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डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने राष्ट्र की एकता और अखंडता को दी सर्वोच्च प्राथमिकता: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने राष्ट्र की एकता और अखण्डता को दी सर्वोच्च प्राथमिकता: मुख्यमंत्री डॉ. यादव डॉ. मुखर्जी के विचारों को जन-जन तक पहुंचाना जरूरी 23 जून से 6 जुलाई तक का पखवाड़ा डॉ. मुखर्जी को होगा समर्पित भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का जीवन राष्ट्रीय एकीकरण के लिए समर्पित रहा। उन्होंने राष्ट्र की एकता और अखंडता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। उनका जन्म 6 जुलाई 1901 को निधन 23 जून 1953 को हुआ, जिसे राष्ट्रहित में दिए गए उनके सर्वोच्च बलिदान के रूप में देखा जाता है। उन्होंने जम्मू-कश्मीर में विशेष व्यवस्था के विरोध में आंदोलन किया था, उनका बलिदान राष्ट्रीय चेतना का प्रतीक माना जाता है। डॉ. मुखर्जी शिक्षाविद, चिंतक, सांसद और दूरदर्शी राजनेता थे। डॉ. मुखर्जी ने वर्ष 1951 में भारतीय जनसंघ की स्थापना की। उन्होंने वैचारिक राजनीति और संगठन निर्माण पर बल दिया और राष्ट्रहित को दलगत राजनीति से ऊपर रखने का संदेश दिया। डॉ. मुखर्जी की पुण्यतिथि 23 जून से उनकी जयंती 6 जुलाई तक विशेष पखवाड़ा आयोजित किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नगरीय निकायों के महापौर तथा नगरपालिका अध्यक्ष को मुख्यमंत्री निवास से वी.सी. के माध्यम से संबोधित कर यह निर्देश दिए। जनसेवा का अभियान हो पखवाड़ा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि डॉ. मुखर्जी का मानना था कि युवा राष्ट्र निर्माण की सबसे बड़ी शक्ति हैं। उन्होंने युवाओं को नेतृत्व, शिक्षा और सामाजिक उत्तरदायित्व के लिए प्रेरित किया। इस पखवाड़े का मुख्य उद्देश्य उनके विचारों को जन-जन तक पहुंचाना है। पखवाड़े के दौरान युवा सम्मेलन, निबंध प्रतियोगिता और संवाद कार्यक्रम आयोजित किए जाएं। इससे नई पीढ़ी को राष्ट्रवादी विचारधारा से जोड़ने का अवसर मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नगरीय निकायों द्वारा मार्गों और उद्यानों का नामकरण डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के नाम पर किया जा सकता है। इस प्रकार की पहल के लिए सभी प्रक्रियाओं का पालन, आवश्यक रूप से किया जाए तथा सक्षम स्तर से सभी स्वीकृतियां अवश्य ली जाएं। पखवाड़ा जनसेवा का अभियान होना चाहिए। पौधरोपण, स्वच्छता अभियान, रक्तदान, स्वास्थ्य शिविर जैसे कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएं। यह पखवाड़ा डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने तथा सेवा, सुशासन और राष्ट्र निर्माण के संकल्प को मजबूत करने का अवसर है।  

Insurance Claim पर बड़ा फैसला: बीमारी छिपाने का आरोप लगाने पर बीमा कंपनियों को देना होगा सबूत

