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मध्यप्रदेश की ग्रामीण सड़कों के रख-रखाव पर दें ध्यान : मंत्री पटेल

पहले चरण में निर्मित समस्त सड़कों में बने रपटे आवागमन के लिए हों बारहमासी मध्यप्रदेश ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण की कार्यकारिणी समिति की हुई बैठक भोपाल  मध्यप्रदेश ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण के तहत बनी प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़कों के रख रखाव पर प्राधिकरण पूरा ध्यान दे। योजना के पहले चरण में निर्मित समस्त सड़कों में बने रपटे में बारहमासी आवागमन सुनिश्चित रहे। यह निर्देश पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेल ने मंगलवार को मध्यप्रदेश ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण समिति की 26वीं बैठक में दिये। बैठक में अपर मुख्य सचिव ग्रामीण विकास श्रीमती दीपाली रस्तोगी, मुख्य कार्यपालन अधिकारी मध्यप्रदेश ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण श्री दीपक आर्य सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित थे। मंत्री श्री पटेल ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत निर्मित सड़कों के संधारण पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विभाग के इंजीनियर्स को गुणवत्तापूर्ण कार्यों के लिए मध्यप्रदेश ग्रामीण सड़क अकादमी में प्रशिक्षित भी किया जाए। नवीन तकनीक के उपयोग से उन्‍हें अवगत कराया जाए। बैठक में बताया गया कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत निर्मित सड़कों के संधारण का दायित्व प्राधिकरण को सौंपा गया है। प्राधिकरण द्वारा अब तक 88 हजार 517 किलोमीटर लंबाई के 25 हजार 331 मार्गों का निर्माण किया जा चुका है। प्राधिकरण द्वारा अभी तक कुल 66 हजार 292 किलोमीटर बिटुमिन नवीनीकरण किया गया है। इनमें से लगभग 15 हज़ार 900 किलोमीटर लंबाई का नवीनीकरण वेस्ट प्लास्टिक तकनीकी का उपयोग करते हुए किया गया है। संधारण के अंतर्गत स्व सहायता समूहों द्वारा 14 ज़िलों के 114 मार्गों पर संधारण कार्य किया जा रहा है। ख़ास बात यह है कि ऐसे 115 स्व-सहायता समूह में 1270 महिलाएँ भी कार्य कर रही है। बैठक में बताया गया कि मुख्यमंत्री मजरा टोला सड़क योजना अंतर्गत सड़क सम्पर्कता प्रदान करने के लिए लगभग 30 हजार 900 किलोमीटर मार्ग निर्माण की स्वीकृति प्रदान की गई है। इसकी लागत 21 हजार 630 करोड़ रुपये है। प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क के चतुर्थ चरण का कार्य दिसंबर 2024 से प्रारंभ हुआ है। इसमें 868 सड़कों का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा गया है। इनकी कुल लंबाई 1849 किलोमीटर और लागत 1545 करोड़ रुपये है। इन सड़कों के बनने से ग्रामीण क्षेत्र की 878 बसाहटें लाभान्वित होंगी। मंत्री श्री पटेल ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र में भारी वाहनों के आवागमन से क्षतिग्रस्त सड़कों के उन्नयन पर ध्यान दिया जाए। 

वन अधिकार दावों के निराकरण में सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाएं : मंत्री डॉ. शाह

