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सेवा संकल्प अभियान अंतर्गत लगाए गए एक हजार 345 शिविर

इन्दौर, भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर, झाबुआ एवं आलीराजपुर में बनाई गई हृयूमन रंगोली मुख्यमंत्री ने डॉ. ढालसिंह बिसेन को उत्तराखंड का राज्यपाल नियुक्त होने पर दी बधाई मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रि-परिषद की बैठक से पहले किया संबोधित भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के सफल और उपलब्धियों से भरे 25 वर्ष पूर्ण होने पर आरंभ सेवा सेतु अभियान के अंतर्गत प्रदेश में 01 हजार 345 शिविर लगाए गए। इन शिविरों में 17 लाख 18 हजार से अधिक आवेदन प्राप्त हुए तथा 15 लाख 83 हजार आवेदकों को हितलाभ मिला है। उन्होंने बताया कि सेवा ज्योति यात्रा में लगभग 01 हजार 600 यात्राएं निकालीं गईं। यात्राएं लगभग 15 हजार ग्रामीण और नगरीय क्षेत्र में निकाली गई। इन यात्राओं में 11 लाख से अधिक नागरिकों ने सहभागिता की। सेवा मेरा योगदान अंतर्गत कुल 11 प्रकार की सेवाओं में 50 लाख से अधिक नागरिकों ने सहभागिता की। नमो सेवा में 665 नुक्कड़ टोलियाँ बनीं, जिनकी 03 हजार 700 से अधिक प्रस्तुतियाँ हुई। सेवा के रंग – राष्ट्र के संग के अंतर्गत 06 जिलों इन्दौर, भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर, झाबुआ एवं आलीराजपुर में हृयूमन रंगोली बनाई गई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यह जानकारी मंत्रालय में मंत्रि-परिषद की बैठक से पहले अपने संबोधन में दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बालाघाट-सिवनी लोकसभा क्षेत्र के पूर्व सांसद और प्रदेश के वरिष्ठ नेता डॉ. ढालसिंह बिसेन को उत्तराखंड का राज्यपाल नियुक्त होने पर हार्दिक बधाई दी। पी.एम. आवास योजना शहरी में मध्यप्रदेश देश में तीसरे स्थान पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि प्रदेश के 05 जिलों क्रमश: डिण्डौरी, सीधी, उमरिया टीकमगढ़ एवं शहडोल को पी.एम. धन-धान्य कृषि योजना में बेहतर प्रदर्शन के लिए भारत सरकार सम्मानित कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस उपलब्धि के लिए कृषि मंत्री सहित संबंधित जिलों के कलेक्टर और कृषि विभाग के अधिकारियों को बधाई दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राष्ट्रीय पोषण माह-2026 में मध्यप्रदेश ने देश में तीसरा स्थान हासिल किया है। प्रदेश में पोषण जागरुकता से जुड़ी लगभग 2 करोड़ गतिविधियों की प्रविष्टियां दर्ज की गईं। मंदसौर और नीमच ने राष्ट्रीय स्तर पर क्रमशः पहला और दूसरा स्थान हासिल किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पी.