samacharsecretary.com

मुख्यमंत्री डॉ. यादव आपकी अदालत में करेंगे संवाद

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का एक प्रतिष्ठित मीडिया समूह के 'आपकी अदालत' संवाद कार्यक्रम में विशेष साक्षात्कार शनिवार (30 अगस्त को) रात 10 बजे प्रसारित किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव इस विशेष साक्षात्कार में मध्यप्रदेश के विकास एवं समसामयिक मुद्दों पर संवाद करेंगे।

मध्यप्रदेश के कण-कण में है सौंदर्य: सीएम यादव

भोपाल  भारत का हृदय प्रदेश मध्यप्रदेश अप्रतिम सौंदर्य से समृद्ध प्रदेश है। यह कहना अतिशयोक्ति नहीं होगी कि मध्यप्रदेश सर्वाधिक सम्मोहित करने वाला राज्य है। इसके कण-कण में सौंदर्य है। जो एक बार आता है यहां की स्मृतियों के सम्मोहन में बंधकर बार-बार आता है। मध्यप्रदेश में हर आयु के पर्यटकों को आकर्षित करने की क्षमता है। पर्यटन के संबंध में दशकों पहले की अवधारणाएं अब समाप्त हो गई हैं। मध्यप्रदेश के पर्यटन ने अब उद्योग का रूप ले लिया है। हमारी नीतियों और दूरदर्शी निर्णयों से पर्यटन क्षेत्र का तेजी से विस्तार हो रहा है। यह सर्वमान्य तथ्य है कि अर्थव्यवस्था में पर्यटन सर्वाधिक रोजगार उत्पन्न करने वाला सैक्टर है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में अतुल्य भारत का वैश्विक स्तर पर मान-सम्मान बढ़ा है। इसका सकारात्मक प्रभाव सभी राज्यों के पर्यटन उद्योग पर पड़ा है। देश का घरेलू पर्यटन बढ़ने से मध्यप्रदेश जैसे तेजी से बढ़ते राज्य को सीधा लाभ हुआ है। मध्यप्रदेश के शांतिप्रिय नागरिकों के लिये सबसे ज्यादा खुशी की बात है कि मध्यप्रदेश अब वैश्विक पर्यटन नक्शे पर ध्रुव तारे जैसा चमक रहा है। हमारे पर्यटन की सबसे बड़ी विशेषता है कि यह अत्यंत समृद्ध और विविधता से सम्पन्न है। साथ ही जिम्मेदार और सुरक्षित भी। प्रदेश में पर्यटन की नई-नई शाखाएं उभरी हैं। प्राकृतिक पर्यटन हो या सांस्कृतिक पर्यटन, आध्यात्मिक पर्यटन हो या वन्यजीव पर्यटन, ग्रामीण पर्यटन हो या रोमांचकारी पर्यटन, कृषि पर्यटन हो या फिल्म पर्यटन या नया उभरता हुआ चिकित्सा पर्यटन। इन सभी नये स्वरूपों के साथ मध्यप्रदेश की पहचान बहु आयामी पर्यटन प्रदेश के रूप में हो रही है। प्रदेश में अब पर्यटकों की संख्या हर वर्ष बढ़ती जा रही है। गत वर्ष देश में सर्वाधिक पर्यटक मध्यप्रदेश में आए। नैसर्गिक सौन्दर्य, वन्य प्राणी, धार्मिक स्थल, आकर्षक ऐतिहासिक विरासतें और हरे-भरे वन हमारी विशेषता हैं। हमारे वन जीवित हैं। देश में सर्वाधिक बाघ मध्यप्रदेश में हैं। चंबल सबसे साफ नदी है जिसमें घड़ियालों का संरक्षण हो रहा है। नर्मदा मैया के दर्शन करने हजारों श्रद्धालु दूर-दूर से आते हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की दूरदृष्टि से मध्यप्रदेश अब देश का एकमात्र चीता प्रदेश बन गया है। चीतों का परिवार पालपुर कूनो में फल फूल रहा है। सांची, खजुराहो और भीमबेटका जैसी विश्वविख्यात धरोहर हमारी वैश्विक सांस्कृतिक पहचान है। अब यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में ग्वालियर किला, बुरहानपुर का खूनी भंडारा, चंबल के पत्थर कला स्थल, भोजेश्वर महादेव मंदिर भोजपुर, रामनगर मंडला के गोंड स्मारक और मंदसौर का धमनार भी जुड़ने की तैयारी में हैं। इसके अलावा नर्मदा परिक्रमा, गोंड चित्रकला और भगोरिया उत्सव भी पर्यटन के नक्शे पर प्रमुखता से उभरे हैं। मध्यप्रदेश ऐसा अग्रणी राज्य बन गया है, जिसने सबसे ज्यादा 18 स्थलों को विश्व विरासत सूची में शामिल करने की पहल की है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केन्द्र सरकार के सहयोग से मध्यप्रदेश के पर्यटन को नई दिशा मिली है। केन्द्र का भरपूर सहयोग मिल रहा है। मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य है, जहां ईको सेंसिटिव जोनल मास्टर प्लान बनाने का काम शुरू किया गया और 27 राष्ट्रीय उद्यानों और वन्यजीव अभयारण्यों में से सतपुड़ा राष्ट्रीय उद्यान और बोरी वन्य जीव अभयारण्य में पूरा हो गया। हैरिटेज पर्यटन की कई परियोजनाएं शुरू की गई हैं। प्रदेश में अधोसंरचना मजबूत होने, सड़क संपर्क में निरंतर सुधार होने और केन्द्र सरकार के सहयोग से रेल सुविधाओं के बढ़ने से पर्यटन क्षेत्र और उद्योग को लाभ मिला है। इस क्षेत्र में निवेश निरंतर बढ़ रहा है। हाल में रीवा पर्यटन कॉन्क्लेव में तीन हजार करोड़ के निवेश प्रस्ताव मिले। पर्यटन स्थलों में सुविधाएं निरंतर बढ़ाई जा रही हैं। पीएमश्री पर्यटन वायु सेवा की शुरुआत हुई है। भोपाल, इंदौर, जबलपुर, रीवा, सतना और सिंगरौली के मध्य वायु सेवा का संचालन हो रहा है। मध्यप्रदेश सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पुनर्जागरण के दौर से गुजर रहा है। इसी समय आध्यात्मिक पर्यटन भी निरंतर विस्तार ले रहा है। भगवान श्रीमहाकाल की नगरी उज्जैन और यहां श्रीमहाकाल लोक विश्व विख्यात हैं। पिछले साल सात करोड़ श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। प्रदेश की जीडीपी में पर्यटन क्षेत्र के योगदान में आध्यात्मिक पर्यटन भागीदारी को और ज्यादा सशक्त बनाने की तैयारी चल रही है। ओरछा में भगवान श्रीराम का मंदिर है। यह विश्व का एकमात्र मंदिर है, जहां भगवान को राजा के रूप में गार्ड ऑफ ऑनर दिया जाता है। यह अभूतपूर्व आध्यात्मिक घटनाक्रम है। यहां भगवान श्रीराम राजा की सरकार स्थापित है। ग्वालियर के ऐतिहासिक भव्य किले के संबंध में उल्लेख मिलता है कि भारत में पहली बार जीरो का लिखित इस्तेमाल कहां हुआ। ग्वालियर किले में नवीं शताब्दी के इस चतुर्भुज मंदिर में शून्य का सबसे शुरुआती शिलालेख पर उकेरा हुआ प्रमाण मिलता है। इस मंदिर को दुनिया में 'टैंपल ऑफ जीरो' के नाम से भी पहचाना जाता है। धार्मिक आयोजनों को नया स्वरूप दिया जा रहा है। बाबा श्रीमहाकाल की दिव्य सवारी को भव्य रूप दिया गया। रक्षा बंधन के त्यौहार और श्रीकृष्ण जन्माष्टमी को सार्वजनिक रूप से प्रदेश के कोने-कोने में मनाया गया।  

