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AIIMS भोपाल के डॉक्टरों का कमाल, वेस्टेज गर्भनाल से 13 लोगों की आंखों की रोशनी लौटी

भोपाल  गर्भनाल, गर्भस्थ शिशु के लिए रक्षा कवच का काम करता है. जबकि शिशु का जन्म होने के बाद इस कवच को वेस्टेज समझ के फेंक दिया जाता था, लेकिन एम्स भोपाल के डाक्टर अब इस इस गर्भनाल की झिल्लियों से आंखे खो चुके मरीजों के जीवन में फिर से रोशनी लाने का काम कर रहे हैं. दीपावली के दौरान कार्बाइड गन से घायल 13 लोग आंखों का इलाज कराने के लिए एम्स भोपाल पहुंचे थे. जहां डाक्टरों ने एमनियोटिक मेम्ब्रेन यानि गर्भनाल की झिल्लियों का उपयोग कर उनकी आंखों की रोशनी लौटाई. घाव भरने और पारदर्शिता बनाए रखने में करती है मदद एम्स भोपाल के सर्जन डॉक्टर समेंद्र खुरकुर ने बताया कि "नवजात शिशुओं के जन्म के बाद उनके गर्भनाल को पहले फेंक दिया जाता था, लेकिन अब यही आंखों की गंभीर समस्याओं में दवाई का काम कर रही है. गर्भनाल की जीवित झिल्ली घाव भरने में मदद करती है. इसके साथ ही आंखों की पारदर्शिता बनाए रखने में भी मदद करती है. वहीं निजी अस्पतालों में जहां इस तरह के इलाज में 40 से 50 हजार रुपए खर्च हो जाते हैं. भोपाल एम्स में आयुषमान कार्डधारकों का यह इलाज निशुल्क किया जा रहा है. जबकि जिनके पास आयुष्मान कार्ड नहीं है, उनसे भी केवल 250 रुपए लिए जा रहे हैं. मरीजों की आंखों का 80 प्रतिशत विजन लौटा डॉक्टर समेंद्र खुरकुर ने बताया किए मनियोटिक मेम्ब्रेन तकनीकी ऐसे लोगों के लिए कारगर है, जिनकी आंखें केमिकल के पटाखों से खराब हुई है. उनके कार्नियल अल्सर या संक्रमण की स्थिति में और एलर्जिक सिंड्रोम से पीड़ित मरीजों के इलाज में बेहतर रिजल्ट मिलता है. इसके साथ ही इसका इस्तेमाल ट्रामा या सर्जरी के बाद ऊतकों की बेहतर रिकवरी के लिए भी किया जाता है. उन्होंने बताया कि एम्स भोपाल में जिन मरीजों का इलाज चल रहा है, उनका विजन 80 प्रतिशत से अधिक लौट चुका है. इनमें अधिकतर मरीजों की आंखें कार्बाइड गन से डैमेज हुई थी. इस तरह किया जाता है एमनियोटिक मेम्ब्रेन से इलाज आंखो में चोट, इंफेक्शन या पटाखों से आंखों की ऊपरी सतह झुलसने पर यदि दवाइयों से घाव ठीक नहीं होते तो एमनियोटिक मेम्ब्रेन ग्राफ्टिंग की जाती है. सबसे पहले डिलेवरी के बाद नवजात शिशु को इससे अलग किया जाता है. फिर इसे स्टरलाइज करने के बाद नार्मल स्लाइन से साफ किया जाता है. इसके बाद इसे एंटीबायोटिक या बीटाडीन सॉल्यूशन से साफ किया जाता है. इसके बाद आंखों के क्षतिग्रस्त हिस्से को साफ कर टांकों के माध्यम से इसकी ग्राफ्टिंग की जाती है. इससे घाव जल्द भरते हैं और मरीज की रिकवरी जल्दी होती है. जानिए क्या होता है एमनियोटिक मेम्ब्रेन एमनियोटिक मेम्ब्रेन एक पतली और मजबूत झिल्ली होती है, जो गर्भावस्था के दौरान भ्रूण को घेरे रहती है. विशेष रूप से, यह एमिनियोटिक थैली की आंतरिक या भीतरी परत होती है, जो भ्रूण को धारण करने वाला आवरण होती है. एमनियोटिक थैली में एमनियोटिक द्रव और एक बाहरी परत भी होती है, जिसे कोरियोन कहा जाता है. ये संरचनाएं मिलकर भ्रूण के लिए एक सुरक्षात्मक आवरण बनाती हैं, ताकि वह बढ़ सके और विकसित हो सके.