एम. आवास योजना शहरी के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए भारत सरकार ने मध्यप्रदेश को पुरस्कृत किया है। इस योजना में मध्यप्रदेश पूरे देश में तीसरे स्थान पर रहा है। उन्होंने इस उपलब्धि के लिए विभाग को बधाई दी। उद्योग में 90 हजार करोड़ और पर्यटन 3,729 करोड़ रूपए के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि गत दिवस हुए मुम्बई रोड शो में अक्षय ऊर्जा और भंडारण, फार्मास्युटिकल, ई-बस, बायोगैस, स्मार्ट मीटर सहित अन्य मूलभूतउ उद्योग सेक्टरों में लगभग 90 हजार करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए। इससे लगभग 20 हजार से अधिक रोजगार सृजित होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि म.प्र. पर्यटन द्वारा प्रदेश में पर्यटन गतिविधियों को प्रोत्साहित करने के लिए आयोजित ट्रेवल मार्ट सफल रहा। इसमें 34 देशों के 100 से अधिक एवं भारत के 180 से अधिक पर्यटन उद्योग से जुड़े प्रतिनिधियों ने भाग लिया। दस हजार से अधिक बी2बी मीटिंग्स ने असीम पर्यटन संभावनाओं को वैश्विक पहचान दिलाई। मार्ट में लगभग 3,729 करोड़ रूपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए, जो निवेशकों के बढ़ते विश्वास को दर्शाते हैं। ये प्रस्ताव लक्जरी होटलों, वेलनेस रिसॉर्ट्स, गोल्फ कोर्स, वॉटरफ्रंट रिट्रीट्स और वन्यजीव लॉज के विकास से जुड़े हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सफल आयोजन के लिए पर्यटन विभाग को बधाई दी। उन्होंने कहा कि मार्ट की सफलता को देखते हुए एक तिथि निर्धारित कर प्रतिवर्ष यह आयोजन उस तिथि पर ही किया जाएगा। धार्मिक पर्यटन में उज्जैन सबसे आगे मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि देश के घरेलू पर्यटन पर हाल ही में एक रिपोर्ट प्रकाशित हुई है। रिपोर्ट के अनुसार मध्यप्रदेश में वर्ष-2021 में 4 करोड़ 88 लाख पर्यटक आये। वर्ष – 2025 में यह संख्या बढ़कर लगभग 21 करोड़ हो गई है, इनमें सबसे बड़ा आँकड़ा धार्मिक पर्यटन का है। उज्जैन में सर्वाधिक 08 करोड़ धार्मिक पर्यटक आये। प्रसन्नता का विषय है कि प्रदेश में पर्यटकों की संख्या में लगातार बढ़ोत्तरी हो रही है। तेजी से हो स्वामित्व योजना का काम मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्वामित्व योजना को लेकर बना गतिरोध अब समाप्त हो गया है। प्रसन्नता है कि पटवारी संवाद के बाद एक बार फिर अपने काम पर लौट रहे हैं। कर्मचारी हमारे कर्मयोगी है और सरकार उनके वाजिब हितों को संरक्षित करने के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पटवारियों से तेजी से काम प्रारंभ कर समय-सीमा में लक्ष्य पूर्ण करने की अपील की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ओबोसी आरक्षण के संबंध में कहा कि राज्य सरकार ओबीसी के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नोबेल शांति पुरस्कार के लिए सुश्री नवी पिल्ले को बधाई दी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि सुश्री नवी पिल्ले को वर्ष 2026 का नोबेल शांति पुरस्कार देने की घोषणा हुई है। वे दक्षिण अफ्रीका में जन्मीं है लेकिन भारतीय मूल की है। उनके दादा, परदादा भारत से दक्षिण अफ्रीका गए थे। उन्होंने जीवनभर युद्ध, नरसंहार, मानवता के खिलाफ होने वाले अपराधों के विरूद्ध और मानव अधिकारों के लिए लड़ाई लड़ी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सुश्री पिल्ले को हार्दिक बधाई दी।  