भोपाल  जनजातीय कार्य मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह ने कहा है राज्य सरकार जनजातीय बंधुओं के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से वन अधिकार संबंधी दावों के निराकरण में सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने को कहा। मंत्री डॉ. शाह मंत्रालय में वन अधिकार अधिनियम एवं पेसा कानून के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए गठित टास्क फोर्स की उप समिति की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में वन ग्रामों में वन अधिकारों की मान्यता एवं वन ग्रामों के राजस्व गांव में परिवर्तन की संशोधित प्रक्रिया पर चर्चा हुई। टास्क फोर्स के सदस्यों के झाबुआ, खंडवा, बुरहानपुर और दमोह जिलों के भ्रमण के बाद की भी अनुशंसाओं पर चर्चा की गई। बैठक में तय किया गया कि ग्राम स्तरीय वन अधिकार समितियों को विकासखंड स्तर पर प्रशिक्षण देने के लिए संबंधित जिला कलेक्टर द्वारा प्रशिक्षण कैलेंडर तैयार किया जाएगा। प्रशिक्षण जिला स्तरीय मास्टर ट्रेनर्स द्वारा दिया जाएगा। वन अधिकार पत्र धारकों के दावों के लिए सैटलाइट इमेजरी पब्लिक डोमेन में उपलब्ध कराए जाने की ताजा स्थिति एवं संपूर्ण डिजिटाइजेशन प्रक्रिया पर भी समिति ने विचार किया। सामुदायिक वन संसाधनों के संरक्षण और प्रबंधन के ग्रामवार लंबित दावों की समीक्षा की गई। इसके अलावा उपखंड एवं ग्राम स्तरीय वन अधिकार समितियों के प्रशिक्षण कैलेंडर पर भी विस्तार से चर्चा हुई। बैठक में अपर मुख्य सचिव वन श्री अशोक वर्णवाल, अपर मुख्य सचिव ग्रामीण विकास श्रीमती दीपाली रस्तोगी एवं प्रमुख सचिव जनजाति कार्य श्री गुलशन बामरा एवं टास्क फोर्स के सदस्य उपस्थित थे।  

