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गरबा में सुअरों पर बैन, MP को लव जिहाद हॉटस्पॉट कहने पर काजल हिंदुस्तानी चर्चा में

उज्जैन  एक कार्यक्रम में हिंदुवादी नेत्री काजल हिंदुस्तानी ने मध्यप्रदेश को ‘लव जिहाद का हॉटस्पॉट’ बताते हुए बड़ा बयान दिया। उन्होंने इंदौर, भोपाल और छंगूर बाबा प्रकरण का हवाला देते हुए कहा कि राज्य में संगठित रूप से लव जिहाद को अंजाम दिया जा रहा है। उनका दावा है कि इसके पीछे फंडिंग और आतंकवादी कनेक्शन भी हो सकते हैं। काजल हिंदुस्तानी का विवादित बयान  काजल हिंदुस्तानी ने कहा कि नवरात्रि के दौरान मुस्लिम जिहादी युवक झूठी पहचान बनाकर गरबा पंडालों में घुसने की कोशिश करते हैं और हिंदू बेटियों को प्रेमजाल में फंसाते हैं। उन्होंने आयोजकों से अपील की कि पंडालों में ‘सुअरों का प्रवेश निषेध’ जैसे बोर्ड लगाएं और सख्ती से आईडी चेकिंग की जाए। इसके अलावा, उन्होंने कहा कि संदिग्ध युवकों की मोबाइल हिस्ट्री और चैट्स की जांच होनी चाहिए ताकि बहनों और बेटियों को जागरूक किया जा सके और लव जिहाद से बचाया जा सके। 

CM डॉ. यादव का मानवीय कदम: सड़क हादसे में घायल छात्रा को एयरलिफ्ट कर भेजा मुंबई इलाज के लिए

CM डॉ. यादव का मानवीय कदम: सड़क हादसे में घायल छात्रा को एयरलिफ्ट कर भेजा मुंबई इलाज के लिए संवेदनशील नेतृत्व की मिसाल: घायल संस्कृति वर्मा को CM यादव ने दिलाया एयर एंबुलेंस से मुंबई में इलाज भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने संवेदनशीलता और मानवीय सरोकार का परिचय देते हुए इंदौर की सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल 17 वर्षीय संस्कृति वर्मा के उपचार की पूरी जिम्मेदारी ली है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निर्देश पर शनिवार को उच्च स्तरीय उपचार के लिये संस्कृति वर्मा को एयरलिफ्ट कर मुंबई के बॉम्बे हॉस्पिटल भेजा गया, जहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की देखरेख में उनका विशेष उपचार किया जाएगा। राज्य सरकार उठाएगी उपचार का पूरा खर्च मुख्यमंत्री डॉ.यादव के निर्देश मिलते ही कलेक्टर  शिवम वर्मा के निर्देशन में संस्कृति वर्मा को एयर एम्बुलेंस के माध्यम से मुम्बई भेजने की समुचित व्यवस्था की गयी। भण्डारी हॉस्पिटल से इस बालिका को तत्काल एम्बुलेंस के माध्यम से एयरपोर्ट पहुंचाया गया और एयर एम्बुलेंस से मुम्बई के लिये रवाना किया गया। विगत दिनों इंदौर में हुये ट्रक हादसे में संस्कृति वर्मा गंभीर रूप से घायल हुई थीं। उनका उपचार इंदौर के भंडारी अस्पताल में किया जा रहा था। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अस्पताल पहुंचकर संस्कृति वर्मा के स्वास्थ्य की जानकारी ली थी और चिकित्सकों को हर संभव बेहतर उपचार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उपचार का पूरा खर्च राज्य शासन द्वारा वहन किया जायेगा। ईलाज में कोई कोर-कसर नहीं रखी जायेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मानवीय संवेदना को सर्वोपरि रखते हुए संस्कृति वर्मा के उच्च स्तरीय उपचार के लिये एयरलिफ्ट कर मुंबई भेजने का निर्णय लिया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार संकट की इस घड़ी में पीड़ित परिवार के साथ खड़ी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने संस्कृति वर्मा के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना भी की।  

15 हजार तक बढ़ा स्ट्रीट वेंडरों का लोन, समय पर किश्त चुकाने पर मिलेगा अतिरिक्त लाभ