जनकल्याण के कार्य प्राथमिकता से किए जाएं-राज्यमंत्री

अनूपपुर  मध्यप्रदेश शासन के कुटीर एवं ग्रामोद्योग राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री दिलीप जायसवाल ने कहा कि विधानसभा क्षेत्र कोतमा में सभी प्रकार के लंबित अधोसंरचनात्मक विकास एवं निर्माण कार्य नियोजित ढंग से जल्द से जल्द पूर्ण किए जाएं। निर्माण कार्यों की गुणवत्ता में कोई कमी न रहे। कार्य की गुणवत्ता से ही अधिकारियों के कार्य प्रदर्शन का मूल्यांकन किया जाएगा। सुनिश्चित करें कि सभी प्रकार के कार्य तय समय-सीमा में ही पूरे हों। राज्यमंत्री श्री जायसवाल गुरुवार को कलेक्ट्रेट कार्यालय के नर्मदा सभागार में विधानसभा क्षेत्र कोतमा में चल रहे विकास एवं निर्माण कार्यों की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को निर्देशित कर रहे थे।  राज्यमंत्री ने कहा कि यदि निर्माण कार्य निर्धारित मापदंडों के अनुरूप नहीं पाए जाते हैं या उनमें गुणवत्ता की कमी होती है, तो इसके लिए संबंधित अधिकारी जिम्मेदार माने जाएंगे। बैठक में राज्यमंत्री ने लोक निर्माण विभाग के निर्माणाधीन कार्यों की समीक्षा की। इसमें कटकोना से ऊरा मार्ग तथा राष्ट्रीय राजमार्ग-43 से पथरौड़ी मार्ग व अन्य मार्ग की स्थिति की जानकारी ली। इसी क्रम में पीआईयू द्वारा निर्माणाधीन भवनों की जानकारी प्रस्तुत की गई। कार्यपालन यंत्री ने बताया कि विधानसभा क्षेत्र कोतमा में कुल 17 भवन स्वीकृत हैं, जिनमें 4 आदिवासी कन्या शिक्षा परिसर, 1 लोक शिक्षा केंद्र तथा 12 राज्य शिक्षा केंद्र के भवन शामिल हैं। ये सभी भवन निर्माणाधीन हैं और शीघ्र ही पूर्ण हो जाएंगे। मंत्री ने भवनों की गुणवत्ता के संबंध में भी जानकारी प्राप्त की।  बैठक में लोक निर्माण विभाग सेतु के अधिकारियों से शिकारपुर से बगडुमरा मार्ग में भेड़वा नाला पुल निर्माण की स्थिति पर भी चर्चा हुई। साथ ही सर्व शिक्षा अभियान के अंतर्गत खनिज प्रतिष्ठान मद से निर्माणाधीन पांच माध्यमिक शालाओं एवं चार प्राथमिक शालाओं की प्रगति की जानकारी प्रस्तुत की गई। बैठक में ऊर्जा विभाग द्वारा पीएम जनमन योजना के अंतर्गत विद्युत अधोसंरचना से संबंधित निर्माण कार्यों की समीक्षा की गई। इसके अतिरिक्त राज्यमंत्री ने नेशनल हाईवे के 2 कार्य, मध्यप्रदेश रोड डेवलपमेंट कॉर्पाेरेशन के 11 कार्य, प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के 14 कार्य तथा जल संसाधन विभाग के 1 कार्य की स्थिति की जानकारी प्राप्त कर अधिकारियों को आवश्यक दिशानिर्देश दिए।  बैठक में कलेक्टर श्री हर्षल पंचोली ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि अनूपपुर जिले में विकास कार्यों के दौरान जनप्रतिनिधियों से भूमि पूजन कराया जाए तथा निर्माण पूर्ण होने पर लोकार्पण भी अवश्य कराया जाए। साथ ही, प्रत्येक निर्माण स्थल पर शिलालेख पत्थर स्थापित किए जाएं, ताकि लोगों को कार्यों की जानकारी प्राप्त हो सके। उन्होंने निर्देश दिए कि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता और समय-सीमा का विशेष ध्यान रखा जाए। साथ ही, सभी कार्य नियोजित एवं व्यवस्थित ढंग से पूरे किए जाएं। बैठक में अन्य विभिन्न महत्वपूर्ण आवश्यक बिंदुओं पर भी चर्चा की गई तथा अधिकारियों को आवश्यक दिशानिर्देश दिए गए।  बैठक में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री तन्मय वशिष्ठ शर्मा, अनुविभागीय अधिकारी राजस्व कोतमा श्री अजीत तिर्की सहित विभिन्न निर्माण विभागों के कार्यपालन यंत्री, अनुविभागीय अधिकारी एवं अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

