samacharsecretary.com

मध्य प्रदेश में मौसम बदलेगा करवट, कई जिलों में तेज आंधी-बारिश की चेतावनी; जानिए मानसून की नई तारीख

भोपाल  मध्यप्रदेश में भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों के लिए राहत और आफत दोनों एक साथ दरवाजे पर खड़ी हैं। दक्षिण-पश्चिम मानसून 2026 तेजी से आगे बढ़ रहा है और इसके अगले 4 दिनों में मध्यप्रदेश में एंट्री करने की उम्मीद है। हालांकि, मानसून की आधिकारिक दस्तक से पहले ही प्रदेश का मौसम पूरी तरह बदल गया है। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के लिए कई जिलों में भारी बारिश और ओलावृष्टि का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में ओलावृष्टि और आंधी का अलर्ट मौसम विभाग के अनुसार, अगले 24 घंटों में मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर और सिवनी जिलों में तेज हवाओं के साथ ओले गिरने की आशंका है। इसके अलावा भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, जबलपुर, रीवा, ग्वालियर और सागर समेत करीब 40 से अधिक जिलों में 40 से 60 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से धूलभरी आंधी चलने और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने का अनुमान है। दूसरी तरफ, पश्चिमी मध्यप्रदेश के इंदौर, उज्जैन, रतलाम, झाबुआ, धार और खरगोन जिलों में फिलहाल गर्मी और उमस का असर बना रहेगा। एमपी में 4 दिन की देरी से आएगा मानसून मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, इस साल मध्यप्रदेश में मानसून अपने तय समय से 4 दिन की देरी से एंट्री करेगा। प्रदेश के दक्षिणी हिस्से (बघेलखंड और महाकौशल के रास्ते) से 17-18 जून को मानसून दस्तक दे सकता है। इसके बाद अगले 10 से 15 दिनों में यह धीरे-धीरे पूरे प्रदेश को कवर कर लेगा। तब तक प्रदेश में प्री-मानसून एक्टिविटीज का दौर इसी तरह जारी रहेगा। मौसम का चल रहा खेल, कहीं भारी बारिश, कहीं सूखा मौसम विश्लेषकों का कहना है कि वर्तमान में हो रही बारिश का वितरण बेहद असमान है। पिछले 24 घंटों में पूर्वी मध्यप्रदेश के छतरपुर (गौरिहार में सबसे ज्यादा 56 मिमी), पन्ना, सतना और रीवा में रिकॉर्ड तोड़ बारिश दर्ज की गई है। आंकड़ों के मुताबिक, सतना में सामान्य से 893% और छतरपुर में 601% अधिक वर्षा हो चुकी है। इन इलाकों में अभी भी सूखे जैसे हालात इसके उलट, भोपाल, इंदौर, उज्जैन और नर्मदापुरम जैसे मध्य व पश्चिमी जिलों में अभी तक सूखे जैसे हालात हैं और लोग पहली अच्छी बारिश का इंतजार कर रहे हैं। इस वजह से रीवा और सतना में जहां रात का तापमान सामान्य से 5 डिग्री तक गिर गया है, वहीं भोपाल-रायसेन में रातें अब भी गर्म हैं। किसानों के लिए बड़ी चेतावनी, बुआई में न करें जल्दबाजी मौसम विशेषज्ञों ने खरीफ फसलों (सोयाबीन, धान, मक्का) की तैयारी कर रहे किसानों को विशेष सलाह दी है। वैज्ञानिकों का कहना है कि वर्तमान में हो रही बारिश मुख्यतः स्थानीय बादलों और प्री-मानसून का नतीजा है, यह व्यापक मानसूनी वर्षा नहीं है।

