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गांधी जयंती पर राज्यपाल पटेल बोले- उच्च आदर्शों को जीवन में उतारने का दिन

गांधी जयंती, उच्चादर्शों को जीवन में उतारने का प्रेरणा दिवस : राज्यपाल पटेल राज्यपाल पटेल सर्वधर्म प्रार्थना सभा में हुए शामिल गांधी भवन न्यास की प्रतियोगिता विजेताओं को किया पुरस्कृत भोपाल  राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि गांधी जयंती केवल महात्मा गांधी को स्मरण करने का अवसर नहीं, बल्कि उनके उच्चादर्शों को अपने आचरण में उतारने का प्रेरणा दिवस है। उन्होंने कहा कि सर्वधर्म प्रार्थना सभा में गाए जाने वाले भजनों के संदेश का प्रतिदिन चिंतन करें और उन्हें जीवन में उतारने का प्रयास करें। यही महात्मा गांधी को सच्ची श्रद्धांजलि होगी। राज्यपाल की प्रेरणा पर उपस्थित जनों ने क्रोध नहीं करने का संकल्प भी लिया। राज्यपाल पटेल शुक्रवार को गांधी भवन में आयोजित सर्वधर्म प्रार्थना सभा में शामिल हुए। उन्होंने महात्मा गांधी की प्रतिमा पर सूत की माला और गांधी स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित की। उन्होंने स्मार्ट टीवी का लोकार्पण किया। कार्यक्रम स्थल पर आयोजित प्रदर्शनी का अवलोकन किया। उन्होंने ‘आओ जानें गांधी को’ प्रतियोगिता के पुरस्कृत छात्र-छात्राओं के साथ समूह चित्र में सहभागिता की। राज्यपाल पटेल ने कहा कि जीवन की सार्थकता अच्छा इंसान बनने और देश-समाज के लिए कार्य करने में है। जीवन में जो अच्छा है, उसे आचरण में उतारने का निरंतर प्रयास करना चाहिए और बुराई से दूर रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि व्यसन और नशे से मुक्त जीवन आगे बढ़ने का महत्वपूर्ण आधार है। उन्होंने नशा-मुक्त समाज के निर्माण का आह्वान करते हुए माँ के नाम पर एक पेड़ लगाने, उसकी देखभाल करने तथा जल और विद्युत संरक्षण के लिए प्रेरित किया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जन्म दिवस 17 सितम्बर के प्रसंग में 17 अक्टूबर तक संचालित सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत रक्तदान और समाजसेवा के कार्यों में सहभागिता के लिए प्रेरित किया। राज्यपाल पटेल ने कहा कि गांधी जयंती और विश्व अहिंसा दिवस पर आयोजित सर्वधर्म प्रार्थना सभा भारत की उस महान परंपरा की कड़ी है, जिसमें सभी धर्मों के प्रति सम्मान और सद्भाव का भाव है। भारत की शक्ति विविधता में एकता में निहित है। उन्होंने पुरस्कृत विद्यार्थियों से कहा कि राष्ट्रपिता गांधी को पढ़ने के साथ उनके विचारों और आदर्शों को जीवन में उतारने का प्रयास करें। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपिता गांधी का प्रिय भजन ‘वैष्णव जन तो तेने कहिये’ संत कवि नरसिंह मेहता की रचना है, जिसमें परोपकार, करुणा, सत्य, समानता, विनम्रता और निष्काम सेवा जैसे जीवन-मूल्य समाहित हैं। भजन मनुष्य को लोभ, मोह, काम, क्रोध और अहंकार से दूर रहकर सभी का सम्मान करने की प्रेरणा मिलती है। ‘आओ जानें गांधी को’ प्रतियोगिता के विजेताओं को किया पुरस्कृत राज्यपाल पटेल ने गांधी भवन न्यास, भोपाल द्वारा महात्मा गांधी के विचारों और आदर्शों के प्रसार के उद्देश्य से आयोजित अंतर-विद्यालयीन ‘आओ जानें गांधी को’ प्रतियोगिता के विजेता विद्यार्थियों को पुरस्कार एवं प्रमाण-पत्र प्रदान किए। उन्होंने सहयोगी विद्यालयों के शिक्षकों, निर्णायक मंडल, पर्यवेक्षकों और स्वयं सेवकों को स्मृति-चिह्न एवं प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया। प्रतियोगिता में वाद-विवाद, कविता लेखन, पत्र लेखन, चित्रकला, महात्मा गांधी के प्रिय भजन, लघु नाटिका, मोबाइल रील और डॉक्यूमेंट्री सहित विभिन्न विधाओं में विद्यार्थियों ने सहभागिता की। प्रार्थना सभा के पहले महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री स्व. लालबहादुर शास्त्री को श्रद्धांजलि दी। राज्यपाल को न्यास के पदाधिकारियों द्वारा स्मृति चिन्ह भेंट किया गया। कार्यक्रम में सामाजिक कार्यकर्ता भ्रमर मेघवंशी, सुनलिनी नावरेकर, गांधी न्यास के अध्यक्ष महेश सक्सेना सहित विद्यार्थी, शिक्षक, युवा और नागरिकगण उपस्थित थे। प्रारंभ में गांधी भवन न्यास के पदाधिकारियों ने राज्यपाल पटेल का स्वागत किया। सचिव अंकित मिश्रा ने स्वागत उद्बोधन दिया तथा कोषाध्यक्ष राजेश बादल ने आभार व्यक्त किया।     

