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बी एच ई एल भोपाल की प्रतिनिधि यूनियन द्वारा कर्मचारी हित में उठी आवाज

एआईबीईयू-निफ्टू ने सेफ्टी शूज़ के अंतर राशि के भुगतान की रखी माँग भोपाल ऑल इंडिया बीएचईएल एम्प्लॉइज यूनियन (AIBEU) संबद्ध नेशनल फ्रंट ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियन (NFITU) के एक प्रतिनिधिमंडल ने आज यूनिट के महासचिव एवं निफ्टू के प्रदेश अध्यक्ष श्री रामनारायण गिरी के नेतृत्व में बीएचईएल प्रबंधन से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने जीएम (एचआर) श्री टी.यू. सिंह और एजीएम (एचआर) श्री आरिफ सिद्दीकी से कर्मचारियों के हित से जुड़ा महत्वपूर्ण मुद्दा सेफ्टी शूज़ की बची हुई राशि के भुगतान  पर चर्चा की। बैठक में यूनियन के कार्यवाहक अध्यक्ष श्री आशीष सोनी,कोषाध्यक्ष श्री विशाल वाणी, एवं संगठन सचिव श्री राजमल बैरागी  भी उपस्थित रहे। यूनियन ने बताया कि गत वर्ष कर्मचारियों को सेफ्टी शूज़ के एवज में ₹1600/- का भुगतान किया गया था, जबकि इस वर्ष कंपनी द्वारा सीधे सेफ्टी शूज़ उपलब्ध कराए गए हैं, जिनकी कीमत लगभग ₹800/- है। इस पर यूनियन ने प्रबंधन से माँग की कि शेष ₹800/- (डिफरेंस अमाउंट) कर्मचारियों को भुगतान के रूप में दिया जाए। यूनियन का कहना है कि इस कदम से न केवल कर्मचारियों को आर्थिक लाभ मिलेगा, बल्कि उनके मनोबल में भी वृद्धि होगी। AIBEU–NFITU ने स्पष्ट किया कि वह कर्मचारियों के हितों की रक्षा के लिए सदैव तत्पर है और आगे भी ऐसे मुद्दों पर आवाज उठाती रहेगी  

कृषि मंत्री कंषाना बोले— मुख्यमंत्री डॉ. यादव किसानों के हित और कल्याण के लिए पूरी तरह संकल्पित

मुख्यमंत्री डॉ. यादव किसान हित और उनके कल्याण के लिए संकल्पित : कृषि मंत्री श्री कंषाना भावांतर योजना में 8 नवंबर को 4033 रुपए प्रति क्विंटल मॉडल रेट जारी भोपाल  किसान कल्याण और कृषि विकास मंत्रीएदल सिंह कंषाना ने कहा है कि  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव किसान हित और उनके कल्याण के लिए संकल्पित है। उन्होंने प्रदेश के अन्नदाताओं की सोयाबीन उपज का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) का पूर्ण लाभ दिलाने के लिए भावांतर योजना लागू की है। साथ ही किसान हितैषी अनेक योजनाएं भी संचालित की जा रही हैं। किसानों को किसी तरह का नुकसान नहीं होने दिया जाएगा। कृषि मंत्री  कंषाना ने कहा कि भावांतर योजना 2025 अंतर्गत  सोयाबीन विक्रेता किसानों के लिए 8 नवंबर को 4033 रुपए प्रति क्विंटल  का मॉडल रेट जारी किया गया है। यह मॉडल रेट उन किसानों के लिए जारी किया गया है, जिन्होंने अपनी सोयाबीन की उपज मंडी प्रांगणों में विक्रय की है। उक्त मॉडल रेट के आधार पर ही भावांतर की राशि की गणना की जाएगी। भावान्तर योजना को लेकर किसानों में उत्साह कृषि मंत्री  कंषाना ने कहा कि भावान्तर योजना को लेकर किसानों में भारी उत्साह मंडियों में देखा जा रहा है। योजनांतर्गत 9 लाख 36 हजार 352 कृषकों द्वारा पंजीयन कराया गया है। योजना प्रारंभ से प्रदेश की 243 मंडियो एवं उप मंडियो में 1 लाख 44 हजार 180 किसानों द्वारा 24 लाख 67 हजार 100 क्विंटल सोयाबीन विक्रय किया गया। भावान्तर योजना अंतर्गत सर्वाधिक सोयाबीन की आवक कृषि उपज मंडी समिति गंजबासौदा, देवास, उज्जैन, इंदौर तथा आगर में रही। समस्त मंडियों में विपणन की कार्यवाही सुचारू रूप से संपादित की जा रही है। किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री  एदल सिंह कंषाना ने कहा कि राज्य सरकार किसान हितैषी है। प्रदेश के अन्नदाताओं को उपज के न्यूनतम समर्थन मूल्य का पूरा लाभ दिलाने के लिए सोयाबीन उत्पादक किसानों को अतिरिक्त 1300 रूपए प्रति क्विंटल दिए जाएंगे। आगामी 13 नवंबर को सोयाबीन उत्पादक किसानों को इसका लाभ वितरित किया जाएगा। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में कल्याणकारी योजनाओं और विकासमूलक कार्यक्रमों का क्रियान्वयन करते हुए राज्य सरकार सशक्त भारत-सशक्त मध्यप्रदेश के पथ पर अग्रसर है। 