CM डॉ. यादव की अपील: 14 जून के ऑनलाइन योग सत्र में हर नागरिक बढ़-चढ़कर ले भाग

14 जून को योग के ऑनलाइन सत्र में हर नागरिक हो शामिल : मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रदेशवासियों से मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की अपील "घर-घर योग, हर व्यक्ति निरोग" के संकल्प को साकार करने में बनें सहयोगी भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने समस्त प्रदेशवासियों से ऑनलाइन योग सत्र में शामिल होने की अपील की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने योग भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा की अमूल्य धरोहर है, जिसने आज सम्पूर्ण विश्व को स्वस्थ एवं संतुलित जीवन का मार्ग दिखाया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस एक वैश्विक जनआंदोलन के रूप में स्थापित हुआ है। आज अनेक राष्ट्र योग के महत्व को स्वीकार और अंगीकार कर चुके हैं। योग दिवस 21 जून पर अनेक आयोजनों के साथ ही 14 जून को विशेष ऑनलाइन सत्र आयोजित किया जा रहा है। बीस मिनिट के इस ऑनलाइन सत्र में कोई भी नागरिक हिस्सा ले सकता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस : 2026 के सातवें काउन्ट डाउन के अवसर पर आयुष मंत्रालय, भारत सरकार ने 14 जून, 2026 को प्रातः 06:15 बजे से 07:35 बजे तक एक विशेष ऑनलाइन योग सत्र के आयोजन का निर्णय लिया है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य अधिक से अधिक नागरिकों को योग से जोड़ते हुए स्वस्थ, जागरूक एवं निरोग समाज का निर्माण करना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश के सभी नागरिकों, युवाओं, महिलाओं, वरिष्ठजनों, विद्यार्थियों, शासकीय सेवकों एवं सामाजिक संगठनों से आग्रह किया है कि वे इस ऑनलाइन योग सत्र में अधिकाधिक संख्या में सहभागी बनें और योग को अपनी दैनिक जीवन शैली का अभिन्न अंग बनाएं। टोल फ्री नंबर सुविधा कार्यक्रम से जुड़ने के लिए टोल-फ्री नम्बर 1800-315-7008 पर मिस्ड कॉल देकर पंजीयन किया जा सकता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेशवासियों से की गई अपील में कहा है कि आइए, हम सभी मिलकर "घर-घर योग, हर व्यक्ति निरोग" के संकल्प के साथ अब हर घर योग को गिनीज वर्ल्ड रिकार्ड बनाने में सहभागी बनें और स्वस्थ मध्यप्रदेश और विकसित भारत के निर्माण में अपना योगदान दें।  

MP में कपास पर मेहरबान मोहन यादव सरकार, मंडी टैक्स 50% कम; किसानों की बढ़ी उम्मीदें

