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आधी रात जारी हुआ आदेश, कुचामन तहसीलदार का ट्रांसफर

जयपुर बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ के कुचामन दौरे के दौरान हुए बवाल का असर अब प्रशासनिक अधिकारियों पर दिखना शुरू हो गया है. मदन राठौड़ को काले झंडे दिखाने और विरोध प्रदर्शन करने वाले राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) के कार्यकर्ताओं की जमानत याचिका मंजूर करने वाले कुचामन सिटी के तहसीलदार कैलाश ईनाणियां का राज्य सरकार ने आधी रात को तबादला कर दिया है. इसे राजनीतिक हलकों में एक बड़ी 'पनिश्ड पोस्टिंग' के रूप में देखा जा रहा है. देर रात 1 बजे आया ट्रांसफर ऑर्डर जानकारी के मुताबिक, राज्य सरकार ने शुक्रवार और शनिवार की दरमियानी रात करीब 1 बजे एक प्रशासनिक आदेश जारी करते हुए कुचामन सिटी के तहसीलदार कैलाश ईनाणियां का तबादला सीधे बांसवाड़ा जिले के गांगड़ तलाई में कर दिया. सरकार का रुख इस मामले में कितना सख्त था, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि आदेश आते ही डीडवाना जिला कलेक्टर अवधेश मीना ने तहसीलदार को तत्काल प्रभाव से कार्यमुक्त कर दिया. कलेक्टर ने उन्हें तुरंत नए पद पर जॉइन करने के निर्देश दिए हैं और कुचामन तहसीलदार का अतिरिक्त कार्यभार नावां तहसीलदार को सौंप दिया है. जमानत देने का भुगतना पड़ा 'खामियाजा'? भले ही प्रशासनिक स्तर पर इसे एक नियमित प्रक्रिया बताया जा रहा हो, लेकिन डीडवाना-कुचामन के राजनीतिक गलियारों में चर्चा गर्म है कि तहसीलदार को आरएलपी कार्यकर्ताओं को राहत देने का खामियाजा भुगतना पड़ा है. दरअसल, मदन राठौड़ के घेराव के मामले में पुलिस ने जिन आरएलपी कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया था, उनकी जमानत याचिका तहसीलदार कैलाश ईनाणियां की कोर्ट में पेश हुई थी. तहसीलदार ने कानूनी प्रक्रिया के तहत उनकी जमानत मंजूर कर ली थी. माना जा रहा है कि सत्ता पक्ष इस फैसले से नाराज था, जिसके बाद यह आधी रात वाला एक्शन हुआ. RLP नेता रामनिवास पोषक फिर गिरफ्तार इस पूरे घटनाक्रम के बीच कुचामन में राजनीतिक पारा और चढ़ गया है. शुक्रवार की देर रात पुलिस ने एक और बड़ी कार्रवाई करते हुए आरएलपी के कद्दावर नेता रामनिवास पोषक सहित कुछ अन्य कार्यकर्ताओं को एक दूसरे मामले में पुनः गिरफ्तार कर लिया है. कार्यकर्ताओं की रिहाई के बाद इस दोबारा हुई गिरफ्तारी से हनुमान बेनीवाल की पार्टी के कार्यकर्ताओं में भारी आक्रोश है.

