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ऑनलाइन मद् भगवद् गीता ज्ञान प्रतियोगिता में इस वर्ष मिलेंगे 70 पुरस्कार :मुख्यमंत्री डॉ. यादव

गीता ज्ञान प्रतियोगिता में व्यापक भागीदारी करें सुनिश्चित : मुख्यमंत्री डॉ. यादव ऑनलाइन मद् भगवद् गीता ज्ञान प्रतियोगिता में इस वर्ष मिलेंगे 70 पुरस्कार गीता जयंती पर पूरे प्रदेश में मद् भगवद् गीता का होगा सस्वर पाठ 7 से 25 नवम्बर प्रदेश में ऑनलाइन प्रतियोगिता उज्जैन में 1 से 3 दिसम्बर तक होगा अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव राजधानी में भी 1 दिसम्बर को होंगी कई गतिविधियां भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि गीता जयंती, अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव के प्रदेश में गरिमापूर्ण आयोजन के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूर्ण की जाएं। इसके साथ ही ऑनलाइन मद् भगवद् गीता ज्ञान प्रतियोगिता में अधिकाधिक भागीदारी के प्रयास किए जाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शुक्रवार को समत्व भवन (मुख्यमंत्री निवास) में हुई बैठक में वरिष्ठ अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। मध्यप्रदेश में 7 से 25 नवंबर की अवधि में ऑनलाइन मद् भगवद् गीता ज्ञान प्रतियोगिता हो रही है। मध्यप्रदेश के 70 वें स्थापना वर्ष में इस स्पर्धा में 70 पुरस्कारों का प्रावधान किया गया है। पुरस्कार में प्रथम पुरस्कार एक लाख रूपए, द्वितीय पुरस्कार 51 हजार रूपए का रहेगा। इसके साथ ही 31 हजार रूपए के तीन तृतीय पुरस्कारों सहित 15 लैपटाप, 30 ई-बाइक और 20 ई-रिक्शा का वितरण भी किया जाएगा। श्रेष्ठ ज्ञान स्तर के लिए प्रतियोगिता में 11 से 25 वर्ष आयु के विद्यार्थियों को प्रोत्साहन स्वरूप 2 वर्ष तक शिक्षावृत्ति देने का प्रावधान भी किया गया है। प्रतियोगिता में नागरिकों, विद्यार्थियों के साथ ही प्रतियोगिता में कारावास के बंदी भी हिस्सा ले सकेंगे। यह ऑनलाइन प्रतियोगिता प्रदेशभर में शिक्षण संस्थानों के सहयोग से आयोजित की जा रही है। हरियाणा के कुरूक्षेत्र में सजेंगे मध्यप्रदेश के व्यंजनों के स्टॉल मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 24 नवंबर से 1 दिसंबर की अवधि में कुरुक्षेत्र में हो रहे अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव 2025 की तैयारी की जानकारी भी प्राप्त की। इस महोत्सव में मध्यप्रदेश के आंचलिक और जनजातीय व्यंजनों के स्टॉल लगाए जाएंगे। इसके साथ ही मध्यप्रदेश की जनजातीय लोक कला एवं बोली विकास अकादमी की ओर से प्रदर्शनी, मेले और नाट्य समारोह के आयोजन होंगे। नाट्य समारोह में पुनीत इस्सर और मोहित शेवानी मुंबई, शिरीष राजपुरोहित उज्जैन के कार्यक्रमों सहित जनजातीय संग्रहालय के सौजन्य से जनजातीय नृत्यों की प्रस्तुति होगी। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने कृष्ण पाथेय न्यास, महाराजा विक्रमादित्य शोध पीठ, वीर भारत न्यास सहित उच्च शिक्षा, स्कूल शिक्षा, गृह, जनसंपर्क, संस्कृति संचालनालय, कृषि उद्योग विकास परिषद नई दिल्ली, इस्कॉन, गीता परिवार और विश्व गीता प्रतिष्ठानम की भागीदारी के संबंध में भी अधिकारियों से चर्चा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नगरों में गीता भवन और विभिन्न चिन्हित स्थानों पर कृष्ण पाथेय से संबंधित कार्यों को भी पूर्ण किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उद्योग और रोजगार वर्ष 2025 के समापन अवसर पर विश्वविद्यालय और महाविद्यालयों के साथ स्कूल विद्यार्थियों को जोड़कर एक अभिनव कार्यक्रम तैयार करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उज्जैन में 1 से 3 दिसंबर तक अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव के लिए की जा रही तैयारी की भी जानकारी प्राप्त की। इस महोत्सव में ऑनलाइन मद् भागवत गीता ज्ञान प्रतियोगिता के पुरस्कृत प्रतिभागियों को पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे। इस वर्ष प्रतियोगिता में 21 लाख नागरिकों की विशाल भागीदारी का लक्ष्य रखा गया है। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 1 दिसम्बर को दशहरा मैदान उज्जैन में गीता पाठ और प्रदर्शनी सहित सांगीतिक प्रस्तुति होगी। दूसरे दिन काव्य पाठ और सांगीतिक प्रस्तुति और तीसरे दिन बैंगलोर एवं भोपाल के संगीत दल प्रस्तुति देंगे। भोपाल में लाल परेड ग्राउंड पर होगा मद् भगवद् गीता का सस्वर पाठ भोपाल में अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव के अंतर्गत 1 दिसम्बर को लाल परेड ग्राउण्ड पर आचार्यों की सन्निधि में मद् भगवद् गीता के 15वें अध्याय का सस्वर पाठ होगा। इसके साथ ही गौ और गोपाल पर आधारित प्रदर्शनी और बैंगलोर के दल द्वारा गीता ऑन व्हील्स सांगीतिक प्रस्तुति होगी। दो दिसम्बर को रवीन्द्र भवन भोपाल के हंसध्वनि सभागार में कृष्णायन की प्रस्तुति के साथ दिव्यांग कलाकार भी कार्यक्रम प्रस्तुत करेंगे। जिला स्तर पर कार्यक्रमों का स्वरूप बैठक में जानकारी दी गई कि 1 दिसम्बर को प्रदेश के विकासखंडों में गीता पाठ होंगे। जिला मुख्यालय पर भी आचार्यों की सन्निधि में सस्वर पाठ होंगे। भगवान कृष्ण से जुड़े विशेष स्थलों जैसे इंदौर जिले के जानापाव, धार जिले के अमझेरा, उज्जैन जिले के नारायणा, अशोकनगर जिले के चंदेरी, रायसेन जिले के जामगढ़, देवास जिले के पीवडिया-खातेगांव, सागर जिले के प्राचीन नगर एरण और पन्ना जिले में भी विशेष कार्यक्रम होंगे। गीता जयंती पर कृष्ण मंदिरों की विशेष सज्जा की जाएगी। जिला स्तर पर संतों और विद्वतजनों के व्याख्यान भी आयोजित किए जाएंगे। संस्कृति विभाग द्वारा इन सभी कार्यक्रमों की तैयारियां की जा रही है। विक्रमोत्सव 2026 के आयोजन पर चर्चा बैठक में विक्रमोत्सव 2026 के आयोजन पर भी चर्चा हुई। विक्रमोत्सव की शुरूआत 15 फरवरी 2026 से होगी और 19 मार्च 2026 तक विभिन्न गतिविधियां होंगी। इसके बाद 19 मार्च से 30 जून तक जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत प्रस्तावित कार्यक्रमों और गतिविधियों की जानकारी दी गई। विक्रमोत्सव में मुख्य रूप से अनादि देव शिव की कलाओं का शिवार्चन, कलश यात्रा, प्रदर्शनी, शिव पुराण, विक्रम व्यापार मेला, विक्रम नाट्य समारोह, पुतुल कठपुतली समारोह, अनादि पर्व, शिल्प कार्यशाला, मालवी कलम कार्यशाला, विक्रमादित्य का न्याय वैचारिक समागम, कवि सम्मेलन, लोकरंजन, अनहद वैचारिक समागम, पौराणिक फिल्म अंतर्राष्ट्रीय महोत्सव, महाकाल पृथ्वी का समय शोध संगोष्ठी, वेद अंताक्षरी, सूर्य उपासना की गतिविधियां होंगी। प्रदेश के जिलों में भी विक्रमोत्सव के कार्यक्रम होंगे। बैठक में मुख्यमंत्री के संस्कृति सलाहकार राम तिवारी सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।  

