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पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के सामाजिक ऑडिट ऐप V-मित्र के 100 दिन पूर्ण

जानकारी दें इनाम पाएं संदेश से नागरिकों को मिले 15 लाख रूपए भोपाल मध्यप्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा नागरिकों को रिपोर्ट करने और पुरस्कार प्राप्त करने का अवसर देने वाले सामाजिक ऑडिट ऐप वी-मित्र (V-मित्र) को लांच हुए 100 दिन पूर्ण हो गए। ‘जानकारी दें, इनाम पाएं’ का संदेश देने वाले वी-मित्र (V-मित्र) के माध्यम से 100 दिन के दौरान कुल 30 हजार मामले दर्ज हुए। दर्ज मामलों में 17 हजार 200 मामलों की जांच में 3 हजार 850 मामलों में अनियमितताएं पायी गईं। वी-मित्र (V-मित्र) के माध्यम से विद्युत चोरी व अनियमितता की जानकारी देने पर इस दौरान नागरिकों को 3 हजार 150 मामलों में साढ़े 15 लाख रूपए के इनाम बिना किसी कार्यालय गए उनके खातों में ट्रांसफर किए गए। स्ट्राइकिंग रेट 22 फीसदी विभिन्न एजेंसियों द्वारा रिपेार्ट किए गए स्मार्ट मीटर डेटा एनालिसिस मामलों में लगभग सात फीसदी के विरूद्ध वी-मित्र (V-मित्र) ऐप का स्ट्राइक रेट 22 फीसदी रहा। विद्युत चोरी व अनियमितता करने वालों पर पेनाल्टी इस दौरान ऐसे मामलों में 4 करोड़ 64 लाख रूपए की बिलिंग की गई और विद्युत चोरी व अनियमितता करने वालों से कुल 23 लाख रूपए की वसूली की गई। जिन क्षेत्रों में अनियमितता के प्रकरण दर्ज किए गए, वहां के विद्युत अमले पर जुर्माना लगाया गया। ऐसे विद्युत अमले पर 3 लाख 25 हजार रूपए की प्रोविजनल पेनाल्टी लगाई गई। ऐसे 91 मामलों में 26 हजार रूपए की वसूली की गई। इस दौरान नए उपभोक्ता प्रकरण एवं लोड वृद्धि के 3 हजार 100 मामले दर्ज हुए।  

मंत्री विजयवर्गीय ने सोनकच्छ में 17 करोड़ 54 लाख रूपये के कार्यों का भूमिपूजन और लोकार्पण किया

भोपाल  नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा है कि राज्य सरकार प्रदेश के नगरीय क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं के विकास को प्राथमिकता दे रही है। इस कार्य में केन्द्र सरकार से निरंतर आर्थिक मदद मिल रही है। मंत्री श्री विजयवर्गीय बुधवार को देवास जिले के सोनकच्छ में 17 करोड़ 54 लाख रुपए के विभिन्न विकास कार्यों के भूमिपूजन एवं लोकार्पण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इन कार्यों में 'जल जीवन मिशन' अंतर्गत 'नल जल योजना', पानी की टंकी, अनुविभागीय अधिकारी राजस्व भवन और रेस्ट हाउस पहुंच मार्ग के कार्य शामिल हैं‍। मंत्री श्री विजयवर्गीय ने सवा करोड़ रूपये की लागत के शाला भवन और 3 करोड़ 7 लाख रूपये की राशि से निर्मित प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र भवन का लोकार्पण किया। विधायक सोनकच्छ डॉ. राजेश सोनकर ने कहा कि क्षेत्र में विकास कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि निर्माण एजेंसी को तय समय-सीमा में कार्य पूरा करने के निर्देश दिये गये हैं। कार्यक्रम में अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री श्री नागर सिंह चौहान, सांसद डॉ. सुमेर सिंह सोलंकी, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती लीला अटारिया एवं स्थानीय जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।   शोक संवेदना मंत्री श्री विजयवर्गीय ने ग्राम संवरसी में शहीद संजय मीणा के घर पहुंचकर श्रद्धांजलि दी और परिजन से चर्चा की।