किसानों से धोखाधड़ी की तैयारी! मुरैना में नकली खाद फैक्ट्री पकड़ी, पुलिस ने किया खुलासा

मुरैना  प्रदेश के मुरैना में किसानों को नकली खाद तैयार करने के एक बड़े मामले का खुलासा हुआ है। जेवराखेरा रोड पर बुधवार शाम पुलिस ने एक प्लॉट में छापा मारकर नकली डीएपी खाद की पैकिंग का काम पकड़ा। मौके पर हरे रंग के उन बोरों में खाद भरा जा रहा था, जिन पर इंडियन पोटाश लिमिटेड कंपनी का नाम, प्रधानमंत्री की तस्वीर और भारतीय जन उर्वरक परियोजना का उल्लेख था। पुलिस को मौके से पैक किए हुए 300 बोरे मिले, जबकि एक कमरे में सफेद बोरों में भरा खाद भी बड़ी मात्रा में रखा था। स्टेशन रोड थाना प्रभारी दर्शन शुक्ला के मुताबिक जेवराखेरा रोड पर कॉलोनी की प्लॉटिंग के बीच एक प्लॉट में दीवार खड़ी कर टिनशेड बनाया गया था। इसी के भीतर आठ लोग बोरों की पैकिंग कर रहे थे। जांच में पता चला कि सफेद बोरों से खाद निकालकर उसे हरे रंग की पैकिंग में भरा जा रहा था, ताकि वह असली डीएपी खाद जैसा दिखाई दे। पानी में डालते ही घुल गया खाद पुलिस ने मौके पर मिली सामग्री की जांच के लिए कृषि विभाग को सूचना दी। इसके बाद उप संचालक कृषि अनंत सड़ैया अपनी टीम के साथ पहुंचे। अधिकारियों ने खाद का नमूना पानी में डालकर देखा तो वह तत्काल मिट्टी की तरह घुल गया। कृषि विभाग के अधिकारियों के अनुसार, डीएपी में मौजूद नाइट्रोजन का हिस्सा आसानी से घुल सकता है, लेकिन इसमें मौजूद फास्फोरस को पूरी तरह घुलने में 10 से 12 घंटे तक लग सकते हैं। मौके पर खाद के इस तरह घुलने के बाद अधिकारियों ने उसके नकली होने की आशंका जताई। अधिकारियों का कहना है कि सामान्य किसान के लिए केवल देखकर खाद की असलियत पहचानना मुश्किल हो सकता है। ऐसे में इस तरह की मिलावट किसानों तक पहुंचने पर उनकी फसल और खेती की लागत पर असर पड़ सकता है। हालांकि, खाद की गुणवत्ता और उसकी वास्तविक संरचना की पुष्टि के लिए प्रयोगशाला जांच महत्वपूर्ण होगी। 300 बोरे पैक मिले छापे के दौरान पुलिस को मौके पर पैकिंग के लिए इस्तेमाल की जा रही मशीन भी मिली। बाहर खड़े एक मिनी लोडिंग वाहन में डीएपी खाद के आठ बोरे रखे हुए थे। पूछताछ में सामने आया कि कुछ समय पहले ही एक लोडिंग वाहन से नकली बताए जा रहे खाद के बोरे वहां से भेजे गए थे। पुलिस ने मौके पर मिली खाद को जब्ती में लेकर जांच शुरू की। अब यह पता लगाने की जरूरत है कि खाद कहां से लाया जा रहा था, उसकी पैकिंग किसके निर्देश पर की जा रही थी और पहले भेजे गए बोरों की आपूर्ति किन लोगों तक हुई। दिहाड़ी पर लाए थे मजदूरों को प्लॉट में खाद की पैकिंग करते मिले आठ लोगों ने पूछताछ में बताया कि वे भवन निर्माण में मजदूरी करते हैं। उनके मुताबिक, सुबह दो लोग उनके पास आए थे और 700 रुपये मजदूरी देने की बात कहकर काम पर लाए थे। उन्हें बताया गया था कि रेत को बोरों में भरना है, लेकिन मौके पर पहुंचने के बाद सफेद बोरों से सामग्री निकालकर हरे बोरों में भरने का काम मिला। मजदूरों ने बताया कि काम पर लाने वाले दोनों व्यक्ति बाद में वापस नहीं लौटे। उन्होंने अपने नाम श्रीनिवास जाटव, देवेंद्र जाटव, रामअवतार पिप्पल, सतीश जाटव, गिर्राज जाटव, लाखन जाटव और बारेलाल पचौरी बताए। सभी ने अपना निवास उत्तमपुरा बताया। उपलब्ध जानकारी में आठवें मजदूर का नाम स्पष्ट नहीं है। अधूरे भवन में चल रहा था पूरा खेल जिस प्लॉट में खाद की पैकिंग की जा रही थी, वहां एक कच्चा और अधूरा भवन बना हुआ था। भवन की दीवार पर 'यह जगह बिकाऊ है' लिखा था। इसी स्थान पर खाद को कथित तौर पर असली कंपनी की पैकिंग जैसा रूप देने का काम चल रहा था।  