पचमढ़ी में राहुल गांधी की सक्रियता: जिलाध्यक्षों की ट्रेनिंग और गांधी प्रतिमा पर फूल अर्पित करेंगे

पचमढ़ी  कांग्रेस नेता और रायबरेली से सांसद राहुल गांधी शनिवार से दो दिन के मध्यप्रदेश प्रवास पर रहेंगे। वे पचमढ़ी में कांग्रेस जिलाध्यक्षों और वरिष्ठ पदाधिकारियों के साथ संगठन की मजबूती, सामाजिक न्याय और आर्थिक नीतियों पर चर्चा करेंगे। बैठक में राहुल गांधी कुछ चुनिंदा नेताओं से अलग-अलग भी बातचीत कर सकते हैं। यह बैठक 2028 के विधानसभा चुनाव के लिए पार्टी की रणनीति तय करने में अहम मानी जा रही है।  राहुल गांधी के आगमन को लेकर पचमढ़ी में सुरक्षा के सख्त इंतजाम किए गए हैं। करीब 150 पुलिसकर्मी और सीआरपीएफ के जवान तैनात रहेंगे। राहुल दोपहर 2:30 बजे भोपाल पहुंचेंगे और वहां से हेलीकॉप्टर से पचमढ़ी जाएंगे। चप्पे-चप्पे पर तैनात होगी पुलिस पचमढ़ी में गांधी के दौरे को लेकर 150 पुलिस कर्मियों चप्पे चप्पे पर नजर रखेंगे। पचमढ़ी के हर चौक चौराहों पर शस्त्र बल तैनात रहेगा। राहुल हेलीपेड से गांधी चौक पर महात्मा गांधी की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित करने जाएंगे। बताया जाता है कि इस प्रतिमा का वर्ष 1959 में तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने सोनिया गांधी ने अनावरण किया था। यहां से राहुल प्रशिक्षण स्थल पर पहुंचेंगे। यहां जिला अध्यक्षों से वन टू वन करेंगे। कार्यक्रम को लेकर पचमढ़ी में कांग्रेसियों ने जगह-जगह पोस्टर, बैनर लगाए हैं। रविशंकर भवन से प्रशिक्षण स्थल तक मार्गों विशेष साफ सफाई की गई है। राहुल के दौरे पर शिक्षा मंत्री ने कसा तंज सेठानी घाट पर सामूहिक वंदे मातरम सामूहिक गायन में शामिल हुए शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप सिंह ने राहुल गांधी के पचमढ़ी दौरे पर तंज कसा है। उन्होंने कहा कि आजाद मुल्क में किसी भी नागरिक को आने जाने और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता रहती है। राहुल महत्वपूर्ण अवसर पर घूमते ही हैं। देश में चुनाव चलते हैं तो विदेश जाते हैं। बिहार में चुनाव चल रहे है तो मध्य प्रदेश आते हैं। यह तो उनके सही वक्त पर लिए गए निर्णय को प्रमाणित करता है। भारतीय अर्थशास्त्र और राजनीति पर सत्र भारतीय अर्थशास्त्र और राजनीति विषय पर एक विशेष सत्र का आयोजन किया गया। इस सत्र में ऑल इंडिया प्रोफेशनल कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रवीण चक्रवर्ती ने अपने गहन अनुभव और विशेषजता के साथ भारतीय अर्थव्यवस्था की वास्तविकताओं, चुनौतियों और अवसरों पर विस्तारपूर्वक चर्चा की। चक्रवर्ती ने बताया कि किस प्रकार वर्तमान भारतीय जनता पार्टी की सरकार आंकड़ों, जुमलों और भामक प्रस्तुतियों के माध्यम से जनता को गुमराह कर रही है। उन्होंने तथ्यों और आर्थिक संकेतकों के माध्यम से यह स्पष्ट किया कि अर्थव्यवस्था की वास्तविक स्थिति प्रचारित किए जा रहे दावों से भिन्न है। सत्र के दौरान उन्होंने प्रेजेंटेशन के माध्यम से आर्थिक नीतियों और उनके प्रभावों का विश्लेषण किया तथा प्रश्नोत्तर सत्र में जिला अध्यक्षों के साथ सार्थक संवाद स्थापित किया।  