स्वजातीय स्वर्णकार समाज की बैठक अनूपपुर में संपन्न अशोक सोनी बने अनूपपुर जिले के प्रभारी

स्वजातीय स्वर्णकार समाज की बैठक अनूपपुर में संपन्न अशोक सोनी बने अनूपपुर जिले के प्रभारी  अनूपपुर में देवदत्त सोनी का हुआ भव्य स्वागत  अनूपपुर को शहडोल संभाग के अनूपपुर में होटल मंदाकिनी में आयोजित हुई स्वजातीय स्वर्णकार समाज की बैठक सम्पन्न हुई जिसमें मध्य प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष देवदत्त सोनी के साथ प्रदेश कार्यकारिणी के पदाधिकारी गण की उपस्थिति में देवदत्त सोनी ने अनूपपुर जिले के कर्मठ योग एवं जुझारू मिलनसार श्री अशोक सोनी एवं श्री राजकुमार सोनी को अनूपपुर जिले का प्रभारी नियुक्त किया गया इनकी घोषणा बैठक के दौरान की गई। आयोजित बैठक संपन्न हुई जिसमें स्वजातीय स्वर्णकार समाज को एकजुट करके उनके अधिकार के लिए संघर्ष और नेतृत्व करने की रणनीति बनी!आगामी बैठक मैहर में आयोजित होगी जिसमें प्रदेश भर के जिले के पदाधिकारी गण समाज के दिशा निर्देश देकर उनके अधिकार के लिए देवदत्त सोनी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार का दरवाजा खटखटाया जाएगा !यह रणनीति आगामी बैठक में तय होगी उनके अधिकार के लिए एक होकर अपनी ताकत का प्रदर्शन जल्दी किया जाएगा  इनका कहना है अशोक सोनी ने कहा कि मुझे इस दायित्व के लायक समझा गया मुझे जो पद दिया गया है उसका मैं पूर्ण रूप से निर्वहन करने में अपनी अहम भूमिका का दायित्व निर्वहन करुंगा जिसमें मुझे अनूपपुर जिले के प्रभारी बनाया गया है  उन्होंने कहा कि समाज के लिए हमेशा तत्पर रहकर कार्य करने की लगन रही है और पिछड़ा वर्ग काफी पिछड़ा है उसे मजबूत करने के लिए पूरे जिले में नेतृत्व और एकता का परिचय दिया जाएगा ताकि समाज पूरे प्रदेश में मजबूती से खड़े होकर अपना -अपने अधिकार की बात बिना दर एवं भाय के कर सके

स्व. दिव्यऋषि तिवारी के निधन पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने परिजन को दी सांत्वना

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्व. दिव्यऋषि तिवारी के निवास पहुंचकर परिजन को दी सांत्वना भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार को युवा अधिवक्ता एवं सामाजिक कार्यकर्ता स्व. श्री दिव्यऋषि तिवारी के पत्रकार कॉलोनी स्थित निज निवास पहुंचकर शोकाकुल परिजन को सांत्वना दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्व. दिव्यऋषि के पिता श्री आनंद तिवारी, माता श्रीमती रविकला तिवारी, भ्राता श्री दिव्यांकु तिवारी एवं श्री युगान्तर तिवारी से मिलकर आत्मीय संवेदनाएं व्यक्त कीं और सभी को ढांढ़स बंधाया। इस दौरान स्थानीय विधायक श्री भगवानदास सबनानी, समाजसेवी श्री राहुल कोठारी, श्री रविन्द्र यति, श्री अमन यादव, श्री अतुल यादव, जनप्रतिनिधियों सहित स्व. तिवारी के सभी परिवारजन उपस्थित थे। उल्लेखनीय है कि श्री दिव्यऋषि तिवारी का बीते रविवार (27 सितम्बर) को भोपाल में एक सार्वजनिक स्थल पर स्थापित विद्युत पोल से करंट लगने से आकस्मिक निधन हो गया था। वे 30 साल के थे और जिला न्यायालय एवं हाईकोर्ट में अधिवक्ता थे, साथ ही सामाजिक एवं समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय थे।  

राज्यपाल पटेल ने महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री स्व. शास्त्री को किया नमन

राज्यपाल पटेल ने महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री स्व. शास्त्री को किया नमन राज्यपाल ने गांधी जयंती पर गांधी साहित्य का किया वितरण भोपाल  राज्यपाल मंगुभाई पटेल लोकभवन में आयोजित राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री स्व. लालबहादुर शास्त्री की जयंती पर आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए। राज्यपाल पटेल ने दोनों महापुरुषों के चित्रों पर श्रद्धा सुमन अर्पित कर उनका नमन किया। गांधी साहित्य का वितरण किया। राज्यपाल पटेल ने लोकभवन के अधिकारियों-कर्मचारियों को महात्मा गांधी की पुस्तक "माय एक्सपेरिमेंट विथ ट्रुथ" भेंट की। लोकभवन के बैंक्वेट हाँल में शुक्रवार को आयोजित कार्यक्रम में राज्यपाल के प्रमुख सचिव डॉ. नवनीत मोहन कोठारी, उप सचिव सुनील दुबे, सचिव जनजातीय प्रकोष्ठ श्रीमती मीनाक्षी सिंह एवं अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।  

भोपाल में अमित शाह का कार्यक्रम, गोपालक सम्मेलन में जुटेंगे 35 हजार से ज्यादा लोग

