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नौकरी में अनुचित शर्त असंवैधानिक, ग्वालियर कोर्ट ने विधवा को न्याय दिलाया

ग्वालियर हाई कोर्ट की ग्वालियर पीठ ने एक शासकीय सेवक की विधवा को पारिवारिक पेंशन दिए जाने का आदेश सुनाया है। कोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि नियमित सेवा के दौरान कर्मचारी की मृत्यु होने पर विधवा को पारिवारिक पेंशन मिलनी चाहिए। दस वर्ष से कम सेवा अवधि की शर्त नहीं लगाई जा सकती है। याचिकाकर्ता कमलीबाई के पति की 1998 में सेवा के दौरान मृत्यु हो गई थी। उनकी कुल शासकीय सेवा अवधि सात साल छह माह आठ दिन थी। विभाग ने 10 साल की सेवा पूरी नहीं होने का हवाला देकर पेंशन देने से मना कर दिया था। कोर्ट ने पेंशन नियम 1976 की धारा 47 का हवाला दिया। इसके अनुसार सेवा में रहते हुए मृत्यु होने पर परिवार को पेंशन का अधिकार है।   नियम सिर्फ सेवानिवृत्ति पर लागू होता है- कोर्ट कोर्ट ने कहा कि नियम 43(2) सिर्फ सेवानिवृत्ति पर लागू होता है। सेवा में मृत्यु की स्थिति में नियम 47 लागू होगा। कोर्ट ने विभाग के दो जुलाई 2012 के आदेश को रद कर दिया है। कोर्ट ने दो माह के भीतर याचिकाकर्ता की पेंशन तय करने और भुगतान का आदेश दिया है। साथ ही बकाया पेंशन पर छह प्रतिशत वार्षिक ब्याज देने का भी निर्देश दिया है।  

ऑडियो वायरल: डांसिंग कॉप रंजीत सिंह पर अब पैसे की मांग का आरोप

इंदौर  इंदौर के प्रसिद्ध 'डांसिंग कॉप' रंजीत सिंह से जुड़ा विवाद और गहरा गया है, क्योंकि आरोप लगाने वाली युवती राधिका सिंह ने शनिवार को एक नया ऑडियो क्लिप जारी किया है जिसमें रंजीत पर एक अन्य महिला से पैसे मांगने का आरोप है।  इंदौर के ट्रैफिक हवलदार और 'डांसिंग कॉप' के नाम से मशहूर रंजीत सिंह पर गंभीर आरोप लगाने वाली युवती राधिका सिंह ने मामले को एक नया मोड़ दे दिया है, जिससे रंजीत की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं। राधिका ने शनिवार तड़के लगभग 5:30 बजे इंस्टाग्राम पर दो नई पोस्ट साझा कीं, जिनमें एक ऑडियो क्लिप भी शामिल है। इन पोस्ट के जरिए राधिका ने रंजीत पर एक अन्य महिला से पैसे मांगने का गंभीर आरोप लगाया है। इसी बीच, शुक्रवार को तबीयत बिगड़ने के बाद रंजीत सिंह को शहर के शेल्बी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी हालत अब स्थिर बताई जा रही है। युवती ने ऑडियो पोस्ट कर लगाए नए आरोप राधिका ने शनिवार सुबह एक वीडियो के साथ ऑडियो क्लिप साझा करते हुए लिखा, "ये तुम्हारा फेमस सेलेब्रिटी… हाथ जोड़कर पैसे मांग रहा है, किसी और औरत से… उसने शेयर किया है। ऑडियो रिकॉर्डिंग भी है इसकी… ऐसी भीख मांग कर चला रहा था यह अपनी जिंदगी। ऑडियो सुनकर और मजा आया। मुझे यह किसी अन्य महिला ने भेजा है।" राधिका ने यह भी दावा किया है कि जिस महिला से पैसे मांगे गए, वह भी जल्द ही रंजीत के खिलाफ सामने आएगी।   अस्पताल में भर्ती रंजीत सिंह, हालत स्थिर शेल्बी अस्पताल के मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. विवेक जोशी ने रंजीत सिंह के स्वास्थ्य पर जानकारी देते हुए बताया, "रंजीत सिंह को गुरुवार को सीने में दर्द की शिकायत के बाद अस्पताल में भर्ती किया गया था। उनका ब्लड प्रेशर काफी बढ़ा हुआ था। अब उनकी हालत ठीक है और बीपी भी सामान्य है। आज (शनिवार) उन्हें आईसीयू से वार्ड में शिफ्ट किया जाएगा। अगर सब कुछ ठीक रहा तो कल (रविवार) उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी जाएगी।" कई और लड़कियों को धमकी देने का दावा अपनी दूसरी पोस्ट में राधिका ने दावा किया कि रंजीत सिंह से पीड़ित और भी कई लड़कियां हैं। उसने लिखा, "और कई लड़कियां हैं। कुछ तो मैरिड हैं, इसलिए सामने नहीं आना चाहतीं। कुछ को इसने (रंजीत) पुलिस की धमकी दी है। अब सब खुश हैं कि सीखो इससे सबक।" 

