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घाना, वियतनाम और श्रीलंका के साथ सहयोग पर की चर्चा

भोपाल  वर्ल्ड ट्रैवल मार्ट (WTM) लंदन 2025 का दूसरा दिन मध्य प्रदेश के लिए बेहद सार्थक और सफल रहा. इस प्रतिष्ठित वैश्विक मंच पर पर्यटन, संस्कृति, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री धर्मेंद्र सिंह लोधी ने पर्यटन और सांस्कृतिक आदान-प्रदान में सहयोग के नए अध्याय जोड़ने के लिए भारत और विदेश के कई प्रमुख गणमान्य व्यक्तियों से मुलाकात की। इन सभी चर्चाओं में मध्य प्रदेश की समृद्ध विरासत, वन्य जीवन, आध्यात्मिकता और संस्कृति की झलक दिखाई दी, जिसने एक बार फिर इस बात को सिद्ध किया कि मध्य प्रदेश "अतुल्य भारत का हृदय" है। राज्य मंत्री श्री लोधी ने घाना की पर्यटन मंत्री सुश्री अबला द्ज़िफा गोमाशी के साथ सांस्कृतिक साझेदारी और वियतनाम के संस्कृति मंत्री श्री गुयेन वैन हंग के साथ विरासत-आधारित पर्यटन एवं संयुक्त प्रचार अभियानों को बढ़ावा देने पर गहन विमर्श किया। अंतर्राष्ट्रीय के साथ अंतर-राज्यीय संबंधों को मजबूती देते हुए, राज्य मंत्री श्री लोधी ने आंध्र प्रदेश के पर्यटन मंत्री श्री कंदुला दुर्गेश से मुलाकात की और आपसी सांस्कृतिक सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा की। श्रीलंका के साथ हुई बैठक विशेष रूप से उल्लेखनीय रही। वहाँ के पर्यटन मंत्री श्री विजिथा हेराथ के साथ हुई बातचीत का मुख्य केंद्र, मध्य प्रदेश के बौद्ध सर्किट को श्रीलंका में लोकप्रिय बनाना और बदले में, श्रीलंका के रामायण ट्रेल से भारतीय यात्रियों को परिचित कराना था। इस महत्वपूर्ण साझेदारी को औपचारिक रूप देने के लिए, राज्य मंत्री श्री लोधी ने भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय के माध्यम से एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर करने की प्रक्रिया शुरू करने का भी प्रस्ताव रखा। राज्य मंत्री श्री लोधी ने बकिंघमशायर काउंसिल की मेयर सुश्री प्रेरणा भारद्वाज से भी भेंट की। इस मुलाकात का उद्देश्य ब्रिटेन में बसे भारतीय समुदाय के साथ सांस्कृतिक और पर्यटन संबंधों को प्रगाढ़ करना था। ये सभी बैठकें अंतरराष्ट्रीय पर्यटन के नक्शे पर मध्य प्रदेश की बढ़ती साख और साझा विरासत व टिकाऊ यात्रा अनुभवों को बढ़ावा देने की उसकी गहरी प्रतिबद्धता का प्रमाण हैं।  