भोपाल  प्रदेश में राहुल गांधी के बालाघाट दौरे के ठीक अगले दिन केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह भोपाल पहुंचेंगे। शाह करीब 23 घंटे राजधानी में रहेंगे। उनका दौरा मुख्य रूप से डेयरी, सहकारिता, पशुपालन, पुलिस और उच्च शिक्षा से जुड़े कार्यक्रमों पर केंद्रित रहेगा। तीन अक्तूबर को भेल दशहरा मैदान में होने वाला राज्य स्तरीय गोपालक सम्मेलन उनके दौरे का प्रमुख कार्यक्रम होगा, जिसमें 35 हजार से ज्यादा गोपालक और दुग्ध सहकारी समितियों से जुड़े सदस्य जुटेंगे। शाह दो अक्तूबर की रात करीब नौ बजे भोपाल पहुंचेंगे और होटल ताज में रात्रि विश्राम करेंगे। अगले दिन दिनभर अलग-अलग कार्यक्रमों में शामिल होने के बाद रात करीब आठ बजे दिल्ली के लिए रवाना होंगे।  35 हजार गोपालकों के बीच बड़ा आयोजन भेल दशहरा मैदान में होने वाले सम्मेलन में पशुपालकों को बोनस राशि और गौशालाओं के लिए सहायता दी जाएगी। गोपालक दीदियों का सम्मान होगा और डॉ. भीमराव आंबेडकर कामधेनु योजना के स्वीकृति पत्र भी बांटे जाएंगे। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सरकार की ओर से कृषक कल्याण वर्ष के दौरान किए गए कामों और बलराम कृषि महोत्सव की गतिविधियों का प्रस्तुतीकरण किया जाएगा। गृह, पशुपालन एवं डेयरी, सहकारिता, लोक निर्माण और परिवहन विभाग भी अपनी योजनाओं की जानकारी देंगे। भोपाल और इंदौर दुग्ध संघ से जुड़े पशुपालकों को बोनस तथा गौशालाओं के लिए सहायता देने के कार्यक्रम भी होंगे।  सांची के कारोबार को दूध से आगे ले जाने की तैयारी शाह भोपाल सहकारी दुग्ध संघ परिसर में तैयार फर्मेंटेड प्रोडक्ट डेयरी प्लांट का शुभारंभ भी करेंगे। 16.80 करोड़ रुपये की लागत से बने इस प्लांट में केंद्र सरकार का छह करोड़ रुपये का अनुदान और भोपाल सहकारी दुग्ध संघ का 10.80 करोड़ रुपये का अंशदान है। प्लांट में रोज 40 हजार लीटर दूध के प्रसंस्करण की क्षमता है।    उज्जैन की 255 करोड़ की परियोजना भी एजेंडे में उज्जैन और आसपास के क्षेत्रों में डेयरी कारोबार को बढ़ावा देने के लिए 255 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक डेयरी प्लांट बनाया जाएगा। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह 3 अक्टूबर 2026 को भोपाल से इस प्लांट का डिजिटल भूमिपूजन करेंगे। मध्यप्रदेश राज्य सहकारी दुग्ध महासंघ की ओर से बनाए जा रहे इस प्लांट से दूध के प्रसंस्करण और उससे बनने वाले उत्पादों की क्षमता बढ़ेगी। परियोजना की कुल लागत में से 170 करोड़ रुपये राज्य सरकार अनुदान के रूप में देगी, जबकि 85 करोड़ रुपये दुग्ध संघ ऋण के माध्यम से जुटाएगा। प्लांट को अगले दो साल में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। रोज तीन लाख लीटर दूध होगा प्रोसेस उज्जैन के प्रस्तावित प्लांट में शुरुआत में रोज तीन लाख लीटर दूध के प्रसंस्करण की क्षमता होगी। भविष्य में इसे बढ़ाकर पांच लाख लीटर प्रतिदिन किया जा सकेगा। इससे उज्जैन और आसपास के इलाकों में बढ़ रहे दूध उत्पादन को स्थानीय स्तर पर प्रोसेस करने में मदद मिलेगी। दूध, दही, छाछ और घी का होगा उत्पादन प्लांट में कई तरह के डेयरी उत्पाद तैयार किए जाएंगे। यहां रोजाना 1.50 लाख लीटर पैक्ड मिल्क, 25 हजार लीटर दही और 10 हजार लीटर लस्सी-छाछ बनाने की क्षमता होगी। इसके साथ ही रोज 10 मीट्रिक टन घी बनाने का प्लांट भी लगाया जाएगा। नए कानूनों से लेकर IISER तक कार्यक्रम शाह भेल मैदान में पुलिस मुख्यालय की ओर से लगाए गए नए आपराधिक कानूनों पर राज्य स्तरीय प्रदर्शनी का उद्घाटन और अवलोकन करेंगे। इसके बाद भौंरी में IISER के अत्रि परिसर के शिलान्यास कार्यक्रम में शामिल होंगे। यहां स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा का अनावरण भी प्रस्तावित है। इस तरह राहुल गांधी के बालाघाट दौरे के बाद अमित शाह का भोपाल कार्यक्रम प्रदेश की राजनीति के बीच अलग-अलग सरकारी और संगठनात्मक गतिविधियों को लेकर चर्चा में है। हालांकि शाह के घोषित कार्यक्रमों में मुख्य जोर डेयरी और सहकारिता क्षेत्र के विस्तार, पशुपालकों को योजनाओं का लाभ और सरकारी परियोजनाओं के उद्घाटन-शिलान्यास पर है।    पशुपालकों को बोनस, गौशालाओं को मदद कार्यक्रम में शाह भोपाल और इंदौर दुग्ध संघों से जुड़े पशुपालकों को बोनस वितरित करेंगे। गौशालाओं को आर्थिक सहायता दी जाएगी। गोपालक दीदियों का सम्मान होगा और डॉ. भीमराव आंबेडकर कामधेनु योजना के स्वीकृति पत्र भी वितरित किए जाएंगे। डेयरी क्षेत्र में भी कई घोषणाएं दौरे के दौरान प्रदेश में दुग्ध उत्पादन और डेयरी प्रसंस्करण से जुड़ी परियोजनाओं की सौगात भी प्रस्तावित है। इनमें उज्जैन में 255 करोड़ रुपए का डेयरी प्लांट और भोपाल में फॉर्म्युलेटेड/फर्मेंटेड मिल्क प्रोडक्ट से जुड़ी सुविधा शामिल है। भोपाल दुग्ध संघ परिसर में तैयार फर्मेंटेड प्रोडक्ट डेयरी प्लांट पर 16.80 करोड़ रुपए खर्च हुए हैं। इससे दही, छाछ, लस्सी, श्रीखंड और मावा जैसे मूल्यवर्धित उत्पादों की प्रसंस्करण क्षमता बढ़ाने की योजना है। किसान फोकस क्यों? मध्यप्रदेश विधानसभा में 2026 में दिए गए सरकारी जवाब के अनुसार 30 जून 2026 तक प्रदेश में 1,11,88,295 किसानों की फार्मर आईडी बन चुकी थी। सरकार ने विधानसभा में कहा कि जिलावार फार्मर आईडी की जानकारी परिशिष्ट में दी गई है और शेष किसानों की आईडी बनाने की प्रक्रिया जारी है। यहां एक महत्वपूर्ण बात यह है कि फार्मर आईडी की संख्या को किसान वोटरों की संख्या नहीं माना जा सकता। मतदाता सूची में मतदाताओं को किसान या गैर-किसान के आधार पर वर्गीकृत नहीं किया जाता। इसलिए किसी जिले में कितने किसान मतदाता हैं, इसका अलग आधिकारिक आंकड़ा उपलब्ध नहीं है। केंद्र सरकार के मार्च 2026 तक के आंकड़ों में भी मध्यप्रदेश में 1.04 करोड़ से अधिक किसान आईडी बनने की जानकारी दी गई थी। जून तक राज्य सरकार का आंकड़ा बढ़कर 1.11 करोड़ से अधिक हो गया। शाह के हालिया कार्यक्रमों और बयानों में भी किसान-सहकारिता का जिक्र अमित शाह के इस दौरे का किसान-सहकारिता से जुड़ाव उनके हालिया राष्ट्रीय कार्यक्रमों से भी दिखाई देता है। 23 जून 2026 को सहकारिता मंत्री के तौर पर शाह ने NAFED का NAFEX ई-ऑक्शन पोर्टल लॉन्च किया था। उस कार्यक्रम में उन्होंने NAFED और NCCF को अगले दो वर्षों में दलहन की खरीद सीधे किसानों से करने की दिशा में काम करने को कहा था। उन्होंने किसानों को भुगतान सीधे बैंक खातों में पहुंचाने और बिचौलियों की भूमिका कम करने पर जोर दिया था। इसके बाद 7 जुलाई 2026 को मध्यप्रदेश, गुजरात, राजस्थान और महाराष्ट्र के बीच नर्मदा अवॉर्ड … Read more