सितंबर में 15 बैंक हॉलिडे! अपने राज्य की छुट्टियों की पूरी लिस्ट देखें

भोपाल  भारतीय रिजर्व बैंक हर महीने पूरे देश के लिए छुट्टियों की लिस्ट जारी करता है. यह लिस्ट राज्यों के त्योहार को देखते हुए जारी की जाती है. इस महीने अगस्त में भी करीब आधे महीने बैकों में कोई कामकाज नहीं हुआ. वहीं, अब केंद्रीय बैंक ने सितंबर महीने की छुट्टियों का ऐलान कर दिया है. नए महीने में भी कमोबेश यही हाल रहने वाले है. आइये छुट्टियों की लिस्ट पर डालते हैं एक नजर. सितंबर 2025 में भी कई ऐसे मौके आ रहे हैं, जब बैकों में कामकाज ठप रहेगा. बैंककर्मियों की बल्ले-बल्ले होगी. आरबीआई की जो लिस्ट सामने आई है, उसके मुताबिक करीब 15 दिन बैकों में ताले लटकेंगे. वैसे ऑनलाइन सेवाएं लगातार चालू रहेंगे. सितंबर 2025 में इतने दिन बैंकों में नहीं होंगे काम सितंबर महीने में राष्ट्रीय और क्षेत्रीय छुट्टियों के चलते बैंकों में महीने के आधे दिन कोई कामकाज नहीं होगा. आरबीआई के मुताबिक हर महीने के रविवार, दूसरे और चौथे शनिवार को साप्ताहिक बैंकों में साप्ताहिक अवकाश रखती है. इसके अलावा त्योहारों और पर्वोें के चलते भी बैंक में ताले लटके रहते हैं. ऑनलाइन सेवाएं जारी रहेंगी छुट्टियों में किसी को परेशानी ना हो इसके लिए सभी तरह की ऑनलाइन सेवाएं जारी रहेंगी. एटीएम, नेट और मोबाइल बैंकिंग भी काम करते रहेंगे. अगर कोई बैंक संबंधित काम के लिए जाना है तो इन तारीखों पर जाने से बचें और छुट्टियों के कैलेंडर पर एक नजर अवश्य डाल लें.   सितंबर के महीने में देशभर में कई त्यौहार और क्षेत्रीय अवसर मनाए जाएंगे। इस दौरान अलग-अलग राज्यों में बैंकों की छुट्टियां रहेंगी। इनमें कर्म पूजा, ओणम, ईद-ए-मिलाद, इंद्रजात्रा, नवरात्र स्थापना, दुर्गा पूजा और महाराजा हरि सिंह की जयंती जैसे पर्व शामिल हैं। ग्राहकों को सलाह दी जाती है कि वे बैंक जाने से पहले छुट्टियों की लिस्ट जरूर देख लें। कई बार बैंक बंद होने पर असुविधा का सामना करना पड़ता है। नियमित साप्ताहिक अवकाश त्योहारों के अलावा हर महीने की तरह सितंबर में भी दूसरे और चौथे शनिवार और सभी रविवार को बैंकों की छुट्टी रहेगी। राज्यवार बैंक छुट्टियों की लिस्ट 3 सितंबर (बुधवार): झारखंड में कर्म पूजा के अवसर पर बैंक बंद रहेंगे। 4 सितंबर (गुरुवार): केरल में पहला ओणम के अवसर बैंक की छुट्टी रहेगी। 5 सितंबर (शुक्रवार): गुजरात, महाराष्ट्र, तमिलनाडु, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, दिल्ली, झारखंड, जम्मू-कश्मीर, मिजोरम, केरल, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, मणिपुर में ईद-ए-मिलाद और तिरुवोनम के मौके पर बैंक बंद रहेंगे। 6 सितंबर (शनिवार): सिक्किम, छत्तीसगढ़ में ईद-ए-मिलाद/इंद्रजात्रा पर बैंक की छुट्टी रहेगी। 12 सितंबर (शुक्रवार): जम्मू, श्रीनगर में ईद-ए-मिलाद-उल-नबी के बाद के शुक्रवार के दिन बैंक बंद रहेंगे। 22 सितंबर (सोमवार): राजस्थान में नवरात्र स्थापना के अवसर पर बैंक बंद रहेंगे। 23 सितंबर (मंगलवार): जम्मू, श्रीनगर में महाराजा हरि सिंह जयंती के मौके पर बैंक बंद रहेंगे। 29 सितंबर (सोमवार): त्रिपुरा, असम, पश्चिम बंगाल में महा सप्तमी/दुर्गा पूजा के मौके पर बैंकों की छुट्टियां रहेंगी। 30 सितंबर (मंगलवार): त्रिपुरा, ओडिशा, असम, मणिपुर, राजस्थान, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल में महा अष्टमी/दुर्गा पूजा पर बैंकों का अवकाश रहेगा।