टीकमगढ़ में चिकित्सा महाविद्यालय की स्थापना के साथ ही जिला चिकित्सालय की क्षमता का भी हुआ है उन्नयन

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश ने भारत में पहली बार पीपीपी मोड पर (सार्वजनिक-निजी सहभागिता) चिकित्सा महाविद्यालयों की स्थापना की पहल की है। धार, पन्ना, कटनी और बैतूल में पीपीपी मोड पर चिकित्सा महाविद्यालयों की स्थापना की जा रही है। द्वितीय चरण में 9 जिलों क्रमश: टीकमगढ़, भिंड, मुरैना, खरगोन, अशोकनगर, गुना, बालाघाट, सीधी और शाजापुर में चिकित्सा महाविद्यालय स्थापित करने की कार्यवाही जारी है। प्रदेश में रोगियों को उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं में वृद्धि के उद्देश्य से टीकमगढ़, नीमच, सिंगरौली, श्योपुर और डिंडौरी में विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत निर्मित अतिरिक्त बिस्तरों के संचालन के लिए 810 नवीन पदों के नियोजन की स्वीकृति प्रदान की गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव, टीकमगढ़ में चिकित्सा सुविधा के विस्तार के लिए उनका आभार मानने मुख्यमंत्री निवास आए युवाओं को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को गजमाला पहनाकर तथा स्मृति चिन्ह व गदा भेंटकर सम्मान किया गया। उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ला तथा राज्यमंत्री श्री नरेन्द्र शिवाजी पटेल इस अवसर पर उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि जिला चिकित्सालय टीकमगढ़ की क्षमता बढ़ाते हुए 300 बिस्तर से 500 बिस्तर में उन्नयन तथा इनके संचालन के लिए 160 नवीन पदों के नियोजन की स्वीकृति प्रदान की गई है। गत वर्ष टीकमगढ़ जिला चिकित्सालय में 16 करोड़ रूपए की लागत से अतिरिक्त 100 बिस्तरीय नवीन भवन का निर्माण किया गया है। टीकमगढ़ अस्पताल में अब विशेषज्ञ ओ.पी.डी, आपातकालीन सेवायें, परिवार कल्याण सेवायें, लैब, रेडियोलॉजी, ट्रामा केयर, कीमोथैरेपी, डायलिसिस, गहन नवजात देखभाल इकाई आदि सुविधाओं के साथ प्रसव पूर्व जांच, टीकाकरण, हाईरिस्क प्रेगनेंसी की पहचान और प्रबंधन, सुरक्षित प्रसव और परिवार कल्याण संबंधी परामर्श व सुविधा उपलब्ध होगी।  