पांच माह में दूसरी बार आएंगे मध्यप्रदेश राहुल गांधी पांच माह में दूसरी बात मध्यप्रदेश आ रहे हैं। इसके पहले वे संगठन सृजन अभियान के चलते 3 जून को भोपाल आए थे। कार्यकर्ताओं से संवाद किया था। स्पष्ट तौर से यह भी बताया था कि पार्टी में जिलाध्यक्ष ही पॉवरफुल होंगे। अब जबकि जिलाध्यक्ष के चुनाव हो चुके हैं तो राहुल फिर इन्हें संबोधित करने आ रहे हैं। जाहिर है राहुल के आने पर कार्यकर्ताओं को बूस्टर डोज मिलेगा। कार्यकर्ताओं में उत्साह बना रहे पार्टी का यही प्रयास है। अगले विधानसभा और लोकसभा चुनाव को फोकस रखकर पार्टी काम कर रही है। जिलाध्यक्षों का प्रशिक्षण भी इसी की कड़ी है। पचमढ़ी में आयोजित कांग्रेस संगठन सृजन प्रशिक्षण शिविर के पांचवें दिन सभी जिला कांग्रेस अध्यक्षों एवं विधायकों के लिए ऽजाति, संविधान और राजनीति के विषय पर एक महत्वपूर्ण सत्र आयोजित किया। इस सत्र का उद्देश्य भारतीय समाज और राजनीति में जाति की भूमिका, संविधान में उसके प्रावधानों तथा कांग्रेस के दृष्टिकोण की गहराई से समझ विकसित करना था। जाति, संविधान और राजनीति के मुद्दे पर होगी चर्चा सीडब्ल्यूसी के सदस्य एवं झारखंड के प्रभारी के. राजू ने सत्र को संबोधित करते हुए कहा जाति हमारे सामाजिक और राजनीतिक जीवन की एक सच्चाई है, जिसे केवल परंपरा नहीं बल्कि समानता और सामाजिक न्याय के संदर्भ में समझना चाहिए। संविधान ने समानता और अवसर की समानता के माध्यम से जातीय भेदभाव को समाप्त करने का मार्ग प्रशस्त किया है, और कांग्रेस पार्टी सदैव इस भावना को व्यवहार में लाने के लिए प्रतिबद्ध रही है। कार्यक्रम में कहा कि जाति जनगणना सामाजिक न्याय की दिशा में नीति निर्माण का सशक्त आधार बन सकती है। जाति, संविधान और राजनीति ये तीनों भारतीय लोकतंत्र के मूल तत्व हैं, और जब तक समानता तथा सामाजिक न्याय का लक्ष्य प्राप्त नहीं होता, तब तक संविधान की आत्मा अधूरी रहेगी। इस सत्र में जिला अध्यक्षों, प्रशिक्षणार्थियों ने भागीदारी की और संगठन निर्माण में समावेशी दृष्टिकोण अपनाने पर बल दिया।  पचमढ़ी पहुंचने के बाद राहुल गांधी गांधी चौक पर महात्मा गांधी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित करेंगे और फिर प्रशिक्षण सत्र में शामिल होंगे। शाम 4:30 बजे वे जिलाध्यक्षों की ट्रेनिंग कैंप में शामिल होंगे। इसके बाद रात 8 बजे जिलाध्यक्षों और उनके परिवारों के साथ डिनर करेंगे। वे रात को रविशंकर भवन में रुकेंगे और रविवार सुबह 11 बजे बिहार के लिए रवाना होंगे।  बैठक में ‘भारतीय अर्थव्यवस्था और राजनीति की दिशा’ विषय पर एक विशेष सत्र हुआ। इसमें ऑल इंडिया प्रोफेशनल कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रवीण चक्रवर्ती ने देश की आर्थिक चुनौतियों पर बात की और सुझाव दिया कि पार्टी को जनता के आर्थिक मुद्दों को प्राथमिकता देनी चाहिए।  राहुल गांधी का यह दौरा केवल बैठक तक सीमित नहीं रहेगा। वे पार्टी संगठन को मजबूत करने, युवाओं की भागीदारी बढ़ाने और सामाजिक न्याय के मुद्दों पर नई रणनीति बनाने पर जोर देंगे। कांग्रेस सूत्रों के अनुसार, यह बैठक पार्टी की नई कार्ययोजना की दिशा तय करेगी। 

प्रधानमंत्री मोदी का विजन है मध्यप्रदेश का मिशन : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