वंदे-मातरम के 150 साल: मध्यप्रदेश में भव्य जन-उत्सव, राज्य मंत्री लोधी ने किया ऐलान

राष्ट्रगीत वंदे-मातरम की 150वीं वर्षगांठ मध्यप्रदेश में एक भव्य जन-उत्सव के रूप में मनाई जाएगी : राज्य मंत्री  लोधी पूरे एक वर्ष तक, पंचायत से लेकर पर्यटन स्थलों तक गूंजेगा वंदे मातरम का अमर स्वर राज्य स्तरीय मुख्य समारोह 7 नवंबर को शौर्य स्मारक में होगा सभी मुख्यालयों पर होगा एक साथ गायन "स्वदेशी अपनाएँ" का लिया जाएगा सामूहिक संकल्प भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में राष्ट्रगीत 'वंदे मातरम' के 150 वर्ष पूर्ण होने के ऐतिहासिक अवसर को मध्यप्रदेश में एक अविस्मरणीय 'जन-उत्सव' के रूप में मनाया जाएगा। संस्कृति, पर्यटन और धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार)  धर्मेंद्र भाव सिंह लोधी ने जानकारी देते हुए बताया कि यह गौरवशाली आयोजन 7 नवंबर 2025 से प्रारंभ होकर 7 नवंबर 2026 तक, पूरे एक वर्ष तक चलेगा। यह समारोह, भारत सरकार के निर्णय के अनुरूप, राष्ट्रगीत के गौरवशाली इतिहास, स्वतंत्रता आंदोलन में इसकी ओजस्वी भूमिका और हमारी सांस्कृतिक विरासत में इसके अमूल्य महत्व को प्रदर्शित करने के लिए आयोजित किया जा रहा है। राज्यमंत्री  लोधी ने इस आयोजन की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा, "'वंदे मातरम' केवल एक गीत नहीं, बल्कि यह हमारी राष्ट्रीय चेतना का वह जीवंत स्फुरण है जिसने करोड़ों भारतवासियों के हृदय में स्वाधीनता की अलख जगाई। यह हमारे अमर बलिदानियों का जयघोष था। इस ऐतिहासिक वर्षगांठ को मनाने का निर्णय हमारी नई पीढ़ी को उस त्याग और राष्ट्र-प्रेम की भावना से सीधे जोड़ने का एक सशक्त माध्यम बनेगा। मध्य प्रदेश इस राष्ट्रीय आयोजन को एक जन-अभियान का स्वरूप देगा। राज्यमंत्री  लोधी ने बताया कि वर्ष भर चलने वाले इन समारोहों को चार मुख्य चरणों में विभाजित किया गया है, जिससे राष्ट्र-प्रेम की भावना सतत प्रवहमान रहे।          प्रथम चरण: 7 नवंबर से 14 नवंबर 2025 तक।          द्वितीय चरण: 19 जनवरी से 26 जनवरी 2026 (गणतंत्र दिवस सप्ताह)।          तृतीय चरण: 7 अगस्त से 15 अगस्त 2026 ('हर घर तिरंगा अभियान' के साथ)।          चतुर्थ चरण: 1 नवंबर से 7 नवंबर 2026 (समापन सप्ताह)। राज्यमंत्री  लोधी ने बताया कि राज्य स्तरीय समारोह 7 नवंबर 2025 को प्रातः 09:30 बजे भोपाल स्थित शौर्य स्मारक में संस्कृति विभाग द्वारा आयोजित किया जाएगा। इसी समय, प्रातः 9:30 बजे, प्रदेश के सभी जिला, तहसील एवं विकासखण्ड मुख्यालयों पर "वंदे मातरम" का संपूर्ण गायन एक साथ, एक स्वर में किया जाएगा। प्रातः 10 बजे से नई दिल्ली में आयोजित प्रधानमंत्री के मुख्य कार्यक्रम के सीधे प्रसारण को देखने-सुनने की व्यवस्था प्रदेश के सभी आयोजन स्थलों पर सुनिश्चित की जाएगी। प्रदेश के सभी शासकीय, अशासकीय, अर्द्ध-शासकीय विद्यालयों, महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों में 7 नवंबर को वंदे मातरम का भव्य गायन अनिवार्य रूप से सुनिश्चित किया जाएगा। इस राष्ट्रगीत गायन को और अधिक भव्य स्वरूप प्रदान करने के लिए पुलिस बैंड, स्कूल-कॉलेजों के बैंड एवं अन्य स्थानीय बैंड दलों की सहभागिता भी होगी। राज्यमंत्री  लोधी ने बताया कि यह आयोजन केवल शासकीय न होकर, 'जन-जन का आयोजन' बनेगा। इसके लिए समाज के हर वर्ग की भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है, जिसमें विद्यार्थी, जनप्रतिनिधि, शासकीय अधिकारी-कर्मचारी, पुलिसकर्मी, चिकित्सक, शिक्षक और सामाजिक संगठन सक्रिय रूप से शामिल होंगे। राज्य मंत्री  लोधी ने कार्यक्रमों की श्रंखला के संबंध में बताया कि 8 नवंबर 2025: प्रातः 10 बजे पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा प्रदेश की सभी जिला, जनपद एवं ग्राम पंचायतों में 'वंदे मातरम' का सामूहिक गायन आयोजित किया जाएगा, जिसमें स्थानीय जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति सुनिश्चित की जाएगी। 10 नवंबर 2025 प्रातः 10 बजे नगरीय विकास एवं आवास विभाग के माध्यम से प्रदेश के सभी नगरीय निकायों (नगर निगम, नगर पालिका, नगर परिषद) में वंदे मातरम का गायन किया जाएगा। संस्कृति मंत्री ने निर्देश दिए कि पर्यटन विभाग के समन्वय से, प्रदेश के सभी जिलों में कलेक्टरों द्वारा चयनित प्रमुख पर्यटन स्थलों पर भी 'वंदे मातरम' राष्ट्रगीत का गायन सुनिश्चित किया जाए, जिससे पर्यटकों में भी राष्ट्रीय गौरव का संचार हो। "सभी स्वदेशी अपनाएँ" का लिया जाएगा सामूहिक संकल्प राज्यमंत्री  लोधी ने बताया कि इन सभी आयोजनों का एक महत्वपूर्ण और सार्थक भाग "सभी स्वदेशी अपनाएँ" का सामूहिक संकल्प। यह संकल्प राष्ट्र को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक प्रतीकात्मक और ठोस कदम होगा।   