हेलीकॉप्टर और बोमा तकनीक से पकड़े गए 846 कृष्णमृग और 67 नीलगाय

मुख्यमंत्री के निर्देश पर चलाया गया सफलतापूर्वक अभियान भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर किसानों की फसलों को नुकसान से बचाने के लिये शाजापुर, उज्जैन और आस-पास के इलाकों में हेलीकॉप्टर और बोमा तकनीक का सफल प्रयोग वन्य जीवों को सुरक्षित पकड़ कर स्थानांतरित करने के लिए किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एक बार फिर संवेदनशीलता दर्शाते हुए लंबे समय से कृष्णमृगों और नीलगायों द्वारा फसलों को पहुंचाये जा रहे भारी नुकसान से बचाने के लिये निर्देश जारी किये थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निर्देश पर किसानों की इस गंभीर समस्या के स्थायी समाधान के लिए देश में अपनी तरह का पहला प्रयास किया गया। अभियान के अंतर्गत वन्य जीवों को बिना हानि पहुँचाए अत्याधुनिक तकनीक के माध्यम से पकड़ कर सुरक्षित क्षेत्रों में छोड़ा गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा, “यह अभियान वन्य जीव संरक्षण और किसानों की सुरक्षा, दोनों के लिए एक ऐतिहासिक कदम है। मध्यप्रदेश में हम ऐसा संतुलन स्थापित करना चाहते हैं जहाँ प्रकृति, वन्य जीव और किसान, तीनों सामंजस्य के साथ आगे बढ़ें।” उन्होंने वन विभाग के अधिकारी और कर्मचारियों के समर्पण की सराहना करते हुए कहा टीम ने दीपावली के दौरान भी इस अभियान में हिस्सा लिया, जो उनके सेवा और वन्य जीव संरक्षण के प्रति समर्पण भाव का प्रतीक है। हेलीकॉप्टर और बोमा तकनीक का अभिनव प्रयोग अभियान में दक्षिण अफ्रीका की ‘कंजरवेशन सॉल्यूशंस’ कंपनी के 15 विशेषज्ञों ने भागीदारी की। विशेषज्ञों ने प्रदेश में वन विभाग की टीम को प्रशिक्षित किया और उनके सहयोग से 10 दिन तक लगातार अभियान चलाया गया। अभियान में रॉबिन्सन-44 हेलीकॉप्टर का उपयोग किया गया। इसे इस तरह के अभियानों के लिए विशेष रूप से उपयुक्त माना जाता है। हेलीकॉप्टर से पहले खेतों और खुले क्षेत्रों में वन्य जीवों की लोकेशन का सर्वे किया गया। इसके बाद रणनीतिक रूप से ‘बोमा’ बनाया गया। हेलीकॉप्टर की सहायता से फिर धीरे-धीरे हांका लगाकर जानवरों को सुरक्षित रूप से एक फनल (शंकु) आकार की बाड़ में प्रवेश कराया गया, जो जानवरों को भयभीत होने से बचाने के लिए घास और हरे जाल से ढकी होती है। बोमा में आये वन्य जीवों को वाहनों से सुरक्षित रूप से अभयारण्य तक पहुँचाया गया। अभियान में अनुभवी दक्षिण अफ्रीकी पायलट के साथ भारतीय पायलट भी शामिल थे। अभियान में सफलता पूर्वक 913 वन्य जीवों का किया गया सुरक्षित पुनर्वास लगभग दस दिनों तक चले इस अभियान में कुल 913 वन्य जीवों को सफलतापूर्वक पुनर्वास कराया गया। इनमें 846 कृष्णमृग और 67 नीलगाय शामिल हैं। सभी नीलगायों को गांधीसागर अभयारण्य के 64 वर्ग किलोमीटर के विशाल क्षेत्र में छोड़ा गया। साथ ही कृष्णमृगों को गांधीसागर, कूनो और नौंरादेही अभयारण्यों के उपयुक्त स्थानों पर पुनर्स्थापित किया गया। अभियान में वन्य जीवों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई। सभी वन्य जीव अब अपने नए आवासों में स्वच्छंद होकर विचरण कर रहे हैं। प्रशिक्षण और भविष्य की रणनीति वन विभाग ने वन्य जीवों के पुनर्वास के चलाये गये अभियान में एक विशेष प्रशिक्षित दल तैयार किया, जो दक्षिण अफ्रीकी विशेषज्ञों के साथ प्रशिक्षण प्राप्त कर चुका है। यह दल भविष्य में राज्य के अन्य जिलों में भी इस प्रकार के कैप्चर ऑपरेशन्स संचालित करेगा। जिला प्रशासन और ग्रामीण समुदाय ने इस अभियान में सक्रिय सहभागिता की। अभियान के दौरान यह स्पष्ट रूप से देखा गया कि इस तकनीक से किसी भी वन्य जीव को बेहोश (ट्रैंक्युलाइज) करने की आवश्यकता नहीं पड़ी। वन्य जीवों की पुनर्स्थापना की, जिससे पूरी प्रक्रिया और अधिक सुरक्षित और प्राकृतिक बनी रही। अभियान से किसानों को मिली राहत नीलगायों और कृष्णमृग के पुनर्वास अभियान के परिणामस्वरूप उज्जैन, शाजापुर और आसपास के क्षेत्रों के किसानों ने राहत की सांस ली है। कृष्णमृग और नीलगायों द्वारा फसलों को रौंदने और खाने की घटनाओं में उल्लेखनीय कमी आई है। इससे किसानों की आर्थिक हानि में कमी आयेगी और वन्य जीव-मानव के बीच सह-अस्तित्व की भावना भी सशक्त होगी। अभियान न केवल मध्यप्रदेश बल्कि पूरे भारत के लिए एक नवीन उदाहरण प्रस्तुत करता है। यह सिद्ध करता है कि आधुनिक तकनीक, विशेषज्ञता और जनसहयोग से मानव-वन्य जीव संघर्ष को मानवीय और वैज्ञानिक तरीकों से हल किया जा सकता है। भविष्य में वन विभाग ऐसे और अभियानों को अन्य जिलों में भी चलाने की योजना बना रहा है, जिससे किसानों को राहत मिले, वन्य जीव सुरक्षित रहें और पर्यावरणीय संतुलन कायम रहे। अभियान को सफल बनाने में वन विभाग, दक्षिण अफ्रीका की ‘कंजरवेशन सॉल्यूशंस’ टीम, स्थानीय प्रशासन, पुलिस विभाग, और ग्रामीणों का अभूतपूर्व सहयोग रहा। प्रशासनिक और विशेषज्ञों की निगरानी में चला अभियान अभियान की हर गतिविधि की सतत् निगरानी वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा की गई। प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं मुख्य वन्य जीव अभिरक्षक श्री शुभरंजन सेन, अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं क्षेत्र संचालक (चीता प्रोजेक्ट) श्री उत्तम शर्मा और मुख्य वन संरक्षक उज्जैन श्री एम.आर. बघेल स्वयं अभियान स्थल पर उपस्थित रहे। इस अभियान में वाइल्ड लाइफ एवं फॉरेस्ट्री सर्विस के डॉ. कार्तिकेय ने तकनीकी रूप से महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वे इससे पहले गौर (बाइसन) ट्रांसलोकेशन प्रोजेक्ट में भी सक्रिय रूप से जुड़े रहे हैं। शाजापुर विधायक श्री अरुण भीमावद ने भी अभियान स्थल पर पहुंचकर इस अभिनव पहल की सराहना की। अभियान की सफलता पर एसीएस फॉरेस्ट श्री अशोक बर्णवाल और वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख श्री व्हीएन अम्बाडे भी टीम को बधाई दी गई। 