विश्व बाजार में भारत ने फूंका है स्वदेशी का बिगुल : मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रधानमंत्री  मोदी का विजन है मध्यप्रदेश का मिशन : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री एमवीएम कॉलेज परिसर में लगे स्वदेशी मेला में हुए शामिल भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में नया भारत अर्थव्यवस्था के क्षेत्र में नए कीर्तिमान गढ़ रहा है। दुनिया में जारी आर्थिक युद्ध के बीच भारत ने स्वदेशी का बिगुल फूंका है। प्रधानमंत्री  मोदी ने देश के नागरिकों, व्यापारियों और उद्यमियों को इस आर्थिक युद्ध में "स्वदेशी ब्रह्मास्त्र' सौंपा है। आज सभी क्षेत्रों में स्वदेशी को महत्व देते हुए भारत की सनातन संस्कृति और विरासत से विकास के पथ पर देश अग्रसर है। मध्यप्रदेश सरकार ने प्रधानमंत्री  मोदी के विजन को मिशन बनाया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्वदेशी का अर्थ यह नहीं कि हम दुनिया से अलग हो जाएं। इसका मतलब है कि जो चीज़ हम अपने देश में बना सकते हैं, उसे बाहर से न लाएं और अपने देश में बनी वस्तुओं का ही उपयोग करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शुक्रवार को मोतीलाल विज्ञान आदर्श महाविद्यालय प्रांगण में स्वदेशी जागरण मंच द्वारा आयोजित स्वदेशी मेले का दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मेला परिसर में स्थापित प्रभु राम की प्रतिमा का लोकार्पण भी किया। इस अवसर पर राम स्तुति की प्रस्तुति दी गई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का अंगवस्त्रम एवं ब्रह्मोस मिसाइल की प्रतिकृति भेंटकर आत्मीय स्वागत किया गया। मुख्यमंत्री जी ने लघु उद्यमियों द्वारा लगाए विभिन्न स्टॉल्स का अवलोकन किया एवं स्वदेशी उत्पादों की जानकारी प्राप्त की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि देश के स्वतंत्रता आंदोलन में स्वदेशी ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। महात्मा गांधी, स्वामी दयानंद, लाला लाजपत राय एवं बाल गंगाधर तिलक जैसे अनेक महापुरुषों ने देशवासियों से विदेशी वस्तुओं का बहिष्कार कर स्वदेशी अपनाते हुए आजादी की लड़ाई लड़ने का आह्वान किया। यह स्वदेशी की ही ताकत थी कि बंगाल विभाजन के विरोध में बंग-भंग आंदोलन प्रारंभ हुआ और अंग्रेजों को झुकना पड़ा था। वर्तमान समय में एक देश के नेता दुनिया को टैरिफ की धमकी देते हैं। लेकिन प्रधानमंत्री  मोदी का संकल्प अडिग है। भारत किसी के सामने नहीं झुकेगा। ऐसे समय में प्रधानमंत्री  मोदी ने स्वदेशी ब्रह्मोस मिसाइल से पड़ोसी दुश्मन देश को चारों खाने चित कर दिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज दुनिया को भारत में बड़ा बाजार दिखाई दे रहा है। वे अपनी कमाई के लिए उत्पादों को भारत लाना चाहते हैं। लेकिन हम अपने स्वदेशी के भाव से नई तकनीक अपनाते हुए खेती को भी संरक्षित कर रहे हैं और विभिन्न उत्पादों के निर्यात को बढ़ा रहे हैं। इस मेले में उत्तरप्रदेश भदौही के व्यापारी तक अपने कालीन बेचने यहां आए हैं। स्वदेशी जागरण मंच के अखिल भारतीय मेला प्रमुख  साकेत राठौर ने कहा कि स्वदेशी मेला कोई आम मेला नहीं है। हमें स्वदेशी से एक अगल पहचान मिलती है। स्वदेशी जब समाज के साथ जुड़ता है तो वह आंदोलन में परिवर्तित होता है। स्वदेशी वस्तुओं में हमारी मिट्टी की खुशबू होती है। भारत आर्थिक स्थिति में चौथे पायदान पर है। अगर हमें अमेरिका, चीन और जापान को पीछे छोड़ना है तो स्वदेशी के भाव को अपनाना होगा। वर्षभर में देश में 150 स्वदेशी मेले लगाए जाएंगे। विधायक  भगवानदास सबनानी ने कहा कि देशभर में वन्देमातरम के आयोजन के दिन स्वदेशी मेले का आयोजन एक ऐतिहासिक क्षण है। हमें स्वयं स्वदेशी अपनाते हुए साथियों को भी इसके लिए प्रेरित करना चाहिए। स्वदेशी मेला संयोजक एवं भोपाल के व्यापारी  सतीश विश्वकर्मा ने कार्यक्रम में आभार प्रदर्शन किया। स्वदेशी मेले की शुभारंभ अवसर पर  रमणवीर सिंह अरोड़ा,  सुधीर दाते एवं  सुशील अग्रवाल सहित स्वदेशी आंदोलन से जुड़े पदाधिकारी उपस्थित थे। 

उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा – विश्वविद्यालय कर्मचारी संगठन जिम्मेदारी और निष्ठा से करें कार्य

