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मध्य प्रदेश को बड़ी सौगात: पीएमश्री हेली सेवा इन शहरों से करेगी उड़ान

भोपाल  एक नवंबर को मध्य प्रदेश का 70वां स्थापना दिवस है। 1956 में बने मध्य प्रदेश 70 साल का हो जाएगा। इस अवसर पर सरकारी स्तर पर कई बड़े कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। वहीं, प्रदेश को कई नई सौगातें मिलने वाली हैं। एक नवंबर को मध्य प्रदेश को पीएमश्री पर्यटन हेली सेवा की सौगात मिलेगी। तीन क्षेत्रों से होगी पीएम हेली सेवा की शुरुआत दरअसल, मध्य प्रदेश के तीन क्षेत्रों से पीएम हेली सेवा की शुरुआत होगी। पहला क्षेत्र भोपाल से उज्जैन, इंदौर, मांडव और ओंकारेश्वर है। वहीं, दूसरा क्षेत्र नर्मदापुरम जिले स्थित हिल स्टेशन पचमढ़ी के साथ ही छिंदवाड़ा जिले के तामिया और छतरपुर जिले में स्थित विश्व धरोहर स्थल खजुराहो है। इसके साथ ही तीसरा क्षेत्र जबलपुर और कान्हा, पेंच और पन्ना राष्ट्रीय उद्यानों तक है। वहीं, पीएम हेली सेवा की शुरुआत से मध्य प्रदेश में टूरिज्म को बुस्टोर डोज मिलेगा। इससे पर्यटक कम समय में अपनी पसंदीदा जगहों पर पहुंच सकते हैं। मध्य प्रदेश में सबसे अधिक पर्यटक इन्हीं जगहों पर आते हैं। सरकार लगातार इन जगहों के विकास के लिए कार्य कर रही है। टाइगर रिजर्व पार्कों में हर साल बड़ी संख्या में पर्यटक आते हैं। गौरतलब है कि मध्य प्रदेश स्थापना दिवस के मौके पर प्रदेश में इस बार अनेक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। पूरे प्रदेश में तीन दिनों तक उत्सव चलने वाला है। इसकी शुरुआत एक नवंबर से होगी। सभी जगहों पर तैयारी चल रही है। गौरतलब है कि मध्य प्रदेश में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए पहले वायु सेवा की शुरुआत हो चुकी है।

बेटियों का घर बसाने की पहल: धीरेंद्र शास्त्री बोले- 300 कन्याओं के हाथ होंगे पीले