MP में सब इंजीनियर भर्ती के नियम बदले, संविदाकर्मियों के लिए 50% आरक्षण

भोपाल  मध्यप्रदेश में सब इंजीनियर, ड्राफ्ट्समैन, लैब टेक्नीशियन समेत अन्य समकक्ष पदों की भर्ती के लिए अभ्यर्थियों को दोबारा आवेदन का मौका मिलेगा। हाईकोर्ट में याचिका के बाद जल संसाधन और पीएचई विभाग ने पात्र संविदाकर्मियों के लिए 50% आरक्षण का प्रावधान किया जायेगा।  इसके साथ ही दूसरे विभागों से अतिरिक्त पदों की मांग भी मिली है। इन बदलावों के चलते मध्यप्रदेश कर्मचारी चयन मंडल (MPESB) ने समूह-3 संयुक्त भर्ती परीक्षा-2026 के आवेदन फिर से शुरू करने का फैसला लिया है। अब 13 से 27 अक्टूबर 2026 तक ऑनलाइन आवेदन किए जा सकेंगे। आवेदन में संशोधन की सुविधा 13 से 28 अक्टूबर तक रहेगी। परीक्षा दिसंबर 2026 से जनवरी 2027 के बीच प्रस्तावित है। संशोधित नियम पुस्तिका जल्द जारी की जाएगी। हाईकोर्ट में 24 संविदाकर्मियों ने लगाई थी याचिका जल संसाधन और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग ने 29 अगस्त 2026 को उपयंत्री पदों की भर्ती का विज्ञापन जारी किया था। इसमें पात्र संविदाकर्मियों के लिए 50% आरक्षण का प्रावधान नहीं था। जबलपुर के आधारताल निवासी राजू यादव समेत 24 संविदाकर्मियों ने इसे हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता नवीन सैनी ने 2023 की संशोधित नीति का हवाला देते हुए कहा था कि पात्र संविदाकर्मियों को सीधी भर्ती में 50% आरक्षण दिया जाना है। सुनवाई से पहले विभाग ने बदला भर्ती नियम  जस्टिस विवेक कुमार सिंह की कोर्ट में मामले की सुनवाई होनी थी। इससे पहले ही जल संसाधन और पीएचई विभाग ने संशोधन आदेश जारी कर दिया। इसमें उपयंत्री भर्ती में पात्र संविदाकर्मियों के लिए 50% आरक्षण का प्रावधान शामिल कर दिया गया। इसके बाद MPESB ने भी भर्ती प्रक्रिया में बदलाव करते हुए आवेदन दोबारा लेने का निर्णय लिया है। पहले 1040 पदों पर निकला था विज्ञापन MPESB ने 18 अगस्त को समूह-3 संयुक्त भर्ती परीक्षा-2026 का विज्ञापन जारी किया था। इसमें 1040 पदों पर भर्ती के लिए 29 अगस्त से 12 सितंबर तक आवेदन लिए गए थे। विज्ञापन के बाद विभिन्न विभागों और शासकीय उपक्रमों से उपयंत्री के अतिरिक्त रिक्त पदों के मांगपत्र मंडल को मिले। वहीं आरक्षण संबंधी बदलाव भी हुए। इसलिए मंडल ने भर्ती प्रक्रिया को नए सिरे से आगे बढ़ाने का फैसला लिया।  