आयुष विभाग को ई-मॉनिटरिंग सिस्टम एवं नागरिक सेवाओं के सशक्तिकरण के लिए मिला स्कॉच अवार्ड

भोपाल  नई दिल्ली स्थित इंडिया हैबिटेट सेंटर में शनिवार को आयोजित एक गरिमामयी समारोह में स्कॉच फाउंडेशन द्वारा आयुष विभाग के अपर सचिव श्री संजय मिश्रा को, विभाग की उत्कृष्ट पहलों के लिए प्रतिष्ठित स्कॉच अवार्ड से सम्मानित किया गया। यह सम्मान विशेष रूप से ई-मॉनिटरिंग सिस्टम के विकास और नागरिक सेवाओं के सुदृढ़ीकरण में किए गए विभागीय प्रयासों की राष्ट्रीय स्तर पर स्वीकृति है। डिजिटल नवाचार की पहल अपर सचिव आयुष श्री संजय मिश्रा ने बताया कि विभाग में सेवाओं की गुणवत्ता और पारदर्शिता बढ़ाने के उद्देश्य से ई-मॉनिटरिंग सिस्टम की परिकल्पना एवं कार्यान्वयन की पहल की। इस प्रणाली के माध्यम से प्रदेशभर के अस्पतालों की गतिविधियों की नियमित निगरानी, आंकड़ों का वास्तविक समय पर संकलन एवं विश्लेषण तथा सेवा प्रदायगी की स्थिति पर सतत नियंत्रण संभव हो पाया। इससे न केवल प्रशासनिक दक्षता बढ़ी, बल्कि अस्पतालों में नागरिकों को समय पर और प्रभावी स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध कराई जा सकीं। ओपीडी संख्या में ऐतिहासिक वृद्धि अपर सचिव आयुष श्री मिश्रा के नेतृत्व में आरंभ की गई इस डिजिटल निगरानी व्यवस्था और नागरिक-केंद्रित सुधारों के परिणामस्वरूप प्रदेश के आयुष अस्पतालों में ओपीडी संख्या मात्र एक वर्ष में 8 लाख प्रतिमाह से बढ़कर 22 लाख प्रतिमाह तक पहुँच गई। यह वृद्धि इस बात का प्रमाण है कि यदि सुदृढ़ प्रबंधन और तकनीक का सही उपयोग किया जाए तो पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियाँ भी आधुनिक समय में अत्यंत प्रासंगिक और प्रभावी हो सकती हैं। अधोसंरचना और सेवाओं का विस्तार विभागीय प्रयासों से प्रदेश के 2 हजार 250 आयुष संस्थानों में आधारभूत संरचना को सशक्त किया गया। अस्पतालों में आवश्यक उपकरणों, औषधियों और मानव संसाधन की उपलब्धता सुनिश्चित की गई। साथ ही, ई-मॉनिटरिंग सिस्टम के माध्यम से सेवा प्रदायगी की गुणवत्ता को निरंतर उन्नत किया गया, जिससे नागरिकों का विश्वास और संतोष दोनों बढ़े। सामूहिक प्रयासों का परिणाम श्री मिश्रा ने कहा कि यह सम्मान केवल मेरा व्यक्तिगत गौरव नहीं है, बल्कि पूरे आयुष विभाग, मध्यप्रदेश की टीम भावना और समर्पण का परिणाम है। मैं इस पुरस्कार को प्रदेश के सभी आयुष चिकित्सा अधिकारियों और समस्त आयुष कार्मिकों को समर्पित करता हूँ, जिनके अथक परिश्रम से यह सफलता संभव हुई। यह उपलब्धि, हमें माननीय आयुष मंत्री श्री इन्दर सिंह परमार जी, प्रमुख सचिव, आयुक्त आयुष तथा विभागीय टीम के सक्रिय मार्गदर्शन और सहयोग से प्राप्त हुई है, जिनकी प्रेरणा और नेतृत्व ने इस नवाचार को गति प्रदान की। भविष्य की राह श्री मिश्रा ने कहा कि इस सम्मान ने मुझे और मेरी टीम को नई ऊर्जा और संकल्प दिया है। भविष्य में हमारा लक्ष्य है कि आयुष स्वास्थ्य सेवाएँ प्रत्येक नागरिक तक सुलभ और गुणवत्तापूर्ण रूप से पहुँचें तथा मध्यप्रदेश को एक राष्ट्रीय वेलनेस डेस्टिनेशन के रूप में स्थापित किया जा सके।  