प्रदेश में कक्षा 9 और 10 के विद्यार्थियों के लिये ओलंपियाड

भोपाल  प्रदेश के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों में तार्किक सोच, समस्या समाधान क्षमता और नवाचार की भावना को प्रोत्साहित करने के लिये केन्द्र सरकार के निर्देश पर सरकारी स्कूल के कक्षा 9वीं एवं 10वीं के विद्यार्थियों के लिये गणित और विज्ञान विषय में ओलंपियाड का आयोजन किया जा रहा है। इस संबंध में लोक शिक्षण संचालनालय के सेकेण्डरी एजुकेशन विंग ने जिला शिक्षा अधिकारियों को पत्र लिखकर निर्देश जारी किये हैं। सांत्वना समेत 10 विजेताओं को पुरस्कार ओलंपियाड में प्रत्येक विषय में 5 विद्यार्थी चयनित होंगे। गणित और विज्ञान मिलाकर कुल 10 विद्यार्थियों का चयन होगा। प्रत्येक विषय में प्रथम, द्वितीय, तृतीय एवं 2 सांत्वना पुरस्कार होंगे। प्रथम पुरस्कार स्वरूप 51 हजार रूपये, द्वितीय 31 हजार और तृतीय के लिये 21 हजार रूपये की राशि पुरस्कार स्वरूप दी जायेगी। दो सांत्वना पुरस्कार 11-11 हजार रूपये के होंगे। ओलंपियाड परीक्षाएं विकासखंड और संभागीय मुख्यालयों पर होगी। विद्यार्थी गणित या विज्ञान किसी एक विषय में अथवा दोनों विषय में भाग ले सकता है। प्रथम परीक्षा का आयोजन विकासखंड मुख्यालय पर किया जायेगा। द्वितीय परीक्षा संभागीय स्तर पर आयोजित होगी। ओलंपियाड में भाग लेने विद्यार्थी की प्रविष्टि विद्यालय के प्राचार्य द्वारा 10 नवम्बर 2025 तक विमर्श पोर्टल पर प्राचार्य द्वारा की जायेगी। प्रतियोगिता से संबंधित सभी जानकारी सरकारी स्कूलों के हाई एवं हायर सेकेण्डरी स्कूलों के प्राचार्यों को भेजी गई है।  

बुंदेलखंड की बेटी क्रांति गौड़ ने विश्व में रोशन किया बुंदेलखंड का नाम : खाद्य मंत्री राजपूत