अनुसूचित जाति-जनजाति कल्याण संबंधी योजनाओं पर संसदीय समिति का अध्ययन दौरा

जनजातीय क्षेत्रों में साक्षरता और कौशल बढ़ाने पर जोर भोपाल अनुसूचित जाति एवं जनजाति कल्याण संबंधी योजनाओं के लिए मध्यप्रदेश के अध्ययन दौरे पर आई संसदीय समिति ने गुरूवार को भोपाल में इन वर्गों के कल्याण की योजनाओं एवं उनकी वर्तमान सामाजिक आर्थिक स्थिति की समीक्षा की। बैठक की अध्यक्षता सांसद श्री फग्गन सिंह कुलस्ते ने की। संसदीय समिति ने जनजातीय क्षेत्र में साक्षरता दर बढ़ाने, जनजातीय एवं अनुसूचित वर्गों के विद्यार्थियों को कौशल संपन्न बनाने और मैदानी स्तर पर उनकी कल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन करने की अपेक्षा की। राज्य शासन की ओर से अपर मुख्य सचिव श्री अशोक बर्णवाल एवं पुलिस महानिदेशक श्री कैलाश मकवाना ने संसदीय समिति के सदस्यों को शासन के निर्णयों एवं कार्य योजनाओं से अवगत कराया। समिति के सदस्यों ने मुख्य रूप से अनुसूचित जाति और जनजातियों के विकास की योजनाओं, जल जीवन मिशन के कार्यों, केन्द्रीय बजट के व्यय की स्थिति, विभिन्न विभागों में पदों की स्थिति एवं प्रतिनिधित्व, रोजगार, स्वास्थ्य एवं शिक्षा संबंधी मुद्दे, संविधान के अनुच्छेद 275 के अंतर्गत दिए बजट के उपयोग, वन अधिकार, पेसा कानून के क्रियान्वयन, अनुसूचित जाति/जनजाति के विरुद्ध अपराध की रोकथाम संबंधी कानून पर चर्चा की। समिति को म.प्र. में योजनाओं के क्रियान्वयन संबंधी और प्रगति से अवगत कराया गया। अपर मुख्य सचिव श्री अशोक बर्णवाल ने अध्ययन समिति को प्रशासन की नीतियों एवं योजनाओं से अवगत कराते हुए बताया कि संविधान की भावना के अनुरूप नीतियाँ और योजनाएं बनाई जा रही है। अनुसूचित जाति, जनजातियों के विरुद्ध संभावित अपराधों को रोकने के लिए निगरानी तंत्र को सशक्त किया गया है। सरकारी नौकरियों, पदोन्नतियों में प्रतिनिधित्व का भी पूरा ध्यान रखा जा रहा है। प्रमुख सचिव जनजातीय कार्य श्री गुलशन बामरा ने संसदीय समिति को अवगत कराया कि पीएम जनमन अभियान में प्रदेश को 7300 करोड रुपए की प्रावधानित राशि मिली है। विगत 5 वर्षों में 812 करोड रुपए की परियोजनाएं स्वीकृत की गई हैं और प्रधानमंत्री आदि आदर्श ग्राम योजना में 499 करोड रुपए स्वीकृत किए गए। पीएम जनमन में हितग्राहीमूलक योजना में आधार कार्ड, जन धन बैंक खाता, आयुष्मान भारत, जाति प्रमाण पत्र, किसान क्रेडिट कार्ड, पीएम किसान सम्मान निधि, राशन कार्ड जैसे जरूरी दस्तावेज उपलब्ध कराने में प्रदेश ने 100% उपलब्धि हासिल की है। दूरस्थ गांव में मोबाइल मेडिकल यूनिट संचालित है। शिक्षा के लिए 106 छात्रावास स्वीकृत किए गए हैं। महिला एवं बाल विकास विभाग के अंतर्गत 704 आंगनवाड़ी केंद्र स्वीकृत किए गए हैं और 135 नए केंद्रों का प्रस्ताव भारत सरकार को भेजा गया है। इनमें से 628 संचालित है। हर घर नल से जल योजना में 8 लाख 43 हजार जनजातीय परिवारों के घरों में नल से जल पहुंच रहा है। दूरस्थ गांव में मोबाइल नेटवर्क के लिए मोबाइल टॉवर स्थापित किये जा रहे हैं। वन अधिकार अधिनियम के अंतर्गत प्रगति की जानकारी देते हुए प्रमुख सचिव श्री बामरा ने समिति सदस्यों को बताया कि 2 लाख 89 हजार दावों को मान्य किया गया है और 87 हजार दावों का दोबारा परीक्षण किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त 28 हजार से ज्यादा सामुदायिक वन अधिकारों को मान्य किया गया है। संसदीय समिति के सदस्यों में श्रीमती प्रतिमा मंडल, श्री अर्जुन कुमार सागर, श्री जगन्नाथ सरकार, श्री हरिश्चंद्र मीणा, श्री गोविंद मुकथप्पा करजोल, श्री दग्गुमल्ला प्रसाद राव, एडवोकेट श्री चंद्रशेखर, श्री विष्णु दयाल राम लोकसभा से और राज्यसभा से श्रीमती सुमित्रा बाल्मिक, श्री मिथलेश कुमार, श्री रवांगारा नार्जरी, श्रीमती फुलो देवी नेताम, श्री देवेंद्र प्रताप सिंह, डॉ. वी. स‍विदासन, श्रीमती ममता ठाकुर शामिल थे। राज्य शासन की ओर से अपर मुख्य सचिव उच्च शिक्षा श्री अनुपम राजन, अपर मुख्य सचिव पंचायत श्रीमती दीपाली रस्तोगी, अपर मुख्य सचिव वित्त श्री मनीष रस्तोगी, प्रमुख सचिव श्री मनीष सिंह, प्रमुख सचिव स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा श्री संदीप यादव, आयुक्त अनुसूचित जाति श्री सौरभ कुमार सुमन एवं संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। आयुक्त जनजातीय विकास अधिकारी श्री श्रीमन शुक्ला ने बैठक का संचालन किया। 