अजमेर पर आतंकी नजर: पिछले दो दशकों की घटनाओं ने बढ़ाई चिंता

अजमेर  लगभग दो दशकों से आतंकी संगठनों की नजर अजमेर पर है। पाकिस्तानी आतंकी संगठन आईएसआई और आईएसआईएस से जुड़े मॉड्यूल पहले भी रैकी कर चुके हैं। बीते तीन माह में दूसरी बार युवक की आतंकी गतिविधियों में संलिप्तता सामने आई है। बीते मार्च में हरियाणा एटीएस ने लौंगिया मोहल्ला निवासी अली अकबर उर्फ बाबू को पकड़ा था। अब एनआइए ने परमेश मीणा को पकड़ा है। इससे खुफिया एजेंसियां और पुलिस अलर्ट मोड पर हैं। पुलिस को अली अकबर और परमेश के अलावा भी अजमेर में पाक आतंकी शहजाद भट्टी के किसी संगठन से जुड़ाव की आशंका है। एआइए ने स्थानीय लोगों से पूछताछ की। इसमें परमेश के ऑनलाइन लूडो गेम खेलने की जानकारी मिली। कुछ लोगों ने रिकवरी के कामकाज की जानकारी भी दी। उसके अजमेर में कहीं कारोबार अथवा नौकरी करने की कोई सूचना नहीं मिली। बंद कमरे में पूछताछ के बाद टीम परमेश को लेकर दिल्ली रवाना हो गई। पहले पकड़ा गया था ऑटोरिक्शा चालक बीती 15 मार्च में अंबाला में हरियाणा एटीएस ने पाकिस्तानी आतंकी शहजाद भट्टी से संपर्क रखने के आरोप में दो साथियों को 2 किलो आरडीएक्स सहित पकड़ा था। इनमें दरगाह लौंगिया गली नम्बर-1 निवासी ऑटो रिक्शा चालक अली अकबर उर्फ बाबू भी शामिल था। अली अकबर मूलत: अजमेर के पीसांगन थाना क्षेत्र के गोविन्दगढ़ का निवासी है। उसके पिता मोहम्मद रमजान रोडवेज से सेवानिवृत्त हैं। बड़ा भाई अली असगर गेस्ट हाउस में नौकरी करता है। आतंकी अशरफ रहा था दो साल अक्टूबर 2021 में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल द्वारा गिरफ्तार पाकिस्तानी आतंकी मोहम्मद अशरफ भी पत्नी के साथ देहली गेट क्षेत्र में एक धार्मिक स्थल पर दो साल तक रहा। वह झाड़-फूंक करने की आड़ में इलाके की गतिविधियों पर नजर रखता रहा। अशरफ ने अजमेर में फर्जी दस्तावेज भी तैयार करवा लिए थे। शहर में आतंकी गतिविधियों की प्रमुख घटनाएं 2003 – आतंकी डेविड कॉलमैन हेडली ने पुष्कर के यहूदी धर्मस्थल बेदखबाद की रैकी की। 2006 – गेगल थाना पुलिस ने हथियारों का जखीरा लेकर जा रहे आतंकी मोहम्मद शब्बीर को गिरफ्तार किया। 2007 – अजमेर दरगाह परिसर में बम विस्फोट हुआ, जिसमें तीन लोगों की मौत और कई घायल हुए। 2010 – कर्नाटक एटीएस ने आतंकी युसूफ उर्फ उमर को गिरफ्तार किया। उसने दरगाह और पुष्कर क्षेत्र की रैकी करना कबूला। 2016 – आईएसआईएस टेरर मॉड्यूल के सदस्य मोहम्मद इब्राहिम राजदानी और हबीब मोहम्मद इलियासी दरगाह क्षेत्र के धानमंडी इलाके में चार दिन होटल में ठहरे। बाद में वे इंदौर के रास्ते लौटते समय एनआइए के हत्थे चढ़े। 2021 – दिल्ली में गिरफ्तार पाकिस्तानी आतंकी मोहम्मद अशरफ के अजमेर में दो साल तक छिपकर रहने का खुलासा हुआ।