महिला आरक्षक को जेंडर परिवर्तन संबंधी मिली अनुमति

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पुलिस में पदस्थ महिला आरक्षक के जेंडर परिवर्तन संबंधी प्रकरण में गृह विभाग को अनुमति प्रदान करने की प्रक्रिया के संबंध में आवश्यक कार्यवाही शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए थे। इन निर्देशों के परिपालन में गृह विभाग द्वारा आदेश जारी किए गए हैं। प्रकरण में नियमानुसार आगामी कार्यवाही पुलिस मुख्यालय द्वारा की जा रही है। महिला आरक्षक द्वारा जेंडर परिवर्तन के संबंध में आवेदन प्रस्तुत किया गया था। प्रकरण के संबंध में भारत के राजपत्र में संबंधित अधिसूचना का प्रकाशन कराया गया तथा नोटरीकृत शपथ-पत्र भी प्रस्तुत किया गया था। प्रकरण के परीक्षण के लिए गांधी चिकित्सा महाविद्यालय, भोपाल में चिकित्सकीय परीक्षण कराया गया। इसके उपरांत मानसिक रोग विभाग के प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष द्वारा चिकित्सकीय प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया। जिला मेडिकल बोर्ड द्वारा भी प्रकरण में अनुशंसा की गई। प्रकरण से संबंधित दस्तावेजों एवं चिकित्सकीय अभिमतों के परीक्षण के उपरांत पुलिस मुख्यालय, भोपाल द्वारा आवश्यक निर्णय के लिए अनुशंसा सहित प्रकरण शासन को प्रेषित किया गया था।  

मनी रिस्टोरेशन मॉड्यूल के तहत स्टाम्प शुल्क 1 हजार रूपए से घटाकर 100 रूपए किए जाने की प्रक्रिया जारी

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर साइबर अपराधों के पीड़ितों को आर्थिक राहत प्रदान करने और उनकी ठगी गई धनराशि वापस दिलाने की प्रक्रिया को अधिक किफायती बनाने के उद्देश्य से राज्य शासन द्वारा महत्वपूर्ण निर्णय लिया जा रहा है। इसके तहत मनी रिस्टोरेशन मॉड्यूल के माध्यम से धनराशि की वापसी की प्रक्रिया पर देय स्टाम्प शुल्क 1 हजार रूपए से घटाकर 100 रूपए किया जाएगा। इस निर्णय से संबंधित प्रक्रिया में पीड़ितों पर पड़ने वाला आर्थिक भार कम होगा और उन्हें अपनी धनराशि वापस प्राप्त करने की प्रक्रिया में राहत मिलेगी। राज्य शासन की इस पहल से साइबर अपराध पीड़ितों के हितों की रक्षा और उन्हें आर्थिक राहत प्रदान करने के प्रयासों को बल मिलेगा। साइबर ठगी के मामलों में धनराशि वापस दिलाने की प्रक्रिया को कम खर्चीला बनाना पीड़ित-केंद्रित व्यवस्था की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। राज्य शासन साइबर अपराधों की रोकथाम, नागरिकों में साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने और साइबर अपराध से प्रभावित व्यक्तियों को सहायता उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयासरत है। नागरिकों से अपील है कि साइबर ठगी का शिकार होने पर तत्काल हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करें और आधिकारिक पोर्टल www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं, जिससे समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके।

स्वामी विवेकानंद युवा शक्ति मिशन के लक्ष्यों की समयबद्ध पूर्ति सुनिश्चित करें : सचिव रघुराज एम.आर.