छिंदवाड़ा दस माह से बंद चल रही प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना (PM SVANidhi Scheme) को सरकार ने फिर से शुरू कर दिया है। स्ट्रीट वेंडरों को लोन 10 हजार रुपए की जगह 15 हजार रुपए मिलेगा। छिंदवाड़ा नगर निगम के योजना कार्यालय में इसके आवेदन भी शुरू हो गए। अब तक 50 स्ट्रीट वेंडरों ने आवेदन किए।  बढ़ाई गई लोन राशि प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर आत्मनिर्भर निधि यानी पीएम स्वनिधि योजना (PM SVANidhi Scheme) को अब 2030 तक के लिए बढ़ा दिया गया है। साथ ही इस स्कीम से मिलने वाले लोन राशि भी बढ़ाई गई है। पहले योजना में स्ट्रीट वेंडरों को 10 हजार, 20 हजार और 50 हजार रुपए तक ऋण दिया जाता था। अब यह राशि 15 हजार, 25 हजार और 50 हजार रुपए तक उपलब्ध कराई जाएगी। इसके अलावा लोन की किश्त भरने पर हितग्राहियों को बैंकों की ओर से क्रेडिट कार्ड भी जारी किया जाएगा। जिससे 30 हजार रुपए तक पेमेंट किया जा सकेगा। समय पर किश्त चुकाने वाले को मिलेगा रिवॉर्ड योजना के दोबारा शुरू होने पर रेहड़ी संचालकों के लिए ऋण लेने का रास्ता खुल गया है। योजना के तहत सबसे पहले 15 हजार रुपए का ऋण मिलेगा। यदि लाभार्थी इसे समय पर चुका देता है तो अगली बार 25 हजार रुपए का ऋण मिलेगा। इसी तरह 25 हजार रुपए का ऋण समय पर चुकाने पर 50 हजार रुपए का ऋण दिया जाएगा। ऋण लेने के लिए आधार कार्ड सहित अन्य दस्तावेज और नगर पालिका क्षेत्र के किसी बैंक में खाता होना जरूरी है। आवेदन ऑनलाइन माध्यम से किया जा सकता है। इसके बाद दस्तावेज नगर निगम में जमा कराने होंगे।  जांच के बाद आवेदन होगा स्वीकार स्ट्रीट वेंडरों को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से शुरु हुई प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना पिछले साल नवम्बर से बंद पड़ी हुई थी। ऐसे में स्ट्रीट वेंडर लोन के लिए आवेदन नहीं कर पा रहे थे, लेकिन अब योजना फिर से शुरु कर दी गई है। नगर निगम में दस्तावेज जमा होने के बाद जांच की जाती है और फिर आवेदन स्वीकार होने के बाद लोन मिलता है। कोरोना काल में हुआ था शुभारंभ इस योजना का शुभारंभ कोरोना संक्रमण काल के समय वर्ष 2021-22 में तत्कालीन सीएम शिवराज सिंह चौहान ने छोटे व्यापारियों को पुन व्यवसाय स्थापित करने के लिए किया था। तब से इस योजना में लोन राशि की किश्त जमा करने पर संबंधित हितग्राही को आगे ज्यादा लोन राशि दी जा रही थी।  क्रेडिट कार्ड भी दिया जाएगा- परियोजना अधिकारी पीएम स्वनिधि योजना का पोर्टल लंबे समय बाद शुरू किया गया है। इसमें लोन राशि बढ़ा दी गई है। साथ ही बैंकों की ओर से हितग्राहियों को क्रेडिट कार्ड भी मिलेगा। – उमेश पयासी, परियोजना अधिकारी, पीएम स्वनिधि नगर निगम

नई तकनीक से एम्स में ब्रेस्ट कैंसर का इलाज, महिलाओं को बच रहा स्तन; जागरूकता अब भी बड़ी चुनौती