उमरिया में 3 दिवसीय मास्टर ट्रेनर ट्रेनिंग, साल 2026 में होगी बाघों की गणना

उमरिया  बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में साल 2026 में होने वाली बाघ की गणना को लेकर अधिकारी कर्मचारियों को लगातार ट्रेंड किया जा रहा है. इसके लिए 3 नवंबर से लेकर 5 नवंबर तक बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में तीन दिवसी मास्टर ट्रेनर की ट्रेनिंग कराई गई. इस दौरान कई वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे. 50 से अधिक कर्मचारी और अधिकारियों ने लिया हिस्सा 3 नवंबर से 5 नवंबर तक बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के ताला ईको केंद्र में विशेष ट्रेनिंग आयोजित की गई, जिसमें वन मंडल स्तरीय मास्टर ट्रेनर और समन्वय अधिकारियों की ये तीन दिवसीय ट्रेनिंग आयोजित की गई थी, जहां 7 मंडलों के 50 से अधिक अधिकारी कर्मचारियों ने हिस्सा लिया. इसमें कर्मचारी और अधिकारियों को अलग-अलग लेवल की ट्रेनिंग कराई गई. इस दौरान कई वरिष्ठ अधिकारी और एक्सपर्ट्स भी मौजूद रहे. फील्ड सेशन में डाटा कलेक्शन सहित कई बिंदुओं पर चर्चा 3 दिवसीय ट्रेनिंग के आखिरी दिन भोपाल से आए अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक एल कृष्णमूर्ति भी शामिल हुए, जहां उन्होंने फील्ड सत्र में हिस्सा लिया. इस दौरान एल कृष्णमूर्ति के साथ बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के क्षेत्र संचालक अनुपम सहाय और उपसंचालक पीके वर्मा भी सम्मिलित थे. फील्ड सेशन में फील्ड में डाटा कलेक्शन में आने वाली कठिनाइयों और छोटी-छोटी गलतियां के निराकरण पर ध्यान दिया गया. कैमरा ट्रैप में इन बातों पर फोकस फील्ड सत्र के बाद WII देहरादून से आए आशीष प्रसाद और मास्टर ट्रेनर कमलेश नंदा ने क्लासरूम सेशन भी लिया और फील्ड में आने वाली समस्याओं का निराकरण किया. बाघों की गणना में कैमरा ट्रैप का बहुत बड़ा रोल होता है, फील्ड में कैमरा ट्रैप लगाने में अक्सर गलतियां हो जाती हैं, ऐसे में कौन सी छोटी-छोटी गलतियां होती हैं, जिन पर फोकस करने की जरूरत है, फील्ड में होने वाली इन छोटी छोटी गलतियों पर भी ध्यान दिया गया. इन कारणों से बाघ गणना में सही संख्या नहीं मिलती कई बार कैमरा ट्रैप को गलत दिशा में, दूरी एवं ऊंचाई पर लगाने के कारण फोटो ब्लर हो जाती है और टाइगर नहीं मिल पाता है. जिसके चलते बाघ गणना में सही संख्या नहीं मिल पाती. इसके अलावा कैमरा ट्रैप आईडी और स्थान भी मिसमैच होने के चलते डाटा कलेक्शन में दिक्कत होती है. ऐसी छोटी-छोटी गलतियों पर भी फोकस किया गया, उन गलतियों को सुधारने के तरीके भी बताए गए. बांधवगढ़ बाघों का गढ़ बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के क्षेत्र संचालक अनुपम सहाय ने बताया कि "ये तीन दिवसीय ट्रेनिंग थी, जिसमें 7 वन मंडल के 50 से ज्यादा अधिकारी कर्मचारियों ने हिस्सा लिया और मास्टर ट्रेनर बने. यह तैयारी 2026 में होने वाली बाघ गणना के लिए हो रही है. बाघ गणना 2026 की तैयारी की समीक्षा भी की गई. साथ ही इसे सफलतापूर्वक संपन्न करने के लिए आवश्यक दिशा निर्देश भी सभी अधीनस्थों को दिए.     बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व बाघों का गढ़ माना जाता है, इसीलिए पूरे मध्य प्रदेश में बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में मिलने वाले बाघों की संख्या पर सबकी नजर रहेगी. टाइगर रिजर्व प्रबंधन भी बाघों की सटीक और सही गणना के लिए लगातार ट्रेनिंग और तैयारी कर रहा है. इससे पहले साल 2022 में बाघों की गणना की गई थी, जिसमें 165 बाघ मिले थे, इस बार देखना दिलचस्प होगा की बाघों की संख्या कहां तक पहुंचती है.