शहरी-ग्रामीण मुकाबले में बदलता ट्रेंड: प्रशासनिक सेवाओं में गांवों की बढ़त

 अजमेर  राजस्थान लोक सेवा आयोग की प्रशासनिक सेवा में ग्रामीण अभ्यर्थियों का चयन हो रहा है। वह शहरी युवाओं को कड़ी टक्कर दे रहे हैं। हालिया आरएएस भर्ती 2024 में 52.36 प्रतिशत ग्रामीण क्षेत्र के अभ्यर्थियों का चयन हुआ है। पिछली भर्तियों में भी ग्रामीण परिवेश के अभ्यर्थियों ने अच्छा प्रदर्शन किया है। आरएएस भर्ती-2024 में 52.36 प्रतिशत ग्रामीण क्षेत्रों से चयन हुआ है। आरएएस एवं अधीनस्थ सेवा आयोग की सबसे प्रतिष्ठित भर्तियों में शामिल है। एक तरफ आवेदनों की संख्या बढ़ रही है। दूसरी तरफ चयन ग्राफ भी तेजी से बदल रहा है। आरएएस 2024 में अनुशंसित 2391 में 1255 अभ्यर्थी ग्रामीण और 1136 शहरी क्षेत्रों के हैं। आरएएस 2023 में 2166 अनुशंसित अभ्यर्थियों में से 1210 (55.86 प्रतिशत) अभ्यर्थी ग्रामीण और 956 (44.14 प्रतिशत) अभ्यर्थी शहरी पृष्ठभूमि के थे। चयन में युवाओं का दबदबा साक्षात्कार के लिए सफल 21 से 25 साल के 725 अभ्यर्थी (30.25 प्रतिशत), 26 से 30 वर्ष के 891 (37.17 प्रतिशत), 31 से 33 वर्ष के 304 (12.68 प्रतिशत) सफल रहे हैं। इनके अलावा 31 से 33 वर्ष के 405 (16.90 प्रतिशत), 41 से 45 वर्ष के 62 (2.59 प्रतिशत), 46 से 50 वर्ष के 10 (0.42 प्रतिशत) अभ्यर्थी चयनित हुए हैं। पिछली भर्तियों में चयनित आरएएस 2012: 1211 पद-937 शहरी, 274 ग्रामीण आरएएस 2013 में 723 पद-505 शहरी, 218 ग्रामीण आरएएस-2016 में 725 पद-513 शहरी, 212 ग्रामीण आरएएस-2018 में 1051 पद-651शहरी, 400 ग्रामीण आरएएस-2021 में 988 पद-566 शहरी, 422 ग्रामीण शैक्षिक योग्यता में बढ़ोतरी 2024 में साक्षात्कार के लिए सफल 2397 में से करीब 1888 प्रथम श्रेणी हैं। इसके अलावा 39.60 प्रतिशत पीजी हैं। इनमें 14 डॉक्टर, 15 एलएलबी-एलएलएम, 10 एमबीए और 238 इंजीनियर साक्षात्कार तक पहुंचे। 2023 में चयनित 2166 अभ्यर्थियों में से 1707 अभ्यर्थी स्नातक स्तर पर प्रथम श्रेणी, 837 अभ्यर्थी पोस्ट-ग्रेजुएट थे। 2021 में करीब 550 प्रथम श्रेणी, 2018 में 715, 2016 में 500, 2013 में 550 अभ्यर्थी प्रथम श्रेणी उत्तीर्ण थे। एक्सपर्ट कमेंट शहरी इलाकों में सरकारी नौकरी के अलावा कॉरपोरेट क्षेत्र में नौकरियों के पैकेज,व्यापार, स्टार्ट अप के विकल्प होते हैं। ग्रामीण इलाकों में कई मामलों में संसाधनों की कमी होती है। सरकारी नौकरी उन्हें सबसे अच्छा विकल्प लगता है। इससे ग्रामीण प्रतिभाएं मेहनत कर आगे बढ़ रही हैं।     प्रो. सुभाषचंद्र, जूलॉजी विभागाध्यक्ष मदस विवि

राजस्थान के कई इलाकों में मौसम ने ली करवट, बाजारों में लौटी रौनक

 जैसलमेर नौतपा के बीच राजस्थान के रेगिस्तानी इलाके में जैसलमेर में शनिवार को मौसम ने अचानक करवट ले ली. पिछले एक सप्ताह से जैसलमेर भीषण गर्मी और लू की मार झेल रहे जैसलमेर में आंधी और तेज हवाएं चल रही है. सुबह से ही मौसम के बदले मिजाज ने लोगों को झुलसाने वाली गर्मी से राहत का अहसास कराया. पश्चिम राजस्थान ही नहीं, बल्कि राज्य के कई हिस्सों में आंधी-बारिश देखने को मिली है. जून के पहले सप्ताह तक हल्की बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है. पूर्वानुमान के मुताबिक, तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट दर्ज हो सकती है. 'आग का दरिया' बन गया था थार, अब राहत बीते दिनों थार का रेगिस्तान मानो आग का दरिया बना हुआ था. दोपहर के समय तापमान 45 से 46 डिग्री तक पहुंच रहा था और गर्म हवाओं के कारण जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा था. दोपहर में सड़कें सूनी नजर आती थीं और लोग घरों में रहने को मजबूर थे. नौतपा के दौरान लगातार बढ़ती गर्मी ने आमजन के साथ-साथ व्यापार और पर्यटन गतिविधियों को भी प्रभावित किया था. तापमान 40 डिग्री से भी नीचे शनिवार (30 मई) दोपहर के समय जहां पिछले दिनों तापमान 45-46 डिग्री के आसपास था, वहीं आज यह घटकर 37 से 39 डिग्री सेल्सियस के बीच पहुंच गया. तापमान में आई इस गिरावट से लोगों ने राहत की सांस ली. मौसम में आए बदलाव का असर शहर की गतिविधियों पर भी साफ दिखाई दिया. सुनसान पड़े बाजारों में लौटी रौनक पिछले कई दिनों से सुनसान पड़ी सड़कों और बाजारों में एक बार फिर रौनक लौटती नजर आई. लोग घरों से बाहर निकले और बाजारों में चहल-पहल बढ़ गई. मौसम विभाग के अनुसार, आगामी दिनों में भी भीषण गर्मी से कुछ राहत मिल सकती है. हालांकि, यह राहत ज्यादा दिन बरकरार नहीं रहेगी. संभावना है कि कुछ दिनों के बाद तापमान एक बार फिर बढ़ सकता है.