भोपाल  राजधानी भोपाल के एम्स हॉस्पिटल में ब्रेस्ट कैंसर का नई तकनीकी से इलाज किया जा रहा है। इस तकनीकी में ब्रेस्ट कैंसर होने पर महिलाओं का स्तन हटाने की जरूरत नहीं पड़ रही है, बल्कि जिस हिस्से में बीमारी डिटेक्ट होती है उसी का इलाज किया जाता है। एम्स के चिकित्सकों का कहना है कि बीमारी की आधुनिक इलाज में बारे में जागरूकता की कमी है। अक्सर महिलाएं स्तन में गांठ महसूस होने पर भय और गलतफहमी के कारण समय पर चिकित्सकीय मदद लेने से हिचकिचाती हैं। इन तकनीकों का किया जा रहा है उपयोग  एम्स के डॉक्टरों ने बताया कि एक समय था जब स्तन कैंसर का मतलब पूरे स्तन को हटाना होता था। लेकिन अब समय बदल गया है। आज इसका इलाज बहु-आयामी पद्धति से किया जाता है। जिसमें कीमोथेरेपी, हार्मोनल थेरेपी, सर्जरी, इम्यूनोथेरेपी और रेडियोथेरेपी का संयोजन होता है। कई मामलों में केवल ट्यूमर को हटाकर और उन्नत ऑन्कोप्लास्टिक सर्जरी से पुनर्निर्माण करके स्तन को सुरक्षित रखा जा सकता है। एम्स के कैंसर सर्जरी विभाग के एचओडी डॉ. विनय कुमार ने बताया कि यह अत्याधुनिक तकनीक एम्स भोपाल में की जा रही है और इसके उक्तृष्ट परिणाम मिल रहे हैं। ये हैं उन्नत तकनीकें  – ऑन्कोप्लास्टिक सर्जरी: इस तकनीक के माध्यम से स्तन कैंसर के ट्यूमर को हटाकर स्तन को पुनर्निर्माण किया जा सकता है, जिससे स्तन को सुरक्षित रखा जा सकता है। – इंडोसाइनिन ग्रीन (ICG) डाई तकनीक: इस तकनीक के माध्यम से लसीका ग्रंथियों को स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है और लिम्फेडेमा के खतरे को कम किया जा सकता है। – रेडियोथेरेपी: इस तकनीक के माध्यम से कैंसर कोशिकाओं को खत्म किया जा सकता है और ऑपरेशन की जरूरत को कम किया जा सकता है। – लीनियर एक्सेलेरेटर: यह एक आधुनिक मशीन है जो कैंसर कोशिकाओं को खत्म करने के लिए उच्च ऊर्जा वाली एक्स-रे का उपयोग करती है ¹। सर्जरी के बाद होने वाली लिम्फेडेमा बड़ी परेशानी डॉ. विनय कुमार ने बताया कि स्तन कैंसर की सर्जरी के बाद होने वाली चुनौतियों में से एक लिम्फेडेमा है हाथ में एक दर्दनाक सूजन जो महीनों या साल बाद भी दिखाई दे सकती है। इस जोखिम को कम करने के लिए एम्स भोपाल में अब इंडोसाइनिन ग्रीन (ICG) डाई तकनीक का उपयोग किया जा रहा है। इस डाई को ट्यूमर में इंजेक्ट किया जाता है और इन्फ्रारेड कैमरे से देखने पर यह उन लसीका ग्रंथियों (लिम्फ नोड्स) को स्पष्ट करता है, जो स्तन से बगल तक फैलते हैं। इन ग्रंथियों को निकालकर तुरंत फ्रोजन सेक्शन तकनीक से जांचा जाता है। यदि इनमें कैंसर कोशिकाएं नहीं पाई जातीं, तो हाथ की सामान्य लसीका नलिकाओं को सुरक्षित रखा जाता है जिससे लिम्फेडेमा का खतरा बहुत कम हो जाता है और जीवन की गुणवत्ता बेहतर होती है।  एम्स भोपाल की पहल – एम्स भोपाल ने स्तन कैंसर के इलाज के लिए एक विशेष टीम का गठन किया है, जिसमें अनुभवी डॉक्टर और विशेषज्ञ शामिल हैं। – अस्पताल में स्तन कैंसर के इलाज के लिए उन्नत तकनीकों और उपकरणों का उपयोग किया जा रहा है, जिससे मरीजों को बेहतर इलाज मिल सके।  

रेलवे का तोहफा: नवरात्रि में मैहर जाने वाले भक्तों के लिए 15 ट्रेनों का ठहराव बढ़ाया गया