रोजगार सृजन, नशामुक्ति जागरूकता और मानसिक स्वास्थ्य संबंधी गतिविधियों को प्रभावी बनाने के दिए निर्देश भोपाल स्वामी विवेकानंद युवा शक्ति मिशन के लक्ष्यों की समीक्षा के लिए विगत दिनों सचिव तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार विभाग रघुराज एम.आर. की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई। बैठक में सचिव रघुराज ने मिशन के उद्देश्यों की प्रभावी पूर्ति, रोजगार के अवसरों के सृजन और युवाओं के कल्याण से जुड़ी गतिविधियों को गति देने के संबंध में आवश्यक निर्देश दिए। सचिव रघुराज एम.आर. ने विभिन्न कंपनियों में रोजगार सृजन तथा भविष्य में उपलब्ध होने वाले रोजगार के लक्ष्यों की जानकारी संकलित करने के निर्देश दिए। उन्होंने शैक्षणिक संस्थानों में नशामुक्ति के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए प्रचार-प्रसार सामग्री तैयार कर प्रदर्शित करने पर जोर दिया। बैठक में श्रम प्रहरी पोर्टल पर पंजीकृत प्रतिष्ठानों और श्रमिकों की जानकारी मिशन की परियोजना प्रबंधन इकाई को उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए। साथ ही, शैक्षणिक संस्थानों में टेली-मानस हेल्पलाइन और मोबाइल एप के व्यापक प्रचार-प्रसार तथा विभागीय प्रमुख कार्य-निष्पादन संकेतकों की समीक्षा कर आवश्यक संशोधन करने के संबंध में निर्देशित किया गया। मिशन के उद्देश्यों को प्रभावी रूप से जन-जन तक पहुंचाने के लिए संबंधित विभागों के बीच समन्वय और जनसंपर्क गतिविधियों को सुदृढ़ करने पर भी बल दिया गया। बैठक में सुश्री अदिति गर्ग, मुख्य कार्यपालन अधिकारी, एमपीएसएसडीईजीबी, भोपाल; डॉ. संतोष कुमार गांधी, विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी, तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार विभाग; श्रीमती सुचिता तिर्की, अतिरिक्त संचालक, सामाजिक न्याय विभाग; सी.के. बघेल, संयुक्त संचालक, रोजगार संचालनालय; सुनील देसाई उपस्थित थे।  

अभियान का मुख्य उद्देश्य कोई भी पात्र मतदाता मतदाता सूची में शामिल होने से वंचित न रहे

भोपाल मध्यप्रदेश में सभी पात्र मतदाताओं के नाम मतदाता सूची में शामिल करने के उद्देश्य से प्रदेश के सभी विधानसभा क्षेत्रों में विशेष अभियान चलाया जा रहा है। भारत निर्वाचन आयोग एवं मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी, मध्यप्रदेश द्वारा यह सुनिश्चित करने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं कि कोई भी पात्र मतदाता मतदाता सूची में शामिल होने से वंचित न रहे। अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए प्रदेश के 55 जिला निर्वाचन अधिकारी, 230 निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ईआरओ), 532 सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (एईआरओ) तथा 71,930 बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) एवं संबंधित पर्यवेक्षक सक्रिय रूप से कार्य कर रहे हैं। इनके माध्यम से पात्र मतदाताओं को मतदाता सूची में शामिल करने तथा निर्वाचन संबंधी प्रक्रियाओं में सहायता उपलब्ध कराने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। मतदाता सूची संबंधी सहायता के लिए हेल्पडेस्क मतदाता सूची से संबंधित किसी भी शिकायत अथवा प्रपत्र-6 भरने में सहायता के लिए नागरिक कार्यालयीन समय में जिला स्तर पर जिला निर्वाचन अधिकारी तथा विधानसभा क्षेत्र स्तर पर निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी के कार्यालय में स्थापित हेल्प डेस्क से संपर्क कर सकते हैं। मतदाता सूची में नाम शामिल कराने तथा सूची से संबंधित अन्य दावे एवं आपत्तियां निर्धारित प्रपत्रों में प्रस्तुत की जा सकती हैं। नए मतदाताओं के नाम मतदाता सूची में शामिल कराने के लिए फॉर्म-6 में आवेदन किया जा सकता है। मतदाता सूची में नाम शामिल करने या हटाने के प्रस्ताव पर आपत्ति दर्ज कराने के लिए फॉर्म-7 निर्धारित है। वहीं, निवास स्थानांतरण, मतदाता सूची में प्रविष्टियों में सुधार, मतदाता पहचान पत्र (EPIC) के प्रतिस्थापन तथा दिव्यांग मतदाता के रूप में चिह्नित कराने के लिए फॉर्म-8 का उपयोग किया जा सकता है।  