सुशासन और पारदर्शिता की दिशा में मध्यप्रदेश की बड़ी उपलब्धि

मुख्यमंत्री डॉ. यादव और उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा ने अधिकारियों को दी बधाई भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अभिनव पहल “संपदा 2.0” को शनिवार नई दिल्ली में आयोजित भव्य समारोह में प्रतिष्ठित SKOCH गोल्ड अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। यह सुशासन और पारदर्शिता की दिशा में मध्यप्रदेश की बड़ी उपलब्धि है। इस उपलब्धि के लिये मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने संपदा 2.0 से जुड़े सभी अधिकारी-कर्मचारियों को बधाई दी है। उप मुख्यमंत्री श्री जगदीश देवड़ा ने कहा है कि "संपदा 2.0" ने सुशासन और पारदर्शिता के नये आयाम स्थापित किये हैं। यह सम्मान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मार्गदर्शन में हो रहे निरंतर नवाचारी प्रयासों का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि तकनीक को जनसेवा का सशक्त माध्यम बनाया गया है। भविष्य में इस पहल को और व्यापक बनाकर लोगों तक अधिक सेवाएँ पहुँचाई जाएँगी। यह पुरस्कार राज्य सरकार की पारदर्शिता, सुशासन एवं तकनीकी नवाचार की दिशा में किए गए उल्लेखनीय कार्यों की सराहना के रूप में प्रदान किया गया। राजधानी नई दिल्ली में एक गरिमामय कार्यक्रम में प्रोफेसर महेंद्र एस देव चेयरमैन, प्रधानमंत्री इकोनॉमिक एडवाइजरी कॉउंसिल एवं प्रोफेसर आर. कविता राव, संचालक नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ़ पब्लिक फाइनेंस एंड पॉलिसी तथा स्कॉच ग्रुप द्वारा "संपदा 2.0" के क्रियान्वयन के लिए महानिरीक्षक पंजीयन एवं अधीक्षक मुद्रांक, वाणिज्यिक कर विभाग मध्यप्रदेश शासन को राष्ट्रीय स्कॉच स्वर्ण पुरस्कार 2025 प्रदान किया गया। परियोजना प्रभारी अधिकारी वरिष्ठ जिला पंजीयक श्री स्वप्नेश शर्मा ने पुरस्कार प्राप्त किया। "संपदा 2.0" के माध्यम से सेवाओं को तेज़, सरल और पारदर्शी बनाने में सफलता मिली है। इस प्लेटफ़ॉर्म ने न केवल प्रशासनिक प्रक्रियाओं में दक्षता बढ़ाई है, बल्कि आम नागरिकों को त्वरित एवं सुविधाजनक सेवाएँ उपलब्ध कराने में भी बड़ी भूमिका निभाई है। भविष्य की दृष्टि से "संपदा 2.0" को और व्यापक बनाने तथा अधिक सेवाएँ इससे जोड़ने की योजना है। इससे प्रदेश में डिजिटल सुशासन को नई गति मिलेगी और नागरिकों को और अधिक सरलता से सेवाएँ मिल सकेंगी। यह उपलब्धि मध्यप्रदेश के लिए गर्व का क्षण है और यह दर्शाती है कि राज्य राष्ट्रीय स्तर पर नवाचार और सुशासन के क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। उल्लेखनीय है कि मध्यप्रदेश को ई-पंजीयन एवं ई- स्टैंपिंग की परिष्कृत प्रणाली को उत्कृष्टता के आधार पर राष्ट्रीय ई – गवर्नेंस पुरस्कार भी प्राप्त हुआ है। मध्यप्रदेश देश का एक मात्र राज्य है जहाँ 75 दस्तावेज़ बिना उप पंजीयक कार्यालय आए वीडियो केवाईसी के माध्यम से पंजीकृत किए जा सकते हैं। कोई भी व्यक्ति कहीं से भी कभी भी स्वयं के उपयोग हेतु ई-स्टाम्प सृजित कर सकता है। यह प्रक्रिया स्थापित करने वाला मध्यप्रदेश देश का एकमात्र राज्य है। प्रदेश में ई-पंजीयन के माध्यम से दस्तावेज के पंजीयन की पेपरलेस व्यवस्था संचालित है, जिसे केंद्र सरकार द्वारा सराहा गया है। इस कार्य के लिए प्रदेश सरकार को कैपिटल इंसेंटिव स्कीम में 200 करोड़ रूपये प्राप्त हुए हैं। "संपदा 2.0" साफटवेयर को 2025 का राष्ट्रीय ई गवर्नेन्स पुरस्कार भी 22 एवं 23 सितंबर को आन्ध्रप्रदेश, विशाखापट्टनम में राष्ट्रीय ई-गवर्नेन्स कॉन्फ़्रेंस में प्रदाय किया जाना है। संपदा 2.0 में जीआईएस तकनीक सहित अत्याधुनिक डिजिटल सुविधाएं उपलब्ध हैं। अब कोई भी व्यक्ति कहीं से भी, कभी भी, www.sampada.mpigr.gov.in पोर्टल के माध्यम से ई-स्टांप प्राप्त कर सकता है। इसके मोबाइल ऐप से राज्य की किसी भी क्षेत्र की गाइडलाइन दरें तत्काल देखी जा सकती हैं।

राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने ब्रम्हाकुमारी अवधेश दीदी के अंतिम दर्शन किये