CM मोहन यादव बोले – मध्यप्रदेश के कण-कण में बसा है सौंदर्य

सीएम ब्लॉग भोपाल  भारत का हह्यदय प्रदेश मध्यप्रदेश अप्रतिम सौंदर्य से समृद्ध प्रदेश है। यह कहना अतिशयोक्ति नहीं होगा कि मध्यप्रदेश सर्वाधिक सम्मोहित करने वाला राज्य है। इसके कण-कण में सौंदर्य है। जो एक बार आता है यहां की स्मृतियों के सम्मोहन में बंधकर बार-बार आता है। मध्यप्रदेश में हर आयु के पर्यटकों को आकर्षित करने की क्षमता है। पर्यटन के संबंध में दशकों पहले की अवधारणाएं अब समाप्त हो गई हैं। मध्यप्रदेश के पर्यटन ने अब उद्योग का रूप ले लिया है। हमारी नीतियों और दूरदर्शी निर्णयों से पर्यटन क्षेत्र का तेजी से विस्तार हो रहा है। यह सर्वमान्य तथ्य है कि अर्थव्यवस्था में पर्यटन सर्वाधिक रोजगार उत्पन्न करने वाला सेक्टर है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में अतुल्य भारत का वैश्विक स्तर पर मान-सम्मान बढ़ा है। इसका सकारात्मक प्रभाव सभी राज्यों के पर्यटन उदयोग पर पड़ा है। देश का घरेलू पर्यटन बढ़ने से मध्यप्रदेश जैसे तेजी से बढ़ते राज्य को सीधा लाभ हुआ है। मध्यप्रदेश के शांतिप्रिय नागरिकों के लिये सबसे ज्यादा खुशी की बात है कि मध्यप्रदेश अब वैश्चिक पर्यटन नक्शे पर ध्रुव तारे जैसा चमक रहा है। हमारे पर्यटन की सबसे बड़ी विशेषता है कि यह अत्यंत समृद्ध और विविधता से सम्पन्न है। साथ ही जिम्मेदार और सुरक्षित भी। प्रदेश में पर्यटन की नई-नई शाखाएं उभरी है। प्राकृतिक पर्यटन हो या सांस्कृतिक पर्यटन, आध्यात्मिक पर्यटन हो या वन्यजीव पर्यटन, ग्रामीण पर्यटन हो या रोमांचकारी पर्यटन, कृषि पर्यटन हो या फिल्म पर्यटन या नया उभरता हुआ चिकित्सा पर्यटन। इन सभी नये स्वरूपों के साथ मध्यप्रदेश की पहचान बहुआयामी पर्यटन प्रदेश के रूप में हो रही है। प्रदेश में अब पर्यटकों की संख्या हर वर्ष बढ़ती जा रही है। गत वर्ष देश में सर्वाधिक पर्यटक मध्यप्रदेश में आए। नैसर्गिक सौन्दये, वन्य प्राणी, धार्मिक स्थल, आकर्षक ऐतिहासिक विरासतें और हरे-भरे वन हमारी विशेषता है। हमारे वन जीवत है। देश में सर्वाधिक बाघ मध्यप्रदेश में हैं। चंबल सबसे साफ नदी है जिसमें घड़ियालों का संरक्षण हो रहा है। नर्मदा मैया के दर्शन करने हजारों श्रद्धालु दूर-दूर से आते है। प्रधानमवी नरेन्द्र मोदी की दूरदृष्टि से मध्यप्रदेश अब देश का एकमात्र चौता प्रदेश बन गया है। चौतों का परिवार पालपुर कूनो में फल फूल रहा है। सांची, खजुराहो और भीमबेटका जैसी विश्वविख्यात धरोहर हमारी वैश्विक सांस्कृतिक पहचान है। अब यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में ग्वालियर किला, बुरहानपुर का खूनी भंडारा, चंबल के पत्थर कला स्थल, भोजेश्वरा महादेव मंदिर भोजपुर, रामनगर मंडला के गाँड स्मारक और मंदसौर का धमनार भी जुड़ने की तैयारी में हैं। इसके अलावा नर्मदा परिक्रमा, गौड चित्रकला और भगोरिया उत्सव भी पर्यटन के नक्शे पर प्रमुखता से उभरे हैं। मध्यप्रदेश ऐसा अग्रणी राज्य चल गया है. जिसने सबसे ज्यादा 18 स्थलों को विश्व विरासत सूची में शामिल करने की पहल की है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केन्द्र सरकार के सहयोग से मध्यप्रदेश के पर्यटन को नई दिशा मिली है। केन्द्र का भरपूर सहयोग मिल रहा है। मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य है जहां इको सेंसिटिव जोनल मास्टर प्लान बनाने का काम शुरू किया गया और 27 राष्ट्रीय उद्यानों और वन्यजीव