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आदि कर्मयोगी अभियान के उत्कृष्ट क्रियान्वयन में मप्र का देश में उत्कृष्ट प्रदर्शन

राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु 17 अक्टूबर को करेंगी मध्यप्रदेश को सम्मानित भोपाल  मध्यप्रदेश को आदि कर्मयोगी अभियान के क्रियान्वयन में देश में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रथम पांच राज्यों में स्थान मिला है। राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु 17 अक्टूबर को नई दिल्ली में आदि कर्मयोगी अभियान पर आयोजित राष्ट्रीय कॉन्क्लेव में मध्यप्रदेश को सम्मानित करेंगी। प्रमुख सचिव जनजाति कार्य श्री गुलशन बामरा राज्य स्तरीय पुरस्कार ग्रहण करेंगे। वे जनजातीय समुदाय के सामाजिक और आर्थिक उत्थान के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में किए जा रहे प्रयासों पर प्रस्तुति भी देंगे। पीएम जनमन में शिवपुरी को उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया जायेगा। आदि कर्मयोगी अभियान में देश स्तरीय उत्कृष्ट जिलों में मध्यप्रदेश के बैतूल जिले को सम्मानित किया जाएगा। प्रदेश की उत्कृष्ट मास्टर ट्रेनर श्रेणी में सहायक शोध अधिकारी श्रीमती सारिका धौलपुरिया सम्मानित होंगी। आदि कर्मयोगी अभियान में अन्य उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले जिलों में बैतूल , धार, पूर्वी निमाड़ और बड़वानी का भी विशेष उल्लेख होगा। संबंधित जिलों के कलेक्टर विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे। राज्य स्तरीय सुपर कोच और मास्टर ट्रेनर के रूप में प्रदेश के उपायुक्त आदिवासी विकास श्री जेपी यादव को सम्मानित किया जाएगा। एकीकृत जनजातीय विकास एजेंसियों बड़वानी, बैतूल और शिवपुरी को उल्लेखनीय गतिविधियों के क्रियान्वयन के लिए सम्मानित किया जाएगा। धरती आबा जन भागीदारी अभियान में गुना, बुरहानपुर और विदिशा को उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया जाएगा। एकीकृत आदिवासी विकास एजेंसी गुना और एकीकृत आदिवासी विकास एजेंसी विदिशा को उत्कृष्टतम प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि आदि कर्मयोगी अभियान में 14 हजार गांवों के विलेज एक्शन प्लान बन चुके हैं। ग्राम सभा से इनका अनुमोदन कराया गया है। इन गांवों में 13 हजार से ज्यादा आदि सेवा केंद्र स्थापित हो चुके हैं। आधार कार्ड, आयुष्मान कार्ड, पीएम किसान, जन धन, जाति प्रमाण पत्र, किसान क्रेडिट कार्ड, राशन कार्ड जैसे आवश्यक दस्तावेज जारी किए गए है। पीएम जनमन योजना के अंतर्गत हितग्राही मूलक योजनाओं के क्रियान्वयन में मध्यप्रदेश में उत्कृष्ट कार्य हुआ है। आधार कार्ड, जनधन बैंक खाता, आयुष्मान कार्ड, जाति प्रमाण पत्र, किसान क्रेडिट कार्ड, पीएम किसान सम्मान निधि और राशन कार्ड जैसे दस्तावेज उपलब्ध कराने में 100% उपलब्धि हासिल की है। आयुष्मान कार्ड जारी करने में शिवपुऱी, मैहर, रायसेन, कटनी और भिंड ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। लंबित जाति प्रमाण पत्र जारी करने में जबलपुर, रायसेन और सिवनी ने अच्छा प्रदर्शन किया है। अधोसंरचनात्मक कार्य जैसे हॉस्टल निर्माण, सड़क निर्माण, आंगनवाड़ी भवन निर्माण, मल्टीपरपज सेंटर निर्माण तेजी से जारी है। राज्य में राज्य स्तरीय 12 मास्टर ट्रेनर, जिला स्तरीय 287 मास्टर ट्रेनर तैयार किए गए जबकि विकासखंड स्तर पर 12 हजार मास्टर ट्रेनर तैयार किए गए हैं। इसके अलावा संकुल स्तर पर 18150 मास्टर ट्रेनर तैयार किए गए हैं। जनजाति कार्यों के क्रियान्वयन में सहयोग के लिए 1 लाख 41 हजार से ज्यादा आदि सहयोगी तैयार किए गए हैं जिसमें आम नागरिक, युवा और सामाजिक कार्यकर्ता शामिल है। साथ ही एक लाख 92 हजार आदि साथी भी सहयोग कर रहे हैं जिनमें जनजाति समाज के नेतृत्व करने वाला समुदाय शामिल है। उल्लेखनीय है कि भारत सरकार के जनजाति कार्य मंत्रालय द्वारा आदि कर्मयोगी अभियान जनजाति समुदायों के सामाजिक आर्थिक विकास को गति देने के लिए प्रारंभ किया गया। इसका उद्देश्य जनजाति क्षेत्र में ग्राम स्तर पर नेतृत्व क्षमता का विकास करना, योजनाओं का प्रभावी अमल सुनिश्चित करना और शासन को और ज्यादा जवाबदेह बनाना है। यह अभियान सेवा, संकल्प और समर्पण जैसे मूल्यों पर आधारित है जो जनजातीय समाज को आत्मनिर्भर जागरूक और सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।  

