, बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व, धार्मिक स्थल मैहर, चित्रकूट और अमरकंटक पहुंचना आसार होगा। यह सेवा सप्ताह में पांच दिन रहेगी। केंद्रीय विमानन मंत्रालय और मप्र पर्यटन बोर्ड की देखरेख में फ्लाई ओला कंपनी इसका संचालन करेगी। जबलपुर से सोमवार, मंगलवार, शुक्रवार, शनिवार और रविवार को पर्यटक उड़ान भर सकेंगे। टूरिस्ट हब है महाकौशल इस मौके पर मंत्री सिंह ने कहा कि महाकौशल टूरिस्ट हब है। जहां पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। हवाई सेवा के माध्यम से यहां आने वाले पर्यटकों को बड़ी सुविधा मिल गई है। बहुत ऐसे पर्यटक आते हैं, जो कम समय में ज्यादा से ज्यादा स्थानों पर घूमना चाहते हैं, लेकिन सड़क मार्ग से यह मुमकिन न था। पीएमश्री हेलिकॉप्टर सेवा ने इस समस्या को खत्म कर दिया है। इससे जहां कम समय में ज्यादा से ज्यादा स्थानों तक पहुंचना आसान हो गया है, वहीं रोजगार भी बढ़ेगा। कंपनी के अधिकारी ने बताया कि भेड़ाघाट के पास हेलीकॉप्टर का बेस बनाया है। जहां से पर्यटकों को उनके पसंद के पर्यटन स्थल ले जाया जाएगा। इस सेवा के लिए अलग-अलग दूरी के हिसाब से किराया तय किया गया है। जबलपुर से सोमवार, मंगलवार, शुक्रवार, शनिवार और रविवार को पर्यटक उड़ान भर सकेंगे। सभी पर्यटन स्थलों में कंपनी ने हैलीकॉप्टर की सफल लैडिंग के लिए बेस बनाया है। पर्यटकों को पर्यटन स्थल के आसपास उतारने की व्यवस्था है। पर्यटक कंपनी के ऑनलाइन बुकिंग की सुविधा भी ले सकते हैं। आध्यात्मिक सेक्टर आध्यात्मिक सेक्टर के अंतर्गत इंदौर–उज्जैन– ओंकारेश्वर मार्ग को जोड़ा गया है। इंदौर से उज्जैन तक 20 मिनट की उड़ान का अनुमानित किराया 5 हजार रूपये, उज्जैन से ओंकारेश्वर तक 40 मिनट की उड़ान का किराया 6 हजार 500 और ओंकारेश्वर से इंदौर लौटने का किराया लगभग 5 हजार 500 रूपये रखा गया है। इस सेक्टर के माध्यम से श्रद्धालु एक ही दिन में महाकालेश्वर और ओंकारेश्वर दोनों ज्योर्तिलिंगों के दर्शन आसानी से कर सकेंगे। इको टूरिज्म सेक्टर  इको टूरिज्म सेक्टर में भोपाल से मढ़ई तक 40 मिनट की उड़ान का अनुमानित किराया 4 हजार रूपयेतथा मढ़ई से पचमढ़ी तक 20 मिनट की उड़ान का किराया 3 हजार रूपयेहै। इसके अतिरिक्त भोपाल से पचमढ़ी के लिए एक घंटे की सीधी उड़ान भी उपलब्ध रहेगी, जिसका किराया 5 हजार रूपयेप्रति यात्री है। पचमढ़ी में जॉय-राइड्स का विकल्प भी उपलब्ध होगा, जिससे प्रकृति–आधारित अनुभव और भी आकर्षक बनेगा। वाइल्डलाइफ़ सेक्टर  वाइल्डलाइफ़ सेक्टर में जबलपुर को कान्हा और बांधवगढ़ और से जोड़ा गया है। इनमें जबलपुर से मैहर की उड़ान का किराया 5 हजार रूपये,मैहर से चित्रकूट 2500 रूपये, जबलपुर से कान्हा 6,250 रूपये, बांधवगढ़ 3750 रूपये तथा अमरकंटक के लिए एक घंटे की उड़ान का किराया 5 हजार रूपये होगा। इस तेज कनेक्टिविटी से पर्यटक कम समय में अधिक स्थलों का भ्रमण कर सकेंगे। 

72वें अखिल भारतीय सहकारी सप्ताह का समापन करेंगे सहकारिता मंत्री विश्वास कैलाश सारंग