मैहर  शारदीय नवरात्रि पर्व के दौरान हर साल लाखों श्रद्धालु मैहर स्थित माता शारदा धाम में दर्शन के लिए आते हैं। ऐसे में जैसे जैसे यह पर्व करीब आ रहा है, यहां दर्शन के लिए आने के इच्छुक भक्तों की उत्सुकता भी बढ़ती जा रही है। हालांकि यहां आने के लिए सीमित संख्या में ट्रेनों की उपलब्धता को देखते हुए लोगों को यहां पहुंचने को लेकर चिंता भी सता रही थी, लेकिन अब इस समस्या का हल भारतीय रेलवे ने कर दिया है। लाखों भक्तों की भीड़ और उनकी सुविधा को ध्यान में रखते हुए रेलवे ने उन्हें एक बड़ी सौगात दे दी है। दरअसल पश्चिम मध्य रेलवे ने नवरात्रि के दौरान 22 सितंबर से 6 अक्टूबर 2025 के बीच मैहर रेलवे स्टेशन पर 15 जोड़ी लंबी दूरी की एक्सप्रेस ट्रेनों का पांच मिनट का विशेष ठहराव देने की घोषणा की है। कौन सी ट्रेनों का रहेगा स्टॉपेज रेल प्रशासन द्वारा जारी सूची के मुताबिक, लोकमान्य तिलक टर्मिनस-गोरखपुर, छपरा-लोकमान्य तिलक टर्मिनस, चेन्नई-छपरा, वलसाड-मुजफ्फरपुर, दुर्ग-नौतनवा, पुणे-बनारस, सूरत-छपरा सहित अन्य प्रमुख ट्रेनों का मैहर में अस्थाई हॉल्ट रहेगा। इस फैसले से मुंबई, गुजरात, बिहार, उत्तर प्रदेश और दक्षिण भारत से आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को सीधे मैहर पहुंचने की सुविधा मिलेगी। श्रद्धालुओं के लिए रेलवे की विशेष तैयारी पश्चिम मध्य रेलवे के जनसंपर्क अधिकारी हर्षित श्रीवास्तव ने जानकारी दी कि नवरात्रि के दौरान मैहर स्थित मां शारदा मंदिर में हर साल लाखों की संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। इसी को देखते हुए यात्रियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए रेलवे ने विशेष इंतजाम किए हैं। इस दौरान स्टेशन परिसर में अतिरिक्त सुरक्षा बल और रेलवे स्टाफ की तैनाती रहेगी। श्रद्धालुओं की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए भीड़ प्रबंधन योजना लागू होगी। साथ ही यात्रियों की सुविधा के लिए अतिरिक्त हेल्प डेस्क, पूछताछ काउंटर और मेडिकल टीम भी उपलब्ध कराई जाएगी। रेलवे ने श्रद्धालुओं से की खास अपील त्योहारी सीजन में ट्रेनों में भारी भीड़ की संभावना को देखते हुए रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे यात्रा शुरू करने से पहले ही अपने गंतव्य की ट्रेन के आगमन और प्रस्थान के समय की जानकारी जरूर ले लें। इसके लिए NTES ऐप और हेल्पलाइन नंबर 139 का उपयोग किया जा सकता है। मैहर आने वाले भक्तों के लिए बड़ी राहत अब तक श्रद्धालुओं को मैहर पहुंचने के लिए कटनी या सतना में ट्रेन बदलनी पड़ती थी। लेकिन इस विशेष ठहराव से लाखों श्रद्धालुओं को मैहर पहुंचने की सीधी सुविधा मिलेगी, ऐसे में दर्शन व यात्रा और भी सुगम हो जाएंग। नवरात्रि के दौरान मैहर में होने वाला यह विशेष इंतजाम रेलवे और प्रशासन की तरफ से श्रद्धालुओं को दिया गया एक बड़ा तोहफा है।

डिजिटल प्रेम का खौफनाक अंजाम: ग्वालियर में महिला से न्यूड वीडियो के बहाने लाखों की ठगी