छतरपुर बागेश्वर धाम में अगले वर्ष यानी साल 2026 में महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर 8वां सामूहिक कन्या विवाह का आयोजन होगा. जिसमें 300 बेटियों को परिणय सूत्र में बांधा जाएगा. इस साल यानी कि साल 2025 में 251 जोड़ों को परिणय सूत्र में बांधा गया था. पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि "इस बार (साल 2026) 300 बेटियों के घर बसाने का संकल्प लिया है. सामूहिक विवाह में 300 बेटियों के हाथ पीले किए जाएंगे." गुरु शिष्य मिलन कार्यक्रम का आयोजन बागेश्वर धाम में गुरु शिष्य मिलन कार्यक्रम का आयोजन किया गया. जिसमें बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा कि "बालाजी और सन्यासी बाबा की प्रेरणा से इस बार 50 अतिरिक्त बेटियों के साथ 300 बेटियों के हाथ पीले किए जाएंगे. गत वर्ष 251 जोड़ों को परिणय सूत्र में बांधा गया था." इस दौरान महाराज ने सभी शिष्य मंडल को बेटियों के विवाह कार्यक्रम में शामिल होने का निमंत्रण दिया. बेटियों के घर बसाने खुलती है दान पेटियां पंडित धीरेंद्रे शास्त्री ने कहा, संकल्प पूरा हो इसके लिए सभी शिष्य मंडल अपनी जिम्मेदारी निभाये. बागेश्वर धाम की दान पेटी गरीब बेटियों का घर बसाने के लिए ही खोली जाती है. चढ़ोतरी में जो भी राशि आती है, वह बेटियों का वैवाहिक जीवन में प्रवेश कराने में खर्च की जाती है. यदि देश के मंदिरों की दान पेटियां गरीब बेटियों का घर बसाने लगे, तो कोई भी गरीब, बेटी को बोझ नहीं मानेगा." हजारों बेटियों का करा चुके हैं विवाह बागेश्वर धाम से अब तक हजारों बेटियों को विवाह के बंधन में बांधा जा चुका है. पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने गुरु शिष्य मिलन कार्यक्रम में शिष्यों से कही कि "जल्द ही एक आयोजन रखा जाएगा, जिसमें फिर से शिष्यों के साथ इत्मीनान से बैठकर बात होगी और भेंट होगी." 'जिनकी दुकानें बंद हो रहीं, वे साजिश में जुटे' बागेश्वर महाराज ने कहा कि "आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का सहारा लेकर उनके विरोध में वीडियो जारी किए जा रहे हैं. जिन तांत्रिकों की दुकानें बंद हो रही हैं वे बौखला रहे हैं और फेक वीडियो के माध्यम से बदनाम करने की कोशिश में लगे हैं. ऐसा ज्ञात हुआ है कि देश-विदेश के 22 लोगों की टीम दुष्प्रचार करने में लगी है. ऐसे लोगों के खिलाफ एक्शन की भी तैयारी चल रही है." सनातन एकता पदयात्रा वैचारिक क्रांति पंडित धीरेंद्रे शास्त्री ने कहा कि "सनातन हिंदू एकता पदयात्रा वैचारिक क्रांति की यात्रा है. जब हिंदू बचेगा, तभी हिंदुस्तान बचेगा. इसलिए इस वैचारिक क्रांति की यात्रा में सबको साथ चलना है. 7 नवंबर से 16 नवंबर तक दिल्ली से वृंदावन की पदयात्रा में न केवल स्वयं शामिल हों, बल्कि अपने रिश्तेदारों, दोस्तों को भी शामिल करें. जब कभी बागेश्वर धाम का इतिहास लिखा जाएगा तो आप सबका भी नाम आएगा. आपकी आने वाली पीढ़ी इस बात की जरूर चर्चा करेगी कि सनातन एकता पदयात्रा के लिए आपके घर से भी कोई निकला था."

पदयात्रा रोको, नहीं तो आंदोलन होगा’ — दामोदर यादव ने राष्ट्रपति को लिखा पत्र

छतरपुर  भीम आर्मी और दलित पिछड़ा समाज संगठन बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेन्द्र शास्त्री की सनातन हिंदू एकता पदयात्रा के विरोध में खुलकर सामने आ गए हैं। संगठन के नेताओं ने धीरेन्द्र शास्त्री पर समाज को तोड़ने का आरोप लगाया है। दलित और पिछड़ा समाज संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष दामोदर यादव ने कहा धीरेन्द्र शास्त्री की 170 किलोमीटर की पदयात्रा को रोकने के लिए पांच दिन पहले राष्ट्रपति को पत्र लिख चुके हैं। अब संगठन की लीगल टीम दो दिन बाद जबलपुर हाईकोर्ट में भी याचिका दायर कर यात्रा पर रोक की गुहार करेगी। धर्म की बातें करने वाले तोड़ रहे समाज बीते दिन पत्रकार वार्ता में यादव ने कहा देश में जातिवादी राजनीति बढ़ रही है। प्रदेश भी इससे अछूता नहीं है। दमोह, कटनी, छतरपुर, दतिया और भिंड में दलित, पिछड़ों के साथ जातिगत घटनाएं सामने आई हैं। पुलिस ने इन घटनाओं में एससी एसटी एक्ट की धारा लगाई हैं। संगठन की मांग है आरोपियों पर रासुका की कार्रवाई होना चाहिए। यादव ने धीरेन्द्र शास्त्री पर कटाक्ष करते हुए कहा हैरानी की बात है कि धर्म की बातें करने वाले ही समाज को तोड़ने में लगे हैं। आजाद समाज पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सत्येन्द्र विद्रोही ने कहा हम वर्ग संघर्ष नहीं संवैधानिक व्यवस्था चाहते हैं। जाति के नाम पर सांप्रदायिकता फैलाने वालों पर अंकुश जरूरी है। आजाद समाज पार्टी युवा विंग के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अनिल गुर्जर ने कहा जहां भी सांप्रदायिकता फैलाई जाएगी भीम आर्मी उसे सफल नहीं होने देगी। यात्रा रोकी जाए, नहीं तो आंदोलन होगा यादव ने कहा धीरेन्द्र शास्त्री 7 नवंबर को दिल्ली से सनातन हिंदू एकता पदयात्रा शुरू कर रहे हैं 170 किलोमीटर की यात्रा 16 नवंबर को वृदावंन में समाप्त होगी। इसके जरिए समाज में सांप्रदायिकता बढ़ावा मिलेगा। इस यात्रा को रोका जाना चाहिए इसलिए उन्होंने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को पत्र लिख है। अब दो दिन बाद संगठन की लीगल टीम यात्रा पर रोक के लिए जबलपुर हाईकोर्ट में याचिका भी दायर करेगी। अगर यात्रा नहीं रोकी गई तो संगठन आंदोलन करेगा।

मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव विद्यार्थियों के खातों में गुरूवार को अंतरित करेंगे 300 करोड़ रूपये की छात्रवृत्ति

 52 लाख से अधिक विद्यार्थियों को पहुँचेगा फायदा भोपाल मुख्‍यमंत्री डॉ. मोहन यादव गुरूवार 30 अक्‍टूबर को 52 लाख से अधिक विद्यार्थियों के बैंक खातों में समेकित छात्रवृत्ति योजना की 300 करोड़ रूपये से अधिक की राशि सिंगल क्लिक से अंतरित करेंगे। यह कार्यक्रम दोपहर 12 बजे मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन के सभागार में आयोजित होगा। कार्यक्रम में स्कूल शिक्षा मंत्री श्री उदय प्रताप सिंह और जनजातीय कल्याण मंत्री कुँवर विजय शाह भी मौजूद रहेंगे। इस अवसर पर मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव विद्यार्थियों और जन-समुदाय को वर्चुअली संबोधित करेंगे। कार्यक्रम का सजीव प्रसारण सभी जिलों के समस्त विद्यालयों में भी होगा। कार्यक्रम में समेकित छात्रवृत्ति योजना के पात्र विद्यार्थी जिला अथवा विकासखण्ड के विद्यालयों के समेकित छात्रवृत्ति कार्यक्रम में सहभागिता करेंगे। जिला एवं विकासखण्ड स्तर पर होने वाले कार्यक्रमों में विधायक और जन-प्रतिनिधियों को भी आमंत्रित किया गया है। उल्‍लेखनीय है कि समग्र सामाजिक सुरक्षा मिशन में समेकित छात्रवृत्ति योजना के क्रियान्वयन की जिम्मेदारी स्कूल शिक्षा विभाग को सौंपी गई है। इस योजना के तहत 6 विभागों स्कूल शिक्षा, अनुसूचित जाति कल्याण, जनजातीय कल्याण, विमुक्त, घुमक्कड़ और अर्द्ध घुमक्कड़, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण और सामाजिक न्याय विभाग की 20 प्रकार की छात्रवृतियों की राशि प्रदान की जाती है। समेकित छात्रवृत्ति योजना में प्रदेश के शासकीय एवं अशासकीय विद्यालयों के कक्षा-1 से 12 तक अध्ययनरत पात्र विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति की राशि एजुकेशन पोर्टल 3.0 के माध्यम से स्वीकृत की गई है। मुख्‍यमंत्री द्वारा अंतरित की जाने वाली राशि में स्कूल शिक्षा विभाग की 7 प्रकार की छात्रवृत्ति जैसे सामान्य निर्धन वर्ग छात्रवृत्ति, सुदामा प्री-मेट्रिक, स्वामी विवेकानन्द पोस्ट मेट्रिक, सेवानिवृत्त शासकीय कर्मचारियों के बच्चों की छात्रवृत्ति, पितृहीन कन्याओं की छात्रवृत्ति, इकलोती बेटी की शिक्षा विकास छात्रवृत्ति की राशि भी शामिल है। लोक शिक्षण संचालनालय ने जारी किये निर्देश लोक शिक्षण संचालनालय ने समेकित छात्रवृत्ति-2025 के संबंध में समस्त जिला शिक्षा अधिकारी एवं जनजातीय कार्य विभाग के सहायक आयुक्तों को निर्देश जारी किये हैं। निर्देश में जिला स्तर पर होने वाले कार्यक्रम में विद्यार्थियों और स्थानीय जन-प्रतिनिधियों को शामिल किये जाने के संबंध में निर्देश दिये गये हैं।  