भोपाल  २० नवंबर २०२५ को भोपाल में अपेक्स बैंक के समन्वय भवन में प्रातः १०.०० बजे सहकारिता सप्ताह के समापन के अवसर पर राज्य स्तरीय कार्यक्रम में परिचालन दक्षता, जवाबदेही और पारदर्शिता के लिए डिजीटलीकरण को बढ़ावा देने बाबत विषय पर आयोजित कार्यक्रम को मुख्य अतिथि के रूप में मध्यप्रदेश के सहकारिता तथा खेलकूद एवं युवा कल्याण मंत्री  विश्वास कैलाश सारंग संबोधित करेंगे तथा कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रमुख सचिव सहकारिता  डी. पी.  आहूजा करेंगे । उक्त राज्य स्तरीय आयोजन में मध्यप्रदेश की सभी प्रादेशिक सहकारी संस्थाओं एवं सहकारी बैंकों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहेंगे । उक्त जानकारी अपेक्स बैंक के प्रबंध संचालक  मनोज गुप्ता ने दी ।

प्राध्यापकों के व्यक्तित्व एवं आचरण का अनुसरण करते हैं विद्यार्थी: उच्च शिक्षा मंत्री परमार

समाज एवं राष्ट्र के प्रति उत्तरदायी नागरिक निर्माण ही मिशन ‘कर्मयोगी बने’ का संकल्प : उच्च शिक्षा मंत्री परमार प्राध्यापकों के व्यक्तित्व एवं आचरण का अनुसरण करते हैं विद्यार्थी प्राध्यापकों के उत्तरदायित्व की सुनिश्चितता और विद्यार्थियों में रचनात्मकता एवं विविधता विकसित करने को लेकर हुआ विस्तृत मंथन उच्च शिक्षा मंत्री की अध्यक्षता में मंत्रालय में मिशन ‘कर्मयोगी बने’ की "सर्वोच्च परामर्शदायी समिति" की बैठक हुई भोपाल  शिक्षा का मूल ध्येय, समाज एवं राष्ट्र के प्रति उत्तरदायी नागरिक निर्माण करना है। हमारा विश्‍वास है कि मिशन 'कर्मयोगी बनें' के माध्‍यम से, यह संकल्‍प हम अवश्‍य पूर्ण कर पाएंगे। प्राध्यापकों के मन में अपने दायित्‍व को लेकर संवेदनशीलता का भाव विकसित करना आवश्‍यक है। उनके समक्ष समाज एवं राष्ट्र के उत्थान को लेकर संकल्पित लक्ष्य की सुनिश्चितता आवश्यक है तभी वे विद्यार्थियों के रूप में जिम्‍मेदार नागरिक तैयार कर पाएंगे। 'कर्मयोगी बनें' की अवधारणा न केवल प्राध्यापकों एवं विद्यार्थियों तक बल्कि धरातल पर समाजव्यापी बने, ऐसे प्रयास करने होंगें। यह बात उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री इन्दर सिंह परमार ने बुधवार को कही। मंत्री परमार उच्च शिक्षा अंतर्गत ‘कर्मयोगी बने’ की "सर्वोच्‍च परामर्शदायी समिति" की मंत्रालय में आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते हुए संबोधित कर रहे थे। उच्च शिक्षा मंत्री परमार ने उच्च शिक्षा विभाग अंतर्गत मिशन "कर्मयोगी बनें" के प्रभावी क्रियान्वयन के परिप्रेक्ष्य में देश के लब्धप्रतिष्ठ विद्वतजनों की वर्चुअल उपस्थिति में "सर्वोच्च परामर्शदायी समिति" की बैठक लेकर विभिन्न महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तृत चर्चा की। मंत्री परमार ने कहा कि प्रदेश में शिक्षा व्‍यवस्‍था में गुणवत्ता सुधार के लिए हम दृढ़ संकल्पित है। इसी परिप्रेक्ष्य में मूल्‍यांकन प्रणाली में सुधार एवं पारदर्शिता लाने के लिए डिजिटल मूल्‍यांकन की व्‍यवस्‍था लागू करने का प्रयास कर रहे हैं। परमार ने बताया कि प्रदेश के समस्त सार्वजनिक विश्वविद्यालय, मूल्यांकन में क्रेडिट के साथ जोड़कर भारतीय भाषाओं को सिखाने की कार्य योजना पर भी कार्य कर रहे हैं, इससे भाषाई एकात्मता का संदेश प्रदेश से देश भर में गुंजायमान होगा। उच्च शिक्षा मंत्री परमार ने उच्च शिक्षा में प्राध्यापकों एवं विद्यार्थियों की जवाबदेही सुनिश्चित करने को लेकर "कर्मयोगी बनें" के विज़न (दृष्टि) को रेखांकित किया। मंत्री परमार ने कहा कि प्रदेश