samacharsecretary.com

नक्सली हमले में शहीद आशीष शर्मा पंचतत्व में विलीन, CM का बड़ा फैसला—छोटे भाई को मिलेगा सब इंस्पेक्टर पद

नरसिंहपुर/बोहानी बालाघाट में माओवादी मुठभेड़ में वीरगति प्राप्त करने वाले इंस्पेक्टर आशीष शर्मा का गुरुवार को उनके गृहग्राम बोहानी (नरसिंहपुर) में राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। परिजनों ने उनकी पार्थिव देह को मुखाग्नि दी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और कैबिनेट मंत्री प्रहलाद पटेल ने शहीद को कंधा दिया, जो उनकी वीरता के प्रति सर्वोच्च सम्मान को दर्शाता है। मुख्यमंत्री ने इस दौरान बड़ा एलान करते हुए कहा कि शहीद इंस्पेक्टर के छोटे भाई को सारे नियमों को शिथिल करते हुए सब इंस्पेक्टर बनाया जाएगा। परिवार को दी जाएगी एक करोड़ रुपये की सम्मान निधि इसके अलावा, परिवार को एक करोड़ रुपए की सम्मान निधि दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि आशीष शर्मा के नाम पर गांव में एक पार्क और एक स्टेडियम बनाया जाएगा। इससे पहले गुरुवार दोपहर को शहीद का पार्थिव शरीर उनके गृहग्राम बोहानी लाया गया, जहां घर पर उन्हें गॉर्ड ऑफ ऑनर दिया गया। इसके बाद जब उनकी अंतिम यात्रा मुक्तिधाम के लिए निकली तो लोगों ने घरों की छतों पर खड़े होकर शहीद पर फूल बरसाए। अंतिम विदाई में 5000 से ज्यादा लोग शामिल हुए, जिन्होंने भारत माता की जय और अमर रहे के नारे लगाए।   इस दौरान कैबिनेट मंत्री उदय प्रताप सिंह, मप्र कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने भी शहीद जवान को श्रद्धांजलि दी। एंटी नक्सल ऑपरेशन डीजी पंकज श्रीवास्तव ने बताया कि बुधवार को मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ पुलिस ने सीमावर्ती क्षेत्र बोर तालाब के पास एक जॉइंट ऑपरेशन चलाया था, जहाँ नक्सलियों से मुठभेड़ में तीनों टीम को लीड कर रहे इंस्पेक्टर आशीष शर्मा को गोली लग गई थी, जिसके बाद उन्हें शहीद घोषित कर दिया गया। शहीद आशीष शर्मा का करियर शौर्य से भरा रहा 2016 में मध्यप्रदेश पुलिस में भर्ती हुए और 2018 में हॉक फोर्स बालाघाट में पदस्थापना पाई। उन्होंने 18 दिसंबर 2022 को 14 लाख के इनामी नक्सली गोडी को मार गिराया, 22 अप्रैल 2023 को 28 लाख की इनामी एसीएम सुनीता और सरिता को ढेर किया। उनकी वीरता के कारण उन्हें 21 फरवरी 2023 को उपनिरीक्षक से निरीक्षक पद पर आउट ऑफ टर्न प्रमोशन मिला था। उनका अंतिम शौर्य 19 फरवरी 2025 को रौंदा टोला मुठभेड़ में दिखा, जहाँ उन्होंने 62 लाख की कुल इनामी नक्सली कमांडर आशा सहित चार नक्सलियों को मार गिराया था।

पत्नी का हंगामा! चौकी में ही चीटिंग करते ASI की कर दी धुनाई, वीडियो सोशल मीडिया पर आग की तरह फैलाया