पुलिसवालों को गालियां और धमकी! राजस्थान के मंत्री मुश्किल में, FIR दर्ज

जयपुर  राजस्थान के एक मंत्री पर एफआईआर दर्ज किया गया है। मंत्री पर पुलिसवालों से गाली-गलौज करने और उन्हें धमकाने का आरोप है। मंत्री के इस करतूत का एक ऑडियो क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वहीं, मंत्री ने कहा कि जान बूझकर मुझे बदनाम करने की की गई कोशिश है। ऑडियो क्लिप वायरल होने के बाद ऐक्शन पुलिस ने बताया कि राजस्थान के मंत्री गौतम डक के खिलाफ चित्तौड़गढ़ जिले के डूंगला थाने में तैनात पुलिसकर्मियों के साथ कथित तौर पर गाली-गलौज करने और उन्हें धमकाने के आरोप में केस दर्ज किया गया है। मंत्री पर बीएनएस की धारा 132, 351(2) और 351 के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। सोशल मीडिया पर एक ऑडियो क्लिप वायरल होने के बाद डूंगला थाने के एसएचओ शैतान सिंह ने मंत्री के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई। इस क्लिप में कथित तौर पर मंत्री पुलिसकर्मियों को गालियां देते हुए सुनाई दे रहे थे। मंत्री का आरोपों से इनकार इस बीच, मंत्री गौतम डक ने इन आरोपों से इनकार किया और उस ऑडियो क्लिप को उन्हें बदनाम करने की जान-बूझकर की गई कोशिश बताया। मंत्री ने एक वीडियो बयान में कहा कि यह मेरी आवाज जैसी नहीं लगती। यह मुझे बदनाम करने की जान-बूझकर की गई कोशिश है। एफआईआर के अनुसार यह घटना सोमवार को हुई। एसएचओ शैतान सिंह को मंत्री डक का फोन आया और उन्होंने एसएचओ से थाने से बाहर आने को कहा। थाने से बाहर आने के बाद कथित तौर पर मंत्री ने एसएचओ से कहा कि वे कांस्टेबल लक्ष्मीनारायण और विष्णु कुमार को भी बुलाएं। सार्वजनिक रूप से अपशब्द कहे कांस्टेबलों के पहुंचने के बाद मंत्री ने कथित तौर पर पुलिसकर्मियों की बात सुने बिना ही सार्वजनिक रूप से उन्हें अपशब्द कहना शुरू कर दिया। उन्होंने पुलिसकर्मियों से गाली-गलौज भी की। एफआईआर में आरोप लगाया गया है कि डक ने अधिकारियों के खिलाफ आपराधिक बल प्रयोग करने का भी प्रयास किया और उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी। दरअसल, यह मामला एक दूसरे केस की चल रही जांच से जुड़ा था। इस केस में धनराज खरोल नाम के एक आरोपी को 25 मई को पूछताछ के लिए थाना बुलाया गया था। शायद इसी बात को लेकर मंत्री गौतम डक नाराज थे।