में उच्च शिक्षा की गुणवत्ता एवं जवाबदेहिता के लिए, राज्य सरकार संकल्पित है। उच्च शैक्षणिक संस्थानों के परिवेश को गुणवत्तापूर्ण, सर्वसाधन सम्पन्न, विद्यार्थी अनुकूल, उत्कृष्ट एवं सकारात्मक बनाने के प्रयास लगातार जारी हैं। मंत्री परमार ने कहा कि विद्यार्थियों के समग्र विकास के लिए सहानुभूति एवं सख्ती दोनों के समन्वय के साथ, विद्यार्थी केंद्रित कार्ययोजना बनाने की आवश्यकता है। मंत्री परमार ने कहा कि प्राध्यापक के प्रति विद्यार्थी का लगाव बने और विद्यार्थी, प्राध्यापक के आचरण एवं व्यक्तित्व का अनुसरण करें, इसके लिए प्राध्यापकों को अपनी जवाबदेहिता स्वतः भी सुनिश्चित करनी होगी। प्राध्यापकों के लिए भी सहानुभूति एवं सख्ती दोनों के समन्वय के साथ, शिक्षक प्रशिक्षण के लिए कार्य योजना बनाने की आवश्यकता है। मंत्री परमार ने वर्चुअल रूप से जुडे समिति के सभी सदस्‍यों को आश्वस्त किया कि समिति द्वारा सुझाए गए विषयों पर विभाग द्वारा गंभीरतापूर्वक कार्य योजना बनाकर क्रियान्वयन किया जाएगा एवं समिति को एक रिपोर्ट प्रस्तुतीकरण के माध्‍यम से इस बारे में अवगत कराया जाएगा। मंत्री परमार ने अधिकारियों को बैठक में प्राप्त समस्त सुझावों एवं परामर्शों पर क्रियान्वयन सुनिश्चित कर, क्रियान्वयन का प्रेजेटेंशन तैयार करने के निर्देश भी दिए। अपर मुख्य सचिव उच्च शिक्षा अनुपम राजन ने कहा कि विद्यार्थियों की उपस्थिति को बढाने के लिए निरन्‍तर प्रयास किए जा रहे हैं। उन्‍होंने बताया कि विभाग के लगातार प्रयासों के कारण प्रदेश के लगभग 4 लाख विद्यार्थी स्‍वयं पोर्टल पर पंजीयन कर चुके हैं। एसीएस राजन ने बताया कि समिति के सुझाव को देखते हुए विभाग, शिक्षकों को सम्‍मानित एवं पुरस्कृत करने की योजना बना रहा है। आयुक्‍त उच्‍च शिक्षा प्रबल सिपाहा ने कहा कि विभाग निरन्‍तर मूल्‍यपरक एवं गुणवत्‍तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के लिए प्रयासरत है। राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद् (NAAC) बेंगलुरू के अध्यक्ष प्रो. डॉ. अनिल सहस्त्रबुद्धे ने कहा कि प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों के लिए तीन सप्‍ताह का विशेष ट्रेनिंग प्रोग्राम बनाया गया है। 9 मॉडयूल वाले इस प्रोग्राम में विद्यार्थियों को मानव मूल्‍यों की शिक्षा दी जाएगी, इसके लिए पहले शिक्षकों को ट्रेनिंग देनी होगी। भारत सरकार अंतर्गत मिशन कर्मयोग (क्षमता निर्माण आयोग) के सदस्य (मानव संसाधन) प्रो. आर. बालासुब्रमण्यम ने कहा कि "राष्‍ट्रीय जनसेवा कर्मयोगी" कार्यक्रम के माध्‍यम से, प्रदेश के सभी शिक्ष‍कों को ट्रेनिंग दी जानी चाहिए। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग नई दिल्ली के उपाध्यक्ष प्रो. दीपक कुमार वास्तव ने शिक्षकों के लिए तैयार केपेसिटी बिल्डिंग प्रोग्राम को ओरियंटेशन प्रोग्राम में ही शामिल करने का सुझाव दिया। प्रो. वास्तव ने प्राध्यापकों की क्षमता को कार्यात्मक एवं व्यवहारिक क्षमता के आधार पर, वर्गीकृत कर क्षमता निर्माण पर क्रियान्वयन का सुझाव दिया। बैठक में, पूर्व बैठक में प्राप्त सुझावों पर हो रहे क्रियान्वयन की अद्यतन प्रगति की समीक्षा की गई। देश के ख्यातिलब्ध शिक्षाविदों ने वर्चुअल माध्यम से जुड़कर महत्वपूर्ण, प्रभावी एवं प्रासंगिक परामर्श दिए। प्राध्यापकों के उत्तरदायित्व की सुनिश्चितता, उनके प्रशिक्षण एवं प्रोत्साहन को लेकर व्यापक विचार-मंथन हुआ। विद्यार्थियों में रचनात्मकता एवं विविधता विकसित करने, संस्थान में उपस्थिति एवं उनके समग्र विकास से जुड़े विविध विषयों पर सारगर्भित विमर्श हुआ।    