अभयारण्यों में से सतपुड़ा राष्ट्रीय उदयान और बोरी वन्य जीव अभ्यारण्य में पूरा हो गया। हैरिटेज पर्यटन की कई परियोजनाएं शुरू की गई हैं। प्रदेश में अधोसंरचना मजबूत होने, सड़क संपर्क में निरंतर सुधार होने और केन्द्र सरकार के सहयोग से रेल सुविधाओं के बढ़ने से पर्यटन क्षेत्र और उदयोग को लाभ मिला है। इस क्षेत्र में निवेश निरंतर बढ़ रहा है। हाल में रीवा पर्यटन कॉन्क्लेव में तीन हजार करोड के निवेश प्रस्ताव मिले। पर्यटन स्थलों सुविधाएं निरंतर बढ़ाई जा रही हैं। पीएमपर्यटन वायु सेवा की शुरुआत हुई है। भोपाल, इंदौर, जबलपुर, रीवा, सतना और सिगरौली के मध्य वायु सेवा का संचालन हो रहा है। मध्यप्रदेश सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पुनर्जागरण के दौर से गुजर रहा है। इसी समय आध्यात्मिक पर्यटन भी निरंतर विस्तार ले रहा है। भगवान श्रीमहाकाल की नगरी उज्जैन और यहां श्रीमहाकाल लोक विश्व विख्यात हैं। पिछले साल सात करोड़ श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। प्रदेश की जीडीपी में पर्यटन क्षेत्र के योगदान में आध्यात्मिक पर्यटन भागीदारी को और ज्यादा सशक्त बनाने की तैयारी चल रही है। ओरछा में भगवान श्रीराम का मंदिर है। यह विश्व का एकमात्र मंदिर है जहां भगवान को राजा के रूप में गार्ड ओफ आनर दिया जाता है। यह अभूतपूर्व आध्यात्मिक घटनाक्रम है। यहां भगवान श्रीराम राजा की सरकार स्थापित है। ग्वालियर के ऐतिहासिक भव्य किले के संबंध में उल्लेख मिलता है कि भारत में पहली बार जीरो का लिखित इस्तेमाल कहां हुआ। ग्वालियर किले में नीं शताब्दी के इस चतुर्भुज मंदिर में शूल्य का सबसे शुरुआती शिलालेख पर उकेरा हुआ प्रमाण मिलता है। इस मंदिर को दुनिया में टैपल ऑफ जीरो के नाम से भी पहचाना जाता है। धार्मिक आयोजनों को नया स्वरूप दिया जा रहा है। बाबा श्रीमहाकाल की दिव्य सवारी को भव्य रूप दिया गया। रक्षा बंधन के त्यौहार और श्रीकृष्ण जन्माष्टमी को सार्वजनिक रूप से प्रदेश के कोने-कोने में मनाया गया। धार्मिक महत्व के स्थलों में धार्मिक और सांस्कृतिक लोगों और स्मारकों का निर्माण अध्यात्मिक पर्यटन को नया आयाम देगा। संत रविदास लोक सागर, रानी दुर्गावती स्मारक जबलपुर देवी लोक सलकनपुर सीहोर रामराजा लोक ओरछा, जाम सांवली हनुमान लोक पांढुर्ना, पशुपतिनाथ लोक मंदसौर, परशुराम लोक जानापाव महू, महाराणा प्रताप लोक भोपाल, भादवामाता लोक नीमच, रानी अवंतीबाई स्मारक जबलपुर, मा नर्मदा महालोक अमरकंटक अनूपपुर देवी अहिल्या लॉक खरगौन और नागलवाडी लोक बड़वानी में किया जा रहा है। एक और जहां आध्यात्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन समृद्ध हो रहा है वहीं दूसरी ओर फिल्म पर्यटन भी तेजी से बढ़ रहा है। फिल्म निर्माताओं को मध्यप्रदेश में आकर्षक सुविधाएं मिल रही है। कई प्रसिद्ध फिल्मों की शूटिंग मध्यप्रदेश में हुई है। इससे स्थानीय कलाकारों को फिल्मो में काम मिला। फिल्म यूनिट के सदस्यों को होम स्टे की सुविधाओं का लाभ मिला। होम स्टे की संख्या निरंतर बढ़ते जा रही है। प्रदेश की ग्रामीण संस्कृति को देखने-समझने में होम स्टे अच्छी भूमिका निभा रहे हैं। फिलहाल 100 पर्यटन ग्राम विकसित किए गए हैं, जिसमें से 63 पर्यटन याम विकसित हो चुके हैं। इनमें 470 से ज्यादा होम स्टे हैं। देश के पहले हैंडलूम गाव प्राणपुर को वैश्विक पहचान मिली है। गॉड, भील पेंटिंग और मांडना आर्ट जैसी जनजातीय … Read more