महिलाओं की वीरता और सेवा को मिलेगा राज्य सम्मान

भोपाल महिला एवं बाल विकास विभाग ने वर्ष 2025 के लिए राज्य एवं जिला स्तरीय विभागीय पुरस्कारों के लिये आवेदन आमंत्रित किए हैं। इन पुरस्कारों का उद्देश्य महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा, सम्मान, शिक्षा, स्वास्थ्य, अधिकार जागरूकता तथा सामाजिक सुधार के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले व्यक्तियों और संस्थाओं को सम्मानित करना है। इन विभागीय पुरस्कारों के अंतर्गत कुल सात सम्मान निर्धारित किए गए हैं। पात्र उम्मीदवारों को निर्धारित तिथियों तक आवेदन जमा करना होगा। रानी अवंतीबाई राज्य स्तरीय वीरता पुरस्कार यह पुरस्कार उन महिलाओं या बालिकाओं को दिया जाएगा जिन्होंने महिलाओं या बच्चों को उत्पीड़न से बचाने, पुनर्वास में योगदान देने या बाल विवाह एवं दहेज जैसी सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ साहसिक कार्य किया हो। इस अवसर के तहत विजेता को सम्मान राशि के रूप में ₹1 लाख एवं प्रशस्ति पत्र दिया जायेगा। इस पुरस्कार के लिये आवेदन करने की अंतिम तिथि 15 नवम्बर 2025 निर्धारित है। राजमाता विजयाराजे सिंधिया समाज सेवा पुरस्कार यह पुरस्कार उन महिलाओं या बालिकाओं को प्रदान किया जाएगा जिन्होंने स्वास्थ्य, शिक्षा, साक्षरता, पर्यावरण सुधार, आर्थिक सशक्तिकरण और महिला अधिकार जागरूकता के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किए हों। इस अवसर के तहत विजेता को सम्मान राशि के रूप में ₹1 लाख एवं प्रशस्ति पत्र दिया जायेगा। इस पुरस्कार के लिये आवेदन करने की अंतिम तिथि 15 नवम्बर 2025 निर्धारित है। श्री विष्णु कुमार महिला बाल कल्याण समाज सेवा सम्मान पुरस्कार यह पुरस्कार किसी व्यक्ति या स्वयंसेवी संस्था को दिया जाएगा जो महिलाओं और बच्चों से संबंधित समाज सुधार, स्वास्थ्य, शिक्षा, साक्षरता, पर्यावरण संरक्षण और अधिकार जागरूकता के क्षेत्र में कार्यरत हो। इस अवसर के तहत विजेता को सम्मान राशि के रूप ₹1 लाख एवं प्रशस्ति पत्र में दिया जायेगा। इस पुरस्कार के लिये आवेदन करने की अंतिम तिथि 15 नवम्बर-2025 निर्धारित है। रानी दुर्गावती पुरस्कार यह सम्मान ऐसी महिला को दिया जाएगा जिसने विपरीत परिस्थितियों-जैसे अत्यधिक गरीबी, विकलांगता, एकल जीवन, गंभीर बीमारी, रेप या घरेलू हिंसा जैसी स्थितियों-में संघर्ष करते हुए समाज सेवा का उदाहरण प्रस्तुत किया हो। इस अवसर के तहत विजेता को सम्मान राशि के रूप में ₹2 लाख एवं प्रशस्ति पत्र दिया जायेगा। इसके लिये आवेदन करने की अंतिम तिथि 15 नवम्बर-2025 निर्धारित है। मुख्यमंत्री नारी सम्मान रक्षा पुरस्कार यह पुरस्कार उन महिलाओं या पुरुषों को दिया जाएगा जिन्होंने किसी महिला को अपराध या असामाजिक तत्वों से बचाने में असाधारण साहस का परिचय दिया हो। यह पुरस्कार राज्य स्तर पर 4 और जिला स्तर पर 2 व्यक्तियों को दिया जाएगा। इस अवसर के तहत विजेता को सम्मान राशि के रूप में राज्य स्तर पर ₹1 लाख एवं प्रशस्ति पत्र और जिला स्तर पर ₹50,000 एवं प्रशस्ति पत्र दिया जायेगा। जिसकी घटना अवधि 1 जनवरी से 31 दिसम्बर 2025 हो। इच्छुक व्यक्ति आवेदन 5 जनवरी 2026 तक कर सकते है। राष्ट्रमाता पद्मावती पुरस्कार यह पुरस्कार उन महिलाओं या पुरुषों को दिया जाएगा जिन्होंने महिलाओं के सम्मान के लिए असामाजिक तत्वों या कुप्रथाओं के खिलाफ उल्लेखनीय साहसिक कार्य किया हो। इस अवसर के तहत विजेता को सम्मान राशि के रूप में ₹1 लाख एवं प्रशस्ति पत्र दिया जायेगा। जिसकी घटना अवधि: 1 जनवरी से 31 दिसम्बर 2025 हो। इसके लिये आवेदन करने की अंतिम तिथि 5 जनवरी 2026 निर्धारित है। अरुणा शानबाग वीरता पुरस्कार यह सम्मान ऐसी महिला को दिया जाएगा जिसने स्वयं पर किसी भी प्रकार की हिंसा का वीरतापूर्वक सामना करते हुए आत्मरक्षा का अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया हो। इस अवसर के तहत विजेता को सम्मान राशि के रूप में ₹1 लाख एवं प्रशस्ति पत्र दिया जायेगा। जिसकी घटना अवधि 1 जनवरी से 31 दिसम्बर 2025 हो। इस पुरस्कार के लिये आवेदन करने की अंतिम तिथि 5 जनवरी 2026 निर्धारित है। आवेदन प्रक्रिया आवेदन का प्रारूप महिला एवं बाल विकास विभाग की वेबसाइट पर उपलब्ध है तथा इसे जिला कार्यक्रम अधिकारी, महिला एवं बाल विकास कार्यालय से भी प्राप्त किया जा सकता है। आवेदन संबंधित कार्यालय में निर्धारित तिथि से पूर्व जमा करना अनिवार्य है। अंतिम तिथि के पश्चात प्राप्त आवेदनों पर विचार नहीं किया जाएगा। पुरस्कारों से संबंधित विस्तृत जानकारी विभाग की वेबसाइट http://mpwcdmis.gov.in/ या जिला कार्यक्रम अधिकारी से प्राप्त की जा सकती है।  