आधुनिक तकनीक और प्रो-एक्टिव पुलिसिंग से मजबूत हुई MP पुलिस की कानून-व्यवस्था

आधुनिक तकनीक, संवेदनशीलता और प्रो-एक्टिव पुलिसिंग: मध्यप्रदेश पुलिस के नवाचार एवं कानून-व्यवस्था सुदृढ़ीकरण के प्रयास भोपाल  मध्यप्रदेश पुलिस राज्य में शांति, सौहार्द और कानून-व्यवस्था को अक्षुण्ण बनाए रखने के लिए "देश भक्ति – जन सेवा" के मूलमंत्र के साथ कार्य कर रही है। विगत समय में प्रदेश के विभिन्न जिलों में उत्पन्न हुई अत्यधिक संवेदनशील और जटिल परिस्थितियों में मध्य प्रदेश पुलिस ने बिना किसी अनावश्यक बल प्रयोग या लाठीचार्ज के, केवल "पहले संवाद, फिर सुरक्षा" की सूझबूझ भरी रणनीति और अभेद्य सुरक्षा व्यवस्था के बल पर शांति स्थापित कर मिसाल कायम की है। ​जिलावार कानून-व्यवस्था के उत्कृष्ट उदाहरण ​1. धार: संवेदनशीलता, संवाद और त्रिस्तरीय सुरक्षा का प्रभावी मॉडल ​साम्प्रदायिक दृष्टि से अत्यधिक संवेदनशील धार जिले में पुलिस एवं प्रशासन ने कानूनी आदेशों के पालन और सौहार्द बनाए रखने में अभूतपूर्व तालमेल का प्रदर्शन किया। जिले मेंपूजन व नमाज शांतिपूर्वक संपन्न कराई गई। 23 जनवरी को  हजारों लोगों की वाग्देवी शोभायात्रा तथा दिनभर में श्रद्धालुओं द्वारा किए गए दर्शन-हवन के दौरान 6 सेक्टरों और 7 जोन में पुलिस बल तथा  आरएएफ (RAF) प्लाटून की तैनाती कर चाक-चौबंद सुरक्षा सुनिश्चित की गई। ​प्रतिबंधात्मक आदेश, सतत शांति समिति बैठकें, ड्रोन व सीसीटीवी निगरानी और आरएएफ/एसटीएफ/क्यूआरएफ के फ्लैग मार्च से माहौल पूरी तरह नियंत्रित रहा। ​कानून-व्यवस्था के दृष्टिगत अनुमति निरस्त होने के बावजूद रैली निकालने की जिद पर अड़े असामाजिक तत्वों के विरुद्ध पुलिस ने कड़ा रुख अपनाया। मजबूत बैरिकेडिंग और ड्रोन निगरानी के साथ उल्लंघन पर व्यक्तियों की वैधानिक गिरफ्तारी कर शहर में शांति बनाए रखी। ​​2. भोपाल पुलिस कमिश्नरेट: टकराव टालकर किसान आंदोलन में संवाद से समाधान ​मूंग खरीदी और खाद वितरण को लेकर नर्मदापुरम व आसपास के हजारों किसानों द्वारा बैरिकेड्स तोड़ने और राजमार्ग पर 6 घंटे तक चक्काजाम करने की गंभीर स्थिति में भोपाल पुलिस ने लाठीचार्ज या बल प्रयोग से परहेज किया। पुलिस कमिश्नर व प्रशासनिक अधिकारियों ने आंदोलनकारियों को रोके रखा, जिससे आधी रात को मांगें पूरी होने के साथ चक्काजाम बिना किसी हिंसा के शांतिपूर्वक समाप्त हुआ। गोविंदपुरा क्षेत्र में मारपीट की घटना के बाद शहर के कुछ संवेदनशील इलाकों में विरोध प्रदर्शन और तनाव फैल गया, जहां कुछ जगहों पर पथराव की घटनाएं भी हुईं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस नेत्वरित कार्रवाई की, आरोपियों को गिरफ्तार कियाऔर संवेदनशील क्षेत्रों में भारी पुलिस सुरक्षा बल तैनात कर शांति व्यवस्था बहाल की। 3. खंडवा एवं खरगोन जिले: अग्रिम समन्वय से रूट विवादों का खात्मा ​त्योहारों के दौरान जुलूसों के मार्गों और समय को लेकर उत्पन्न होने वाले तनाव को पुलिस ने त्‍योहारों के पूर्व "शांति समिति की बैठकें" आयोजित कर हल किया। दोनों पक्षों के धर्मगुरुओं की आपसी सहमति से रूट व समय निर्धारण करवाकर संभावित झड़पों को शून्य किया गया। ​4. राजगढ़ जिला (ब्यावरा एवं बोड़ा): मध्यस्थता से लिखित समझौता ​ग्रामीण इलाकों में धार्मिक स्थलों पर लाउडस्पीकर और रात्रिकालीन आयोजनों को लेकर उभरे विवाद में पुलिस ने थाना परिसरों में आपातकालीन बैठकें आयोजित कीं। कानून और भाईचारे की मिसाल पेश करते हुए पुलिस की मध्यस्थता में दोनों पक्षों से समय-सीमा और ध्वनि नियंत्रण का लिखित समझौता कराया गया। इसी प्रकार मध्यप्रदेश पुलिस ने "देशभक्ति-जनसेवा" के ध्येय वाक्य को चरितार्थ करते हुए कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने, अपराध नियंत्रण और आम नागरिकों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने की दिशा में अभूतपूर्व कार्य किए हैं। पारंपरिक पुलिसिंग से आगे बढ़कर अब म.