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मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुरु गोविंद सिंह के ज्योति दिवस पर किया नमन

भोपाल   मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सिख धर्म के दसवें गुरु श्रद्धेय गुरु गोविंद सिंह के ज्योति-ज्योति दिवस पर उनका स्मरण किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गुरु गोविंद सिंह धर्म, साहस और मानवीय मूल्यों के प्रतीक, खालसा पंथ के संस्थापक थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेशवासियों से गुरू गोविंद सिंह के आदर्शों से प्रेरणा लेकर सेवा, एकता और राष्ट्र के प्रति समर्पण के मार्ग पर अग्रसर होने का आह्वान किया है।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अनूपपुर विधायक के पुत्र के निधन पर शोक संवेदना व्यक्त की

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अनूपपुर विधायक एवं पूर्व मंत्री श्री बिसाहू लाल सिंह के गृह ग्राम परासी पहुंचकर उनके पुत्र स्व. अमृतलाल सिंह के असामायिक निधन पर श्रद्धासुमन अर्पित कर शोक-संवेदना व्यक्त की। उन्होंने ईश्वर से दिवंगत पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान देने और शोक संतप्त परिवार को दुख की इस घड़ी में संबल प्रदान करने की प्रार्थना की। इस दौरान विधायक अनूपपुर पूर्व मंत्री श्री बिसाहूलाल सिंह एवं परिजन सहित कुटीर एवं ग्रामोद्योग राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री दिलीप जायसवाल, अध्यक्ष कोल विकास प्राधिकरण (कैबिनेट मंत्री दर्जा) श्री रामलाल रौतेल, विधायक जयसिंहनगर श्रीमती मनीषा सिंह, अध्यक्ष नगर पालिका परिषद पसान श्री राम अवध सिंह, जनप्रतिनिधि और कलेक्टर श्री हर्षल पंचोली उपस्थित रहे। 

सुश्री यादव अरुणाचल प्रदेश से गुजरात तक करेंगी साइकिल यात्रा

एकीकृत, सशक्त और प्रगतशील भारत के संदेश का होगा प्रचार भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं वर्षगांठ को समर्पित पैडल टू प्लांट कार्यक्रम 'नया भारत-हरा भारत' की यात्रा पर निकल रही प्रदेश की बेटी अंतर्राष्ट्रीय पर्वतारोही सुश्री अंजना यादव को मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन से रविवार को झंडी दिखाकर रवाना किया। पेडल टू प्लांट कार्यक्रम, नया भारत हरा भारत के अंतर्गत सुश्री अंजना यादव और उनकी टीम के द्वारा अरुणाचल प्रदेश से गुजरात 4 हजार किलोमीटर साइकिल से सफर तय किया जाएगा। इसके अंतर्गत वे भारत की संस्कृति, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक समरसता का संदेश देंगी। सुश्री अंजना यादव सरदार वल्लभभाई पटेल के एकीकृत, सशक्त और प्रगतशील भारत के दृष्टिकोण को भी प्रचारित करेंगी। सुश्री अंजना यादव रायसेन जिले के ग्राम सेमारी की रहने वाली हैं, जो 5 वर्षों से माउंटेनियर के रूप में सक्रिय हैं। सुश्री अंजना यादव अब तक 20 अंतर्राष्ट्रीय पर्वतों पर चढ़ाई कर चुकी हैं। अब उनका अगला लक्ष्य विश्व की सबसे ऊंची चोटी माउंट ऐवरेस्ट पर वर्ष-2026 में सफलता प्राप्त करना है।  