सतना जिला अस्पताल परिसर में गुरुवार दोपहर उस समय हड़कंप मच गया जब एक महिला ने पुलिस चौकी के अंदर ही अपने एएसआई पति की जमकर पिटाई कर दी। आरोप है कि एएसआई अपनी कथित प्रेमिका और एक बच्चे के साथ पहुंचे थे, तभी पत्नी वहां पहुंच गई और उन्हें रंगे हाथों पकड़ लिया। घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। नागौद थाने में पदस्थ एएसआई रामायण सिंह जिला अस्पताल परिसर में एक महिला व छोटे बच्चे के साथ मौजूद थे। इसी दौरान उनकी पत्नी अनीता सिंह अचानक वहां पहुंच गईं। पति को दूसरी महिला के साथ देखकर वह भड़क उठीं और पहले चीख-चिल्लाकर आरोप लगाए, फिर चौकी के अंदर ही एएसआई पर हाथ उठा दिया। चौंकाने वाली बात यह रही कि चौकी में मौजूद पुलिसकर्मी पूरे घटनाक्रम को देखते रहे, लेकिन किसी ने भी बीच-बचाव की हिम्मत नहीं जुटाई। विवाद काफी देर तक चलता रहा और चौकी परिसर में लोगों की भीड़ लग गई।   6 महीने से घर नहीं आ रहे थे ASI रामायण सिंह पत्नी अनीता सिंह ने आरोप लगाया कि एएसआई रामायण सिंह 6 माह से घर नहीं आ रहे थे और न ही परिवार का खर्च वहन कर रहे थे। उन्होंने बताया कि पहले भी एक महिला के फोन आने पर पति जवाब देने से बचते थे। इस मामले की शिकायत उन्होंने एसपी से की थी, लेकिन बाद में परिवार बचाने की कोशिश में शिकायत वापस ले ली थी। एएसआई के बेटे प्रतीक ने बताया कि वह मां के साथ बाजार में था, तभी स्टेशन रोड पर पिता को एक महिला और बच्चे को कार में बैठाकर जाते देखा। पुलिस ने शुरू की जांच संदेह होने पर उनका पीछा किया, जिसके बाद असलियत जिला अस्पताल में सामने आई। वहीं, एएसआई के साथ दिखी महिला का पक्ष जानने की कोशिश की गई, लेकिन वह घटनास्थल से गायब हो गई। पुलिस ने दोनों पक्षों को कोतवाली थाने भेजकर जांच शुरू कर दी है।

मंत्री सारंग बोले – नया व्यापार सृजित करने वाले कर्मचारी को इंसेंटिव देने की योजना जल्द