प्र. पुलिस स्मार्ट, तकनीकी रूप से सक्षम और जन-संवेदनशील पुलिसिंग को प्राथमिकता दे रही है।   1. डिजिटल नवाचार एवं पारदर्शी नागरिक सेवाएं नागरिकों को बिना किसी झंझट के पुलिस सहायता उपलब्ध कराने के लिए डिजिटल माध्यमों को सशक्त बनाया गया है: ई-जीरो एफआईआर (E-Zero FIR) के दायरे का विस्तार: नागरिकों की सुविधा के लिए चोरी या संपत्ति संबंधी नुकसान की ऑनलाइन रिपोर्टिंग सीमा, जो पहले ₹1,00,000 थी, उसे घटाकर अब ₹25,000 कर दिया गया है। इससे छोटे अपराधों और संपत्ति चोरी की स्थिति में आम नागरिकों को त्वरित राहत और ऑनलाइन एफआईआर की सुविधा मिल रही है। ई-रक्षक ऐप (e-Rakshak Mobile App):राज्य अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (SCRB, भोपाल) द्वारा विकसित यह स्मार्ट-पुलिसिंग ऐप सुरक्षा व्यवस्था संभालने और नागरिकों तक आपातकालीन सेवाएं पहुँचाने में तकनीक का बेहतरीन उदाहरण है। सिटीजन पोर्टल (Citizen Portal):चरित्र सत्यापन (Character Verification), किरायेदार/कर्मचारी सत्यापन और ऑनलाइन शिकायत दर्ज करने जैसी बहुमूल्य सेवाएं घर बैठे उपलब्ध हो रही हैं। क्यूआर कोड आधारित शिकायत व्यवस्था: भीड़भाड़ वाले बाजारों, बस स्टैंडों, रेलवे स्टेशनों और सार्वजनिक स्थलों पर क्यूआर कोड स्थापित किए गए हैं, जिन्हें स्कैन कर नागरिक बिना थाने जाए गोपनीय व सीधी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। डायल-112 व फर्स्ट रिस्पांस व्हीकल (FRV): किसी भी आपात स्थिति में सूचना मिलते ही न्यूनतम रिस्पांस टाइम में सहायता उपलब्ध कराने के लिए डायल-112 को आधुनिक जीपीएस व एफआरवी नेटवर्क से लैस किया गया है। अपराधियों का डिजिटल रिकॉर्ड: एक क्लिक पर संदिग्धों का क्रिमिनल बैकग्राउंड, हिस्ट्री शीट और पूर्व रिकॉर्ड की जांच। ​फेशियल रिकग्निशन व वाहन ट्रैकिंग: चेहरे की पहचान कर संदिग्धों को चिह्नित करना तथा चोरी/लावारिस वाहनों और संपत्तियों को तुरंत ट्रैक करना। ​डिजिटल सम्मन/वारंट: समन व वारंट की तामीली को पारदर्शी और त्वरित बनाना। 2. महिला एवं बाल सुरक्षा: संवेदनशीलता और सख्त निगरानी महिला, बालिकाओं एवं कमजोर वर्गों की सुरक्षा मध्यप्रदेश पुलिस की सर्वोच्च ​“शी-शक्ति” (She-Shakti) अभियान: भोपाल पुलिस कमिश्नरेट द्वारा महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान और गरिमा सुनिश्चित करने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत महिला पुलिसकर्मियों द्वारा शहर भर में वाहन रैलियां निकालकर जागरूकता फैलाई जा रही है। ​हॉटस्पॉट व संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष पेट्रोलिंग: प्रमुख बाजारों, पूजा स्थलों, मेलों, गरबा/डांडिया पंडालों और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में प्रत्येक थाने से हॉटस्पॉट चिह्नित कर आरक्षक से निरीक्षक स्तर तक की महिला पुलिस पेट्रोलिंग पार्टियां तैनात की गई हैं। ​त्वरित कार्रवाई व उच्चस्तरीय मॉनिटरिंग: छेड़छाड़, फब्तियां कसने और पीछा करने जैसी घटनाओं पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिएअतिरिक्त/सहायक पुलिस आयुक्त (महिला सुरक्षा) स्तर के अधिकारी इसकी निगरानी कर रहे हैं। ​ऊर्जा डेस्क (Urja Desk):प्रदेश के सभी प्रमुख थानों में महिला केंद्रित शिकायतों की सुनवाई और त्वरित निस्तारण के लिए समर्पित महिला डेस्क सक्रिय रूप से कार्य कर रही हैं। हेल्पलाइन नेटवर्क: महिला हेल्पलाइन (1090 / 181): संकटग्रस्त महिलाओं को विधिक, चिकित्सीय एवं पुलिस सहायता। चाईल्ड हेल्पलाइन (1098): बाल अपराधों की रोकथाम और गुमशुदा/मुसीबत में फंसे बच्चों के त्वरित … Read more