आईसीसी महिला क्रिकेट विश्व कप जीतने पर दी बधाई भोपाल  खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने आईसीसी महिला क्रिकेट विश्व कप 2025 के फाइनल में भारत की शानदार जीत की बधाई देते हुए मध्यप्रदेश के छतरपुर जिले के ग्राम घुवारा की महिला क्रिकेट खिलाड़ी क्रांति गौड़ से फोन पर बात की। उन्होंने क्रांति गौड़ को जीत की बधाई देते हुए उनका उत्साहवर्धन किया। मंत्री श्री राजपूत ने कहा कि यह एक ऐतिहासिक क्षण है जब हमारी बेटियों ने पूरे विश्व में अपने देश व अपने बुंदेलखंड का नाम रोशन किया। मंत्री श्री राजपूत ने कहा कि जब क्रांति गौड़ लौटकर आएंगी तो उनका भव्य स्वागत किया जाएगा। क्रांति गौड़ ने धन्यवाद प्रेषित करते हुए कहा कि मुझे भी बहुत अच्छा लग रहा है कि हमारे बुंदेलखंड का नाम विश्व में रोशन हुआ है। हम सभी बहुत खुश हैं कि सभी खिलाड़ियों की मेहनत से भारत ने महिला विश्व कप जीतकर नया इतिहास रचा है। मंत्री श्री राजपूत ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी तथा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव निरंतर खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन कर आगे बढ़ने के लिये प्रेरित करते हैं। देश के खिलाड़ियों ने विश्व में कई कीर्तिमान स्थापित कर देश का नाम रोशन किया है। भारतीय टीम की जीत पर पूरे देश में जश्न का माहौल है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हमारे बुंदेलखंड की बेटी क्रांति गौड़ के लिए एक करोड़ की राशि की घोषणा की है। मंत्री श्री राजपूत ने इंडिया टीम की जीत पर सभी देशवासी एवं प्रदेशवासियों को बधाई दी।

आम जनता तक पहुंचे विभाग की उपलब्धियां और नवाचार की जानकारी : मंत्री सिंह

मंत्रालय में स्कूल शिक्षा विभाग की 2 साल की उपलब्धियों की हुई समीक्षा भोपाल  स्कूल शिक्षा मंत्री श्री उदय प्रताप सिंह ने कहा है कि स्कूल शिक्षा विभाग ने करीब पिछले 2 सालों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधार में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करने के साथ अनेक नचावार भी किये हैं। उन्होंने कहा कि इसकी जानकारी जनप्रतिनिधियों के साथ आम जनता तक पहुंचाये जाने की जरूरत है। मंत्री श्री सिंह मंगलवार को मंत्रालय में विभागीय उपलब्धियों की समीक्षा कर रहे थे। मंत्री श्री सिंह ने विभाग की योजनाओं की बिन्दुवार समीक्षा की। उन्होंने कहा कि हमारा प्रयास होगा कि सरकारी स्कूलों के विकास में जनता का अधिक से अधिक सहयोग मिले, इसके लिये और प्रभावी तरीके से प्रयास किये जायेंगे। बैठक में सचिव स्कूल शिक्षा डॉ. संजय गोयल और आयुक्त लोक शिक्षण श्रीमती शिल्पा गुप्ता ने विभाग में किये जा रहे नवाचारों की जानकारी दी।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव के मौलिक चिंतन और कल्पनाशीलता से स्थापना दिवस समारोह को मिला अभिनव स्वरूप