राज्यपाल पटेल ने कहा- पुस्तकीय ज्ञान के साथ समसामयिक जानकारी जरूरी

भोपाल  राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कहा है कि छात्र-छात्राओं को पुस्तकीय ज्ञान के साथ ही देश में हो रही प्रगति और विकास के बारे में समसामयिक जानकारी होना भी जरूरी है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की मन की बात कार्यक्रम ऐसी अद्भुत पहल है, जिसमें देश में हो रहे नवाचारों और प्रगति की जानकारी मिलती है। उन्होंने विश्वविद्यालयों के छात्रावासों में मन की बात कार्यक्रम के सामूहिक श्रवण की व्यवस्था करने के लिए भी कहा है। राज्यपाल श्री पटेल रविवार को बरकतउल्ला विश्वविद्यालय में मन की बात के सामूहिक श्रवण कार्यक्रम के छात्र-छात्राओं को संबोधित कर रहे थे। सामूहिक श्रवण कार्यक्रम का आयोजन ज्ञान विज्ञान भवन में किया गया। राज्यपाल ने विश्वविद्यालय आगमन पर ज्ञान विज्ञान भवन परिसर में पौधरोपण किया। कार्यक्रम के प्रारंभ में विश्वविद्यालय की छात्राओं जैनस्वी शर्मा, खुशी सेन ने "हम उठे जग उठे", लक्ष्य गीत का गायन किया। राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के 'मन की बात' और 'परीक्षा पे चर्चा' जैसे कार्यक्रम राष्ट्र जागरण की अभूतपूर्व पहल है। मन की बात कार्यक्रम में प्रधानमंत्री के द्वारा गरीब, वंचित और पिछड़े व्यक्तियों और क्षेत्रों के द्वारा देश-समाज के निर्माण में दिये जा रहे योगदान की जानकारी दी जाती है। इन प्रेरक प्रसंगों से आत्मबल से विकास और परिवर्तन के लिए समाज को आत्मविश्वास, प्रेरणा और उत्साह प्राप्त होती है। इसी तरह 'परीक्षा पे चर्चा' कार्यक्रम के द्वारा प्रधानमंत्री ने विद्यार्थी परीक्षा की कैसे तैयारी करें, पालक बच्चों के साथ कैसा व्यवहार करें, इन सभी विषयों पर विस्तार से समझाइश देकर छात्र-छात्राओं पर अनावश्यक रूप से परीक्षा के समय बनने वाले भारी दबाव कम करने में बहुत मदद की है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी ने विकसित भारत@2047 की नई पहल की है। आज़ादी की 100वीं वर्षगांठ पर राष्ट्र का स्वरूप कैसा होगा इस दिशा में विवेकानंद जयंती के अवसर पर नई पहल की है। देश भर के विद्यार्थियों से राष्ट्र के भावी स्वरूप के संबंध में उनके विचार प्राप्त किये। चयनित 3 हजार युवाओं के साथ नई दिल्ली में गोष्ठी भी की है। राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि ज्ञान के साथ संस्कार से ही जीवन अच्छा जीवन होता है। उन्होंने कहा कि बच्चों को संस्कार देना केवल शिक्षण संस्थाओं का दायित्व नहीं हो सकता। परिवार को भी बच्चों में संस्कार देने की जिम्मेदारी समझना होगी। बच्चे माता-पिता के आचरण से संस्कार ग्रहण करते हैं। परिवार का वातावरण संस्कारित होना जरूरी है। उन्होंने कहा कि ज्ञान से प्राप्त प्रगति अधूरी है। यदि उसमें अपने माता-पिता, राष्ट्र, समाज के प्रति सम्मान और सेवा का भाव नहीं है। उन्होंने कहा माता-पिता अपने बच्चों की अंगुली पकड़ कर चलना सिखाते हैं। वृद्धावस्था में उनके साथ दुर्व्यवहार करके कोई भी व्यक्ति, समाज और राष्ट्र उन्नति नहीं कर सकता है। कार्यक्रम के प्रारंभ में कुलगुरू श्री एस.के. जैन ने स्वागत उद्बोधन दिया। आभार प्रदर्शन कुल सचिव डॉ. अनिल शर्मा ने किया। संचालन अधिष्ठाता छात्र कल्याण श्री पवन मिश्रा ने किया।  