जुमे की नमाज को लेकर उज्जैन में सुरक्षा कड़ी, RAF-STF-CRPF की 3 कंपनियां तैनात

उज्जैन  उज्जैन में शाही मस्जिद के प्रभावित हिस्से को तोड़ने के दौरान सोमवार को हुए उपद्रव के पांचवें दिन भी उज्जैन में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी है। गुरुवार को मीनार का हिस्सा गिरने के बाद शुक्रवार को जुमे की नमाज को देखते हुए पुलिस ने बैरिकेडिंग और सुरक्षा घेरा बनाया।  शाही मस्जिद से करीब 500 मीटर से भी आगे तक पुलिस ने बैरिकेडिंग कर दी है। इस क्षेत्र के आगे लोगों की आवाजाही रोक दी गई है। गुदरी चौराहा, कंठाल से आगे भी आवाजाही रोकी शाही मस्जिद की ओर जाने वाले रास्तों पर गुदरी चौराहा, कंठाल, खारा कुआं थाना और गेबी हनुमान मंदिर क्षेत्र के आगे भी लोगों को रोका जा रहा है। पुलिस ने संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त बल तैनात किया है। चेकिंग पॉइंट बनाकर आने-जाने वालों पर नजर रखी जा रही है। 1 से 3 बजे तक इन इलाकों में नमाज शुक्रवार को दोपहर 1 से 3 बजे के बीच जुमे की नमाज के लिए मुस्लिम समाज के लोगों के अलग-अलग मस्जिदों में पहुंचने की संभावना है। प्रशासन ने जामा मस्जिद सब्जी मंडी, केसवानी मोहल्ला, कबाड़ा बाजार, केडी मदीना मस्जिद, लोहे का पुल, कोट मोहल्ला चौराहा, महाकाल मंदिर चौराहा और लखेरवाड़ी क्षेत्र में भी सुरक्षा बढ़ाई है। इन इलाकों में नमाज के दौरान भीड़ जमा होने को देखते हुए पुलिस बल को अलग-अलग पॉइंट पर तैनात किया गया है। RAF-STF-CRPF की 3 कंपनियां तैनात एसपी प्रदीप शर्मा के अनुसार सुरक्षा व्यवस्था में RAF, STF और CRPF की कुल 3 कंपनियां तैनात हैं। भीड़ प्रबंधन, संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए अतिरिक्त बल को अलग-अलग स्थानों पर लगाया गया है। 8 ड्रोन और करीब 100 CCTV कैमरों से भी निगरानी की जा रही है। नमाज और भीड़ प्रबंधन पर फोकस प्रशासन ने शुक्रवार को नमाज के दौरान भीड़ प्रबंधन को प्राथमिकता दी है। संवेदनशील इलाकों में तैनात पुलिसकर्मियों के अलावा अतिरिक्त बल को रिजर्व रखा गया है। बैरिकेडिंग और चेकिंग पॉइंट के जरिए शाही मस्जिद की ओर जाने वाले रास्तों पर निगरानी रखी जा रही है। आठ एफआईआर, 34 आरोपित; 24 गिरफ्त में उपद्रव को लेकर पुलिस ने अब तक आठ एफआइआर दर्ज की हैं। इनमें 34 लोगों को आरोपित बनाया गया है। इनमें से 24 आरोपित गिरफ्तार किए जा चुके हैं। आरोपितों की संख्या बढ़ सकती है। एसपी प्रदीप शर्मा के अनुसार, सीसीटीवी फुटेज, इंटरनेट मीडिया और तकनीकी जांच के आधार पर अन्य लोगों की भी पहचान की जा रही है। शाही मस्जिद की मीनार का हिस्सा टूटकर छत पर गिरा वहीं, शाही मस्जिद के 10 फीट हिस्से को मस्जिद कमेटी द्वारा हटवाने का कार्य जारी है। इस दौरान गुरुवार को मीनार का हिस्सा टूटकर मुख्य छत पर गिर गया। इससे छत को नुकसान पहुंचा और मलबा अंदर बिखर गया। शहर काजी खलीकुर्रहमान ने स्पष्ट किया कि मीनार का हिस्सा तकनीकी दुर्घटना के कारण टूटकर गिरा। इसको लेकर कोई भ्रामक बातें न फैलाए। मीनार को जल्द ही दोबारा बनाया जाएगा। वहीं, उज्जैन कलेक्टर रौशन कुमार सिंह ने बताया कि दुर्घटनावश टूटकर गिरे हिस्से से किसी भी प्रकार की जनहानि नहीं हुई है, न ही किसी को चोट आई है। उधर, महाकाल मंदिर के मुख्य द्वार से लेकर महाकाल घाटी चौराहा तक मार्ग को 24 मीटर करने के लिए गुरुवार को नगर निगम ने 39 होटल, मकान और दुकानों के बाधक हिस्सों पर बुलडोजर चलाना शुरू कर दिया।  