यात्रियों की सुविधा बढ़ने के साथ प्रदेश के पर्यटन क्षेत्र को मिलेंगी नई ऊंचाइयां- मुख्यमंत्री डॉ. यादव

प्रधानमंत्री  मोदी ने बनारस-खजुराहो वंदे भारत ट्रेन की दी सौगात यात्रियों की सुविधा बढ़ने के साथ प्रदेश के पर्यटन क्षेत्र को मिलेंगी नई ऊंचाइयां- मुख्यमंत्री डॉ. यादव बनारस से खजुराहो तक दौड़ेगी वंदे भारत! PM मोदी का तोहफा, CM यादव बोले— पर्यटन को मिलेगी नई ऊंचाइयां मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रधानमंत्री  मोदी का माना आभार भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी द्वारा आरंभ वंदे भारत ट्रेनें गति, प्रगति और गौरव की प्रतीक हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश में 'बनारस-खजुराहो' सहित देश को 4 नई वंदे भारत ट्रेनों की सौगात देने पर प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी का आभार माना है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में विद्यमान खजुराहो भारतीय कला, संस्कृति और स्थापत्य की अमूल्य धरोहर है। बनारस-खजुराहो वंदे भारत ट्रेन खजुराहो को काशी सहित देश के प्रमुख धार्मिक और सांस्कृतिक नगरों से जोड़ेगी। इस ट्रेन से यात्रियों की सुविधा बढ़ेगी, राज्य के पर्यटन क्षेत्र को नई ऊंचाइयां मिलेंगी और हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का व्यापक प्रसार होगा। उन्होंने बनारस-खजुराहों वंदे भारत ट्रेन सुविधा के लिए प्रदेशवासियों की ओर से प्रधानमंत्री  मोदी का हार्दिक आभार माना।  

लाडली योजना अपडेट: इस महीने 1,500 रुपए सीएम के वादे के अनुसार सीधे खाते में

भोपाल  मुख्यमंत्री मोहन यादव अपनी लाड़ली बहनों से किया वादा पूरा करने जा रहे हैं। राज्य की प्रमुख लाडली बहना योजना के 1.26 करोड़ से अधिक लाभार्थियों को अब हर महीने ₹1500 मिलेंगे। यह राशि पहले ₹1250 प्रति माह थी। यह बढ़ोतरी भाई दूज के बाद से लागू होनी थी, लेकिन सरकारी सूत्रों के अनुसार, 12 नवंबर को नर्मदापुरम जिले के बाबई में एक राज्य स्तरीय कार्यक्रम में मुख्यमंत्री स्वयं लाभार्थियों के खातों में ₹1500 की राशि ट्रांसफर करेंगे। मंत्री ने भी की पुष्टि महिला एवं बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया ने भी इसकी पुष्टि की है कि नवंबर से यह बढ़ी हुई राशि मिलनी शुरू हो जाएगी। यह पिछले दो सालों में इस योजना के तहत पहली वृद्धि है। मुख्यमंत्री ने 12 सितंबर 2025 को घोषणा की थी कि लाड़ली बहना लाभार्थियों को हर महीने ₹1500 मिलेंगे, जिसे धीरे-धीरे ₹3000 प्रति माह तक बढ़ाया जाएगा। 12 अक्टूबर 2025 को, 1.26 करोड़ से अधिक लाभार्थियों के खातों में ₹1541 करोड़ की 29वीं किस्त भेजी गई थी। दीवाली बोनस का किया था ऐलान सरकार ने दिवाली बोनस के तौर पर 'भाई दूज' से ₹1500 देने का वादा किया था। 18 अक्टूबर 2025 को मुख्यमंत्री ने 'भाई दूज' पर ₹250 अतिरिक्त जमा करने और अगले महीने से ₹1500 देने की घोषणा की थी। हालांकि, 23 अक्टूबर 2025 को लाभार्थियों को भाई दूज पर वादा किया गया ₹250 अतिरिक्त नहीं मिला, लेकिन सरकार ने नवंबर से ₹1500 प्रति माह की राशि बढ़ाने का अपना वादा दोहराया। योजना के 1.26 करोड़ लाभार्थी मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना की शुरुआत पिछली भाजपा सरकार ने मार्च 2023 में, विधानसभा चुनावों से ठीक पहले की थी। शुरुआत में, महिला लाभार्थियों को ₹1000 प्रति माह देने की घोषणा की गई थी। अगस्त 2023 में, सरकार ने अक्टूबर 2023 से राशि बढ़ाकर ₹1250 प्रति माह करने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने दिवाली से मौजूदा ₹1250 प्रति माह से बढ़ाकर ₹1500 प्रति माह करने की घोषणा की थी। इस योजना के तहत लाभार्थियों की संख्या 1.26 करोड़ है। अगस्त 2023 से नए रजिस्ट्रेशन बंद 20 अगस्त 2023 के बाद से योजना के तहत कोई नया पंजीकरण शुरू नहीं किया गया है। पिछले महीने तक, लाड़ली बहना योजना के तहत राज्य सरकार ने 29 किस्तों में ₹45,000 करोड़ हस्तांतरित किए हैं।  