ग्वालियर मध्य प्रदेश के ग्वालियर डिजिटल इश्क के चक्कर में पड़ी 34 साल की एक शादीशुदा महिला के साथ जो हुआ, वो सभी के लिए एक चेतावनी है। इश्क और इमोशंस के नाम पर एक अनजान युवक ने एक महिला को इस कदर अपने प्रेमजाल में फंसाया कि उसने अपनी लाखों रुपये के साथ अपनी इज्जत भी दांव पर लगा दी। महिला के पति डॉक्टर हैं। डिजिटल प्लैटफार्म पर हुई दोस्ती मे महिला इस कदर अंधी हो गई कि उसने अपना न्यूड वीडियो तक बनाकर उस अनजान युवक को भेज दिया। उसके बाद ठग ने उसे गिफ्ट भेजने के बहाने उससे 3.76 लाख रुपये भी ठग लिए। इसके बाद जब उस न्यूड वीडियो के नाम पर ब्लैकमेलिंग शुरू की तब महिला थाने पहुंची। पीड़ित महिला द्वारा पुलिस में दर्ज कराई गई शिकायत के मुताबिक, एक महीने पहले उसके पास 923007507684 से वॉटसऐप कॉल आया था। कॉल करने वाले ने अपना नाम विपिन और खुद को एक एनआरआई बताया था। उसने महिला से कहा था कि वह उससे दोस्ती करना चाहता है। उस दिन के बाद से अपने डॉक्टर पति से छुपकर महिला और युवक के बीच नियमित और लम्बी-लम्बी बातचीत शुरू हो गईं, जो कुछ दिनो में प्रेम से भरी चर्चाओं में बदल गई। कथित विपिन ने महिला को लंदन आने के लिए कहा, लेकिन पीड़िता ने इससे इनकार कर दिया। फोन पर परवान चढ़े इस डिजिटल इश्क में आरोपी विपिन ने पीड़िता से उसके फोटो मांगने शुरू कर दिए। पीड़िता ने भी आरोपी युवक पर विश्वास कर उसे अपने कई फोटो भेज दिए। इतना ही नहीं, महिला ने आरोपी युवक की डिमांड पर अपना न्यूड वीडियो बनाकर उसके वॉटसऐप नंबर पर भेज दिया। गिफ्ट भेजने के नाम पर ली आधार कार्ड की कॉपी वीडियो भेजने के बाद आरोपी युवक ने पीड़ित महिला से गिफ्ट भेजने के नाम पर उसके आधारकार्ड की कॉपी भी वॉट्सऐप पर ले ली। इसके बाद आरोपी युवक ने महिला को बताया कि उसने एक पार्सल भेजा है, उसे तुम ले लेना। पार्सल पर एड्रेस और फोन नंबर भी लिखा होना बताया। अगले दिन महिला के नंबर पर 9459316606 से कॉल आया। कॉल करने वाले ने कहा कि आपका पार्सल आया है और वह एयरपोर्ट से बोल रहा है। इस पार्सल को लेने के लिए 15 हजार रुपये जीएसटी के चुकाने होंगे। लिहाजा महिला ने 15 हजार का पेमेंट कर दिया। इसके बाद युवक ने डॉलर चेंज करने के नाम पर 46 हजार, गाड़ी आगे बढ़वाने के नाम पर 1 लाख 20 हजार, परमिट कार्ड बनवाने के नाम पर 1 लाख 15 हजार व सामान की रसीद बनवाने के नाम पर 80 हजार पेमेंट अलग-अलग अकाउंट नंबरों व मोबाइल नंबरों पर करने को कहा। पीड़िता ने उसकी बातों में आकर आरोपी विपिन को फोनपे के जरिये 3 लाख 76 हजार का पेमेंट कर दिया। 17 सितंबर को फिर से आरोपी युवक विपिन ने महिला को फोन किया और 2 लाख 85 हजार रुपये देने की मांग की। महिला ने जब और रुपये देने से इनकार किया तो युवक अपने असली रूप में आ गया, उसने कहा कि पार्सल वाले युवक से बात कर लो। जब महिला ने उससे बात की तो उसने सीधी धमकी दी कि पैसे देने पड़ेंगे, अगर नहीं दिए तो तुम्हारा न्यूड वीडियो वायरल कर देंगे। यकीन दिलाने के लिए अनजान युवक ने वह वीडियो भी महिला को भेजा जो उसने विपिन को भेजा था। वह महिला जब पूरी तरह आर्थिक और मानसिक तौर पर टूट गई तब वह साहस जुटाकर पुलिस के पास पहुंची। पीड़ित महिला की शिकायत पर क्राइम ब्रांच ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।आशंका जताई जा रही है कि यह अंतरराष्ट्रीय साइबर फ्रॉड गैंग हो सकता है। इस मामले में सीएसपी रॉबिन जैन का कहना है कि क्राइम ब्रांच टीम मामले की जांच कर रही है। जैन ने कहा कि सोशल मीडिया या फोन पर अनजान लोगों से दोस्ती करना खतरनाक हो सकता है। किसी भी प्रकार के निजी वीडियो या फोटो साझा करने से पहले पूरी तरह पड़ताल कर लेना जरूरी है। अगर किसी से ब्लैकमेलिंग का सामना हो तो तुरंत पुलिस से संपर्क करें।