बुरहानपुर  मध्यप्रदेश में कपास यानी सफेद सोना उगाने वाले किसानों के लिए बड़ी खुशखबरी है. हाल ही में मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार ने कपास उत्पादक किसानों के हित में बड़ा फैसला लिया है, कपास पर लागू मंडी शुल्क को 1 प्रतिशत (एक रुपए प्रति सैकड़ा) से घटाकर 0.50 प्रतिशत (50 पैसे प्रति सैकड़ा) कर दिया गया है, बीतें दिनों विधायक अर्चना चिटनीस ने मुख्यमंत्री के सामने कपास पर मंडी शुल्क घटाने की मांग रखी थी. अब सीएम ने चिटनिस की मांग पर महत्वपूर्ण निर्णय लिया है. उइससे कपास उत्पादक किसानों के चेहरे खुशी से खिल उठे हैं।  फिर खिल उठेगा कपास उद्योग मोहन यादव सरकार के इस निर्णय से कपास उत्पादक किसानों, व्यापारियों सहित कृषि आधारित उद्योगों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद जाग उठी है. किसानों ने बताया कि बुरहानपुर में करीब एक दशक से ज्यादा समय से कपास उद्योग प्रभावित हो चुका है, अधिकांश जिनिंग फैक्ट्रियां बंद करके उद्योगपतियों ने पलायन किया है, लेकिन अब मंडी शुल्क कम किए जाने से दोबारा कपास जिनिंग शुरू होने की संभावनाएं बढ़ गई हैं।  प्रदेश के इन कपास उत्पादक क्षेत्रों को होगा फायदा इस निर्णय का सकारात्मक असर देखने को मिल सकता है, जो उद्योग पलायन कर चुके हैं, वह दोबारा लौट सकते हैं. खास बात यह है कि मोहन यादव सरकार के इस फैसले से न सिर्फ बुरहानपुर, खंडवा, खरगोन, बड़वानी, इंदौर, आलीराजपुर, झाबुआ, छिंदवाड़ा, बैतूल, सिवनी, क्षेत्र बल्कि संपूर्ण प्रदेश के कपास उत्पादक किसानों और कपास आधारित उद्योगों को लाभ होगा. मध्य प्रदेश का में उत्पादित कपास अधिक मात्रा में मध्यप्रदेश की जिनिंग, प्रेसिंग सहित प्रसंस्करण इकाइयों तक पहुंचेगा, इससे प्रदेश में स्थानीय स्तर पर उत्पादन और व्यापारिक गतिविधियों में इजाफा होगा।  मंडी शुल्क घटने से लाभ मिलेगा, रकबा बढ़ेगा कपास उत्पादक किसान सुनील महाजन ने सीएम डॉ. मोहन यादव के निर्णय को स्वागत योग्य बताया है. किसान सुनील ने कहा, '' इससे कपास उत्पादक किसानों को लाभ होगा, साथ ही जो उद्योग पलायन कर चुके है, अब मंडी शुल्क घटाए जाने के बाद दोबारा जीवित होंगे. अब तक मंडी शुल्क ज्यादा होने के कारण कपास फसल से किसानों का मोहभंग हो गया था, लेकिन अब कपास का रकबा दोबारा बढ़ेगा, इससे जिनिंग फैक्ट्री संचालको भी लाभ मिलेगा. सरकार से मांग है कि भारतीय कपास निगम (CCI) का खरीदी केंद्र बुरहानपुर में स्थापित किया जाए और किसानों का पंजीयन किया जाए, इससे किसानों को राहत मिलेगी।  सीएम के सामने प्रमुखता से उठाया था मुद्दा : अर्चना चिटनिस बुरहानपुर विधायक अर्चना चिटनिस ने बताया, '' मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुरहानपुर में निमाड़ इंडस्ट्रियल मीट में शिरकत की थी, यहां उन्होंने उद्यमी संवाद कार्यक्रम में उद्योगपतियों को संबोधित किया था, इस दौरान मुख्यमंत्री मोहन यादव से कपास पर मंडी शुल्क कम करने का मुद्दा प्रमुखता से उठाया था. हमने सीएम से कहा था कि महाराष्ट्र की तुलना में अधिक मंडी शुल्क होने से मध्य प्रदेश के किसान, व्यापारी सहित जिनिंग उद्योग प्रतिस्पर्धात्मक नुकसान का सामना कर रहे हैं, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस मांग को गंभीरता से लिया, उन्होंने हाल ही में कैबिनेट की बैठक में शुल्क में कमी का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। 

सरकारी कर्मचारियों को कब मिलेगी खुशखबरी? प्रमोशन का मामला CM मोहन यादव के पाले में