पचपदरा रिफाइनरी को रेलवे कनेक्टिविटी, 33 लाख का सर्वे स्वीकृत

बालोतरा राजस्थान में बालोतरा से पचपदरा को रेल मार्ग से जोड़ने की दिशा में रेलवे ने बड़ा फैसला लिया है. रेलवे ने बालोतरा से पचपदरा को जोड़ने वाली नई लाइन के लिए फाइनल लोकेशन सर्वे को मंजूरी दे दी है. राजस्थान के महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट पचपदरा रिफाइनरी के लिए बालोतरा से पचदरा तक 11 किमी नई लाइन के सर्वे के लिए 33 लाख रुपए की राशि स्वीकृत की गई है. यह रेल लाइन पचपदरा को बालोतरा, बाड़मेर और आसपास के क्षेत्रों को रेलवे नेटवर्क से जोड़ेगी. साथ ही क्षेत्र का जोधपुर और अहमदाबाद व दिल्ली-जयपुर की ओर भी सम्पर्क स्थापित होगा. सर्वे काम पूरा होने के बाद बनेगी DPR बालोतरा से पचपदरा तक प्रस्तावित रेल रूट इन क्षेत्रों को मुख्यधारा से जोड़ने में निर्णायक भूमिका निभाएगा. इस नई रेल लाइन के निर्माण से पचपदरा स्थित रिफ़ाइनरी तक रेल मार्ग के माध्यम से पहुंच और सुगम होगी. साथ ही रोज़गार, व्यापार, कृषि और स्थानीय उद्योगों के लिए नए परिवहन का विकल्प उपलब्ध होगा. 11 किलोमीटर नई लाइन के लिए फ़ाइनल लोकेशन सर्वे (FLS) पूरा होने के बाद परियोजना की वित्तीय और तकनीकी व्यवहार्यता के आधार पर DPR तैयार कर कार्य स्वीकृत रेलवे बोर्ड स्वीकृति के लिए भेजी जाएगी. 35 साल पहले इस मार्ग पर चलती थी ट्रेन इस मार्ग पर लगभग 35 साल पहले ट्रेन चला करती थी, जिसे 1992 में बंद कर दिया गया था और बाद में रेलवे ट्रैक भी हटा लिया गया था. इस पुरानी ट्रेन की कहानी पचपदरा के नमक उद्योग से जुड़ी है. सैकड़ों सालों से नमक उत्पादन का केंद्र रहे पचपदरा में, स्थानीय नगर सेठ गुलाब चंद के आग्रह पर तत्कालीन अंग्रेज़ सरकार ने 1939 में बालोतरा से पचपदरा साल्ट तक एक रेलवे ट्रैक बिछाया था. इस ट्रेन में नमक लदान के लिए वैगन के साथ दो यात्री कोच भी जोड़े गए थे. पचपदरा साल्ट की नमक खदानों से हज़ारों टन नमक रोज़ाना इसी ट्रेन से ढोया जाता था.1990 की बाढ़ में रेलवे ट्रैक क्षतिग्रस्त हो गया, जिसके बाद ट्रेन बंद कर दी गई थी.