सड़क पर लगे ‘इस्लाम जिंदाबाद’ बैनर से हंगामा, इंदौर में बढ़ा विवाद

इंदौर   इंदौर का एक वीडियो वायरल हो रहा है। शहर के मुस्लिम कॉलोनी में बीच सड़क पर इस्लाम जिंदाबाद के बैनर लगे हुए हैं। इसका वीडियो सामने आते ही हड़कंप मच गया है। इसके बाद विश्व हिंदू परिषद ने विरोध जताया है। विरोध के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने बैनर को हटवा दिया है। साथ ही मामले की जांच की जा रही है कि इसे किसने लगवाया था। बैनर पर लिखा था इस्लाम जिंदाबाद इंदौर के मुस्लिम बहुल इलाके में कुछ बैनर लगाए गए थे। इन बैनरों पर 'इस्लाम जिंदाबाद' लिखा हुआ था। वीएचपी के कुछ नेताओं ने इस पर आपत्ति जताई। उन्होंने पुलिस से इसकी शिकायत की। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की। थाने पहुंचकर दी शिकायत वीएचपी नेता तन्नू शर्मा मल्हारगंज थाने पहुंचे। उन्होंने एसीपी विवेक सिंह से मुलाकात की। उन्होंने बैनर को लेकर अपनी आपत्ति दर्ज कराई। शर्मा ने कहा कि ऐसे बैनर धार्मिक भावनाओं को भड़का सकते हैं। उनका कहना था कि यह एकतरफा प्रचार करने का तरीका है। उन्होंने पुलिस से इस पर कार्रवाई करने की मांग की। विवादित बैनर जिंसी चौराहे पर लगाए गए थे, जिसकी जानकारी मिलते ही हिंदूवादी नेता तन्नू शर्मा मल्हारगंज पहुंचे और एसीपी विवेक सिंह से मुलाकात कर आपत्ति दर्ज कराई। शर्मा ने बताया कि यह बैनर धार्मिक भावनाएं भड़काने और एकतरफा प्रचार के उद्देश्य से लगाए गए हैं। शिकायत के बाद मल्हारगंज थाना क्षेत्र की पुलिस टीम मौके पर पहुंची और विवाद को देखते हुए बैनर तत्काल हटा दिए गए। पुलिस का कहना है कि इलाके में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए कार्रवाई की गई है और मामले की जांच की जा रही है। पुलिस ने बैनर को तुरंत हटा दिया वहीं, पुलिस ने मामले की गंभीरता को समझते हुए तुरंत कार्रवाई की है। मौके पर पहुंची पुलिस ने तुरंत बैनर को हटा दिया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है कि आखिर सड़क पर यह बैनर किसने लगाए थे। साथ ही उनका मकसद क्या था। लोगों से अपील की है कि अफवाहों पर ध्यान नहीं दें। आरोपियों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

कलेक्टर से विवाद पर पार्टी की नाराज़गी, विधायक नरेंद्र कुशवाह को BJP ने लगाई फटकार