सिंहस्थ से पहले तैयार होगा भोपाल-इंदौर हाईवे का 31 करोड़ रुपये का फ्लाईओवर

 भोपाल  भोपाल शहर के सबसे प्रमुख सड़क जंक्शन को सुरक्षित करने की योजना ने महत्वपूर्ण पड़ाव पूरा कर लिया है। भोपाल-इंदौर राजमार्ग पर यह छह लेन का नया फ्लाईओवर है, जिसका निर्माण 31 करोड़ रुपयों की लागत से होगा। इसके बन जाने से भोपाल से इंदौर जाने वालों को खजुरी स्थित 11 मील जंक्शन की भीड़ का सामना नहीं करना पड़ेगा। विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर और क्षेत्रीय भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने बुधवार को इस परियोजना के निर्माण कार्य का भूमिपूजन किया। इस दौरान विधानसभा अध्यक्ष ने नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि प्रदेश सरकार में सबका साथ-सबका विकास के तहत पूरे भोपाल में तेजी से विकास कार्य किए जा रहे हैं। इसी के तहत यह फ्लाईओवर का निर्माण कार्य किया जाएगा, जो कि 2028 में होने वाले उज्जैन सिंहस्थ के पहले तैयार हो जाएगा। ऐसे में इंदौर-भोपाल मुख्य मार्ग पर बढ़ते यातायात को विभाजित करने में मदद मिलेगी और इस सड़क पर हो रहे हादसे भी नियंत्रित होंगे। 18 महीने में निर्माण का लक्ष्य अधिकारियों ने बताया कि छह लेन के इस फ्लाईओवर की लंबाई 850 मीटर होगी। इसके निर्माण की जिम्मेदारी मध्य प्रदेश सड़क विकास निगम को मिली है। यह एजेंसी 18 महीने में निर्माण पूरा करने की लक्ष्य लेकर चल रही है। फ्लाईओवर के साथ उसपर पथप्रकाश व्यवस्था और सर्विस लेन भी बनाई जाएगी ताकि आवागमन सुगम बना रहे। भोपाल बाइपास को बाइपास करेगा खजूरी स्थित 11 मील तिराहे पर भोपाल बायपास व भोपाल इंदौर राजमार्ग आपस में जुड़ते हैं। इस तिराहे से औसतन दो लाख वाहन रोज गुजरते हैं। इसकी वजह से इस चौराहे पर अक्सर जाम लग जाता है। नया फ्लाईओवर जंक्शन से करीब 400 मीटर पहले शुरू होगा। जंक्शन तिराहे के ऊपर से गुजरकर यह खजुरी के पास उतरेगा। इसकी वजह से भोपाल से इंदौर या इंदौर से भोपाल की ओर आ रहे वाहनों को जाम से मुक्ति मिल जाएगी। बाइपास से आने वाले वाहन सर्विस रोड से होकर मुख्य सड़क पर पहुंचेंगे।     850 मीटर लंबा होगा फ्लाईओवर     6 लेन का होगा     31 करोड़ रुपयों में बनेगा     18 महीने में पूरा होगा     3 लाख लोग रोजाना गुजरेंगे  

जबलपुर को मिली गोल्फ टूर्नामेंट की मेजबानी, 8 नवंबर से लगेगा गोल्फ खिलाड़ियों का जमावड़ा