राज्यपाल श्री पटेल ने दी अंतिम विदाई भोपाल  राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने क्षेत्रीय निदेशिका एवं राष्ट्रीय संयोजिका राजयोगिनी ब्रम्हाकुमारी अवधेश दीदी के अंतिम दर्शन किये। उन्होंने पार्थिव देह पर पुष्प माला अर्पित कर दिवंगत आत्मा को श्रद्धांजलि दी। राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल शनिवार को प्रातः प्रजापिता ब्रम्हाकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय, क्षेत्रीय मुख्यालय, राजयोग भवन, अरेरा कॉलोनी भोपाल पहुंचे। उन्होंने अवधेश दीदी के अंतिम दर्शन किए। मौन रख कर भावभीनी अंतिम विदाई दी। परमपिता परमात्मा से दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। इस अवसर पर मध्यप्रदेश विधानसभा के प्रमुख सचिव श्री अवधेश प्रताप सिंह भी उपस्थित थे।  

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा- प्रदेश में विकास की रफ्तार किसी भी हाल में थमेगी नहीं

विकास के कामों के लिए धन की कमी नहीं रसुल्ला का हाईस्कूल प्रोन्नत होगा हायर सेकंडरी स्कूल में और बनेगा खेल परिसर प्रस्तावित सिंचाई परियोजना का कराया जायेगा सर्वे भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में विकास की रफ्तार किसी भी हाल में थमेगी नहीं। सरकार के पास विकास कार्यों के लिए धन की कोई कमी नहीं है। उन्होंने कहा कि दुग्ध उत्पादन में अभी मध्यप्रदेश तीसरे स्थान पर है। हम दूध उत्पादन में मध्यप्रदेश को देश में पहले स्थान पर लाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। डॉ. आंबेडकर कामधेनु योजना के अंतर्गत पशुपालकों को विशेष प्रोत्साहन दिया जा रहा है। इसके तहत 25 से अधिक गाय पालने वाले गोपालकों को 10 लाख रूपये तक का अनुदान दिया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शनिवार को अशोकनगर जिले के मुंगावली विधानसभा के ग्राम रसुल्ला में सेवा पखवाड़ा के अंतर्गत आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में ग्राम रसुल्ला के समाजसेवी स्व. श्री रघुवीर सिंह यादव की स्मृति में आयोजित किया गया था। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पशुपालकों से अपील की कि वे अधिक से अधिक संख्या में गाय पालन करें और दूध, दही, मक्खन सहित अन्य दुग्ध उत्पादों के उत्पादन में बढ़ोत्तरी कर सरकार की अनुदान योजनाओं का लाभ उठाएं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में धार्मिक और सांस्कृतिक मूल्यों एवं परम्पराओं को बढ़ावा दिया जा रहा है। दशहरे पर शस्त्रपूजन पूरे प्रदेश के शस्त्रागारों में किया जाएगा। इसी तरह दीपावली में गोवर्धन पूजा भी की जायेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि भगवान श्रीकृष्ण के लीला स्थलों को तीर्थ स्थल के रूप में विकसित किया जा रहा है। भगवान श्रीराम के चरणों के पड़ावों को राम वन गमन पथ के रूप में सजाया-संवारा जाएगा। उन्होंने घोषणा की कि प्रदेशभर में गीता भवन बनाए जाएंगे तथा श्रीकृष्ण के जीवन के विभिन्न प्रसंगों को स्कूल और कॉलेज के पाठ्यक्रमों में शामिल किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी द्वारा किसान सम्‍मान निधि के माध्‍यम से किसानों को लाभ पहुंचाया जा रहा है। हर घर नल से जल योजना के अंतर्गत घर-घर जल पहुंचाया जा रहा है। प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत हितग्राहियों को पक्‍का मकान,उज्‍जवला योजना के तहत गैस सिलेण्‍डर तथा नि:शुल्क खाद्यान्‍न उपलब्‍ध हो रहा है। प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्‍व में प्रदेश सरकार हर वर्ग को साथ लेकर कार्य कर रही है। लाड़ली बहनों को प्रतिमाह राशि उपलब्‍ध कराकर उनका मान सम्‍मान बढ़ा रही है। पूरे प्रदेश में विद्युत आपूर्ति की व्‍यवस्‍था बेहतर हुई है। उन्‍होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी द्वारा संचालित आयुष्‍मान भारत योजना के तहत आयुष्‍मान कार्ड के माध्‍यम से गरीबों का इलाज मुफ्त कराया जा रहा है। साथ ही और अधिक गंभीर इलाज के लिए आवश्‍यकता होगी तो प्रदेश सरकार एयर एंबुलेंस की सुविधा उपलब्‍ध कराएगी। मुख्यमंत्री ने की अनेक घोषणाएं मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ग्राम रसुल्ला के हाईस्कूल को हायर सेकेंडरी स्कूल में प्रोन्नत करने की घोषणा की। साथ ही उन्होंने खेल मैदान एवं खेल परिसर के निर्माण की भी घोषणा की। स्थानीय जनप्रतिनिधियों की मांग पर मुख्यमंत्री ने ग्राम रसुल्ला से लगे गांवों में लगभग 100 हेक्टेयर की सिंचाई परियोजना का सर्वेक्षण करने के निर्देश कलेक्टर को दिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश की हर सिंचाई योजना पर सरकार गंभीरता से काम कर रही है और प्रदेश का कोना-कोना सिंचित होगा। राहवीर योजना बनेगी मददगार मुख्‍यमंत्री डॉ.यादव ने कहा कि राहवीर योजना के तहत अगर किसी का एक्सीडेंट हो जाता है और यदि कोई व्‍यक्ति उन्हें समय से अस्पताल पहुंचाकर जान बचाते हैं तो व्‍यक्ति को 25 हजार रुपये की राशि योजना के अंतर्गत उपलब्‍ध कराई जायेगी। इस योजना का उद्देश्य आम लोगों को बिना किसी डर के इमरजेंसी में सड़क दुर्घटना में घायलों की मदद करने के लिए प्रेरित करना है। प्रतिमा का किया अनावरण मुख्‍यमंत्री डॉ.मोहन यादव ने ग्राम रूसल्‍ला में पूर्व सांसद डॉ. के.पी. यादव के पिताजी और समाजसेवी स्‍व. रघुवीर सिंह यादव की छटवीं पुण्‍यतिथि पर प्रतिमा का अनावरण किया। उन्होंने राधाकृष्‍ण मंदिर पहुंचकर दर्शन किये तथा पूजा अर्चना कर प्रदेशवासियों के सुख समृद्धि की कामना की। प्रदर्शनी का अवलोकन कार्यक्रम स्‍थल पर मुख्‍यमंत्री डॉ.मोहन यादव द्वारा विभिन्‍न विभागों द्वारा सेवा पखवाडा अभियान अंतर्गत लगाई गई प्रदर्शनी का अवलोकन किया गया। पूर्व सांसद डॉ. के.पी. यादव, मुंगावली विधायक श्री बृजेन्‍द्र सिंह यादव ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया। कार्यक्रम में चंदेरी विधायक श्री जगन्‍नाथ सिंह रघुवंशी,जिला पंचायत अध्‍यक्ष श्री अजय प्रताप सिंह यादव,नगरपालिका अध्‍यक्ष श्री नीरज मनोरिया, वरिष्ठ अधिकारी, जनप्रतिनिधि सहित बडी संख्‍या में समाजजन एवं ग्रामीणजन उपस्थित रहे।  