यात्रियों से टिकिट की नियत राशि से ज्यादा वसूलने वाली बसों पर हो सख्त कार्रवाई : परिवहन मंत्री सिंह

वीडियो कॉन्फ्रेंस से परिवहन अमले को दिये गये निर्देश भोपाल परिवहन एवं स्कूल शिक्षा मंत्री श्री उदय प्रताप सिंह ने विभागीय अमले को दीपावली त्यौहार को देखते हुए बसों से यात्रियों से नियत टिकिट की राशि से अधिक वसूली करने वाले बस मालिकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिये हैं। उन्होंने परिवहन विभाग के अमले को सभी आवश्यक मानकों का पालन सुनिश्चित करने के लिये भी कहा है। परिवहन मंत्री श्री सिंह गुरुवार को भोपाल में परिवहन विभाग के अधिकारियों की बैठक को संबोधित कर रहे थे। बैठक में सचिव परिवहन श्री मनीष सिंह और आयुक्त परिवहन श्री विवेक शर्मा भी मौजूद थे। मंत्री द्वारा दिये गये निर्देश     बसों की जाँच के दौरान परिवहन जाँच स्टॉफ वर्दी में हों। बॉडीवार्न कैमरे का इस्तेमाल किया जाये। समस्त क्षेत्रीय, अतिरिक्त क्षेत्रीय और जिला परिवहन अधिकारी उनके जिले में स्थापित एटीएस (ऑटोमेटिक टेस्टिंग स्टेशन) की नियमित जाँच करना सुनिश्चित करें।     बिना वैध बीमा, ओवरलोडिंग, ओवर स्पीडिंग बस पाए जाने पर उन्हें जारी किये गये परमिट की जाँच हो। स्टेज कैरिज वाहनों में लायसेंस प्राप्त कंडक्टर हो।     स्लीपर कोच में प्रवेश एवं निर्गम निर्धारित मापदण्ड के अनुसार हो। स्लीपर कोच में निर्धारित ले-आउट के अनुसार स्लीपर लगे हों, यह सुनिश्चित हो।     अमले को यह निर्देश दिये गये हैं कि लोक सेवा वाहन में ज्वलनशील पदार्थ का परिवहन न किया जाये। समस्त बसों में पोर्टेबल अग्निशमन यंत्र हों। प्रत्येक बस में प्राथमिक चिकित्सा के उपकरण अनिवार्य रूप से हों।     आल इण्डिया टूरिस्ट परमिट एवं अन्य बसों द्वारा परमिट शर्तों का उल्लंघन करने पर हो सख्त कार्यवाही। बीमा नवीनीकरण और वाहन पंजीकरण की जाँच हो। प्रदेश के सभी वाहनों में हाई सिक्यूरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट हो, यह सुनिश्चित किया जाये। वाहन पोर्टल पर माइग्रेट होने के पूर्व जिन वाहनों का मोटर कर और पैनाल्टी की राशि दर्ज न हो, ऐसे प्रकरण का निराकरण 15 दिवस में हो। दो पहिया वाहनों पर चालक हेलमेट पहने, यह सुनिश्चित हो। हेलमेट उपयोग के लिये निरंतर जागरूकता अभियान चलाया जाए।  

राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 पर भोपाल संभाग की कार्यशाला 17 को

सरोजिनी नायडू शासकीय कन्या स्नातकोत्तर स्वशासी महाविद्यालय भोपाल में होगी कार्यशाला भोपाल, सीहोर, रायसेन, विदिशा और राजगढ़ जिले के अंतर्गत आने वाले महाविद्यालय होंगे शामिल भोपाल  राष्ट्रीय शिक्षा नीति -2020 के प्रभावी क्रियान्यन लेकर भोपाल संभाग की संभागीय कार्यशाला 17 अक्टूबर 2025 को होगी। यह कार्यशाला सरोजिनी नायडू, शासकीय कन्या स्नातकोत्तर स्वशासी (नूतन) महाविद्यालय, भोपाल में होगी। इसमें भोपाल, सीहोर, रायसेन, विदिशा और राजगढ़ जिले के अंतर्गत आने वाले महाविद्यालय शामिल होंगे। विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी श्री धीरेंद्र शुक्ला ने बताया कि आयुक्त उच्च शिक्षा विभाग श्री प्रबल सिपाहा द्वारा कार्यशाला का शुभारंभ किया जाएगा। कार्यशाला में भोपाल संभाग के 63 महाविद्यालयों के प्राचार्य, राष्ट्रीय शिक्षा नीति के नोडल अधिकारी, स्वयं पोर्टल एवं अकादमिक बैंक ऑफ क्रेडिट के नोडल अधिकारी तथा भोपाल शहर के शासकीय महाविद्यालय के प्रत्येक कक्षा के शिक्षा मित्र बालक-बालिका सहित करीब 350 लोग शामिल होंगे। उन्होंने बताया कि कार्यशाला के दौरान विषय विशेषज्ञों द्वारा प्रस्तुतिकरण, जिज्ञासाओं के समाधान को लेकर चर्चा की जाएगी। इसके साथ ही एईडीपी एवं कृषि पाठ्यक्रम तथा एआई सर्टिफिकेट कोर्स सहित स्वयं पोर्टल, अपार आईडी के बारे में चर्चा की जाएगी। कार्यशाला सुबह 10.30 बजे से शुरू होगी।  

फॉलन आउट अतिथि विद्वानों को हर माह दो बार मिले स्थान चयन का अवसर : उच्च शिक्षा मंत्री परमार

उच्च शिक्षा मंत्री ने की विभागीय समीक्षा भोपाल  उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री श्री इन्दर सिंह परमार ने गुरुवार को मंत्रालय में उच्च शिक्षा विभाग की बैठक विभागीय गतिविधियों एवं कार्यों के क्रियान्वयन की समीक्षा की। बैठक में उच्च शिक्षा मंत्री श्री परमार ने विभिन्न विभागीय विषयों पर विस्तृत चर्चा कर, आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने उच्च शिक्षा परिषद् की बैठक का आयोजन शीघ्र सुनिश्चित करने को कहा। मंत्री श्री परमार ने नियमित भर्तियों एवं स्थानांतरण की वजह से फॉलन आउट अतिथि विद्वानों को प्रत्येक माह में दो बार स्थान चयन के लिए अवसर प्रदान किए जाने एवं रिक्त पदों की जानकारी पोर्टल पर अद्यतन किए जाने के निर्देश भी दिए। बैठक में लोक सेवा आयोग द्वारा भर्तियां, वरिष्ठता सूची, विभागीय पोर्टल एवं स्वीकृत पदों के युक्तियुक्तकरण सहित अन्य विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई। अपर मुख्य सचिव उच्च शिक्षा श्री अनुपम राजन एवं आयुक्त उच्च शिक्षा श्री प्रबल सिपाहा सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।  