अभ्युदय मध्यप्रदेश आयोजन के तीन दिन जनता के लिए रहे आनंददायी मुख्यमंत्री की पहल पर पहली बार हुआ तीन दिवसीय समारोह मध्यप्रदेश स्थापना की 70वीं वर्षगांठ बनी यादगार भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की पहल पर स्थापना दिवस पर एक दिन के स्थान पर तीन दिवसीय समारोह हुआ, जिसकी सभी जगह सराहना की जा रही है। भोपाल का लाल परेड ग्राउंड तीन दिन तक अनेक सांस्कृतिक आयोजनों का केन्द्र बना, जिसमें राजधानी के नागरिकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। पूर्व राज्यपाल श्री कप्तान सिंह सोलंकी, विधायक एवं प्रदेश अध्यक्ष श्री हेमंत खंडेलवाल सहित प्रदेश के विभिन्न जिलों के जनप्रतिनिधि, राज्य मंत्रि-मंडल मंडल के सदस्य, सांसद और विधायक भी 'अभ्युदय मध्यप्रदेश' में शामिल हुए। मध्यप्रदेश के गठन 01 नवम्बर 1956 से अब तक राज्य स्थापना के समारोह भिन्न-भिन्न स्वरूप में होते रहे हैं। समारोह की गतिविधियां राज्य मंत्रालय स्थित वल्लभ भाई पटेल उद्यान और पुराने रवीन्द्र भवन तक सीमित रहती थीं। गत दशक में लाल परेड में सांस्कृतिक आयोजन की शुरूआत जरूर हुई, लेकिन एक दिवसीय कार्यक्रम होने से राजधानी के बहुत से नागरिक इसका आनंद लेने से वंचित रह जाते थे। वर्ष 2025 प्रदेश स्थापना दिवस के यादगार कार्यक्रमों के लिए जाना जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राज्य स्तरीय समारोह को नया स्वरूप देने का निर्णय लिया। समारोह का स्वरूप निर्धारित करते समय प्रदेश की गौरवशाली विभूतियों की जानकारी नागरिकों को देने का विचार महत्वपूर्ण था। सम्राट विक्रमादित्य के सुशासन, शौर्य, न्याय और दानशीलता के गुणों ने इतिहास में स्थान बनाया है। उन्होंने विक्रम संवत्सर प्रारंभ किया। सम्राट विक्रमादित्य के योगदान से प्रदेश के नागरिक मंचीय प्रस्तुति और मीडिया के सभी माध्यमों द्वारा परिचित भी हुए। गायन, अभिनय और नृत्य की सभी ने की सराहना एक नवम्बर को 'अभ्युदय मध्यप्रदेश' के अंतर्गत जहां प्रसिद्ध गायक जुबिन नौटियाल ने गीत-संगीत के सुर बिखेरे, वहीं ऐतिहासिक ड्रोन शो भी हुआ। इसी दिन विश्ववंद कार्यक्रम के माध्यम से भगवान श्रीकृष्ण की संगीतमय जीवन यात्रा को सैकड़ों कलाकारों ने मंच पर प्रस्तुत किया। दो और तीन नवम्बर को सम्राट विक्रमादित्य महानाट्य ने दर्शकों को सम्मोहित किया। पहली बार निरंतर दो दिन लाल परेड ग्राउंड पर महानाट्य की प्रस्तुति ने प्रदेश के सांस्कृतिक जगत में नया इतिहास बनाया है। ड्रोन-शो में आकाश पर आकर्षक आकृतियों ने दर्शकों का मोह लिया मन मध्यप्रदेश विज्ञान और प्रौद्योगिकी परिषद (मेपकास्ट) की महत्वपूर्ण भूमिका ड्रोन-शो के माध्यम से पहली बार उभरकर आयी। यह विज्ञान और संस्कृति का संगम था। विरासत से विकास पर केन्द्रित यह ड्रोन-शो दर्शकों को महाकाल मंदिर, सिंहस्थ की झलकियों और आकाश पर अंकित की गई अन्य स्मारकों, श्रद्धा स्थलों की आकृतियों से अद्भुत आनंद की अनुभूति करवाने वाला शो बन गया। ड्रोन-शो ने नागरिकों का मन मोहने का कार्य किया। कलाकारों का परिश्रम और हुनर दिखा मंच पर अभ्युदय मध्यप्रदेश में लगभग एक हजार कलाकारों की सहभागिता रही। 'विश्ववंद' की प्रस्तुति, सुगम संगीत, समूह नृत्य और महानाट्य में मंच पर प्रतिभा का प्रदर्शन करने वाले कलाकारों का परिश्रम और हुनर उनके दीर्घ अभ्यास के प्रमाण प्रस्तुत करने वाला रहा मंच के परे योगदान देने वाले, रूप सज्जा करने वाले सहयोगियों, मंच सज्जा करने वाले तकनीकी सहयोगियों और ध्वनि और प्रकाश से जुड़े कार्यों का संयोजन करने वाले कलाकारों का सृजन सभी प्रस्तुतियों में जान डालने वाला सिद्ध हुआ। निर्देशन से जुड़े कलाधर्मी पूरे कार्यक्रम को यादगार बनाने का संकल्प लेकर कार्य कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने महानाट्य सम्राट विक्रमादित्य की प्रस्तुति में सहयोगी विशाला, सांस्कृतिक एवं लोकहित समिति के श्री संजीव मालवीय, श्री राजेश कुशवाह और अन्य कलाकारों की भूमिका की प्रशंसा की। मेरा भोला है भंडारी पर झूमा भोपाल का जन-जन, आंचलिक संस्कृति के दिखे रंग अभ्युदय मध्यप्रदेश के समारोह में न सिर्फ मुम्बई के जुबिन नौटियाल बल्कि चंडीगढ़ से आये हंसराज रघुवंशी ने भी समा बांधा। हंसराज हंस के गाये भजन मेरा भोला है भंडारी पर भोपाल का जन-जन झूम उठा। प्रदेश की बहुआयामी आंचलिक संस्कृति मटकी नृत्य, निमाड़ी जनजीवन के काव्य प्रसंग-गणगौर और विंध्याचल के अहिराई लाठी नृत्य के माध्यम से सामने आयी। बुंदेलखंड अंचल में मांगलिक अवसरों और तीज-त्यौहारों पर होने वाले बधाई नृत्य के साथ ही महाकौशल अंचल से आये गोण्ड जनजातीय कलाकारों ने नृत्य के कार्यक्रम प्रस्तुत किए। अभ्युदय मध्यप्रदेश के तीसरे दिन युवा गायिका स्नेहा शंकर ने भी सुमधुर गायन प्रस्तुत किया। विजन डॉक्यूमेंट आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश का बनेगा रोडमैप 'अभ्युदय मध्यप्रदेश' के अंतर्गत प्रदेश को 2.5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था वाले राज्य के रूप में स्थापित करने के लक्ष्य को केन्द्र में रखकर बनाए गए विजन डॉक्यूमेंट मध्यप्रदेश@2047 एक महत्वपूर्ण कदम रहा। विजन डॉक्यूमेंट के विमोचन ने अभ्युदय मध्यप्रदेश का महत्व बढ़ा दिया। यह विजन डॉक्यूमेंट प्रदेश की अब तक की सबसे वृहद जनभागीदारी का प्रमाण भी है। प्रदेश के लगभग 4 लाख नागरिकों जिनमें विद्यार्थी, विषय-विशेषज्ञ, उद्योगपति, सामाजिक कार्यकर्ता और अन्य लोगों ने उपयोगी सुझाव देकर इस डॉक्यूमेंट की रचना में अहम योगदान दिया है। यह डॉक्यूमेंट प्रदेश की सामूहिक दृष्टि का प्रतिबिंब बनेगा। जनआकांक्षाओं की अभिव्यक्ति और उनकी पूर्ति की दिशा में विजन डॉक्यूमेंट आर्थि‍क विकास, प्रदेश के विभिन्न अंचलों की विशेषताओं के अनुरूप रणनीति तैयार कर विकसित भारत के राष्ट्रीय विजन में भागीदार बनने के लिए प्रेरित करेगा। 