नन्हीं परी की बड़ी जंग: सरकार ने बढ़ाया मदद का हाथ, दिल की सर्जरी के लिए बच्ची को एयरलिफ्ट किया गया

जबलपुर सिहोरा निवासी परिवार में दो दिन पहले जन्मी बच्ची के दिल में छेद है। इलाज के लिए गुरुवार को उसे मुंबई एयर एंबुलेंस कर ले जाएगा गया। जहां मुंबई के नारायणा अस्पताल में उसकी सर्जरी होगी। करीब 1:15 पर दिल्ली से एयर एम्बुलेंस डुमना एयरपोर्ट जबलपुर पहुंची। जहां से परिवार के साथ बच्ची को मुंबई के लिए उपचार हेतु भेजा गया। इस मौके पर सीएमएचओ डॉ संजय मिश्रा सहित चिकित्सा के वी सपोर्टिंग स्टाफ मौजूद रहा।क्षगौरतलब है कि बच्ची की बीमारी पता चलने पर बुधवार को गुरुनानक जयंती की छुट्‌टी के दिन राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम का ऑफिस खोला गया और डेढ़ घंटे में कागजी प्रक्रिया पूरी की गई। जुड़वां बच्चों का हुआ जन्म जानकारी के अनुसार जिले के सिहोरा में रहने वाले सत्येंद्र दाहिया की पत्नी शशि दहिया ने सोमवार दोपहर जुड़वां बच्चों को जन्म दिया। डाक्टर ने दोनों बच्चों की जांच की तो पता चला कि लड़का तो पूरी तरह से स्वस्थ है, लेकिन बच्ची के दिल में छेद है। डाक्टरों ने उसे मुंबई में इलाज कराने की सलाह दी। डाक्टरों ने कहा- जल्द इलाज न मिला तो उसकी जान जा सकती है। यह सुनते ही पिता सकते में आ गए। बच्ची की जान बचाने के लिए उन्हें न सिर्फ दस्तावेज तैयार कराने थे, बल्कि इलाज के लिए नवजात को मुंबई भी ले जाना था। परेशान पिता ने राष्ट्रीय बाल स्वस्थ्य कार्यक्रम के जिला प्रबंधक सुभाष शुक्ला से बात की। उन्हें बताया कि बच्ची के दिल में डॉक्टर ने छेद होना बताया है। ऐसे बढ़ी प्रक्रिया आगे आरबीएसके के तहत जितने भी दस्तावेज और बच्ची के इलाज से संबंधित कागज लगने थे, उसे तैयार करने के बाद सीएमएचओ डा. संजय मिश्रा को इसकी जानकारी दी गई। कुछ ही देर में सीएमएचओ आफिस पहुंच गए। जहां उनके साइन होने के बाद बच्ची के इलाज को लेकर सारे दस्तावेज तैयार हुए। स्वास्थ्य विभाग में पदस्थ डा. विनीता उप्पल और श्रेय अवस्थी ने एयर एंबुलेंस के लिए अधिकारियों से बात करते हुए दस्तावेज तैयार कराए। इस तरह गुरुवार को एयरलिफ्ट कर मुंबई के नारायणा अस्पताल ले जाने का रास्ता सुगम हुआ।

मोबाइल ट्रैकिंग में जबलपुर पुलिस नंबर वन: 151 गुम मोबाइल मिले, खुशी से खिल उठे चेहरे