किसान देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं : मंत्री कंसाना

किसानों के सुख-दुख में हमेशा साथ है सरकार : राजस्व मंत्री  वर्मा किसान देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं : मंत्री  कंसाना प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 21वीं किश्त का हुआ वितरण प्रदेश के 81 लाख से अधिक किसानों को लगभग 1640 करोड़ रुपये की राशि हुई वितरित प्रधानमंत्री  मोदी ने किया वर्चुअली संबोधित कृषि उपज मण्डी करोंद भोपाल में राज्य स्तरीय कार्यक्रम भोपाल  प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 21वीं किश्त का वितरण देश के किसानों को कोयंबटूर तमिलनाडू से किया। जिसमें 9 करोड़ से अधिक किसानों को ₹18 हज़ार करोड़ की सम्मान राशि हस्तांतरित की गई। इसमें प्रदेश के 81 लाख से अधिक किसानों को लगभग 1640 करोड़ रुपये की राशि वितरित की गई। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 21वीं किश्त का वितरण का राज्य स्तरीय कार्यक्रम कृषि उपज मण्डी, करोंद, भोपाल में आयोजित किया गया। राजस्व मंत्री  करण सिंह वर्मा ने कहा है कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सरकार किसानों, गरीबों, युवाओं, महिलाओं सहित सभी के कल्याण के लिए लगातार कार्य कर रही हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में सरकार द्वारा किसान हितैषी कार्य लगातार किये जा रहे हैं। किसानों की फसलों को किसी भी कारण से क्षति होने पर सहायता प्रदान की जा रही है। सरकार हर परिस्थिति में किसानों के साथ है। किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री  ऐंदल सिंह कंसाना ने कहा कि किसान देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी ने पीएम-किसान सम्मान निधि की 21वीं किस्त जारी की है। यह राशि केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि खेतों में बहाए पसीने और देश की थाली तक अन्न पहुँचाने वाले किसानों के परिश्रम के प्रति सच्चा सम्मान है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में किसानों के हित में निरंतर कार्य किया जा रहा है। भावांतर भुगतान योजना के तहत सोयाबीन पर समर्थन मूल्य और बाजार मूल्य के अंतर की पूरी राशि की पूर्ति सरकार भर रही है। जनजातीय बहुल क्षेत्रों में रानी दुर्गावती  अन्न प्रोत्साहन योजना शुरू की गई है। इसके अलावा मृदा स्वास्थ्य कार्ड, फसल बीमा योजना, सिंचाई सुविधाओं का विस्तार, कृषि यंत्रीकरण और उचित मूल्य सुनिश्चित करने जैसे अनेक कदम उठाए जा रहे हैं। उल्लेखनीय है कि केन्द्र सरकार द्वारा फरवरी 2019 में कृषकों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) योजना प्रारंभ की गई।इसमें पात्र कृषि परिवारों को हर साल 6,000 रुपये तीन समान किश्तों में (प्रति किश्त 2,000 रुपये) दिए जाते हैं। यह राशि सीधे हितग्राहियों के आधार से लिंक्ड बैंक खाते में जमा की जाती है। प्रदेश में केन्द्र की इस योजना के साथ राज्य सरकार की मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना भी संचालित है जिसमें किसानों को अतिरिक्त 6 हजार रुपये प्रतिवर्ष (तीन किश्तों में) दिए जाते हैं। इस अवसर पर सचिव किसान कल्याण एवं कृषि विकास  निशांत वरवड़े सहित विभिन्न अधिकारी एवं किसान उपस्थित थे।

लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयंती पर निकली एकता यात्रा मध्यप्रदेश से होकर गुजरेगी: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

गरिमा और गौरव के साथ भव्य स्वागत हो यूथ यात्रा का: मुख्यमंत्री डॉ. यादव लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयंती पर निकली एकता यात्रा मध्यप्रदेश से होकर गुजरेगी: मुख्यमंत्री डॉ. यादव 24 नवम्बर को पांढुर्ना जिले से प्रवेश कर 26 नवम्बर को झाबुआ होते हुए गोधरा जाएगी यूथ यात्रा भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि देश को एक सूत्र में पिरोने वाले लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल की 150वीं जयंती के अवसर पर देश भर में चार यूथ (एकता) यात्राएं निकाली जा रही हैं। इनमें से नागपुर से निकलने वाली यूथ यात्रा मध्यप्रदेश से होकर गुजरेगी। यह यात्रा पांढुर्ना जिले से मध्यप्रदेश की सीमा में प्रवेश करने के बाद बैतूल आएगी, फिर यहां से होते हुए इंदौर, धार, झाबुआ होते हुए गुजरात के गोधरा में प्रवेश करेगी। प्रदेश में आगमन से लेकर गुजरात में प्रस्थान करने तक पर इस यूथ यात्रा का पूरी गरिमा, गौरव और आत्मीयता के साथ भव्य स्वागत किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बुधवार को पटना से वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए जुड़कर अधिकारियों को यह निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यात्रा के मध्यप्रदेश में प्रवास के दौरान सुरक्षा, यातायात प्रबंधन, रात्रि विश्राम, स्वागत, सांस्कृतिक कार्यक्रम, पौधरोपण आदि के संबंध में की जाने वाली सभी व्यवस्थाओं के लिए स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ मिलकर माइक्रो प्लानिंग कर ली जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि यूथ यात्रा के पूरे मार्ग पर स्वागत, सरदार पटेल के जीवन पर आधारित चित्र, स्मरण लेख, कविता पाठ आदि की प्रदर्शनी, एक पेड़ मां के नाम, पोधारोपण की व्यवस्था, स्वच्छता के कार्यक्रम, स्वदेशी प्रदर्शनी, सांस्कृतिक मण्डलों के प्रदर्शन, लोक नृत्य, युवा संवाद, खिलाड़ियों की सहभागिता आदि सभी बातों की स्थानीय स्तर पर पुख्ता व्यवस्थाएं सुनिश्चित कर ली जाएं। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी आपस में उच्चकोटि का समन्वय रखकर इस आयोजन को सफल बनाएं। मुख्यमंत्री ने नागपुर से निकलकर मध्यप्रदेश से गुजरने वाली यात्रा की व्यापक तैयारियों के संबंध में जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से संवाद भी किया। उन्होंने कहा कि खेल एवं युवा कल्याण विभाग अधिक से अधिक युवाओं और खिलाड़ियों को इस यात्रा से जोड़े। यात्रा का व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार भी किया जाए। उल्लेखनीय है कि लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती पर देश में चार एकता यात्राएं निकाली जा रही हैं। ये सभी एकता यात्रा 6 दिसंबर को केवड़िया पहुंचेगी, जहां एक विशाल सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। इसमें नागपुर, जयपुर, दिल्ली और मुंबई से एकता यात्राएं निकाली जा रही है। नागपुर से निकाली जा रही एकता यात्रा मध्यप्रदेश से होकर गुजरेगी। पांढुर्णा जिले से होकर यह यात्रा बैतूल पहुंचेगी। यहां यात्रा का स्वागत किया जाएगा। यात्रा 25 नंवबर को इंदौर पहुंचेगी। इस यूथ यात्रा में मध्यप्रदेश्, छत्तीसगढ़, आंध्रपदेश एवं महाराष्ट्र के करीब 385 युवा (पुरूष) सम्मिलित होंगे। यात्रा में 11 बसें और चार कारें शामिल होंगी। यूथ यात्रा का रूट चार्ट यह यूथ यात्रा सोमवार, 24 नवम्बर को सुबह 10 बजे नागपुर से प्रस्थान कर पांढुर्ना होते हुए बैतूल पहुंचेगी। इस दिन इसका रात्रि विश्राम बैतूल में होगा। यात्रा मंगलवार, 25 नवम्बर 2025 को सुबह बैतूल से प्रस्थान कर हरदा-खातेगांव-कन्नौद-डबल चौकी होते हुए इंदौर पहुंचेगी। इस दिन यात्रा का रात्रि विश्राम इंदौर में ही होगा। बुधवार, 26 नवम्बर को इस यात्रा का इंदौर में भव्य स्वागत कर जनसभा आयोजित की जाएगी। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव शामिल होकर यात्रा का स्वागत करेंगे। इसके उपरांत इंदौर से प्रस्थान कर यह यात्रा धार-झाबुआ होते हुए गुजरात के गोधरा की सीमा में प्रवेश करेगी। केंद्रीय राज्यमंत्री श्री दुर्गादास उइके, केंद्रीय राज्यमंत्री श्रीमती सावित्री ठाकुर, वरिष्ठ विधायक एवं प्रदेशाध्यक्ष श्री हेमंत खण्डेलवाल, यूथ यात्रा के संयोजक श्री जीतू जिराती, श्री हितानंद शर्मा, अन्य जनप्रतिनिधियों, आयुक्त जनसम्पर्क श्री दीपक कुमार सक्सेना, संचालक, खेल एवं युवक कल्याण श्री राकेश गुप्ता सहित अन्य जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने वीडियो कांफ्रेसिंग के माध्यम से बैठक में शिरकत की।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा—सरकार हमेशा राष्ट्रभक्त जवानों के समर्थन में

राज्य सरकार राष्ट्र की सेवा में तत्पर जवानों के साथ : मुख्यमंत्री डॉ. यादव शहीद के छोटे भाई को प्रदान करेंगे सरकारी नौकरी परिजन की सभी आवश्यकताओं का भी रखेंगे ध्यान नक्सली मुठभेड़ में निरीक्षक की शहादत पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने व्यक्त कीं संवेदनाएं भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि छत्तीसगढ़ में नक्सलियों के खिलाफ संयुक्त अभियान में मध्यप्रदेश के बालाघाट में हॉक फोर्स में निरीक्षक श्री आशीष शर्मा बहादुरी से मुकाबला करते हुए वीरगति को प्राप्त हुए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निरीक्षक की शहादत पर अपनी संवेदनाएं व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार सदैव हमारे जवानों के साथ है। बहादुर जब वीरगति को प्राप्त होते हैं तो उन्हें स्वत: ही भगवान के श्री चरणों में स्थान मिलता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार दु:ख की इस घड़ी में शोकाकुल परिवार के साथ खड़ी है। हम शहीद के छोटे भाई को सरकारी नौकरी प्रदान करेंगे। शहीद के परिवार की सभी आवश्यकताओं का भी ध्यान रखा जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ऐसी