मंडी शुल्क की चोरी करने वाले के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई के निर्देश

उड़नदस्ते करेंगे आकस्मिक जाँच भोपाल फर्जी दस्तावेज के आधार पर कृषि उपज का क्रय-विक्रय कर मंडी शुल्क की चोरी करने वाले के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जायेगी। प्रबंध संचालक म.प्र. राज्य कृषि विपणन बोर्ड श्री कुमार पुरुषोत्तम ने सभी आंचलिक अधिकारियों को ऐसे प्रकरणों की जाँच कर दण्डात्मक कार्रवाई के निर्देश दिये हैं। प्रबंध संचालक श्री पुरुषोत्तम ने निर्देश दिये कि कुछ व्यापारियों और परिवहनकर्ताओं द्वारा मंडी शुल्क की चोरी कर मूंगफली का क्रय-विक्रय किया जा रहा है। इसके लिये उनके द्वारा फर्जी दस्तावेज बिल, बिल्टी, अनुज्ञा-पत्र तैयार कर मंडी शुल्क की चोरी की गयी है। मंडी बोर्ड द्वारा इस तरह के क्रय-विक्रय पर नजर रखने के लिये उड़नदस्ते गठित किये गये थे, जिन्होंने गवालियर, चम्बल, सागर और जबलपुर संभाग में कर चोरी पकड़ी गयी है। उन्होंने निर्देश दिये हैं कि कृषि उपज के परिवहन के दौरान अनुज्ञा-पत्र पर दर्ज क्यूआर कोड का स्केन कर माल की प्राथमिकता चेकिंग की जाये। कर चोरी या गड़बड़ी प्राप्त होने पर आपराधिक प्रकरण दर्ज कराकर मंडी शुल्क की वसूली सुनिश्चित की जाये। 