विकसित राज्य के विजन के साथ प्रगति की ओर बढ़ेगा मध्यप्रदेश

भोपाल  राज्य स्थापना दिवस पर रवींद्र भवन में आयोजित होने वाले ‘अभ्युदय मध्यप्रदेश’ समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ‘विकसित मध्यप्रदेश 2047’ विजन दस्तावेज का विमोचन करेंगे। यह आयोजन प्रदेश की निरंतर प्रगति यात्रा को नई दिशा देने के साथ अगले दो दशकों के लिए सशक्त, आत्मनिर्भर और विकसित मध्यप्रदेश के रोडमैप को प्रस्तुत करेगा। मध्यप्रदेश ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत 2047’ के संकल्प को आधार बनाकर ‘विकसित मध्यप्रदेश 2047’ का विजन तैयार किया है। कार्यक्रम में यह बताया जाएगा कि बीते दो वर्षों में राज्य ने औद्योगिक विकास, रोजगार सृजन, निवेश प्रोत्साहन और आधारभूत ढांचे के विस्तार में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं और आने वाले समय में यही गति प्रदेश को देश के अग्रणी औद्योगिक केंद्र के रूप में स्थापित करेगी। कार्यक्रम में ‘द टू-ईयर जर्नी’ शीर्षक से एक प्रेरक लघु फिल्म प्रदर्शित की जाएगी, जिसमें मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश की निवेश प्रोत्साहन यात्रा और औद्योगिक उपलब्धियों का प्रभावशाली चित्रण रहेगा। इसके पश्चात् ‘विकसित मध्यप्रदेश 2047’ दस्तावेज का विमोचन किया जाएगा, जो राज्य के सर्वांगीण विकास की दिशा में दीर्घकालिक योजनाओं, औद्योगिक निवेश, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, पर्यटन और सामाजिक सशक्तिकरण का समग्र खाका प्रस्तुत करेगा। मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन बताएंगे कि प्रदेश ने निवेशकों के लिए नीतिगत स्थिरता, पारदर्शिता और विश्वास का वातावरण तैयार करने के लिये किये गये नवाचारों की जानकारी देंगे। वे यह भी रेखांकित करेंगे कि आने वाले वर्षों में यही वातावरण मध्यप्रदेश को देश और दुनिया के निवेश मानचित्र पर और अधिक सशक्त पहचान दिलाएगा। कार्यक्रम में उद्योग एवं निवेशक सेवाओं को डिजिटल रूप से सशक्त बनाने की दिशा में ‘MP ई-सेवा’ और ‘Invest MP 3.0’ पोर्टल का शुभारंभ किया जाएगा। ये दोनों डिजिटल प्लेटफॉर्म उद्योगों को सिंगल-विंडो सुविधा, ऑनलाइन स्वीकृति और रियल-टाइम ट्रैकिंग जैसी सेवाएं प्रदान करेंगे, जिससे औद्योगिक प्रक्रियाएं और अधिक सरल व पारदर्शी बनेंगी। प्रदेश की प्रगति को नई ऊंचाई देने के उद्देश्य से विमानन क्षेत्र में भी नई पहल की जा रही है। उज्जैन हवाई अड्डे के विकास से संबंधित एमओयू पर हस्ताक्षर किए जाएंगे, जिससे धार्मिक, पर्यटन और औद्योगिक दृष्टि से उज्जैन क्षेत्र विकास की नई ऊचाईयां प्राप्त करेगा। इसी क्रम में रीवा-नई दिल्ली एलायंस एयर उड़ान का शुभारंभ किया जाएगा, जिससे विंध्य क्षेत्र का राजधानी दिल्ली से सीधी कनेक्टिविटी स्थापित होगी और व्यापार व निवेश के नए अवसर सृजित होंगे। कार्यक्रम में नीति आयोग के उपाध्यक्ष डॉ. सुमन के. बेरी, मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री बी.वी.आर. सुब्रह्मण्यम और केन्द्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री श्री किंजरापु राममोहन नायडू उपस्थित रहेंगे। वे ‘विकसित मध्यप्रदेश 2047’ विजन को प्रधानमंत्री के ‘विकसित भारत’ अभियान की दिशा में एक सशक्त कदम के रूप में रेखांकित करेंगे और राज्य की नीतिगत स्पष्टता तथा दूरदर्शी दृष्टिकोण की विस्तृत जानकारी देंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव यह संदेश देंगे कि आने वाले वर्षों में मध्यप्रदेश न केवल निवेश का केंद्र बनेगा, बल्कि मानव विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य और नवाचार के क्षेत्र में भी देश के अग्रणी राज्यों में अपनी जगह बनाएगा। ‘अभ्युदय मध्यप्रदेश’ केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि उस नए युग की शुरुआत है, जिसमें प्रदेश का हर नागरिक विकसित मध्यप्रदेश के निर्माण में सहभागी बनेगा। 