इलाज में लापरवाही का आरोप, छिंदवाड़ा अस्पताल में महिला की मौत से मचा हड़कंप

छिंदवाड़ा छिंदवाड़ा जिला अस्पताल में पेट दर्द और घबराहट के बाद भर्ती कराई गई महिला की इलाज के दौरान मौत हो गई। मौत को लेकर स्वजनों ने जमकर हंगामा कर दिया। परिजनों ने डॉक्टरों पर गंभीर आरोप लगाए है। परिजनों का कहना है की पहले तो नर्स ने इलाज किया। उसके बाद डॉक्टर पहुंचे। उन्होंने जांच कर पर्ची में दवा लिख दी। रात भर एक के बाद एक लगातार ग्लूकोज की बॉटल लगाते गए, लेकिन मरीज को आराम नहीं लगा। जब डियूटी नर्स को मरीज की गंभीर हालात के बारे में बताया और कहा कि हमारे मरीज को रेफर कर दीजिए। पहले तो उन्होंने हमारे साथ अभद्रता की। उन्होंने रेफर करने में घंटे लगाए। इस दौरान मरीज ने सुबह 9 बजे दम तोड़ दिया। परिजनों का कहना है जब तक प्रशासन और डॉक्टर मौके पर नहीं आएगा हम अस्पताल के सामने शव रखकर प्रदर्शन करेंगे। परिजनों ने स्पष्ट कहा है कि डॉक्टरों की और नर्सों की लापरवाही पर कार्रवाई होना चाहिए। इसके बाद मौके पर पुलिस प्रशासन पहुंचा। पुलिस प्रशासन ने परिजनों को समझाइस दी। इधर सिविल सर्जन और आरएमओ भी मौके पर पहुंच गए। उन्होंने पीड़ित परिजनों की पूरी बात सुनी। इसके बाद पीड़ित परिजन पीएम के लिए राजी हुए। हालांकि परिजनों का कहना है कि जब तक कलेक्टर एसडीएम मौके पर आकर नहीं मिलते तब तक हम सब का पीएम नहीं करवाएंगे। पीएम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के असली कारणों का खुलासा हो सकेगा। गांव में उल्टी दस्त का प्रकोप अमरवाड़ा के ग्राम रजोला में 10 दिन पूर्व दूषित पानी पीने से 200 से अधिक ग्रामीण उल्टी दस्त का शिकार हुए थे इसके बाद मौके पर प्रशासन और स्वास्थ्य अमला पहुंचा था। स्वास्थ्य अमले ने इलाज कर खाना पूर्ति कर दी। धनराज चंद्रवंशी का आरोप है कि गांव में आज भी उल्टी दस्त का प्रकोप है प्रशासन ने कोई इलाज नहीं करवाया है और हमारी जो मरीज की मौत हुई है वह उल्टी दस्त के कारण हुई है।