भोपाल  अब बीमा कंपनियां केवल यह कहकर क्लेम खारिज नहीं कर सकेंगी कि बीमित व्यक्ति ने अपनी पुरानी बीमारी छिपाई है। उपभोक्ता आयोग ने साफ कर दिया है कि ऐसे मामलों में आरोप लगाने वाली बीमा कंपनी को ठोस सबूत भी पेश करने होंगे, अन्यथा क्लेम रोकना ‘सेवा में कमी’ माना जाएगा। उपभोक्ता कानून के तहत केवल आरोप लगाना पर्याप्त नहीं है। कंपनी को दस्तावेजी साक्ष्य के साथ यह साबित करना होता है कि बीमारी पहले से मौजूद थी और उसे जानबूझकर छिपाया गया। बीमा दावा खारिज करने के मामलों में कंपनियों की मनमानी पर भोपाल जिला उपभोक्ता आयोग ने सख्त रुख अपनाया है। भोपाल उपभोक्ता विवाद प्रतितोषण आयोग (बेंच-2) ने चोलामंडलम एमएस जनरल इंश्योरेंस कंपनी को फटकार लगाते हुए उपभोक्ता को 1.63 लाख रुपए का क्लेम 7% ब्याज सहित चुकाने का आदेश दिया है। साथ ही मानसिक और आर्थिक क्षति के लिए मुआवजा और वाद व्यय भी देने के निर्देश दिए गए हैं। बता दें कि आयोग ने यह फैसला हाल ही में सुनाया है। क्या था पूरा मामला देवास निवासी नसरुद्दीन खान ने वर्ष 2020 में चोलामंडलम एमएस जनरल इंश्योरेंस कंपनी से ‘आरोग्य संजीवनी’ पॉलिसी ली थी, जिसकी अवधि 29 जुलाई 2020 से 28 जुलाई 2021 तक थी। इस पॉलिसी के लिए उन्होंने 4554 रुपए का प्रीमियम जमा किया था। बीमा अवधि के दौरान 12 जून 2021 को उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई, जिसके बाद उन्हें भोपाल के फ्यूचर मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल एंड ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया गया। यहां 7 दिन इलाज चला और कुल 1,63,156 रुपए का खर्च आया। इलाज के बाद किया क्लेम, कंपनी ने टालमटोल की परिवादी ने अस्पताल में भर्ती होने की सूचना तत्काल बीमा कंपनी को दी और सभी जरूरी दस्तावेजों के साथ क्लेम भी प्रस्तुत किया। इसके बावजूद कंपनी ने लंबे समय तक क्लेम पर कोई निर्णय नहीं लिया। कई बार फोन और व्यक्तिगत संपर्क करने के बाद भी कंपनी ने भुगतान नहीं किया। बीमा कंपनी ने 27 जुलाई 2022 को पत्र जारी कर दावा यह कहते हुए खारिज कर दिया कि प्रस्तुत दस्तावेज गलत और मनगढ़ंत हैं। कंपनी ने यह भी आरोप लगाया कि बीमित ने पॉलिसी लेते समय अपनी पुरानी बीमारी छिपाई थी, जो नियमों का उल्लंघन है। उपभोक्ता आयोग में पहुंचा मामला क्लेम खारिज होने के बाद परिवादी ने उपभोक्ता आयोग का दरवाजा खटखटाया। उन्होंने 1.63 लाख रुपए की क्लेम राशि के साथ 18% ब्याज, 2 लाख रुपए क्षतिपूर्ति और 20 हजार रुपए वाद व्यय की मांग की। उनका कहना था कि उन्होंने कोई जानकारी नहीं छिपाई और कंपनी ने गलत तरीके से दावा निरस्त किया। कंपनी ने समय-सीमा का उठाया मुद्दा बीमा कंपनी ने अपने जवाब में कहा कि परिवाद देरी से दायर किया गया है और इसलिए यह स्वीकार्य नहीं है। साथ ही उन्होंने पुनः यही तर्क दिया कि पॉलिसी लेते समय बीमारियों की जानकारी छिपाई गई थी। आयोग ने मामले में प्रस्तुत दस्तावेजों, बिल, जांच रिपोर्ट और डिस्चार्ज समरी का परीक्षण किया। इससे स्पष्ट हुआ कि परिवादी वास्तव में बीमार था और अस्पताल में भर्ती होकर इलाज कराया गया था। इलाज में खर्च की गई राशि भी दस्तावेजों से प्रमाणित हुई। बीमा कंपनी आरोप साबित नहीं कर पाई आयोग ने पाया कि बीमा कंपनी ने धोखाधड़ी के आरोप तो लगाए, लेकिन इसके समर्थन में कोई ठोस और विश्वसनीय साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया। न ही कोई ऐसा दस्तावेज दिया गया जिससे यह साबित हो सके कि परिवादी को पहले से बीमारी थी। आयोग ने माना सेवा में कमी आयोग ने कहा कि बीमा कंपनी का यह कृत्य ‘सेवा में कमी’ की श्रेणी में आता है। बीमा अनुबंध ‘अत्यंत सद्भावना’ (Utmost Good Faith) पर आधारित होता है, लेकिन जब कंपनी दावा खारिज करती है तो आरोप सिद्ध करना उसी की जिम्मेदारी होती है, जो यहां पूरी नहीं हुई। वहींआयोग ने यह भी स्पष्ट किया कि केवल देरी के आधार पर उपभोक्ता के अधिकार खत्म नहीं होते। यदि उपभोक्ता लगातार अपने अधिकार के लिए प्रयास कर रहा है, तो देरी को उचित कारण मानकर माफ किया जा सकता है। आदेश: ब्याज सहित क्लेम और मुआवजा दें आयोग ने आदेश दिया कि बीमा कंपनी दो माह के भीतर परिवादी को 1,63,156 रुपए 7% वार्षिक ब्याज सहित अदा करे। इसके अलावा 10,000 रुपए मानसिक, शारीरिक व आर्थिक क्षति के लिए और 5,000 रुपए वाद व्यय के रूप में देने होंगे। आयोग ने स्पष्ट किया कि यदि निर्धारित समय में भुगतान नहीं किया गया, तो पूरी राशि पर 9% वार्षिक ब्याज देना होगा। उपभोक्ता आयोग का स्पष्ट रुख उपभोक्ता आयोग ने अपने हालिया फैसले में कहा कि बीमा अनुबंध ‘अत्यंत सद्भावना’ (Utmost Good Faith) के सिद्धांत पर आधारित होता है, लेकिन यदि बीमा कंपनी किसी दावे को धोखाधड़ी बताकर खारिज करती है, तो उस आरोप को प्रमाणित करना उसी की जिम्मेदारी है। बिना सबूत के क्लेम खारिज करना गलत है।

राष्ट्रपति मुर्मु ने चीता मित्रों से किया संवाद, संरक्षण कार्यों की ली विस्तृत जानकारी

राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु ने चीता मित्रों से किया संवाद और चीता संरक्षण की ली जानकारी राष्ट्रपति ने चीता मित्रों के प्रयासों को सराहा ग्वालियर राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने अपने दो दिवसीय कूनो नेशनल पार्क के प्रवास के दौरान सोमवार को चीता मित्रों से संवाद कर चीता संरक्षण के प्रयासों की जानकारी ली। राष्ट्रपति ने चीता मित्रों से चर्चा करते हुए उनके द्वारा चीतों की सुरक्षा और आमजन के बीच चीतों के व्यवहार को लेकर किये जा रहे जन-जागरूकता के प्रयासों के संबंध में भी जानकारी प्राप्त की। राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने सभी चीता मित्रों से वन-टू-वन चर्चा कर परियोजना के लिए उनके द्वारा मानसेवी रूप से किये जा रहे प्रयासों की सराहना की। राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु को चीता मित्रों ने अवगत कराया कि कूनो नेशनल पार्क से लगे सभी ग्रामों में चीता मित्र मौजूद है, जिनके द्वारा चीतो की सुरक्षा के संबंध में ग्रामीणों को जागरूक किया जा रहा है। चीतो के आबादी क्षेत्र में आवागमन की स्थिति पर किये जाने वाले कार्यों के संबंध में सभी को अवगत कराया गया है। ग्रामीणों को यह जानकारी भी दी जा रही है कि स्वभाविक रूप से चीते किसी को नुकसान नहीं पहुंचाते है। चीता जब आबादी क्षेत्र अथवा खेतों में दिखाई दे तो तत्काल वन विभाग को अवगत कराया जाये, जिससे उन्हें किसी भी प्रकार से नुकसान न पहुँचे। भारत में चीतों की पुनर्बसाहट के लिए यह परियोजना अति महत्वपूर्ण है। इस दौरान चीता मित्र कुलदीप आदिवासी सिलोरी, संग्राम आदिवासी एवं कु. राजनदंनी आदिवासी हथेडी, श्रीमती मल्हा आदिवासी सेसईपुरा, शिवम आदिवासी पालपुर, विनोद आदिवासी पैरा, रामलखन आदिवासी कराहल, लालाराम आदिवासी सेसईपुरा, दौलतराम आदिवासी सेसईपुरा और सतीश आदिवासी मोरावन मौजूद रहें। इस अवसर पर वन विभाग के प्रमुख सचिव संदीप यादव, पीसीसीएफ शुभरंजन सेन, कमिश्नर सुरेश कुमार, आईजी सचिन अतुलकर, कलेक्टर सुशीला दाहिमा, पुलिस अधीक्षक सुधीर अग्रवाल, सीसीएफ उत्तम कुमार, डीएफओ आर थिरूकुराल सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहें। उल्लेखनीय है कि कूनो नेशनल पार्क में चीतों की पुनर्स्थापन योजना को लगभग साढ़े तीन वर्ष से अधिक का समय हो गया है। नेशनल पार्क में नामीबिया, दक्षिण अफ्रीका एवं बोत्सवाना से चीतों को लाया गया है, वर्तमान में देश में चीतों की संख्या 52 है, जिनमें से 49 चीते कूनो नेशनल पार्क में तथा 03 चीते मंदसौर स्थित गांधी सागर अभ्यारण में मौजूद है। भारत में जन्मे चीतो की संख्या 32 है, चीता प्रोजेक्ट निरंतर सफलता की ओर आगे बढ रहा है। राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु चीता मित्रों से संवाद के उपरांत हेलीकॉप्टर से ग्वालियर के लिये रवाना हुई। हेलीपेड पर राज्यपाल मंगुभाई पटेल, मीनिस्टर इन वेटिंग एवं जिले के प्रभारी मंत्री राकेश शुक्ला, सांसद शिवमंगल सिंह तोमर सहित जनप्रतिनिधि एवं अधिकारियों ने आदरपूर्वक विदाई दी।  

ATS जांच में बड़ा खुलासा! संदिग्ध आतंकी ने उगले राज, मिशन-2047 के तहत सक्रिय था मॉड्यूल

भोपाल  मध्यप्रदेश में आतंकी नेटवर्क के खुलासे के बाद गिरफ्तार किए गए इजहार उल हक ने खुलासा किया है कि ये लोग पाकिस्तानी आतंकी ग्रुप से जुड़े हुए थे और मिशन 2047 पर काम कर रहे थे। एटीएस की जाँच के दौरान आतंकी ने माना है कि सभी आतंकी एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग प्लेटफॉर्म्स, जैसे-व्हाट्सएप और टेलीग्राम के जरिए पाकिस्तान स्थित आकाओं के संपर्क में थे। इनका उद्देश्य देशभर में नेटवर्क खड़ा करना, युवाओं का ब्रेनवॉश कर उन्हें स्लीपर सेल के रूप में तैयार करना था। इसके तहत पीएफआई (पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया) के एजेंडे को साल 2047 तक देश में लागू करना मुख्य मकसद था। एटीएस के अनुसार, इस एजेंडे का उद्देश्य देश में कट्टर इस्लामिक कानून लागू करना बताया गया है। पूछताछ में इजहार ने बताया कि देशभर में तैयार हो रहे उनके कथित मुजाहिद्दीन समय आने पर एक साथ बाहर आएंगे और शासन को उखाड़ फेंकेंगे। यह भरोसा उन्हें पाकिस्तानी हैंडलर्स ने दिलाया था। उन्हें शपथ दिलाई गई थी कि समय आने पर उन्हें टारगेट किलिंग और देश में डर का माहौल पैदा करने जैसे काम करने होंगे। इनका मकसद ‘पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया’ यानी PFI के ‘मिशन-2047’ के लिए काम कर रहे थे। एटीएस के मुताबिक, पीएफआई का मकसद साल 2047 तक देश में इस्लामी कानून लागू करना है। पूछताछ में इजहार उल हक ने बताया है कि वक्त आने पर सभी आतंकी एक साथ बाहर आएँगे और शासन को उखाड़ फेकेंगे। उन्हें टारगेट किलिंग और देश में डर का माहौल पैदा करना है। सदस्यों के काम करने के तरीके पर पूछताछ जारी बिहार के मधुबनी से गिरफ्तार इजहार उल हक से पूछताछ में कथित नेटवर्क की भूमिका और उसके सदस्यों के काम करने के तरीके को लेकर जानकारी मिली है। एटीएस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस नेटवर्क में कौन-कौन लोग जुड़े थे और किस स्तर तक इसकी गतिविधियां फैली हुई थीं। तमाम जानकारियां हासिल करने के लिए एटीएस ने इजहार को 22 जून तक रिमांड पर लिया हुआ है। पाकिस्तानी हैंडलर्स ने कहा- जिहादी बनो, शहादत मिलेगी फराज से पूछताछ में सामने आए इनपुट के मुताबिक सभी संदिग्ध कथित तौर पर पाकिस्तानी वॉट्सएप ग्रुप के संपर्क में थे। जांच के अनुसार, फराज पाकिस्तानी हैंडलर्स के कहने पर अन्य युवकों को जोड़ने का काम शुरू कर चुका था। इसका मकसद युवाओं को देश विरोधी गतिविधियों में शामिल करना था। एटीएस की पूछताछ में फराज ने इसकी पुष्टि की है। नईम के संपर्क में रहा था फराज पूछताछ में फराज ने बताया कि वह पिछले 5-6 सालों से देवबंद निवासी नईम अब्दुल्ला के संपर्क में था। नईम ने ही फराज और बिहार निवासी संदिग्ध आतंकी का परिचय कथित पाकिस्तानी हैंडलर्स से कराया था। हैंडलर्स ने फराज को कथित तौर पर जिहाद के नाम पर प्रभावित किया और वीडियो कॉल के जरिए शपथ दिलाई कि वह सच्चा जिहादी बनेगा। हैंडलर्स द्वारा दिए गए कामों को अंजाम तक पहुंचाएगा और जिहाद के रास्ते पर चलते हुए अपनी जान देने से भी पीछे नहीं हटेगा। भारत के कई राज्यों सहित पाकिस्तान के लोगों से संपर्क चारों संदिग्धों ने पूछताछ में टेलीग्राम और वॉट्सएप ग्रुप के जरिए भारत और पाकिस्तान में नेटवर्क से जुड़े सक्रिय लोगों के संपर्क में रहने की बात स्वीकार की है। फराज को सोशल मीडिया ग्रुप में 'खालिद सैफुल्ला' के नाम से जाना जाता था। हैंडलर्स ने कथित तौर पर लोगों में भय पैदा करने और समय आने पर बताए गए टारगेट पर कार्रवाई करने का टास्क दिया था। गौरतलब है कि इजहार उल हक को बिहार के मधुबनी से गिरफ्तार किया गया था। जबकि मोहम्मद फराज को भोपाल से गिरफ्तार किया गया था। उसे खालिद सैफुल्लाह नाम से पाकिस्तानी हैंडलर ने लश्कर कमांडर के तौर पर पेश किया था। उसका काम स्लीपर सेल तैयार करना था। इसी तरह नईम अब्दुल्ला यूपी के सहारनपुर से गिरफ्तार किया गया था। वह मोम्मद फराज को ऑनलाइन ग्रुप से जोड़ा था। आरोपितों के पास से संदिग्ध डिजिटल दस्तावेज और सामग्री बरामद हुई थी, जिसकी फोरेंसिक जाँच चल रही है। फराज को दिए थे पासपोर्ट बनवाने के निर्देश हैंडलर्स ने फराज को पासपोर्ट बनवाने के निर्देश भी दिए थे। उसे भरोसा दिलाया गया था कि किसी अन्य देश के रास्ते पाकिस्तान बुलाया जाएगा, जहां उसे मुजाहिदीन बनने की ट्रेनिंग दी जाएगी। एटीएस की दबिश के दौरान फराज के कमरे से मिली जिहादी सामग्री की जांच की जा रही है।