हाईकोर्ट का फैसला: दोबारा विवाह करने पर तलाक आदेश पर नहीं कर सकते आपत्ति

जबलपुर   हाईकोर्ट ने अपने अहम आदेश में कहा है कि पुनर्विवाह हो जाने के बाद विवाह विच्छेद आदेश को चुनौती देने वाली अपील प्रचलन योग्य नहीं है। अपील निर्धारित समय सीमा में दायर की जाती तो सुनवाई योग्य थी। हाईकोर्ट जस्टिस विशाल धगट तथा जस्टिस अनुराधा शुक्ला ने अपील को खारिज करते हुए अपने आदेश में कहा है कि सुनवाई करने से तीसरे पक्ष के वैवाहिक नागरिक अधिकार खतरे में पड़ सकता है। नरसिंहपुर निवासी रजनी पटेल की तरफ से दायर अपील में कुटुम्ब न्यायालय जबलपुर के द्वारा 24 जून 2022 को पारित विवाह विच्छेद आदेश को चुनौती दी गयी थी। युगलपीठ ने सुनवाई के दौरान पाया कि अपीलकर्ता ने तलाक के आदेश को चुनौती देते हुए 6 दिसम्बर 2022 को अपील दायर की थी। अपीलकर्ता ने निर्धारित अवधि के 130 दिन बाद आदेश को चुनौती देते हुए अपील दायर की है। प्रतिवादी ने अपील की निर्धारित अवधि पूर्ण होने के बाद 28 अक्तूबर 2022 को पुनर्विवाह कर लिया है। अपीलकर्ता निर्धारित समय अवधि में अपील दायर करती तो हिंदू विवाह अधिनियम की धारा 15 के अंतर्गत पुनर्विवाह पर प्रतिबंध का प्रावधान था। प्रतिवाद ने अपील दायर करने की निर्धारित समय सीमा पूर्ण होने के बाद वैध रूप से पुनर्विवाह किया है। समय अवधि के लिए क्षमादान प्रदान करने के बावजूद भी अपील में गुण-दोष के आधार पर निर्णय लेने के प्रतिकूल प्रभाव होंगे। इससे तीसरे पक्ष के वैवाहिक नागरिक अधिकार खतरे में पड़ेंगे। युगलपीठ ने अपील को खारित करते हुए निचली अदालत के समक्ष भरण-पोषण के लिए आवेदन प्रस्तुत करने अपीलकर्ता को स्वतंत्रता प्रदान की है।   