पैरोल खत्म, सीधे जेल पहुंचे आसाराम; राजस्थान हाईकोर्ट ने सजा में नहीं दी राहत

 जोधपुर नाबालिग से यौन उत्पीड़न के मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे आसाराम एक बार फिर जोधपुर सेंट्रल जेल की सलाखों के पीछे पहुंचने वाले हैं. राजस्थान हाईकोर्ट की जोधपुर मुख्यपीठ से बड़ा कानूनी झटका लगने के बाद आसाराम गुरुवार को एयर इंडिया की दिल्ली-जोधपुर फ्लाइट से जोधपुर पहुंच गए हैं. कोर्ट के आदेश के मुताबिक, वे सिविल एयरपोर्ट से सीधे जोधपुर सेंट्रल जेल जा रहे हैं, जहां कुछ ही देर में वे जेल प्रशासन के सामने सरेंडर करेंगे. हाईकोर्ट की डबल बैंच ने बरकरार रखी थी सजा एक दिन पहले ही राजस्थान हाईकोर्ट ने आसाराम की याचिका पर अपना अहम फैसला सुनाया था. जस्टिस अरुण मोंगा और जस्टिस योगेन्द्र कुमार पुरोहित की डबल बैंच ने निचली अदालत द्वारा दी गई 'अंतिम सांस तक आजीवन कारावास' की सजा को पूरी तरह बरकरार रखा था. कोर्ट ने आसाराम को आंशिक राहत देते हुए सामूहिक दुष्कर्म की धाराओं से भले ही बरी कर दिया हो, लेकिन मुख्य मामले में उम्रकैद की सजा पर कोई ढील नहीं दी थी. इसके साथ ही अदालत ने उन्हें तुरंत सरेंडर करने के सख्त निर्देश दिए थे. पैरोल खत्म, अब सीधे जेल का रास्ता आसाराम पिछले कुछ समय से खराब सेहत और इलाज के आधार पर मिली पैरोल पर जेल से बाहर चल रहे थे. हाईकोर्ट का अंतिम फैसला आने के बाद उनकी बाहर रहने की उम्मीदें पूरी तरह टूट गईं. दिल्ली से जोधपुर सिविल एयरपोर्ट उतरते ही सुरक्षा एजेंसियां और पुलिस बल मुस्तैद हो गए, ताकि कानून-व्यवस्था की कोई स्थिति न बिगड़े. एयरपोर्ट से बाहर निकलते ही आसाराम का काफिला सीधे सेंट्रल जेल के लिए रवाना हो गया. अब कानूनी विकल्पों के तौर पर आसाराम के पास सिर्फ सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाने का रास्ता बचा है, लेकिन फिलहाल उन्हें जोधपुर सेंट्रल जेल की उसी कोठरी में वापस लौटना होगा जहां वे साल 2018 में दोषी ठहराए जाने के बाद से बंद हैं.

हीटवेव का प्रकोप जारी, 2–3 दिन और तपेगा राजस्थान

जयपुर राजस्‍थान में गर्मी सभी रिकॉर्ड तोड़ रही है. पिछले 24 घंटे में 48.2 डिग्री सेल्सियस के साथ श्रीगंगानगर देश का सबसे गर्म शहर रहा. नौतपा शुरू होने के साथ ही प्रदेश में गर्मी का प्रकोप लगातार जारी है. मौसम विभाग के मुताबिक, राज्य में चल रही हीटवेव और गर्म रातों का दौर आगामी 2-3 दिनों तक जारी रहने की प्रबल संभावना है. अधिकांश भागों में अधिकतम तापमान 44-46 डिग्री दर्ज होने की संभावना है. बीकानेर, कोटा संभाग और शेखावाटी क्षेत्र में कहीं-कहीं अधिकतम तापमान 46-47 डिग्री दर्ज होने की संभावना है. नया पश्चिमी विक्षोभ कराएगी बारिश   पश्चिमी राजस्थान के सीमावर्ती क्षेत्रों में 28 मई को कहीं-कहीं अधिकतम तापमान 48 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज होने की संभावना है. प्रदेश में आज से एक नए पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से कुछ भागों में आंधी बारिश की गतिविधियां शुरू होने की संभावना है. 30 मई से आंधी-बारिश की संभावना है. जून के पहले सप्ताह में कुछ भागों में आंधी बारिश होगी. जयपुर और भरतपुर में होगी बारिश पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से 29 से 31 मई के दौरान जयपुर, भरतपुर, कोटा, अजमेर, उदयपुर अैर जोधपुर-बीकानेर संभाग के कुछ भागों में तेज अंधड़, तेज हवाएं 60-70 Kmph और कहीं-कहीं बारिश होने की संभावना है. आंधी बारिश के असर से 29 मई से तापमान में 2 से 3 डिग्री गिरावट होने व 29-30 मई से हीटवेव से राहत मिलने की उम्मीद है. इन जिलों में बारिश का येलो अलर्ट आज विभाग की ओर से बारां, बूंदी, चित्तौड़गढ़, झालावाड़, कोटा, प्रतापगढ़, बालोतरा, बाड़मेर, और जोधपुर में हीटवेव का येलो अलर्ट जारी किया गया है.  बीकानेर, जैसलमेर, फलोदी और श्रीगंगानगर में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है.  अलवर, भरतपुर, दौसा, डीग, धौलपुर, जयपुर, झुंझुनूं, करौली, खैरथल तिजारा, कोटपुतली बहरोड़, सवाईमाधोपुर, सीकर, टोंक, चूरू से हनुमानगढ़ में हीटवेव के साथ आंधी बारिश का येलो अलर्ट भी है.  इन जिलों में शाम से आंधी बारिश का दौर शुरू हो सकता है.