तबादला आदेशों से MSME विभाग में नाराजगी, अब जूनियर अधिकारियों को मिली वरिष्ठों की CR लिखने की जिम्मेदारी

भोपाल  वाणिज्यिक कर विभाग के बाद अब मध्यप्रदेश के एमएसएमई (सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम) विभाग में तबादलों और प्रभार आदेशों को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। विभाग के भीतर आरोप लग रहे हैं कि वरिष्ठ अधिकारियों को नजरअंदाज कर जूनियर अधिकारियों को बड़े पदों की जिम्मेदारी सौंप दी गई है। इस फैसले का विभाग के कई अधिकारी खुलकर विरोध कर रहे हैं। विवाद 15 और 16 जून को जारी हुए प्रभार आदेशों को लेकर है। अधिकारियों का कहना है कि विभाग ने ऐसी व्यवस्था लागू कर दी है जिसे कर्मचारी "चार्ज के ऊपर चार्ज" की व्यवस्था बता रहे हैं। यानी जिन अधिकारियों का मूल पद सहायक प्रबंधक है और जो वर्तमान में प्रभारी प्रबंधक के रूप में काम कर रहे हैं, उन्हें जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र (डीआईसी) के महाप्रबंधक का प्रभार सौंप दिया गया है। इन अधिकारियों को मिला महाप्रबंधक का प्रभार     सुबोध कुमार श्रीवास्तव को मंडीदीप     जेपी तिवारी को रीवा     शिवशंकर सिंह को निवाड़ी     सुरेश कुमार गोस्वामी को भिंड     राममूर्ति खरे को अनूपपुर     अजय तिवारी को शिवपुरी     बीएल अहिरवार को दमोह जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक का प्रभार दिया गया है। यही नियुक्तियां पूरे विवाद की मुख्य वजह बनी हुई हैं। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि ये सभी अधिकारी प्रभारी प्रबंधक के रूप में कार्यरत हैं, जबकि उन्हें महाप्रबंधक जैसे उच्च पद का प्रभार सौंपा गया है। 60 से ज्यादा राजपत्रित अधिकारी होने के बावजूद नहीं मिला मौका अधिकारियों का कहना है कि विभाग में एमपीपीएससी के माध्यम से चयनित वर्ष 2016, 2017 और 2019 बैच के 60 से अधिक वर्ग-2 राजपत्रित अधिकारी कार्यरत हैं। इनमें प्रबंधक और सहायक संचालक स्तर के अधिकारी शामिल हैं। इसके बावजूद इन अधिकारियों को नजरअंदाज कर प्रभारी प्रबंधकों को महाप्रबंधक का प्रभार देने से विभाग में असंतोष बढ़ गया है। अधिकारियों का सवाल है कि जब नियमित रूप से चयनित और वरिष्ठ अधिकारी उपलब्ध हैं, तो उन्हें जिम्मेदारी क्यों नहीं दी गई। पदोन्नति रोकी, फिर भी बड़े पदों का प्रभार दिया विभाग के भीतर यह भी नाराजगी है कि लंबे समय से पदोन्नति की प्रक्रिया लंबित है। अधिकारियों का कहना है कि एक ओर विभाग पदोन्नति नहीं कर रहा, वहीं दूसरी ओर प्रभारी व्यवस्था के जरिए जूनियर अधिकारियों को वरिष्ठ पदों का प्रभार देकर वरिष्ठता और योग्यता को दरकिनार किया जा रहा है। कई अधिकारियों का मानना है कि यह व्यवस्था विभागीय पदक्रम और सेवा नियमों के विपरीत है तथा इससे वरिष्ठ अधिकारियों का मनोबल प्रभावित होगा। जूनियर अधिकारी लिखेंगे वरिष्ठों की सीआर विवाद की एक बड़ी वजह गोपनीय चरित्रावली (सीआर) भी है। विभागीय सूत्रों के अनुसार कई जिलों में अब वर्ग-2 राजपत्रित अधिकारी ऐसे अधिकारियों के अधीन काम करेंगे जो मूल रूप से वर्ग-3 सेवा श्रेणी से हैं। ऐसी स्थिति में जूनियर अधिकारी वरिष्ठ अधिकारियों की सीआर लिखेंगे। अधिकारियों का कहना है कि यह सेवा संरचना और प्रशासनिक व्यवस्था दोनों के लिहाज से असामान्य स्थिति है। प्रशासनिक आधार पर उठ रहे सवाल विभाग के भीतर चर्चा है कि यदि नियमित राजपत्रित अधिकारी उपलब्ध हैं, तो फिर प्रभारी व्यवस्था के जरिए उच्च पदों का प्रभार देने के पीछे क्या प्रशासनिक आधार अपनाया गया है। इसी कारण इन आदेशों को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं। विभाग में असंतोष का माहौल इन आदेशों के बाद विभाग के कई अधिकारी खुद को उपेक्षित महसूस कर रहे हैं। उनका कहना है कि वरिष्ठता, योग्यता और चयन प्रक्रिया को महत्व देने के बजाय प्रभार व्यवस्था के माध्यम से नियुक्तियां की जा रही हैं। इससे विभाग में असंतोष और निराशा का माहौल बन गया है। फिलहाल विभाग की ओर से इस विवाद पर कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है, लेकिन प्रभार आदेशों को लेकर चर्चा और विरोध लगातार बढ़ रहा है।