72वें अखिल भारतीय सहकारी सप्ताह का समापन समारोह डिफॉल्टर किसानों के लिये भी योजना होगी शुरू अपेक्स बैंक में ई-ऑफिस और सहकार-सेतु पोर्टल का शुभारंभ भोपाल : सहकारिता मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने कहा कि पैक्स में नया व्यापार सृजित करने वाले कर्मचारी को इंसेंटिव देने की योजना बनाई जा रही है। साथ ही डिफॉल्टर किसानों के लिये भी योजना लाई जा रही है। इस तरह की योजना बनाई जा रही है कि सोसायटी में कुछ गडबड़ी पर भी किसानों पर असर नहीं हो। यह बात मंत्री श्री सारंग ने अपेक्स बैंक के समन्वय भवन में आयोजित 72वें अखिल भारतीय सहकारी सप्ताह के समापन समारोह में कही। समारोह में 'परिचालन दक्षता, जवाबदेही और पारदर्शिता के लिये डिजिटलीकरण को बढ़ावा देने' विषयक पर चर्चा की गई। मंत्री श्री सारंग ने उत्कृष्ट कार्य करने वाले सहकारी बैंकों और पैक्स को सम्मानित किया। उन्होंने अपेक्स बैंक में ई-ऑफिस तथा सहकार-सेतु पोर्टल का शुभारंभ किया। कम्प्यूटराईजेशन के माध्यम से पूरी प्रक्रिया होगी पारदर्शी मंत्री सारंग ने कहा कि राज्य सरकार सहकारी आंदोलन के हर आयाम को मजबूती के साथ स्थापित कर रही है। कम्प्यूटराईजेशन के माध्यम से पूरी प्रक्रिया को सुव्यवस्थित और पारदर्शी बनाने का काम कर रही है। ग्रामीण और शहरी अर्थव्यवस्था के माध्यम से सहकारी आंदोलन मजबूत होगा और सहकारिता के माध्यम से रोजगार के नये अवसर सृजित होंगे। उन्होंने कहा कि सीपीपीपी के माध्यम से हर पैक्स को कॉरपोरेट के साथ जोड़कर नये आयाम स्थापित किये जा रहे है। इससे पैक्स के साथ ही किसानों को भी लाभ मिलेगा। पैक्स को फायदे के साथ कर्मचारी को भी लाभ दिलवाने का काम किया जायेगा। सहकारिता विभाग की प्रत्येक पहल प्रदेश के किसानों की खुशहाली के लिये मंत्री सारंग ने कहा कि विकसित भारत 2047 के लक्ष्य के अनुरूप प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विजन तथा केन्द्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह के सहकार से समृद्धि मिशन से प्रेरित होकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश का सहकारिता विभाग सतत प्रगति के मार्ग पर अग्रसर है। पैक्स के कम्प्यूटरीकरण से लेकर सीपीपीपी तक सहकारिता विभाग की प्रत्येक पहल प्रदेश के किसानों की खुशहाली तथा ग्रामीण एवं शहरी अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। सहकारिता को जमीनी स्तर पर पहुँचना ही उद्देश्य सहकारिता आयुक्त मनोज पुष्प ने कहा कि यह वर्ष अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष घोषित किया गया था। अब यह अंतिम पडाव पर है। इसका उद्देश्य सहकारिता को जमीनी स्तर पर पहुँचना है। अपेक्स बैंक के प्रंबध संचालक श्री मनोज गुप्ता ने स्वागत भाषण दिया। कार्यक्रम में वक्फ़ बोर्ड के अध्यक्ष सनवर पटेल, उप सचिव नोज सिन्हा, विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी अरूण माथुर, अपेक्स बैंक के वि.क.अ.अरुणा दुबे, अरुण मिश्रा, संजय मोहन भटनागर, अरविंद बौद्ध, उप महाप्रबंधक के.टी.सज्जन के साथ मध्यप्रदेश की सभी प्रादेशिक सहकारी संस्थाओं एवं सहकारी बैंकों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे, कार्यक्रम का संचालन अपेक्स बैंक ट्रेनिंग कॉलेज के प्राचार्य  श्री पी.एस.तिवारी ने किया । समापन समारोह में मध्यप्रदेश में सहकारिता के विकास पर और अपेक्स बैंक बैकिंग नेटवर्क पर आधारित लघु फिल्म का प्रदर्शन किया गया। शुरूआत में परिसर में सहकारी झंडा रोहण और सहकारी गान हुआ। सम्मान एवं पुरस्कार समारोह में प्रदेश के 3 उत्तम जिला बैंकों पुरस्कृत किया गया। इसमें प्रथम पुरस्कार जिला बैंक विदिशा को एक लाख 51 हजार का चैक मुख्य कार्यपालन अधिकारी विनय प्रकाश सिंह ने प्राप्त किया। इसी प्रकार द्वितीय पुरस्कार जिला बैंक खरगोन को एक लाख 25 हजार का चैक मुख्य कार्यपालन अधिकारी संध्या रोकडे तथा तृतीय पुरस्कार जिला बैंक रतलाम को एक लाख एक हजार रूपये का चैक मुख्य कार्यपालन अधिकारी आलोक कुमार जैन ने प्राप्त किया। पैक्स का शत प्रतिशत अंकेक्षण पूर्ण करने वाले प्रथम 3 जिलों में खरगोन, मंडला और सीहोर को एक-एक लाख रूपये की प्रोत्साहन राशि दी गई। ई-पैक्स को सफल क्रियान्वयन करने वाली पैक्स सिरलाय (खरगोन), मनेरी (बालाघाट) और गोविंदपुर (सतना) को भी सम्मानित किया गया। समारोह में बेंचमार्किंग के आधार प्रथम 3 नागरिक सहकारी बैंक मंदसौर, उज्जैन और इंदौर को भी पुरस्कृत किया गया।