जबलपुर  गोल्फ फेडरेशन ऑफ इंडिया के तत्वाधान में देश भर में 'भारत गोल्फ महोत्सव' का आयोजन हो रहा है. इसका शुभारंभ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन 17 सितम्बर से हुआ और समापन 12 जनवरी को स्वामी विवेकानंद की जयंती पर होगा. सबसे खास बात यह है कि, इसी क्रम में जबलपुर को मेजबानी करने का मौका मिला है. इसका आयोजन आर्मी क्षेत्र (एप्टा) में 8 और 9 नवंबर को किया जाएगा, जो इसे और भी विशेष बनाता है. इस आयोजन के माध्यम से यह प्रयास किया जा रहा है कि, युवा मोबाइल स्क्रीन और नशे की आदत से निकलकर खेल के मैदान में आएं. यह दो दिवसीय महोत्सव आर्मी एरिया में आयोजित किया जा रहा है. जिसमें देश भर के गणमान्य व्यक्ति, गोल्फ खिलाड़ी और वीर जवान शामिल होंगे. 2 दिनों चलेगा गोल्फ महोत्सव 8 नवम्बर को जबलपुर में भारत गोल्फ महोत्सव का शुभारंभ होगा. विभिन्न कार्यक्रर्मों के साथ ही बाहर से आये गोल्फ खिलाड़ियों का रजिस्ट्रेशन दिन भर चलेगा. इस महोत्सव मे मुख्य केंद्र-बिंदु सामाजिक चेतना है. जिसके तहत कई लक्ष्यों पर ध्यान केंद्रित किया गया है. जिसमें पर्यावरण के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिये गोल्फ जैसे खेल को प्रोत्साहित करना जो प्रकृति और हरियाली के बीच में खेले जाते हैं. 'मेक इन इंडिया' स्वदेशी और भारतीय उत्पादों को प्रोत्साहित करना. शिक्षा के प्रसार और गुणवत्ता को बढ़ावा देने के साथ ही युवाओं को नशे की लत से दूर रखकर खेल के मैदान में उतारना है. लोगों में बढ़ता मोटापा जो आज के समय की बहुत बड़ी समस्या है, लिहाजा इस समस्या के प्रति भी लोगों को जागरूक करना शामिल है. वीर जवानों के बीच होगा आयोजन गोल्फ फेडरेशन ऑफ इंडिया के जनरल सेक्रेटरी आर्यवीर आर्या ने जानकारी देते हुए बताया कि, "यह कार्यक्रम इसलिए भी विशेष है क्योंकि यह देश के वीर जवानों के बीच हो रहा है, यानी आर्मी एरिया में हो रहा है. इस दौरान वीर नारियों का सम्मान कर इस कार्यक्रम को और भी ज्यादा गौरवमय बनाया जाएगा. NTOBC रन, गोल्फ ट्रेनिंग के माध्यम से युवा प्रतिभाओं को प्रोत्साहन, पौधारोपण, स्वास्थ्य और प्रकृति के प्रति जागरूकता करना है. छात्रों को गोल्फ ट्रेनिंग भी दी जाएगी. रणदीप हुड्डा बढ़ाएंगे खिलाड़ियों का हौसला अगले दिन 9 नवम्बर को गोल्फ प्रतियोगिता का शुभारंभ होगा, जिसमें अभिनेता रणदीप हुड्डा भी शामिल होंगे. जिसके बाद दिन में गोल्फ प्रतियोगिता संपन्न होगी और शाम को अवार्ड वितरण के साथ ही कल्चरल प्रोग्राम, भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम और शहीदों के परिवार का सम्मान किया जाएगा. जिसके बाद इस 2 दिवसीय टूर्नामेंट का समापन होगा. गोल्फ फेडरेशन ऑफ इंडिया ने खेल प्रेमियों के साथ ही युवाओं और नागरिकों से अपील की है की विशेष तौर पर ज्यादा से ज्यादा संख्या में आयोजन से जुड़ कर इसे सफल बनाये. अभिनेता रणदीप हुड्डा ने बताया, ''मैं आ रहा हूं जबलपुर, जहां भारत गोल्फ महोत्सव के आयोजन में शामिल होऊंगा. इस दौरान वीर नारियों का ह्रदय से सम्मान किया जाएगा. हजारों की संख्या में प्लांटेशन और मैराथन का भी आयोजन होगा. सबको इस कार्यक्रम में शामिल होना चाहिए.''

मुख्यमंत्री डॉ. यादव एवं केन्द्रीय नागर विमानन मंत्री नायडू 10 नवम्बर को विमान करेंगे रवाना

भोपाल  विन्ध्यवासियों के लिये इंतजार की घड़ी समाप्त हो रही है। रीवा, विन्ध्य एवं आसपास के क्षेत्र के लोगों को वायु सेवा का नियमित लाभ मिलना शुरू हो जायेगा। रीवा से दिल्ली के लिये 72 सीटर विमान 10 नवम्बर को रीवा एयरपोर्ट से रवाना होगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एवं केन्द्रीय नागर विमानन मंत्री श्री राममोहन नायडू एलायंस एयर के एटीआर 72 को दोपहर 12 बजे दिल्ली के लिये रवाना करेंगे। उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने आगामी 10 नवम्बर को एयरपोर्ट रीवा में सुबह 11 बजे से आयोजित होने वाले शुभारंभ कार्यक्रम की तैयारियों की समीक्षा कर वरिष्ठ अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिये। एयरपोर्ट रीवा में मंच व्यवस्था सहित अन्य व्यवस्थाओं के संबंध में उप मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया। उन्होंने कहा कि विन्ध्य क्षेत्र में हवाई सुविधाओं में वृद्धि हुई साथ ही आर्थिक सुदृढ़ता आई है। यह एयरपोर्ट केवल आधारभूत संरचना नहीं बल्कि विन्ध्य क्षेत्र के विकास को दिशा देने वाला माध्यम है। इससे क्षेत्र की आर्थिक, पर्यटन और औद्योगिक प्रगति का नया अध्याय लिखा जा रहा है। एटीआर-72 विमान के संचालन से विन्ध्य क्षेत्र के साथ ही जिले से लगे उत्तरप्रदेश के लोगों को भी इससे लाभ मिलेगा। उन्होंने बताया कि शीघ्र ही रीवा से इंदौर के लिये भी वायु सेवा शुरू होगी जिससे कनेक्टिंग तौर पर यात्रियों को इंदौर से देश के अन्य शहरों के लिये भी वायुयान उपलब्ध रहेंगे। इस अवसर पर एलायंस एयर के प्रतिनिधि श्री मुकेश जायसवाल व श्री यशवर्धन सिंह ने बताया कि 10 नवम्बर को वायुयान 12.10 बजे रीवा से दिल्ली रवाना होगा। इसके बाद 11 नवम्बर से सप्ताह में तीन दिन विमान का नियमित रूप से संचालन होगा। बैठक में आयुक्त रीवा संभाग श्री बी.एस. जामोद, आईजी श्री गौरव राजपूत, कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल, अध्यक्ष नगर निगम श्री व्यंकटेश पाण्डेय सहित प्रशासनिक एवं विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे। 