भोपाल  मध्य प्रदेश में अधिकारियों और कर्मचारियों की पदोन्नति को लेकर एक बेहद निराशाजनक खबर सामने आई है. दरअसल प्रदेश में पिछले 10 सालों से थमी हुई प्रमोशन की प्रक्रिया अब एक बार फिर कानूनी फेरबदल के भंवर में फंस गई है. हाईकोर्ट में सुनवाई पूरी होने और फैसला सुरक्षित होने के बाद भी, मुख्य न्यायाधीश के सुप्रीम कोर्ट में स्थानांतरण के कारण अब नए सिरे से बेंच का गठन होगा और दोबारा सुनवाई की जाएगी. इससे न केवल सेवारत कर्मचारियों का इंतजार लंबा हो गया है, बल्कि राज्य की आगामी नई भर्तियों पर भी संकट के बादल मंडरा रहे हैं।  मई 2016 से पूरी तरह ठप है पदोन्नति व्यवस्था मध्य प्रदेश में अधिकारियों और कर्मचारियों की नियमित पदोन्नति मई 2016 से पूरी तरह से रुकी हुई है. दरअसल हाईकोर्ट द्वारा पदोन्नति नियम 2002 को निरस्त किए जाने के बाद से पूरी प्रशासनिक व्यवस्था चरमरा गई है. सरकार ने प्रशासनिक काम सुचारू रूप से चलाने के लिए कई अधिकारियों को उच्च पदों का प्रभार तो सौंप दिया, लेकिन उन्हें इस पद का कोई वित्तीय लाभ प्राप्त नहीं हुआ. पद रिक्त न होने के कारण नीचे के पदों पर नई नियुक्तियां भी बुरी तरह प्रभावित हो रही हैं।  ​नए नियम भी कोर्ट में उलझे, सामान्य वर्ग की आपत्ति गौरतलब ​है कि, पदोन्नति का रास्ता साफ करने के लिए राज्य सरकार ने सभी पक्षों से व्यापक विचार-विमर्श कर नए नियम तैयार किए थे. हालांकि सामान्य वर्ग के कर्मचारियों ने इन नए नियमों पर गहरी आपत्ति जताते हुए हाई कोर्ट में याचिका दायर कर दी. तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश संजीव सचदेवा की अध्यक्षता वाली पीठ ने मामले की गहन सुनवाई की. सरकार ने नए नियमों के पक्ष में कई मजबूत तर्क रखे और आखिरकार 17 फरवरी को अदालत ने इस पर अपना निर्णय सुरक्षित रख लिया था।  मुख्य न्यायाधीश के सुप्रीम कोर्ट जाने से फंसा पेच कर्मचारी नेता उमाशंकर तिवारी बताते हैं कि, ''​सुप्रीम कोर्ट के स्पष्ट निर्देश हैं कि सामान्य परिस्थितियों में सुरक्षित रखे गए फैसलों को 90 दिनों से अधिक समय तक लंबित नहीं रखा जाना चाहिए. इसी निर्देश के कारण कर्मचारियों में उम्मीद जागी थी कि जून के प्रथम सप्ताह में अंतिम निर्णय आ जाएगा. लेकिन इसी बीच मुख्य न्यायाधीश संजीव सचदेवा की नियुक्ति सुप्रीम कोर्ट में हो गई. नियमानुसार अब इस मामले की सुनवाई के लिए पहले नई बेंच का गठन किया जाएगा और नए सिरे से पूरी बहस सुनी जाएगी, जिसमें काफी समय लग सकता है।  ​ढाई लाख पदों की नई भर्तियों भी पर पड़ेगा सीधा असर विशेषज्ञ के अनुसार, इस कानूनी गतिरोध का सीधा असर राज्य सरकार के रोजगार लक्ष्यों पर भी पड़ रहा है. सरकार ने वर्ष 2028 तक ढाई लाख पदों पर भर्ती का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है. वर्तमान में 78 हजार से अधिक पदों पर भर्ती प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, लेकिन 27 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण का मामला लंबित होने से 13 प्रतिशत पद पहले से रुके हैं. अब प्रमोशन रुकने से पुराने पद खाली नहीं होंगे, जिससे स्वास्थ्य और ऊर्जा जैसे महत्वपूर्ण विभागों में नई भर्तियां पूरी तरह ठप होने की कगार पर पहुंच गई हैं। 