स्कूल शिक्षा मंत्री सिंह की पाठ्यक्रम समिति के सदस्यों से हुई चर्चा

प्रदेश के स्कूलों में पढ़ाये जा रहे पाठ्यक्रम पर हो निरंतर रिसर्च- मंत्री  सिंह स्कूल शिक्षा मंत्री  सिंह की पाठ्यक्रम समिति के सदस्यों से हुई चर्चा भोपाल  स्कूल शिक्षा मंत्री  उदय प्रताप सिंह ने प्रदेश के स्कूलों में पढ़ाये जा रहे पाठ्यक्रम पर निरंतर शोध करने पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि पाठ्यक्रम में प्रदेश की संस्कृति, विरासत, आंचलिक विशेषताओं और जनजातीय गौरव जैसे विषयों को शामिल किये जाने पर विशेष ध्यान दिया जाये। इस प्रक्रिया से बच्चों को मध्यप्रदेश की विशेषताओं को समझने का मौका मिलेगा। स्कूल शिक्षा मंत्री बुधवार को मंत्रालय में पाठ्यक्रम समिति के सदस्यों से चर्चा कर रहे थे‍। उन्होंने शिक्षा की गुणवत्ता में और वृद्धि के लिये शिक्षकों को लगातार प्रशिक्षण दिये जाने पर भी जोर दिया। पाठ्यक्रम समिति के सदस्यों ने राज्य शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) के इन्फ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के सुझाव दिये। बैठक में तय हुआ कि स्कूल पाठ्यक्रम तैयार करने के लिये होने वाली बैठकों और कार्यशाला का निर्धारित कैलेण्डर तैयार किया जाये। बैठक में तय हुआ कि राज्य शिक्षा केन्द्र की लाइब्रेरी में अनुसंधान से जुड़ी पुस्तकों के संग्रह का विस्तार किया जाये। पाठ्यक्रम समिति की बैठकों में एनसीईआरटी के प्रतिनिधियों को आमंत्रित कर उनके भी सुझाव लिये जायें। बैठक में विभाग के टीचर ट्रेनिंग इन्स्टीट्यूट के प्रस्तावित भवन के संबंध में भी चर्चा हुई। बैठक में पाठ्यक्रम समिति के सदस्य डॉ. रविन्द्र कन्हारे, डॉ. अल्केश चतुर्वेदी, डॉ. भागीरथ कुमावत एवं विभागीय अधिकारी मौजूद थे।

नीतीश कुमार के शपथ ग्रहण पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जताई शुभकामनाएं

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने  नीतीश कुमार द्वारा बिहार के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने पर बधाई दी मुख्यमंत्री डॉ. यादव पटना में शपथ ग्रहण समारोह में हुए शामिल भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव गुरूवार को प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी की गरिमामयी उपस्थिति में पटना में आयोजित बिहार सरकार के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हुए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने  नीतीश कुमार द्वारा बिहार के मुख्यमंत्री,  सम्राट चौधरी एवं  विजय कुमार सिन्हा द्वारा उप मुख्यमंत्री और अन्य सदस्यों द्वारा मंत्री के रूप में शपथ लेने पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विश्वास व्यक्त किया कि प्रधानमंत्री  मोदी के मार्गदर्शन और नेतृत्व में एनडीए सरकार समाज के हर वर्ग के समग्र उत्थान और 'विकसित बिहार' बनाने के संकल्प को नई गति व ऊर्जा देने के लिए पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ समर्पित रहेगी।  

सतत भविष्य के लिए विज्ञान और प्रौद्योगिकी पर आधारित प्रदर्शनी में बच्चों के मॉडल ने खींचा ध्यान