उच्च शिक्षा मंत्री ने माउंट आबू में ‘माइंड–मनी मैनेजमेंट कॉन्फ्रेंस’ का किया शुभारंभ

भोपाल  उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री श्री इन्दर सिंह परमार ने कहा है कि मन का संयम ही सच्चा धन है। मंत्री श्री परमार ने कहा कि जीवन में धन और सफलता का संतुलन तभी संभव है जब मन स्थिर और संयमित हो। मन में यदि शांति नहीं है तो उपलब्धियाँ भी अधूरी लगती हैं। मंत्री श्री परमार बुधवार को राजस्थान स्थित माउंट आबू में ब्रह्माकुमारीज़ के आनंद सरोवर परिसर में, "थर्ड नेशनल माइंड–मनी मैनेजमेंट कॉन्फ्रेंस" के शुभारंभ अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे। मंत्री श्री परमार ने कहा कि ब्रह्माकुमारीज़ संस्थान, हमें यह सिखाता है कि सच्चा धन आंतरिक संतुलन और नीतिपूर्ण जीवन में है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के सम्मेलन, समाज में मूल्यों और नैतिकता की दिशा में एक मजबूत पहल हैं। वरिष्ठ राजयोग शिक्षिका डॉ. सविता दीदी, निदेशक आनंद सरोवर ने कहा कि जब मन स्थिर होता है तभी निर्णय सटीक होते हैं।“आज वित्तीय बुद्धिमत्ता के साथ भावनात्मक बुद्धिमत्ता का संगम आवश्यक है। धन की गति मन की दिशा से निर्धारित होती है। जब मन शांत और स्थिर होता है, तब निर्णयों में स्पष्टता आती है और सफलता टिकाऊ बनती है।” दीदी ने उपस्थित प्रतिभागियों को राजयोग ध्यान के माध्यम से भीतर की स्थिरता अनुभव करने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम के संयोजक श्री ललित इनानी ने कहा कि कॉन्फ्रेंस का उद्देश्य है कि प्रोफेशनल्स न केवल बाहरी समृद्धि बल्कि मानसिक और आध्यात्मिक समृद्धि को भी अपना लक्ष्य बनाएं। व्यक्ति जब स्वयं के मूल स्वरूप को पहचानता है, तब वह धन का उपयोग समाज–कल्याण और आत्म–संतोष के लिए करता है।” राजस्थान के माउंट आबू में ब्रह्माकुमारीज़ के आनंद सरोवर परिसर में बुधवार को ‘थर्ड नेशनल माइंड–मनी मैनेजमेंट कॉन्फ्रेंस’ का शुभारंभ भव्य वातावरण में हुआ। यह राष्ट्रीय सम्मेलन 5 से 9 नवम्बर तक आयोजित होगा एवं इसमें देश से वित्त जगत, कॉर्पोरेट क्षेत्र, टैक्सेशन, बैंकिंग, चार्टर्ड अकाउंटेंसी और प्रशासनिक सेवाओं से जुड़े सैकड़ों पेशेवर सहभागिता कर रहे हैं। सम्मेलन के शुभारंभ पर विभिन्न राज्यों से आए सीए, बैंक अधिकारी, टैक्स विशेषज्ञ, युवा उद्यमी एवं वित्तीय कारोबार से संबंधित लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम में ‘माइंड–मनी’ विषय पर प्रेरक वीडियो प्रस्तुति, सांस्कृतिक संध्या तथा ‘राजयोग मेडिटेशन अनुभव सत्र’ आयोजित किए गए। पाँच दिवसीय सम्मेलन में विभिन्न सत्रों में विशेषज्ञों द्वारा ‘माइंडफुल लीडरशिप’, ‘वैल्यू–बेस्ड वेल्थ मैनेजमेंट’ और ‘स्ट्रेस–फ्री सक्सेस’ जैसे विषयों पर कार्यशालाएँ आयोजित की जाएँगी। प्रतिभागियों ने कहा कि यह सम्मेलन केवल धन प्रबंधन का प्रशिक्षण नहीं, बल्कि जीवन प्रबंधन का गहन पाठ है।  