भावांतर योजना के लिए हेल्पलाइन कॉल सेंटर प्रारंभ

भोपाल राज्य शासन द्वारा प्रदेश के किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने के उद्देश्य से प्रारंभ की गई भावांतर योजना-2025 के अंतर्गत सोयाबीन की खरीदी में मदद के लिये भावांतर हेल्पलाइन सुविधा प्रारंभ की गई है। हेल्पलाइन का दूरभाष नंबर–0755-2704555 है। योजना के प्रभावी एवं सुचारू क्रियान्वयन के लिए किसान, व्यापारी संगठनों, मंडी बोर्ड / मंडी समितियों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की सुविधा के लिए भावांतर हेल्पलाइन कॉल सेंटर प्रारंभ किया गया है। यह हेल्पलाइन 30 अक्टूबर 2025 से निरंतर योजना अवधि तक कार्यरत रहेगी। हेल्पलाइन प्रतिदिन प्रातः 07 बजे से रात्रि 11 बजे तक निरंतर कार्य करेगी। योजना से संबंधित किसी भी प्रकार की जानकारी अथवा समस्या के समाधान के लिए कोई भी किसान, व्यापारी अथवा संबंधित व्यक्ति हेल्पलाइन से संपर्क कर सकता है। मध्यप्रदेश राज्य कृषि विपणन बोर्ड के प्रबंध संचालक श्री कुमार पुरुषोत्तम द्वारा किसानों, व्यापारियों, हम्माल-तुलावटियों एवं अन्य संबंधित व्यक्तियों से अपील की गई है कि वे भावांतर योजना का अधिक से अधिक लाभ लें तथा आवश्यक जानकारी के लिए हेल्पलाइन का उपयोग करें।  

प्रदेश की प्रगति में पशुपालन एवं डेयरी क्षेत्र का महत्वपूर्ण योगदान : राज्य मंत्री पटेल