जबलपुर के डायल-112 हीरोज सड़क दुर्घटना में घायल 07 व्यक्तियों को त्वरित सहायता देकर पहुँचाया अस्पताल

भोपाल  जबलपुर जिले के थाना मझौली क्षेत्र में डायल-112 जवानों की तत्परता एवं संवेदनशील कार्यवाही से सड़क दुर्घटना में घायल हुए 07 व्यक्तियों को समय पर अस्पताल पहुँचाकर उपचार उपलब्ध कराया गया। डायल-112 टीम की त्वरित सहायता से सभी घायलों को शीघ्र चिकित्सकीय सुविधा मिल सकी। 12 जून को राज्य स्तरीय पुलिस कंट्रोल रूम डायल-112 भोपाल को सूचना प्राप्त हुई कि थाना मझौली क्षेत्र अंतर्गत मनगवां गाँव में सुहार नदी के पास एक स्कॉर्पियो वाहन दुर्घटनाग्रस्त होकर पलट गया है, जिससे उसमें सवार 07 व्यक्ति घायल हो गए हैं तथा तत्काल पुलिस सहायता की आवश्यकता है। सूचना प्राप्त होते ही थाना मझौली क्षेत्र में तैनात डायल-112 वाहन को मौके के लिए रवाना किया गया। डायल-112 स्टाफ सैनिक श्री कमल सिंह एवं पायलट श्री नरेंद्र सिंह तत्काल घटनास्थल पर पहुँचे। मौके पर ज्ञात हुआ कि स्कॉर्पियो वाहन का टायर फटने के कारण वाहन अनियंत्रित होकर पलट गया था, जिससे उसमें सवार सात लोग घायल हो गए। डायल-112 जवानों ने बिना समय गंवाए त्वरित कार्यवाही करते हुए सभी घायलों को एफआरव्ही वाहन की सहायता से सुरक्षित शासकीय अस्पताल मझौली पहुँचाया। समय पर मिली सहायता के कारण घायलों को शीघ्र चिकित्सकीय उपचार उपलब्ध हो सका। डायल-112 हीरोज श्रृंखला की यह घटना दर्शाती है कि डायल-112 सेवा केवल आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित सहायता प्रदान करने तक सीमित नहीं है, बल्कि सड़क दुर्घटनाओं सहित हर संकट की घड़ी में मानवीय संवेदनाओं के साथ नागरिकों की सुरक्षा एवं जीवन रक्षा के लिए निरंतर तत्पर है।  

नरसिंहपुर पुलिस ने ऑनलाइन ट्रेडिंग के नाम पर ठगी करने वाले दो आरोपियों को किया गिरफ्तार