यातायात जागरुकता हेतू ली गई ऑटो चालकों की बैठक

आगामी त्यौहारों के दौरान माता के दर्शन को आने वाले श्रद्धालुओं से सभ्यता पूर्वक व्यवहार करने की दी गई समझाइश। मैहर पुलिस मुख्यालय भोपाल द्वारा संपूर्ण मध्यप्रदेश में सड़क सुरक्षा पखवाड़ा एवम ट्रैफिक नियमों का पालन न करने वालों पर चालानी कार्यवाही की मुहीम चलाई जा रही है, साथ ही सड़क सुरक्षा जागरुकता के प्रयास भी किए जा रहे हैं। इसी क्रम में पुलिस अधीक्षक मैहर श्री अवधेश प्रताप सिंह के निर्देश पर  यातायात जागरुकता हेतू आज दिनांक 20/09/25 को यातायात प्रभारी नृपेंद्र सिंह द्वारा पुलिस अधीक्षक कार्यालय के सभागार में ऑटो चालकों की मीटिंग लेकर उन्हें यातायात नियमों का पालन करने और सड़क सुरक्षा के महत्व के बारे में बताया गया। यातायात नियमों का पालन करना न केवल ऑटो चालकों बल्कि यात्री की सुरक्षा के लिए भी आवश्यक है। ऑटो चालकों को गति सीमा का पालन करने एवम सड़क पर सावधानी से वाहन चलाने की समझाइश दी गई। साथ ही शरद नवरात्रि एवम आगामी त्योहारों पर माता के दर्शन हेतु आये  श्रद्धालुओं से सभ्यता पूर्वक व्यवहार करने उनसे अनुचित किराया न वसूलने, प्रशासन द्वारा निर्धारित स्थानों पर वाहन पार्क करने एवम मेला क्षेत्र में धीमी गति व यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखकर वाहन चलाने की दी गई समझाइश ।