विभिन्न राज्यों के अफसरों ने देखा इंदौर का स्मार्ट मीटरीकरण

भोपाल मप्र पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी इंदौर के प्रबंध निदेशक श्री अनूप कुमार सिंह के मार्गदर्शन में स्मार्ट मीटर परियोजना का प्रभावी संचालन किया जा रहा हैं। इसी क्रम में आरडीएसएस अंतर्गत पावर फायनेंस कार्पोरेशन ऊर्जा मंत्रालय भारत सरकार के सहयोग से भारतीय प्रबंध संस्थान इंदौर में क्षमता वृद्धि की ट्रेनिंग ले रहे बिजली अधिकारी गुरुवार दोपहर पोलोग्राउंड इंदौर स्थित स्मार्ट मीटर मास्टर कंट्रोल सेंटर पहुंचे। श्री के लिंगामूर्ति, श्री एम मूर्ति कुमार, श्री एस विजय प्रताप, श्री जीडी वासनिक समेत अन्य अधिकारियों का स्वागत स्मार्ट मीटर परियोजना निदेशक श्री संजय जैन, अधीक्षण यंत्री श्रीमती कीर्ति सिंह ने किया। विभिन्न राज्यों के अधिकारियों ने स्मार्ट मीटर परियोजना के संबंध में मीटरीकरण, बिलिंग, पावर फैक्टर छूट, टीओड़ी छूट, सौर ऊर्जा के लिए पृथक मीटर की जरूरत नहीं होने, सटीक बिलिंग, त्रुटिरहित बिलिंग, मोबाइल एप पर खपत का ताजा ब्यौरा इत्यादि की जानकारी प्राप्त की। कंट्रोल सेंटर प्रभारी श्री नवीन गुप्ता ने दल के सदस्यों के स्मार्ट मीटर संबंधी प्रश्नों के उत्तर देकर जिज्ञासाओं का समाधान किया। दल को बताया गया कि सतत स्मार्ट मीटरीकरण किया जा रहा है, वर्तमान में करीब 13.24 लाख स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं और कुछ शहर शत प्रतिशत स्मार्ट मीटरीकृत घोषित कर दिए गए हैं।  