राष्ट्रीय बाल वैज्ञानिक प्रदर्शनी में बच्चों द्वारा तैयार किये गये मॉडल बने आकर्षण का केन्द्र प्रदर्शनी का विषय सतत् भविष्य के लिये विज्ञान और प्रौद्योगिकी भोपाल भोपाल में 52वीं राष्ट्रीय बाल वैज्ञानिक प्रदर्शनी इन दिनों राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) के क्षेत्रीय शिक्षा संस्थान श्यामला हिल्स भोपाल में चल रही है। प्रदर्शनी में 31 राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों के लगभग 900 विद्यार्थी एवं शिक्षकों ने संयुक्त रूप से मिलकर विज्ञान पर केन्द्रित प्रोजेक्ट और मॉडल प्रस्तुत किये हैं। यह मॉडल प्रदर्शनी में आने वाले बच्चों के बीच आकर्षण का केन्द्र बने हुए हैं। इस वर्ष आयोजित राष्ट्रीय प्रदर्शनी का विषय सतत् भविष्य के लिये विज्ञान और प्रौद्योगिकी रखा गया है। बच्चों के लिये प्रदर्शनी अवलोकन प्रात: 9:30 से शाम 6:30 बजे तक रहता है। प्रदर्शनी में छत्तीसगढ़ के कुसुमकसा, बालोद के स्वामी आत्मानंद शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय के छात्रों ने अभिनव प्रोटोटाइप प्रदर्शित किया है। यह प्रोटोटाइप नारियल के रेशे और परलाइट को उगाने के माध्यम के रूप में उपयोग करते हुए एक आधुनिक मृदा-रहित कृषि तकनीक को प्रदर्शित करता है। इसके बारे में छात्रा खुशी विश्वकर्मा और उनकी शिक्षक सु सोनल गुप्ता बताती हैं कि पारंपरिक मृदा की आवश्यकता को इस तकनीक में पौधों को केवल पानी और आवश्यक पोषक तत्वों की सहायता से उगाया जाता है, जिसमें मृदा जनित रोगों को जोखिम काफी हद तक कम हो जाता है। यह विधि स्वच्छ, अधिक कुशल खेती और स्वास्थ्य वर्धक फसलों के लिये उपर्युक्त है। इस प्रणाली का प्रमुख लाभ यह है कि इसमें पौधों को ऊर्ध्वाधर परतों पर उगाया जा सकता है, जिसमें कम भूमि में अधिक खाद उत्पादन संभव होता है, जो सीमित साधन या शहरी क्षेत्रों के लिये आदर्श समाधान है। इस प्रोटोटाइप में कृषि के साथ मछली पालन जैसी गतिविधियों का विस्तार भी किया जा सकता है। राष्ट्रीय बाल वैज्ञानिक प्रदर्शनी में हिमाचल प्रदेश के राजकीय उत्कृष्ट माध्यमिक विद्यालय लालपानी छात्रों ने भोजन की गुणवत्ता की जांच के लिये भोजन प्रबंधन प्रणाली युक्त स्मार्ट चम्मच का प्रदर्शन किया है। इस साइंस मॉडल के बारे में विद्यार्थी दिव्यांशु सोनी गौरव और उनकी शिक्षक सु नेहा शर्मा ने बताया कि इस मॉडल के माध्यम से भोजन की ताजगी का परीक्षण किया जा सकता है। तैयार किये गये प्रोटोटाइप में रियल टाइम में डिजिटल स्क्रीन पर परिणाम देखा जा सकता है। खाद्यान्न असुरक्षित पाये जाने पर उपकरण अलर्ट देता है। इस तरह के उपकरण से समाज में स्वस्थ खान-पान की आदतों को बढ़ावा मिलेगा। महाराष्ट्र राज्य के प्रगट विद्यामंदिर, रामगढ़ मालवन, सिंधु दुर्ग के छात्रों ने दर्भा घास से बनाया स्ट्रा पाइप को प्रस्तुत किया है। उनके द्वारा तैयार किये गये उपकरण से प्लास्टिक स्ट्रा के विकल्प के रूप में घास से तैयार स्ट्रा का उपयोग को बढ़ावा दिया जा सकता है। पर्यावरण को सबसे ज्यादा खतरा प्लास्टिक से निर्मित वस्तुओं से पहुंच रहा है। प्रदर्शनी में आये बच्चों ने इस उपकरण के संबंध में जिज्ञासापूर्वक जानकारी प्राप्त की। राष्ट्रीय प्रदर्शनी में सौरमंडल के मॉडल को आकर्षक तरीके से प्रस्तुत किया गया है। इस सौरमंडल में ग्रहों की स्थिति और उनकी विशेषताओं की जानकारी दी गई है। प्रदर्शनी में यह मॉडल भी बच्चों के बीच आकर्षण का केन्द्र बना हुआ है। प्रदर्शनी में प्रतिदिन विभिन्न स्कूलों के करीब 2 हजार बच्चे भ्रमण कर रहे  हैं।  