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने क्रिकेटर क्रांति गौड़ से वीडियो कॉल पर की बातचीत, दीं शुभकामनाएं

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने महिला क्रिकेट खिलाड़ी क्रांति गौड़ को वीडियो कॉल कर दीं शुभकामनाएं भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आईसीसी महिला क्रिकेट-2025 विश्व विजेता भारतीय टीम की खिलाड़ी और मध्यप्रदेश की गौरव सु क्रांति गौड़ से वीडियो कॉल पर चर्चा की और अभूतपूर्व जीत की बधाई दी। वर्ल्ड कप के फाइनल मैच में छतरपुर की बेटी क्रांति गौड़ ने 4 विकेट लेकर जीत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारत की बेटियों ने वन-डे विश्व कप जीत कर इतिहास रचा दिया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने क्रांति को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि प्रदेश की बेटी ने अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर खेल के मैदान में नई क्रांति का सूत्रपात किया है। पूरे देश और प्रदेशवासियों को विश्व विजेता बनीं बेटियों पर गर्व है। इस उपलब्धि में प्रदेश की बेटी की महत्वपूर्ण भूमिका से इस जीत का आनंद और बढ़ जाता है। क्रिकेट में मध्यप्रदेश का नाम रोशन करने वाली क्रांति गौड़ को जल्द ही एक करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि सौंपी जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश की उभरती क्रिकेट स्टार क्रांति गौड़ के खेल की सराहना की और उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अपनी लगन और परिश्रम से बेटिया निरंतर आगे बढ़ती रहें और प्रदेश का नाम रोशन करें। प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में राज्य सरकार हर कदम पर युवाओं और खिलाड़ियों के साथ खड़ी है।  

रिंग रोड-एबी रोड के बीच 100 फीट चौड़ी सड़क, एमआर-9 लिंक रोड के लिए तोड़े गए 140 बाधक निर्माण

इंदौर  इंदौर में पहले मास्टर प्लान में शामिल एमआर-9 लिंक रोड को बनाने का काम नगर निगम ने शुरू किया है। इसके लिए मालवीय नगर से रिंंग रोड तक 100 फीट चौड़ी सड़क की जद में आ रहे 140 मकानों को तोड़ा गया। रहवासियों ने इसका विरोध भी किया, लेकिन अफसरों ने कहा कि तय मोहलत के बाद अब बाधक हिस्से तोड़ना होंगे। पिछले दिनों रहवासियों ने विधायक रमेश मेंदोला के घर के सामने धरना भी दिया था। इंदौर विकास प्राधिकरण पंद्रह साल पहले चंद्रगुप्त मोर्य प्रतिमा चौराहा से अनोप टाॅकिज चौराहा तक सड़क बना चुका है, लेकिन उसके आगे सड़क नहीं बन पाई है। अब एबी रोड से रिंग रोड के बीच सड़क बनाई जा रही है। भविष्य में यह सड़क खजराना से होते हुए बायपास तक बनेगी। चौड़ाई की जद में आ रहे 140 मकानों को पिछले माह नोटिस दिए गए थे और स्वेच्छा से मकान हटाने को कहा गया था। कुछ रहवासियों ने मकान हटा लिए थे। जिन लोगों ने निर्माण नहीं तोड़े, उन्हें नगर निगम के अमले ने जमींदोज कर दिया। पाचं जेसीबी व पोकलेन की मदद से चौड़ाई की जद में आ रहे सभी निर्माण को तोड़ दिया गया। अब नगर निगम अगले माह सड़क बनाने का काम शुरू करेगा। बीच का हिस्सा भी अधूरा एबी रोड से संजय गांधी नगर तक सड़क चौड़ी हो चुकी है, लेकिन 300 मीटर में घनी बस्ती है। जो हट नहीं पाई। इस कारण सड़क पूरी तरह नहीं जुड़ पाई। 300 मीटर में दो सौ से ज्यादा बाधक निर्माण है। रहवासी जमीन के बदले प्लाॅट देने की मांग कर रहे थे। इस कारण अभी तक सड़क अधूरी है।