फर्जी दस्तावेज़ से भर्ती: इंदौर पीटीसी में बड़ा खुलासा, 14 नवआरक्षक हिरासत में

इंदौर   पुलिस प्रशिक्षण केंद्र (पीटीसी) इंदौर में प्रशिक्षण ले रहे 14 नवआरक्षकों ने परीक्षा देने की अनुमति लेने के लिए फर्जीवाड़ा किया। इनमें 13 महिलाएं शामिल हैं। नवआरक्षकों ने किसी और के स्वीकृत आवेदन में फर्जी तरीके से अपना नाम जोड़कर प्रस्तुत किया, जो मंजूर भी हो गया। यह मामला लगभग डेढ़ माह पहले सामने आया, जब पीटीसी प्रभारी एसपी ने गड़बड़ी पकड़ी और इसकी रिपोर्ट पुलिस मुख्यालय को भेजी। जांच एडीजी प्रशिक्षण राजाबाबू सिंह के निर्देश पर पुलिस मुख्यालय के एआइजी से कराई गई। जांच में गड़बड़ी साबित होने पर सभी 14 नवआरक्षकों को प्रशिक्षण से बाहर कर उनके संबंधित जिलों में भेज दिया गया है। इनके खिलाफ विभागीय जांच शुरू कर दी गई है। जांच पूरी होने के बाद एफआईआर दर्ज कर सेवा समाप्त भी की जा सकती है। विभागीय जांच इधर, ट्रेनिंग स्कूल में पदस्थ दो डीएसपी समेत पांच अधिकारियों और कर्मचारियों पर भी विभागीय जांच की जा रही है। इन पर आरोप है कि उन्होंने इस फर्जीवाड़े को अनदेखा किया। जांच में यह साफ होगा कि उन्होंने किस स्तर पर लापरवाही की।

ब्रिज विवाद में हाईकोर्ट का कटाक्ष, जिम्मेदारों पर सवाल: किसी का तो सिर कटेगा

जबलपुर बलि का बकरा बाहर हो गया अब किसी न किसी का तो सर कटेगा, यह तल्ख टिप्पणी की है मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सराफ की डबल बेंच ने. भोपाल के ऐशबाग में 90 डिग्री ब्रिज के मामले में कोर्ट ने सुनवाई करते हुए मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की युगलपीठ ने बड़ा आदेश दिया है. कोर्ट ने ठेकेदार को ब्लैक लिस्ट किए जाने के आदेश को वापस लेने के निर्देश भी दिए हैं. याचिका में कहा गया था कि भोपाल के ऐशबाग में बरखेड़ी फाटक पर रेल ओवर ब्रिज बनाने का ठेका उसे 1 मार्च 2023 को मिला था. पुल पर 90 डिग्री का कोण बनने पर पीडब्ल्यूडी के मुख्य अभियंता ने 4 जुलाई 2025 को टेंडर निरस्त कर याचिकाकर्ता को एक साल के लिए ब्लैक लिस्ट कर दिया था. याचिकाकर्ता ने दावा किया है कि उसे लोक निर्माण विभाग के द्वारा जो ड्राइंग और डिजाइन दी गई थी उसी के मुताबिक ही निर्माण किया गया. लेकिन इस मामले में विभाग की किरकिरी होने के बाद उसे ही ब्लैक लिस्ट कर अधिकारियों ने अपना दामन बचा लिया है. जांच के बाद मौलाना आजाद राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान मैनिट के वरिष्ठ प्रोफेसर ने अपनी जांच रिपोर्ट हाईकोर्ट के समक्ष प्रस्तुत की थी. रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया कि पुल का मोड़ वास्तव में 90 डिग्री का नहीं है, बल्कि 118 से 119 डिग्री के बीच का है. मैनिट प्रोफेसर की रिपोर्ट में कहा गया कि ब्रिज की ज्यामिति सोशल मीडिया में दिखाई जा रही तस्वीरों से अलग है. पुल का एंगल अधिक तीखा न होकर थोड़ा विस्तृत है. इसके बावजूद संरचना को लेकर जनसुरक्षा की आशंकाएं और तकनीकी खामियों पर सवाल बने हुए हैं. 7 इंजीनियर हुए थे सस्पेंड विवाद गहराने के बाद मध्यप्रदेश सरकार ने जांच समिति गठित की और 28 जून को पीडब्ल्यूडी के सात इंजीनियर को निलंबित किया. एक सेवानिवृत्त अधीक्षण अभियंता पर विभागीय जांच बैठाई गई. मुख्यमंत्री मोहन यादव ने उस समय घोषणा की थी कि निर्माण एजेंसी और डिजाइन सलाहकार को ब्लैकलिस्ट किया जाएगा और पुल में सुधार कार्य के लिए समिति बनाई जाएगी. वही लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने कहा कि दुनिया भर में कई जगह भौगोलिक परिस्थिति को देखते हुए तीखे मोड़ वाले पुल बनाए जाते हैं. भोपाल के इस फ्लाईओवर के मामले में तकनीकी कठिनाई केवल एंगल की वजह से नहीं, बल्कि अलग-अलग एजेंसियों के बीच तालमेल की कमी के कारण भी हुई. मंत्री ने आश्वासन दिया कि विभाग की ओर से हाईकोर्ट को सभी बिंदुओं पर स्पष्ट जवाब प्रस्तुत किया जाएगा. गौरतलब है कि पिछली सुनवाई के दौरान ही हाईकोर्ट के निर्देश पर मैनिट के प्रोफेसर डॉ एमएस होरा, प्रोफेसर डॉक्टर नितिन डिंडोरकर, प्रोफेसर डॉक्टर एसके कटियार, प्रोफेसर डॉक्टर पीके अग्रवाल और असिस्टेंट प्रोफेसर डॉक्टर प्रियमित्र मुनोथ ने 2 और 3 सितंबर को पीडब्ल्यूडी के आत्मराम मोरे, एसडीओ ब्रिज रंजीत सिंह और सब इंजीनियर सत्यम चौधरी के साथ पुल के विवादित हिस्से की जांच की थी. 28 अक्टूबर को होगी सुनवाई कमेटी ने ठेकेदार पुनीत चड्ढा को क्लीन चिट देते हुए कहा था कि उसने ड्राइंग के अनुसार ही निर्माण किया. याचिका की सुनवाई करते हुए मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सराफ की युगलपीठ ने तल्ख टिप्पणी करते हुए ठेकेदार की तुलना बलि के बकरे से की है. कोर्ट ने कहा है कि अब बलि का बकरा बाहर हो गया है अब किसी न किसी का सिर तो कटेगा. हाई कोर्ट ने अब पूरे मामले की सुनवाई 28 अक्टूबर को निर्धारित की है.  