खान मंत्रालय ने राज्य खनन तत्परता सूचकांक और राज्य रैंकिंग की जारी

भोपाल  मध्यप्रदेश ने एक बार फिर खनन क्षेत्र में अपनी नेतृत्व क्षमता को सिद्ध करते हुए देश में प्रथम स्थान प्राप्त किया। केन्द्रीय खान मंत्रालय द्वारा गुरुवार को राज्य खनन तत्परता सूचकांक और राज्य रैंकिंग जारी की गई है। यह उपलब्धि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के दूरदर्शी नेतृत्व और खनन क्षेत्र को उत्तरदायी एवं औद्योगिक विकास का केन्द्र बनाने की उनकी प्राथमिकता का परिणाम है। राज्य सरकार द्वारा खनन क्षेत्र में किये गये सुधार, आधुनिकीकरण और सतत विकास के प्रयासों की बड़ी सफलता को दर्शाती है। एसएमआरआई के अंतर्गत राज्यों को उनके खनिज भण्डार के आधार पर तीन श्रेणियों में वर्गीकृत किया गया है। श्रेणी-ए में शीर्ष तीन स्थान प्राप्त करने वाले राज्यों में मध्यप्रदेश, राजस्थान और गुजरात शामिल हैं। श्रेणी-बी में गोवा, उत्तर प्रदेश और असम शीर्ष तीन स्थान पर है और श्रेणी-सी में पंजाब, उत्तराखण्ड और त्रिपुरा शीर्ष तीन स्थान पर है। उल्लेखनीय है कि मध्यप्रदेश खनिज नीलामी के क्षेत्र में देश में अग्रणी राज्य बनकर उभरा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में राज्य ने बड़े पैमाने पर खनिज ब्लॉकों की नीलामी कर देश में पहला स्थान प्राप्त किया था। हाल ही में क्रिटिकल मिनरल्स की नीलामी में केंद्र सरकार की नीति को लागू करने में मध्यप्रदेश ने देश का पहला राज्य बनने का गौरव भी हासिल किया है। खनिज ब्लॉकों की सर्वाधिक नीलामी के लिए मध्यप्रदेश को भारत सरकार ने सम्मानित भी किया है। मध्यप्रदेश खनन और खनिज संसाधनों के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण केन्द्र के रूप में उभरा है। खनिजों की प्रचुरता और राज्य सरकार की निवेश अनुकूल नीतियों के कारण मध्यप्रदेश देश की औद्योगिक प्रगति में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। खनन क्षेत्र में प्रदेश की उपलब्धियों से राज्य की अर्थव्यवस्था मजबूत हो रही है। केन्द्रीय खान मंत्रालय द्वारा खनन क्षेत्र में राज्य स्तर पर सुधारों को प्रोत्साहित करने के लिये राज्य खनन तत्परता सूचकांक और राज्य रैंकिंग जारी की गई है। सूचकांक जारी करने की घोषणा केन्द्रीय बजट 2025-26 में की गई थी। राज्यों के खनन क्षेत्र में तैयारियों और प्रदर्शन का मूल्यांकन किया गया है। इसमें नीलामी, खनन पट्टों का शीघ्र संचालन, अन्वेषण और सतत खनन जैसे प्रमुख मानकों के आधार पर राज्य रैंकिंग निर्धारित की गयी है।  

प्रधानमंत्री मोदी और गृहमंत्री शाह के नेतृत्व में लागू की गई रणनीति से वामपंथी उग्रवाद समाप्ति की ओर : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

नक्सलियों द्वारा हथियार त्याग कर मुख्यधारा में लौटने की घटना ऐतिहासिक दो दिन में छत्तीसगढ़ में 170 और महाराष्ट्र में 61 सहित देश में कुल 258 वामपंथी उग्रवादियों के आत्मसमर्पण की उपलब्धि भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन और गृहमंत्री श्री अमित शाह के नेतृत्व में लागू की गई रणनीति से वामपंथी उग्रवाद समाप्ति की ओर है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केन्द्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह द्वारा सोशल मीडिया पर छत्तीसगढ़ में गुरूवार को और महाराष्ट्र में बुधवार को नक्सलियों के आत्मसमर्पण के संबंध में दी गई जानकारी पर प्रतिक्रिया व्यक्त की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि छत्तीसगढ़ में 170 और महाराष्ट्र में बुधवार को 61 नक्सलियों ने हथियार त्याग कर मुख्यधारा में लौटने का कार्य किया है। यह घटना एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि हिंसा छोड़कर आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटने वालों का सदैव स्वागत है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारे सुरक्षा बल नक्सलवाद के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने में तत्पर रहते हैं। उल्लेखनीय है कि गत दो दिवस में 258 वामपंथी उग्रवादियों ने हिंसा का रास्ता छोड़ा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी और केन्द्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के नेतृत्व में सरकार की निरंतर कोशिशों का ही यह परिणाम है कि देश में नक्सलवाद दम तोड़ रहा है। नक्सलियों के विरुद्ध हमारी नीति स्पष्ट है, जो हिंसा त्यागना चाहते हैं उनका स्वागत है। लेकिन जो लोग हथियार उठाए रहेंगे, उन्हें हमारी सुरक्षा बलों की कठोर कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सभी नक्सलियों से मेरी अपील है कि वे अपने हथियार त्याग दें और मुख्यधारा में लौट आएं।  