जबलपुर पुलिस अधीक्षक जबलपुर श्री सम्पत उपाध्याय (भा.पु.से.) के आदेशानुसार एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अपराध श्री जितेन्द्र सिंह के निर्देशन में गुम हुये मोबाइल तलाशे जा रहे हैं। 6 नवंबर को पुलिस अधीक्षक कार्यालय में पुलिस अधीक्षक जबलपुर श्री सम्पत उपाध्याय (भा.पु.से.) के निर्देशन में अतरिक्त पुलिस अधीक्षक अपराध श्री जितेन्द्र सिंह द्वारा CEIR PORTAL के माध्यम से जबलपुर पुलिस द्वारा तलाशे गये गुम हुए 151 मोबाईल, जिनकी अनुमानित कीमत लगभग 28 लाख रूपये हैं, मोबाईल धारकों को पुलिस अधीक्षक कार्यालय में वापस किये गए।   सायबर सेल जबलपुर द्वारा लगातार सायबर जागरूकता संबंधी आयोजन किये जा रहे है, वर्तमान वर्ष 2025 में सायबर जागरुकता कार्यक्रम आयोजित कर नागरिकों व स्कूल-कॉलेज के छात्र-छात्रा को सायबर संबंधी आपराधो से बचने के उपायों से अवगत कराया जाकर सायबर जागरूकता कार्यक्रम संचालित किये गये है।   पुलिस अधीक्षक जबलपुर श्री सम्पत उपाध्याय (भा.पु.से.) द्वारा संस्कारधानी वासियों से अपील की गई कि सायबर फ्रॉड से संबंधित व गुमें हुए मोबाईल की शिकायत संबंधित थाने में करने के साथ साथ सायबर फ्रॉड संबंधी शिकायत हेतु नेशनल सायबर हेल्पलाईन नम्बर 1930 व वेबसाईट WWW.cybercrime.gov.in एवं गुम हुए मोबाईलो कि शिकायत हेतु वेबसाईट WWW,ceir.gov.in पर अपनी शिकायत दर्ज करें।

ब्रेन हेमरेज से गई जान, पर रिश्वत की मांग नहीं रुकी! मध्यप्रदेश में दिल दहला देने वाली घटना

भोपाल मध्य प्रदेश में मनरेगा योजना के अंतर्गत कार्यरत रहे संविदा उपयंत्री नवीन खरे की मौत ने फिर प्रशासनिक संवेदनहीनता की गहराई को उजागर कर दिया है। वर्ष 2006 में जनपद पंचायत शिवपुरी में संविदा उपयंत्री के रूप में नियुक्त नवीन खरे को वर्ष 2012 में सेवा से पृथक कर दिया गया। इस निर्णय के खिलाफ उन्होंने ग्वालियर हाईकोर्ट में याचिका दायर की। न्यायालय ने जुलाई 2024 में उनके पक्ष में निर्णय देते हुए पुनः पदस्थापना के निर्देश दिए, लेकिन जिला प्रशासन ने न्यायालय के आदेश की अवहेलना करते हुए उन्हें ज्वाइनिंग नहीं दी। मनरेगा अभियंता संघ के प्रांत अध्यक्ष सतीश कुमार समेले ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि शिवपुरी जिले के अधिकारियों द्वारा ज्वाइनिंग दिलाने के नाम पर एक लाख की रिश्वत की मांग की गई थी। इस कथित मांग और लगातार प्रशासनिक उपेक्षा से नवीन खरे मानसिक रूप से टूट गए थे। तनाव और निराशा की इसी स्थिति में उन्हें ब्रेन हेमरेज हुआ और इलाज के दौरान भोपाल एम्स में उनकी मृत्यु हो गई। 55 वर्षीय खरे अपने पीछे माता-पिता, सासू मां और दो बच्चों को छोड़ गए हैं।   कोर्ट के आदेश का पालन ही नहीं हुआ परिवार का कहना है कि यदि न्यायालय के आदेश का पालन किया गया होता, तो आज नवीन जीवित होते। मृतक के परिजनों और साथियों ने विदिशा के दुर्गा चौक पर शव रखकर विरोध प्रदर्शन किया तथा शिवपुरी कलेक्टर, जिला पंचायत सीईओ और मनरेगा आयुक्त पर कार्रवाई की मांग की। उधर, राज्यभर में 1335 संविदा उपयंत्री अपनी आठ सूत्रीय मांगों को लेकर 85 दिनों से आंदोलनरत हैं। आंदोलन के दौरान अब तक चार संविदा उपयंत्रियों की मौत हो चुकी है, जबकि वर्ष 2010 से अब तक 49 अभियंता असमय मौत का शिकार बने हैं।

सीएम डॉ. मोहन यादव बोले – अनुसूचित जाति-जनजाति वर्ग के विकास और कल्याण के लिए सरकार निरंतर प्रयासरत