किसानों के चेहरे पर मुस्कान, सोयाबीन पर मोहन सरकार का 1,300 रुपये प्रति क्विंटल भावांतर

 भोपाल  प्रदेश सरकार ने सोयाबीन उत्पादक किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) का लाभ सुनिश्चित कराने के लिए बड़ी राहत दी है। सरकार सोयाबीन किसानों को प्रति क्विंटल 1,300 रुपये अपनी ओर से अतिरिक्त देगी। भावांतर योजना में अभी तक मंडियों में हुई बिक्री की दर का औसत निकालकर चार हजार रुपये माडल रेट तय किया है। 13 नवंबर को अंतर की यह राशि पंजीकृत किसानों के खातों में अंतरित की जाएगी। नौ लाख से ज्यादा किसानों कराया पंजीचन सोयाबीन का समर्थन मूल्य 5,328 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित है। मंडियों में इससे कम भाव मिलने के कारण प्रदेश सरकार ने भावांतर योजना लागू की है। इसमें मंडियों में बिक्री का औसत मूल्य निकालकर माडल रेट तय करने का निर्णय लिया गया। इस योजना का लाभ लेने के लिए नौ लाख 36 लाख किसानों ने पंजीयन कराया। योजना की अवधि प्रदेश में 24 अक्टूबर से 15 जनवरी 2026 तक रखी गई है। तय किया मॉडल रेट मुख्यमंत्री डा.मोहन यादव ने शुक्रवार को राजधानी भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में मीडिया से चर्चा में बताया कि भावांतर योजना में सोयाबीन का प्रति क्विंटल मॉडल रेट 4,000 रुपये से अधिक तय किया गया है। किसानों को उपज के न्यूनतम समर्थन मूल्य का पूर्ण लाभ दिलाने के लिए सोयाबीन उत्पादक किसानों को 1,300 रुपये प्रति क्विंटल दिए जाएंगे। 13 नवंबर को यह राशि किसानों के खातों में अंतरित होगी।  

देशभर के आयुर्वेद कॉलेजों को मिली एनसीआइएसएम मान्यता, मध्यप्रदेश में 39 कॉलेजों को भी स्वीकृति

भोपाल   भारतीय चिकित्सा पद्धति राष्ट्रीय आयोग (एनसीआइएसएम) ने सत्र 2025-26 के लिए देशभर के 565 आयुर्वेद मेडिकल कॉलेजों को मान्यता प्रदान कर दी है। वहीं मध्यप्रदेश में 39 कॉलेजों को मान्यता प्रदान कर दी गई है। मान्यता प्राप्त कॉलेजों में इस वर्ष शुरू हुए 29 नए आयुर्वेद कॉलेज भी शामिल हैं। हालांकि, देश के 18 कॉलेजों की मान्यता पर रोक लगा दी गई है, जिनमें उत्तर प्रदेश के 7 और राजस्थान का एक कॉलेज शामिल है। कटऑफ डेट में वृद्धि आयुष मेडिकल एसोसिएशन के राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ. राकेश पांडेय ने बताया कि आयुष एडमीशन सेंट्रल काउंसलिंग कमेटी (एएसीसीसी) ने छात्रों के हित में यूजी और पीजी प्रवेश की कटऑफ डेट में वृद्धि की है। यूजी प्रवेश की कटऑफ डेट 25 नवंबर से बढ़ाकर 1 दिसंबर तक कर दी गई है। वहीं पीजी प्रवेश की कटऑफ डेट 8 दिसंबर से बढ़ाकर 22 दिसंबर कर दी गई है। एनसीआइएसएम के सचिव सच्चिदानंद प्रसाद द्वारा यह पत्र जारी किया गया है। एनसीआईएसएम और एनसीएच को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि देश भर में प्रथम चरण की काउंसलिंग शुरू होने से पहले ही सभी आयुर्वेद-आयुष कॉलेजों की मान्यता पर निर्णय जारी हो जाए। देशभर में कॉलेज 565     राज्य शास. निजी कुल कॉलेज     मध्यप्रदेश 07 32 39     राजस्थान 09 08 17     उत्तरप्रदेश 09 84 93