प्रधानमंत्री मोदी की मौजूदगी में भोपाल की बेटियाँ देंगी बैंड की प्रस्तुति

स्टैच्यू ऑफ यूनिटी परिसर में होगी प्रस्तुति भोपाल  भोपाल की बेटियाँ राष्ट्रीय एकता दिवस 31 अक्टूबर 2025 को गुजरात के एकता नगर (स्टैच्यू ऑफ यूनिटी) परिसर में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की मौजूदगी में आयोजित होने वाले कार्यक्रम में मध्यप्रदेश का मान बढ़ाएंगी। स्कूल ​शिक्षा विभाग द्वारा आयोजित बैंड प्रतियोगिता में सेंट जोसेफ कॉन्वेंट ईदगाह हिल्स स्कूल भोपाल की बालिका टीम ने राज्य में प्रथम स्थान हासिल कर राष्ट्रीय स्तर पर मध्यप्रदेश का प्रतिनि​धित्व करते हुए देश में दूसरा स्थान हासिल किया था। उसी टीम को केन्द्रीय गृह मंत्रालय ने स्टैच्यू ऑफ यूनिटी परिसर में 31 अक्टूबर को होने वाले कार्यक्रम में प्रस्तुति देने के लिए चुना है। गृह मंत्रालय ने राष्ट्रीय बैंड प्रतियोगिता में शामिल दो टीमों को आमंत्रित किया है। बालिका वर्ग में द्वितीय स्थान हासिल करने वाले भोपाल के सेंट जोसेफ कॉन्वेंट स्कूल और बालक वर्ग में देश में पहला स्थान हासिल करने वाली राजस्थान की टीम शामिल है। यह दोनों टीमें संयुक्त रूप से प्रधानमंत्री श्री मोदी और केन्द्रीय गृह मंत्री श्री शाह की मौजूदगी में होने वाले कार्यक्रम में अपनी प्रस्तुति देंगी। यह कार्यक्रम लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल के 150वीं जयंती के अवसर पर आयोजित किया जा रहा है। कार्यक्रम में प्रदेश की बैंड टीम राज्य पुलिस बल, सीमा सुरक्षा बल, अन्य सुरक्षा बल और एनसीसी की टीमों के साथ मंच साझा करेगी। बैंड में शामिल 30 बालिकाओं की टीम उनके प्र​शिक्षक श्री रसिक नागर पांडेय के साथ 23 अक्टूबर को गुजरात के लिए प्रस्थान करेगी। श्री पांडेय ने बताया कि कार्यक्रम में बैंड टीम द्वारा हिन्दी, गुजराती, अंग्रेजी, स्पेनिश और जर्मन धुनें प्रस्तुत की जाएंगी। स्कूल की प्राचार्य सिस्टर लिली ने बताया कि बैंड की टीम पिछले 15 दिन से इस गौरवपूर्ण कार्यक्रम के लिए तैयारी कर रही है। इस कार्यक्रम में ​शामिल होना हमारे स्कूल, भोपाल और पूरे मध्यप्रदेश के लिए गौरव की बात है।  