अनुसूचित जाति-जनजाति वर्ग के विकास और कल्याण के लिए राज्य सरकार कर रही है निरंतर कार्य : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केंद्रीय संसदीय समिति के सदस्यों से चर्चा भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि अनुसूचित जाति-जनजाति वर्ग के सामाजिक-आर्थिक और शैक्षणिक विकास तथा कल्याण के लिए राज्य सरकार निरंतर कार्य कर रही है। हर पात्र व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना हमारा उद्देश्य है। योजनाओं और कार्यक्रमों को अधिक प्रभावी बनाने के लिए राज्य शासन विभिन्न सुझावों के प्रति संवेदनशील और नवाचारों के लिए तत्पर है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री  फग्गन सिंह कुलस्ते की अध्यक्षता में मुख्यमंत्री निवास पहुंची अनुसूचित जाति एवं जनजाति कल्याण के लिए गठित केंद्रीय संसदीय समिति के सदस्यों के साथ चर्चा में यह बात कही। केन्द्रीय समिति के अध्यक्ष  कुलस्ते ने बताया कि अनुसूचित जाति-जनजाति वर्ग के लिए संचालित विभिन्न योजनाओं और कार्यक्रमों को अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से केंद्रीय समिति द्वारा मैदानी स्तर पर समीक्षा की जा रही है। साथ ही कर्मचारियों के सेवा में प्रतिनिधित्व और उनके लिए संचालित कल्याणकारी गतिविधियों की प्रगति का भी आंकलन किया जा रहा है। योजनाओं व कार्यक्रमों के संबंध में समिति ने स्थानीय समुदायों, प्रशासनिक अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से संवाद किया है। समिति द्वारा तैयार की जा रही यह रिपोर्ट संसद में प्रस्तुत की जाएगी। उल्लेखनीय है कि केंद्रीय समिति प्रदेश के दो दिवसीय प्रवास पर थीं। समिति में राज्यसभा सांसद  मिथलेश कुमार, मती ममता ठाकुर, मती सुमिता वाल्मिकी,  देवेन्द्र प्रताप सिंह, मती फूलो देवी नेताम,  रवांगारा नार्जरी, लोकसभा सांसद  हरीश मीना,  अरूण कुमार, मती प्रोतिमा मंडल,  जगन्नाथ सरकार,  गोविंद करजोल,  डी. प्रसाद राव और  विष्णु दयाल राम शामिल थे।  