क्रांति ने किया यादगार आगमन: ढोल-नगाड़ों, आतिशबाजी और अपने क्रिकेट ग्राउंड को किया सलाम

 छतरपुर  विश्व विजेता बनकर पहली बार घर आई क्रांति गौड़ के घर पर दीपावली जैसा उत्सव रहा। पूरे नगर के लोग एकत्रित होकर अपनी बेटी की एक झलक देखने के लिए उत्सुक दिखे थे। महिला क्रिकेट विश्व कप विजेता क्रांति गौड़ खजुराहो से चलकर शुक्रवार देर रात अपने गृहग्राम घुवारा पहुंचीं। क्रांति के घर को फूलों से सजाया गया था। गांव वालों और इलाके के लोगों को बांटने के लिए 5 क्विंटल से ज्यादा लड्‌डू बनाए गए। इस दौरान इलाके के लोग उमड़ पड़े। ढोल-नगाड़ों, आतिशबाजी और फूलों की वर्षा के बीच लोगों ने गौड़ का भव्य स्वागत किया। जमीन को चूम लिया, जहां पहली बार खेला था क्रिकेट हालांकि क्रांति अपने गांव घुवारा जैसे ही पहुंची तो सबसे पहले वहां गई, जहां पहली दफा क्रिकेट खेला था। क्रांति ने सबसे पहले उस उबड़-खाबड़ जमीन पर माथा टेका और फिर उसे चूमा। बाद में वह कार की छत पर बैठकर अभिवादन करती रहीं। खुद को नाचने से नहीं रोक पाई क्रांति गौड़ इस खास मौके पर उनके दोस्त डीजे पर झूमते हुए दिखे। वहीं क्रांति भी इस दौरान अपने आप को रोक नहीं पाई और ढोल-नगाड़ों पर खूब नाची। घुवारा पहुंचने से पहले क्रांति चौपरिया सरकार मंदिर पहुंचीं, जहां हनुमानजी के समक्ष माथा टेका था। इसके बाद वह घुवारा के लिए निकली।

ऑनलाइन मद् भगवद् गीता ज्ञान प्रतियोगिता में इस वर्ष मिलेंगे 70 पुरस्कार :मुख्यमंत्री डॉ. यादव