घटनाएं हमारे संकल्प की सिद्धि में बाधक नहीं बनेगी। केंद्रीय गृहमंत्री श्री अमित शाह के मार्गदर्शन में दुर्दांत अपराधियों के खिलाफ हम सख्त कार्रवाई जारी रखेंगे, जो गरीबों और लाचारों पर अन्याय करते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बुधवार को सतना जिले के नागौद में मीडिया को संबोधित करते हुए ये बातें कही इस आशय के उद्गार व्यक्त किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नक्सलवादियों के खिलाफ केंद्रीय गृहमंत्री के नेतृत्व में हमारी सरकार मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ सहित देशभर में लगातार कार्रवाई कर रही है। बुधवार को छत्तीसगढ़ में ज्वाइंट ऑपरेशन में केंद्रीय सुरक्षा बलों के साथ इंस्पेक्टर श्री आशीष शर्मा के बहादुरी से वीरगति प्राप्त करने का दु:खद समाचार मिला है। हमारी सरकार शहीद के परिवार के लिए सभी प्रबंध करेगी। सरकार दुख की इस घड़ी में उनके साथ है। शहीद के परिजन को सम्मान निधि सहित सारी सुविधाएं भी देने के प्रयास करेंगे।  

गुणवत्ता जांच में 7 दवाएं असफल: छिंदवाड़ा में खरीद–बिक्री पर बैन, स्टॉक हटाने के निर्देश

छिंदवाड़ा जिले में एक बार फिर दवाओं की गुणवत्ता पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। बिछुआ इलाके में 5 महीने की मासूम बच्ची की संदिग्ध मौत के मामले में जांच के बाद 7 आयुर्वेदिक दवाएं अमानक पाई गई हैं। इसके बाद जिला आयुष विभाग ने इन सभी दवाओं की बिक्री और खरीदी पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। 30 अक्टूबर को बिछुआ कस्बे में संदीप मिनोट की 5 महीने की बच्ची सर्दी-खांसी से पीड़ित थी। इलाज के लिए वे कुरोठे मेडिकल स्टोर पहुंचे, जहां से उन्होंने कासामृत सीरप और 16 पुड़िया दवाई खरीदीं। स्वजनों के मुताबिक, दवाई देने के कुछ समय बाद ही बच्ची की तबीयत बिगड़ गई और उसकी मौत हो गई। स्वजनों ने मामले की शिकायत आयुष विभाग में की।   मानकों पर खरा नहीं उतरीं सातों दवाएं शिकायत के बाद आयुष विभाग ने मौके से दवाओं के सैंपल लेकर ग्वालियर की लैब में भेजे। रिपोर्ट आने पर पता चला कि कासामृत सीरप, गिलोय सत्व, कामदुधा रस, प्रवाल पिष्टी, मुक्ता शक्ति भस्म, लक्ष्मी विलास रस, कफ कुठार रस ये सातों दवाएं मानकों पर खरा नहीं उतरीं। रिपोर्ट आते ही जिला आयुष अधिकारी डॉ. प्रमिला यावतकर ने कार्रवाई करते हुए इन सभी दवाओं की खरीदी-बिक्री पर प्रतिबंध कर दिया है। विभाग ने मेडिकल स्टोर और सप्लायर्स को निर्देश जारी कर दिए हैं कि जब तक जांच पूरी न हो, इन दवाओं को न स्टॉक करें और न ही बेचें। छिंदवाड़ा में इससे पहले कोल्ड्रिफ सीरप से हुई 24 बच्चों की मौत ने प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की नींद उड़ा दी थी, जिसके बाद कोल्ड्रिफ और उसके बाद यह नया मामला सामने आने से जिले में दवाओं की गुणवत्ता पर फिर से गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। घटना के बाद बिछुआ और आसपास के गांवों में लोग डर में हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जब छोटे बच्चों के लिए दी जाने वाली दवाएं ही सुरक्षित नहीं हैं, तो भरोसा कैसे करें? परिजनों ने मेडिकल स्टोर संचालक और दवा सप्लायर पर भी कड़ी कार्रवाई की मांग की है।