शहीद इंस्पेक्टर आशीष शर्मा को अंतिम विदाई, प्रहलाद पटेल ने भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की

नरसिंहपुर  देश के लिए अपने प्राण न्योछावर करने वाले बलिदानी आशीष शर्मा को समूचे नरसिंहपुर जिले ने नम आंखों से श्रद्धांजलि दी। केंद्रीय कैबिनेट मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने गोटेगांव विधानसभा के खापा गांव, जो सिवनी और नरसिंहपुर की सीमा पर स्थित है, पहुंचकर बलिदानी के पार्थिव शरीर पर पुष्प चक्र अर्पित कर उन्हें नमन किया। इस भावुक क्षण में मंत्री पटेल के साथ ज़िलाध्यक्ष रामस्नेही पाठक, पूर्व मंत्री जालम सिंह पटेल, विधायक महेन्द्र नागेश और रवीन्द्र पटेल सहित कई गणमान्य नागरिक मौजूद थे। श्रद्धांजलि सभा में बड़ी संख्या में जनजातीय बंधुओं और स्थानीय बच्चों की उपस्थिति रही, जो शहीद के सम्मान में एकत्रित हुए थे। बलिदानी के सम्मान में रास्ते भर जनसैलाब उमड़ा रहा। खापा रोड ग्राम से लेकर पूरे रास्ते में हर ग्राम पंचायत और स्कूल के बच्चों ने कतारबद्ध होकर खड़े होकर पुष्प मालाएं अर्पित कीं और भारत माता के वीर सपूत को अंतिम सलामी दी। नरसिंहपुर जिले की सीमा पर, खापा रोड ग्राम में, हाई सेकेंडरी स्कूल के एनसीसी छात्रों ने भी मंत्री प्रहलाद पटेल के साथ मिलकर बलिदानी को भावभीनी श्रद्धांजलि दी। पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल व्याप्त रहा, जहां हर आंख नम थी और हर हृदय में बलिदानी के प्रति गहरा सम्मान था। यह श्रद्धांजलि कार्यक्रम बलिदानी आशीष शर्मा के सर्वोच्च बलिदान के प्रति राष्ट्र के अटूट सम्मान को दर्शाता है।

प्रदेश के नगरीय क्षेत्रों में भूमिहीन परिवारों को आवासीय भूमि का पट्टा, अभियान की शुरुआत