एच.पी. सिंह निलंबित, सतना खनिज विभाग में दीपमाला तिवारी संभालें जिम्मेदारी

सतना मध्यप्रदेश शासन खनिज साधन विभाग, भोपाल ने सतना जिले के प्रभारी खनिज अधिकारी एच.पी. सिंह को निलंबित कर दिया है। निलंबन के पीछे मुख्य कारण शासकीय कार्यों में उदासीनता, अवैध उत्खनन और परिवहन पर प्रभावी कार्रवाई न करना बताया गया है। आदेश 19 सितंबर, 2025 को जारी किया गया। इसके साथ ही रीवा जिले की खनिज अधिकारी दीपमाला तिवारी को सतना जिले का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। विशेषज्ञों के अनुसार यह कार्रवाई खनिज प्रशासन में पारदर्शिता और कार्यकुशलता बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। अब यह देखना होगा कि दीपमाला तिवारी के नेतृत्व में सतना जिले में खनिज क्षेत्र में सुधार और प्रभावी निगरानी किस प्रकार लागू होती है। यह है पूरा मामला जारी आदेश में उल्लेख किया गया है कि सतना जिले का औसत दैनिक ई-टीपी पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में गिरकर 1226 से 482 रह गया, जो गंभीर रूप से चिंताजनक है। इसके अलावा, क्षेत्र उपलब्धता के तीन प्रकरण और खदानों के लेप्स प्रपोजल के पांच प्रकरण लंबित पाए गए। शासन ने पाया कि कार्यालय में पर्याप्त नियंत्रण न रखने के कारण प्रभारी अधिकारी ने अपने कर्तव्यों में स्वेच्छाचारिता और गंभीर लापरवाही बरती।   निलंबन अवधि के दौरान एच.पी. सिंह का मुख्यालय रीवा स्थित संचालनालय भौमिकी एवं खनिकर्म रहेगा, और उन्हें नियमानुसार निलंबन भत्ते की सुविधा प्राप्त होगी। रीवा की खनिज अधिकारी दीपमाला तिवारी अब सतना का प्रभारी जिला खनिज अधिकारी होंगी। उनके नेतृत्व में जिले में खनिज कार्यों की निरंतरता और अवैध उत्खनन पर प्रभावी नियंत्रण बनाए रखने की उम्मीद जताई जा रही है। आदेश अवर सचिव शर्मिला ठाकुर द्वारा राज्यपाल के नाम से जारी किया गया। इसमें रीवा संभाग के आयुक्त, संचालनालय के अधिकारी, कलेक्टर सतना और क्षेत्रीय प्रमुखों को सूचनार्थ अवगत कराया गया है।

शिवराज ने किसानों की समस्याओं को लेकर लिया कड़ा कदम, फोन पर सुनाया बड़ा फरमान

सीहोर  सीहोर जिले में खराब हुई सोयाबीन फसल को लेकर आंदोलन कर रहे किसानों को अब केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान से राहत की उम्मीद जगी है। किसानों की समस्याएं सुनते ही शिवराज ने मौके से ही कलेक्टर को फोन कर खराब फसलों का सर्वे कराने और बीमा योजना का लाभ तुरंत दिलाने के निर्देश दिए। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान शनिवार को सीहोर जिले में किसानों की समस्याएं सुनने पहुंचे। भोपाल-इंदौर हाईवे पर इछावर जोड़ पर रुके मंत्री से जब किसानों ने सोयाबीन की खराब फसल की बात कही, तो उन्होंने तुरंत कार्रवाई का भरोसा दिलाया। इस दौरान कई किसान सोयाबीन की खराब फसल को लेकर केंद्रीय कृषि मंत्री के पास गुहार लगाने पहुंचे थे। किसानों की शिकायतें सुनने के बाद कृषि मंत्री ने सीहोर कलेक्टर बाला गुरु से मौके पर ही फोन पर बात कर निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि खराब फसलों का सर्वे कराया जाए और किसानों को फसल बीमा योजना का पूरा लाभ तुरंत दिलाया जाए। शिवराज ने कहा कि इससे किसानों को आर्थिक राहत मिल सकेगी। पिछले तीन सप्ताह से सीहोर जिले के कई गांवों के किसान आंदोलन कर रहे थे। पीला मोज़ेक और अन्य बीमारियों ने फसल को नुकसान पहुंचाया किसान मांग कर रहे थे कि सोयाबीन की खराब फसल का उचित मुआवजा मिले और बीमा की राशि समय पर दी जाए। किसान नेता एवं समाजसेवी एम.एस. मेवाड़ा ने बताया कि बीते पांच साल से सोयाबीन की फसल लगातार प्रभावित हो रही है। इस बार पीला मोज़ेक और अन्य बीमारियों ने फसल को चौपट कर दिया है। हर साल काटी जाती है फसल बीमा राशि, लेकिन मिलता नहीं लाभ मेवाड़ा ने कहा कि किसानों से हर साल बीमा की राशि काटी जाती है, लेकिन बीमे के नाम पर उन्हें एक चवन्नी भी नहीं मिली। जब सरकार किसानों को राहत नहीं दे रही तो उनसे बीमा राशि काटना बंद कर देना चाहिए। उन्होंने कहा कि सीहोर, शाजापुर और भोपाल जिलों में किसान अलग-अलग तरीकों से आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन सरकार की ओर से अभी तक सुनवाई नहीं हुई थी। इस मौके पर विधायक सुदेश राय, नगर पालिका अध्यक्ष प्रिंस राठौर, भाजपा जिला अध्यक्ष नरेश मेवाड़ा और जिला मंत्री पंकज गुप्ता समेत कई भाजपा नेता मौजूद रहे। उन्होंने किसानों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं और अधिकारियों से जल्द समाधान की बात कही। राजस्व मंत्री भी हुए थे सख्त गौरतलब है कि शुक्रवार को इछावर में आयोजित सेवा पखवाड़ा और स्वस्थ नारी सशक्त परिवार कार्यक्रम में मंत्री करण सिंह वर्मा ने भी इस मुद्दे को उठाया था। उन्होंने कहा था कि उन्हें लगातार शिकायतें मिल रही हैं कि सोयाबीन पर पीला मोज़ेक रोग फैल रहा है। वर्मा ने बताया कि उन्होंने खुद सीहोर और सिवनी में जाकर खेतों का निरीक्षण किया। कुछ जगह फसलें ठीक थीं, लेकिन कई जगह रोग ने फसल बर्बाद कर दी थी। इस विषय की जानकारी मुख्यमंत्री तक पहुंचा दी गई है और आने वाली कैबिनेट बैठक में इसे प्रमुखता से रखा जाएगा। किसानों को राहत की उम्मीद किसानों का कहना है कि शिवराज सिंह चौहान के सीधे हस्तक्षेप से अब उन्हें उम्मीद जगी है कि खराब फसल का सही आकलन होगा और बीमा योजना का लाभ जल्द मिलेगा। लंबे समय से आंदोलन कर रहे किसान अब राहत की प्रतीक्षा कर रहे हैं।