अमरकंटक ताप विद्युत गृह चचाई की यूनिट नंबर 5 ने किया रिकार्ड कायम

मध्यप्रदेश के इतिहास में पहली बार किसी विद्युत उत्पादन यूनिट ने लगातार 400 दिन संचालित रहने का बनाया रिकार्ड ऊर्जा मंत्री श्री तोमर ने दी बधाई भोपाल मध्यप्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी (MPPGCL) के अमरकंटक ताप विद्युत गृह चचाई (ATPS) की 210 मेगावाट क्षमता की यूनिट नंबर 5 प्रदेश के इतिहास में ऐसी प्रथम विद्युत उत्पादन यूनिट होने का गौरव पाया जो लगातार 400 दिनों से संचालित है। यह यूनिट 1 अक्टूबर 2024 से निरंतर विद्युत उत्पादन कर रही है। यूनिट ने गत माह अक्टूबर की 4 तारीख को लगातार 365 दिन (एक वर्ष) तक निर्बाध विद्युत उत्पादन करने का तमगा हासिल किया था। यूनिट 5 के निर्बाध संचालन से प्रदेश के विद्युत ग्रिड को स्थिरता मिली और घरेलू व औद्योगिक उपभोक्ताओं को सुचारु विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित हुई। इस उपलब्धि से न केवल म.प्र. पावर जनरेटिंग कंपनी की साख मजबूत हुई बल्कि यह प्रदेश की अन्य ताप विद्युत इकाइयों के लिए प्रेरणा स्रोत भी बनी है। ऊर्जा मंत्री ने ऐतिहासिक सफलता पर दी बधाई अमरकंटक ताप विद्युत गृह चचाई की यूनिट नंबर 5 की इस सफलता व उपलब्धि पर ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर और अपर मुख्य सचिव ऊर्जा श्री नीरज मंडलोई और प्रबंध संचालक मनजीत सिंह ने हर्ष व्यक्त करते हुए बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि अमरकंटक ताप विद्युत गृह चचाई के यूनिट नंबर के ऑपरेशन व मेंटेनेंस अभियंताओं व कार्मिकों की लगन, मेहनत व समर्पण का सबसे बड़ा उदाहरण है। 98.26 फीसदी का शानदार पीएएफ 210 मेगावाट की यूनिट ने जिस समय 400 दिन सतत् विद्युत उत्पादन करने का रिकार्ड बनाया तब 98.26 फीसदी प्लांट उपलब्धता फेक्टर (पीएएफ) व 94.58 प्रतिशत का शानदार प्लांट लोड फेक्टर (पीएलएफ) की उपलब्धि हासिल की। आँकड़े यूनिट की तकनीकी दक्षता और संचालन में उत्कृष्टता को दर्शाते हैं। चचाई के अभियंताओं व कार्मिकों ने दिखाया कमाल पावर जनरेटिंग कंपनी के प्रबंध संचालक श्री मनजीत सिंह ने कहा कि सामूहिक प्रयास, अनुशासित कार्यशैली व उच्च तकनीकी दक्षता से अमरकंटक ताप विद्युत गृह की यूनिट नंबर 5 जैसे परिणाम हासिल किए जा सकते हैं। चुनौतीपूर्ण कार्य लगातार एक वर्ष तक बिना रुकावट संचालन किसी भी ताप विद्युत इकाई के लिए अत्यंत चुनौतीपूर्ण कार्य है, जिसके लिए बॉयलर, टरबाइन, जनरेटर एवं सहायक प्रणालियों का सटीक रखरखाव, निरंतर निगरानी व तकनीकी समस्याओं का त्वरित समाधान जरूरी होता है। यह उपलब्धि मध्यप्रदेश पॉवर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड (MPPGCL) की समर्पित टीम के निरंतर परिश्रम व तकनीकी विशेषज्ञता का परिणाम है।  