प्रदेश के नगरीय क्षेत्रों में भूमिहीन परिवारों को मिलेगा आवासीय भूमि का पट्टा,  अभियान की हुई शुरूआत प्रदेश के नगरीय क्षेत्रों में भूमिहीन परिवारों को आवासीय भूमि का पट्टा, अभियान की शुरुआत भूमिहीन परिवारों के लिए खुशखबरी, नगरीय इलाकों में आवासीय भूमि के पट्टे वितरण का अभियान शुरू भोपाल राज्य सरकार ने नगरीय क्षेत्रों में रहने वाले भूमिहीन और आवासहीन परिवारों को आवासीय भूमि के पट्टाधिकार प्रदान करने के लिए 20 नवम्बर गुरूवार से व्यापक अभियान शुरू किया है। आयुक्त, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग श्री संकेत भोंडवे ने बताया कि यह अभियान 13 दिसम्बर 2025 तक चलेगा। इसके लिए नगरीय विकास एवं आवास विभाग तथा राजस्व विभाग ने संयुक्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के तहत बीएलसी और एएचपी घटकों के सुचारू क्रियान्वयन के लिए यह पहल अत्यंत महत्वपूर्ण है। राज्य सरकार ने वर्ष 1984 के मध्यप्रदेश नगरीय क्षेत्रों के भूमिहीन व्यक्ति (पट्टाधिकार) अधिनियम में संशोधन करते हुए पात्रता तिथि को 31 दिसम्बर 2020 निर्धारित किया है। इस तिथि तक सरकारी, नगर निकाय या विकास प्राधिकरण की भूमि पर वास्तविक रूप से काबिज ऐसे आवासहीन परिवार पट्टाधिकार प्राप्त करने के पात्र होंगे। राज्य के सभी नगरीय क्षेत्रों में सर्वेक्षण कार्य 20 नवम्बर से 13 दिसम्बर तक चलेगा। सूची 14 दिसम्बर को प्रकाशित की जाएगी। किसी भी आपत्ति या सुझाव के निराकरण के बाद 29 दिसम्बर को अंतिम सूची संबंधित जिला कलेक्टर द्वारा जारी की जाएगी। यह सूची संबंधित जिला कार्यालय की वेबसाइट और विभागीय वेबसाइट www.mpurban.gov.in पर भी उपलब्ध रहेगी। प्रत्येक जिले में सर्वेक्षण दल गठित किए जाएंगे, जिनमें राजस्व अधिकारी प्रमुख होंगे और सर्वेक्षण के दौरान आधार e-KYC आधारित समग्र ID अनिवार्य रहेगी। नगरीय विकास आयुक्त ने यह भी स्पष्ट किया कि सर्वेक्षण की प्रक्रिया पारदर्शी एवं सुचारू रूप से संचालित की जाएगी। अंतिम सूची जारी होने के बाद पात्र हितग्राहियों को आवासीय भूमि के स्थाई एवं अस्थायी पट्टों का वितरण 4 जनवरी 2026 से 20 फरवरी 2026 के मध्य किया जाएगा। स्थाई पट्टे लाल रंग में और अस्थायी पट्टे पीले रंग में प्रदान किए जाएंगे। जिन क्षेत्रों में झुग्गी बस्तियों का अन्यत्र पुनर्व्यवस्थापन आवश्यक है, वहां समिति के निर्णय के अनुसार हितग्राहियों को वैकल्पिक स्थान पर व्यवस्थित किया जाएगा। स्थाई रूप से पट्टा प्राप्त क्षेत्रों में सड़क, पेयजल, नालियां, बिजली और अन्य आवश्यक अधोसंरचना का विकास नगरीय निकाय एवं विकास प्राधिकरणों द्वारा प्राथमिकता से किया जाएगा। राज्य शासन ने पट्टा वितरण की पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और जन-जागरूकता के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए हैं। अवैध अधिपत्य, धोखाधड़ी या गलत जानकारी के आधार पर पट्टा प्राप्त करने जैसे मामलों में संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कठोर कार्रवाई कर ब्लैकलिस्ट तैयार की जाएगी। राज्य सरकार का यह अभियान शहरी गरीबों को सुरक्षित आवासीय अधिकार प्रदान करने, प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के सुचारू क्रियान्वयन और “सबके लिए आवास” के लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। राज्य सरकार का यह प्रयास शहरी गरीबों के लिए स्थायी समाधान प्रदान करने वाला है।  