पिता-पुत्री के रिश्ते को कलंकित करने वाले पिता को तिहरी उम्रकैद

  इंदौर  इंदौर जिला कोर्ट ने 12 वर्षीय बालिका से रेप करने वाले पिता (35) को कठोर दंड देते हुए तिहरे आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने फैसले में टिप्पणी की कि आरोपी ने पिता-पुत्री जैसे पवित्र रिश्ते को कलंकित किया है, इसलिए न्यूनतम दंड विधिपूर्ण नहीं है। तलाक के बाद बेटी पिता के पास थी 21 जुलाई 2024 को पीड़िता की मां ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। महिला ने बताया कि 2012 में उसने आरोपी से प्रेम विवाह किया था। विवाह से उन्हें दो संतानें हुईं- 12 वर्षीय बेटी (पीड़िता) और 6 वर्षीय बेटा। वर्ष 2020 में तलाक हो गया, जिसके बाद बेटी पिता के साथ और बेटा मां के साथ रहने लगा। अकेले होने पर पिता गलत काम करते 21 जुलाई 2024 को बालिका अपनी मुंहबोली मौसी के पास रोते हुए पहुंची और आपबीती सुनाई। उसने बताया कि पिता घर पर अकेले होने पर कई बार उसके साथ गलत काम करते हैं। पहली बार यह घटना दो वर्ष पहले नए घर में हुई थी और हाल ही में 15 दिन पहले भी दोबारा रेप किया गया। बालिका ने बताया कि उसने दो-तीन बार दादी को भी इस बारे में बताया था, लेकिन उन्होंने ध्यान नहीं दिया। इसके बाद पड़ोस में रहने वाली मुंह बोली मौसी ने नानी को फोन कर पूरी घटना बताई। जिसके बाद नानी ने बेटी (बालिका की मां) को बुलाया और थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। मामले की एक साल तक चली सुनवाई मामले की सुनवाई एक साल तक चली। प्रभारी डीपीओ राजेंद्र सिंह भदौरिया ने बताया कि जिला अदालत ने 18 सितंबर 2025 को फैसला सुनाया। कोर्ट ने आरोपी को पॉक्सो अधिनियम की धारा 5(एल)/6, 5(एन)/6 और 5(एम)/10 में दोषी पाते हुए तीन अलग-अलग आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 15 हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया गया। शासन की ओर से विशेष लोक अभियोजक सुशीला राठौर ने पैरवी की। पीड़ित प्रतिकर योजना के तहत बालिका को शारीरिक व मानसिक क्षति को देखते हुए 3 लाख रुपए दिलाने की अनुशंसा भी की है।