मंडी में प्याज के दाम गिरे जमीन पर, किसानों ने कहा- अब तो नुकसान ही नुकसान

शाजापुर कृषि उपज मंडी शाजापुर में बुधवार को प्याज की बंपर आवक के साथ ही भाव ऐसा गिरा कि किसान मायूस होकर लौटे। स्थिति यह रही कि कुछ किसानों की प्याज दो रुपए प्रति किलो तक बिकी। कमिश्नर आशीष सिंह के निरीक्षण के दौरान एक किसान ने खुद अपनी व्यथा बताई कि साहब, जो भाव मिला है, उससे ट्रक का किराया भी नहीं निकलेगा। बामनगांव निवासी किसान पूनमचंद पुत्र गुलाब सिंह ने कमिश्नर से मुलाकात कर अपनी नीलामी पर्ची दिखाई और बताया कि उनकी 40 कट्टी प्याज मात्र दो रुपए प्रति किलो के हिसाब से कुल 3200 रुपए की बिक्री हुई। “साहब, इतना खर्च तो खेत से मंडी तक ट्रक में प्याज लाने में लग गया। अब तो घाटा ही घाटा है।' किसानों की यह शिकायत सुनकर खुद संभाग कमिश्नर आशीष सिंह ने मंडी अधिकारियों को जांच के निर्देश देने पड़े। कमिश्नर ने मौके पर ही मंडी सचिव और संबंधित अधिकारियों को तलब किया। उन्होंने कहा कि किसानों को उचित मूल्य दिलाने में किसी प्रकार की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने खरीदी प्रक्रिया की पारदर्शिता बढ़ाने और नीलामी में निष्पक्षता बनाए रखने के निर्देश दिए। मंडी में बुधवार को प्याज की रिकॉर्ड 27,497 क्विंटल आवक हुई। इतनी भारी मात्रा में प्याज आने से भाव औंधे मुंह गिर गए। कई किसानों को दो से चार रुपए प्रति किलो के बीच का भाव मिला।   भावांतर योजना इसी दिशा में एक बड़ा कदम बुधवार दोपहर को उज्जैन संभाग कमिश्नर आशीष सिंह शाजापुर कृषि उपज मंडी पहुंचे। उन्होंने भावांतर योजना के तहत सोयाबीन खरीदी की समीक्षा की। व्यापारियों और किसानों के बीच नीलामी प्रक्रिया का प्रत्यक्ष अवलोकन किया और किसानों से बातचीत कर मंडी की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। कमिश्नर सिंह ने कहा कि “राज्य सरकार किसानों की उपज का उचित मूल्य सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। भावांतर योजना इसी दिशा में एक बड़ा कदम है। मंडी में मौजूद व्यापारियों और अधिकारियों ने बताया कि प्याज की दर गुणवत्ता के आधार पर तय होती है। जो प्याज आकार में छोटी या नमीदार होती है, उसका भाव स्वाभाविक रूप से कम रहता है। किसान सवाल कर रहे हैं जब मेहनत का दाम नहीं मिलेगा, तो खेती कौन करेगा? वहीं जब तक बाजार व्यवस्था में स्थायित्व नहीं आता, तब तक प्याज के आंसू किसानों की आंखों से बहते रहेंगे। मंडी परिसर में किसानों की भीड़, मायूस चेहरे सुबह से मंडी परिसर में ट्रैक्टर-ट्रालियों की कतारें लगी रहीं। किसानों की भीड़ ऐसी थी कि प्याज की बोरियां मंडी के गेट के बाहर तक ढेर लग गईं। परंतु जब नीलामी शुरू हुई, तो भाव सुनकर कई किसानों के चेहरे उतर गए। किसी को दो, किसी को तीन, तो कुछ को चार किलो का भाव मिला वहीं अधिकतम भाव 1075 प्रति क्विंटल रहा। कई किसानों ने अपनी उपज वापस ले जाने का विचार भी किया, लेकिन ट्रांसपोर्ट खर्च के डर से उन्हें औने-पौने भाव पर बेचना पड़ा। किसानों ने बताया कि इस सीजन में प्याज की पैदावार अच्छी रही, लेकिन लागत लगातार बढ़ती जा रही है। खाद, बीज, सिंचाई और मजदूरी पर हजारों रुपए खर्च करने के बाद जब दो किलो का भाव मिलता है, तो हिम्मत टूट जाती है। किसानों ने प्रशासन से प्याज की खरीदी के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य तय करने और परिवहन सहायता देने की मांग की।  

भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों का अधिकारी अनिवार्य रूप से करें पालन

मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री झा ने कमिश्नर और कलेक्टर के साथ की वर्चुअल बैठक भोपाल  मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री संजीव कुमार झा ने वीडियो कांफ्रेसिंग से सभी संभागों के कमिश्नर एवं कलेक्टर तथा जिला निर्वाचन अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के संबंध में आवश्यक दिशा निर्देश दिए। बैठक में सभी संभागों के कमिश्नर एवं सभी जिलों के कलेक्टर और जिला निर्वाचन अधिकारी शामिल हुए। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री झा ने कहा कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के संबंध में दिए गए निर्देशों का अनिवार्य रूप से पालन करें। निर्देशों का अच्छी तरह से अध्ययन कर लें। भारत निर्वाचन आयोग की वेबसाइट वोटर्स.डॉट.ईसीआई.इन पर जाकर कोई भी मतदाता 2003 की मतदाता सूची देख सकता है। इसके अलावा मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी की वेबसाइट पर भी मतदाता सूची उपलब्ध है। विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान बीएलओ तीन बार मतदाताओं के घर घर जाएंगे, यह सुनिश्चित करें। इसके साथ ही जो व्यक्ति 1 जनवरी 2026 को 18 वर्ष की आयु पूरी कर रहा है, वह भी मतदात सूची में अपना नाम जुड़वाने के लिए आवेदन कर सकता है। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के लिए फॉर्म 6, हटवाने के लिए फॉर्म 7 और सुधार या संशोधन के लिए मतदाता को फॉर्म 8 भरना होगा। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री झा ने बताया कि एन्यूमरेशन फार्म भरने में यदि कोई व्यक्ति मिथ्या घोषणा करता है तो जुर्माने या कारावास के लिए दंडनीय होगा। बैठक के दौरान संयुक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री राम प्रताप सिंह जादौन, उप मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री संजय श्रीवास्तव, श्रीमती सुरभि तिवारी और राजेश यादव उपस्थित रहे। 7 फरवरी 2026 तक चलेगी प्रक्रिया मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री संजीव कुमार झा ने बताया कि एसआईआर की प्रक्रिया 28 अक्टूबर से प्रारंभ हो गई है जो 8 फरवरी 2026 तक चलेगी। इस बीच 3 नवंबर तक बीएलओ को ट्रेनिंग दी जाएगी। बीएलओ द्वारा 4 नवंबर से 4 दिसंबर तक घर घर जाकर सर्वे किया जाएगा। मतदाता सूची के प्रारूप का प्रकाशन 9 दिसम्बर तक किया जाएगा। दावा आपत्तियों के 9 दिसंबर से 8 जनवरी 2026 तक आवेदन लिए जाएंगे। दस्तावेजों का सत्यापन 9 दिसंबर 2025 से 31 जनवरी 2026 तक किया जाएगा। फाइनल मतदाता सूची का 7 फरवरी 2026 को प्रकाशन होगा।   