  भोपाल  मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा साइबर अपराधों के विरुद्ध लगातार प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में नरसिंहपुर पुलिस ने ऑनलाइन ट्रेडिंग के नाम पर की गई 10 लाख रुपये की साइबर ठगी का सफल खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। त्वरित एवं तकनीकी जांच के परिणामस्वरूप पीड़ित से ठगी गई संपूर्ण राशि बरामद कर उसे वापस दिलाई गई है। गाडरवारा निवासी आवेदक ने शिकायत दर्ज कराई थी कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक पर प्रदर्शित एक विज्ञापन के माध्यम से उसे "PROX TREND" नामक ऑनलाइन ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म में निवेश कर अधिक लाभ अर्जित करने का प्रलोभन दिया गया। विज्ञापन के झांसे में आकर उसने विभिन्न किश्तों में कुल 10 लाख रुपये निवेश कर दिए, लेकिन न तो उसे कोई लाभ प्राप्त हुआ और न ही उसकी राशि वापस मिली। धोखाधड़ी का एहसास होने पर उसने पुलिस से संपर्क किया। शिकायत प्राप्त होते ही थाना गाडरवारा में प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ की गई। पुलिस अधीक्षक डॉ. ऋषिकेश मीना के निर्देशन में साइबर सेल नरसिंहपुर और थाना गाडरवारा की संयुक्त टीम गठित की गई। टीम द्वारा तकनीकी साक्ष्यों, बैंकिंग ट्रांजेक्शनों तथा डिजिटल विश्लेषण के आधार पर दो आरोपियों की पहचान की गई और उन्हें महाराष्ट्र के नागपुर से गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से धोखाधड़ी कर प्राप्त की गई संपूर्ण 10 लाख रुपये की राशि बरामद कर नियमानुसार पीड़ित को वापस दिलाई। आरोपियों के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। उल्लेखनीय है कि मध्यप्रदेश पुलिस साइबर अपराधों के विरुद्ध आधुनिक तकनीक एवं वैज्ञानिक अनुसंधान के माध्यम से प्रभावी कार्रवाई कर रही है। इस कार्रवाई में भी त्वरित जांच, तकनीकी विश्लेषण एवं समन्वित प्रयासों के माध्यम से न केवल आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, बल्कि पीड़ित को उसकी पूरी राशि वापस दिलाने में भी सफलता प्राप्त हुई। मध्यप्रदेश पुलिस नागरिकों से अपील करती है कि ऑनलाइन ट्रेडिंग, निवेश अथवा कम समय में अधिक मुनाफे का प्रलोभन देने वाले विज्ञापनों एवं संदेशों से सतर्क रहें। किसी भी ऑनलाइन निवेश से पूर्व संबंधित प्लेटफॉर्म की वैधता की जांच अवश्य करें तथा साइबर धोखाधड़ी होने पर तत्काल साइबर हेल्पलाइन 1930 अथवा राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विद्यार्थियों को दी बधाई

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हायर सेकेंडरी (कक्षा 12वीं) की द्वितीय अवसर की परीक्षा- 2026 में उत्तीर्ण होने वाले विद्यार्थियों को बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि माध्यमिक शिक्षा मंडल ने प्रदेश के विद्यार्थियों के हित में ऐतिहासिक पहल करते हुए इस वर्ष पहली बार पूरक परीक्षा के स्थान पर 'द्वितीय अवसर परीक्षा' आयोजित की। अपेक्षित परीक्षा परिणाम प्राप्त न कर पाने पर विद्यार्थी इस अवसर का लाभ ले सकते हैं। श्रेणी सुधार के उद्देश्य से भी विद्यार्थी इस परीक्षा में सम्मिलित होते हैं। इसके अतिरिक्त गंभीर रूप से अस्वस्थ हो जाने या विभिन्न कारणों से मुख्य परीक्षा में शामिल न हो पाने वाले विद्यार्थी इस परीक्षा का लाभ लेने में सक्षम होते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा घोषित " राष्ट्रीय शिक्षा नीति- 2020" के अंतर्गत मध्यप्रदेश में विद्यार्थियों के हित में यह ऐतिहासिक पहल की गई है। इस पहल ने हजारों विद्यार्थियों के सपनों, आत्मविश्वास और भविष्य के लिए नया अवसर दिया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि द्वितीय अवसर की परीक्षा में भाग लेने वाले कुल एक लाख 42 हजार विद्यार्थियों में से 84 हजार विद्यार्थियों को सफलता मिली है। विद्यार्थियों द्वारा लिए गए इस लाभ का उनकी भावी शिक्षा की दृष्टि से भी विशेष महत्व है।  

डॉ. मोहन यादव सरकार का बड़ा कर्मचारी हितैषी निर्णय, वर्षों की सेवा को मिला सम्मान