गीता ज्ञान प्रतियोगिता में व्यापक भागीदारी करें सुनिश्चित : मुख्यमंत्री डॉ. यादव ऑनलाइन मद् भगवद् गीता ज्ञान प्रतियोगिता में इस वर्ष मिलेंगे 70 पुरस्कार गीता जयंती पर पूरे प्रदेश में मद् भगवद् गीता का होगा सस्वर पाठ 7 से 25 नवम्बर प्रदेश में ऑनलाइन प्रतियोगिता उज्जैन में 1 से 3 दिसम्बर तक होगा अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव राजधानी में भी 1 दिसम्बर को होंगी कई गतिविधियां भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि गीता जयंती, अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव के प्रदेश में गरिमापूर्ण आयोजन के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूर्ण की जाएं। इसके साथ ही ऑनलाइन मद् भगवद् गीता ज्ञान प्रतियोगिता में अधिकाधिक भागीदारी के प्रयास किए जाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शुक्रवार को समत्व भवन (मुख्यमंत्री निवास) में हुई बैठक में वरिष्ठ अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। मध्यप्रदेश में 7 से 25 नवंबर की अवधि में ऑनलाइन मद् भगवद् गीता ज्ञान प्रतियोगिता हो रही है। मध्यप्रदेश के 70 वें स्थापना वर्ष में इस स्पर्धा में 70 पुरस्कारों का प्रावधान किया गया है। पुरस्कार में प्रथम पुरस्कार एक लाख रूपए, द्वितीय पुरस्कार 51 हजार रूपए का रहेगा। इसके साथ ही 31 हजार रूपए के तीन तृतीय पुरस्कारों सहित 15 लैपटाप, 30 ई-बाइक और 20 ई-रिक्शा का वितरण भी किया जाएगा। श्रेष्ठ ज्ञान स्तर के लिए प्रतियोगिता में 11 से 25 वर्ष आयु के विद्यार्थियों को प्रोत्साहन स्वरूप 2 वर्ष तक शिक्षावृत्ति देने का प्रावधान भी किया गया है। प्रतियोगिता में नागरिकों, विद्यार्थियों के साथ ही प्रतियोगिता में कारावास के बंदी भी हिस्सा ले सकेंगे। यह ऑनलाइन प्रतियोगिता प्रदेशभर में शिक्षण संस्थानों के सहयोग से आयोजित की जा रही है। हरियाणा के कुरूक्षेत्र में सजेंगे मध्यप्रदेश के व्यंजनों के स्टॉल मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 24 नवंबर से 1 दिसंबर की अवधि में कुरुक्षेत्र में हो रहे अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव 2025 की तैयारी की जानकारी भी प्राप्त की। इस महोत्सव में मध्यप्रदेश के आंचलिक और जनजातीय व्यंजनों के स्टॉल लगाए जाएंगे। इसके साथ ही मध्यप्रदेश की जनजातीय लोक कला एवं बोली विकास अकादमी की ओर से प्रदर्शनी, मेले और नाट्य समारोह के आयोजन होंगे। नाट्य समारोह में पुनीत इस्सर और मोहित शेवानी मुंबई, शिरीष राजपुरोहित उज्जैन के कार्यक्रमों सहित जनजातीय संग्रहालय के सौजन्य से जनजातीय नृत्यों की प्रस्तुति होगी। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने कृष्ण पाथेय न्यास, महाराजा विक्रमादित्य शोध पीठ, वीर भारत न्यास सहित उच्च शिक्षा, स्कूल शिक्षा, गृह, जनसंपर्क, संस्कृति संचालनालय, कृषि उद्योग विकास परिषद नई दिल्ली, इस्कॉन, गीता परिवार और विश्व गीता प्रतिष्ठानम की भागीदारी के संबंध में भी अधिकारियों से चर्चा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नगरों में गीता भवन और विभिन्न चिन्हित स्थानों पर कृष्ण पाथेय से संबंधित कार्यों को भी पूर्ण किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उद्योग और रोजगार वर्ष 2025 के समापन अवसर पर विश्वविद्यालय और महाविद्यालयों के साथ स्कूल विद्यार्थियों को जोड़कर एक अभिनव कार्यक्रम तैयार करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उज्जैन में 1 से 3 दिसंबर तक अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव के लिए की जा रही तैयारी की भी जानकारी प्राप्त की। इस महोत्सव में ऑनलाइन मद् भागवत गीता ज्ञान प्रतियोगिता के पुरस्कृत प्रतिभागियों को पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे। इस वर्ष प्रतियोगिता में 21 लाख नागरिकों की विशाल भागीदारी का लक्ष्य रखा गया है। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 1 दिसम्बर को दशहरा मैदान उज्जैन में गीता पाठ और प्रदर्शनी सहित सांगीतिक प्रस्तुति होगी। दूसरे दिन काव्य पाठ और सांगीतिक प्रस्तुति और तीसरे दिन बैंगलोर एवं भोपाल के संगीत दल प्रस्तुति देंगे। भोपाल में लाल परेड ग्राउंड पर होगा मद् भगवद् गीता का सस्वर पाठ भोपाल में अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव के अंतर्गत 1 दिसम्बर को लाल परेड ग्राउण्ड पर आचार्यों की सन्निधि में मद् भगवद् गीता के 15वें अध्याय का सस्वर पाठ होगा। इसके साथ ही गौ और गोपाल पर आधारित प्रदर्शनी और बैंगलोर के दल द्वारा गीता ऑन व्हील्स सांगीतिक प्रस्तुति होगी। दो दिसम्बर को रवीन्द्र भवन भोपाल के हंसध्वनि सभागार में कृष्णायन की प्रस्तुति के साथ दिव्यांग कलाकार भी कार्यक्रम प्रस्तुत करेंगे। जिला स्तर पर कार्यक्रमों का स्वरूप बैठक में जानकारी दी गई कि 1 दिसम्बर को प्रदेश के विकासखंडों में गीता पाठ होंगे। जिला मुख्यालय पर भी आचार्यों की सन्निधि में सस्वर पाठ होंगे। भगवान कृष्ण से जुड़े विशेष स्थलों जैसे इंदौर जिले के जानापाव, धार जिले के अमझेरा, उज्जैन जिले के नारायणा, अशोकनगर जिले के चंदेरी, रायसेन जिले के जामगढ़, देवास जिले के पीवडिया-खातेगांव, सागर जिले के प्राचीन नगर एरण और पन्ना जिले में भी विशेष कार्यक्रम होंगे। गीता जयंती पर कृष्ण मंदिरों की विशेष सज्जा की जाएगी। जिला स्तर पर संतों और विद्वतजनों के व्याख्यान भी आयोजित किए जाएंगे। संस्कृति विभाग द्वारा इन सभी कार्यक्रमों की तैयारियां की जा रही है। विक्रमोत्सव 2026 के आयोजन पर चर्चा बैठक में विक्रमोत्सव 2026 के आयोजन पर भी चर्चा हुई। विक्रमोत्सव की शुरूआत 15 फरवरी 2026 से होगी और 19 मार्च 2026 तक विभिन्न गतिविधियां होंगी। इसके बाद 19 मार्च से 30 जून तक जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत प्रस्तावित कार्यक्रमों और गतिविधियों की जानकारी दी गई। विक्रमोत्सव में मुख्य रूप से अनादि देव शिव की कलाओं का शिवार्चन, कलश यात्रा, प्रदर्शनी, शिव पुराण, विक्रम व्यापार मेला, विक्रम नाट्य समारोह, पुतुल कठपुतली समारोह, अनादि पर्व, शिल्प कार्यशाला, मालवी कलम कार्यशाला, विक्रमादित्य का न्याय वैचारिक समागम, कवि सम्मेलन, लोकरंजन, अनहद वैचारिक समागम, पौराणिक फिल्म अंतर्राष्ट्रीय महोत्सव, महाकाल पृथ्वी का समय शोध संगोष्ठी, वेद अंताक्षरी, सूर्य उपासना की गतिविधियां होंगी। प्रदेश के जिलों में भी विक्रमोत्सव के कार्यक्रम होंगे। बैठक में मुख्यमंत्री के संस्कृति सलाहकार राम तिवारी सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।  