नया बिजली कनेक्‍शन लेना हुआ आसान, ऑनलाइन आवेदन करने पर 5 रूपए में उपलब्‍ध

ग्रामीण क्षेत्रों में अब तक 44, 709 घरेलू तथा 65, 539 सिंचाई पंप कनेक्‍शन शहरी क्षेत्रों में 22,106 घरेलू कनेक्‍शन हुए भोपाल  मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा कंपनी कार्यक्षेत्र के ग्रामीण घरेलू एवं कृषि तथा शहरी क्षेत्र के बीपीएल श्रेणी के उपभोक्‍ताओं के लिए सरल और सुविधाजनक तरीके से केवल 5 रूपए में त्‍वरित नवीन बिजली कनेक्‍शन प्रदान किए जा रहे हैं। उपभोक्‍ताओं को सरल संयोजन पोर्टल के माध्‍यम से आवेदन करते ही निर्धारित समयावधि में घर बैठे ही नवीन कनेक्‍शन उपलब्‍ध कराये जा रहे हैं। गौरतलब है कि कंपनी द्वारा ग्रामीण, घरेलू एवं कृषि तथा शहरी क्षेत्र के बीपीएल उपभोक्‍ताओं को सरल संयोजन पोर्टल के माध्‍यम से 5 रूपए में नवीन कनेक्‍शन देने की पहल की गई है। इस योजना में अब तक कुल 44,709 ग्रामीण क्षेत्रों में नवीन घरेलू बिजली कनेक्‍शन तथा 65,539 सिंचाई पंप कनेक्‍शन जारी किए जा चुके हैं। इसी प्रकार शहरी क्षेत्रों में बीपीएल कार्ड धारक उपभोक्‍ताओं को 5 रूपए में कुल 22,106 कनेक्‍शन प्रदान किए जा चुके हैं। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के प्रबंध संचालक श्री क्षितिज सिंघल ने बताया है कि कंपनी के सरल संयोजन पोर्टल पर आवेदन करते ही पात्रतानुसार निर्धारित समयावधि में तत्काल 5 रूपए में नया बिजली कनेक्शन उपलब्ध कराया जा रहा है। नया कनेक्‍शन लेने के लिए उपभोक्‍ताओं को बिजली कंपनी के पोर्टल https://saralsanyojan.mpcz.in:8888/home अथवा UPAY एप पर जाकर जरूरी दस्‍तावेज अपलोड कर समस्‍त औपचारिकताएं पूर्ण करते हुए निर्धारित शुल्‍क 5 रूपए का ऑनलाइन भुगतान करना होगा। आवेदक द्वारा विधिवत ऑनलाइन आवेदन और भुगतान प्रक्रिया पूर्ण होने के उपरांत बिजली कंपनी द्वारा सर्वे एवं अन्‍य औपचारिकताएं निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण कर उपभोक्ता के परिसर में नया कनेक्शन उपलब्‍ध करा दिया जाएगा। 

भोपाल सहित पूरे कंपनी कार्यक्षेत्र में अब तक 4 लाख, 33 हजार से अधिक स्मार्ट मीटर स्‍थापित

स्मार्ट मीटर लगाने के बाद समय पर हो रही सटीक बिलिंग तथा रीडिंग भोपाल  केन्द्र सरकार की रिवेम्प्ड डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम (आरडीएसएस) योजना के अंतर्गत मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा कंपनी कार्यक्षेत्र में स्मार्ट मीटर लगाने का काम त्वरित गति से चल रहा है। जहां जहां स्‍मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं, वहां पर समय पर बिलिंग तथा रीडिंग हो रही है तथा दिन के टैरिफ में 20 प्रतिशत की छूट भी मिलनी शुरू हो गई है। अब तक कंपनी कार्यक्षेत्र के 16 जिलों में 4 लाख, 33 हजार 934 स्मार्ट मीटर स्‍थापित किए जा चुके हैं। इनमें सर्वाधिक भोपाल शहर वृत्‍त में एक लाख, 62 हजार 320 स्‍मार्ट मीटर स्‍थापित किए जा चुके हैं। कंपनी ने कहा है कि स्‍मार्ट मीटर लगने से उपभोक्‍ताओं को बेहतर सेवाएं, सटीक बिलिंग और ऊर्जा दक्षता में सुधार हो रहा है। स्‍मार्ट मीटर लगाने का काम समय सीमा में पूर्ण करने के लिए कंपनी की टीमें लगातार कार्य में जुटी हुई हैं। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने स्‍मार्ट मीटर के फायदे बताते हुए कहा है कि स्‍मार्ट मीटर से रियल टाइम डेटा प्राप्‍त किया जा सकता है, जिससे उपभोक्‍ताओं को सटीक और समय पर बिलिंग सुनिश्चित की जा रही है। कंपनी ने बताया कि जहां-जहां भी स्‍मार्ट मीटर स्‍थापित किए जा चुके हैं वहां पर बिलिंग तथा रीडिंग निर्धारित समय पर हो रही है। नए टैरिफ आर्डर के अनुसार स्‍मार्ट मीटर उपभोक्‍ताओं को अब खपत के आधार पर दिन के टैरिफ में 20 प्रतिशत की छूट भी दी जा रही है। जून माह का बिल जो कि जुलाई माह में जारी हुआ है, उसमें दिन के टैरिफ में सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक उपयोग की गई विद्युत के दौरान बनी यूनिट पर छूट अलग कॉलम में अंकित की गई है। 

मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व और संकल्प शक्ति से प्रदेश लिख रहा है निवेश की नई इबारत

भोपाल मध्यप्रदेश में अब विकास कोई वादा नहीं, बल्कि अनुभव है। ऐसा अनुभव, जो मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की दूरदृष्टि और निर्णायक नेतृत्व से संभव हुआ है। राज्य सरकार ने उद्योगों के लिए भरोसा, पारदर्शिता और नीति-सुधार का ऐसा वातावरण बनाया है, जहाँ हर निवेश अवसर में बदल रहा है और हर विचार उद्योग में। यही परिवर्तन आज ‘अभ्युदय मध्यप्रदेश’ के रूप में पूरे देश का ध्यान आकर्षित कर रहा है। वर्ष 2025 को उद्योग एवं रोजगार वर्ष के रूप में मनाने का निर्णय केवल औपचारिक घोषणा नहीं रहा, बल्कि राज्य की औद्योगिक नीति का सक्रिय अध्याय बना। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के मार्गदर्शन में मैन्युफैक्चरिंग, सर्विस, इन्फ्रास्ट्रक्चर, इनोवेशन एवं सस्टेनेबिलिटी को औद्योगिक विकास के मुख्य आधार बने हैं। राज्य सरकार द्वारा 18 नई औद्योगिक नीतियाँ तैयार की गईं, जो निवेश, नवाचार, रोजगार और सतत विकास को नई ऊर्जा देती हैं। राज्य ने इज़ ऑफ डूइंग बिजनेस से आगे बढ़ते हुए कॉन्फिडेंस ऑफ डूइंग बिजनेस का नया दौर शुरू किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की पहल से निवेश प्रक्रिया को न केवल सरल और तेज़ बनाया गया, बल्कि उसे भरोसेमंद और पारदर्शी भी किया गया है। अब हर निवेशक यह अनुभव कर रहा है कि मध्यप्रदेश में उद्योग स्थापित करना सुविधा से आगे बढ़कर एक सुरक्षित निर्णय है। इंडस्ट्री प्रमोशन पॉलिसी 2025 इसी दृष्टि का प्रतिबिंब है — पूंजीगत निवेश पर 40 प्रतिशत तक सहायता, रोजगार और निर्यात-आधारित प्रोत्साहन, और एफडीआई को बढ़ावा देने वाले प्रावधान इस नीति को निवेशकों के लिए विशेष रूप से आकर्षक बनाते हैं। गार्मेंट्स, फुटवियर और टॉय उद्योगों में प्रशिक्षण और रोजगार के नए अवसर खुले हैं। वहीं फार्मा, बायोटेक्नोलॉजी और मेडिकल डिवाइस सेक्टर में अनुसंधान और गुणवत्ता-विकास के लिए विशेष व्यवस्थाएँ की गई हैं। राज्य सरकार ने औद्योगिक बुनियादी ढाँचे को भी नई दिशा दी है। स्मार्ट औद्योगिक पार्क, आधुनिक लॉजिस्टिक्स नेटवर्क और क्लस्टर-आधारित औद्योगिक क्षेत्रों के विकास ने निवेशकों को सुविधा और गति प्रदान की है। नई औद्योगिक टाउनशिप्स, इंटरकनेक्टेड ट्रांसपोर्ट कॉरिडोर और बिजली की निर्बाध आपूर्ति जैसी पहलों से उद्योगों के लिए समग्र पारिस्थितिकी तंत्र तैयार हुआ है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में औद्योगिक निवेश अब केवल बड़े शहरों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह छोटे और मध्यम नगरों तक पहुँचकर क्षेत्रीय संतुलन स्थापित कर रहा है। जनविश्वास अधिनियम, स्टार्ट योर बिजनेस इन 30 डेज योजना, GIS आधारित भूमि आवंटन प्रणाली और एमपी इन्वेस्ट पोर्टल ने औद्योगिक प्रक्रियाओं को गति दी है। अब अनुमतियाँ और सेवाएँ एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हैं, जिससे निवेश प्रक्रिया पारदर्शी और समयबद्ध बनी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की सोच उद्योग को केवल उत्पादन तक सीमित नहीं रखती, बल्कि उसे रोजगार, नवाचार और सामाजिक उत्थान का माध्यम बनाती है। भूमि, ऊर्जा, जल और कच्चे माल की सुलभता के साथ अनुसंधान एवं तकनीकी प्रोत्साहन ने राज्य की औद्योगिक पहचान को नई ऊँचाइयाँ दी हैं। मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में स्किल डेवलपमेंट और इंडस्ट्री कनेक्ट को प्राथमिकता दी जा रही है, जिससे स्थानीय युवाओं को उद्योगों से सीधे जोड़ने की प्रक्रिया और सशक्त बनी है। उज्जैन, इंदौर, भोपाल, जबलपुर और ग्वालियर जैसे शहर आज इस औद्योगिक परिवर्तन के जीवंत उदाहरण हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश उद्योग और निवेश का वह केंद्र बन रहा है, जहाँ विकास स्थायी है और अवसर अनंत। ‘अभ्युदय मध्यप्रदेश’ अब केवल नारा नहीं, बल्कि उस आत्मविश्वास का नाम जिसने राज्य को उद्योग है। रोजगार और निवेश की नई परिभाषा दी है। यह वही यात्रा है जहाँ नीति संकल्प में बदलती है और संकल्प परिणामों में। 