विश्वविद्यालय कर्मचारी संगठन के पदाधिकारी अपनी जिम्मेदारी का निष्ठापूर्वक निर्वहन करें – उप मुख्यमंत्री  राजेन्द्र शुक्ल अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय के कर्मचारी संगठन के पदाधिकारियों का शपथ ग्रहण समारोह संपन्न भोपाल उप मुख्यमंत्री  राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय के कर्मचारी संगठन के नवनिर्वाचित पदाधिकारी अपने दायित्व का निष्ठापूर्वक निर्वहन करें और विश्वविद्यालय को उच्चतम शिखर तक ले जाने में सहभागी बनें। ताकि इस विश्वविद्यालय की गौरवशाली परंपरा कायम रह सके।  शुक्ल ने विश्वविद्यालय के कर्मचारी संगठन के नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को शपथ दिलाई। पंडित शंभूनाथ शुक्ल सभागार में आयोजित कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री ने कहा कि कर्मचारी संगठन के पदाधिकारियों को पद नहीं बल्कि जिम्मेदारी मिली है उसे वह सभी के समन्वय से मिलकर कार्य करें। उन्होंने कहा कि विकास का मूल लक्ष्य शिक्षा, स्वास्थ्य व रोजगार की उपलब्धता है। रीवा में इस क्षेत्र में प्राथमिकता से कार्य कराये जा रहे हैं। कर्मचारी संगठन के केन्द्रीय विश्वविद्यालय की मांग पर उप मुख्यमंत्री ने कहा कि गुण, दोष का आंकलन करते हुए विवरण दें ताकि इस दिशा में प्रयास किये जा सके। उन्होंने नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को बधाई व शुभकामना दी। इस अवसर पर सांसद  जनार्दन मिश्र ने कहा कि आपसी गुटबाजी को छोड़कर विश्वविद्यालय के विकास के लिये सभी समवेत हों। कुलगुरू प्रो. राजेन्द्र कुमार कुडरिया ने कहा कि कर्मचारियों, प्राध्यापकों व विद्यार्थियों के समचित सहयोग से ही विश्वविद्यालय ऊंचाईयों की ओर अग्रसर होगा। इससे पूर्व कर्मचारी संगठन के अध्यक्ष डॉ. बुद्धसेन पटेल ने अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय को केन्द्रीय विश्वविद्यालय बनाये जाने की मांग की। कार्यक्रम में विधायक मऊगंज  प्रदीप पटेल, जिला पंचायत अध्यक्ष मती नीता कोल, भाजपा अध्यक्ष रीवा  वीरेन्द्र गुप्ता, भाजपा अध्यक्ष मऊगंज डॉ. राजेन्द्र प्रसाद मिश्रा, कुल सचिव सुरेन्द्र सिंह परिहार सहित कर्मचारी संगठन के पदाधिकारी, प्राध्यापक, गणमान्यजन तथा छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।  

डॉक्टर बेटी और सीए बेटे के भविष्य के लिए माता-पिता ने छोड़ी संपत्ति, संन्यास के लिए तैयार

नरसिंहपुर  नरसिंहपुर शहर के ओसवाल (बच्छावत) परिवार की बेटी अनामिका ओसवाल, अपने पति दिनेश कांकरिया, डॉक्टर बेटी हर्षिता और चार्टर्ड अकाउंटेंट में अध्ययनरत बेटे विधान के साथ सांसारिक मोहमाया त्यागकर सन्यास के मार्ग पर अग्रसर हो रही हैं। यह पूरा परिवार आगामी 9 नवंबर को आचार्य जिन पीयूष सागर के पावन सान्निध्य में जैन दीक्षा ग्रहण करेगा। ​स्वर्गीय टीकमचंद ओसवाल और श्रीमती कमलाबाई ओसवाल की बेटी अनामिका, जिनका विवाह महाराष्ट्र के धूलिया निवासी दिनेश कांकरिया से हुआ था, उनके परिवार के इस त्याग को समाज एक प्रेरणादायी कदम मान रहा है। परिवार के पास करीब 5 करोड़ से अधिक की चल-अचल संपत्ति है, जिसे छोड़कर वे आत्मसाधना में लीन होंगे। गौरतलब है कि इस परिवार की एक और बेटी वर्ष 2022 में ही दीक्षा लेकर साध्वी शाश्वत निधि के रूप में साधना कर रही हैं। ​सकल जैन श्वेतांबर संघ द्वारा इस दीक्षार्थी परिवार के अभिनंदन में 9 नवंबर को भव्य समारोह का आयोजन किया जा रहा है। अभिनंदन समारोह श्री मुनिसुब्रत स्वामी जैन श्वेतांबर मंदिर, गुदरी बाजार में सुबह 10.30 बजे से होगा। इससे पूर्व, दीक्षार्थी परिवार का बरघोड़ा (शोभा यात्रा) समारोहपूर्वक मेन रोड से होते हुए बाहरी रोड तक जाएगा। इस अवसर पर विनम्र सागर, पुण्यवर्धन, गुणवर्धन महाराज के पावन सान्निध्य में कार्यक्रम संपन्न होगा। परिवार के एडवोकेट अखिलेश ओसवाल ने इस ऐतिहासिक दीक्षा के संबंध में जानकारी दी।  

एक कदम जागरूकता का, सागर में बाल विवाह पर सख्त रोक, ज्योति तिवारी बनीं बेटियों की ढाल