क्रिकेट सिटी में कलंक! विदेशी महिला खिलाड़ियों के साथ बदसलूकी से सन्न हुआ इंदौर

इंदौर जिस इंदौर की पहचान मां अहिल्या की नगरी के रूप में होती है, जिस शहर की पहचान देश स्वच्छता के कारण हो, उस शहर पर अकील खान नाम के मनचले की हरकतों बदनामी के छींटे डाल दिए। इंदौर की सराफा चौपाटी पर आधी रात को महिलाएं बिना किसी संकोच के पारंपरिक भोजन का स्वाद लेने पहुंचती हों, वहां दिनदहाड़े आस्ट्रेलियाई महिला क्रिकेटरों से छेड़छाड़ से पूर्व अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी सहित पूरा शहर स्तब्ध है। उनमें घटनाक्रम को लेकर रोश भी है। भारतीय टीम की पूर्व कप्तान और मप्र क्रिकेट संगठन की प्रबंधकारिणी सदस्य संध्या अग्रवाल दुखी हैं। कहती हैं, इंदौर बहुत शालीन शहर है। देश-दुनिया में इसका बड़ा नाम है। यहां सफलता के साथ सभी मैचों का आयोजन हुआ। खिलाड़ियों ने प्रशंसा की, लेकिन एक घटना ने नाम खराब किया। एक व्यक्ति की हरकत ने शहर का नाम बदनाम किया।   यह भी गौर किया जाना चाहिए कि क्या दोनों खिलाड़ियों ने सुरक्षा प्रोटोकाल का पालन किया था और वे टीम प्रबंधन या सुरक्षा अधिकारी को जानकारी देकर गई थीं। पूर्व अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर बिंदेश्वरी गोयल ने कहा- इंदौर की पहचान महिला सशक्तीकरण के लिए होती है। मां अहिल्या ने यहीं पर पहली बार महिला सेना का गठन किया था। यह बहुत दुखद घटना है। इंदौर में ऐसा कभी नहीं हुआ। इससे खिलाड़ियों के मन में शहर की खराब छवि बनती है, जबकि हमारा इंदौर ऐसा नहीं है। एक व्यक्ति की हरकत से पूरे शहर के बारे में धारणा नहीं बनना चाहिए। घटना की आलोचना होनी चाहिए पूर्व अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर चित्रा बाजपेयी कहती हैं, इंदौर महिलाओं के लिए सुरक्षित शहर है। ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों के साथ हुई घटना दुखद है और इसकी आलोचना होना चाहिए। एक मनचले की हरकत ने सभी को स्तब्ध किया है। इस घटना ने हमें सोचने पर विवश किया है कि महिलाओं के प्रति सम्मान का भाव जगाना जरूरी है। इंदौर में सिर्फ महिला क्रिकेटर ही नहीं, विभिन्न खेलों की राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय महिला खिलाड़ी भी आस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों के साथ हुए व्यवहार से आहत हैं। हॉट स्पॉट पर हुई छेड़छाड़ की घटना घटना रोबोट चौराहे से थोड़ी दूर की है। इस स्थान को पुलिस ने हॉट स्पॉट के रूप में घोषित किया था। सब्जी मंडी के पास तो खजराना पुलिस चेकिंग अभियान भी चला चुकी है। विदेशी खिलाड़ियों के आगमन के बाद भी पुलिस की अनुपस्थिति निगरानी सिस्टम पर सवाल खड़े कर रही है। डीसीपी जोन-2 अमरेंद्र सिंह के अनुसार आरोपित से पूछताछ की जा रही है। जवानों के भरोसे ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी इंटेलिजेंस एडीसीपी प्रमोद सोनकर ने 17 अक्टूबर को ड्यूटी चार्ट तैयार करवाया था। इसमें विजय नगर एसीपी आदित्य पटले को पर्यवेक्षण अधिकारी बनाया गया था। पटले का स्थानांतरण हो चुका है। उनके स्थान पर राजकुमार सराफ प्रभारी एसीपी हैं। रेडिसन ब्लू होटल में खिलाड़ियों की सुरक्षा के लिए दोपहर दो बजे से रात दस बजे तक एएसआई आरएस मावई, प्रधान आरक्षक शीतलराव और महिला आरक्षक आयुषी की ड्यूटी लगाई गई थी। दूसरी शिफ्ट में एएसआई किशोर खेड़ेकर और आरक्षक प्रमोद व अर्पिता की ड्यूटी लगाई गई थी। रेडिसन ब्लू होटल विजयनगर थाना अंतर्गत आता है। थाना प्रभारी चंद्रकांत पटेल ने विदेशी खिलाड़ियों की सुरक्षा में गंभीरता नहीं दिखाई। सेल्फी लेने के बहाने छेड़छाड़ पुलिस सूत्रों ने बताया अकील ने आस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों के साथ सेल्फी लेने के बहाने छेड़छाड़ की है। हालांकि खिलाड़ियों ने कथनों में इससे इन्कार किया है। पुलिस का दावा है कि आरोपित ने एक खिलाड़ी के साथ हरकत की थी। पुलिस ने घटना के सीसीटीवी फुटेज भी ले लिए हैं।  

तीन ट्रैक्टर थाने में, अवैध रेत का मामला तूल पकड़ता ही दबंगों ने छीना!