राष्ट्रपति के MP दौरे का समापन, कूनो भ्रमण के बाद ग्वालियर से दिल्ली रवाना; राज्यपाल रहे मौजूद

ग्वालियर  राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु मध्यप्रदेश के भ्रमण के उपरांत 22 जून को सुबह 10.35 बजे वायुसेना के विमान से ग्वालियर से दिल्ली रवाना हुईं। राष्ट्रपति श्योपुर जिले के कूनों से प्रात: 9.15 बजे हैलीकॉप्टर द्वारा रवाना होकर वायुसेना के विमानतल महाराजपुरा ग्वालियर पधारीं। उनके साथ मध्यप्रदेश के राज्यपाल मंगुभाई पटेल भी आए। ग्वालियर विमानतल पर राज्यपाल मंगुभाई पटेल, प्रदेश के जल संसाधन मंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री तुलसीराम सिलावट, सामाजिक न्याय एवं उद्यानिकी मंत्री नारायण सिंह कुशवाह, ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर, सांसद भारत सिंह कुशवाह एवं महापौर शोभा सिकरवार ने विदाई दी। विमानतल पर अपर मुख्य सचिव मनु श्रीवास्तव, डीजी होमगार्ड सुश्री प्रज्ञा रिचा श्रीवास्तव, संभागीय आयुक्त मनोज खत्री, आईजी अरविंद कुमार सक्सेना, डीआईजी असित यादव, कलेक्टर रुचिका चौहान, पुलिस अधीक्षक धर्मवीर सिंह, नगर निगम आयुक्त संघ प्रिय एवं वायु सेना के अधिकारी उपस्थित थे। कूनो सफारी से किया जंगल भ्रमण राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कूनो सफारी से किया जंगल भ्रमण, चीता परिवार को नजदीक से देखा। कूनो नेशनल पार्क के दो दिवसीय दौरे पर आई राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने सोमवार को सुबह चीता सफारी से कूनो के जंगल का भ्रमण किया। उन्होंने चीता और उनके शावकों को नजदीक से देखा। राष्ट्रपति ने सफारी के बाद आदिवासी समाज के चीता मित्र, सफारी ड्राइवर और गाइड से बातचीत की। प्रशासन, पुलिस, वन विभाग और अन्य विभागों के अधिकारियों ने श्योपुर जिले की पहचान से जुड़े उपहार भी राष्ट्रपति को भेंट किए हैं। कुछ ही देर में वह कूनो से प्रस्थान करेगी।  

गर्मी और बारिश का डबल अटैक! मध्यप्रदेश के 5 जिलों में हीटवेव, जानें कब पहुंचेगा मानसून