श्रमिकों और कर्मचारियों के प्रतिनिधियों से मिले CM यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि सभी वर्गों को मूलभूत सुविधाएं तथा आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है। सभी के हित के लिए विभिन्न कल्याणकारी गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। सभी विभाग, प्रदेश में सक्रिय उनसे संबंधित श्रमिक संघों और कर्मचारी संगठनों से सतत् संवाद में रहें। इससे उनकी कठिनाईयों का समय रहते समाधान संभव होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यह विचार विभिन्न कर्मचारी संगठनों और मजदूर संघों के प्रतिनिधियों से मंत्रालय में चर्चा के दौरान व्यक्त किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार कर्मचारी हितों के प्रति विशेष रूप से संवेदनशील है। संगठित और असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों की समस्याओं को भी तत्परता से हल किया जाएगा। श्रमिक संघ और कर्मचारी संगठनों की भूमिका सदैव रचनात्मक रही है। परस्‍पर बातचीत के लिए राज्य सरकार के दरवाजें सदैव खुले हैं। राज्य सरकार द्वारा पदोन्नति, अनुकंपा नियुक्ति जैसे प्रकरणों को तेजी से निपटाया जा रहा हैं। रोजगार के अधिक से अधिक अवसर सृजित करने की दिशा में भी हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं। बैठक में उपमुख्यमंत्री द्वय श्री जगदीश देवड़ा तथा श्री राजेन्द्र शुक्ल, पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री प्रहलाद पटेल, स्कूल शिक्षा मंत्री श्री उदयप्रताप सिंह, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती निर्मला भूरिया, कृषि मंत्री श्री एदल सिंह कंषाना, कौशल विकास एवं रोजगार मंत्री श्री गौतम टेटवाल तथा मुख्य सचिव श्री अशोक बर्णवाल सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी और भारतीय मजदूर संघ सहित विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी सम्मिलित हुए।  

CM मोहन यादव का निर्देश, कम वर्षा वाले जिलों पर रखें खास ध्यान

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश के बारह जिलों क्रमश: आलीराजपुर, धार, झाबुआ, रतलाम, बैतूल, इंदौर, उज्जैन, नर्मदापुरम, पांढुर्णा, छिंदवाड़ा, हरदा और शाजापुर में सामान्य से कम वर्षा हुई हैं। आनेवाले दिनों में इन जिलों में जल प्रबंधन का विशेष ध्यान रखना होगा। सर्वोच्च प्राथमिकता पेयजल को दी जाएं, इसके साथ ही किसानों को कम पानी वाली फसलें लेने के लिए भी प्रेरित किया जाएं। सामान्य से कम वर्षा वाले जिलों में इस स्थिति से निपटने के लिए वातावरण निर्मित करने में जल उपभोक्ता समितियां भी अपनी भूमिका निभाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यह निर्देश प्रदेश में मानसून और वर्षा की स्थिति की समीक्षा के लिए मंत्रालय में आयोजित बैठक में दिए। बैठक में राजस्व मंत्री श्री करण सिंह वर्मा, जल संसाधन श्री तुलसी सिलावट, मुख्य सचिव श्री अशोक बर्णवाल उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश के प्रमुख बांधों, जलाशयों में जलभराव की स्थिति, कम वर्षा वाले जिलों और उनके जल स्त्रोतों की स्थिति की जानकारी प्राप्त की। इसके साथ ही नदियों में जलप्रवाह, भू-जलस्तर, मृदा में नमी जैसे बिंदुओं पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सामान्य से कम वर्षा वाले जिलों में रोजगार के अवसर सृजित करने के उद्देश्य से जलगंगा अभियान के अंतर्गत गतिविधियां आरंभ करने के संबंध में भी निर्देश दिए। बैठक में राजस्व, जल संसाधन, नर्मदा घाटी विकास विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।  