मंत्री सारंग ने तैयारियों की समीक्षा कर दिए आवश्यक दिशा-निर्देश

भोपाल  सहकारिता मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग ने गुरुवार को मंत्रालय में सहकारिता विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर आगामी 14 से 20 नवम्बर राष्ट्रीय सहकारिता सप्ताह तथा अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष 2025 के समापन समारोह की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में मंत्री श्री सारंग ने कार्यक्रमों के प्रभावी संचालन और जनभागीदारी सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। सप्ताह की थीम “आत्मनिर्भर भारत के माध्यम के रूप में सहकारिता” बैठक में बताया गया कि इस वर्ष राष्ट्रीय सहकारिता सप्ताह की थीम “आत्मनिर्भर भारत के माध्यम के रूप में सहकारिता” निर्धारित की गई है। यह विषय आत्मनिर्भर भारत के दृष्टिकोण को साकार करने में सहकारी समितियों की भूमिका को रेखांकित करता है। विशेष रूप से कृषि, ग्रामीण ऋण, सूक्ष्म-उद्यम, महिला सशक्तिकरण और स्थानीय उत्पादन जैसे क्षेत्रों में सहकारिता की भूमिका न केवल आर्थिक आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण है, बल्कि यह समावेशी एवं सतत विकास का भी आधार बन रही है। सप्ताह के दौरान होंगे जन-जागरण कार्यक्रम मंत्री श्री सारंग ने कहा कि सहकारिता सप्ताह के दौरान ऐसे जन-जागरण कार्यक्रम आयोजित किये जायें, जिनसे आम नागरिकों में सहकारिता के प्रति रुचि और जुड़ाव बढ़े। यह आवश्यक है कि सहकारिता आंदोलन की पहुँच गाँव-गाँव और शहर-शहर तक हो, जिससे “सहकार से समृद्धि” का भाव हर व्यक्ति के जीवन में उतर सके। विशेषज्ञों के साथ विचार-विमर्श मंत्री श्री सारंग ने निर्देश दिए कि नागरिक बैंकों को मुख्यधारा में लाने के प्रयासों पर विशेष ध्यान दिया जाये और इस दिशा में महाराष्ट्र के विशेषज्ञों के साथ एक विशेष विचार-विमर्श सत्र आयोजित किया जाये। उन्होंने कहा कि सहकारी समितियों द्वारा निर्मित स्वदेशी उत्पादों के प्रोत्साहन के लिए एक ऐसा मंच तैयार किया जाये, जहाँ स्थानीय उत्पादकों और उपभोक्ताओं को सीधे जोड़ा जा सके। साथ ही प्रदेश में होने वाली स्वदेशी केन्द्रित नवाचार आधारित प्रदर्शनी को विशेष महत्व दिया जायेगा, जिसमें आत्मनिर्भरता और स्थानीय उत्पादन को बढ़ावा देने वाले विचारों और नवाचारों को प्रमुखता दी जायेगी। विशेष संवाद ‘सहकारिता मंथन’ मंत्री श्री सारंग ने कहा कि प्रदेश की विभिन्न सहकारी संस्थाओं के प्रतिनिधियों के साथ एक विशेष संवाद कार्यक्रम ‘सहकारिता मंथन’ के रूप में आयोजित किया जाये, जिसमें विभाग से जुड़े मुद्दों पर चर्चा एवं समस्या-समाधान के ठोस प्रयास किये जायेंगे। उन्होंने उपार्जन और खाद वितरण व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और सरलीकृत करने के लिये उपयोगी संवाद कार्यक्रम आयोजित करने का सुझाव दिया। बैठक में आयुक्त एवं पंजीयक सहकारिता श्री मनोज पुष्प, प्रबंध संचालक उपभोक्ता संघ श्री ऋतुराज रंजन, प्रबंध संचालक बीज संघ श्री महेन्द्र दीक्षित सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। उल्लेखनीय है कि राष्ट्रीय सहकारिता सप्ताह प्रतिवर्ष 14 से 20 नवम्बर तक पूरे देश में मनाया जाता है। इस सप्ताह के दौरान सहकारी समितियों के योगदान को रेखांकित किया जाता है। उनकी उपलब्धियों को प्रदर्शित किया जाता है और सहकारिता आंदोलन को और अधिक सशक्त बनाने के लिए विचार-विमर्श एवं संवाद के कार्यक्रम किये जाते हैं। इस वर्ष का आयोजन “आत्मनिर्भर भारत” की भावना को सशक्त करने और सहकारिता को विकास की मुख्यधारा में लाने की दिशा में एक सार्थक पहल साबित होगा।  

बिजली के तार चोरी करने पर अज्ञात आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज

भोपाल  मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा हरदा वृत्त के अंतर्गत ग्राम खामापड़वां और छीपाबड़ में बिजली के तार चोरी करने वाले अज्ञात आरोपित के विरूद्ध एफ.आई.आर दर्ज कराई गई है। सहायक प्रबंधक वितरण केन्द्र हरदा श्री अरूण कुमार चंदेले ने बताया कि वितरण केन्द्र हरदा संभाग (दक्षिण) के ग्राम खामापड़वां में 31 अक्टूबर से 01 नवंबर 2025 के बीच अज्ञात व्यक्ति द्वारा 11 केवी कुल 13 खंबे कुकरावत पंप फीडर के एएएसी रैकुन तीनों तार जिसकी लंबाई लगभग 0.91 किलोमीटर विद्युत लाइन जिसकी कीमत दो लाख, 55 हजार रूपए है, के तार चोरी कर लिए गए हैं। चोरी की जानकारी मिलने पर कंपनी द्वारा पंचनामा तैयार कर 04 नवंबर को थाना सिविल लाइन हरदा में अज्ञात आरोपी के विरुद्ध चोरी की एफआईआर दर्ज कराई गई है। थाना सिविल लाइन हरदा द्वारा भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) 2023 की धारा 303(2) के अंतर्गत एफ.आई.आर. दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है। सहायक प्रबंधक उपसंभाग खिरकिया श्री बालकृष्ण पल्हेवार ने बताया कि खिरकिया के ग्राम छीपाबड़ में 30 अक्टूबर रात्रि 10 बजे से 31 अक्टूबर 2025 सुबह 6 बजे के बीच अज्ञात व्यक्ति द्वारा 11 केवी पहट टेपिंग फीडर की 6 स्पॉन जो कि लगभग 2 किलोमीटर एसीएसआर कंडक्टर है, के तार चोरी कर लिए गए हैं। क्षेत्रीय लाइन कर्मचारी श्री मांगीलाल डाबर से चोरी की जानकारी मिलने पर कंपनी द्वारा पंचनामा तैयार कर 04 नवंबर को थाना छीपाबड़ जिला हरदा में अज्ञात आरोपी के विरुद्ध चोरी की एफआईआर दर्ज कराई गई है। थाना छीपाबड़ जिला हरदा द्वारा भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) 2023 की धारा 303(2) के अंतर्गत एफ.आई.आर. दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।