छतरपुर रेत से भरे तीन ट्रैक्टरों को पकड़े जाने के बाद उनको थाने में रखवा दिया गया था लेकिन बाद में दबंग आए और ट्रैक्टरों को ले गए। प्रशासन की कार्रवाई पर दबंगों के भारी पड़ने के बाद कलेक्टर ने मामले को गंभीरता से ले लिया है और ट्रैक्टर छोड़े जाने के मामले में एसडीएम अखिल राठौर को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। इधर जिन ट्रैक्टरों को दबंग थाने से ले गए थे उनमें दो यादवों और एक तिवारी का ट्रैक्टर बताया गया है। बताया गया है जब मामले को गंभीरता से लिया गया और कलेक्टर के नोटिस के बाद फिर से तीन और ट्रैक्टरों को पकड़ लिया गया है और थाने में रखवा दिया गया है। कलेक्टर ने एसडीएम को कारण बताओ नोटिस जारी कर तत्काल रूप से लिखित स्पष्टीकरण मांगा है।   साथ ही अपर कलेक्टर की अध्यक्षता में जांच टीम गठित कर पूरे मामले की रिपोर्ट मांगी है। प्रशासन की कार्रवाई के बाद ट्रैक्टरों को छुड़ा ले जाने का या कोई पहला मामला नहीं इससे पहले भी दो बार पुलिस और माइनिंग की कार्रवाई के दौरान दबंग भारी पड़े और ट्रैक्टरों को छुड़ाकर ले गए थे लेकिन यह मामला इसलिए और गंभीर हो जाता है कि जिन ट्रैक्टरों को पकड़ा गया और थाने में रखवा दिया गया उनको नेताओं के दबाव में जाकर छोड़ दिया गया। अब इस मामले को लोगों ने सोशल मीडिया पर ट्रोल करना शुरू कर दिया है लोगों का कहना है कि प्रशासनिक व्यवस्था पर दबंग भारी पड़ रहे हैं। कलेक्टर द्वारा गठित विशेष टीम इस मामले की जांच कर रही है। इस संबंध में एसडीएम अखिल राठौर का कहना है कि तीन ट्रैक्टरों को पकड़ा गया है और उनको थाने में रखवा दिया गया है। दोषियों पर इसमें कार्रवाई की जाएगी। इधर मामले को लेकर सिविल लाइन थाना प्रभारी सतीश सिंह का कहना है कि यह माइनिंग और राजस्व अधिकारियों की करवाई है इस संबंध में वही जवाब दे सकते हैं।

मैहर के 12 लोग बंधुआ मजदूरी के जाल से बचाए गए, अब घर में खुशहाल जीवन

मैहर महाराष्ट्र राज्य के जालना जिले में एक महीने से फंसे मैहर जिले के 12 मजदूरों को सुरक्षित उनके घर वापसी कराई गई। घर से काम की तलाश में निकले 12 मजदूर महाराष्ट्र के जालना जिले में बंधुआ मजूदर के रूप में बंधक बना लिए गए थे। जिनकी कलेक्टर रानी बाटड के निर्देशन में श्रम विभाग और पुलिस की तत्पर कार्रवाई से राहतभरी वापसी संभव हो सकी। मजदूरों की वापसी पर उनके परिवारों की आंखें खुशी से छलक उठीं दीपावली में जैसे घर में फिर से उजाला लौट आया। मैहर प्रशासन की तत्परता और समन्वय से न केवल 12 परिवारों के दीप जल उठे, बल्कि यह संदेश भी गया कि किसी भी नागरिक की सुरक्षा से समझौता नहीं किया जाएगा। 12 अगस्त को निकले थे घर से जिला प्रशासन से प्राप्त जानकारी के अनुसार, मैहर के कोठी क्षेत्र के ये 12 मजदूर अगस्त माह में काम की तलाश में महाराष्ट्र के जालना जिले पहुंचे थे। वहां सुखापुड़ी गांव के एक व्यक्ति आबा ने उन्हें संतरे तोड़ने का काम दिया। शुरू में सब कुछ सामान्य रहा, परंतु दीपावली के पहले जब मजदूरों ने घर लौटने की इच्छा जताई तो उन्हें रोक दिया गया। मजदूरों के अनुसार, आबा ने कहा कि संतरे के बाद गन्ना काटने के बाद ही वापस जा सकते हो। विरोध करने पर उन्हें धमकाया गया और उन पर कड़ी निगरानी रखी जाने लगी। भय के माहौल में मजदूरों ने छिपकर अपने घरवालों को पूरी जानकारी दी। स्वजनों को दी सूचना तब मिली मदद मजदूरों द्वारा जब अपने स्वजनों को इस बात कि सूचना दी तब उनके स्वजनों ने इन बात कि जानकारी कलेटर को दी। जिस पर कलेक्टर रानी बाटड ने तत्काल श्रम निरीक्षक नरेश पटेल और पुलिस टीम को महाराष्ट्र प्रशासन से संपर्क करने के निर्देश दिए। दोनों राज्यों की सयुक्त कार्रवाई से मिली मुक्ति दोनों राज्यों की संयुक्त कार्रवाई के बाद मजदूरों को सुरक्षित छुड़ाया गया। सभी श्रमिक ट्रेन से इटारसी होते हुए मैहर पहुंचे, जहां श्रम निरीक्षक ने उनका स्वागत किया और पूरी घटना की रिपोर्ट तैयार की। श्रम निरीक्षक नरेश पटेल ने बताया कि सभी मजदूर फिलहाल सुरक्षित हैं और उनके बयान दर्ज किए जा रहे हैं। पुलिस अब इस पूरे मामले की विस्तृत जांच में जुटी है, ताकि भविष्य में इस तरह के मानव शोषण की घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सके।