एक कदम जागरूकता का, सौ कदम प्रगति की ओर सागर में बाल विवाह पर सख्त कार्रवाई, ज्योति तिवारी बनीं बेटियों की ढाल सफलता की कहानी समाचार भोपाल जब कानून संवेदनशील बनता है, तब इंसाफ़ केवल अदालत में नहीं, समाज के दिलों में उतरता है। सागर जिले के बण्डा क्षेत्र के ग्राम छापरी की तपती दोपहर में गाँव की चौपाल पर शादी की चर्चा जोरों पर थी “आज गोपाल ठाकुर के बेटे रामू की शादी है,” पर कोई नहीं जानता था कि उस दिन यह गाँव एक नई सोच की ओर कदम बढ़ाने वाला है। 17 वर्षीय रामू, जो कक्षा 11वीं में पढ़ता था और चिकित्सक बनने का सपना देखता था, की शादी 14 वर्षीय कुसुम से तय कर दी गई थी। समाज का दबाव था “अब लड़का बड़ा हो गया है, शादी कर दो,” लेकिन रामू का दिल पढ़ाई में था। वह यह नहीं चाहता था कि उसका बचपन यूँ ही समाप्त हो जाए। उसके दोस्त सोहन ने तब हिम्मत दिखाई और चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 पर फोन कर दिया। कुछ ही देर में विशेष किशोर पुलिस इकाई की प्रभारी अधिकारी सु ज्योति तिवारी अपनी टीम और स्थानीय पुलिस के साथ गाँव पहुँचीं। ढोल-नगाड़े बज रहे थे, बारात की तैयारी हो रही थी, लेकिन पुलिस जीप और सायरन की आवाज़ से सब ठहर गया। परिवार के लोग पहले अनजान बने रहे, पर जब ज्योति तिवारी ने शांत और दृढ़ स्वर में कहा कि यह विवाह बाल विवाह निषेध अधिनियम, 2006 के तहत अपराध है। लड़के की उम्र 21 वर्ष और लड़की की 18 वर्ष से कम है, इसलिए यह विवाह नहीं हो सकता। गाँव में पहले विरोध हुआ, कुछ ने इसे परंपरा बताया। पुलिस अधिकारी ज्योति तिवारी ने कानून की धाराएँ समझाने के साथ मानवीय दृष्टिकोण से भी बात की। उन्होंने कहा बाल विवाह केवल एक परंपरा नहीं, यह एक ऐसा बंधन है जो बच्चों के भविष्य को बाँध देता है।” धीरे-धीरे माहौल बदला, सरपंच देवीसिंह, महिला एवं बाल विकास विभाग की टीम और स्थानीय शिक्षकों की मदद से परिवार को समझाया गया। परिवार ने अंततः लिखित प्रतिज्ञा ली कि बच्चों की शादी केवल वयस्कता के बाद ही करेंगे। रामू और कुसुम की आँखों में राहत थी, जैसे किसी ने उनकी उम्र को फिर से लौटा दिया हो। गौरझामर की राधा ने दिखाई हिम्मत सागर जिले के ही गौरझामर गाँव में 16 वर्षीय राधा की कहानी ने भी सबका दिल जीत लिया। राधा का सपना पुलिस अधिकारी बनना था। जब पता लगा कि माता-पिता उसकी शादी तय कर चुके हैं, तो उसके सपने डगमगाने लगे, लेकिन उसने हार नहीं मानी। स्कूल में सुनी हुई बात उसे याद आई बाल विवाह अपराध है, मदद के लिए 1098 पर कॉल करें। उसने कॉल किया और पुलिस अधिकारी ज्योति तिवारी पुलिस टीम के साथ गाँव पहुँचीं। बारात जब गाँव की सीमा पर पहुँची, पुलिस सायरन की आवाज़ से सब ठहर गया। राधा की माँ ने कहा “दादी बीमार हैं, बस उसकी आख़िरी इच्छा है कि पोती की शादी देख लें।” यह सुनकर माहौल भावनात्मक हो गया, ज्योति तिवारी ने बड़ी संवेदनशीलता से समझाया माँ, आज अगर आप बेटी को पढ़ने देंगी, तो कल वही बेटी आपके नाम का मान बढ़ाएगी। पुलिस अधिकारी ज्योति तिवारी की समझाईश से धीरे-धीरे परिवार मान गया, और विवाह रोक दिया गया। राधा ने स्कूल लौटते हुए मुस्कुराकर कहा जब समाज और पुलिस साथ खड़े हों, तब कोई भी परंपरा किसी बालिका का भविष्य नहीं छीन सकती।” जागरूकता से परिवर्तन तक – ज्योति तिवारी की पहल इन दोनों घटनाओं के बाद पुलिस अधिकारी ज्योति तिवारी ने महिला एवं बाल विकास विभाग और शिक्षा विभाग के साथ मिलकर ग्राम पंचायतों व स्कूलों में “बाल विवाह रोकथाम एवं शिक्षा प्रोत्साहन अभियान” शुरू किया। अब सागर जिले के कई स्कूलों में हर महीने सत्र होते हैं। जहाँ बच्चे और अभिभावक सीखते हैं कि शादी तब ही, जब शिक्षा पूरी हो। गाँवों में ज्योति तिवारी का नाम अब “बेटियों की प्रहरी” के रूप में जाना जाता है। उनकी पहल ने यह साबित कर दिया कि कानून की सख्ती अगर संवेदनशीलता से जोड़ी जाए, तो बदलाव निश्चित है। हर उस विवाह को रोकना, जो उम्र से पहले हो रहा था किसी बच्चे के भविष्य को जीतने जैसा है।  

भोपाल समेत पूरे क्षेत्र में अब तक 4.45 लाख से अधिक स्मार्ट मीटर स्थापित

भोपाल  केन्द्र सरकार की रिवेम्प्ड डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम (आरडीएसएस) योजना के अंतर्गत मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा कंपनी कार्यक्षेत्र में स्मार्ट मीटर लगाने का काम त्वरित गति से चल रहा है। जहां स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं, वहां पर समय पर बिलिंग तथा रीडिंग हो रही है। साथ ही दिन के टैरिफ में 20 प्रतिशत की छूट भी मिलनी शुरू हो गई है। कंपनी कार्यक्षेत्र के भोपाल, नर्मदापुरम, ग्वालियर एवं चंबल संभाग के जिलों में अब तक 4 लाख 45 हजार 644 स्मार्ट मीटर स्थापित किए जा चुके हैं। इनमें सर्वाधिक भोपाल शहर वृत्त में 2 लाख, 52 हजार 772 स्मार्ट मीटर स्थापित किए जा चुके हैं। कंपनी ने कहा है कि स्मार्ट मीटर लगने से उपभोक्ताओं को बेहतर सेवाएं, सटीक बिलिंग और ऊर्जा दक्षता में सुधार हो रहा है। स्मार्ट मीटर लगाने का काम समय-सीमा में पूर्ण करने के लिए कंपनी की टीमें लगातार कार्य में जुटी हुई हैं। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने स्मार्ट मीटर के फायदे बताते हुए कहा है कि स्मार्ट मीटर से रियल टाइम डेटा प्राप्त किया जा सकता है, जिससे उपभोक्ताओं को सटीक और समय पर बिलिंग सुनिश्चित की जा रही है। कंपनी ने बताया कि जहां-जहां भी स्मार्ट मीटर स्थापित किए जा चुके हैं वहां पर बिलिंग तथा रीडिंग निर्धारित समय पर हो रही है, इससे सभी उपभोक्ता संतुष्ट हैं। नए टैरिफ आर्डर के अनुसार स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं को अब खपत के आधार पर दिन के टैरिफ में 20 प्रतिशत की छूट भी दी जा रही है। अक्टूबर माह का बिल जो कि नवंबर माह में जारी हुआ है, उसमें दिन के टैरिफ में सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक उपयोग की गई विद्युत के दौरान बनी यूनिट पर छूट अलग कॉलम में अंकित की गई है।  