पचमढ़ी में राहुल गांधी की सक्रियता: जिलाध्यक्षों की ट्रेनिंग और गांधी प्रतिमा पर फूल अर्पित करेंगे

पचमढ़ी  कांग्रेस नेता और रायबरेली से सांसद राहुल गांधी शनिवार से दो दिन के मध्यप्रदेश प्रवास पर रहेंगे। वे पचमढ़ी में कांग्रेस जिलाध्यक्षों और वरिष्ठ पदाधिकारियों के साथ संगठन की मजबूती, सामाजिक न्याय और आर्थिक नीतियों पर चर्चा करेंगे। बैठक में राहुल गांधी कुछ चुनिंदा नेताओं से अलग-अलग भी बातचीत कर सकते हैं। यह बैठक 2028 के विधानसभा चुनाव के लिए पार्टी की रणनीति तय करने में अहम मानी जा रही है।  राहुल गांधी के आगमन को लेकर पचमढ़ी में सुरक्षा के सख्त इंतजाम किए गए हैं। करीब 150 पुलिसकर्मी और सीआरपीएफ के जवान तैनात रहेंगे। राहुल दोपहर 2:30 बजे भोपाल पहुंचेंगे और वहां से हेलीकॉप्टर से पचमढ़ी जाएंगे। चप्पे-चप्पे पर तैनात होगी पुलिस पचमढ़ी में गांधी के दौरे को लेकर 150 पुलिस कर्मियों चप्पे चप्पे पर नजर रखेंगे। पचमढ़ी के हर चौक चौराहों पर शस्त्र बल तैनात रहेगा। राहुल हेलीपेड से गांधी चौक पर महात्मा गांधी की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित करने जाएंगे। बताया जाता है कि इस प्रतिमा का वर्ष 1959 में तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने सोनिया गांधी ने अनावरण किया था। यहां से राहुल प्रशिक्षण स्थल पर पहुंचेंगे। यहां जिला अध्यक्षों से वन टू वन करेंगे। कार्यक्रम को लेकर पचमढ़ी में कांग्रेसियों ने जगह-जगह पोस्टर, बैनर लगाए हैं। रविशंकर भवन से प्रशिक्षण स्थल तक मार्गों विशेष साफ सफाई की गई है। राहुल के दौरे पर शिक्षा मंत्री ने कसा तंज सेठानी घाट पर सामूहिक वंदे मातरम सामूहिक गायन में शामिल हुए शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप सिंह ने राहुल गांधी के पचमढ़ी दौरे पर तंज कसा है। उन्होंने कहा कि आजाद मुल्क में किसी भी नागरिक को आने जाने और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता रहती है। राहुल महत्वपूर्ण अवसर पर घूमते ही हैं। देश में चुनाव चलते हैं तो विदेश जाते हैं। बिहार में चुनाव चल रहे है तो मध्य प्रदेश आते हैं। यह तो उनके सही वक्त पर लिए गए निर्णय को प्रमाणित करता है। भारतीय अर्थशास्त्र और राजनीति पर सत्र भारतीय अर्थशास्त्र और राजनीति विषय पर एक विशेष सत्र का आयोजन किया गया। इस सत्र में ऑल इंडिया प्रोफेशनल कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रवीण चक्रवर्ती ने अपने गहन अनुभव और विशेषजता के साथ भारतीय अर्थव्यवस्था की वास्तविकताओं, चुनौतियों और अवसरों पर विस्तारपूर्वक चर्चा की। चक्रवर्ती ने बताया कि किस प्रकार वर्तमान भारतीय जनता पार्टी की सरकार आंकड़ों, जुमलों और भामक प्रस्तुतियों के माध्यम से जनता को गुमराह कर रही है। उन्होंने तथ्यों और आर्थिक संकेतकों के माध्यम से यह स्पष्ट किया कि अर्थव्यवस्था की वास्तविक स्थिति प्रचारित किए जा रहे दावों से भिन्न है। सत्र के दौरान उन्होंने प्रेजेंटेशन के माध्यम से आर्थिक नीतियों और उनके प्रभावों का विश्लेषण किया तथा प्रश्नोत्तर सत्र में जिला अध्यक्षों के साथ सार्थक संवाद स्थापित किया।  