भोपाल  मध्य प्रदेश में 26 जून तक हीटवेव (लू), गर्मी और आंधी-बारिश वाला मौसम रहेगा। मानसून के नहीं आने और प्री-मानसून की एक्टिविटी कम होने से उमस-गर्मी बढ़ी है। पिछले 2 दिन से जबलपुर संभाग में लू का असर भी है। मौसम केंद्र (IMD) भोपाल ने अगले 4 दिन तक जबलपुर, रीवा और सागर संभाग के जिलों में हीटवेव का अलर्ट जारी किया है। सोमवार को नरसिंहपुर, जबलपुर, मंडला, उमरिया और डिंडौरी में दिन में गर्म हवाएं चलेंगी, जबकि शाम के बाद आंधी-बारिश होने का अनुमान है। ग्वालियर, भिंड, मुरैना, दतिया, श्योपुर, गुना, नीमच, मंदसौर, रतलाम, आगर-मालवा, राजगढ़, भोपाल, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, बुरहानपुर, खंडवा, खरगोन, देवास, सीहोर, इंदौर, उज्जैन, शाजापुर, छिंदवाड़ा, सिवनी और बालाघाट में गर्मी का असर रहने का अनुमान है। इन जिलों में आज बारिश हीटवेव-गर्मी के बीच 21 से अधिक जिलों में आंधी-बारिश वाला मौसम भी रहेगा। झाबुआ, आलीराजपुर, धार, बड़वानी, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, शहडोल, मैहर, अनूपपुर, कटनी, दमोह, सागर, विदिशा और अशोकनगर में तेज आंधी का अलर्ट है। रायसेन में ढाई इंच पानी गिरा, भोपाल-सतना में भी तेज बारिश प्रदेश में रविवार को भी तेज आंधी-बारिश का दौर जारी रहा। रायसेन में 61 मिमी यानी, करीब ढाई इंच पानी गिर गया। भोपाल में दोपहर में तेज बारिश हुई, जबकि सतना में पौन इंच बारिश दर्ज की गई। जबलपुर, खजुराहो, नौगांव, सिवनी में भी बारिश का दौर बना रहा। रविवार को दिन के तापमान में गिरावट आई है। प्रदेश के 5 बड़े शहरों की बात करें तो भोपाल में 35.3 डिग्री, इंदौर में 37.1 डिग्री, ग्वालियर में 39.7 डिग्री, उज्जैन में 36 डिग्री और जबलपुर में पारा 38 डिग्री सेल्सियस रहा। पचमढ़ी में सबसे कम 32.2 डिग्री सेल्सियस रहा। सिवनी-शिवपुरी में 35 डिग्री, रायसेन में 36 डिग्री, सागर-टीकमगढ़ में 36.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दतिया में सबसे ज्यादा 40.6 डिग्री रहा। प्रदेश में मानसून 4 दिन लेट प्रदेश में मानसून 7 दिन लेट हो गया है, जबकि इसकी एंट्री को 4 दिन और लगेंगे। IMD ने 25 जून के बाद प्रदेश में मानसून के दस्तक देने का अनुमान जताया है। 23 जून को यह छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र की ओर आगे बढ़ सकता है। 15 जून तक मानसून की एंट्री हो जाती है मौसम विभाग के मुताबिक, प्रदेश में मानसून की सामान्यत: 15 जून के आसपास एंट्री हो जाती है, लेकिन इस बार 22 जून तक मानसून का अता-पता नहीं है। तेलंगाना में 8 जून से ही मानसून अटका हुआ है। हालांकि, यह धीमी रफ्तार से आगे बढ़ रहा है। ऐसे में 23 जून को छत्तीसगढ़ आने की संभावना है। रफ्तार तेज रहती है तो यह एमपी में 25 जून के आसपास आ सकता है। पिछली बार यह 16 जून को ही आ गया था। बारिश का आंकड़ा घटा मानसून के लेट होने से जून की सामान्य बारिश का आंकड़ा भी तेजी से घट रहा है। प्रदेश में 48 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है। इनमें से पूर्वी हिस्से जैसे- जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग के 24 जिलों में 69 प्रतिशत पानी कम गिरा है। पश्चिमी हिस्से के संभाग- भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, चंबल और नर्मदापुरम में आंकड़ा 29 प्रतिशत कम है। प्रदेश के 55 में से 45 जिलों में बारिश का आंकड़ा माइनस में है। अलीराजपुर में एक बूंद भी रिकॉर्ड नहीं हुई है, जबकि भोपाल में सबसे ज्यादा साढ़े 4 इंच पानी गिर चुका है। देश के मौसम का हाल दिल्ली और एनसीआर इलाके के लोगों को उमस और गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है क्योंकि मौसम विभाग ने आंधी-तूफान के साथ बारिश का अनुमान लगाया है. इससे दिन भर में अधिकतम तापमान 38 और न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की उम्मीद है. मौसम विभाग ने यह भी कहा है कि दिल्ली में दोपहर के समय आंधी-तूफान और तेज हवा चल सकती है. हवा की स्पीड 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे पहुंच सकती है, और हवा के झोंके 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं।  उत्तर-पश्चिमी और पूर्वी भारत आईएमडी ने जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, राजस्थान और यूपी सहित उत्तर-पश्चिम में छिटपुट वर्षा का अनुमान लगाया है. हिमाचल और उत्तराखंड के लिए भारी अलर्ट जारी किए गए हैं, क्योंकि दोनों में 22-23 जून के दौरान 40-50 किमी प्रति घंटे की गति से गरज के साथ छींटे पड़ सकते हैं, जो 60 किमी प्रति घंटे की गति तक पहुंच सकते हैं. पूरे सप्ताह अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में व्यापक वर्षा की गतिविधि होने की संभावना है।  पूर्वी और पश्चिमी भारत सब-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 23-25 ​​जून तक भारी बारिश होने की उम्मीद है. बिहार, झारखंड और ओडिशा में भी तेज हवा के साथ गरज के साथ बारिश होने की उम्मीद है. 22 जून को हवा की स्पीड 50-60 किलोमीटर प्रति घंटे से बढ़कर 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुँच सकती है. मौसम विभाग ने 22-28 जून के दौरान गुजरात, कोंकण और गोवा, मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा में बारिश की गतिविधि का अनुमान लगाया है।  मध्य भारत मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और विदर्भ में 22 से 26 जून तक बारिश जारी रहने की संभावना है. मौसम विभाग ने पूर्वी और पश्चिमी मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और विदर्भ में कहीं-कहीं बारिश, गरज, बिजली कड़कने और तेज हवा का अनुमान लगाया है. मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ़्तार से 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ़्तार से तेज़ हवा भी चल सकती हैं।  दक्षिणी भारत दक्षिणी भारत में इस हफ़्ते तेलंगाना, तटीय आंध्र प्रदेश, रायलसीमा, कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु, पुडुचेरी और लक्षद्वीप में बारिश होने की उम्मीद है. 22 जून को तमिलनाडु, तेलंगाना और केरल में भारी बारिश होगी।  लू के हालात हीटवेव की स्थिति 22-25 जून के दौरान छत्तीसगढ़, पूर्वी मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश में कुछ जगहों पर हो सकती है. कर्नाटक और ओडिशा में आज रात के समय मौसम गर्म रहने का अनुमान है। 