ई-लिस एप सॉफ्टवेयर संबधी दो दिवसीय कार्यशाला का शुभारंभ भोपाल पशुपालन एवं डेयरी राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री लखन पटेल ने कहा है कि प्रदेश की प्रगति में पशुपालन एवं डेयरी क्षेत्र का महत्वपूर्ण योगदान है। भारत सरकार द्वारा नीति निर्माण में पशुधन सांख्यिकी आंकड़ों की आवश्यकता होती है। संपूर्ण देश में 'ई-लिस एप सॉफ्टवेयर' (eLISS App Software) के माध्यम से इन आंकड़ों को डिजिटलाईज किया जाता है। इस सॉफ्टवेयर का प्रशिक्षण प्राप्त करें और पशुधन संबंधी आंकड़ों के डिजिटाइजेशन में इनका पूरा उपयोग करें। मंत्री श्री पटेल ने गुरूवार को भारत सरकार के मत्स्य, पशुपालन एवं डेयरी मंत्रालय द्वारा मध्यप्रदेश राज्य में सेंट्रल एवं बेस्टजोन के मध्यप्रदेश, राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र, दादर और नगर हवेली, दमन एवं द्वीव तथा गोवा के राज्यों के नोडल एवं जिला नोडल अधिकारियों के लिए 'ई-लिस एप सॉफ्टवेयर' की दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का राज्य पशुपालन प्रशिक्षण संस्थान 'देवी अहिल्या सभागार' भोपाल में शुभारंभ कर संबोधित रहे थे। भारत सरकार के सांख्यिकीय सलाहकार, पशुपालन सांख्यिकी प्रभाग श्री जगत हजारिका ने बताया कि ग्राम स्तर पर एकीकृत नमूना सर्वेक्षण के माध्यम से प्राप्त होने वाले आंकड़ों का संकलन करने के बाद विश्व स्तर पर रिपोर्टिंग की जाती है। वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. प्राची मिश्रा साहू द्वारा सॉफ्टवेयर के उपयोग के संबध में महत्वपूर्ण जानकारी दी गई। वीसीआई नई दिल्ली के अध्यक्ष डॉ. उमेश चंद्र शर्मा द्वारा देश और प्रदेश की प्रगति में पशुपालन और डेयरी क्षेत्र के योगदान और इससे संबंधित आंकड़ों और उनके डिजिटाइजेशन के महत्व को रेखांकित किया गया। कार्यशाला में पशुपालन एवं डेयरी संचालक डॉ. पी. एस. पटेल, पशुपालन सांख्यिकी भारत सरकार के संचालक श्री आर.पी.एस. राठौर, पशुपालन प्रशिक्षण संस्थान के संयुक्त संचालक डॉ. मनोज गौतम, भारत सरकार से सहायक संचालक श्री बैधर स्वाइन, उप संचालक श्री चैतराम मीणा, म.प्र. से एकीकृत नमूना सर्वेक्षण की राज्य नोडल अधिकारी डॉ. उमा कुमरे (परते) आदि उपस्थित रहे। 

जगदीश देवड़ा बोले—मध्यप्रदेश अब विकास की नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ रहा है