पांच माह में दूसरी बार आएंगे मध्यप्रदेश राहुल गांधी पांच माह में दूसरी बात मध्यप्रदेश आ रहे हैं। इसके पहले वे संगठन सृजन अभियान के चलते 3 जून को भोपाल आए थे। कार्यकर्ताओं से संवाद किया था। स्पष्ट तौर से यह भी बताया था कि पार्टी में जिलाध्यक्ष ही पॉवरफुल होंगे। अब जबकि जिलाध्यक्ष के चुनाव हो चुके हैं तो राहुल फिर इन्हें संबोधित करने आ रहे हैं। जाहिर है राहुल के आने पर कार्यकर्ताओं को बूस्टर डोज मिलेगा। कार्यकर्ताओं में उत्साह बना रहे पार्टी का यही प्रयास है। अगले विधानसभा और लोकसभा चुनाव को फोकस रखकर पार्टी काम कर रही है। जिलाध्यक्षों का प्रशिक्षण भी इसी की कड़ी है। पचमढ़ी में आयोजित कांग्रेस संगठन सृजन प्रशिक्षण शिविर के पांचवें दिन सभी जिला कांग्रेस अध्यक्षों एवं विधायकों के लिए ऽजाति, संविधान और राजनीति के विषय पर एक महत्वपूर्ण सत्र आयोजित किया। इस सत्र का उद्देश्य भारतीय समाज और राजनीति में जाति की भूमिका, संविधान में उसके प्रावधानों तथा कांग्रेस के दृष्टिकोण की गहराई से समझ विकसित करना था। जाति, संविधान और राजनीति के मुद्दे पर होगी चर्चा सीडब्ल्यूसी के सदस्य एवं झारखंड के प्रभारी के. राजू ने सत्र को संबोधित करते हुए कहा जाति हमारे सामाजिक और राजनीतिक जीवन की एक सच्चाई है, जिसे केवल परंपरा नहीं बल्कि समानता और सामाजिक न्याय के संदर्भ में समझना चाहिए। संविधान ने समानता और अवसर की समानता के माध्यम से जातीय भेदभाव को समाप्त करने का मार्ग प्रशस्त किया है, और कांग्रेस पार्टी सदैव इस भावना को व्यवहार में लाने के लिए प्रतिबद्ध रही है। कार्यक्रम में कहा कि जाति जनगणना सामाजिक न्याय की दिशा में नीति निर्माण का सशक्त आधार बन सकती है। जाति, संविधान और राजनीति ये तीनों भारतीय लोकतंत्र के मूल तत्व हैं, और जब तक समानता तथा सामाजिक न्याय का लक्ष्य प्राप्त नहीं होता, तब तक संविधान की आत्मा अधूरी रहेगी। इस सत्र में जिला अध्यक्षों, प्रशिक्षणार्थियों ने भागीदारी की और संगठन निर्माण में समावेशी दृष्टिकोण अपनाने पर बल दिया।  पचमढ़ी पहुंचने के बाद राहुल गांधी गांधी चौक पर महात्मा गांधी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित करेंगे और फिर प्रशिक्षण सत्र में शामिल होंगे। शाम 4:30 बजे वे जिलाध्यक्षों की ट्रेनिंग कैंप में शामिल होंगे। इसके बाद रात 8 बजे जिलाध्यक्षों और उनके परिवारों के साथ डिनर करेंगे। वे रात को रविशंकर भवन में रुकेंगे और रविवार सुबह 11 बजे बिहार के लिए रवाना होंगे।  बैठक में ‘भारतीय अर्थव्यवस्था और राजनीति की दिशा’ विषय पर एक विशेष सत्र हुआ। इसमें ऑल इंडिया प्रोफेशनल कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रवीण चक्रवर्ती ने देश की आर्थिक चुनौतियों पर बात की और सुझाव दिया कि पार्टी को जनता के आर्थिक मुद्दों को प्राथमिकता देनी चाहिए।  राहुल गांधी का यह दौरा केवल बैठक तक सीमित नहीं रहेगा। वे पार्टी संगठन को मजबूत करने, युवाओं की भागीदारी बढ़ाने और सामाजिक न्याय के मुद्दों पर नई रणनीति बनाने पर जोर देंगे। कांग्रेस सूत्रों के अनुसार, यह बैठक पार्टी की नई कार्ययोजना की दिशा तय करेगी। 

प्रधानमंत्री मोदी का विजन है मध्यप्रदेश का मिशन : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