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश सरकार ने कर्मचारी कल्याण की दिशा में एक महत्वपूर्ण और संवेदनशील निर्णय लेते हुए राज्य एवं जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोषण आयोगों में कार्यरत 34 दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को “स्थायी कर्मी” का दर्जा प्रदान करने की अनुमति दे दी है। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री  गोविंद सिंह राजपूत के विशेष प्रयासों से लिए गए इस निर्णय से वर्षों से सेवा दे रहे कर्मचारियों को स्थायित्व, सेवा सुरक्षा तथा विभिन्न शासकीय सुविधाओं का लाभ मिल सकेगा। खाद्य मंत्री  गोविंद सिंह राजपूत ने बताया कि इस निर्णय के तहत राज्य उपभोक्ता विवाद प्रतितोषण आयोग एवं जिला आयोगों में कार्यरत 29 चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों तथा 5 ऑफिस मोहर्रिर-सह-डिस्पेचर पदों पर कार्यरत दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को स्थायी कर्मी के रूप में मान्यता प्रदान की जाएगी। इस संबंध में विभाग द्वारा औपचारिक आदेश जारी कर दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि सामान्य प्रशासन विभाग के वर्ष 2016 के परिपत्र के अनुसार 16 मई 2007 के बाद नियुक्त दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को स्थायी कर्मी का लाभ देने के लिए शासन की पूर्व अनुमति आवश्यक थी। राज्य सरकार ने इस मामले को विशेष परिस्थितियों वाला प्रकरण मानते हुए “वन टाइम रिलेक्सेशन” प्रदान किया है, जिससे लंबे समय से सेवाएं दे रहे कर्मचारियों के हितों का संरक्षण सुनिश्चित हो सके। उल्लेखनीय है कि इस प्रस्ताव को 9 जून 2026 को आयोजित मंत्रि-परिषद की बैठक में स्वीकृति प्रदान की गई थी। इसके पश्चात खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने संबंधित कर्मचारियों को स्थायी कर्मी घोषित किए जाने की प्रशासनिक प्रक्रिया पूर्ण करते हुए आदेश जारी कर दिए।  राजपूत ने कहा कि इस निर्णय से कर्मचारियों को सेवा सुरक्षा के साथ-साथ नियमानुसार वेतन निर्धारण, अन्य वित्तीय लाभ एवं सामाजिक सुरक्षा संबंधी सुविधाएं प्राप्त होंगी। उन्होंने कहा कि सरकार का यह कदम कर्मचारी हितों के प्रति उसकी प्रतिबद्धता और संवेदनशील प्रशासन का प्रमाण है। वर्षों से अपनी सेवाएं दे रहे कर्मचारियों एवं उनके परिवारों के लिए यह निर्णय नई आशा और विश्वास लेकर आया है। माना जा रहा है कि इस पहल से कर्मचारियों का मनोबल बढ़ेगा तथा वे अधिक उत्साह, निष्ठा और समर्पण के साथ अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन कर सकेंगे। सरकार का यह निर्णय कर्मचारी कल्याण और सुशासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।  

हायर सेकंडरी द्वितीय परीक्षा में बेटियों ने मारी बाजी

भोपाल माध्यमिक शिक्षा मंडल, मध्यप्रदेश की  हायर सेकंडरी द्वितीय परीक्षा वर्ष-2026 का नियमित एवं स्वाथ्यायी विद्यार्थियों का परीक्षा परिणाम शुक्रवार को शाम 4 बजे घोषित कर दिया गया। इसमें बेटियों ने बाजी मारी है। इस परीक्षा में 62.31 प्रतिशत नियमित छात्राएं उत्तीर्ण हुई हैं , जबकि 57.36 प्रतिशत छात्र उत्तीर्ण हुए हैं। विद्यार्थी परीक्षा परिणाम मंडल की आधिकारिक वेबसाइट mpbse.mponline.gov.in पर जाकर देख सकते हैं। हायर सेकंडरी की द्वितीय परीक्षा में प्रदेश से 1 लाख 42 हजार 468 नियमित विद्यार्थियों ने फॉर्म भरा था। इसमें से 1 लाख 42 हजार 467 विद्यार्थी परीक्षा में शामिल हुए थे। शुक्रवार 12 जून को घोषित हुए परीक्षा परिणाम में 84 हजार 871 विद्यार्थी उत्तीर्ण हुए। 33 हजार 334 स्वाध्यायी विद्यार्थियों ने भरा था फॉर्म हायर सेकंडरी की द्वितीय परीक्षा में 33 हजार 334 स्वाध्यायी विद्यार्थियों ने फॉर्म भरा था। परीक्षा में 33 हजार 315 विद्यार्थी शामिल हुए थे। इनमें 14 हजार 24 विद्यार्थी उत्तीर्ण हुए हैं। स्वाध्यायी विद्यार्थियों का परीक्षा परिणाम 42.10 प्रतिशत है। इसमें बेटियों के पास होने का प्रतिशत 44.7 है, जबकि छात्रों के उत्तीर्ण होने का प्रतिशत 40.53 हैं।  