रिनिया गांव में हत्या के बाद बवाल, गुस्साए परिजनों ने आरोपी के घर में की तोड़फोड़, कार फूंकी

भिंड भिंड जिले के दबोह थाना क्षेत्र के ग्राम रिनिया में शनिवार शाम लगभग 7 बजे पैसों के लेन-देन को लेकर दो पक्षों में विवाद इतना बढ़ गया कि मामला खूनी संघर्ष में बदल गया। आरोप है कि रणवीर कौरव, अंशु कौरव, प्रहलाद कौरव, राजीव कौरव और कुंवर सिंह कौरव (सभी निवासी रिनिया) ने लाठी-डंडों और सरियों से हमला कर दिया। इस हमले में 35 वर्षीय अली उर्फ रुद्र जाटव पुत्र रामलाल जाटव निवासी रिनिया और उसका मामा गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद आक्रोशित युवक के परिजनों ने आरोपी के घर में तोड़फोड़ कर बाहर रखी कार में आग लगा दी। इससे गांव में तनाव की स्थिति बनी हुई है।   घटना के बाद स्वजन दोनों घायलों को निजी वाहन से इलाज के लिए ग्वालियर ले जा रहे थे, लेकिन रास्ते में अली की मौत हो गई। मामा की हालत गंभीर बताई जा रही है, जिसका इलाज ग्वालियर में जारी है। मामा को घटना का मुख्य चश्मदीद बताया जा रहा है। रविवार सुबह मृतक के परिजन शव को लेकर थाना दबोह पहुंचे, जहां पुलिस ने बीएनएस व एस/एसटी एक्ट की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच प्रारंभ कर दी है। रविवार सुबह एएसपी संजीव पाठक ने घटना स्थल का निरीक्षण किया। एएसपी पाठक ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेजा गया है तथा आरोपियों की तलाश की जा रही है। फिलहाल क्षेत्र में कानून व्यवस्था सामान्य बनी हुई है।  

नेटवर्क न होने पर शिक्षक ने पेड़ पर चढ़कर लगाई ई-अटेंडेंस, देखिए अनोखा तरीका

अगार मालवा  मध्यप्रदेश के आगर-मालवा जिले से हैरान करने वाली तस्वीर सामने आई है। जहां शिक्षकों की ई-अटेंडेंस लगाने के लिए पेड़ पर चढ़ना पड़ रहा है। मोबाइल नेटवर्क न होने की वजह से रोजाना परेशानियों का सामना करना पड़ता है। जिससे अटेडेंस प्रभावित हो रही है। दरअसल, सरकार ने शिक्षकों को ई-अटेंडेंस अनिवार्य कर दिया है। जिससे बड़ौद और उसके आसपास के गांवों मे नेटवर्क की समस्या आ रही है। नेटवर्क नहीं मिलने से ऐप ठीक तरह से काम नहीं करता। जिसके लिए कई बार शिक्षकों को पेड़ पर चढ़कर तो कई बार छतों पर चढ़कर ई-अटेंडेंस लगानी पड़ती है। ताकि वह अपनी उपस्थिति दर्ज कर सकें। नेटवर्क के कारण आ रही समस्याएं शिक्षकों ने बताया कि स्कूल परिसर में होने के बावजूद भी ऐप में लोकेशन दूसरी दिखती है। नेटवर्क भी नहीं आता, जिसके कारण अलग-अलग लोकेशन दिखाई देती है। कभी-कभी तो अटेंडेंस भी दर्ज नहीं हो पाती। जिससे विभागीय पोर्टल पर अनुपस्थित दिखाई देता है। ग्रामीण इलाकों में नेटवर्क बड़ी चुनौती ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी मोबाइल नेटवर्क की समस्या लोगों के लिए बड़ी परेशानी बनी हुई है। कई गांवों में कमजोर सिग्नल के कारण लोग डिजिटल दुनिया से वंचित हैं। शिक्षकों को ई-अटेंडेंस, ऑनलाइन पढ़ाई, डिजिटल भुगतान और सरकारी योजनाओं से जुड़ी सेवाओं में दिक्कतें आ रही हैं।