सुभाष नगर ROB की डिजाइन में बड़ा बदलाव, 180 डिग्री टर्न और थर्ड लेग पर हो रही समीक्षा

भोपाल  भोपाल के सुभाष नगर रेलवे ओवरब्रिज की 180 डिग्री घुमाव वाली डिजाइन बदलेगी। पीडब्ल्यूडी ब्रिज ने इसके लिए प्रक्रिया शुरू कर दी है। मालाकार डिजाइन वाले थर्ड लेग पर काफी सवाल उठ रहे थे। इसमें मोती नगर बस्ती के 500 मकान भी बाधक बने हुए थे, जिनके लिए हाईकोर्ट ने स्टे दिया हुआ है। इन सभी दिक्कतों का हल थर्ड लेग री-डिजाइन से निकाला जाएगा। एक सप्ताह में नया प्रस्ताव नई डिजाइन के साथ उच्चाधिकारियों के सामने रखेंगे। थर्ड लेग की डिजाइन पर भी सवाल उठे मंजूरी मिलने के बाद काम शुरू किया जाएगा। थर्ड लेग का बजट अभी 22 करोड़ रुपए है। थर्ड लेग की लंबाई 242 मीटर है। इसे बनाने ठेका एजेंसी तय की हुई है। उसे नई डिजाइन देकर काम शुरू कराया जाएगा। भेल की ओर से ट्रैफिक जिंसी के रास्ते आगे निकालने थर्ड लेग तय की थी। सुभाष ब्रिज थर्ड लेग के लिए फरवरी- मार्च 2025 में काम शुरू करने की योजना बनी। इसके लिए मोती नगर मार्केट और आवासीय क्षेत्रों को नोटिस दिया। इससे ही विवाद बना। प्रशासन ने करीब 150 दुकानें तो तोड़ दी, लेकिन घरों के मामले में हाईकोर्ट का स्टे आ गया। इसे हटवाने प्रशासन कोई ठोस जवाब नहीं दे पाया। थर्ड लेग की डिजाइन पर भी सवाल उठे। अंतत: अब इस विवाद को खत्म करने की कोशिश हो रही है। सुभाष नगर ब्रिज के आसपास बसी मोतीनगर बस्ती। ब्रिज की थर्ड लेग मोती नगर से उठेगी ओर मौजूदा 80 फीट रोड क्रॉस कर खेल मैदान को पार कर मौजूदा ब्रिज से जुड़ेगी। इससे सवाल ये कि जब थर्ड लेग को 80 फीट रोड पार कर पार्क से ही मौजूदा आरओबी को कनेक्ट करना है तो इसके लिए मोती नगर बस्ती या दुकानों को हटाने की जरूरत क्यों? सीधे 80 फीट रोड पर पार्क की तरह सरकारी खाली जमीन से ब्रिज को लेकर कनेक्ट किया जा सकता था? 11 मील तिराहे पर फ्लाइओवर का भूमिपूजन आज भोपाल-इंदौर 11 मील तिराहे पर सिक्सलेन फ्लाइओवर बनेगा। 31 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाले इस ब्रिज के लिए बुधवार को विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर, विधायक रामेश्वर शर्मा की उपस्थिति में भूमिपूजन होगा। सुबह 10 बजे होगा। खजूरी स्थित 11 मील तिराहा भोपाल बायपास व भोपाल इंदौर रोड का जंक्शन है। तेज रतार वाहनों की आपसी भिडंत की घटनाएं रोकने के लिए लाइओवर की मांग की जा रही थी। सिक्स लेन लाइओवर की लंबाई 850 मीटर होगी। यह 18 माह में बनेगा। एमपीआरडीसी को इसके निर्माण का जिमा दिया गया है। यहां सर्विस रोड बनेगी।

शिक्षकों को अब रोज़ देनी होगी ऑनलाइन उपस्थिति, MP शिक्षा विभाग ने जारी किए कड़े निर्देश