भोपाल मध्यप्रदेश अपनी स्थापना की 70वीं वर्षगांठ मना रहा है। सभी नागरिकों को बधाई और शुभकामनाएं। प्रदेश के नागरिकों के लिए यह शुभ अवसर है। उत्साह और उल्लास के साथ यह अवसर प्रदेश की उपलब्धियों पर गर्व करने का है। आज उन सभी महान विभूतियों को याद करने का भी अवसर है, जिन्होंने मध्यप्रदेश के निर्माण में अपना योगदान दिया। आज हम इस बात को दृढ़ आत्मविश्वास के साथ कह सकते हैं कि मध्यप्रदेश अब पूरी तरह से बदल चुका है। अब और अधिक ऊंचाइयां तय करने के लिए तैयार है। मध्यप्रदेश के सामने 2047 तक विकसित भारत के निर्माण का लक्ष्य है। भारत के अमृतकाल में मध्यप्रदेश ने भी अपने महत्वाकांक्षी लक्ष्य तय किए हैं। वर्ष 2047 तक 2 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था का निर्माण करना सर्वोच्च लक्ष्य है। इसे हासिल करते हुए मध्यप्रदेश स्वयं भी पूर्ण रूप से विकसित राज्य बन जाएगा। अर्थव्यवस्था की दृष्टि से मध्यप्रदेश आज महत्वपूर्ण मोड़ पर खड़ा है और विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने में अपना सर्वश्रेष्ठ योगदान देने के लिये तैयार है। मध्यप्रदेश अपनी युवा शक्ति के साथ आर्थिक विकास को तेज गति से आगे ले जाने की क्षमता रखता है। मध्यप्रदेश की धरा पर हर जरूरी संसाधन है जो विकास के लिए आधार स्तंभ हैं। कृषि क्षेत्र में खाद्यान्न, दलहन उत्पादन में अग्रणी राज्य में है। आधुनिक सिंचाई की आदर्श संरचनाएं स्थापित है। बिजली की भरपूर उपलब्धता है। ग्रामीण बुनियादी ढांचे में सुधार और पर्याप्त औद्योगिक निवेश है। उद्योगों के लिए 1.2 लाख एकड़ से ज्यादा लैंड-बैंक है। वर्तमान में 112 से ज्यादा औद्योगिक क्षेत्र विकसित हो रहे हैं । साथ ही 14 ग्रीन फील्ड औद्योगिक स्थलों की भी पहचान की गई है। उद्योगों के लिए सबसे जरूरी आकर्षक नीतियां मध्यप्रदेश ने बनाई है, जिससे प्रदेश में व्यवसाय करना बहुत आसान हो गया है। प्राकृतिक संसाधनों की समृद्धि के लिए मध्यप्रदेश विख्यात है। यहां की जमीन उपजाऊ है, जल संसाधनों की कमी नहीं है। भारत की सबसे बड़ी वन संपदा प्रदेश में उपलब्ध है। समृद्ध सांस्कृतिक विरासत भी है। वर्ष 2029 तक राज्य की जीएसडीपी दोगुनी करने का लक्ष्य रखा गया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश ने एक ऐसे समाज की कल्पना की है जहां गरीब से गरीब व्यक्ति भी समृद्ध हो। संपूर्ण विकसित मध्यप्रदेश के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए राज्य को आर्थिक विकास, भौतिक अधोसंरचना, सामाजिक अधोसंरचना निर्माण के क्षेत्र में महत्वपूर्ण प्रयास करने होंगे। इसके लिए इसी वर्ष चार प्रमुख मिशनों को लांच किया गया है। इसका उद्देश्य गरीब, युवा, किसान और नारी शक्ति को सशक्त बनाना है। यह चार मिशन मध्यप्रदेश 2047 के दृष्टिकोण को आगे बढ़ाने के लिए आधार स्तंभ साबित होंगे। मध्यप्रदेश उद्योग और सेवाओं पर आधारित अर्थव्यवस्था की संरचना और रणनीति में बदलाव की योजना बना रहा है। अगले 10 वर्षों में राज्य में उद्योग और सेवाओं में वृद्धि होगी क्योंकि निवेश और उत्पादन मध्यप्रदेश देश के निर्माण क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान देने के लिए प्रतिबद्ध है। वैश्विक स्तर पर उत्पादन बढ़ाने और स्थानीय ग्रामीण उद्योगों और एमएसएमई सेक्टर को सशक्त बनाने की ओर हम अग्रसर हैं। स्वदेशी की अवधारणा को मध्यप्रदेश में पल्लवित होने का एक अनुकूल वातावरण मिला है। स्वदेशी अर्थव्यवस्था को अपनाकर देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाया जा सकता है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सक्षम नेतृत्व में हम सभी स्वदेशी अर्थव्यवस्था को अपनाने के लिए प्रतिबद्ध है। सबसे जरूरी कृषि और संबंधित क्षेत्रों के विकास करना, इसके लिए क्लस्टर आधारित दृष्टिकोण अपनाया जाएगा। मूल्य संवर्धन को बढ़ावा देकर किसानों को मदद की जाएगी। एग्रो प्रोसेसिंग हब, कोल्ड चैन, बाजार संपर्क, उत्पादों के मूल संवर्धन को अधिकतम करते हुए एक विस्तृत रोड मैप तैयार किया जाएगा। भौतिक अधोसरंचना में सिंचाई एक बड़ा क्षेत्र है। मध्यप्रदेश की तैयारी है कि 2029 तक शुद्ध बोए गए क्षेत्र में सिंचाई का क्षेत्र 85% तक पहुंच जाए। इसी प्रकार वर्ष 2030 तक ऊर्जा क्षेत्र में 50% नवकरणीय ऊर्जा से प्राप्त करने का लक्ष्य रखा है। ऊर्जा की वर्तमान स्थापित क्षमता 27109 मेगावाट है जिसे 2029 तक बढ़कर 60,000 मेगावाट करना है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में जिस प्रकार से नवकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में निवेश आ रहा है उससे यह लक्ष्य हासिल करना आसान हो जाएगा। सामाजिक आधारभूत संरचना को मजबूत करने के लिए कार्ययोजना बनाई जा रही है। शिक्षा और कौशल विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। स्कूल शिक्षा में सकल नामांकन दर को 2029 तक 90% और उच्च शिक्षा में 35% तक ले जाने का लक्ष्य है। इसी प्रकार स्वास्थ्य सेवा अधोसंरचना को भी निरंतर मजबूत बनाने के प्रयास हैं। स्वास्थ्य के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए 8000 करोड़ रुपए से अधिक का निवेश करने की योजना बना रहे हैं। मध्यप्रदेश खुद को एक क्षेत्रीय चिकित्सा केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना पर काम कर रहा है जिसमें उज्जैन मेडिसिटी जैसी पहल शामिल है। इसी प्रकार शहरों की अधोसंरचना सुधारने के लिए स्थानीय निकायों को पूरी तरह से आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है। ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूत बनाया जा रहा है। ग्राम पंचायत को निरंतर सक्षम बनाने का काम चल रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का मूल मंत्र है सबका साथ सबका विकास। इसे आत्मसात करते हुए मध्यप्रदेश विकास की नई ऊंचाइयां छूने के लिए तैयार है। नागरिकों के सहयोग से विकास के नए लक्ष्यों को प्राप्त करना कठिन नहीं है। भारत देश परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है और साथ ही मध्यप्रदेश भी तेजी से बदल रहा है। एक बार पुनः मध्यप्रदेश स्थापना दिवस की सभी को हार्दिक शुभकामनाएं। जगदीश देवड़ा    