तीन दिवसीय कार्यशाला में शिक्षण ,संवाद और नेतृत्व कौशल को मिला नया आयाम

भोपाल  संत शिरोमणि रविदास ग्लोबल स्किल पार्क में क्वेस्ट अलायंस के तकनीकी सहयोग से इंदौर, बालाघाट, उज्जैन एवं सागर संभागों के मास्टर ट्रेनर्स के लिए तीन दिवसीय आवासीय कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का उद्देश्य आईटीआई प्रशिक्षणार्थियों के बीच रोजगार कौशल (Employability Skills) पाठ्यक्रम को समेकित और प्रभावी रूप से लागू करना था। कार्यशाला में चार संभागों के 17 जिलों से आए मास्टर ट्रेनर्स ने भाग लिया। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को कक्षा शिक्षण की आधुनिक पद्धतियों, विद्यार्थियों की लर्निंग जर्नी, डिजिटल एवं तकनीकी टूल्स के प्रयोग, टीम नेतृत्व, संचार कौशल, समस्या समाधान और सकारात्मक कार्यस्थल संस्कृति के निर्माण जैसे विषयों पर गहन प्रशिक्षण दिया गया। कार्यशाला मास्टर ट्रेनर्स के लिए शिक्षण के नवीन तरीकों से अवगत होने और आईटीआई विद्यार्थियों की करियर तैयारी एवं जीवन कौशल विकास के लिए प्रेरक भूमिका निभाने का अवसर बनी। अनुभव-साझा सत्रों, समूह गतिविधियों और व्यावहारिक अभ्यासों के माध्यम से प्रतिभागियों ने सीखने की प्रक्रिया के विविध पहलुओं को गहराई से समझा। कौशल विकास संचालनालय, अतिरिक्त संचालक श्री डी.एस. ठाकुर ने सभी प्रतिभागियों को प्रशस्ति पत्र प्रदान किए। कौशल विकास संचालनालय द्वारा संचालित यह पहल राज्य के युवाओं में रोजगार योग्यता, संवाद कौशल और आत्म-प्रेरणा को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध होगी।