मुरैना में सोलर-स्टोरेज प्रोजेक्ट से ग्रीन एनर्जी को मिली नई रफ्तार: CM डॉ. यादव

देश की पहली ‘सोलर-प्लस-स्टोरेज’ परियोजना बनी मिसाल, मिला ऐतिहासिक न्यूनतम 2.70 रुपये प्रति यूनिट टैरिफ रेट पीक-ऑवर्स में 440 मेगावॉट की सप्लाई होगी सुनिश्चित भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि “प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत स्वच्छ और सस्ती ऊर्जा के क्षेत्र में नई ऊँचाइयाँ छू रहा है। मुरैना की यह परियोजना ‘सेवा पखवाड़ा’ के दौरान राष्ट्र को समर्पित है। उन्होंने कहा कि ”मुरैना सोलर प्लस स्टोरेज परियोजना से पूरे देश में ग्रीन ऊर्जा उत्पादन और स्टोरेज की नई राह खुलेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मुरैना परियोजना में प्राप्त की गई सफलता के आधार पर लंबे समय की ऊर्जा भंडारण परियोजनाओं के लिए संकल्प व्यक्त किया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि परियोजना में प्राप्त किया गया कम टैरिफ प्रदर्शित करता है कि नवकरणीय ऊर्जा भी डिस्कॉम के लिए अधिक किफायती हो सकता है। मध्यप्रदेश ने नवकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में गत् दिवस प्राप्त निविदा में ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज की है। मुरैना में विकसित हो रही प्रदेश की पहली ‘सोलर-प्लस-स्टोरेज’ परियोजना में 2.70 रुपये प्रति यूनिट, अब तक की सबसे कम टैरिफ दर प्राप्त हुई है। यह देश की पहली परियोजना है, जिसमें 3 रुपये प्रति यूनिट से कम पर फर्म और डिस्पैचेबल रिन्यूएबल एनर्जी उपलब्ध होगी। यह परियोजना 95 प्रतिशत वार्षिक उपलब्धता के साथ भारत की पहली ‘सोलर-प्लस-स्टोरेज’ परियोजना बन गई है। अब तक देशभर की परियोजनाओं में केवल 50% पीक ऑवर्स उपलब्धता और 85% वार्षिक उपलब्धता सुनिश्चित हो पाती थी। मुरैना परियोजना इस ट्रेंड को बदलते हुए पीएम ऑवर्स में 95% आपूर्ति के नए मानक स्थापित करेगी। परियोजना की संरचना और क्षमता मुरैना सोलर पार्क को रीवा अल्ट्रा मेगा सोलर लिमिटेड द्वारा क्रियान्वित किया गया है, जिसने पहले भी प्रतिष्ठित नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं को विकसित किया है। मुरैना परियोजना से उत्पादित बिजली राज्य द्वारा खरीदी जाएगी। मुरैना सोलर पार्क में 2 यूनिट स्थापित की जा रही हैं, प्रत्येकइकाई से तीनों चरणों में 220 मेगावॉट क्षमता ऊर्जा का उत्पादन होगा।         पहला चरण: वास्तविक समय पर सौर ऊर्जा (220 मेगावॉट तक)         दूसरा चरण: शाम के पीक ऑवर्स में 2 घंटे (बैटरी में संचित सौर ऊर्जा से)         तीसरा चरण: सुबह के पीक ऑवर्स में 2 घंटे (रात्रि में ग्रिड से चार्ज बैटरी से) इस नवाचार से बैटरी का उपयोग दिन में दो बार संभव होगा, जिससे लागत में उल्लेखनीय कमी आएगी। कुल मिलाकर सुबह और शाम के पीक ऑवर्स में 440 मेगावॉट सप्लाई सुनिश्चित होगी। मुरैना परियोजना दो परियोजनाओं का मिश्रण है, जिसमें पहलाएक सामान्य सिंगल-चार्ज कम्पोजिट सोलर प्रोजेक्ट,जिसमें बैटरी को सोलर एनर्जी से चार्ज जाता है।