माखनलाल चतुर्वेदी विश्वविद्यालय में हादसा, तीसरी मंजिल से गिरे छात्र की हालत नाजुक

भोपाल  माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय में एक गंभीर हादसा हो गया है। विश्वविद्यालय की तीसरी मंजिल से एक छात्र दिव्यांश चौकसे नीचे गिर गया, शरीर पर कई जगह चोट लगने से से उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। छात्र की हालात गंभीर बताया जा रहा है कि दिव्यांस चौकसे माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय के जनसंचार विभाग छात्र है। छात्र विश्वविद्यालय की तीसरी मंजिल से नीचे गिर गया।दिव्यांस चौकसे मॉस कॉम का पीजी का छात्र है। छात्र की हालत गंभीर है और उसे तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। छात्र के स्वास्थ्य पर लगातार नजर रखी जा रही है। डॉक्टरों ने हालत गंभीर बताई है। दिव्यांश का इंस्टाग्राम पर एनसीईआरटी ज्ञान नाम से अकाउंट भी है, जिसमें 5 लाख से ज्यादा फॉलोवर्स हैं।  

धर्मांतरण पर अब सख्त कार्रवाई, 10 साल तक की सजा का प्रावधान होगा: विधायक रामेश्वर शर्मा

भोपाल   भोपाल में धर्मांतरण कराने वाले पर विधायक रामेश्वर शर्मा का बड़ा बयान सामने आया है। रामेश्वर शर्मा ने कहा कि जो भी लोग हिंदूओं को मुस्लिम और ईसाई धर्म में परिवर्तित कर रहे  हैं उन पर सख्त कार्रवाई होगी। शर्मा ने कहा कि  देशभर के कानूनों को अध्ययन करके सख्त कानून बनाया जाएगा जाएगा ताकि इस तरह का काम करने वालों को सख्त सजा मिले। धर्मांतरण करने वालों को 10 साल या उससे अधिक की सजा दी जाएगी।  साथ ही धर्मांतरण कराने वालों के हाथ पैर तोड़े जाएंगे। आने वाले दिनों में सख्त कानून सरकार बनाने जा रही है। रामेश्वर शर्मा ने कहा कि अपराधियों को समझ आ जाएगा कि बाबा साहब का संविधान कितना मजबूत है।