शादी का नया ट्रेंड: बारात और शराब के बिना, सिर्फ सादगी और संस्कार के साथ विवाह

भोपाल  शादी-ब्याह में दिखावे, फिजूलखर्ची और शोर-शराबे से परेशान समाज को एक नया विकल्प मिल गया है. मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के गायत्री शक्तिपीठ ने सादगी और संस्कार का संदेश देने के लिए संस्कारित विवाह अभियान शुरू किया है. इसमें न डीजे होगा, न बैंड-बाजा, न भव्य सजावट होगी. विवाह सिर्फ मंत्रोच्चार, अग्नि और सात फेरों यानी पूरी तरह वैदिक रीति से सम्पन्न होगा.  भोपाल के महाराणा प्रताप नगर (MP नगर) स्थित शक्तिपीठ के एक पैम्फलेट यानी पत्रक में विवाह को एक पवित्र संस्कार बताते हुए खर्चीली रीतियों और सामाजिक बुराइयों को सख्ती से वर्जित किया गया है. पैम्फलेट में साफ लिखा है, ''दहेज लेना व देना एक सामाजिक अपराध है.'' साथ ही मांस-मदिरा के सेवन को इस पवित्र संस्कार को अपवित्र न बनाने की अपील की गई है. कैसा होगा यह संस्कारित विवाह:-      विवाह पूरी तरह वैदिक विधि से संपन्न होगा      अधिकतम 15 से 20 मेहमानों की इजाजत होगी      प्रतीक स्वरूप 2 वरमाला और एक डिब्बा मिठाई का आदान-प्रदान किया जाएगा      डीजे, बैंड-बाजा या किसी भी तरह की भव्य सजावट की अनुमति नहीं होगी      बारात और भोजन की व्यवस्था यहां इजाजत नहीं है.  संस्कारों पर जोर और फिजूलखर्ची का विरोध गायत्री परिवार के प्रांतीय शक्तिपीठ समन्वयक राकेश कुमार गुप्ता ने बताया, ''यह पहल गायत्री परिवार की सात क्रांतियों (साधना, स्वास्थ्य, शिक्षा, नारी जागरण, नशा निवारण आदि) का हिस्सा है.'' गुप्ता ने बताया कि गायत्री परिवार हमेशा फिजूलखर्ची को कम करने के लिए लोगों को प्रेरित करता रहता है. इसमें मृत्युभोज का हम लोग विरोध करते हैं, शादी में दान दहेज का विरोध करते हैं और खर्चीली शादियों को कम करने के लिए लोगों को प्रेरित करते हैं.  उन्होंने तर्क दिया कि विकृतियों और वृद्धाश्रमों के बढ़ने के पीछे मुख्य कारण संस्कारों की कमी है, जिसे इस वैदिक विधि से दूर किया जा रहा है. गृहस्थ जीवन एक तपोवन शक्तिपीठ ने अपने पैम्फलेट में गृहस्थ जीवन को एक आध्यात्मिक साधना के रूप में परिभाषित किया है: "गृहस्थ एक तपोवन है, इसमें संयम, सेवा और सहिष्णुता की साधना करनी पड़ती है." राकेश कुमार गुप्ता ने बताया कि वे शादी का वास्तविक संदर्भ समझाते हैं कि आगे परिवार कैसे चलेगा और वैदिक विधि से विवाह का बंधन कैसा होना चाहिए.  गायत्री परिवार के प्रांतीय शक्तिपीठ समन्वयक राकेश कुमार गुप्ता. देवउठनी एकादशी पर गायत्री मंदिर से विवाह करने वाले दंपति वैभव वर्मा और प्रिया शर्मा ने बताया, ''हमने 18 मेहमानों के सामने शादी की. मंदिर की रसीद कटवाने के बाद कुल खर्च करीब 1000 रुपए ही आया. न दहेज, न दिखावा. अब पैसों से बची रकम हम अपने गृहस्थी में लगाएंगे.  इसके अलावा, एक अन्य नवविवाहित जोड़े जय अरोड़ा और मधु पांडेय ने कहा,  हम दोनों एक साथ आईटी कंपनी में काम करते हैं. लंबे समय से एक दूसरे से प्रेम करते हैं.हमें अपने आर्थिक हालात देखे और मेट्रो सिटी में आगे के भविष्य को देखते हुए कम खर्च में विवाह बंधन में बंधने का फैसला लिया.   रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया गायत्री शक्तिपीठ में विवाह संस्कार कराने की प्रक्रिया भी सरल और पारदर्शी रखी गई है.  – विवाह के लिए आवश्यक सामग्री (जैसे अग्निकुंड, पंचमेवा, हल्दी, नारियल, पुष्पादि आदि) परिवारों को खुद लानी होगी. – कम से कम 15 दिन या एक महीने पहले रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य है. – सबसे अहम शर्त यह है कि वर और वधू दोनों के माता-पिता की लिखित सहमति जरूरी है.  – गायत्री परिवार में सभी संस्कार निशुल्क कराए जाते हैं. विवाह कराने का यहां कोई शुल्क या फीस नहीं है. – सिर्फ पूजा के लिए उपयोग होने वाले सामान की व्यवस्था के लिए 2 हजार या 4 हजार रुपए का एक नॉमिनल अमाउंट लिया जाता है. – विवाह के लिए यह राशि 7000 हजार रुपए तय की गई है.  दीवारों से लेकर पोस्टरों पर संदेश ही संदेश  शक्तिपीठ के परिसर में दीवारों से लेकर बैनर पोस्टरों में समाज को सही दिशा देने वाले संदेश ही संदेश लिखे गए हैं. संदेश में समाज से खर्चीली शादियों को बंद कर सादगी भरी रीतियों को अपनाने का आह्वान किया है. मसलन,  'हम बदलेंगे, युग बदलेगा.' अमर रीतियों से बंधो, बंद करो खर्चीली शादी. सादगी भरी शादियां हमें सद्भाव और वैदिकता बताती हैं.' इसके साथ ही मोटे अक्षरों में समाज को कचोट देने वाला लिखा है- 'खर्चीली शादियां हमें दरिद्र और बेईमान बनाती हैं.' 