लोकल फॉर वोकल को बढ़ावा देने खाद्य मंत्री सपरिवार खरीदी करने पहुंचे बाजार

अपना त्योहार, अपनों के हाथों से बनी वस्तुएं खरीद कर मनाये : गोविंद सिंह राजपूत  भोपाल  स्थानीय दुकानदारों, हस्तशिलपियों एवं लोकल फाॅर, वोकल को बढ़ावा देने के लिए दीपावली के अवसर पर खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने परिवार सहित कटरा बाजार सागर पहुंचकर खरीदारी की । स्थानीय दुकानदारों से बातचीत करते हुए श्री राजपूत ने शहरवासियों से भी अपील करते हुए कहा कि अपना त्यौहार अपने के हांथों से बनी वस्तुओं को खरीदकर मनायें ताकि हर घर में दीवाली की खुशियां पहुंच सकें। यह सभी व्यापारी आपके द्वारा खरीदी गये साज-सामग्री से प्रोत्साहित होते हैं, उनके घर भी त्यौहार की खुशियां पहुंचती हैं। मंत्री गोविंद सिंह राजपूत एवं उनकी पत्नी पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती सविता सिंह ने बाजार से मिट्टी के दीपक तथा अन्य पूजा सामग्री खरीदी। त्योहारी सीजन में लोकल फॉर वोकल को बढ़ावा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘लोकल फॉर वोकल’ और ‘स्वदेशी अपनाओ, देश बचाओ’ अभियान को गति देने के लिए मंत्री श्री राजपूत ने इस दिवाली पर स्वदेशी वस्तुओं को बढ़ावा देने का आह्वान किया। त्योहारी सीजन में स्थानीय बाजारों में खरीदारी कर उन्होंने न केवल स्वदेशी उत्पादों को प्रोत्साहन दिया, बल्कि छोटे व्यापारियों और कारीगरों के लिए रोजगार के अवसरों को भी बल दिया। मंत्री श्री राजपूत ने कटरा बाजार का दौरा कर स्थानीय हस्तशिल्प, मिट्टी के दीये, हस्तनिर्मित वस्त्र और स्वदेशी खाद्य पदार्थों की खरीदारी की। उन्होंने कहा, स्वदेशी अपनाने से न केवल हमारी अर्थव्यवस्था मजबूत होगी, बल्कि लाखों कारीगरों, छोटे व्यापारियों और उद्यमियों को आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिलेगा।यह कदम स्थानीय उत्पादकों और विक्रेताओं के लिए आर्थिक समृद्धि का मार्ग प्रशस्त करता है। ‘लोकल फॉर वोकल’ अभियान का लक्ष्य उपभोक्ताओं को स्वदेशी उत्पादों के प्रति जागरूक करना है, जिससे विदेशी वस्तुओं पर निर्भरता कम हो। इससे न केवल देश का पैसा देश में रहेगा, बल्कि स्वरोजगार को बढ़ावा मिलेगा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था सशक्त होगी।  लोकल फाॅर वोकल के मंत्री श्री राजपूत ने बताये फायदे  मंत्री श्री राजपूत ने नागरिकों से अपील की कि वे इस दिवाली स्थानीय दुकानों से खरीदारी करें, ताकि त्योहारों की रौनक के साथ-साथ देश की आर्थिक आत्मनिर्भरता भी बढ़े। इस पहल से न केवल व्यापारियों को लाभ होगा, बल्कि सांस्कृतिक विरासत भी संरक्षित होगी। स्वदेशी अपनाकर हम एक सशक्त, आत्मनिर्भर और समृद्ध भारत का निर्माण कर सकते हैं। मंत्री राजपूत ने कहा कि लोकल फॉर वोकल से स्थानीय उत्पादों और सेवाओं को बढ़ावा मिलता है, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत होती है। लोकल फॉर वोकल से स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर मिलते हैं, जिससे उनकी आय बढ़ती है और वे अपने परिवार का पालन-पोषण कर सकते हैं। स्थानीय संस्कृति और परंपराओं का संरक्षण होता है, जिससे हमारी सांस्कृतिक विरासत बनी रहती है। लोकल फॉर वोकल से परिवहन की आवश्यकता कम होती है, जिससे ईंधन की बचत होती है और पर्यावरण प्रदूषण कम होता है। स्थानीय उत्पादों की गुणवत्ता बढ़ती है, क्योंकि उत्पादक अपने उत्पादों को अच्छी तरह से बनाने के लिए प्रेरित होते हैं। देश आत्मनिर्भर बनता है, क्योंकि हमें आयात पर निर्भर नहीं रहना पड़ता है।

डिजिटल इंडिया (भारत सरकार) के जोनल हेड अभिनव शर्मा 17 अक्टूबर को भोपाल में, नई शिक्षा नीति 2020 पर आयोजित कार्यशाला में होंगे शामिल

भोपाल  भारत सरकार की महत्वाकांक्षी योजना डिजिलॉकर, APAAR id, NAD की मध्यप्रदेश एवं अन्य राज्यों में सुचारू रूप से संचालन की  महत्वपूर्ण  जिम्मेदारी संभाल रहे  डिजिटल इंडिया के जोनल हेड अभिनव शर्मा 17 अक्टूबर को भोपाल पधार रहे है, यहां वह उच्च शिक्षा विभाग द्वारा आयोजित नई शिक्षा नीति 2020 विषय पर कार्यशाला में भाग लेंगे।