दूसरा स्टोरेज एज ए सर्विस प्रोजेक्ट है, जिसमें अतिरिक्त ग्रिड पॉवर से रात के समय बैटरी दोबारा चार्ज की जाएगी। इससे सुबह के पीक ऑवर्स की आपूर्ति की जाएगी। इस परियोजना का सबसे बड़ा लाभ यह है कि बैटरी, दिन में दो बार उपयोग की जाएगी। यह परियोजना सुनिश्चित करती है कि राज्य ग्रिड में उपलब्ध रात के समय अतिरिक्त बिजली का उपयोग सुबह की पीक ऑवर्समें विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए किया जाएगा। मुरैना परियोजना पीक ऑवर्सऔर दिन के समय में समान स्तर की आपूर्ति (प्रत्येक इकाई से 220 मेगावाट) के लिए एक बेंचमार्क स्थापित करती है। यह महत्वपूर्ण है क्योंकि यह द्वारा नियोजित भविष्य की परियोजनाओं का मार्ग प्रशस्त करता है जो दिन और रात के समय एक फ्लेटप्रोफाईलकी बिजली की आपूर्ति करते हुए एक ऐसीपरियोजना की आधारशिला रखेगी जो पूरे 24 घंटों के लिए समान स्तर की बिजली की आपूर्ति करे। यह नवकरणीय ऊर्जा को पारंपरिक ऊर्जा के समान निश्चितता प्रदान करेगा और इसे तकनीकी और व्यावसायिक रूप से समतुल्य बना देगी वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा ई-रिवर्स नीलामी 19 सितंबर, 2025 को 25 वर्षों के लिए निर्धारित2.70 रूपये प्रति यूनिटके ऐतिहासिक टैरिफ के साथ संपन्न हुई, नीलामी प्रक्रिया लगभग 12 घंटे चली। यह पूरे भारत में एफडीआरईनिविदाओं के लिए एक मील का पत्थर है,परियोजना के ई-रिवर्स ऑक्शन में 16 राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कंपनियों ने भाग लिया। यह क्षमता की तुलना में लगभग 10 गुना अधिक सब्सक्रिप्शन था। ऑक्शन में अडानी रिन्यूएबल्स, एनटीपीसी रिन्यूएबल्स, रिन्यू सोलर, एसीएमई, एंजी एनर्जी, दिलीप बिल्डकॉन, एमबी पॉवर जैसी कंपनियाँ शामिल थीं।     यूनिट-1 के लिए Ceigall India Ltd ने 2.70 रूपये प्रति यूनिट।     यूनिट-2 के लिए Acme Solar Holding Ltd ने 2.764 रूपये प्रति यूनिट की दर पर यह निविदा हासिल की।इस ऑक्शनमें प्राप्त टैरिफ से स्पष्ट है कि डिस्पेजेबल नवकरणीय ऊर्जा (बैटरी भंडारण के साथ सौर ऊर्जा के संयोजन से सक्षम) कोयला आधारित बिजली की तुलना में अधिक किफायती हो गई है। निवेशकों के लिए भरोसेमंद मॉडल परियोजना का विकास रीवा अल्ट्रा मेगा सोलर लिमिटेड द्वारा किया जा रहा है, जिसने रीवा और आगर जैसी परियोजनाओं को सफलतापूर्वक विकसित किया है। RUMSL द्वारा  परियोजना को निविदा से पहले निवेश के लिए तैयार किया गया। International Finance Corporation द्वारा Transaction Advisor के रूप में मध्यप्रदेश में तैयार की गई जोखिम मुक्त परियोजनाओं ने समय-समय पर साबित किया है कि बैंकेएबल अनुबंध, पूरी तरह से भूमि एकत्रीकरण, सक्रिय पारेषण योजना, वित्तपोषण और अनुबंध सहित साइट तैयार करना, पर्यावरण और सामाजिक जोखिमों को पर्याप्त रूप से कम करना, साथ ही एक पारदर्शी और विकासक अनुकूल निविदा प्रक्रिया के परिणामस्वरूप बेहतर मूल्य निर्धारण से उल्लेखनीय बचत होती है। पार्क डेवलपर के रूप में RUMSL भूमि और आंतरिक बिजली निकासी का बुनियादी ढांचा प्रदान करेगा, जबकि MP Transco परियोजना के लिए आवश्यक बाहरी विद्युत निकासी हेतु बुनियादी ढांचे का विकास कर रहा है। इस परियोजना में एक मजबूत 3-स्तरीय payment security mechanism है, जिसमें बेहतर bankability के लिए राज्य गारंटी शामिल है तथा procurer default और assured procurement of excess energy के लिए उचित termination compensation और reduced offtake तथा ग्रिड अनुपलब्धता के लिए compensation दिया गया है। परियोजना, चंबल क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री  राकेश शुक्ला ने चंबल क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक विकास के लिए मुरैना परियोजना को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। इस परियोजना से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार के अवसर पैदा होंगे और क्षेत्र के औद्योगिक विकास को बढ़ावा मिलेगा। एनर्जी ट्रांजिशन में मील का पत्थर मुरैना भारत की एनर्जी ट्रांजिशनमें एक नया मोड़ है; उम्मीद … Read more