शाही मस्जिद पर सोशल मीडिया पोस्ट से बवाल, उज्जैन में आरोपी गिरफ्तार

उज्जैन  कोटद्वार के मोहम्मद दीपक को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। उन पर दुकानदार को जान से मारने की धमकी देने और गाली-गलौज के मामले में कार्रवाई हुई है। पुलिस ने दीपक कुमार उर्फ मोहम्मद दीपक के खिलाफ गैर जमानती समेत कई गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। आज मोहम्मद दीपक को कोर्ट में पेश किया जाएगा। यह पूरा विवाद उज्जैन शादी मस्जिद को लेकर फेसबुक पोस्ट से जुड़ा है, जिस पर दीपक भड़क गए थे। कोटद्वार इंस्पेक्टर प्रदीप नेगी के अनुसार, गुरुवार को गंगादत्त जोशी मार्ग में कपड़े की दुकान संचालित करने वाले संजीव टांक ने कोतवाली में मोहम्मद दीपक के खिलाफ तहरीर दी थी। जिसमें उन्होंने बताया कि सुबह 10 बजे के आसपास दीपक ने उनकी दुकान में जाकर गाली देते हुए जान से मारने की धमकी दी। सीसीटीवी में पूरी वारदात सारी घटना सीसीटीवी में कैद हो गई है। कोतवाल प्रदीप नेगी ने बताया कि तहरीर मिलने के बाद दीपक के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज लिया है। शाम को दीपक को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। उज्जैन शादी मस्जिद से जुड़ा विवाद दरअसल, 28 सितंबर को अपने फेसबुक पेज पर पोस्ट किए गए दो मिनट लंबे वीडियो में, कुमार को कथित तौर पर यह कहते हुए सुना जा सकता है कि "उज्जैन में मुसलमानों को शांतिपूर्ण ढंग से विरोध प्रदर्शन करना चाहिए और मामले का सौहार्दपूर्ण समाधान निकालना चाहिए"। दुकानदार संजीव के भाई अरविंद ने बताया कि इसके जवाब में उनके भाई ने भी नीचे कमेंट लिखा था। इसी बात से नाराज होकर दीपक ने जान से मारने की धमकी दी। पुलिस ने बताया कि मामले से जुड़े सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों की जांच की जा रही है। जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर आगे कार्रवाई की जाएगी। इन धाराओं में मुकदमा पौड़ी गढ़वाल के एसएसपी सर्वेश पंवार ने बताया, "दीपक कुमार के खिलाफ बीएनएस की धारा 115 (जानबूझकर चोट पहुंचाना) और 351 (आपराधिक धमकी) के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। शिकायतकर्ता ने बताया कि 'कुमार को फेसबुक पर उसकी एक टिप्पणी पसंद नहीं आई। इसलिए वह उसकी दुकान पर गया और उस पर हमला किया और उसे धमकी दी।" रातोंरात मिली सुर्खियां मोहम्मद दीपक का असली नाम दीपक कुमार कश्यप है और वह एक जिम ट्रेनर है। 26 जनवरी 2026 को पर एक बुजुर्ग मुस्लिम दुकानदार के समर्थन में आगे आने के बाद चर्चा और सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। जब भीड़ दुकान के नाम का विरोध कर रही थी, तब दीपक कुमार ने बीच-बचाव किया खुद को भीड़ के सामने ‘मोहम्मद दीपक’ बताया था। ये वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हुआ था।

परीक्षार्थियों की सुविधा के लिए मकरोनिया-मुरैना के बीच चलेगी परीक्षा स्पेशल ट्रेन

परीक्षार्थियों की सुविधा के लिए मकरोनिया-मुरैना के बीच चलेगी परीक्षा स्पेशल ट्रेन मुरैना  आगामी प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल होने वाले परीक्षार्थियों की अतिरिक्त भीड़ को देखते हुए रेल प्रशासन ने मकरोनिया-मुरैना के बीच परीक्षा अनारक्षित स्पेशल ट्रेन चलाने का निर्णय लिया है। गाड़ी संख्या 01711/01712 दोनों दिशाओं में तीन-तीन फेरे लगाएगी। गाड़ी संख्या 01711 मकरोनिया-मुरैना स्पेशल 1 से 3 अक्टूबर तक प्रतिदिन शाम 6 बजे मकरोनिया से रवाना होगी और सागर, खुरई, बीना मलखेड़ी तथा वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी होते हुए अगले दिन सुबह 4 बजे मुरैना पहुंचेगी। वहीं, वापसी में गाड़ी संख्या 01712 मुरैना-मकरोनिया स्पेशल 2 से 4 अक्टूबर तक प्रतिदिन सुबह 5 बजे मुरैना से चलेगी। ट्रेन वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी, अगासोद, बीना मलखेड़ी, खुरई और सागर होते हुए दोपहर 2 बजे मकरोनिया पहुंचेगी। रेल प्रशासन के अनुसार ट्रेन में कुल 12 आईसीएफ कोच लगाए जाएंगे। इनमें 10 द्वितीय श्रेणी स्लीपर/अनारक्षित कोच और 2 एसएलआर कोच शामिल हैं। यात्रियों से यात्रा शुरू करने से पहले 139 या NTES के माध्यम से ट्रेन की वास्तविक स्थिति जांचने की अपील की गई है।