विश्व बाजार में भारत ने फूंका है स्वदेशी का बिगुल : मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रधानमंत्री  मोदी का विजन है मध्यप्रदेश का मिशन : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री एमवीएम कॉलेज परिसर में लगे स्वदेशी मेला में हुए शामिल भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में नया भारत अर्थव्यवस्था के क्षेत्र में नए कीर्तिमान गढ़ रहा है। दुनिया में जारी आर्थिक युद्ध के बीच भारत ने स्वदेशी का बिगुल फूंका है। प्रधानमंत्री  मोदी ने देश के नागरिकों, व्यापारियों और उद्यमियों को इस आर्थिक युद्ध में "स्वदेशी ब्रह्मास्त्र' सौंपा है। आज सभी क्षेत्रों में स्वदेशी को महत्व देते हुए भारत की सनातन संस्कृति और विरासत से विकास के पथ पर देश अग्रसर है। मध्यप्रदेश सरकार ने प्रधानमंत्री  मोदी के विजन को मिशन बनाया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्वदेशी का अर्थ यह नहीं कि हम दुनिया से अलग हो जाएं। इसका मतलब है कि जो चीज़ हम अपने देश में बना सकते हैं, उसे बाहर से न लाएं और अपने देश में बनी वस्तुओं का ही उपयोग करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शुक्रवार को मोतीलाल विज्ञान आदर्श महाविद्यालय प्रांगण में स्वदेशी जागरण मंच द्वारा आयोजित स्वदेशी मेले का दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मेला परिसर में स्थापित प्रभु राम की प्रतिमा का लोकार्पण भी किया। इस अवसर पर राम स्तुति की प्रस्तुति दी गई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का अंगवस्त्रम एवं ब्रह्मोस मिसाइल की प्रतिकृति भेंटकर आत्मीय स्वागत किया गया। मुख्यमंत्री जी ने लघु उद्यमियों द्वारा लगाए विभिन्न स्टॉल्स का अवलोकन किया एवं स्वदेशी उत्पादों की जानकारी प्राप्त की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि देश के स्वतंत्रता आंदोलन में स्वदेशी ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। महात्मा गांधी, स्वामी दयानंद, लाला लाजपत राय एवं बाल गंगाधर तिलक जैसे अनेक महापुरुषों ने देशवासियों से विदेशी वस्तुओं का बहिष्कार कर स्वदेशी अपनाते हुए आजादी की लड़ाई लड़ने का आह्वान किया। यह स्वदेशी की ही ताकत थी कि बंगाल विभाजन के विरोध में बंग-भंग आंदोलन प्रारंभ हुआ और अंग्रेजों को झुकना पड़ा था। वर्तमान समय में एक देश के नेता दुनिया को टैरिफ की धमकी देते हैं। लेकिन प्रधानमंत्री  मोदी का संकल्प अडिग है। भारत किसी के सामने नहीं झुकेगा। ऐसे समय में प्रधानमंत्री  मोदी ने स्वदेशी ब्रह्मोस मिसाइल से पड़ोसी दुश्मन देश को चारों खाने चित कर दिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज दुनिया को भारत में बड़ा बाजार दिखाई दे रहा है। वे अपनी कमाई के लिए उत्पादों को भारत लाना चाहते हैं। लेकिन हम अपने स्वदेशी के भाव से नई तकनीक अपनाते हुए खेती को भी संरक्षित कर रहे हैं और विभिन्न उत्पादों के निर्यात को बढ़ा रहे हैं। इस मेले में उत्तरप्रदेश भदौही के व्यापारी तक अपने कालीन बेचने यहां आए हैं। स्वदेशी जागरण मंच के अखिल भारतीय मेला प्रमुख  साकेत राठौर ने कहा कि स्वदेशी मेला कोई आम मेला नहीं है। हमें स्वदेशी से एक अगल पहचान मिलती है। स्वदेशी जब समाज के साथ जुड़ता है तो वह आंदोलन में परिवर्तित होता है। स्वदेशी वस्तुओं में हमारी मिट्टी की खुशबू होती है। भारत आर्थिक स्थिति में चौथे पायदान पर है। अगर हमें अमेरिका, चीन और जापान को पीछे छोड़ना है तो स्वदेशी के भाव को अपनाना होगा। वर्षभर में देश में 150 स्वदेशी मेले लगाए जाएंगे। विधायक  भगवानदास सबनानी ने कहा कि देशभर में वन्देमातरम के आयोजन के दिन स्वदेशी मेले का आयोजन एक ऐतिहासिक क्षण है। हमें स्वयं स्वदेशी अपनाते हुए साथियों को भी इसके लिए प्रेरित करना चाहिए। स्वदेशी मेला संयोजक एवं भोपाल के व्यापारी  सतीश विश्वकर्मा ने कार्यक्रम में आभार प्रदर्शन किया। स्वदेशी मेले की शुभारंभ अवसर पर  रमणवीर सिंह अरोड़ा,  सुधीर दाते एवं  सुशील अग्रवाल सहित स्वदेशी आंदोलन से जुड़े पदाधिकारी उपस्थित थे।