भोपाल  भिंड कलेक्‍टर से अभद्रता व हाथापाई की कोशिश मामले के सामने आने के बाद भाजपा विधायक नरेंद्र कुशवाह की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। संगठन ने उन्‍हें भोपाल बुलाकर कड़े शब्‍दों में चेतावनी दी है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया है। अब पार्टी ने अपनी साख बचाने के लिए अपने बेलगाम विधायक को समझाइश देकर डेमेज कंट्रोल की शुरुआत की है। इस क्रम में भाजपा प्रदेश अध्‍यक्ष हेमंत खंडेलवाल, प्रदेश प्रभारी डॉ. महेंद्र सिंह और संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा ने नरेंद्र कुशवाह से चर्चा की। विधायक ने संगठन महामंत्री से की मुलाकात भोपाल में कुशवाह ने प्रदेश अध्यक्ष व विधायक हेमंत खंडेलवाल, प्रदेश प्रभारी डॉ. महेंद्र सिंह और संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा से मुलाकात की। इस दौरान संगठन ने उनके व्यवहार को गंभीर मानते हुए साफ चेतावनी दी कि 'आपका आचरण पार्टी लाइन के खिलाफ है, इसे किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। भविष्य में इस तरह की घटना स्वीकार्य नहीं होगी।' अन्य जिलों के विवाद बड़वानी– प्रभारी मंत्री गौतम टेटवाल ने कलेक्टर काजल जावला को हटाने की मांग मुख्यमंत्री से की। भोपाल- सांसद आलोक शर्मा ने निगम आयुक्त हरेंद्र नारायण पर फोन न उठाने का आरोप लगाकर बैठक छोड़ दी थी। डिंडोरी- विधायक ओमप्रकाश धुर्वे ने कलेक्टर नेहा मारव्या पर अभद्रता और योजनाएं बिगाड़ने के आरोप लगाए। मंडला– विधायक नारायण सिंह पट्टा ने प्रशिक्षु IAS आकिब खान पर घर में घुसकर उनकी मां को धक्का देने का आरोप लगाया। रायसेन– राज्य मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल ने अवैध शराब बिक्री पर कार्रवाई न करने को लेकर कलेक्टर अरुण विश्वकर्मा को घेरा। ग्वालियर- पूर्व मंत्री गोपाल भार्गव ने आबकारी अधिकारी राकेश कुर्मी को कांग्रेस समर्थक बताकर मुख्यमंत्री से हटाने की मांग की। सेवानिवृत्त अपर मुख्य सचिव केके सिंह का कहना है – 'विवाद की स्थिति आनी ही नहीं चाहिए। चाहे जनप्रतिनिधि हों या प्रशासनिक अधिकारी, सभी को संयमित रहना चाहिए। पहले अधिकारी और नेता बहुत शालीनता से रहते थे, लेकिन अब माहौल बिगड़ता जा रहा है।'

राज्यपाल मंगुभाई पटेल से मुख्य सचिव अनुराग जैन ने की सौजन्य भेंट

भोपाल  राज्यपाल मंगुभाई पटेल से मुख्य सचिव अनुराग जैन ने शुक्रवार को राजभवन में सौजन्य भेंट की। राज्यपाल पटेल का मुख्य सचिव जैन ने पुष्पगुच्छ भेंट कर अभिनंदन किया। राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने मुख्य सचिव अनुराग जैन को आगामी एक वर्ष के कार्यकाल विस्तार के लिए बधाई और शुभकामनाएं दी। शासन द्वारा मुख्य सचिव जैन का कार्यकाल आगामी एक वर्ष के लिए बढ़ाया गया है।  

विमानन निदेशालय ने ऑपरेटर चयन के लिए जारी किया आरएफपी, जबलपुर एयरपोर्ट में फ्लाइट बढ़ोतरी पर सुनवाई