भोपाल मध्य प्रदेश के तीन लाख से अधिक शिक्षकों व अतिथि शिक्षकों की ऑनलाइन हाजिरी पर सख्ती शुरू हो गई है। जबलपुर हाई कोर्ट के आदेश के बाद स्कूल शिक्षा विभाग ने फिर से सभी जिलों में आदेश कर ऑनलाइन हाजिरी को सख्ती से लागू करने के निर्देश दिए हैं। शिक्षकों को आदेशित किया गया है कि अगर इस महीने हमारे शिक्षक ऐप से उपस्थिति नहीं लगाई गई तो वेतन में कटौती होगी। प्रदेश के तीन लाख शिक्षकों पर ई-अटेंडेंस की सख्ती शुरू हो गई है। अब नवंबर पेड दिसंबर माह में वेतन शिक्षकों को ई-अटेंडेंस के आधार पर ही मिलेगा। जिन शिक्षकों की ई-अटेंडेंस नहीं लगेगी, उनका वेतन काटा जाएगा। प्रदेश के शिक्षकों की ई-अटेंडेंस प्रणाली को जुलाई से हमारे शिक्षक ऐप के माध्यम से लागू किया है। शिक्षक इसका विरोध कर रहे हैं। इसे लेकर शिक्षक संगठनों ने हाई कोर्ट में याचिका लगाई है। इसी को लेकर गेस्ट टीचर को-र्डिनेशन कमेटी ने भी हाई कोर्ट में याचिका लगाई थी। सिंह ने 20 जून 2025 को राज्य सरकार द्वारा जारी उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसके तहत एक जुलाई 2025 से पूरे प्रदेश में शिक्षकों के लिए ई-अटेंडेंस अनिवार्य कर दी गई थी।   याचिकाकर्ता की ओर हाईकोर्ट में लगी गेस्ट टीचर को-आर्डिनेशन कमेटी ने पीआईएल वापस लेते हुए यह दलील दी गई थी कि ग्रामीण और अंचल क्षेत्रों में मोबाइल नेटवर्क और इंटरनेट कनेक्टिविटी में गंभीर कठिनाइयां आ रही हैं। इसके अतिरिक्त कई शिक्षक स्मार्टफोन खरीदने में असमर्थ हैं, जिससे उनके लिए ई-अटेंडेंस दर्ज करना व्यावहारिक रूप से कठिन हो जाता है। विभाग ने आदेशित किया कि ऑनलाइन उपस्थिति नहीं तो वेतन कटौती की जाएगी। बता दें कि प्रदेश के 53 प्रतिशत शिक्षक ही ऑनलाइन हाजिरी लगा रहे हैं। वहीं 51 प्रतिशत प्राचार्य ऑनलाइन हाजिरी लगा रहे हैं। वहीं 90 प्रतिशत से अधिक अतिथि शिक्षक ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करा रहे हैं। इस कारण विभाग ने सख्ती दिखाई है। भोपाल जिले में ई-अटेंडेंस को लेकर जारी हुए आदेश भोपाल जिले के स्कूलों के ई-अटेंडेंस की अनिवार्यता की सख्ती पर जिला शिक्षा अधिकारी एनके अहिरवार ने आदेश जारी किए है। जारी आदेश में प्राचायों से कहा गया है कि आपके अपने अधीनस्थ सभी शिक्षकों को ई-अटेंडेंस के माध्यम से उपस्थिति दर्ज कराया जाना सुनिश्चित करें। साथ में प्रतिदिन ई-अटेंडेंस की प्रगति की समीक्षा करें। आगामी माह का वेतन ई-अटेंडेंस के आधार पर ही आहरित किया जाए। शिक्षकों की उपस्थिति के लिए संकुल प्राचार्य एवं संबंधित शिक्षक उत्तरदायी होंगे।

पहले हफ्ते में ही सर्द हवाओं का कहर, दशक बाद इतनी ठंड

इंदौर हिमालय से आ रही सर्द हवाओं ने पिछले तीन दिनों में आठ डिग्री सेल्सियस तक रात पारा गिराया। यही वजह है कि पिछले दो दिनो से उत्तरी हवाओं के असर से शहरवासियों को अल सुबह व रात में ठंडक का अहसास होने लगा है। गुरूवार की रात इस सीजन की सबसे ठंडी रात रही है। शुक्रवार को शहर में न्यूनतम तापमान 10.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो पिछले 10 साल में सबसे कम रहा। सामान्यत: नवंबर के आखिरी सप्ताह में न्यूनतम तापमान में गिरावट देखने को मिलती है। यह पहला मौका है जब नवंबर के पहले सप्ताह में उत्तरी हवाओं ने पारा गिराया है। भोपाल मौसम केंद्र के पास उपलब्ध उपलब्ध आंकड़ों में इंदौर में 25 नवंबर 1938 को सबसे कम 5.6 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम दर्ज किया गया था। इसके अलावा 30 नवंबर 1988 को इंदौर में 7.3 न्यूनतम तापमान दर्ज किया गया था, जो विगत वर्षो में नवंबर माह में दूसरा सबसे कम तापमान दर्ज हुआ है।     मौसम विज्ञानियों के मुताबिक इंदौर में अगले एक सप्ताह इसी तरह तापमान में गिरावट बरकरार रहेगी। हिमालय क्षेत्र में इस नवंबर के पहले सप्ताह से पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हुए हैं। हाल ही में हिमालय क्षेत्र में जो पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय था वो काफी मजबूत था। उसके गुजरने के बाद वहां हुई बर्फबारी के असर से उत्तरी व उत्तर पश्चिमी सर्द हवाएं इंदौर सहित पश्चिमी मप्र की ओर आ रही है। इस वजह से इंदौर में दिन के साथ रात के तापमान मे भी गिरावट देखने को मिल रही है। शुक्रवार को इंदौर में अधिकतम तापमान सामान्य से तीन डिग्री सेल्सियस कम 28.1 डिग्री सेल्सिय दर्ज किया गया। पिछले एक सप्ताह में इस तरह गिरा इंदौर में पारा दिनांक अधिकतम न्यूनतम     1 नवंबर 28.1 19.8     2 नवंबर 30.1 21.6     3 नवंबर 30.0 22.4     4 नवंबर 29.8 20.8     5 नवंबर 30.2 18.2     6 नवंबर 28.3 12.1     7 नवंबर 28.1 10.3 नोट : तापमान डिग्री सेल्सियस में   नवंबर में तापमान व वर्षा उच्चतम अधिकतम तापमान : 5 नवंबर को 1925 को 35 डिग्री सेल्सियस निम्मनम न्यूनतम तापमान : 25 नवंबर 1938 को 5.6 डिग्री सेल्सियस सर्वाधिक कुल मासिक वर्षा : 1946 में 217.4 मिमी