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर पुलिस परिवार ने किया सामूहिक योगाभ्यास

भोपाल अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर आज धृति कल्याण शाखा, पुलिस मुख्यालय भोपाल द्वारा 25वीं वाहिनी के हॉल में योग कार्यक्रम एवं धृति 23वीं वाहिनी परिसर में वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य पुलिस परिवार के सदस्यों में स्वास्थ्य, मानसिक संतुलन, सकारात्मक जीवनशैली तथा पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता को प्रोत्साहित करना था। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि श्रीमती सीमा मकवाणा के साथ श्रीमती प्रियंवदा सक्सेना, श्रीमती अनुपमा कुमार, श्रीमती टिंग रॉय, श्रीमती भारती प्रसाद तथा श्रीमती गीता गोस्वामी की गरिमामयी उपस्थिति रही। इस अवसर पर पुलिस लाइन नेहरू नगर, 23वीं वाहिनी विसबल, 25वीं वाहिनी विसबल, 7वीं वाहिनी विसबल भोपाल तथा झूला घर पुलिस मुख्यालय भोपाल से जुड़े पुलिस परिवार की महिलाओं एवं बच्चियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। योग कार्यक्रम के दौरान सामूहिक सूर्य नमस्कार का आयोजन किया गया तथा महिलाओं एवं बच्चियों द्वारा योग आधारित विभिन्न आकर्षक प्रस्तुतियां दी गईं। इन प्रस्तुतियों के माध्यम से योग के महत्व, स्वस्थ जीवनशैली, आत्मानुशासन एवं मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता का संदेश दिया गया। कार्यक्रम में उपस्थित सभी प्रतिभागियों ने नियमित योग को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने का संकल्प लिया। योग कार्यक्रम के उपरांत धृति 23वीं वाहिनी परिसर में वृक्षारोपण किया गया। इस दौरान पर्यावरण संरक्षण, हरित विकास तथा भावी पीढ़ियों के लिए स्वच्छ एवं स्वस्थ वातावरण के निर्माण का संदेश देते हुए सभी ने अधिक से अधिक वृक्ष लगाने और उनकी देखभाल करने का संकल्प लिया। संपूर्ण कार्यक्रम सहायक पुलिस महानिरीक्षक (कल्याण) श्रीमती इरमीन शाह के कुशल नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। उल्लेखनीय है कि अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर मध्यप्रदेश पुलिस की सभी इकाइयों, जिलों, रेंज कार्यालयों, पुलिस प्रशिक्षण संस्थानों एवं वाहिनियों में पुलिस अधिकारियों, कर्मचारियों तथा जवानों ने सामूहिक रूप से योगाभ्यास किया। योग सत्रों में सहभागियों ने विभिन्न योगासन, प्राणायाम एवं ध्यान का अभ्यास कर स्वस्थ जीवनशैली, मानसिक संतुलन एवं शारीरिक फिटनेस का संदेश दिया।  

गुना के डायल-112 हीरोज कार दुर्घटना में घायल हुए 5 व्यक्तियों को अस्पताल पहुँचाया

भोपाल  गुना जिले के थाना आरोन क्षेत्र में डायल-112 जवानों की तत्परता एवं साहसिक कार्रवाई से सड़क दुर्घटना में घायल 05 व्यक्तियों को सुरक्षित सहायता कर समय पर अस्पताल पहुँचाया गया। इस त्वरित कार्रवाई से घायलों को शीघ्र चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराई जा सकी। 21 जून को राज्य स्तरीय पुलिस कंट्रोल रूम डायल-112, भोपाल को सूचना प्राप्त हुई कि थाना आरोन क्षेत्र अंतर्गत आरोन–राघौगढ़ मार्ग पर ग्राम शहरोक से आगे जंगल क्षेत्र में एक कार अनियंत्रित होकर सड़क से नीचे उतरकर दुर्घटनाग्रस्त हो गई है। तत्काल पुलिस सहायता की आवश्यकता है। सूचना प्राप्त होते ही आरोन थाना क्षेत्र में तैनात डायल 112 वाहन को घटनास्थल के लिए रवाना किया गया। डायल-112 स्टाफ सैनिक श्री शिवेंद्र रघुवंशी एवं पायलट श्री हेमराज भील ने मौके पर पहुँचकर पाया कि एक कार सड़क से नीचे उतरकर दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी, जिसमें सवार 05 व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गए थे। डायल-112 जवानों ने तत्परता एवं साहस का परिचय देते हुए दुर्घटनाग्रस्त वाहन में फँसे सभी घायलों को सुरक्षित बाहर निकाला तथा प्राथमिक सहायता प्रदान की। इसके बाद सभी घायलों को तत्काल डायल 112 वाहन से सिविल अस्पताल, आरोन पहुँचाया । डायल-112 जवानों की त्वरित सहायता एवं मानवीय कार्यवाही से सभी घायलों को समय पर चिकित्सा सहायता उपलब्ध हो सकी। डायल-112 हीरोज श्रृंखला के अंतर्गत यह घटना दर्शाती है कि मध्यप्रदेश पुलिस की डायल-112 सेवा आपात परिस्थितियों में त्वरित राहत, बचाव एवं सहायता प्रदान करने हेतु सदैव सजग, संवेदनशील एवं प्रतिबद्ध है।  