मोटर व्हीकल SI भर्ती पर बड़ा फैसला: डिग्री नहीं, सिर्फ डिप्लोमा उम्मीदवार होंगे शामिल

जयपुर राजस्थान में SI भर्ती 2021 पहले से ही विवादों में है, जिसे कोर्ट के आदेश पर रद्द कर दिया गया है. जबकि अब SI भर्ती की परीक्षा फिर से आयोजित होने वाली है. वहीं अब मोटर व्हीकल एसआई भर्ती (MVSI भर्ती 2021) को लेकर भी हाई कोर्ट का फैसला आय गया है, जिस पर काफी समय से विवाद चल रहा था. MVSI परीक्षा भी 2021 में हुई थी और इसमें सफल हुए अभ्यर्थी की मेरिट लिस्ट बन चुकी है. लेकिन अब हाई कोर्ट के फैसले से फिर विवाद खड़ा होने वाला है. दरअसल, राजस्थान हाईकोर्ट की जयपुर पीठ ने Motor Vehicle Sub Inspector (MVSI) भर्ती 2021 विवाद में अहम फैसला सुनाते हुए स्पष्ट कर दिया है कि भर्ती नियमों में केवल डिप्लोमा योग्यता निर्धारित है, वहां डिग्री धारकों को स्वतः पात्र नहीं माना जा सकता. कोर्ट ने राज्य सरकार को दिया आदेश कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश जस्टिस संजीव प्रकाश शर्मा और जस्टिस बिपिन गुप्ता की खंडपीठ ने परिवहन उप निरीक्षक भर्ती (MVSI) से जुड़ी विशेष अपीलों पर सुनवाई करते हुए आदेश दिया. कोर्ट ने केवल डिप्लोमा धारकों को भर्ती में शामिल करते हुए राज्य सरकार को भर्ती प्रक्रिया शीघ्र पूरी करने के निर्देश दिए. क्या था विवाद दरअसल, मोटर व्हीकल एसआई भर्ती परीक्षा में डिग्री धारक यानी बीटेक और बीई करे हुए अभ्यर्थियों ने दावा किया कि चूंकि वे उच्च योग्यता रखते हैं. ऐसे में उन्हें भर्ती में शामिल किया जाए. वहीं, डिप्लोमा धारकों ने तर्क दिया कि भर्ती विज्ञापन विशेष रूप से उनके लिए था और डिग्री धारकों को शामिल करना नियमों के खिलाफ होगा. हाईकोर्ट ने लंबी सुनवाई के बाद बुधवार (27 मई) को यह आदेश दिया है. कोर्ट ने कहा कि भर्ती नियमों के शेड्यूल में MVSI पद के लिए “minimum qualification” शब्द का उल्लेख नहीं है. नियमों में स्पष्ट रूप से Automobile Engineering या Mechanical Engineering में डिप्लोमा को ही पात्रता माना गया है. साथ ही, केवल वही योग्यताएं मान्य हैं जिन्हें केंद्र या राज्य सरकार द्वारा समकक्ष घोषित किया गया हो. ऐसे में अदालत नियमों में ऐसी योग्यता नहीं जोड़ सकती जो वहां मौजूद ही नहीं है.