इंदौर का करोड़पति हेड कांस्टेबल! आय से 575% अधिक संपत्ति का खुलासा, 22 खातों की जांच जारी

देवास  पुलिस प्रशिक्षण महाविद्यालय (पीटीसी) इंदौर में पदस्थ प्रधान आरक्षक चालक फिरोज खान के खिलाफ लोकायुक्त जांच में अब तक करीब 13.07 करोड़ रुपये की चल-अचल संपत्तियों पर व्यय किए जाने की जानकारी सामने आई है। लोकायुक्त के आधिकारिक अपडेट के अनुसार, यह राशि उसकी ज्ञात आय की तुलना में 575 प्रतिशत अनुपातहीन है। 14 अक्टूबर को विभिन्न ठिकानों पर तलाशी के बाद अब जांच बैंक खातों, निवेश और संपत्तियों से जुड़े वित्तीय अभिलेखों पर केंद्रित है। लोकायुक्त पुलिस के अनुसार, अब तक सामने आए 22 बैंक खातों की जानकारी के लिए संबंधित बैंकों को पत्र भेजे गए हैं। इनमें से 17 खातों में अंतिम शेष राशि के रूप में 10 लाख 6 हजार 382 रुपये मिले हैं। शेष पांच खातों का विवरण प्राप्त किया जा रहा है। खातों से राशि निकासी पर रोक लगाने के लिए भी बैंकों को पत्र भेजे गए हैं। शेयर बाजार और म्यूचुअल फंड में निवेश की जानकारी जुटाने के साथ वाहनों के सत्यापन के लिए क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय सहित अन्य विभागों से अभिलेख मांगे गए हैं। पुराने विवाद भी चर्चा में कार्रवाई के बाद देवास में फिरोज खान से जुड़े पुराने विवाद भी चर्चा में हैं। वर्ष 2019 में शक्ति नगर पहुंच मार्ग को निजी जेसीबी से खोदने के मामले में तत्कालीन एसपी ने नोटिस दिया था। वर्ष 2024 में घर के पास सरकारी बाउंड्रीवाल तोड़ने की शिकायत पर नगर निगम ने प्रकरण दर्ज कराया था। आदर्श नगर में शासकीय मार्ग खोदने की शिकायत भी रहवासियों और पार्षद ने की थी।  

मध्य प्रदेश में शराबबंदी के पक्ष में बोले धीरेंद्र शास्त्री, अब नशामुक्ति के लिए निकालेंगे यात्रा