इंस्पायर अवॉर्ड मानक योजना में नवाचार की बौछार, 55 हजार से ज्यादा विद्यार्थियों ने अपलोड किए आइडिया

इंस्पायर अवार्ड मानक योजना में 55 हजार से अधिक विद्यार्थियों ने आइडिया अपलोड किये योजना के माध्यम से विद्यार्थियों में विज्ञान के अध्ययन एवं अनुसंधान को प्रोत्साहन भोपाल स्कूल शिक्षा विभाग के विद्यार्थियों ने इंस्पायर अवार्ड मानक योजना के अंतर्गत इस वर्ष शिक्षण सत्र 2025-26 में 55 हजार 247 विद्यार्थियों ने विज्ञान अनुसंधान एवं अध्ययन से जुड़े आइडिया केन्द्र सरकार के पोर्टल पर अपलोड कराये हैं। केन्द्र सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने इंस्पायर अवार्ड मानक योजना कक्षा 6 से 10 तक के विद्यार्थियों में विज्ञान के अध्ययन एवं अनुसंधान को प्रोत्साहित करने के लिये योजना शुरू की है। पिछले वर्ष 2672 विद्यार्थियों का अवार्ड के लिये चयन किया गया था। चयनित विद्यार्थियों के विचार को प्रोटोटाइप तैयार करने के लिये 10-10 हजार रूपये की राशि विद्यार्थी के बैंक खाते में हस्तांतरित की गई थी। पिछले 3 वर्षों से राष्ट्रीय प्रतियोगिता में मध्यप्रदेश प्रथम केन्द्र सरकार की इंस्पायर अवार्ड मानक योजना में मध्यप्रदेश शैक्षणिक सत्र 2019-20 से 2022-23 पिछले 3 वर्षों में राष्ट्रीय स्तर पर प्रथम स्थान पर आ रहा है। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग की इस योजना में वर्ष 2023-24 एवं 2024-25 की राष्ट्रीय प्रतियोगिता का आयोजन नई दिल्ली में किया जाना प्रस्तावित है। योजना में सत्र 2022-23 में विदिशा जिले के गंजबासोदा की छात्रा कुमारी रूपाली लोधी ने श्रेष्ठ प्रदर्शन किया था। उनके इस प्रदर्शन के कारण अंतर्राष्ट्रीय सकूरा एक्सचेंज प्रोग्राम में उन्होंने जापान में सहभागिता की थी। स्कूलों की भागीदारी इंस्पायर अवार्ड मानक योजना प्रदेश के विद्यार्थियों में किया गया एक एैसा निवेश है, जो विज्ञान के अध्ययन एवं अनुसंधान को विकसित करता है। योजना का उद्देश्य बच्चों में विज्ञान का बीज बोना, उसका पोषण करना, उन्हें प्रोत्साहित करना, रूचि बढ़ाना तथा वैज्ञानित दृष्टिकोण उत्पन्न करना है। इस योजना में प्रदेश के सभी शासकीय, अशासकीय माध्यमिक हाई स्कूल, अनुदान प्राप्त अशासकीय विद्यालय, केन्द्रीय विद्यालय (सेंट्रल स्कूल), नवोदय विद्यालय, सैनिक स्कूल एवं केन्द्र सरकार के अन्य सीबीएसई विद्यालयों में कक्षा 6 से कक्षा 10 तक के नियमित विद्यार्थी पुरस्कार के लिये पात्र होते हैं। कार्यक्रम में देशभर के 5 लाख विद्यालयों के बच्चों प्रत्येक विद्यालय से कम से कम 2 सर्वश्रेष्ठ विचार के मान से लगभग 10 लाख नवाचारों को प्राप्त करने का कार्यक्रम रखा जाता है।  