राज्य गंगा समिति में 5 विशेषज्ञ सदस्य नामांकित

भोपाल प्रदेश में प्रवाहित गंगा की सहायक नदियों में जल का सतत् पर्याप्त प्रवाह सुनिश्चित करने एवं उनमें प्रदूषण की रोकथाम, नियंत्रण एवं उपशमन के लिए राज्य शासन ने मुख्य सचिव की अध्यक्षता में ''राज्य गंगा समिति मध्यप्रदेश में 5 विशेषज्ञ सदस्य नामांकित किये गये है। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी आदेश अनुसार समिति में डॉ अभय सक्सेना, वरिष्ठ वैज्ञानिक अधिकारी, म.प्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड भोपाल को विषय विशेषज्ञ प्रदूषण अनुश्रवण,  कार्तिक सप्रे, समन्वयक, नर्मदा समग्र एनजीओ, भोपाल को नदी संरक्षण, प्रो. एस.पी. गौतम, पूर्व अध्यक्ष केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, दिल्ली को पर्यावरण संरक्षण,  सुनील चतुर्वेदी, संचालक, विभावरी संस्थान को जल संरक्षण और डॉ, जे.पी. शुक्ला, से.नि. प्रिंसिपल सांईटिस्ट, सी.एस.आई.आर./एमपी को वॉटर रिसोर्स मैनेजमेंट के लिए नामांकित किया गया है। नामित सदस्यों का कार्यकाल 2 वर्ष की अवधि के लिए होगा। नामित सदस्यों को यात्रा भत्ता/दैनिक भत्ता और सिटिंग फीस राज्य सरकार के नियमों के अनुसर देय की जायेगी।  

सप्लाई ठप होने से भोपाल में सब्जियों की महंगाई चरम पर, टमाटर और मटर की कीमतें भारी

भोपाल  मौसम में बदलाव के साथ ही इसका असर सब्जियों व फलों पर देखने को मिल रहा है. राजधानी भोपाल की अलग-अलग सब्जी मंडी में सब्जियों के दाम में इजाफा देखा गया है. मध्यप्रदेश में बेमौसम बारिश ने सब्जी उत्पादक किसानों को बड़ा नुकसान पहुंचाया है, जिसका सीधा असर प्रदेश भर को मंडियों में दिखाई दे रहा है. भोपाल की मंडी से सब्जियों के ताजा भाव. थोक व्यापारियों का कहना है कि टमाटर, मटर, धनिया, पालक, मेथी और लौकी जैसी हरी व मौसमी सब्जियों के दाम एक सप्ताह में दो से तीन गुना तक बढ़ गए हैं. शहर की मंडी में पहुंच रही ज्यादातर सब्जियां दूसरे जिलों से मंगवानी पड़ रही है. सप्लाई कम और मांग स्थिर रहने से दामों में और उछाल बना हुआ है. व्यापारी अनुमान लगा रहे हैं कि कीमतें अगले 15-20 दिन तक इसी स्तर पर रह सकती हैं.  बिट्टन मार्केट सब्जी बाजार में सब्जी की दुकान लगाने वाले पप्पू कुरैशी ने बताया कि बीते दिनों हुई बारिश के चलते मंडी में सब्जियों की आवक कम हो रही है. ऐसे में बारिश का असर दाम में उछाल के रूप में देखने को मिला है. पिछले तीन दिनों के अंदर ही टमाटर के दाम करीब ₹300 कैरेट तक बढ़ गए. पहले जो टमाटर 1,000-1,200 रुपए में बिक रहा था. वहीं अब ₹1,400 कैरेट पहुंच चुका है. बता दें, इन दिनों करोद मंडी में नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, नरसिंहपुर, रायसेन, विदिशा और सीहोर से आने वाली सब्जियों की आवक कम है. पंजाब में बाढ़ से आलू की फसल खराब होने से आवक बेहद कम है. मटर की अभी लोकल आवक नहीं है, जो भी मटर आ रहा है वह दूसरे राज्यों से आ रहा है. आवक कमजोर होने से सब्जियों के दाम बढ़े है. इन सब्जियों के दाम बढ़े सब्जी दाम मुनगा ₹200/किलो मटर ₹150/किलो धनिया ₹125/किलो ग्वारफली ₹70/किलो भिंडी ₹70/किलो गिलकी ₹60/किलो