टीकमगढ़   बागेश्वर धाम के प्रमुख पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने टीकमगढ़ में अपनी यात्रा को राजनीतिक नहीं, बल्कि ‘राम नैतिक’ बताया। उन्होंने हिंदू एकता, सामाजिक भेदभाव और शराबबंदी जैसे मुद्दों पर अपनी बात रखी। शास्त्री ने बुंदेलखंड में छुआछूत को हिंदू समाज के बंटवारे की वजह बताते हुए लोगों से आपसी भेदभाव छोड़कर एकजुट रहने की अपील की। छुआछूत छोड़कर एकजुट होने का संदेश पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा कि हिंदू समाज की सच्ची एकता केवल बातों से नहीं, बल्कि मुश्किल समय में एक-दूसरे के साथ खड़े होने से दिखाई देती है। उन्होंने बुंदेलखंड में छुआछूत जैसी सामाजिक बुराइयों को एकता के रास्ते की बाधा बताया और लोगों से भेदभाव खत्म करने की अपील की। शराबबंदी के लिए युवाओं से आगे आने की अपील धीरेंद्र शास्त्री ने टीकमगढ़ के लोगों से शराब छोड़ने और गांवों में शराबबंदी के लिए पहल करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि जब युवा अपने अधिकारों के लिए सड़कों पर उतर सकते हैं, तो समाज को शराब के नुकसान से बचाने के लिए भी आवाज उठानी चाहिए। उन्होंने लोगों से व्यक्तिगत स्तर पर शराब छोड़ने के साथ-साथ गांवों में जागरूकता बढ़ाने और सामाजिक सहयोग से इस दिशा में काम करने की अपील की। ‘शराब बंद होनी चाहिए, नशा नाश की जड़ है’ रहली क्षेत्र में मीडिया से चर्चा के दौरान धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने शराबबंदी पर अपनी बात रखी। उन्होंने बंडा में जहरीली शराब से हुई मौतों का जिक्र करते हुए नशे के दुष्परिणामों पर चिंता जताई। उन्होंने लोगों से नशे से दूर रहने की अपील करते हुए कहा कि जीवन को बेहतर बनाने के लिए नशे के बजाय भगवान का नाम लेना चाहिए। शास्त्री ने कहा, “जाम पीना है तो भगवान का नाम पीकर देखो, जिंदगी संवर जाएगी।” उन्होंने लोगों से अपने जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने और नशे से दूरी बनाए रखने का आह्वान किया। बोले- यात्रा राजनीतिक नहीं, ‘राम नैतिक’ है अपनी यात्रा को लेकर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने स्पष्ट किया कि इसका उद्देश्य राजनीति नहीं, बल्कि धार्मिक और सामाजिक जागरूकता है। उन्होंने इसे ‘राम नैतिक’ यात्रा बताते हुए अपने अभियान को राम और हिंदू समाज से जुड़े संदेशों पर केंद्रित बताया। दिल्ली में CJP के प्रदर्शन पर क्या बोले? दिल्ली में चल रहे CJP के प्रदर्शन को लेकर पूछे गए सवाल पर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा कि देश में अलग-अलग विचारों वाले युवा हैं और उन्हें अपनी बात रखने का अधिकार है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि विरोध या प्रदर्शन के दौरान देश की छवि खराब होने से बचना चाहिए। गढ़ाकोटा से रहली होते हुए सागर पहुंची रथयात्रा धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की सनातन हिंदू एकता एवं गौ सम्मान रथयात्रा गढ़ाकोटा से रवाना होकर रहली और ढाना होते हुए सागर पहुंची। यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं ने उनका स्वागत किया और दर्शन के लिए बड़ी संख्या में लोग जुटे। बालाजी मंदिर में लगा दिव्य दरबार सागर पहुंचने के बाद देर रात बालाजी मंदिर में दिव्य दरबार का आयोजन किया गया। यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के दर्शन के लिए पहुंचे। उनके आगमन को लेकर क्षेत्र में धार्मिक उत्साह का माहौल रहा। विरोध को लेकर भी दिया बयान धीरेंद्र शास्त्री ने अपने विरोध को लेकर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि उनके विरोध में हिंदू ही आगे आते हैं, जबकि मुस्लिम समुदाय के लोग उन पर फूल बरसाते हैं। उनका यह बयान भी चर्चा का विषय बना हुआ है। टीकमगढ़ में दिए गए इन बयानों के जरिए धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने हिंदू एकता, सामाजिक समानता और शराबबंदी जैसे मुद्दों पर लोगों का ध्यान आकर्षित किया।