अजीब मामला: मुस्लिम परिवार न होते हुए भी अंजूम खान का जन्म प्रमाण पत्र बना

छतरपुर  छतरपुर जिले में एक पंचायत सचिव को बगैर साक्ष्य और आवश्यक दस्तावेजों के जन्म प्रमाण पत्र जारी करने के आरोप में निलंबित कर दिया गया। एक अधिकारी ने  यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह मामला जिले के ग्राम पंचायत महतौल का है, जहां के सचिव प्रेमचन्द्र रैकवार ने अंजुम खान नामक महिला का जन्म प्रमाण पत्र जारी कर दिया जबकि दावा है इस गांव में एक भी मुस्लिम परिवार नहीं है। गलत प्रमाण पत्र जारी कर दिया जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) नमः शिवाय अरजरिया ने एक आदेश में कहा कि गलत जन्म प्रमाण जारी करने की शिकायत की जांच के बाद प्रेमचन्द्र रैकवार के विरुद्ध तत्काल प्रभाव से निलंबन की कार्रवाई की गई है। उन्होंने कहा कि जांच में पाया गया कि रैकवार ने 24 सितंबर 2025 को इंदौर के गीता नगर की रहने वाली अंजुम खान का जन्म प्रमाण पत्र जारी किया था। बिना अनुमति के बनाया जन्म प्रमाण पत्र अरजरिया ने कहा कि अंजुम खान की जन्म तिथि 11 फरवरी 2008 है और एक वर्ष से अधिक अवधि का जन्म प्रमाण पत्र बगैर सक्षम अधिकारी के अनुमति आदेश के जारी नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि साथ ही ग्राम महतौल में एक भी मुस्लिम परिवार नहीं है। जन्म प्रमाण पत्र बिना किसी साक्ष्य एवं आवश्यक दस्तावेज के जारी किया गया है। सीईओ ने कहा कि रैकवार का यह कृत्य मध्यप्रदेश पंचायत सेवा आचरण नियम 1998 के अंतर्गत कदाचार की श्रेणी में आता है। जन्म प्रमाण पत्र वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर काफी किरकिरी हो रही थी। इसके बाद विभाग ने कार्रवाई की है। साथ ही प्रमाण पत्र की जांच की जा रही है।

मोहन यादव ने कहा- नेता प्रतिपक्ष भ्रमित कर रहे, सीएम ने दी गरिमा बनाए रखने की सीख

भोपाल  बिहार विधानसभा चुनाव के लिए आज 121 सीटों पर पहले चरण का मतदान हो रहा है। फर्स्ट राउंड की वोटिंग के एक दिन पहले राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर वोटर लिस्ट में गड़बड़ी के तमाम आरोप लगाए। राहुल गांधी के आरोपों पर एमपी के सीएम डॉ मोहन यादव ने पलटवार किया।  बिहार में वोटिंग के वक्त हरियाणा चुनाव की बात कर रहे नेता प्रतिपक्ष गुरुवार को बिहार विधानसभा चुनाव के प्रचार के लिए रवाना होने से पहले भोपाल में स्टेट हैंगर पर मीडिया से चर्चा में सीएम डॉ मोहन यादव ने कहा, बडे़ दुर्भाग्य के साथ कहना पड़ रहा है जब बिहार में वोट डालने का पहला चरण चालू हो गया, ऐसे में नेता प्रतिपक्ष हरियाणा चुनाव की बात निकालकर भ्रमित करने का प्रयास कर रहे हैं। उनकी बात किसी के गले उतर नहीं रही है। जैसे उन्होंने ईवीएम मशीनों को लेकर देश भर में माहौल बनाया था और सुप्रीम कोर्ट में उनकी इस बात की धज्जियां उड़ीं। मैं उम्मीद करता हूं कि वे अपनी गरिमा का ध्यान रखें और ऐसी बातों से बचें। शिवराज बोले- राहुल ने हार स्वीकार की दिल्ली में केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा, राहुल गांधी ने अपनी हार स्वीकार कर ली है। मतदान से एक दिन पहले उन्होंने वोट चोरी का आरोप लगाया। जनता उन्हें वोट नहीं देती और वह कहते हैं कि वोट चोरी हो गए। लोग मछली पकड़ने या जलेबी बनाने के लिए वोट नहीं देंगे। इसलिए, महागठबंधन ने हार स्वीकार कर ली है और एनडीए की 'महाविजय' निश्चित है। "जनकल्याण के लिए वोट कर रही जनता" शिवराज ने आगे कहा, आज का मतदान अपने आप में एनडीए की प्रचंड जीत की कहानी कह रहा है। बिहार की जनता सुशासन, विकास और जनकल्याण के लिए वोट कर रही है। लालू ने अपने राज में शासन नहीं, बल्कि दमन किया। भय, भ्रष्टाचार और भूख को बिहार की पहचान बना दिया गया था। लेकिन आज भय नहीं, विश्वास है, भ्रष्टाचार नहीं, बल्कि नवाचार है, जंगलराज नहीं, बल्कि सुशासन है… जनकल्याण का इतिहास लिखा जा चुका है। राहुल गांधी ने अपनी हार स्वीकार कर ली है। मतदान से एक दिन पहले उन्होंने वोट चोरी का आरोप लगाया। जनता उन्हें वोट नहीं देती और वो कहते हैं कि वोट चोरी हो गए। लोग मछली पकड़ने या जलेबी बनाने के लिए वोट नहीं देंगे। इसलिए, महागठबंधन ने हार मान ली है और एनडीए की महाविजय निश्चित है।