जबलपुर  डुमना एयरपोर्ट से बड़े शहरों के लिए फ्लाइट संचालित नहीं होने पर हाईकोर्ट में दायर याचिका पर सुनवाई हुई. पहले हुई सुनवाई में हाईकोर्ट के आदेश पर राज्य सरकार ने सुनवाई के दौरान अपना पक्ष रखा. इस दौरान सरकार की तरफ से हाईकोर्ट में पेश जवाब में बताया गया कि विमानन निदेशालय ने प्रदेश के हवाई अड्डे से घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय गंतव्यों के लिए सीधी उड़ान कनेक्टिविटी प्रदान करने हेतु अनुसूचित ऑपरेटरों के चयन हेतु आरएफपी (Request for Proposal) जारी किया है. याचिका की सनुवाई के दौरान अतिरिक्त मुख्य सचिव विमानन निदेशालय वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उपस्थित रहें. हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सराफ की युगलपीठ ने सरकार को 3 बिन्दुओं पर जवाब पेश करने के निर्देश जारी करते हुए अगली सुनवाई 9 सितम्बर को निर्धारित की है. एयर कनेक्टिविटी बढ़ाने की मांग को लेकर याचिका नागरिक उपभोक्ता मार्गदर्शक मंच की तरफ से जनहित याचिका दायर कर जबलपुर से एयर कनेक्टिविटी बढ़ाने की मांग की गई है. याचिका में कहा गया था कि पहले जबलपुर के डुमना एयरपोर्ट से मुंबई, पुणे, कोलकाता, बेंगलुरु आदि शहरों के लिए फ्लाइट संचालित होती थीं. डुमना एयरपोर्ट से फ्लाइट संचालित करने आरएफपी जारी जबलपुर की एयर कनेक्टिविटी प्रदेश के इंदौर, ग्वालियर और भोपाल के सामान थी. फ्लाईट के लगातार बंद होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. पूर्व में जबलपुर से औसतन 15 फ्लाइट संचालित होती थीं. वर्तमान में इनकी संख्या कम हो गई है. विमानन कंपनियों की तरफ से पेश जवाब में बताया गया था कि टैक्स अधिक होने के कारण फ्लाइट संचालित करना काफी महंगा पड़ता है. पिछली सुनवाई में हाईकोर्ट ने लगाई थी फटकार मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने इसके पहले हुई सुनवाई में राज्य सरकार को एयरलाइंस कंपनियों के अधिकारियों के साथ संयुक्त बैठक कर ठोस निर्णय लेने के निर्देश जारी किये थे. पिछली सुनवाई के दौरान राज्य शासन की तरफ से बताया गया था कि सरकार ने फरवरी 2025 में एक योजना बनाई थी. इसमें एयरलाइंस कंपनियों को रियायती दरों पर सुविधाएं उपलब्ध कराने का प्रावधान किया गया है. याचिका की सुनवाई करते हुए युगलपीठ ने विमानन कंपनियों को फटकार लगाते हुए कहा था कि क्या डुमना एयरपोर्ट को बंद कर दिया जाए. युगलपीठ ने अपने आदेश में कहा था कि अगली सुनवाई के दौरान अतिरिक्त मुख्य सचिव विमानन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उपस्थित रहें. 9 सितंबर को होगी अगली सुनवाई चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सराफ की युगलपीठ ने सरकार को 3 बिन्दुओं पर जवाब पेश करने के निर्देश जारी करते हुए अगली सुनवाई 9 सितम्बर को निर्धारित की है. याचिका पर गुरुवार को हुई सुनवाई के दौरान लॉ छात्र पार्थ श्रीवास्तव की तरफ से याचिका दायर करते हुए इंटर विनर बनने आवेदन प्रस्तुत किया. उनकी तरफ से पक्ष रखते हुए वरिष्ठ अधिवक्ता आदित्य संघी ने बताया कि "इंदौर शहर से लगभग 80, भोपाल से 50 और ग्वालियर से 20 से अधिक फ्लाइट संचालित हो रही हैं. जबकि जबलपुर से सिर्फ 9 फ्लाइट संचालित हो रही हैं. जबकि सरकार ने इस एयरपोर्ट पर 400 करोड़ रुपए खर्च किए हैं. जबलपुर में हाईकोर्ट के अलावा डिफेंस सहित रेलवे और केन्द्र सरकार के कई मुख्यालय हैं. इसके अलावा 4 टाइगर नेशनल पार्क भी जबलपुर से डेढ़ सौ किलोमीटर के दायरे में हैं. इस संबंध में हाईकोर्ट ने सरकार और विमानन कंपनियों को जवाब पेश करने के निर्देश जारी किए हैं." 

18 पार्षदों के सामूहिक इस्तीफे से शिवपुरी की राजनीति में उठा हलचल, जानिए पूरा मामला

शिवपुरी  शिवपुरी। (भूपेंद्र शर्मा): मध्य प्रदेश के शिवपुरी नगर पालिका में सियासी हलचल तेज हो गई है।  18 पार्षदों ने एक साथ इस्तीफा दे दिया। नाराज पार्षदों ने पहले हनुमान मंदिर में पूजा-अर्चना की और उसके बाद एक रैली निकालकर कलेक्ट्रेट पहुंचे, जहां उन्होंने अपने-अपने इस्तीफे सौंपे। इसमें शामिल थे 12 भाजपा, 5 कांग्रेस और 1 निर्दलीय पार्षद, जबकि नगर पालिका उपाध्यक्ष सरोज रामजी व्यास ने भी इस्तीफा दिया। रास्ते में पार्षदों का जनता ने स्वागत किया और रैली के दौरान उन्होंने “गायत्री शर्मा चोर है” के नारे लगाए। जानकारी के अनुसार, पिछले दो महीने से पार्षद नगर पालिका अध्यक्ष गायत्री शर्मा को हटाने को लेकर सक्रिय थे। उन्होंने उसके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव भी पेश किया था, जो खारिज हो गया। इस्तीफे देने वाले पार्षदों ने साफ कहा कि या तो उनके इस्तीफे तुरंत मंजूर किए जाएं या गायत्री शर्मा को पद से हटाया जाए। पार्षदों का आरोप है कि शर्मा के 3 साल के कार्यकाल में नगर पालिका की हालत बेहद खराब रही है। पीने का पानी उपलब्ध नहीं, सड़कें खराब और योजनाओं में भारी भ्रष्टाचार की आशंका जताई गई।