पाकिस्तान सीमा होगी हाईटेक: ड्रोन रोधी सिस्टम, नई फेंसिंग और 184 गांवों का विकास

जयपुर राजस्थान की अंतरराष्ट्रीय सीमा अब पहले से ज्यादा मजबूत और आधुनिक होने जा रही है. राजस्थान की पाकिस्तान सीमा का सुरक्षा का पूरा मॉडल बदलने जा रहा है. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बीकानेर के सांचू पोस्ट दौरे के बाद अब बॉर्डर पर "चतुष्कोणीय सुरक्षा ग्रिड" तैयार करने की रणनीति तैयार की गई है. यानी बीएसएफ, सेना, स्थानीय नागरिक और प्रशासन मिलकर सीमा सुरक्षा की नई दीवार बनेंगे. इसके साथ ही सीमावर्ती गांवों को हाईटेक और आत्मनिर्भर बनाने की बड़ी तैयारी भी शुरू हो चुकी है. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह परसों, 25 मई की रात दो दिन के दौर पर बीकानेर आए थे. उन्होंने राजस्थान के 5 बॉर्डर जिलों के DM-SP के साथ अहम बैठक की थी. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बीकानेर में हुई हाईलेवल बैठक में राजस्थान के सीमावर्ती जिलों के लिए बड़ा सुरक्षा ब्लूप्रिंट तैयार किया है. भारत-पाक सीमा से 15 किलोमीटर तक अवैध निर्माण पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं. शाह ने साफ कहा है कि जीरो टॉलरेंस नीति के तहत अवैध निर्माण तुरंत ध्वस्त किए जाएं. बैठक में घुसपैठ और ड्रग्स तस्करी रोकने के लिए संयुक्त एक्शन प्लान पर जोर दिया गया. BSF, NCB, CBDT और राज्य एजेंसियां मिलकर बॉर्डर मैनेजमेंट करेंगी. डीएम को बड़े अधिकार दिए जाएंगे. फर्जी कंपनियों, शेल अकाउंट्स, नकली आधार कार्ड और संदिग्ध फंडिंग की जांच के भी निर्देश दिए गए हैं.   बीएसएफ, सेना, नागरिक और प्रशासन का "चतुष्कोणीय सुरक्षा ग्रिड" साइबर क्राइम रोकने के लिए 1930 हेल्पलाइन के प्रभावी इस्तेमाल और नए आपराधिक कानूनों के सख्त क्रियान्वयन पर भी जोर दिया गया. कल, 26 मई को बीकानेर के सांचू पोस्ट पहुंचे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने संदेश दिया कि सीमा सुरक्षा अब सिर्फ हथियारों से नहीं, बल्कि तकनीक, स्थानीय लोगों और प्रशासन के तालमेल से मजबूत होगी. अमित शाह ने बीएसएफ, सेना, जागरूक नागरिक और प्रशासन को मिलाकर "चतुष्कोणीय सुरक्षा ग्रिड" बनाने की बात कही है. यानी सीमा के उस पार से होने वाली हर गतिविधि पर चौतरफा निगरानी रखी जाएगी. सीमा को बनाया जाएगा ड्रोन रोधी पाकिस्तान से लगती सीमा सुरक्षा को हाईटेक बनाने के लिए अब कई बड़े कदम उठाए जा रहे हैं. अंतरराष्ट्रीय सीमा पर नई डिजाइन की फेंसिंग लगाई जा रही है. ड्रोन रोधी सिस्टम अगले छह महीने में शुरू करने की तैयारी है. 1096 किलोमीटर लंबी लिटरल रोड और 520 किलोमीटर लंबी एक्ससीएल रोड का निर्माण भी किया जा रहा है ताकि जवानों की आवाजाही और निगरानी आसान हो सके. बीएसएफ चौकियों तक पाइपलाइन से पानी पहुंचाने का काम भी तेजी से चल रहा है. वहीं महिला जवानों के लिए आधुनिक बैरक बनाए जा रहे हैं. सीमावर्ती गांवों की बदलेगी तस्वीर वाईब्रेंट विलेज प्रोग्राम-2 के तहत राजस्थान के पांच सीमावर्ती जिलों के 184 रणनीतिक गांवों को चुना गया है. इन गांवों में सड़क, बिजली, मोबाइल नेटवर्क, टीवी कनेक्टिविटी, स्वास्थ्य, शिक्षा, पर्यटन और रोजगार से जुड़े विकास कार्य किए जाएंगे. हर गांव पर करीब 3 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे. श्रीगंगानगर, बीकानेर, जैसलमेर, बाड़मेर और फलौदी के गांव अब सिर्फ सीमा के आखिरी गांव नहीं, बल्कि देश की पहली सुरक्षा लाइन बनेंगे. मुख्यमंत्री थार सीमा विकास कार्यक्रम से भी विकास राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री थार सीमा विकास कार्यक्रम के जरिए भी सीमावर्ती इलाकों के विकास को गति दी है. इसके तहत 1 हजार 206 गांवों में बिजली, पानी, स्वास्थ्य, शिक्षा और आधारभूत ढांचे से जुड़े एक हजार से ज्यादा काम स्वीकृत किए गए हैं.