विगत 10 दिनों में 2 करोड़ 90 लाख रूपए से अधिक मूल्य के मादक पदार्थ एवं अन्य संपत्ति जब्त

भोपाल  मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा प्रदेशभर में गांजा, एमडी ड्रग्स, स्मैक (हेरोइन), ब्राउन शुगर, डोडाचूरा तथा प्रतिबंधित कफ सिरप के अवैध उत्पादन, परिवहन, भंडारण एवं विक्रय में संलिप्त तस्करों के विरुद्ध लगातार कार्रवाई की जा रही है। पुलिस की तकनीकी, खुफिया एवं मैदानी स्तर पर समन्वित कार्रवाई के परिणामस्वरूप कई महत्वपूर्ण सफलताएं प्राप्त हुई हैं। इसी क्रम में विगत 10 दिनों में पुलिस ने विभिन्न जिलों में कार्रवाही में लगभग 2 करोड़ 90 लाख रुपए से अधिक मूल्य के मादक पदार्थ एवं अन्य संपत्ति जब्त की है। भोपाल क्राइम ब्रांच ने अवैध मादक पदार्थों के विरुद्ध बड़ी कार्रवाई करते हुए 170 किलो 90 ग्राम गांजा, 396 एल्यूमिनियम सिल्लियां तथा तस्करी में प्रयुक्त एक आइशर ट्रक सहित लगभग 1 करोड़ 33 लाख रुपये मूल्य की संपत्ति जब्त कर एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। मंदसौर पुलिस ने अवैध मादक पदार्थों के विरूद्ध प्रभावी कार्रवाई करते हुए विभिन्न प्रकरणों में 607 किलोग्राम डोडाचूरा, 600 ग्राम एमडी ड्रग्स तथा तस्करी में प्रयुक्त वाहन सहित लगभग 66 लाख 30 हजार रुपए की संपत्ति जब्त कर 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया। सतना पुलिस ने गोदाम में छापामार कार्रवाई कर 260 किलोग्राम गांजा एवं 7200 सीसी ऑनरेक्स कफ सिरप सहित लगभग 28 लाख रुपये है। उमरिया पुलिस ने प्रतिबंधित कफ सिरप के अवैध परिवहन के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए वाहन, नकदी एवं अन्य सामग्री सहित लगभग 15 लाख 11 हजार रुपए की संपत्ति जब्त की है। साथ ही चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। उज्जैन पुलिस ने नरवर एवं जीवाजीगंज थाना क्षेत्रों में एमडी ड्रग्स तस्करी के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए एमडी ड्रग्स एवं तस्करी में प्रयुक्त वाहन सहित लगभग 14 लाख 50 हजार रुपए की संपत्ति जब्त की है। मैहर पुलिस ने रामनगर क्षेत्र में कार्रवाई कर 35 किलो 90 ग्राम गांजा एवं परिवहन में प्रयुक्त वाहन सहित लगभग 14 लाख 25 हजार रुपए की संपत्ति जब्त की है। जबलपुर क्राइम ब्रांच एवं थाना पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में 11 किलो 237 ग्राम गांजा एवं 30 किलो 631 ग्राम डोडाचूरा जब्त कर लगभग 7 लाख 61 हजार रुपए की संपत्ति जब्त की है। इसके अतिरिक्त ग्वालियर पुलिस ने दो अलग-अलग प्रकरणों में कार्रवाई करते हुए कुल 25 किलो 410 ग्राम से अधिक गांजा, एक इलेक्ट्रिक स्कूटी सहित लगभग 2 लाख 45 हजार रुपए से अधिक की संपत्ति, हरदा पुलिस ने एमडी पाउडर के साथ आरोपी को गिरफ्तार कर लगभग 2 लाख 20 हजार रुपए से अधिक की संपत्ति, दमोह पुलिस ने 20.5 किलोग्राम गांजा, मोटरसाइकिल एवं मोबाइल सहित लगभग 2 लाख रुपए की संपत्ति, सागर जिले के थाना बीना पुलिस ने 1.405 किलोग्राम गांजा एवं तस्करी में प्रयुक्त मोटरसाइकिल सहित लगभग 1 लाख 40 हजार रुपए की संपत्ति, खरगोन पुलिस ने ब्राउन शुगर तस्कर को गिरफ्तार कर लगभग 1 लाख रुपए मूल्य की ब्राउन शुगर, सीहोर पुलिस ने 24.780 किलोग्राम डोडा चूरा जब्त कर लगभग 1 लाख रुपए से अधिक की संपत्ति, डिंडोरी पुलिस ने लगभग 2 किलोग्राम गांजा सहित करीब 81 हजार रुपए की संपत्ति, अशोकनगर पुलिस ने स्मैक के साथ एक आरोपी को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से लगभग 60 हजार रुपए की संपत्ति एवं पन्ना पुलिस ने लगभग 27 हजार रुपए अवैध गांजे के साथ आरोपी को गिरफ्तार किया है। मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा नशा तस्करी के नेटवर्क को ध्वस्त करने, आर्थिक स्रोतों पर प्रहार करने तथा युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों से बचाने के उद्देश्य से निरंतर कार्रवाई की जा रही है। मध्यप्रदेश पुलिस नागरिकों से अपील करती है कि नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार, परिवहन अथवा बिक्री संबंधी किसी भी प्रकार की सूचना तत्काल स्थानीय पुलिस अथवा डायल-112 को उपलब्ध कराएं। नागरिकों की पहचान पूर्णतः गोपनीय रखी जाएगी।