खनिज राजस्व, जिला खनिज निधि और स्थानीय निकायों की भूमिका की हुई समीक्षा

भोपाल मध्यप्रदेश राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष  जयभान सिंह पवैया ने खनिज विभाग के अधिकारियों के साथ आयोजित बैठक में खनिज संपदा से प्रभावित क्षेत्रों के विकास, स्थानीय निकायों की भागीदारी तथा पर्यावरणीय पुनरुद्धार को प्राथमिकता देने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि खनिज उत्खनन से प्रभावित पंचायतों को खनिज राजस्व से प्राप्त आय में अधिक प्रभावी हिस्सेदारी सुनिश्चित करने के अवसरों पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए, ताकि स्थानीय समुदायों को विकास का प्रत्यक्ष लाभ मिल सके। बैठक में आयोग के सदस्य  के.के. सिंह तथा सदस्य सचिव  वीरेन्द्र कुमार भी उपस्थित रहे। आयोग के अध्यक्ष  पवैया ने खनन गतिविधियों से प्रभावित क्षेत्रों में पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने की आवश्यकता पर विशेष बल दिया। उन्होंने सुझाव दिया कि जिला खनिज निधि के संसाधनों का उपयोग पर्यावरण पुनरुद्धार, हरित आवरण विस्तार, जल संरक्षण तथा पारिस्थितिकी सुधार संबंधी कार्यों को अधिकाधिक किया जाए, जिससे विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन स्थापित किया जा सके। खनिज विभाग के अधिकारियों ने आयोग को राज्य में खनिज राजस्व की वर्तमान स्थिति, राजस्व प्राप्ति के प्रमुख स्रोतों तथा वसूली की प्रगति से अवगत कराया। अधिकारियों ने बताया कि खनिज क्षेत्र राज्य की अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार है और इससे प्राप्त राजस्व विकास कार्यों में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। जिला खनिज प्रतिष्ठान (डीएमएफ) निधि के गठन, संचालन और वितरण व्यवस्था की विस्तृत जानकारी दी गई। आयोग को बताया गया कि खनिज प्रभावित क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं, सामाजिक विकास तथा जनकल्याणकारी गतिविधियों के लिए जिला खनिज निधि का उपयोग किया जा रहा है। बैठक में खनिज राजस्व के न्यायसंगत उपयोग, प्रभावित समुदायों के हितों की सुरक्षा तथा स्थानीय स्वशासन संस्थाओं को सशक्त बनाने के विभिन्न पहलुओं पर विचार-विमर्श किया गया। खनिज विभाग ने भारत सरकार के नवीन दिशा-निर्देशों के अनुरूप संशोधित जिला खनिज प्रतिष्ठान नियमों एवं निधि प्रावधानों की जानकारी भी दी। अधिकारियों ने बताया कि नए प्रावधानों के तहत स्थानीय निकायों की भूमिका और सहभागिता को और अधिक सुदृढ़ किया गया है, जिससे योजनाओं के क्रियान्वयन में स्थानीय स्तर पर जवाबदेही और प्रभावशीलता बढ़ेगी।